Gulveer First Indian 1.6km Race Under 4 Min

Hindi News Career Gulveer First Indian 1.6km Race Under 4 Min | June 2026 Current Affairs 4 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि CDS अपॉइंट हुए 31 मई जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का पद संभाला। जनरल सुब्रमणि को पदभार संभालने के ठीक बाद दिल्ली में साउथ ब्लॅाक लॅान्स में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जनरल सुब्रमणि डिफेंस मिनिस्ट्री में डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (DMA) के पद पर भी हैं। जनरल सुब्रमणि देश के तीसरे CDS हैं और उन्होंने जनरल अनिल चौहान की जगह ली है। जनरल चौहान शनिवार को रिटायर हुए थे। जनरल सुब्रमणि को 14 दिसंबर 1985 को गढ़वाल राइफल 8वीं बटालियन में कमीशन मिला था। जनरल सुब्रमणि 2021 में खड्ग कोर कमांडर बने। खड्ग कोर थल सेना की सबसे शक्तिशाली और खतरनाक स्ट्राइक कोर है। जनरल सुब्रमणि नॉर्दन कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ बने और 2023 में गोवा-इन-सी सेंट्रल कमांड संभाली। जनरल सुब्रमणि 2024 में वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने थे। जनरल सुब्रमणि 2025 में नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरियट में मिलिट्री एड्वाइजर बने जनरल सुब्रमणि ने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से ग्रेजुएशन किया है। 2. एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन देश 27वें चीफ नेवल स्टाफ बने 31 मई को एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन देश के 27वें चीफ नेवल स्टाफ (CNS)बने। उन्होंने एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी की जगह ली। स्वामीनाथन 1 जुलाई 1987 को इंडियन नेवी में शामिल हुए थे। एडमिरल स्वामीनाथन के पास कम्यूनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में विशेषज्ञता है। एडमिरल स्वामीनाथन INS विद्युत, INS विनाश, INS कुलिश, INS मैसूर, INS विक्रमादित्य जैसे युद्धपोतों की कमान संभाल चुके हैं। एडमिरल स्वामीनाथन साउथ नेवल कमांड के चीफ स्टाफ (ट्रेनिंग) ऑफिसर रह चुके हैं। एडमिरल स्वामीनाथन मई 2024 से जुलाई 2025 तक वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ रह चुके हैं। एडमिरल स्वामीनाथन जुलाई 2025 से मई 2026 तक ट्रेनिंग के फ्लैग ऑफिसर रह चुके हैं। 9 मई 2026 को एडमिरल स्वामीनाथन चीफ ऑफ नेवल स्टाफ बने थे। एडमिरल स्वामीनाथन को 2021 में परम विसिष्ठ सेवा मेडल (PVSM) से सम्मानित किया गया। 3. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने म्यांमार के राष्ट्रपति से मुलाकात की 30 मई को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। दोनों देशों के नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने और रीजनल सिक्योरिटी को बेहतर करने पर चर्चा हुई। इस मुलाकत में भारत और म्यांमार के बीच सीमा सुरक्षा और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स पर भी बात हुई। इस यात्रा के भारत और म्यांमार बॉर्डर सिक्योरिटी, ट्रेड और इंवेस्टमेंट, कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स, डिफेंस कॉर्पोरेशन और एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर बात करेंगे। इस यात्रा के दौरान भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के साथ 1,640 किलोमीटर लंबी बोर्डर लाइन पर भी बात कर सकते हैं। दोनों प्रमुखों की ये बैठक भारत की नेवरहुड फर्स्ट पॉलिसी का हिस्सा है। म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन पीएम मोदी के आमंत्रण पर पांच दिन की यात्रा पर भारत आए हैं। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. एथलीट गुलवीर सिंह ने 4 मिनट में रेस पूरी की 30 मई को एथलीट गुलवीर सिंह ने 1 किमी (लगभग 1.6मीटर) की दौड़ 4 मिनिट से कम समय में पूरी कर इतिहास रचा। गुलवीर ये रिकॉर्ड अमेरिका के टेनेसी में आयोजित ‘म्यूजिक सिटी ट्रैक कार्निवल’ में बनाया है। गुलवीर 4 मिनिट से कम समय में दौड़ पूरा करने वाले पहले भारतीय एथलीट हैं। गुलवीर ने 2022 में एशियाई खेलों में 10 हजार किमी रेस में ब्रॉन्ज जीता था। गुलवीर ने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में 5000 मीटर में ब्रॉन्ज जीता था। गुलवीर ने 2024 में 5 हजार मीटर और 10 हजार मीटर में नेशनल रिकॉर्ड बनाए। एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में गुलवीर ने 5 हजार मीटर और 10 हजार मीटर में डबल गोल्ड जीता। गुलवीर ने 2025 में कैलिफोर्निया में 27:00.22 के समय में 10 हजार मीटर दौड़हकर 2008 का नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा था। गुलवीर ने ये दौड़ 3 मिनट 55.63 सेकंड में पूरी की। 5. हाई-जम्पर पूजा सिंह एशियाई U20 में गोल्ड जीता 30 मई को 19 वर्षीय हाई-जम्पर पूजा सिंह ने हांगकांग में एशियाई U20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 14 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़कर गोल्ड मेडल जीता। पूजा ने 2012 में सहाना कुमारी के 1.92 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़ा है और 1.93 मीटर में रिकॉर्ड दर्ज किया है। सहाना, पूजा की कोच भी हैं। पूजा का एशियाई U20 चैंपियनशिप में दूसरा मेडल है। पूजा ने 2025 में अपने करियर की शुरुआ हाई-जम्पर के तौर पर राष्ट्रीय जूनियर सर्किट से की थी। पूजा ने 2026 में नई दिल्ली में होने वाले इंडियन एथलीट सीरीजमें 1.90 मीटर की छलांग लगाई थी। 2026 में पूजा ने भारत का नया अंडर-20 नेशनल रिकॉर्ड बनाया है। पूजा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए निर्धारित AFI क्वालिफिकेशन मार्क (1.92 मीटर) को भी पार किया है। इसके साथ ही पूजा ने भारत की सीनियर महिला हाई-जम्प नेशनल रिकॉर्डधारक (1.93 मीटर) की बराबरी की है। एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप हांगकांग में चल रही है। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 6. 