Wednesday, 15 Jul 2026 | 02:03 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Gukesh Rises, Carlsen Falls; Divya Deshmukh No. 1

Gukesh Rises, Carlsen Falls; Divya Deshmukh No. 1

13 मिनट पहले कॉपी लिंक वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में वापसी की। उन्होंने 5वें राउंड में अपने हमवतन आर. प्रज्ञानानंद को क्लासिकल मुकाबले में हराया। वे टाइटल की रेस में बने हुए हैं। एक दिन पहले 20वां जन्मदिन मनाने वाले गुकेश ने पूरे तीन अंक हासिल किए और 6.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए। एक गलती से हारे प्रज्ञानानंद रागोजिन डिफेंस से शुरू हुआ यह मुकाबला काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। दोनों खिलाड़ियों के पास जीत के अवसर थे, लेकिन समय के दबाव में प्रज्ञानानंद की एक गलती निर्णायक साबित हुई। गुकेश ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए चेकमेट के जरिए मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच में प्रज्ञानानंद (बाएं) की एक गलती निर्णायक साबित हुई। कार्लसन अमेरिकी ग्रैंडमास्टर से हारे दूसरी ओर मौजूदा चैंपियन मैग्नस कार्लसन को अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो से हार का सामना करना पड़ा। पांच दौर के बाद कार्लसन 4.5 अंकों के साथ अंतिम स्थान पर हैं, जबकि अलीरेजा फिरूजा 10 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। दिव्या ने चीनी खिलाड़ी को हराया महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख ने चीन की झू जिनर को 84 चालों तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में हराकर पहली बार एकल बढ़त हासिल की। दिव्या अब 8.5 अंकों के साथ तालिका में शीर्ष पर हैं। भारत की कोनेरू हम्पी ने भी महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन को हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से नॉर्वे चेस में भारत की चुनौती और मजबूत हो गई है। दिव्या देशमुख ने चीन की झू जिनर को 84 चालों में हराया। ————————————————- नॉर्वे चेस की यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड चैंपियन गुकेश लगातार तीसरा मैच हारे, चौथे राउंड में कार्लसन ने हराया भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश का नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में खराब दौर जारी है। उन्हें दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने हराया। गुरुवार को मिली इस हार के बाद गुकेश स्टैंडिंग में सबसे नीचे पहुंच गए हैं। 7 बार के नॉर्वे चेस चैंपियन कार्लसन ने काले मोहरों से खेलते हुए गुकेश को मात दी। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Gukesh Rises, Carlsen Falls; Divya Deshmukh No. 1

Gukesh Rises, Carlsen Falls; Divya Deshmukh No. 1

30 मिनट पहले कॉपी लिंक वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में वापसी की। उन्होंने 5वें राउंड में अपने हमवतन आर. प्रज्ञानानंद को क्लासिकल मुकाबले में हराया। वे टाइटल की रेस में बने हुए हैं। एक दिन पहले 20वां जन्मदिन मनाने वाले गुकेश ने पूरे तीन अंक हासिल किए और 6.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए। एक गलती से हारे प्रज्ञानानंद रागोजिन डिफेंस से शुरू हुआ यह मुकाबला काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। दोनों खिलाड़ियों के पास जीत के अवसर थे, लेकिन समय के दबाव में प्रज्ञानानंद की एक गलती निर्णायक साबित हुई। गुकेश ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए चेकमेट के जरिए मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच में प्रज्ञानानंद (बाएं) की एक गलती निर्णायक साबित हुई। कार्लसन अमेरिकी ग्रैंडमास्टर से हारे दूसरी ओर मौजूदा चैंपियन मैग्नस कार्लसन को अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो से हार का सामना करना पड़ा। पांच दौर के बाद कार्लसन 4.5 अंकों के साथ अंतिम स्थान पर हैं, जबकि अलीरेजा फिरूजा 10 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। दिव्या ने चीनी खिलाड़ी को हराया महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख ने चीन की झू जिनर को 84 चालों तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में हराकर पहली बार एकल बढ़त हासिल की। दिव्या अब 8.5 अंकों के साथ तालिका में शीर्ष पर हैं। भारत की कोनेरू हम्पी ने भी महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन को हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से नॉर्वे चेस में भारत की चुनौती और मजबूत हो गई है। दिव्या देशमुख ने चीन की झू जिनर को 84 चालों में हराया। ————————————————- नॉर्वे चेस की यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड चैंपियन गुकेश लगातार तीसरा मैच हारे, चौथे राउंड में कार्लसन ने हराया भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश का नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में खराब दौर जारी है। उन्हें दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने हराया। गुरुवार को मिली इस हार के बाद गुकेश स्टैंडिंग में सबसे नीचे पहुंच गए हैं। 7 बार के नॉर्वे चेस चैंपियन कार्लसन ने काले मोहरों से खेलते हुए गुकेश को मात दी। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

2026 1990 क्यों नहीं है – और अभिषेक ममता प्लेबुक क्यों नहीं चला सकते | राजनीति समाचार

