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तेज गर्मी में दवा नहीं, इस फूल की चाय दे सकती है राहत! ब्लड प्रेशर से वजन तक को करेगी कंट्रोल

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Last Updated:May 13, 2026, 23:58 IST गर्मियों में बढ़ती गर्मी, थकान और तनाव लोगों की परेशानी बढ़ा देते हैं. ऐसे मौसम में शरीर को ठंडक देने वाली चीजों का सेवन काफी जरूरी माना जाता है. इन्हीं में एक खास लाल फूल से बनी चाय इन दिनों काफी चर्चा में है, जिसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर को ठंडा रखने के साथ तनाव कम करने और दिल की सेहत बेहतर रखने में भी मदद कर सकती है. ख़बरें फटाफट गर्मियों में बढ़ती गर्मी सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालती है. तेज धूप, उमस और लगातार पसीना निकलने की वजह से लोग जल्दी थकान महसूस करने लगते हैं. कई लोगों को चिड़चिड़ापन, तनाव, सिरदर्द और पाचन से जुड़ी परेशानियां भी होने लगती हैं. ऐसे मौसम में हेल्थ एक्सपर्ट्स शरीर को ठंडा रखने वाली प्राकृतिक चीजों के सेवन की सलाह देते हैं. इन्हीं में से एक है गुड़हल की चाय, जिसे सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. गुड़हल के लाल रंग के फूल से बनने वाली यह चाय गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने में मदद कर सकती है. इसे पीने से शरीर में ताजगी महसूस होती है और गर्मी से होने वाली बेचैनी कम हो सकती है. आयुर्वेद में भी गुड़हल को औषधीय गुणों वाला पौधा माना गया है. यही वजह है कि कई लोग इसे प्राकृतिक हेल्थ ड्रिंक के रूप में इस्तेमाल करते हैं. तनाव और थकान कम करने में सहायकगर्मियों में शरीर जल्दी थक जाता है और मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है. ऐसे में गुड़हल की चाय मन को शांत रखने में मदद कर सकती है. इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को रिलैक्स महसूस कराते हैं. कई लोग इसे दिनभर की थकान दूर करने के लिए भी पीते हैं. इसकी हल्की खुशबू और स्वाद मूड को फ्रेश करने में मदद कर सकते हैं. ब्लड प्रेशर और दिल की सेहत के लिए फायदेमंदहेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गुड़हल की चाय हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए फायदेमंद मानी जाती है. यह रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाने में मदद कर सकती है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहने में सहायता मिलती है. इसके अलावा इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मदद कर सकते हैं. इससे दिल की सेहत बेहतर रखने में फायदा मिल सकता है. वजन घटाने में भी मदद कर सकती हैजो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए भी गुड़हल की चाय अच्छा विकल्प मानी जाती है. यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने में मदद कर सकती है. साथ ही शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर निकालने में भी सहायक मानी जाती है. इसमें कैलोरी बहुत कम होती है, इसलिए डाइट फॉलो करने वाले लोग भी इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं. डायबिटीज और इम्युनिटी के लिए भी बेहतरगुड़हल की चाय ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में भी मददगार मानी जाती है. कुछ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह इंसुलिन संवेदनशीलता बेहतर करने में सहायता कर सकती है. इसके अलावा यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में भी फायदेमंद मानी जाती है. कई लोग इसे लिवर की सेहत के लिए भी अच्छा मानते हैं. कैसे बनाएं गुड़हल की चाय?गुड़हल की चाय बनाना काफी आसान है. इसके लिए सूखे गुड़हल के फूलों को गर्म पानी में 5 से 7 मिनट तक उबाल लें या भिगोकर रखें. इसके बाद इसे छानकर पी सकते हैं. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद या थोड़ा नींबू भी मिलाया जा सकता है. हालांकि किसी भी हर्बल चीज का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर माना जाता है. खासकर गर्भवती महिलाओं और कम ब्लड प्रेशर वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

केरल के लिए निर्णायक दिन: वेणुगोपाल के रूप में कांग्रेस करेगी मुख्यमंत्री पद की घोषणा, शीर्ष पद के लिए सतीसन में खींचतान | भारत समाचार

Trump received a red carpet welcome by China at Beijing airport.