1 जून से कपास पर लगने वाला आयात शुल्क पर अस्थाई छूट लागू 1 जून से केंद्र सरकार ने कपास के आयात पर लगने वाले 11% सीमा शुल्क को हटा दिया है। ये छूट 31 अक्टूबर तक लागू रहेगी। इसमें आयातित कपास पर लगने वाला 5% बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) और 6% कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर (AIDC) पूरी तरह से हटा दिया गया है। अब जून से अक्टूबर तक सीमा शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 की पहली अनुसूची के तहत आने वाला कॉटन ड्यूटी फ्री रहेगा। साथ ही फाइनेंस एक्ट, 2021 की धारा 124 के तहत लगने वाले ‘कृषि सेस’ (AIDC) से भी पूरी तरह से छूट मिलेगी। सीमा शुल्क हटाने के फैसले का उद्देश्य घरेलू कपड़ा उद्योग को राहत देना और कच्चे माल की आपूर्ति बढ़ाना है। सीमा शुल्क हटाने का से MSME बेस्ड वस्त्र और परिधान उद्योग को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से गारमेंट और टेक्सटाइल इंडस्ट्री की ओर से कपास पर लगने वाले आयात शुल्क हटाने की मांग की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक 4.5 करोड़ लोग टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़े
फाइनल जीतने के बाद रजत ने ट्रॉफी चूम ली:कोहली ने उन्हें गले से लगाया, सूर्यवंशी अवॉर्ड लेने पहुंचे; IPL 2026 के टॉप-26 मोमेंट्स

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार IPL का खिताब जीत लिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में टीम ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। जीत के साथ ही मैदान पर जश्न का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसने करोड़ों क्रिकेट फैंस को भावुक कर दिया। कप्तान रजत पाटीदार ने ट्रॉफी उठाने से पहले उसे चूमकर अपनी खुशी जाहिर की। वहीं विराट कोहली ने कप्तान को गले लगाकर बधाई दी। दूसरी ओर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जब अपना अवॉर्ड लेने मंच पर पहुंचे, तब स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। फाइनल में जीत के बाद खिलाड़ियों का परिवार के साथ जश्न और ट्रॉफी के साथ यादगार तस्वीरें जैसे कई पल IPL 2026 को हमेशा के लिए खास बना गए। आइए नजर डालते हैं सीजन के ऐसे ही 26 सबसे यादगार मोमेंट्स पर… शुरुआत बेंगलुरु-गुजरात फाइनल की 6 फोटोज से… यहां से सीजन के टॉप-20 मोमेंट्स… मैच-1, भगदड़ में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई मैच 10, ईशान के बोल्ड पर गोयनका ने भगवान की तस्वीर माथे से लगाई मैच 11, बेंगलुरु स्टेडियम में द्रविड़-कुंबले के स्टैंड्स मैच 13, बारिश की वजह से मैच 2 घंटे 40 मिनट देरी से शुरू हुआ मैच 16, कोहली ने सूर्यवंशी को ऑटोग्राफ दिया मैच 21, फ्लड लाइट बंद हुई, दर्शकों ने फ्लैश लाइट जलाई मैच 24, श्रेयस के बेहतरीन कैच से हार्दिक आउट मैच-25, ग्रीन का सिक्स कार पर लगा, गाड़ी पर डेंट आया मैच 35, एनगिडी के सिर में चोट लगी, मैदान पर एंबुलेंस आई मैच 38, रघुवंशी फील्डिंग में रुकावट के लिए आउट दिए गए मैच 38, शमी ने छक्का लगा मैच को सुपर ओवर में पहुंचाया मैच 39, धूलभरी आंधी ने खेल रोका मैच 42, पाटीदार को आउट देने के TV अंपायर के फैसले से नाराज दिखे कोहली मैच 46, रबाडा ने गुलाटी मारकर सेलिब्रेशन किया मैच 50, कोहली को प्रिंस यादव ने जीरो पर बोल्ड किया मैच 53, उर्विल ने 13 बॉल पर फिफ्टी लगाकर पर्ची निकाली, लिखा- पापा यह आपके लिए 63 मैच, धोनी ने ग्रुप फोटोशूट कराया मैच 67, कोहली-हेड के बीच नोकझोंक, मैच के बाद हाथ नहीं मिलाया मैच 68, फैंस ने चीयरलीडर से बदसलूकी की मैच 69, सूर्या ने पेपर का प्लेन बनाकर उड़ाया एलिमिनेटर, वैभव 97 रन पर आउट हुए, स्टेडियम में सन्नाटा छाया क्वालीफायर-1 और 2, सुदर्शन लगातार दो मैच में हिट-विकेट आउट हुए क्वालिफायर-2, हार के बाद सूर्यवंशी रोए
बेंगलुरु को दोबारा चैंपियन बनाने वाले टॉप-5 फैक्टर:टीम में 8 मैच विनर; कोहली ने 675 रन बनाए, भुवनेश्वर ने 28 विकेट लिए

18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार… फिर लगातार दो खिताब। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में अपनी कहानी ही बदल दी है। जिस टीम को कभी ‘अंडरअचीवर’ कहा जाता था, वही अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बन गई है। उसने रविवार को खेले गए फाइनल में गुजरात को 5 विकेट से हराकर IPL 2026 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। कप्तान रजत पाटीदार लगातार दो IPL ट्रॉफी जीतने वाले सिर्फ तीसरे कप्तान बने। उनसे पहले महेंद्र सिंह धोनी (2009, 2010) और रोहित शर्मा (2019, 2020) ही ऐसा कर पाए थे। RCB की सफलता की सबसे बड़ी वजह यह रही कि टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं रही। बल्लेबाजी में विराट कोहली, रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल ने रन बनाए। गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार, रसिख सलाम और जोश हेजलवुड ने जिम्मेदारी संभाली। टीम के 8 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। RCB के टाइटल जीतने के 5 फैक्टर्स… 1. टॉप ऑर्डर ने मिलकर दबाव नहीं बनने दिया बेंगलुरु की बल्लेबाजी इस सीजन उसकी सबसे बड़ी ताकत रही। ओपनर विराट कोहली ने फाइनल में नाबाद 75 रन की पारी खेलकर टीम को चैंपियन बनाया। उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए। स्ट्राइक रेट 165.84 का रहा और एक शतक के साथ 5 अर्धशतक भी लगाए। कप्तान रजत पाटीदार ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 15 मैचों में 501 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 192.69 का रहा। वहीं देवदत्त पडिक्कल ने 464 रन बनाकर टॉप ऑर्डर को और मजबूत किया। इन तीनों बल्लेबाजों ने मिलकर 1640 रन बनाए। वहीं वेंकटेश अय्यर 6 इनिंग में 209 रन बनाए। फाइनल में उन्होंने 16 बॉल पर 32 रन की पारी खेली। यही कारण रहा कि RCB को पूरे सीजन में मिडिल ऑर्डर में ज्यादा दबाव नहीं झेलना पड़ा। 2. भुवनेश्वर-हेजलवुड ने संभाली गेंदबाजी RCB की बॉलिंग यूनिट इस सीजन बेहद संतुलित नजर आई। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने 16 मैचों में 28 विकेट लेकर टीम को लीड किया। रसिख सलाम ने 12 मैचों में 19 विकेट लेकर सभी को प्रभावित किया। वहीं जोश हेजलवुड ने सिर्फ 13 मैच खेलकर 15 विकेट लिए। जैकब डफी ने भी 6 मैचों में 9 विकेट निकालकर योगदान दिया। स्पिन डिपार्टमेंट में क्रुणाल पंड्या ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 226 रन बनाने के साथ 14 विकेट भी लिए। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देने के कारण वे टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर साबित हुए। जब तेज गेंदबाज विकेट नहीं निकाल पाते थे, तब क्रुणाल और सुयश शर्मा (9 विकेट) जैसे स्पिनर बीच के ओवरों में रन रोककर मैच का रुख बदल देते थे। यही बैलेंस RCB की गेंदबाजी को बाकी टीमों से अलग बनाता रहा। 3. अलग-अलग 8 मैच विनर किसी भी चैंपियन टीम की पहचान उसके मैच विनर्स होते हैं और RCB के पास उनकी कोई कमी नहीं थी। इस सीजन टीम के 8 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच बने। विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 3 बार यह अवॉर्ड जीता। जोश हेजलवुड 2 बार और टिम डेविड, जैकब डफी, वेंकटेश अय्यर, भुवनेश्वर कुमार, रजत पाटीदार और फिल सॉल्ट भी एक-एक बार प्लेयर ऑफ द मैच बने। यानी टीम की जीत सिर्फ कोहली या पाटीदार पर निर्भर नहीं रही। अलग-अलग मुकाबलों में अलग-अलग खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी संभाली और टीम को जीत दिलाई। यही कारण रहा कि जब किसी एक खिलाड़ी का दिन खराब रहा, तब दूसरा खिलाड़ी टीम को जीत की मंजिल तक ले गया। 4. होमग्राउंड में 86% मैच जीते RCB ने इस सीजन अपने घरेलू मैदान को किला बना दिया। टीम ने होम ग्राउंड पर खेले 7 में से 6 मुकाबले जीते और जीत प्रतिशत 86 रहा। पिछले सीजन टीम को घर पर हुए 6 मैचों में 3 में हार मिली थी। 2 में जीत मिली वहीं एक मैच बेनतीजा रहा। बेंगलुरु ने चिन्नास्वामी स्टेडियम के अलावा रायपुर को भी अपने घरेलू मैदान के तौर पर इस्तेमाल किया और दोनों जगह शानदार प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि टीम पूरे सीजन कभी लगातार दो से ज्यादा मैच नहीं हारी। बेंगलुरु ने अपने घर में सनराइजर्स हैदराबाद, चेन्नई सुपर किंग्स, लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस जैसी मजबूत टीमों को हराया। घरेलू मैदान पर उसे सिर्फ दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार मिली। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने के साथ-साथ रजत पाटीदार की कप्तानी भी शानदार रही। उन्होंने परिस्थितियों और बल्लेबाजों की कमजोरी के हिसाब से गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। यही वजह रही कि टीम लीग स्टेज में लगातार जीत दर्ज करती रही और प्लेऑफ में मजबूत स्थिति के साथ पहुंची। 5. कोहली के लगातार चौथे सीजन 600+ रन विराट कोहली का शानदार फॉर्म RCB की सफलता की सबसे बड़ी वजहों में शामिल रहा। उन्होंने लगातार चौथे सीजन 600 से ज्यादा रन बनाए। इससे भी खास बात यह रही कि पूरे सीजन टीम का ओपनिंग कॉम्बिनेशन बदलता रहा, लेकिन कोहली के प्रदर्शन में कोई गिरावट नहीं आई। RCB के ओपनर फिल सॉल्ट चोट के कारण सिर्फ 6 मैच ही खेल सके। इसके बाद टीम ने जैकब बेथेल को मौका दिया, लेकिन वे 7 मैचों में सिर्फ 96 रन ही बना पाए। लीग स्टेज के आखिरी मुकाबलों और प्लेऑफ में वेंकटेश अय्यर ने कोहली के साथ पारी की शुरुआत की। लगातार बदलते ओपनिंग पार्टनर्स के बावजूद कोहली ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने सीजन में टीम के लिए सबसे ज्यादा 675 रन बनाए। बड़े मैचों में उन्होंने पारी को संभाला, जबकि दूसरे बल्लेबाज अटैकिंग बैटिंग करते रहे। RCB की इस खिताबी जीत ने साबित कर दिया कि IPL सिर्फ स्टार खिलाड़ियों के दम पर नहीं जीता जाता। मजबूत टीम कॉम्बिनेशन, कई मैच विनर्स, बैलेंस्ड बॉलिंग और बेहतरीन कप्तानी ही किसी टीम को चैंपियन बनाते हैं।
पाटीदार ने धोनी और रोहित की बराबरी की:कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स

IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत पाटीदार ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के खास क्लब में जगह बना ली। वे लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले तीसरे कप्तान बने। फाइनल में विराट कोहली ने अपने IPL करियर की सबसे तेज फिफ्टी लगाकर जीत दिलाई। दूसरी ओर, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में 72 सिक्स लगाकर क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया और एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले खिलाड़ी भी बने। इस सीजन बल्लेबाजों ने मिलकर रन बनाने का नया इतिहास भी रच दिया। पूरे सीजन में 27,450 रन बने, जो IPL के किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। आइए नजर डालते हैं IPL 2026 के 15 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर… 1. बेंगलुरु सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाली चौथी टीम बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार IPL ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया। टीम लगातार दो सीजन (2025, 2026) चैंपियन बनने वाली सिर्फ तीसरी फ्रेंचाइजी बनी। इससे पहले केवल चेन्नई सुपर किंग्स (2010, 2011) और मुंबई इंडियंस (2019, 2020) ही यह उपलब्धि हासिल कर सके थे। बेंगलुरु सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाली टीमों की लिस्ट में कोलकाता (3), मुंबई (5) और चेन्नई (5) के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गई। टीम ने अपने दोनों ट्रॉफी अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जीते। वे मुंबई, चेन्नई और कोलकाता के बाद एक ही मैदान पर दो IPL फाइनल जीतने वाली चौथी टीम बन गई। 2. कोहली की 25 बॉल में फिफ्टी कोहली ने फाइनल में गुजरात के खिलाफ 25 बॉल में फिफ्टी लगा दी। यह IPL में उनकी सबसे तेज फिफ्टी है। इससे पहले उन्होंने 2018 में 26 बॉल पर फिफ्टी लगाई थी। कोहली फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे। 3. पाटीदार ने लगातार दूसरा खिताब जीता रजत पाटीदार ने बेंगलुरु को लगातार दूसरा IPL टाइटल जिताया। वे ऐसा करने वाले तीसरे कप्तान बने। उन्होंने एमएस धोनी और रोहित शर्मा की बराबरी की। धोनी ने 2010 और 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स को खिताब जिताया था, जबकि रोहित ने 2019 और 2020 में मुंबई इंडियंस को चैंपियन बनाया था। 