Sunday, 12 Jul 2026 | 04:34 PM

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कुणाल कोहली बोले-रणवीर सिंह फिर फ्लॉप फिल्म कर सकते हैं:फ्लॉप फिल्मों से स्टारडम खत्म नहीं होता, बॉक्स ऑफिस से एक्टर को जज न करें

कुणाल कोहली बोले-रणवीर सिंह फिर फ्लॉप फिल्म कर सकते हैं:फ्लॉप फिल्मों से स्टारडम खत्म नहीं होता, बॉक्स ऑफिस से एक्टर को जज न करें

फिल्म डायरेक्टर कुणाल कोहली ने अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्मों के फ्लॉप परफॉरमेंस और बॉक्स ऑफिस के दबाव पर खुलकर बात की है। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कुणाल ने कहा कि रणवीर सिंह आगे भी हिट फिल्में देंगे और वे फिर से फ्लॉप फिल्म भी दे सकते हैं, यह कोई बड़ी बात नहीं है। कुणाल के मुताबिक, दुनिया का कोई भी बड़ा स्टार फ्लॉप फिल्मों से बच नहीं सकता है। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि किसी भी कलाकार के टैलेंट को सिर्फ फिल्म के हिट या फ्लॉप होने से तय न करें। फ्लॉप फिल्म देना कोई बड़ी बात नहीं कुणाल कोहली ने फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों के रवैये पर बात की। उन्होंने कहा कि जब किसी स्टार की फिल्म नहीं चलती, तो लोग जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देने लगते हैं। फिल्म इंडस्ट्री में कोई भी ऐसा सुपरस्टार नहीं है जिसकी कोई फिल्म फ्लॉप न हुई हो। हर एक्टर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के जीवन में ऐसा समय आता है। एक फ्लॉप फिल्म किसी कलाकार की काबिलियत तय नहीं कर सकती। रणवीर सिंह फिर से हिट फिल्म देंगे और वे दोबारा फ्लॉप फिल्म भी दे सकते हैं। यह सब फिल्म बिजनेस का हिस्सा है, इसे लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। बॉक्स ऑफिस से जज करना दर्शकों की कमजोरी रणवीर सिंह की एक्टिंग की तारीफ करते हुए कुणाल ने कहा कि वे एक शानदार अभिनेता हैं। फिल्म ‘धुरंधर’ में उन्होंने कुछ दृश्यों में बेहतरीन काम किया है। यही नहीं, रणवीर ने उन फिल्मों में भी शानदार एक्टिंग की है जो बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल सकी थीं। कुणाल ने दर्शकों को नसीहत देते हुए कहा कि केवल टिकटों की बिक्री देखकर किसी के काम का फैसला करना फिल्म देखने वालों की कमजोरी को दिखाता है। दर्शकों को इस सोच से आगे बढ़कर फिल्म की कहानी और परफॉर्मेंस पर ध्यान देना चाहिए। ‘धुरंधर 2’ का समर्थन किया था इससे पहले रिलीज होने के समय कुणाल धुरंधर 2 का समर्थन किया था। उन्होंने बताया कि फिल्म की रिलीज से पहले इंडस्ट्री के कई बड़े निर्देशकों का मानना था कि यह फिल्म फ्लॉप हो जाएगी। कुणाल कोहली ने स्क्रीन से बातचीत में कहा कि जब फिल्म रिलीज होने वाली थी, तब उन्होंने कई बड़े निर्देशकों से बात की थी। कुणाल के मुताबिक, इंडस्ट्री ने इस फिल्म का सपोर्ट नहीं किया था। मैंने जिन बड़े डायरेक्टर्स से बात की, उनका कहना था कि फिल्म सोमवार को बैठ जाएगी। भारत की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने अब तक 1800 करोड़ रुपए ग्रॉस कमाई कर ली है। धुरंधर 2 में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में थे। इसके अलावा फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, गौरव गेरा और राकेश बेदी जैसे कलाकार भी नजर आए। जबकि पहले पार्ट में अक्षय खन्ना ने भी अहम भूमिका निभाई थी। धुरंधर (2025) और धुरंधर 2 (2026) दोनों ही फिल्मों का निर्देशन आदित्य धर ने किया। फिल्म को ज्योति देशपांडे और आदित्य धर ने मिलकर जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है।

एनएफएल प्लेयर जैक क्रॉफर्ड का लाइफ लेसन:स्टेडियम के स्टार को 12 लोगों ने डराया, ओपन माइक ने सिखाया- डर का सामना करो

एनएफएल प्लेयर जैक क्रॉफर्ड का लाइफ लेसन:स्टेडियम के स्टार को 12 लोगों ने डराया, ओपन माइक ने सिखाया- डर का सामना करो

