Rajat Patidars Captaincy | Dhoni-Rohit Style

स्पोर्ट्स डेस्क46 मिनट पहले कॉपी लिंक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने टाटा IPL के फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस (GT) को हराकर लगातार दूसरा खिताब अपने नाम कर लिया है। इस खिताबी जीत के बाद जियोस्टार एक्सपर्ट सबा करीम ने RCB के कप्तान रजत पाटीदार की लीडरशिप की जमकर सराहना की। करीम ने पाटीदार की कप्तानी की तुलना दिग्गज कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा से की है। धोनी-रोहित से मिलती है पाटीदार की कप्तानी स्टार स्पोर्ट्स के शो ‘अमुल क्रिकेट लाइव’ पर बात करते हुए जियोस्टार एक्सपर्ट सबा करीम ने कहा कि RCB की लगातार दूसरी खिताबी जीत का सबसे बड़ा कारण टीम में हर खिलाड़ी के रोल को लेकर स्पष्टता होना है। इसका श्रेय कप्तान रजत पाटीदार को जाता है। लगातार दो खिताब जीतने वाले कप्तानों में एमएस धोनी और रोहित शर्मा का नाम आता है और रजत की कप्तानी में भी वैसी ही समानताएं दिखाई देती हैं। विराट जैसे दिग्गजों के बीच कमाया सम्मान सबा ने रजत पाटीदार के सफर पर बात करते हुए कहा कि वह टीम में रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर आए थे और फिर कप्तान बने। बिना किसी इंटरनेशनल एक्सपीरियंस के विराट कोहली जैसे वर्ल्ड क्लास खिलाड़ियों से सजे ड्रेसिंग रूम में सम्मान पाना आसान नहीं होता। रजत ने अपने लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर यह सम्मान कमाया। उन्होंने टीम के मजबूत बॉलिंग यूनिट को तैयार करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। RCB रजत पाटीदार की कप्तानी में लगातार दूसरी बार चैंपियन बनी। क्रुणाल पंड्या ने जीता पांचवां IPL खिताब जियोहॉटस्टार के ‘गूगल सर्च AI मोड मैच सेंटर लाइव’ पर RCB के ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या ने अपने करियर की इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जताई। क्रुणाल ने कहा कि ट्रॉफियां जीतना ही क्रिकेट में उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रही है क्योंकि चैंपियनशिप ट्रॉफी उठाने जैसा कोई दूसरा अहसास नहीं है। उन्होंने बताया कि 11 साल के करियर में अपनी पांचवीं IPL ट्रॉफी जीतना बेहद संतोषजनक है और वह इस सफर के लिए आभारी हैं। भुवनेश्वर ने की युवा गेंदबाजों की तारीफ RCB के सीनियर तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने टीम के युवा गेंदबाजों की तारीफ की। भुवनेश्वर ने कहा कि जब आप खुद अच्छा प्रदर्शन कर रहे होते हैं, तो सीनियर खिलाड़ी के तौर पर जिम्मेदारी निभाना आसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि रसिख जैसे युवाओं को गाइडेंस तो मिलता है, लेकिन इसका श्रेय खुद उनकी सीखने की इच्छा और कड़ी मेहनत को जाता है। टीम में जोश हेजलवुड और कोचिंग स्टाफ से भी युवाओं को काफी कुछ सीखने को मिला। पिछले सीजन यश दयाल और इस साल रासिख ने जिम्मेदारी उठाकर टीम को आगे बढ़ाया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Rajat Patidars Captaincy | Dhoni-Rohit Style

स्पोर्ट्स डेस्क20 मिनट पहले कॉपी लिंक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने टाटा IPL के फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस (GT) को हराकर लगातार दूसरा खिताब अपने नाम कर लिया है। इस खिताबी जीत के बाद जियोस्टार एक्सपर्ट सबा करीम ने RCB के कप्तान रजत पाटीदार की लीडरशिप की जमकर सराहना की। करीम ने पाटीदार की कप्तानी की तुलना दिग्गज कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा से की है। धोनी-रोहित से मिलती है पाटीदार की कप्तानी स्टार स्पोर्ट्स के शो ‘अमुल क्रिकेट लाइव’ पर बात करते हुए जियोस्टार एक्सपर्ट सबा करीम ने कहा कि RCB की