Sunday, 12 Jul 2026 | 05:19 PM

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Myisha Parvez Wins Commonwealth Youth Rapid Chess Championship U14 Girls

Myisha Parvez Wins Commonwealth Youth Rapid Chess Championship U14 Girls

Hindi News Sports Myisha Parvez Wins Commonwealth Youth Rapid Chess Championship U14 Girls स्पोर्ट्स डेस्क4 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत की उभरती चेस खिलाड़ी मायशा परवेज ने कॉमनवेल्थ यूथ रैपिड चेस चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया है। 14 साल की मायशा ने अंडर-14 गर्ल्स कैटेगरी के रैपिड चेस में पहला स्थान हासिल किया। यह चैंपियनशिप 17 मई से 25 मई तक श्रीलंका के कालूतरा में खेले गई। युवा स्टार मायशा ने 9 राउंड में 7.5 अंक हासिल किए। मायशा पहले नेशनल लेवल पर मेडल जीतकर अपने परिजान का नाम रोशन करती रही हैं। पहला राउंड गंवाया था, फिर दमदार वापसी की मायशा पहले राउंड में मेजबान देश की येसांदी विक्रमराचि से हार गईं। वे राउंड-1 के बाद 17वें स्थान पर थीं। यहां से मायशा ने लगातार 5 जीत हासिल करके दमदार वापसी की। वे छठे राउंड के बाद की टेबल में दूसरे स्थान पर आ गई थीं। यहां उनके पास 5 अंक थे। मायशा ने दूसरे राउंड में श्रीलंका की विश्व विमुक्ति को हराया और पॉइंट्स टेबल में 6 अंक पायदान की बढ़त के साथ 11वें स्थान पर आ गईं। मायशा ने तीसरे राउंड में उदाणी साविनद्या, चौथे राउंड में सनुली यहांसा परेरा, 5वें राउंड में सेनुधी अहस्या जयसिंघे और छठे में दिव्याश्री कोल्लीपारा को मात दी। WFM सेथुमली को ड्रॉ खेलने पर मजबूर किया AFM मायशा ने 7वें राउंड में श्रीलंका की विमेन फीडे मास्टर सेथुमली देवहारा पल्लियागे को ड्रॉ खेलने पर मजबूर किया और अंक साझा किया। फिर 8वें राउंड में केजी देवली अबिनादी चानसेया और AFM विनुदी दाहम्सा मड्डुमा पाता बेंडी को हराया। ———————————————- चेस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड चैंपियन गुकेश नॉर्वे चेस के दूसरे दौर में हारे, अमेरिका के वेस्ली ने हराया नॉर्वे चेस टूर्नामेंट मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिलाजुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश और आर प्रज्ञानानंदा को राउंड-2 में मजबूत स्थिति में आने के बाद हार झेलनी पड़ी। जबकि, महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार जीत दर्ज की। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बांग्लादेश में 700 किलो वाले ट्रम्प भैंसे की कुर्बानी रुकी:₹3 लाख में ईद के लिए निलाम हुआ था, अब नेशनल जू भेजा गया

बांग्लादेश में 700 किलो वाले ट्रम्प भैंसे की कुर्बानी रुकी:₹3 लाख में ईद के लिए निलाम हुआ था, अब नेशनल जू भेजा गया

