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7 मिनट में कैंसर पर प्रहार, लंग्स कैंसर के लिए भारत में लॉन्च हुई क्रांतिकारी दवा, अस्पताल में घंटों रुकने का झंझट खत्म

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Last Updated:May 15, 2026, 17:01 IST Lung Cancer Revolutionary Drug: लंग्स कैंसर के लिए भारत में क्रांतिकारी दवा को लॉन्च किया गया है. रॉश फार्मा कंपनी ने ऐसी दवा ईजाद की है जो 7 मिनट के अंदर इंजेक्शन के रूप में शरीर में पहुंचा दी जाती है और इतने समय में इसका असर शुरू होने लगता है. कंपनी का दावा है कि यह दवा शरीर के अंदर जाने में 80 प्रतिशत समय को घटा देगी. इससे लंग्स कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी परिवर्तन आने की संभावना है. लंग्स कैंसर की नई दवा लॉन्च. Lung Cancer Revolutionary Drug: कैंसर के इलाज की दुनिया में आज एक नया इतिहास रचा गया है. भारत में लंग्स कैंसर के इलाज के लिए रॉश फार्मा ने एक क्रांतिकारी दवा को लॉन्च किया है. देश ही नहीं दुनिया की यह पहली इम्यूनोथेरेपी है जिसे इंजेक्शन के माध्यम से 7 मिनट के अंदर शरीर में पहुंचा दिया जाता है. इसलिए इसे 7-मिनट वाली इंजेक्टेबल इम्यूनोथेरेपी कहा जा रहा है. यह दुनिया की पहली ऐसी थेरेपी है जिसे नसों के बजाय स्किन के नीचे इंजेक्शन के जरिए दिया जा सकता है. अब तक कैंसर के मरीजों को घंटों तक अस्पताल के बिस्तर पर लेटकर नसों के जरिए कीमोथेरेपी या इम्यूनोथेरेपी लेनी पड़ती थी. इसमें 5 से 6 घंटे का समय बर्बाद होता था. लेकिन Tecentriq SC (Atezolizumab) नाम की इस नई दवा ने इस पूरी प्रक्रिया को ही बदल दिया है. स्विट्जरलैंड की दिग्गज कंपनी रोश फार्मा द्वारा पेश की गई यह तकनीक न केवल मरीजों का समय बचाएगी बल्कि उनके दर्द और मानसिक तनाव को भी कम करेगी.यह दवा अब पूरे देश में उपलब्ध है. इलाज में 80 प्रतिशत समय की बचतकिसी भी कैंसर के इलाज में जब कीमोथेरेपी दी जाती है तो इसमें घंटों समय लगता है. साथ ही अस्पताल में एक दिन बिताना पड़ता है. लेकिन रॉश फार्मा वाली इस थेरेपी को इंजेक्शन की तरह दिया जाता है और इसमें 80 प्रतिशत कम समय लगता है. इससे अस्पताल में अब बहुत कम समय बिताना पड़ेगा. अस्पताल में पहले जितनी देर में 1 मरीज को थेरेपी दी जाती थी इस नई दवा के आने से अब उतने समय में 5 मरीजों को इलाज किया जा सकेगा. अब तक इस दवा को 85 देशों में लॉन्च किया जा चुका है और 10 हजार से ज्यादा मरीज इससे लाभान्वित हो चुके हैं. लंग्स कैंसर के इस नई दवा से मरीजों का खर्च भी कम हो जाएगा और इससे देश पर आर्थिक बोझ में भी कमी आएगी. जिन मरीजों में मेटास्टेटिक लंग्स कैंसर था यानी कैंसर कोशिकाएं शरीर के अन्य हिस्सों में फैल चुकी थी, उन मरीजों पर भी इसका सफल प्रयोग किया गया है. अस्पताल और मरीज दोनों को फायदारॉश फार्मा ने अपने अध्ययन के आधार पर बताया है कि चूंकि यह दवा सीधे स्किन में इंजेक्ट की जाती है इसलिए दर्द भरे कीमोथेरेपी की तुलना में मरीज इसे ज्यादा पसंद करते हैं. यूरोपियन लीग कांग्रेस के मुताबिक 2024 में 5 में से 4 मरीजों ने इस इंजेक्शन को पसंद किया. इससे मरीजों को मानसिक संतुष्टि मिलती है और उसे आराम भी मिलता है. अस्पताल में ज्यादा देर नहीं