6 फीट 5 इंच लंबा शरीर, एनएफएल के बड़े-बड़े स्टेडियमों का अनुभव और करोड़ों दर्शकों के सामने खेलने का आत्मविश्वास। लेकिन जब अमेरिकी फुटबॉलर जैक क्रॉफर्ड पहली बार न्यूयॉर्क के एक छोटे से कॉमेडी क्लब में ओपन माइक करने पहुंचे, तो उनके हाथ कांप रहे थे। कमरे में मुश्किल से 12 लोग थे। पांच मिनट की परफॉर्मेंस में उनके जोक्स पर कोई नहीं हंसा। इसी असफलता ने उन्हें जिंदगी का सबसे बड़ा सबक सिखाया कि डर से भागने के बजाय उसका सामना करो। 1. डर का सामना करने से बढ़ता है आत्मविश्वास 37 वर्षीय जैक क्रॉफर्ड कई सालों से स्टैंडअप कॉमेडी करना चाहते थे, लेकिन लोगों के जज करने का डर उन्हें रोकता रहा। फिर एक दिन उनका दोस्त उन्हें अचानक ओपन माइक में ले गया। पहली परफॉर्मेंस बुरी रही, लेकिन उसी दिन उन्होंने महसूस किया कि सबसे बड़ा डर असलियत में उतना बड़ा नहीं होता। इसके बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया। उन्होंने कहा, ‘जब आप सबसे डरावनी चीज कर लेते हैं, तो बाकी चीजें छोटी लगने लगती हैं। ’2. गलतियां करना हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा नेशनल फुटबॉल लीग (एनएफएल) के करियर में भी क्रॉफर्ड का सबसे बड़ा दुश्मन डर ही था। अभ्यास में वे शानदार खेलते थे, लेकिन मैच में गलती का डर उन्हें रोक देता था। डलास काउबॉयज के कोच रॉड मारिनेली ने उनसे कहा, ‘खूब गलती करो, लेकिन मैच में पूरी ताकत से खेलो।’ इसी सोच से उनकी जिंदगी बदल गई। क्रॉफर्ड ने समझा कि हर गलती शर्मिंदगी नहीं होती, बल्कि सीखने का मौका होती है। यही सोच उन्हें स्टैंडअप कॉमेडी में भी काम आई। 3. असहजता कमजोरी नहीं, बल्कि ग्रोथ का संकेत शिकागो यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में पाया गया कि जो लोग असहज और शर्मिंदगी वाले हालात को सीखने का हिस्सा मानते हैं, वे तेजी से आगे बढ़ते हैं। क्रॉफर्ड के मुताबिक, स्टैंडअप कॉमेडी ‘एक्सपोजर थेरेपी’ की तरह है। जब इंसान बार-बार शर्मिंदगी झेलता है, तो डर खत्म होने लगता है। उन्होंने महसूस किया कि लोग उतना ध्यान नहीं देते जितना हम सोचते हैं। यही सोच मानसिक मजबूती देती है। 4. कभी भी शर्मिंदगी से भागना नहीं चाहिए हाल ही में क्रॉफर्ड ने फिर खराब परफॉर्म किया। दर्शक उनके मजाक से जुड़ नहीं पाए। उन्हें बुरा लगा, लेकिन फर्क यह था कि अब वे उस डर से टूटते नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘अब शर्मिंदगी चुभती जरूर है, लेकिन पहले जितनी नहीं। सबसे जरूरी बात यह है कि अब मैं उससे डरता नहीं हूं।’ क्रॉफर्ड की कहानी यही बताती है कि आत्मविश्वास का मतलब डर खत्म होना नहीं, बल्कि डर के बावजूद आगे बढ़ते रहना है।

रिलायंस की 49वीं AGM 19 जून को:₹6 डिविडेंड को मंजूरी मिल सकती है, बुधवार को कंपनी का शेयर ₹4 गिरकर 1,352 पर बंद हुआ

रिलायंस की 49वीं AGM 19 जून को:₹6 डिविडेंड को मंजूरी मिल सकती है, बुधवार को कंपनी का शेयर ₹4 गिरकर 1,352 पर बंद हुआ

