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‘असली तृणमूल’ बनाम ममता? 59 टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षर के साथ रीताब्रत बनर्जी ने बंगाल विधानसभा में प्रवेश किया | भारत समाचार

DKS was elected as leader of the Congress Legislature Party in Karnataka on May 30. (Image: News18)

आखरी अपडेट:03 जून, 2026, 11:05 IST पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता पद में बदलाव की मांग के लिए निष्कासित टीएमसी विधायक रीताब्रत बनर्जी ने 50 से अधिक हस्ताक्षर हासिल किए हैं। निष्कासित टीएमसी विधायक रीताब्रत ने 59 विधायकों के समर्थन का दावा किया। फ़ाइल चित्र/एक्स पश्चिम बंगाल में निष्कासित टीएमसी विधायक रीताब्रत के 59 विधायकों के समर्थन का दावा करने के बाद विधानसभा में प्रवेश करने के बाद एक बड़ा राजनीतिक मंथन चल रहा है। News18 के सूत्रों ने कहा कि उन्होंने विपक्ष के नेता पद में बदलाव की मांग के लिए 50 से अधिक हस्ताक्षर हासिल कर लिए हैं, जिससे राज्य के विपक्षी रैंकों के भीतर एक नए सत्ता संघर्ष के लिए मंच तैयार हो गया है। (लेख अपडेट किया जाएगा) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें जगह : कोलकाता (कलकत्ता), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘असली तृणमूल’ बनाम ममता? 59 टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षर के साथ रीताब्रत बनर्जी ने बंगाल विधानसभा में प्रवेश किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी(टी)असली टीएमसी(टी)रीताब्रता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल राजनीतिक संकट(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)टीएमसी विधायक निष्कासित(टी)रीताब्रता का समर्थन(टी)विपक्ष के नेता परिवर्तन(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)बंगाल

अमित जानी बोले- 'काला हिरण' सलमान की बायोपिक नहीं है:फिल्म बिश्नोई समाज पर आधारित, कहा- नोटिस भेजकर हम पर दबाव बनाया जा रहा है

अमित जानी बोले- 'काला हिरण' सलमान की बायोपिक नहीं है:फिल्म बिश्नोई समाज पर आधारित, कहा- नोटिस भेजकर हम पर दबाव बनाया जा रहा है

फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर जारी विवाद के बीच फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सलमान खान की लीगल टीम के नोटिस पर रिएक्शन दिया है। अपने ऑफिशियल फेसबुक अकाउंट में पोस्ट किए वीडियो में अमित जानी ने कहा कि हमारी पूरी फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है। हमारी पूरी फिल्म सलमान खान के नजरिए से नहीं है। अमित जानी ने वीडियो में कहा, ‘सलमान खान की लीगल टीम की ओर से नोटिस भेजकर हम पर दबाव बनाया जा रहा है कि हम फिल्म की रिलीज रोक दें और 20 जून को टीजर जारी न करें।’ वहीं ABP न्यूज के साथ बातचीत में अमित जानी ने कहा है कि फिल्म ‘काला हिरण’ बिश्नोई समाज के संघर्ष, उनकी विरासत और वन्यजीवों के प्रति उनके समर्पण को दिखाती है। जानी ने कहा कि सलमान खान फिल्म का सिर्फ एक पार्ट हैं। ‘काला हिरण’ को लेकर सलमान खान की ओर से लीगल नोटिस भेजा गया था। न्यूज18 की रिपोर्ट में बताया गया था कि सलमान की ओर से लॉ फर्म DSK लीगल ने कास्टिंग डायरेक्टर अक्षय पांडे को एक लीगल नोटिस भेजा है। इस नोटिस में ‘काला हिरण’ नाम की प्रस्तावित फिल्म के प्रोडक्शन और प्रमोशन को तुरंत रोकने की मांग की गई है। नोटिस में कहा गया था कि यह फिल्म कथित तौर पर सलमान खान के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित है। सलमान की लीगल टीम का दावा है कि इस फिल्म से उनकी इमेज को नुकसान पहुंच सकता है, चल रही लीगल प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और उनके पर्सनल राइट्स का उल्लंघन हो सकता है। सलमान की लीगल टीम का कहना है कि एक्टर ने अपने नाम, पहचान या उनसे जुड़े किसी भी कथित घटनाक्रम के इस्तेमाल की कोई अनुमति नहीं दी है। 20 जून को आना था टीजर बता दें कि सलमान से जुड़े काला हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म ‘काला हिरण’ का पोस्टर शुक्रवार को जारी किया गया था। वहीं कहा गया था कि फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर 20 जून को जारी किया जाएगा। फिल्म में सलमान और गैंगस्टर लॉरेंस के बीच के विवाद को दिखाया जाएगा। हालांकि, यह जानकारी सामने नहीं आई थी कि इसमें कौन लीड रोल में है। वहीं, इसके पोस्टर में जो एक्टर दिखा है, वह जाना-पहचाना नहीं है। 1998 में काला हिरण शिकार मामला सामने आया सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला साल 1998 में सामने आया था, जब वो जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग कर रहे थे। सलमान के खिलाफ कुल चार केस दर्ज किए गए थे। इनमें दो चिंकारा शिकार मामले, एक कांकाणी काला हिरण शिकार मामला और एक आर्म्स एक्ट का मामला शामिल था। काला हिरण शिकार मामले में बिश्नोई समुदाय की शिकायत पर सलमान के साथ सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था। इन मामलों में 12 अक्टूबर 1998 को सलमान को पहली बार गिरफ्तार किया गया, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई। अप्रैल 2006 में चिंकारा शिकार मामलों में सलमान को सजा सुनाई गई। जनवरी 2017 में उन्हें आर्म्स एक्ट मामले में बरी कर दिया गया। वहीं, 5 अप्रैल 2018 को काला हिरण शिकार मामले में उन्हें 5 साल की जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा मिली। इसी मामले में बाकी कलाकारों को बरी कर दिया गया था। बाद में सलमान को जमानत मिल गई। फिलहाल यह मामला राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है। मई 2026 में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 के लिए तय की है। सलमान खान फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