बांग्लादेश में डोनाल्ड ट्रम्प नाम से मशहूर सफेद भैंसे की ईद पर कुर्बानी पर रोक लगा दी गई। ईद से पहले इस भैंसे को कुर्बानी के लिए 3.85 लाख टाका (यानी करीब 3 लाख रूपए) में बेच दिया था। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, इस भैंसे का पालन-पोषण राजधानी ढाका से कुछ दूर नारायणगंज स्थित रबेया एग्रो फार्म में हुआ। फार्म के मालिक जिया उद्दीन मैरदा ने बताया कि ईद के लिए 700 किलो के इस भैंसे की कीमत 550 टका प्रति किलोग्राम लगाई गई थी। लेकिन जैसे-जैसे इस सफेद भैंसे की लोकप्रियता बढ़ती गई, वैसे-वैसे सरकार और प्रशासन का ध्यान भी उसकी तरफ गया। इसके बाद बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि भैंसे को बचाकर ढाका के नेशनल जू भेजा जाएगा। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने अधिकारियों को इस जानवर को सुरक्षित रखने का आदेश दिया। सरकार ने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने कुर्बानी के लिए यह भैंसा खरीदा था, उसे उसके पूरे पैसे वापस किए जाएंगे। अपने सुनहरे बालों के कारण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ भैंसा करीब 700 किलो वजन वाला यह भैंसा सोशल मीडिया पर अचानक बहुत मशहूर हो गया। इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। लोग दूर-दूर से सिर्फ इस अनोखे भैंसे को देखने के लिए फार्म पर पहुंचने लगे। बच्चे, परिवार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स उसके साथ फोटो और वीडियो बनाने लगे। इस भैंसे की सबसे खास बात उसके सिर पर मौजूद सुनहरे बालों का गुच्छा है, जो काफी हद तक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हेयरस्टाइल जैसा दिखता है। इसी वजह से लोगों ने मजाक-मजाक में उसका नाम डोनाल्ड ट्रम्प रख दिया था। लोगों की भारी भीड़ फार्म पर जमा होने लगी, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके बाद बांग्लादेश सरकार ने आखिरी समय में फैसला लिया कि इस दुर्लभ भैंसे की कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी। पशुपालन विभाग ने भैंसे को सुरक्षित रखने कि मांग की ढाका के केरानीगंज पुलिस स्टेशन के अधिकारी मोहम्मद रूहुल कुद्दुस ने बताया कि पशुपालन विभाग ने पुलिस से संपर्क कर इस भैंसे को सुरक्षित रखने की मांग की थी। अधिकारियों का मानना है कि यह भैंसा अभी जवान है और कई साल तक जिंदा रह सकता है। ANI से बात करते हुए फार्म के मालिक ने बताया कि यह भैंस 4 साल का है और यह एल्बिनो किस्म की नस्ल है। इसका रंग सफेद-गुलाबी जैसा है। इसीलिए यह दुर्लभ और अनोखी है। अब इस भैंसे को बांग्लादेश नेशनल जू में रखा गया है। जू प्रशासन ने उसके लिए अलग बाड़ा तैयार किया है और उसकी देखभाल के लिए खास कर्मचारी भी लगाए गए हैं। जू के क्यूरेटर अतीकुर रहमान ने बताया कि भैंसे को फिलहाल दो हफ्ते तक निगरानी और क्वारंटीन में रखा जाएगा। इसके बाद आम लोग उसे जू में देख सकेंगे। बांग्लादेश में एल्बिनो नस्ल बेहद दुर्लभ बांग्लादेश में सफेद या एल्बिनो भैंसे बेहद दुर्लभ माने जाते हैं। वहां ज्यादातर काले रंग के जानवर ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में इस भैंसे का अलग रंग और उसके सिर के सुनहरे बाल लोगों के लिए आकर्षण का बड़ा कारण बन गए। एल्बिनो नस्ल के जानवरों के शरीर में मेलेनिन नाम का पिगमेंट बहुत कम या बिल्कुल नहीं बनता। यही पिगमेंट त्वचा, बाल और आंखों को रंग देता है। इसकी कमी की वजह से ऐसे जानवरों का रंग सफेद या हल्का गुलाबी दिखता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हजारों सामान्य पशुओं में कभी-कभी एक एल्बिनो जन्म लेता है। इनकी त्वचा और आंखें संवेदनशील होती हैं, इसलिए इन्हें धूप, संक्रमण और त्वचा संबंधी बीमारियों से ज्यादा खतरा रहता है। —————— ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में 9 इस्लामिक जगहों के नाम नहीं बदलेंगे:हिंदू-सिख दौर का नाम रखा जाना था, कट्टरपंथियों के विरोध के बाद फैसला बदला पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मरियम नवाज सरकार ने लाहौर की सड़कों, चौकों और इलाकों के पुराने नाम बहाल करने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। सरकार जिन नामों को बहाल करना चाहती थी, उनमें कई हिंदू और सिख दौर के नाम शामिल थे। सरकार ने यह कदम कट्टरपंथी समूहों और सोशल मीडिया पर बढ़ते विरोध के बाद उठाया। कुछ लोगों ने इसे हिंदू और सिख पहचान वापस लाने की कोशिश बताते हुए धार्मिक रंग दे दिया था। लाहौर के डिप्टी कमिश्नर कैप्टन (रिटायर्ड) मोहम्मद अली एजाज ने पाकिस्तानी अखबार डॉन से कहा कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