बिताना पड़ता है. इस दवा के साइड इफेक्ट्स भी कम है. जहां कीमोथेरेपी या अन्य इलाज में मरीज में दर्द ज्यादा होता और इससे एंग्जाइटी और जलन होती है, उसके मुकाबले टिसेंट्रिक एससी Tecentriq SC दवा में कम साइड इफेक्ट्स देखे गए. मेदांता अस्पात में ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ. सज्जन राजपुरोहित ने कहा कि इम्यूनोथेरेपी से कैंसर के मरीजों के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि जो ट्रेडिशनल आईवी एडमिनिस्ट्रेशन दवा है उसमें लंबा समय लगता है और यह ज्यादा कष्टदायक होता था. इससे बड़े सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों जहां कैंसर का जटिल इलाज होता है, पर ज्यादा दबाव पड़ता था. वहीं बार-बार अस्पताल जाना और इलाज में लंबा समय लगने से मरीज में भावनात्मक एवं शारीरिक दबाव बढ़ जाता है. वहीं सबक्यूटेनियस एडमिनिस्ट्रेशन से मरीजों का इलाज बहुत जल्दी और आसानी से किया जा सकता है. इससे इलाज का उनका समग्र अनुभव बेहतर होता है. इसमें ज्यादा वेटिंग नहीं करनी पड़ती. कैंसर केयर डिलीवरी में क्रांतिकारी सुधाररॉश फार्मा इंडिया के एमडी एवं सीईओ राजविंदर मेहदवान ने बताया कि हमारी कंपनी इस तरह के उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयों पर रिसर्च करने और उसे विकसित करने के संकल्प के साथ काम कर रही है. हम न सिर्फ क्लिनिकल परिणामों को बेहतर बनाते हैं बल्कि इलाज में आने वाली चुनौतियों को भी दूर करते हैं. इसी कड़ी में टिसेंट्रिक एससी की लॉन्चिंग एडवांस्ड कैंसर केयर तक पहुंच को बेहतर बनाने के प्रति हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को दिखाती है. यह दवा मरीजों और डॉक्टरों के लिए ऐसा सॉल्यूशन है जो बेहद तेजी से काम करती है और जटिल स्वास्थ्य चुनौतियों को सुलझाती है. यह इलाज को अधिक कुशल बनाने में कारगर साबित हुई है. रॉश फार्मा इंडिया के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. सिवाबालन सिवानेसन ने कहा, कैंसर का इलाज अब सिर्फ मरीज को जीवित रखने तक केंद्रित नहीं रहा बल्कि अब ऐसे तरीकों पर जोर दिया जा रहा है जो मरीज के अनुभव, सुविधा और जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर कर सके. टिसेंट्रिक एससी के साथ हम एक ऐसा इनोवेशन ला रहे हैं जो इलाज के समय को काफी हद तक कम कर देता है. साथ ही इससे टिसेंट्रिक का पहले से प्रमाणित प्रभाव एवं सेफ्टी प्रोफाइल भी बना रहता है. हमारा मानना ​​है कि इस तरह की तरक्की भारत में ज्यादा पेशेंट-सेंट्रिक एवं फ्यूचर-रेडी कैंसर केयर डिलीवरी में अहम भूमिका निभा सकती है. मणिपाल हॉस्पिटल बेंगलुरु में मेडिकल ऑन्कोलॉजी के कंसल्टेंट एवं एचओडी डॉ. अमित रौथन ने बताया कि भारत में कैंसर के बढ़ते दबाव को देखते हुए जरूरी है कि हम मरीजों को इलाज देने के तरीके के बारे में फिर से सोचें. सबक्यूटेनियस इम्यूनोथेरेपी जैसे इनोवेशन से इलाज का तरीका बदल जाएगा. इसके लिए अब सिर्फ बड़े शहरों के अस्पतालों की ओर नहीं देखना होगा बल्कि छोटे शहरों के अस्पतालों में भी इसे आसानी से दिया जा सकेगा. इससे कैंसर मरीज और हेल्थकेयर सिस्टम दोनों पर दबाव कम होगा. यह दवा कैसे काम करती हैयह इंजेक्शन पेट या जांघ की त्वचा के नीचे दिया जाता