अमित जानी बोले- 'काला हिरण' सलमान की बायोपिक नहीं है:फिल्म बिश्नोई समाज पर आधारित, कहा- नोटिस भेजकर हम पर दबाव बनाया जा रहा है

अमित जानी बोले- 'काला हिरण' सलमान की बायोपिक नहीं है:फिल्म बिश्नोई समाज पर आधारित, कहा- नोटिस भेजकर हम पर दबाव बनाया जा रहा है

फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर जारी विवाद के बीच फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सलमान खान की लीगल टीम के नोटिस पर रिएक्शन दिया है। अपने ऑफिशियल फेसबुक अकाउंट में पोस्ट किए वीडियो में अमित जानी ने कहा कि हमारी पूरी फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है। हमारी पूरी फिल्म सलमान खान के नजरिए से नहीं है। अमित जानी ने वीडियो में कहा, ‘सलमान खान की लीगल टीम की ओर से नोटिस भेजकर हम पर दबाव बनाया जा रहा है कि हम फिल्म की रिलीज रोक दें और 20 जून को टीजर जारी न करें।’ वहीं ABP न्यूज के साथ बातचीत में अमित जानी ने कहा है कि फिल्म ‘काला हिरण’ बिश्नोई समाज के संघर्ष, उनकी विरासत और वन्यजीवों के प्रति उनके समर्पण को दिखाती है। जानी ने कहा कि सलमान खान फिल्म का सिर्फ एक पार्ट हैं। ‘काला हिरण’ को लेकर सलमान खान की ओर से लीगल नोटिस भेजा गया था। न्यूज18 की रिपोर्ट में बताया गया था कि सलमान की ओर से लॉ फर्म DSK लीगल ने कास्टिंग डायरेक्टर अक्षय पांडे को एक लीगल नोटिस भेजा है। इस नोटिस में ‘काला हिरण’ नाम की प्रस्तावित फिल्म के प्रोडक्शन और प्रमोशन को तुरंत रोकने की मांग की गई है। नोटिस में कहा गया था कि यह फिल्म कथित तौर पर सलमान खान के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित है। सलमान की लीगल टीम का दावा है कि इस फिल्म से उनकी इमेज को नुकसान पहुंच सकता है, चल रही लीगल प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और उनके पर्सनल राइट्स का उल्लंघन हो सकता है। सलमान की लीगल टीम का कहना है कि एक्टर ने अपने नाम, पहचान या उनसे जुड़े किसी भी कथित घटनाक्रम के इस्तेमाल की कोई अनुमति नहीं दी है। 20 जून को आना था टीजर बता दें कि सलमान से जुड़े काला हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म ‘काला हिरण’ का पोस्टर शुक्रवार को जारी किया गया था। वहीं कहा गया था कि फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर 20 जून को जारी किया जाएगा। फिल्म में सलमान और गैंगस्टर लॉरेंस के बीच के विवाद को दिखाया जाएगा। हालांकि, यह जानकारी सामने नहीं आई थी कि इसमें कौन लीड रोल में है। वहीं, इसके पोस्टर में जो एक्टर दिखा है, वह जाना-पहचाना नहीं है। 1998 में काला हिरण शिकार मामला सामने आया सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला साल 1998 में सामने आया था, जब वो जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग कर रहे थे। सलमान के खिलाफ कुल चार केस दर्ज किए गए थे। इनमें दो चिंकारा शिकार मामले, एक कांकाणी काला हिरण शिकार मामला और एक आर्म्स एक्ट का मामला शामिल था। काला हिरण शिकार मामले में बिश्नोई समुदाय की शिकायत पर सलमान के साथ सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था। इन मामलों में 12 अक्टूबर 1998 को सलमान को पहली बार गिरफ्तार किया गया, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई। अप्रैल 2006 में चिंकारा शिकार मामलों में सलमान को सजा सुनाई गई। जनवरी 2017 में उन्हें आर्म्स एक्ट मामले में बरी कर दिया गया। वहीं, 5 अप्रैल 2018 को काला हिरण शिकार मामले में उन्हें 5 साल की जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा मिली। इसी मामले में बाकी कलाकारों को बरी कर दिया गया था। बाद में सलमान को जमानत मिल गई। फिलहाल यह मामला राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है। मई 2026 में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 के लिए तय की है। सलमान खान फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

