पाकिस्तान के लाहौर में 9 जगहों के नाम बदले गए:लाहौर का इस्लामपुरा अब कृष्णनगर, बाबरी चौक फिर से जैन मंदिर चौक

पाकिस्तान के पंजाब सूबे में कहावत है ‘जिन्ने लाहौर नहीं वेख्या, ओ जमिया ही नहीं’ (जिसने लाहौर नहीं देखा, उसका जन्म ही नहीं हुआ)। अमृतसर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लाहौर दशकों तक इस्लामीकरण के शिकंजे में रहने के बाद जड़ों की ओर लौट रहा है। दो महीने के भीतर लाहौर में 9 जगहों के इस्लामी नाम फिर से मूल हिंदू या ब्रिटिश विरासत पर रखे गए हैं। इनमें इस्लामपुरा अब अपने पुराने नाम कृष्णनगर और बाबरी मस्जिद चौक अब पुराने जैन मंदिर चौक के नाम से आधिकारिक रूप से जाना जाएगा। इनके बोर्ड भी लगा दिए गए हैं। खास बात यह भी है कि इस बदलाव के खिलाफ वहां कोई कट्टरपंथी मोर्चा भी नहीं खोल पाया। पंजाब सूबे की सीएम मरियम नवाज के अनुसार परकोटा शहर लाहौर के आठों दरवाजे जिनमें दिल्ली गेट भी शामिल है, उसका भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार नाम परिवर्तन के दूसरे चरण में पाकिस्तान के सिंध और खैबर पख्तूनख्वाह प्रांतों में भी मूल नामों का ऐलान किया जा सकता है। इनके मूल नाम फिर बहाल – इस्लामपुरा फिर से कृष्णनगर – सुन्नतनगर फिर से संतनगर – मौलाना जफर चौक फिर से लक्ष्मी चौक – बाबरी मस्जिद चौक फिर से जैन मंदिर चौक – मुस्तफाबाद फिर से धर्मपुरा – सर आगा खान चौक फिर से डेविस रोड – अल्लामा इकबाल रोड फिर से जेल रोड – फातिमा जिन्ना रोड फिर से क्वींस रोड – बाग-ए-जिन्ना फिर से लॉरेंस रोड – मुस्तफाबाद को भी फिर से मिला पुराना नाम धर्मपुरा लक्ष्मी चौक… हमारी विरासत का हिस्सा लाहौर की बीकनहाउस यूनिवर्सिटी के लेक्चरर साद मलिक कहते हैं- यह वाकई सुखद बदलाव है। मैं इसे हमेशा लक्ष्मी चौक ही कहता रहा, क्योंकि मेरे पिता इसे इसी नाम से बुलाते थे। साद कहते हैं म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने अपने कागजों में भले ही इसका नाम मौलाना जफर अली चौक कर दिया हो, लेकिन मेरे और मेरे जैसे कई लोगों के लिए लक्ष्मी चौक उस विरासत का हिस्सा है, जिसे जफर अली खान के नाम से कोई लेना-देना नहीं है। लक्ष्मी चौक पीढ़ियों से जुड़ा हुआ नाम है। जैन मंदिर… नाम से ईमान पर आंच नहीं जैन मंदिर के पास के अनारकली इलाके के मौलाना वाजिद कादरी का मानना है कि इस्लाम को किसी मंदिर या गुरुद्वारे से समस्या नहीं है। 1990 के दशक में जैन मंदिर चौक का नाम बदलकर बाबरी मस्जिद चौक कर दिया गया। ये सियासी फैसला था। हमने कभी इसे बाबरी मस्जिद चौक नहीं बोला। हमें यह समझना होगा कि जिन पूर्वजों ने ये हिंदू नाम रखे थे, वे भी मुसलमान ही थे, और इससे उनके ईमान पर आंच नहीं आई थी। वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है नवाज के दौर में बदले थे कई नाम…बेटी अब दुरुस्त कर रही; इमरान खान को नाम बदली से परहेज था नाम बदलने का दौर कब शुरू हुआ? पाक के पूर्व पीएम नवाज शरीफ और पंजाब की सीएम मरियम नवाज ने 19 मार्च को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इसमें लाहौर हेरिटेज एरिया रिवाइवल (एलएचएआर) प्रोजेक्ट पर चर्चा हुई। लाहौर के नए नामों को फिर से पुराने हिंदू या ब्रिटिश विरासत के दौर के नाम पर रखने का फैसला लिया गया था। नवाज और मरियम का क्या कहना था? नवाज शरीफ का कहना था कि हमें यूरोप से सीख लेनी चाहिए। वे ऐतिहासिक नामों से छेड़छाड़ नहीं करते हैं। लाहौर के पुराने नाम हमारा इतिहास हैं, इसे हमें सहेजना है, बदलना नहीं है। मरियम का कहना था कि लाहौर का इतिहास ही इसकी पहचान है। पुराने नाम और इमारतें इसका सबूत हैं। कट्टरपंथियों का क्या रवैया रहा? कट्टरपंथ के नाम पर सड़कों पर उत्पात मचाने के लिए कुख्यात तहरीक-लब्बैक-पाकिस्तान (टीएलपी) को मरियम सरकार ने बैन कर रखा है। इसलिए कोई विरोध नहीं हुआ। लश्कर-ए-तैयबा ने भी मूल नाम रखने का कोई विरोध नहीं किया है। नाम बदली किसके दौर में हुई? लाहौर में नाम बदलने की कवायद 1990 के दशक में बाबरी मस्जिद के ढांचे को गिराने के बाद हुई। उस दौर में केंद्र में नवाज शरीफ, फिर बेनजीर और परवेज मुशर्रफ की सरकारें रहीं। 2018 से 2022 तक पीएम रहे इमरान खान के समय में नाम बदलने का दौर नहीं चला।
Man City Wins FA Cup

Hindi News Sports Man City Wins FA Cup | Chelsea 0 1 Antony Semengo Back Heel Goal लंदन10 मिनट पहले कॉपी लिंक ’72वां मिनट…एर्लिंग हालांड का सटीक क्रॉस…एंटोनी सेमेन्यो ने तेजी से दौड़ते हुए गेंद को एड़ी से फ्लिक कर दिया। चेल्सी के गोलकीपर रॉबर्ट सांचेज ने चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए हवा में छलांग लगाई, लेकिन गोल नहीं रोक सके।’ सेमेन्यो के इस हैरतअंगेज गोल ने शनिवार को मैनचेस्टर सिटी को एफए कप का नया चैंपियन बना दिया। 155 साल पुराने इस टूर्नामेंट में शायद ही कोई फाइनल इतने शानदार गोल से जीता गया हो। वेम्बली स्टेडियम में सिटी ने चेल्सी को 1-0 से हराया। टीम के पास इस सीजन में ‘डोमेस्टिक ट्रेबल’ का मौका है। ट्रॉफी के साथ जीत सेलिब्रेट करते हुए एंटोनी सेमेन्यो। 