स्वाद में है कड़वा, लेकिन सेहत के लिये है वरदान, जानें करेले का जूस बनाने का तरीका और फायदे

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करेला स्वाद में भले ही कड़वा होता है, लेकिन स्वास्थ्य के लिए इसे “प्राकृतिक औषधि” माना जाता है. खासकर करेले का जूस शरीर को अंदर से साफ करने और कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. अगर सही तरीके से बनाया और पिया जाए, तो यह आपकी सेहत को काफी सुधार सकता है. करेले का जूस बनाने की रेसिपी आवश्यक सामग्रीकरेला – 1–2नींबू का रस – 1 छोटा चम्मचकाला नमक – स्वादानुसारपानी – 1 गिलास बनाने की विधिकरेले की तैयारी करेंकरेले को अच्छी तरह धो लें और हल्का छिलका उतार लें. बीच के बीज निकाल दें. कड़वाहट कम करेंअगर ज्यादा कड़वाहट पसंद नहीं है, तो कटे हुए करेले को हल्के नमक के साथ 10–15 मिनट के लिए रख दें, फिर धो लें. मिक्सर में पीसेंकरेले के टुकड़ों को मिक्सर में डालें, थोड़ा पानी मिलाकर अच्छी तरह पीस लें. छानकर तैयार करेंजूस को छान लें और उसमें नींबू का रस और काला नमक मिलाएं. तुरंत पिएंताजा जूस तुरंत पीना ज्यादा फायदेमंद होता है. करेले का जूस पीने के फायदे1. ब्लड शुगर कंट्रोलकरेला डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है.यह शरीर में शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है. 2. शरीर को डिटॉक्स करता हैकरेले का जूस शरीर से विषैले पदार्थ (टॉक्सिन) बाहर निकालने में मदद करता है.इससे लिवर और खून दोनों साफ होते हैं. 3. पाचन सुधारता हैकरेला पाचन शक्ति को मजबूत करता है और गैस, कब्ज जैसी समस्याओं से राहत देता है. 4. त्वचा के लिए लाभकारीखून साफ होने से त्वचा साफ और ग्लोइंग बनती है.पिंपल और एक्ने की समस्या में भी फायदा मिलता है. 5. वजन घटाने में सहायककरेले का जूस कम कैलोरी वाला होता है और मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है. 6. इम्युनिटी बढ़ाता हैइसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं. जरूरी सावधानियांखाली पेट ज्यादा मात्रा में न पिएं.गर्भवती महिलाएं डॉक्टर की सलाह लें.स्वाद बहुत कड़वा लगे तो अधिक मात्रा में सेवन न करें. निष्कर्षकरेले का जूस भले ही स्वाद में कड़वा हो, लेकिन इसके फायदे बहुत मीठे हैं. अगर आप इसे नियमित और सही मात्रा में पीते हैं, तो यह आपकी सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचा सकता है.

वर्कआउट के दौरान कार्डियक अरेस्ट आने पर तुरंत क्या करें? ये वीडियो नहीं देखा तो बड़ी गलती हो सकती है – News18 हिंदी

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  Heart Attack in Gym: आजकल जिम में वर्कआउट करते समय अचानक हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं, और ये सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं हैं. दिल्ली के 40 साल के मोहित, फरीदाबाद के 35 साल के पंकज और गाजियाबाद के 26 साल के कपिल तीनों ही जिम में एक्सरसाइज के दौरान अचानक गिर पड़े और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया, जहां कंवलजीत सिंह बग्गा की जिम में वर्कआउट करते समय हार्ट अटैक से मौत हो गई. ये घटनाएं सिर्फ आम लोगों तक ही नहीं रहीं. टीवी एक्टर सिद्धांत वीर सूर्यवंशी की भी जिम में एक्सरसाइज के दौरान तबीयत बिगड़ी थी और बाद में उनकी मौत हो गई. वहीं कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को भी वर्कआउट के दौरान सीने में दर्द हुआ और इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी. अब सवाल ये उठता है कि आखिर जिम में एक्सरसाइज करते समय ऐसा क्यों हो रहा है? क्या इसके पीछे ज्यादा वर्कआउट, गलत डाइट या फिर स्टेरॉयड का इस्तेमाल वजह है? और सबसे जरूरी बात हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में फर्क क्या होता है, और अगर किसी के साथ ऐसा हो जाए तो उसकी जान कैसे बचाई जा सकती है? इन सभी सवालों के जवाब देंगे फिटनेस एक्सपर्ट सुमित दुबे और कार्डियोलॉजी के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. ऋषि वी. लोहीया, किम्स- किंग्सवे हॉस्पिटल्स से. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Punjab Kings vs RCB IPL 2026 Dharamshala Match