Praggnanandhaa Beats Carlsen Twice | Alireza Firouzja Defeats Gukesh

Praggnanandhaa Beats Carlsen Twice | Alireza Firouzja Defeats Gukesh

Hindi News Sports Praggnanandhaa Beats Carlsen Twice | Alireza Firouzja Defeats Gukesh 4 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत के 20 साल के ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा रमेशबाबू ने नॉर्वे चेस 2026 के आठवें राउंड में दुनिया के नंबर वन खिलाड़ी और पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराया। टूर्नामेंट में एक हफ्ते के अंदर कार्लसन के खिलाफ उनकी यह दूसरी जीत है। इससे पहले 28 मई को उन्होंने सफेद मोहरों से हराया था। मंगलवार को उन्होंने काले मोहरों से जीत दर्ज की। 28 मई को प्रज्ञानानंदा ने सफेद मोहरों से खेलते हुए हराया था, जबकि मंगलवार को उन्होंने काले मोहरे से खेलते हुए हराया। 19 साल में दूसरी बार किसी भारतीय खिलाड़ी ने एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराया इस जीत के साथ आर. प्रज्ञानानंदा भारत के दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया है। क्लासिकल शतरंज के पिछले 19 सालों में यह पहला मौका है, जब किसी खिलाड़ी ने एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार मात दी हो। इससे पहले 2007 में विश्वनाथन आनंद ने लिनारेस इंटरनेशनल टूर्नामेंट में कार्लसन को लगातार दो मुकाबलों में शिकस्त दी थी। अलीरेजा फिरोजा ने वर्ल्ड चैंपियन गुकेश को हराया, वेस्ली सो टॉप पर आठवें दौर के एक अन्य क्लासिकल मुकाबले में फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन भारत के गुकेश डोमराजु (डी गुकेश) को हराया। सफेद मोहरों से खेल रहे फिरोजा ने टाइम प्रेशर के बीच एंडगेम में शानदार खेल दिखाया और गुकेश की गलतियों का फायदा उठाया। इस जीत से फिरोजा के 13 अंक हो गए हैं। टूर्नामेंट लीडर वेस्ली सो और विंसेंट केमर के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद हुए ‘अर्मागेडन’ मुकाबले में वेस्ली सो ने जीत हासिल कर एक्स्ट्रा पॉइंट्स बटोरे और 14 अंकों के साथ बढ़त बरकरार रखी। प्रज्ञानानंदा 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। अलीरेजा फिरोजा ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन भारत के गुकेश को हराया। दिव्या देशमुख हारीं, कोनेरू हम्पी ने अर्मागेडन जीता नॉर्वे चेस विमेंस टूर्नामेंट के आठवें राउंड में भारत के लिए मिला-जुला दिन रहा। टूर्नामेंट लीडर बीबीसारा असाउबायेवा ने भारत की दिव्या देशमुख को क्लासिकल मुकाबले में हराया। काले मोहरों से खेल रहीं बीबीसारा ने लगातार दबाव बनाए रखा। आखिरी समय में दिव्या के पास समय कम बचा और वे मैच हार गईं। झू जिनर ने मौजूदा विमेंस वर्ल्ड चैंपियन जू वेनजुन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। भारत की दिग्गज खिलाड़ी कोनेरू हम्पी और अन्ना मुजीचुक के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद एक्स्ट्रा पॉइंट्स के लिए हुए अर्मागेडन मुकाबले में कोनेरू हम्पी ने काले मोहरों से जीत दर्ज की। विमेंस पॉइंट्स टेबल में बीबीसारा 15.5 अंकों के साथ सबसे आगे हैं। अन्ना मुजीचुक 10.5 अंकों के साथ दूसरे और दिव्या देशमुख 10 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। क्या है नॉर्वे चेस का ‘अर्मागेडन’ फॉर्मेट? नॉर्वे चेस टूर्नामेंट 25 मई से 5 जून तक ओस्लो में खेला जा रहा है। इसमें दुनिया के चुनिंदा 6-6 पुरुष और महिला खिलाड़ी डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में हिस्सा ले रहे हैं। टूर्नामेंट की सबसे खास बात इसका ‘अर्मागेडन’ फॉर्मेट है। अगर दो खिलाड़ियों के बीच क्लासिकल मैच ड्रॉ होता है, तो फैसला तुरंत सडन-डेथ (अर्मागेडन) गेम से किया जाता है। इसमें सफेद मोहरों वाले खिलाड़ी को ज्यादा समय मिलता है, लेकिन उसे हर हाल में जीतना होता है। मुकाबला ड्रॉ होने पर काले मोहरों वाले खिलाड़ी को विजेता मानकर एक्स्ट्रा पॉइंट दिया जाता है। इससे हर दौर में नतीजा निकलना तय होता है। ————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… इंग्लैंड महिला टीम ने टी-20 में भारत को हराया:सीरीज 2-1 से जीती, कैपसे-नाइट के बीच 137 रन की पार्टनरशिप इंग्लैंड की महिला टीम ने तीसरे और आखिरी टी-20 इंटरनेशनल में भारत को 6 विकेट से हराया। इसके साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। 181 रन के लक्ष्य को इंग्लैंड ने एलिस कैपसे (82 रन) और कप्तान हीथर नाइट (नाबाद 70 रन) की पारियों की बदौलत 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टी-20 इंटरनेशनल में यह इंग्लैंड का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन-चेज है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Praggnanandhaa Beats Carlsen Twice | Alireza Firouzja Defeats Gukesh