72वें मिनट में आया ‘मैजिक मोमेंट’ पहला हाफ गोल रहित रहने के बाद दोनों टीमें लगातार गोल की कोशिश कर रही थीं, लेकिन, गोल के मौके नहीं बन रहे थे। तभी 72वें मिनट में घाना के फॉरवर्ड सेमेन्यो की बूट से गोल आया। यह उनका 10वां गोल है। वे टीम को दो ट्रॉफियां जिताने में मदद कर चुके हैं। गार्डियोला की 35वीं बड़ी ट्रॉफी मैनचेस्टर सिटी के मैनेजर पेप गार्डियोला के लिए यह जीत बड़ा मील का पत्थर है। सिटी के साथ 10 साल में यह उनकी 17वीं बड़ी ट्रॉफी, जबकि करियर की कुल 35वीं बड़ी ट्रॉफी है। सिटी ने आठवीं बार एफए कप जीतकर चेल्सी, लिवरपूल और टॉटेनहम के साथ संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। आर्सेनल 14 खिताबों के साथ टॉप पर है। चेल्सी के लिए संकटों से भरा रहा सीजन इस हार के बाद पूर्व क्लब विश्व कप चैंपियन चेल्सी इस सीजन ट्रॉफी नहीं जीत सकेगी। साल की शुरुआत से दो कोच बर्खास्त करने के बाद टीम नए अंतरिम कोच कैलम मैक्फर्लेन के मार्गदर्शन में उतरी थी। सीनियर टीम के साथ यह उनका सिर्फ सातवां मैच था। मैच से पहले चेल्सी फैंस ने अमेरिकी मालिकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। सिल्वा-स्टोन्स की विदाई मैच के बाद सिटी फैंस ने क्लब का एंथम ‘ब्लू मून’ गाकर जश्न मनाया। यह मुकाबला बर्नार्डो सिल्वा और जॉन स्टोन्स के लिए भावुक रहा, क्योंकि दोनों सीजन के अंत में क्लब छोड़ रहे हैं। सिल्वा ने कहा, ‘जब से मैं यहां आया हूं, हमने 20 ट्रॉफियां जीती हैं, जो कि बुरा रिकॉर्ड नहीं है। मैं मैनचेस्टर सिटी से बहुत प्यार करता हूं।’ ——————————————————————– फुटबॉल से जुड़ी यह खबर पढ़िए… रोनाल्डो की टीम एशियन चैंपियंस लीग 2 का फाइनल हारी दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो की टीम अल नासिर एशियाई चैंपियंस लीग 2 का फाइनल हार गई। जापान के क्लब गाम्बा ओसाका ने उसे 1-0 से हराया। दिसंबर 2022 में अल नासिर से जुड़े रोनाल्डो के पास हाफटाइम से पहले बराबरी का सुनहरा मौका था, लेकिन जोआओ फेलिक्स के क्रॉस पर उनका क्लोज-रेंज हेडर गोलपोस्ट के बाहर चला गया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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Hindi News Sports Man City Wins FA Cup | Chelsea 0 1 Antony Semengo Back Heel Goal लंदन25 मिनट पहले कॉपी लिंक ’72वां मिनट…एर्लिंग हालांड का सटीक क्रॉस…एंटोनी सेमेन्यो ने तेजी से दौड़ते हुए गेंद को एड़ी से फ्लिक कर दिया। चेल्सी के गोलकीपर रॉबर्ट सांचेज ने चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए हवा में छलांग लगाई, लेकिन गोल नहीं रोक सके।’ सेमेन्यो के इस हैरतअंगेज गोल ने शनिवार को मैनचेस्टर सिटी को एफए कप का नया चैंपियन बना दिया। 155 साल पुराने इस टूर्नामेंट में शायद ही कोई फाइनल इतने शानदार गोल से जीता गया हो। वेम्बली स्टेडियम में सिटी ने चेल्सी को 1-0 से हराया। टीम के पास इस सीजन में ‘डोमेस्टिक ट्रेबल’ का मौका है। ट्रॉफी के साथ जीत सेलिब्रेट करते हुए एंटोनी सेमेन्यो। 72वें मिनट में आया ‘मैजिक मोमेंट’ पहला हाफ गोल रहित रहने के बाद दोनों टीमें लगातार गोल की कोशिश कर रही थीं, लेकिन, गोल के मौके नहीं बन रहे थे। तभी 72वें मिनट में घाना के फॉरवर्ड सेमेन्यो की बूट से गोल आया। यह उनका 10वां गोल है। वे टीम को दो ट्रॉफियां जिताने में मदद कर चुके हैं। गार्डियोला की 35वीं बड़ी ट्रॉफी मैनचेस्टर सिटी के मैनेजर पेप गार्डियोला के लिए यह जीत बड़ा मील का पत्थर है। सिटी के साथ 10 साल में यह उनकी 17वीं बड़ी ट्रॉफी, जबकि करियर की कुल 35वीं बड़ी ट्रॉफी है। सिटी ने आठवीं बार एफए कप जीतकर चेल्सी, लिवरपूल और टॉटेनहम के साथ संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। आर्सेनल 14 खिताबों के साथ टॉप पर है। चेल्सी के लिए संकटों से भरा रहा सीजन इस हार के बाद पूर्व क्लब विश्व कप चैंपियन चेल्सी इस सीजन ट्रॉफी नहीं जीत सकेगी। साल की शुरुआत से दो कोच बर्खास्त करने के बाद टीम नए अंतरिम कोच कैलम मैक्फर्लेन के मार्गदर्शन में उतरी थी। सीनियर टीम के साथ यह उनका सिर्फ सातवां मैच था। मैच से पहले चेल्सी फैंस ने अमेरिकी मालिकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। सिल्वा-स्टोन्स की विदाई मैच के बाद सिटी फैंस ने क्लब का एंथम ‘ब्लू मून’ गाकर जश्न मनाया। यह मुकाबला बर्नार्डो सिल्वा और जॉन स्टोन्स के लिए भावुक रहा, क्योंकि दोनों सीजन के अंत में क्लब छोड़ रहे हैं। सिल्वा ने कहा, ‘जब से मैं यहां आया हूं, हमने 20 ट्रॉफियां जीती हैं, जो कि बुरा रिकॉर्ड नहीं है। मैं मैनचेस्टर सिटी से बहुत प्यार करता हूं।’ ——————————————————————– फुटबॉल से जुड़ी यह खबर पढ़िए… रोनाल्डो की टीम एशियन चैंपियंस लीग 2 का फाइनल हारी दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो की टीम अल नासिर एशियाई चैंपियंस लीग 2 का फाइनल हार गई। जापान के क्लब गाम्बा ओसाका ने उसे 1-0 से हराया। दिसंबर 2022 में अल नासिर से जुड़े रोनाल्डो के पास हाफटाइम से पहले बराबरी का सुनहरा मौका था, लेकिन जोआओ फेलिक्स के क्रॉस पर उनका क्लोज-रेंज हेडर गोलपोस्ट के बाहर चला गया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ईरान के बाद क्यूबा पर अमेरिकी हमले का खतरा बढ़ा:सरकार ने लोगों से जंग के लिए तैयार रहने को कहा, गुरिल्ला लड़ाई सिखा रहे

अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के प्रमुख जॉन रैटक्लिफ की हवाना यात्रा के बाद क्यूबा में अमेरिकी हमले की आशंका बढ़ गई है। क्यूबा सरकार ने संभावित सैन्य टकराव को देखते हुए युद्ध जैसी तैयारियां तेज कर दी हैं। देशभर में लोगों को गुरिल्ला युद्ध की ट्रेनिंग दी जा रही है और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, हवाना में कई सरकारी इमारतों को संभावित अमेरिकी हमले की स्थिति में तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। क्यूबा लंबे समय से अमेरिकी तेल नाकेबंदी और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में बिजली कटौती, ईंधन संकट और जरूरी सामानों की कमी बनी हुई है। लोगों को गुरिल्ला युद्ध सिखाया जा रहा क्यूबा के सरकारी मीडिया में आम नागरिकों को सैन्य प्रशिक्षण लेते हुए दिखाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लोगों को पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो की ‘पूरी आबादी की लड़ाई’ की रणनीति के तहत गुरिल्ला युद्ध सिखाया जा रहा है। कुछ वीडियो में सैनिक पुराने सोवियत हथियारों के साथ अभ्यास करते दिखाई दिए। एक वीडियो में एंटी-एयरक्राफ्ट गन को बैलों से खींचते हुए भी दिखाया गया। सैन्य इतिहासकार हाल क्लेपाक ने CNN से कहा कि आधुनिक हथियारों की कमी के बावजूद क्यूबा की सेना अमेरिकी हमले का लंबा प्रतिरोध कर सकती है। उनके मुताबिक, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी क्यूबा ने बड़े स्तर पर लोगों को संगठित करने की क्षमता दिखाई है। इसी हफ्ते क्यूबा पहुंचे थे अमेरिकी खुफिया चीफ अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के प्रमुख जॉन रैटक्लिफ इस हफ्ते क्यूबा की राजधानी हवाना पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक वे ‘यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका’ लिखे हुए विमान से पहुंचे थे, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। कई क्यूबाई लोगों ने इसे बड़ा राजनीतिक संकेत माना। क्यूबा सरकार लंबे समय से CIA को दुश्मन मानती रही है। 1960 के दशक में फिदेल कास्त्रो की हत्या के लिए CIA ने विस्फोटक सिगार और जहरीले स्कूबा सूट जैसी योजनाएं बनाई थीं। क्यूबा में CIA की गतिविधियों से जुड़े संग्रहालय भी मौजूद हैं। क्यूबा मामलों के विशेषज्ञ पीटर कॉर्नब्लुह ने CNN से कहा कि यह इतिहास की बड़ी विडंबना है। उनके मुताबिक, रैटक्लिफ क्यूबा को ऐसा प्रस्ताव देने पहुंचे थे, जिसे ठुकराना मुश्किल हो। उन्होंने इसे दबाव वाली कूटनीति बताया। अमेरिका ने क्यूबा को होने वाली तेल सप्लाई रोकी जनवरी से ही अमेरिका ने वेनेजुएला से क्यूबा को हो रही तेल सप्लाई को लगभग रोक दिया है। दूसरे देशों को भी चेतावनी दी जा रही है कि वे क्यूबा को तेल न दें। हाल ही में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने कोलंबिया से क्यूबा जा रहे एक तेल टैंकर को भी रोक लिया। इसका असर क्यूबा में साफ दिख रहा है। 9 जनवरी के बाद से वहां कोई बड़ी तेल सप्लाई नहीं पहुंची है। वहां हालात तेजी से खराब हो रहे हैं। क्यूबा के ब्लैक मार्केट में पेट्रोल करीब 35 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गया है रोजाना बिजली कट रही है। अस्पतालों में सर्जरी टल रही हैं। दवाइयों की कमी हो रही है और खाने की समस्या बढ़ रही है। इन हालात में क्यूबा की सरकार पर दबाव बढ़ गया है। क्यूबा में निवेश का मौका बनाना चाहते हैं ट्रम्प ट्रम्प क्यूबा को सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि कारोबारी नजरिए से भी देख रहे हैं। वह पहले से ही इस द्वीप में निवेश की संभावना देखते रहे हैं। 1998 में उनकी कंपनी ने चुपचाप क्यूबा का दौरा कराया था। 2011-12 में भी उनके संगठन के लोग वहां गोल्फ कोर्स बनाने की संभावनाएं देख चुके हैं। 2016 के चुनाव प्रचार के दौरान भी ट्रम्प ने कहा था कि क्यूबा निवेश के लिए अच्छा मौका हो सकता है। अब उन्होंने फिर कहा, “वे हमसे बात कर रहे हैं। यह एक असफल देश है। उनके पास न पैसा है, न तेल, कुछ भी नहीं है।” इसके साथ ही उन्होंने क्यूबा की जमीन और मौसम की तारीफ भी की और इसे एक सुंदर द्वीप बताया। लेकिन उनके बयान से यह भी दिखा कि उन्हें भौगोलिक जानकारी पूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि क्यूबा तूफानों (हरिकेन) के क्षेत्र में नहीं आता, जबकि हकीकत में क्यूबा अक्सर हरिकेन से प्रभावित होता है। अंत में ट्रम्प ने ऐसे संकेत दिए जैसे क्यूबा पहले से ही अमेरिका की संपत्ति हो। उन्होंने कहा, “उन्हें हर हफ्ते तूफान के लिए हमसे पैसे नहीं मांगने पड़ेंगे।” आजाद होने के बाद क्यूबा को कंट्रोल करता था अमेरिका 1898 में स्पेन-अमेरिका युद्ध के बाद क्यूबा स्पेन से आजाद हुआ, लेकिन असली कंट्रोल अमेरिका के हाथ में चला गया। अमेरिका ने क्यूबा की राजनीति, सेना और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर रखा। वहां की जमीन, चीनी उद्योग और कारोबार में अमेरिकी कंपनियों का दबदबा था। साल 1959 में क्रांतिकारी फिदेल कास्त्रो ने अपने गोरिल्ला सैनिकों के साथ मिलकर तानाशाह बतिस्ता को सत्ता से बेदखल कर दिया। बतिस्ता एक तानाशाह था। उसके खिलाफ लड़ाई के