लगातार दूसरी खिताबी जीत का सबसे बड़ा कारण टीम में हर खिलाड़ी के रोल को लेकर स्पष्टता होना है। इसका श्रेय कप्तान रजत पाटीदार को जाता है। लगातार दो खिताब जीतने वाले कप्तानों में एमएस धोनी और रोहित शर्मा का नाम आता है और रजत की कप्तानी में भी वैसी ही समानताएं दिखाई देती हैं। विराट जैसे दिग्गजों के बीच कमाया सम्मान सबा ने रजत पाटीदार के सफर पर बात करते हुए कहा कि वह टीम में रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर आए थे और फिर कप्तान बने। बिना किसी इंटरनेशनल एक्सपीरियंस के विराट कोहली जैसे वर्ल्ड क्लास खिलाड़ियों से सजे ड्रेसिंग रूम में सम्मान पाना आसान नहीं होता। रजत ने अपने लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर यह सम्मान कमाया। उन्होंने टीम के मजबूत बॉलिंग यूनिट को तैयार करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। RCB रजत पाटीदार की कप्तानी में लगातार दूसरी बार चैंपियन बनी। क्रुणाल पंड्या ने जीता पांचवां IPL खिताब जियोहॉटस्टार के ‘गूगल सर्च AI मोड मैच सेंटर लाइव’ पर RCB के ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या ने अपने करियर की इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जताई। क्रुणाल ने कहा कि ट्रॉफियां जीतना ही क्रिकेट में उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रही है क्योंकि चैंपियनशिप ट्रॉफी उठाने जैसा कोई दूसरा अहसास नहीं है। उन्होंने बताया कि 11 साल के करियर में अपनी पांचवीं IPL ट्रॉफी जीतना बेहद संतोषजनक है और वह इस सफर के लिए आभारी हैं। भुवनेश्वर ने की युवा गेंदबाजों की तारीफ RCB के सीनियर तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने टीम के युवा गेंदबाजों की तारीफ की। भुवनेश्वर ने कहा कि जब आप खुद अच्छा प्रदर्शन कर रहे होते हैं, तो सीनियर खिलाड़ी के तौर पर जिम्मेदारी निभाना आसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि रसिख जैसे युवाओं को गाइडेंस तो मिलता है, लेकिन इसका श्रेय खुद उनकी सीखने की इच्छा और कड़ी मेहनत को जाता है। टीम में जोश हेजलवुड और कोचिंग स्टाफ से भी युवाओं को काफी कुछ सीखने को मिला। पिछले सीजन यश दयाल और इस साल रासिख ने जिम्मेदारी उठाकर टीम को आगे बढ़ाया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
हांडी दम आलू रेसिपी: गुप्त चिप्स के साथ ऐसे ढाबे जैसी मिट्टी की सुगंध वाली हांडी दम आलू सब्जी, जानें आसान रेसिपी

2 जून 2026 को 20:17 IST पर अपडेट किया गया अगर आप रोज़ाना की सब्जियों से बोर हो गए हैं और कुछ बेहद लजीज और रेस्तरां स्टाइल की चाहत रखते हैं, तो हांडी दम आलू आपके लिए एक परफेक्ट चॉइस है। इस रेसिपी का सबसे बड़ा रहस्य जैसे गुप्त मसाला और मिट्टी की हांडी में व्यंजन का तरीका है, जो इसे बिल्कुल पारंपरिक और ढेबे सोंधापन देता है। आइए जानते हैं। अनुसरण करना : अन्य – आलू, दही, टमाटर की प्यूरी, अदरक-लहसुन का पेस्टगुप्त भाग – डेस्ट (इलायची, तेजपत्ता, लौंग), चौथाई लाल मिर्च और हल्दीभुनी हुई सौंफ, कसूरी मेथी और ताजा हरा धनिया छवि: मेटा एआई सबसे पहले छोटे आलूओं को स्टॉककर चुटकी लें। अब एक केंट की मदद से देखें छोटे-छोटे छेद।कढ़ाही में तेल गर्म करें और आलूओं को सुगंधित और कुरकुरा होने तक अच्छी तरह से फ्राई करें। छवि: मेटा एआई मिट्टी की हांडी में तेल गरम करें। इसमें अंतिम अवशेष और फिर प्याज का पेस्टल पोर्टफोलियो शामिल है। अदरक-लहसुन के बाद टमाटर प्यूरी स्टॉक। इसे तब तक जब तक मसाला तेल न छोड़ दे। छवि: मेटा एआई सौंफ और इलायची को ताजा पीसकर डालें, इससे ढाबे जैसी रोटी आती है। दही दाहिना समय आनुपातिक घटक और स्थिर लागत ताकि ग्रेवी न फटे। मसालों को हमेशा लो-फ्लेम पर रखें ताकि उनका असली रंग और तेल सामने आए। छवि: मेटा एआई ग्रेवी में कटे हुए