Bangladesh Trump Buffalo Eid Sacrifice Stopped

Bangladesh Trump Buffalo Eid Sacrifice Stopped

ढाका8 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश में डोनाल्ड ट्रम्प नाम से मशहूर सफेद भैंसे की ईद पर कुर्बानी रोक दी गई है। ईद से पहले इस भैंसे को कुर्बानी के लिए 3.85 लाख टाका (करीब 3 लाख रूपए) में बेचा गया था। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, इस भैंसे का पालन-पोषण राजधानी ढाका से कुछ दूर नारायणगंज स्थित रबेया एग्रो फार्म में हुआ। फार्म के मालिक जिया उद्दीन मैरदा ने बताया कि ईद के लिए 700 किलो के इस भैंसे की कीमत 550 टका प्रति किलोग्राम लगाई गई थी। लेकिन जैसे-जैसे इस सफेद भैंसे की लोकप्रियता बढ़ती गई, वैसे-वैसे सरकार और प्रशासन का ध्यान भी उसकी तरफ गया। इसके बाद बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि भैंसे को बचाकर ढाका के नेशनल जू भेजा जाएगा। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने अधिकारियों को इस जानवर को सुरक्षित रखने का आदेश दिया। सरकार ने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने कुर्बानी के लिए यह भैंसा खरीदा था, उसे उसके पूरे पैसे वापस किए जाएंगे। ट्रम्प नाम के मशहूर भैंसे की 5 तस्वीरें… इस भैंसे के सनहरे बाल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की हेयरस्टाइल से मेल खाते है। जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसका नाम ‘ट्रम्प’ रखा गया। लोग दूर-दूर से सिर्फ इस अनोखे भैंसे को देखने के लिए फार्म पर पहुंचते है। बच्चे, परिवार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स उसके साथ फोटो और वीडियो भी बनाते है। इस भैंसे का पालन-पोषण राजधानी ढाका से कुछ दूर नारायणगंज स्थित रबेया एग्रो फार्म में हुआ है। फार्म के मालिक ने बताया कि यह भैंस 4 साल का है, इसलिए अधिकारियों ने का मानना है की यह कई साल तक जिंदा रह सकता है। भैंसे की कुर्बानी रोक अब इसे ढाका जू ले जाया जा रहा है। यहां इसकी देखभाल सरकार ने अंतर्गत होगी। अपने सुनहरे बालों के कारण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ भैंसा यह भैंसा सोशल मीडिया पर अचानक बहुत मशहूर हो गया। इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। लोग दूर-दूर से सिर्फ इसे देखने आते थे। बच्चे, परिवार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स उसके साथ फोटो और वीडियो बनाने लगे। इस भैंसे की सबसे खास बात उसके सिर पर मौजूद सुनहरे बालों का गुच्छा है, जो काफी हद तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हेयरस्टाइल जैसा दिखता है। इसी वजह से लोगों ने मजाक-मजाक में उसका नाम डोनाल्ड ट्रम्प रख दिया था। लोगों की भारी भीड़ फार्म पर जमा होने लगी, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके बाद बांग्लादेश सरकार ने आखिरी समय में फैसला लिया कि इस दुर्लभ भैंसे की कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी। पशुपालन विभाग ने भैंसे को सुरक्षित रखने कि मांग की ढाका के केरानीगंज पुलिस स्टेशन के अधिकारी मोहम्मद रूहुल कुद्दुस ने बताया कि पशुपालन विभाग ने पुलिस से संपर्क कर इस भैंसे को सुरक्षित रखने की मांग की थी। अधिकारियों का मानना है कि यह भैंसा अभी जवान है और कई साल तक जिंदा रह सकता है। ANI से बात करते हुए फार्म के मालिक ने बताया कि यह भैंस 4 साल का है और यह एल्बिनो किस्म की नस्ल है। इसका रंग सफेद-गुलाबी जैसा है। इसीलिए यह दुर्लभ और अनोखी है। अब इस भैंसे को बांग्लादेश नेशनल जू में रखा गया है। जू प्रशासन ने उसके लिए अलग बाड़ा तैयार किया है और उसकी देखभाल के लिए खास कर्मचारी भी लगाए गए हैं। जू के क्यूरेटर अतीकुर रहमान ने बताया कि भैंसे को फिलहाल दो हफ्ते तक निगरानी और क्वारंटीन में रखा जाएगा। इसके बाद आम लोग उसे जू में देख सकेंगे। बांग्लादेश में एल्बिनो नस्ल बेहद दुर्लभ बांग्लादेश में सफेद या एल्बिनो भैंसे बेहद दुर्लभ माने जाते हैं। वहां ज्यादातर काले रंग के जानवर ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में इस भैंसे का अलग रंग और उसके सिर के सुनहरे बाल लोगों के लिए आकर्षण का बड़ा कारण बन गए। एल्बिनो नस्ल के जानवरों के शरीर में मेलेनिन नाम का पिगमेंट बहुत कम या बिल्कुल नहीं बनता। यही पिगमेंट त्वचा, बाल और आंखों को रंग देता है। इसकी कमी की वजह से ऐसे जानवरों का रंग सफेद या हल्का गुलाबी दिखता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हजारों सामान्य पशुओं में कभी-कभी एक एल्बिनो जन्म लेता है। इनकी त्वचा और आंखें संवेदनशील होती हैं, इसलिए इन्हें धूप, संक्रमण और त्वचा संबंधी बीमारियों से ज्यादा खतरा रहता है। —————— ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में 9 इस्लामिक जगहों के नाम नहीं बदलेंगे:हिंदू-सिख दौर का नाम रखा जाना था, कट्टरपंथियों के विरोध के बाद फैसला बदला पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मरियम नवाज सरकार ने लाहौर की सड़कों, चौकों और इलाकों के पुराने नाम बहाल करने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। सरकार जिन नामों को बहाल करना चाहती थी, उनमें कई हिंदू और सिख दौर के नाम शामिल थे। सरकार ने यह कदम कट्टरपंथी समूहों और सोशल मीडिया पर बढ़ते विरोध के बाद उठाया। कुछ लोगों ने इसे हिंदू और सिख पहचान वापस लाने की कोशिश बताते हुए धार्मिक रंग दे दिया था। लाहौर के डिप्टी कमिश्नर कैप्टन (रिटायर्ड) मोहम्मद अली एजाज ने पाकिस्तानी अखबार डॉन से कहा कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Raw Material Cost Pressure on Companies; Packaging Material Up 56%