Praggnanandhaa Beats Carlsen Twice | Alireza Firouzja Defeats Gukesh

Hindi News Sports Praggnanandhaa Beats Carlsen Twice | Alireza Firouzja Defeats Gukesh 2 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत के 20 साल के ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा रमेशबाबू ने नॉर्वे चेस 2026 के आठवें राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी और पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराया। प्रज्ञानानंदा की यह टूर्नामेंट में कार्लसन के खिलाफ दूसरी जीत है। इससे पहले 28 मई को उन्होंने सफेद मोहरों से हराया था। मंगलवार को उन्होंने काले मोहरों से जीत दर्ज की। 28 मई को प्रज्ञानानंदा ने सफेद मोहरों से खेलते हुए हराया था, जबकि मंगलवार को उन्होंने काले मोहरे से खेलते हुए हराया। दूसरी बार किसी भारतीय खिलाड़ी ने एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराया इस जीत के साथ आर. प्रज्ञानानंदा भारत के दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया है। क्लासिकल शतरंज के पिछले 19 सालों में यह पहला मौका है, जब किसी खिलाड़ी ने एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार मात दी हो। इससे पहले 2007 में विश्वनाथन आनंद ने लिनारेस इंटरनेशनल टूर्नामेंट में कार्लसन को लगातार दो मुकाबलों में शिकस्त दी थी। अलीरेजा फिरोजा ने वर्ल्ड चैंपियन गुकेश को हराया, वेस्ली सो टॉप पर आठवें दौर के एक अन्य क्लासिकल मुकाबले में फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन भारत के गुकेश डोमराजु (डी गुकेश) को हराया। सफेद मोहरों से खेल रहे फिरोजा ने टाइम प्रेशर के बीच एंडगेम में शानदार खेल दिखाया और गुकेश की गलतियों का फायदा उठाया। इस जीत से फिरोजा के 13 अंक हो गए हैं। टूर्नामेंट लीडर वेस्ली सो और विंसेंट केमर के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद हुए ‘अर्मागेडन’ मुकाबले में वेस्ली सो ने जीत हासिल कर एक्स्ट्रा पॉइंट्स बटोरे और 14 अंकों के साथ बढ़त बरकरार रखी। प्रज्ञानानंदा 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। अलीरेजा फिरोजा ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन भारत के गुकेश को हराया। दिव्या देशमुख हारीं, कोनेरू हम्पी ने अर्मागेडन जीता नॉर्वे चेस विमेंस टूर्नामेंट के आठवें राउंड में भारत के लिए मिला-जुला दिन रहा। टूर्नामेंट लीडर बीबीसारा असाउबायेवा ने भारत की दिव्या देशमुख को क्लासिकल मुकाबले में हराया। काले मोहरों से खेल रहीं बीबीसारा ने लगातार दबाव बनाए रखा। आखिरी समय में दिव्या के पास समय कम बचा और वे मैच हार गईं। झू जिनर ने मौजूदा विमेंस वर्ल्ड चैंपियन जू वेनजुन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। भारत की दिग्गज खिलाड़ी कोनेरू हम्पी और अन्ना मुजीचुक के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद एक्स्ट्रा पॉइंट्स के लिए हुए अर्मागेडन मुकाबले में कोनेरू हम्पी ने काले मोहरों से जीत दर्ज की। विमेंस पॉइंट्स टेबल में बीबीसारा 15.5 अंकों के साथ सबसे आगे हैं। अन्ना मुजीचुक 10.5 अंकों के साथ दूसरे और दिव्या देशमुख 10 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। क्या है नॉर्वे चेस का ‘अर्मागेडन’ फॉर्मेट? नॉर्वे चेस टूर्नामेंट 25 मई से 5 जून तक ओस्लो में खेला जा रहा है। इसमें दुनिया के चुनिंदा 6-6 पुरुष और महिला खिलाड़ी डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में हिस्सा ले रहे हैं। टूर्नामेंट की सबसे खास बात इसका ‘अर्मागेडन’ फॉर्मेट है। अगर दो खिलाड़ियों के बीच क्लासिकल मैच ड्रॉ होता है, तो फैसला तुरंत सडन-डेथ (अर्मागेडन) गेम से किया जाता है। इसमें सफेद मोहरों वाले खिलाड़ी को ज्यादा समय मिलता है, लेकिन उसे हर हाल में जीतना होता है। मुकाबला ड्रॉ होने पर काले मोहरों वाले खिलाड़ी को विजेता मानकर एक्स्ट्रा पॉइंट दिया जाता है। इससे हर दौर में नतीजा निकलना तय होता है। ————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… इंग्लैंड महिला टीम ने टी-20 में भारत को हराया:सीरीज 2-1 से जीती, कैपसे-नाइट के बीच 137 रन की पार्टनरशिप इंग्लैंड की महिला टीम ने तीसरे और आखिरी टी-20 इंटरनेशनल में भारत को 6 विकेट से हराया। इसके साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। 181 रन के लक्ष्य को इंग्लैंड ने एलिस कैपसे (82 रन) और कप्तान हीथर नाइट (नाबाद 70 रन) की पारियों की बदौलत 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टी-20 इंटरनेशनल में यह इंग्लैंड का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन-चेज है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