4. वैभव ने क्रिस गेल के छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने के क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने इस सीजन 72 छक्के लगाए। गेल ने 2012 में बेंगलुरु के लिए 59 छक्के लगाए थे। 5. IPL के एक दिन में 986 रन बने इस सीजन 25 अप्रैल रिकॉर्ड का दिन रहा, जब दो मुकाबलों में कुल 986 रन बन गए। दिन के पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने 264/2 का स्कोर बनाया, जिसे पंजाब ने 5 विकेट रहते चेज कर लिया। दूसरे मैच में राजस्थान के 229 रन के टारगेट को हैदराबाद ने चेज किया। इससे पहले 2024 में एक दिन में 899 रन बने थे। 6. पंजाब ने सबसे बड़ा रन चेज किया पंजाब ने दिल्ली के खिलाफ टूर्नामेंट इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज किया। टीम ने 18.5 ओवर में 265 रन बना डाले। उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा, जो 2024 में कोलकाता के खिलाफ 262 रन चेज कर बनाया था। 7. एक सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगे IPL 2026 के सीजन में कुल 14 बल्लेबाजों ने 15 शतक लगाए। संजू 2 शतक लगाने वाले इकलौते खिलाड़ी रहे। इससे पहले 2024 में सबसे ज्यादा 14 शतक लगे थे। 8. वैभव सबसे कम बॉल पर हजार रन बनाने वाले बैटर वैभव ने IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने इसके लिए 440 गेंद खेली। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। 9. वैभव ने वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा वैभव ने इस सीजन पावरप्ले में 521 रन बनाए। उन्होंने 233.63 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा। वॉर्नर ने 2016 के पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। 10. वैभव सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड प्लेयर वैभव को सीजन में 776 रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप मिली। वे IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड बल्लेबाज बन गए। पहले यह रिकॉर्ड उनके ही साथी ओपनर यशस्वी जायसवाल के नाम था, जिन्होंने 2023 में राजस्थान के लिए 625 रन बनाए थे। 11. राहुल IPL में 150 रन बनाने पहले भारतीय राहुल ने पंजाब के खिलाफ 67 गेंद पर नाबाद 152 रन बनाए। यह किसी भारतीय का IPL में सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा के नाम था। उन्होंने पंजाब के खिलाफ ही 141 रन बनाए थे। ओवरऑल IPL के सबसे बड़े इंडिविजुअल स्कोर में पहले स्थान पर क्रिस गेल (175*) और दूसरे पर ब्रेंडन मैकुलम (158*) हैं। राहुल का 152 रन टी-20 में किसी भी भारतीय का सबसे बड़ा स्कोर भी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड तिलक वर्मा के नाम था, जिन्होंने 2024 में भारतीय डोमेस्टिक टूर्नामेंट सैय्यद मुस्ताक अली में राजकोट के मैदान में मेघालय के खिलाफ 151 रन बनाए थे। 12. पाटीदार सबसे तेज 200 टी-20 छक्के लगाने वाले भारतीय पाटीदार ने टी-20 क्रिकेट में सिर्फ 105 पारियों में 200 छक्के लगाए। वे इस आंकड़े तक पहुंचने वाले सबसे तेज भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने अभिषेक शर्मा (125 पारी) को पीछे छोड़ा। 13. हैदराबाद एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ रन बनाने वाली टीम बनी हैदराबाद IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ स्कोर करने वाली टीम बन गई। टीम ने 9 बार इस आंकड़े को पार किया। ये रिकॉर्ड पहले गुजरात के नाम था, जिन्होंने 2025 में 8 बार 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। 14. प्रभसिमरन लगातार दो सीजन में 500+ रन बनाने वाले पहले अनकैप्ड बैटर प्रभसिमरन सिंह ने इस सीजन 510 रन बना दिए। वे पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने दो सीजन में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 2025 में भी 549 रन बनाए थे। 15. गिल-सुदर्शन ने 11 बार शतकीय साझेदारी की शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने एलिमिनेटर में राजस्थान के खिलाफ 167 रन की साझेदारी
Indian Premier League 2026 Winner Prize Money; Vaibhav Sooryavanshi Kagiso Rabada

Hindi News Sports Cricket Indian Premier League 2026 Winner Prize Money; Vaibhav Sooryavanshi Kagiso Rabada | Purple Cap And Orange Cap स्पोर्ट्स डेस्क35 मिनट पहले कॉपी लिंक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरे सीजन IPL का खिताब अपने नाम कर लिया। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में RCB ने गुजरात टाइटंस (GT) को 5 विकेट से हराकर ट्रॉफी जीती। चैंपियन बनने पर RCB को ट्रॉफी के साथ 20 करोड़ रुपए की प्राइज मनी मिली, जबकि रनर-अप गुजरात टाइटंस को 12.5 करोड़ रुपए से संतोष करना पड़ा। व्यक्तिगत पुरस्कारों में राजस्थान के 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का दबदबा रहा। उन्होंने सीजन में सबसे ज्यादा 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप जीती। वहीं, गुजरात के कगिसो रबाडा ने 29 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की। सूर्यवंशी को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर और सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन समेत कुल पांच अवॉर्ड मिले। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
R Madhavan Birthday Interesting Facts; 3 Idiots

51 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक ‘रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट’ आर माधवन की डायरेक्टर के तौर पर पहली फिल्म है। ‘3 इडियट्स’, ‘धुरंधर’, ‘रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट’, ‘तनु वेड्स मनु’ और ‘रहना है तेरे दिल में’ जैसी कई फिल्मों में दमदार एक्टिंग करने वाले आर माधवन की गिनती बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री के सबसे टैलेंटेड, सिंपल और वर्सेटाइल एक्टर्स में होती है। आर माधवन का ‘3 इडियट्स’ में निभाया गया फरहान का किरदार और उसका डायलॉग ‘अब्बा नहीं मानेंगे’ आज भी सोशल मीडिया पर बने मीम्स में लोकप्रिय है। हालांकि यह कम लोग जानते हैं कि फरहान का किरदार माधवन की रियल लाइफ से काफी जुड़ा हुआ था। असल जिंदगी में भी उन्होंने अपने पिता से कहा था कि उन्हें नहीं पता वह क्या बनना चाहते हैं, लेकिन वह इंजीनियर नहीं