दौरान अमेरिका ने ही फिदेल कास्त्रो का समर्थन किया था। अमेरिकी अखबारों में कास्त्रो के इंटरव्यू छपते थे। सत्ता हासिल करने के बाद कास्त्रो ने बड़े बदलाव किए। उन्होंने देश में कम्युनिस्ट नीति अपनाई। अमेरिकी कंपनियों की संपत्ति जब्त कर ली और जमीन और उद्योग को सरकार के नियंत्रण में लिया। US ने प्रतिबंध लगाया तो सोवियत संघ का करीबी बना क्यूबा अमेरिका ने जवाब में क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए। व्यापार बंद कर दिया और तेल और जरूरी सामान की सप्लाई रोक दी। इससे क्यूबा की इकोनॉमी खराब होने लगी। इसके बाद क्यूबा ने सोवियत संघ (रूस) की तरफ रुख कर लिया। इस वजह से अमेरिका और क्यूबा के संबंध और खराब होते चले गए। इन दोनों के संबंध इतने खराब थे कि 55 साल तक कोई अमेरिकी राष्ट्रपति क्यूबा गया ही नहीं। ये सिलसिला 2015 में तब खत्म हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में बराक ओबामा क्यूबा गए, लेकिन तब तक फिदेल की जगह क्यूबा में उनके भाई राउल सत्ता संभाल चुके थे। अमेरिका ने कास्त्रो को मारने की 600 बार कोशिश की थी फिदेल कास्त्रो को अमेरिका अपने सबसे बड़े दुश्मनों में से एक मानता था। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने फिदेल कास्त्रो को मारने के लिए 60 साल में 600 से ज्यादा बार असफल कोशिश की।
सलमान ने उधार लेकर पिता के लिए घड़ी खरीदी थी:9 लाख रुपए कीमत थी, देखते ही सलीम खान ने डांट लगाई थी

सलमान खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने सबसे पहली महंगी चीज अपने पिता के लिए खरीदी थी। एक्टर ने कहा कि उन्होंने पिता के लिए रोलेक्स की घड़ी खरीदी थी। वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में सलमान ने कहा, ‘जब मैंने दोबारा घड़ियां पहनना शुरू किया तो मेरे पिता ने वही घड़ी मुझे पहनने के लिए दे दी। उस समय मेरे पास इतने पैसे नहीं थे, लेकिन मुझे अपने पिता के लिए वह घड़ी पसंद आई थी।’ उन्होंने बताया कि उस समय उस घड़ी की कीमत करीब 9 लाख रुपए थी। सलमान के पास सिर्फ 4 लाख रुपए थे। बाकी पैसे उन्होंने उधार लेकर वह घड़ी खरीदी थी और अपने पिता को दी थी। घड़ी देखकर सलीम खान ने डांट लगाई थी सलमान ने आगे कहा, ‘जब मैंने वह घड़ी अपने पिता को दिखाई, तो उन्होंने कहा कि तुमने अभी ठीक से काम करना भी शुरू नहीं किया है और तुमने ये सब करना शुरू कर दिया? क्या तुम खुद को सुल्तान ऑफ ब्रुनेई (राजा) समझते हो? यह घड़ी बड़ी बेकार की चीज है।’ लेकिन बाद में सलीम खान ने घड़ी को देखकर कहा था, ‘ओह, यह तो ज्वेलरी का पीस है।’ सलमान ने आगे कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 26-28 साल तक घड़ियां पहनना बंद कर दिया था। अब अगर लोग उन्हें अलग-अलग घड़ियां पहने देखते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि वे सारी घड़ियां उनकी हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास सिर्फ वही एक रोलेक्स है, बाकी सब दोस्तों की हैं।’ सलमान बोले- जिंदगी में किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी इसी इंटरव्यू में सलमान ने बताया कि उन्होंने आज तक कभी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी। मैंने स्क्रिप्ट लिखी हैं, लेकिन पढ़ी नहीं हैं।’ सलमान ने अपने करियर में मुख्य रूप से ‘चंद्रमुखी’, ‘वीर’ और ‘दबंग 3’ जैसी फिल्मों की कहानी लिखी है। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ में नजर आएंगे। इस फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी होंगी। पहले इस फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। फिल्म की रिलीज डेट पहले 17 अप्रैल थी, जो टाल दी गई है और नई तारीख का अभी ऐलान नहीं हुआ है। सलमान ने नई फिल्म की शूटिंग शुरू की वहीं, सलमान ने एक्ट्रेस नयनतारा के साथ अपनी दूसरी अपकमिंग फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है, जिसका अस्थायी नाम SVC63 है। इसके अलावा, वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सलमान डायरेक्टर जोड़ी राज निदिमोरू और कृष्णा डी.के. के साथ एक सुपरहीरो एक्शन फिल्म में भी काम कर सकते हैं। ऐसी भी चर्चा है कि इस प्रोजेक्ट में वह करीना कपूर खान के साथ काम कर सकते हैं। ‘बीबी हो तो ऐसी’ से हुई थी सलमान के करियर की शुरुआत सलमान ने 1988 में आई फिल्म बीवी हो तो ऐसी से बॉलीवुड डेब्यू किया था। हालांकि, इस फिल्म में उन्होंने सपोर्टिंग रोल निभाया था। बतौर लीड सलमान पहली बार 1989 में सूरज बड़जात्या की फिल्म मैंने प्यार किया में नजर आए थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद वो साजन, हम आपके हैं कौन..!, करण अर्जुन और तेरे नाम जैसी हिट फिल्मों में नजर आए। सलमान ने वॉन्टेड, सुल्तान और दबंग जैसी सुपरहिट फिल्में दी सलमान के करियर में ऐसे मौके भी आए, जब उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुईं। 2000 के दशक के मध्य में उनकी कई फिल्में (जैसे जान-ए-मन, फिर मिलेंगे, शादी करके फंस गया यार) बॉक्स ऑफिस पर फ्लाप रहीं। लेकिन एक्टर ने फिल्म वॉन्टेड से शानदार वापसी की थी। 2009 से लेकर 2016 तक उनकी ज्यादातर फिल्मों ने अच्छा कलेक्शन भी किया। जिसमें वॉन्टेड, दबंग, रेडी, दबंग 2, बजरंगी भाईजान और सुल्तान शामिल हैं। 2017 में सलमान की फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ आई, जो कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई। हालांकि, इसके बाद एक्टर ‘टाइगर जिंदा है’ में नजर आए, जिसने दुनिया भर में बॉक्स ऑफिस पर 565 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं, फिल्म ‘टाइगर 3’ ने दुनिया भर में कुल 464-466.63 करोड़ रुपए का लाइफटाइम वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन किया। हालांकि, उनकी आखिरी फिल्म सिकंदर उम्मीदों के हिसाब से प्रदर्शन नहीं कर पाई। 200 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने 184.89 करोड़ रुपए कमाए।
