Saturday, 24 Oct 2026 | 09:07 PM

Trending :

बच्चों के पार्क में ड्रग्स बेचने वालों का कब्जा:कुणाल कोहली ने जताई चिंता, बोले- बिना कपड़ों के सोते हैं लोग; मुंबई पुलिस से की शिकायत सलमान की ‘मातृभूमि’ को रक्षा मंत्रालय की मंजूरी नहीं:दूसरी स्क्रीनिंग के बाद भी अटकी फिल्म; सेंसर सर्टिफिकेट और रिलीज डेट पर सस्पेंस कायम Kuldeep Rathore Success Story | JEE Advanced Failure to IIT Madras Startup टाइगर के शूटर्स की गिरफ्तारी पर राम गोपाल वर्मा बोले:वे सिर्फ मोहरे होते हैं, जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड को समझना होगा टाइगर के शूटर्स की गिरफ्तारी पर राम गोपाल वर्मा बोले:वे सिर्फ मोहरे होते हैं, जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड को समझना होगा बीजेपी पर फिर भड़के नसीरुद्दीन शाह:अपशब्द कहते हुए झूठी पार्टी बताया; छात्रों को धमकाने और हॉस्टल खाली कराने का लगाया आरोप
EXCLUSIVE

कबाड़ के जरिए फर्जी कैशबैक; साइबर ठगी का नया खेल:पार्सल बॉक्स के लेबल से पर्सनल डेटा चुरा रहे ठग, ऐसे बना रहे आपको शिकार

कबाड़ के जरिए फर्जी कैशबैक; साइबर ठगी का नया खेल:पार्सल बॉक्स के लेबल से पर्सनल डेटा चुरा रहे ठग, ऐसे बना रहे आपको शिकार

आपने जो पार्सल अभी-अभी खोला उसका डिब्बा कूड़े में फेंक दिया। लेकिन क्या पता वो डिब्बा आपके बैंक अकाउंट तक पहुंचने का रास्ता बन जाए। यह अजीब जरूर है, लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स की मानें तो अमेजन और फ्लिपकार्ट के पार्सल पर चिपका वो छोटी-सा स्टीकर, जिसे हम कभी गौर से देखते भी नहीं, जालसाजों के लिए सोने की खान बन गया है। जरा सोचिए, हर बार जब आप ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं, डिलीवरी बॉक्स पर लगी चिट्ठी में क्या-क्या छपा होता है। इसमें आपका नाम, फोन नंबर, पूरा पता, ईमेल आईडी, और कई बार तो यह भी होता है कि आपने क्या खरीदा। पैकेट खुलते ही यह जानकारी बेकार लगती है, इसलिए लोग बिना सोचे-समझे बॉक्स को कूड़ेदान में डाल देते हैं। यहीं से शुरू होती है असली कहानी। ठग कूड़े के ढेर या कबाड़ी के पास से पार्सल डिब्बे उठाते हैं और उन पर छपी जानकारियां नोट कर लेते हैं। इसके बाद वे खुद को अमेजन, फ्लिपकार्ट या किसी डिलीवरी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर फोन करते हैं। चूंकि उनके पास आपका नाम, पता और हाल में की गई खरीदारी की जानकारी होती है, लिहाजा बातचीत सही लगती है और भरोसा बनते देर नहीं लगती। इसके बाद कैशबैक, लॉयल्टी रिवॉर्ड या अगली खरीदारी पर छूट का लालच देकर एक फीडबैक सर्वे भरने को कहा जाता है। एसएमएस, वाट्सएप या ई-मेल पर भेजे गए लिंक पर क्लिक करते ही खेल शुरू हो जाता है। यह लिंक किसी फर्जी वेबसाइट पर ले जाता है, जहां बैंक डिटेल्स, कार्ड नंबर या ओटीपी मांगा जाता है। कई बार तो फोन में एक ऐसा मैलिशियस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जो पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल्स चुराकर सीधे अकाउंट से पैसे उड़ा ले जाता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा फ्रॉड शुरू होता है एक ऐसी जगह से, जिसे हम कचरा समझकर भूल जाते हैं। लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग जितनी बढ़ रही है, ठगों के तरीके भी उतने ही नए और शातिर होते जा रहे हैं। लेकिन एक छोटी-सी आदत- डिब्बा फेंकने से पहले लेबल मिटाना आपको इस नए तरह के फ्रॉड का अगला शिकार बनने से बचा सकती है। तो ऐसी धोखाधड़ी से बचाव का तरीका क्या है? जवाब उतना ही आसान है, जितनी यह समस्या मुश्किल लगती है। बॉक्स फेंकने से पहले शिपिंग लेबल फाड़ें, काटें या खुरच दें, ताकि उस पर लिखी जानकारियां कोई पढ़ न सके। आइडेंटिटी प्रोटेक्शन रोलर स्टैंप से भी संवेदनशील जानकारी छिपाई जा सकती है। साथ ही, अगर कोई कॉल पर खुद को ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर एप इंस्टॉल करने, अनजान लिंक पर क्लिक करने या ओटीपी-बैंक डिटेल्स शेयर करने के लिए कहे, तो सतर्क हो जाएं। अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां अमूमन ऐसी मांग नहीं करतीं। किसी भी ऑफर या कैशबैक मैसेज की सच्चाई जानने के लिए कंपनी की ऑफिशियल एप पर जांच करें।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
US President Donald Trump shakes hands with China's President Xi Jinping at the Great Hall of the People in Beijing. (Source: AFP)