बनना चाहते। यही वजह थी कि फरहान के किरदार की भावनाएं और संघर्ष पर्दे पर इतने नेचुरल लगे। आज आर माधवन 56 साल के हो चुके हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े किस्से- सेना में शामिल होना चाहते थे आर माधवन का जन्म 1 जून 1970 को झारखंड के जमशेदपुर (तब बिहार) में एक तमिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता टाटा स्टील में मैनेजमेंट एग्जीक्यूटिव थे और मां बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर थीं। कॉलेज के दौरान माधवन ने एनसीसी में हिस्सा लिया और भारत की तरफ से कई कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने ब्रिटिश आर्मी, नेवी और एयर फोर्स के साथ ट्रेनिंग भी की। वे भारतीय सेना में शामिल होना चाहते थे, लेकिन जब तक वे ट्रेनिंग पूरी कर लौटे, तब तक शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) की तय उम्र सीमा से वे सिर्फ 6 महीने बड़े हो चुके थे और नियमों के कारण वे सेना में शामिल नहीं हो पाए। आर. माधवन ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जमशेदपुर के डीबीएमएस इंग्लिश स्कूल से पूरी की है। माधवन ने पिता से कहा था- मैं इंजीनियरिंग नहीं करना चाहता आर माधवन एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटीज, एनसीसी और कम्युनिकेशन में बेहद तेज, लेकिन पढ़ाई के मामले में एवरेज स्टूडेंट थे। माधवन ने रणवीर अलाहबादिया को दिए इंटरव्यू में बताया था, ‘मैं 8वीं में फेल हो गया था। मैथ्स में 39% आए थे। स्कूल ने मुझे अगली क्लास में जाने नहीं दिया।’ एक्टर ने बताया था कि उनके पैरेंट्स इस बात से बेहद दुखी थे। दक्षिण भारतीय परिवार से आने वाले उनके पैरेंट्स चाहते थे कि बेटा इंजीनियर बने, टाटा स्टील में नौकरी करे और एक स्थिर जिंदगी जिए। उन्होंने कहा था, ‘मेरे पैरेंट्स को लगता था कि मैं जिंदगी में कुछ नहीं कर पाऊंगा। उन्हें डर था कि मेरी शादी तक नहीं होगी।’ बाद में जब माधवन को इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन नहीं मिला, तब उनके पिता टूट गए थे। माधवन ने बताया था कि उनके पिता की आंखों में आंसू थे। माधवन ने कहा था, ‘पिता ने मुझसे पूछा- मैंने तुम्हारे साथ क्या गलत किया है? तुम करना क्या चाहते हो?’ इस पर उन्होंने कहा, उन्हें नहीं पता वो क्या करना चाहते हैं, लेकिन वो इंजीनियरिंग नहीं करना चाहते। आर माधवन के बेटे और पिता के साथ उनकी तस्वीर। अपनी स्टूडेंट से शादी की आर माधवन और उनकी पत्नी सरिता बिरजे की लव स्टोरी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दिलचस्प बात ये है कि जिस लड़की से आगे चलकर माधवन ने शादी की, वो कभी उनकी स्टूडेंट हुआ करती थीं। माधवन जब कोल्हापुर में बीएससी में ग्रेजुएशन कर रहे थे, इसी दौरान उन्होंने पब्लिक स्पीकिंग का कोर्स शुरू किया। उन दिनों कोल्हापुर में उनकी क्लासेस काफी मशहूर थीं। माधवन और सरिता की पहली मुलाकात भी इन्हीं क्लासेस के दौरान हुई थी। ‘द बॉम्बे जर्नी’ में माधवन ने कहा था, ‘वो (सरिता) अपनी कजिन से मिलने कोल्हापुर आई थीं। उनकी कजिन मेरी क्लासेस में पढ़ती थीं।’ इसके बाद सरिता भी आर माधवन की स्टूडेंट बनीं और उनसे पब्लिक स्पीकिंग की क्लासेस लीं। कोर्स खत्म होने के बाद सरिता एयर होस्टेस बन गईं। इसके पीछे वो माधवन की क्लासेस को ही वजह मानती थीं। इसके बाद उन्होंने माधवन को डिनर पर बुलाया। इसके बाद दोनों की लव स्टोरी शुरू हुई और बाद में दोनों ने शादी की। आर माधवन ने 7 जून 1999 को सरिता बिरजे से शादी की थी। शादी से पहले दोनों ने लगभग 8 साल तक एक-दूसरे को डेट किया था । मणिरत्नम का फोन आया तो लगा दोस्त मजाक कर रहे हैं आर माधवन ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत टीवी सीरियल्स से की। उन्होंने ‘बनेगी अपनी बात’, ‘घर जमाई’, ‘सी हॉक्स’ और ‘आहट’ जैसे शो में काम किया। फिल्मों में उनका बड़ा ब्रेक डायरेक्टर मणिरत्नम की फिल्म ‘अलैपायुथे’ से मिला। मणिरत्नम से जुड़ा भी दिलचस्प किस्सा है। दरअसल, 90 के दशक में माधवन सिनेमैटोग्राफर संतोष सिवन के साथ एक विज्ञापन शूट कर रहे थे। उसी दौरान संतोष ने उनकी कुछ तस्वीरें मणिरत्नम को दिखाई थीं। इसके बाद मणिरत्नम ने माधवन को अपनी फिल्म ‘इरुवर’ के लिए फोन किया। जब उन्हें कॉल में कहा गया कि वो मणिरत्नम बोल रहे हैं, तो माधवन को लगा कि उनके दोस्त मजाक कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने फोन काट दिया। इसके बाद मणिरत्नम ने एक बार फिर कॉल किया। इस बार वो तमिल में बात करने लगे। तब उन्हें यकीन हुआ कि मणिरत्नम ही हैं, क्योंकि उनके दोस्त तमिल में बात नहीं कर सकते थे। मणिरत्नम ने माधवन से बात की, ऑडिशन के लिए बुलाया, लेकिन उन्हें फिल्म के लिए रिजेक्ट कर दिया। यह कहते हुए कि उनकी आंखें बहुत कम उम्र की लगती हैं, इसलिए वो उस रोल में फिट नहीं बैठते। हालांकि, उन्होंने वादा किया कि भविष्य में वो जरूर साथ काम करेंगे। मणिरत्नम ने माधवन को अपनी फिल्म ‘अलैपायुथे’ में कास्ट किया। इसी फिल्म से लीड रोल के तौर आर माधवन का करियर शुरू हुआ। फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई और वो स्टार बन गए। इस फिल्म का हिंदी रीमेक ‘साथिया’ के नाम से बनाया गया था। आर माधवन और मणिरत्नम ने ‘अलैपायुथे’ (2000), ‘कन्नथिल मुथामित्तल’ (2002) और ‘आयथा एझुथु’ (2004) जैसी फिल्मों में साथ काम किया है। शराब वाला सीन असली दिखाने के लिए शराब पी फिल्म ‘3 इडियट्स’ की गिनती आर माधवन की सबसे फेमस फिल्मों में होती
फाइनल जीतने के बाद रजत ने ट्रॉफी चूम ली:कोहली ने उन्हें गले लगाया, सूर्यवंशी अवॉर्ड लेने पहुंचे; IPL 2026 के टॉप-26 मोमेंट्स