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 19 जून 2026 को होगी। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया है कि यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों के जरिए दोपहर 2:00 बजे शुरू होगी। इस बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए घोषित ₹6 प्रति शेयर के डिविडेंड (लाभांश) को मंजूरी दी जा सकती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस सालाना बैठक के साथ ही डिविडेंड की पात्रता और शेयरधारकों की वोटिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखों का भी ऐलान कर दिया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए योग्य शेयरधारकों की पहचान करने के लिए 5 जून 2026 को “रिकॉर्ड डेट” तय की है। वोटिंग के लिए 12 जून कट-ऑफ डेट, डिजिटल माध्यम से होंगे फैसले इसके अलावा, AGM नोटिस में शामिल किए जाने वाले विभिन्न प्रस्तावों पर मतदान करने के लिए कंपनी ने शुक्रवार, 12 जून 2026 को “कट-ऑफ डेट” घोषित किया है। इस तारीख तक जिन निवेशकों के पास कंपनी के शेयर होंगे, वे ही एजेंडा आइटम्स पर अपना वोट डालने के हकदार होंगे। हालांकि, कंपनी ने अभी एक्सचेंज फाइलिंग में AGM के एजेंडे या चर्चा होने वाले मुख्य बिंदुओं की कोई अन्य जानकारी साझा नहीं की है। बाजार और निवेशकों की टिकी नजरें, ₹1352 पर बंद हुआ शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी है, जिसका कारोबार एनर्जी, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल, टेलीकम्युनिकेशन (जियो) और डिजिटल सर्विसेज जैसे बड़े और प्रमुख सेक्टर्स में फैला हुआ है। बुधवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर रिलायंस का शेयर ₹1352 के स्तर पर बंद हुआ था। चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 13% गिरा वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13% घटकर 16,971 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में प्रॉफिट ₹19,407 करोड़ था। हालांकि, इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 13% बढ़कर 2.98 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। एक साल पहले की समान तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2025 में 2.64 लाख करोड़ रुपए रहा था।

रिलायंस की 49वीं AGM 19 जून को:₹6 डिविडेंड को मंजूरी मिल सकती है, बुधवार को कंपनी का शेयर ₹4 गिरकर 1,352 पर बंद हुआ

रिलायंस की 49वीं AGM 19 जून को:₹6 डिविडेंड को मंजूरी मिल सकती है, बुधवार को कंपनी का शेयर ₹4 गिरकर 1,352 पर बंद हुआ

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 19 जून 2026 को होगी। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया है कि यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों के जरिए दोपहर 2:00 बजे शुरू होगी। इस बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए घोषित ₹6 प्रति शेयर के डिविडेंड (लाभांश) को मंजूरी दी जा सकती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस सालाना बैठक के साथ ही डिविडेंड की पात्रता और शेयरधारकों की वोटिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखों का भी ऐलान कर दिया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए योग्य शेयरधारकों की पहचान करने के लिए 5 जून 2026 को “रिकॉर्ड डेट” तय की है। वोटिंग के लिए 12 जून कट-ऑफ डेट, डिजिटल माध्यम से होंगे फैसले इसके अलावा, AGM नोटिस में शामिल किए जाने वाले विभिन्न प्रस्तावों पर मतदान करने के लिए कंपनी ने शुक्रवार, 12 जून 2026 को “कट-ऑफ डेट” घोषित किया है। इस तारीख तक जिन निवेशकों के पास कंपनी के शेयर होंगे, वे ही एजेंडा आइटम्स पर अपना वोट डालने के हकदार होंगे। हालांकि, कंपनी ने अभी एक्सचेंज फाइलिंग में AGM के एजेंडे या चर्चा होने वाले मुख्य बिंदुओं की कोई अन्य जानकारी साझा नहीं की है। बाजार और निवेशकों की टिकी नजरें, ₹1352 पर बंद हुआ शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी है, जिसका कारोबार एनर्जी, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल, टेलीकम्युनिकेशन (जियो) और डिजिटल सर्विसेज जैसे बड़े और प्रमुख सेक्टर्स में फैला हुआ है। बुधवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर रिलायंस का शेयर ₹1352 के स्तर पर बंद हुआ था। चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 13% गिरा वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13% घटकर 16,971 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में प्रॉफिट ₹19,407 करोड़ था। हालांकि, इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 13% बढ़कर 2.98 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। एक साल पहले की समान तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2025 में 2.64 लाख करोड़ रुपए रहा था।

करनाल के युवक की अमेरिका में मौत:ट्रक खाई में गिरा, परिवार का इकलौता बेटा, पिता ने जमीन बेचकर भेजा था विदेश

करनाल के युवक की अमेरिका में मौत:ट्रक खाई में गिरा, परिवार का इकलौता बेटा, पिता ने जमीन बेचकर भेजा था विदेश

