Monday, 27 Jul 2026 | 11:37 AM

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पहले टी-20 में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 7 विकेट हराया:शाई होप के नाबाद 65 रन, होल्डर-जोसेफ ने 3-3 विकेट लिए

पहले टी-20 में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 7 विकेट हराया:शाई होप के नाबाद 65 रन, होल्डर-जोसेफ ने 3-3 विकेट लिए

जमैका के किंग्स्टन में खेले गए पहले टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 7 विकेट से हरा दिया। श्रीलंका के कप्तान कुसल मेंडिस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 147 रन बनाए। 148 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने 19.2 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम की जीत में कप्तान शाई होप ने अहम भूमिका निभाई और 53 गेंदों पर नाबाद 65 रन की पारी खेली। उनकी कप्तानी पारी की बदौलत वेस्टइंडीज ने 4 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया। कामिंदु मेंडिस और कुसल मेंडिस ने संभाली श्रीलंका की पारी श्रीलंका के लिए कामिंदु मेंडिस सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने 39 गेंदों में 51 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। कप्तान कुसल मेंडिस ने 23 गेंदों में 36 रन बनाकर दूसरी सबसे बड़ी पारी खेली। उन्होंने 2 चौके और 3 छक्के लगाए। श्रीलंका की शुरुआत अच्छी रही। पथुम निसांका और कुसल मेंडिस ने पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़े। निसांका 18 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद 43 रन पर लसित क्रूसपुले बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। टीम का तीसरा विकेट 49 रन पर गिरा, जबकि कुसल मेंडिस 65 रन के कुल स्कोर पर आउट हुए। कांमिंदु और दासुन के बीच 59 रन की साझेदारी इसके बाद कामिंदु मेंडिस और दासुन शनाका ने पांचवें विकेट के लिए 48 गेंदों में 59 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर पारी संभाली। कामिंदु ने 51 और शनाका ने 23 गेंदों पर 22 रन बनाए। इनके आउट होने के बाद श्रीलंका कोई बड़ी साझेदारी नहीं कर सका और 20 ओवर में 9 विकेट पर 147 रन ही बना सका। होल्डर-जोसेफ ने 3-3 विकेट लिए वेस्टइंडीज के लिए जेसन होल्डर और शमर जोसेफ ने 3-3 विकेट लिए, जबकि रोस्टन चेज को 1 विकेट मिला। लसिथ क्रूसपुले को मिला मौका श्रीलंका ने मैच से एक दिन पहले अपनी प्लेइंग इलेवन की घोषणा कर दी थी। नए हेड कोच गैरी कस्टर्न के आने के बाद मैच से पहले टीम का एलान करने का ट्रेंड बढ़ा है। टीम 6 बल्लेबाज और 5 गेंदबाजों के कॉम्बिनेशन के साथ उतरी। इसमें तीन तेज गेंदबाज और दो फ्रंट-लाइन स्पिनर्स शामिल थे। युवा खिलाड़ी लसिथ क्रूसपुले को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। यह उनके करियर का सिर्फ दूसरा टी-20 इंटरनेशनल मैच है। ब्रैंडन किंग और शाई होप ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई वेस्टइंडीज के सामने जीत हासिल करने के लिए 148 रनों का लक्ष्य था जिसका पीछा करते हुए मेजबान टीम के लिए ब्रैंडन किंग और कैप्टन शाई होप ने शानदार शुरुआत की। इन दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 6.2 ओवर में 67 रन जोड़े। इसके बाद ब्रैंडन किंग 22 गेंदों पर 37 रन बनाकर आउट हुए। हालांकि दूसरी तरफ से शाई होप ने एक छोर संभाले रखा और आखिर तक बैटिंग करके 54 गेंदों पर 5 चौके और 2 छक्के की मदद से नाबाद 65 रनों की पारी खेली। वेस्टइंडीज के लिए शिमरोन हेटमायर (9 गेंदों पर 17 रन), रोस्टन चेज (26 गेंदों पर 16 रन) और रोवमैन पॉवेल (06 गेंदों पर नाबाद 10 रन) ने भी कुछ अहम रन जोड़े। इन्हीं सब के दम पर वेस्टइंडीज ने 19.2 ओवर में 148 रनों का टारगेट हासिल करके 7 विकेट से जीत दर्ज की। वानिंदु हसरंगा ने 2 विकेट लिए श्रीलंकाई टीम के लिए सिर्फ वानिंदु हसरंगा (4 ओवर में 32 रन देकर 2 विकेट) और ईशान मलिंगा (4 ओवर में 26 रन देकर 1 विकेट) ही अपनी गेंदबाज़ी से सफलता हासिल कर पाए। ध्यान दें कि ये मुकाबला जीतकर वेस्टइंडीज ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में श्रीलंका पर 1-0 की बढ़त बना ली है। वेस्टइंडीज ने गुडाकेश मोती को ड्रॉप किया, 4 तेज गेंदबाजों को खिलाया दूसरी ओर, मेजबान वेस्टइंडीज ने पिच की कंडीशन को देखते हुए एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज को शामिल किया। टीम 4 तेज गेंदबाजों के अटैक के साथ मैदान पर उतरी। इस रणनीति के कारण स्पिनर गुडाकेश मोती को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ा। श्रीलंका की टीम: पथुम निसांका, कुसल मेंडिस (कप्तान और विकेटकीपर), लसिथ क्रूसपुले, पवन रथनायके, कामिंदु मेंडिस, दासुन शनाका, वानिंदु हसरंगा, महीश तीक्ष्णा, दुष्मंता चमीरा, ईशान मलिंगा, दिलशान मदुशंका। वेस्टइंडीज की टीम: शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), ब्रैंडन किंग, शिमरॉन हेटमायर, रोस्टन चेज, शेरफेन रदरफोर्ड, रोवमैन पॉवेल, जेसन होल्डर, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्ड, अकील होसेन, शमर जोसेफ।

पहले टी-20 में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 7 विकेट हराया:शाई होप के नाबाद 65 रन, होल्डर-जोसेफ ने 3-3 विकेट लिए

पहले टी-20 में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 7 विकेट हराया:शाई होप के नाबाद 65 रन, होल्डर-जोसेफ ने 3-3 विकेट लिए

जमैका के किंग्स्टन में खेले गए पहले टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 7 विकेट से हरा दिया। श्रीलंका के कप्तान कुसल मेंडिस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 147 रन बनाए। 148 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने 19.2 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम की जीत में कप्तान शाई होप ने अहम भूमिका निभाई और 53 गेंदों पर नाबाद 65 रन की पारी खेली। उनकी कप्तानी पारी की बदौलत वेस्टइंडीज ने 4 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया। कामिंदु मेंडिस और कुसल मेंडिस ने संभाली श्रीलंका की पारी श्रीलंका के लिए कामिंदु मेंडिस सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने 39 गेंदों में 51 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। कप्तान कुसल मेंडिस ने 23 गेंदों में 36 रन बनाकर दूसरी सबसे बड़ी पारी खेली। उन्होंने 2 चौके और 3 छक्के लगाए। श्रीलंका की शुरुआत अच्छी रही। पथुम निसांका और कुसल मेंडिस ने पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़े। निसांका 18 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद 43 रन पर लसित क्रूसपुले बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। टीम का तीसरा विकेट 49 रन पर गिरा, जबकि कुसल मेंडिस 65 रन के कुल स्कोर पर आउट हुए। कांमिंदु और दासुन के बीच 59 रन की साझेदारी इसके बाद कामिंदु मेंडिस और दासुन शनाका ने पांचवें विकेट के लिए 48 गेंदों में 59 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर पारी संभाली। कामिंदु ने 51 और शनाका ने 23 गेंदों पर 22 रन बनाए। इनके आउट होने के बाद श्रीलंका कोई बड़ी साझेदारी नहीं कर सका और 20 ओवर में 9 विकेट पर 147 रन ही बना सका। होल्डर-जोसेफ ने 3-3 विकेट लिए वेस्टइंडीज के लिए जेसन होल्डर और शमर जोसेफ ने 3-3 विकेट लिए, जबकि रोस्टन चेज को 1 विकेट मिला। लसिथ क्रूसपुले को मिला मौका श्रीलंका ने मैच से एक दिन पहले अपनी प्लेइंग इलेवन की घोषणा कर दी थी। नए हेड कोच गैरी कस्टर्न के आने के बाद मैच से पहले टीम का एलान करने का ट्रेंड बढ़ा है। टीम 6 बल्लेबाज और 5 गेंदबाजों के कॉम्बिनेशन के साथ उतरी। इसमें तीन तेज गेंदबाज और दो फ्रंट-लाइन स्पिनर्स शामिल थे। युवा खिलाड़ी लसिथ क्रूसपुले को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। यह उनके करियर का सिर्फ दूसरा टी-20 इंटरनेशनल मैच है। ब्रैंडन किंग और शाई होप ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई वेस्टइंडीज के सामने जीत हासिल करने के लिए 148 रनों का लक्ष्य था जिसका पीछा करते हुए मेजबान टीम के लिए ब्रैंडन किंग और कैप्टन शाई होप ने शानदार शुरुआत की। इन दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 6.2 ओवर में 67 रन जोड़े। इसके बाद ब्रैंडन किंग 22 गेंदों पर 37 रन बनाकर आउट हुए। हालांकि दूसरी तरफ से शाई होप ने एक छोर संभाले रखा और आखिर तक बैटिंग करके 54 गेंदों पर 5 चौके और 2 छक्के की मदद से नाबाद 65 रनों की पारी खेली। वेस्टइंडीज के लिए शिमरोन हेटमायर (9 गेंदों पर 17 रन), रोस्टन चेज (26 गेंदों पर 16 रन) और रोवमैन पॉवेल (06 गेंदों पर नाबाद 10 रन) ने भी कुछ अहम रन जोड़े। इन्हीं सब के दम पर वेस्टइंडीज ने 19.2 ओवर में 148 रनों का टारगेट हासिल करके 7 विकेट से जीत दर्ज की। वानिंदु हसरंगा ने 2 विकेट लिए श्रीलंकाई टीम के लिए सिर्फ वानिंदु हसरंगा (4 ओवर में 32 रन देकर 2 विकेट) और ईशान मलिंगा (4 ओवर में 26 रन देकर 1 विकेट) ही अपनी गेंदबाज़ी से सफलता हासिल कर पाए। ध्यान दें कि ये मुकाबला जीतकर वेस्टइंडीज ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में श्रीलंका पर 1-0 की बढ़त बना ली है। वेस्टइंडीज ने गुडाकेश मोती को ड्रॉप किया, 4 तेज गेंदबाजों को खिलाया दूसरी ओर, मेजबान वेस्टइंडीज ने पिच की कंडीशन को देखते हुए एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज को शामिल किया। टीम 4 तेज गेंदबाजों के अटैक के साथ मैदान पर उतरी। इस रणनीति के कारण स्पिनर गुडाकेश मोती को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ा। श्रीलंका की टीम: पथुम निसांका, कुसल मेंडिस (कप्तान और विकेटकीपर), लसिथ क्रूसपुले, पवन रथनायके, कामिंदु मेंडिस, दासुन शनाका, वानिंदु हसरंगा, महीश तीक्ष्णा, दुष्मंता चमीरा, ईशान मलिंगा, दिलशान मदुशंका। वेस्टइंडीज की टीम: शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), ब्रैंडन किंग, शिमरॉन हेटमायर, रोस्टन चेज, शेरफेन रदरफोर्ड, रोवमैन पॉवेल, जेसन होल्डर, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्ड, अकील होसेन, शमर जोसेफ।

