Tuesday, 01 Sep 2026 | 08:07 AM

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RCB No Victory Parade Bengaluru After IPL Win; Fans Celebrate Indoors

RCB No Victory Parade Bengaluru After IPL Win; Fans Celebrate Indoors

अहमदाबाद10 मिनट पहले कॉपी लिंक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार IPL खिताब जीतने के बावजूद बेंगलुरु में विक्ट्री परेड नहीं निकालने का फैसला किया है। RCB के एक सूत्र ने बताया कि शहर में सार्वजनिक समारोहों को लेकर पहले से लागू दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। बेंगलुरु में किसी बड़े समारोह की संभावना नहीं है। बेंगलुरु ने रविवार को अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। टीम ने लगातार दूसरे साल IPL खिताब जीता है। बेंगलुरु ने दूसरा खिताब जीता है। विक्ट्री परेड नहीं होने के 2 कारण पहला: पिछले साल चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर की भगदड़ 4 जून 2025 को पहला IPL खिताब जीतने के बाद फ्रेंचाइजी ने जल्दबाजी में विक्ट्री परेड की थी। इस दौरान 11 प्रशंसकों की मौत हो गई थी। RCB के IPL विक्ट्री सेलिब्रेशन में 2 पुलिसकर्मी बेहोश बच्चे को हॉस्पिटल ले जाते हुए। दूसरा: कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण कर्नाटक के नवनियुक्त मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन भी उसी दिन होना है। यह कार्यक्रम लोक भवन में शाम 4:10 बजे आयोजित होगा। 2 दिन पहले डीके शिवकुमार का नाम CM के रूप में अनाउंस हुआ था। पुलिस ने कहा- अव्यवस्था न फैलाएं बेंगलुरु पुलिस ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की थी कि RCB की जीत की स्थिति में सड़क पर जश्न, पटाखेबाजी, हुड़दंग या किसी तरह की अव्यवस्था न फैलाएं। पुलिस ने स्पष्ट किया था कि सार्वजनिक स्थानों पर विजय उत्सव की अनुमति नहीं दी जाएगी और लोग चाहें तो घरों या निजी स्थानों पर जश्न मना सकते हैं। कई प्लेयर्स नेशनल टीम से जुड़ने वाले हैं RCB के कई प्लेयर्स को नेशनल टीमों से जुड़ना है। देवदत्त पडिक्कल को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम से जुड़ना है, जबकि जोश हेजलवुड, टिम डेविड, जैकब डफी और रोमारियो शेफर्ड भी अपनी-अपनी नेशनल टीम से जुड़ेंगे। ————————————————————– IPL से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. बेंगलुरु लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन; गुजरात को 5 विकेट से हराया रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार IPL जीत लिया है। उसने रविवार को फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। विराट कोहली ने 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। कोहली 75 रन पर नाबाद लौटे। विराट को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पढ़ें पूरी खबर 2. चैंपियन बेंगलुरु को ₹20 करोड़; गुजरात को ₹12.50 करोड़ मिले; वैभव को 5 अवॉर्ड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने रविवार को IPL का खिताब अपने नाम कर लिया। टीम लगातार दूसरे सीजन चैंपियन बनी है। उसने अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। चैंपियन बनने पर RCB को ट्रॉफी के साथ 20 करोड़ रुपए की प्राइज मनी मिली, जबकि रनर-अप गुजरात टाइटंस को 12.5 करोड़ रुपए से संतोष करना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर 3. रजत ने फाइनल जीतने के बाद ट्रॉफी चूम ली; कोहली को गले लगाया RCB के कप्तान रजत पाटीदार ने ट्रॉफी उठाने से पहले उसे चूमकर अपनी खुशी जाहिर की। वहीं विराट कोहली ने कप्तान को गले लगाकर बधाई दी। दूसरी ओर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जब अपना अवॉर्ड लेने मंच पर पहुंचे, तब स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। फाइनल में जीत के बाद खिलाड़ियों का परिवार के साथ जश्न और ट्रॉफी के साथ यादगार तस्वीरें जैसे कई पल IPL 2026 को हमेशा के लिए खास बना गए। आइए नजर डालते हैं सीजन के ऐसे ही 26 सबसे यादगार मोमेंट्स पर…पढ़ें पूरी खबर 4. कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत पाटीदार ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के खास क्लब में जगह बना ली। वे लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले तीसरे कप्तान बने। आइए नजर डालते हैं IPL 2026 के 15 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर…पढ़ें पूरी खबर 5. बेंगलुरु को दोबारा चैंपियन बनाने वाले टॉप-5 फैक्टर; टीम में 8 मैच विनर 18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार… फिर लगातार दो खिताब। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में अपनी कहानी ही बदल दी है। जिस टीम को कभी ‘अंडरअचीवर’ कहा जाता था, वही अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बन गई है। RCB के टाइटल जीतने के 5 फैक्टर्स…पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