Punjab Kings vs RCB IPL 2026 Dharamshala Match

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का उत्साह अब धौलाधार की वादियों में पहुँच गया है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम टूर्नामेंट के 61वें मुकाबले के लिए धर्मशाला पहुँच चुकी है। रविवार, 17 मई को होने वाले इस हाई-वोल्टेज मैच में आरसीबी का सामना पंजाब किंग्स . दोनों टीमों के लिए ‘करो या मरो’ का मुकाबला अंक तालिका की जटिल स्थिति को देखते हुए यह मैच दोनों ही टीमों के लिए प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिहाज से बेहद निर्णायक है। यह मुकाबला एक तरह से नॉकआउट की तरह देखा जा रहा है, जहाँ हारने वाली टीम के लिए आगे का सफर लगभग समाप्त हो जाएगा। आरसीबी की टीम पिछले कुछ मैचों के लय को बरकरार रखते हुए इस महत्वपूर्ण मैच को जीतकर उम्मीदें जिंदा रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, जबकि पंजाब किंग्स अपने इस दूसरे घरेलू मैदान का फायदा उठाना चाहेगी। पिच और मौसम की चुनौतियाँ बढ़ाएंगी रोमांच हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का यह स्टेडियम दुनिया के सबसे खूबसूरत मैदानों में से एक है, लेकिन यहाँ की परिस्थितियाँ खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण होती हैं। धौलाधार की पहाड़ियों के साये में तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त स्विंग और उछाल मिलने की पूरी संभावना है। शाम के समय तापमान में गिरावट और ओस (Dew) गिरने की संभावना के चलते टॉस की भूमिका सबसे अहम होगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि टॉस जीतने वाली टीम लक्ष्य का पीछा करना पसंद करेगी। एयरपोर्ट से बाहर आते कोहली स्टेडियम हाउसफुल और सुरक्षा के कड़े इंतजाम इस महामुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। स्टेडियम के सभी टिकट पहले ही बिक चुके हैं और धर्मशाला में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मैच के सफल आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। स्टेडियम के आसपास की सड़कों पर यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं ताकि दर्शकों को असुविधा न हो। भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पंजाब किंग्स और आरसीबी के बीच होगी कड़ी टक्कर यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बेंगलुरु की टीम ठंडी हवाओं और तेज आउटफील्ड के बीच अपना जलवा दिखा पाती है या पंजाब किंग्स अपने घरेलू समर्थन के दम पर बाजी मारती है। आरसीबी के लिए जहाँ विराट कोहली और फाफ डु प्लेसिस की फॉर्म अहम होगी, वहीं पंजाब के गेंदबाज अपनी रफ्तार से पहाड़ों में बल्लेबाजों को परेशान करने की कोशिश करेंगे। यह मुकाबला न केवल कौशल का बल्कि मानसिक मजबूती का भी इम्तिहान होगा, क्योंकि दबाव दोनों ही पक्षों पर बराबर है। खिलाडि़यों की फोटो

सौंफ शरबत रेसिपी: आंखों की रोशनी और पेट की ठंडक के लिए पिएं सौंफ का शरबत, एक मिनट में तैयार होगी ये समर ड्रिंक्स

सौंफ शरबत रेसिपी

15 मई 2026 को 16:29 IST पर अद्यतन किया गया सौंफ शरबत रेसिपी: गर्मियों के तपते मौसम में लोग अक्सर ऐसे पेय पदार्थों की तलाश में रहते हैं जो शरीर को ठंडक देते हैं, साथ में भी हो जाते हैं। तेज धूप के कारण शरीर में पानी की कमी, थकान और पाचन से जुड़े नुकसान होते हैं। ऐसे में शामिल होने वाले शरबत के मिश्रण में सर्वोत्तम सौपद शामिल होता है। यह ड्रिंक शरीर को ठंडा रखने के साथ ही पेट को भी आराम देता है। आइए जानते हैं इसे बनाने की विधि। अनुसरण करना : सौंफ का शरबत बनाने की सामग्री 1/4 कप सौंफ़ 4-5 हरी इलायची 8-10 काली मिर्च 1 छोटा चम्मच जीरा 2 बड़ी मठरी पुदीना मित्र 1 इंच दालचीनी का टुकड़ा 6-8 लम्बाई 10-12 केसर के चश्मे 3-4 चीनी चीनी काला नमक बर्फ छवि: फ्रीपिक इस शरबत को तैयार करने के लिए सबसे पहले नॉन स्टिक पैन गरम करें। अब इसमें 2 से 4 मिनट तक सूखा भून लें। छवि: फ्रीपिक इसके बाद इसमें सूखे पुदीना, दालचीनी, लौंग और केसर डालकर पेस्ट बना लें। फिर से इन सभी नाखूनों को अच्छे से ठंडा करके इसे प्लास्टिक में पीस लें। छवि: फ्रीपिक इसके बाद इसमें चीनी और काला नमक सामग्रियां ग्राइंड करें ताकि सभी सामग्री अच्छी तरह से मिक्स हो जाए। यह तैयार मिक्स लंबे समय तक स्टोर करके भी रखा जा सकता है। छवि: फ्रीपिक मसाले को तैयार करने के बाद शरबत के लिए एक चम्मच बर्फ के मिश्रण में डाल दें। अब संक्षेप में 2-3 कुकीज़ शामिल हैं। ऊपर से ठंडा पानी डाला। इसे अच्छे से मिक्स करने के बाद तैयार कर लिया जाता है शरबत। छवि: फ्रीपिक एक गिलास में बर्फ के टुकड़े डालने के लिए शरबत तैयार करें। अब इसमें 2 मिठाइयाँ और ऊपर से ठंडा पानी दाल तैयार करें। इसे अच्छी तरह मिक्स करने के बाद ठंडा-ठंडा सर्व करें। छवि: फ्रीपिक सौंफ का ठंडा-ठंडा शरबत शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन को बेहतर बनाने में भी मदद करता है। इसमें मौजूद पुदीना, सौंफ और बेसिक हीट से रिलीफ का काम करते हैं। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 15 मई 2026 16:29 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)सौंफ शरबत रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन स्वस्थ पेय(टी)सौंफ शरबत के फायदे(टी)घर का बना ग्रीष्मकालीन पेय(टी)गर्मियों के लिए ठंडा पेय(टी)भारतीय ग्रीष्मकालीन पेय पदार्थ(टी)पाचन ग्रीष्मकालीन पेय(टी)स्वस्थ शरबत रेसिपी(टी)सौंफ ड्रिंक रेसिपी

