Saturday, 25 Jul 2026 | 11:49 PM

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Anil Ambani Relief | Swiss Bank Black Money Act IT Action Halt

Anil Ambani Relief | Swiss Bank Black Money Act IT Action Halt

नई दिल्ली52 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉम्बे हाई कोर्ट ने इनकम टैक्स (IT) डिपार्टमेंट को रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ ब्लैक मनी एक्ट के तहत किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है। आईटी विभाग ने अंबानी पर दो स्विस बैंक खातों में रखे 814 करोड़ रुपए से ज्यादा के अघोषित फंड पर 420 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी करने का आरोप लगाया है। जस्टिस बी पी कोलाबावाला और जस्टिस फिरदोष पूनीवाला की डिवीजन बेंच ने अंबानी की याचिका को अंतिम सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने कहा कि ब्लैक मनी एक्ट, 2015 के प्रावधानों को चुनौती देने वाली ऐसी ही अन्य याचिकाएं भी कोर्ट के सामने पेंडिंग हैं। स्विट्जरलैंड के दो बैंक खातों में ₹814 करोड़ होने का आरोप इनकम टैक्स विभाग का आरोप है कि अनिल अंबानी ने जानबूझकर भारतीय टैक्स अधिकारियों से अपने विदेशी बैंक खातों और वित्तीय हितों की जानकारी छुपाई है। विभाग के असेसिंग ऑफिसर ने 31 मार्च 2022 को ब्लैक मनी एक्ट की धारा 10(3) के तहत एक असेसमेंट ऑर्डर पास किया था। इस ऑर्डर में कहा गया था कि अंबानी के पास अघोषित विदेशी संपत्तियां हैं। बहामास और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स से जुड़ा है कनेक्शन आईटी विभाग के नोटिस के अनुसार, अनिल अंबानी बहामास स्थित ‘डायमंड ट्रस्ट’ और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में रजिस्टर्ड कंपनी ‘नॉर्दर्न अटलांटिक ट्रेडिंग अनलिमिटेड’ (NATU) के ‘इकोनॉमिक कंट्रीब्यूटर’ और ‘बेनिफिशियल ओनर’ थे। विभाग ने इसे ‘जानबूझकर’ की गई टैक्स चोरी का मामला बताया है। कोर्ट ने कहा- अपील जारी रहेगी, लेकिन एक्शन नहीं होगा हाई कोर्ट ने नोट किया कि अनिल अंबानी असेसमेंट ऑर्डर के खिलाफ पहले ही कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील) के सामने चुनौती दे चुके हैं। अदालत ने साफ किया कि वह अपील प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है और उस पर आदेश भी जारी हो सकते हैं। हालांकि, जब तक इस रिट याचिका पर सुनवाई और अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक याचिकाकर्ता के खिलाफ मुकदमा चलाने या जुर्माना लगाने जैसी कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। 2015 का कानून पुराने मामलों पर लागू नहीं हो सकता अनिल अंबानी ने याचिका में दलील दी है कि ब्लैक मनी एक्ट साल 2015 में लागू हुआ था। जबकि आईटी विभाग जिन ट्रांजैक्शन्स की जांच कर रहा है, वे असेसमेंट ईयर 2006-07 और 2010-11 से संबंधित हैं। अंबानी के मुताबिक, इस एक्ट के प्रावधानों को पिछली तारीख से लागू नहीं किया जा सकता है। उन्होंने एक्ट के कुछ प्रावधानों को भारतीय संविधान के खिलाफ भी बताया है। कोर्ट ने इस पर केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। दोषी पाए जाने पर हो सकती है 10 साल तक की जेल इनकम टैक्स विभाग के नोटिस के मुताबिक, इस मामले में अनिल अंबानी को ब्लैक मनी एक्ट की धारा 50 और 51 के तहत मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है। इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल की जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें अंतरिम राहत मिल गई है और मामले की अंतिम सुनवाई बाद में होगी। क्या है ब्लैक मनी एक्ट की धारा 50 और 51? ‘ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 की धारा 50 और 51 के तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर अपने विदेशी खातों या संपत्तियों की जानकारी आईटी रिटर्न में नहीं देता है या टैक्स चोरी की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है। इसमें कम से कम 3 साल और अधिकतम 10 साल की कड़ी जेल की सजा के साथ भारी जुर्माने का नियम है। ये खबर भी पढ़ें… अडाणी एनर्जी सबसे बड़ी स्मार्ट मीटर कंपनी बनी: ₹3,050 करोड़ में खरीदी इंटेलिस्मार्ट, अब कंपनी के पास 4.7 करोड़ स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो होगा अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को खरीद लिया है। यह सौदा पूरे 3,050 करोड़ रुपए में हुआ है। इसके तहत एईएसएल को इंटेलिस्मार्ट की पूरी 100% हिस्सेदारी मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

टीएमसी में उथल-पुथल गहराने पर सुष्मिता देव ने दिया इस्तीफा: विद्रोह, पतन या राजनीतिक रीसेट? | #साफ बात

टीएमसी में उथल-पुथल गहराने पर सुष्मिता देव ने दिया इस्तीफा: विद्रोह, पतन या राजनीतिक रीसेट? | #साफ बात

सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद तृणमूल कांग्रेस को राजनीतिक उथल-पुथल की एक नई लहर का सामना करना पड़ रहा है, जिससे सवाल उठने लगे हैं कि क्या पार्टी उथल-पुथल, बगावत या पतन की ओर बढ़ रही है। यह घटनाक्रम अधिक नेताओं द्वारा खुद को टीएमसी से दूर करने, रैंकों के भीतर बढ़ते असंतोष और ममता बनर्जी के नेतृत्व पर बढ़ते दबाव की खबरों के बीच आया है। कथित तौर पर बीजेपी संभावित दल-बदल पर नजर रख रही है और कांग्रेस खुद को असंतुष्ट नेताओं की शरणस्थली के रूप में पेश कर रही है, बंगाल का राजनीतिक परिदृश्य बेहद अस्थिर चरण में प्रवेश करता दिख रहा है। क्या यह टीएमसी के लिए सिर्फ एक अस्थायी संकट है, या पश्चिम बंगाल में एक बड़े राजनीतिक पुनर्गठन की शुरुआत है? n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_plain-speakNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 10 जून, 2026, 19:24 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल की राजनीति(टी)बीजेपी की नजर टीएमसी के बागियों(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)कांग्रेस टीएमसी नेताओं(टी)भारतीय राजनीति(टी)ममता बनर्जी(टी)ममता बनर्जी नेतृत्व(टी)ममता संकट(टी)न्यूज18(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)राजनीतिक पुनर्गठन बंगाल(टी)सुष्मिता देव(टी)सुष्मिता देव टीएमसी छोड़ें(टी) सुष्मिता देव इस्तीफा(टी)टीएमसी(टी)टीएमसी पतन(टी)टीएमसी संकट(टी)टीएमसी दलबदल(टी)टीएमसी आंतरिक संकट(टी)टीएमसी नेताओं का इस्तीफा(टी)टीएमसी विद्रोह(टी)टीएमसी विद्रोह(टी)टीएमसी इस्तीफे(टी)टीएमसी उथल-पुथल(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति

PoK में पाकिस्तानी सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश:21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर, दावा- प्रदर्शन रोकने के लिए जा रहे थे सैनिक

PoK में पाकिस्तानी सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश:21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर, दावा- प्रदर्शन रोकने के लिए जा रहे थे सैनिक

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बुधवार को पाकिस्तान सेना का एक MI-17 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा मुजफ्फराबाद के पास उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हुआ। हेलिकॉप्टर में सवार सभी 21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि सेना ने अभी यह नहीं बताया है कि हेलिकॉप्टर में कुल कितने लोग सवार थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये सुरक्षाकर्मी PoK के नीलम घाटी सेक्टर जा रहे थे। वहां पर विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। इस वजह से सरकार वहां एक्स्ट्रा सैनिक तैनात कर रही है। मुजफ्फराबाद में उड़ान भरने के बाद हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई। पायलट ने आपातकालीन लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन सुरक्षित उतारा नहीं जा सका। पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि दुर्घटना की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर हादसे से जुड़ा वीडियो वायरल है… आर्मी चीफ मुनीर ने हादसे की जांच का आदेश दिया सेना ने कहा है कि दुर्घटना की असली वजह पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर समेत सेना के सभी अधिकारियों और जवानों ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी हेलिकॉप्टर हादसे पर शोक जताया। दोनों नेताओं ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और कहा कि पूरा देश इन सैनिकों के बलिदान को सलाम करता है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि देश इन बहादुर सैनिकों की कुर्बानी को हमेशा याद रखेगा। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने मृतकों के लिए प्रार्थना की और उनके परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति मिलने की कामना की। PoK में प्रदर्शन को रोकने सेना तैनात यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब मुजफ्फराबाद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त है। हाल के दिनों में वहां बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी। इसकी वजह यह थी कि एक विरोध आंदोलन से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन करने का ऐलान किया था, जबकि स्थानीय सरकार ने उस संगठन पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। रविवार को क्षेत्र के पुंछ जिले की राजधानी रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद PoK में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। साथ ही सरकार ने पूरे क्षेत्र के लिए सख्त यात्रा सलाह भी जारी की है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

PoK में पाकिस्तानी सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश:21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर, दावा- प्रदर्शन रोकने के लिए जा रहे थे सैनिक

PoK में पाकिस्तानी सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश:21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर, दावा- प्रदर्शन रोकने के लिए जा रहे थे सैनिक

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बुधवार को पाकिस्तान सेना का एक MI-17 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा मुजफ्फराबाद के पास उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हुआ। हेलिकॉप्टर में सवार सभी 21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि सेना ने अभी यह नहीं बताया है कि हेलिकॉप्टर में कुल कितने लोग सवार थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये सुरक्षाकर्मी PoK के नीलम घाटी सेक्टर जा रहे थे। वहां पर विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। इस वजह से सरकार वहां एक्स्ट्रा सैनिक तैनात कर रही है। मुजफ्फराबाद में उड़ान भरने के बाद हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई। पायलट ने आपातकालीन लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन सुरक्षित उतारा नहीं जा सका। पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि दुर्घटना की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर हादसे से जुड़ा वीडियो वायरल है… आर्मी चीफ मुनीर ने हादसे की जांच का आदेश दिया सेना ने कहा है कि दुर्घटना की असली वजह पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर समेत सेना के सभी अधिकारियों और जवानों ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी हेलिकॉप्टर हादसे पर शोक जताया। दोनों नेताओं ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और कहा कि पूरा देश इन सैनिकों के बलिदान को सलाम करता है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि देश इन बहादुर सैनिकों की कुर्बानी को हमेशा याद रखेगा। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने मृतकों के लिए प्रार्थना की और उनके परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति मिलने की कामना की। PoK में प्रदर्शन को रोकने सेना तैनात यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब मुजफ्फराबाद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त है। हाल के दिनों में वहां बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी। इसकी वजह यह थी कि एक विरोध आंदोलन से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन करने का ऐलान किया था, जबकि स्थानीय सरकार ने उस संगठन पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। रविवार को क्षेत्र के पुंछ जिले की राजधानी रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद PoK में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। साथ ही सरकार ने पूरे क्षेत्र के लिए सख्त यात्रा सलाह भी जारी की है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

‘कांग्रेस में विलय नहीं’: ममता-सोनिया गांधी की मुलाकात के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने अटकलों को खारिज किया | भारत समाचार

India vs England Live Score: Follow all the live updates from the ICC Women T20 World Cup warm-up match. (Picture Credit: ICC)

आखरी अपडेट:10 जून, 2026, 18:57 IST पिछले महीने के विधानसभा चुनाव के फैसले के बाद टीएमसी से अलग होने वाले ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि उन्हें वर्तमान में 64 टीएमसी विधायकों का समर्थन प्राप्त है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से टीएमसी बड़े आंतरिक विद्रोह से जूझ रही है। (स्रोत: पीटीआई फ़ाइल) पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष रीतब्रत बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस के बीच संभावित विलय की अटकलों को खारिज कर दिया है और कहा है कि पार्टी के भीतर विद्रोही गुट की सबसे पुरानी पार्टी में शामिल होने की कोई योजना नहीं है। पिछले महीने के विधानसभा चुनाव के फैसले के बाद टीएमसी से अलग हो गए बनर्जी ने दावा किया कि उन्हें वर्तमान में 64 टीएमसी विधायकों का समर्थन प्राप्त है। बनर्जी ने कहा, “फिलहाल गिनती 64 है। ये विधायक स्पीकर को एक पत्र सौंपेंगे। जहां तक ​​हमारे विधायक दल का सवाल है, हम निश्चित रूप से कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं।” उन्होंने आगे दावा किया कि बड़ी संख्या में टीएमसी सांसद भी कांग्रेस में विलय के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हमारे दो-तिहाई से अधिक सांसद भी कांग्रेस में विलय नहीं कर रहे हैं। तो, कौन किसके साथ विलय कर रहा है? जहां तक ​​हमारा सवाल है, सांसद नहीं जा रहे हैं, हम नहीं जा रहे हैं, नगर निगम के प्रतिनिधि नहीं जा रहे हैं, जिला परिषद सदस्य नहीं जा रहे हैं और पंचायत सदस्य नहीं जा रहे हैं। विलय का कोई सवाल ही नहीं है।” निलंबित टीएमसी नेता रिजु दत्ता ने आसन्न विलय की रिपोर्टों पर सवाल उठाते हुए इसी तरह की भावनाएं व्यक्त कीं। “दिलचस्प परिदृश्य! टीएमसी के बागी सांसद (15+/20) कांग्रेस के साथ विलय या हाथ नहीं मिला रहे हैं। बागी विधायक (64+/80) कांग्रेस के साथ विलय या हाथ नहीं मिला रहे हैं। फिर टीएमसी से कौन वास्तव में कांग्रेस के साथ विलय या शामिल हो रहा है?” दत्ता ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा। दिलचस्प परिदृश्य! टीएमसी के बागी सांसद (15+/20) कांग्रेस में विलय/हाथ नहीं मिला रहे हैं बागी विधायक (64+/80) कांग्रेस में विलय/हाथ नहीं मिला रहे हैं तो फिर टीएमसी के कौन लोग वास्तव में कांग्रेस में विलय/शामिल हो रहे हैं?? — ???????????????? ??????????????????? (@RijuDutta_84) 10 जून, 2026 यह भी पढ़ें | काकोली घोष दस्तीदार और रीताब्रता बनर्जी कौन हैं? टीएमसी के बढ़ते विद्रोह के चेहरे टीएमसी में बगावत गहराती जा रही है पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से टीएमसी बड़े आंतरिक विद्रोह से जूझ रही है। पार्टी पहले ही विधानसभा और संसद दोनों में महत्वपूर्ण विभाजन देख चुकी है। विद्रोही विधायकों ने 58 विधायकों के समर्थन का दावा किया है जिन्होंने पार्टी नेतृत्व की अवहेलना की और टीएमसी के आधिकारिक उम्मीदवार शोभनदेब चट्टोपाध्याय के बजाय विपक्ष के नेता के रूप में रीतब्रत बनर्जी का समर्थन किया। संसद में टीएमसी के 20 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एक अलग संसदीय गुट के गठन की जानकारी दी है और एनडीए को समर्थन देने का वादा किया है. विद्रोह ने पार्टी पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के संगठनात्मक नियंत्रण को एक महत्वपूर्ण झटका दिया है और उनके प्रति वफादार बने रहने वाले गुट के भविष्य पर अनिश्चितता बढ़ गई है। यह मंथन राज्यसभा तक भी पहुंच गया है. टीएमसी के 13 राज्यसभा सांसदों में से सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने उच्च सदन और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया है। यह भी पढ़ें | ‘कांग्रेस के साथ हाथ मिलाएं’: दल-बदल से टीएमसी में हलचल के बीच सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी से ‘वापस लड़ने’ को कहा राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, ममता बनर्जी की हाल ही में कांग्रेस नेतृत्व के साथ बैठक और नई दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक में उनकी भागीदारी ने संभावित राजनीतिक पुनर्गठन या विलय के बारे में अटकलों को हवा दी। हालाँकि, विद्रोही गुट के नेताओं ने ऐसे सुझावों को दृढ़ता से खारिज कर दिया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में -सौरभ वर्मावरिष्ठ उपसंपादक सौरभ वर्मा मुख्य उप-संपादक के रूप में News18.com के लिए सामान्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दैनिक समाचारों को कवर करते हैं। वह राजनीति पर गहरी नजर रखते हैं। आप उन्हें ट्विटर –twitter.com/saurbhkverma19 पर फ़ॉलो कर सकते हैं न्यूज़ इंडिया ‘कांग्रेस में विलय नहीं’: ममता-सोनिया गांधी की मुलाकात के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने अटकलों को खारिज किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी कांग्रेस का विलय(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)ऋतब्रत बनर्जी(टी)तृणमूल कांग्रेस विद्रोह(टी)बागी टीएमसी विधायक(टी)बागी टीएमसी सांसद(टी)ममता बनर्जी नेतृत्व(टी)इंडिया ब्लॉक अटकलें

विशेष | आसान फैसला नहीं, राजनीति किसी अन्य चुनौती की तरह नहीं: टीएमसी के इस्तीफे पर सुष्मिता देव

विशेष | आसान फैसला नहीं, राजनीति किसी अन्य चुनौती की तरह नहीं: टीएमसी के इस्तीफे पर सुष्मिता देव

एक विशेष बातचीत में, सुष्मिता देव ने तृणमूल कांग्रेस से अपने इस्तीफे पर खुलकर बात करते हुए कहा कि यह निर्णय लेना आसान नहीं था। देव ने कहा कि राजनीति “किसी अन्य व्यवसाय की तरह नहीं है” और उन्होंने भारतीय राजनीति की बदलती प्रकृति पर विचार किया। एनडीए सरकार के साथ ममता बनर्जी के अतीत के जुड़ाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “किसने सोचा होगा कि वही ममता बनर्जी जो एक बार एनडीए सरकार के साथ गई थीं, उन्हें आज इतना नुकसान उठाना पड़ेगा?” उनकी टिप्पणी टीएमसी के भीतर गहराती उथल-पुथल, बढ़ते आंतरिक असंतोष और पार्टी की भविष्य की दिशा पर अटकलों के बीच आई है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 10 जून, 2026, 18:47 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)असम की राजनीति(टी)बंगाल की राजनीति(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)एक्सक्लूसिव इंटरव्यू(टी)भारतीय राजनीति(टी)ममता बनर्जी(टी)न्यूज18(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)सुष्मिता देव(टी)टीएमसी(टी)तृणमूल कांग्रेस

सुष्मिता देव का कहना है कि वह टीएमसी के इस्तीफे के बाद असम से राजनीति करने की इच्छुक हैं विशेष | न्यूज18

सुष्मिता देव का कहना है कि वह टीएमसी के इस्तीफे के बाद असम से राजनीति करने की इच्छुक हैं विशेष | न्यूज18

एक विशेष बातचीत में, सुष्मिता देव ने तृणमूल कांग्रेस से अपने इस्तीफे और अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में खुलकर बात की। देव ने कहा कि वह असम से राजनीति करने के लिए बहुत उत्सुक हैं, उन्होंने कहा कि उनके पास बंगाल के लोगों तक बात पहुंचाने का कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने खुलासा किया कि अपना इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद, वह असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मिलने गईं, उन्होंने कहा कि उनका मानना ​​है कि वह उनका मार्गदर्शन करने के लिए सबसे अच्छे व्यक्ति हैं। सुष्मिता देव ने कहा, “मैं असम से राजनीति करने के लिए बहुत उत्सुक हूं। मेरे पास बंगाल के लोगों तक बात पहुंचाने का कोई रास्ता नहीं था, और यही कारण है कि अपना इस्तीफा देने के तुरंत बाद मैं हिमंत बिस्वा सरमा से मिलने गई क्योंकि मुझे पता था कि वह मेरा मार्गदर्शन करने के लिए सबसे अच्छे व्यक्ति थे।” उनकी टिप्पणी टीएमसी से बाहर निकलने के बाद बड़े राजनीतिक मंथन और अटकलों के बीच आई है। अपने अगले राजनीतिक कदम पर. n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 10 जून, 2026, 18:39 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)असम बीजेपी(टी)असम सीएम(टी)असम पॉलिटिक्स(टी)बंगाल पॉलिटिक्स(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)एक्सक्लूसिव इंटरव्यू(टी)हिमांता(टी)हिमांता बिस्वा सरमा(टी)इंडियन पॉलिटिक्स(टी)न्यूज18(टी)पॉलिटिकल न्यूज इंडिया(टी)सुष्मिता देव(टी)टीएमसी(टी)तृणमूल कांग्रेस

#एक्सक्लूसिव | 4 मई के जनादेश के कारण पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा देना पड़ा: सुष्मिता देव ने टीएमसी से बाहर निकलने की व्याख्या की

#एक्सक्लूसिव | 4 मई के जनादेश के कारण पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा देना पड़ा: सुष्मिता देव ने टीएमसी से बाहर निकलने की व्याख्या की

एक विशेष बातचीत में, सुष्मिता देव ने तृणमूल कांग्रेस से अपने इस्तीफे और अपने राज्यसभा पद के बारे में खुलकर बात की। 4 मई के जनादेश के बाद देव ने कहा कि उन्होंने आगे के रास्ते के बारे में सोचना शुरू कर दिया, जिसके कारण उन्हें पहले पार्टी से इस्तीफा देना पड़ा और फिर अपनी राज्यसभा सीट से इस्तीफा देना पड़ा। “4 मई के जनादेश और उसके बाद, मैंने सोचना शुरू कर दिया कि आगे का रास्ता क्या होना चाहिए, जिसकी परिणति सबसे पहले पार्टी से मेरे इस्तीफे के रूप में हुई। अगली सबसे अच्छी बात मेरे राज्यसभा पद से इस्तीफा देना था।” सुष्मिता देव ने कहा। उनकी टिप्पणी टीएमसी के भीतर बढ़ते राजनीतिक मंथन और पार्टी की भविष्य की दिशा पर नए सिरे से सवाल उठने के बीच आई है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 10 जून, 2026, 18:20 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल पॉलिटिक्स(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)एक्सक्लूसिव इंटरव्यू(टी)भारतीय राजनीति(टी)ममता बनर्जी(टी)न्यूज18(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)सुष्मिता देव(टी)टीएमसी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति

अमेरिका ने वर्ल्ड कप को बनाया ‘एंटरटेनमेंट पैकेज’:फुटबॉल का अमेरिकी मेकओवर, कई मेगा कॉन्सर्ट; मशहूर हस्तियों से प्रमोशन

अमेरिका ने वर्ल्ड कप को बनाया ‘एंटरटेनमेंट पैकेज’:फुटबॉल का अमेरिकी मेकओवर, कई मेगा कॉन्सर्ट; मशहूर हस्तियों से प्रमोशन

पीढ़ियों से, फुटबॉल ने दुनिया भर में अपनी सादगी और जुनून के दम पर खुद को स्थापित किया है। यह हमेशा से महज 90 मिनट का एक सीधा-सादा खेल रहा है, जिसकी पहचान स्टेडियम में गूंजती दर्शकों की दहाड़ और अपनी टीम के प्रति गहरी वफादारी से रही है। फुटबॉल एक ऐसा खेल है, जो युद्धों को रोकने और राष्ट्रों को एकजुट करने की ताकत रखता है। लेकिन, इस बार का फीफा वर्ल्ड कप अमेरिकी ‘मनोरंजन पूंजीवाद’ के साये में आयोजित हो रहा है। इस वजह से यह खेल शायद अब तक के अपने सबसे बड़े और अभूतपूर्व सांस्कृतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका अब केवल फुटबॉल की मेजबानी नहीं कर रहा है। वह इसे पूरी तरह से एक नए हॉलीवुड पैकेज में ढालकर दुनिया के सामने पेश कर रहा है। वीआईपी फैन एक्सपीरियंस और कॉरपोरेट-थीम वाले फैन फेस्टिवल से लेकर मशहूर हस्तियों के हाफटाइम शो और हॉलीवुड-शैली की ब्रांडिंग तक, अमेरिका ने फुटबॉल को एक ‘लार्जर दैन लाइफ’ के एंटरटेनमेंट पैकेज में बदल दिया है। इससे यह दुनिया के सबसे प्रिय पारंपरिक खेल के बजाय अमेरिका के प्रतिष्ठित ‘सुपर बाउल’, ‘डिज्नीलैंड’ या किसी भव्य संगीत पुरस्कार समारोह जैसा अधिक दिखने लगा है। पहली बार मल्टी-सिटी काउंटडाउन कॉन्सर्ट आयोजित किया जा रहा है। केवल एक ओपनिंग समारोह के बजाय अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में सिंक किए गए तीन अलग-अलग समारोह होंगे। इसके अलावा कई जगहों पर मेगा-कॉन्सर्ट भी होंगे, जिनमें ग्लोबल स्टार्स परफॉर्म करेंगे। इन बदलावों ने वर्ल्ड कप जैसे पारंपरिक फुटबॉल टूर्नामेंट के अनुभव को पूरी तरह से एक ग्लोबल एंटरटेनमेंट इवेंट में बदल दिया है। हाफटाइम के दौरान कॉन्सर्ट; शकीरा, मैडोना और बीटीएस की परफॉर्मेंस – पारंपरिक रूप से फुटबॉल में 45 मिनट के बाद 15 मिनट का हाफटाइम ब्रेक खिलाड़ियों के रेस्ट और कोच की रणनीतियों के लिए होता है। लेकिन अमेरिका इसे एक मिनी-कॉन्सर्ट में बदल रहा है। – पहली बार फाइनल में अमेरिकी खेल सुपर बाउल की तर्ज पर एक भव्य हाफटाइम शो आयोजित किया जाएगा। इस शो को मशहूर बैंड कोल्डप्ले के क्रिस मार्टिन द्वारा क्यूरेट किया जा रहा है। इसमें शकीरा, मैडोना, बीटीएस जैसे ग्लोबल स्टार्स परफॉर्म करेंगे। – फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने इस आयोजन को एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा है कि यह दुनिया के बड़े मंच पर संगीत और फुटबॉल को एकजुट करेगा। – यह हाफटाइम तमाशा कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। यह अमेरिका में हाल ही में आयोजित फीफा क्लब वर्ल्ड कप के दौरान किए गए एक सफल प्रयोग के बाद हो रहा है। क्लब वर्ल्ड कप के हाफटाइम में ​जे बाल्विन, दोजा कैट, टेम्स और कोल्डप्ले जैसे कलाकारों ने परफॉर्म किया था। एंटरटेनमेंट इकोसिस्टम- पर्दे के पीछे की कहानियां दिखाने के लिए ओटीटी से डील – एनएफएल के पूर्व कार्यकारी और स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड व बिजनेस ऑफ स्पोर्ट्स पॉडकास्ट के स्पोर्ट्स बिजनेस एनालिस्ट एंड्रयू ब्रांट का कहना है कि यह अब सिर्फ फुटबॉल नहीं रह गया है। यह एक मल्टीमीडिया एंटरटेनमेंट इकोसिस्टम है। अमेरिका खेल को केवल स्टेडियम तक सीमित नहीं रख रहा है। इस इकोसिस्टम में कई चीजें शामिल हैं, जैसे कि पर्दे के पीछे की कहानियां दिखाने वाली ‘डॉक्यूमेंट्रीज’ (नेटफ्लिक्स या अमेजन प्राइम पर) के भारी भरकम सौदे। – मोबाइल ऐप्स, फैंटेसी फुटबॉल, जहां प्रशंसक हर मैच और हर गोल पर सट्टा या पॉइंट्स लगा सकते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया एंगेजमेंट, जिसमें केवल मैच का प्रसारण नहीं, बल्कि स्टेडियम के भीतर बैठे दर्शकों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लाइव रिएक्शन के जरिए डिजिटल विज्ञापन रेवेन्यू कमाना। एक्सपो जैसे हुए फैन जोन, इनका मकसद जेब से पैसा खर्च करवाना फैन जोन में फैंस से ज्यादा ब्रांड प्रमोटर्स – पारंपरिक रूप से, यूरोप और लैटिन अमेरिका में फीफा फैन जोन आम फैंस के लिए डिजाइन किए जाते थे। वहां प्रशंसक एक साथ ड्रम बजाते, बीयर पीते और अपनी टीम के गीत गाते थे। लेकिन कई प्रशंसकों और आलोचकों का तर्क है कि इस बार ये फैन जोन कॉरपोरेट मनोरंजन पार्क और ब्रांडेड एक्सपो जैसे होते जा रहे हैं। लग्जरी हॉस्पिटैलिटी लाउंज और स्पॉन्सर एक्टिवेशन टेंट हैं, जहां असली फैंस से ज्यादा ब्रांड प्रमोटर्स होते हैं। – ‘इन्फ्लुएंसर जोन’, जहां केवल ज्यादा फॉलोअर्स वाले सोशल मीडिया क्रिएटर्स को प्रवेश मिलता है। – एआई-संचालित फैन एंगेजमेंट बूथ और एलईडी स्क्रीन उत्साह को खत्म कर मशीन-आधारित अनुभव देते हैं। कई जगह सिर्फ वीआईपी लोगों को वरीयता अर्जेंटीना के एक समर्थक ने कहा, ‘इन फैन जोन में फुटबॉल फैन की तरह महसूस नहीं होता। ये ब्रांडेड एक्सपो जैसे हैं। मेरे देश में, स्टेडियम का माहौल वहां के लोगों का होता है। वहां ड्रम, देशों के झंडे, उनके एंथम सुनाई देते हैं, जो पीढ़ियों से चले आ रहे हैं। अमेरिका में तो ऐसा लग रहा है कि हर चीज पहले से तय की गई है। आपको कब खुश होना है, यह बताने के लिए स्पीकर से तेज संगीत बजाया जाता है। यदि आप बहुत देर तक खड़े रहते हैं तो सुरक्षाकर्मी आपको बैठने के लिए कहते हैं। बैठने की जगहें भी वीआईपी टिकट धारकों या क्रेडिट कार्ड ट्रायल वालों तक सीमित हैं। हर कोना आपकी जेब से डॉलर निकालने के लिए डिजाइन किया गया है।’ टिकट के प्रीमियम पैकेज, मांग के अनुसार बदलते दाम – व्यावसायीकरण फुटबॉल में हमेशा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका इसे एक नए स्तर पर ले जा रहा है। अमेरिका में स्ट्रीमिंग पार्टनरशिप व ‘डायनामिक टिकट प्राइसिंग’ (मांग के अनुसार टिकट के दाम खुद-ब-खुद बढ़ना) मॉडल का आक्रामक रूप से इस्तेमाल किया गया। – विश्लेषकों का कहना है कि वर्ल्ड कप को अब खेल प्रतियोगिता के बजाय ‘ग्लोबल एंटरटेनमेंट फ्रेंचाइजी’ की तरह देखा जा रहा है। मैसाचुसेट्स में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डॉ. विक्टर मैथेसन का कहना है, ‘यहां हर चीज टेलीविजन दर्शकों, प्रीमियम उपभोक्ताओं और विज्ञापनदाताओं के मुताबिक की जा रही है। फीफा को प्रसारण, प्रायोजन, हॉस्पिटैलिटी पैकेज, पर्यटन से अरबों डॉलर के राजस्व की उम्मीद है। अब टिकट केवल मैच देखने के लिए नहीं हैं। एक्सक्लूसिव व्यूइंग डेक, लग्जरी डाइनिंग, कलाकारों से मिलने का एक्सेस, प्राइवेट बार और फास्ट-ट्रैक एंट्री सिस्टम के नाम पर लाखों डॉलर के प्रीमियम पैकेज बेचे जा रहे हैं।’ कई सेलेब्रिटी को बनाया ब्रांड एंबेसडर, दूसरे खेलों के स्टार्स से कराया जा रहा

