चुनरी चुनरी गाने के रीमेक पर भड़के अभिजीत भट्टाचार्या:कहा- वरुण इस गाने से सलमान खान नहीं बन सकता, भजन बनाया, सलमान ने भी दिया रिएक्शन

वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म है जवानी तो इश्क होना है से गाना चुनरी चुनरी रिलीज हो चुका है। ये गाना 1999 की फिल्म बीवी नं. 1 के गाने का रीमेक है, जिसे अभिजीत भट्टाचार्या और अनुराधा श्रीराम ने गाया था। अब अभिजीत नया गाना देख भड़क गए हैं। उन्होंने कहा कि सुनकर ये किसी भजन जैसा लग रहा है। साथ ही उन्होंने कहा है कि वरुण इस गाने से कभी सलमान नहीं बन सकेंगे। हाल ही में एएनआई से बातचीत में सिंगर अभिजीत भट्टाचार्या ने कहा है, ‘जब मैंने ये गाना (चुनरी चुनरी रीमेक सॉन्ग) सुना तो मुझे लगा कि ये कोई भजन है। चुनरी चुनरी एक रोमांटिक ट्रेक था और इन लोगों ने अब इसे भजन बना दिया है।’ आगे उन्होंने वरुण धवन की आलोचना करते हुए कहा, ‘इस एक्टर (वरुण धवन) ने सिर्फ सेकेंड हैंड फिल्में की हैं। खासकर जब इसके पिता (डेविड धवन) ने ऑरिजिनल फिल्म बनाईं। उसने वही गाना इस्तेमाल किया, जो एक समय में हिट था। वरुण धवन इस गाने से सलमान खान नहीं बन सकता। सलमान खान और वरुण धवन में बहुद फर्क है।’ इसके अलावा अभिजीत ने कहा है, ‘ये गाना सलमान खान के करियर का सबसे बड़ा हिट है। जब फिल्म आई है, तब से लेकर अब तक ट्रेंडिंग है। ये सलमान की लाइफ का सबसे बड़ा हिट है। उस वक्त ये सुपरस्टार नहीं एक उभरता हुआ कलाकार था।’ मुझे अप्रोच करते तब भी सोचता- अभिजीत बीवी नं. 1 का गाना चुनरी चुनरी अभिजीत भट्टाचार्या ने गाया था, जबकि नए आए रीमेक गाने को आई पी सिंह, सुधीर यदुवंशी जैसे मेल सिंगर्स ने आवाज दी है। इस पर उन्होंने भड़कते हुए कहा, ‘अगर वो मुझे रीमेक गाने के लिए अप्रोच करते तब भी मैं इसे करने से पहले सोचता। मेरे ऑरिजिनल गाने में बहुत सारी एक्टिंग थी। अच्छा ही हुआ कि मैंने इसे नहीं किया, वर्ना डीग्रेड ही होता। हमने इस गाने को जिस तरह किया, वरुण कभी वैसा कर ही नहीं सकता।’ सलमान भी दे चुके हैं रीमेक पर रिएक्शन चुनरी-चुनरी गाना सलमान खान और सुष्मिता सेन पर फिल्माया गया था। हाल ही में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सलमान ने गाना सुनकर मजाकिया अंदाज में वरुण को इशारा करते हुए कहा, ‘वरुण ने मेरा एक और गाना उठा लिया।’ कब-कब वरुण धवन ने रीमेक का लिया सहारा जुड़वा 2 (2017) ऑरिजिनल फिल्म- जुड़वा (1997) इस फिल्म में वरुण धवन ने ऑरिजिनल फिल्म के गाने ऊंची है बिल्डिंग लिफ्ट तेरी बंद है और चलती है क्या 9 से 12 भी रीमेक किए थे। इन दोनों ही गानों को सलमान पर फिल्माया गया था। कुली नंबर 1 (2020) ऑरिजिनल फिल्म- कुली नंबर 1 (1995) 2020 की कुली नंबर 1 में 1995 की फिल्म के दो गाने तुझको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं और हुस्न है सुहाना को रीमेक किया गया था। इन फिल्मों के अलावा वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म का टाइटल है जवानी तो इश्क होना है भी सलमान खान और सुष्मिता पर फिल्माए गए बीवी नंबर 1 के गाने से लिया गया है।
चुनरी चुनरी गाने के रीमेक पर भड़के अभिजीत भट्टाचार्या:कहा- वरुण इस गाने से सलमान खान नहीं बन सकता, भजन बनाया, सलमान ने भी दिया रिएक्शन

वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म है जवानी तो इश्क होना है से गाना चुनरी चुनरी रिलीज हो चुका है। ये गाना 1999 की फिल्म बीवी नं. 1 के गाने का रीमेक है, जिसे अभिजीत भट्टाचार्या और अनुराधा श्रीराम ने गाया था। अब अभिजीत नया गाना देख भड़क गए हैं। उन्होंने कहा कि सुनकर ये किसी भजन जैसा लग रहा है। साथ ही उन्होंने कहा है कि वरुण इस गाने से कभी सलमान नहीं बन सकेंगे। हाल ही में एएनआई से बातचीत में सिंगर अभिजीत भट्टाचार्या ने कहा है, ‘जब मैंने ये गाना (चुनरी चुनरी रीमेक सॉन्ग) सुना तो मुझे लगा कि ये कोई भजन है। चुनरी चुनरी एक रोमांटिक ट्रेक था और इन लोगों ने अब इसे भजन बना दिया है।’ आगे उन्होंने वरुण धवन की आलोचना करते हुए कहा, ‘इस एक्टर (वरुण धवन) ने सिर्फ सेकेंड हैंड फिल्में की हैं। खासकर जब इसके पिता (डेविड धवन) ने ऑरिजिनल फिल्म बनाईं। उसने वही गाना इस्तेमाल किया, जो एक समय में हिट था। वरुण धवन इस गाने से सलमान खान नहीं बन सकता। सलमान खान और वरुण धवन में बहुद फर्क है।’ इसके अलावा अभिजीत ने कहा है, ‘ये गाना सलमान खान के करियर का सबसे बड़ा हिट है। जब फिल्म आई है, तब से लेकर अब तक ट्रेंडिंग है। ये सलमान की लाइफ का सबसे बड़ा हिट है। उस वक्त ये सुपरस्टार नहीं एक उभरता हुआ कलाकार था।’ मुझे अप्रोच करते तब भी सोचता- अभिजीत बीवी नं. 1 का गाना चुनरी चुनरी अभिजीत भट्टाचार्या ने गाया था, जबकि नए आए रीमेक गाने को आई पी सिंह, सुधीर यदुवंशी जैसे मेल सिंगर्स ने आवाज दी है। इस पर उन्होंने भड़कते हुए कहा, ‘अगर वो मुझे रीमेक गाने के लिए अप्रोच करते तब भी मैं इसे करने से पहले सोचता। मेरे ऑरिजिनल गाने में बहुत सारी एक्टिंग थी। अच्छा ही हुआ कि मैंने इसे नहीं किया, वर्ना डीग्रेड ही होता। हमने इस गाने को जिस तरह किया, वरुण कभी वैसा कर ही नहीं सकता।’ सलमान भी दे चुके हैं रीमेक पर रिएक्शन चुनरी-चुनरी गाना सलमान खान और सुष्मिता सेन पर फिल्माया गया था। हाल ही में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सलमान ने गाना सुनकर मजाकिया अंदाज में वरुण को इशारा करते हुए कहा, ‘वरुण ने मेरा एक और गाना उठा लिया।’ कब-कब वरुण धवन ने रीमेक का लिया सहारा जुड़वा 2 (2017) ऑरिजिनल फिल्म- जुड़वा (1997) इस फिल्म में वरुण धवन ने ऑरिजिनल फिल्म के गाने ऊंची है बिल्डिंग लिफ्ट तेरी बंद है और चलती है क्या 9 से 12 भी रीमेक किए थे। इन दोनों ही गानों को सलमान पर फिल्माया गया था। कुली नंबर 1 (2020) ऑरिजिनल फिल्म- कुली नंबर 1 (1995) 2020 की कुली नंबर 1 में 1995 की फिल्म के दो गाने तुझको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं और हुस्न है सुहाना को रीमेक किया गया था। इन फिल्मों के अलावा वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म का टाइटल है जवानी तो इश्क होना है भी सलमान खान और सुष्मिता पर फिल्माए गए बीवी नंबर 1 के गाने से लिया गया है।
कार्तिक आर्यन स्टारर स्पोर्ट्स ड्रामा में 'बजरंगी भाईजान' जैसा इमोशन:नकली बर्फबारी के बाद अब असली कश्मीर में शूटिंग करेंगे कबीर खान