सलमान ने उधार लेकर पिता के लिए घड़ी खरीदी थी:9 लाख रुपए कीमत थी, देखते ही सलीम खान ने डांट लगाई थी

सलमान खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने सबसे पहली महंगी चीज अपने पिता के लिए खरीदी थी। एक्टर ने कहा कि उन्होंने पिता के लिए रोलेक्स की घड़ी खरीदी थी। वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में सलमान ने कहा, ‘जब मैंने दोबारा घड़ियां पहनना शुरू किया तो मेरे पिता ने वही घड़ी मुझे पहनने के लिए दे दी। उस समय मेरे पास इतने पैसे नहीं थे, लेकिन मुझे अपने पिता के लिए वह घड़ी पसंद आई थी।’ उन्होंने बताया कि उस समय उस घड़ी की कीमत करीब 9 लाख रुपए थी। सलमान के पास सिर्फ 4 लाख रुपए थे। बाकी पैसे उन्होंने उधार लेकर वह घड़ी खरीदी थी और अपने पिता को दी थी। घड़ी देखकर सलीम खान ने डांट लगाई थी सलमान ने आगे कहा, ‘जब मैंने वह घड़ी अपने पिता को दिखाई, तो उन्होंने कहा कि तुमने अभी ठीक से काम करना भी शुरू नहीं किया है और तुमने ये सब करना शुरू कर दिया? क्या तुम खुद को सुल्तान ऑफ ब्रुनेई (राजा) समझते हो? यह घड़ी बड़ी बेकार की चीज है।’ लेकिन बाद में सलीम खान ने घड़ी को देखकर कहा था, ‘ओह, यह तो ज्वेलरी का पीस है।’ सलमान ने आगे कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 26-28 साल तक घड़ियां पहनना बंद कर दिया था। अब अगर लोग उन्हें अलग-अलग घड़ियां पहने देखते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि वे सारी घड़ियां उनकी हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास सिर्फ वही एक रोलेक्स है, बाकी सब दोस्तों की हैं।’ सलमान बोले- जिंदगी में किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी इसी इंटरव्यू में सलमान ने बताया कि उन्होंने आज तक कभी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी। मैंने स्क्रिप्ट लिखी हैं, लेकिन पढ़ी नहीं हैं।’ सलमान ने अपने करियर में मुख्य रूप से ‘चंद्रमुखी’, ‘वीर’ और ‘दबंग 3’ जैसी फिल्मों की कहानी लिखी है। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ में नजर आएंगे। इस फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी होंगी। पहले इस फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। फिल्म की रिलीज डेट पहले 17 अप्रैल थी, जो टाल दी गई है और नई तारीख का अभी ऐलान नहीं हुआ है। सलमान ने नई फिल्म की शूटिंग शुरू की वहीं, सलमान ने एक्ट्रेस नयनतारा के साथ अपनी दूसरी अपकमिंग फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है, जिसका अस्थायी नाम SVC63 है। इसके अलावा, वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सलमान डायरेक्टर जोड़ी राज निदिमोरू और कृष्णा डी.के. के साथ एक सुपरहीरो एक्शन फिल्म में भी काम कर सकते हैं। ऐसी भी चर्चा है कि इस प्रोजेक्ट में वह करीना कपूर खान के साथ काम कर सकते हैं। ‘बीबी हो तो ऐसी’ से हुई थी सलमान के करियर की शुरुआत सलमान ने 1988 में आई फिल्म बीवी हो तो ऐसी से बॉलीवुड डेब्यू किया था। हालांकि, इस फिल्म में उन्होंने सपोर्टिंग रोल निभाया था। बतौर लीड सलमान पहली बार 1989 में सूरज बड़जात्या की फिल्म मैंने प्यार किया में नजर आए थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद वो साजन, हम आपके हैं कौन..!, करण अर्जुन और तेरे नाम जैसी हिट फिल्मों में नजर आए। सलमान ने वॉन्टेड, सुल्तान और दबंग जैसी सुपरहिट फिल्में दी सलमान के करियर में ऐसे मौके भी आए, जब उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुईं। 2000 के दशक के मध्य में उनकी कई फिल्में (जैसे जान-ए-मन, फिर मिलेंगे, शादी करके फंस गया यार) बॉक्स ऑफिस पर फ्लाप रहीं। लेकिन एक्टर ने फिल्म वॉन्टेड से शानदार वापसी की थी। 2009 से लेकर 2016 तक उनकी ज्यादातर फिल्मों ने अच्छा कलेक्शन भी किया। जिसमें वॉन्टेड, दबंग, रेडी, दबंग 2, बजरंगी भाईजान और सुल्तान शामिल हैं। 2017 में सलमान की फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ आई, जो कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई। हालांकि, इसके बाद एक्टर ‘टाइगर जिंदा है’ में नजर आए, जिसने दुनिया भर में बॉक्स ऑफिस पर 565 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं, फिल्म ‘टाइगर 3’ ने दुनिया भर में कुल 464-466.63 करोड़ रुपए का लाइफटाइम वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन किया। हालांकि, उनकी आखिरी फिल्म सिकंदर उम्मीदों के हिसाब से प्रदर्शन नहीं कर पाई। 200 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने 184.89 करोड़ रुपए कमाए।