RCB No Victory Parade Bengaluru After IPL Win; Fans Celebrate Indoors

RCB No Victory Parade Bengaluru After IPL Win; Fans Celebrate Indoors

अहमदाबाद13 मिनट पहले कॉपी लिंक यह तस्वीर RCB ने सोशल प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट की। इसमें वेंकटेश अय्यर और कप्तान रजत पाटीदार डबल विक्ट्री का इशारा कर रहे हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार IPL खिताब जीतने के बावजूद बेंगलुरु में विक्ट्री परेड नहीं निकालने का फैसला किया है। RCB के एक सूत्र ने बताया कि शहर में सार्वजनिक समारोहों को लेकर पहले से लागू दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। बेंगलुरु में किसी बड़े समारोह की संभावना नहीं है। बेंगलुरु ने रविवार को अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। टीम ने लगातार दूसरे साल IPL खिताब जीता है। बेंगलुरु ने दूसरा खिताब जीता है। उसने पिछले साल पहला टाइटल जीता था। (फोटो- RCB) विक्ट्री परेड नहीं होने के 2 कारण पहला: पिछले साल चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर की भगदड़ 4 जून 2025 को पहला IPL खिताब जीतने के बाद फ्रेंचाइजी ने जल्दबाजी में विक्ट्री परेड की थी। इस दौरान भगदड़ मचने से 11 प्रशंसकों की मौत हो गई थी। पिछले साल RCB की IPL विक्ट्री परेड में फैंस की भीड़ चिन्नास्वामी के बाद एकत्रित हो गई थी और भगदड़ मच गई थी। दूसरा: कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण 2 दिन पहले डीके शिवकुमार को कर्नाटक का नया CM बनाने का ऐलान किया गया था। उनका शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन इसी हफ्ते होना है। यह कार्यक्रम लोक भवन में शाम 4:10 बजे आयोजित होगा। नाम अनाउंस होने के बाद सिद्धारमैया के पैर छूते डीके शिवकुमार। पुलिस ने कहा- अव्यवस्था न फैलाएं बेंगलुरु पुलिस ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की थी कि RCB की जीत की स्थिति में सड़क पर जश्न, पटाखेबाजी, हुड़दंग या किसी तरह की अव्यवस्था न फैलाएं। पुलिस ने स्पष्ट किया था कि सार्वजनिक स्थानों पर विजय उत्सव की अनुमति नहीं दी जाएगी और लोग चाहें तो घरों या निजी स्थानों पर जश्न मना सकते हैं। RCB की जीत के बाद बेंगलुरु पुलिस ने देर रात एडवाइजरी जारी की। कई प्लेयर्स नेशनल टीम से जुड़ने वाले हैं RCB के कई प्लेयर्स को नेशनल टीमों से जुड़ना है। देवदत्त पडिक्कल को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम से जुड़ना है, जबकि जोश हेजलवुड, टिम डेविड, जैकब डफी और रोमारियो शेफर्ड भी अपनी-अपनी नेशनल टीम से जुड़ेंगे। ————————————————————– IPL से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. बेंगलुरु लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन; गुजरात को 5 विकेट से हराया रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार IPL जीत लिया है। उसने रविवार को फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। विराट कोहली ने 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। कोहली 75 रन पर नाबाद लौटे। विराट को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पढ़ें पूरी खबर 2. चैंपियन बेंगलुरु को ₹20 करोड़; गुजरात को ₹12.50 करोड़ मिले; वैभव को 5 अवॉर्ड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने रविवार को IPL का खिताब अपने नाम कर लिया। टीम लगातार दूसरे सीजन चैंपियन बनी है। उसने अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। चैंपियन बनने पर RCB को ट्रॉफी के साथ 20 करोड़ रुपए की प्राइज मनी मिली, जबकि रनर-अप गुजरात टाइटंस को 12.5 करोड़ रुपए से संतोष करना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर 3. रजत ने फाइनल जीतने के बाद ट्रॉफी चूम ली; कोहली को गले लगाया RCB के कप्तान रजत पाटीदार ने ट्रॉफी उठाने से पहले उसे चूमकर अपनी खुशी जाहिर की। वहीं विराट कोहली ने कप्तान को गले लगाकर बधाई दी। दूसरी ओर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जब अपना अवॉर्ड लेने मंच पर पहुंचे, तब स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। फाइनल में जीत के बाद खिलाड़ियों का परिवार के साथ जश्न और ट्रॉफी के साथ यादगार तस्वीरें जैसे कई पल IPL 2026 को हमेशा के लिए खास बना गए। आइए नजर डालते हैं सीजन के ऐसे ही 26 सबसे यादगार मोमेंट्स पर…पढ़ें पूरी खबर 4. कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत पाटीदार ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के खास क्लब में जगह बना ली। वे लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले तीसरे कप्तान बने। आइए नजर डालते हैं IPL 2026 के 15 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर…पढ़ें पूरी खबर 5. बेंगलुरु को दोबारा चैंपियन बनाने वाले टॉप-5 फैक्टर; टीम में 8 मैच विनर 18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार… फिर लगातार दो खिताब। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में अपनी कहानी ही बदल दी है। जिस टीम को कभी ‘अंडरअचीवर’ कहा जाता था, वही अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बन गई है। RCB के टाइटल जीतने के 5 फैक्टर्स…पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