कबीर खान अपनी नई फिल्म में फिर फैमिली-इमोशन और चाइल्ड-कनेक्ट वाले जॉनर में लौट रहे हैं। फिल्म में कार्तिक आर्यन मुख्य भूमिका में हैं और कहानी एक बच्चे व एक मैच्योर किरदार के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है। सूत्रों के मुताबिक, फिल्म का टोन काफी हद तक सलमान खान स्टारर ‘बजरंगी भाईजान’ जैसी भावनात्मक अपील वाला रखा गया है। मेकर्स इसे भारी वीएफएक्स या बड़े सेट्स की बजाय कंटेंट-ड्रिवन फिल्म के तौर पर तैयार कर रहे हैं। फिल्म का बजट भी नियंत्रित रखा गया है। मड आइलैंड में बना कश्मीर, कृत्रिम बर्फबारी भी की गई फिल्म का पहला बड़ा शेड्यूल मुंबई के मड आइलैंड में पूरा किया गया, जहां करीब 15 दिनों तक कश्मीर जैसा सेट तैयार किया गया था। प्रोडक्शन डिजाइन टीम ने वहां कश्मीरी गलियां, बाजार और लोकल मकानों का सेट लगाया। इसी सेट पर पत्थरबाजी और सुरक्षा बलों से जुड़े कुछ अहम सीक्वेंस शूट किए गए। रात के सीन्स के लिए बड़े कृत्रिम चांद और हाई-इंटेंसिटी लाइट्स का इस्तेमाल किया गया ताकि मूनलाइट जैसा प्रभाव मिल सके। मुंबई की गर्मी के बीच सेट पर कृत्रिम बर्फबारी और ठंडा माहौल तैयार करने के लिए खास तकनीक का इस्तेमाल किया गया। कई सीन्स में लोकल कश्मीरी बैकग्राउंड और तनावपूर्ण माहौल को बेहद रियल तरीके से कैद करने की कोशिश की गई है। रियल लोकेशन को भी पूरी प्राथमिकता दे रहे हैं मेकर्स मुंबई शेड्यूल पूरा होने के बाद अब फिल्म की यूनिट असली कश्मीर में शूटिंग कर रही है। टीम बीती 13 तारीख को मुंबई से रवाना हुई थी और 15 तारीख से वहां मुख्य शूट शुरू हो चुका है। यह आउटडोर शेड्यूल करीब 10 दिनों का रखा गया। इसमें फिल्म के इमोशनल हिस्से, ट्रेनिंग मोंटाज और लोकल लोकेशन वाले सीन्स फिल्माए गए। कहानी में कश्मीर का बैकड्रॉप काफी अहम भूमिका निभाता है, इसलिए मेकर्स ने रियल लोकेशंस पर भी शूट को प्राथमिकता दी है। यूनिट घाटी के कम भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्राकृतिक लोकेशंस पर शूट कर रही है ताकि विजुअल्स ज्यादा वास्तविक लगें। कुछ सीन्स स्थानीय कलाकारों और वास्तविक माहौल के बीच शूट हो रहे हैं, जिससे कहानी में ग्राउंडेड फील मिले। एप्लॉज और कबीर के जॉइंट वेंचर में बन रही फिल्म शुरुआती दिनों में इस फिल्म के मेकर्स के नामों को लेकर काफी गोपनीयता बरती जा रही थी। क्लैपबोर्ड और फाइलों पर किसी फाइनल टाइटल के बजाय केवल ‘प्रोजेक्ट नंबर’ या ‘प्रोडक्श नं.’ लिखा हुआ था, लेकिन अब यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि इस फिल्म के पीछे समीर नायर की मशहूर और बड़ी कंपनी एप्लॉज एंटरटेनमेंट खड़ी है। कॉर्पोरेट स्तर पर एप्लॉज एंटरटेनमेंट जैसी बड़ी कंपनी का इस फिल्म को लीड करना फिल्म की मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और पोस्ट-प्रोडक्शन के स्केल को बढ़ा रहा है।
गुजरात की हार पर भड़के ग्लेन फिलिप्स:धमर्शाला में बोले- हम हार नहीं मानते, हर चीज का पक्ष में होना जरूरी, जो नहीं हुआ

आईपीएल के नॉकआउट मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के हाथों मिली हार के बाद गुजरात टाइटंस (GT) के खेमे में मायूसी तो है, लेकिन खिलाड़ियों का हौसला कम नहीं हुआ है। मैच के बाद गुजरात टाइटंस के ग्लेन फिलिप्स मीडिया रूम में पत्रकारों के सवालों का जवाब देने आए। इस दौरान एक पत्रकार के ‘सरेंडर’ करने वाले सवाल पर फिलिप्स बुरी तरह भड़क गए और उसे ‘बेवकूफाना सवाल’ करार दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान माहौल उस समय गरमा गया जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या पहली पारी खत्म होने के बाद ही आप लोगों को समझ आ गया था कि मैच हाथ से निकल चुका है और अब अगले मैच का इंतजार करना चाहिए? इस सवाल पर फिलिप्स ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि, यह बेहद ही बेवकूफाना और घटिया सवाल है। कोई भी टीम मैदान पर यह सोचकर नहीं उतरती कि चलो इस मैच को छोड़ देते हैं। हम प्रोफेशनल क्रिकेटर्स हैं, हम ऐसा क्यों करेंगे? हम मैदान पर गए और अपना सब कुछ झोंक दिया। हर चीज को आपके पक्ष में होना जरूरी होता है : फिलिप्स उन्होंने आगे कहा कि दुर्भाग्य से जब आप 250 रन जैसे विशाल लक्ष्य का पीछा कर रहे होते हैं, तो हर चीज का आपके पक्ष में होना जरूरी होता है, जो उस दिन नहीं हुआ। मैच के टर्निंग पॉइंट को लेकर फिलिप्स ने माना कि खराब फील्डिंग का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा, “प्लेऑफ जैसे बड़े मैचों में फील्डिंग की भूमिका सबसे अहम हो जाती है। रुतुराज का कैच जब वह 21 रन पर थे, तब छूटना हमें बहुत भारी पड़ा। उन्होंने हमें इसकी बड़ी सजा दी।” फिलिप्स ने स्वीकार किया कि कोई भी जानबूझकर कैच नहीं छोड़ता, लेकिन हमें अपनी मानसिकता में थोड़ा बदलाव करना होगा। उन्होंने जोर दिया कि मैदान पर हर खिलाड़ी में गेंद को लपकने और कुछ खास करने की भूख दिखनी चाहिए। 254 का पीछा करना आसान नहीं, स्कोरबोर्ड का भारी दबाव था उन्होंने कहा कि, पिच और रन चेज पर बात करते हुए फिलिप्स ने कहा, “यह काली मिट्टी की पिच थी। जब आप 254 रन का पीछा करते हैं, तो स्कोरबोर्ड का भारी दबाव होता है। पंजाब किंग्स ने इस सीजन में एक-दो बार ऐसा करके इसे आसान दिखा दिया है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। मैं आज तक किसी ऐसी टीम का हिस्सा नहीं रहा जो 250 के करीब भी पहुंची हो।” बिना खेले प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्यों?’ फिलिप्स ने दिया मजेदार जवाब एक पत्रकार ने जब चुटकी लेते हुए पूछा कि आप आज प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं थे, फिर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दे रहे हैं, क्या यह अजीब नहीं लगता? इस पर फिलिप्स ने मुस्कुराते हुए कहा कि, बिल्कुल नहीं। कई बार जो खिलाड़ी बाहर बैठा होता है, उसका नजरिया ज्यादा साफ होता है। हमारे मुख्य कोच आशीष नेहरा हमेशा कहते हैं- ‘चिल पिल लो’ (Take a chill pill)। खिलाड़ियों के लिए जरूरी है कि वे इस हार को भूलकर अगले मैच पर ध्यान लगाएं। एक रन की हार से बेहतर है ऐसी हार, वापसी करना आसान 2 दिन बाद होने वाले अगले नॉकआउट मुकाबले में वापसी को लेकर फिलिप्स ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की बड़ी हार से उबरना कई बार 1 या 2 रन की हार से ज्यादा आसान होता है। अगर आप 1 रन से हारते हैं, तो आप सोचते रह जाते हैं कि काश वहां सिंगल ले लिया होता। लेकिन जब आप 250 रन के चेज में बहुत पीछे रह जाते हैं, तो आप बस यह मान लेते हैं कि आज हमारा दिन नहीं था। अच्छी बात यह है कि टॉप-2 में रहने की वजह से हमारे पास वापसी का एक और मौका मौजूद है।
टीएमसी में फूट? भाजपा नेता का दावा, 50 तृणमूल विधायक, 20 सांसद पाला बदलने को तैयार | भारत समाचार