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 23:25 IST केरल कांग्रेस विधायक दल की बैठक 14 मई को दोपहर 1 बजे तिरुवनंतपुरम में होगी. केरल की स्थिति कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है, जो पार्टी की जीत के बाद कर्नाटक में सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता संघर्ष की याद दिलाती है। (एआई-जनरेटेड फोटो) केरल के अगले मुख्यमंत्री पर जारी सस्पेंस के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को राहुल गांधी से मुलाकात की, जहां पार्टी के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने हाल के चुनाव में शानदार जीत दर्ज की। लेकिन ऐसा प्रतीत हुआ कि खड़गे की राहुल गांधी के साथ बातचीत ने शीर्ष पद के लिए दावेदारी कर रहे पार्टी नेताओं की किस्मत तय कर दी है। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस आलाकमान ने सभी चर्चाएं पूरी कर ली हैं और फैसले की घोषणा गुरुवार को की जाएगी. केरल कांग्रेस प्रमुख सनी जोसेफ ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक 14 मई को दोपहर 1 बजे होगी. केपीसीसी प्रमुख सनी जोसेफ की ओर से बुधवार को जारी बयान के मुताबिक, कांग्रेस विधायक दल की बैठक 14 मई को तिरुवनंतपुरम में दोपहर 1 बजे होगी. कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने केरल विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया, लेकिन पार्टी विभिन्न खेमों की पैरवी और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच नेतृत्व के मुद्दे पर लंबे समय से विचार-विमर्श में लगी हुई है। एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल, निवर्तमान केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन और पार्टी के वरिष्ठ नेता चेन्निथला उन प्रमुख नामों में से हैं जिन पर इस पद के लिए विचार किया जा रहा है। आलाकमान के अंतिम निर्णय की ओर बढ़ने से पहले राजनीतिक स्थिति का आकलन करने के लिए राहुल गांधी ने हाल के दिनों में केरल के कई नेताओं और पूर्व राज्य कांग्रेस प्रमुखों के साथ अलग-अलग चर्चा की थी। केरल में, कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार रमेश चेन्निथला और वीडी सतीसन के घरों पर बुधवार को पूरे दिन चिंतित समर्थकों की भीड़ लगी रही, क्योंकि पार्टी ने नेतृत्व की पसंद पर विचार-विमर्श जारी रखा। केरल भर से पार्टी कार्यकर्ता दिन भर दोनों आवासों के बाहर एकत्र रहे और दिल्ली से सूचना मिलने का इंतजार करते रहे। चेन्निथला के गृह निर्वाचन क्षेत्र हरिपद, साथ ही वायनाड और अलाप्पुझा सहित जिलों से आने वाले समर्थक, परिसर और पास की सड़क के किनारे समूहों में इंतजार कर रहे थे, लगातार टेलीविजन चैनलों पर नज़र रख रहे थे और राष्ट्रीय राजधानी से आने वाले अपडेट के लिए मोबाइल फोन पर स्क्रॉल कर रहे थे। आवास के बाहर इंतजार कर रही एक महिला पार्टी कार्यकर्ता ने कहा, “यहां हर किसी को मजबूत आशा और उत्साह है। हमारा मानना ​​है कि चेन्निथला जी अपने लंबे राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए स्वाभाविक पसंद हैं।” इस बीच, मोहम्मद शियास सहित कुछ कांग्रेस विधायक सुबह सतीसन के घर गए। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मुख्यमंत्री के रूप में उनके चयन की उम्मीद में उनके समर्थकों की एक बड़ी भीड़ उनके आवास के बाहर जमा हो गई। शाम को पार्टी आलाकमान द्वारा केरल के मुख्यमंत्री की घोषणा का अपेक्षित समय नजदीक आते ही समर्थकों की संख्या बढ़ गई और उन्होंने सतीसन के पक्ष में नारे लगाए। अपने नारों में समर्थकों ने उन्हें ”धर्मनिरपेक्षता का संरक्षक” बताया और पार्टी के झंडे लहराये. इससे पहले बुधवार को वायनाड जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय के पास राहुल गांधी और वेणुगोपाल के खिलाफ पोस्टर लगाए गए थे. कुछ संदेशों में सीधे तौर पर राहुल गांधी और प्रियंका पर निशाना साधा गया और कहा गया कि केरल उनके “मूर्खतापूर्ण फैसलों” को माफ नहीं करेगा। पोस्टरों में गांधी भाई-बहनों को “वायनाड को भूल जाने” की चेतावनी दी गई, जिसमें दावा किया गया कि वे इस निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा नहीं जीतेंगे। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तिरुवनंतपुरम, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया केरल के लिए निर्णायक दिन: वेणुगोपाल के रूप में कांग्रेस करेगी मुख्यमंत्री पद की घोषणा, शीर्ष पद के लिए सतीसन में होड़ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल के मुख्यमंत्री चयन(टी)कांग्रेस नेतृत्व केरल(टी)यूडीएफ की भारी जीत(टी)राहुल गांधी से मुलाकात(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे की भीड़(टी)केरल कांग्रेस विधायक दल(टी)रमेश चेन्निथला समर्थक(टी)वीडी सतीसन समर्थक