bobby deol break silence on fight with alia bhatt on alpha movie set

bobby deol break silence on fight with alia bhatt on alpha movie set

11 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉबी देओल जल्द ही आलिया भट्ट के साथ यश राज प्रोडक्शन की फर्स्ट फीमेल लीड स्पाई यूनिवर्स की फिल्म अल्फा में नजर आने वाले हैं। बीते लंबे समय से चर्चा है कि अल्फा की शूटिंग के बीच बॉबी देओल और आलिया भट्ट में अनबन हो गई है। हालांकि अब बॉबी देओल ने इन खबरों पर चुप्पी तोड़ते हुए इसे अफवाह करार दिया है। बॉबी देओल की फिल्म बंदर जल्द ही रिलीज होने वाली है। इससे पहले वो रजत शर्मा के शो आप की अदालत में पहुंचे थे। शो में रजत ने उनसे अल्फा के सेट पर हुई आलिया भट्ट से अनबन की खबरों पर सवाल किया, तो बॉबी ने कहा, मुझे भी किसी दोस्त ने भेजा था उस खबर का स्नैपशॉट, मैं भी हैरान था। लोग इतने वेल्ले हैं कि कुछ भी लिखकर बना देते हैं। आगे बॉबी ने कहा, ‘मैंने अभी रणबीर के साथ फिल्म की, फिर मुझे जब पता चला कि मुझे आलिया के साथ एक फिल्म मिली है, तो मैंने सोचा कि ये हो क्या रहा है मेरे साथ, क्योंकि दोनों ही मेरे फेवरेट एक्टर हैं। दोनों के साथ मुझे काम करने मिल रहा है। ये बहुत अच्छा है। वो कितनी अच्छी एक्ट्रेस है, कितनी हार्डवर्किंग है। कितनी प्रोफेशनल है। उसको फाइट सीक्वेंस करना हो तो बहुत तैयार रहती है।’ आगे बॉबी देओल ने झगड़े को अफवाह बताते हुए कहा, ‘ये भी बोला गया (अफवाह में) है कि बॉबी देओल इतना नाराज था कि आदित्य चोपड़ा ने उसको एक और फिल्म ऑफर कर दी। अब मैं हर किसी के पास जाकर अपनी बात तो साबित नहीं कर सकता। मैं खुशनसीब हूं कि मैं यहां हूं और आपने ये सवाल पूछा है और मैं जवाब दे रहा हूं।’ आखिर में बॉबी देओल ने कहा, ‘लोग इंस्टाग्राम से ऑब्सेस्ड रहते हैं। उसमें 90 प्रतिशत कहानियां असल नहीं होतीं। उसमें थोड़ी सी सच्चाई होती है, लेकिन ज्यादा बताई जाती है। हम सबको आदत है।’ जानिए कैसी थीं अनबन की खबरें फरवरी में साउथ न्यूज साइट 123 तेलुगु की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अल्फा के सेट में बॉबी देओल और आलिया भट्ट का झगड़ा हो गया। झगड़े की वजह थी आलिया भट्ट का बार-बार उन सीन में हस्तक्षेप करना, जिन्हें वो बॉबी देओल के साथ फिल्मा रही थीं। झगड़े इतने बढ़ने लगे कि आदित्य चोपड़ा को शूटिंग जारी रखने के लिए बीच-बचाव करना पड़ा। हालांकि अब बॉबी देओल साफ कर चुके हैं कि झगड़े की खबरें महज अफवाह हैं। फिल्म अल्फा के बारे में- ये यश राज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की 7वीं और फीमेल लीड वाली पहली फिल्म है। आलिया भट्ट, शरवरी वाघ, बॉबी देओल और अनिल कपूर फिल्म में अहम किरदारों में हैं। ऋतिक रोशन, इस यूनिवर्स की फिल्म वॉर के किरदार कबीर का कैमियो रोल प्ले करने वाले हैं। फिल्म 3 जुलाई को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। इसके बाद ही इस स्पाई यूनिवर्स की फिल्में पठान 2 और टाइगर वर्सेस पठान रिलीज होंगी। फिल्म का निर्देशन शिव रवैल ने किया है। बंदर में नजर आएंगे बॉबी देओल बॉबी देओल जल्द ही फिल्म बंदर में नजर आएंगे, जो 5 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। फिल्म में उनके साथ सपना पब्बी और सबा आजाद लीड रोल में हैं। फिल्म में बॉबी देओल ने एक आउटडेटेड म्यूजिशियन का किरदार निभाया है, जो करियर रिवाइव करने की जद्दोजहद के बीच एक विवाद में फंस जाते हैं। फिल्म का निर्देशन अनुराग कश्यप ने किया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

एआई का खौफ, फ्रेंचाइजी बिजनेस की वापसी:लैपटॉप वाली नौकरी छोड़ ‘खुद का बॉस’ बनने की होड़; अमेरिकी मॉडल में भारतीयों का दबदबा

एआई का खौफ, फ्रेंचाइजी बिजनेस की वापसी:लैपटॉप वाली नौकरी छोड़ ‘खुद का बॉस’ बनने की होड़; अमेरिकी मॉडल में भारतीयों का दबदबा

