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बार-बार हो रही टैनिंग? डॉ. की चेतावनी हो सकता है स्किन कैंसर का शुरुआती लक्षण

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Last Updated:May 15, 2026, 23:26 IST Tanning And Cancer Connetion: लंबे समय तक धूप में काम करना, बार-बार त्वचा जलना, टैनिंग या रेडिएशन के संपर्क में आना त्वचा के कैंसर का कारण बन सकता है. ऐसे में यदि त्वचा पर कोई नया तिल, घाव, खुजली या रंग में बदलाव दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. ख़बरें फटाफट लगातार तेज धूप में रहने और बहुत अधिक टैनिंग होने से त्वचा को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचता है. समय के साथ यह नुकसान बढ़ता जाता है और त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं. इसमें सनबर्न, समय से पहले झुर्रियां आना, पिगमेंटेशन बढ़ना और यहां तक कि त्वचा का कैंसर होने का भी रिस्क होता है. पंचशील पार्क स्थित मैक्स मल्टी स्पेशलिटी सेंटर में त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ.नंदिनी बरुआ बताती हैं, कि सूरज से मुख्य रूप से UVA और UVB नाम की किरणें निकलती हैं. ये किरणें त्वचा की ऊपरी सतह के साथ-साथ अंदर की परतों तक भी पहुंच जाती हैं. लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से त्वचा की कोशिकाओं का DNA खराब हो सकता है, जिससे बाद में त्वचा का कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है. हालांकि केवल गर्मी से कैंसर नहीं होता, लेकिन लगातार गर्म वातावरण और इंफ्रारेड रोशनी त्वचा में सूजन और कमजोरी पैदा कर सकती है. टैनिंग और कैंसर का कनेक्शन त्वचा में मौजूद मेलानिन UV किरणों को सोखकर त्वचा की गहरी परतों तक नुकसान पहुंचने से रोकता है. यही कारण है कि भारत में त्वचा के कैंसर के मामले कम देखने को मिलते हैं. फिर भी इसका मतलब यह नहीं है कि भारतीयों को यह बीमारी नहीं हो सकती. लंबे समय तक धूप में काम करना, बार-बार त्वचा जलना, टैनिंग या रेडिएशन के संपर्क में आना त्वचा के कैंसर का कारण बन सकता है. जिन लोगों की त्वचा हल्की होती है, वे धूप में जल्दी जल जाते हैं. ऐसे लोगों में बेसल सेल कार्सिनोमा (BCC), स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (SCC) और मेलानोमा जैसे त्वचा कैंसर का खतरा ज्यादा होता है. BCC आमतौर पर चमकदार उभार या ऐसा घाव होता है जो ठीक नहीं होता. SCC सूखे और पपड़ीदार घाव के रूप में दिखाई देता है. मेलानोमा दुर्लभ लेकिन सबसे खतरनाक कैंसर है क्योंकि यह तेजी से शरीर में फैल सकता है. पहले माना जाता था कि गहरे रंग की त्वचा वाले लोग पूरी तरह सुरक्षित होते हैं, लेकिन अब पर्यावरण और जीवनशैली में बदलाव के कारण उनमें भी त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं. ओजोन परत का कमजोर होना, ग्लोबल वार्मिंग, बाहर खेलने की बढ़ती आदतें और लंबे समय तक धूप में रहना इसके मुख्य कारण हैं. किसान, मजदूर, ट्रैफिक पुलिसकर्मी, खिलाड़ी और लंबे समय तक बाहर काम करने वाले लोगों में त्वचा को नुकसान होने का खतरा अधिक होता है. जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो या परिवार में त्वचा कैंसर का इतिहास हो, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. बचाव के लिए जरूरी उपायएक्सपर्ट बताती हैं कि त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए रोजाना SPF 30 या उससे अधिक वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना जरूरी है. बाहर रहने पर हर 2 से 3 घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगाना चाहिए. साथ ही टोपी, धूप का चश्मा, छाता और पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए. सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच तेज धूप में जाने से बचना बेहतर होता है. पर्याप्त पानी पीना, पौष्टिक भोजन करना और त्वचा की नियमित जांच करवाना भी जरूरी है. यदि त्वचा पर कोई नया तिल, घाव, खुजली या रंग में बदलाव दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. सही जागरूकता और बचाव से त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Icici prudential launches new fund isif active asset allocator long short fund