नारियल पानी में नींबू और नमक मिलाकर पीने से क्या होगा? ऐसा करना फायदेमंद या नुकसानदायक

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Last Updated:May 13, 2026, 23:18 IST Coconut Water Benefits: नारियल पानी में नींबू और नमक मिलाकर पीना गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने और ताजगी देने में मदद कर सकता है. यह एक नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक की तरह काम करता है, लेकिन ज्यादा नमक या नींबू मिलाने से कुछ लोगों को नुकसान भी हो सकता है. इसलिए इसे हमेशा संतुलित मात्रा में ही पीना चाहिए. नारियल पानी में नींबू और नमक मिलाकर पीने से शरीर को फायदा मिलता है. Coconut Water with Lemon and Salt: गर्मी के मौसम में नारियल पानी को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह हाइड्रेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है. नारियल पानी एक इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक की तरह काम करता है और इसका सेवन करने से कई फायदे मिल सकते हैं. कई लोग नारियल पानी का स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नींबू और थोड़ा नमक मिला लेते हैं. इससे नारियल पानी का स्वाद बेहतर हो जाता है. ऐसे में सवाल है कि क्या नींबू, नमक और नारियल पानी का कॉम्बिनेशन सच में फायदेमंद है या फिर इससे शरीर को नुकसान हो सकता है? इस बारे में डाइटिशियन से जान लेते हैं. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की सीनियर डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि नारियल पानी में प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे पोटैशियम, मैग्नीशियम और सोडियम पाए जाते हैं, जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं. जब इसमें नींबू मिलाया जाता है, तो विटामिन C की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे शरीर को ताजगी और एनर्जी महसूस हो सकती है. थोड़ा सा नमक मिलाने से नारियल पानी नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक की तरह काम करने लगता है. ज्यादा पसीना आने, धूप में रहने या कमजोरी महसूस होने पर यह शरीर को जल्दी रिफ्रेश कर सकता है. डाइटिशियन के मुताबिक नारियल पानी में नींबू और नमक मिलाया जाए, तो यह पाचन के लिए भी फायदेमंद बन जाता है. कई लोगों को नारियल पानी में नींबू मिलाकर पीने से पेट हल्का महसूस होता है और शरीर में ठंडक बनी रहती है. वर्कआउट के बाद या गर्मी से घर लौटने पर इसे पीना शरीर को तुरंत राहत दे सकता है. यही वजह है कि कई लोग इसे गर्मियों का हेल्दी ड्रिंक मानते हैं. हालांकि नारियल पानी में नमक ज्यादा नहीं मिलाना चाहिए, वरना यह सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. एक्सपर्ट की मानें तो अगर नारियल पानी में अधिक नमक मिला दिया जाए, तो शरीर में सोडियम बढ़ सकता है, जो हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. वहीं बहुत ज्यादा नींबू डालने से कुछ लोगों को एसिडिटी, पेट में जलन या खटास की समस्या भी हो सकती है. इसलिए इसे संतुलित मात्रा में ही पीना बेहतर माना जाता है. अगर सही मात्रा में नींबू और नमक मिलाया जाए, तो नारियल पानी का यह कॉम्बिनेशन गर्मियों में काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. यह शरीर को हाइड्रेट रखने, थकान कम करने और तुरंत ताजगी देने में मदद करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

भरवा शिमला मिर्च रेसिपी: घर पर ठेठ होटल स्टाइल गैलरी भरवाँ शिमला मिर्च, बनाना भी है आसान; शेफ भी कीटेंगे रेसिपी