अमेरिका के कैलिफोर्निया में करनाल के एक युवक की रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई। युवक ट्रक ड्राइवर था। हादसे के दौरान उसका ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। घटना की सूचना जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। परिजन अब शव को भारत लाने के लिए सरकार से मदद मांग रहे हैं और इसके लिए फंड भी जुटाया जा रहा है। गांव बालरागड़ान निवासी गौरव कुमार अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए करीब 2 साल पहले अमेरिका गया था। उसे विदेश भेजने के लिए उसके पिता रामफल ने जमीन तक बेच दी और कर्ज भी लिया। परिवार ने करीब 50 लाख रुपए खर्च किए। गौरव डंकी रूट से कई महीनों में अमेरिका पहुंचा था। काम बदलने के बाद दोबारा ट्रक चलाना शुरू किया अमेरिका पहुंचने के बाद गौरव ने शुरुआत में करीब छह महीने तक ट्रक चलाया। बाद में वह एक स्टोर पर काम करने लगा, लेकिन वहां इनकम कम होने के कारण उसने फिर से ट्रक चलाने का फैसला लिया। परिवार को उम्मीद थी कि इससे घर की आर्थिक हालत सुधरेगी। 26 मई को आखिरी बार घर किया था कॉल जानकारी के अनुसार, 26 मई को गौरव ट्रक लेकर निकला था। रास्ते में एक रेस्टोरेंट पर चाय पीने के लिए रुका और उसने घर फोन कर बताया कि वह ट्रक चला रहा है और कुछ देर बाद फिर बात करेगा। यह कॉल उसकी जिंदगी की आखिरी कॉल साबित हुई। ट्रक का बैलेंस बिगड़ा, खाई में गिरने से मौत रेस्टोरेंट से निकलने के बाद वह कुछ ही दूरी चला था कि अचानक ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और ट्रक खाई में जा गिरा। इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 27 मई को दोपहर करीब ढाई बजे परिवार को फोन आया, जिसमें पुलिस ने हादसे और मौत की जानकारी दी। इकलौता बेटा था, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ गौरव कुमार अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। पिता रामफल ने बताया कि गौरव हर सुबह करीब 8 बजे घर फोन करता था और परिवार के सभी सदस्यों से बात करता था, लेकिन 26 मई की कॉल आखिरी साबित हुई। शव को भारत लाने के लिए फंड जुटा रहा परिवार गौरव का पार्थिव शरीर अभी अमेरिका में ही है। परिवार उसे भारत लाकर अंतिम संस्कार करना चाहता है, ताकि उसे अपने गांव की मिट्टी नसीब हो सके। इसके लिए ऑनलाइन फंड जुटाया जा रहा है और सरकार से भी आर्थिक मदद की गुहार लगाई गई है।

बीजेपी ने 4 राज्यों के लिए नए अध्यक्षों की घोषणा की, दिल्ली के लिए हर्ष मल्होत्रा ​​को चुना | भारत समाचार