Raw Material Cost Pressure on Companies; Packaging Material Up 56%

Hindi News Business Raw Material Cost Pressure On Companies; Packaging Material Up 56% | India नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक आने वाले दिनों में रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले जरूरी कंज्यूमर प्रोडक्ट्स महंगे हो सकते हैं। सिस्टेमैटिक्स रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण कंपनियां लगातार महंगाई के दबाव में हैं, जिससे वे अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा सकती हैं। पिछले दो महीनों में 3 से 7% तक बढ़ चुके हैं दाम रिपोर्ट में बताया गया है कि अलग-अलग कैटेगरी की कंपनियों ने पिछले एक से दो महीनों में ही अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में औसतन 3% से 7% तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसकी मुख्य वजह यह है कि कंपनियों की रॉ मटीरियल बास्केट की लागत में औसतन करीब 10% बढ़ी है। रिटेल महंगाई बढ़कर 3.48% पर पहुंची अप्रैल की रिटेल महंगाई बढ़कर 3.48% पर पहुंच गई है। इससे पहले मार्च में यह 3.40% थी। महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन अप्रैल में बढ़कर 4.20% पर पहुंच गई। मार्च में यह आंकड़ा 3.87% था। कंपनियां कीमत बढ़ाने के साथ घटा सकती हैं वजन इनपुट कॉस्ट में हुई इस बढ़ोतरी की भरपाई करने के लिए कंपनियां कीमते बढ़ाने के साथ-साथ ‘ग्रामेज कट’ यानी पैकेट का वजन घटाने का तरीका भी अपना सकती हैं। पाम ऑयल, क्रूड और पैकेजिंग कॉस्ट बढ़ी रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ खास कैटेगरीज में लागत बहुत तेजी से बढ़ी है: पैकेजिंग मटीरियल (HDPE): शैम्पू की बोतलें, डिटर्जेंट कंटेनर और फ्लेक्सिबल पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक (HDPE) की कीमतें 56% तक बढ़ गई हैं। क्रूड और पाम ऑयल: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 32% तक उछल गई हैं। वहीं पाम ऑयल के दाम में भी 11% की तेजी आई है। कंपनियों के मुनाफे और मार्जिन पर असर दिखेगा कच्चे माल की इस महंगाई का असर मार्च तिमाही (Q4FY26) में ही दिखने लगा था, जब बड़ी कंपनियों का ग्रॉस मार्जिन घटा था। सालाना आधार पर ये 0.50% घटा है। इस मौजूदा महंगाई का सबसे बड़ा असर वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (H1FY27) में दिखाई देगा। मौजूदा लागत बढ़ोतरी की भरपाई के लिए कंपनियों ने अपने सामान के दाम तो बढ़ा रही हैं, जिससे वे घाटे से बच जाएं। लेकिन महंगाई इतनी ज्यादा है कि साल 2026-27 में कंपनियों का कुल मुनाफा प्रतिशत (मार्जिन) कम रहने की आशंका बनी हुई है। कमाई बढ़ेगी पर खपत घटने की आशंका रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि बढ़ती रिटेल महंगाई के कारण आने वाले महीनों में कंजम्पशन वॉल्यूम (सामान की कुल खपत या बिक्री) पर बुरा असर पड़ सकता है। नॉलेज पार्ट: ग्रामेज कट या ‘श्रिंकफ्लेशन’: जब कंपनियां अपने किसी प्रोडक्ट की कीमत को बिना बदले, उसके अंदर मिलने वाले सामान का वजन कम कर देती हैं, तो इसे इकोनॉमिक्स की भाषा में ‘श्रिंकफ्लेशन’ या ग्रामेज कट कहते हैं. कंपनियां ऐसा इसलिए करती हैं ताकि ग्राहक को सीधे तौर पर दाम बढ़ा हुआ न लगे और कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन भी बच जाए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Raw Material Cost Pressure on Companies; Packaging Material Up 56%