May 14, 2026/
10:35 pm

आखरी अपडेट:14 मई, 2026, 22:35 IST तथ्य यह है कि राहुल गांधी को ‘अपनी इच्छाएं पूरी करनी पड़ीं’ और संभावित...

भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी:रुपए-येन में लेनदेन होगा, PM मोदी-ताकाइची बैठक में हो सकता है ऐलान

July 1, 2026/
6:38 am

भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट...

डेब्यू कैप मिलते ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी:भारत के सबसे युवा क्रिकेटर बने, इंग्लैंड का भारत के खिलाफ सबसे बड़ा रनचेज

July 5, 2026/
4:30 am

वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गए। उन्होंने 15 साल 99 दिन...

Share Market Today LIVE Updates.

March 4, 2026/
12:35 pm

आखरी अपडेट:मार्च 04, 2026, 12:35 IST भाजपा ने बुधवार को महाराष्ट्र से आगामी राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों...

Delhi Capitals' KL Rahul plays a shot during the Indian Premier League cricket match between Delhi Capitals and Gujarat Titans in New Delhi, India, Wednesday, April. 8, 2026. (AP Photo/ Manish Swarup)

April 8, 2026/
10:08 pm

आखरी अपडेट:08 अप्रैल, 2026, 22:08 IST हालांकि इन तीन क्षेत्रों के लिए मतदान गुरुवार को समाप्त हो जाएगा, लेकिन अंतिम...

हर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ पहले ठुकराया था:एक्सेल ऑफिस इस उम्मीद में पहुंचीं कि फरहान अख्तर की नजर पड़ेगी और हीरोइन बना देंगे

August 30, 2026/
4:30 am

‘मिर्जापुर’ में डिंपी पंडित का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वालीं हर्षिता गौर अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में नजर आएंगी।...

khabar hatke- UK Cigarette Ban 2008+

April 25, 2026/
4:30 am

पंजाब में अपनी मांग मनवाने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ा शख्स 560 दिन बाद नीचे उतरा। वहीं, ब्रिटेन में...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

कबाड़ के जरिए फर्जी कैशबैक; साइबर ठगी का नया खेल:पार्सल बॉक्स के लेबल से पर्सनल डेटा चुरा रहे ठग, ऐसे बना रहे आपको शिकार