DK Shivakumar is set to be next Chief Minister

आखरी अपडेट:28 मई, 2026, 12:32 IST भाजपा ने हर्ष मल्होत्रा ​​को दिल्ली प्रमुख, अर्चना गुप्ता को हरियाणा, अभिषेक देबरॉय को त्रिपुरा, केवल सिंह डिल्लन को पंजाब में नियुक्त किया है, जो व्यापक संगठनात्मक बदलाव का संकेत है। बीजेपी ने चार राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा कर दी है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को संगठनात्मक नियुक्तियों के नए दौर की घोषणा की, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा के लिए नए राज्य इकाई अध्यक्षों की नियुक्ति की गई। फेरबदल के तहत, केंद्रीय राज्य मंत्री और सांसद हर्ष मल्होत्रा ​​को पार्टी की दिल्ली इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जबकि अर्चना गुप्ता को हरियाणा में भाजपा का नेतृत्व करने के लिए चुना गया। त्रिपुरा में, पार्टी ने अभिषेक देबरॉय को अपना नया राज्य प्रमुख नियुक्त किया, जबकि केवल सिंह डिलन को राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब इकाई का प्रमुख नियुक्त किया गया। नियुक्तियों को भाजपा नेतृत्व के तहत व्यापक संगठनात्मक बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर नए पदाधिकारियों के चयन की तैयारी चल रही है। सभी नियुक्तियाँ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा की गईं, और घोषणाएँ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी अलग-अलग अधिसूचनाओं में की गईं। सिंह ने कहा, ”ये सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।” संगठनात्मक परिवर्तन ऐसे समय में आए हैं जब भाजपा प्रमुख आगामी चुनावी लड़ाइयों से पहले अपने राज्य-स्तरीय नेतृत्व ढांचे को सक्रिय रूप से मजबूत कर रही है, पार्टी अपने केंद्रीय नेतृत्व और क्षेत्रीय इकाइयों के बीच समन्वय को सुव्यवस्थित करने की कोशिश कर रही है। नए प्रदेश अध्यक्ष कौन हैं? हर्ष मल्होत्रा पहली बार सांसद बने हर्ष मल्होत्रा ​​को उनके मजबूत संगठनात्मक कौशल और दिल्ली की राजनीति में व्यापक जमीनी अनुभव के लिए भाजपा के भीतर व्यापक रूप से माना जाता है। वह वर्तमान में केंद्रीय कॉर्पोरेट मामलों और सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत हैं, और लोकसभा में पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। 2024 के आम चुनावों में, मल्होत्रा ​​को पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर के स्थान पर पूर्वी दिल्ली से मैदान में उतारा गया था, जो क्रिकेट प्रतिबद्धताओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए वापस चले गए। उन्होंने इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार कुलदीप कुमार को 93,663 वोटों के अंतर से हराकर सीट जीत ली। संसद में प्रवेश करने से पहले, मल्होत्रा ​​ने भाजपा की दिल्ली इकाई में महासचिव के रूप में कार्य करने सहित प्रमुख संगठनात्मक भूमिकाएँ निभाईं। उनका राजनीतिक सफर नगर निगम स्तर से शुरू हुआ, जहां वे 2012 में तत्कालीन पूर्वी दिल्ली नगर निगम में वेलकम कॉलोनी से पार्षद चुने गए। बाद में उन्होंने नागरिक निकाय की शिक्षा समिति की अध्यक्षता की और 2015-16 में पूर्वी दिल्ली के मेयर के रूप में कार्य किया। केवल सिंह ढिल्लों बरनाला के पूर्व विधायक, केवल सिंह ढिल्लों पंजाब की राजनीति में लंबे समय से चर्चित रहे हैं और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते हैं। 2022 में भाजपा में जाने से पहले उन्होंने अपना राजनीतिक करियर कांग्रेस के साथ शुरू किया। ढिल्लों ने 2007 से 2017 तक कांग्रेस विधायक के रूप में बरनाला विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। बाद में वह 2017 में AAP उम्मीदवार गुरमीत सिंह मीत हेयर से सीट हार गए, और 2019 में संगरूर से लोकसभा चुनाव लड़े, जहां वह भगवंत मान से हार गए। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने 2022 में संगरूर लोकसभा उपचुनाव और 2024 में बरनाला विधानसभा उपचुनाव भी लड़ा, लेकिन दोनों में असफल रहे। अर्चना गुप्ता मूल रूप से पानीपत की रहने वाली अर्चना गुप्ता पार्टी की नई राज्य इकाई के अध्यक्ष बनने से पहले भाजपा की हरियाणा राज्य महासचिव के रूप में कार्यरत थीं। अभिषेक देबरॉय अभिषेक देबरॉय ने 2023 त्रिपुरा विधान सभा चुनाव में हाई-प्रोफाइल मातरबारी निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, जहां उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणजीत रॉय को 9,000 से अधिक मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया बीजेपी ने 4 राज्यों के लिए नए अध्यक्षों की घोषणा की, दिल्ली के लिए हर्ष मल्होत्रा ​​को चुना अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी संगठनात्मक नियुक्तियां(टी)बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष(टी)दिल्ली बीजेपी प्रमुख(टी)हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष(टी)पंजाब बीजेपी इकाई(टी)त्रिपुरा बीजेपी प्रमुख(टी)हर्ष मल्होत्रा ​​बीजेपी(टी)अर्चना गुप्ता हरियाणा