क्या अन्नामलाई अपना इस्तीफा रोकेंगे? अंदर बाहर निकलने पर पॉज़ बटन दबाने का बीजेपी का फैसला | भारत समाचार

US-Israel-Iran War News Today Latest Updates (Image Credit: Reuters)

आखरी अपडेट:03 जून, 2026, 10:08 IST भाजपा के लिए, अन्नामलाई तमिलनाडु के उन कुछ नेताओं में से एक हैं जिनकी राज्यव्यापी दृश्यता और समर्पित समर्थन आधार है के अन्नामलाई ने मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. (एक्स) जब ऐसा लग रहा था कि तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रमुख के अन्नामलाई पार्टी से बाहर निकलने और अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने के लिए तैयार हैं, तो भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने दबाव डालने के लिए कदम उठाया है। अन्नामलाई ने मंगलवार को नई दिल्ली की यात्रा की और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की, इन अटकलों के बीच कि वह पार्टी से इस्तीफा देने और आने वाले महीनों में तमिलनाडु में एक नया राजनीतिक संगठन शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि बीजेपी आलाकमान अभी उन्हें जाने देने के लिए तैयार नहीं है. यह भी पढ़ें | कमल खोना: क्या भाजपा छोड़ना अन्नामलाई के लिए द्रविड़ स्वीकार्यता पाने का एकमात्र तरीका है? बैठकों के दौरान, अन्नामलाई ने नेतृत्व को इस्तीफा देने के अपने इरादे से अवगत कराया। जवाब में, वरिष्ठ नेताओं ने उनसे किसी भी तत्काल निर्णय को रोकने के लिए कहा, यह संकेत देते हुए कि पार्टी अभी भी अपने विकल्पों पर विचार कर रही है और तमिलनाडु की राजनीति में अपने सबसे पहचाने जाने वाले चेहरों में से एक को बनाए रखने के तरीके तलाश रही है। अन्नामलाई क्यों छोड़ना चाहते हैं? पूर्व आईपीएस अधिकारी को लंबे समय से तमिलनाडु में भाजपा के सबसे आक्रामक विस्तारवादी नेता के रूप में देखा जाता है। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने सलाह दी कि भाजपा बड़ी द्रविड़ पार्टियों के साथ गठबंधन पर बहुत अधिक निर्भर रहने के बजाय एक स्वतंत्र राजनीतिक पहचान स्थापित करे। अंदरूनी सूत्रों ने संकेत दिया है कि पार्टी की गठबंधन रणनीति, विशेष रूप से 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले एआईएडीएमके के साथ नए सिरे से गठबंधन के कारण उनके और भाजपा नेतृत्व के बीच दरार बढ़ गई है। माना जाता है कि अन्नामलाई ने तर्क दिया था कि गठबंधन ने राज्य में भाजपा के विकास पथ को कमजोर कर दिया है। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि अपने इस्तीफे की चर्चा में, अन्नामलाई ने गठबंधन में प्रवेश करने के बाद भाजपा के वोट शेयर में भारी गिरावट की ओर इशारा किया और तर्क दिया कि इस व्यवस्था ने पार्टी को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में अन्नामलाई द्वारा शीर्ष अधिकारियों को लिखे गए पांच पन्नों के पत्र का हवाला दिया गया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर “दरकिनार किए जाने” की शिकायत की थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अन्नामलाई ने 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के वोट-शेयर के 11 प्रतिशत से गिरकर पिछले विधानसभा चुनाव में 3 प्रतिशत तक गिरने के लिए पार्टी के गलत फैसलों और अन्नाद्रमुक गठबंधन को जारी रखने को जिम्मेदार ठहराया। बीजेपी ने क्यों लगाया ब्रेक? भाजपा के लिए, अन्नामलाई तमिलनाडु के उन कुछ नेताओं में से एक हैं जिनकी राज्यव्यापी दृश्यता और समर्पित समर्थन आधार है। 2025 में नैनार नागेंद्रन द्वारा राज्य अध्यक्ष के रूप में प्रतिस्थापित किए जाने के बाद भी, वह पार्टी के लिए राज्य में सबसे अधिक पहचाने जाने वाले प्रचारकों में से एक बने रहे। एक कठिन विधानसभा चुनाव के बाद उनका बाहर निकलना न केवल भाजपा के लिए शर्मिंदगी की बात होगी, बल्कि एक प्रतिस्पर्धी राजनीतिक मंच भी तैयार कर सकता है जो असंतुष्ट भाजपा कार्यकर्ताओं और अन्य दलों के नेताओं को आकर्षित कर सकता है। सीएनएन-न्यूज18 ने मंगलवार को खबर दी थी कि चुनावी हार के बाद एआईएडीएमके के कई नेता भी बाहर का रास्ता तलाश रहे हैं और अन्नामलाई के संगठन के लॉन्च होते ही इसमें शामिल हो सकते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि इस संभावना ने नेतृत्व को तत्काल इस्तीफे की अनुमति देने के बजाय सीधे उनसे जुड़ने के लिए प्रेरित किया है। साज़िश को बढ़ाते हुए, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नागेंद्रन को भी दिल्ली बुलाया गया क्योंकि अन्नामलाई के भविष्य पर चर्चा तेज हो गई थी। आगे क्या होता है? अभी तक, अन्नामलाई या भाजपा की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि उन्होंने अपने इस्तीफे की योजना वापस ले ली है या नहीं। हालाँकि, यह स्पष्ट है कि पार्टी नेतृत्व ने अपने लिए कुछ समय खरीदा है। क्या दिल्ली में होने वाली चर्चाएं अन्नामलाई को रुकने के लिए मनाने के लिए पर्याप्त होंगी या क्या भाजपा ने केवल उस तारीख को आगे बढ़ाया है जो 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद से तमिलनाडु में सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक निकासों में से एक बनने जा रही है? केवल समय बताएगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अपूर्व मिश्रा अपूर्व मिश्रा नौ साल से अधिक के अनुभव के साथ News18.com में समाचार संपादक हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज से स्नातक हैं और एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म से पीजी डिप्लोमा रखती हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया क्या अन्नामलाई अपना इस्तीफा रोकेंगे? अंदर बाहर होने पर पॉज बटन दबाने का बीजेपी का फैसला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)के अन्नामलाई बीजेपी का इस्तीफा(टी)तमिलनाडु बीजेपी की राजनीति(टी)अन्नामलाई दिल्ली बैठक(टी)बीजेपी एआईएडीएमके गठबंधन(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)बीजेपी वोट शेयर में गिरावट(टी)द्रविड़ राजनीति तमिलनाडु(टी)नैनार नागेंद्रन तमिलनाडु