कबाड़ के जरिए फर्जी कैशबैक; साइबर ठगी का नया खेल:पार्सल बॉक्स के लेबल से पर्सनल डेटा चुरा रहे ठग, ऐसे बना रहे आपको शिकार

आपने जो पार्सल अभी-अभी खोला उसका डिब्बा कूड़े में फेंक दिया। लेकिन क्या पता वो डिब्बा आपके बैंक अकाउंट तक पहुंचने का रास्ता बन जाए। यह अजीब जरूर है, लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स की मानें तो अमेजन और फ्लिपकार्ट के पार्सल पर चिपका वो छोटी-सा स्टीकर, जिसे हम कभी गौर से देखते भी नहीं, जालसाजों के लिए सोने की खान बन गया है। जरा सोचिए, हर बार जब आप ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं, डिलीवरी बॉक्स पर लगी चिट्ठी में क्या-क्या छपा होता है। इसमें आपका नाम, फोन नंबर, पूरा पता, ईमेल आईडी, और कई बार तो यह भी होता है कि आपने क्या खरीदा। पैकेट खुलते ही यह जानकारी बेकार लगती है, इसलिए लोग बिना सोचे-समझे बॉक्स को कूड़ेदान में डाल देते हैं। यहीं से शुरू होती है असली कहानी। ठग कूड़े के ढेर या कबाड़ी के पास से पार्सल डिब्बे उठाते हैं और उन पर छपी जानकारियां नोट कर लेते हैं। इसके बाद वे खुद को अमेजन, फ्लिपकार्ट या किसी डिलीवरी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर फोन करते हैं। चूंकि उनके पास आपका नाम, पता और हाल में की गई खरीदारी की जानकारी होती है, लिहाजा बातचीत सही लगती है और भरोसा बनते देर नहीं लगती। इसके बाद कैशबैक, लॉयल्टी रिवॉर्ड या अगली खरीदारी पर छूट का लालच देकर एक फीडबैक सर्वे भरने को कहा जाता है। एसएमएस, वाट्सएप या ई-मेल पर भेजे गए लिंक पर क्लिक करते ही खेल शुरू हो जाता है। यह लिंक किसी फर्जी वेबसाइट पर ले जाता है, जहां बैंक डिटेल्स, कार्ड नंबर या ओटीपी मांगा जाता है। कई बार तो फोन में एक ऐसा मैलिशियस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जो पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल्स चुराकर सीधे अकाउंट से पैसे उड़ा ले जाता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा फ्रॉड शुरू होता है एक ऐसी जगह से, जिसे हम कचरा समझकर भूल जाते हैं। लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग जितनी बढ़ रही है, ठगों के तरीके भी उतने ही नए और शातिर होते जा रहे हैं। लेकिन एक छोटी-सी आदत- डिब्बा फेंकने से पहले लेबल मिटाना आपको इस नए तरह के फ्रॉड का अगला शिकार बनने से बचा सकती है। तो ऐसी धोखाधड़ी से बचाव का तरीका क्या है? जवाब उतना ही आसान है, जितनी यह समस्या मुश्किल लगती है। बॉक्स फेंकने से पहले शिपिंग लेबल फाड़ें, काटें या खुरच दें, ताकि उस पर लिखी जानकारियां कोई पढ़ न सके। आइडेंटिटी प्रोटेक्शन रोलर स्टैंप से भी संवेदनशील जानकारी छिपाई जा सकती है। साथ ही, अगर कोई कॉल पर खुद को ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर एप इंस्टॉल करने, अनजान लिंक पर क्लिक करने या ओटीपी-बैंक डिटेल्स शेयर करने के लिए कहे, तो सतर्क हो जाएं। अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां अमूमन ऐसी मांग नहीं करतीं। किसी भी ऑफर या कैशबैक मैसेज की सच्चाई जानने के लिए कंपनी की ऑफिशियल एप पर जांच करें।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.