Praggnanandhaa Beats Carlsen, Gukesh Loses

Praggnanandhaa Beats Carlsen, Gukesh Loses

स्पोर्ट्स डेस्क24 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रज्ञानानंदा तीसरे राउंड के बाद पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर आ गए हैं। भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। वहीं, वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश लगातार दूसरे दौर में हार गए। अगले दौर में उनका सामना मैग्नस कार्लसन से होगा। प्रज्ञानानंदा ने क्लासिकल मुकाबले में कार्लसन को हराकर तीन अंक हासिल किए। इस जीत से वे 4.5 अंक लेकर दूसरे स्थान पर पहुंच गए। विमेंस कैटेगरी में दिव्या देशमुख ने जीत का सिलसिला जारी रखा है। वे नंबर-2 पर हैं। प्रज्ञानानंदा ने कार्लसन को दूसरी बार हराया प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस में क्लासिकल फॉर्मेट में कार्लसन को दूसरी बार हराया है। उन्होंने 2024 में भी पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को मात दी थी। भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि मैच बेहद करीबी था और टाइम स्क्रैम्बल में नतीजा किसी भी तरफ जा सकता था। सात बार के चैंपियन कार्लसन छह खिलाड़ियों की अंक तालिका में 1.5 अंक के साथ सबसे नीचे हैं। गुकेश का मैच 5 घंटे चला, फिरोजा से हारे दूसरी ओर विश्व चैंपियन डी गुकेश की खराब फॉर्म जारी रही। फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने उन्हें आर्मगेडन मुकाबले में हराकर 1.5 अंक हासिल किए। करीब 5 घंटे तक चला क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन आर्मगेडन में फिरोजा ने बाजी मार ली। मैच के बाद फिरोजा से हाथ मिलाते डी गुकेश। चोटिल होने के बावजूद फिरोजा शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। मैच के बाद वह व्हीलचेयर और मून बूट में नजर आए। उन्होंने लगातार जीत दर्ज कर 7.5 अंक के साथ बढ़त मजबूत कर ली। गुकेश 3.5 अंक के साथ चौथे स्थान पर हैं। उन्हें इस साल जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ विश्व चैंपियनशिप मुकाबला खेलना है। दिव्या देशमुख ने असाउबायेवा को हराया महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख ने टूर्नामेंट लीडर बिबिसारा असाउबायेवा को आर्मगेडन में हराकर तीसरी टाइब्रेकर जीत दर्ज की। वह 4.5 अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। वहीं कोनेरू हम्पी अन्ना मुजिचुक से हारकर दो अंक के साथ आखिरी स्थान पर हैं। दिव्या ने तीसरी टाइब्रेकर जीत दर्ज की। वे नंबर-2 पर हैं। चेस में आर्मगेडन एक ‘सडन-डेथ’ टाई-ब्रेकर गेम होता है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब कोई टूर्नामेंट या मैच ड्रॉ हो जाता है और परिणाम निकालना जरूरी होता है। इसमें ड्रॉ की कोई गुंजाइश नहीं होती। ————————————————– नॉर्वे चेस टूर्नामेंट की यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड चैंपियन गुकेश नॉर्वे चेस के दूसरे दौर में हारे, अमेरिका के वेस्ली ने हराया नॉर्वे चेस टूर्नामेंट मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिलाजुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश और आर प्रज्ञानानंदा को राउंड-2 में मजबूत स्थिति में आने के बाद हार झेलनी पड़ी। जबकि, महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने शानदार जीत दर्ज की। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

न्यूजीलैंड vs आयरलैंड पहला टेस्ट:न्यूजीलैंड ने पहले दिन 361 रन बनाए, रचिन-ब्लंडेल के बीच 217 रन की पार्टनरशिप; ब्लंडेल 142 पर नाबाद