गर्मियों में कौन-सी रोटी खाना है सबसे फायदेमंद? डाइटिशियन ने दी सलाह

Last Updated:May 17, 2026, 12:14 IST गर्मी में खानपान को लेकर डॉक्टरों ने सलाह दी है कि हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन ही सबसे बेहतर है. फरीदाबाद की डाइटिशियन डॉ. मीना के अनुसार गेहूं, जौ और मल्टीग्रेन रोटी सीमित मात्रा में लें… जबकि बाजरा-मक्का थोड़ी भारी होती हैं. ज्यादा तेल-घी और ओवरईटिंग से बचना जरूरी है. फरीदाबाद: गर्मी बढ़ते ही खानपान में जरा सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है. ऐसे में डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि इस मौसम में हल्का और आसानी से पचने वाला खाना ही सबसे बेहतर होता है खासकर रोटी को लेकर लोगों के मन में अक्सर सवाल रहता है. कि कौन-सी रोटी खाएं और कितनी मात्रा में खाएं, ताकि पेट भी ठीक रहे और गर्मी का असर भी कम हो. रोटी जितनी सादी और हल्की होगी उतनी ही सेहत के लिए अच्छी इसी मुद्दे पर फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की चीफ डाइटिशियन डॉक्टर मीना ने Local18 चैनल से बातचीत में बताती हैं गर्मियों में रोटी जितनी सादी और हल्की होगी उतनी ही सेहत के लिए अच्छी रहेगी. डॉक्टर मीना कहती हैं रोटी में ज्यादा मसाले, तेल या घी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे पाचन पर असर पड़ता है और गर्मी में अपच की समस्या बढ़ सकती है. क्या गर्मी में बाजरे-मक्के की रोटी खा सकते हैं डॉक्टर मीना बताती हैं मक्के और बाजरे जैसी मोटे अनाज की रोटियां पूरी तरह नुकसानदायक नहीं हैं, लेकिन ये थोड़ी भारी होती हैं. अगर इन्हें सीमित मात्रा में खाया जाए और साथ में छाछ या फाइबर युक्त चीजें ली जाएं तो ये आसानी से पच जाती हैं और शरीर पर गर्मी का असर भी कम होता है. मैं हमेशा लोगों को सलाह देती हूं इन रोटियों को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है बस मात्रा यानि क्वांटिटी पर ध्यान रखना जरूरी है. गर्मियों में कौन-सी रोटी सबसे बेहतर डॉक्टर मीना बताती हैं वहीं अक्सर लोग यह भी पूछते हैं गर्मियों में कौन-सी रोटी सबसे बेहतर है. इस पर मैं यही कहना चाहूंगी गेहूं, जौ या मल्टीग्रेन आटे की रोटी सामान्य रूप से सबसे अच्छा विकल्प है. लेकिन असली फर्क रोटी की किस्म से ज्यादा इस बात पर पड़ता है कि आप कितनी रोटी खा रहे हैं. जरूरत से ज्यादा खाना, चाहे वह कोई भी रोटी हो पाचन को बिगाड़ सकता है. लस्सी या फाइबर युक्त ड्रिंक पीएं डॉक्टर मीना बताती हैं मैदा और मल्टीग्रेन को लेकर भी लोग अक्सर कन्फ्यूज रहते हैं. डॉक्टर मीना बताती हैं मैदा भले ही हल्का लगता है, लेकिन बाद में भारीपन महसूस करा सकता है. जबकि मल्टीग्रेन रोटी में फाइबर ज्यादा होता है जो पेट के लिए फायदेमंद है. इसे भी लस्सी या फाइबर युक्त ड्रिंक के साथ लेना बेहतर रहता है. डॉक्टर मीना बताती हैं गर्मियों में गैस, कब्ज या एसिडिटी की समस्या सिर्फ रोटी की वजह से नहीं होती बल्कि कई बार बासी या ज्यादा पकी हुई रोटी या फिर जरूरत से बड़ी और ज्यादा मात्रा में रोटी खाना भी इसका कारण बन सकता है. इसलिए ताजा, सीमित और ठीक मात्रा में रोटी खाना ही सबसे सही तरीका है. सही तरीके से खाते हैं तो कोई नुकसान नहीं होगा. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana
Rouse Avenue Court Sends Botany Teacher Manisha Mandhare to 14-Day CBI Custody

Hindi News National Rouse Avenue Court Sends Botany Teacher Manisha Mandhare To 14 Day CBI Custody | NEET Paper Leak नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में गिरफ्तार 9वीं आरोपी को CBI ने राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने बॉटनी टीचर मनीषा मंधारे को 14 दिन की कस्टडी में भेज दिया है। पुणे की बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ को दिल्ली में CBI हेडक्वार्टर में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी का दावा है कि मंधारे NTA की पेपर सेटिंग कमेटी का हिस्सा थीं। मंधारे जानती थीं कि एग्जाम में कौन से सवाल आएंगे। उसने एग्जाम से पहले पुणे में स्पेशल कोचिंग क्लास चलाई। वहां छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के सवाल नोट करवाए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि मंधारे ने पुणे से गिरफ्तार ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे के जरिए NEET देने वाले स्टूडेंट्स को अपने कोचिंग में एडमिशन दिलाया था। CBI ने अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंधारे ने पेपर के बदले लाखों रुपए लिए CBI के मुताबिक मनीषा मंधारे और मनीषा वाघमारे ने छात्रों और उनके पेरेंट्स से लीक पेपर देने के बदले लाखों रुपए लिए। बाद में मनीषा वाघमारे ने अपने कॉन्टेक्ट्स के और लोगों तक पेपर पहुंचाए। मनीषा वाघमारे 14 मई को गिरफ्तार हुई थी। मनीषा वाघमारे और पेपर लीक के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी से पूछताछ के आधार पर ही मनीषा मंधारे की गिरफ्तारी हुई है। कुलकर्णी लातूर का केमिस्ट्री प्रोफेसर है और