Ranveer Singh Faces Non-Cooperation; Sends Legal Notice to FWICE

Ranveer Singh Faces Non-Cooperation; Sends Legal Notice to FWICE

3 मिनट पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह ने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) को लीगल नोटिस भेजा है। ऐसा दावा एनडीटीवी की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि रणवीर ने यह लीगल नोटिस 2 जून को भेजा था। हालांकि, नोटिस में एक्टर ने क्या मांगें रखी हैं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। FWICE ने 25 मई 2026 को रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन जारी किया था, जिसके तहत संस्था ने अपने सभी सदस्यों से रणवीर के किसी भी प्रोजेक्ट में काम न करने को कहा था। यह पूरा विवाद रणवीर के फिल्म डॉन 3 से बाहर होने से जुड़ा है। इस फिल्म को फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रोड्यूस कर रही थी। मामले में कहा गया कि फिल्म की तैयारियां पूरी होने और शूटिंग शुरू होने से मात्र तीन हफ्ते पहले रणवीर प्रोजेक्ट से बाहर हो गए। प्रोजेक्ट छोड़ने से हुए नुकसान के एवज में मेकर्स ने रणवीर से 45 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग की है। रणवीर के सपोर्ट में आईं कंगना फिल्म ‘डॉन 3’ से रणवीर के बाहर होने और FWICE के नॉन-कोऑपरेशन के मामले पर एक्ट्रेस कंगना रनोट ने रिएक्शन दिया। मंगलवार को वह अपनी आने वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के ट्रेलर लॉन्च पर पहुंचीं। कंगना से जब इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि जिंदगी में आगे बढ़ने पर रुकावटें आती ही हैं। एक्ट्रेस ने कहा कि उन्हें भी पहले कई लोगों ने बैन किया था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। कंगना की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं कंगना ने इवेंट के दौरान रणवीर का जिक्र करते हुए कहा, ‘आप मुझसे यह सवाल पूछ रहे हैं, मुझे तो हर किसी ने बैन किया हुआ है। मैं यही कहना चाहूंगी कि जब आपकी हैसियत बढ़ती है, तो आपके दुश्मन भी बढ़ते हैं। ऐसा कभी नहीं हो सकता कि आपकी हैसियत बढ़े और दुश्मन न बढ़ें। आज रणवीर सिंह को सोचना चाहिए कि उनकी क्या हैसियत है कि उनके इतने दुश्मन बन गए हैं। यह एक तरह से अच्छा ही है।’ कंगना ने अपनी जिंदगी का उदाहरण देते हुए आगे कहा कि जब आप लाइफ में आगे बढ़ते हैं तो कई तरह की मुश्किलें आती हैं। रास्ता हमेशा आसान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, ‘मेरे साथ तो इतना सब कुछ हुआ है, लेकिन देखिए आज मैं अच्छा काम कर रही हूं। मेरी गाड़ी भी अच्छी चल रही है। इसलिए इन चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता है, समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।’ डॉन 3 विवाद से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… रणवीर सिंह के समर्थन में आए राम गोपाल वर्मा:डॉन 3 विवाद पर बोले- FWICE को बैन करो, एक्टर को नहीं ‘डॉन 3’ विवाद के बीच फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा रणवीर सिंह के सपोर्ट में सामने आए हैं। साथ ही उन्होंने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा रणवीर के खिलाफ जारी ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ (असहयोग निर्देश) पर भी सवाल उठाए। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Ranveer Singh Faces Non-Cooperation; Sends Legal Notice to FWICE