एआई के बढ़ते खतरे और महंगी पढ़ाई के बीच कॉरपोरेट नौकरियों के मुकाबले फ्रेंचाइजी बिजनेस का क्रेज बढ़ रहा है। अब लोग लैपटॉप वाली वाइट-कॉलर नौकरियों के बजाय पिलेट्स (खास तरह का व्यायाम) सिखाने और खाना पकाने जैसे व्यावहारिक बिजनेस को सुरक्षित मान रहे हैं। अमेरिका के 8.5 लाख फ्रेंचाइजी आउटलेट्स को 2.5 लाख मालिक संभाल रहे हैं। ये 90 लाख रोजगार देते हैं। अमेरिकी जीडीपी में 3% योगदान कर रहे हैं। आईएफए के मैट हॉलर का कहना है कि एक दशक पहले तक, अमीर बनने का रास्ता कॉलेज की डिग्री और लैपटॉप वाली वाइट-कॉलर नौकरी माना जाता था। लेकिन अब महंगी पढ़ाई और एआई के आने से युवाओं का ध्यान पारंपरिक और जमीनी व्यवसायों की तरफ गया है। पायलट क्लास सिखाना या खाना पकाना जैसे बिजनेस अब ज्यादा सुरक्षित लगते हैं, क्योंकि इन्हें इंसानों के बिना नहीं चलाया जा सकता। जो इंसानों के बिना नहीं चल सकते, उन बिजनेस की मांग अमेरिका में डंकिन डोनट्स से लेकर यूपीएस स्टोर और अधिकांश मैरियट होटल इसी मॉडल पर चलते हैं। अब यह मॉडल फिटनेस स्टूडियो, घरेलू सेवाओं और चाइल्ड केयर जैसे नए क्षेत्रों में भी फैल रहा है। ये मॉडल लंबे समय से प्रवासियों को आकर्षित करता आया है। अमेरिका के कुल मोटल्स में से दो-तिहाई के मालिक भारतीय मूल के हैं। अधिकांश उन गुजरातियों के वंशज हैं, जिन्होंने 1980 के दशक में सुपर 8 और ट्रैवलॉज की फ्रेंचाइजी खरीदी थी। सफलता – मैकडॉनल्ड्स से बने ज्यादा करोड़पति मैकडॉनल्ड्स के अमेरिका में स्थित लगभग 14,000 आउटलेट्स में से करीब 95% को स्वतंत्र फ्रेंचाइजी मालिक चलाते हैं। इस चेन ने इतिहास में किसी भी अन्य कंपनी के मुकाबले सबसे ज्यादा आम लोगों को करोड़पति बनाया है। लागत – अमेरिका में 3 से 9.5 करोड़ रुपए तक खर्च एक फिटनेस स्टूडियो शुरू करने में 3-8 करोड़ रुपए का खर्च होते हैं। वहीं, रेस्टोरेंट फ्रेंचाइजी में 9.5 करोड़ का निवेश करना पड़ सकता है। सफलता की दर स्वतंत्र बिजनेस की तुलना में पहले 1-2 साल बेहतर होती है, लेकिन बाद में जोखिम बराबर ही रहता है। भारत – फ्रेंचाइजी बाजार सालाना 30% की गति से बढ़ रहा भारतीय रिटेल और कंज्यूमर मार्केट में फ्रेंचाइजी मॉडल अब सबसे सुरक्षित और तेजी से बढ़ने वाला बिजनेस बन चुका है। अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फ्रेंचाइजी बाजार है। फ्रैंकोर्प इंडिया और फैनकास्ट की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का फ्रेंचाइजी बाजार सालाना 30% बढ़ रहा है। अभी यह करीब 95 हजार करोड़ रुपए का है। अगले 5 वर्षों में इसके 14.25 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। इसके लिए हर साल 72% कम्पाउंडेड ग्रोथ की जरूरत होगी। नेटवर्क – देश में 5 हजार से अधिक एक्टिव ब्रांड्स भारत में 5,000 से अधिक सक्रिय फ्रेंचाइजर ब्रांड हैं। आउटलेट्स 2 लाख से ज्यादा हैं। 5 साल बाद लक्ष्य पूरा होने पर जीडीपी में यह सेक्टर 4.2% का बड़ा योगदान देगा। अभी यह योगदान 2-2.2% है। विस्तार – छोटे शहरों में बढ़ रहे फ्रेंचाइजी आउटलेट्स महानगरों के मुकाबले टियर-2, 3 शहरों में फ्रेंचाइजी आउटलेट्स तेजी से बढ़ रहे हैं। नए उद्यमी बैंक लोन और जमा पूंजी का इस्तेमाल करके फ्रेंचाइजी मॉडल में निवेश कर रहे हैं। फूड, प्री-स्कूल कोचिंग, डायग्नोस्टिक लैब्स और ब्यूटी-वेलनेस डिमांड में हैं। लागत – भारत में न्यूनतम 5 लाख निवेश की जरूरत देश में छोटे स्तर के कियोस्क या सेंटर के लिए 5-15 लाख की जरूरत होती है। इंटरनेशनल ब्रांड्स के लिए 1 करोड़ तक की जरूरत होती है। स्वतंत्र स्टार्टअप्स के मुकाबले भारत में फ्रेंचाइजी बिजनेस टिके रहने की दर 85% ज्यादा है। तैयार सिस्टम और स्थापित ब्रांड वैल्यू के कारण रिस्क काफी कम हो जाता है।

एआई का खौफ, फ्रेंचाइजी बिजनेस की वापसी:लैपटॉप वाली नौकरी छोड़ ‘खुद का बॉस’ बनने की होड़; अमेरिकी मॉडल में भारतीयों का दबदबा

एआई का खौफ, फ्रेंचाइजी बिजनेस की वापसी:लैपटॉप वाली नौकरी छोड़ ‘खुद का बॉस’ बनने की होड़; अमेरिकी मॉडल में भारतीयों का दबदबा