Arsenal's Piero Hincapie vies for the ball with PSG's Ousmane Dembele, right, during the Champions League final soccer match between Paris Saint-Germain and Arsenal in Budapest, Hungary, Saturday, May 30, 2026. (AP Photo/Petr Josek)

आखरी अपडेट:31 मई, 2026, 10:30 IST व्यक्तिगत चोट को राजनीतिक पूंजी में बदलना अक्सर ममता बनर्जी की रणनीति का हिस्सा रहा है। क्या अभिषेक बनर्जी अपनी चाची के नक्शेकदम पर चल रहे हैं? टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी (बाएं) और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी (दाएं) 1990 में, वह एक उद्दंड युवा ममता बनर्जी थीं, जिन्होंने कांग्रेस नेता के रूप में आंदोलन करते हुए हाजरा मोड़ पर मारपीट का सामना किया था। यह घटना दो तरह से निर्णायक मोड़ साबित हुई. सबसे पहले, इसने उन्हें एक लड़ाकू और जन नेता के रूप में स्थापित किया। आज भी, कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस कार्यालय के चारों ओर घूमने पर उस काल की तस्वीरें उसकी दीवारों पर प्रमुखता से प्रदर्शित दिखाई देती हैं। दूसरा, इसने तृणमूल कांग्रेस के अंतिम गठन के लिए मंच तैयार किया। इस बात से परेशान होकर कि कांग्रेस नेताओं ने उनका पर्याप्त समर्थन नहीं किया, ममता बनर्जी ने पार्टी से नाता तोड़ लिया और टीएमसी का गठन किया। और बाकी, जैसा वे कहते हैं, इतिहास है। व्यक्तिगत चोट को राजनीतिक पूंजी में बदलना अक्सर ममता बनर्जी की रणनीति का हिस्सा रहा है। 2021 में, भाजपा पर उन्हें मारने की कोशिश का आरोप लगाते हुए व्हीलचेयर से प्रचार करना राजनीतिक रूप से टीएमसी के लिए काम आया। हालाँकि 2026 के चुनाव अभियान के दौरान वह घायल नहीं हुईं, लेकिन उन्होंने बार-बार भाजपा द्वारा हमला किए जाने की संभावना जताई। हालाँकि, इस बार, भाजपा ने कोई चारा नहीं छोड़ा, और इस बात को टाल दिया कि कई लोग यह तर्क देंगे कि यह 2021 में की गई एक गलती थी। अब सवाल यह है कि क्या अभिषेक बनर्जी भी इसी फॉर्मूले पर चलने की कोशिश कर रहे हैं. क्या वह उम्मीद कर रहे हैं कि नवीनतम घटना, जिसमें कथित तौर पर उन पर पत्थर और अंडे फेंके गए थे, उन्हें राजनीतिक रूप से उसी तरह स्थापित करेगी जैसे 1990 में हाजरा हमले ने उनकी चाची की मदद की थी? ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से यह तुलना सही नहीं बैठती। 1990 का बंगाल 2026 के बंगाल से बहुत अलग था। उस समय, राजनीति मूलतः कांग्रेस और वाम मोर्चे के बीच एक द्विध्रुवीय प्रतियोगिता थी। तीसरे विकल्प के लिए जगह थी और ममता बनर्जी ने सफलतापूर्वक उस जगह पर कब्ज़ा कर लिया। वामपंथ भी एक राष्ट्रीय ताकत नहीं था, जो अपने संसाधनों और पहुंच को सीमित करता था। जैसे-जैसे आकांक्षाएं बदलीं और बंगाल ने अपने पारंपरिक राजनीतिक विकल्पों से परे देखा, टीएमसी एक विकल्प के रूप में उभरी। ममता बनर्जी के उग्र भाषणों और एक स्ट्रीट फाइटर के रूप में छवि ने कई लोगों को आश्वस्त किया कि वह बदलाव ला सकती हैं। यहां तक ​​कि 2021 में भी, व्हीलचेयर पर बैठी ममता को कई मतदाताओं ने भारी-भरकम माने जाने वाले भाजपा नेतृत्व की तुलना में अधिक स्वीकार्य माना। टीएमसी की संगठनात्मक ताकत और एक राजनीतिक योद्धा के रूप में उनकी लंबे समय से स्थापित छवि ने उनके पक्ष में काम किया। अभिषेक बनर्जी खुद को बहुत अलग स्थिति में पाते हैं। टीएमसी खुद तनाव में दिख रही है. पार्टी के भीतर वरिष्ठ लोगों ने बोलना शुरू कर दिया है और कई आलोचक कुछ हद तक दोष अभिषेक बनर्जी पर मढ़ते हैं। अपनी चाची के विपरीत, “भाइपो”, जैसा कि वह लोकप्रिय रूप से जाना जाता है, को अक्सर विरोधियों द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों के हकदार और दागदार के रूप में देखा जाता है। नतीजतन, वह वैसी सहानुभूति पैदा नहीं कर पाते जैसी ममता बनर्जी ने 1990 या यहां तक ​​कि 2021 में पैदा की थी। भाजपा भी 1990 के दशक के वाम मोर्चे से बिल्कुल अलग प्रतिद्वंद्वी है। बंगाल में मामूली उपस्थिति वाली पार्टी से यह एक शक्तिशाली राष्ट्रीय संगठन बन गई है। इसके पास महत्वपूर्ण संसाधन हैं और यह राज्य में अपने पदचिह्न का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। ममता बनर्जी को पता है कि पार्टी को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अभिषेक बनर्जी को औपचारिक रूप से अपने राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित करना चाहती हैं। उस परिवर्तन को सफल बनाने के लिए, उसे व्यापक स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। शायद यही वजह है कि अभिषेक बनर्जी के साथ हुई घटना के बाद ममता बनर्जी अस्पताल पहुंच गईं। इंडिया ब्लॉक और पूरी टीएमसी के उनके पीछे जुटने से, वह पार्टी के भविष्य के नेतृत्व के लिए अपने दावे को मजबूत करने की उम्मीद कर सकती हैं। लेकिन अभिषेक ममता नहीं हैं. न ही 2026 1990 जैसा है। और भाजपा यह सुनिश्चित करेगी कि बंगाल के मतदाताओं को उस अंतर की याद दिलाई जाए। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : कोलकाता (कलकत्ता), भारत, भारत समाचार राजनीति 2026 1990 क्यों नहीं है – और अभिषेक ममता प्लेबुक क्यों नहीं चला सकते अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)बंगाल राजनीति 2026(टी)पश्चिम बंगाल में बीजेपी(टी)राजनीतिक उत्तराधिकार टीएमसी(टी)हाजरा अधिक घटना(टी)इंडिया ब्लॉक(टी)अभिषेक बनर्जी पर हमला(टी)कोलकाता समाचार

लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 शुरू:चेकिंग कर एक घंटे पहले दी गई एंट्री; 15 जिलों में बनाए 368 सेंटर

लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 शुरू:चेकिंग कर एक घंटे पहले दी गई एंट्री; 15 जिलों में बनाए 368 सेंटर

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 आज से शुरू हो गई है। कुल 3944 पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षाएं 11 जून 2026 तक ली जाएंगी। इसमें प्रदेश के करीब 5.50 लाख कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड हैं। परीक्षा के लिए 15 जिलों में कुल 368 सेंटर बनाए गए हैं। इसमें अजमेर में 70 सेंटर हैं। सेंटर पर चेकिंग के बाद एक घंटे पहले एंट्री दी गई। सेंटर पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए। बता दें कि विभिन्न विषयों की परीक्षाओं को चार ग्रुप (ए, बी, सी एवं डी) में बांटा गया है। 5 जून तक 15 जिला मुख्यालयों पर एग्जाम होगा। वहीं 6 जून से 11 जून तक केवल जयपुर जिला मुख्यालय पर एग्जाम होगा। पहले देखें तस्वीरों में… ऑरिजनल आधार कार्ड से हुई एंट्री एग्जाम सेंटर पर कैंडिडेट्स का ओरिजनल कलर आधार कार्ड देखा गया। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी अथवा क्वालिटी खराब थी तो फोटो का दूसरा पहचान-पत्र जैसे वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस देखकर सेंटर पर एंट्री दी गई। किसी के बहकावे में नहीं आएं आयोग ने कहा- परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी और आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाए जाने एवं अनुचित कार्यों में लिप्त होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम-2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माना और चल-अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। जानिए-कब कौनसा एग्जाम होगा… ग्रुप-C कोच और फिजिकल एजुकेशन ग्रुप-C के तहत विभिन्न कोच पदों (एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, कबड्डी, टेबल टेनिस और वॉलीबॉल) के लिए एग्जाम होगा। 10 जून को पहला पेपर जनरल स्टडीज का सुबह 10 से 11.30 बजे तक, जबकि दूसरा पेपर दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक होगा। ग्रुप-D फिजिकल एजुकेशन ग्रुप-D का एग्जाम 11 जून को होगा। पहला पेपर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक, दूसरा पेपर देपहर 2:30 से शाम 4.30 बजे तक फिजिकल एजुकेशन में जनरल स्टडीज सब्जेक्ट्स का होगा। 3944 पदों पर होगी भर्ती RPSC की ओर से माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर (प्राध्यापक) और कोच (स्कूल शिक्षा) भर्ती परीक्षा-2025 का विज्ञापन 17 जुलाई 2025 को निकाला गया था। इसमें 27 विषयों के कुल 3225 पदों पर भर्ती होनी थी। वहीं बाद में पॉलिटिकल साइंस (क्रम संख्या-8) के पदों में 219 पद बढ़ाए गए थे। इसी प्रकार 28 अगस्त 2025 को आयोग ने 500 पदों पर एग्रीचकल्चर लेक्चरर की भर्ती निकाली थी। ऐसे में ये भर्ती 3944 पदों की हो गई।

PSG ने लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग खिताब जीता:सेलिब्रेशन में तोड़फोड़ और आगजनी, 416 लोग गिरफ्तार; 7 सुरक्षाकर्मी घायल