आलू डाले। अब हांडी के सामान पर गुंठा हुआ आटा आटा और होटल से सील कर दे दिया गया। यह 15-20 मिनट तक प्लास्टर मोल्डिंग पर जाता है। छवि: मेटा एआई द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 2 जून 2026 को 20:17 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट) अंग्रेजी में हांडी दम आलू रेसिपी (टी) प्रामाणिक हांडी दम आलू रेसिपी (टी) कश्मीरी दम आलू रेसिपी (टी) ग्रेवी के साथ दम आलू रेसिपी (टी) दम आलू रेसिपी संजीव कपूर (टी) शाही दम आलू रेसिपी (टी) ढाबा स्टाइल दम आलू रेसिपी (टी) पंजाबी दम आलू रेसिपी
BCCI Appoints Sairaj Bahutule New Spin Bowling Coach

Hindi News Sports BCCI Appoints Sairaj Bahutule New Spin Bowling Coach | India Cricket स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक बहुतुले भारत के लिए 2 टेस्ट और 8 वनडे खेल चुके हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर साईराज बहुतुले को भारतीय पुरुष सीनियर टीम का स्पिन गेंदबाजी कोच बनाया है। बोर्ड ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि ‘बहुतुले घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में स्पिन गेंदबाजों को तैयार करने और निखारने के लिए जाने जाते हैं। उनका अनुभव भारतीय टीम को फायदा पहुंचाएगा।’ बोर्ड के अनाउंसमेंट के बाद 53 वर्षीय बहुतुले ने खुशी जताते हुए कहा- ‘भारतीय पुरुष टीम का स्पिन गेंदबाजी कोच नियुक्त होना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है।’ 2022 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच थे। कौन हैं साईराज बहुतुले? साईराज बहुतुले ने भारत के लिए दो टेस्ट और आठ वनडे मैच खेले हैं। उनका प्रथम श्रेणी करियर करीब दो दशक तक चला। 188 फर्स्ट क्लास में उन्होंने 630 विकेट लिए। इसके साथ ही उन्होंने 6176 रन भी बनाए। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में मुंबई, महाराष्ट्र और विदर्भ से खेलते हुए बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन किया था। बहुतुले महाराष्ट, मुंबई और विदर्भ से डोमेस्टिक क्रिकेट खेल चुके हैं। कोचिंग में भी लंबा अनुभव खिलाड़ी के रूप में करियर खत्म होने के बाद बहुतुले ने कोचिंग की शुरुआत की। उन्होंने विदर्भ, केरल, गुजरात और बंगाल की टीमों के मुख्य कोच के रूप में काम किया है। वहीं, IPL में वह राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के साथ स्पिन गेंदबाजी कोच की भूमिका निभा चुके हैं। घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में उनके काम को काफी अहम माना जाता है। बहुतुले IPL में राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के स्पिन गेंदबाजी कोच रहे हैं। अंडर-19 टीम और NCA के साथ रहे बहुतुले 2022 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच थे। वह 2024 अंडर-19 विश्व कप में भी कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे। इसके अलावा उन्होंने भारत ए और सीनियर पुरुष टीम के साथ भी कई दौरों पर कोच के तौर पर काम किया है। वह 2021 से 2024 तक BCCI की नेशनल क्रिकेट अकादमी, जिसे अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कहा जाता है, के कोचिंग सेटअप का भी हिस्सा रहे। ————————————– स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… आकिब नबी बतौर नेट बॉलर भारतीय टेस्ट टीम से जुड़े:पिछले 2 रणजी सीजन में 104 विकेट झटके; 6 जून से अफगानिस्तान से मैच जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच से पहले टीम इंडिया से जुड़ गए हैं। उन्हें नेट बॉलर के रूप में चंडीगढ़ में चल रहे भारतीय कैंप में शामिल किया गया है। मैच 6 जून से मुल्लांपुर स्टेडियम में खेला जाएगा। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