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार IPL का खिताब जीत लिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में टीम ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। जीत के साथ ही मैदान पर जश्न का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसने करोड़ों क्रिकेट फैंस को भावुक कर दिया। कप्तान रजत पाटीदार ने ट्रॉफी उठाने से पहले उसे चूमकर अपनी खुशी जाहिर की। वहीं विराट कोहली ने कप्तान को गले लगाकर बधाई दी। दूसरी ओर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जब अपना अवॉर्ड लेने मंच पर पहुंचे, तब स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। फाइनल में जीत के बाद खिलाड़ियों का परिवार के साथ जश्न और ट्रॉफी के साथ यादगार तस्वीरें जैसे कई पल IPL 2026 को हमेशा के लिए खास बना गए। आइए नजर डालते हैं सीजन के ऐसे ही 26 सबसे यादगार मोमेंट्स पर… शुरुआत बेंगलुरु-गुजरात फाइनल की 6 फोटोज से… यहां से सीजन के टॉप-20 मोमेंट्स… मैच-1, भगदड़ में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई मैच 10, ईशान के बोल्ड पर गोयनका ने भगवान की तस्वीर माथे से लगाई मैच 11, बेंगलुरु स्टेडियम में द्रविड़-कुंबले के स्टैंड्स मैच 13, बारिश की वजह से मैच 2 घंटे 40 मिनट देरी से शुरू हुआ मैच 16, कोहली ने सूर्यवंशी को ऑटोग्राफ दिया मैच 21, फ्लड लाइट बंद हुई, दर्शकों ने फ्लैश लाइट जलाई मैच 24, श्रेयस के बेहतरीन कैच से हार्दिक आउट मैच-25, ग्रीन का सिक्स कार पर लगा, गाड़ी पर डेंट आया मैच 35, एनगिडी के सिर में चोट लगी, मैदान पर एंबुलेंस आई मैच 38, रघुवंशी फील्डिंग में रुकावट के लिए आउट दिए गए मैच 38, शमी ने छक्का लगा मैच को सुपर ओवर में पहुंचाया मैच 39, धूलभरी आंधी ने खेल रोका मैच 42, पाटीदार को आउट देने के TV अंपायर के फैसले से नाराज दिखे कोहली मैच 46, रबाडा ने गुलाटी मारकर सेलिब्रेशन किया मैच 50, कोहली को प्रिंस यादव ने जीरो पर बोल्ड किया मैच 53, उर्विल ने 13 बॉल पर फिफ्टी लगाकर पर्ची निकाली, लिखा- पापा यह आपके लिए 63 मैच, धोनी ने ग्रुप फोटोशूट कराया मैच 67, कोहली-हेड के बीच नोकझोंक, मैच के बाद हाथ नहीं मिलाया मैच 68, फैंस ने चीयरलीडर से बदसलूकी की मैच 69, सूर्या ने पेपर का प्लेन बनाकर उड़ाया एलिमिनेटर, वैभव 97 रन पर आउट हुए, स्टेडियम में सन्नाटा छाया क्वालीफायर-1 और 2, सुदर्शन लगातार दो मैच में हिट-विकेट आउट हुए क्वालिफायर-2, हार के बाद सूर्यवंशी रोए
RCB IPL Champions Again! Rajat Patidar Captaincy, Kohlis 600 Runs, Bumrahs 26 Wickets

स्पोर्ट्स डेस्क2 मिनट पहले कॉपी लिंक 18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार… फिर लगातार दो खिताब। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में अपनी कहानी ही बदल दी है। जिस टीम को कभी ‘अंडरअचीवर’ कहा जाता था, वही अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बन गई है। उसने रविवार को खेले गए फाइनल में गुजरात को 5 विकेट से हराकर IPL 2026 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। कप्तान रजत पाटीदार लगातार दो IPL ट्रॉफी जीतने वाले सिर्फ तीसरे कप्तान बने। उनसे पहले महेंद्र सिंह धोनी (2009, 2010) और रोहित शर्मा (2019, 2020) ही ऐसा कर पाए थे। RCB की सफलता की सबसे बड़ी वजह यह रही कि टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं रही। बल्लेबाजी में विराट कोहली, रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल ने रन बनाए। गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार, रसिख सलाम और जोश हेजलवुड ने जिम्मेदारी संभाली। टीम के 8 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। लगातार दूसरा IPL खिताब जीतने वाली RCB टीम। RCB के टाइटल जीतने के 5 फैक्टर्स… 1. टॉप ऑर्डर ने मिलकर दबाव नहीं बनने दिया बेंगलुरु की बल्लेबाजी इस सीजन उसकी सबसे बड़ी ताकत रही। ओपनर विराट कोहली ने फाइनल में नाबाद 75 रन की पारी खेलकर टीम को चैंपियन बनाया। उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए। स्ट्राइक रेट 165.84 का रहा और एक शतक के साथ 5 अर्धशतक भी लगाए। कप्तान रजत पाटीदार ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 15 मैचों में 501 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 192.69 का रहा। वहीं देवदत्त पडिक्कल ने 464 रन बनाकर टॉप ऑर्डर को और मजबूत किया। इन तीनों बल्लेबाजों ने मिलकर 1640 रन बनाए। वहीं वेंकटेश अय्यर 6 इनिंग में 209 रन बनाए। फाइनल में उन्होंने 16 बॉल पर 32 रन की पारी खेली। यही कारण रहा कि RCB को पूरे सीजन में मिडिल ऑर्डर में ज्यादा दबाव नहीं झेलना पड़ा। 2. भुवनेश्वर-हेजलवुड ने संभाली गेंदबाजी RCB की बॉलिंग यूनिट इस सीजन बेहद संतुलित नजर आई। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने 16 मैचों में 28 विकेट लेकर टीम को लीड किया। रसिख सलाम ने 12 मैचों में 19 विकेट लेकर सभी को प्रभावित किया। वहीं जोश हेजलवुड ने सिर्फ 13 मैच खेलकर 15 विकेट लिए। जैकब डफी ने भी 6 मैचों में 9 विकेट निकालकर योगदान दिया। स्पिन डिपार्टमेंट में क्रुणाल पंड्या ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 226 रन बनाने के साथ 14 विकेट भी लिए। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देने के कारण वे टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर साबित हुए। जब तेज गेंदबाज विकेट नहीं निकाल पाते थे, तब क्रुणाल और सुयश शर्मा (9 विकेट) जैसे स्पिनर बीच के ओवरों में रन रोककर मैच का रुख बदल देते थे। यही बैलेंस RCB की गेंदबाजी को बाकी टीमों से अलग बनाता रहा। 3. अलग-अलग 8 मैच विनर किसी भी चैंपियन टीम की पहचान उसके मैच विनर्स होते हैं और RCB के पास उनकी कोई कमी नहीं थी। इस सीजन टीम के 8 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच बने। विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 3 बार यह अवॉर्ड जीता। जोश हेजलवुड 2 बार और टिम डेविड, जैकब डफी, वेंकटेश अय्यर, भुवनेश्वर कुमार, रजत पाटीदार और फिल सॉल्ट भी एक-एक बार प्लेयर ऑफ द मैच बने। यानी टीम की जीत सिर्फ कोहली या पाटीदार पर निर्भर नहीं रही। अलग-अलग मुकाबलों में अलग-अलग खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी संभाली और टीम को जीत दिलाई। यही कारण रहा कि जब किसी एक खिलाड़ी का दिन खराब रहा, तब दूसरा खिलाड़ी टीम को जीत की मंजिल तक ले गया। 4. होमग्राउंड में 86% मैच जीते RCB ने इस सीजन अपने घरेलू मैदान को किला बना दिया। टीम ने होम ग्राउंड पर खेले 7 में से 6 मुकाबले जीते और जीत प्रतिशत 86 रहा। पिछले सीजन टीम को घर पर हुए 6 मैचों में 3 में हार मिली थी। 