Tuesday, 21 Jul 2026 | 11:57 PM

Trending :

EXCLUSIVE

भारत ने अंडर-18 हॉकी एशिया कप जीता, इटारसी में जश्न:शहर के दो खिलाड़ी टीम में खेले, जापान को 4-1 से हराया

भारत ने अंडर-18 हॉकी एशिया कप जीता, इटारसी में जश्न:शहर के दो खिलाड़ी टीम में खेले, जापान को 4-1 से हराया

भारत की अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम ने एशिया कप 2026 का खिताब जीत लिया है। जापान को फाइनल में 4-1 से हराकर भारत ने यह गौरव हासिल किया। इस जीत का जश्न इटारसी में भी धूमधाम से जयस्तंभ चौक पर शनिवार शाम छह बजे मनाया गया, क्योंकि टीम में शहर के दो खिलाड़ी अंश बहुतरा और गाजी खान शामिल थे। जीत की खबर मिलते ही इटारसी के हॉकी खिलाड़ी और खेल प्रेमी जयस्तंभ चौक पर जमा हो गए। ढोल-नगाड़ों की धुन पर नृत्य किया गया, भारत माता के जयकारे लगाए गए और इमरती बांटकर खुशी का इजहार किया गया। अंश बहुतरा टीम में डिफेंडर की भूमिका निभा रहे थे, जबकि गाजी खान ने फॉरवर्ड खिलाड़ी के रूप में भारतीय आक्रमण को मजबूती दी। इन दोनों खिलाड़ियों के चयन और शानदार प्रदर्शन से शहर के खेल प्रेमियों में विशेष उत्साह है। जश्न की दो तस्वीरें देखिए- जापान में खेला गया फाइनल मैच जापान के काकामिगाहारा स्थित कावासाकी हेवी इंडस्ट्रीज हॉकी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। दूसरे मिनट में आशीष तानी पूर्ति ने पेनल्टी कॉर्नर पर पहला गोल किया। उन्होंने 28वें मिनट में दूसरा गोल दागा, जबकि 30वें मिनट में केतन कुशवाहा ने फील्ड गोल कर स्कोर 3-0 कर दिया। तीसरे क्वार्टर में आशीष ने एक और गोल कर अपनी हैट्रिक पूरी की और भारत की बढ़त 4-0 कर दी। जापान की ओर से नुमादा गाकू ने 52वें मिनट में एकमात्र गोल किया। भारत ने यह मुकाबला 4-1 से जीतकर तीसरी बार एशिया कप पर कब्जा किया और टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम बन गई। इटारसी में हुए जश्न के दौरान हॉकी संघ के कोच कन्हैया गुरयानी, रज्जू तोमर, दीपक अग्रवाल, सरबजीत सैनी, साजिद खान और राजू पंडित सहित कई खिलाड़ी व खेल प्रेमी मौजूद रहे। सभी ने इसे शहर के लिए गर्व का क्षण बताया और अंश तथा गाजी को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी।

खाने का तेल अब 9 स्टैंडर्ड पैक-साइज में ही मिलेगा:कंपनियों को वॉल्यूम के साथ वजन लिखना भी जरूरी, 3 महीने में लागू होंगे नए नियम

खाने का तेल अब 9 स्टैंडर्ड पैक-साइज में ही मिलेगा:कंपनियों को वॉल्यूम के साथ वजन लिखना भी जरूरी, 3 महीने में लागू होंगे नए नियम

डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने शनिवार को लीगल मेट्रोलॉजी फ्रेमवर्क के तहत खाने वाले तेल के लिए स्टैंडर्ड पैक साइज अनिवार्य कर दिए हैं। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को अलग-अलग ब्रांड्स के बीच कीमतों की तुलना करने और सही फैसला लेने में मदद करना है। इसके लिए विभाग ने नेट क्वांटिटी और स्टैंडर्ड पैक साइज तय करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SoP) में बदलाव किया है। तेल कंपनियों और इंपोर्टर्स को इन नए नियमों को अपनाने के लिए 3 महीने का समय दिया गया है। 9 तय साइज में ही बिकेगा कुकिंग ऑयल नई SoP के तहत अब देश में प्रमुख कुकिंग ऑयल सिर्फ 9 तय स्टैंडर्ड पैक साइज में ही बेचे जा सकेंगे। ये साइज 200 ml/g, 500 ml/g, 1 लीटर/किग्रा, 2 लीटर/किग्रा, 3 लीटर/किग्रा, 4 लीटर/किग्रा, 5 लीटर/किग्रा, 15 लीटर/किग्रा और 20 लीटर/किग्रा होंगे। ये नए नियम पाम ऑयल, सोयाबीन, सनफ्लावर, सरसों, मूंगफली, तिल, राइस ब्रान, कॉटनसीड, कॉर्न ऑयल और सभी तरह के ब्लेंडेड एडिबल ऑयल्स (मिश्रित तेल) पर लागू होंगे। वॉल्यूम के साथ वजन लिखना भी जरूरी नए नियमों के मुताबिक, अगर खाने वाले तेल के पैकेट पर उसकी मात्रा वॉल्यूम यानी लीटर या मिलीलीटर में दिखाई गई है, तो उस पर लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) रूल्स, 2011 के तहत उसके बराबर का वजन (ग्राम या किलोग्राम) भी साफ-साफ लिखना होगा। यह नियम देश में बनने वाले (डोमेस्टिक) और विदेशों से आयात होने वाले (इंपोर्टेड) दोनों तरह के खाद्य तेलों यानी खाने के तेल पर समान रूप से लागू होगा। छोटे पैकेट्स को नियम से मिली छूट बाजार में कम कीमत वाले छोटे पैकेट्स की उपलब्धता लगातार बनी रहे, इसके लिए सरकार ने कुछ छूट भी दी है। 200 मिलीलीटर या 200 ग्राम से कम साइज वाले पैकेट्स को इस स्टैंडर्ड पैक साइज के नियम से बाहर रखा गया है। इसके अलावा जो माइनर एडिबल ऑयल्स (कम इस्तेमाल होने वाले तेल) हैं, उन्हें भी इस दायरे से छूट दी गई है। जो कंपनियां डेडलाइन से पहले इसे अपनाना चाहती हैं, वे तुरंत इसकी शुरुआत कर सकती हैं। 90% इंडस्ट्री की सहमति से लिया फैसला सरकार का यह आधिकारिक फैसला एडिबल ऑयल सेक्टर के लगभग 90% हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख उद्योग संघों यानी इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ लंबी और विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है। इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IVPA) के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से सभी कंपनियों को बराबरी का मौका मिलेगा। तीन साल से बाजार में बढ़ रहा था कंफ्यूजन क्या है लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट?

खाने का तेल अब 9 स्टैंडर्ड पैक-साइज में ही मिलेगा:कंपनियों को वॉल्यूम के साथ वजन लिखना भी जरूरी, 3 महीने में लागू होंगे नए नियम

खाने का तेल अब 9 स्टैंडर्ड पैक-साइज में ही मिलेगा:कंपनियों को वॉल्यूम के साथ वजन लिखना भी जरूरी, 3 महीने में लागू होंगे नए नियम

डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने शनिवार को लीगल मेट्रोलॉजी फ्रेमवर्क के तहत खाने वाले तेल के लिए स्टैंडर्ड पैक साइज अनिवार्य कर दिए हैं। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को अलग-अलग ब्रांड्स के बीच कीमतों की तुलना करने और सही फैसला लेने में मदद करना है। इसके लिए विभाग ने नेट क्वांटिटी और स्टैंडर्ड पैक साइज तय करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SoP) में बदलाव किया है। तेल कंपनियों और इंपोर्टर्स को इन नए नियमों को अपनाने के लिए 3 महीने का समय दिया गया है। 9 तय साइज में ही बिकेगा कुकिंग ऑयल नई SoP के तहत अब देश में प्रमुख कुकिंग ऑयल सिर्फ 9 तय स्टैंडर्ड पैक साइज में ही बेचे जा सकेंगे। ये नए नियम पाम ऑयल, सोयाबीन, सनफ्लावर, सरसों, मूंगफली, तिल, राइस ब्रान, कॉटनसीड, कॉर्न ऑयल और सभी तरह के ब्लेंडेड एडिबल ऑयल्स (मिश्रित तेल) पर लागू होंगे। वॉल्यूम के साथ वजन लिखना भी जरूरी नए नियमों के मुताबिक, अगर खाने वाले तेल के पैकेट पर उसकी मात्रा वॉल्यूम यानी लीटर या मिलीलीटर में दिखाई गई है, तो उस पर लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) रूल्स, 2011 के तहत उसके बराबर का वजन (ग्राम या किलोग्राम) भी साफ-साफ लिखना होगा। यह नियम देश में बनने वाले (डोमेस्टिक) और विदेशों से आयात होने वाले (इंपोर्टेड) दोनों तरह के खाद्य तेलों यानी खाने के तेल पर समान रूप से लागू होगा। छोटे पैकेट्स को नियम से मिली छूट बाजार में कम कीमत वाले छोटे पैकेट्स की उपलब्धता लगातार बनी रहे, इसके लिए सरकार ने कुछ छूट भी दी है। 200 मिलीलीटर या 200 ग्राम से कम साइज वाले पैकेट्स को इस स्टैंडर्ड पैक साइज के नियम से बाहर रखा गया है। इसके अलावा जो माइनर एडिबल ऑयल्स (कम इस्तेमाल होने वाले तेल) हैं, उन्हें भी इस दायरे से छूट दी गई है। जो कंपनियां डेडलाइन से पहले इसे अपनाना चाहती हैं, वे तुरंत इसकी शुरुआत कर सकती हैं। 90% इंडस्ट्री की सहमति से लिया फैसला सरकार का यह आधिकारिक फैसला एडिबल ऑयल सेक्टर के लगभग 90% हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख उद्योग संघों यानी इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ लंबी और विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है। इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IVPA) के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से सभी कंपनियों को बराबरी का मौका मिलेगा। तीन साल से बाजार में बढ़ रहा था कंफ्यूजन क्या है लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट? ये खबर भी पढ़ें… 85% इथेनॉल मिक्स वाला फ्लेक्स फ्यूल लॉन्च: दिल्ली में पहला पंप खुला; पेट्रोल से 20 रुपए सस्ता मिलेगा, कीमत ₹82.12 प्रति लीटर 85% एथेनॉल मिक्स वाला E85 फ्यूल दिल्ली में आधिकारिक तौर पर लॉन्च हो गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंडियन ऑयल (IOC) के पूसा रोड आउटलेट पर दिल्ली के पहले E85 फ्यूल डिस्पेंसिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। पूरी खबर पढ़ें…

जाह्नवी कपूर ने क्या विवादित शॉट्स पर जताई थी आपत्ति:एक्ट्रेस की कथित पर्सनल चैट लीक; दावा- पेड्डी में राम चरण ने डायरेक्टर को डांटा था

जाह्नवी कपूर ने क्या विवादित शॉट्स पर जताई थी आपत्ति:एक्ट्रेस की कथित पर्सनल चैट लीक; दावा- पेड्डी में राम चरण ने डायरेक्टर को डांटा था

फिल्म ‘पेड्डी’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की एक कथित पर्सनल चैट सोशल मीडिया पर लीक हो गई है। जाह्नवी के फैन क्लब्स की तरफ से शेयर किए गए इन स्क्रीनशॉट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेत्री ने फिल्म की शूटिंग के दौरान कुछ आपत्तिजनक कैमरा एंगल पर चिंता जताई थी। यह चैट फिल्म के डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना की माफी के बाद सामने आई है। चैट के मुताबिक, को-स्टार राम चरण ने भी इस मामले में जाह्नवी का सपोर्ट किया था और डायरेक्टर को डांटा था। हालांकि, जाह्नवी कपूर या उनकी टीम ने अभी तक इन मैसेजेस की पुष्टि नहीं की है। यह विवाद तब बढ़ा जब फिल्म ‘पेड्डी’ में जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को पर्दे पर दिखाने के तरीके की दर्शकों ने आलोचना की। लोगों का कहना है कि फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार की कहानी से ज्यादा उसकी शारीरिक बनावट पर फोकस किया गया है। आपत्तिजनक शॉट्स पर जाह्नवी ने दी थी चेतावनी फैन पेजेस पर वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट्स के मुताबिक, जाह्नवी कपूर ने फिल्म में अपने किरदार के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कैमरा एंगल का बार-बार विरोध किया था। 30 अक्टूबर की तारीख वाले एक मैसेज में कथित तौर पर अभिनेत्री ने लिखा, “मैंने उन्हें साफ मना किया था कि फिल्म में कोई भी छाती और कमर के शॉट्स नहीं होने चाहिए।” सपोर्ट में आए राम चरण लीक हुई चैट में जाह्नवी ने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उनके को-स्टार राम चरण ने उनका पूरा साथ दिया था। जाह्नवी ने लिखा, “राम सर बहुत अच्छे हैं। उन्होंने डायरेक्टर पर चिल्लाते हुए साफ कहा कि तुम आगे से कभी उसके ऐसे एंगल से शॉट नहीं लोगे। इसके बाद डायरेक्टर उदास हो गए थे।” डायरेक्टर मांग चुके माफी डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने शनिवार को बयान जारी कर माफी मांगी। बुची बाबू सना ने आधिकारिक X अकाउंट पर बयान जारी कर लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर, मेरा मानना है कि सिनेमा को लोगों का मनोरंजन करना चाहिए, उन्हें प्रेरित करना चाहिए और उनसे जुड़ना चाहिए। इसका मकसद कभी भी किसी को असहज महसूस कराना या उनका अपमान करना नहीं होना चाहिए। हमने पेड्डी के कुछ सीन पर आए रिएक्शन को गंभीरता से लिया है। महिलाओं के सम्मान की बात करते हुए बाबू ने लिखा, मैं हमेशा महिलाओं का सम्मान करता आया हूं, चाहे वह पर्दे पर हों या असल जिंदगी में। हमारा इरादा कभी भी किसी महिला किरदार को गलत तरीके से दिखाने या उसका अपमान करने का नहीं था, लेकिन अगर फिल्म का कोई हिस्सा लोगों को ऐसा महसूस कराता है, तो हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, उनकी चिंताओं को समझते हैं और इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं आपत्तिजनक सीन्स में बदलाव करेंगे सीन में बदलाव की बात करते हुए बुच्ची बाबू ने लिखा, मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करने के बाद हमने फिल्म के उन हिस्सों में बदलाव करने का फैसला किया है जिन पर आपत्ति जताई गई है। सिनेमा और दर्शकों का रिश्ता बहुत खास होता है। एक कहानीकार के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम समय के साथ बदलती सोच और संवेदनशीलताओं का ध्यान रखें। अपने बयान के अंत में फिल्ममेकर ने लिखा, हर महिला सम्मान, गरिमा और सही रिप्रेजेंटेशन की हकदार है। हम आगे भी ऐसी कहानियां सुनाने के लिए कमिटेड हैं जो मजबूत किरदारों को सामने लाएं और इन वैल्यूज को बनाए रखें। अपनी राय ईमानदारी से शेयर करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद। किरदार को जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताया दरअसल, फिल्म पेड्डी की रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को लेकर कुछ लोगों का कहना है कि किरदार को कहानी की जरूरत के बजाय दर्शकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से अधिक बोल्ड तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसके चलते फिल्म मेकर्स की ऑनलाइन आलोचना होने लगी। हालांकि, पूरे विवाद पर अभी तक जाह्नवी कपूर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अभिनेत्री ने मामले पर पब्लिकली कोई बयान नहीं दिया है।

जाह्नवी कपूर ने क्या विवादित शॉट्स पर जताई थी आपत्ति:एक्ट्रेस की कथित पर्सनल चैट लीक; दावा- पेड्डी में राम चरण ने डायरेक्टर को डांटा था

जाह्नवी कपूर ने क्या विवादित शॉट्स पर जताई थी आपत्ति:एक्ट्रेस की कथित पर्सनल चैट लीक; दावा- पेड्डी में राम चरण ने डायरेक्टर को डांटा था

फिल्म ‘पेड्डी’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की एक कथित पर्सनल चैट सोशल मीडिया पर लीक हो गई है। जाह्नवी के फैन क्लब्स की तरफ से शेयर किए गए इन स्क्रीनशॉट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेत्री ने फिल्म की शूटिंग के दौरान कुछ आपत्तिजनक कैमरा एंगल पर चिंता जताई थी। यह चैट फिल्म के डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना की माफी के बाद सामने आई है। चैट के मुताबिक, को-स्टार राम चरण ने भी इस मामले में जाह्नवी का सपोर्ट किया था और डायरेक्टर को डांटा था। हालांकि, जाह्नवी कपूर या उनकी टीम ने अभी तक इन मैसेजेस की पुष्टि नहीं की है। यह विवाद तब बढ़ा जब फिल्म ‘पेड्डी’ में जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को पर्दे पर दिखाने के तरीके की दर्शकों ने आलोचना की। लोगों का कहना है कि फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार की कहानी से ज्यादा उसकी शारीरिक बनावट पर फोकस किया गया है। आपत्तिजनक शॉट्स पर जाह्नवी ने दी थी चेतावनी फैन पेजेस पर वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट्स के मुताबिक, जाह्नवी कपूर ने फिल्म में अपने किरदार के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कैमरा एंगल का बार-बार विरोध किया था। 30 अक्टूबर की तारीख वाले एक मैसेज में कथित तौर पर अभिनेत्री ने लिखा, “मैंने उन्हें साफ मना किया था कि फिल्म में कोई भी छाती और कमर के शॉट्स नहीं होने चाहिए।” सपोर्ट में आए राम चरण लीक हुई चैट में जाह्नवी ने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उनके को-स्टार राम चरण ने उनका पूरा साथ दिया था। जाह्नवी ने लिखा, “राम सर बहुत अच्छे हैं। उन्होंने डायरेक्टर पर चिल्लाते हुए साफ कहा कि तुम आगे से कभी उसके ऐसे एंगल से शॉट नहीं लोगे। इसके बाद डायरेक्टर उदास हो गए थे।” डायरेक्टर मांग चुके माफी डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने शनिवार को बयान जारी कर माफी मांगी। बुची बाबू सना ने आधिकारिक X अकाउंट पर बयान जारी कर लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर, मेरा मानना है कि सिनेमा को लोगों का मनोरंजन करना चाहिए, उन्हें प्रेरित करना चाहिए और उनसे जुड़ना चाहिए। इसका मकसद कभी भी किसी को असहज महसूस कराना या उनका अपमान करना नहीं होना चाहिए। हमने पेड्डी के कुछ सीन पर आए रिएक्शन को गंभीरता से लिया है। महिलाओं के सम्मान की बात करते हुए बाबू ने लिखा, मैं हमेशा महिलाओं का सम्मान करता आया हूं, चाहे वह पर्दे पर हों या असल जिंदगी में। हमारा इरादा कभी भी किसी महिला किरदार को गलत तरीके से दिखाने या उसका अपमान करने का नहीं था, लेकिन अगर फिल्म का कोई हिस्सा लोगों को ऐसा महसूस कराता है, तो हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, उनकी चिंताओं को समझते हैं और इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं आपत्तिजनक सीन्स में बदलाव करेंगे सीन में बदलाव की बात करते हुए बुच्ची बाबू ने लिखा, मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करने के बाद हमने फिल्म के उन हिस्सों में बदलाव करने का फैसला किया है जिन पर आपत्ति जताई गई है। सिनेमा और दर्शकों का रिश्ता बहुत खास होता है। एक कहानीकार के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम समय के साथ बदलती सोच और संवेदनशीलताओं का ध्यान रखें। अपने बयान के अंत में फिल्ममेकर ने लिखा, हर महिला सम्मान, गरिमा और सही रिप्रेजेंटेशन की हकदार है। हम आगे भी ऐसी कहानियां सुनाने के लिए कमिटेड हैं जो मजबूत किरदारों को सामने लाएं और इन वैल्यूज को बनाए रखें। अपनी राय ईमानदारी से शेयर करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद। किरदार को जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताया दरअसल, फिल्म पेड्डी की रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर जाह्नवी कपूर के किरदार ‘अचियम्मा’ को लेकर कुछ लोगों का कहना है कि किरदार को कहानी की जरूरत के बजाय दर्शकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से अधिक बोल्ड तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसके चलते फिल्म मेकर्स की ऑनलाइन आलोचना होने लगी। हालांकि, पूरे विवाद पर अभी तक जाह्नवी कपूर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अभिनेत्री ने मामले पर पब्लिकली कोई बयान नहीं दिया है।

पहलाज निहलानी की प्रेयर मीट में पहुंचे बॉलीवुड सितारे:अनिल कपूर-शत्रुघ्न सिन्हा- गोविंदा ने दी श्रद्धांजलि

पहलाज निहलानी की प्रेयर मीट में पहुंचे बॉलीवुड सितारे:अनिल कपूर-शत्रुघ्न सिन्हा- गोविंदा ने दी श्रद्धांजलि

दिवंगत फिल्म निर्माता और पूर्व सीबीएफसी चीफ पहलाज निहलानी की प्रेयर मीट शनिवार को मुंबई के जुहू स्थित इस्कॉन मंदिर में आयोजित की गई। शाम 5 बजे से 7 बजे तक हुई इस प्रार्थना सभा में बॉलीवुड की कई हस्तियां शामिल हुईं और उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रेयर मीट में अनिल कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, डेविड धवन, गोविंदा, चंकी पांडे, शक्ति कपूर समेत फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकार पहुंचे। सभी ने निहलानी परिवार से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत निर्माता को याद किया। पहलाज निहलानी का 4 जून को 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। वे लंबे समय से लिवर संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई थी। पहलाज निहलानी ने ‘आंखें’, ‘शोला और शबनम’, ‘इल्जाम’ और ‘अंदाज’ जैसी कई सफल फिल्मों का निर्माण किया था। गोविंदा और डेविड धवन के साथ उनकी जोड़ी ने 90 के दशक में कई हिट फिल्में दीं। फिल्म निर्माण के अलावा वे 2015 से 2017 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष भी रहे थे।

पहलाज निहलानी की प्रेयर मीट में पहुंचे बॉलीवुड सेलेब्स:हेमा मालिनी, अनिल कपूर और गोविंदा समेत कई कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि

पहलाज निहलानी की प्रेयर मीट में पहुंचे बॉलीवुड सेलेब्स:हेमा मालिनी, अनिल कपूर और गोविंदा समेत कई कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि

दिवंगत फिल्म निर्माता और पूर्व सीबीएफसी चीफ पहलाज निहलानी की प्रेयर मीट शनिवार को मुंबई के जुहू स्थित इस्कॉन मंदिर में आयोजित की गई। शाम 5 बजे से 7 बजे तक हुई इस प्रार्थना सभा में बॉलीवुड की कई हस्तियां शामिल हुईं और उन्हें श्रद्धांजलि दी। पहलाज निहलानी का 4 जून को 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। वे लंबे समय से लिवर संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। प्रेयर मीट में हेमा मालिनी अनिल कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, गोविंदा, चंकी पांडे, जैकी श्रॉफ और फरहान अख्तर समेत फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकार पहुंचे। सभी ने निहलानी परिवार से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत निर्माता को याद किया। देखें प्रेयर मीट की तस्वीरें … पहलाज निहलानी ने ‘आंखें’, ‘शोला और शबनम’, ‘इल्जाम’ और ‘अंदाज’ जैसी कई सफल फिल्मों का निर्माण किया था। गोविंदा और डेविड धवन के साथ उनकी जोड़ी ने 90 के दशक में कई हिट फिल्में दीं। फिल्म निर्माण के अलावा वे 2015 से 2017 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष भी रहे थे। पहलाज निहलानी का करियर पहलाज निहलानी ने 1982 में बतौर प्रोड्यूसर पहली फिल्म हथकड़ी बनाई और यहीं से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई। इसके बाद 1985 में उनकी दूसरी फिल्म आंधी-तूफान रिलीज हुई, जिसने उन्हें बॉलीवुड में एक निर्माता के रूप में पहचान दिलाई। साल 1986 में उन्होंने फिल्म इल्जाम बनाई, जिससे गोविंदा को पहला बड़ा ब्रेक मिला। फिल्म हिट रही और गोविंदा को देशभर में पहचान मिली। 1987 में आई आग ही आग के जरिए चंकी पांडे ने बॉलीवुड में कदम रखा। इसी साल निहलानी ने फिल्म गुनाहों का फैसला भी बनाई। 1990 के दशक में पहलाज निहलानी ने शोला और शबनम और आंखें जैसी सुपरहिट फिल्मों का निर्माण किया। आंखें उस दौर की ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक साबित हुई। गोविंदा को दिया था करियर का पहला बड़ा ब्रेक गोविंदा ने पहलाज निहलानी के साथ आंखें, शोला और शबनम जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया। कुछ समय पहले ही उन्होंने लर्न फ्रॉम द लीजेंड के पॉडकास्ट में गोविंदा पर कहा था, ‘फिल्म आंधी तूफान के बाद मैं मिथुन चक्रवर्ती और शत्रुघ्न के साथ एक फिल्म बनाना चाहता था, लेकिन उस समय मिथुन और शत्रुघ्न 4-4 शिफ्ट करते थे। इस वजह से हमारी नहीं बनी। फिर रीक्कू राकेश, गोविंदा को मेरे पास लेकर आए। फोटोग्राफ भी लेकर आए, लेकिन मुझे पसंद नहीं आए। उसका लुक पसंद नहीं आया।’ चंकी पांडे, पहलाज निहलानी, गोविंदा और डेविड धवन की पुरानी तस्वीर ‘अगले दिन वो मेरे पास वीडियो कैसेट लेकर आया, जिसमें उसके डांस थे। उस समय ब्रेक डांस माइकल जैक्सन की वजह से पॉपुलर थे। उसने मुझे कैसेट दिखाया, तो मैंने पूछा क्या-क्या आता है। मुझे उसका चेहरा पसंद नहीं था, लेकिन उसका डांस और एक्शन पसंद आया। मेरी स्टोरी पूरी एक्शन थी। मैं लंदन जा रहा था, तो मैं उससे कहकर गया कि तुम अपनी तैयारी करो। लंदन में छुट्टियों के समय मैंने कहानी पूरी की। फिर मैंने उसमें डांस डाला। आज की डेट में उसके जितना टैलेंटेड कोई एक्टर नहीं है। उस समय वो एडवोकेट के रोल में, इंसपेक्टर के रोल में फिट नहीं होता था, हाइट की वजह से। लेकिन अब वो स्टार हो गया, स्टार से तो कुछ भी करवा लो।’ गोविंदा और पहलाज निहलानी ने कुल चार फिल्मों में साथ काम किया। इनमें इल्जाम, शोला और शबनम, आंखें और रंगीला राजा शामिल हैं। काम नहीं था, तो गोविंदा को दी शोला और शबनम उसी पॉडकास्ट में पहलाज ने कहा, ‘गोविंदा के पास काम नहीं था, तब शोला और शबनम हमने शुरू की तो उससे पहली बार कॉमेडी रोल करवाया। फिर जब काम नहीं था उसके बाद तब फिल्म आंखें करवाई। दोनों फिल्मों में एकदम अलग रोल था।’ पहलाज निहलानी ने कहा था- गोविंदा इनसिक्योर है जब पहलाज निहलानी से पूछा गया कि क्या गोविंदा के नेगेटिव एटीट्यूड की वजह से कई प्रोड्यूसर और डायरेक्टर उनके साथ काम नहीं करना चाहते थे, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘जब सक्सेस मिलती है, तो आदमी हर दर्द सह लेता है, लेकिन जब सक्सेस की सीढ़ी से नीचे उतरते हैं तो तकलीफ होती है। गोविंदा में वो प्रॉब्लम शुरू से थी, क्योंकि वो खुद को इनसिक्योर मानता था।’ ‘उसके पिता महबूब खान के बहुत बड़े हीरो रहे हैं। बड़ी-बड़ी पिक्चरें की, अच्छे प्रोड्यूसर भी रहे, नुकसान हुआ। इसके बाद उसने इतना दर्द सहा, बहुत सारी चीजें उसके हाथ से निकल गईं, स्ट्रगल करना पड़ा। वो सारी चीजें उसके अंदर थीं। वो इनसिक्योरिटी रहती है। उसे था कि कहीं से पैसे आ जाएं। उसके पास भाई-बहन की जिम्मेदारियां थीं। वो पैसे में उलझा रहता था, उसे करना भी सब था।’ ‘इस वजह से उसका एटीट्यूड ऐसा हो गया था। जब काम और प्रेशर बहुत हो जाता है, तो आप छोड़ नहीं सके, तो चीजें बढ़ गईं। फिर आदत बन गई, वहमी हो गया। जब नहीं चलता आदमी तो सब उसे डैमेज करते हैं, वर्ना गोविंदा जैसा हीरो ढूंढने पर नहीं मिलेगा।’ दिव्या भारती को चोट लगी, तो रोक दी थी शूटिंग पहलाज निहलानी ने दिव्या भारती के साथ फिल्म शोला और शबनम की थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने दिव्या भारती के डेडिकेशन से जुड़ा किस्सा शेयर किया और बताया कि कैसे उन्हें दिव्या भारती की चोट के चलते एक्ट्रेस के इनकार के बावजूद शूटिंग रोकनी पड़ी थी। पहलाज निहलानी ने कहा था, ‘शोला और शबनम’ के दौरान हम 20 घंटे शूटिंग करते थे। हम सुबह से शूटिंग शुरू करते थे और उसके बाद बैक टू बैक सीन, फिर डांस और फिर दूसरे सीन शूट होते थे। एक दिन मुझे याद है हम ऊटी में शूट कर रहे थे और दिव्या का पैर एक कील पर पड़ गया। उन्होंने किसी को कुछ नहीं बताया।’ ‘मैं मॉनिटर के पास खड़ा था जब दिव्या शूट के लिए वापस आईं। उन्होंने किसी को पता नहीं चलने दिया कि उन्हें चोट लगी है। मैं भी नहीं समझ पाया फिर उन्होंने मुझसे रुमाल मांगा और अपने पैर में हुए जख्म पर बांध लिया। मैंने उनसे पूछा कि क्या हुआ तो वो कुछ नहीं बोलीं लेकिन मैंने उनके पैर से खून बहता देखा तो फिर तुरंत पैक अप करवा दिया।’ पहलाज निहलानी

‘बस एक और पुनः रिलीज़’: टीवीके ने अन्नामलाई के नए राजनीतिक आंदोलन को खारिज कर दिया क्योंकि 14 लाख लोग शामिल हुए | भारत समाचार

Gus Atkinson celebrates taking the wicket of New Zealand's Will O'Rourke (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:06 जून, 2026, 19:13 IST टीवीके की प्रतिक्रिया तब आई जब अन्नामलाई के ‘वी द लीडर्स’ आंदोलन ने समर्थकों के बीच हलचल मचा दी, इसके लॉन्च के 10 घंटों के भीतर 10 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया। तमिलनाडु के मंत्री केजी अरुणराज ने के अन्नामलाई के नए राजनीतिक आंदोलन को कम महत्व दिया। (पीटीआई/एक्स) तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रमुख के अन्नामलाई ने भगवा पार्टी से अलग होने के बाद एक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू किया है, जिससे राज्य में हलचल मच गई है। हालाँकि, सत्तारूढ़ टीवीके सरकार ने उनके नए संगठन की लोकप्रियता को खारिज कर दिया है, इसे “सिर्फ एक और पुनः रिलीज़” कहा है। अन्नामलाई ने अपना नया मंच “वी द लीडर्स” लॉन्च करने के लिए शुक्रवार को भाजपा छोड़ दी, जिसने उनके समर्थकों के साथ जुड़ाव पैदा कर लिया है, इसके लॉन्च के 10 घंटों के भीतर 10 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। उनके इस्तीफे से तमिलनाडु में भाजपा नेताओं का पलायन शुरू हो गया है। पत्रकारों से बात करते हुए, टीवीके के स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने शनिवार को टिप्पणी की, “अन्नामलाई सिर्फ बीजेपी की री-रिलीज़ है। यह एक पुरानी फिल्म है जिसे दोबारा रिलीज़ किया गया है। लेकिन लोग हर री-रिलीज़ को नहीं देखते हैं। इसलिए वह जानते हैं कि उनकी स्थिति क्या है और चीजें उनके लिए कैसी हैं। लोग सभी री-रिलीज़ नहीं देखते हैं।” अन्नामलाई का बीजेपी से बाहर होना शुक्रवार को अन्नामलाई ने भाजपा से अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिससे उनके राजनीतिक भविष्य पर कई हफ्तों का सस्पेंस खत्म हो गया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और संगठनात्मक जिम्मेदारियों दोनों से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। अपने त्यागपत्र में अन्नामलाई ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से प्रेरित होकर और तमिलनाडु की राजनीतिक संस्कृति को बदलने के लिए भाजपा में शामिल हुए हैं। महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने के लिए पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने पिछले 18 महीनों में शीर्ष नेतृत्व को अपनी असहमति से अवगत कराया था। उन्होंने लिखा, “हमारे वरिष्ठ नेतृत्व के साथ मेरी बातचीत के बाद, मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि तमिलनाडु के संबंध में हमारे विचार मेल नहीं खाते हैं।” पूर्व आईपीएस अधिकारी 2020 में भाजपा में शामिल हुए और 37 साल की उम्र में राज्य इकाई के प्रमुख बने। उन्होंने घोषणा की कि वह जल्द ही एक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करेंगे, इसे अपने सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक यात्रा का अगला चरण बताया। उन्होंने कहा, “हमारे मूल सिद्धांतों से उभरकर राजनीति में एक नया आंदोलन और एक नया आयाम शुरू होने वाला है।” अन्नामलाई के आंदोलन से 14 लाख लोग जुड़े अन्नामलाई के नए शुरू किए गए आंदोलन की वेबसाइट ने सार्वजनिक समर्थन की एक मजबूत लहर प्रदर्शित की। शनिवार शाम तक इस आंदोलन में 14.43 लाख से ज्यादा लोग शामिल हो चुके थे। वेबसाइट पर लिखा है, “स्वयंसेवक हमारे आंदोलन की जीवनधारा हैं। हम समुदायों को सशक्त बना रहे हैं, नेतृत्व गुणों का पोषण कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव ला रहे हैं। चाहे वह शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण या युवा नेतृत्व हो, उस क्षेत्र में अवसरों की तलाश करें जो आपको प्रेरित करते हैं।” वर्ष 24 वर्ष, वर्ष 13 वर्ष உறுப்பினர்கள் இணைந்து, https://t.co/gSstBA1IYJ डाउनलोड करें होम उत्पाद विवरण, उत्तर उत्तर பொறுப்பையும் எனக்கு அளித்திருக்கிறது.இந்த இயக்கத்தின் மீது நம்பிக்கை வைத்து இணைந்துள்ள ஒவ்வொருவருக்கும், எனது… pic.twitter.com/nzB5URPZHV – के.अन्नामलाई (@annamalai_k) 6 जून, 2026 अन्नामलाई ने यह भी घोषणा की कि वह 2031 में अगला आम चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे। उन्होंने कहा, “मैं अगला आम चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ूंगा। हम बीजेपी को उसी तरह देखेंगे जैसे हम डीएमके, एआईएडीएमके, टीटीवी, वाइको और सीमन को देखते हैं।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अवीक बनर्जी अवीक बनर्जी News18 में वरिष्ठ उप संपादक हैं। ग्लोबल स्टडीज में मास्टर की डिग्री के साथ नोएडा में रहने वाले अवीक के पास डिजिटल मीडिया और न्यूज क्यूरेशन में तीन साल से अधिक का अनुभव है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘सिर्फ एक और पुन: रिलीज’: टीवीके ने अन्नामलाई के नए राजनीतिक आंदोलन को खारिज कर दिया क्योंकि 14 लाख लोग इसमें शामिल हुए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अन्नामलाई नया राजनीतिक आंदोलन(टी)अन्नामलाई ने बीजेपी छोड़ी(टी)वी द लीडर्स(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)बीजेपी का तमिलनाडु से पलायन(टी)टीवीके सरकार(टी)अन्नामलाई 2031 चुनाव

भारत ने तीसरा U-18 हॉकी एशिया कप जीता:जापान को 4-1 से हराया; आशीष की लगातार दूसरी हैट्रिक; महिला टीम को ब्रॉन्ज मिला

भारत ने तीसरा U-18 हॉकी एशिया कप जीता:जापान को 4-1 से हराया; आशीष की लगातार दूसरी हैट्रिक; महिला टीम को ब्रॉन्ज मिला

भारत ने तीसरा U-18 हॉकी एशिया कप जीत लिया है। टीम ने डिफेंडिंग चैंपियन जापान को फाइनल में 4-1 से हरा दिया। इससे पहले भारत ने 2001 और 2016 में टाइटल अपने नाम किया था। शनिवार को जापान के काकामिगाहारा में अशिष तानी पुर्ती ने हैट्रिक लगाई। कप्तान केतन कुशवाहा ने भी एक गोल किया। इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में भी आशीष ने हैट्रिक लगाते हुए 4 गोल किए थे। वहीं पाकिस्तान ने मलेशिया को हराकर तीसरा स्थान पक्का किया। दूसरी ओर विमेंस टीम ने साउथ कोरिया को 3-0 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस कैटेगरी में चीन ने गोल्ड अपने नाम किया। PM मोदी ने भारतीय जूनियर हॉकी टीमों को बधाई दी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरुष और महिला दोनों भारतीय U-18 हॉकी टीमों को एशिया कप 2026 में शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने महिला टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरे टूर्नामेंट में टीम ने शानदार जुझारूपन दिखाया। यह उपलब्धि भारतीय महिला हॉकी की बढ़ती ताकत और खिलाड़ियों की अपार क्षमता को दर्शाती है। पुरुष टीम को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन कौशल और टीमवर्क का प्रदर्शन किया, जिसका परिणाम फाइनल में यादगार जीत के रूप में सामने आया। 3-3 लाख रुपए मिलेंगे खिताब जीतने के बाद हॉकी इंडिया ने मेंस टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को तीन-तीन लाख रुपए और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को डेढ़ लाख रुपए देने का ऐलान किया। इसी दिन ब्रॉन्ज जीतने वाली भारतीय महिला टीम के खिलाड़ियों को एक-एक लाख रुपए और सपोर्ट स्टाफ को 50 हजार रुपए देने की घोषणा भी की गई। आशीष टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर आशीष को फाइनल में शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वह 17 गोल के साथ टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर भी रहे। गोलकीपर आयुष रजक को टूर्नामेंट का बेस्ट गोलकीपर चुना गया। महिला प्रतियोगिता में भारत की नौशीन नाज 12 गोल के साथ टॉप स्कोरर रहीं। जापान से सिर्फ एक गोल लगा आशीष तानी पुर्ती ने दूसरे, 28वें और 34वें मिनट में गोल किए। केतन कुशवाहा ने 30वें मिनट में गोल दागा। जापान के लिए एकमात्र गोल नुमादा गाकु ने 52वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर किया। यहां से फाइनल मैच रिपोर्ट पहले 90 सेकंड के भीतर भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला और अशिष ने उसे गोल में बदलकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। दूसरे क्वार्टर में जापान ने दबाव बनाया और अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया, लेकिन बराबरी का गोल नहीं कर सका। इसके बाद 28वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और आशीष ने स्कोर 2-0 कर दिया। भारत ने बढ़त को और मजबूत करते हुए हाफ टाइम से ठीक पहले तीसरा गोल किया। कप्तान केतन कुशवाहा ने 30वें मिनट में गोल कर भारत को 3-0 से आगे कर दिया। तीसरे क्वार्टर में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। 34वें मिनट में आशीष ने हैट्रिक पूरी की और भारत को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। आखिरी क्वार्टर में जापान ने वापसी की कोशिश की। 52वें मिनट में नुमादा गाकु ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल कर अंतर 4-1 कर दिया। इसके बाद जापान को तीन और पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय डिफेंस ने कोई और गोल नहीं होने दिया और टीम ने खिताब अपने नाम कर लिया।

भारत ने तीसरा U-18 हॉकी एशिया कप जीता:जापान को 4-1 से हराया; आशीष की लगातार दूसरी हैट्रिक; महिला टीम को ब्रॉन्ज मिला

भारत ने तीसरा U-18 हॉकी एशिया कप जीता:जापान को 4-1 से हराया; आशीष की लगातार दूसरी हैट्रिक; महिला टीम को ब्रॉन्ज मिला

भारत ने तीसरा U-18 हॉकी एशिया कप जीत लिया है। टीम ने डिफेंडिंग चैंपियन जापान को फाइनल में 4-1 से हरा दिया। इससे पहले भारत ने 2001 और 2016 में टाइटल अपने नाम किया था। शनिवार को जापान के काकामिगाहारा में अशिष तानी पुर्ती ने हैट्रिक लगाई। कप्तान केतन कुशवाहा ने भी एक गोल किया। इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में भी आशीष ने हैट्रिक लगाते हुए 4 गोल किए थे। वहीं पाकिस्तान ने मलेशिया को हराकर तीसरा स्थान पक्का किया। दूसरी ओर विमेंस टीम ने साउथ कोरिया को 3-0 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस कैटेगरी में चीन ने गोल्ड अपने नाम किया। PM मोदी ने भारतीय जूनियर हॉकी टीमों को बधाई दी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरुष और महिला दोनों भारतीय U-18 हॉकी टीमों को एशिया कप 2026 में शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने महिला टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरे टूर्नामेंट में टीम ने शानदार जुझारूपन दिखाया। यह उपलब्धि भारतीय महिला हॉकी की बढ़ती ताकत और खिलाड़ियों की अपार क्षमता को दर्शाती है। पुरुष टीम को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन कौशल और टीमवर्क का प्रदर्शन किया, जिसका परिणाम फाइनल में यादगार जीत के रूप में सामने आया। 3-3 लाख रुपए मिलेंगे खिताब जीतने के बाद हॉकी इंडिया ने मेंस टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को तीन-तीन लाख रुपए और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को डेढ़ लाख रुपए देने का ऐलान किया। इसी दिन ब्रॉन्ज जीतने वाली भारतीय महिला टीम के खिलाड़ियों को एक-एक लाख रुपए और सपोर्ट स्टाफ को 50 हजार रुपए देने की घोषणा भी की गई। आशीष टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर आशीष को फाइनल में शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वह 17 गोल के साथ टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर भी रहे। गोलकीपर आयुष रजक को टूर्नामेंट का बेस्ट गोलकीपर चुना गया। महिला प्रतियोगिता में भारत की नौशीन नाज 12 गोल के साथ टॉप स्कोरर रहीं। जापान से सिर्फ एक गोल लगा आशीष तानी पुर्ती ने दूसरे, 28वें और 34वें मिनट में गोल किए। केतन कुशवाहा ने 30वें मिनट में गोल दागा। जापान के लिए एकमात्र गोल नुमादा गाकु ने 52वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर किया। यहां से फाइनल मैच रिपोर्ट पहले 90 सेकंड के भीतर भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला और अशिष ने उसे गोल में बदलकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। दूसरे क्वार्टर में जापान ने दबाव बनाया और अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया, लेकिन बराबरी का गोल नहीं कर सका। इसके बाद 28वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और आशीष ने स्कोर 2-0 कर दिया। भारत ने बढ़त को और मजबूत करते हुए हाफ टाइम से ठीक पहले तीसरा गोल किया। कप्तान केतन कुशवाहा ने 30वें मिनट में गोल कर भारत को 3-0 से आगे कर दिया। तीसरे क्वार्टर में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। 34वें मिनट में आशीष ने हैट्रिक पूरी की और भारत को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। आखिरी क्वार्टर में जापान ने वापसी की कोशिश की। 52वें मिनट में नुमादा गाकु ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल कर अंतर 4-1 कर दिया। इसके बाद जापान को तीन और पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय डिफेंस ने कोई और गोल नहीं होने दिया और टीम ने खिताब अपने नाम कर लिया।