Sunday, 26 Jul 2026 | 01:08 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Anil Ambani Relief | Swiss Bank Black Money Act IT Action Halt

Anil Ambani Relief | Swiss Bank Black Money Act IT Action Halt

नई दिल्ली52 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बॉम्बे हाई कोर्ट ने इनकम टैक्स (IT) डिपार्टमेंट को रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ ब्लैक मनी एक्ट के तहत किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है।

आईटी विभाग ने अंबानी पर दो स्विस बैंक खातों में रखे 814 करोड़ रुपए से ज्यादा के अघोषित फंड पर 420 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी करने का आरोप लगाया है।

जस्टिस बी पी कोलाबावाला और जस्टिस फिरदोष पूनीवाला की डिवीजन बेंच ने अंबानी की याचिका को अंतिम सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।

कोर्ट ने कहा कि ब्लैक मनी एक्ट, 2015 के प्रावधानों को चुनौती देने वाली ऐसी ही अन्य याचिकाएं भी कोर्ट के सामने पेंडिंग हैं।

स्विट्जरलैंड के दो बैंक खातों में ₹814 करोड़ होने का आरोप

इनकम टैक्स विभाग का आरोप है कि अनिल अंबानी ने जानबूझकर भारतीय टैक्स अधिकारियों से अपने विदेशी बैंक खातों और वित्तीय हितों की जानकारी छुपाई है।

विभाग के असेसिंग ऑफिसर ने 31 मार्च 2022 को ब्लैक मनी एक्ट की धारा 10(3) के तहत एक असेसमेंट ऑर्डर पास किया था। इस ऑर्डर में कहा गया था कि अंबानी के पास अघोषित विदेशी संपत्तियां हैं।

बहामास और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स से जुड़ा है कनेक्शन

आईटी विभाग के नोटिस के अनुसार, अनिल अंबानी बहामास स्थित ‘डायमंड ट्रस्ट’ और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में रजिस्टर्ड कंपनी ‘नॉर्दर्न अटलांटिक ट्रेडिंग अनलिमिटेड’ (NATU) के ‘इकोनॉमिक कंट्रीब्यूटर’ और ‘बेनिफिशियल ओनर’ थे। विभाग ने इसे ‘जानबूझकर’ की गई टैक्स चोरी का मामला बताया है।

कोर्ट ने कहा- अपील जारी रहेगी, लेकिन एक्शन नहीं होगा

हाई कोर्ट ने नोट किया कि अनिल अंबानी असेसमेंट ऑर्डर के खिलाफ पहले ही कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील) के सामने चुनौती दे चुके हैं। अदालत ने साफ किया कि वह अपील प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है और उस पर आदेश भी जारी हो सकते हैं।

हालांकि, जब तक इस रिट याचिका पर सुनवाई और अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक याचिकाकर्ता के खिलाफ मुकदमा चलाने या जुर्माना लगाने जैसी कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

2015 का कानून पुराने मामलों पर लागू नहीं हो सकता

अनिल अंबानी ने याचिका में दलील दी है कि ब्लैक मनी एक्ट साल 2015 में लागू हुआ था। जबकि आईटी विभाग जिन ट्रांजैक्शन्स की जांच कर रहा है, वे असेसमेंट ईयर 2006-07 और 2010-11 से संबंधित हैं।

अंबानी के मुताबिक, इस एक्ट के प्रावधानों को पिछली तारीख से लागू नहीं किया जा सकता है। उन्होंने एक्ट के कुछ प्रावधानों को भारतीय संविधान के खिलाफ भी बताया है। कोर्ट ने इस पर केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

दोषी पाए जाने पर हो सकती है 10 साल तक की जेल

इनकम टैक्स विभाग के नोटिस के मुताबिक, इस मामले में अनिल अंबानी को ब्लैक मनी एक्ट की धारा 50 और 51 के तहत मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है।

इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल की जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें अंतरिम राहत मिल गई है और मामले की अंतिम सुनवाई बाद में होगी।

क्या है ब्लैक मनी एक्ट की धारा 50 और 51?

‘ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 की धारा 50 और 51 के तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर अपने विदेशी खातों या संपत्तियों की जानकारी आईटी रिटर्न में नहीं देता है या टैक्स चोरी की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है। इसमें कम से कम 3 साल और अधिकतम 10 साल की कड़ी जेल की सजा के साथ भारी जुर्माने का नियम है।

ये खबर भी पढ़ें…

अडाणी एनर्जी सबसे बड़ी स्मार्ट मीटर कंपनी बनी: ₹3,050 करोड़ में खरीदी इंटेलिस्मार्ट, अब कंपनी के पास 4.7 करोड़ स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो होगा

अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को खरीद लिया है। यह सौदा पूरे 3,050 करोड़ रुपए में हुआ है। इसके तहत एईएसएल को इंटेलिस्मार्ट की पूरी 100% हिस्सेदारी मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
70 घंटे की नॉन-स्टॉप गेमिंग:जर्मनी में कैक्टस-2026: दो हजार गेमर्स का कंप्यूटर के सामने ही खाना-सोना

April 19, 2026/
1:15 pm

तस्वीर जर्मनी के लीपजिग शहर की है, जहां गेमिंग का सबसे बड़ा महाकुम्भ ‘कैक्टस 2026′ आयोजन किया गया। करीब 40,000...

मोना ने गौरव को ‘धुरंधर’ का स्पॉइलर देने से रोका:शूटिंग के सेट पर समझाया कि फिल्म रिलीज से पहले जानकारी साझा करना गलत है

April 5, 2026/
5:30 am

ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम पर वेब शो ‘मां का सम’ रिलीज हो चुका है। यह कहानी मां‑बेटे के रिश्ते को...

बंगाल में आज पीएम मोदी की 2 रैली, 1 रोड-शो:ममता बोलीं- BJP भवानीपुर में बाहर से लोग ला रही; शाह ने कहा- बंगाल में UCC लाएंगे

April 26, 2026/
7:00 am

पीएम मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल के बनगांव और आरामबाग में जनसभा करेंगे। इसके बाद शाम 5:30 बजे कोलकाता में...

लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन 16 विकेट गिरे:इंग्लैंड पहली पारी में 140 पर ऑलआउट; न्यूजीलैंड 61/6; रॉबिन्सन को 4 विकेट

June 5, 2026/
12:08 pm

न्यूजीलैंड के इंग्लैंड दौरे का पहला टेस्ट लॉर्ड्स स्टेडियम में खेला जा रहा है। पहले दिन गेंदबाज हावी रहे। यहां...

‘खतरों के खिलाड़ी’ में विशाल सिंह की होगी वापसी:बोले- मेरे अंदर बहुत सारी कमियां थीं; महेंद्र सिंह धोनी की बात ने मुझे बदला

May 17, 2026/
5:30 am

टीवी एक्टर विशाल आदित्य सिंह एक बार फिर रियलिटी शो खतरों के खिलाड़ी 15 में नजर आने वाले हैं। इससे...

ऋतिक की गर्लफ्रेंड सबा आजाद अस्पताल में एडमिट:पेट के इंफेक्शन से बिगड़ी हालत, 14 दिन में 4 किलो वजन घटा

March 28, 2026/
10:10 am

बॉलीवुड एक्ट्रेस सबा आजाद ने अस्पताल से अपनी तस्वीर शेयर कर बताया कि उन्हें इंफेक्शन हो गया था, जिससे उनकी...

ask search icon

April 3, 2026/
2:44 pm

Last Updated:April 03, 2026, 14:44 IST सहजन (मोरिंगा) एक आयुर्वेदिक सुपरफूड है, जिसके पत्तों और टहनियों से तैयार पाउडर सेहत...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Anil Ambani Relief | Swiss Bank Black Money Act IT Action Halt

Anil Ambani Relief | Swiss Bank Black Money Act IT Action Halt

नई दिल्ली52 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बॉम्बे हाई कोर्ट ने इनकम टैक्स (IT) डिपार्टमेंट को रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ ब्लैक मनी एक्ट के तहत किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है।

आईटी विभाग ने अंबानी पर दो स्विस बैंक खातों में रखे 814 करोड़ रुपए से ज्यादा के अघोषित फंड पर 420 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी करने का आरोप लगाया है।

जस्टिस बी पी कोलाबावाला और जस्टिस फिरदोष पूनीवाला की डिवीजन बेंच ने अंबानी की याचिका को अंतिम सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।

कोर्ट ने कहा कि ब्लैक मनी एक्ट, 2015 के प्रावधानों को चुनौती देने वाली ऐसी ही अन्य याचिकाएं भी कोर्ट के सामने पेंडिंग हैं।

स्विट्जरलैंड के दो बैंक खातों में ₹814 करोड़ होने का आरोप

इनकम टैक्स विभाग का आरोप है कि अनिल अंबानी ने जानबूझकर भारतीय टैक्स अधिकारियों से अपने विदेशी बैंक खातों और वित्तीय हितों की जानकारी छुपाई है।

विभाग के असेसिंग ऑफिसर ने 31 मार्च 2022 को ब्लैक मनी एक्ट की धारा 10(3) के तहत एक असेसमेंट ऑर्डर पास किया था। इस ऑर्डर में कहा गया था कि अंबानी के पास अघोषित विदेशी संपत्तियां हैं।

बहामास और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स से जुड़ा है कनेक्शन

आईटी विभाग के नोटिस के अनुसार, अनिल अंबानी बहामास स्थित ‘डायमंड ट्रस्ट’ और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में रजिस्टर्ड कंपनी ‘नॉर्दर्न अटलांटिक ट्रेडिंग अनलिमिटेड’ (NATU) के ‘इकोनॉमिक कंट्रीब्यूटर’ और ‘बेनिफिशियल ओनर’ थे। विभाग ने इसे ‘जानबूझकर’ की गई टैक्स चोरी का मामला बताया है।

कोर्ट ने कहा- अपील जारी रहेगी, लेकिन एक्शन नहीं होगा

हाई कोर्ट ने नोट किया कि अनिल अंबानी असेसमेंट ऑर्डर के खिलाफ पहले ही कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील) के सामने चुनौती दे चुके हैं। अदालत ने साफ किया कि वह अपील प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है और उस पर आदेश भी जारी हो सकते हैं।

हालांकि, जब तक इस रिट याचिका पर सुनवाई और अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक याचिकाकर्ता के खिलाफ मुकदमा चलाने या जुर्माना लगाने जैसी कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

2015 का कानून पुराने मामलों पर लागू नहीं हो सकता

अनिल अंबानी ने याचिका में दलील दी है कि ब्लैक मनी एक्ट साल 2015 में लागू हुआ था। जबकि आईटी विभाग जिन ट्रांजैक्शन्स की जांच कर रहा है, वे असेसमेंट ईयर 2006-07 और 2010-11 से संबंधित हैं।

अंबानी के मुताबिक, इस एक्ट के प्रावधानों को पिछली तारीख से लागू नहीं किया जा सकता है। उन्होंने एक्ट के कुछ प्रावधानों को भारतीय संविधान के खिलाफ भी बताया है। कोर्ट ने इस पर केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

दोषी पाए जाने पर हो सकती है 10 साल तक की जेल

इनकम टैक्स विभाग के नोटिस के मुताबिक, इस मामले में अनिल अंबानी को ब्लैक मनी एक्ट की धारा 50 और 51 के तहत मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है।

इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल की जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें अंतरिम राहत मिल गई है और मामले की अंतिम सुनवाई बाद में होगी।

क्या है ब्लैक मनी एक्ट की धारा 50 और 51?

‘ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 की धारा 50 और 51 के तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर अपने विदेशी खातों या संपत्तियों की जानकारी आईटी रिटर्न में नहीं देता है या टैक्स चोरी की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है। इसमें कम से कम 3 साल और अधिकतम 10 साल की कड़ी जेल की सजा के साथ भारी जुर्माने का नियम है।

ये खबर भी पढ़ें…

अडाणी एनर्जी सबसे बड़ी स्मार्ट मीटर कंपनी बनी: ₹3,050 करोड़ में खरीदी इंटेलिस्मार्ट, अब कंपनी के पास 4.7 करोड़ स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो होगा

अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को खरीद लिया है। यह सौदा पूरे 3,050 करोड़ रुपए में हुआ है। इसके तहत एईएसएल को इंटेलिस्मार्ट की पूरी 100% हिस्सेदारी मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.