CJI बोले- बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे:ये मीडिया, सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं

CJI बोले- बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे:ये मीडिया, सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं

सीजेआई सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान देश के बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच कहा। उन्होंने कहा- कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। CJI और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने शुक्रवार को एक वकील की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उसने सीनियर एडवोकेट का दर्जा पाने मांग की थी। बेंच ने वकील को फटकार लगाते हुए कहा- समाज में पहले से ही पैरासाइट (परजीवी) हैं जो सिस्टम पर हमला करते हैं। बेंच ने कहा कि दुनिया में हर कोई सीनियर बनने के योग्य हो सकता है, लेकिन आप इसके हकदार नहीं हैं। अगर आपको दिल्ली HC ने सीनियर एडवोकेट बना भी दिया, तो सुप्रीम कोर्ट आपके व्यवहार को देखते हुए उसे फैसलो को रद्द कर देगा। बेंच का सवाल- आपके पास कोई और केस नहीं कोर्ट ने पूछा कि क्या याचिकाकर्ता के पास कोई और मुकदमा नहीं है और क्या यह किसी सीनियर एडवोकेट बनने की चाह रखने वाले का सही व्यवहार है। सीनियर एडवोकेट का दर्जा दिया जाता है, इसे खुद से हासिल करने की कोशिश नहीं की जाती। बेंच ने सवाल किया कि आप इसे हासिल करने के पीछे पड़े हैं, क्या यह सही लगता है। सुप्रीम कोर्ट CBI से कई वकीलों की डिग्री की जांच कराने पर विचार कर सकता है, क्योंकि उनकी डिग्री की सत्यता पर गंभीर सवाल हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया इस पर कुछ नहीं करेगा, क्योंकि उन्हें वोट चाहिए। सुनवाई के अंत में याचिकाकर्ता ने कोर्ट से माफी मांगी और अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी। ……………. सीजेआई सूर्यकांत से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई सूर्यकांत बोले: फटेहाल आदमी के झोले में संविधान, यह न्याय की सबसे बड़ी ताकत सीजेआई सूर्यकांत अप्रैल के आखिरी हफ्ते में राजस्थान के जयपुर पहुंचे थे। उन्होंने यहां एक कॉन्फ्रेंस में कहा था कि पूर्व जज देश की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, ज्ञान और न्यायिक विवेक का राष्ट्र निर्माण, एडीआर, लोक अदालतों और कानूनी जागरूकता अभियानों में सक्रिय उपयोग होना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… CJI बोले मुझे डांटकर चैम्बर से बाहर निकाल दिया था: फिर उन्हीं जज की सलाह पर छोड़ा न्यायिक सेवा इंटरव्यू सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने शुक्रवार को अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक किस्सा सुनाया। केस की सुनवाई के दौरान CJI ने बताया कैसे एक जज ने उन्हें डांट लगाते हुए चैंबर से बाहर निकल जाने को कहा था। ये किस्सा जस्टिस सूर्यकांत ने ज्यूडिशियल सर्विस की एप्लीकेंट की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुनाया। पूरी खबर पढ़ें…

Mumbai Fake Registry Scam | Actor Javed Jaffris Wife 16 Cr Cheated, BMC Officer Arrested

Mumbai Fake Registry Scam | Actor Javed Jaffris Wife 16 Cr Cheated, BMC Officer Arrested

16 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने बॉलीवुड एक्टर जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी से हुई 16.24 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में बीएमसी (BMC) के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। आरोपियों ने टैक्स सेटलमेंट और इन्वेस्टमेंट के नाम पर जाफरी परिवार को अपनी साजिश में फंसाया। बीएमसी नोटिस से हुई ठगी की शुरुआत ठगी की शुरुआत अप्रैल 2024 में हुई। हबीबा जाफरी को उनके अंधेरी स्थित बंगले का प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए बीएमसी से एक नोटिस मिला। इसी दौरान एक परिचित के जरिए उनकी मुलाकात बीएमसी जी-साउथ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल से हुई। पाटिल ने पहले टैक्स सेटलमेंट का भरोसा दिया और फिर उन्हें बांद्रा (पश्चिम) के ‘न्यू कमलकुंज’ कमर्शियल प्रोजेक्ट में निवेश करने का लालच दिया। जावेद के तीन बच्चे हैं। बेटी अलाविया के अलावा उनके दो बेटे मीजान और अब्बास जाफरी हैं। भरोसा जीतने के लिए दिखाईं फर्जी रिपोर्ट्स असिस्टेंट कमिश्नर ने हबीबा की मुलाकात कारोबारी निशित पटेल से कराई। निशित ने खुद को बड़े बिल्डरों का पार्टनर बताया और दावा किया कि इस प्रोजेक्ट में पहले से 150 करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है। जाफरी परिवार का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने घर जाकर नक्शे, फर्जी लेटरहेड और विदेशी बैंकों के साथ प्री-लीज एग्रीमेंट के कागजात दिखाए। उन्होंने वादा किया कि दिसंबर 2025 तक उन्हें कमर्शियल स्पेस का कब्जा मिल जाएगा। घर पर की फर्जी रजिस्ट्री साजिश को असली दिखाने के लिए आरोपी रूपेश, देवेंद्र पडवल और उनके साथी सरकारी मशीनों जैसी डिवाइस लेकर जाफरी परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने घर पर ही हबीबा के फोटो, फिंगरप्रिंट और हस्ताक्षर लिए और दावा किया कि सरकारी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो गई है। बाद में उन्हें दस्तावेजों की फोटोकॉपी थमा दी गई। जब असली कागजात मांगे गए, तो बिल्डर के पास होने का बहाना बनाया गया। फ्लैट और बंगला बेचकर जुटाए 16.24 करोड़ आरोपियों के झांसे में आकर जावेद जाफरी, उनकी पत्नी हबीबा और भाई नावेद जाफरी ने अपनी संपत्तियां बेचकर पैसा जुटाया। पुलिस के मुताबिक, यह रकम पूजन टेक्नोलॉजीज, उदित ट्रेडर्स और एशियन फूड जैसी शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की गई। कुल 16.24 करोड़ की ठगी में कैश के अलावा विदेशी करेंसी और एक लग्जरी घड़ी भी शामिल है। निशित 19 मई तक पुलिस रिमांड पर धोखाधड़ी का अहसास होने पर हबीबा जाफरी ने खार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने निशित पटेल को पकड़ लिया। निशित ने पूछताछ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने की बात कबूल ली है। कोर्ट ने उसे 19 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस अब फरार चल रहे असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Mumbai Fake Registry Scam | Actor Javed Jaffris Wife 16 Cr Cheated, BMC Officer Arrested

Mumbai Fake Registry Scam | Actor Javed Jaffris Wife 16 Cr Cheated, BMC Officer Arrested

32 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने बॉलीवुड एक्टर जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी से हुई 16.24 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में बीएमसी (BMC) के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। आरोपियों ने टैक्स सेटलमेंट और इन्वेस्टमेंट के नाम पर जाफरी परिवार को अपनी साजिश में फंसाया। बीएमसी नोटिस से हुई ठगी की शुरुआत ठगी की शुरुआत अप्रैल 2024 में हुई। हबीबा जाफरी को उनके अंधेरी स्थित बंगले का प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए बीएमसी से एक नोटिस मिला। इसी दौरान एक परिचित के जरिए उनकी मुलाकात बीएमसी जी-साउथ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल से हुई। पाटिल ने पहले टैक्स सेटलमेंट का भरोसा दिया और फिर उन्हें बांद्रा (पश्चिम) के ‘न्यू कमलकुंज’ कमर्शियल प्रोजेक्ट में निवेश करने का लालच दिया। जावेद के तीन बच्चे हैं। बेटी अलाविया के अलावा उनके दो बेटे मीजान और अब्बास जाफरी हैं। भरोसा जीतने के लिए दिखाईं फर्जी रिपोर्ट्स असिस्टेंट कमिश्नर ने हबीबा की मुलाकात कारोबारी निशित पटेल से कराई। निशित ने खुद को बड़े बिल्डरों का पार्टनर बताया और दावा किया कि इस प्रोजेक्ट में पहले से 150 करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है। जाफरी परिवार का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने घर जाकर नक्शे, फर्जी लेटरहेड और विदेशी बैंकों के साथ प्री-लीज एग्रीमेंट के कागजात दिखाए। उन्होंने वादा किया कि दिसंबर 2025 तक उन्हें कमर्शियल स्पेस का कब्जा मिल जाएगा। घर पर की फर्जी रजिस्ट्री साजिश को असली दिखाने के लिए आरोपी रूपेश, देवेंद्र पडवल और उनके साथी सरकारी मशीनों जैसी डिवाइस लेकर जाफरी परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने घर पर ही हबीबा के फोटो, फिंगरप्रिंट और हस्ताक्षर लिए और दावा किया कि सरकारी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो गई है। बाद में उन्हें दस्तावेजों की फोटोकॉपी थमा दी गई। जब असली कागजात मांगे गए, तो बिल्डर के पास होने का बहाना बनाया गया। फ्लैट और बंगला बेचकर जुटाए 16.24 करोड़ आरोपियों के झांसे में आकर जावेद जाफरी, उनकी पत्नी हबीबा और भाई नावेद जाफरी ने अपनी संपत्तियां बेचकर पैसा जुटाया। पुलिस के मुताबिक, यह रकम पूजन टेक्नोलॉजीज, उदित ट्रेडर्स और एशियन फूड जैसी शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की गई। कुल 16.24 करोड़ की ठगी में कैश के अलावा विदेशी करेंसी और एक लग्जरी घड़ी भी शामिल है। निशित 19 मई तक पुलिस रिमांड पर धोखाधड़ी का अहसास होने पर हबीबा जाफरी ने खार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने निशित पटेल को पकड़ लिया। निशित ने पूछताछ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने की बात कबूल ली है। कोर्ट ने उसे 19 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस अब फरार चल रहे असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Airfare Hike Case; Supreme Court Vs Airlines Ticket Price Regulations