BCCI Appoints Sairaj Bahutule New Spin Bowling Coach

Hindi News Sports BCCI Appoints Sairaj Bahutule New Spin Bowling Coach | India Cricket स्पोर्ट्स डेस्क11 मिनट पहले कॉपी लिंक बहुतुले भारत के लिए 2 टेस्ट और 8 वनडे खेल चुके हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर साईराज बहुतुले को भारतीय पुरुष सीनियर टीम का स्पिन गेंदबाजी कोच बनाया है। बोर्ड ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि ‘बहुतुले घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में स्पिन गेंदबाजों को तैयार करने और निखारने के लिए जाने जाते हैं। उनका अनुभव भारतीय टीम को फायदा पहुंचाएगा।’ बोर्ड के अनाउंसमेंट के बाद 53 वर्षीय बहुतुले ने खुशी जताते हुए कहा- ‘भारतीय पुरुष टीम का स्पिन गेंदबाजी कोच नियुक्त होना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है।’ 2022 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच थे। कौन हैं साईराज बहुतुले? साईराज बहुतुले ने भारत के लिए दो टेस्ट और आठ वनडे मैच खेले हैं। उनका प्रथम श्रेणी करियर करीब दो दशक तक चला। 188 फर्स्ट क्लास में उन्होंने 630 विकेट लिए। इसके साथ ही उन्होंने 6176 रन भी बनाए। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में मुंबई, महाराष्ट्र और विदर्भ से खेलते हुए बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन किया था। बहुतुले महाराष्ट, मुंबई और विदर्भ से डोमेस्टिक क्रिकेट खेल चुके हैं। कोचिंग में भी लंबा अनुभव खिलाड़ी के रूप में करियर खत्म होने के बाद बहुतुले ने कोचिंग की शुरुआत की। उन्होंने विदर्भ, केरल, गुजरात और बंगाल की टीमों के मुख्य कोच के रूप में काम किया है। वहीं, IPL में वह राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के साथ स्पिन गेंदबाजी कोच की भूमिका निभा चुके हैं। घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में उनके काम को काफी अहम माना जाता है। बहुतुले IPL में राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के स्पिन गेंदबाजी कोच रहे हैं। अंडर-19 टीम और NCA के साथ रहे बहुतुले 2022 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच थे। वह 2024 अंडर-19 विश्व कप में भी कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे। इसके अलावा उन्होंने भारत ए और सीनियर पुरुष टीम के साथ भी कई दौरों पर कोच के तौर पर काम किया है। वह 2021 से 2024 तक BCCI की नेशनल क्रिकेट अकादमी, जिसे अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कहा जाता है, के कोचिंग सेटअप का भी हिस्सा रहे। ————————————– स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… आकिब नबी बतौर नेट बॉलर भारतीय टेस्ट टीम से जुड़े:पिछले 2 रणजी सीजन में 104 विकेट झटके; 6 जून से अफगानिस्तान से मैच जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच से पहले टीम इंडिया से जुड़ गए हैं। उन्हें नेट बॉलर के रूप में चंडीगढ़ में चल रहे भारतीय कैंप में शामिल किया गया है। मैच 6 जून से मुल्लांपुर स्टेडियम में खेला जाएगा। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘कोई सपने नहीं, बस समर्पण’: डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक लंबी यात्रा पर विचार किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:02 जून, 2026, 20:03 IST शिवकुमार ने इस बात पर जोर दिया कि उनका पद व्यक्तिगत और राजनीतिक परीक्षण की कठिन अवधि के माध्यम से अर्जित किया गया था शिवकुमार की प्राथमिक परीक्षा में निवर्तमान मुख्यमंत्री के पर्याप्त समर्थन आधार के साथ संबंधों को तलाशना शामिल होगा। फ़ाइल चित्र/पीटीआई कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष डीके शिवकुमार, जो नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए तैयार हैं, ने राज्य के शीर्ष राजनीतिक पद तक अपनी लंबी यात्रा के बारे में बात की है। एएनआई के साथ एक साक्षात्कार में अपने उत्थान पर विचार करते हुए, अनुभवी नेता ने इस धारणा को खारिज कर दिया कि उनका उत्थान भाग्य का एक झटका या एक क्षणभंगुर महत्वाकांक्षा थी, इसके बजाय उन्होंने इसे दशकों के गहन, अडिग प्रयास का परिणाम बताया। शिवकुमार ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी स्थिति व्यक्तिगत और राजनीतिक परीक्षण की कठिन अवधि के माध्यम से अर्जित की गई थी, उन्होंने अपनी अंतिम सफलता को जमीनी स्तर के पार्टी कैडर की जीत के रूप में बताया। सपनों पर समर्पण बहुप्रतीक्षित परिवर्तन से पहले अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए, शिवकुमार ने अपने राजनीतिक उत्थान की आकस्मिक विशेषताओं को खारिज कर दिया, और रास्ते में आने वाली गंभीर चुनौतियों को रेखांकित किया। शिवकुमार ने कहा, “यह कोई सपना नहीं था। यह एक समर्पण था। कड़ी मेहनत के साथ समर्पण।” इस नेतृत्व परिवर्तन से पहले पार्टी आलाकमान के भीतर लंबी आंतरिक शक्ति वार्ता को स्वीकार करते हुए, उन्होंने कहा कि अंततः न्याय की जीत हुई। उन्होंने राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में अपने धैर्यपूर्ण कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा, “तो यह एक कठिन, परेशान करने वाला समय था। हालांकि इसमें देरी हुई है, लेकिन इसे नकारा नहीं गया।” एक जड़ कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में स्थिति देश के सबसे शक्तिशाली और साधन संपन्न राजनीतिक रणनीतिकारों में से एक के रूप में अपनी प्रतिष्ठा के बावजूद, शिवकुमार ने पार्टी संगठन के भीतर अपनी मूलभूत पहचान पर ध्यान केंद्रित करते हुए, व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को कम करने की कोशिश की। “मुझे लगता है कि यहां कोई शिवकुमार नहीं है। यह एक कांग्रेस कार्यकर्ता है जो कांग्रेस पार्टी के इतिहास के साथ इस लोकतांत्रिक व्यवस्था पर खड़ा था,” उन्होंने तीव्र क्षेत्रीय गुटबाजी के बीच एक समतावादी स्वर पर प्रहार करते हुए टिप्पणी की। संक्रमण की चुनौतियाँ यह हाई-प्रोफाइल परिवर्तन तब आया है जब निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है, जिससे मध्यावधि सत्ता-साझाकरण व्यवस्था के बारे में महीनों की गहन अटकलों के बाद शिवकुमार के लिए पद संभालने का रास्ता साफ हो गया है। नव मनोनीत मुख्यमंत्री को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) नेतृत्व के साथ चरणबद्ध कैबिनेट रोलआउट को अंतिम रूप देने के लिए नई दिल्ली की यात्रा करते समय तत्काल संतुलन कार्य का सामना करना पड़ता है। जबकि केंद्रीय कमान क्षेत्रीय अस्थिरता को रोकने के लिए एक शांतिपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन में कामयाब रही, शिवकुमार की प्राथमिक परीक्षा में निवर्तमान मुख्यमंत्री के पर्याप्त समर्थन आधार के साथ संबंधों को नेविगेट करना शामिल होगा। आने वाले नेता के लिए, जिन्हें अक्सर उनके अनुयायी “कनकपुरा की चट्टान” कहते हैं, अब ध्यान पूरी तरह से अगले विधानसभा चुनावों से पहले अपने विधायी पदचिह्न को मजबूत करने पर केंद्रित हो गया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘कोई सपने नहीं, बस समर्पण’: डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक लंबी यात्रा पर विचार किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
डॉन 3 विवाद, रणवीर के सपोर्ट में आईं कंगना रनोट:कहा- जब हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं; मुझे भी सबने बैन किया था