आखरी अपडेट:27 मई, 2026, 13:05 IST वर्तमान में, टीएमसी के पास पश्चिम बंगाल से 29 लोकसभा सांसद हैं, जबकि भाजपा के पास 12 और कांग्रेस के पास एक है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बीजेपी चाहे तो अगले कुछ दिनों में पूरी टीएमसी खत्म हो जाएगी. टीएमसी में उथल-पुथल गहरायी: 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में अपनी हार के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर अशांति व्यापक होती दिख रही है, जब वरिष्ठ भाजपा नेता सौमित्र खान ने दावा किया कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के लगभग 20 सांसद भाजपा के संपर्क में थे और अगर पार्टी नेतृत्व मंजूरी देता है तो वे पाला बदलने के इच्छुक हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से उन्होंने कहा, “अगर बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व एक बार कह दे तो टीएमसी अब पार्टी नहीं रहेगी. हर कोई आने के लिए तैयार है. करीब 50 विधायक पार्टी से नाखुश हैं और 20 सांसद शामिल होने के लिए तैयार हैं.” वर्तमान में, टीएमसी के पास पश्चिम बंगाल से 29 लोकसभा सांसद हैं, जबकि भाजपा के पास 12 और कांग्रेस के पास एक है। भाजपा नेता ने तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर भी तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ”पापी” बताया और कहा कि ”पापियों को जेल जाना होगा।” दल-बदल विरोधी कानून के तहत, अयोग्यता से बचने के लिए संसदीय दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों को एक साथ पाला बदलने की जरूरत होती है। टीएमसी के मामले में, लोकसभा में 29 सांसदों के साथ, संख्या लगभग 19 या 20 बैठती है। भाजपा नेता के दावों को खारिज करते हुए, वरिष्ठ टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने आरोपों को “बिल्कुल फर्जी” बताया। रॉय ने कहा, “भाजपा और सौमित्र खान पत्रकारों को जो कुछ दे रहे हैं, वह बिल्कुल फर्जी है। ऐसा कुछ नहीं होगा।” यह अटकलें ऐसे समय में आई हैं जब टीएमसी के भीतर असंतोष तेजी से दिखाई देने लगा है। पार्टी के कई सांसदों, विधायकों और स्थानीय नेताओं ने हाल के हफ्तों में सार्वजनिक रूप से असंतोष व्यक्त किया है। यह बेचैनी पूरे पश्चिम बंगाल में नागरिक निकायों से इस्तीफों की लहर के साथ भी आई है। हाल के दिनों में कथित तौर पर 100 से अधिक पार्षदों ने विभिन्न नगर पालिकाओं से इस्तीफा दे दिया है। सबसे बड़ा झटका भाटपाड़ा में लगा, जहां नगर पालिका अध्यक्ष रेबा राहा समेत 35 में से 30 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया. हलीशहर, कांचरापाड़ा, गारुलिया, उत्तरी बैरकपुर और कोंटाई से भी इसी तरह के इस्तीफे की खबरें आईं। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का गढ़ माने जाने वाले डायमंड हार्बर में आठ पार्षदों ने यह आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के पास नागरिक निकाय चलाने में बहुत कम अधिकार हैं। 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले, कई प्रमुख टीएमसी नेता भाजपा में चले गए थे, लेकिन ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के सत्ता बरकरार रखने के बाद वे वापस लौट आए। लेकिन इस बार समीकरण अलग हैं, टीएमसी के 15 साल के शासन को खत्म करने के बाद बीजेपी अब बंगाल की सत्ता में है। यह अटकलें ऐसे समय में आई हैं जब टीएमसी के भीतर बेचैनी के संकेत तेजी से दिखाई देने लगे हैं, हाल के हफ्तों में कई विधायकों, सांसदों और नेताओं ने सार्वजनिक रूप से असंतोष व्यक्त किया है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया टीएमसी में फूट? भाजपा नेता का दावा, 50 तृणमूल विधायक, 20 सांसद पाला बदलने को तैयार अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