Ranveer Singh Faces Non-Cooperation; Sends Legal Notice to FWICE

21 मिनट पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह ने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) को लीगल नोटिस भेजा है। ऐसा दावा एनडीटीवी की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि रणवीर ने यह लीगल नोटिस 2 जून को भेजा था। हालांकि, नोटिस में एक्टर ने क्या मांगें रखी हैं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। FWICE ने 25 मई 2026 को रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन जारी किया था, जिसके तहत संस्था ने अपने सभी सदस्यों से रणवीर के किसी भी प्रोजेक्ट में काम न करने को कहा था। यह पूरा विवाद रणवीर के फिल्म डॉन 3 से बाहर होने से जुड़ा है। इस फिल्म को फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रोड्यूस कर रही थी। मामले में कहा गया कि फिल्म की तैयारियां पूरी होने और शूटिंग शुरू होने से मात्र तीन हफ्ते पहले रणवीर प्रोजेक्ट से बाहर हो गए। प्रोजेक्ट छोड़ने से हुए नुकसान के एवज में मेकर्स ने रणवीर से 45 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग की है। रणवीर के सपोर्ट में आईं कंगना फिल्म ‘डॉन 3’ से रणवीर के बाहर होने और FWICE के नॉन-कोऑपरेशन के मामले पर एक्ट्रेस कंगना रनोट ने रिएक्शन दिया। मंगलवार को वह अपनी आने वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के ट्रेलर लॉन्च पर पहुंचीं। कंगना से जब इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि जिंदगी में आगे बढ़ने पर रुकावटें आती ही हैं। एक्ट्रेस ने कहा कि उन्हें भी पहले कई लोगों ने बैन किया था, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। कंगना की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हैसियत बढ़ती है तो दुश्मन भी बढ़ते हैं कंगना ने इवेंट के दौरान रणवीर का जिक्र करते हुए कहा, ‘आप मुझसे यह सवाल पूछ रहे हैं, मुझे तो हर किसी ने बैन किया हुआ है। मैं यही कहना चाहूंगी कि जब आपकी हैसियत बढ़ती है, तो आपके दुश्मन भी बढ़ते हैं। ऐसा कभी नहीं हो सकता कि आपकी हैसियत बढ़े और दुश्मन न बढ़ें। आज रणवीर सिंह को सोचना चाहिए कि उनकी क्या हैसियत है कि उनके इतने दुश्मन बन गए हैं। यह एक तरह से अच्छा ही है।’ कंगना ने अपनी जिंदगी का उदाहरण देते हुए आगे कहा कि जब आप लाइफ में आगे बढ़ते हैं तो कई तरह की मुश्किलें आती हैं। रास्ता हमेशा आसान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, ‘मेरे साथ तो इतना सब कुछ हुआ है, लेकिन देखिए आज मैं अच्छा काम कर रही हूं। मेरी गाड़ी भी अच्छी चल रही है। इसलिए इन चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता है, समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।’ डॉन 3 विवाद से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… रणवीर सिंह के समर्थन में आए राम गोपाल वर्मा:डॉन 3 विवाद पर बोले- FWICE को बैन करो, एक्टर को नहीं ‘डॉन 3’ विवाद के बीच फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा रणवीर सिंह के सपोर्ट में सामने आए हैं। साथ ही उन्होंने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा रणवीर के खिलाफ जारी ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ (असहयोग निर्देश) पर भी सवाल उठाए। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

‘महाराष्ट्र की तरह टूट रही है ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी’, पश्चिम बंगाल के मंत्री ने किया दावा, क्या कहा?

'महाराष्ट्र की तरह टूट रही है ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी', पश्चिम बंगाल के मंत्री ने किया दावा, क्या कहा?