कई सालों तक NEET पेपर सेटिंग से जुड़े पैनल का हिस्सा था। एजेंसी के मुताबिक कुलकर्णी ने अप्रैल के आखिरी हफ्ते में अपने घर पर स्पेशल क्लास लेकर छात्रों को वे सवाल, ऑप्शन और जवाब बताए थे, जो बाद में एग्जाम में आए। NTA में IRS अफसर आकाश जैन समेत 4 अधिकारियों की नियुक्ति केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़े प्रशासनिक फेरबदल करते हुए चार अधिकारियों की नियुक्ति की है। IRS अधिकारी आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगढिया को जॉइंट डायरेक्टर बनाया गया है। अनुजा बापट और रुचिता विज को भी NTA में जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है। दोनों का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से पांच साल या अगले आदेश तक रहेगा। 3 मई को हुई NEET-UG, 12 मई को रद्द, 21 जून को रीएग्जाम NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और रीएग्जाम का फैसला लिया गया। सुप्रीम कोर्ट पहुंची NTA को भंग करने की मांग वाली याचिका यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने NEET-UG 2026 पेपर लीक, एग्जाम कैंसिल होने के मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड रितु रेनीवाल और एडवोकेट महेंद्र कुमावत ने याचिका दायर की है। इसमें एक रिट जारी करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह NTA को भंग कर दे। उसकी जगह संसद से पारित कानून के आधार पर नेशनल टेस्टिंग बॉडी बनाई जाए। याचिका में एक ऐसी समिति गठित करने की भी मांग की गई है, जिसकी निगरानी अदालत करे। इस समिति का काम नेशनल लेवल की परीक्षाएं ऑर्गनाइज करने की प्रक्रिया की देखरेख करना और यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षाओं का कोई पेपर न हो। —————————- ये खबर भी पढ़ें… NTA से NEET के दोनों पेपर लीक हुए: दूसरे के सवाल भी हूबहू क्वेश्चन बैंक में शामिल थे, 2 सेट में होते हैं प्रिंट NEET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सीबीआई की जांच में सामने आया है कि नीट-26 के लिए फाइनल हुए पेपर के दोनों सेट प्रिंट होने से पहले ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से लीक हो गए थे। एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि जो पेपर 3 मई को परीक्षा में आया और जो रिजर्व में रखा गया था, दोनों के बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सभी सवाल हूबहू क्वेश्चन बैंक (गेस पेपर) में थे। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Hyderabad Airport Bomb Threat | Security Forces Alert

8 मिनट पहले कॉपी लिंक नीदरलैंड से हैदराबाद आ रही फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। हैदराबाद एयरपोर्ट पर नीदरलैंड से आ रही कुआलालंपुर एयरवेज की एक फ्लाइट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी के बाद से पूरा हैदराबाद एयरपोर्ट हाई अलर्ट पर है। मेल में दावा किया गया कि प्लेन में बम है, जो कभी भी फट सकता है। हालांकि फ्लाइट सुरक्षित हैदराबाद पहुंच गई। इससे पहले शुक्रवार शाम 6:30 बजे हैदराबाद एयरपोर्ट पर बम की धमकी का एक ईमेल मिला था। जिसके बाद पूरे एयरपोर्ट की जांच हुई थी। इसमें कहा गया था कि मलेशिया से हैदराबाद आने वाली एयरएशिया की एक फ्लाइट को उसके पहुंचने से पहले ही बम से उड़ा दिया जाएगा। 4 दिन में तीसरी धमकी गुरुवार को जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से हैदराबाद आने वाली लुफ्थांसा फ्लाइट को लेकर भी एसी ही धमकी दी गई थी। यानी ये 4 दिन में तीसरी धमकी है। जिसके बाद से एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई हैं। हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर जनवरी में भी बम धमाके की धमकी मिली थी। ये धमकी शारजाह से आ रही इंडिगो फ्लाइट 6E 1422 के लिए थी। एयरपोर्ट कस्टमर सपोर्ट पर दोपहर 2 बजे ईमेल आया। इसके बाद फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग हुई। बम की धमकी से जुड़ी 3 घटनाएं 12 नवंबर 2025- मुंबई-वाराणसी फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी और बम स्क्वॉड तुरंत मौके पर पहुंचे। सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया। 12 नवंबर को मुंबई से वाराणसी आ रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। तत्काल फ्लाइट की वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। पूरी खबर पढ़ें.. 19 सितंबर- मुंबई से फुकेट जाने वाली फ्लाइट को बम की धमकी मिली 19 सितंबर को इंडिगो की मुंबई से फुकेट जाने वाली फ्लाइट 6E 1089 को बम की धमकी मिली थी। ये धमकी फ्लाइट के टॉयलेट में एक चिट्ठी पर लिखी थी। धमकी मिलने के बाद फ्लाइट की चेन्नई में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। पूरी खबर पढ़ें… 12 जून- एअर इंडिया के विमान की थाईलैंड में इमरजेंसी लैंडिंग 12 जून को थाईलैंड के फुकेट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एअर इंडिया की फ्लाइट AI-379 की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। यहां प्लेन में बम होने की सूचना मिली थी। विमान में 156 लोग सवार थे। फ्लाइट फुकेट से दिल्ली आ रही थी। पूरी खबर पढ़ें… बम की धमकी के बाद का प्रोटोकॉल समझें… विमान में बम होने की सूचना मिलने पर फ्लाइट को अपने निर्धारित एयरपोर्ट के बजाय नजदीकी हवाई अड्डे पर उतारा जाता है। इससे ईंधन की खपत तो ज्यादा होती ही है, विमान की दोबारा जांच करने, यात्रियों को होटलों में ठहराने और उन्हें उनके मंजिल तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था करनी पड़ती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इन सब पर करीब 3 करोड़ रुपए तक खर्च हो जाते हैं। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… कुवैत-हैदराबाद इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी:मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई; कोई विस्फोटक बरामद नहीं इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-1234 कुवैत से हैदराबाद आ रही थी। (फाइल फोटो) कुवैत से हैदराबाद आ रही इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-1234 को मंगलवार सुबह बम की धमकी के बाद मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Malavika Mohanan Slams Sensationalist Questions on Vijay & Trisha

14 मिनट पहले कॉपी लिंक मालविका और विजय ने 2021 की फिल्म ‘मास्टर’ में साथ काम किया था। एक्ट्रेस मालविका मोहनन से हाल ही में एक इवेंट के दौरान विजय और तृषा को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर मालविका नाराज हो गईं। साथ ही बाद में उन्होंने X पर पोस्ट कर कहा कि कुछ सवाल सिर्फ सनसनी फैलाने के उद्देश्य से पूछे गए थे। मालविका ने X पर लिखा, ‘मैं कल एक इवेंट में गई थी। वहां मौजूद तमिलनाडु मीडिया और सभी पत्रकारों के लिए मेरे मन में पूरा सम्मान है, लेकिन कुछ लोगों ने बार-बार ऐसे सवाल पूछे, जो बिल्कुल जरूरी नहीं थे और सिर्फ सनसनी फैलाने वाले थे।’ एक्ट्रेस ने आगे लिखा, ‘थलापति विजय को मैं पिछले सात सालों से जानती हूं। मैं उनका बहुत सम्मान करती हूं और उन्हें अपना दोस्त मानकर खुद को खुशकिस्मत समझती हूं। उनका सफर सच में बेहद शानदार रहा है। मैं चाहूंगी कि आगे से मीडिया बातचीत के दौरान सभी लोग सम्मान और समझदारी बनाए रखें, ताकि किसी को असहज महसूस न हो। धन्यवाद।’ मालविका मोहनन ने ‘मास्टर’, ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ और ‘तंगलान’ जैसी फिल्मों में काम किया है। दरअसल, चेन्नई में आयोजित एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान मालविका से पूछा गया था कि एक्ट्रेस तृषा कृष्णन अक्सर विजय के साथ कई जगह नजर आती हैं, तो क्या उन्हें भी उनके साथ यात्रा करने का कोई तरीका पता है। इस सवाल पर मालविका नाराज हो गईं और उन्होंने जवाब दिया, ‘आप मुझसे कैसे-कैसे सवाल पूछ रहे हैं?’ तृषा और विजय की डेटिंग चर्चा गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से तृषा को एक्टर और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के साथ लिंक किया जा रहा है। हालांकि, विजय और तृषा ने अब तक अपने रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। शुक्रवार को तृषा चेन्नई में अपनी नई रिलीज फिल्म ‘करुप्पु’ की स्क्रीनिंग में पहुंचीं। इस दौरान डायरेक्टर आरजे बालाजी और एक्टर कार्थी भी मौजूद थे। थिएटर से बाहर निकलते समय तृषा अपनी कार में बैठी थीं। उन्होंने ब्लैक टी-शर्ट और जींस पहनी हुई थी। इसी दौरान एक फैन ने कहा, ‘थलापति से कहना कि मैंने उनका हालचाल पूछा है।’ इस पर तृषा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘कंदीपा (जरूर)’। फिर उन्होंने सिर नीचे कर लिया। इसके बाद वह फोन चलाती नजर आती हैं। बाद में तृषा वहां मौजूद फैंस की तरफ हाथ हिलाकर उनका अभिवादन भी करती दिखीं। तृषा की फिल्म ‘करुप्पु’ सिनेमाघरों में 15 मई को रिलीज हुई। हाल ही में सीएम विजय के एक फैसले की भी काफी चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने तृषा की फिल्म ‘करुप्पु’ के लिए सुबह 9 बजे के मॉर्निंग शो (स्पेशल स्क्रीनिंग) की विशेष अनुमति दी। बता दें कि मॉर्निंग शो पर राज्य में पिछले 3 सालों से प्रतिबंध लगा हुआ था। पूरी खबर यहां पढ़ें… इससे पहले 10 मई को तृषा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुईं। शपथ ग्रहण समारोह में तृषा ने विजय के परिवार से मुलाकात की और उनकी मां से गले मिलीं। वहीं, 4 मई को चुनाव परिणाम के दिन तृषा विजय के नीलांकरई स्थित घर भी पहुंची थीं। खास बात यह रही कि उसी दिन तृषा का 43वां जन्मदिन भी था। तृषा मंदिर के बाद विजय के घर पहुंची थीं। विजय पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगा पर्सनल लाइफ की बात करें तो तृषा की 2015 में बिजनेसमैन वरुण मनियन से सगाई हुई थी, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए थे। वहीं, विजय ने 1999 में संगीता सोरनालिंगम से शादी की थी। इस शादी से दोनों के दो बच्चे जेसन संजय और दिव्या साशा हुए। वहीं, विजय और संगीता के तलाक का मामला अदालत में चल रहा है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, संगीता ने अपनी तलाक याचिका में पति विजय पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगाया था। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