न्यूजीलैंड vs आयरलैंड पहला टेस्ट:न्यूजीलैंड ने पहले दिन 361 रन बनाए, रचिन-ब्लंडेल के बीच 217 रन की पार्टनरशिप; ब्लंडेल 142 पर नाबाद

न्यूजीलैंड ने आयरलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन 5 विकेट पर 361 रन बनाए। टॉम ब्लंडेल 142 और डीन फॉक्सक्रॉफ्ट 38 रन पर नाबाद रहे। बेलफास्ट में खेले जा रहे इस मुकाबले में टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी कीवी टीम ने 86 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद रचिन रवींद्र और टॉम ब्लंडेल ने शतकीय पारियां खेलकर टीम को संभाला। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए रिकॉर्ड 217 रन जोड़े। 86 रन पर 4 विकेट गिर गए थे शुरुआत में मार्क अडेयर ने कीवी टॉप ऑर्डर को झटके दिए। उन्होंने दूसरी ही गेंद पर टॉम लाथम को इनस्विंगर पर बोल्ड किया। इसके बाद डेवोन कॉनवे फ्लिक शॉट खेलते हुए आउट हुए, जहां डेब्यू कर रहे लियाम मैकार्थी ने मिडविकेट पर कैच पकड़ा। अडेयर ने डेरियल मिचेल को भी विकेटकीपर के हाथों कैच आउट कराया। इससे न्यूजीलैंड शुरुआती सत्र में दबाव में आ गई थी। डेब्यू कर रहे मैकार्थी ने पहला टेस्ट विकेट लिया डेब्यू मैच खेल रहे लियाम मैकार्थी ने टेस्ट करियर का पहला विकेट लिया। इस दौरान केन विलियमसन भी सहज नजर नहीं आए और टाइमिंग के लिए संघर्ष करते दिखे। उन्होंने 70 गेंदों में 36 रन बनाए। विलियमसन कई बार स्लिप में कैच होने से बचे, जब गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर गई। हालांकि, उनका संघर्ष ज्यादा देर नहीं चला। लियाम मैकार्थी ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर टेस्ट करियर का पहला विकेट लिया। चोटों से परेशान आयरलैंड टीम से तीन गेंबाजों ने डेब्यू किया 86 रन पर 4 विकेट लेने के बाद आयरलैंड इस दबाव का फायदा नहीं उठा सका। टीम के गेंदबाजों की अनुभवहीनता साफ नजर आई। खिलाड़ियों की चोटों के कारण आयरलैंड को इस मैच में तीन नए तेज गेंदबाजों को डेब्यू का मौका देना पड़ा। तीनों डेब्यू गेंदबाजों में सिर्फ लियाम मैकार्थी को 1 विकेट मिला। उन्होंने 20 ओवर में 96 रन दिए। थॉमस मेयेस ने 17 ओवर में 96 रन खर्च किए, जबकि रूबेन विल्सन 18 ओवर में विकेट नहीं ले सके। दोनों गेंदबाज लाइन और लेंथ से प्रभावित नहीं कर सके। रवींद्र को मिला जीवनदान, लगाया करियर का 5वां टेस्ट शतक 38वें ओवर में रूबेन विल्सन की गेंद पर दूसरी स्लिप में एंड्रयू बालबिर्नी ने रचिन रवींद्र का आसान कैच छोड़ दिया। इसके बाद रचिन और ब्लंडेल ने दूसरे सेशन में कोई विकेट नहीं गिरने दिया। दोनों ने तेजी से रन भी बनाए। रचिन ने 70वें ओवर में मैकार्थी की गेंद पर स्विवेल पुल शॉट पर छक्का लगाकर 175 गेंदों में अपना 5वां टेस्ट शतक पूरा किया। यह उनके टेस्ट करियर का दूसरा सबसे धीमा शतक रहा। शतक के बाद वे हैरी टेक्टर की गेंद पर डीप मिडविकेट में कैच आउट हो गए। ब्लंडेल ने दिसंबर 2024 के बाद लगाया टेस्ट शतक दूसरी ओर टॉम ब्लंडेल आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने ऑफ-साइड में कई अच्छे शॉट खेले। एंडी मैकब्राइन की गेंद पर स्वीप शॉट लगाकर ब्लंडेल ने टेस्ट करियर का छठा शतक पूरा किया। यह दिसंबर 2024 के बाद उनका पहला टेस्ट शतक है। शतक पूरा करने के बाद ब्लंडेल ने अगले ओवर में हैरी टेक्टर की गेंदों पर 4, 4, 4 और 6 रन बटोरे। दिन का खेल खत्म होने तक ब्लंडेल और डेब्यू कर रहे डीन फॉक्सक्रॉफ्ट क्रीज पर डटे रहे। यह 4 दिवसीय मुकाबला न्यूजीलैंड के जून में होने वाले इंग्लैंड दौरे की तैयारियों के लिहाज से अहम है।