Raw Material Cost Pressure on Companies; Packaging Material Up 56%

Hindi News Business Raw Material Cost Pressure On Companies; Packaging Material Up 56% | India नई दिल्ली26 मिनट पहले कॉपी लिंक आने वाले दिनों में रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले जरूरी कंज्यूमर प्रोडक्ट्स महंगे हो सकते हैं। सिस्टेमैटिक्स रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण कंपनियां लगातार महंगाई के दबाव में हैं, जिससे वे अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा सकती हैं। पिछले दो महीनों में 3 से 7% तक बढ़ चुके हैं दाम रिपोर्ट में बताया गया है कि अलग-अलग कैटेगरी की कंपनियों ने पिछले एक से दो महीनों में ही अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में औसतन 3% से 7% तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसकी मुख्य वजह यह है कि कंपनियों की रॉ मटीरियल बास्केट की लागत में औसतन करीब 10% बढ़ी है। रिटेल महंगाई बढ़कर 3.48% पर पहुंची अप्रैल की रिटेल महंगाई बढ़कर 3.48% पर पहुंच गई है। इससे पहले मार्च में यह 3.40% थी। महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन अप्रैल में बढ़कर 4.20% पर पहुंच गई। मार्च में यह आंकड़ा 3.87% था। कंपनियां कीमत बढ़ाने के साथ घटा सकती हैं वजन इनपुट कॉस्ट में हुई इस बढ़ोतरी की भरपाई करने के लिए कंपनियां कीमते बढ़ाने के साथ-साथ ‘ग्रामेज कट’ यानी पैकेट का वजन घटाने का तरीका भी अपना सकती हैं। पाम ऑयल, क्रूड और पैकेजिंग कॉस्ट बढ़ी रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ खास कैटेगरीज में लागत बहुत तेजी से बढ़ी है: पैकेजिंग मटीरियल (HDPE): शैम्पू की बोतलें, डिटर्जेंट कंटेनर और फ्लेक्सिबल पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक (HDPE) की कीमतें 56% तक बढ़ गई हैं। क्रूड और पाम ऑयल: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 32% तक उछल गई हैं। वहीं पाम ऑयल के दाम में भी 11% की तेजी आई है। कंपनियों के मुनाफे और मार्जिन पर असर दिखेगा कच्चे माल की इस महंगाई का असर मार्च तिमाही (Q4FY26) में ही दिखने लगा था, जब बड़ी कंपनियों का ग्रॉस मार्जिन घटा था। सालाना आधार पर ये 0.50% घटा है। इस मौजूदा महंगाई का सबसे बड़ा असर वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (H1FY27) में दिखाई देगा। मौजूदा लागत बढ़ोतरी की भरपाई के लिए कंपनियों ने अपने सामान के दाम तो बढ़ा रही हैं, जिससे वे घाटे से बच जाएं। लेकिन महंगाई इतनी ज्यादा है कि साल 2026-27 में कंपनियों का कुल मुनाफा प्रतिशत (मार्जिन) कम रहने की आशंका बनी हुई है। कमाई बढ़ेगी पर खपत घटने की आशंका रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि बढ़ती रिटेल महंगाई के कारण आने वाले महीनों में कंजम्पशन वॉल्यूम (सामान की कुल खपत या बिक्री) पर बुरा असर पड़ सकता है। नॉलेज पार्ट: ग्रामेज कट या ‘श्रिंकफ्लेशन’: जब कंपनियां अपने किसी प्रोडक्ट की कीमत को बिना बदले, उसके अंदर मिलने वाले सामान का वजन कम कर देती हैं, तो इसे इकोनॉमिक्स की भाषा में ‘श्रिंकफ्लेशन’ या ग्रामेज कट कहते हैं. कंपनियां ऐसा इसलिए करती हैं ताकि ग्राहक को सीधे तौर पर दाम बढ़ा हुआ न लगे और कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन भी बच जाए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

प्रीति जिंटा का PBKS फैंस के लिए इमोशनल नोट:कहा- उतार-चढ़ाव में साथ देने के लिए शुक्रिया; IPL में 1 पॉइंट से बहार हुई थी पंजाब किंग्स

प्रीति जिंटा का PBKS फैंस के लिए इमोशनल नोट:कहा- उतार-चढ़ाव में साथ देने के लिए शुक्रिया; IPL में 1 पॉइंट से बहार हुई थी पंजाब किंग्स