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भरवाँ काली मिर्च बनाने की सामग्री: 4 बड़ी मीठी मिर्च, 3 छोटे टमाटर, 1 तरबूज़ कटे टमाटर, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा गाजर-लहसुन पेस्ट, 1/2 छोटा टमाटर हल्दी, 1/2 छोटा टमाटर छवि: फ्रीपिक 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 2 बड़ा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 2 बड़ा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 2 बड़ा चम्मच हरा धनिया पाउडर छवि: फ्रीपिक सबसे पहले काली मिर्च को अच्छे से धो लें। अब ऊपर का भाग दृश्य उसके अंदर के बीज रहित। ध्यान रखें कि काली मिर्च नहीं। इसके बाद एक बाउल में आलू मैश कर लें। छवि: फ्रीपिक अब इसमें प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और सभी मठवासी अच्छी तरह से मिला लें। यही स्वादिष्ट स्टफिंग तैयार होगी। छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: एक-एक करके पूरी जानकारी, मिर्च में तैयार मसाला भर दें। अब गैस पर पकाए गए बर्तन और तेल को गर्म करें। तेल गर्म होने के बाद सारी भरी हुई मीठी मिर्च को धीरे-धीरे-धीरे-धीरे सुखाते रहें। छवि: एआई आस्थगित अनैच्छिक परोक्षांश। बीच-बीच में पलटते रहें ताकि हर तरफ से काली मिर्च अच्छी तरह पक जाए। करीब 15 से 20 मिनट में सबसे बढ़िया काली मिर्च और स्वाद सुनहरी होगी। छवि: एआई ऊपर से हरा धनिया और गरमा-गरम सर्व करें। अगर आप यात्रा करते हैं तो स्टफिंग में पनीर भी मिला सकते हैं। छोटी सौरी कस मेथी से होटल जैसा स्वाद आता है। छवि: एआई इसे टेवे पर अनौपचारिक रूप से पकाने से स्वाद और भी बढ़ जाता है। वहीं एक्जीक्यूटिव आलू की स्टफिंग का स्वाद कई गुणा बढ़ा हुआ है। छवि: फ्रीपिक भरवाँ मिर्च स्वाद के साथ-साथ भी होता है। काली मिर्च में विटामिन-सी और गाजर की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जिसे शरीर के लिए हानिकारक माना जाता है। छवि: एआई अगर आप भी कुछ नया और टेस्टी खाना चाहते हैं तो इस आसान रेसिपी को जरूर आजमाएं। छवि: फ्रीपिक

सहजन की सब्जी रेसिपी: गर्माहट में पेट को ठंडा करने वाली है सहजन की सब्जी, स्वाद और सेहत दोनों का स्वाद; बच्चा भी कर जाओ चैट

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सहजन खाने के फायदे: शरीर को ठंडक देने में मदद करता है। पाचन क्रिया बेहतर बनी रहती है। प्रतिरक्षा मजबूत होती है। शरीर में कमजोरी और थकान को दूर करने में मदद मिलती है। विटामिन और आइटम्स सेपेरेंट है। छवि: एआई सहजन की सब्जी बनाने की सामग्री के लिए: 4-5 सहजन की फलियां, 2 आलू, 1 तरबूज़ प्याज कटा, 2 टमाटर प्यूरी, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट, 1/2 छोटा टमाटर हल्दी पाउडर छवि: फ्रीपिक 1 छोटा धनिया पाउडर, 1/2 छोटा काला लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा काला गर्म मसाला, नमक का स्वाद, 2 बड़ा काला तेल, हरा धनिया छवि: एआई सहजन की सब्जी बनाने की विधि: सबसे पहले सहजन को अच्छी तरह धोकर 2-3 इंच के दबाव में काट लें। अब आलू भी डिजाइन कर लें। एक कड़ाही में तेल गर्म करें और इसमें शामिल हैं तेल में बंधा हुआ तेल। छवि: एआई इसके बाद अदरक-हसुन पेस्ट और हरी मिर्च के कुछ सेकंड के टुकड़े। अब टमाटर और सारे पुराने सामान से भून लें। जब मूल तेल बाहर लाएँ, तब आलू और सहजन डालें। छवि: एआई सभी को पुराने से लेकर 1-2 मिनट तक का समय। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार पानी डाला जाता है और मध्यम आँच पर बर्तन बनाया जाता है। करीब 15-20 मिनट में सहजन और आलू बढ़िया से पक जायेंगे। छवि: नेहा कुक बुक अंतिम में गरम मसाला और हरा धनिया स्टॉबिलिटी गैस बंद कर दें। गरमा-गरम सहजन की सब्जी को रोटी, पराठा या चावल के साथ परोसिये. इसका स्वाद इतना मजेदार लगता है कि घर वाले बार-बार बनाने की फरमाइश करेंगे। अ छवि: एआई अगर आप भी गर्म में मसाले और टेस्टी खाना खाना चाहते हैं, तो सहजन की ये आसान रेसिपी जरूर ट्राई करें। छवि: एआई अगर बच्चों को सहज खाना पसंद नहीं है, तो यह आसान और स्वादिष्ट रेसिपी एक बार जरूर देखें। मसाले के साथ बनी ये सब्जी इतनी टेस्टी लगती है कि बच्चे भी उगलियाँ चाटते रह जायेंगे। छवि: एआई

सत्तू चीला रेसिपी: गर्मियों में सत्तू के चीले से करें दिन की शुरुआत, लू से बचेगा और पेट को ठंडा; विधि देखें