सरकारी हिस्सेदारी बिक्री की खबर से कोल इंडिया 5% गिरा:₹5000 करोड़ जुटाने का प्लान, रिटेल निवेशकों को 29 मई को बोली लगाने का मौका

केंद्र सरकार ऑफर फॉर सेल के जरिए कोल इंडिया की 2% हिस्सेदारी बेच रही है। इस बिक्री में 1% इक्विटी का बेस ऑफर और ओवरसब्सक्रिप्शन होने पर अतिरिक्त 1% का ग्रीन शू ऑप्शन मिलेगा। इस घोषणा के बाद आज 27 मई को इसके शेयर 5% गिरकर 428 रुपए पर आ गए। हालांकि अब इसमें थोड़ी रिकवरी आई है और ये वापस 446 पर पहुंच गया है। कल ये ₹458 पर बंद हुआ था। सरकार ने इस बिक्री के लिए फ्लोर प्राइस ₹412 प्रति शेयर तय किया है, जो इसके पिछले क्लोजिंग प्राइस से करीब 11.2% डिस्काउंट पर है। सरकार का लक्ष्य ₹5 हजार करोड़ तक जुटाना है। OFS विंडो 27 मई और 29 मई को खुली रहेगी चौथी तिमाही में 12% बढ़ा मुनाफा, ₹5.25 प्रति शेयर डिविडेंड मार्च तिमाही (Q4) में कोल इंडिया का प्रदर्शन स्थिर रहा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) सालाना आधार पर 12% बढ़कर ₹10,908 करोड़ रुपए रहा। ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू भी 6% बढ़कर ₹46,490 करोड़ रुपए हो गया है। कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹5.25 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की घोषणा की है, जो आगामी AGM में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद दिया जाएगा। तिमाही के दौरान EBITDA 12% बढ़कर ₹17,917 करोड़ रुपए रहा और EBITDA मार्जिन 36% से सुधरकर 39% हो गया। ब्रोकरेज फर्म्स की राय और फ्यूचर टारगेट ब्रोकरेज फर्म इलारा कैपिटल ने इस शेयर पर अपनी ‘अक्युमुलेट’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस को ₹458 से बढ़ाकर ₹522 प्रति शेयर कर दिया है। नॉलेज पार्ट : ऑफर फॉर सेल: यह लिस्टेड कंपनियों के प्रमोटरों के लिए एक्सचेंज के जरिए अपनी हिस्सेदारी पारदर्शी तरीके से बेचने का एक आसान तरीका है। इसमें मुख्य रूप से बड़े संस्थागत और रिटेल निवेशक हिस्सा लेते हैं और यह सामान्य IPO की तुलना में तेजी से पूरा होता है।
हिस्सेदारी बिक्री की खबर से कोल इंडिया 5% गिरा:सरकार का ₹5000 करोड़ जुटाने का प्लान, रिटेल निवेशक 29 मई को बोली लगा सकेंगे

केंद्र सरकार OFS के जरिए कोल इंडिया की 2% हिस्सेदारी बेच रही है। इस बिक्री में 1% शेयरों का बेस ऑफर और ओवरसब्सक्रिप्शन होने पर अतिरिक्त 1% हिस्सेदारी बिक्री शामिल है। इस घोषणा के बाद आज 27 मई को इसके शेयर 5% गिरकर 428 रुपए पर आ गए। हालांकि अब इसमें थोड़ी रिकवरी आई है और ये वापस 446 पर पहुंच गया है। सरकार ने इस बिक्री के लिए फ्लोर प्राइस ₹412 प्रति शेयर तय किया है, जो इसके पिछले क्लोजिंग प्राइस से करीब 11.2% कम है। सरकार का लक्ष्य ₹5 हजार करोड़ तक जुटाना है। OFS विंडो 27 मई और 29 मई को खुली रहेगी चौथी तिमाही में 12% बढ़ा मुनाफा, ₹5.25 प्रति शेयर डिविडेंड मार्च तिमाही (Q4) में कोल इंडिया का प्रदर्शन स्थिर रहा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) सालाना आधार पर 12% बढ़कर ₹10,908 करोड़ रुपए रहा। ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू भी 6% बढ़कर ₹46,490 करोड़ रुपए हो गया है। कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹5.25 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की घोषणा की है, जो आगामी AGM में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद दिया जाएगा। तिमाही के दौरान EBITDA 12% बढ़कर ₹17,917 करोड़ रुपए रहा और EBITDA मार्जिन 36% से सुधरकर 39% हो गया। ब्रोकरेज फर्म्स की राय और फ्यूचर टारगेट ब्रोकरेज फर्म इलारा कैपिटल ने इस शेयर पर अपनी ‘अक्युमुलेट’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस को ₹458 से बढ़ाकर ₹522 प्रति शेयर कर दिया है। नॉलेज पार्ट : ऑफर फॉर सेल: यह लिस्टेड कंपनियों के प्रमोटरों के लिए एक्सचेंज के जरिए अपनी हिस्सेदारी पारदर्शी तरीके से बेचने का एक आसान तरीका है। इसमें मुख्य रूप से बड़े संस्थागत और रिटेल निवेशक हिस्सा लेते हैं और यह सामान्य IPO की तुलना में तेजी से पूरा होता है।
Records remained unbroken even with medication, clean athletes won.

Hindi News Sports Records Remained Unbroken Even With Medication, Clean Athletes Won. लास वेगास16 मिनट पहले कॉपी लिंक एनहेंस्ड गेम्स ने दुनिया को जरूर चौंकाया, लेकिन पहले ही आयोजन में यह साफ हो गया कि सिर्फ डोपिंग की छूट देने से इंसान सुपरह्यूमन नहीं बन जाता।- फाइल फोटो अमेरिका के लास वेगास में चमकती रोशनी, तेज संगीत, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भीड़ और करोड़ों रुपए की इनामी राशि। दावा था कि यहां इंसानी शरीर की सीमाएं टूटेंगी और कई वर्ल्ड रिकॉर्ड बनेंगे। लेकिन ‘एनहेंस्ड गेम्स’ का पहला आयोजन फ्लॉप रहा। करीब पांच घंटे तक चली प्रतियोगिता में आखिर तक कोई बड़ा रिकॉर्ड नहीं टूटा। अंतिम इवेंट में ग्रीस के तैराक क्रिस्टियन गकोलोमेव ने 50 मीटर फ्रीस्टाइल रेस 20.81 सेकंड में पूरी की। यह आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड से सिर्फ 0.07 सेकंड बेहतर था। हालांकि, यह रिकॉर्ड मान्य नहीं है, क्योंकि उन्होंने प्रतिबंधित ‘स्किनसूट’ पहना था और डोपिंग भी की थी। फिर भी आयोजकों ने इसे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताकर जश्न मनाया। इन एनहेंस्ड गेम्स का मकसद ही अलग है। यहां खिलाड़ियों को प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवाएं लेने की अनुमति दी गई। टेस्टोस्टेरोन, ईपीओ और एनाबॉलिक स्टेरॉयड जैसी प्रतिबंधित चीजें खुले तौर पर इस्तेमाल हुईं। स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर यह तक दिखाया जा रहा था कि खिलाड़ी कौन-कौन सी दवाएं ले रहे हैं। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह रही कि तीन ऐसे खिलाड़ी भी विजेता बने, जिन्होंने दावा किया कि वे बिना डोपिंग के उतरे थे। अमेरिका के फ्रेड केरली (पेरिस ओलिंपिक के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट) ने 100 मीटर दौड़ जीतने के बाद तंज कसते हुए कहा, ‘बाकियों को और मेहनत करनी चाहिए, शायद थोड़ा और ड्रग्स लेना चाहिए।’ वहीं महिलाओं की 100 मीटर रेस जीतने वाली ट्रिस्टन एवलिन ने कहा, ‘यह साबित करता है कि जीत सिर्फ केमिस्ट्री से नहीं मिलती।’ आयोजकों ने रिकॉर्ड टूटने की बड़ी उम्मीदें लगाई थीं, लेकिन ज्यादातर खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ सीरीज से मशहूर आइसलैंड के स्ट्रॉन्गमैन थॉर ब्योर्नसन 510 किलो डेडलिफ्ट का अपना रिकॉर्ड भी नहीं तोड़ सके। कई वेटलिफ्टर तीन-तीन कोशिशों के बाद भी रिकॉर्ड से दूर रह गए। यहां तक कि जब कनाडा के वेटलिफ्टर बोएडी सैंटावी असफल हो गए तो आयोजकों ने नियम बदलते हुए उन्हें एक अतिरिक्त मौका दे दिया। माहौल किसी पेशेवर टूर्नामेंट से ज्यादा स्कूल स्पोर्ट्स डे जैसा लगने लगा। हालांकि, खिलाड़ियों के लिए इनाम बेहद बड़ा था। ब्रिटेन के तैराक बेन प्राउड ने 50 मीटर बटरफ्लाई जीतकर और एक अन्य रेस में दूसरा स्थान हासिल कर करीब 3.5 करोड़ रुपए कमाए। उन्होंने कहा, ‘जब मैंने इन गेम्स के बारे में सुना तो लगा जैसे लॉटरी लग गई हो।’ एनहेंस्ड गेम्स ने दुनिया को जरूर चौंकाया, लेकिन पहले ही आयोजन में यह साफ हो गया कि सिर्फ डोपिंग की छूट देने से इंसान सुपरह्यूमन नहीं बन जाता। दुनिया का पहला इस तरह का आयोजन यह दुनिया का पहला ऐसा खेल आयोजन है, जहां खिलाड़ियों को प्रतिबंधित दवाएं लेने की अनुमति दी गई। आयोजकों का दावा है कि इससे इंसानी क्षमता की नई सीमाएं सामने आएंगी। हालांकि अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाएं और कई पूर्व खिलाड़ी इसका विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह खेल भावना और खिलाड़ियों की सेहत दोनों के लिए खतरनाक प्रयोग है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
चांदी दो दिन में ₹9000 सस्ती, ₹2.66 लाख पर आई:सोना ₹1,800 रुपए सस्ता हुआ, 10 ग्राम सोना ₹1.57 लाख पर आया

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 27 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 4,503 रुपए कम होकर 2.62 लाख रुपए पर आ गई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 571 रुपए गिरकर 1.57 लाख रुपए हो गया है। चांदी की कीमत 2 दिन में 9 हजार और 1,800 रुपए सस्ता हो चुकी है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 27 मई 2026 सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.57 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.62 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। सोना 118 दिन में ₹19 हजार और चांदी ₹1.24 लाख सस्ती सोर्स: IBJA गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।
चांदी दो दिन में ₹9000 सस्ती, ₹2.62 लाख पर आई:सोना ₹1,800 रुपए सस्ता हुआ, 10 ग्राम सोना ₹1.57 लाख पर आया

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 27 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 4,503 रुपए कम होकर 2.62 लाख रुपए पर आ गई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 571 रुपए गिरकर 1.57 लाख रुपए हो गया है। चांदी की कीमत 2 दिन में 9 हजार और 1,800 रुपए सस्ता हो चुकी है। सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.57 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.62 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।








