दावा-पंड्या 22 मई को दूसरी बार शादी करने वाले हैं:माहिका शर्मा के साथ रिलेशनशिप में हैं; दोनों की तरफ से कोई ऐलान नहीं

हार्दिक पंड्या इन दिनों चोट के कारण आईपीएल के कुछ मैच नहीं खेल पाए हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि वो और उनकी गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा शादी कर सकते हैं। हालांकि, दोनों की तरफ से अब तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने दावा किया है कि हार्दिक पंड्या और मॉडल माहिका शर्मा 22 मई को राजस्थान के उदयपुर में शादी करने वाले हैं। वहीं, एक यूजर ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि माहिका लगातार मैचों के दौरान स्टेडियम में मौजूद रहती थीं और हार्दिक मैच खत्म होने के बाद सीधे उनके पास चले जाते थे। पोस्ट में यह भी कहा गया कि टीम की निजी चर्चाएं लीक होने की शिकायत के बाद BCCI ने खिलाड़ियों की गर्लफ्रेंड्स के टीम कैंप में आने पर सख्ती की। दावा किया गया कि हार्दिक इन नियमों से नाराज थे और इसी वजह से शादी का फैसला लिया गया। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इन वायरल पोस्ट्स को फर्जी भी बता रहे हैं। हार्दिक ने 2020 में नताशा स्टेनकोविक से शादी की थी बता दें कि हार्दिक ने मई 2020 में नताशा स्टेनकोविक से शादी की थी। उसी साल नताशा ने बेटे अगस्त्य को 30 जुलाई 2020 को जन्म दिया। साल 2024 में दोनों अलग हो गए। हार्दिक अब माहिका शर्मा को डेट कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने माहिका के नाम के पहले अक्षर का टैटू भी बनवाया है। 2026 टी20 विश्व कप जीत के बाद स्टेडियम में जश्न के दौरान हार्दिक और माहिका साथ नजर आए थे। दोनों का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसमें वे एक-दूसरे के साथ समय बिताते दिखाई दिए थे। वहीं, 19 फरवरी को हार्दिक ने माहिका के जन्मदिन पर इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, “जन्मदिन मुबारक हो मेरी राजकुमारी… मैं तुमसे प्यार करता हूं।”
टॉप-10-कंपनियों में से 9 की वैल्यू ₹3.12 लाख करोड़ घटी:रिलायंस टॉप लूजर रही, वैल्यू ₹1.34 लाख करोड़ घटी; SBI-TCS का मार्केट कैप भी घटा

मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 9 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 3.12 लाख करोड़ रुपए घट गई। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यू सबसे ज्यादा घटी है। रिलायंस की मार्केट वैल्यू ₹1.34 लाख करोड़ घटकर ₹18.08 लाख करोड़ पर आ गई। वहीं SBI की की मार्केट वैल्यू ₹52,245 करोड़ घटकर ₹8.89 लाख करोड़ पर आ गई। इसके अलावा TCS, बजाज फाइनेंस, HDFC बैंक, ICICI बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, HUL और LIC की मार्केट वैल्यू भी घटी है। वहीं बीते हफ्ते सिर्फ भारतीय एयरटेल की मार्केट वैल्यू बढ़ी है। देश की टॉप-10 कंपनियों में से 9 की वैल्यू ₹3.12 लाख करोड़ घटी सोर्स: BSE (11 मई – 15 मई, 2026) बीते हफ्ते सेंसेक्स 2,090 अंक गिरा था पिछले हफ्ते सेंसेक्स 2,090 (2.7%) अंक और निफ्टी 532 (2.2%) अंक गिरा था। वहीं बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को सेंसेक्स 516 अंक की गिरावट के साथ 77,328 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 150 अंकों की गिरावट रही, ये 24,176 पर आ गया। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।