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सत्तू चीला बनाने की सामग्री सत्तू: 1 कपदही: 2 बड़ेमसाला: टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनियापूरक: हल्दी, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, नमकपानी: बैटर बनाने के लिएतेल/घी: सेकने के लिए छवि: एआई सत्तू में एक बड़ा मिक्सिंग बाउल डाला गया। इसमें छोटा-थोड़ा पानी और दही एक्जालेट ग्लास तैयार करें। ध्यान रहे कि इसमें गुठलियां न रहें। नासा न तो बहुमत नमक हो और न ही बहुत ज्यादा नमक। छवि: एआई अब इस सॉसेज में टमाटर, हरी मिर्च और खूब सारा हरा धनिया मिला हुआ है। इसमें अजनबी को हाथों से राँघकर डाल दिया गया। फिर एक जैसे और सभी तरह के अच्छे मिक्स करें। छवि: एआई एक नॉन-स्टिक तवा या आयरन का तवा गर्म करें। उस पर थोड़ा सा तेल या घी का सामान और उसे चारों तरफ फैला दिया। जब तवा डिविजन गरम हो जाए, तो अनैच्छिक कर दें। छवि: फ्रीपिक एक बड़ा बैटर तवे के बीच में डाला और उसे धीरे-धीरे-धीरे-धीरे डायनासोर में फैलाया। यह बहुत ज्यादा पतला नहीं है क्योंकि यह अकेले की वजह से टूट सकता है। छवि: फ्रीपिक चिली के सहयोगी पर थोड़ा सा तेल डालें। जब ऊपर की सतह साफ दिखने लगे, तो इसे सावधानी से पलट दें। दूसरी तरफ से भी सुनहरा भूरा और कुरकुरा होने तक सेकें। छवि: एआई इस तरह से आपका गरमा-गरम सत्तू का चीला तैयार हो जाएगा। इसे पुदीने की पसंदीदा मठ, आम के अचार या समुद्री दही के साथ खाना सबसे अच्छा रहेगा। लॉस के लिए ये चीला वेट कमाल का होता है। छवि: फ्रीपिक

‘आप क्या जानते हैं?’ बागी अन्नाद्रमुक के षणमुगम का कहना है कि ईपीएस ने चुनाव से पहले टीवीके गठबंधन की सलाह को खारिज कर दिया भारत समाचार

Trump received a red carpet welcome by China at Beijing airport.