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Hindi News Business Icici Prudential Launches New Fund Isif Active Asset Allocator Long Short Fund मुंबई7 मिनट पहले कॉपी लिंक बाजार की चाल का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है, इसलिए निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे अपना पैसा सिर्फ एक जगह न लगाएं। इसी को ध्यान में रखते हुए ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने ‘ISIF एक्टिव एसेट एलोकेटर लॉन्ग-शॉर्ट फंड’ पेश किया है। यह फंड निवेशकों को बदलते बाजार के हिसाब से तालमेल बिठाने और बेहतर निवेश करने में मदद करेगा। यह फंड सिर्फ इक्विटी (शेयर) में ही नहीं, बल्कि डेट (कर्ज) और कमोडिटीज में भी निवेश करता है। साथ ही इसमें ‘लॉन्ग-शॉर्ट’ स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि बाजार चाहे ऊपर जाए या नीचे, दोनों ही स्थितियों में फायदा मिल सके। यह फंड सेबी (SEBI) के स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIF) कैटेगरी के तहत लाया गया है। इसका मकसद म्यूचुअल फंड और PMS/AIF जैसे प्रोडक्ट्स के बीच के अंतर को कम करना है। यह नियम-कायदों के दायरे में रहकर निवेशकों को ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देता है। उन लोगों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है जो लंबे समय के लिए संपत्ति बनाना चाहते हैं और अपने पोर्टफोलियो में विविधता यानी डायवर्सिफिकेशन चाहते हैं। यश काश कैपिटल सर्विसेज के नवीन गैरोला ने ICICI प्रूडेंशियल की लेटेस्ट ऑफरिंग- ISIF एक्टिव एसेट एलोकेटर लॉन्ग-शॉर्ट फंड के बारे में यह जानकारी दी है। NFO की तारीख: यह न्यू फंड ऑफर (NFO) 19 मई 2026 को खुलेगा और 03 जून 2026 को बंद होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Hindi News Business Icici Prudential Launches New Fund Isif Active Asset Allocator Long Short Fund मुंबई23 मिनट पहले कॉपी लिंक बाजार की चाल का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है, इसलिए निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे अपना पैसा सिर्फ एक जगह न लगाएं। इसी को ध्यान में रखते हुए ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने ‘ISIF एक्टिव एसेट एलोकेटर लॉन्ग-शॉर्ट फंड’ पेश किया है। यह फंड निवेशकों को बदलते बाजार के हिसाब से तालमेल बिठाने और बेहतर निवेश करने में मदद करेगा। यह फंड सिर्फ इक्विटी (शेयर) में ही नहीं, बल्कि डेट (कर्ज) और कमोडिटीज में भी निवेश करता है। साथ ही इसमें ‘लॉन्ग-शॉर्ट’ स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि बाजार चाहे ऊपर जाए या नीचे, दोनों ही स्थितियों में फायदा मिल सके। यह फंड सेबी (SEBI) के स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIF) कैटेगरी के तहत लाया गया है। इसका मकसद म्यूचुअल फंड और PMS/AIF जैसे प्रोडक्ट्स के बीच के अंतर को कम करना है। यह नियम-कायदों के दायरे में रहकर निवेशकों को ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देता है। उन लोगों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है जो लंबे समय के लिए संपत्ति बनाना चाहते हैं और अपने पोर्टफोलियो में विविधता यानी डायवर्सिफिकेशन चाहते हैं। यश काश कैपिटल सर्विसेज के नवीन गैरोला ने ICICI प्रूडेंशियल की लेटेस्ट ऑफरिंग- ISIF एक्टिव एसेट एलोकेटर लॉन्ग-शॉर्ट फंड के बारे में यह जानकारी दी है। NFO की तारीख: यह न्यू फंड ऑफर (NFO) 19 मई 2026 को खुलेगा और 03 जून 2026 को बंद होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