टीएमसी के लिए खेला शेष? यहां देखें ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले 19 टीएमसी सांसदों की सूची | भारत समाचार

India vs England Live Score: Follow all the live updates from the ICC Women T20 World Cup warm-up match. (Picture Credit: ICC)

आखरी अपडेट:10 जून, 2026, 17:40 IST टीएमसी को गहराते संकट का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि युसुफ पठान, अबू ताहिर खान और अन्य सहित सांसदों का एक बढ़ता असंतुष्ट खेमा हालिया असफलताओं के बाद पार्टी नेतृत्व को चुनौती दे रहा है। टीएमसी संकट: मई 2026 में बंगाल में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में एक गंभीर आंतरिक विद्रोह हो गया है, जिससे ममता बनर्जी की पार्टी के लिए अस्तित्व का खतरा पैदा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर राजनीतिक संकट बुधवार को तेज हो गया, जब कई प्रमुख सांसदों को पार्टी नेतृत्व को चुनौती देने वाले बढ़ते असंतुष्ट खेमे का हिस्सा बताया गया। विद्रोह से जुड़े सांसदों की सूची में यूसुफ पठान, अबू ताहेर खान, पार्थ भौमिक, काकोली घोष दस्तीदार, बापी हलदर, सयोनी घोष, रचना बनर्जी, असित मल, के रहमान, शर्मिला सरकार, मिताली बाग, शत्रुघ्न सिन्हा, कालीपद सोरेन, जून मालिया, माला रॉय, देव अधिकारी, शताब्दी रॉय, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया और अरूप चक्रवर्ती शामिल हैं। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर चिंताओं को बढ़ा दिया है क्योंकि टीएमसी की हालिया राजनीतिक असफलताओं के बाद विद्रोह का विस्तार जारी है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया टीएमसी के लिए खेला शेष? यहां ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले 19 टीएमसी सांसदों की सूची दी गई है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी(टी)टीएमसी संकट(टी)तृणमूल कांग्रेस विद्रोह(टी)टीएमसी राजनीतिक संकट(टी)यूसुफ पठान(टी)अबू ताहेर खान(टी)पार्थ भौमिक(टी)काकोली घोष दस्तीदार(टी)बापी हलधर(टी)सयोनी घोष(टी)रचना बनर्जी(टी)असित मल(टी)के रहमान(टी)शर्मिला सरकार(टी)मिताली बैग(टी)शत्रुघ्न सिन्हा(टी)कालीपद सोरेन(टी)जून मालिया(टी)माला रॉय(टी)देव अधिकारी(टी)सताब्दी रॉय(टी)जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया(टी)अरूप चक्रवर्ती(टी)तृणमूल कांग्रेस असंतोष(टी)टीएमसी बागी सांसद(टी)ममता बनर्जी पार्टी संकट(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)टीएमसी आंतरिक दरार