NEET पेपर लीक पर BJP बोली- राहुल भ्रम फैला रहे:कांग्रेस 22 लाख छात्रों के भविष्य पर राजनीति कर रही, हमने तुरंत कार्रवाई की

BJP के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संजय मयूख ने NEET पेपर लीक मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, संवेदनहीन और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। डॉ. मयूख ने कहा कि राहुल गांधी आखिर कब तक सिर्फ खोखले आरोपों और भ्रम फैलाने की राजनीति करते रहेंगे? यह समय देश के लाखों मेधावी छात्रों की पीड़ा को समझने और उनके भविष्य को लेकर संवेदनशील होने का है, न कि इस दुखद परिस्थिति पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का। डॉ. मयूख ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले में अपनी जवाबदेही निभाते हुए तुरंत CBI जांच, प्रभावित छात्रों के लिए री-एग्जाम और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे कई निर्णायक कदम उठाए हैं। ऐसे समय में विपक्ष से एक जिम्मेदार भूमिका की उम्मीद थी। उन्होंने आगे कहा, ”अगर सरकार री-NEET और CBI जांच का फैसला नहीं लेती, तो यही लोग सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते। अब जब सरकार ने त्वरित, ईमानदार और सख्त निर्णय लिए हैं, तो राहुल गांधी की राजनीति का आधार ही कमजोर पड़ गया है।” भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख ने कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले राहुल गांधी को अपने और अपनी पार्टी के कार्यकाल के दौरान हुए अनगिनत पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर देश को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस का इतिहास युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का रहा है जैसे यूपीए शासनकाल में हुए AIPMT पेपर लीक, SSC घोटाले, CBSE पेपर लीक। डॉ. मयूख ने साफ किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है- छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा। पेपर लीक माफियाओं पर “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत देशव्यापी कार्रवाई की जा रही है, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार इस मामले को दबा नहीं रही, बल्कि जड़ से खत्म कर रही है। कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें संलिप्त बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधारे को सलाखों के पीछे भेजा गया है। जयपुर, गुरुग्राम, नासिक सहित देश के कई स्थानों से जुड़े ऑपरेटिव्स और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह लीपापोती नहीं है। यह चुप्पी नहीं है। यह धरातल पर दिखती हुई सख्त कार्रवाई है। राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख ने कहा कि इस संवेदनशील समय में देश के छात्रों और युवाओं को किसी राजनीतिक एजेंडे या भटकाव की नहीं, बल्कि सहयोग, संवेदनशीलता, विश्वास और समर्थन की सबसे अधिक आवश्यकता है। मोदी सरकार देश के हर एक ईमानदार और परिश्रमी छात्र के साथ चट्टान की तरह मजबूती से खड़ी है। सरकार की यह लड़ाई देश के युवाओं के हक के लिए है, और किसी भी पेपर लीक माफिया या राजनीतिक अवसरवादी को बख्शा नहीं जाएगा।