Airfare Hike Case; Supreme Court Vs Airlines Ticket Price Regulations

Hindi News National Airfare Hike Case; Supreme Court Vs Airlines Ticket Price Regulations | Tushar Mehta 2 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक ही दिन, एक ही सेक्टर में उड़ान भरने वाली एक एयरलाइन कुछ अलग हवाई किराया लेती है जबकि दूसरी एयरलाइनल अलग किराया लेती है। इसे सही किया जाना चाहिए। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने केंद्र सरकार से यात्रियों को राहत देने को कहा। इस पर केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सरकार इस समस्या पर बहस नहीं कर रही है। इस मुद्दे को बिना किसी विरोध के मान रही है। 2024 का एक नया कानून लागू हो गया है और उससे जुड़े नियमों पर सलाह-मशविरा चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट सोशल एक्टिविस्ट एस लक्ष्मीनारायणन की दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। उन्होंने मांग की कि देश में एक मजबूत और स्वतंत्र रेगुलेटर बनाया जाए, जो एयरलाइनों के किराए और एक्स्ट्रा चार्जेस पर निगरानी रखे। बेंच ने मामले की सुनवाई 13 जुलाई को तय की। याचिकाकर्ता का दावा- नियम पहले, पालन नहीं हो रहा लक्ष्मीनारायणन के वकील रवींद्र श्रीवास्तव ने कहा कि एयरक्राफ्ट एक्ट 1937 के तहत नियम पहले से ही हैं लेकिन समस्या यह है कि पालन नहीं ​​किया गया। जब तक नए नियम नहीं बन जाते, पुराने नियम जारी रहेंगे। साथ ही कहा गया है कि अगर DGCA को लगता है कि किसी खास स्थिति में, एयरलाइंस बहुत ज्यादा किराया वसूल रही हैं, तो वह निर्देश जारी करेगा। बेंच ने श्रीवास्तव से केंद्र के फाइल किए गए काउंटर-एफिडेविट का जवाब देने को कहा और सॉलिसिटर जनरल की यह बात रिकॉर्ड की कि नई व्यवस्था के तहत नियम बनाने के लिए कंसल्टेशन प्रोसेस चल रहा है। 30 अप्रैल की सुनवाई में सरकार को फटकार लगाई थी इससे पहले 30 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने एक पिटीशन पर एफिडेविट फाइल न करने के लिए केंद्र की खिंचाई की थी, जिसमें भारत में प्राइवेट एयरलाइन्स के हवाई किराए और सहायक चार्ज में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करने के लिए रेगुलेटरी गाइडलाइंस की मांग की गई थी। कोर्ट ने केंद्र से एक एफिडेविट के साथ एक एप्लिकेशन फाइल करने को कहा था, जिसमें यह बताने के निर्देश दिए गए थे कि एफिडेविट फाइल क्यों नहीं किया गया है। इसके लिए और समय क्यों मांगा गया है। अनियमित हवाई किराए पर पहले भी फटकार लगा चुका सुप्रीम कोर्ट 23 फरवरी 2026: त्योहारों में हवाई किराया बढ़ाने पर जवाब मांगा था- सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में त्योहारों और इमरजेंसी हालातों में प्राइवेट एयरलाइंस के हवाई किराए बढ़ाने को लेकर चिंता जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि यह एक बहुत गंभीर चिंता का विषय है। वरना, हम 32 पिटीशन पर विचार नहीं करते। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि सिविल एविएशन मिनिस्ट्री इस मुद्दे पर विचार कर रही है। पढ़ें पूरी खबर… 17 नवंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, DGCA और AERA से हवाई किराए की मनमानी पर जवाब मांगा- सुप्रीम कोर्ट ने देश में हवाई जहाज के किराए और एक्स्ट्रा टैक्स में होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव पर नियंत्रण की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन की जनहित याचिका पर कोर्ट ने केंद्र सरकार, DGCA और एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

गर्मी में 20 दिन का मेहमान… स्वाद ऐसा कि महिलाएं देखते ही खरीद ले, ठंडक में बड़े फल भी फेल