फिल्म ‘डॉन 3’ से रणवीर सिंह के अचानक बाहर होने और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के असहयोग आदेश के बीच एक्ट्रेस कंगना रनोट ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को अपनी आने वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के ट्रेलर लॉन्च पर पहुंची। कंगना से जब रणवीर सिंह पर लगे कथित बैन को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि जिंदगी में आगे बढ़ने पर रुकावटें आती ही हैं। कंगना ने कहा कि उन्हें भी पहले कई लोगों ने बैन किया था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं कंगना रनोट ने इवेंट के दौरान रणवीर सिंह का जिक्र करते हुए कहा, “आप मुझसे यह सवाल पूछ रहे हैं, मुझे तो हर किसी ने बैन किया हुआ है। मैं यही कहना चाहूंगी कि जब आपकी हैसियत बढ़ती है, तो आपके दुश्मन भी बढ़ते हैं। ऐसा कभी नहीं हो सकता कि आपकी हैसियत बढ़े और दुश्मन न बढ़ें। आज रणवीर सिंह को सोचना चाहिए कि उनकी क्या हैसियत है कि उनके इतने दुश्मन बन गए हैं। यह एक तरह से अच्छा ही है।” रुकावटों से नहीं पड़ता कोई फर्क कंगना ने अपनी जिंदगी का उदाहरण देते हुए आगे कहा कि जब आप लाइफ में आगे बढ़ते हैं तो कई तरह की मुश्किलें आती हैं। रास्ता हमेशा आसान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “मेरे साथ तो इतना सब कुछ हुआ है, लेकिन देखिए आज मैं अच्छा काम कर रही हूं। मेरी गाड़ी भी अच्छी चल रही है। इसलिए इन चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता है, समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।” डॉन 3 छोड़ने के बाद शुरू हुआ विवाद रणवीर सिंह और फेडरेशन के बीच यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक्टर ने अचानक फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ से अलग होने का फैसला किया। फेडरेशन का आरोप है कि रणवीर के इस फैसले से फिल्म का शेड्यूल बिगड़ गया और प्रोड्यूसर्स को 45 करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसी शिकायत के बाद FWICE ने 25 मई को रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया था। हालांकि यह कोई कानूनी बैन नहीं है, लेकिन इसके कारण फिल्म की शूटिंग के दौरान लॉजिस्टिक्स और वर्कर्स को जुटाने में दिक्कतें आ सकती हैं। अपनी फिल्म के प्रमोशन में बिजी हैं कंगना रणवीर सिंह के मुद्दे पर कमेंट करने के साथ ही कंगना इन दिनों अपनी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। मंगलवार को इसी फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया, जहां वे मीडिया से रूबरू हुईं। कंगना फिल्मों के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। इवेंट के दौरान उन्होंने अपनी फिल्म और इंडस्ट्री से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी।
डॉन 3 विवाद, रणवीर के सपोर्ट में आईं कंगना रनोट:कहा- जब हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं; मुझे भी सबने बैन किया था

फिल्म ‘डॉन 3’ से रणवीर सिंह के अचानक बाहर होने और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के असहयोग आदेश के बीच एक्ट्रेस कंगना रनोट ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को अपनी आने वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के ट्रेलर लॉन्च पर पहुंची। कंगना से जब रणवीर सिंह पर लगे कथित बैन को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि जिंदगी में आगे बढ़ने पर रुकावटें आती ही हैं। कंगना ने कहा कि उन्हें भी पहले कई लोगों ने बैन किया था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं कंगना रनोट ने इवेंट के दौरान रणवीर सिंह का जिक्र करते हुए कहा, “आप मुझसे यह सवाल पूछ रहे हैं, मुझे तो हर किसी ने बैन किया हुआ है। मैं यही कहना चाहूंगी कि जब आपकी हैसियत बढ़ती है, तो आपके दुश्मन भी बढ़ते हैं। ऐसा कभी नहीं हो सकता कि आपकी हैसियत बढ़े और दुश्मन न बढ़ें। आज रणवीर