PM Modi Denies Tax Levy on Foreign Travel Reports

PM Modi Denies Tax Levy on Foreign Travel Reports

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी ने कहा है इस तरह की पाबंदियां लगाने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता। File प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा पर भारत सरकार के टैक्स-सैस लगाने की खबरों को गलत बताया। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा- यह पूरी तरह से गलत है। इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है। उन्होंने लिखा कि विदेश यात्रा पर इस तरह की पाबंदियां लगाने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता। हम अपने लोगों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। मोदी का यह पोस्ट उन मीडिया पर आया, जिनमें दावा किया गया कि भारत सरकार विदेश यात्रा पर टैक्स/सेस/सरचार्ज लगाने पर विचार कर रही है। इसके लिए हाईलेवल पर चर्चा हो रही है। ………….. यह खबर भी पढ़ें… पेट्रोल-डीजल कीमतों में वृद्धि, कांग्रेस बोली- चुनाव खत्म, वसूली शुरू: राहुल ने कहा- ₹3 का झटका आया, बाकी वसूली किस्तों में; अखिलेश बोले- साइकिल ही विकल्प देश में पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगे हो गए हैं। प्रमुख शहरों में CNG भी 2 रुपए प्रति किलो तक महंगी हो गई है। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। करीब 2 साल बाद दामों में ये बढ़ोतरी की गई है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। सरकार पर बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच आम लोगों पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

PM Modi Denies Tax Levy on Foreign Travel Reports

PM Modi Denies Tax Levy on Foreign Travel Reports

नई दिल्ली15 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी ने कहा है इस तरह की पाबंदियां लगाने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता। File प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा पर भारत सरकार के टैक्स-सैस लगाने की खबरों को गलत बताया। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा- यह पूरी तरह से गलत है। इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है। उन्होंने लिखा कि विदेश यात्रा पर इस तरह की पाबंदियां लगाने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता। हम अपने लोगों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। मोदी का यह पोस्ट उन मीडिया पर आया, जिनमें दावा किया गया कि भारत सरकार विदेश यात्रा पर टैक्स/सेस/सरचार्ज लगाने पर विचार कर रही है। इसके लिए हाईलेवल पर चर्चा हो रही है। 2 दिन- 2 जगह: PM की विदेश यात्रा न करने, ईंधन कम उपयोग की अपील 11 मई: वडोदरा में मोदी बोले- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। विदेश में रहने वाले भारतीयों से कहूंगा कि विदेश यात्रा से बचें। कम से कम पांच विदेशी मेहमानों को भारत घुमाने लाइए। सोने के आयात पर भी देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश जाता है। जब तक हालात सामान्य न हों, हम सोने की खरीद टालें। गोल्ड की जरूरत नहीं है। अगर लोग खाने के तेल का कम उपयोग करें तो इससे देश और शहर दोनों को फायदा होगा। 10 मई: हैदराबाद में पीएम बोले- विदेश यात्रा को टाल दें देशहित में लोगों को एक साल तक सोना खरीदने और दान करने से बचना चाहिए। अनावश्यक वाहन उपयोग कम करें, मेट्रो में सफर और कार पूलिंग करें। ज्यादा से ज्यादा लोगों को उसमें बैठाकर ले जाएं। देश को रासायनिक उर्वरकों की खपत आधी करने का लक्ष्य रखना चाहिए और तेजी से प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। शादियों, छुट्टियों और अन्य कारणों से विदेश यात्रा कुछ समय के लिए टालना देशहित में होगा। PM मोदी की 5 अपील एक साल तक सोना न खरीदें- सोने के आयात में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। देशहित में लोगों को एक साल तक सोना खरीदने और दान करने से बचना चाहिए। पेट्रोल-डीजल बचाएं, कारपूलिंग करें- अनावश्यक वाहन उपयोग कम करें, मेट्रो में सफर और कारपूलिंग करें। ज्यादा से ज्यादा लोगों को उसमें बिठाकर ले जाएं। खाद्य तेल की खपत कम करने पर जोर- हर परिवार अगर खाने के तेल का इस्तेमाल थोड़ा कम करे, तो इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और लोगों की सेहत भी बेहतर रहेगी। रासायनिक खाद की जगह प्राकृतिक खेती अपनाएं- देश को रासायनिक उर्वरकों की खपत आधी करने का लक्ष्य रखना चाहिए और तेजी से प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। विदेश यात्राएं टालें- वैश्विक हालात और महंगे ईंधन के कारण भारत पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में शादियों, छुट्टियों और अन्य कारणों से विदेश यात्रा कुछ समय के लिए टालना देशहित में होगा। दिल्ली: इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पार्किंग शुल्क में 50% छूट नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने 18 मई से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए पार्किंग शुल्क में 50% छूट देने का ऐलान किया है। NDMC के वाइस चेयरमैन कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि यह कदम ग्रीन मोबिलिटी और ईंधन बचत को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। यह सुविधा NDMC के सभी पार्किंग स्थलों पर लागू होगी। इसके साथ ही NDMC कर्मचारियों के लिए फ्री शटल बस सेवा भी शुरू कर दी गई है, जो तय समय पर उनके घरों से दफ्तर तक चलेगी। यह सेवा पालिका आवास सरोजिनी नगर, पालिका ग्राम लक्ष्मीबाई नगर, अमृत काल निवास जोर बाग रोड और बापू धाम फ्लैट्स चाणक्यपुरी से चलाई जाएंगी। 16 बसें हर सुबह 9 बजे तय पॉइंट पर पहुंचेंगी और 9.30 बजे पालिका केंद्र के लिए रवाना होंगी। शाम को 5.30 बजे पालिका केंद्र से चलकर 6 बजे तक वापस रिहायशी इलाकों में पहुंचेंगी। हर रूट के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। ………….. यह खबर भी पढ़ें… पेट्रोल-डीजल कीमतों में वृद्धि, कांग्रेस बोली- चुनाव खत्म, वसूली शुरू: राहुल ने कहा- ₹3 का झटका आया, बाकी वसूली किस्तों में; अखिलेश बोले- साइकिल ही विकल्प देश में पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगे हो गए हैं। प्रमुख शहरों में CNG भी 2 रुपए प्रति किलो तक महंगी हो गई है। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। करीब 2 साल बाद दामों में ये बढ़ोतरी की गई है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। सरकार पर बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच आम लोगों पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Gudhal ki chai ke fayde: गर्मी में राहत देगी गुड़हल की चाय, जानें फायदे, बनाने का तरीका