एआई के बढ़ते खतरे और महंगी पढ़ाई के बीच कॉरपोरेट नौकरियों के मुकाबले फ्रेंचाइजी बिजनेस का क्रेज बढ़ रहा है। अब लोग लैपटॉप वाली वाइट-कॉलर नौकरियों के बजाय पिलेट्स (खास तरह का व्यायाम) सिखाने और खाना पकाने जैसे व्यावहारिक बिजनेस को सुरक्षित मान रहे हैं। अमेरिका के 8.5 लाख फ्रेंचाइजी आउटलेट्स को 2.5 लाख मालिक संभाल रहे हैं। ये 90 लाख रोजगार देते हैं। अमेरिकी जीडीपी में 3% योगदान कर रहे हैं। आईएफए के मैट हॉलर का कहना है कि एक दशक पहले तक, अमीर बनने का रास्ता कॉलेज की डिग्री और लैपटॉप वाली वाइट-कॉलर नौकरी माना जाता था। लेकिन अब महंगी पढ़ाई और एआई के आने से युवाओं का ध्यान पारंपरिक और जमीनी व्यवसायों की तरफ गया है। पायलट क्लास सिखाना या खाना पकाना जैसे बिजनेस अब ज्यादा सुरक्षित लगते हैं, क्योंकि इन्हें इंसानों के बिना नहीं चलाया जा सकता। जो इंसानों के बिना नहीं चल सकते, उन बिजनेस की मांग अमेरिका में डंकिन डोनट्स से लेकर यूपीएस स्टोर और अधिकांश मैरियट होटल इसी मॉडल पर चलते हैं। अब यह मॉडल फिटनेस स्टूडियो, घरेलू सेवाओं और चाइल्ड केयर जैसे नए क्षेत्रों में भी फैल रहा है। ये मॉडल लंबे समय से प्रवासियों को आकर्षित करता आया है। अमेरिका के कुल मोटल्स में से दो-तिहाई के मालिक भारतीय मूल के हैं। अधिकांश उन गुजरातियों के वंशज हैं, जिन्होंने 1980 के दशक में सुपर 8 और ट्रैवलॉज की फ्रेंचाइजी खरीदी थी। सफलता – मैकडॉनल्ड्स से बने ज्यादा करोड़पति मैकडॉनल्ड्स के अमेरिका में स्थित लगभग 14,000 आउटलेट्स में से करीब 95% को स्वतंत्र फ्रेंचाइजी मालिक चलाते हैं। इस चेन ने इतिहास में किसी भी अन्य कंपनी के मुकाबले सबसे ज्यादा आम लोगों को करोड़पति बनाया है। लागत – अमेरिका में 3 से 9.5 करोड़ रुपए तक खर्च एक फिटनेस स्टूडियो शुरू करने में 3-8 करोड़ रुपए का खर्च होते हैं। वहीं, रेस्टोरेंट फ्रेंचाइजी में 9.5 करोड़ का निवेश करना पड़ सकता है। सफलता की दर स्वतंत्र बिजनेस की तुलना में पहले 1-2 साल बेहतर होती है, लेकिन बाद में जोखिम बराबर ही रहता है। भारत – फ्रेंचाइजी बाजार सालाना 30% की गति से बढ़ रहा भारतीय रिटेल और कंज्यूमर मार्केट में फ्रेंचाइजी मॉडल अब सबसे सुरक्षित और तेजी से बढ़ने वाला बिजनेस बन चुका है। अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फ्रेंचाइजी बाजार है। फ्रैंकोर्प इंडिया और फैनकास्ट की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का फ्रेंचाइजी बाजार सालाना 30% बढ़ रहा है। अभी यह करीब 95 हजार करोड़ रुपए का है। अगले 5 वर्षों में इसके 14.25 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। इसके लिए हर साल 72% कम्पाउंडेड ग्रोथ की जरूरत होगी। नेटवर्क – देश में 5 हजार से अधिक एक्टिव ब्रांड्स भारत में 5,000 से अधिक सक्रिय फ्रेंचाइजर ब्रांड हैं। आउटलेट्स 2 लाख से ज्यादा हैं। 5 साल बाद लक्ष्य पूरा होने पर जीडीपी में यह सेक्टर 4.2% का बड़ा योगदान देगा। अभी यह योगदान 2-2.2% है। विस्तार – छोटे शहरों में बढ़ रहे फ्रेंचाइजी आउटलेट्स महानगरों के मुकाबले टियर-2, 3 शहरों में फ्रेंचाइजी आउटलेट्स तेजी से बढ़ रहे हैं। नए उद्यमी बैंक लोन और जमा पूंजी का इस्तेमाल करके फ्रेंचाइजी मॉडल में निवेश कर रहे हैं। फूड, प्री-स्कूल कोचिंग, डायग्नोस्टिक लैब्स और ब्यूटी-वेलनेस डिमांड में हैं। लागत – भारत में न्यूनतम 5 लाख निवेश की जरूरत देश में छोटे स्तर के कियोस्क या सेंटर के लिए 5-15 लाख की जरूरत होती है। इंटरनेशनल ब्रांड्स के लिए 1 करोड़ तक की जरूरत होती है। स्वतंत्र स्टार्टअप्स के मुकाबले भारत में फ्रेंचाइजी बिजनेस टिके रहने की दर 85% ज्यादा है। तैयार सिस्टम और स्थापित ब्रांड वैल्यू के कारण रिस्क काफी कम हो जाता है।

सोना ₹864 गिरकर ₹1.56 लाख का 10 ग्राम हुआ:ऑलटाइम हाई से ₹20 हजार नीचे आया, चांदी आज ₹450 सस्ती होकर ₹2.63 लाख किलो हुई

सोना ₹864 गिरकर ₹1.56 लाख का 10 ग्राम हुआ:ऑलटाइम हाई से ₹20 हजार नीचे आया, चांदी आज ₹450 सस्ती होकर ₹2.63 लाख किलो हुई

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 1 जून को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 864 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए हो गया है। 1 किलो चांदी की कीमत 450 रुपए कम होकर 2.63 लाख रुपए पर आ गई है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 1 जून 2026 सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.56 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.63 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। सोना 123 दिन में ₹20 हजार और चांदी ₹1.23 लाख सस्ती सोर्स: IBJA गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं:चंद घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत, दुल्हन बची

शादी की खुशियां मातम में बदलीं:चंद घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत, दुल्हन बची