पश्चिम बंगाल के मंत्री तापस रॉय ने मंगलवार को दावा किया कि वे महाराष्ट्र कांग्रेस में जिस तरह से टूट-फूट होने के संकेत दे रहे हैं, वहीं, अभी भी प्लास्टिक पार्टी ने कहा है कि उनके ज्यादातर विधायक भी उनकी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ हैं। पार्टी के एक बड़े धड़े के अलग होने की चर्चाओं से पार्टी के निष्कासित नेता ऋतब्रत बेनबेन की पार्टी में राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विधानसभा के बाहर सहयोगियों से बातचीत में रॉय ने दावा किया कि ओपीडी ने ऐसे कई लोगों को शामिल किया है, लेकिन विधानसभा की राजनीति में ज्यादा भागीदारी नहीं थी. उन्होंने दावा किया कि अब पार्टी की प्रबलता और अंतर्विरोध सतह पर दिखाई दे रहे हैं। मानिक ताल से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रॉय ने कहा कि कांग्रेस में विभाजन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अंततः यह पार्टी पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य से लुप्त हो जाएगी। वर्ष 2024 में क्रांतिकारी पुनर्वित्त भाजपा में शामिल हुए रॉय ने दावा किया, ‘कई नेताओं और संप्रदायों में असंतोष बढ़ रहा है।’ ये घटना संकेत दे रहे हैं कि पार्टी टूटने की ओर बढ़ रही है, ठीक वैसी ही स्थिति जैसी महाराष्ट्र में हुई थी।’ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि पार्टी कभी भी डेमोक्रेटिक पार्टी नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘यह गठबंधन है कि इतने लंबे संघर्ष के बाद, जब हम सत्ता में आए, तब शायद कोई लोकतांत्रिक लोकतंत्र नहीं हो।’ अंधविश्वासी रहे या टूट जाए, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है। उनके आंतरिक संकट से हमारा कोई संबंध नहीं है।’ पुराने वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने कहा कि पार्टी के ज्यादातर नेता ममता बनर्जी के साथ बने रहेंगे और संगठन की कमान वरिष्ठ नेताओं के हाथों में ही रहेगी। चट्टोपाध्याय को आदर्शवादी नेता का नाम दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘सत्तारूढ़ सरकार के भारी दबाव के चलते कुछ लोग फर्जी हस्ताक्षरों के बारे में बयान देने के लिए मजबूर हो रहे हैं।’ कुछ नेता आतंकवादियों के खिलाफ जाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि पिज्जा पार्टी उन्हें पैसा दे रही है। हम स्टेटस पर लगातार नजर रख रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘कुछ विधायी दबाव में ग्यान टूट सकता है, लेकिन बड़े पैमाने पर किसी बगावत का खतरा नहीं है।’ अधिकांश विधायक ममता बनर्जी के साथ बने रहे और संगठन की कमान वरिष्ठ नेताओं के हाथों में ही रहेगी। पार्टी का चुनाव भी ममता बनर्जी के पास ही रहेगा।’ विधानसभा परिसर से बाहर आने के बाद अविश्वास से बातचीत में ऋतब्रत बेनी ने स्वीकार किया कि उनकी बैठक में पार्टी के सदस्यों के बीच कुछ अंश से हुई और उनके साथ मुरमुरा का दौरा था। बनर्जी ने कहा कि वह ‘एक-एक दिन के हिसाब से आगे बढ़ने’ का विश्वास रखते हैं। उन्होंने 50 से ज्यादा बड़े नामों के साथ उनके आने की अटकलों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने दावा किया कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय को एसोसिएटेड नेता का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था। बैंग के अनुसार, जिस पेपर पर उनके हस्ताक्षर दिए गए थे, वह केवल उपस्थिति के लिए उपस्थित हुए थे। बनर्जी ने दावा किया कि पार्टी का नियंत्रण अब ‘आई-पैक’ के हाथों में चला गया है और इसका संचालन ममता बनर्जी नहीं कर रही हैं। 294 देवभूमि विधानसभा चुनाव में 80 देवभूमि विधानसभा। हालाँकि, पार्टी विरोधी गठबंधन के आरोप में सोमवार को दो नाम वापस ले लिए गए। (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी(टी)तापस रॉय(टी)कांग्रेस(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी(टी)तापस रॉय(टी)कांग्रेस

सेंसेक्स 700 अंक गिरकर 73,900 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 200 अंक नीचे 23,300 पर आया; आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

सेंसेक्स 700 अंक गिरकर 73,900 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 200 अंक नीचे 23,300 पर आया; आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

आज यानी बुधवार, 3 जून को सेंसेक्स 700 अंक (0.96%) की गिरावट के साथ 73,900 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 200 अंकों (0.80%) की गिरावट है, ये 23,300 पर आ गया है। आज के कारोबार में आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार अमेरिकी बाजार में कल तेजी रही विदेशी निवेशकों ने कल 8 हजार करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार 383 अंक चढ़कर बंद हुआ था