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Hibiscus Tea Benefits: इन दिनों देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है. पारा 40-45 डिग्री तक जा पहुंचा है. अधिक गर्मी होने और तेज तापमान की वजह से शरीर में थकान, मानसिक तनाव और पाचन संबंधी परेशानियों के बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे मौसम में हेल्थ एक्सपर्ट गुड़हल की चाय को एक प्राकृतिक और असरदार विकल्प मानते हैं. यह चाय शरीर को ठंडक पहुंचाती है. इससे मानसिक शांति भी मिलती है. एक कप गुड़हल की चाय पीकर मूड फ्रेश हो सकता है. शरीर को ताजगी और एनर्जी मिलती है. जानिए यहां गुड़हल की चाय पीने के फायदे और बनाने का तरीका. आयुर्वेद में भी बताया गया है लाभकारी लाल रंग के खूबसूरत गुड़हल के फूल का धार्मिक महत्व तो है ही, आयुर्वेद में भी इसके औषधीय गुणों का उल्लेख मिलता है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, गुड़हल की चाय कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है. गर्मियों में इसका सेवन शरीर की बढ़ी हुई गर्मी को शांत करने और तनाव कम करने में सहायक माना जाता है. ब्लड प्रेशर और दिल की सेहत के लिए फायदेमंद गुड़हल की चाय हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है. यह ब्लड वेसल्स को आराम पहुंचाती है, जिससे ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है. इसके अलावा इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने और हृदय रोगों के खतरे को घटाने में सहायक होते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. वजन घटाने में भी करती है मदद यह चाय मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाती है और शरीर से अतिरिक्त पानी व नमक बाहर निकालने में मदद करती है. कम कैलोरी होने के कारण वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए यह एक अच्छा हेल्दी ड्रिंक माना जाता है. डायबिटीज और इम्युनिटी बूस्ट करने में फायदेमंद गुड़हल की चाय ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद कर सकती है. यह इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाने में सहायक मानी जाती है. साथ ही यह लीवर को स्वस्थ रखने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में भी मदद करती है. गुड़हल की चाय बनाने का तरीका गुड़हल की चाय बनाना बेहद आसान है. सबसे पहले सूखे गुड़हल के फूल लें. एक बर्तन में एक से डढ़े कप पानी लें. इसमें गुड़हल के फूल डालकर 5 से 7 मिनट तक उबालें. आप इसे पानी में भिगोकर भी रख सकते हैं. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद या नींबू का रस मिला सकते हैं. दिन में 1 से 2 कप गुड़हल की चाय का सेवन पर्याप्त माना जाता है. सेवन से पहले रखें सावधानी गुड़हल की चाय का नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है. खासतौर पर गर्भवती महिलाएं, लो ब्लड प्रेशर के मरीज और नियमित दवाइयां लेने वाले लोगों को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए.