अमेरिका के जॉर्जिया में शादी के कुछ घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट डेव फिजी की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। हादसे में हेलिकॉप्टर पायलट की भी जान चली गई, जबकि दुल्हन जेस्नी घायल अवस्था में करीब छह घंटे तक मलबे में फंसी रहीं। यह हादसा उस समय हुआ जब नवविवाहित जोड़ा शादी के बाद विशेष विदाई के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना हुआ था। खुशियों का दिन कुछ घंटों में मातम में बदला शुक्रवार को डॉसनविल स्थित ‘द रिवेरे’ वेडिंग वेन्यू में डेव फिजी और जेस्नी की शादी हुई थी। समारोह में करीब 400 मेहमान शामिल हुए थे। परिवार और दोस्तों के बीच जश्न का माहौल था। शादी के बाद दोनों के लिए हेलिकॉप्टर विदाई की विशेष व्यवस्था की गई थी। डेव और जेस्नी रॉबिन्सन R66 हेलिकॉप्टर में सवार होकर डीकाल्ब-पीचट्री एयरपोर्ट जाने वाले थे, जहां से उन्हें अटलांटा में रात बितानी थी। लेकिन उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पिता बोले- मेरा बेटा जिंदगी के सबसे खुश दिन पर था डेव के पिता जॉर्ज फिजी ने बताया कहा, “मेरा बेटा बहुत खुश था। मैं उसे देख रहा था और उसकी खुशी महसूस कर रहा था। वह बेहद हैंडसम लग रहा था।” जॉर्ज के मुताबिक, डेव और जेस्नी की दोस्ती चर्च के जरिए हुई थी। दोनों परिवारों का संबंध अमेरिकी राज्यों साउथ कैरोलाइना और जॉर्जिया के चर्च समुदायों से रहा है। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और दोनों ने जीवनसाथी बनने का फैसला किया। बचपन का सपना पूरा कर पायलट बना था डेव परिवार के अनुसार डेव फिजी बचपन से ही पायलट बनना चाहता था। उसने अपनी मेहनत और लगन से यह सपना पूरा किया और बाद में डेल्टा एयर लाइंस में फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर नियुक्त हुआ। डेव को उड़ान और विमानन क्षेत्र से बेहद लगाव था। परिवार के अनुसार वह बेहदे अनुशासित और जिम्मेदार पेशेवर पायलट था। मौसम को लेकर पहले ही जता दी थी चिंता हादसे से पहले डेव ने मौसम को लेकर चिंता भी जताई थी। उसके पिता के अनुसार, समारोह खत्म होने तक इलाके में कोहरा और बारिश बढ़ चुकी थी, जिससे विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई थी। जॉर्ज फिजी ने बताया, “डेव ने हेलिकॉप्टर पायलट से कहा था कि ऐसी विजिबिलिटी में हम उड़ान नहीं भरते। उसने साफ कहा था कि हालात उड़ान के लिए ठीक नहीं हैं।” हालांकि, परिवार के अनुसार हेलिकॉप्टर पायलट ने जवाब दिया कि वे अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरेंगे और यात्रा जारी रखी गई। घने जंगल में गिरा हेलिकॉप्टर उड़ान के कुछ समय बाद हेलिकॉप्टर डॉसनविल के पास घने जंगल वाले इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इलाके की भौगोलिक स्थिति और घने पेड़ों के कारण दुर्घटनास्थल का पता लगाने में राहत दलों को काफी समय लगा। जॉर्ज फिजी ने बताया कि खोजी दलों को हेलिकॉप्टर का मलबा खोजने में कई घंटे लग गए। इसी वजह से बचाव अभियान भी देर से शुरू हो पाया। छह घंटे तक मलबे में फंसी रही दुल्हन परिवार के अनुसार जेस्नी लगभग छह घंटे तक दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर के मलबे में फंसी रहीं। जब उन्हें होश आया तो उन्होंने खुद को टूटे हुए हेलिकॉप्टर के बीच पाया। जॉर्ज फिजी ने बताया कि जेस्नी ने उन्हें जो घटना बताई, वह बेहद दर्दनाक थी। उन्होंने कहा, “जेस्नी ने बताया कि जब उसकी आंख खुली तो डेव उसका सिर उसकी छाती पर रखे हुए था। उसने देखा कि उसके शरीर पर खून था। वह पेशे से नर्स है, इसलिए उसने तुरंत समझ लिया कि डेव अब इस दुनिया में नहीं रहा।” शरीर पर चोटें, लेकिन हिम्मत नहीं टूटी हादसे में जेस्नी को कई जगह चोटें और कट लगे हैं, लेकिन कोई हड्डी नहीं टूटी। परिवार के मुताबिक वह शारीरिक रूप से धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं, हालांकि पति को खोने का सदमा बहुत गहरा है। जॉर्ज ने कहा, “वह पूरी तरह टूट चुकी है, लेकिन इलाज चल रहा है और वह रिकवर कर रही है।” हादसे की जांच शुरू अमेरिका का नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) हादसे की जांच कर रहा है। एजेंसी ने अभी तक दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांचकर्ता मौसम की स्थिति, उड़ान मार्ग, हेलिकॉप्टर की तकनीकी स्थिति और पायलट के फैसलों समेत सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। ‘भगवान ने परफेक्ट शादी दी, फिर सब बदल गया’ बेटे की मौत के बावजूद जॉर्ज फिजी ने कहा कि उनका परिवार अपने ईसाई विश्वास के सहारे इस दुख का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, “भगवान ने हमें एक परफेक्ट शादी का दिन दिया। कुछ ही घंटों बाद सब कुछ त्रासदी में बदल गया। ऐसे समय में हमारे सवाल बहुत हैं, लेकिन हमें शांति और जवाब सिर्फ भगवान में ही मिलते हैं।”

खुशियां मातम में बदलीं:शादी के चंद घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत, दुल्हन बची

खुशियां मातम में बदलीं:शादी के चंद घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत, दुल्हन बची