2 में जीत मिली वहीं एक मैच बेनतीजा रहा। बेंगलुरु ने चिन्नास्वामी स्टेडियम के अलावा रायपुर को भी अपने घरेलू मैदान के तौर पर इस्तेमाल किया और दोनों जगह शानदार प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि टीम पूरे सीजन कभी लगातार दो से ज्यादा मैच नहीं हारी। बेंगलुरु ने अपने घर में सनराइजर्स हैदराबाद, चेन्नई सुपर किंग्स, लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस जैसी मजबूत टीमों को हराया। घरेलू मैदान पर उसे सिर्फ दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार मिली। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने के साथ-साथ रजत पाटीदार की कप्तानी भी शानदार रही। उन्होंने परिस्थितियों और बल्लेबाजों की कमजोरी के हिसाब से गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। यही वजह रही कि टीम लीग स्टेज में लगातार जीत दर्ज करती रही और प्लेऑफ में मजबूत स्थिति के साथ पहुंची। 5. कोहली के लगातार चौथे सीजन 600+ रन विराट कोहली का शानदार फॉर्म RCB की सफलता की सबसे बड़ी वजहों में शामिल रहा। उन्होंने लगातार चौथे सीजन 600 से ज्यादा रन बनाए। इससे भी खास बात यह रही कि पूरे सीजन टीम का ओपनिंग कॉम्बिनेशन बदलता रहा, लेकिन कोहली के प्रदर्शन में कोई गिरावट नहीं आई। RCB के ओपनर फिल सॉल्ट चोट के कारण सिर्फ 6 मैच ही खेल सके। इसके बाद टीम ने जैकब बेथेल को मौका दिया, लेकिन वे 7 मैचों में सिर्फ 96 रन ही बना पाए। लीग स्टेज के आखिरी मुकाबलों और प्लेऑफ में वेंकटेश अय्यर ने कोहली के साथ पारी की शुरुआत की। लगातार बदलते ओपनिंग पार्टनर्स के बावजूद कोहली ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने सीजन में टीम के लिए सबसे ज्यादा 675 रन बनाए। बड़े मैचों में उन्होंने पारी को संभाला, जबकि दूसरे बल्लेबाज अटैकिंग बैटिंग करते रहे। RCB की इस खिताबी जीत ने साबित कर दिया कि IPL सिर्फ स्टार खिलाड़ियों के दम पर नहीं जीता जाता। मजबूत टीम कॉम्बिनेशन, कई मैच विनर्स, बैलेंस्ड बॉलिंग और बेहतरीन कप्तानी ही किसी टीम को चैंपियन बनाते हैं। ————————————————————– IPL से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. बेंगलुरु लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन; गुजरात को 5 विकेट से हराया रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार IPL जीत लिया है। उसने रविवार को फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। विराट कोहली ने 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। कोहली 75 रन पर नाबाद लौटे। विराट को प्लेयर ऑफ द मैच
पाटीदार ने धोनी और रोहित की बराबरी की:कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स

IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत पाटीदार ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के खास क्लब में जगह बना ली। वे लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले तीसरे कप्तान बने। फाइनल में विराट कोहली ने अपने IPL करियर की सबसे तेज फिफ्टी लगाकर जीत दिलाई। दूसरी ओर, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में 72 सिक्स लगाकर क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया और एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले खिलाड़ी भी बने। इस सीजन बल्लेबाजों ने मिलकर रन बनाने का नया इतिहास भी रच दिया। पूरे सीजन में 27,450 रन बने, जो IPL के किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। आइए नजर डालते हैं IPL 2026 के 15 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर… 1. बेंगलुरु सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाली चौथी टीम बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार IPL ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया। टीम लगातार दो सीजन (2025, 2026) चैंपियन बनने वाली सिर्फ तीसरी फ्रेंचाइजी बनी। इससे पहले केवल चेन्नई सुपर किंग्स (2010, 2011) और मुंबई इंडियंस (2019, 2020) ही यह उपलब्धि हासिल कर सके थे। बेंगलुरु सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाली टीमों की लिस्ट में कोलकाता (3), मुंबई (5) और चेन्नई (5) के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गई। टीम ने अपने दोनों ट्रॉफी अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जीते। वे मुंबई, चेन्नई और कोलकाता के बाद एक ही मैदान पर दो IPL फाइनल जीतने वाली चौथी टीम बन गई। 2. कोहली की 25 बॉल में फिफ्टी कोहली ने फाइनल में गुजरात के खिलाफ 25 बॉल में फिफ्टी लगा दी। यह IPL में उनकी सबसे तेज फिफ्टी है। इससे पहले उन्होंने 2018 में 26 बॉल पर फिफ्टी लगाई थी। कोहली फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे। 3. पाटीदार ने लगातार दूसरा खिताब जीता रजत पाटीदार ने बेंगलुरु को लगातार दूसरा IPL टाइटल जिताया। वे ऐसा करने वाले तीसरे कप्तान बने। उन्होंने एमएस धोनी और रोहित शर्मा की बराबरी की। धोनी ने 2010 और 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स को खिताब जिताया था, जबकि रोहित ने 2019 और 2020 में मुंबई इंडियंस को चैंपियन बनाया था। 4. वैभव ने क्रिस गेल के छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने के क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने इस सीजन 72 छक्के लगाए। गेल ने 2012 में बेंगलुरु के लिए 59 छक्के लगाए थे। 5. IPL के एक दिन में 986 रन बने इस सीजन 25 अप्रैल रिकॉर्ड का दिन रहा, जब दो मुकाबलों में कुल 986 रन बन गए। दिन के पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने 264/2 का स्कोर बनाया, जिसे पंजाब ने 5 विकेट रहते चेज कर लिया। दूसरे मैच में राजस्थान के 229 रन के टारगेट को हैदराबाद ने चेज किया। इससे पहले 2024 में एक दिन में 899 रन बने थे। 6. पंजाब ने सबसे बड़ा रन चेज किया पंजाब ने दिल्ली के खिलाफ टूर्नामेंट इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज किया। टीम ने 18.5 ओवर में 265 रन बना डाले। उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा, जो 2024 में कोलकाता के खिलाफ 262 रन चेज कर बनाया था। 7. एक सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगे IPL 2026 के सीजन में कुल 14 बल्लेबाजों ने 15 शतक लगाए। संजू 2 शतक लगाने वाले इकलौते खिलाड़ी रहे। इससे पहले 2024 में सबसे ज्यादा 14 शतक लगे थे। 