भरवां तोरई रेसिपी: घर पर ऐसे तैयार करें एक्जीवी भरवां तोरई, बच्चे भी मांग-मांग कर खाएंगे; विधि नोट करें

भरावन तोरई

15 मई 2026 को 22:10 IST पर अपडेट किया गया भरवां तोरई रेसिपी: अगर आप रोज-रोज एक हल्की सब्जी बोर हो गए हैं, तो इस बार घर पर स्वादिष्ट भरवां तोरई जरूर ट्राई करें. मसाले से भरी यह खट्टी डिश खाने में बेहद टेस्टी लगती है और इसे बनाना भी काफी आसान है। खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए किसी एक्स्ट्रा सामान की जरूरत नहीं पड़ती और आपकी रसोई में मौजूदा सामान से ही यह शानदार रेसिपी तैयार हो जाती है। अनुसरण करना : सामग्री 10 तोराई लाल मिर्च पाउडर आधा आधा हल्दी पाउडर 2 धनिया पाउडर आधा सौंफ़ पाउडर आधा आधा अमचूर पाउडर 4 मिट्टी का तेल एक चुटकुला आधा भाग जीरा 2 बड़े पेज 4 लहसुनिया कलियां स्वाद नमक छवि: फ्रीपिक पहले तोराई को धो लें, छीनकर बीच से प्रभाव काट लें और अंदर का गुदा हटा दें। इस मसाला प्रमोशन में आसानी होगी और सब्जी का स्वाद भी शानदार आएगा। छवि: फ्रीपिक अब कड़ाही में तेल गर्म करें और इसमें हींग व जीरा डालें। इसके बाद कटा प्याज और लहसुन स्टैमिना भून लें। फिर इसमें हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, अमचूर और सौंफ पाउडर मिलाएं। छवि: फ्रीपिक स्वाद मसाला समग्र को अच्छी तरह से पोर्टफोलियो। जब मसाला तेल निकलने लगे, तब समझ लें कि स्टफिंग तैयार है। अब तैयार को हर तोराई के अंदर अच्छे से भर दें। छवि: फ्रीपिक इसके बाद तोराई को गेज से बांध देना ताकि पकाते समय मसाला बाहर न निकले। यह विधि सब्जी को सटीक स्वाद देने में मदद करती है। अब पकी हुई में थोड़ा सा तेल गर्म करें और आटे से भरी तोरी दाल लें। छवि: फ्रीपिक इसके बाद नॉर्थ ईस्ट नॉर्थ ईस्ट नॉर्थ ईस्ट नॉर्थ ईस्ट नॉर्थ ईस्ट नॉर्थ ईस्ट नॉर्थ ईस्ट नॉर्थ ईस्ट पर लागू हुआ। थोड़ी देर बाद तोरई को पलटने का मौका मिला और 5 मिनट बाद तोरी को पलटने का मौका मिला ताकि तोरई अच्छी तरह से गल जाएगी और समान मिल जाए। छवि: फ्रीपिक अब आपकी स्वादिष्ट भरवां तोरई तैयार है। इसे आप गर्मागर्म रोटी, परांठे या पूड़ी के साथ सर्व कर सकते हैं. सब्जी का स्वाद से भरपूर यह सब्जी सभी को बेहद पसंद आएगी। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 15 मई 2026 22:10 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)भरवां तोरई रेसिपी(टी)भरवां तुरई(टी)तोरई रेसिपी(टी)भारतीय सब्जी रेसिपी(टी)भरवां सब्जी रेसिपी(टी)आसान घर का बना रेसिपी(टी)मसाला तोरई(टी)स्वस्थ भारतीय भोजन(टी)दोपहर का भोजन रेसिपी(टी)रात का खाना पकाने की विधि