अमेरिका के जॉर्जिया में शादी के कुछ घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट डेव फिजी की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। हादसे में हेलिकॉप्टर पायलट की भी जान चली गई, जबकि दुल्हन जेस्नी घायल अवस्था में करीब छह घंटे तक मलबे में फंसी रहीं। यह हादसा उस समय हुआ जब नवविवाहित जोड़ा शादी के बाद विशेष विदाई के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना हुआ था। खुशियों का दिन कुछ घंटों में मातम में बदला शुक्रवार को डॉसनविल स्थित ‘द रिवेरे’ वेडिंग वेन्यू में डेव फिजी और जेस्नी की शादी हुई थी। समारोह में करीब 400 मेहमान शामिल हुए थे। परिवार और दोस्तों के बीच जश्न का माहौल था। शादी के बाद दोनों के लिए हेलिकॉप्टर विदाई की विशेष व्यवस्था की गई थी। डेव और जेस्नी रॉबिन्सन R66 हेलिकॉप्टर में सवार होकर डीकाल्ब-पीचट्री एयरपोर्ट जाने वाले थे, जहां से उन्हें अटलांटा में रात बितानी थी। लेकिन उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पिता बोले- मेरा बेटा जिंदगी के सबसे खुश दिन पर था डेव के पिता जॉर्ज फिजी ने बताया कहा, “मेरा बेटा बहुत खुश था। मैं उसे देख रहा था और उसकी खुशी महसूस कर रहा था। वह बेहद हैंडसम लग रहा था।” जॉर्ज के मुताबिक, डेव और जेस्नी की दोस्ती चर्च के जरिए हुई थी। दोनों परिवारों का संबंध अमेरिकी राज्यों साउथ कैरोलाइना और जॉर्जिया के चर्च समुदायों से रहा है। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और दोनों ने जीवनसाथी बनने का फैसला किया। बचपन का सपना पूरा कर पायलट बना था डेव परिवार के अनुसार डेव फिजी बचपन से ही पायलट बनना चाहता था। उसने अपनी मेहनत और लगन से यह सपना पूरा किया और बाद में डेल्टा एयर लाइंस में फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर नियुक्त हुआ। डेव को उड़ान और विमानन क्षेत्र से बेहद लगाव था। परिवार के अनुसार वह बेहदे अनुशासित और जिम्मेदार पेशेवर पायलट था। मौसम को लेकर पहले ही जता दी थी चिंता हादसे से पहले डेव ने मौसम को लेकर चिंता भी जताई थी। उसके पिता के अनुसार, समारोह खत्म होने तक इलाके में कोहरा और बारिश बढ़ चुकी थी, जिससे विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई थी। जॉर्ज फिजी ने बताया, “डेव ने हेलिकॉप्टर पायलट से कहा था कि ऐसी विजिबिलिटी में हम उड़ान नहीं भरते। उसने साफ कहा था कि हालात उड़ान के लिए ठीक नहीं हैं।” हालांकि, परिवार के अनुसार हेलिकॉप्टर पायलट ने जवाब दिया कि वे अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरेंगे और यात्रा जारी रखी गई। घने जंगल में गिरा हेलिकॉप्टर उड़ान के कुछ समय बाद हेलिकॉप्टर डॉसनविल के पास घने जंगल वाले इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इलाके की भौगोलिक स्थिति और घने पेड़ों के कारण दुर्घटनास्थल का पता लगाने में राहत दलों को काफी समय लगा। जॉर्ज फिजी ने बताया कि खोजी दलों को हेलिकॉप्टर का मलबा खोजने में कई घंटे लग गए। इसी वजह से बचाव अभियान भी देर से शुरू हो पाया। छह घंटे तक मलबे में फंसी रही दुल्हन परिवार के अनुसार जेस्नी लगभग छह घंटे तक दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर के मलबे में फंसी रहीं। जब उन्हें होश आया तो उन्होंने खुद को टूटे हुए हेलिकॉप्टर के बीच पाया। जॉर्ज फिजी ने बताया कि जेस्नी ने उन्हें जो घटना बताई, वह बेहद दर्दनाक थी। उन्होंने कहा, “जेस्नी ने बताया कि जब उसकी आंख खुली तो डेव उसका सिर उसकी छाती पर रखे हुए था। उसने देखा कि उसके शरीर पर खून था। वह पेशे से नर्स है, इसलिए उसने तुरंत समझ लिया कि डेव अब इस दुनिया में नहीं रहा।” शरीर पर चोटें, लेकिन हिम्मत नहीं टूटी हादसे में जेस्नी को कई जगह चोटें और कट लगे हैं, लेकिन कोई हड्डी नहीं टूटी। परिवार के मुताबिक वह शारीरिक रूप से धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं, हालांकि पति को खोने का सदमा बहुत गहरा है। जॉर्ज ने कहा, “वह पूरी तरह टूट चुकी है, लेकिन इलाज चल रहा है और वह रिकवर कर रही है।” हादसे की जांच शुरू अमेरिका का नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) हादसे की जांच कर रहा है। एजेंसी ने अभी तक दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांचकर्ता मौसम की स्थिति, उड़ान मार्ग, हेलिकॉप्टर की तकनीकी स्थिति और पायलट के फैसलों समेत सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने पुष्टि की है कि हेलिकॉप्टर में तीन लोग सवार थे। एजेंसी की शुरुआती रिपोर्ट अगले 30 दिनों में आने की संभावना है। ‘भगवान ने परफेक्ट शादी दी, फिर सब बदल गया’ डेव फिजी के माता-पिता मूल रूप से केरल के एर्नाकुलम जिले के मुवट्टुपुझा के रहने वाले हैं। वहीं, जेस्नी का परिवार केरल के अलाप्पुझा जिले से जुड़ा हुआ है। बेटे की मौत के बावजूद जॉर्ज फिजी ने कहा कि उनका परिवार अपने ईसाई विश्वास के सहारे इस दुख का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, “भगवान ने हमें एक परफेक्ट शादी का दिन दिया। कुछ ही घंटों बाद सब कुछ त्रासदी में बदल गया। ऐसे समय में हमारे सवाल बहुत हैं, लेकिन हमें शांति और जवाब सिर्फ भगवान में ही मिलते हैं।”