सिंह को सोचना चाहिए कि उनकी क्या हैसियत है कि उनके इतने दुश्मन बन गए हैं। यह एक तरह से अच्छा ही है।” रुकावटों से नहीं पड़ता कोई फर्क कंगना ने अपनी जिंदगी का उदाहरण देते हुए आगे कहा कि जब आप लाइफ में आगे बढ़ते हैं तो कई तरह की मुश्किलें आती हैं। रास्ता हमेशा आसान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “मेरे साथ तो इतना सब कुछ हुआ है, लेकिन देखिए आज मैं अच्छा काम कर रही हूं। मेरी गाड़ी भी अच्छी चल रही है। इसलिए इन चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता है, समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।” डॉन 3 छोड़ने के बाद शुरू हुआ विवाद रणवीर सिंह और फेडरेशन के बीच यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक्टर ने अचानक फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ से अलग होने का फैसला किया। फेडरेशन का आरोप है कि रणवीर के इस फैसले से फिल्म का शेड्यूल बिगड़ गया और प्रोड्यूसर्स को 45 करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसी शिकायत के बाद FWICE ने 25 मई को रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया था। हालांकि यह कोई कानूनी बैन नहीं है, लेकिन इसके कारण फिल्म की शूटिंग के दौरान लॉजिस्टिक्स और वर्कर्स को जुटाने में दिक्कतें आ सकती हैं। अपनी फिल्म के प्रमोशन में बिजी हैं कंगना रणवीर सिंह के मुद्दे पर कमेंट करने के साथ ही कंगना इन दिनों अपनी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। मंगलवार को इसी फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया, जहां वे मीडिया से रूबरू हुईं। कंगना फिल्मों के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। इवेंट के दौरान उन्होंने अपनी फिल्म और इंडस्ट्री से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी।
कर्नाटक कैबिनेट वार्ता के अंतिम दौर के लिए शिवकुमार, सिद्धारमैया ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की | भारत समाचार

आखरी अपडेट:02 जून, 2026, 19:35 IST कैबिनेट की संरचना को अंतिम रूप देने के लिए दोनों नेताओं ने मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी सहित दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात की। सिद्धारमैया ने गुरुवार दोपहर बेंगलुरु के लोकभवन में अपना इस्तीफा सौंप दिया. (फोटो: पीटीआई) कर्नाटक के मनोनीत मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और उनके पूर्ववर्ती सिद्धारमैया ने मंगलवार को नए राज्य मंत्रिमंडल के गठन पर दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ अंतिम दौर की चर्चा की। दोनों नेताओं ने कैबिनेट की संरचना को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी और वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला से मुलाकात की। शपथ ग्रहण से पहले बातचीत विभिन्न राजनीतिक और क्षेत्रीय विचारों को संतुलित करने पर केंद्रित थी। सूत्रों के मुताबिक, शिवकुमार के 3 जून को बेंगलुरु में एक छोटे प्रारंभिक मंत्रिमंडल के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की उम्मीद है, जिसका बाद में विस्तार किया जाएगा। आगे की आंतरिक चर्चा के बाद मंत्रियों की अंतिम सूची को मंजूरी मिलने की संभावना है। कांग्रेस नेतृत्व मुख्यमंत्री सहित 34 सदस्यीय मंत्रिमंडल के भीतर जाति और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखते हुए कैबिनेट बर्थ के लिए प्रतिस्पर्धी दावों को समायोजित करने के लिए काम कर रहा है। शिवकुमार, जो कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं, को आधिकारिक तौर पर 30 मई को कर्नाटक में कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। इससे पहले दिन में, शिवकुमार ने अपनी राजनीतिक यात्रा में उनकी भूमिका