40% More Devotees Than Capacity in Kedarnath, Struggle 12,000 feet above

Hindi News National 40% More Devotees Than Capacity In Kedarnath, Struggle 12,000 Feet Above मनमीत. गौरीकुंड12 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रशासन ने इस बार यात्री क्षमता बढ़ाकर 22 से 24 हजार की है, लेकिन यात्रा के पहले दिन से ही इससे ज्यादा श्रद्धालु आ रहे हैं। इस साल उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम में आ रही बेहिसाब भीड़ और इन्हें संभालने के लिए की गई व्यवस्थाएं चिंता बढ़ा रही हैं। हालात ये हैं कि समुद्र तल से 12 हजार फीट ऊपर हजारों श्रद्धालु रोज दर्शन के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं, क्योंकि हर दिन औसतन 25 हजार श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि इस बार यात्री क्षमता बढ़ाकर 22 से 24 हजार की है, लेकिन यात्रा के पहले दिन से ही इससे ज्यादा श्रद्धालु आ रहे हैं। इसलिए घोड़ा पड़ाव से मंदिर तक मौजूद सभी दुकानें, टेंट, गेस्ट हाउस, छोटे लॉज सब हाउसफुल हैं और इमरजेंसी में रुकना पड़े तो एक कमरे का रात का किराया 5 से 10 हजार रुपए तक जा रहा है। 5 बाय तीन के टेंट भी बमुश्किल 2 से 6 हजार रुपए में मिल पा रहे हैं। वहीं, 21 किमी नीचे गौरीकुंड और सोनप्रयाग में भी ऐसे ही हालात हैं। रुकने के लिए बजट वाली जगह मिलने में मुश्किल आ रही है। यूं कहें कि केदारनाथ धाम इस समय चारधाम यात्रा के इतिहास के सबसे अधिक श्रद्धालुओं का गवाह बन रहा है। बीते 25 दिन में रिकॉर्ड 5.50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आ चुके हैं। दर्शन के लिए आधी रात से लाइन लगनी शुरू होती है, जो दिनभर में भी 1 से 2 किमी लंबी बनी रहती है। यदि सुबह 4 बजे लाइन में लगे तो 8 से 10 घंटे बाद ही मंदिर तक पहुंच पाते हैं। 21 किमी चढ़ाई के बाद डेढ़ किमी लंबी लाइन। बीकानेर से 12 सदस्यीय परिवार के साथ आए सुरेश पारिख ने बताया कि ऊपर एक कमरे का 20 हजार रु. मांग रहे थे, मोलभाव के बाद 12 हजार में बात बनी। सारा कैश कमरा और भोजन में खत्म हो गया। सुबह चार बजे दर्शन के लिए लाइन में लगे तो दोपहर एक बजे मंदिर पहुंच पाए। दर्शन भी बाहर से हुए। रुकना चाहते थे, लेकिन बजट नहीं था तो लौटना पड़ा। दरअसल, शिवलिंग को स्पर्श करने का समय सुबह 4 से दोपहर 12 बजे तक तय किया गया है। इसके बाद भोजन, हवन, शृंगार के लिए मंदिर के कपाट बंद कर देते हैं। इसलिए हर श्रद्धालु इससे पहले ही दर्शन के लिए जद्दोजहद कर रहा है। पिछले साल केदारनाथ धाम की कैरिंग कैपेसिटी यानी वहन क्षमता मात्र 13 हजार थी, जो इस बार बढ़ाई गई है। सिर्फ 12 नई जगह ज्यादा संख्या में टेंट लगवाए गए हैं। कुछ नई इमारतें भी बनी हैं, जिनमें