Tips To get rid of mosquito| worlds deadliest animal: मच्छर भगाने के असरदार उपाय

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Last Updated:May 15, 2026, 21:32 IST National Dengue Day 2026: मच्छर के काटने से हर साल लाखों मौत होती हैं. डेंगू मच्छर के काटने से होने वाली सबसे कॉमन और जानलेवा बीमारी है. इसलिए हर साल 16 मई को नेशनल डेंगू डे के रूप में मनाया जाता है, जिससे लोगों में जागरूकता फैलायी जा सके. इसी कड़ी में मच्छर से बचाव के 5 जरूरी उपायों को यहां हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं. ख़बरें फटाफट दुनिया में एक से बड़े एक आदमखोर खुंखार जानवर हैं. कोई एक बार में साबूत निगलने की क्षमता रखता है, तो कोई एक नाखून से दो हिस्सों में चीर देने की ताकत. लेकिन फिर भी दुनिया के सबसे जानलेवा जानवर की लिस्ट में टॉप पर इनका नामोनिशान नहीं दिखता है. आपको ये जानकर हैरानी हो सकती है कि वर्ल्ड के डेडलिस्ट एनिमल का खिताब मच्छर के पास है. CDC के अनुसार, मच्छर किसी भी अन्य जीव की तुलना में मनुष्यों को अधिक पीड़ा पहुंचाते हैं. विश्व स्तर पर हर साल दस लाख से अधिक लोग मच्छर के काटने से होने वाली बीमारियों से मरते हैं. इसमें में डेंगू, वेस्ट नाइल, ज़िका, चिकनगुनिया, मलेरिया और लिम्फैटिक फाइलेरियासिस जैसी बीमारियां शामिल है. ऐसे में नेशनल डेंगू डे के मौके पर यहां हम आपको ऐसे 5 उपाय बता रहे हैं, जो आपको इनसे बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं. मच्छरों भगाने के असरदार उपाय घर के आसपास पानी जमा न होने देंमच्छर साफ और गंदे दोनों तरह के रुके हुए पानी में पनपते हैं. ऐसे में कूलर, गमले, बाल्टी और टायर जैसी जगहों पर पानी जमा न होने दें. समय-समय पर इन्हें साफ करते रहें. खिड़की और दरवाजों पर जाली लगाएंघर में मच्छरों को आने से रोकने के लिए खिड़कियों और दरवाजों पर महीन जाली लगवाएं. इससे हवा भी आती रहेगी और मच्छर भी अंदर नहीं आएंगे. मच्छर भगाने वाले पौधे लगाएंतुलसी, लैवेंडर, पुदीना और सिट्रोनेला जैसे पौधों की खुशबू मच्छरों को दूर रखने में मदद करती है. इन्हें घर की बालकनी या खिड़की के पास लगाया जा सकता है. रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करेंसोते समय मच्छरदानी लगाना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बहुत फायदेमंद होता है. इससे बिना किसी केमिकल के मच्छरों से बचाव होता है. घर की नियमित सफाई करेंघर के कोनों, पर्दों और फर्नीचर के पीछे धूल और गंदगी जमा न होने दें. साफ-सफाई रखने से मच्छरों के छिपने की जगह कम हो जाती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