के लिए गांधी परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया और उनके जीवन के विभिन्न चरणों में उन पर दिखाए गए विश्वास के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। शिवकुमार और सिद्धारमैया नए राज्य मंत्रिमंडल की संरचना पर कांग्रेस आलाकमान के साथ परामर्श करने के लिए सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। कैबिनेट में पुराने और नए चेहरों को मिलाने की संभावना के अनुसार पीटीआईपार्टी सूत्रों से संकेत मिलता है कि नए मंत्रिमंडल में परिचित चेहरों और नए लोगों का मिश्रण होने की संभावना है, जिसमें जाति अंकगणित, क्षेत्रीय संतुलन और वफादारी समीकरणों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा – विशेष रूप से सिद्धारमैया खेमे के प्रति। अटकलें हैं कि नई सरकार में एक दलित समेत कई उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं। दौड़ में सबसे आगे जी परमेश्वर और प्रियांक खड़गे शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया, शिवकुमार और खड़गे खेमे अपने विश्वासपात्रों को नई कैबिनेट में जगह दिलाने पर जोर दे रहे हैं। सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र, जो एमएलसी हैं, को भी कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद है। रविवार को शिवकुमार से मुलाकात के बाद उन्होंने कैबिनेट में जगह मिलने का भरोसा जताते हुए कहा था कि पार्टी आलाकमान पहले ही उन्हें मंत्री पद का आश्वासन दे चुका है। सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेता अभी भी सिद्धारमैया पर राज्यसभा सीट लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं, भले ही पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में सक्रिय रहने और राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका नहीं निभाने की इच्छा व्यक्त की है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी नेतृत्व कर्नाटक में पार्टी और सरकार के बीच बेहतर और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए सिद्धारमैया के नेतृत्व में एक संयुक्त समन्वय समिति बनाने पर भी विचार कर रहा है। दिल्ली की बातचीत में इस सवाल पर भी चर्चा होने की उम्मीद थी कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में शिवकुमार का उत्तराधिकारी कौन होगा। (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया कर्नाटक कैबिनेट वार्ता के अंतिम दौर के लिए शिवकुमार, सिद्धारमैया ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक नई कैबिनेट(टी)डीके शिवकुमार(टी)सिद्धारमैया(टी)कर्नाटक के मुख्यमंत्री(टी)कांग्रेस आलाकमान(टी)कैबिनेट गठन कर्नाटक(टी)उपमुख्यमंत्री(टी)कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष
बीजेपी क्यों छोड़ना चाहते हैं के. अन्नामलाई? गठबंधनों में दरार और तमिलनाडु रणनीति की व्याख्या | प्लेनस्पीक

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रमुख के. अन्नामलाई राज्य में गठबंधन की राजनीति और दीर्घकालिक विकास रणनीति पर बढ़ते मतभेदों के बीच कथित तौर पर पार्टी से अलग होने पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, अन्नामलाई ने एक मजबूत तमिल पहचान-संचालित राजनीतिक दृष्टिकोण और जमीनी स्तर पर संगठनात्मक विस्तार पर जोर दिया है, जबकि भाजपा नेतृत्व के भीतर के वर्गों को गठबंधन रणनीतियों के माध्यम से त्वरित चुनावी लाभ के पक्ष में माना जाता है। घटनाक्रम ने अन्नामलाई के राजनीतिक भविष्य पर अटकलें तेज कर दी हैं और आगामी तमिलनाडु के उभरते राजनीतिक परिदृश्य पर बड़े प्रभाव पड़ सकते हैं। चुनाव. सभी नवीनतम अपडेट और राजनीतिक विश्लेषण के लिए पूरी रिपोर्ट देखें। -speakn18oc_ Indian18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube





