Pant 50 Test Milestone | India Keeper; Rahul Out, Afghanistan No Review

न्यू चंडीगढ़12 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत-अफगानिस्तान के बीच इकलौता टेस्ट मैच के पहले दिन भारत ने पहले दिन 85 ओवर में 3 विकेट खोकर 368 रन बनाए। भारतीय कप्तान शुभमन गिल और ओपनर केएल राहुल ने शतक लगाए। पारी के दौरान गिल टेस्ट में सबसे तेज हजार रन बनाने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बने, जबकि ऋषभ पंत 50 टेस्ट मैच खेलने वाले तीसरे भारतीय विकेटकीपर बने। वहीं राहुल 11वें ओवर में कैच आउट थे, लेकिन अफगानिस्तान ने रिव्यू नहीं लिया और उन्हें 16 रन पर जीवनदान मिला। पहले दिन के रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. शुभमन टेस्ट में सबसे तेज हजार रन बनाने वाले दूसरे भारतीय कप्तान शुभमन ने बतौर कप्तान टेस्ट में एक हजार रन पूरे किए। इसके साथ ही वे सबसे तेज हजार रन बनाने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बन गए हैं। दिग्गज सुनील गावस्कर ने कप्तान के तौर पर सिर्फ 14 पारी में हजार रन का आंकड़ा पार किया। शुभमन ने 15 पारियों में यह मुकाम हासिल किया। 2. पंत 50 टेस्ट खेलने वाले भारत के तीसरे विकेटकीपर बने पंत ने अफगानिस्तान के खिलाफ अपना 50वां टेस्ट मैच खेला। इसके साथ ही वह भारत के लिए 50 टेस्ट खेलने वाले भारत के तीसरे विकेटकीपर बन गए हैं। उनसे ज्याद टेस्ट खेलने वाले विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी (90 टेस्ट) और सैयद किरमानी (88 टेस्ट) हैं। 3. सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन ने अफगानिस्तान के खिलाफ बतौर कप्तान अपना छठा टेस्ट शतक जड़ा। वे अब सबसे ज्यादा टेस्ट शतक लगाने वाले खिलाड़ियों में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। कोहली 20 शतकों के साथ पहले स्थान पर हैं। 4. राहुल बतौर ओपनर सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले तीसरे भारतीय बने राहुल ने अफगानिस्तान के खिलाफ बतौर ओपनर अपना 11वां टेस्ट शतक जड़ा। वे भारत के लिए बतौर ओपनर सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले चौथे बल्लेबाज हैं। सुनील गावस्कर (33 शतक) पहले, वीरेंद्र सहवाग (22 शतक) दूसरे और मुरली विजय (10 शतक) तीसरे स्थान पर हैं। 5. राहुल तीसरी बार टेस्ट में 100 रन के स्कोर पर आउट हुए राहुल शनिवार को 100 रन पर आउट हुए। वे अपने टेस्ट करियर में अब तक 3 बार 100 रन के स्कोर पर आउट हो चुके हैं। सबसे ज्यादा बार 100 के स्कोर पर आउट होने वाले खिलाड़ियों में इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज लेन हटन हैं, जो 4 बार 100 रन पर आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया के ग्रीम वुड 3 बार के साथ राहुल के साथ दूसरे नंबर पर हैं। यहां से दिन के टॉप-5 मोमेंट्स… 1. राहुल का कैच आउट थे, लेकिन अफगानिस्तान ने रिव्यू नहीं लिया भारतीय पारी के 11वें ओवर की पहली गेंद पर केएल राहुल को जीवनदान मिला। जियाउर रहमान शरीफी की पहली गेंद पर राहुल ने कट शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर के दस्तानों में चली गई। अफगानिस्तान की कैच-बिहाइंड की जोरदार अपील को अंपायर ने खारिज कर दिया। टीम ने रिव्यू नहीं लिया। बाद में अल्ट्राएज दिखा कि 16 रन बनाकर खेल रहे राहुल आउट थे। अल्ट्रा-एज में दिखा की गेंद राहुल के बैट से लगी थी। 2. सुदर्शन को 20 रन पर जीवनदान मिला 19वें ओवर में नांगेयालिया खरोटे को 20 रन पर जीवनदान मिला। खरोटे ने ओवर की चौथी गेंद ऑफ स्टंप के बाहर डाली। सुदर्शन छोड़ने या खेलने के असमंजस में थे। उन्होंने आखिरी समय पर डिफेंड किया, लेकिन गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर फर्स्ट स्लिप पर गई। वहां तैनात रहमानुल्लाह गुरबाज ने देर से रिएक्ट किया और गेंद उनकी उंगलियों को छूकर निकल गई। सुदर्शन ने पहली पारी में 81 रन बनाए। 3. शतक लगाकर अगली गेंद पर आउट हुए राहुल राहुल ने पारी के 61वें ओवर में पहली गेंद पर 2 रन लेकर अपने टेस्ट करियर का 12वां शतक पूरा किया। गेंदबाज शरीफी की अगली ही गेंद वह कवर ड्राइव खेलते हुए कैच आउट हुए। एक्स्ट्रा कवर पर खड़े रहमानुल्लाह गुरबाज ने बाईं ओर डाइव लगाकर उनका कैच लपका। राहुल शतक लगाने के बाद अगली गेंद पर कैच आउट हुए। 4. अब्दुल मलिक ने लगातार 2 नो-बॉल डाली 66वें ओवर में अब्दुल मलिक ने लगातार दो नो-बॉल डाली। ओवर की पांचवी गेंद पर पंत के खिलाफ कैच-बिहाइंड की जोरदार अपील हुई, लेकिन बल्ले का कोई हिस्सा नहीं लगा। इसके बाद बजर बजी और गेंद नो-बॉल निकली। इसकी अगली गेंद पर फिर मलिक ने फिर से नो-बॉल डाली। मलिक ने पंत के खिलाफ लगातार 2 गेंद नो बॉल डाली। 5. ऋषभ पंत ने एक ओवर में 3 छक्के जड़े पंत ने एक ही ओवर में 3 छक्के जड़े। 68वें ओवर में अफगान स्पिनर अब्दुल मलिक की पहली गेंद पर पंत ने क्रीज से आगे बढ़कर सीधा छक्का लगाया। चौथी गेंद फुल टॉस थी, जिसे पंत ने काउ कॉर्नर के ऊपर से बाउंड्री के पार भेज दिया। इसकी अगली गेंद पर पंत ने बैकफुट पर जाकर डीप मिड-विकेट के ऊपर से पुल करते हुए ओवर का तीसरा छक्का जड़ा। पंत 50 रन बनाकर खेल रहे हैं। —————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ पहले दिन 368 रन बनाए:राहुल-गिल के शतक, सुदर्शन-पंत की हाफ सेंचुरी; सलीम को 2 विकेट भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के पहले दिन मजबूत पकड़ बना ली है। मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 3 विकेट पर 368 रन बनाए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Pant 50 Test Milestone | India Keeper; Rahul Out, Afghanistan No Review

न्यू चंडीगढ़39 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन 3 विकेट खोकर 368 रन बनाए। न्यू चंडीगढ़ में शनिवार को कई मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स देखने को मिले। कप्तान शुभमन गिल और उप कप्तान केएल राहुल ने शतक लगाए। गिल टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 1000 रन पूरे करने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बन गए। विकेटकीपर ऋषभ पंत 50 टेस्ट मैच खेलने वाले तीसरे भारतीय विकेटकीपर बने। वे एम एस धोनी और सैयद किरमानी के क्लब में शामिल हुए। राहुल अपने टेस्ट करियर में तीसरी बार 100 रन पर आउट हुए। पहले दिन के रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. गिल ने 15 पारी में बतौर कप्तान हजार रन बनाए गिल ने बतौर कप्तान टेस्ट में एक हजार रन पूरे किए। वे सबसे तेज ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बन गए। सुनील गावस्कर ने 14 पारी में हजार रन का आंकड़ा पार किया था। गिल ने 15 पारियों में यह मुकाम हासिल किया। 2. पंत 50 टेस्ट खेलने वाले भारत के तीसरे विकेटकीपर पंत अपना 50वां टेस्ट मैच खेल रहे हैं। वे ऐसा करने वाले भारत के तीसरे विकेटकीपर बने। उनसे पहले विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी (90 टेस्ट) और सैयद किरमानी (88 टेस्ट) यह कारनामा कर चुके हैं। 3. गिल का बतौर कप्तान छठा टेस्ट शतक गिल ने बतौर कप्तान छठा टेस्ट शतक लगाया। वे अब सबसे ज्यादा टेस्ट शतक लगाने वाले खिलाड़ियों में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। कोहली 20 शतकों के साथ पहले स्थान पर हैं। 4. राहुल का बतौर ओपनर 11वां शतक राहुल ने बतौर ओपनर अपना 11वां टेस्ट शतक जड़ा। वे भारत के लिए ओपनर्स में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले चौथे बल्लेबाज बने। सुनील गावस्कर (33 शतक) पहले, वीरेंद्र सहवाग (22 शतक) दूसरे और मुरली विजय (10 शतक) तीसरे स्थान पर हैं। 5. राहुल तीसरी बार 100 रन पर आउट राहुल 100 रन पर आउट हुए। वे अपने टेस्ट करियर में अब तक 3 बार 100 रन पर आउट हो चुके हैं। सबसे ज्यादा बार 100 के स्कोर पर आउट होने वाले खिलाड़ियों में इंग्लैंड के लेन हटन हैं, जो 4 बार आउट हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के ग्रीम वुड 3 बार के साथ दूसरे नंबर पर हैं। टॉप-4 मोमेंट्स… 1. राहुल को जीवनदान मिला भारतीय पारी के 11वें ओवर की पहली गेंद पर केएल राहुल को जीवनदान मिला। जियाउर रहमान शरीफी की पहली गेंद पर राहुल ने कट शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर के दस्तानों में चली गई। अफगानिस्तान की कैच की अपील को अंपायर ने खारिज कर दिया। टीम ने रिव्यू नहीं लिया। बाद में अल्ट्रा एज में दिखा कि 16 रन बनाकर खेल रहे राहुल आउट थे। अल्ट्रा-एज में दिखा की गेंद राहुल के बैट से लगी थी। 2. सुदर्शन का कैच छूटा 19वें ओवर में साई सुदर्शन को 20 रन पर जीवनदान मिला। खरोटे ने ओवर की चौथी गेंद ऑफ स्टंप के बाहर डाली। सुदर्शन ने आखिरी समय डिफेंड किया, लेकिन गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर फर्स्ट स्लिप पर गई। वहां रहमानुल्लाह गुरबाज ने कैच ड्रॉप कर दिया। सुदर्शन ने पहली पारी में 81 रन बनाए। 3. अब्दुल मलिक ने लगातार 2 नो-बॉल डाली 66वें ओवर में अब्दुल मलिक ने लगातार दो नो-बॉल डाली। ओवर की पांचवीं गेंद पर पंत के खिलाफ कैच-बिहाइंड की अपील हुई, लेकिन बल्ले का कोई हिस्सा नहीं लगा। ये गेंद नो-बॉल निकली। इसकी अगली गेंद पर मलिक ने फिर से नो-बॉल डाली। मलिक ने पंत के खिलाफ लगातार 2 गेंद नो बॉल डाली। 4. पंत ने एक ओवर में 3 छक्के जड़े पंत ने एक ही ओवर में 3 छक्के जड़े। 68वें ओवर में अफगान स्पिनर अब्दुल मलिक की पहली गेंद पर पंत ने क्रीज से आगे बढ़कर सीधा छक्का लगाया। चौथी गेंद फुल टॉस थी, जिसे पंत ने बाउंड्री के पार भेज दिया। इसकी अगली गेंद पर पंत ने बैकफुट पर जाकर डीप मिड-विकेट के ऊपर से पुल करते हुए ओवर का तीसरा छक्का जड़ा। पंत 50 रन बनाकर खेल रहे हैं। —————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ पहले दिन 368 रन बनाए:राहुल-गिल के शतक, सुदर्शन-पंत की हाफ सेंचुरी; सलीम को 2 विकेट भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के पहले दिन मजबूत पकड़ बना ली है। मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 3 विकेट पर 368 रन बनाए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘कर्नाटक कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी ने इस्तीफा वापस ले लिया, बीजेपी सदमे में’: सुरजेवाला | भारत समाचार

आखरी अपडेट:06 जून, 2026, 18:46 IST रणदीप सुरजेवाला ने इस बात पर जोर दिया कि रेड्डी का व्यापक प्रशासनिक अनुभव पार्टी संरचना के लिए अमूल्य है शुरुआती खींचतान को एक संक्षिप्त गलतफहमी बताते हुए सुरजेवाला ने राज्य इकाई के लिए रेड्डी के गहरे संस्थागत महत्व को दोहराया। तस्वीर/एएनआई अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के कर्नाटक राज्य प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने घोषणा की कि वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी ने आधिकारिक तौर पर अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। घोषणा, जो पार्टी के लिए संगठनात्मक निरंतरता को प्रभावी ढंग से सुरक्षित करती है, आंतरिक घर्षण को हल करने के उद्देश्य से उच्च-स्तरीय विचार-विमर्श की एक श्रृंखला का पालन करती है। सुरजेवाला ने इस बात पर जोर दिया कि रेड्डी का व्यापक प्रशासनिक अनुभव पार्टी ढांचे के लिए अमूल्य है, उन्होंने पुष्टि की कि अनुभवी राजनेता संगठन के एक वफादार सैनिक के रूप में अपने कर्तव्यों को जारी रखेंगे और अपने मंत्री पद को बरकरार रखेंगे। कथित तौर पर इस प्रस्ताव ने विपक्षी रणनीतियों को बाधित कर दिया है, कांग्रेस नेतृत्व ने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी आंतरिक परिवर्तन के सुचारू प्रबंधन को लेकर सदमे में है। आंतरिक गलतफहमी का समाधान इस्तीफा वापस लेने का कथित निर्णय विशिष्ट संगठनात्मक शिकायतों को दूर करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व और रेड्डी के बीच गहन चर्चा के बाद आया। शुरुआती खींचतान को एक संक्षिप्त गलतफहमी बताते हुए सुरजेवाला ने राज्य इकाई के लिए रेड्डी के गहरे संस्थागत महत्व को दोहराया। गतिरोध को तेजी से हल करके, पार्टी अपनी कैबिनेट स्थिरता की रक्षा करने और एक महत्वपूर्ण विधायी मोड़ पर एकीकृत मोर्चा पेश करने में कामयाब रही है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने संकेत दिया है कि त्वरित समाधान ने संभावित गुटीय कमजोरियों को सफलतापूर्वक बेअसर कर दिया है, जिससे आलाकमान को अपना अविभाजित ध्यान अपने मूल विधायी और शासन एजेंडे पर वापस स्थानांतरित करने की अनुमति मिली है। विधायी नामांकन और रणनीतिक तैनाती नेतृत्व संकट को हल करने के समानांतर, कांग्रेस पार्टी ने आगामी विधान चुनावों के लिए अपनी रणनीतिक तैनाती को सफलतापूर्वक सुव्यवस्थित किया है। वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद ने कई प्रमुख सहयोगियों के साथ, राज्यसभा और राज्य विधान परिषद दोनों में महत्वपूर्ण सीटों के लिए औपचारिक रूप से नामांकन दाखिल किया है। यह समकालिक फाइलिंग पार्टी के राज्य तंत्र द्वारा अपनी विधायी ताकत को मजबूत करने के लिए एक अत्यधिक समन्वित प्रयास को रेखांकित करती है। यह प्रक्रिया कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा हाई-प्रोफाइल नामांकन दाखिल करने के बाद होती है, जो वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में हुई, जो राज्य इकाई के दीर्घकालिक प्रक्षेपवक्र के लिए मजबूत केंद्रीय समर्थन का संकेत देती है। शासन का एक नया अध्याय व्यवस्थित नामांकन दाखिलों के साथ आंतरिक विवाद के सफल नियंत्रण को नेतृत्व द्वारा कर्नाटक के लिए एक अत्यधिक उत्पादक प्रशासनिक युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। परिषद और संसदीय लाइन-अप को अंतिम रूप देने के साथ, राज्य सरकार पूरे क्षेत्र में अपने विकास और कल्याण वितरण प्रणालियों में तेजी लाने का इरादा रखती है। पूर्ण संरचनात्मक अनुशासन बनाए रखने और सत्ता के हस्तांतरण में किसी भी व्यवधान को रोककर, सत्तारूढ़ दल का लक्ष्य अपने शासन जनादेश को मजबूत करना है, यह सुनिश्चित करना है कि विधायी मशीनरी बिना किसी राजनीतिक रुकावट के सुचारू रूप से चले। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘कर्नाटक कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी ने इस्तीफा वापस ले लिया है, बीजेपी सदमे में है’: सुरजेवाला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
इंपैक्ट फीचर:सेज स्टार्टअप स्पार्क 2.0, स्टूडेंट्स के लिए एंटरप्रेन्योरशिप का लॉन्चपैड, जहां आइडियाज बनेंगे स्टार्टअप और सपने बनेंगे सक्सेस स्टोरीज

सेज यूनिवर्सिटी इंदौर द्वारा 19 एवं 20 जून 2026 को दो दिवसीय सेज स्टार्टअप स्पार्क 2.0 का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए एक बेहतरीन अवसर लेकर आ रहा है, जो भविष्य में अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं या स्टार्टअप्स के साथ काम करके उद्यमिता की दुनिया को करीब से समझना चाहते हैं। आज के समय में युवा केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने विचारों के दम पर नए अवसर और रोजगार पैदा करने की क्षमता रखते हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए सेज स्टार्टअप स्पार्क 2.0 विद्यार्थियों को देश के सफल उद्यमियों, निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों से सीखने का अवसर देगा। कार्यक्रम के माध्यम से छात्र जान सकेंगे कि एक साधारण आइडिया को सफल स्टार्टअप में कैसे बदला जाता है और व्यवसाय की शुरुआत से लेकर उसके विस्तार तक की यात्रा कैसी होती है। दो दिवसीय इस कार्यक्रम में स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और बिजनेस लीडर्स शामिल होंगे। नए अवसरों की जानकारी मिलेगी कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप पिचिंग, पैनल डिस्कशन, निवेशकों के साथ संवाद, नेटवर्किंग सेशन और विभिन्न इंटरैक्टिव गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को स्टार्टअप इकोसिस्टम को समझने के साथ-साथ इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और करियर के नए अवसरों की जानकारी भी मिलेगी। कार्यक्रम में सुश्री साक्षी बंसल, मैनेजिंग डायरेक्टर – सेज ग्रुप , जतिन आहूजा , फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर – बिग बॉय टॉयज़ लिमिटेड, दीपक धनोटिया, फाउंडर एवं मैनेजिंग पार्टनर – शॉप किराना प्राइवेट लिमिटेड सहित कई प्रतिष्ठित उद्यमी और विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। उद्योग जगत के जाने-माने नाम भी शामिल होंगे इसके अलावा नीरज अग्रवाल, निपुन अग्रवाल,मनीष डाबकर, किरण बाबू और जिमिश कपाड़िया जैसे उद्योग जगत के जाने-माने नाम भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। सेज यूनिवर्सिटी के चांसलर इंजी सजीव अग्रवाल ने कहा कि सेज यूनिवर्सिटी इंदौर का यह आयोजन विद्यार्थियों को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सुश्री साक्षी बंसल ने मीडिया को बताया की सेज स्टार्टअप स्पार्क 2.0 युवाओं को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने और उद्यमिता की दुनिया को समझने का अवसर देगा। हमारा प्रयास है कि विद्यार्थी केवल पढ़ाई तक सीमित न रहें, बल्कि अपने विचारों को वास्तविक व्यवसाय में बदलने की दिशा में भी आगे बढ़ें।
इंपैक्ट फीचर:सेज स्टार्टअप स्पार्क 2.0, स्टूडेंट्स के लिए एंटरप्रेन्योरशिप का लॉन्चपैड, जहां आइडियाज बनेंगे स्टार्टअप और सपने बनेंगे सक्सेस स्टोरीज

सेज यूनिवर्सिटी इंदौर द्वारा 19 एवं 20 जून 2026 को दो दिवसीय सेज स्टार्टअप स्पार्क 2.0 का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए एक बेहतरीन अवसर लेकर आ रहा है, जो भविष्य में अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं या स्टार्टअप्स के साथ काम करके उद्यमिता की दुनिया को करीब से समझना चाहते हैं। आज के समय में युवा केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने विचारों के दम पर नए अवसर और रोजगार पैदा करने की क्षमता रखते हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए सेज स्टार्टअप स्पार्क 2.0 विद्यार्थियों को देश के सफल उद्यमियों, निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों से सीखने का अवसर देगा। कार्यक्रम के माध्यम से छात्र जान सकेंगे कि एक साधारण आइडिया को सफल स्टार्टअप में कैसे बदला जाता है और व्यवसाय की शुरुआत से लेकर उसके विस्तार तक की यात्रा कैसी होती है। दो दिवसीय इस कार्यक्रम में स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और बिजनेस लीडर्स शामिल होंगे। नए अवसरों की जानकारी मिलेगी कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप पिचिंग, पैनल डिस्कशन, निवेशकों के साथ संवाद, नेटवर्किंग सेशन और विभिन्न इंटरैक्टिव गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को स्टार्टअप इकोसिस्टम को समझने के साथ-साथ इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और करियर के नए अवसरों की जानकारी भी मिलेगी। कार्यक्रम में सुश्री साक्षी बंसल, मैनेजिंग डायरेक्टर – सेज ग्रुप , जतिन आहूजा , फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर – बिग बॉय टॉयज़ लिमिटेड, दीपक धनोटिया, फाउंडर एवं मैनेजिंग पार्टनर – शॉप किराना प्राइवेट लिमिटेड सहित कई प्रतिष्ठित उद्यमी और विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। उद्योग जगत के जाने-माने नाम भी शामिल होंगे इसके अलावा नीरज अग्रवाल, निपुन अग्रवाल,मनीष डाबकर, किरण बाबू और जिमिश कपाड़िया जैसे उद्योग जगत के जाने-माने नाम भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। सेज यूनिवर्सिटी के चांसलर इंजी सजीव अग्रवाल ने कहा कि सेज यूनिवर्सिटी इंदौर का यह आयोजन विद्यार्थियों को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सुश्री साक्षी बंसल ने मीडिया को बताया की सेज स्टार्टअप स्पार्क 2.0 युवाओं को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने और उद्यमिता की दुनिया को समझने का अवसर देगा। हमारा प्रयास है कि विद्यार्थी केवल पढ़ाई तक सीमित न रहें, बल्कि अपने विचारों को वास्तविक व्यवसाय में बदलने की दिशा में भी आगे बढ़ें।
कंट्री काउंटर्स; दुनिया के सारे देश घूमने का ट्रेंड:भीड़ से ऊबे लोग अनछुए डेस्टिनेशन का रुख कर रहे, एक्सपर्ट- यह प्रतिष्ठा का प्रतीक

प्रशांत महासागर का छोटा सा द्वीपीय देश ‘तुवालु’… हवाई व ऑस्ट्रेलिया के बीच बसा यह देश दुनिया के उन गिने-चुने कोनों में से है, जहां साल भर में इक्का-दुक्का टूरिस्ट ही पहुंचते हैं। यहां आलीशान होटल या बड़े पर्यटन स्थल नहीं हैं। राजधानी फुनाफुटी में हवाई पट्टी ही शाम को पिकनिक स्पॉट व फुटबॉल ग्राउंड बन जाती है। पर अमेरिका के टेड निम्स के लिए यह कोई आम जगह नहीं थी। जब उन्होंने तुवालु में कदम रखा, तो यह उनके ट्रैवल का 191वां देश बन गया! यूएन के कुल 193 सदस्य देश हैं और टेड बस दो कदम दूर हैं। दुनिया में इन दिनों ‘कंट्री काउंटर्स’ यानी देश गिनने वाले मुसाफिरों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। इन लोगों का बस एक ही मकसद है- दुनिया के हर देश की धरती पर कदम रखना। यानी घूमना और पर्यटन भी खेल बन गया है। ऐसा खेल, जिसमें कोई मेडल नहीं मिलता, लेकिन लोग पूरी दुनिया को जेब में समेटने की होड़ में लगे हैं। जुनूनी यात्रियों के लिए नोमैडमेनिया और मोस्ट ट्रैवल्ड पीपल जैसी वेबसाइट्स एक तरह का डिजिटल मैदान बन गई हैं। यहां लोग अपनी यात्राओं का हिसाब रखते हैं और लीडरबोर्ड पर दिखाते हैं कि उन्होंने कितने देश देखे हैं। बहस भी होती है-क्या सिर्फ एयरपोर्ट पर फ्लाइट बदलना यानी ट्रांजिट को भी ‘देश घूमना’ माना जाए या नहीं। पहले जहां 100 देशों की यात्रा करने वाले लोग कम थे, अब ऐसे क्लबों में हजारों सदस्य जुड़ चुके हैं। यह ट्रेंड दिखाता है कि ट्रैवल अब प्रतियोगिता बन गया है। हाल में 142वें देश सामोआ की यात्रा करने वाली मलेशिया की कैरोल वोंग कहती हैं ‘बड़े व महंगे होटलों में अकेलापन होता है, असली मजा तो स्थानीय लोगों के साथ रहने में है।’ सोशल मीडिया के दौर में यह स्टेटस सिंबल भी बन चुका है। इस होड़ का अच्छा पहलू यह भी है कि लोग अब पेरिस या लंदन की भीड़भाड़ से ऊबकर अनछुए रास्तों की तलाश कर रहे हैं। सिंगापुर के 34 वर्षीय श्यांग कियान सोंग भी तुवालु इसीलिए आए हैं क्योंकि वे उन जगहों को देखना चाहते हैं जहां आधुनिक पर्यटन की परछाई भी नहीं पड़ी। दिलचस्प यह है कि जलवायु परिवर्तन के कारण तुवालु जैसे देश शायद आने वाले वक्त में डूब जाएं। पर्यटन में शीर्ष 10 देशों की हिस्सेदारी में 20% की कमी – सर्वे स्किफ्ट के सर्वे के अनुसार दिखावे की संस्कृति व पर्यटन स्थलों पर भीड़ के कारण लोग अनछुए देशों का रुख कर रहे हैं। वैश्विक पर्यटन में शीर्ष 10 देशों की हिस्सेदारी 1980 के 60% से घटकर 2024 में 40% रह गई है। नोमैडमेनिया के फाउंडर हैरी मित्सिदिस कहते हैं,‘कंट्री काउंटिंग छुट्टियां मनाने का नहीं, बल्कि यह खुद को चुनौती देने व वैश्विक पहचान बनाने का जरिया बन चुका है। लोग अब सिर्फ ‘घूमने’ नहीं निकलते, बल्कि वे दुनिया को चेकलिस्ट की तरह देखते हैं। यह जुनून इस कदर बढ़ा है कि सालभर में रिकॉर्ड 82 लोगों ने सभी देशों को सफलता के साथ घूमने का दावा किया।
कंट्री काउंटर्स; दुनिया के सारे देश घूमने का ट्रेंड:भीड़ से ऊबे लोग अनछुए डेस्टिनेशन का रुख कर रहे, एक्सपर्ट- यह प्रतिष्ठा का प्रतीक

प्रशांत महासागर का छोटा सा द्वीपीय देश ‘तुवालु’… हवाई व ऑस्ट्रेलिया के बीच बसा यह देश दुनिया के उन गिने-चुने कोनों में से है, जहां साल भर में इक्का-दुक्का टूरिस्ट ही पहुंचते हैं। यहां आलीशान होटल या बड़े पर्यटन स्थल नहीं हैं। राजधानी फुनाफुटी में हवाई पट्टी ही शाम को पिकनिक स्पॉट व फुटबॉल ग्राउंड बन जाती है। पर अमेरिका के टेड निम्स के लिए यह कोई आम जगह नहीं थी। जब उन्होंने तुवालु में कदम रखा, तो यह उनके ट्रैवल का 191वां देश बन गया! यूएन के कुल 193 सदस्य देश हैं और टेड बस दो कदम दूर हैं। दुनिया में इन दिनों ‘कंट्री काउंटर्स’ यानी देश गिनने वाले मुसाफिरों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। इन लोगों का बस एक ही मकसद है- दुनिया के हर देश की धरती पर कदम रखना। यानी घूमना और पर्यटन भी खेल बन गया है। ऐसा खेल, जिसमें कोई मेडल नहीं मिलता, लेकिन लोग पूरी दुनिया को जेब में समेटने की होड़ में लगे हैं। जुनूनी यात्रियों के लिए नोमैडमेनिया और मोस्ट ट्रैवल्ड पीपल जैसी वेबसाइट्स एक तरह का डिजिटल मैदान बन गई हैं। यहां लोग अपनी यात्राओं का हिसाब रखते हैं और लीडरबोर्ड पर दिखाते हैं कि उन्होंने कितने देश देखे हैं। बहस भी होती है-क्या सिर्फ एयरपोर्ट पर फ्लाइट बदलना यानी ट्रांजिट को भी ‘देश घूमना’ माना जाए या नहीं। पहले जहां 100 देशों की यात्रा करने वाले लोग कम थे, अब ऐसे क्लबों में हजारों सदस्य जुड़ चुके हैं। यह ट्रेंड दिखाता है कि ट्रैवल अब प्रतियोगिता बन गया है। हाल में 142वें देश सामोआ की यात्रा करने वाली मलेशिया की कैरोल वोंग कहती हैं ‘बड़े व महंगे होटलों में अकेलापन होता है, असली मजा तो स्थानीय लोगों के साथ रहने में है।’ सोशल मीडिया के दौर में यह स्टेटस सिंबल भी बन चुका है। इस होड़ का अच्छा पहलू यह भी है कि लोग अब पेरिस या लंदन की भीड़भाड़ से ऊबकर अनछुए रास्तों की तलाश कर रहे हैं। सिंगापुर के 34 वर्षीय श्यांग कियान सोंग भी तुवालु इसीलिए आए हैं क्योंकि वे उन जगहों को देखना चाहते हैं जहां आधुनिक पर्यटन की परछाई भी नहीं पड़ी। दिलचस्प यह है कि जलवायु परिवर्तन के कारण तुवालु जैसे देश शायद आने वाले वक्त में डूब जाएं। पर्यटन में शीर्ष 10 देशों की हिस्सेदारी में 20% की कमी – सर्वे स्किफ्ट के सर्वे के अनुसार दिखावे की संस्कृति व पर्यटन स्थलों पर भीड़ के कारण लोग अनछुए देशों का रुख कर रहे हैं। वैश्विक पर्यटन में शीर्ष 10 देशों की हिस्सेदारी 1980 के 60% से घटकर 2024 में 40% रह गई है। नोमैडमेनिया के फाउंडर हैरी मित्सिदिस कहते हैं,‘कंट्री काउंटिंग छुट्टियां मनाने का नहीं, बल्कि यह खुद को चुनौती देने व वैश्विक पहचान बनाने का जरिया बन चुका है। लोग अब सिर्फ ‘घूमने’ नहीं निकलते, बल्कि वे दुनिया को चेकलिस्ट की तरह देखते हैं। यह जुनून इस कदर बढ़ा है कि सालभर में रिकॉर्ड 82 लोगों ने सभी देशों को सफलता के साथ घूमने का दावा किया।
टीम से बाहर होने के बाद सूर्या का पहला रिएक्शन:स्क्वाड को ‘ऑल द बेस्ट’ कहा; सूर्यवंशी के लिए लिखा- आपने यह मौका कमाया

भारतीय टी-20 टीम से बाहर किए जाने के बाद सूर्यकुमार यादव का सोशल मीडिया के जरिए पहला रिएक्शन आया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर स्टोरी शेयर करते हुए टीम इंडिया को आने वाले मैचों के लिए शुभकामनाएं दी। वहीं सीनियर टीम में पहली बार शामिल वैभव सूर्यवंशी के लिए लिखा- ‘आपने यह मौका कमाया है।’ BCCI ने शनिवार को टीम का ऐलान किया, जिसमें श्रेयस अय्यर को नया कप्तान और तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया। सेलेक्टर्स ने सूर्यकुमार को कप्तानी से हटाने के साथ टीम में भी जगह नहीं दी। सूर्या ने लिखा- आने वाली चुनौतियों के लिए शुभकामनाएं टीम के ऐलान के कुछ घंटे बाद ही सूर्या ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर भारतीय स्क्वॉड की तस्वीर शेयर की। इसके साथ उन्होंने लिखा- इस बेहद स्किल्ड ग्रुप को आने वाली चुनौतियों के लिए ऑल द बेस्ट। सूर्यवंशी के लिए कहा- आपका सफर देखने के लिए एक्साइटेड हूं सूर्यकुमार ने दूसरी स्टोरी में 15 साल के सूर्यवंशी के सेलेक्सन पर खुशी जताई। वैभव की तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा- ‘आपने यह मौका कमाया है और क्या शानदार तरीके से। आपके सफर के लिए एक्साइटेड हूं।’ सूर्या खराब फॉर्म की वजह से बाहर हुए 35 साल के सूर्या का हालिया फॉर्म खराब रहा है। इस वजह से भी उनकी टीम में जगह नहीं बन पाई हैं। उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में 9 पारियों में 136.72 के स्ट्राइक रेट से 242 रन बनाए। इसके अलावा IPL की 13 पारियों में भी 20.76 की खराब औसत से 270 रन ही बना सके थे। वे सिर्फ 2 बार ही 50 रन के आंकड़े तक पहुंच सके। सूर्या ने वर्ल्ड कप जिताया, कप्तानी में 80% मैच जीते वेस्टइंडीज में 2024 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद रोहित शर्मा ने टी-20 से संन्यास ले लिया था। इसके बाद सूर्यकुमार यादव को भारत की कप्तानी सौंपी गई थी। सूर्या की कप्तानी में भारत ने इसी साल 8 मार्च को टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। भारत अपने टाइटल को डिफेंड करने और लगातार दो टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने वाला दुनिया का पहला देश भी बना। सूर्या की कप्तानी में भारत ने 52 टी-20 मैच खेले। इसमें 42 जीते, 8 हार और 2 मैच नो रिजल्ट रहा। उनका जीत प्रतिशत 80.76% है। सूर्यकुमार की अगुआई में भारत ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 एशिया कप अपने नाम किया था। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव। एशियन गेम्स के लिए भारतीय टी-20 टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह। ——————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… वैभव सूर्यवंशी भारतीय टीम में चुने गए सबसे युवा क्रिकेटर:15 साल, 71 दिन की उम्र में सिलेक्शन हुआ; श्रेयस टी-20 के नए कप्तान वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। 15 साल, 71 दिन के वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। एशियन गेम्स में क्रिकेट के मुकाबले टी-20 फॉर्मेट में ही होते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
टीम से बाहर होने के बाद सूर्या का पहला रिएक्शन:स्क्वाड को ‘ऑल द बेस्ट’ कहा; सूर्यवंशी के लिए लिखा- आपने यह मौका कमाया

भारतीय टी-20 टीम से बाहर किए जाने के बाद सूर्यकुमार यादव का सोशल मीडिया के जरिए पहला रिएक्शन आया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर स्टोरी शेयर करते हुए टीम इंडिया को आने वाले मैचों के लिए शुभकामनाएं दी। वहीं सीनियर टीम में पहली बार शामिल वैभव सूर्यवंशी के लिए लिखा- ‘आपने यह मौका कमाया है।’ BCCI ने शनिवार को टीम का ऐलान किया, जिसमें श्रेयस अय्यर को नया कप्तान और तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया। सेलेक्टर्स ने सूर्यकुमार को कप्तानी से हटाने के साथ टीम में भी जगह नहीं दी। सूर्या ने लिखा- आने वाली चुनौतियों के लिए शुभकामनाएं टीम के ऐलान के कुछ घंटे बाद ही सूर्या ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर भारतीय स्क्वॉड की तस्वीर शेयर की। इसके साथ उन्होंने लिखा- इस बेहद स्किल्ड ग्रुप को आने वाली चुनौतियों के लिए ऑल द बेस्ट। सूर्यवंशी के लिए कहा- आपका सफर देखने के लिए एक्साइटेड हूं सूर्यकुमार ने दूसरी स्टोरी में 15 साल के सूर्यवंशी के सेलेक्सन पर खुशी जताई। वैभव की तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा- ‘आपने यह मौका कमाया है और क्या शानदार तरीके से। आपके सफर के लिए एक्साइटेड हूं।’ सूर्या खराब फॉर्म की वजह से बाहर हुए 35 साल के सूर्या का हालिया फॉर्म खराब रहा है। इस वजह से भी उनकी टीम में जगह नहीं बन पाई हैं। उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में 9 पारियों में 136.72 के स्ट्राइक रेट से 242 रन बनाए। इसके अलावा IPL की 13 पारियों में भी 20.76 की खराब औसत से 270 रन ही बना सके थे। वे सिर्फ 2 बार ही 50 रन के आंकड़े तक पहुंच सके। सूर्या ने वर्ल्ड कप जिताया, कप्तानी में 80% मैच जीते वेस्टइंडीज में 2024 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद रोहित शर्मा ने टी-20 से संन्यास ले लिया था। इसके बाद सूर्यकुमार यादव को भारत की कप्तानी सौंपी गई थी। सूर्या की कप्तानी में भारत ने इसी साल 8 मार्च को टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। भारत अपने टाइटल को डिफेंड करने और लगातार दो टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने वाला दुनिया का पहला देश भी बना। सूर्या की कप्तानी में भारत ने 52 टी-20 मैच खेले। इसमें 42 जीते, 8 हार और 2 मैच नो रिजल्ट रहा। उनका जीत प्रतिशत 80.76% है। सूर्यकुमार की अगुआई में भारत ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 एशिया कप अपने नाम किया था। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव। एशियन गेम्स के लिए भारतीय टी-20 टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह। ——————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… वैभव सूर्यवंशी भारतीय टीम में चुने गए सबसे युवा क्रिकेटर:15 साल, 71 दिन की उम्र में सिलेक्शन हुआ; श्रेयस टी-20 के नए कप्तान वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। 15 साल, 71 दिन के वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। एशियन गेम्स में क्रिकेट के मुकाबले टी-20 फॉर्मेट में ही होते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
‘लापरवाह उपेक्षा…’: युसूफ पठान से ममता के लिए लोकसभा सीट खाली करने को कहने पर सौरव गांगुली | भारत समाचार

आखरी अपडेट:06 जून, 2026, 17:11 IST एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सौरव गांगुली ने ममता बनर्जी की ओर से यूसुफ पठान से संपर्क किया और उन्हें अपनी संसदीय सीट से हटने के लिए कहा। पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी टीएमसी सांसद यूसुफ पठान के साथ। (एक्स/यूसुफ पठान) बंगाल में हाल ही में हुए चुनाव में हार के बाद, जहां वह अपनी भबनीपुर सीट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से हार गईं, खबरें सामने आईं कि ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद यूसुफ पठान से उनकी बहरामपुर सीट खाली करने के लिए कहकर संसद में प्रवेश की मांग कर रही थीं। की एक रिपोर्ट आनंदबाजार पत्रिका दावा किया गया कि पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली ने ममता बनर्जी की ओर से यूसुफ पठान से संपर्क किया था ताकि वह अपना संदेश ले सकें कि पूर्व सीएम को निर्वाचन क्षेत्र से उपचुनाव लड़ने की अनुमति देने के लिए उन्हें बहरामपुर सांसद के रूप में अपने पद से हट जाना चाहिए। यूसुफ पठान, जो एक पूर्व क्रिकेटर भी हैं, 2024 के लोकसभा चुनावों में अपने राजनीतिक पदार्पण पर बहरामपुर में एक विशाल हत्यारे के रूप में उभरे, उन्होंने अनुभवी कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को हराया। 50-52% मुस्लिम आबादी के साथ बहरामपुर टीएमसी के लिए सुरक्षित सीट मानी जाती है। ‘दादा’ ने हवा साफ़ की हालाँकि, बाद में गांगुली ने पठान से अपनी सीट खाली करने के लिए कहने से इनकार कर दिया, और उन्हें “सच्चाई की लापरवाही भरी अवहेलना” कहा। उन्होंने कहा, “उपरोक्त आरोप असत्य हैं। मैं मीडिया से अनुरोध करूंगा कि मुद्रित और प्रकाशित तथ्यों की सत्यता की पुष्टि किए बिना अफवाहों और अटकलों का शिकार न बनें। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि लेख में उपरोक्त आरोपों की सच्चाई और सत्यता की जांच और सत्यापन के लिए किट को आवश्यक नहीं समझा गया।” भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का कहना है, ”…यह आरोप लगाया गया था कि मैंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से श्री यूसुफ़ पठान से संपर्क किया था और उनका संदेश दिया था कि उन्हें अपने संवैधानिक पद से हट जाना चाहिए/इस्तीफ़ा दे देना चाहिए…” pic.twitter.com/0RkRsRhYfo– एएनआई (@ANI) 6 जून, 2026 उन्होंने कहा, ”यह रिकॉर्ड में रखना जरूरी है कि सुश्री ममता बनर्जी ने मुझसे कभी भी श्री यूसुफ पठान को कोई संदेश देने के लिए अनुरोध/कहा नहीं था, चाहे वह अपनी संसदीय सीट से हट जाएं, जैसा कि आरोप लगाया गया है या अन्यथा या बिल्कुल भी।” उन्होंने कहा कि वह कभी भी किसी भी स्तर पर राजनीतिक मामलों में शामिल नहीं रहे हैं। यह रिपोर्ट तब आई है जब टीएमसी, जिसने 2026 के विधानसभा चुनावों में सिर्फ 80 सीटें जीती थीं, 60 से अधिक विधायकों द्वारा पार्टी तोड़ने और निष्कासित नेता रीतब्रत बनर्जी को राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में चुने जाने के बाद अपने अस्तित्व के सबसे गंभीर संकट का सामना कर रही है। पार्टी के कई नेताओं ने खुलेआम पार्टी नेतृत्व के प्रति असंतोष व्यक्त किया है और पद छोड़ने की योजना बना रहे हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अवीक बनर्जी अवीक बनर्जी News18 में वरिष्ठ उप संपादक हैं। ग्लोबल स्टडीज में मास्टर की डिग्री के साथ नोएडा में रहने वाले अवीक के पास डिजिटल मीडिया और न्यूज क्यूरेशन में तीन साल से अधिक का अनुभव है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘लापरवाह उपेक्षा…’: युसूफ पठान से ममता के लिए लोकसभा सीट खाली करने को कहने पर सौरव गांगुली अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी संसद में प्रवेश(टी)ममता बनर्जी सीट(टी)सौरव गांगुली का इनकार(टी)यूसुफ पठान बहरामपुर(टी)टीएमसी राजनीतिक संकट(टी)बंगाल चुनाव झटका(टी)सुवेंदु अधिकारी की जीत(टी)ऋतब्रत बनर्जी विरोध