ऑन स्पॉट जगह होने पर ही रुकने की सुविधा मिल पाती है। ऊपर से एक किमी क्षेत्र में करीब 500 छोटी-छोटी दुकानें हैं, जिनमें दो से तीन लोग खुद रुकते हैं। इस तरह घोड़ा पड़ाव से मंदिर तक हरेक जगह हाउसफुल बनी हुई है। लंबी लाइनों में थकान और झुंझलाहट के कारण यात्रियों के बीच विवाद आम हो गए हैं। मई के अंत से स्कूलों की छुट्टियां पड़ने पर धाम में भीड़ और अधिक बढ़ने का अनुमान है। भीड़ ने यात्रा का स्वरूप बिगाड़ा केदारसभा- केदारसभा मंदिर समिति के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने बताया कि इस बार भीड़ यात्रा का स्वरूप बिगाड़ रही है। धाम की मर्यादा, यात्रियों व व्यापारियों की सुविधाओं पर प्रभाव पड़ रहा है। वहीं, उखीमठ के उपजिलाधिकारी अनिल राणा ने बताया कि दर्शन के समय को लेकर हो रही परेशानी दूर करने के लिए नई व्यवस्था बना रहे हैं। समस्या क्यों – 12 घंटे की चढ़ाई के बाद 8-10 घंटे दर्शन में लग रहे, तुरंत लौटना मुश्किल, इसलिए रात ऊपर ही बिताने की मजबूरी, अगले दिन फिर नई भीड़। 2500 रुपए में वीआईपी दर्शन, इससे आम लोगों का इंतजार बढ़ रहा – दर्शन का इंतजार वीआईपी व्यवस्था के कारण भी बिगड़ा है। हेलीकॉप्टर से आने वाले श्रद्धालु मंदिर समिति को 2500 रु. शुल्क देते हैं, इसलिए उन्हें गर्भगृह में पहले जाने दे रहे। इस कारण बाहर लाइन में लगे श्रद्धालुओं के दर्शन का इंतजार बढ़ जाता है। – केदार धाम में इतनी भीड़ के लिए शौचालय की संख्या बहुत कम पड़ रही है। सुलभ इंटरनेशनल के प्रभारी धनंजय पाठक के मुताबिक 239 शौचालय ही हैं। अब 60 नए बना रहे हैं। 412 सफाईकर्मी हैं, जो कई बार 20-20 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
सात्विक-चिराग की जोड़ी थाईलैंड ओपन का फाइनल हारी:इंडोनेशियाई जोड़ी ने 12-21, 25-23 से हराया, इस सीजन एक भी टाइटल नहीं जीते

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भारतीय जोड़ी को थाईलैंड ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में करारी हार झेलनी पड़ी है। उन्हें रविवार को इंडोनेशिया के लियो रोली कार्नांडो और डेनियल मार्टिन को फाइनल में 12-21, 21-25 से हराया। दुनिया की चौथे नंबर की भारतीय जोड़ी (सात्विक-चिराग) ने मैच में कुल 4 चैंपियनशिप पॉइंट बचाए। लेकिन 53 मिनट तक चले इस रोमांचक मैच में वे खेल को तीसरे गेम तक नहीं ले जा सके। यह जोड़ी सीजन में पहली बार फाइनल में पहुंची है। इसने 2019 और 2024 में इस टूर्नामेंट का खिताब जीत चुके हैं। इस हार के बाद सात्विक-चिराग का इस सीजन में पहला खिताब जीतने का इंतजार और बढ़ गया है। 2 पॉइंट्स में फाइनल का रोमांच सेमीफाइनल में मलेशियाई जोड़ी को 82 मिनट में हराया था दुनिया की चौथे नंबर की भारतीय जोड़ी ने शनिवार को सेमीफाइनल में मलेशिया के गोह स्जे फी और नूर इज्जुद्दीन को 19-21, 22-20, 21-16 से हराया। यह मुकाबला 82 मिनट तक चला। सात्विक-चिराग का अभियान, अब तक अजेय रहे सात्विक-चिराग की जोड़ी इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक एक भी मैच नहीं गंवाया था। उसने राउंड ऑफ 32 में इंडोनेशिया, राउंड ऑफ 16 में मलेशिया, क्वार्टर फाइनल में जापान और सेमीफाइनल में मलेशिया की जोड़ी हो हराया था। क्या होता है BWF सुपर 500 टूर्नामेंट? BWF के वर्ल्ड टूर का ग्रेड-2 टूर्नामेंट है। दुनिया के टॉप शटलर्स यहां रैंकिंग अंक और बड़े टूर्नामेंट्स के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करने के लिए से खेलते हैं। एक कैलेंडर इयर में दुनिया भर में 9 सुपर 500 टूर्नामेंट आयोजित होते हैं। इनमें इनामी राशि और रैंकिंग पॉइट्स मिलते हैं।
Satwik-Chirag Lose Thailand Open Final to Indonesia Pair

बैंकॉक9 मिनट पहले कॉपी लिंक सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय जोड़ी को थाईलैंड ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में हार झेलनी पड़ी। उन्हें रविवार को इंडोनेशिया के लियो रोली कार्नांडो और डेनियल मार्टिन ने 21-12, 25-21 से हराया। दुनिया की चौथे नंबर की भारतीय जोड़ी सात्विक-चिराग ने मैच में 4 चैंपियनशिप पॉइंट बचाए। हालांकि, 53 मिनट चले मुकाबले को वे तीसरे गेम तक नहीं ले जा सके। यह जोड़ी इस सीजन पहली बार फाइनल में पहुंची थी। सात्विक-चिराग 2019 और 2024 में यह टूर्नामेंट जीत चुके हैं। इस हार के बाद उनका इस सीजन पहला खिताब जीतने का इंतजार बढ़ गया है। 2 पॉइंट्स में फाइनल का रोमांच पहला गेम (12-21): पहला गेम (12-21): शुरुआत में भारतीय जोड़ी लय में नहीं दिखी। चिराग को सर्विस में संघर्ष करना पड़ा, जिससे इंडोनेशियाई जोड़ी ने बढ़त बना ली। सात्विक-चिराग की नेट पर गलतियों का फायदा उठाकर लियो और डैनियल ने पहला गेम आसानी से जीत लिया। दूसरा गेम (23-25): दूसरा गेम (23-25): सात्विक-चिराग ने दमदार वापसी करते हुए 11-9 की बढ़त बनाई। इसके बाद स्कोर 14-14 से 19-19 तक बराबरी पर रहा। भारतीय जोड़ी ने 4 मैच पॉइंट हासिल किए, लेकिन इंडोनेशियाई खिलाड़ियों ने स्कोर 20-20 कर दिया। सात्विक-चिराग ने लगातार 4 चैंपियनशिप पॉइंट बचाए, लेकिन हार नहीं टाल सके। सेमीफाइनल में मलेशियाई जोड़ी को 82 मिनट में हराया था दुनिया की चौथे नंबर की भारतीय जोड़ी ने शनिवार को सेमीफाइनल में मलेशिया के गोह स्जे फी और नूर इज्जुद्दीन को 19-21, 22-20, 21-16 से हराया। मुकाबला 82 मिनट तक चला। सात्विक और चिराग ने पहला गेम 19-21 से गंवा दिया। सात्विक-चिराग का अभियान, अब तक अजेय रहे सात्विक-चिराग की जोड़ी सेमीफाइनल तक अजेय रही थी। उसने राउंड ऑफ 32 में इंडोनेशिया, राउंड ऑफ 16 में मलेशिया, क्वार्टर फाइनल में जापान और सेमीफाइनल में मलेशिया की जोड़ी को हराया था। क्या होता है BWF सुपर 500 टूर्नामेंट? यह BWF वर्ल्ड टूर का ग्रेड-2 टूर्नामेंट है। दुनिया के टॉप शटलर्स यहां रैंकिंग अंक और बड़े टूर्नामेंट्स के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करने खेलते हैं। एक कैलेंडर वर्ष में दुनिया भर में 9 सुपर 500 टूर्नामेंट आयोजित होते हैं। इनमें इनामी राशि और रैंकिंग पॉइंट्स मिलते हैं। —————————————————– थाईलैंड ओपन से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सात्विक-चिराग थाईलैंड ओपन के फाइनल में:मलेशियाई जोड़ी को 82 मिनट में हराया बैंकॉक में खेले जा रहे थाईलैंड ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी फाइनल में पहुंच गए हैं। दुनिया की चौथे नंबर की भारतीय जोड़ी ने शनिवार को सेमीफाइनल में मलेशिया के गोह स्जे फी और नूर इज्जुद्दीन को 19-21, 22-20, 21-16 से हराया। यह मुकाबला 82 मिनट तक चला। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
गर्मी में डायबिटीज के मरीज भूलकर भी न करें ये गलती! डॉक्टर की खास सलाह, देखें वीडियो

X गर्मी में डायबिटीज के मरीज भूलकर भी न करें ये गलती! डॉक्टर की खास सलाह, देखें Diabetes Summer Care Tips: जोधपुर के एमडीएम अस्पताल के मधुमेह विशेषज्ञ डॉक्टर रौनक गांधी के अनुसार, भीषण गर्मी में डायबिटीज मरीजों के लिए डिहाइड्रेशन का खतरा काफी बढ़ जाता है. शरीर में शुगर का स्तर बढ़ने पर ग्लूकोज के साथ पानी भी पेशाब के जरिए अधिक बाहर निकलता है. इसके अलावा, डापा और एम्पा ग्लिफ्लोज़िन जैसी दवाइयाँ लेने वाले मरीजों में भी यूरिन की मात्रा बढ़ने से पानी की कमी हो सकती है. इससे बचाव के लिए डॉक्टर ने मरीजों को बिना प्यास लगे भी समय-समय पर पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और नियमित शुगर जांच की सलाह दी है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पाकिस्तान के लाहौर में 9 जगहों के इस्लामी नाम बदले:इस्लामपुरा अब कृष्णनगर, बाबरी चौक फिर से जैन मंदिर चौक, मुस्तफाबाद का नाम धर्मपुरा हुआ

अमृतसर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लाहौर दशकों तक इस्लामीकरण के शिकंजे में रहने के बाद जड़ों की ओर लौट रहा है। दो महीने के भीतर लाहौर में 9 जगहों के इस्लामी नाम फिर से मूल हिंदू या ब्रिटिश विरासत पर रखे गए हैं। इनमें इस्लामपुरा अब अपने पुराने नाम कृष्णनगर और बाबरी मस्जिद चौक अब पुराने जैन मंदिर चौक के नाम से आधिकारिक रूप से जाना जाएगा। इनके बोर्ड भी लगा दिए गए हैं। खास बात यह भी है कि इस बदलाव के खिलाफ वहां कोई कट्टरपंथी मोर्चा भी नहीं खोल पाया। पंजाब सूबे की सीएम मरियम नवाज के अनुसार परकोटा शहर लाहौर के आठों दरवाजे जिनमें दिल्ली गेट भी शामिल है उसका भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार नाम परिवर्तन के दूसरे चरण में पाकिस्तान के सिंध और खैबर पखतूनख्वाह प्रांतों में भी मूल नामों का ऐलान किया जा सकता है। जैन मंदिर… नाम से ईमान पर आंच नहीं जैन मंदिर के पास के अनारकली इलाके के मौलाना वाजिद कादरी का मानना है कि इस्लाम को किसी मंदिर या गुरुद्वारे से समस्या नहीं है। 1990 के दशक में जैन मंदिर चौक का नाम बदलकर बाबरी मस्जिद चौक कर दिया गया। ये सियासी फैसला था। हमने कभी इसे बाबरी मस्जिद चौक नहीं बोला। हमें यह समझना होगा कि जिन पूर्वजों ने ये हिंदू नाम रखे थे, वे भी मुसलमान ही थे, और इससे उनके ईमान पर आंच नहीं आई थी। लक्ष्मी चौक… हमारी विरासत का हिस्सा लाहौर की बीकनहाउस यूनिवर्सिटी के लेक्चरर साद मलिक कहते हैं, यह वाकई सुखद बदलाव है। मैं इसे हमेशा लक्ष्मी चौक ही कहता रहा, क्योंकि मेरे पिता इसे इसी नाम से बुलाते थे। साद कहते हैं म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने अपने कागजों में भले ही इसका नाम मौलाना जफर अली चौक कर दिया हो, लेकिन मेरे और मेरे जैसे कई लोगों के लिए लक्ष्मी चौक उस विरासत का हिस्सा है, जिसे जफर अली खान के नाम से कोई लेना-देना नहीं है। लक्ष्मी चौक पीढ़ियों से जुड़ा हुआ नाम है। नवाज के दौर में बदले थे कई नाम…बेटी अब दुरुस्त कर रही; इमरान खान को नाम बदली से परहेज था नाम बदलने का दौर कब शुरू हुआ? पाक के पूर्व पीएम नवाज शरीफ और पंजाब की सीएम मरियम नवाज ने 19 मार्च को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इसमें लाहौर हेरिटेज एरिया रिवाइवल (LHAR) प्रोजेक्ट पर चर्चा हुई। लाहौर के नए नामों को फिर से पुराने हिंदू या ब्रिटिश विरासत के दौर के नाम पर रखने का फैसला लिया गया था। नवाज शरीफ का कहना था कि हमें यूरोप से सीख लेनी चाहिए। वे ऐतिहासिक नामों से छेड़छाड़ नहीं करते हैं। लाहौर के पुराने नाम हमारा इतिहास है, इसे हमें सहेजना है, बदलना नहीं है। मरियम का कहना था कि लाहौर का इतिहास ही इसकी पहचान है। पुराने नाम और इमारतें इसका सबूत हैं। कट्टरपंथियों का क्या रवैया रहा? कट्टरपंथ के नाम पर सड़कों पर उत्पात मचाने के लिए कुख्यात तहरीक-लब्बैक-पाकिस्तान (TLP) को मरियम सरकार ने बैन कर रखा है। इसलिए कोई विरोध नहीं हुआ। लश्कर-ए-तैयबा ने भी मूल नाम रखने का कोई विरोध नहीं किया है। नाम बदली किसके दौर में हुई? लाहौर में नाम बदलने की कवायद 1990 के दशक में बाबरी मस्जिद के ढांचे को गिराने के बाद हुई। उस दौर में केंद्र में नवाज शरीफ, फिर बेनजीर और परवेज मुशर्रफ की सरकारें रहीं। 2018 से 2022 तक पीएम रहे इमरान खान के समय में नाम बदलने का दौर नहीं चला।
खीरा भंडारण युक्तियाँ: खीरा भंडारण करने का सही तरीका क्या है? ना करें ये सॉफ्ट, फ़रिश्ते में भी मोनोकर हो जाएगा ख़राब

17 मई 2026 को 13:20 IST पर अपडेट किया गया लोग अक्सर बाज़ार से खेडा खरीदकर सीधे फ़र्ज़ी में रख देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आम औषधि आपके समय से पहले खराब, बेजान और बेकार हो सकती है? असल में, खेडा बहुत अधिक ठंडक निरीक्षण नहीं कर पाता। अगर आप भी लंबे समय तक फिश और क्रैंची रखना चाहते हैं तो इन आसान टिप्स को जरूर अपनाएं। अनुसरण करना : खेड़ा स्टोर करने से पहले उसे अच्छी तरह से साफ करना जरूरी है ताकि किताबें न लगें। बाजार से सामान के बाद खेडों को पानी से इकट्ठा करना। उन्हें स्टोर करने से पहले पूरी तरह से सुखा लें। छवि: मेटा एआई प्लास्टिक को प्लास्टिक की ट्रॉली में सीधे न रखें। उन्हें पेपर तौलिया या सूती कपड़े में लपेटकर रखें। छवि: मेटा एआई सूखे को क्रिस्पर ड्राअर के बजाय फ़्रिज़ के ऊपरी प्रोटोटाइप पर रखा गया। इसके बिल्कुल पीछे सटाकर न रखें, वहां सबसे ज्यादा ठंड होती है। छवि: मेटा एआई मिठाई को कभी भी टमाटर, सेब या केले के साथ न रखें। ये फल एथिलीन गैस के बर्तन हैं जिनसे खेडा जल्दी पीला पड़ जाता है और दागने लगता है। छवि: मेटा एआई अगर आप जिप-लॉक बैग में जिप-लॉक बैग रख रहे हैं, तो इसमें एक स्टील का डिजिटल डिजायन भी शामिल है। इससे पहले सप्ताह भर तक ताज़ा बना रहता है। छवि: मेटा एआई द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 17 मई 2026 13:20 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)खीरा भंडारण युक्तियाँ(टी)अंग्रेजी: खीरे को कैसे स्टोर करें(टी)खीरे को ताजा रखें(टी)खीरा फ्रिज में रखें(टी)ग्रीष्मकालीन रसोई युक्तियाँ(टी)खीरे को खराब होने से बचाएं(टी)कागज तौलिया विधि(टी)प्लास्टिक रैप भंडारण