पंजाब किंग्स (PBKS) के आईपीएल 2026 के प्लेऑफ से बाहर होने के बाद टीम की को-ओनर और एक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने फैंस के लिए एक इमोशनल नोट शेयर किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर प्रीति ने सीजन के उतार-चढ़ाव भरे सफर में टीम का साथ देने के लिए समर्थकों का आभार जताया। पंजाब किंग्स इस सीजन में 15 पॉइंट्स के साथ पांचवें नंबर पर रही और सिर्फ एक पॉइंट के अंतर से प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई थी। राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को हराकर चौथा स्थान हासिल किया और पंजाब को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। प्रीति जिंटा ने सोशल मीडिया पर जताया आभार प्रीति जिंटा ने एक्स पोस्ट में लिखा कि आईपीएल 2026 के इस उतार-चढ़ाव भरे सफर में हमारे साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए पंजाब किंग्स के सभी फैंस का बहुत-बहुत शुक्रिया। अच्छे और बुरे समय के बीच आप सभी के प्यार ने इस सफर को और ज्यादा पूरा बना दिया। दोबारा मिलने तक मेरा सारा प्यार और शुभकामनाएं। प्रीति ने इस पोस्ट के साथ अपने सिग्नेचर स्टाइल में हैशटैग टिंग (#Ting) भी लिखा। उनकी इस पोस्ट पर फैंस लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं और टीम के खेल की तारीफ कर रहे हैं। पहले हाफ में नंबर-1 पर रही थी टीम साल 2025 में रनर-अप रही पंजाब किंग्स को इस सीजन की शुरुआत में जीत का बड़ा दावेदार माना जा रहा था। टूर्नामेंट के पहले हाफ में टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। पंजाब ने लगातार अपने पहले छह मैच जीते। टीम ने छह जीत और एक बिना नतीजे वाले मैच के साथ लगातार सात मैचों तक अजेय रहने का रिकॉर्ड बनाया। पंजाब किंग्स 13 पॉइंट्स के साथ करीब एक महीने तक पॉइंट टेबल में पहले स्थान पर जमी रही। लगातार छह हार के कारण बिगड़ा खेल टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में टीम अपनी लय बरकरार नहीं रख सकी। खराब रणनीतिक फैसलों और मैच के दौरान कैच छूटने के कारण पंजाब किंग्स का प्रदर्शन लगातार गिरता गया। टीम को लगातार छह मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी प्लेऑफ की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा। इसके बाद टीम ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को हराकर अपनी हार का सिलसिला जरूर तोड़ा, लेकिन वे कुल 15 पॉइंट्स ही जुटा सके जो प्लेऑफ में पहुंचने के लिए काफी नहीं थे। सिर्फ एक पॉइंट के अंतर से टूटी उम्मीद पंजाब किंग्स को प्लेऑफ से बाहर करने में राजस्थान रॉयल्स (RR) की जीत की बड़ी भूमिका रही। राजस्थान रॉयल्स ने अपने आखिरी मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) को हराकर कुल 16 पॉइंट्स हासिल कर लिए। इस जीत के साथ राजस्थान ने पंजाब किंग्स को हटाकर पॉइंट टेबल में चौथे स्थान पर कब्जा कर लिया और प्लेऑफ का आखिरी टिकट पा लिया। पंजाब की टीम सिर्फ एक पॉइंट कम होने की वजह से पांचवें स्थान पर रहकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

प्रीति जिंटा का PBKS फैंस के लिए इमोशनल नोट:कहा- उतार-चढ़ाव में साथ देने के लिए शुक्रिया; IPL में 1 पॉइंट से बहार हुई थी पंजाब किंग्स

प्रीति जिंटा का PBKS फैंस के लिए इमोशनल नोट:कहा- उतार-चढ़ाव में साथ देने के लिए शुक्रिया; IPL में 1 पॉइंट से बहार हुई थी पंजाब किंग्स

पंजाब किंग्स (PBKS) के आईपीएल 2026 के प्लेऑफ से बाहर होने के बाद टीम की को-ओनर और एक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने फैंस के लिए एक इमोशनल नोट शेयर किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर प्रीति ने सीजन के उतार-चढ़ाव भरे सफर में टीम का साथ देने के लिए समर्थकों का आभार जताया। पंजाब किंग्स इस सीजन में 15 पॉइंट्स के साथ पांचवें नंबर पर रही और सिर्फ एक पॉइंट के अंतर से प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई थी। राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को हराकर चौथा स्थान हासिल किया और पंजाब को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। प्रीति जिंटा ने सोशल मीडिया पर जताया आभार प्रीति जिंटा ने एक्स पोस्ट में लिखा कि आईपीएल 2026 के इस उतार-चढ़ाव भरे सफर में हमारे साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए पंजाब किंग्स के सभी फैंस का बहुत-बहुत शुक्रिया। अच्छे और बुरे समय के बीच आप सभी के प्यार ने इस सफर को और ज्यादा पूरा बना दिया। दोबारा मिलने तक मेरा सारा प्यार और शुभकामनाएं। प्रीति ने इस पोस्ट के साथ अपने सिग्नेचर स्टाइल में हैशटैग टिंग (#Ting) भी लिखा। उनकी इस पोस्ट पर फैंस लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं और टीम के खेल की तारीफ कर रहे हैं। पहले हाफ में नंबर-1 पर रही थी टीम साल 2025 में रनर-अप रही पंजाब किंग्स को इस सीजन की शुरुआत में जीत का बड़ा दावेदार माना जा रहा था। टूर्नामेंट के पहले हाफ में टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। पंजाब ने लगातार अपने पहले छह मैच जीते। टीम ने छह जीत और एक बिना नतीजे वाले मैच के साथ लगातार सात मैचों तक अजेय रहने का रिकॉर्ड बनाया। पंजाब किंग्स 13 पॉइंट्स के साथ करीब एक महीने तक पॉइंट टेबल में पहले स्थान पर जमी रही। लगातार छह हार के कारण बिगड़ा खेल टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में टीम अपनी लय बरकरार नहीं रख सकी। खराब रणनीतिक फैसलों और मैच के दौरान कैच छूटने के कारण पंजाब किंग्स का प्रदर्शन लगातार गिरता गया। टीम को लगातार छह मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी प्लेऑफ की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा। इसके बाद टीम ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को हराकर अपनी हार का सिलसिला जरूर तोड़ा, लेकिन वे कुल 15 पॉइंट्स ही जुटा सके जो प्लेऑफ में पहुंचने के लिए काफी नहीं थे। सिर्फ एक पॉइंट के अंतर से टूटी उम्मीद पंजाब किंग्स को प्लेऑफ से बाहर करने में राजस्थान रॉयल्स (RR) की जीत की बड़ी भूमिका रही। राजस्थान रॉयल्स ने अपने आखिरी मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) को हराकर कुल 16 पॉइंट्स हासिल कर लिए। इस जीत के साथ राजस्थान ने पंजाब किंग्स को हटाकर पॉइंट टेबल में चौथे स्थान पर कब्जा कर लिया और प्लेऑफ का आखिरी टिकट पा लिया। पंजाब की टीम सिर्फ एक पॉइंट कम होने की वजह से पांचवें स्थान पर रहकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