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 21:44 IST शनमुगम ने कहा कि ईपीएस ने आंतरिक सुझावों को खारिज कर दिया और एक सर्वेक्षण पर भरोसा किया जिसमें अन्नाद्रमुक की जीत की भविष्यवाणी की गई थी। अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि और सी वे षणमुगम ने चेन्नई में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। (पीटीआई फोटो) बागी अन्नाद्रमुक नेता सी वे शनमुगम ने बुधवार को पार्टी महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी (ईपीएस) पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उन्होंने चुनाव से पहले तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) के साथ गठबंधन करने की वरिष्ठ नेताओं की बार-बार सलाह को नजरअंदाज कर दिया। पार्टी पद से हटाए जाने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शनमुगम ने कहा कि ईपीएस ने आंतरिक सुझावों को खारिज कर दिया और एक सर्वेक्षण पर भरोसा किया जिसमें अन्नाद्रमुक की जीत की भविष्यवाणी की गई थी। “जब हमने अपनी राय साझा की कि हमें चुनाव से पहले टीवीके के साथ हाथ मिलाना चाहिए, तो उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। उन्होंने हमसे पूछा – ‘तुम क्या जानते हो भाई? मुझे पता है। मैंने सर्वेक्षण लिया है। हम 200 सीटें जीतेंगे।’ शनमुगम ने कहा, ”आज तक हममें से किसी ने भी वह सर्वेक्षण नहीं देखा है जिसका वह जिक्र कर रहे थे।” यह भी पढ़ें: अन्नाद्रमुक के 25 बागी विधायकों से पार्टी पद छीने गए: आगे क्या होगा? 5 परिदृश्यों की व्याख्या पलानीस्वामी द्वारा दिन में विधानसभा विश्वास प्रस्ताव के दौरान नेतृत्व की अवहेलना करने के लिए विधायक एसपी वेलुमणि, सी वे शनमुगम और सी विजयभास्कर सहित कई विद्रोही नेताओं को पार्टी पदों से निष्कासित करने के बाद अन्नाद्रमुक के भीतर गहराती उथल-पुथल के बीच उनकी टिप्पणी आई। अनुशासनात्मक कार्रवाई एक नाटकीय शक्ति परीक्षण के बाद की गई, जिसमें वेलुमणि-शनमुगम गुट के 25 अन्नाद्रमुक विधायकों ने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया। एक बयान में, पलानीस्वामी ने 26 नेताओं को तत्काल प्रभाव से पार्टी के सभी पदों से हटाने और उनके स्थान पर नए जिला सचिवों को नियुक्त करने की घोषणा की। हालाँकि, शनमुगम ने कार्रवाई को “अमान्य” बताते हुए खारिज कर दिया और ईपीएस पर सत्तावादी तरीके से पार्टी चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “उनके (ईपीएस) पास हमें पार्टी पदों से बर्खास्त करने की कोई शक्ति नहीं है। यह निष्कासन वैध नहीं है। उनके पास कोई शक्ति नहीं है। कोई भी हमें अन्नाद्रमुक की आम सभा की बैठक में भाग लेने से नहीं रोक सकता।” वरिष्ठ नेता ने आगे आरोप लगाया कि पलानीस्वामी ने संगठन को मजबूत करने के लिए चर्चा करने के बजाय उनके फैसलों पर सवाल उठाने वालों को बार-बार निष्कासित करके पार्टी को कमजोर कर दिया है। शनमुगम ने कहा, “अगर हमने कुछ भी गलत किया है, तो पार्टी के महासचिव के रूप में, उन्हें (ईपीएस) हमसे बात करनी चाहिए थी और पार्टी को और आगे बढ़ाना चाहिए था। लेकिन महासचिव के रूप में अपने चार वर्षों में एडप्पादी पलानीस्वामी का एकमात्र काम था – पार्टी और पार्टी पदों से बर्खास्त करना।” (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘आप क्या जानते हैं?’ विद्रोही अन्नाद्रमुक के शनमुगम का कहना है कि ईपीएस ने चुनाव से पहले टीवीके गठबंधन की सलाह को खारिज कर दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग अनुवाद करने के लिए)एआईएडीएमके आंतरिक दरार(टी)सी वे शनमुगम(टी)एडप्पादी के पलानीस्वामी(टी)ईपीएस नेतृत्व आलोचना(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)एआईएडीएमके टीवीके गठबंधन(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)पार्टी सर्वेक्षण विवाद

फर्श की सफाई युक्तियाँ: माइक्रोवेव वाली गर्मी में रसोई से आती है अपशिष्ट? घर को ‘फाइव स्टार होटल’ जैसा महकाएंगे ये 3 गर्लफ्रेंड का जुगाड़

फर्श की सफ़ाई संबंधी युक्तियाँ

13 मई 2026 को 21:30 IST पर अपडेट किया गया फ्लोर क्लीनिंग टिप्स: गर्मियों में अक्सर फ्लोर और रूम से गंध आती रहती है। ऐसी भीसद गर्मी में घर के अंदर घुसते ही सीलन की बर्बादी पूरा मूड खराब कर देती है। ऐसे में अक्सर लोग रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि जैसे कुछ घरेलू अपार्टमेंट जुगाड़ होते हैं, जैसे कि फ्लोर और घर को फाइव स्टार होटल में इस्तेमाल करके चमकाया और बनाया जा सकता है। अनुसरण करना : फ्लोर को साफ करते समय बाल्टी में एक टुकड़ा फिटकरी और 2 पैसे वाला कपूर दिया। ये रासायनिक पदार्थ को सोख लेता है और अवशेषों को भी साफ कर देता है। छवि: फ्रीपिक तुरंत से पानी में सेंट्रे के केज और पियानो को अच्छे से डॉल्चें। इसके स्टोइक्स में चुनावी मैदान में हैं। इसकी भीनी आपको सस्ते होटल का पता लगाएगी। छवि: फ्रीपिक पानी में एक सिलिकॉन सोडा और अपनी पसंद के एसेंशियल ऑयल की कुछ बोतलें। इसे पर्डों और नावों पर स्प्रे करें, विनाश तुरंत गायब हो जाएगा। छवि: फ्रीपिक नींबू का रस को पानी में मिला लें, इस पानी से मसाले पर पोछा स्थान। ऐसा करने से संग्रहालय पर चमकती रहती है और भीनी-भीनी ताजगी बनी रहती है। छवि: फ्रीपिक दिन में कम से कम 20 मिनट का फिल्मी वीडियो देखें। क्रॉस एनिमाइज़ से घर की भारी और सघन हवा बाहर निकलती है। ऐसा करने से घर में ताजगी बनी रहती है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 13 मई 2026 21:30 IST पर