‘सीएम के इस्तीफे का सिंड्रोम जारी’: सिद्धारमैया के इस्तीफे की पुष्टि के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर कटाक्ष किया | भारत समाचार

Karnataka CM Siddaramaiah. (File Photo: PTI)

आखरी अपडेट:28 मई, 2026, 11:29 IST कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घोषणा की कि वह कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे। नाश्ते की बैठक में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार को गले लगाया (दाएं)। भाजपा नेता बसवराज बोम्मई (बाएं)। (स्रोत: पीटीआई) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा गुरुवार को कैबिनेट सहयोगियों के साथ नाश्ते पर बैठक के दौरान यह घोषणा करने के तुरंत बाद कि वह पद छोड़ देंगे, भाजपा ने राज्य में शासन के संचालन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बात करते हुए, भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने कांग्रेस पर मुख्यमंत्रियों के इस्तीफा देने के सिंड्रोम को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि कर्नाटक में उनका शासन शून्य है। यहां लाइव अपडेट्स फॉलो करें उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह के कारण राज्य को नुकसान हुआ है। बोम्मई ने कहा, “कांग्रेस के मुख्यमंत्री के इस्तीफा देने का सिलसिला जारी है। पहले दिन से ही डीके शिवकुमार ने स्पष्ट कर दिया था कि वह 2.5 साल बाद सत्ता संभालेंगे। कर्नाटक में कांग्रेस का शासन पूरी तरह से शून्य था। मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस की अंदरूनी कलह के कारण राज्य को नुकसान हुआ है।” ‘मैं इस्तीफा दे रहा हूं’: सीएम सिद्धारमैया ने कैबिनेट मंत्रियों से कहा गुरुवार सुबह कैबिनेट सहयोगियों के साथ बैठक के दौरान, सिद्धारमैया ने घोषणा की कि वह कांग्रेस आलाकमान के निर्देशों के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे, जिससे औपचारिक रूप से कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होगा। यह भी पढ़ें: सिद्धारमैया ने कर्नाटक कैबिनेट से इस्तीफे की पुष्टि की: ‘आलाकमान अगले सीएम का फैसला करेगा’ उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व उनके उत्तराधिकारी पर अंतिम निर्णय लेगा। सिद्धारमैया ने कहा, “मैं आलाकमान के निर्देशानुसार इस्तीफा दे रहा हूं। अगले मुख्यमंत्री का फैसला आलाकमान करेगा।” उन्होंने आगे यह भी आश्वासन दिया कि जो कोई भी उनका उत्तराधिकारी बनेगा उसे पूरा समर्थन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “जो भी अगले मुख्यमंत्री के रूप में चुना जाएगा, उन्हें मेरा पूरा सहयोग मिलेगा।” उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, जिन्हें व्यापक रूप से मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है, भी नाश्ते की बैठक में शामिल हुए। डीके शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के अगले सीएम? चल रहे राजनीतिक मंथन ने कर्नाटक कांग्रेस के भीतर लंबे समय से अटकले वाले रोटेशनल मुख्यमंत्री फॉर्मूले के बारे में चर्चा फिर से शुरू कर दी है। विशेष रूप से, सिद्धारमैया और शिवकुमार ने संभावित शक्ति-साझाकरण व्यवस्था पर इसी तरह की चर्चा के बीच दिसंबर 2025 में व्यापक रूप से चर्चा की गई “ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी” बैठक की थी। यह भी पढ़ें: कर्नाटक में सत्ता की चर्चा के बीच शिवकुमार ने सिद्धारमैया को गले लगाया, नाश्ते पर उनका आशीर्वाद लिया सूत्रों के मुताबिक, डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं और उनके शनिवार (30 मई) को शपथ लेने की उम्मीद है। जब से कांग्रेस ने कर्नाटक में सरकार बनाई है, राजनीतिक गलियारों में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच संभावित मुख्यमंत्री पद की व्यवस्था को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने कभी भी सार्वजनिक रूप से किसी भी सत्ता-साझाकरण समझौते की पुष्टि नहीं की है, लेकिन “2.5-वर्षीय सीएम फॉर्मूले” की अफवाहें बार-बार सामने आई हैं, खासकर दिल्ली में कर्नाटक के नेताओं और कांग्रेस आलाकमान के बीच प्रमुख बैठकों के दौरान। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘सीएम के इस्तीफे का सिंड्रोम जारी’: सिद्धारमैया के इस्तीफे की पुष्टि के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर कटाक्ष किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक के मुख्यमंत्री का इस्तीफा(टी)सिद्धारमैया का इस्तीफा(टी)डीके शिवकुमार अगले सीएम(टी)कर्नाटक कांग्रेस की राजनीति(टी)घूर्णी मुख्यमंत्री पद(टी)कांग्रेस आलाकमान का फैसला(टी)बसवराज बोम्मई प्रतिक्रिया(टी)कर्नाटक शासन संकट

Myisha Parvez Wins Commonwealth Youth Rapid Chess Championship U14 Girls

Myisha Parvez Wins Commonwealth Youth Rapid Chess Championship U14 Girls

Hindi News Sports Myisha Parvez Wins Commonwealth Youth Rapid Chess Championship U14 Girls स्पोर्ट्स डेस्क3 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत की उभरती चेस खिलाड़ी मायशा परवेज ने कॉमनवेल्थ यूथ रैपिड चेस चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया है। 14 साल की मायशा ने अंडर-14 गर्ल्स कैटेगरी के रैपिड चेस में पहला स्थान हासिल किया। यह चैंपियनशिप 17 मई से 25 मई तक श्रीलंका के कालूतरा में खेले गई। युवा स्टार मायशा ने 9 राउंड में 7.5 अंक हासिल किए। मायशा पहले नेशनल लेवल पर मेडल जीतकर अपने परिजान का नाम रोशन करती रही हैं। पहला राउंड गंवाया था, फिर दमदार वापसी की मायशा पहले राउंड में मेजबान देश की येसांदी विक्रमराचि से हार गईं। वे राउंड-1 के बाद 17वें स्थान पर थीं। यहां से मायशा ने लगातार 5 जीत हासिल करके दमदार वापसी की। वे छठे राउंड के बाद की टेबल में दूसरे स्थान पर आ गई थीं। यहां उनके पास 5 अंक थे। ऐसे चला मायशा की जीत का सिलसिला मायशा ने दूसरे राउंड में श्रीलंका की विश्व विमुक्ति को हराया और पॉइंट्स टेबल में 6 अंक पायदान की बढ़त के साथ 11वें स्थान पर आ गईं। मायशा ने तीसरे राउंड में उदाणी साविनद्या, चौथे राउंड में सनुली यहांसा परेरा, 5वें राउंड में सेनुधी अहस्या जयसिंघे और छठे में दिव्याश्री कोल्लीपारा को मात दी। WFM सेथुमली को ड्रॉ खेलने पर मजबूर किया AFM मायशा ने 7वें राउंड में श्रीलंका की विमेन फीडे मास्टर सेथुमली देवहारा पल्लियागे को ड्रॉ खेलने पर मजबूर किया और अंक साझा किया। फिर 8वें राउंड में केजी देवली अबिनादी चानसेया और AFM विनुदी दाहम्सा मड्डुमा पाता बेंडी को हराया। ———————————————- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