बेल का पल्प रोक सकता है स्तन कैंसर, वैज्ञानिकों को मिले पॉजिटिव रिजल्ट

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Last Updated:May 15, 2026, 21:23 IST Patna Mahavir Cancer Center: देश में तेजी से बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर के मामलों के बीच पटना के महावीर कैंसर संस्थान से एक उम्मीद भरी खबर सामने आई है. संस्थान के वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया है कि गर्मियों में इस्तेमाल होने वाले बेल के गूदे में ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो स्तन कैंसर को रोकने में मददगार साबित हो सकते हैं. चूहों पर किए गए परीक्षण में ट्यूमर का आकार सिकुड़ने और खत्म होने जैसे सकारात्मक परिणाम मिले हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि आगे के शोध और क्लीनिकल ट्रायल सफल रहने पर यह खोज कैंसर के सस्ते और प्रभावी इलाज की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है. देश में स्तन कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. बिहार भी इससे अछूता नहीं है. यह गंभीर बीमारी अब केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुरुषों को भी अपनी चपेट में ले रही है. इस चुनौती से निपटने के लिए वैज्ञानिक लगातार नए शोध में जुटे हुए हैं, ताकि सटीक इलाज खोजा जा सके. इसी दिशा में पटना स्थित महावीर कैंसर संस्थान के वैज्ञानिकों ने एक अहम खोज की है. शोध के दौरान गर्मियों में सुपर ड्रिंक माने जाने वाले बेल के गूदे में ऐसे तत्व पाए गए हैं, जो स्तन कैंसर को रोकने में सहायक हो सकते हैं. चूहों पर इसका परीक्षण भी किया गया. इससे पॉजिटिव रिजल्ट सामने आए हैं. इस महत्वपूर्ण शोध में संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार की प्रमुख भूमिका रही है. वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उनके शोध में यह सामने आया है कि बेल के पल्प में ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो कैंसररोधी प्रभाव रखते हैं. इस दावे की पुष्टि के लिए टीम ने चूहों पर प्रयोग किया. रिसर्च के दौरान चूहों को एक विशेष केमिकल दिया गया, जिससे करीब छह महीने में उनके स्तन में ट्यूमर विकसित हो गया. Add News18 as Preferred Source on Google इसके बाद चूहों को मिश्रित मात्रा में बेल का पल्प दिया गया. कुछ समय बाद यह देखा गया कि ट्यूमर का आकार धीरे-धीरे सिकुड़ने लगा और कुछ दिनों बाद पूरी तरह समाप्त हो गया. इसके बाद चूहे पूरी तरह स्वस्थ हो गए. इस शोध के आधार पर वैज्ञानिकों का मानना है कि बेल में ऐसे तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो कैंसर के इलाज में सहायक साबित हो सकते हैं. हालांकि, इस पर अभी और विस्तृत शोध और मानव परीक्षण की आवश्यकता है. उन्होंने आगे बताया कि अब उनकी टीम बेल के पल्प में मौजूद मॉलिक्यूल को अलग यानी आइसोलेट कर दोबारा चूहों पर परीक्षण करेगी. अगर इस चरण में भी पॉजिटिव परिणाम मिलते हैं, तो शोध को पेटेंट कराया जाएगा और प्रकाशित किया जाएगा. इसके बाद अगला चरण मानवों पर क्लीनिकल ट्रायल का होगा, ताकि इसके प्रभाव की विस्तृत जांच की जा सके. उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे शोध में करीब तीन से चार साल का समय लगा है और प्रक्रिया अभी भी जारी है. इस महत्वपूर्ण अध्ययन को इंग्लैंड की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका नेचर जर्नल में भी प्रकाशित किया गया है. उन्होंने जानकारी दी कि शोध के अनुसार बेल के गूदे में कई प्रकार के फाइटोकेमिकल यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें कैरोटेनॉइड, फिनोलिक यौगिक, टैनिन, एल्कलॉइड, टरपेनॉइड, कूमरिन, स्टेरॉयड सैपोनिन, इनुलिन, कार्डियक ग्लाइकोसाइड्स और लिग्निन शामिल हैं. अध्ययन में पाया गया कि ये तत्व कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में सहायक हो सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में कैंसर की दवाएं काफी महंगी हैं. कुछ दवाएं हजारों रुपये की होती हैं, जबकि कई की कीमत लाखों तक पहुंच जाती है. ऐसे में अगर इस शोध से प्रभावी मॉलिक्यूल विकसित हो जाता है, तो ब्रेस्ट कैंसर के इलाज की लागत कम हो सकती है और मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

आज की सरकारी नौकरी:DRDO में भर्ती के लिए आवेदन शुरू; एयरपोर्ट अथॉरिटी में 220 वैकेंसी, इंडियन आर्मी में TGC कोर्स के तहत 30 ओपनिंग्स

आज की सरकारी नौकरी:DRDO में भर्ती के लिए आवेदन शुरू; एयरपोर्ट अथॉरिटी में 220 वैकेंसी, इंडियन आर्मी में TGC कोर्स के तहत 30 ओपनिंग्स