छोटे बच्चों का ब्लड शुगर लेवल कितना होना चाहिए? डॉक्टर से जान लीजिए काम की बात

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Last Updated:May 13, 2026, 20:59 IST Normal Sugar Levels for Kids: डॉक्टर के अनुसार बच्चों का सामान्य फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल 70 से 100 mg/dL के बीच सामान्य माना जाता है. बार-बार प्यास लगना, ज्यादा पेशाब आना और थकान जैसे लक्षण ब्लड शुगर गड़बड़ी का संकेत हो सकते हैं. बैलेंस्ड डाइट, नियमित जांच और एक्टिव लाइफस्टाइल से बच्चों को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है. बच्चों का ब्लड शुगर लेवल लगभग 70 से 100 mg/dL के बीच सामान्य माना जाता है. Children’s Blood Sugar Levels: अधिकतर वयस्क समय-समय पर अपना ब्लड शुगर लेवल चेक करते हैं, ताकि डायबिटीज जैसी बीमारी से बचने में मदद मिल सके. आमतौर पर 40 साल के बाद लोग डायबिटीज को लेकर विशेष सतर्कता बरतते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो आजकल कई बच्चों को भी यह बीमारी होने लगी है. पैरेंट्स को समय-समय पर अपने बच्चों के ब्लड शुगर लेवल का भी टेस्ट कराना चाहिए, ताकि उनकी सेहत की मॉनिटरिंग की जा सके. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि बच्चों के लिए सामान्य ब्लड शुगर लेवल कितना होना चाहिए और कब इसे असामान्य माना जाता है. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया स्वस्थ बच्चों में ब्लड शुगर लेवल आमतौर पर वयस्कों की तरह ही एक तय सीमा में रहता है. फास्टिंग यानी खाली पेट बच्चों का ब्लड शुगर लगभग 70 से 100 mg/dL के बीच सामान्य माना जाता है. खाने के बाद यह स्तर आमतौर पर 140 mg/dL से कम रहना चाहिए. बच्चों में ब्लड शुगर लेवल का बार-बार कम या ज्यादा होना सामान्य नहीं माना जाता. अगर ब्लड शुगर बहुत कम हो जाए, तो बच्चे में कमजोरी, चक्कर आना, पसीना आना, चिड़चिड़ापन या बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं. वहीं अगर ब्लड शुगर लगातार ज्यादा रहे, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. डॉक्टर के मुताबिक टाइप 1 डायबिटीज बच्चों में होने वाली बीमारी है, जिसमें शरीर इंसुलिन बनाना बंद कर देता है. ऐसे मामलों में बच्चों को इंसुलिन थेरेपी और नियमित मॉनिटरिंग की जरूरत होती है. कुछ मामलों में टाइप 2 डायबिटीज भी देखने को मिल सकती है, जो मोटापा, गलत खानपान और कम शारीरिक गतिविधि से जुड़ी होती है. बच्चों का ब्लड शुगर केवल खानपान पर ही नहीं, बल्कि उनकी एक्टिविटी, तनाव और बीमारी की स्थिति पर भी निर्भर करता है. अगर बच्चा बहुत ज्यादा मीठा खाता है, फिजिकल एक्टिविटी कम करता है या बार-बार कान महसूस करता है, तो ब्लड शुगर की जांच कराना जरूरी हो सकता है. एक्सपर्ट की मानें तो बच्चों के आहार में संतुलन होना चाहिए. साबुत अनाज, फल, सब्जियां और प्रोटीन से भरपूर भोजन ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद कर सकता है. शुगरी ड्रिंक्स, जंक फूड और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड से बचना बेहतर माना जाता है. अगर किसी बच्चे में बार-बार प्यास लगना, ज्यादा पेशाब आना, अचानक वजन कम होना या थकान जैसे लक्षण दिखें, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. शुरुआती पहचान और सही इलाज से बच्चों में ब्लड शुगर की समस्याओं को प्रभावी रूप से कंट्रोल किया जा सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

आम खाने के टिप्स: आम खाने से कैसे निकलें सेहत और शरीर के लिए फायदेमंद? जानिए कारण और सावधानियां

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आम खाने के बाद मुंहासों से कैसे बचें?: गर्मी का मौसम आते ही हम सभी को जिस चीज का सबसे ज्यादा इंतजार होता है, वो है फूलों का राजा ‘आम’। शायद ही कोई ऐसा हो जिसे रसीला और मीठा खाना आम पसंद न हो। लेकिन, कई लोगों के साथ एक बड़ी समस्या यह होती है कि जैसे ही वे आम खाना शुरू करते हैं, उनके शरीर और शरीर फोड़े-फुंसी पर पहुंच जाते हैं। अगर आपके या आपके परिवार में किसी के साथ भी ऐसा होता है, तो क्यों जान लें कि ऐसा होता है और हमारे खाने का सही तरीका क्या है ताकि आप बिना किसी डर के मजे ले सकें। आख़िर आम खाने से डैन या मुहांसे क्यों होते हैं? इसके पीछे कोई बहुत बड़ी बीमारी नहीं, बल्कि कुछ आम वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक कारण हैं। गर्म तासीर: आयुर्वेद के अनुसार आम की तासीर गर्म होती है। जब हम बहुत ज्यादा आम बात करते हैं, तो शरीर में गर्मी पिट बढ़ जाती है, जो त्वचा पर दानों के रूप में बाहर दिखाई देती है। फाइटिक एसिड: आम में प्राकृतिक रूप से ‘फाइटिक एसिड’ नाम का एक तत्व पाया जाता है। यह शरीर में गर्मी पैदा करता है और कुछ पोषक तत्वों को शरीर में पचने से रोकता है, जिससे त्वचा पर असर पड़ सकता है। हाई शुगर: आम में प्राकृतिक प्रकृति बहुत अधिक होती है। अधिक शुगर वाले खाद्य पदार्थों से शरीर में परिपक्वता का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे त्वचा में तेल का उत्पादन बढ़ रहा है और यही तेल रोमछिद्रों को बंद करके मुंहासों का कारण बनता है। रसायन का प्रयोग किया जाता है: आमों को जल्दी पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे केमिकल्स का उपयोग किया जाता है। अगर आम को बिना अच्छे से धोए खाया जाए, तो ये केमिकल एलर्जी और त्वचा संक्रमण पैदा हो सकता है। ये सावधानियां बरतें अगर आप चाहते हैं कि आपको पिंपल्स या हीट का सामना न करना पड़े तो बस इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें। खाने से पहले पानी में जरूर खरीदें आम खाने से कम से कम 1 से 2 घंटे पहले उन्हें साफ पानी में डबकर रख दें। पानी में पानी मिलाने से आम की ऊपरी सतह पर लगा केमिकल साफ हो जाता है और इसमें ‘फाइटिक एसिड’ होता है यानी गर्मी पैदा करने वाला तत्व भी पानी में निकल जाता है। इससे आम की तासीर काफी हद तक सामान्य हो जाती है। मात्रा का ध्यान रखें आम खाना भी कितना स्वादिष्ट क्यों न हो, एक ही दिन में बहुत सारा आम से बचाव। दिन भर में 1 या 2 बजे का खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। इससे अधिकांश भोजन पर शरीर में गर्मी और शुगर का स्तर दोनों बढ़ेंगे। खूब पानी पिये गर्मियों में शरीर को ठंडा रखना बहुत जरूरी है। आम खाने वाले दिनों में पानी की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। आप नारियल पानी, नींबू पानी या छाछ का सेवन भी कर सकते हैं। इससे पेट की गर्मी शांत रहती है। खाने के तुरंत बाद आम न स्थिर अक्सर लोग भरपेट खाना खाने के बाद सस्ते के रूप में आम बात करते हैं। ऐसा करने से परहेज किया जाता है क्योंकि इससे पाचन तंत्र पर भारी दबाव पड़ता है और पेट में गर्मी बढ़ती है। आम को सुबह के समय खाना बनाना और बीच के समय खाना बनाना सबसे अच्छा माना जाता है। मैंगो शेक का सेवन अगर हम आपको बताएं कि बहुत सारे दाने हैं, तो आप इसे मैंगो शेक बना सकते हैं। दूध की अनमोल तासीर आम की गर्मी की गारंटी है। आम समर का एक बेहतरीन मैदान है, जिसमें विटामिन ए, सी और कई एंटीऑक्सीडेंट की प्रचुरता होती है। इसे अपने घटक से पूरी तरह से निकालने की आवश्यकता नहीं है। बस इसे पानी में उपयुक्त और सही मात्रा में स्थिर रखें, फिर देखें इस नुकसान की जगह पर सिर्फ फायदे ही मिलेंगे। यह अवश्य पढ़ें: नींद के बाद थकान: सुबह 8 घंटे की नींद के बाद भी रहती है थकान? शरीर में हो सकती है इस चीज की कमी! अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)आम खाने से फोड़े-फुंसी(टी)आम खाने के नुक्सान(टी)आम खाने का सही तरीका(टी)आम खाने के बाद मुंहासों से कैसे बचें(टी)आम खाने के टिप्स(टी)क्या आम खाने से मुंहासे होते हैं(टी)आम खाने का सही तरीका