बकरीद पर आज भारतीय शेयर बाजार बंद:कमोडिटी मार्केट शाम को खुलेगा; साउथ कोरिया का बाजार 3% से ज्यादा टूटा

बकरीद पर आज भारतीय शेयर बाजार बंद:कमोडिटी मार्केट शाम को खुलेगा; साउथ कोरिया का बाजार 3% से ज्यादा टूटा

बकरीद के मौके पर आज गुरुवार 28 मई को भारतीय शेयर बाजार बंद है। वहीं कमोडिटी मार्केट में दोपहर तक कामकाज बंद रहेगा। यहां शाम 5 बजे से ट्रेडिंग शुरू होगी। कल 27 मई को सेंसेक्स 142 अंक की गिरावट के साथ 75,868 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 7 अंकों की गिरावट रही, ये 23,907 पर बंद हुआ। बैंकों के शेयर में गिरावट रही। एशियाई बाजारों में तेज गिरावट अमेरिकी बाजार कल चढ़कर बंद हुए विदेशी निवेशकों ने 30 दिन में ₹45 हजार करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। क्रूड ऑयल 4% महंगा, अमेरिका-ईरान तनाव का असर अमेरिका-ईरान तनाव के बीच गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 4% महंगा होकर 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें ग्लोबल मार्केट के लिए काफी अहम हैं क्योंकि महंगे ईंधन से महंगाई, ट्रांसपोर्टेशन लागत और पूरी इकोनॉमी पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में दुनिया भर के निवेशकों की नजरें कच्चे तेल पर टिकी हैं। कच्चा तेल महंगा होने से शेयर बाजार क्यों गिरता है? भारत अपनी जरूरत का करीब 80-85% कच्चा तेल बाहर से इम्पोर्ट करता है। जब क्रूड महंगा होता है, तो देश का डॉलर बाहर जाता है जिससे रुपया कमजोर होता है। इसके अलावा कंपनियों की लागत बढ़ती है, जिससे उनका मुनाफा घटता है। मुनाफा घटने की आशंका में निवेशक शेयर बेचने लगते हैं और बाजार में गिरावट आती है।

बकरीद पर आज भारतीय शेयर बाजार बंद:कमोडिटी मार्केट शाम को खुलेगा; साउथ कोरिया का बाजार 3% से ज्यादा टूटा

बकरीद पर आज भारतीय शेयर बाजार बंद:कमोडिटी मार्केट शाम को खुलेगा; साउथ कोरिया का बाजार 3% से ज्यादा टूटा

बकरीद के मौके पर आज गुरुवार 28 मई को भारतीय शेयर बाजार बंद है। वहीं कमोडिटी मार्केट में दोपहर तक कामकाज बंद रहेगा। यहां शाम 5 बजे से ट्रेडिंग शुरू होगी। कल 27 मई को सेंसेक्स 142 अंक की गिरावट के साथ 75,868 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 7 अंकों की गिरावट रही, ये 23,907 पर बंद हुआ। बैंकों के शेयर में गिरावट रही। एशियाई बाजारों में तेज गिरावट अमेरिकी बाजार कल चढ़कर बंद हुए विदेशी निवेशकों ने 30 दिन में ₹45 हजार करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। क्रूड ऑयल 4% महंगा, अमेरिका-ईरान तनाव का असर अमेरिका-ईरान तनाव के बीच गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 4% महंगा होकर 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें ग्लोबल मार्केट के लिए काफी अहम हैं क्योंकि महंगे ईंधन से महंगाई, ट्रांसपोर्टेशन लागत और पूरी इकोनॉमी पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में दुनिया भर के निवेशकों की नजरें कच्चे तेल पर टिकी हैं। कच्चा तेल महंगा होने से शेयर बाजार क्यों गिरता है? भारत अपनी जरूरत का करीब 80-85% कच्चा तेल बाहर से इम्पोर्ट करता है। जब क्रूड महंगा होता है, तो देश का डॉलर बाहर जाता है जिससे रुपया कमजोर होता है। इसके अलावा कंपनियों की लागत बढ़ती है, जिससे उनका मुनाफा घटता है। मुनाफा घटने की आशंका में निवेशक शेयर बेचने लगते हैं और बाजार में गिरावट आती है।