आज की सरकारी नौकरी में जानकारी DRDO में 8 इंटर्न पदों पर निकली भर्ती की, एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट 2026 का नोटिफिकेशन जारी होने की। साथ में इंडियन आर्मी में TGC कोर्स के लिए आवेदन शुरू होने की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. DRDO में 8 इंटर्न पदों पर निकली भर्ती, स्टाइपेंड 30 हजार प्रतिमाह डीआरडीओ के डिफेंस इंजीनियरिंग एंड इलेक्ट्रो मेडिकल लैबोरेटरी (DEBEL) में फुल टाइम इंटर्न के पदों पर भर्ती निकली है। सिलेक्टेड कैंडिडेट्स को 18 जून 2026 तक सिलेक्शन की जानकारी मिलेगी। इंटर्नशिप की टाइम लिमिट 6 महीने होगी। यह भर्ती डेबेल, डीआरडीओ, बेंगलुरु में होगी। इस इंटर्नशिप के लिए आवेदन ऑफलाइन होंगे। 6 महीने की इस इंटर्नशिप को पूरा करने के बाद स्टूडेंट्स को एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा। जिसका इस्तेमाल स्टूडेंट्स आगे जॉब के लिए भी कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एज लिमिट : जारी नहीं इन विषयों के छात्र कर सकते हैं अप्लाई : सिलेक्शन प्रोसेस : मेरिट बेसिस पर स्टाइपेंड : जरूरी डॉक्यूमेंट्स : ऐसे करें आवेदन : इसके बाद फॉर्म को इस पते पर भेजें : डिफेंस बायो इंजीनियरिंग एंड इलेक्ट्रो मेडिकल लैबोरेटरी (DEBEL) एडीई कैंपस, न्यू तिप्पसंद्रा, बेंगलुरू- 560075 ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 2. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया में 220 भर्ती, फ्रेशर को मौका एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया कार्गो लॉजिस्टिक्स एंड एलाइड सर्विसेज कंपनी लिमिटेड (AAICLAS) ने सिक्योरिटी के पदों पर भर्ती निकाली है। यह भर्ती फिक्स्ड टर्म कॉन्ट्रैक्ट (FTC) के आधार पर की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सिक्योरिटी स्क्रीनर (फ्रेशर) और असिस्टेंट (सिक्योरिटी) पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट aaiclas.aero पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सिक्योरिटी स्क्रीनर पद पर चयनित उम्मीदवारों को एयरपोर्ट, कार्गो कॉम्प्लेक्स में सुरक्षा जांच और बैगेज स्क्रीनिंग से जुड़े कार्य करने होंगे। वहीं असिस्टेंट (सिक्योरिटी) पद पर नियुक्त उम्मीदवारों को बैगेज हैंडलिंग, लोडिंग-अनलोडिंग और अन्य मल्टीटास्किंग ऑपरेशनल कामों की जिम्मेदारी दी जाएगी। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर होगी। दोनों पदों के लिए आवेदन की तारीख अलग : पोस्ट वाइज वैकेंसी डिटेल्स : सिक्योरिटी स्क्रीनर (फ्रेशर) – 158 पद : असिस्टेंट (सिक्योरिटी) – 62 पद : सिक्योरिटी स्क्रीनर सैलरी : असिस्टेंट सिक्योरिटी सैलरी : एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : सिक्योरिटी स्क्रीनर (फ्रेशर): असिस्टेंट (सिक्योरिटी): एज लिमिट : सिलेक्शन प्रोसेस : मेरिट आधारित ऑनलाइन इंटरेक्शन के बेसिस पर फीस : ऐसे करें आवेदन : सिक्योरिटी स्क्रीनर ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक असिस्टेंट सिक्योरिटी ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 3. इंडियन आर्मी में TGC कोर्स के लिए आवेदन शुरू, स्टाइपेंड 50 हजार भारतीय सेना ने 144 टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स भर्ती के लिए आवेदन शुरू किए हैं। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए अविवाहित पुरुष उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ट्रेनिंग पीरियड लगभग 12 महीने होगा। यह कोर्स जनवरी 2027 में इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) में शुरू होगा। चयनित उम्मीदवारों को लगभग 12 महीने की प्री-कमीशन ट्रेनिंग दी जाएगी। इंजीनियरिंग की इन ब्रांच के लिए निकली भर्ती : एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर साइंस में बीई, बीटेक या एमएससी की डिग्री। शारीरिक योग्यता : एज लिमिट : स्टाइपेंड : 56,400 रुपए प्रतिमाह सिलेक्शन प्रोसेस : जरूरी डॉक्यूमेंट्स : ऐसे करें आवेदन : ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 4. जनजातीय विकास विभाग, नासिक में भर्ती, 10वीं पास करें अप्लाई महाराष्ट्र के नासिक स्थित जनजातीय विकास विभाग (TDC) द्वारा एकीकृत जनजातीय विकास परियोजनाओं (ITDP) के अंतर्गत चौकीदार पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 18 मई तय की गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : 10वीं पास एज लिमिट : फीस : सिलेक्शन प्रोसेस : सैलरी : 15,000 – 47,600 रुपए प्रतिमाह एग्जाम पैटर्न : ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल वेबसाइट लिंक सरकारी नौकरी की ये खबरें भी पढ़ें बिहार में SAP की 15,821 भर्ती; रेलवे में 11,127 पदों के लिए आवेदन 15 मई से शुरू, बिहार बाल संरक्षण इकाई में 273 ओपनिंग्स आज की सरकारी नौकरी में जानकारी बिहार में विशेष सहायक पुलिस के 15,821 पदों पर भर्ती की, रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट की 11,127 भर्ती के लिए आवेदन 15 मई 2026 से शुरू होने की। साथ में बिहार जिला बाल संरक्षण इकाई में 273 ओपनिंग्स की। पूरी खबर यहां पढ़ें