प्राध्यापक (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू:जानिए-आरएएस-2026 व एपीओ भर्ती में कितने पद व कब से करें आवेदन

प्राध्यापक (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू:जानिए-आरएएस-2026 व एपीओ भर्ती में कितने पद व कब से करें आवेदन

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्राध्यापक (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आज से शुरू हो गए है। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि कैंडिडेट्स 30 जून 2026 की रात 12 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। कैंडिडेट की उम्र 1 जनवरी 2027 को 18 से 40 के बीच होनी चाहिए। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होंगे। कैंडिडेट का सिलेक्शन एग्जाम से होगा। परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी बाद में अलग से जारी की जाएगी। (अधिक जानकारी के लिए करें क्लिक) सहायक अभियोजन-अधिकारी, पद 371, आवेदन 8 जून से शुरू होंगे आरपीएससी की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर निकाली गई भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 8 जून से शुरू होंगे। ये आवेदन 7 जुलाई तक किए जा सकेंगे। इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 2 सितंबर को किया जाना प्रस्तावित है। आयु सीमा 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल से कम होनी चाहिए। आयोग द्वारा यह पद 2024 में विज्ञापित किए गए थे। इसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई। इसके बाद इन पदों के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का चयन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा दो चरणों में प्रारम्भिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा के रूप में ली जाएगी। आरएएस-2026, पद 607, 4 जून से शुरू होंगे आवेदन राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के तहत 607 पदों के लिए निकाली गई भर्ती के लिए कैंडिडेट 4 जून से 3 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। 29 नवंबर 2026 को एग्जाम होगा। राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद हैं। कैंडिडेट की आयु 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल होनी चाहिए। कैंडिडेट का सिलेक्शन पहले प्री-परीक्षा और फिर मेन एग्जाम और इंटरव्यू से होगा। प्री-एग्जाम में वस्तुनिष्ट (ऑब्जेक्टिव) प्रश्न होंगे। वहीं मेन एग्जाम में वर्णनात्मक (डिस्क्रिप्टिव) प्रश्न होंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। राज्य सेवाएं (192 पद) अधीनस्थ सेवाएं (415 पद) ………….

मई में ₹1.94 लाख करोड़ GST कलेक्शन:पिछले महीने से 20% कम, अप्रैल में 2.42 लाख करोड़ रुपए रहा था

मई में ₹1.94 लाख करोड़ GST कलेक्शन:पिछले महीने से 20% कम, अप्रैल में 2.42 लाख करोड़ रुपए रहा था

मई 2026 में 1.94 लाख करोड़ रुपए का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन हुआ। यह अप्रैल के रिकॉर्ड 2.42 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले 20% कम है। हालांकि पिछले साल की समान अवधि यानी मई 2025 (₹1.88 लाख करोड़) से 3.2% ज्यादा है। सरकार ने आज यानी 1 जून को GST कलेक्शन के आंकड़े जारी करेंगे। वित्त मंत्रालय द्वारा आज, 1 जून को जारी आंकड़ों के मुताबिक, रिफंड घटाने के बाद मई में नेट GST रेवेन्यू 3.3% बढ़कर 1.67 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल मई में 1.62 लाख करोड़ रुपए था। वित्त वर्ष 2025-26 में GST कलेक्शन इंपोर्ट से होने वाली कमाई बढ़ी मई महीने में GST कलेक्शन की ग्रोथ मुख्य रूप से इंपोर्ट (आयात) पर निर्भर रही। इंपोर्टेड गुड्स से होने वाला ग्रॉस GST रेवेन्यू सालाना आधार पर 19.1% बढ़कर 59,654 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं, दूसरी तरफ घरेलू ट्रांजैक्शन से होने वाली ग्रॉस घरेलू कमाई में 2.6% की गिरावट आई और यह 1.35 लाख करोड़ रुपए रही। नेट बेसिस पर देखें तो कस्टम्स (इंपोर्ट) GST कलेक्शन 19.7% उछलकर 49,403 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट घरेलू रेवेन्यू 2.3% घटकर 1.18 लाख करोड़ रुपए रह गया। इस वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में 6.2% की ग्रोथ फाइनेंशियल ईयर 2026-27 (FY27) के पहले दो महीनों (अप्रैल और मई) को मिलाकर कुल ग्रॉस GST कलेक्शन 6.2% बढ़कर ₹4.37 लाख करोड़ हो गया है। इसी तरह, पहले दो महीनों में नेट GST रेवेन्यू भी 5.5% की बढ़त के साथ ₹3.78 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। हरियाणा-केरल में GST कलेक्शन बढ़त GST कलेक्शन के मामले में अलग-अलग राज्यों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। बड़े राज्यों की बात करें तो सेटलमेंट से पहले (प्री सेटलमेंट SGST) मई में कर्नाटक में 11%, आंध्र प्रदेश में 11%, उत्तर प्रदेश में 9% और महाराष्ट्र में 8% की ग्रोथ दर्ज की गई। केरल में यह ग्रोथ सबसे शानदार 19% रही, जबकि गुजरात में कलेक्शन 3% बढ़ा। इकोनॉमी की सेहत दिखाता है GST कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था कितनी तंदुरुस्त है। अगर कलेक्शन ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ रहा है और लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं। 2017 में लागू हुआ था GST सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। GST को चार हिस्सों में डिवाइड किया गया है: