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India Retail Inflation Hits 3.93% in May 2026

India Retail Inflation Hits 3.93% in May 2026

Hindi News Business India Retail Inflation Hits 3.93% In May 2026 | Food & Transport Costs Rise नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक देश में खुदरा महंगाई की रफ्तार एक बार फिर बढ़ गई है। मई महीने में यह बढ़कर 3.93% पर पहुंच गई है, जो अप्रैल में 3.48% थी। पिछले 5 महीनों में यह पहली बार है जब खुदरा महंगाई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मीडियम-टर्म टारगेट 4% के बेहद करीब पहुंच गई है। 5 महीने में पहली बार 4% के करीब पहुंची महंगाई 2026 की शुरुआत में महंगाई दर काफी कम थी। जनवरी में यह 2.74% के स्तर पर थी, जो मई तक लगातार बढ़ते हुए 3.93% पर आ गई है। पिछले महीने यानी अप्रैल के मुकाबले मई में खुदरा महंगाई में 0.75% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मासिक आधार पर कीमतों में आया यह उछाल पिछले 16 महीनों में सबसे तेज है, जो दिखाता है कि बाजार में लगातार प्राइस प्रेशर बढ़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में खाने-पीने की चीजें ज्यादा महंगी हुईं इस बार भी महंगाई बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों में आई तेजी है। मई में कंज्यूमर फूड इन्फ्लेशन बढ़कर 4.78% पर पहुंच गया, जो अप्रैल में 4.2% था। खास बात यह है कि शहरों के मुकाबले ग्रामीण भारत में खाद्य महंगाई दर ज्यादा रही। मई में ग्रामीण इलाकों में फूड इन्फ्लेशन 4.85% दर्ज किया गया, जबकि शहरी केंद्रों में यह आंकड़ा 4.66% रहा। सोने की कीमतों में तेजी से ज्वेलरी 56% से ज्यादा महंगी हुई इस बार कमोडिटी और डिस्क्रीशनरी (गैर-जरूरी) खर्चों में सबसे भारी उछाल देखा गया है। ज्वेलरी और कीमती धातुएं वाली पर्सनल इफेक्ट्स कैटेगरी की महंगाई दर में रिकॉर्ड 56.35% की तेजी आई है। यह महंगाी के पूरे बास्केट में सबसे तेजी से बढ़ने वाला कंपोनेंट बन गया है। महंगाई बढ़ी तो 0.50% तक ब्याज दरें बढ़ा सकता है RBI महंगाई के इन नए आंकड़ों से RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की चिंताएं बढ़ सकती हैं। कई इकोनॉमिस्ट ने पहले ही चेतावनी दी है कि ईंधन की बढ़ती लागत, सप्लाई में रुकावटें और खराब मौसम के कारण खाद्य कीमतों पर जोखिम बना हुआ है। अगर महंगाई इसी तरह ऊंचे स्तर पर बनी रही, तो आरबीआई रेपो रेट में 0.50% तक की बढ़ोतरी कर सकता है। कमजोर मानसून का डर, 5% पार जा सकती है दर आने वाले दिनों में महंगाई का आउटलुक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मौसम के जोखिमों के कारण काफी अनिश्चित हो गया है। अगर देश में मानसून कमजोर रहता है या अल नीनो का गंभीर असर दिखता है, तो खाद्य पदार्थों की कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं। दूसरी तरफ, वैश्विक स्तर पर महंगे तेल का बोझ अगर घरेलू ईंधन की कीमतों पर डाला जाता है, तो खुदरा महंगाई दर 5% के पार भी जा सकती है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है CPI और RBI का टॉलरेंस बैंड? कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI): इसे खुदरा महंगाई दर भी कहते हैं। यह उन वस्तुओं और सेवाओं (जैसे भोजन, कपड़े, परिवहन, शिक्षा) की खुदरा कीमतों में बदलाव को मापता है, जिन्हें हम और आप सीधे दुकानदार से खरीदते हैं। इसी के आधार पर देश की महंगाई दर तय होती है। आरबीआई का टॉलरेंस बैंड: सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को निर्देश दिया है कि देश में खुदरा महंगाई दर 4% के स्तर पर रहनी चाहिए, जिसमें 2% ऊपर या नीचे (यानी 2% से 6% के बीच) की छूट होती है। इसे ही आरबीआई का कम्फर्ट या टॉलरेंस बैंड कहा जाता है। मई का आंकड़ा (3.93%) इस बैंड के अंदर तो है, लेकिन आदर्श लक्ष्य 4% के बेहद करीब है। महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 3.93% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि मई 2026 में महंगाई 3.93% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना मई 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 3.93% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे। किसी चीज के दाम घटे भी होंगे। जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 3.93% बढ़ गया। 2. ₹100 की चीज अब ₹103.93 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर मई 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मई 2026 में ₹103.93 का हो गया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

सीलन के उपाय: बहस में आने से पहले ही कर लें ये 5 काम, बाकी सीलन से फूल होगा फर्नीचर

तस्वीर का विवरण

बहस के दौरान हवा में समानता बढ़ती है, जिससे दीवारें, प्लास्टिक और लकड़ी के फर्नीचर पर सीलन का असर दिखता है। छवि: एआई दीवार से न खरीदें फर्नीचर: अलमारी, बिस्तर और अलमारियों की दीवार से 2-3 इंच दूर। इससे हवा का प्रवाह बना रहेगा और सीधे फर्नीचर तक सीमित नहीं रहेगा। छवि: एआई लकड़ी को तैयार सुरक्षा कवच: डिफॉल्ट से पहले फर्नीचर पर माइक्रोवेव या प्रतिज्ञा करवा लें। यह शब्दावली को लकड़ी के अंदर जाने से रोकने में मदद करता है। छवि: एआई हवा का आना-जाना जरूरी: रोज़ कुछ समय के लिए खोजें और दरवाजे खोलें। इससे घर में ताजी हवा लगेगी और सीलन की संभावना कम होगी। छवि: एआई सिलिका जेल का उपयोग:क्लासिट और दाराज में सिलिका जेल कीट या मॉइस्चर एब्जॉर्बर स्थान। ये अतिरिक्त किताबों का सामान सुरक्षित है। छवि: एआई छोटी समस्या न बने बड़ा नुकसान: अगर दीवारों में दाग या पानी उगने की समस्या है, तो बारिश से पहले सफाई करवा लें। इससे सीलन बनने का खतरा कम होगा। छवि: फ्रीपिक कच्ची पोशाकें घर में बहुत देर से न सुखीं। फर्नीचर की नियमित सफाई। कमरे में फिनलै स्टाइक रहना। फंगस देखें तो तुरंत साफ करें। छवि: फ्रीपिक दुविधा से पहले ये 5 आसान काम आप अपना घर और फर्नीचर को सीलन, टूटने और नुकसान से बचा सकते हैं। अभी से तैयारी शुरू करें और बारिश के मौसम में बिना किसी चिंता के आनंद लें। छवि: फ्रीपिक

Ranveer Singh Don 3 Controversy

Ranveer Singh Don 3 Controversy

15 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म ‘डॉन 3’ विवाद में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने हिंदी रश से कहा कि एक्टर रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग (नॉन-कोऑपरेशन) का निर्देश जारी करने से पहले उन्होंने रणवीर और डायरेक्टर फरहान अख्तर की प्राइवेट व्हाट्सएप चैट खुद पढ़ी थीं। रणवीर ने सब तय होने के बाद फिल्म छोड़ी थी, इसलिए उनके खिलाफ एक्शन लिया गया। हालांकि, रणवीर सिंह की तरफ से लीगल नोटिस मिलने के बाद फेडरेशन ने उनके खिलाफ जारी असहयोग का यह निर्देश अब वापस ले लिया था। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित। प्राइवेट व्हाट्सएप चैट देखकर लिया था एक्शन अशोक पंडित ने बताया कि एक्टर के खिलाफ कोई भी कदम उठाने से पहले पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया था और गहराई से दस्तावेजों की जांच की गई थी। उन्होंने कहा, “शिकायत मिलने के बाद हमने रणवीर सिंह, फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के बीच हुई व्हाट्सएप चैट देखी थीं। चैट से साफ था कि फिल्म के लिए स्टाइलिंग पूरी हो चुकी थी, कपड़े फाइनल थे, टिकट बुक हो चुके थे और होटलों का इंतजाम भी हो गया था। पूरी यूनिट तीन हफ्ते में शूटिंग के लिए रवाना होने वाली थी, लेकिन ऐन वक्त पर रणवीर पीछे हट गए।” शूटिंग से तीन हफ्ते पहले फिल्म छोड़ने से नुकसान अशोक पंडित ने कहा कि फिल्म ‘डॉन 3’ के डायरेक्टर फरहान अख्तर और प्रोड्यूसर रितेश सिधवानी ने करीब पांच महीने पहले फेडरेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। मेकर्स का कहना था कि वे फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर 45 करोड़ रुपए खर्च कर चुके थे। अशोक पंडित ने मेकर्स का बचाव करते हुए कहा कि 300 करोड़ रुपए के बजट वाली फिल्म में इस तरह के खर्च होना आम बात है। कोई भी प्रोड्यूसर एक्टर की पक्की सहमति के बिना इतने पैसे खर्च नहीं करता। मेकर्स इस 45 करोड़ रुपए के खर्च का पूरा ऑडिट पेपर दिखाने के लिए भी तैयार हैं। रणवीर के लीगल नोटिस के बाद हटाया निर्देश मई के महीने में फेडरेशन ने रणवीर सिंह के अचानक फिल्म छोड़ने पर उनके खिलाफ असहयोग का निर्देश जारी किया था। इसके खिलाफ रणवीर सिंह ने अपनी लीगल टीम के जरिए फेडरेशन को एक कानूनी नोटिस भेजा, जिसमें इस निर्देश को हटाने की मांग की गई थी। इसके ठीक एक दिन बाद फेडरेशन के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने सिनेमा जगत की अन्य संस्थाओं CINTAAऔर इम्पा IMPAA के अनुरोध पर इस निर्देश को वापस लेने का ऐलान कर दिया। हालांकि, फेडरेशन की लीगल टीम रणवीर के नोटिस का कानूनी जवाब जरूर देगी। बैन करने का अधिकार नहीं, बातचीत से हल अशोक पंडित ने यह भी साफ किया कि फेडरेशन का मकसद किसी के काम को रोकना नहीं है। उन्होंने कहा, “हम रणवीर की स्टारडम का सम्मान करते हैं। हमारे पास किसी को बैन करने का कोई अधिकार नहीं है। हमने रणवीर से अपील की है कि वे आएं और हमारे साथ बैठकर इस मामले का कोई बीच का रास्ता निकालें।” अब फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी और रणवीर सिंह आपस में बैठकर इस नुकसान की भरपाई और विवाद को सुलझाने के लिए तैयार हैं ताकि फिल्म का काम दोबारा शुरू हो सके। जानिए क्या है रणवीर और फरहान अख्तर का विवाद डॉन 3 की घोषणा करीब तीन साल पहले हुई थी, जिसे फरहान अख्तर डायरेक्ट करने वाले थे। विवाद तब शुरू हुआ जब रणवीर सिंह ने पिछले साल दिसंबर में ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद स्क्रिप्ट में अंतर होने के कारण फिल्म छोड़ दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणवीर के फिल्म छोड़कर जाने से पहले मेकर्स आउटडोर लोकेशन और प्रोडक्शन पर काफी खर्च कर चुके थे। रणवीर के हटने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रोड्यूसर्स ने उनसे 45 करोड़ रुपए की मांग की। रणवीर ने पहले पैसे देने से मना किया, लेकिन बाद में 10 करोड़ रुपए का ऑफर दिया, जिसे मेकर्स ने ठुकरा दिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

‘हमें एक-दूसरे से नहीं लड़ना चाहिए’: राहुल गांधी ने कहा, विपक्षी अंदरूनी कलह के लिए कोई जगह नहीं | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:12 जून, 2026, 16:22 IST पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में लगातार मिल रही असफलताओं के बीच गांधी ने गठबंधन सहयोगियों से आंतरिक मतभेदों को भुलाकर भाजपा के विरोध में एकजुट होने का आग्रह किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को 8 जून को इंडिया ब्लॉक नेतृत्व को दिया अपना पूरा भाषण जारी किया, जिसमें गठबंधन सहयोगियों से आंतरिक मतभेदों को दूर करने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरोध में एकजुट होने का आग्रह किया गया। उन्होंने इस विचार का भी खंडन किया कि विपक्षी दल लामबंद नहीं हो रहे हैं और मिलकर काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने अपने भाषण में कहा, “मुझे आपसे लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है। मुझे एक पागल आदमी बनना होगा जो अचानक उठता है और कहता है, मैं आपसे लड़ने जा रहा हूं। क्योंकि आप हमारे सहयोगी हैं। आप हमारे दोस्त हैं। आप वो लोग हैं जिनसे हम प्यार करते हैं,” उन्होंने अपने भाषण में कहा, जो उनके यूट्यूब चैनल पर जारी किया गया था। “जैसा कि आप में से कई लोगों ने कहा है, कांग्रेस पार्टी की भूमिका आप सभी को प्यार और स्नेह के साथ एकजुट करना है।” 8 जून को इंडिया अलायंस नेतृत्व को मेरा भाषण। https://t.co/Ct3STc5BM8 – राहुल गांधी (@RahulGandhi) 12 जून, 2026 गांधी की टिप्पणी एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आई है, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) बंगाल विधानसभा और संसद में हाई-प्रोफाइल इस्तीफों और विद्रोहों के कारण अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है। विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार को समर्थन देने के फैसले को लेकर तमिलनाडु की द्रमुक और कांग्रेस के बीच भी रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं। ‘मानसिकता बदलने की जरूरत’ विपक्षी गठबंधन के भीतर बढ़ते तनाव के बीच, गांधी ने अपने सहयोगियों के बीच अधिक एकता का आह्वान करते हुए कहा कि कांग्रेस विपक्षी एकजुटता के बड़े कारण के लिए अपने ऊपर निर्देशित किसी भी आलोचना को स्वीकार करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “जैसा कि आप में से कई लोगों ने देखा है, हमारी भूमिका आप सभी को प्यार और स्नेह के साथ एकजुट करना है।” गांधी ने जोर देकर कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इस विचार की रक्षा के लिए एक प्रतिरोध आंदोलन के रूप में शुरू हुई कि सभी भारतीय समान हैं। उन्होंने भाजपा पर राज्य की सभी संस्थाओं और यहां तक ​​कि चुनाव प्रक्रिया को भी नियंत्रित करने का आरोप लगाया, जिससे अन्य दलों को समान अवसर नहीं मिले। उन्होंने कहा, “टीएमसी में मेरे कई दोस्त हैं। वे आश्वस्त थे कि वे बंगाल में चुनाव जीत रहे हैं। मैं इससे सहमत नहीं था। मैंने देखा है कि क्या होता है। मैंने इसे गुजरात में देखा है। मैंने इसे उत्तर प्रदेश में देखा है। मैंने इसे छत्तीसगढ़ में देखा है। मैंने इसे हरियाणा और महाराष्ट्र में देखा है। और फिर भी, आप में से कई लोग अभी भी आश्वस्त नहीं हैं।” गांधी ने कहा कि प्रतिरोध ही भाजपा से लड़ने का एकमात्र तरीका है। उन्होंने कहा, “मानसिकता बदलनी होगी। मानसिकता अब यह होनी चाहिए कि हम एक-दूसरे से नहीं लड़ेंगे। हम प्रेस को हम पर हमला करने का मौका नहीं देंगे। हम विरोध करेंगे।” ‘यह अब राजनीति नहीं है’ लोकसभा में विपक्ष के नेता ने यह भी दावा किया कि सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम और एनईईटी-यूजी पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जनता का गुस्सा बढ़ रहा है, जो विपक्षी दलों के लिए अपना प्रतिरोध जुटाने के लिए जगह बनाएगा। उन्होंने केंद्र पर लोकतंत्र को खत्म करने का भी आरोप लगाया. “मेरे दृष्टिकोण से, मैं किसी भी तरफ से किसी भी आलोचना को सहने में बहुत खुश हूं क्योंकि मेरे लिए, यह एक धार्मिक कर्तव्य है। यह एक आध्यात्मिक कर्तव्य है। यह अब राजनीति नहीं है। मैं इस समूह को एकजुट करने और इसे सफल बनाने के लिए हर एक अपमान सहन करूंगा।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अवीक बनर्जी अवीक बनर्जी News18 में वरिष्ठ उप संपादक हैं। ग्लोबल स्टडीज में मास्टर की डिग्री के साथ नोएडा में रहने वाले अवीक के पास डिजिटल मीडिया और न्यूज क्यूरेशन में तीन साल से अधिक का अनुभव है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘हमें एक-दूसरे से नहीं लड़ना चाहिए’: राहुल गांधी कहते हैं कि विपक्षी अंदरूनी कलह के लिए कोई जगह नहीं है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

Kane Williamson retirement, New Zealand cricket, Lords Test, International cricket, Cricket news, Blackcaps, Cricket farewell, Sports news

Kane Williamson retirement, New Zealand cricket, Lords Test, International cricket, Cricket news, Blackcaps, Cricket farewell, Sports news

Hindi News Sports Cricket Kane Williamson Retirement, New Zealand Cricket, Lords Test, International Cricket, Cricket News, Blackcaps, Cricket Farewell, Sports News स्पोर्ट्स डेस्क18 मिनट पहले कॉपी लिंक केन विलियमसन ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज केन विलियमसन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उन्होंने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। विलियमसन ने करीब 16 साल लंबे अपने करियर में न्यूजीलैंड के लिए तीनों फॉर्मेट को मिलाकर कुल 378 मैच खेले। उनके संन्यास का फैसला न्यूजीलैंड के मौजूदा इंग्लैंड दौरे के बीच में आया है, जहां लॉर्ड्स में खेला गया टेस्ट मैच उनके इंटरनेशनल करियर का आखिरी मुकाबला साबित हुआ। इंग्लैंड दौरे के बीच में लिया संन्यास का फैसला न्यूजीलैंड की टीम इस समय इंग्लैंड के टेस्ट दौरे पर है। तीन मैचों की इस सीरीज के पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड को हार का सामना करना पड़ा था, जिससे टीम सीरीज में 1-0 से पीछे है। विलियमसन ने इस सीरीज के बीच में ही क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। अब वह इंग्लैंड के खिलाफ चल रही इस टेस्ट सीरीज के बाकी बचे मैचों में हिस्सा नहीं लेंगे। पिछले कुछ दिनों में लिया फैसला- विलियमसन अपने संन्यास को लेकर केन विलियमसन ने कहा, मैं इसके बारे में पिछले कुछ समय से सोच रहा था, लेकिन पिछले कुछ दिनों में यह पूरी तरह साफ हो गया कि संन्यास लेने का यह बिल्कुल सही समय है। मैंने हमेशा इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए एक मजबूत जज्बा और भूख महसूस की है। मुझे इस बात का गर्व है कि मैंने न्यूजीलैंड के लिए खेले हर मैच में अपना सब कुछ दिया। न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा 19,346 रन बनाए साल 2010 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले विलियमसन न्यूजीलैंड के इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाज के रूप में संन्यास लिया। उन्होंने तीनों फॉर्मेट को मिलाकर न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा 19,346 रन बनाए, जिसमें 48 शतक और 103 अर्धशतक शामिल हैं। वह 9,515 रनों और 33 शतकों के साथ न्यूजीलैंड के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाज हैं। 8 साल की न्यूजीलैंड की टीम की कप्तानी विलियमसन ने 2016 से 2024 के बीच कीवी टीम की कप्तानी की। उनकी कप्तान में न्यूजीलैंड ने साल 2021 में भारत को हराकर पहली ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का खिताब जीता था। इसके अलावा उनकी कप्तानी में टीम 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2021 टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची थी। इस दौरान वह 2019 वनडे वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए थे। इसके साथ-साथ उन्होंने 2019 में ICC टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड जीता। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

केन विलियमसन का इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास:न्यूजीलैंड को WTC खिताब जिताया, देश के लिए सबसे ज्यादा 48 शतक लगाए

केन विलियमसन का इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास:न्यूजीलैंड को WTC खिताब जिताया, देश के लिए सबसे ज्यादा 48 शतक लगाए

न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज केन विलियमसन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उन्होंने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। विलियमसन दूसरे ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने न्यूजीलैंड को कोई ICC खिताब जिताया। विलियमसन 2021 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) विजेता कप्तान बने थे। उनसे पहले स्टीफन फ्लेमिंग की कप्तानी में न्यूजीलैंड ने 2000 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। विलियमसन ने इंग्लैंड से 3 टेस्ट मैचों की सीरीज के बीच ही संन्यास का ऐलान किया। लॉर्ड्स में खेले गए पहले टेस्ट में उन्होंने 0 और 18 रन बनाए। यह टेस्ट हारने के बाद शुक्रवार को विलियमसन ने कहा- पिछले कुछ समय से मैं इस बारे में सोच रहा था और अब यह साफ हो गया है कि अब संन्यास लेने का सही वक्त आ गया है। यह वह टीम है, जिसे मैंने प्यार किया। मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मैं लंबे समय तक इस टीम का हिस्सा रहा। न्यूजीलैंड टीम ने कहा शुक्रिया न्यूजीलैंड टीम ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ब्लैककैप्स पर पोस्ट की और लिखा कि हमारे महानतम खिलाड़ियों में से एक अब जा रहे हैं। केन विलियमसन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है। फोटो पर लिखा- शुक्रिया केन। न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा शतक लगाए —————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… तेंदुलकर ने फ्लाइट में परिवार के साथ क्रिकेट खेला VIDEO:बेटी सारा ने कैच पकड़ा सचिन तेंदुलकर परिवार के साथ फ्लाइट में क्रिकेट खेलते नजर आए। 53 साल के पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने शुक्रवार को इसका 31 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, ‘एटीट्यूड नहीं बदलना चाहिए, भले ऑल्टीट्यूड कुछ भी हो।’ पूरी खबर…

Gold Silver Price Hike | ₹14K Increase; Gold ₹2,827 Up to ₹1.48 Lakh10gm

Gold Silver Price Hike | ₹14K Increase; Gold ₹2,827 Up to ₹1.48 Lakh10gm

Hindi News Business Gold Silver Price Hike | ₹14K Increase; Gold ₹2,827 Up To ₹1.48 Lakh10gm नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक सोना-चांदी के दाम में आज (12 जून) को तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 9,704 रुपए बढ़कर 2.42 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 2.33 लाख रुपए प्रति किलो थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,827 रुपए बढ़कर 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले 11 जून को इसकी कीमत 1,45 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सोना-चांदी में ये तेजी अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता फिर शुरू होने की उम्मीद बढ़ने से आई है। इससे कच्चे तेल की कीमतें गिरी हैं, महंगाई का डर कम हुआ और डॉलर कमजोर पड़ा, जिससे निवेशक सोने-चांदी की तरफ लौटे हैं। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत कैरेट भाव (रुपए/10 ग्राम) 24 ₹1,47,609 22 ₹1,35,210 18 ₹1,10,707 14 ₹86,351 देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,45,820 मुंबई ₹1,48,580 कोलकाता ₹1,48,580 जयपुर ₹1,45,820 भोपाल ₹1,48,630 पटना ₹1,48,630 लखनऊ ₹1,45,820 रायपुर ₹1,48,580 अहमदाबाद ₹1,48,630 अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। सोना इस साल ₹14,410 और चांदी ₹11,875 महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 14,410 रुपए और चांदी 11,875 रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.47 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.42 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई केंद्र सरकार ने हाल ही में सोने-चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% की है। इसका मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी। विदेशी जेवर मंगाने के लिए लाइसेंस लेना होगा इसके अलावा, सरकार ने सोने-चांदी और प्लेटिनम के गहनों को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। इसका सीधा असर बाजार की सप्लाई पर दिख रहा है, जिससे सोना-चांदी की कीमतें बढ़ रही हैं। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब इन कीमती धातुओं से बनी ज्वेलरी किसी भी देश से मंगाने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस या परमिशन लेना होगा। सरकार ने यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Gold Silver Price Hike | ₹14K Increase; Gold ₹2,827 Up to ₹1.48 Lakh10gm

Gold Silver Price Hike | ₹14K Increase; Gold ₹2,827 Up to ₹1.48 Lakh10gm

Hindi News Business Gold Silver Price Hike | ₹14K Increase; Gold ₹2,827 Up To ₹1.48 Lakh10gm नई दिल्ली21 मिनट पहले कॉपी लिंक सोना-चांदी के दाम में आज (12 जून) को तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 9,704 रुपए बढ़कर 2.42 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 2.33 लाख रुपए प्रति किलो थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,827 रुपए बढ़कर 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले 11 जून को इसकी कीमत 1,45 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सोना-चांदी में ये तेजी अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता फिर शुरू होने की उम्मीद बढ़ने से आई है। इससे कच्चे तेल की कीमतें गिरी हैं, महंगाई का डर कम हुआ और डॉलर कमजोर पड़ा, जिससे निवेशक सोने-चांदी की तरफ लौटे हैं। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत कैरेट भाव (रुपए/10 ग्राम) 24 ₹1,47,609 22 ₹1,35,210 18 ₹1,10,707 14 ₹86,351 देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,45,820 मुंबई ₹1,48,580 कोलकाता ₹1,48,580 जयपुर ₹1,45,820 भोपाल ₹1,48,630 पटना ₹1,48,630 लखनऊ ₹1,45,820 रायपुर ₹1,48,580 अहमदाबाद ₹1,48,630 अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। सोना इस साल ₹14,410 और चांदी ₹11,875 महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 14,410 रुपए और चांदी 11,875 रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.47 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.42 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई केंद्र सरकार ने हाल ही में सोने-चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% की है। इसका मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी। विदेशी जेवर मंगाने के लिए लाइसेंस लेना होगा इसके अलावा, सरकार ने सोने-चांदी और प्लेटिनम के गहनों को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। इसका सीधा असर बाजार की सप्लाई पर दिख रहा है, जिससे सोना-चांदी की कीमतें बढ़ रही हैं। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब इन कीमती धातुओं से बनी ज्वेलरी किसी भी देश से मंगाने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस या परमिशन लेना होगा। सरकार ने यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कृष 4’ से पहले ग्लोबल स्टार बनेंगे ऋतिक:हॉलीवुड की ओर बढ़ रहे ऋतिक रोशन; ग्लोबल टैलेंट कंपनी के साथ की डील

कृष 4’ से पहले ग्लोबल स्टार बनेंगे ऋतिक:हॉलीवुड की ओर बढ़ रहे ऋतिक रोशन; ग्लोबल टैलेंट कंपनी के साथ की डील

ऋतिक रोशन अब सिर्फ बॉलीवुड स्टार नहीं, बल्कि इंटरनेशनल स्क्रीन प्रेजेंस की तरफ बढ़ रहे हैं। उनकी डील ग्लोबल मीडिया और टैलेंट कंपनी एनोनिमस कंटेंट के साथ हुई है। यह वही कंपनी है जो दुनिया भर में बड़े फिल्ममेकर, लेखक और कलाकारों के साथ काम करने और इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स को आकार देने के लिए जानी जाती है। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी किसी हॉलीवुड फिल्म की घोषणा नहीं हुई है लेकिन इंडस्ट्री में ऋतिक के इस कदम को करियर के अगले बड़े विस्तार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। ऋतिक एक साथ एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर की भूमिकाओं में बढ़ा रहे मौजूदगी इंडस्ट्री मान रही है कि यह सिर्फ विदेश में एजेंट बदलने जैसा कदम नहीं, बल्कि इंटरनेशनल को-प्रोडक्शन, ग्लोबल कंटेंट और क्रॉस-मार्केट मौजूदगी की रणनीति का हिस्सा भी है। पिछले कुछ वर्षों में कई भारतीय कलाकारों ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ साझेदारी की है। इसी कड़ी ऋतिक का नया कदम थोड़ा अलग माना जा रहा है। वजह सिर्फ हॉलीवुड में संभावनाएं नहीं, बल्कि यह भी है कि यह फैसला ऐसे समय आया है जब ऋतिक एक साथ एक्टर, डायरेक्ट और प्रोड्यूसर तीनों भूमिकाओं में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। अभी कोई हॉलीवुड फिल्म या सीरीज अनाउंस नहीं हुई, ‘कृष 4’ की तैयारियों में जुटे हैं सुपरस्टार दिलचस्प यह है कि अभी तक किसी हॉलीवुड फिल्म या सीरीज की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। एक तरफ एक्टर के तौर पर ऋतिक अपनी सबसे बड़ी फ्रेंचाइज ‘कृष 4’ की तैयारी में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ निर्माता के रूप में अपने बैनर HRX Films का विस्तार हो रहा है। ऐसे में नई ग्लोबल डील ऋतिक के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स, को-प्रोडक्शन, ग्लोबल स्ट्रीमिंग कंटेंट और नए क्रिएटिव सहयोगों के रास्ते खोल सकती है। सुपरस्टार का अगला बड़ा दांव होम्बले फिल्म्स के साथ पैन-इंडिया प्रोजेक्ट है ऋतिक ने हाल में दक्षिण भारतीय प्रोडक्शन हाउस होम्बले फिल्म्स के साथ भी एक पैन-इंडिया फिल्म के लिए हाथ मिलाया है। करियर के लिए क्या संकेत मिल रहे हैं… इंटरनेशनल फिल्मों और सीरीज के लिए नए अवसरों की संभावना खुलेंगी। हॉलीवुड स्टूडियो और स्ट्रीमिंग मंचों तक सीधी पहुंच बनेगी। निर्माता के तौर पर भी ग्लोबल विस्तार की तैयारी है। अभी ऋ तिक की प्राथमिकताएं क्या हैं – ‘कृष 4’ में पहली बार निर्देशन की कमान भी संभाल रहे हैं। – HRX Films से प्रोडक्शन में सक्रिय विस्तार कर रहे हैं। – प्राइम वीडियो के लिए दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। – भारत में लीड हीरो की तरह सफर लगातार जारी रहेगा। बॉलीवुड से हॉलीवुड एजेंसियों की ओर बढ़ते अन्य बड़े भारतीय सितारे प्रियंका चोपड़ा – लंबे समय से अमेरिकी टैलेंट नेटवर्क के साथ जुड़ी हैं। हॉलीवुड में ‘क्वांटिको’, ‘बेवॉच’ और ‘हेड्स ऑफ स्टेट’ कर चुकी हैं। आलिया भट्ट – अंतरराष्ट्रीय एजेंसी WME (विलियम मॉरिस एंडेवर) से जुड़ीं और उसके बाद हॉलीवुड डेब्यू ‘हार्ट अॉफ स्टोन’ से किया। सोनम कपूर – ग्लोबल फैशन नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय स्क्रीन उपस्थिति के जरिए अलग ब्रांडिंग बनाई। ‘ब्लाइंड’ से पहले भी विदेशी मंचों पर आईं। राधिका आप्टे – एजेंसी मॉडल से आगे बढ़कर सीधे अंतरराष्ट्रीय कंटेंट स्पेस में गईं। ‘सिस्टर मिडनाइट’, ‘द वेडिंग गेस्ट’ और कई बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़ीं। विद्युत जामवाल – हॉलीवुड के इंटरनेशनल एक्शन स्पेस में अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर फोकस किया। ‘स्ट्रीट फाइटर’ से करेंगे डेब्यू।

FSSAI Notices Nestle, KFC, Flipkart Over Worms in Products

FSSAI Notices Nestle, KFC, Flipkart Over Worms in Products

नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक FSSAI मैगी पर 2015 में कार्रवाई कर चुका है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सोशल मीडिया पर आई शिकायतों के बाद एक्शन लेते हुए नेस्ले सहित कई बड़ी कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नेस्ले को यह नोटिस उसके सबसे लोकप्रिय प्रोडक्ट मैगी के एक पैकेट में कीड़े (लार्वा) मिलने की शिकायत के बाद दिया गया है। FSSAI ने इस मामले में कंपनी से तुरंत एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने को कहा है। FSSAI ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई अन्य शिकायतों पर भी एक्शन लेते हुए हाइजीन (साफ-सफाई) से जुड़े मुद्दों को लेकर फास्ट-फूड चेन KFC को भी नोटिस दिया है। इसके अलावा, खजूर के एक प्रोडक्ट में कीड़े मिलने की शिकायत पर फ्लिपकार्ट इंडिया और ओपन सीक्रेट कंपनी को भी रेगुलेटर ने जवाब देने को कहा है। FSSAI ने नेस्ले से 3 खास बिंदुओं पर मांगा जवाब खाद्य नियामक (FSSAI) ने नेस्ले इंडिया से जो डिटेल्ड एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है, इसमें तीन मुख्य क्षेत्रों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं: सोर्स और क्वालिटी चेक लॉग: नेस्ले को सबसे पहले उस खास बैच (ग्रुप) का पता लगाना होगा, जिसमें गड़बड़ी की शिकायत मिली है। कंपनी को यह बताना होगा कि इस बैच का कच्चा माल किस वेंडर से आया था और पैकेट ग्राहकों तक पहुंचने से पहले कंपनी के अंदर इसकी क्वालिटी की जो जांच हुई थी, उसके पूरे रिकॉर्ड (कागजात) पेश करना होगा। सप्लाई चेन से स्टॉक हटाना: कंपनी को यह साबित करना होगा कि शिकायत वाले बैच या संभावित रूप से प्रभावित स्टॉक को बाजार और सप्लाई चेन से हटाने के लिए उसने तुरंत क्या सुधारात्मक कदम उठाए हैं, ताकि यह ग्राहकों तक न पहुंचे। भविष्य के लिए पुख्ता इंतजाम: रेगुलेटर ने नेस्ले से उन सिस्टेमिक बदलावों और कदमों की रूपरेखा मांगी है जो कंपनी अपने क्वालिटी कंट्रोल प्रोसेस में करने जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की दोबारा पुनरावृत्ति न हो सके। नेस्ले के लिए क्यों संवेदनशील है यह मामला? मैगी नूडल्स नेस्ले इंडिया के सबसे बड़े और व्यावसायिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ब्रांड्स में से एक है। कंपनी के लिए यह नोटिस इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि साल 2015 में भी नेस्ले एक बड़े रेगुलेटरी संकट का सामना कर चुकी है। उस वक्त FSSAI ने लेड (सीसा) की मात्रा ज्यादा होने और MSG लेबलिंग विवाद के कारण मैगी के देशव्यापी रिकॉल (बाजार से वापस मंगाने) का आदेश दिया था। उस विवाद ने कंपनी की बिक्री और ब्रांड के भरोसे को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसे कंपनी ने सालों की मेहनत के बाद दोबारा हासिल किया है। ऐसे में सोशल मीडिया की शिकायत पर आया यह नया नोटिस कंपनी की साख के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल शिकायतों के बाद कार्रवाई नेस्ले, KFC, फ्लिपकार्ट इंडिया और ओपन सीक्रेट को एक साथ जारी हुए नोटिसों से फूड सेफ्टी रेगुलेशन का एक नया पैटर्न दिखाई दे रहा है। अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होने वाली उपभोक्ताओं की शिकायतें सीधे आधिकारिक रेगुलेटरी नोटिस में बदल रही हैं। इससे किसी व्यक्तिगत शिकायत और कंपनी से मांगी जाने वाली आधिकारिक रिपोर्ट के बीच का समय बहुत कम हो गया है। भारत में काम कर रही खाद्य और क्विक सर्विस कंपनियों के लिए यह एक बड़ा ऑपरेशनल रिस्क (कामकाजी जोखिम) बन चुका है, जहां एक सिंगल वायरल पोस्ट कंपनी के लिए कानूनी और प्रतिष्ठा से जुड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकती है। ——————— ये भी पढ़ें… एक ग्राहक को 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं: कॉमर्शियल यूजर रिटेल पेट्रोल पंप से ईंधन नहीं खरीद पाएंगे, इनके लिए डीजल करीब ₹40 महंगा आम ग्राहक एक दिन में अधिकतम 200 लीटर ही डीजल खरीद पाएंगे। इस डीजल को दोबारा बेचने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा अब फैक्ट्रियों और कॉमर्शियल यूजर्स को रिटेल आउटलेट से ईंधन नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार ने 11 जून 2026 को इसे लेकर आदेश जारी किया है। अब इन बड़े उपभोक्ताओं को केवल बल्क सेल पॉइंट्स से ही ईंधन खरीदना होगा। सरकार ने यह कदम देश के कुछ हिस्सों में रिटेल पंपों पर अचानक बढ़ी असामान्य बिक्री को देखते हुए उठाया है। यह पाबंदी शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू की गई है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की किल्लत नहीं होगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…