Saturday, 18 Jul 2026 | 07:38 PM

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टीम इंडिया न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा घरेलू दौरा करेगी:खेले जाएंगे 5 वनडे, 5 टी-20 और 2 टेस्ट; 6 साल बाद वहां टेस्ट मैच

टीम इंडिया न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा घरेलू दौरा करेगी:खेले जाएंगे 5 वनडे, 5 टी-20 और 2 टेस्ट; 6 साल बाद वहां टेस्ट मैच

भारतीय क्रिकेट टीम इस साल अक्टूबर से दिसंबर के बीच न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) ने होम समर सीजन 2026/27 के तहत इस मल्टी-फॉर्मेट सीरीज का शेड्यूल जारी कर दिया है। दौरे पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 टी-20, 5 वनडे और 2 टेस्ट मैच खेले जाएंगे। न्यूजीलैंड क्रिकेट के मुताबिक, मैचों की संख्या के लिहाज से यह न्यूजीलैंड के इतिहास का सबसे बड़ा घरेलू दौरा होगा। दौरे की शुरुआत 22 अक्टूबर से व्हाइट-बॉल सीरीज के साथ होगी। इसके बाद वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च में दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। रोहित शर्मा और विराट कोहली को एक्शन में देखने का मौका; वर्ल्ड कप तैयारियों के लिए अहम इस दौरे की 5 मैचों की वनडे सीरीज न्यूजीलैंड के फैंस के लिए खास रहेगी। फैंस को रोहित शर्मा और विराट कोहली को वनडे में लाइव खेलते देखने का मौका मिल सकता है। दोनों खिलाड़ी टी-20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन वनडे फॉर्मेट में खेल रहे हैं। अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए यह सीरीज दोनों टीमों के लिए तैयारियां पुख्ता करने का अहम मौका होगी। न्यूजीलैंड में 6 साल बाद टेस्ट खेलेगी टीम इंडिया; पिछली हार का बदला लेने उतरेगी भारतीय टीम 2019/20 के बाद पहली बार टेस्ट सीरीज के लिए न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। इस बीच न्यूजीलैंड की टीम दो बार भारत आ चुकी है। इसमें 2024/25 का दौरा भी शामिल है, जहां न्यूजीलैंड ने भारत को उसकी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज में 3-0 से हराकर क्लीन स्वीप किया था। भारतीय टीम के पास न्यूजीलैंड को उसके घर में हराकर उस हार का बदला लेने का मौका होगा। दोनों टेस्ट मैच वेलिंगटन के सेलो बेसिन रिजर्व और क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले जाएंगे। इस साल टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भिड़ चुकी हैं दोनों टीमें इसी साल दोनों टीमों के बीच टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल खेला गया था। इससे पहले साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड की टीम 8 व्हाइट-बॉल मैच खेलने भारत आई थी। न्यूजीलैंड ने वनडे सीरीज 2-1 से जीती थी, जबकि टी-20 सीरीज में भारत ने 4-1 से जीत दर्ज की थी। श्रीलंका और बांग्लादेश की टीमें भी करेंगी न्यूजीलैंड का दौरा; ऑस्ट्रेलिया से टेस्ट खेलेंगे भारत के अलावा न्यूजीलैंड का होम समर सीजन व्यस्त रहेगा। भारत के दौरे के बाद न्यूजीलैंड की महिला टीम बांग्लादेश के खिलाफ 3 टी-20 और 3 वनडे मैचों की मेजबानी करेगी। इसके बाद पुरुष टीम 4 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद न्यूजीलैंड की टीम श्रीलंका की मेजबानी करेगी। यह सीरीज जनवरी 2027 में 3 वनडे और 3 टी20 मैचों से शुरू होगी और 2 टेस्ट मैचों के साथ खत्म होगी। —————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… नॉर्वे चेस में प्रज्ञानानंदा ने वर्ल्ड नं-1 कार्लसन को हराया:7 दिन में दूसरी बार मात दी; आनंद से लिनारेस टूर्नामेंट में दो बार हारे थे मैग्नस भारत के 20 साल के ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा रमेशबाबू ने नॉर्वे चेस के आठवें राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराया। प्रज्ञानानंदा की यह टूर्नामेंट में 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन कार्लसन के खिलाफ दूसरी जीत है। पूरी खबर

टीम इंडिया न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा घरेलू दौरा करेगी:खेले जाएंगे 5 वनडे, 5 टी-20 और 2 टेस्ट; 6 साल बाद वहां टेस्ट मैच

टीम इंडिया न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा घरेलू दौरा करेगी:खेले जाएंगे 5 वनडे, 5 टी-20 और 2 टेस्ट; 6 साल बाद वहां टेस्ट मैच

भारतीय क्रिकेट टीम इस साल अक्टूबर से दिसंबर के बीच न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) ने होम समर सीजन 2026/27 के तहत इस मल्टी-फॉर्मेट सीरीज का शेड्यूल जारी कर दिया है। दौरे पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 टी-20, 5 वनडे और 2 टेस्ट मैच खेले जाएंगे। न्यूजीलैंड क्रिकेट के मुताबिक, मैचों की संख्या के लिहाज से यह न्यूजीलैंड के इतिहास का सबसे बड़ा घरेलू दौरा होगा। दौरे की शुरुआत 22 अक्टूबर से व्हाइट-बॉल सीरीज के साथ होगी। इसके बाद वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च में दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। रोहित शर्मा और विराट कोहली को एक्शन में देखने का मौका; वर्ल्ड कप तैयारियों के लिए अहम इस दौरे की 5 मैचों की वनडे सीरीज न्यूजीलैंड के फैंस के लिए खास रहेगी। फैंस को रोहित शर्मा और विराट कोहली को वनडे में लाइव खेलते देखने का मौका मिल सकता है। दोनों खिलाड़ी टी-20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन वनडे फॉर्मेट में खेल रहे हैं। अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए यह सीरीज दोनों टीमों के लिए तैयारियां पुख्ता करने का अहम मौका होगी। न्यूजीलैंड में 6 साल बाद टेस्ट खेलेगी टीम इंडिया; पिछली हार का बदला लेने उतरेगी भारतीय टीम 2019/20 के बाद पहली बार टेस्ट सीरीज के लिए न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। इस बीच न्यूजीलैंड की टीम दो बार भारत आ चुकी है। इसमें 2024/25 का दौरा भी शामिल है, जहां न्यूजीलैंड ने भारत को उसकी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज में 3-0 से हराकर क्लीन स्वीप किया था। भारतीय टीम के पास न्यूजीलैंड को उसके घर में हराकर उस हार का बदला लेने का मौका होगा। दोनों टेस्ट मैच वेलिंगटन के सेलो बेसिन रिजर्व और क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले जाएंगे। इस साल टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भिड़ चुकी हैं दोनों टीमें इसी साल दोनों टीमों के बीच टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल खेला गया था। इससे पहले साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड की टीम 8 व्हाइट-बॉल मैच खेलने भारत आई थी। न्यूजीलैंड ने वनडे सीरीज 2-1 से जीती थी, जबकि टी-20 सीरीज में भारत ने 4-1 से जीत दर्ज की थी। श्रीलंका और बांग्लादेश की टीमें भी करेंगी न्यूजीलैंड का दौरा; ऑस्ट्रेलिया से टेस्ट खेलेंगे भारत के अलावा न्यूजीलैंड का होम समर सीजन व्यस्त रहेगा। भारत के दौरे के बाद न्यूजीलैंड की महिला टीम बांग्लादेश के खिलाफ 3 टी-20 और 3 वनडे मैचों की मेजबानी करेगी। इसके बाद पुरुष टीम 4 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद न्यूजीलैंड की टीम श्रीलंका की मेजबानी करेगी। यह सीरीज जनवरी 2027 में 3 वनडे और 3 टी20 मैचों से शुरू होगी और 2 टेस्ट मैचों के साथ खत्म होगी। —————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… नॉर्वे चेस में प्रज्ञानानंदा ने वर्ल्ड नं-1 कार्लसन को हराया:7 दिन में दूसरी बार मात दी; आनंद से लिनारेस टूर्नामेंट में दो बार हारे थे मैग्नस भारत के 20 साल के ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा रमेशबाबू ने नॉर्वे चेस के आठवें राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराया। प्रज्ञानानंदा की यह टूर्नामेंट में 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन कार्लसन के खिलाफ दूसरी जीत है। पूरी खबर

5,000 Indian restaurants on the verge of closure

5,000 Indian restaurants on the verge of closure

द इकोनॉमिस्ट.टोक्यो5 मिनट पहले कॉपी लिंक पूर्वी टोक्यो का ‘हिमालयन कारवां’ रेस्टोरेंट पिछले दो दशकों से चल रहा है। कम कीमत में बेहतरीन स्वाद मिलने से दोपहर में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है, जो अब बड़े संकट में है।- फाइल फोटो जापान सरकार विदेशी प्रवासियों को लेकर सख्त हो गई है। इस कारण वहां चल रहे नेपाली मालिकाना हक वाले हजारों भारतीय रेस्टोरेंट्स पर बंद होने का खतरा मंडरा गया है। प्रशासन ने रेस्टोरेंट मालिकों के लिए ‘बिजनेस मैनेजमेंट’ वीसा नियम अचानक सख्त कर दिए हैं। दरअसल सरकार को संदेह है कि अमीर चीनी निवेशक इस परमिट का गलत इस्तेमाल करने के लिए फर्जी कंपनियां बना रहे हैं। इसे रोकने के लिए न्यूनतम पूंजी की शर्त 50 लाख येन (करीब 29.82 लाख रुपए) से बढ़ाकर सीधे 3 करोड़ येन (करीब 1.78 करोड़ रुपए) कर दी गई है। साथ ही हर रेस्टोरेंट में कम से कम एक पूर्णकालिक जापानी नागरिक या स्थायी निवासी को नौकरी पर रखना अनिवार्य कर दिया है। इस बदलाव से आवेदनों में 96% की भारी गिरावट आई है। पुराने संचालकों को ये शर्तें पूरी करने के लिए सिर्फ तीन साल की मोहलत दी गई है। जानकारों के मुताबिक नियमों में इस बदलाव से जापान में व्यापार करने वाले छोटे विदेशी उद्यमियों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। आंतरिक मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक जापान की 9% से भी कम स्थानीय कंपनियों के पास 3 करोड़ येन की पूंजी है। ऐसे में छोटे स्तर पर चलने वाले भारतीय करी हाउस के लिए इतनी बड़ी रकम का इंतजाम कर पाना बिल्कुल नामुमकिन साबित हो रहा है। रेस्टोरेंट मालिक 32 वर्षीय अंजू खत्री के मुताबिक जब बड़ी कंपनियों को ही स्थानीय कर्मचारी नहीं मिल पा रहे, तो हम जैसे छोटे विदेशी प्रवासियों को वे कैसे मिलेंगे। पूर्वी टोक्यो की शांत सड़क पर ‘हिमालयन कारवां’ रेस्टोरेंट पिछले दो दशकों से चल रहा है। इसके नेपाली मालिक संजय साहनी साल 2006 में पहली बार बतौर शेफ वहां आए थे। उनके लिए यहां आने वाले नियमित ग्राहक अब एक बड़े परिवार जैसे बन चुके हैं। इस रेस्टोरेंट का 850 येन का करी-नान लंच सेट कर्मचारियों, आम पाठकों और बुजुर्गों में काफी लोकप्रिय है। कम कीमत में बेहतरीन स्वाद मिलने से दोपहर में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है, जो अब बड़े संकट में है। विदेशी रसोइया और प्रवासी लोग टोक्यो के खानपान को सांस्कृतिक रूप देने के साथ ही सस्ते भोजन के विकल्प देते हैं। अगर इस फैसले से भारतीय, थाई और वियतनामी रेस्टोरेंट बंद हो गए, तो स्थानीय कर्मचारियों के दोपहर के भोजन के सबसे पसंदीदा विकल्प हमेशा के लिए छिन जाएंगे। जापान में विदेशी नागरिक सिर्फ 3%, पर भारतीय रेस्टोरेंट मैकडॉनल्ड्स से भी ज्यादा जापान में सिर्फ 59 हजार भारतीय रहते हैं, लेकिन वहां करीब 5,000 भारतीय रेस्टोरेंट मौजूद हैं। यह वहां चल रहे दुनिया के सबसे बड़े फास्ट फूड ब्रांड मैकडॉनल्ड्स के आउटलेट की कुल संख्या से भी ज्यादा है। छोटे निवेशकों के दम पर ही यह कारोबार फैला है। जापान की आबादी में विदेशी नागरिकों का हिस्सा सिर्फ 3% है। यह ओईसीडी देशों के 15% औसत से बेहद कम है। वहां चल रहे ज्यादातर भारतीय रेस्टोरेंट्स के मालिक और स्टाफ नेपाली प्रवासी हैं, जिनकी कुल संख्या वहां अभी करीब 3 लाख है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

डिस्काउंट की बारिश; मंदी से लड़ रहे फैशन ब्रांड्स:बिक्री 30% घटी तो जुलाई की सेल जून में, फैशन प्रोडक्ट्स पर 40% तक छूट

डिस्काउंट की बारिश; मंदी से लड़ रहे फैशन ब्रांड्स:बिक्री 30% घटी तो जुलाई की सेल जून में, फैशन प्रोडक्ट्स पर 40% तक छूट

फैशन रिटेलर्स ने इस साल बिक्री बढ़ाने के लिए समय से पहले ही बड़े डिस्काउंट का सहारा लेना शुरू कर दिया है। कई कंपनियों और रिटेलर्स ने मिड-सीजन सेल लॉन्च कर दी है। आम तौर पर ऐसी सेल जुलाई में शुरू होती है। बढ़ती महंगाई, वैश्विक अनिश्चितताओं और ग्राहकों की सतर्क खरीदारी के बीच स्टॉक खाली करना और कमजोर मांग से निपटना इस रणनीति का लक्ष्य है। इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक, बीते दो महीनों में फैशन सेक्टर की बिक्री करीब 30% कम हो गई है। पेट्रोल-डीजल, सीएनजी, एलपीजी और रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ते खर्च के चलते ज्यादातर उपभोक्ता कपड़े और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स पर खर्च घटाने लगे हैं। यह घरेलू बजट संतुलित रखने के प्रयास का हिस्सा है। इसे देखते हुए बिक्री बढ़ाने के लिए आधा दर्जन ब्रांड्स और मिंत्रा, नायका फैशन, फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर 40% तक छूट दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रिटेलर्स अब पारंपरिक ‘एंड-ऑफ-सीजन सेल’ का इंतजार करने के बजाय बीच सीजन में ही इन्वेंट्री निकालने की रणनीति अपना रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि उपभोक्ता अब खर्च करने से पहले कीमत और वैल्यू को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं। चुनौती – गैर-जरूरी खर्च में अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे आम भारतीय – पिछले 2 महीनों में फैशन प्रोडक्ट्स की बिक्री करीब 30% घटी – भू-राजनीतिक तनाव के बीच घरेलू खर्च बढ़ने से लोग चिंतित – बिजनेस के मामले में स्प्रिंग-समर सीजन खासा कमजोर रहा – कंज्यूमर बड़े गैर-जरूरी खर्च में अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे 30% पर आ गई इस साल मार्च में गैर-जरूरी चीजें खरीदने की इच्छा, पहले ये 70% से ऊपर थी। रणनीति – ग्राहक स्टोर तक आएं, ऐसी कोशिश ब्लैंकेट मार्कडाउन नहीं- सिर्फ चुनिंदा स्टॉक-कीपिंग यूनिट्स पर डिस्काउंट दे रहीं कंपनियां। बंडलिंग ऑफ- 1+1, 1+2 जैसे ऑफर्स की मदद से एक खरीदारी पर ज्यादा प्रोडक्ट बेचने की चल रही कोशिश। इसमें एक प्रोडक्ट की खरीदारी पर एक या दो प्रोक्ट्स फ्री देने की पेशकश की जाती है। फुटफॉल बढ़ाना- आकर्षक ऑफर के जरिए ग्राहकों को स्टोर तक लाकर त्योहारी सीजन से पहले इन्वेंटरी खाली करना। मार्जिन सुरक्षा- दाम में गहरी छूट की जगह टारगेटेड डिस्काउंट, ताकि मार्जिन बना रहे। ग्रोथ: चार साल में 52% बढ़ा भारतीय फैशन/अपैरल बाजार, 2025 में मार्केट साइज 11 लाख करोड़ पार वर्ष – मार्केट साइज विश्लेषण 2021 – 7.5 कोविड बाद रिकवरी; बिक्री 45% बढ़ी 2022 – 8.5 फिजिकल स्टोर खुले; 15-20% ग्रोथ 2023 – 9.5 बिक्री अनुमान के अनुरूप 2024 – 10 बिक्री अनुमान से ज्यादा 2025 – 11.4 14 फीसदी की तेज ग्रोथ (नोट: आंकड़े लाख करोड़ रुपए में, स्रोत: स्टैटिस्टा, वजीर एडवाइजर्स) ‘एंड-ऑफ-सीजन सेल’ भी जल्द शुरू होने के आसार पहले: जुलाई में शुरू होती थी और 15 अगस्त तक चलती थी अब: जून के शुरुआती हफ्ते में शुरू हो गई, ताकि बिक्री बढ़े कलेक्शन: अगस्त की जगह मिड-जुलाई से ही आने लगेगा कंज्यूमर मूड: डेलॉय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मार्च के दौरान भारत में बड़ी और गैर-जरूरी शॉपिंग की इच्छा घटकर 65% पर आ आई, जो पहले 70% थी। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘भारतीय उपभोक्ता कैलिब्रेटेड कंजम्पशन के दौर में हैं। यानी ये आकांक्षा और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में हैं।’

टीएमसी विद्रोह समाचार लाइव अपडेट: ऋतब्रत बनर्जी नेता प्रतिपक्ष बनने को तैयार? 59 विधायकों ने समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर किये

टीएमसी विद्रोह समाचार लाइव अपडेट: ऋतब्रत बनर्जी नेता प्रतिपक्ष बनने को तैयार? 59 विधायकों ने समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर किये

टीएमसी विद्रोह समाचार लाइव अपडेट: ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के भीतर राजनीतिक संकट बुधवार को गहरा गया, जिसमें व्यापक विद्रोह के संकेत मिलने से राज्य विधानसभा में पार्टी की एकता पर नए सवाल खड़े हो गए। टीएमसी से निकाले जाने के एक दिन बाद बागी विधायक रीतब्रत बनर्जी विधानसभा पहुंचे और 59 विधायकों के समर्थन का दावा किया। बनर्जी ने जिसे उन्होंने साथी विधायकों के समर्थन पत्र के रूप में वर्णित किया, उसे प्रस्तुत किया। विधानसभा अधिकारियों के समक्ष अपना दावा पेश करते समय उनके साथ अरूप रॉय, शिउली साहा और अखरुज्जमां सहित कई विधायक भी थे। बागी विधायक, जो “असली” तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने का दावा कर रहे हैं, अब मांग कर रहे हैं कि रीताब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता नियुक्त किया जाए। ममता बनर्जी की टीएमसी के पास सिर्फ 20 विधायक? यदि बनर्जी द्वारा उद्धृत संख्याएँ सटीक हैं, तो यह विधानसभा के राजनीतिक समीकरणों में एक नाटकीय बदलाव का संकेत होगा, जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को केवल 20 विधायकों के समर्थन के साथ छोड़ दिया जाएगा। हालाँकि, दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, और तृणमूल कांग्रेस ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। शोभनदेब चट्टोपाध्याय को सदन का नेता नियुक्त किया गया सामने आ रहे घटनाक्रम के बीच, वरिष्ठ टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस को पार्टी के विधायी नेतृत्व में फेरबदल के बारे में सूचित किया। उन्होंने कहा कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय को सदन का नेता नियुक्त किया गया है, जबकि आशिमा पात्रा और नयना बंदोपाध्याय उपनेता के रूप में काम करेंगे। फिरहाद हकीम को विधानसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक नामित किया गया है। ताजा घटनाक्रम टीएमसी द्वारा विधायक रीताब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने के कुछ दिनों बाद आया है। चूंकि पार्टी ने राज्य में सत्ता खो दी है, इसलिए कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से इसके कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया है। सभी टीएमसी समाचार लाइव अपडेट के लिए यहां फॉलो करें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी विद्रोह समाचार लाइव(टी)टीएमसी संकट लाइव अपडेट(टी)ममता बनर्जी लाइव न्यूज(टी)टीएमसी विभाजन समाचार(टी)टीएमसी विद्रोह नवीनतम अपडेट(टी)ऋताब्रता बनर्जी समाचार(टी)टीएमसी विद्रोही विधायक समाचार(टी)पश्चिम बंगाल राजनीतिक संकट(टी)टीएमसी आंतरिक संघर्ष(टी)तृणमूल कांग्रेस विद्रोह(टी)ममता बनर्जी पार्टी संकट(टी)टीएमसी ब्रेकिंग न्यूज(टी)टीएमसी लाइव अपडेट आज(टी)टीएमसी विद्रोही नेता(टी)टीएमसी विधायक विद्रोह(टी)बंगाल राजनीति लाइव(टी)पश्चिम बंगाल समाचार लाइव(टी)टीएमसी गुट युद्ध(टी)टीएमसी नेतृत्व संकट

टीएमसी में विद्रोही: तृणमूल दो हिस्सों में बंट गई – जावेद खान, शिउली साहा और पूरी बागी विधायक सूची | कोलकाता-समाचार समाचार

TMC’s Rebel MLA Ritabrata Banerjee reachec assembly claiming that he has support of 59 MLAs. (Source: X/PTI)

आखरी अपडेट:03 जून, 2026, 12:31 IST चुनाव नतीजों के बमुश्किल एक महीने बाद, लगभग 60 टीएमसी विधायकों – जिनमें पूर्व ममता वफादार भी शामिल हैं – ने विपक्ष के नेता के रूप में रीताब्रत बनर्जी की मांग की है। एक समय ममता बनर्जी के वफादार रहे विधायकों ने आज सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व के खिलाफ 60 हस्ताक्षरों के साथ विधानसभा की ओर मार्च किया। चुनाव परिणाम घोषित होने के बमुश्किल एक महीने बाद ही तृणमूल कांग्रेस में तीव्र और खुले तौर पर टूट हो गई है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में एक विद्रोही गुट बुधवार को लगभग 60 विधायकों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र लेकर पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचा, जिससे एक नाटकीय घटनाक्रम सामने आया जिसने सत्तारूढ़ दल के भीतर गहरी दरार को उजागर कर दिया है। विद्रोही समूह स्पीकर को पत्र लिखकर मांग करेगा कि उलुबेरिया पुरबा के विधायक रीताब्रत बनर्जी को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दी जाए। एंटली के संदीपन साहा को विपक्ष के उपनेता के रूप में प्रस्तावित किया गया है, जबकि रघुनाथगंज विधायक अखुरज्जमां का नाम मुख्य सचेतक के रूप में आगे बढ़ाया गया है। विद्रोही क्या मांग रहे हैं? इस कदम से पहले असंतुष्ट दो दिनों से कोलकाता में डेरा डाले हुए थे। मंगलवार शाम को एमएलए हॉस्टल में बागी विधायकों की एक बैठक हुई, जिसमें बनर्जी और साहा ने भाग लिया, जिससे आज विधानसभा में पेश होने से पहले समूह की स्थिति पक्की हो गई। पूर्व मंत्री और सुजापुर विधायक सबीना यास्मीन ने स्पष्ट कहा: “हम विपक्ष के नेता के रूप में रीतब्रत बनर्जी का नाम प्रस्तावित करेंगे।” विद्रोह के पीछे कौन है? जो चीज़ विद्रोह को महत्वपूर्ण बनाती है वह है इसकी व्यापकता। यह सिर्फ असंतुष्ट दिग्गजों का जमावड़ा नहीं है – विद्रोही खेमे का समर्थन करने वालों में कई पहली बार विधायक बने हैं जिन्होंने कुछ हफ्ते पहले ही अपनी सीटें जीती हैं। मुर्शिदाबाद जिले के बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक-समुदाय के विधायकों ने भी समूह के समर्थन में अपना समर्थन दिया है। कुछ प्रमुख नामों में शामिल हैं: • पूर्व मंत्री जावेद खान (कस्बा) – एक समय ममता बनर्जी के करीबी माने जाते थे • पूर्व मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा (बोलपुर) – एक और पूर्व ममता वफादार • बीरभूम के ताकतवर काजल शेख • पूर्व मंत्री शिउली साहा (केशपुर) • संदीपन साहा (अंततः), विपक्ष के प्रस्तावित उपनेता • ऋतब्रत बनर्जी (उलुबेरिया पुरबा), विद्रोही चेहरा क्या खुलेआम सामने आए सभी विधायक बागी हैं? काफी नहीं। बुधवार, 3 जून को विधानसभा में आए कुछ विधायकों ने खुलकर बगावत का ऐलान करना बंद कर दिया. कुछ लोगों का कहना था कि ममता बनर्जी उनकी नेता बनी रहेंगी; अन्य लोगों ने विधानसभा में आने का कारण व्यक्तिगत कार्य बताया। कौन से विधायक हैं बागी खेमे में? न्यूज़18 के रिपोर्टर द्वारा ग्राउंड पर निम्नलिखित नामों की पुष्टि की गई. अन्य स्रोतों द्वारा भी अतिरिक्त नाम बताए गए हैं: News18 द्वारा पुष्टि: • बरनाली धारा — कुलपी • सुभाशीष धारा – महेशतला (दक्षिण 24 परगना) • नियामत शेख – हरिहरपारा (मुर्शिदाबाद) • मोहम्मद नूर आलम- समसेरगंज • समीर जाना–पाथरप्रतिमा • तापस मैती – डोमजूर • नीलिमा मिश्रा – बसंती • अरूप रॉय – हावड़ा मध्य • सबीना यास्मीन – सुजापुर • अखुरज्जमां–रघुनाथगंज • उषारानी मंडल – मिनाखान • गुलशन मलिक – पांचला • पिया पाल – सांकराइल • जावेद खान–कस्बा • संदीपन साहा – अंत में • ऋतब्रत बनर्जी – उलुबेरिया पुरबा • प्रसून बनर्जी–चंचल • चंद्रनाथ सिन्हा – बोलपुर • रथिन घोष – मध्यमग्राम • शिउली साहा – केशपुर इसके अतिरिक्त News18 बांग्ला द्वारा रिपोर्ट किया गया: • काजल शेख – बीरभूम • समीर पांजा – उदयनारायणपुर (हावड़ा) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें समाचार शहर कोलकाता-समाचार टीएमसी में विद्रोही: तृणमूल दो हिस्सों में बंट गई – जावेद खान, शिउली साहा और पूरी बागी विधायक सूची अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तृणमूल कांग्रेस(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)रिताब्रता बनर्जी(टी)कोलकाता समाचार(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा

Ram Charan Fan Scare | Janhvi Kapoor Bodyguard Removed

Ram Charan Fan Scare | Janhvi Kapoor Bodyguard Removed

14 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म ‘पेद्दी’ के प्रमोशन इवेंट का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें राम चरण जैसा दिखने वाला एक फैन सुरक्षा घेरा तोड़कर स्टेज की तरफ दौड़ पड़ा था। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत रोक लिया था। वहीं, इस घटना के बाद राम चरण ने उस फैन से अलग से मुलाकात की। यह मुलाकात पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई गई। फैन इस घटना के बाद काफी इमोशनल हो गया था। राम चरण ने फैन को शांत किया और उससे आराम से बातचीत की। इतना ही नहीं, उन्होंने फैन के साथ सेल्फी भी खिंचवाई। दरअसल, मंगलवार को रामचरण और जान्हवी कपूर अपकमिंग फिल्म ‘पेद्दी’ के प्रमोशन के लिए विजयवाड़ा पहुंचे थे। तभी स्टेज पर फिल्म के प्रमोशन के दौरान रामचरण जैसा दिखने वाला एक हमशक्ल फैन अचानक उनकी तरफ तेजी से दौड़ा। इस घटना से रामचरण के बगल में बैठीं जान्हवी कपूर बुरी तरह घबरा गईं। हालांकि, रामचरण के पर्सनल बॉडीगार्ड और एमएमए फाइटर केविन कुंटा ने मुस्तैदी दिखाते हुए फैन को रास्ते में ही रोक लिया और गोद में उठाकर स्टेज से बाहर कर दिया था। स्टेज पर एकदम से फैन के आने पर जाह्नवी कपूर घबरा गईं। राम चरण के बॉडीगार्ड फैन को स्टेज से ले जाते हुए। बाद में राम चरण फैन से बात करते हुए। राम चरण से मुलाकात के दौरान फैन इमोशनल नजर आया। घबरा गईं जान्हवी, बढ़ाई गई सुरक्षा सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ दिख रहा है कि फैन के अचानक करीब आने से जान्हवी कपूर काफी असहज और डरी हुई नजर आईं। वे अपनी सीट पर ही सहम गईं और उनकी घबराहट चेहरे पर साफ दिख रही थी। इस घटना के तुरंत बाद सुरक्षा टीम अलर्ट हो गई। जान्हवी और रामचरण की सुरक्षा के लिए उनके चारों तरफ बड़ी संख्या में पुलिस और निजी सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया, ताकि इवेंट को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके। फिल्म पेड्डी के बारे में जानिए पेड्डी एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, जो खेल के माध्यम से अपनी पहचान तलाशने वाले एक व्यक्ति की कहानी पर आधारित है। फिल्म को बुच्ची बाबू सना ने लिखा और डायरेक्ट किया है। ‘पेड्डी’ में राम चरण क्रिकेट, कुश्ती और दौड़ जैसे खेलों में हिस्सा लेते नजर आएंगे। इसका प्रोडक्शन वेंकट सतीश किलारू ने वृद्धि सिनेमाज के बैनर तले किया है। फिल्म को मैत्री मूवी मेकर्स और सुकुमार राइटिंग्स प्रेजेंट कर रहे हैं। फिल्म में राम चरण, जाह्नवी कपूर, शिव राजकुमार, दिव्येंदु और जगपति बाबू प्रमुख भूमिकाओं में हैं। पेड्डी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ये खबर भी पढ़ें पीएम मोदी ने पूछी थी फिल्म ‘पेड्डी’ की कहानी:राम चरण बोले थे- मूवी का कॉन्सेप्ट विकसित भारत जैसा है पिछले साल पीएम नरेंद्र मोदी से एक्टर राम चरण और उनकी पत्नी उपासना कामिनेनी कोनिडेला की मुलाकात हुई थी। हाल ही में इस बातचीत से जुड़ा एक किस्सा राम चरण ने बताया। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

चांदी ₹3,300 गिरकर ₹2.62 लाख किलो पर आई:ऑल टाइम हाई से ₹1.24 लाख नीचे आ चुकी, सोना आज ₹1,030 सस्ता हुआ

चांदी ₹3,300 गिरकर ₹2.62 लाख किलो पर आई:ऑल टाइम हाई से ₹1.24 लाख नीचे आ चुकी, सोना आज ₹1,030 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 3 जून को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 1,030 रुपए गिरकर 1.55 लाख रुपए हो गया है। 1 किलो चांदी की कीमत 3,300 रुपए कम होकर 2.62 लाख रुपए पर आ गई है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 3 जून 2026 सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.55 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.62 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। सोना 125 दिन में ₹21 हजार और चांदी ₹1.24 लाख सस्ती सोर्स: IBJA गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है:

French Open: Youngest Quarter-Final Record Equalled | Nadal-Djokovic Era

French Open: Youngest Quarter-Final Record Equalled | Nadal-Djokovic Era

Hindi News Sports French Open: Youngest Quarter Final Record Equalled | Nadal Djokovic Era | Zverev Next 3 मिनट पहले कॉपी लिंक याकूब मेन्सिक ने पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में जगह बनाई। चेक रिपब्लिक के 20 साल के खिलाड़ी याकूब मेन्सिक ने पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में जगह बनाई। मंगलवार रात पेरिस में खेले गए मेन्स सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में मेन्सिक ने 19 साल के ब्राजील के खिलाड़ी जोआओ फोंसेका को 6-4, 6-3, 7-6(3) से हराया। यह मुकाबला इस साल फ्रेंच ओपन का सबसे युवा क्वार्टर फाइनल था। 2006 के बाद पहली बार दो इतने युवा खिलाड़ियों के बीच अंतिम-8 का मैच खेला गया। तब 20 साल के राफेल नडाल और 19 साल के नोवाक जोकोविच आमने-सामने थे। अब सेमीफाइनल में मेन्सिक का मुकाबला सेकंड सीड जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। ज्वेरेव ने क्वार्टर फाइनल में राफेल जोदार को हराया। दो घंटे 33 मिनट चला मुकाबला, तीसरे सेट में पिछड़ने के बाद मेन्सिक ने शानदार वापसी की याकूब मेन्सिक और ब्राजील के जोआओ फोंसेका अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल खेल रहे थे। दोनों युवा खिलाड़ियों के बीच मुकाबला दो घंटे 33 मिनट तक चला। मेन्सिक ने शुरुआती दो सेट आसानी से जीते। तीसरे सेट में वे कुछ ब्रेक पॉइंट गंवाकर पीछे हो गए थे, लेकिन फोकस बनाए रखते हुए सेट को टाई-ब्रेकर में ले गए और मैच जीत लिया। इस जीत के साथ मेन्सिक 2004 या उसके बाद पैदा होने वाले दुनिया के पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए, जिन्होंने किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में जगह बनाई। वे ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में पहुंचने वाले चेक रिपब्लिक के सबसे युवा खिलाड़ी भी बने। याकूब मेन्सिक अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल जीता। मैच के बाद मेन्सिक बोले- शुरुआत में नर्वस था, लेकिन आखिरी तक लड़ता रहा इस जीत के बाद एटीपी (ATP) से बातचीत में मेन्सिक ने कहा,’मैच की शुरुआत में हम दोनों ही थोड़े नर्वस थे, लेकिन अंत में दोनों ओर से कुछ अविश्वसनीय शॉट्स देखने को मिले। मैं अपनी इस वापसी से बेहद खुश हूं। तीसरे सेट में मैं कुछ ब्रेक डाउन था, इसलिए खुश हूं कि मैं खेल पर ध्यान बनाए रखने और आखिरी समय तक लड़ने में कामयाब रहा।’ अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने राफेल जोदार को हराया दूसरी तरफ, 2024 फ्रेंच ओपन फाइनलिस्ट अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने युवा खिलाड़ी राफेल जोदार को 7-6(3), 6-1, 6-3 से हराया। ज्वेरेव ने टूर्नामेंट के 5 मैचों में अब तक केवल एक सेट गंवाया है। हालांकि, पहले सेट में ज्वेरेव एक समय 2-5 से पीछे थे, लेकिन अनुभव के दम पर उन्होंने दो घंटे 17 मिनट में मैच जीत लिया। कोर्ट की छत बंद होने से परिस्थितियां बदल गई थीं, जिससे उन्हें शुरुआत में तालमेल बैठाने में परेशानी हुई। अलेक्जेंडर ज्वेरेव पांचवीं बार फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचे। ज्वेरेव बोले- परिस्थितियां अलग थीं, टॉपस्पिन काम नहीं आ रही थी तो फ्लैट शॉट्स खेले मैच के बाद ज्वेरेव ने कोर्ट पर इंटरव्यू में कहा,’यह शुरुआत में काफी मुश्किल था। पहले सेट में जोदार बेहतरीन रिदम में थे और मैं बहुत डिफेंसिव खेल रहा था। क्लोज्ड रूफ की वजह से परिस्थितियां पूरी तरह अलग थीं। रैकेट के स्ट्रिंग का तनाव अलग महसूस हो रहा था और गेंद टप्पा खाने के बाद अलग बर्ताव कर रही थी। गेंद ज्यादा ऊपर बाउंस नहीं हो रही थी, इसलिए मेरा भारी ‘टॉपस्पिन’ काम नहीं आ रहा था। मुझे अपने शॉट्स को थोड़ा फ्लैट (सीधा) करना पड़ा। जोदार ने पहले सेट में जब मैच के लिए सर्व किया, तो वे थोड़े नर्वस हो गए और मैंने उस मौके का पूरा फायदा उठाया।’ —————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… नॉर्वे चेस में प्रज्ञानानंदा ने वर्ल्ड नं-1 कार्लसन को हराया:7 दिन में दूसरी बार मात दी; आनंद से लिनारेस टूर्नामेंट में दो बार हारे थे मैग्नस भारत के 20 साल के ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा रमेशबाबू ने नॉर्वे चेस के आठवें राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी और पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराया। प्रज्ञानानंदा की यह टूर्नामेंट में कार्लसन के खिलाफ दूसरी जीत है।पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

भारतीय सामानों पर 12.5% तक एक्सट्रा टैरिफ लग सकता है:अमेरिका ने 54 देशों पर जबरन मजदूरी का आरोप लगाया; दिल्ली में ट्रेड डील पर बातचीत

भारतीय सामानों पर 12.5% तक एक्सट्रा टैरिफ लग सकता है:अमेरिका ने 54 देशों पर जबरन मजदूरी का आरोप लगाया; दिल्ली में ट्रेड डील पर बातचीत

अमेरिका ने भारत समेत दुनिया की 54 अर्थव्यवस्थाओं को ऐसी लिस्ट में रखा है, जो जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात को रोकने में नाकाम रही हैं। इस आधार पर अमेरिका ने अतिरिक्त कस्टम ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव रखा है। पूरी खबर को समझने के लिए पढ़ें यह QA रिपोर्ट… सवाल 1: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) की रिपोर्ट में भारत को लेकर क्या कहा गया है? जवाब: USTR ने ‘सेक्शन 301’ के तहत की गई जांच के नतीजे जारी किए हैं। इसमें भारत समेत दुनिया की 54 अर्थव्यवस्थाओं के नाम है। अमेरिका का आरोप है कि इन देशों में फोर्स्ड लेबर की व्यवस्था को रोकने के लिए पर्याप्त और प्रभावी कानूनी उपाय मौजूद नहीं हैं। सवाल 2: अमेरिका ने इन देशों के सामान पर कितना एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है? जवाब: USTR ने अपनी रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित देशों से आने वाले सामानों पर 10% से लेकर 12.5% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। सवाल 3: इस पूरे मामले पर अमेरिकी प्रशासन का क्या स्टैंड है और उन्होंने क्या बयान दिया है? जवाब: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि एंबेसडर जेमिसन ग्रीर ने कहा, “हमारे सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी साझेदारों के जबरन श्रम से बने सामानों के आयात पर रोक न लगाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इसकी वजह से ऐसी स्थिति बनती है जहां अमेरिकी वर्कफोर्स को वैश्विक स्तर पर एक असमान मैदान में प्रतिस्पर्धा करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह इस जांच के निष्कर्षों के आधार पर जवाबी व्यापारिक कार्रवाई आगे बढ़ाएगा। सवाल 4: यह ‘सेक्शन 301’ क्या है, जिसके तहत अमेरिका यह कार्रवाई कर रहा है? जवाब: सेक्शन 301 अमेरिका के ‘ट्रेड एक्ट ऑफ 1974’ का एक विशेष प्रावधान है। यह कानून USTR को विदेशी सरकारों की उन व्यापारिक नीतियों, तौर-तरीकों या कदमों की जांच करने का अधिकार देता है जो अमेरिकी व्यापारिक हितों के लिए अनुचित, भेदभावपूर्ण या उन पर बोझ डालने वाली हों। अगर जांच में कोई देश दोषी पाया जाता है, तो अमेरिकी प्रशासन को उस देश के खिलाफ ज्यादा टैरिफ लगाने, कोटा तय करने या अन्य व्यापारिक प्रतिबंध लगाने का कानूनी अधिकार मिल जाता है। सवाल 5: भारत के अलावा इस लिस्ट में और कौन-कौन से प्रमुख देश शामिल हैं? जवाब: USTR ने कुल 54 देशों को इस मुख्य लिस्ट में शामिल किया है। इनमें भारत के अलावा चीन, ब्राजील, यूनाइटेड किंगडम (UK), जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और थाईलैंड जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा छह अन्य अर्थव्यवस्थाओं- कनाडा, यूरोपीय संघ (EU), मैक्सिको, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और इक्वाडोर को भी कानून को सही ढंग से लागू न करने की श्रेणी में रखा गया है। सवाल 6: इस घोषणा का समय भारत के लिए क्यों संवेदनशील है? जवाब: यह टाइमिंग इसलिए बेहद संवेदनशील है क्योंकि अमेरिकी व्यापार अधिकारियों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस समय नई दिल्ली में है। मंगलवार से दोनों देशों के बीच तीन दिवसीय दौर की बातचीत शुरू हुई है। दोनों पक्ष पिछले 15 महीनों से एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक के ठीक बीच में अमेरिकी एजेंसी का भारत के खिलाफ ऐसी रिपोर्ट जारी करने से बातचीत की टेबल पर दबाव बढ़ सकता है। सवाल 7: द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का क्या कहना है? जवाब: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा था कि 99% चीजें फाइनल हो चुकी हैं। अब केवल छोटे मुद्दों, कॉमा और फुल स्टॉप पर चर्चा हो रही है। अमेरिका में हाल ही में हुए कानूनी बदलावों को इस समझौते में कैसे शामिल करना है, इसी को फाइनल किया जा रहा है। गोयल को उम्मीद है कि जल्द ही पहले ट्रांच पर साइन हो जाएंगे। सवाल 8: क्या भारत अमेरिका के साथ इस डील को तुरंत फाइनल कर पाएगा या कोई अड़चन है? जवाब: 99% बातचीत पूरी होने के बावजूद डील के तुरंत फाइनल होने की उम्मीद कम है। इसका कारण यह है कि ट्रंप प्रशासन के लगाए गए अस्थाई 10% टैक्स की अवधि अगले महीने खत्म हो रही है। जब तक वाशिंगटन अपने टैरिफ ढांचे को लेकर पूरी स्पष्टता नहीं देता, तब तक डील पर अंतिम मुहर लगना मुश्किल है। भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसके एक्सपोर्टर्स को प्रतिद्वंद्वी देशों के मुकाबले अमेरिकी मार्केट में प्रतिस्पर्धी स्थिति मिलती रहे। सवाल 9: अमेरिका की तरफ से भारत पर ‘जबरन श्रम’ के अलावा क्या कोई और भी जांच चल रही है? जवाब: हां, भारत इस समय अमेरिका की दो अलग-अलग ‘सेक्शन 301’ जांच का सामना कर रहा है। पहली जांच जबरन श्रम को रोकने के उपायों को लेकर है। वहीं दूसरी जांच सोलर मॉड्यूल्स, प्रोसेस्ड फूड, स्टील और एल्युमिनियम जैसे सेक्टर्स में कथित ‘स्ट्रक्चरल ओवरकैपेसिटी’ (जरूरत से ज्यादा उत्पादन क्षमता) को लेकर है। इस जांच में भारत के साथ दुनिया के 14 अन्य देश भी शामिल हैं। सवाल 10: इस स्थिति का भारतीय एक्सपोर्टर्स पर क्या असर पड़ सकता है? जवाब: अगर अमेरिका अतिरिक्त 10% से 12.5% की ड्यूटी लागू कर देता है, तो भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में महंगे हो जाएंगे जिससे हमारे एक्सपोर्ट को नुकसान हो सकता है। हालांकि, USTR ने टेक्सटाइल और अपैरल के लिए एक अलग मैकेनिज्म का सुझाव दिया है। इसके तहत चुनिंदा देशों से एक निश्चित मात्रा में कपड़ों के इंपोर्ट को कम ‘सेक्शन 301’ टैरिफ रेट पर अनुमति दी जा सकती है। भारतीय कपड़ा उद्योग के लिए यह एक मामूली राहत की बात हो सकती है।