PSG ने लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग खिताब जीता:सेलिब्रेशन में तोड़फोड़ और आगजनी, 416 लोग गिरफ्तार; 7 सुरक्षाकर्मी घायल

चैंपियंस लीग में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की जीत के सेलिब्रेशन ने भगदड़ का रूप ले लिया। रविवार तड़के फ्रांस के अलग-अलग शहरों में तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा की कई घटनाएं हुईं। पुलिस ने 416 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार सबसे ज्यादा तनाव पेरिस में रहा, जहां 280 लोगों को हिरासत में लिया गया। झड़प में 7 पुलिसकर्मी घायल हुए। आंतरिक मामलों के मंत्री लॉरेंट नुनेज ने हिंसा की निंदा करते हुए स्थिति को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। बुडापेस्ट में खेले गए UEFA चैंपियंस लीग फाइनल में PSG ने आर्सेनल को पेनाल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया। उसने लगातार दूसरी बार खिताब जीता। PSG ने पिछले साल म्यूनिख में इंटर मिलान को 5-0 से हराया था। अब 1993 के बाद अपने टाइटल को डिफेंड करने वाला दुनिया का दूसरा क्लब बना। टूर्नामेंट के इतिहास में PSG लगातार दो बार खिताब जीतने वाला 10वां क्लब बना। रियल मैड्रिड के बाद पहली बार किसी टीम ने ऐसा किया, इतिहास में 10वां क्लब चैंपियंस लीग के मॉर्डन एरा में रियल मैड्रिड ही अपना टाइटल डिफेंड करने में सफल रहा था। रियल मैड्रिड ने 2016 से 2018 के बीच तीन बार ट्रॉफी जीती थी। अब इस लिस्ट में PSG का नाम भी जुड़ गया है। खिताब जीतने के बाद PSG के मैनेजर लुइस एनरिक भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, ‘मेरे अंदर अभी मिक्स फीलिंग्स हैं। उत्साह भी है और थकान भी, सब कुछ एक साथ है। लेकिन यह इस पूरे सीजन का सबसे शानदार पल है। हम अभी भी चैंपियंस हैं, वो भी लगातार दो बार। यह वाकई अद्भुत और अविश्वसनीय है। पिछले फाइनल की टीम में सिर्फ एक खिलाड़ी बदला PSG की सफलता के पीछे टीम की बॉन्डिंग बड़ी वजह रही। आर्सेनल के खिलाफ फाइनल में 10 आउटफील्ड खिलाड़ी वही थे, जिन्होंने पिछले साल इंटर मिलान के खिलाफ खेला था। टीम में सिर्फ गोलकीपर बदला था। जियानलुइगी डोनाइरुमा समर ट्रांसफर में मैनचेस्टर सिटी गए थे, उनकी जगह मटवे सफोनोव ने जिम्मेदारी संभाली थी। पिछले 2 साल में लुइस एनरिक की टीम का दबदबा रहा। पिछले सीजन से अब तक PSG ने 10 में से 8 ट्रॉफियां जीतीं। वे सिर्फ क्लब वर्ल्ड कप और इस सीजन के फ्रेंच कप से चूके। अगर PSG का प्रदर्शन जारी रहा, तो वे लगातार तीन बार चैंपियंस लीग जीतने वाली पांचवीं टीम बन सकते हैं। हालांकि, रियल मैड्रिड के 1956-1960 के 5 खिताब के रिकॉर्ड से वे अभी दूर हैं। 45 गोल दागे, मार्शले को पछाड़कर फ्रांस का नंबर-1 क्लब बना PSG इस सीजन में हर मामले में बेस्ट रही। टीम ने चैंपियंस लीग में 45 गोल दागे और औसत बॉल पजेशन 60.5% रहा। यह उसका तीसरा फाइनल था। 2019-20 में पहले फाइनल में बायर्न म्यूनिख से 1-0 से हारी थी। अब दो खिताब जीतकर PSG फ्रांस का सबसे सफल क्लब बना और ‘मार्शले’ को पीछे छोड़ा, जिसके नाम एक खिताब है। ——————————————— फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की टीम का ऐलान, मेसी कप्तानी करेंगे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी गई। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने गुरुवार को स्क्वॉड का ऐलान किया। 39 साल के होने जा रहे लियोनेल मेसी टीम की कप्तानी करेंगे। यह उनका छठा वर्ल्ड कप होगा। इससे पहले वे 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर

PSG ने लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग खिताब जीता:सेलिब्रेशन में तोड़फोड़ और आगजनी, 416 लोग गिरफ्तार; 7 सुरक्षाकर्मी घायल

PSG ने लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग खिताब जीता:सेलिब्रेशन में तोड़फोड़ और आगजनी, 416 लोग गिरफ्तार; 7 सुरक्षाकर्मी घायल