दूसरा टेस्ट- पाकिस्तान ने लंच तक 4 विकेट गंवाए:बाबर-सलमान क्रीज पर; तस्कीन ने ओपनर्स को पवेलियन भेजा

पाकिस्तान के बांग्लादेश दौरे का दूसरा टेस्ट सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। रविवार को मैच के दूसरे दिन पाकिस्तान ने लंच तक 96 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। बाबर आजम और सलमान आगा क्रीज पर हैं। दिन की शुरुआत में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने ओपनर अब्दुल्लाह फजल को 9 और अजान ओवैस को 13 रन पर आउट किया। मेजबान बांग्लादेश मैच पर नियंत्रण बनाए हुए है। पाकिस्तान अभी भी बांग्लादेश की पहली पारी के 278 रन से 182 रन पीछे है। मेजबान टीम पहली पारी में 278 रन पर ऑलआउट हुई थी। पहला टेस्ट हारने के बाद पाकिस्तान के लिए सीरीज बराबर करने के लिहाज से यह मुकाबला अहम है। तस्कीन अहमद ने आते ही झटके दो विकेट पाकिस्तान ने 21/0 के स्कोर से खेल शुरू किया। लेकिन बांग्लादेश के तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद (2-30) ने पहले दो ओवरों में ही दोनों ओपनर्स को पवेलियन भेजकर पाकिस्तान को संकट में डाल दिया। पहले टेस्ट में 2 अर्धशतक लगाने वाले अब्दुल्ला फजल 9 रन बनाकर विकेटकीपर लिटन दास को कैच दे बैठे। वहीं, ढाका टेस्ट के शतकवीर अजान ओवैस को तस्कीन ने स्विंग गेंद पर शॉर्ट-लेग में मोमिनुल हक के हाथों कैच कराया। मेहदी हसन ने तोड़ी साझेदारी शुरुआती झटकों के बाद कप्तान शान मसूद और बाबर आजम ने पारी संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 38 रन की साझेदारी हुई, लेकिन ऑफ स्पिनर मेहदी हसन (2-14) ने यह जोड़ी तोड़ दी। शान मसूद (21 रन) मेहदी की शॉर्ट गेंद पर शॉर्ट कवर में कैच आउट हुए। इसके बाद मेहदी ने सऊद शकील (8 रन) को भी आउट कर पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दीं। बाबर आजम पर टिकीं उम्मीदें बाएं घुटने की चोट के कारण पहला टेस्ट नहीं खेल सके बाबर आजम एक छोर पर टिके हुए हैं। लंच तक बाबर 37 रन बनाकर नाबाद हैं, जबकि आगा सलमान 6 रन पर खेल रहे हैं। पाकिस्तान को मैच में बनाए रखने की जिम्मेदारी अब इस जोड़ी पर है। ————————————————— सिलहट टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… हसन अली के सिर में चोट, स्ट्रेचर पर बाहर गए; ठीक होने पर दोबारा गेंदबाजी की पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हसन अली को बांग्लादेश के खिलाफ आज से शुरू हुए दूसरे टेस्ट के दौरान सिर पर चोट गई। इसके बाद उन्हें स्ट्रेचर से मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। हालांकि, पाकिस्तान टीम के लिए राहत की बात यह रही कि वे कुछ समय बाद ही मैदान पर लौट आए और दोबारा गेंदबाजी शुरू कर दी। पढ़ें पूरी खबर