तेजस्वी यादव ने गाजियाबाद में बेटे इराज का पहला जन्मदिन मनाया। यहां बताया गया है कि किसने भाग लिया – और किसने नहीं लिया

तेजस्वी यादव ने गाजियाबाद में बेटे इराज का पहला जन्मदिन मनाया। यहां बताया गया है कि किसने भाग लिया - और किसने नहीं लिया

राजद नेता तेजस्वी यादव के बेटे इराज के पहले जन्मदिन के अवसर पर दिल्ली के पास गाजियाबाद में एक भव्य जन्मदिन समारोह का आयोजन किया गया। लालू प्रसाद यादव की बेटी रागिनी यादव के आवास पर आयोजित यह कार्यक्रम एक हाई-प्रोफाइल पारिवारिक समारोह में बदल गया, जिसमें लालू परिवार के सदस्यों के साथ-साथ कई राजनेताओं और विपक्षी नेताओं ने भाग लिया, जिससे बिहार और दिल्ली में ताजा राजनीतिक हलचल मच गई। इस अवसर पर राजद संरक्षक लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और परिवार के अधिकांश सदस्य मौजूद थे, जिन्होंने कथित तौर पर उत्सव में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कार्यक्रम से एक दिन पहले फ्लाइट से पटना से दिल्ली की यात्रा की थी। निवास को विस्तृत रूप से सजाया गया था, मेहमानों और उत्सवों के लिए विस्तृत व्यवस्था की गई थी, जो इस अवसर पर परिवार द्वारा दिए गए महत्व को उजागर करता था। उत्सव के सबसे चर्चित क्षणों में से एक तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव का आगमन था। राजद और परिवार के आंतरिक मामलों दोनों से उनकी लंबे समय से दूरी को देखते हुए, उनकी उपस्थिति को महत्वपूर्ण माना गया। परिवार के भीतर चल रहे राजनीतिक और व्यक्तिगत तनाव के बीच तेज प्रताप अपने भतीजे इराज को आशीर्वाद देने पहुंचे। राजनीतिक हलकों में उनकी भागीदारी को उल्लेखनीय माना जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि पिछले साल के घटनाक्रम के बाद बढ़े आंतरिक मतभेदों के बाद उन्हें पहले ही पार्टी और परिवार दोनों से अलग कर दिया गया था। जहां तेज प्रताप की उपस्थिति ने ध्यान खींचा, वहीं लालू प्रसाद यादव की बेटी और तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बन गई. राजनीतिक चर्चाओं में उनकी अनुपस्थिति को परिवार के भीतर जारी आंतरिक तनाव से जोड़ा जा रहा है, खासकर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के झटके के बाद। रिपोर्टों से पता चलता है कि हार के बाद, परिवार के भीतर मतभेद गहरा गए, रोहिणी आचार्य ने पहले भावनात्मक स्थिति में पटना में राबड़ी देवी आवास छोड़ दिया और दिल्ली की यात्रा की। तब से, प्रमुख पारिवारिक कार्यक्रमों से उनकी दूरी को व्यापक रूप से नोट किया गया है। तेजस्वी यादव ने स्वयं इस अवसर के भावनात्मक महत्व को उजागर करते हुए “इराज के पिता” शब्दों वाली एक व्यक्तिगत पोशाक के साथ ध्यान आकर्षित किया। वह केक काटने के समारोह सहित समारोहों में बारीकी से शामिल थे, जहां लालू प्रसाद यादव भी मुख्य मंच पर थे और उत्सव का आनंद ले रहे थे। कथित तौर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सहित कई प्रमुख राष्ट्रीय विपक्षी नेताओं को निमंत्रण दिया गया था। हालाँकि, इस कार्यक्रम में कोई भी प्रमुख विपक्षी नेता मौजूद नहीं था। इस जश्न को 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण चुनावी हार के बाद लालू परिवार की पहली बड़ी पारिवारिक और अर्ध-सार्वजनिक सभा के रूप में देखा जा रहा है। यह कार्यक्रम, एक व्यक्तिगत मील के पत्थर पर केंद्रित होने के साथ-साथ, आंतरिक पारिवारिक गतिशीलता और राजद के प्रथम परिवार के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों पर भी चर्चा को पुनर्जीवित कर दिया है। (टैग्सटूट्रांसलेट)बिहार समाचार(टी)जन्मदिन पार्टी(टी)गाजियाबाद समाचार(टी)लालू प्रसाद यादव(टी)राजद नेता तेजस्वी यादव(टी)राष्ट्रीय जनता दल