चैंपियंस लीग में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की जीत के सेलिब्रेशन ने भगदड़ का रूप ले लिया। रविवार तड़के फ्रांस के अलग-अलग शहरों में तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा की कई घटनाएं हुईं। पुलिस ने 416 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार सबसे ज्यादा तनाव पेरिस में रहा, जहां 280 लोगों को हिरासत में लिया गया। झड़प में 7 पुलिसकर्मी घायल हुए। आंतरिक मामलों के मंत्री लॉरेंट नुनेज ने हिंसा की निंदा करते हुए स्थिति को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। बुडापेस्ट में खेले गए UEFA चैंपियंस लीग फाइनल में PSG ने आर्सेनल को पेनाल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया। उसने लगातार दूसरी बार खिताब जीता। PSG ने पिछले साल म्यूनिख में इंटर मिलान को 5-0 से हराया था। अब 1993 के बाद अपने टाइटल को डिफेंड करने वाला दुनिया का दूसरा क्लब बना। टूर्नामेंट के इतिहास में PSG लगातार दो बार खिताब जीतने वाला 10वां क्लब बना। रियल मैड्रिड के बाद पहली बार किसी टीम ने ऐसा किया, इतिहास में 10वां क्लब चैंपियंस लीग के मॉर्डन एरा में रियल मैड्रिड ही अपना टाइटल डिफेंड करने में सफल रहा था। रियल मैड्रिड ने 2016 से 2018 के बीच तीन बार ट्रॉफी जीती थी। अब इस लिस्ट में PSG का नाम भी जुड़ गया है। खिताब जीतने के बाद PSG के मैनेजर लुइस एनरिक भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, ‘मेरे अंदर अभी मिक्स फीलिंग्स हैं। उत्साह भी है और थकान भी, सब कुछ एक साथ है। लेकिन यह इस पूरे सीजन का सबसे शानदार पल है। हम अभी भी चैंपियंस हैं, वो भी लगातार दो बार। यह वाकई अद्भुत और अविश्वसनीय है। पिछले फाइनल की टीम में सिर्फ एक खिलाड़ी बदला PSG की सफलता के पीछे टीम की बॉन्डिंग बड़ी वजह रही। आर्सेनल के खिलाफ फाइनल में 10 आउटफील्ड खिलाड़ी वही थे, जिन्होंने पिछले साल इंटर मिलान के खिलाफ खेला था। टीम में सिर्फ गोलकीपर बदला था। जियानलुइगी डोनाइरुमा समर ट्रांसफर में मैनचेस्टर सिटी गए थे, उनकी जगह मटवे सफोनोव ने जिम्मेदारी संभाली थी। पिछले 2 साल में लुइस एनरिक की टीम का दबदबा रहा। पिछले सीजन से अब तक PSG ने 10 में से 8 ट्रॉफियां जीतीं। वे सिर्फ क्लब वर्ल्ड कप और इस सीजन के फ्रेंच कप से चूके। अगर PSG का प्रदर्शन जारी रहा, तो वे लगातार तीन बार चैंपियंस लीग जीतने वाली पांचवीं टीम बन सकते हैं। हालांकि, रियल मैड्रिड के 1956-1960 के 5 खिताब के रिकॉर्ड से वे अभी दूर हैं। 45 गोल दागे, मार्शले को पछाड़कर फ्रांस का नंबर-1 क्लब बना PSG इस सीजन में हर मामले में बेस्ट रही। टीम ने चैंपियंस लीग में 45 गोल दागे और औसत बॉल पजेशन 60.5% रहा। यह उसका तीसरा फाइनल था। 2019-20 में पहले फाइनल में बायर्न म्यूनिख से 1-0 से हारी थी। अब दो खिताब जीतकर PSG फ्रांस का सबसे सफल क्लब बना और ‘मार्शले’ को पीछे छोड़ा, जिसके नाम एक खिताब है। ——————————————— फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की टीम का ऐलान, मेसी कप्तानी करेंगे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी गई। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने गुरुवार को स्क्वॉड का ऐलान किया। 39 साल के होने जा रहे लियोनेल मेसी टीम की कप्तानी करेंगे। यह उनका छठा वर्ल्ड कप होगा। इससे पहले वे 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर

तान्या मित्तल को अमीर पति नहीं चाहिए:बोलीं- मेरा पार्टनर रोज मुझसे 10-15 लाख रुपए मांगे और मैं दे सकूं

तान्या मित्तल को अमीर पति नहीं चाहिए:बोलीं- मेरा पार्टनर रोज मुझसे 10-15 लाख रुपए मांगे और मैं दे सकूं

इन्फ्लुएंसर और पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट तान्या मित्तल ने कहा कि वह अमीर पार्टनर नहीं चाहतीं। वह खुद इतनी आर्थिक रूप से मजबूत बनना चाहती हैं कि अपने पार्टनर की हर बड़ी पैसों से जुड़ी जरूरत को आसानी से पूरा कर सकें। पिंकविला को दिए इंटरव्यू में तान्या मित्तल ने कहा, ‘मैं जिससे प्यार करती हूं या जिसके साथ हूं, उसके लिए अपना सब कुछ देने को हमेशा तैयार रहती हूं। मैं ऐसा पहले भी कर चुकी हूं और आगे भी करूंगी। मैं नहीं चाहती कि मुझे कोई अमीर पति मिले। अगर मेरे पति के पास कुछ भी न हो, तब भी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।’ इन्फ्लुएंसर ने आगे कहा, ‘मैं चाहती हूं कि वह रोज सुबह उठकर मुझसे 10-15 लाख रुपए मांगे और मेरी इतनी क्षमता हो कि मैं उसे हर दिन 10-15 लाख रुपए दे सकूं। मतलब, मैं ऐसी गर्लफ्रेंड/पत्नी बनना चाहती हूं।’ तान्या जल्द रियलिटी शो में दिखेंगी तान्या मित्तल जल्द कॉमेडी और कुकिंग रियलिटी शो ‘मां है ना’ में नजर आएंगी। इसमें तान्या मां सुनीता मित्तल के साथ जोड़ी में दिखेंगी। हाल ही में ‘मां है ना’ के प्रमोशनल इवेंट्स के दौरान तान्या और स्प्लिट्सविला X6 विनर गुल्लू उर्फ कुशल तंवर के बीच हल्की-फुल्की नोकझोंक देखने को मिली थी। जब गुल्लू के बारे में पूछा गया, तो तान्या ने कहा कि दूसरों को हराने के लिए उनका खाना खराब करना गलत है। जब आप खुद पर कॉन्फिडेंट नहीं होते, तब आप दूसरों के साथ ऐसा करते हैं। तान्या ने यह भी कहा था कि वह उन लोगों को पसंद नहीं करतीं जो लाइन क्रॉस करते हैं। दोनों की बातचीत का वीडियो वायरल हो गया। तान्या ने ‘मेल ईगो’ तोड़ने की बात कही इसके बाद बिना किसी का नाम लिए तान्या ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, ‘एक बार फिर पुरुषों के अहंकार को चुनौती देकर खुशी हुई। जलन हो रही है? मैं समझ सकती हूं। कुछ पुरुष मजबूत और आत्मनिर्भर महिलाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ सिर्फ उनके बारे में बातें ही कर पाते हैं।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘जब कुछ लोग एक ऐसी महिला से असहज महसूस कर रहे हैं जो खुद को किसी के लिए छोटा नहीं करती, तब मैं अपनी मेहनत से आगे बढ़ रही हूं, सफलता हासिल कर रही हूं और लोगों का प्यार व आशीर्वाद बटोर रही हूं। जलते रहिए, देखते रहिए और बातें करते रहिए। मैं अपनी पहचान और काम से हमेशा याद रखी जाऊंगी।’

अमिताभ के बाद तेंदुलकर ने वैभव की तारीफ की:बोले- इस लड़के में कुछ खास, टेस्ट के लिए जल्दबाजी न करें; नेचुरल गेम खेलने दें

अमिताभ के बाद तेंदुलकर ने वैभव की तारीफ की:बोले- इस लड़के में कुछ खास, टेस्ट के लिए जल्दबाजी न करें; नेचुरल गेम खेलने दें

पूर्व दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने युवा बैटर वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। उन्होंने कहा- वैभव वाकई बेहद खास खिलाड़ी हैं। उनमें मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की अद्भुत कला है। 53 साल के तेंदुलकर ने सलाह दी कि कोई भी उनके नेचुरल गेम के साथ छेड़छाड़ न करें। मुंबई में आयोजित क्रिकइन्फो ऑनर्स इवेंट में तेंदुलकर को 21वीं सदी का सर्वश्रेष्ठ इंटरनेशनल मेंस बैटर चुना गया। एक दिन पहले शनिवार को अमिताभ बच्चन ने सोशल प्लेटफॉर्म X पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा- ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली-डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ सचिन- वैभव सिर्फ हवा में शॉट नहीं घुमा रहे तेंदुलकर ने कहा- ‘आज सभी वैभव की बात कर रहे हैं। मैंने भी उन्हें बैटिंग करते हुए देखा है। उनमें कुछ बहुत खास बात है। सिर्फ गेंद को हिट करने की ताकत ही नहीं, बल्कि उनकी कलाई का काम (रिस्ट वर्क) भी कमाल का है, जिसने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया।’ सचिन ने कहा, ‘मैदान के हर कोने में शॉट खेलने के लिए आपकी कलाई मजबूत होनी चाहिए। वे सिर्फ हवा में बल्ला नहीं घुमा रहे। वे बाकी खिलाड़ियों की तुलना में गेंद की लाइन और लेंथ को जल्दी भांप लेते हैं और आसानी से बाउंड्री पार करा देते हैं।’ तेंदुलकर की सलाह टेस्ट क्रिकेट के लिए जल्दीबाजी न करें, दबाव से बचाएं क्या वैभव को जल्द भारतीय टेस्ट टीम में चुनना चाहिए। इस पर तेंदुलकर ने कहा कि वे भी वैभव को टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। वे जैसे हैं, वैसे ही रहें। टेस्ट में अनुभव के साथ वे चुनौतियों से निपटना सीख जाएंगे। मास्टर ब्लास्टर ने कहा, ‘वैभव एक ऐसे खिलाड़ी दिखते हैं जो बहुत कॉन्फिडेंट हैं और उन्हें पता है कि उन्हें क्या करना है। मैं उनके नेचुरल इंस्टिंक्ट (स्वाभाविक प्रवृत्ति) के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं चाहूंगा। जिस तरह से वे गेंद को देखते हैं और उस पर रिएक्ट करते हैं, वह बेहतरीन है। अगर हम उन्हें एक साथ बहुत सारी चीजें बताकर बाधाएं खड़ी करेंगे, तो उनका वह सिग्नल इंटरप्ट (प्रभावित) हो जाएगा। मैं उन्हें खुलकर अपना खेल खेलने की आजादी दूंगा।’ चयन का फैसला सिलेक्टर्स पर छोड़ें सचिन ने कहा, ‘न केवल मैं, बल्कि हर कोई उन्हें किसी न किसी स्टेज पर टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहेगा। उस पर लगातार यह दबाव नहीं बनाना चाहिए कि उसे इस स्क्वॉड में चुना जाना चाहिए। यह फैसला उन सिलेक्टर्स पर छोड़ देना चाहिए जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।’ गेल का रिकॉर्ड तोड़ा; IPL में बनाए 776 रन, 72 छक्के जड़े वैभव सूर्यवंशी के लिए IPL 2026 का सीजन रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा। राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए 15 साल के इस खिलाड़ी ने 237.31 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 72 छक्के जड़े। इसके साथ ही वैभव ने क्रिस गेल के एक सीजन में सबसे ज्यादा 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। ————————————————– IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… IPL 2026 ने दिए भारत को 10 फ्यूचर स्टार्स, सूर्यवंशी ने 776 रन बनाए IPL का फाइनल आज अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा। इस सीजन में कई अनकैप्ड खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से टीमों की जीत में अहम भूमिका निभाई। वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, प्रफुल हिंगे और आयुष म्हात्रे जैसे युवा सितारे चर्चा में रहे। स्टोरी में ऐसे ही 10 अनकैप्ड भारतीय प्लेयर्स, जो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर

अमिताभ के बाद तेंदुलकर ने वैभव की तारीफ की:बोले- इस लड़के में कुछ खास, टेस्ट के लिए जल्दबाजी न करें; नेचुरल गेम खेलने दें

अमिताभ के बाद तेंदुलकर ने वैभव की तारीफ की:बोले- इस लड़के में कुछ खास, टेस्ट के लिए जल्दबाजी न करें; नेचुरल गेम खेलने दें

पूर्व दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने युवा बैटर वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। उन्होंने कहा- वैभव वाकई बेहद खास खिलाड़ी हैं। उनमें मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की अद्भुत कला है। 53 साल के तेंदुलकर ने सलाह दी कि कोई भी उनके नेचुरल गेम के साथ छेड़छाड़ न करें। मुंबई में आयोजित क्रिकइन्फो ऑनर्स इवेंट में तेंदुलकर को 21वीं सदी का सर्वश्रेष्ठ इंटरनेशनल मेंस बैटर चुना गया। एक दिन पहले शनिवार को अमिताभ बच्चन ने सोशल प्लेटफॉर्म X पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा- ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली-डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ सचिन- वैभव सिर्फ हवा में शॉट नहीं घुमा रहे तेंदुलकर ने कहा- ‘आज सभी वैभव की बात कर रहे हैं। मैंने भी उन्हें बैटिंग करते हुए देखा है। उनमें कुछ बहुत खास बात है। सिर्फ गेंद को हिट करने की ताकत ही नहीं, बल्कि उनकी कलाई का काम (रिस्ट वर्क) भी कमाल का है, जिसने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया।’ सचिन ने कहा, ‘मैदान के हर कोने में शॉट खेलने के लिए आपकी कलाई मजबूत होनी चाहिए। वे सिर्फ हवा में बल्ला नहीं घुमा रहे। वे बाकी खिलाड़ियों की तुलना में गेंद की लाइन और लेंथ को जल्दी भांप लेते हैं और आसानी से बाउंड्री पार करा देते हैं।’ तेंदुलकर की सलाह टेस्ट क्रिकेट के लिए जल्दीबाजी न करें, दबाव से बचाएं क्या वैभव को जल्द भारतीय टेस्ट टीम में चुनना चाहिए। इस पर तेंदुलकर ने कहा कि वे भी वैभव को टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। वे जैसे हैं, वैसे ही रहें। टेस्ट में अनुभव के साथ वे चुनौतियों से निपटना सीख जाएंगे। मास्टर ब्लास्टर ने कहा, ‘वैभव एक ऐसे खिलाड़ी दिखते हैं जो बहुत कॉन्फिडेंट हैं और उन्हें पता है कि उन्हें क्या करना है। मैं उनके नेचुरल इंस्टिंक्ट (स्वाभाविक प्रवृत्ति) के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं चाहूंगा। जिस तरह से वे गेंद को देखते हैं और उस पर रिएक्ट करते हैं, वह बेहतरीन है। अगर हम उन्हें एक साथ बहुत सारी चीजें बताकर बाधाएं खड़ी करेंगे, तो उनका वह सिग्नल इंटरप्ट (प्रभावित) हो जाएगा। मैं उन्हें खुलकर अपना खेल खेलने की आजादी दूंगा।’ चयन का फैसला सिलेक्टर्स पर छोड़ें सचिन ने कहा, ‘न केवल मैं, बल्कि हर कोई उन्हें किसी न किसी स्टेज पर टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहेगा। उस पर लगातार यह दबाव नहीं बनाना चाहिए कि उसे इस स्क्वॉड में चुना जाना चाहिए। यह फैसला उन सिलेक्टर्स पर छोड़ देना चाहिए जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।’ गेल का रिकॉर्ड तोड़ा; IPL में बनाए 776 रन, 72 छक्के जड़े वैभव सूर्यवंशी के लिए IPL 2026 का सीजन रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा। राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए 15 साल के इस खिलाड़ी ने 237.31 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 72 छक्के जड़े। इसके साथ ही वैभव ने क्रिस गेल के एक सीजन में सबसे ज्यादा 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। ————————————————– IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… IPL 2026 ने दिए भारत को 10 फ्यूचर स्टार्स, सूर्यवंशी ने 776 रन बनाए IPL का फाइनल आज अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा। इस सीजन में कई अनकैप्ड खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से टीमों की जीत में अहम भूमिका निभाई। वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, प्रफुल हिंगे और आयुष म्हात्रे जैसे युवा सितारे चर्चा में रहे। स्टोरी में ऐसे ही 10 अनकैप्ड भारतीय प्लेयर्स, जो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर

MS Dhoni Daughter Jiva Admission Mussoorie Visit Photos

MS Dhoni Daughter Jiva Admission Mussoorie Visit Photos

महेंद्र सिंह धोनी शनिवार को मसूरी में घूमते हुए दिखे। महेंद्र सिंह धोनी 3 करोड़ की लैंड रोवर डिफेंडर के साथ मसूरी में घूमते दिखे। जैसे ही फैंस को इसका पता चला तो वे भी स्टार क्रिकेटर से मिलने पहुंच गए। जानकारी के मुताबिक धोनी अपनी बेटी जीवा सिंह धोनी का समर कैंप के लिए एक बोर्डिंग स्कूल में एडमिशन कराने . धोनी शनिवार देर शाम लालटिब्बा क्षेत्र स्थित एक होटल पहुंचे। इस दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। वहां मौजूद कुछ लोगों को पहले लगा कि रोहित शर्मा आए हुए हैं तो वे जोर-जोर से ‘रोहित शर्मा, रोहित शर्मा…’ चिल्लाने लगे। धोनी ने जब यह सुना तो वे हंस पड़े। इस दौरान समर कैंप जाते समय उन्होंने फैंस से हाथ भी मिलाया। इसके बाद वहां मौजूद एक बच्चे ने जब धोनी-धोनी कहा तो उन्होंने पीछे मुड़कर देखा और मुस्कुराने लगे। इससे पहले धोनी 11 मार्च 2025 को मसूरी घूमने आए थे। धोनी के मसूरी पहुंचने की तस्वीरें देखिए… धोनी देहरादून से लैंड रोवर डिफेंडर कार से मसूरी पहुंचे। धोनी ने गाड़ी से बेटी जीवा का सामान खुद निकाला। लोग धोनी की फोटो खींचते नजर आए। धोनी ने मौजूद लोगों से हाथ भी मिलाया । 3 साल पहले जब 20 साल बाद अपने पैतृक गांव पहुंचे धोनी धोनी 15 नवंबर 2023 को पत्नी साक्षी और बेटी जीवा के साथ अल्मोड़ा की जैंती तहसील स्थित अपने पैतृक गांव ल्वाली गए थे। धोनी साल 2003 में अपने जनेऊ संस्कार के समय आखिरी बार गांव आए थे। धोनी के गांव में पहुंचते ही ग्रामीण काफी खुश हुए। क्रिकेटर ने उनके साथ फोटो खिंचवाई। तब धोनी अपने दोस्तों के साथ गांव पहुंचे थे। उनकी एक झलक पाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। धोनी के पैतृक गांव की तस्वीरें… ग्रामीणों के साथ मौजूद महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी। गांव के मंदिर में इष्टदेव की पूजा के दौरान धोनी और उनकी पत्नी साक्षी। धोनी ने अपने पुराने घर में पत्नी साक्षी के साथ फोटो भी खिंचवाई थी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर ऋतिक रोशन की झलक:वादियों में सुकून के पल बिताकर वापस लौटे मुंबई, फैंस के साथ ली सेल्फी; निजी दौर पर पहुंचे थे बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन हाल ही में उत्तराखंड के निजी दौरे पर पहुंचे थे। अपने दौरे के बाद रविवार सुबह जब वह जौलीग्रांट एयरपोर्ट से रवाना हुए तो वहां मौजूद फैंस के साथ उन्होंने सेल्फी ली और उनका अभिवादन स्वीकार किया। एयरपोर्ट पर अभिनेता की एक झलक पाने के लिए कई लोग उत्साहित नजर आए। ऋतिक रोशन ने भी अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया और मुस्कुराते हुए उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। (पढ़ें पूरी खबर)