8. वैभव सबसे कम बॉल पर हजार रन बनाने वाले बैटर वैभव ने IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने इसके लिए 440 गेंद खेली। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। 9. वैभव ने वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा वैभव ने इस सीजन पावरप्ले में 521 रन बनाए। उन्होंने 233.63 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा। वॉर्नर ने 2016 के पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। 10. वैभव सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड प्लेयर वैभव को सीजन में 776 रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप मिली। वे IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड बल्लेबाज बन गए। पहले यह रिकॉर्ड उनके ही साथी ओपनर यशस्वी जायसवाल के नाम था, जिन्होंने 2023 में राजस्थान के लिए 625 रन बनाए थे। 11. राहुल IPL में 150 रन बनाने पहले भारतीय राहुल ने पंजाब के खिलाफ 67 गेंद पर नाबाद 152 रन बनाए। यह किसी भारतीय का IPL में सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा के नाम था। उन्होंने पंजाब के खिलाफ ही 141 रन बनाए थे। ओवरऑल IPL के सबसे बड़े इंडिविजुअल स्कोर में पहले स्थान पर क्रिस गेल (175*) और दूसरे पर ब्रेंडन मैकुलम (158*) हैं। राहुल का 152 रन टी-20 में किसी भी भारतीय का सबसे बड़ा स्कोर भी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड तिलक वर्मा के नाम था, जिन्होंने 2024 में भारतीय डोमेस्टिक टूर्नामेंट सैय्यद मुस्ताक अली में राजकोट के मैदान में मेघालय के खिलाफ 151 रन बनाए थे। 12. पाटीदार सबसे तेज 200 टी-20 छक्के लगाने वाले भारतीय पाटीदार ने टी-20 क्रिकेट में सिर्फ 105 पारियों में 200 छक्के लगाए। वे इस आंकड़े तक पहुंचने वाले सबसे तेज भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने अभिषेक शर्मा (125 पारी) को पीछे छोड़ा। 13. हैदराबाद एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ रन बनाने वाली टीम बनी हैदराबाद IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ स्कोर करने वाली टीम बन गई। टीम ने 9 बार इस आंकड़े को पार किया। ये रिकॉर्ड पहले गुजरात के नाम था, जिन्होंने 2025 में 8 बार 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। 14. प्रभसिमरन लगातार दो सीजन में 500+ रन बनाने वाले पहले अनकैप्ड बैटर प्रभसिमरन सिंह ने इस सीजन 510 रन बना दिए। वे पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने दो सीजन में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 2025 में भी 549 रन बनाए थे। 15. गिल-सुदर्शन ने 11 बार शतकीय साझेदारी की शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने एलिमिनेटर में राजस्थान के खिलाफ 167 रन की साझेदारी
Indian Premier League 2026 Winner Prize Money; Vaibhav Sooryavanshi Kagiso Rabada

Hindi News Sports Cricket Indian Premier League 2026 Winner Prize Money; Vaibhav Sooryavanshi Kagiso Rabada | Purple Cap And Orange Cap स्पोर्ट्स डेस्क32 मिनट पहले कॉपी लिंक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरे सीजन IPL का खिताब अपने नाम कर लिया। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में RCB ने गुजरात टाइटंस (GT) को 5 विकेट से हराकर ट्रॉफी जीती। चैंपियन बनने पर RCB को ट्रॉफी के साथ 20 करोड़ रुपए की प्राइज मनी मिली, जबकि रनर-अप गुजरात टाइटंस को 12.5 करोड़ रुपए से संतोष करना पड़ा। व्यक्तिगत पुरस्कारों में राजस्थान के 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का दबदबा रहा। उन्होंने सीजन में सबसे ज्यादा 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप का टाइटल अपने नाम किया। साथ ही उन्हें मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर और सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन समेत कुल 5 अवॉर्ड मिले। इनसे उन्हें 40 लाख रुपए और एक कार मिली। वहीं, गुजरात के कगिसो रबाडा ने 29 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की। ————————————————————– IPL से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. बेंगलुरु लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन; गुजरात को 5 विकेट से हराया रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार IPL जीत लिया है। उसने रविवार को फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। विराट कोहली ने 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। कोहली 75 रन पर नाबाद लौटे। विराट को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पढ़ें पूरी खबर 2. रजत ने फाइनल जीतने के बाद ट्रॉफी चूम ली; कोहली को गले लगाया, सूर्यवंशी अवॉर्ड लेने पहुंचे RCB के कप्तान रजत पाटीदार ने ट्रॉफी उठाने से पहले उसे चूमकर अपनी खुशी जाहिर की। वहीं विराट कोहली ने कप्तान को गले लगाकर बधाई दी। दूसरी ओर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जब अपना अवॉर्ड लेने मंच पर पहुंचे, तब स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। फाइनल में जीत के बाद खिलाड़ियों का परिवार के साथ जश्न और ट्रॉफी के साथ यादगार तस्वीरें जैसे कई पल IPL 2026 को हमेशा के लिए खास बना गए। आइए नजर डालते हैं सीजन के ऐसे ही 26 सबसे यादगार मोमेंट्स पर…पढ़ें पूरी खबर 3. कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत पाटीदार ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के खास क्लब में जगह बना ली। वे लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले तीसरे कप्तान बने। आइए नजर डालते हैं IPL 2026 के 15 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर…पढ़ें पूरी खबर 4. बेंगलुरु को दोबारा चैंपियन बनाने वाले टॉप-5 फैक्टर; टीम में 8 मैच विनर 18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार… फिर लगातार दो खिताब। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में अपनी कहानी ही बदल दी है। जिस टीम को कभी ‘अंडरअचीवर’ कहा जाता था, वही अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बन गई है। RCB के टाइटल जीतने के 5 फैक्टर्स…पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