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Last Updated:May 15, 2026, 15:54 IST Falsa Health Benefits: भीषण गर्मी के बीच करौली के बाजारों में इन दिनों फालसा लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. खट्टे-मीठे स्वाद और शरीर को तुरंत ठंडक देने वाला यह फल केवल 15 से 25 दिन के लिए बाजार में आता है. बेहद नाजुक होने के कारण इसे कपड़े से ढंककर बेचा जाता है और यह जल्दी खराब भी हो जाता है. आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुसार फालसा शरीर में पानी की कमी दूर करने, लू से बचाने और ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मददगार है. सीमित उपलब्धता के कारण इसकी कीमत 240 रुपए किलो तक पहुंच गई है. गर्मी में कुछ दिनों के लिए आने वाला छोटा सा फल फालसा इन दिनों करौली के बाजारों में लोगों को स्वाद के साथ ठंडक का एहसास भी करा रहा है. फालसा बेहद नाजुक फल होता है, इसलिए इसे धूप से बचाने के लिए कपड़े से ढंककर बेचा जाता है. ज्यादा गर्मी सहन नहीं कर पाने के कारण यह एक-दो दिन में ही खराब हो जाता है. यही वजह है कि बाजार में इसकी कीमत भी अधिक रहती है. करौली में ठेले पर फालसा बेच रहे शाहिद खान बताते हैं कि यह फल मुख्य रूप से मई में आता है और केवल 20 से 25 दिन तक ही बाजार में मिलता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. उमेश शर्मा के अनुसार फालसा सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है. इसमें विटामिन-सी, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम और कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह शरीर में पानी की कमी दूर करने के साथ गर्मी और लू से बचाने में भी मदद करता है. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी इसे लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में सहायक होता है. ज्यादा गर्मी सहन नहीं करने के कारण फालसा एक-दो दिन में ही खराब हो जाता है. यही वजह है कि बाजार में इसकी कीमत काफी ज्यादा रहती है. इसके बावजूद लोग इसे खरीदने के लिए ठेलों पर उमड़ रहे हैं. गर्मी में राहत देने वाला यह फल स्वाद और ठंडक दोनों के लिए पसंद किया जाता है. खासतौर पर महिलाएं इसे बड़े चाव से खरीद रही हैं. फालसा शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ पानी की कमी दूर करने में भी मददगार माना जाता है. सीमित समय के लिए बाजार में आने वाला यह फल इन दिनों करौली में लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. Add News18 as Preferred Source on Google गर्मी में राहत देने वाला फालसा खासतौर पर महिलाओं को बेहद पसंद आता है. बाजार में फालसा खरीदने पहुंचे अमित कुमार बताते हैं कि इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है और इसे खाते ही शरीर में तुरंत ठंडक महसूस होती है. उनका कहना है कि गर्मी के दिनों में यह फल किसी प्राकृतिक शरबत से कम नहीं लगता. फालसा शरीर को तरोताजा रखने के साथ गर्मी और लू से राहत देने में भी मदद करता है. यही वजह है कि सीमित समय के लिए बाजार में आने वाला यह फल लोगों की खास पसंद बना हुआ है और इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. भीषण गर्मी के बीच इन दिनों बाजारों में फालसा लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. पूरे साल इंतजार के बाद आने वाला यह छोटा सा फल देखने में बैर जैसा लगता है, लेकिन स्वाद और गुणों में बड़े फलों को भी पीछे छोड़ देता है. खट्टे-मीठे स्वाद वाला फालसा गर्मी में शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए जाना जाता है. खास बात यह है कि यह फल बाजार में केवल 15 से 20 दिन के लिए ही मिलता है, इसलिए लोग इसे खरीदने के लिए उत्साहित नजर आते हैं. सीमित समय के लिए आने वाला यह फल गर्मी में राहत देने वाला प्राकृतिक विकल्प माना जाता है. खट्टे-मीठे स्वाद और शरीर को तुरंत ठंडक देने की वजह से फालसा इन दिनों करौली के लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. गर्मी में राहत देने वाला यह फल स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. फालसा बेहद नाजुक होता है, इसलिए इसे धूप से बचाने के लिए कपड़े से ढंककर बेचा जाता है. ज्यादा गर्मी पड़ने पर यह जल्दी खराब हो जाता है, जिसके कारण इसकी कीमत भी अधिक रहती है. सीमित समय के लिए बाजार में मिलने वाला यह फल लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है और इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है. करौली में इन दिनों फालसा 60 रुपए पाव यानी करीब 240 रुपए किलो बिक रहा है. व्यापारियों का कहना है कि हर साल इसकी मांग ज्यादा और उपलब्धता कम रहती है, इसलिए इसकी कीमत काफी ऊंची बनी रहती है. यही वजह है कि यह कई बार सेब और अनार जैसे फलों से भी महंगा बिकता है. गर्मी में राहत देने वाले इस फल को लोग स्वाद और ठंडक के लिए पसंद करते हैं. सीमित समय के लिए बाजार में आने के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. इसके बावजूद लोग फालसा खरीदने के लिए बाजारों और ठेलों पर पहुंच रहे हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।