Monday, 27 Jul 2026 | 08:45 AM

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FSSAI Notices Nestle, KFC, Flipkart Over Worms in Products

FSSAI Notices Nestle, KFC, Flipkart Over Worms in Products

नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक FSSAI मैगी पर 2015 में कार्रवाई कर चुका है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सोशल मीडिया पर आई शिकायतों के बाद एक्शन लेते हुए नेस्ले सहित कई बड़ी कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नेस्ले को यह नोटिस उसके सबसे लोकप्रिय प्रोडक्ट मैगी के एक पैकेट में कीड़े (लार्वा) मिलने की शिकायत के बाद दिया गया है। FSSAI ने इस मामले में कंपनी से तुरंत एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने को कहा है। FSSAI ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई अन्य शिकायतों पर भी एक्शन लेते हुए हाइजीन (साफ-सफाई) से जुड़े मुद्दों को लेकर फास्ट-फूड चेन KFC को भी नोटिस दिया है। इसके अलावा, खजूर के एक प्रोडक्ट में कीड़े मिलने की शिकायत पर फ्लिपकार्ट इंडिया और ओपन सीक्रेट कंपनी को भी रेगुलेटर ने जवाब देने को कहा है। FSSAI ने नेस्ले से 3 खास बिंदुओं पर मांगा जवाब खाद्य नियामक (FSSAI) ने नेस्ले इंडिया से जो डिटेल्ड एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है, इसमें तीन मुख्य क्षेत्रों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं: सोर्स और क्वालिटी चेक लॉग: नेस्ले को सबसे पहले उस खास बैच (ग्रुप) का पता लगाना होगा, जिसमें गड़बड़ी की शिकायत मिली है। कंपनी को यह बताना होगा कि इस बैच का कच्चा माल किस वेंडर से आया था और पैकेट ग्राहकों तक पहुंचने से पहले कंपनी के अंदर इसकी क्वालिटी की जो जांच हुई थी, उसके पूरे रिकॉर्ड (कागजात) पेश करना होगा। सप्लाई चेन से स्टॉक हटाना: कंपनी को यह साबित करना होगा कि शिकायत वाले बैच या संभावित रूप से प्रभावित स्टॉक को बाजार और सप्लाई चेन से हटाने के लिए उसने तुरंत क्या सुधारात्मक कदम उठाए हैं, ताकि यह ग्राहकों तक न पहुंचे। भविष्य के लिए पुख्ता इंतजाम: रेगुलेटर ने नेस्ले से उन सिस्टेमिक बदलावों और कदमों की रूपरेखा मांगी है जो कंपनी अपने क्वालिटी कंट्रोल प्रोसेस में करने जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की दोबारा पुनरावृत्ति न हो सके। नेस्ले के लिए क्यों संवेदनशील है यह मामला? मैगी नूडल्स नेस्ले इंडिया के सबसे बड़े और व्यावसायिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ब्रांड्स में से एक है। कंपनी के लिए यह नोटिस इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि साल 2015 में भी नेस्ले एक बड़े रेगुलेटरी संकट का सामना कर चुकी है। उस वक्त FSSAI ने लेड (सीसा) की मात्रा ज्यादा होने और MSG लेबलिंग विवाद के कारण मैगी के देशव्यापी रिकॉल (बाजार से वापस मंगाने) का आदेश दिया था। उस विवाद ने कंपनी की बिक्री और ब्रांड के भरोसे को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसे कंपनी ने सालों की मेहनत के बाद दोबारा हासिल किया है। ऐसे में सोशल मीडिया की शिकायत पर आया यह नया नोटिस कंपनी की साख के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल शिकायतों के बाद कार्रवाई नेस्ले, KFC, फ्लिपकार्ट इंडिया और ओपन सीक्रेट को एक साथ जारी हुए नोटिसों से फूड सेफ्टी रेगुलेशन का एक नया पैटर्न दिखाई दे रहा है। अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होने वाली उपभोक्ताओं की शिकायतें सीधे आधिकारिक रेगुलेटरी नोटिस में बदल रही हैं। इससे किसी व्यक्तिगत शिकायत और कंपनी से मांगी जाने वाली आधिकारिक रिपोर्ट के बीच का समय बहुत कम हो गया है। भारत में काम कर रही खाद्य और क्विक सर्विस कंपनियों के लिए यह एक बड़ा ऑपरेशनल रिस्क (कामकाजी जोखिम) बन चुका है, जहां एक सिंगल वायरल पोस्ट कंपनी के लिए कानूनी और प्रतिष्ठा से जुड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकती है। ——————— ये भी पढ़ें… एक ग्राहक को 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं: कॉमर्शियल यूजर रिटेल पेट्रोल पंप से ईंधन नहीं खरीद पाएंगे, इनके लिए डीजल करीब ₹40 महंगा आम ग्राहक एक दिन में अधिकतम 200 लीटर ही डीजल खरीद पाएंगे। इस डीजल को दोबारा बेचने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा अब फैक्ट्रियों और कॉमर्शियल यूजर्स को रिटेल आउटलेट से ईंधन नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार ने 11 जून 2026 को इसे लेकर आदेश जारी किया है। अब इन बड़े उपभोक्ताओं को केवल बल्क सेल पॉइंट्स से ही ईंधन खरीदना होगा। सरकार ने यह कदम देश के कुछ हिस्सों में रिटेल पंपों पर अचानक बढ़ी असामान्य बिक्री को देखते हुए उठाया है। यह पाबंदी शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू की गई है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की किल्लत नहीं होगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

दिव्यांका त्रिपाठी ने शेयर की जुड़वा बच्चों की पहली झलक:पोस्ट में लिखा- मुझे चुनने के लिए शुक्रिया; शादी के 10 साल बाद बने माता-पिता

दिव्यांका त्रिपाठी ने शेयर की जुड़वा बच्चों की पहली झलक:पोस्ट में लिखा- मुझे चुनने के लिए शुक्रिया; शादी के 10 साल बाद बने माता-पिता

टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी और उनके पति विवेक दहिया हाल ही में जुड़वां बेटों के माता-पिता बने हैं। मई महीने में बेटों के जन्म के बाद दिव्यांका ने आज सोशल मीडिया पर उनकी पहली झलक शेयर की है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर बच्चों की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘मुझे चुनने के लिए शुक्रिया।’ दिव्यांका और विवेक की शादी के 10 साल बाद उनके घर पहले बच्चों का जन्म हुआ है। हालांकि इन तस्वीरों में उन्होंने दोनों बेटों का चेहरा नहीं दिखाया है। भगवान से मांगी थी एक खुशी, मिली डबल दिव्यांका और विवेक ने इंस्टाग्राम पर एक जॉइंट पोस्ट शेयर कर बेटों के आने की जानकारी दी थी। “हमने भगवान से एक खुशी मांगी थी, लेकिन उन्होंने हमें डबल दे दी। हमारे घर जुड़वां बेटों का जन्म हुआ है।” विवेक दहिया ने पोस्ट में लिखा कि उनका लंबा इंतजार अब खत्म हो गया है। लड़के आ चुके हैं और जिंदगी पहले से ज्यादा खूबसूरत लग रही है। उन्होंने आगे लिखा, ‘मेरे करण अर्जुन आ गए।’ कपल ने माता-पिता के इस नए सफर के लिए लोगों से आशीर्वाद मांगा है। आगे कपल ने लिखा है, ‘दिव्यांका और मुझे पेरेंटहुड के नए खूबसूरत सफर को शुरू करने के लिए आप सभी के प्यार और आशीर्वाद की जरुरत है।’ शेयर की तस्वीर में लिखा गया है, हमने भगवान से खुशियां मांगीं और भगवान ने कहा, डबल ले लो। हमें जुड़वा बच्चे हुए हैं। मार्च में की थी प्रेग्नेंसी अनाउंस दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक ने मार्च में फैंस को गुड न्यूज दी थी। एक्ट्रेस ने बेबी बंप की तस्वीरों के साथ लिखा था, ‘10 साल बाद कहानी में आया सबसे खूबसूरत ट्विस्ट। कुछ सफर जल्दी पूरे करने के लिए नहीं होते। वो साथ-साथ तैयार होने के लिए होते हैं। और जब आपको लगता है कि आपकी कहानी पूरी हो चुकी है। तभी जिंदगी उसमें सबसे खूबसूरत अध्याय जोड़ देती है। अब भी यकीन नहीं हो रहा। बिना वजह मुस्कुरा रहे हैं। दिल में सिर्फ शुक्र और खुशी है। हम माता-पिता बनने वाले हैं।’ देखिए दिव्यांका त्रिपाठी की प्रेग्नेंसी की चुनिंदा तस्वीरें- टीवी के शो के सेट में हुआ प्यार और कर ली शादी दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दाहिया की मुलाकात टीवी शो ये है मोहब्बतें के सेट पर हुई थी। दोनों शो के लीड एक्टर्स थे। साथ काम करते हुए दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और फिर जनवरी 2016 में कपल ने सगाई की। सगाई के 5 महीने बाद जुलाई 2016 में दिव्यांका और विवेक की शादी भोपाल में हुई। दिव्यांका त्रिपाठी को टीवी शो बनूं मैं तेरी दुल्हन से देशभर में पहचान मिली थी। इसेक बाद वो ये हैं मोहब्बतें में दिखीं। टीवी शोज के अलावा दिव्यांका कई रियलिटी शो, कई वेब सीरीज और फिल्मों का भी हिस्सा रही हैं। ‘सिनेस्टार्स की खोज’ से शुरू किया था एक्टिंग करियर दिव्यांका त्रिपाठी टीवी इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2004 में रियलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट सिनेस्टार्स की खोज’ से की थी। इसके बाद साल 2006 में आए सीरियल ‘बनू मैं तेरी दुल्हन’ में विद्या का लीड रोल निभाकर वे काफी पॉपुलर हुईं। दिव्यांका ने ‘खाना खजाना’, ‘नचले वे विद सरोज खान’, ‘जोर का झटका’, ‘कॉमेडी सर्कस’ और ‘नच बलिए 8’ जैसे कई शोज में काम किया है। वे ‘खतरों के खिलाड़ी 11’ की रनर-अप भी रही थीं। हाल ही में वे सोनी लिव की सीरीज ‘अदृश्यम’ में इंस्पेक्टर पार्वती सहगल के रोल में नजर आई थीं।

दिव्यांका त्रिपाठी ने शेयर की जुड़वा बच्चों की पहली झलक:पोस्ट में लिखा- मुझे चुनने के लिए शुक्रिया; शादी के 10 साल बाद बने माता-पिता

दिव्यांका त्रिपाठी ने शेयर की जुड़वा बच्चों की पहली झलक:पोस्ट में लिखा- मुझे चुनने के लिए शुक्रिया; शादी के 10 साल बाद बने माता-पिता

टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी और उनके पति विवेक दहिया हाल ही में जुड़वां बेटों के माता-पिता बने हैं। मई महीने में बेटों के जन्म के बाद दिव्यांका ने आज सोशल मीडिया पर उनकी पहली झलक शेयर की है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर बच्चों की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘मुझे चुनने के लिए शुक्रिया।’ दिव्यांका और विवेक की शादी के 10 साल बाद उनके घर पहले बच्चों का जन्म हुआ है। हालांकि इन तस्वीरों में उन्होंने दोनों बेटों का चेहरा नहीं दिखाया है। भगवान से मांगी थी एक खुशी, मिली डबल दिव्यांका और विवेक ने इंस्टाग्राम पर एक जॉइंट पोस्ट शेयर कर बेटों के आने की जानकारी दी थी। “हमने भगवान से एक खुशी मांगी थी, लेकिन उन्होंने हमें डबल दे दी। हमारे घर जुड़वां बेटों का जन्म हुआ है।” विवेक दहिया ने पोस्ट में लिखा कि उनका लंबा इंतजार अब खत्म हो गया है। लड़के आ चुके हैं और जिंदगी पहले से ज्यादा खूबसूरत लग रही है। उन्होंने आगे लिखा, ‘मेरे करण अर्जुन आ गए।’ कपल ने माता-पिता के इस नए सफर के लिए लोगों से आशीर्वाद मांगा है। आगे कपल ने लिखा है, ‘दिव्यांका और मुझे पेरेंटहुड के नए खूबसूरत सफर को शुरू करने के लिए आप सभी के प्यार और आशीर्वाद की जरुरत है।’ शेयर की तस्वीर में लिखा गया है, हमने भगवान से खुशियां मांगीं और भगवान ने कहा, डबल ले लो। हमें जुड़वा बच्चे हुए हैं। मार्च में की थी प्रेग्नेंसी अनाउंस दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक ने मार्च में फैंस को गुड न्यूज दी थी। एक्ट्रेस ने बेबी बंप की तस्वीरों के साथ लिखा था, ‘10 साल बाद कहानी में आया सबसे खूबसूरत ट्विस्ट। कुछ सफर जल्दी पूरे करने के लिए नहीं होते। वो साथ-साथ तैयार होने के लिए होते हैं। और जब आपको लगता है कि आपकी कहानी पूरी हो चुकी है। तभी जिंदगी उसमें सबसे खूबसूरत अध्याय जोड़ देती है। अब भी यकीन नहीं हो रहा। बिना वजह मुस्कुरा रहे हैं। दिल में सिर्फ शुक्र और खुशी है। हम माता-पिता बनने वाले हैं।’ देखिए दिव्यांका त्रिपाठी की प्रेग्नेंसी की चुनिंदा तस्वीरें- टीवी के शो के सेट में हुआ प्यार और कर ली शादी दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दाहिया की मुलाकात टीवी शो ये है मोहब्बतें के सेट पर हुई थी। दोनों शो के लीड एक्टर्स थे। साथ काम करते हुए दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और फिर जनवरी 2016 में कपल ने सगाई की। सगाई के 5 महीने बाद जुलाई 2016 में दिव्यांका और विवेक की शादी भोपाल में हुई। दिव्यांका त्रिपाठी को टीवी शो बनूं मैं तेरी दुल्हन से देशभर में पहचान मिली थी। इसेक बाद वो ये हैं मोहब्बतें में दिखीं। टीवी शोज के अलावा दिव्यांका कई रियलिटी शो, कई वेब सीरीज और फिल्मों का भी हिस्सा रही हैं। ‘सिनेस्टार्स की खोज’ से शुरू किया था एक्टिंग करियर दिव्यांका त्रिपाठी टीवी इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2004 में रियलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट सिनेस्टार्स की खोज’ से की थी। इसके बाद साल 2006 में आए सीरियल ‘बनू मैं तेरी दुल्हन’ में विद्या का लीड रोल निभाकर वे काफी पॉपुलर हुईं। दिव्यांका ने ‘खाना खजाना’, ‘नचले वे विद सरोज खान’, ‘जोर का झटका’, ‘कॉमेडी सर्कस’ और ‘नच बलिए 8’ जैसे कई शोज में काम किया है। वे ‘खतरों के खिलाड़ी 11’ की रनर-अप भी रही थीं। हाल ही में वे सोनी लिव की सीरीज ‘अदृश्यम’ में इंस्पेक्टर पार्वती सहगल के रोल में नजर आई थीं।

फ्रिज टिप्स: घर से बाहर जाने से पहले फ्रिज में रखी 1 रुपये की छुट्टी, जानिए क्या है ये वायरल ट्रिक के पीछे का रहस्य

तस्वीर का विवरण

फ़िरोज़ में एक रुपये का स्टॉक स्थिर रहता है। अगर लंबे समय तक बिजली गुल रहती है, तो रेफ्रिजरेटर में बर्फ पिघलने लगती है। छवि: एआई इस प्रक्रिया में यदि आपका खाना खराब हो गया है, तो आप उससे पूछ सकते हैं कि आप फूड पॉइज़निंग का शिकार हो सकते हैं। एक छोटा सा सा सूडानी डेंजर से बचाव में एक सुरक्षा कवच का काम करता है। छवि: एआई बस एक टैंकर, पानी और 1 रुपये के सिक्के की जरूरत है। बोतल को पानी से भरें और उसे रेफ्रिजरेटर में पूरी तरह से जमा लें। जब पानी बर्फ की ठोस परत बन जाए, तो सिक्कों को बर्फ के बिल्कुल ऊपर रख दें। छवि: एआई अब इस पोर्टेबल रेफ्रिजरेटर को वापस रख लें और अन्य जगहों पर भी फ्री रखें। जब आप वापस लौटें तो सबसे पहले उस सिक्के की स्थिति का अवलोकन करें। सिक्के की जगह यह तय करती है कि आपको क्या करना चाहिए। छवि: एआई बर्फ़ के ऊपर ही जमी हुई है, तो इसका मतलब है कि रेफ़्रिजरेटर लगातार ठंडा हो रहा है और खाना सुरक्षित है। यदि थोड़ा सा नीचे धंसा हुआ है, तो संकेत है कि बिजली कुछ समय के लिए चली गई थी और बर्फ के टुकड़े के रूप में पिघल गई थी। छवि: एआई रबड़ के काफी बड़े हिस्से तक पहुंच का भुगतान किया गया है, तो यह स्पष्ट है कि फ़िज़ लंबे समय तक बंद रहा और बर्फ पूरी तरह से पिघल गई थी। ऐसी स्थिति में फर्म में रखा गया भोजन खराब होने की पूरी आशंका है। छवि: एआई थोक वृद्धि से फ़र्ज़ी में दूध, मांस, दही और अन्य उत्पादों के उत्पाद बहुत तेजी से खराब हो रहे हैं। कोल्ड फूड का सेवन करने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)फ्रिज हैक्स(टी)खाद्य सुरक्षा टिप्स(टी)1 रुपये का सिक्का ट्रिक(टी)रसोई टिप्स(टी)ग्रीष्मकालीन खाद्य सुरक्षा(टी)रेफ्रिजरेटर रखरखाव(टी)कैसे जांचें कि फ्रिज का खाना सुरक्षित है या नहीं

Illegal transactions worth Rs 421 lakh crore in the global financial system

Illegal transactions worth Rs 421 lakh crore in the global financial system

Hindi News Business Illegal Transactions Worth Rs 421 Lakh Crore In The Global Financial System बिजनेस स्टैंडर्ड/ द इकोनॉमिस्ट.मुंबई17 मिनट पहले कॉपी लिंक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, 48% पहला पेमेंट आने पर और 26% पैसा खाते से निकल जाने के बाद फ्रॉड ट्रैक कर पाते हैं।- प्रतीकात्मक इमेज एआई साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार बन गया है। एआई एजेंट्स पारंपरिक सुरक्षा प्रणालियों को आसानी से चकमा दे रहे हैं। साइबर सुरक्षा फर्म बायोकैच के ग्लोबल सर्वे में 88% बैंकिंग प्रोफेशनल्स ने माना कि एआई ने फ्रॉड और घोटालों को जटिल बना दिया है। 2025 में ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम में करीब 421 लाख करोड़ के अवैध लेनदेन हुए। इसमें से 55 लाख करोड़ सीधे फ्रॉड का मामला था। अमेरिकी एजेंसी एफबीआई का अनुमान है कि फ्रॉड के 85% मामले दर्ज ही नहीं होते। 25 देशों के 1,440 फ्रॉड मैनेजमेंट और जोखिम विशेषज्ञों की राय फ्रॉड के प्रयास 71%, नुकसान 59% बढ़े 81% विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी संस्था में फ्रॉड के प्रयास बढ़ रहे हैं। 2025 में यह वृद्धि 71% रही। 76% ने माना कि उनके बैंक को फ्रॉड से होने वाला नुकसान सिर्फ एक साल में 59% बढ़ गया है। 85% फाइनेंशियल फ्रॉड के मामले दर्ज ही नहीं कराए जाते। अमेरिकी एजेंसी एफबीआई ने ऐसा अनुमान लगाया है। ग्लोबल फाइनेंशियल फ्रॉड बढ़ने के तीन सबसे बड़े कारण ये 59% बैंकर्स ने माना कि फौरन रकम ट्रांसफर करने वाले एप से फ्रॉड आसान है। 45% एक्सपर्ट्स ने कहा कि अपराधी लोगों को बहला-फुसलाकर पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। 45% ने एआई तकनीक के इस्तेमाल को कारण बनाया। फ्रॉड में इन एआई टेक का सबसे ज्यादा इस्तेमाल डीपफेक, सोशल इंजीनियरिंग (50%) – आवाज, चेहरे की हूबहू नकल करके सगे-संबंधियों/अधिकारियों के नाम पर धोखा देना। ऑटोमेटेड फिशिंग (48%) – बड़े पैमाने पर फर्जी ईमेल, मैसेज भेजना। ऑटोमेटेड मनी लॉन्ड्रिंग (44%) – बिना मानवीय हस्तक्षेप के तेजी से पैसे को इधर-उधर ठिकाने लगाना। सबसे बड़ा और नया खतरा एआई एजेंट्स, ज्यादातर बैंकिंग प्रोफेशनल्स के लिए इन्हें काबू करना मुश्किल – 80% संस्थानों ने कहा है कि वे पहले ही एजेंटिक एआई इस्तेमाल करने वाले हमलों का सामना कर चुके हैं। 84% का मानना है कि अगले एक साल में ‘एआई एजेंट्स’ बैंकों की सबसे बड़ी कमजोरी साबित हो सकते हैं। – 72% का मानना है कि भविष्य में जब एआई एजेंट्स लेनदेन शुरू करेंगे, तब वैध एआई-असिस्टेड लेनदेन और हैकर/अपराधी के दुर्भावनापूर्ण एआई लेनदेन के बीच फर्क कर पाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। बैंक रियल-टाइम डेटा साझा करें रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि जब अपराधी इतनी तेजी से काम कर रहे हैं, तो बैंकों को भी आपस में मिलकर रियल-टाइम में डेटा साझा करना होगा। 86% ने माना कि यदि पैसा प्राप्त करने वाले खाते की रियल-टाइम जानकारी मिल जाए, तो धोखाधड़ी को उसी वक्त रोकना संभव हो जाएगा। म्यूल अकाउंट्स फ्रॉड इकोसिस्टम की ताकत मनी म्यूल (पैसे की हेराफेरी के लिए आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले फर्जी या किराए के बैंक खाते) फ्रॉड इकोसिस्टम की रीढ़ हैं। अकेले 2024 में बायोकैच के क्लाइंट्स ने 20 लाख मनी म्यूल खातों की पहचान की थी। दिक्कत यह है कि केवल 20% बैंक ही ऐसे खातों को पहली बार में ही पकड़ पाते हैं। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, 48% पहला पेमेंट आने पर और 26% पैसा खाते से निकल जाने के बाद फ्रॉड ट्रैक कर पाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

तेंदुलकर फ्लाइट में फैमिली के साथ क्रिकेट खेलते दिखे:वीडियो पोस्ट कर लिखा- एटीट्यूड चेंज नहीं होना चाहिए, बेटी सारा ने कैच पकड़ा

तेंदुलकर फ्लाइट में फैमिली के साथ क्रिकेट खेलते दिखे:वीडियो पोस्ट कर लिखा- एटीट्यूड चेंज नहीं होना चाहिए, बेटी सारा ने कैच पकड़ा

दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर परिवार के साथ फ्लाइट में क्रिकेट खेलते नजर आए। 53 साल के पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने शुक्रवार को इसका 31 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, ‘एल्टीट्यूड चाहे जो हो, एटीट्यूड नहीं बदलना चाहिए।’ वीडियो में सचिन उल्टे बल्ले से बेटी सारा तेंदुलकर और बहू सानिया चंडोक के साथ क्रिकेट खेल रहे हैं। सानिया गेंदबाजी करती दिखीं, जबकि उनकी एक गेंद पर सारा ने सचिन का कैच पकड़ लिया। इसके बाद तीनों हंसते नजर आए और इस हल्के-फुल्के पल का आनंद लेते दिखे। फोटो देखिए… पिछले हफ्ते क्लाइमेट स्मार्ट विलेज पहुंचे थे तेंदुलकर पिछले हफ्ते पालघर के गुहिर गांव पहुंचे थे। वहां उन्होंने बच्चों के बीच क्लाइमेट स्मार्ट विलेज प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। सचिन ने खुद इसके फोटो शेयर किए थे। इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले इकलौते क्रिकेटर तेंदुलकर इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले इकलौते क्रिकेटर हैं। उन्होंने भारत के लिए 664 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। उनके नाम टेस्ट और वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज हैं। तेंदुलकर ने 200 टेस्ट मैचों में 15,921 रन बनाए हैं, जबकि 463 वनडे में उनके नाम 18,426 रन हैं। सचिन ने एक टी-20 इंटरनेशनल मैच भी खेला है। तेंदुलकर का इंटरनेशनल करियर ———————————————– भारतीय क्रिकेटर्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 24 जून को शादी करेंगे आकाश दीप, अक्षिता संग सात फेरे लेंगे भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज आकाशदीप जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। आकाशदीप 24 जून को वाराणसी में शादी करेंगे। वे अपने ही जिले के डेहरी-ऑन-सोन स्थित मानिकपुर गांव की अक्षिता के साथ सात फेरे लेंगे। पढ़ें पूरी खबर

तेंदुलकर फ्लाइट में फैमिली के साथ क्रिकेट खेलते दिखे:वीडियो पोस्ट कर लिखा- एटीट्यूड चेंज नहीं होना चाहिए, बेटी सारा ने कैच पकड़ा

तेंदुलकर फ्लाइट में फैमिली के साथ क्रिकेट खेलते दिखे:वीडियो पोस्ट कर लिखा- एटीट्यूड चेंज नहीं होना चाहिए, बेटी सारा ने कैच पकड़ा

दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर परिवार के साथ फ्लाइट में क्रिकेट खेलते नजर आए। 53 साल के पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने शुक्रवार को इसका 31 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, ‘एल्टीट्यूड चाहे जो हो, एटीट्यूड नहीं बदलना चाहिए।’ वीडियो में सचिन उल्टे बल्ले से बेटी सारा तेंदुलकर और बहू सानिया चंडोक के साथ क्रिकेट खेल रहे हैं। सानिया गेंदबाजी करती दिखीं, जबकि उनकी एक गेंद पर सारा ने सचिन का कैच पकड़ लिया। इसके बाद तीनों हंसते नजर आए और इस हल्के-फुल्के पल का आनंद लेते दिखे। फोटो देखिए… पिछले हफ्ते क्लाइमेट स्मार्ट विलेज पहुंचे थे तेंदुलकर पिछले हफ्ते पालघर के गुहिर गांव पहुंचे थे। वहां उन्होंने बच्चों के बीच क्लाइमेट स्मार्ट विलेज प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। सचिन ने खुद इसके फोटो शेयर किए थे। इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले इकलौते क्रिकेटर तेंदुलकर इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले इकलौते क्रिकेटर हैं। उन्होंने भारत के लिए 664 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। उनके नाम टेस्ट और वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज हैं। तेंदुलकर ने 200 टेस्ट मैचों में 15,921 रन बनाए हैं, जबकि 463 वनडे में उनके नाम 18,426 रन हैं। सचिन ने एक टी-20 इंटरनेशनल मैच भी खेला है। तेंदुलकर का इंटरनेशनल करियर ———————————————– भारतीय क्रिकेटर्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 24 जून को शादी करेंगे आकाश दीप, अक्षिता संग सात फेरे लेंगे भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज आकाशदीप जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। आकाशदीप 24 जून को वाराणसी में शादी करेंगे। वे अपने ही जिले के डेहरी-ऑन-सोन स्थित मानिकपुर गांव की अक्षिता के साथ सात फेरे लेंगे। पढ़ें पूरी खबर

NTA Issues Guidelines, Rough Work Sheet Increased

NTA Issues Guidelines, Rough Work Sheet Increased

Hindi News Career NEET UG Re Exam 2026: NTA Issues Guidelines, Rough Work Sheet Increased 8 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने NEET UG रीएग्‍जाम में कुछ बदलाव किए हैं। नए नोटिस के तहत, परीक्षा का समय अब 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। इसके अलावा आंसर शीट में रफ वर्क के लिए भी जगह बढ़ाई गई है। NEET UG 2026 इस साल पेपर लीक के चलते रद्द कर दिया गया था। रीएग्‍जाम अब 21 जून को आयोजित किया जाना है जिसे लेकर नए बदलाव किए गए हैं। NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को NTA ने इसे रद्द कर दिया। मामले की जांच CBI कर रही है और अब 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा होगी। लॉकडाउन में रहेंगे पेपर सेटर्स एग्जाम होने तक पेपर सेटर्स को कड़े प्रतिबंध का पालन करना होगा। उन्‍हें 21 जून तक लॉकडाउन में रखा जाएगा ताकि पेपर लीक होने की आशंका न रहे। एग्जाम आयोजन के लिए देश भर के 551 शहर और विदेशों में 14 शहरों को चुना गया है। पेपर ले जाने के लिए एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल अधिकारियों के अनुसार एग्जाम से संबंधित सभी काम जैसे प्रश्नों की सेटिंग, ट्रांसलेशन, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रिब्यूशन की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सरकार द्वारा क्वेश्चन पेपर से संबंधित सभी सामान ले जाने के लिए इंडियन एयरफोर्स एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। डिजिटल क्षेत्र में अधिकारी 24 घंटे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग पर नजर जमाए हुए हैं ताकि फेक क्वेश्चन पेपर, गलत सूचनाओं और संदिग्ध गतिविधियों को एग्जाम से दूर रखा जा सके। एक्सपर्ट को खुद पता नहीं होगा कि किस एग्जाम के पेपर बना रहे हैं NTA ऐसा नया सिस्टम बनाने पर काम कर रही है, जिसमें सवाल तैयार करने वाले एक्पर्ट्स को भी पता नहीं होगा कि वह किस एग्जाम के क्वेश्चन पेपर बना रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की नई योजना के तहत अलग-अलग सब्जेक्ट के एक्सपर्ट्स सिर्फ प्रश्न तैयार करेंगे। इन प्रश्नों को एक बड़े डिजिटल बैंक में रखा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इसमें करीब 10 हजार प्रश्न हो सकते हैं। बाद में टेक्निक की मदद से इन प्रश्नों से फाइनल एग्जाम पेपर तैयार होगा। NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। ————— ये खबर भी पढ़ें इंजीनियर की नौकरी बोरिंग लगी तो नूडल्‍स का स्‍टॉल लगाया:मेटा की नौकरी छोड़ी, मदद करती गर्लफ्रेंड के साथ वीडियो वायरल फाइनेंशियल एडवाइजर और कंटेंट क्रिएटर लुइसा ते ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो इंटरव्यू शेयर किया। ये इंटरव्यू एल्विन का है जो मेटा कंपनी से नौकरी छोड़ कर नूडल्स बेचने का काम कर रहे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

‘वे कानून नहीं जानते’: महुआ मोइत्रा ने 19 टीएमसी ‘गद्दारों’ को इस्तीफा देने और बीजेपी के टिकट पर जनादेश मांगने की चुनौती दी | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:12 जून, 2026, 12:59 IST काकोली दस्तीदार ने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्थिति “बद से बदतर होती जा रही है” और उन्होंने शासन और कथित वित्तीय अनियमितताओं पर चिंताओं का हवाला दिया। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा (छवि पीटीआई) हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर बढ़ते तनाव के बीच, पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा ने शुक्रवार को उन 19 सांसदों पर तीखा हमला बोला, जिन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को समर्थन देने की घोषणा की है, उन्हें “देशद्रोही” कहा और जोर देकर कहा कि उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और भाजपा के टिकट पर मतदाताओं से नया जनादेश लेना चाहिए। एक्स पर एक पोस्ट में, इस दावे को खारिज कर दिया गया कि विद्रोही सांसद दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत अयोग्यता से बच सकते हैं, यह तर्क देते हुए कि संविधान के 91 वें संशोधन ने विभाजन या अलग गुट के प्रावधान को हटा दिया है। उन्होंने कहा, “देशद्रोही टीएमसी सांसदों को कानून की जानकारी नहीं है। संविधान के 91वें संशोधन 2003 ने विभाजन/अलग गुट के प्रावधान को हटा दिया। सांसदों की संख्या अप्रासंगिक है – मूल राजनीतिक दल के 2/3 को किसी अन्य पार्टी के साथ विलय करना होगा। सभी 19 गद्दारों को इस्तीफा देने और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की जरूरत है।” गद्दार टीएमसी विधायक कानून नहीं जानते। संविधान के 91वें संशोधन 2003 ने विभाजन/पृथक गुट के प्रावधान को हटा दिया। सांसदों की संख्या अप्रासंगिक है- मूल राजनीतिक दल के 2/3 को किसी अन्य पार्टी के साथ विलय करना होगा। सभी 19 गद्दारों को इस्तीफा देने और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की जरूरत है।- महुआ मोइत्रा (@MahuaMoitra) 12 जून, 2026 उनकी टिप्पणी काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में 19 असंतुष्ट टीएमसी सांसदों के एक समूह द्वारा पिछले महीने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र सौंपने के बाद आई है, जिसमें दावा किया गया है कि दस्तीदार सदन में पार्टी के मुख्य सचेतक बने रहेंगे और उन्हें एनडीए का समर्थन करने के अपने फैसले के बारे में सूचित किया जाएगा। विद्रोहियों ने तर्क दिया है कि हालांकि ममता बनर्जी ने दस्तीदार को मुख्य सचेतक के पद से हटा दिया और उनके स्थान पर कल्याण बनर्जी को नियुक्त किया, लेकिन कथित तौर पर इस बदलाव के बारे में लोकसभा सचिवालय को औपचारिक रूप से सूचित नहीं किया गया था। उनका तर्क है कि दस्तीदार इसलिए आधिकारिक रिकॉर्ड में पद पर बने हुए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, दस्तीदार ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में स्थिति “बद से बदतर होती जा रही है” और शासन और कथित वित्तीय अनियमितताओं पर चिंताओं का हवाला दिया। द इंडियन एक्सप्रेस के साथ एक अलग साक्षात्कार में, मोइत्रा ने भाजपा पर चुनाव जीतने के बजाय दलबदल कराकर अपनी संसदीय ताकत बढ़ाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बागी सांसदों ने अपनी चुनावी जीत का श्रेय ममता बनर्जी को दिया और उन पर पार्टी नेतृत्व को धोखा देने का आरोप लगाया। मोइत्रा ने कहा, “लालच और विश्वासघात की कोई सीमा नहीं है। भाजपा लोकसभा में हार के बाद से हताश थी, जब उन्हें दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला था। इसलिए, उन्होंने अपनी गणना कर ली है, और किसी भी तरह से वे 40-50 सांसद और लाना चाहते हैं। वे इसे चुनावों के माध्यम से प्राप्त करने में विश्वास नहीं करते हैं; वे इसे जोड़-तोड़ (पार्टियों को तोड़ना) के माध्यम से करना चाहते हैं।” टीएमसी संकट का जिक्र करते हुए, मोइत्रा ने टिप्पणी की कि “लालच और विश्वासघात की कोई सीमा नहीं है”, इस बात पर जोर दिया कि सभी विद्रोही सांसद पूरी तरह से ममता बनर्जी के कारण चुने गए थे। उन्होंने कहा, ”पार्टी किसकी है, इस बारे में रत्ती भर भी अनिश्चितता नहीं है। पार्टी ममता बनर्जी हैं।” विधानसभा चुनाव में हार के बाद विद्रोह ने टीएमसी में सबसे बड़े संकटों में से एक को जन्म दिया है, जिसमें पार्टी के भीतर इस्तीफे और खुले असंतोष सामने आए हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शोभित गुप्ता शोभित गुप्ता News18.com में उप-संपादक हैं और भारत और अंतर्राष्ट्रीय समाचारों को कवर करते हैं। वह भारत के रोजमर्रा के राजनीतिक मामलों और भू-राजनीति में रुचि रखते हैं। उन्होंने बीए पत्रकारिता (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘वे कानून नहीं जानते’: महुआ मोइत्रा ने 19 टीएमसी ‘गद्दारों’ को इस्तीफा देकर बीजेपी के टिकट पर जनादेश मांगने की चुनौती दी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी बागी सांसद(टी)महुआ मोइत्रा हमला(टी)ममता बनर्जी संकट(टी)टीएमसी आंतरिक दरार(टी)एनडीए समर्थन विवाद(टी)दलबदल विरोधी कानून भारत(टी)बीजेपी इंजीनियरिंग दलबदल(टी)लोकसभा विद्रोह

Smaller cities offer bigger salaries; 9.5% increments, higher than metros

Smaller cities offer bigger salaries; 9.5% increments, higher than metros

Hindi News Business Smaller Cities Offer Bigger Salaries; 9.5% Increments, Higher Than Metros मुंबई19 मिनट पहले कॉपी लिंक सर्वे के मुताबिक, चेन्नई, पुणे व हैदराबाद 9.7-9.6% वेतन वृद्धि के साथ मेट्रो में आगे हैं। – प्रतीकात्मक फोटो दस साल पहले तक जो शहर सिर्फ ‘वॉल्यूम मार्केट’ माने जाते थे, आज वही वेतन वृद्धि की दौड़ में दिल्ली और मुंबई को पीछे छोड़ रहे हैं। टीमलीज की ‘जॉब्स एंड सैलरीज प्राइमर’ रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अप्रैल से शुरू वित्त वर्ष 2026-27 में अहमदाबाद और विशाखापट्टनम में वेतन वृद्धि 9.5% रहने का अनुमान है। तुलना करें तो दिल्ली और मुंबई के लिए यह आंकड़ा 9.3-9.3% है। मतलब साफ है- इन दो मध्यम आकार के शहरों ने देश के दो बड़े ‘बिजनेस सेंटर्स’ को पीछे छोड़ दिया। नागपुर और जयपुर भी 9.3% वेतन वृद्धि के साथ दिल्ली की बराबरी कर रहे हैं। यह बदलाव अचानक नहीं आया। इसके पीछे ठोस ढांचागत कारण हैं। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली, इलेक्ट्रिक गाड़ियों का उत्पादन और सरकार की ‘रेयर अर्थ मिनरल्स’ और अक्षय ऊर्जा को लेकर नीतियां शामिल हैं। कोयंबटूर, नागपुर और विशाखापट्टनम अब पूरी तरह औद्योगिक हब के रूप में उभर चुके हैं। टीमलीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बालासुब्रमण्यन का कहना है, ‘अब ग्रामीण और गैर-मेट्रो मार्केट सिर्फ वॉल्यूम (बिक्री) नहीं चाहते, वे क्वालिटी चाहते हैं। एंट्री-लेवल की कारें वापस आ गई हैं, हैचबैक बिक रही हैं और इलेक्ट्रिक दोपहिया गैर-मेट्रो शहरों में धड़ाधड़ बिक रहे हैं। कंपनियों को बस वहां सही टैलेंट चाहिए।’ 2030 तक गैर-मेट्रो शहर देश की कुल खपत में 50% से ज्यादा योगदान दे सकते हैं। यह अनुमान ‘कॉरपोरेट इंडिया’ की रणनीति भी बदल रहा है। सेक्टर की बात करें तो वेतन वृद्धि की अगुवाई अब आईटी या बैंकिंग सेक्टर नहीं, बल्कि ईवी और ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर कर रहे हैं। इनमें 10.2% इंक्रीमेंट का अनुमान है। फिनटेक 10% और हेल्थकेयर-फार्मा 9.7% के साथ पीछे हैं। मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग सेक्टरों में 2025-26 के लिए वृद्धि 9.4% रही। पश्चिम एशिया में युद्ध का साया भी नजर आ रहा है। इनपुट लागत बढ़ रही है और रुपया दबाव में है। बालासुब्रमण्यन कहते हैं कि अधिकांश इंक्रीमेंट बजट मार्च से पहले ही तय हो चुके थे, इसलिए युद्ध का पूरा असर अभी नहीं दिखा। अगर यह संघर्ष छह महीने और चला, तो भी ग्रोथ तो मिलेगी, पर उतनी नहीं जितना पहले अनुमान था।’ भोपाल, जयपुर, नागपुर जैसे टियर 2 शहरों में 9% से ज्यादा वेतन वृद्धि 23 सेक्टरों, 20 शहरों की 1,268 कंपनियों पर आधारित सर्वे के मुताबिक, चेन्नई, पुणे व हैदराबाद 9.7-9.6% वेतन वृद्धि के साथ मेट्रो में आगे हैं। अहमदाबाद, विशाखापट्टनम 9.5% ग्रोथ के साथ दिल्ली-मुंबई (9.3%) से ऊपर। नागपुर, जयपुर 9.3% के साथ दिल्ली की बराबरी कर रहे। वडोदरा-गुड़गांव 9.2%, कोयंबटूर 9.1%, भोपाल 9% के साथ मध्य क्रम में हैं। कोच्चि, लखनऊ, इंदौर, चंडीगढ़ और सूरत में 8.4-8.8% के बीच वेतन वृद्धि मिल रही। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