नेशनल कंज्यूमर फोरम से भी सलमान खान को राहत:कोटा कंज्यूमर फोरम में चल रही कार्रवाई पर स्टे; अगली सुनवाई 14 जुलाई को

नेशनल कंज्यूमर फोरम से भी सलमान खान को राहत:कोटा कंज्यूमर फोरम में चल रही कार्रवाई पर स्टे; अगली सुनवाई 14 जुलाई को

राजश्री पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन के मामले में सलमान खान को नेशनल कंज्यूमर फोरम (NCDC) से भी राहत मिली है। फिलहाल सलमान खान को FSL जांच के लिए कोटा नहीं आना पड़ेगा। नेशनल कंज्यूमर फोरम ने सलमान खान के खिलाफ कोटा कंज्यूमर फोरम में चल रही कार्रवाई पर स्टे दे दिया है। मामले की अगली सुनवाई 22 जून को होगी। इसी मामले में हाईकोर्ट ने 27 मई को स्टे जारी किया था। जिसकी अगली सुनवाई 14 जुलाई को होनी है। सलमान खान को पेश होने का था आदेश पान मसाला कंपनी की ओर से वकील राकेश सुवालका ने बताया कि सलमान खान की ओर से कोटा कंज्यूमर फोरम में पेश वकालतनामा और जवाब पर सलमान खान के हस्ताक्षर को लेकर याचिकाकर्ता भाजपा नेता और एडवोकेट इंद्रमोहन सिंह हनी ने आपत्ति जताई थी। इस पर जिला उपभोक्ता अदालत ने 26 दिसंबर 2025 को एक आदेश पारित किया था, जिसमें सलमान खान के हस्ताक्षरों की जांच FSL से कराने और उन्हें खुद उपस्थित होकर अपना हस्ताक्षरित शपथ पत्र पेश करने का निर्देश दिया गया था। सलमान खान के कोर्ट में पेश नहीं होने पर याचिकाकर्ता ने कोर्ट की अवमानना का प्रार्थना-पत्र पेश किया था। इसी कार्रवाई के विरोध में सलमान खान की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट और नेशनल कंज्यूमर फोरम प्रार्थना-पत्र पेश किया था। 26 दिसंबर 2025 को कोटा कंज्यूमर कोर्ट के ऑर्डर पर रोक लगाने की मांग की। अगली सुनवाई 14 जुलाई को मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 27 मई को स्टे जारी किया था। सलमान खान के वकील की ओर से हाईकोर्ट के ऑर्डर की कॉपी कोटा कंज्यूमर फोरम में पेश की थी। वहीं अब नेशनल कंज्यूमर फोरम ने मामले में सुनवाई करते हुए 10 जून को स्टे जारी कर दिया है। नेशनल कंज्यूमर फोरम के ऑर्डर की कॉपी 11 जून को कोटा कंज्यूमर फोरम में पेश की। सलमान खान के वकील की ओर से नेशनल कंज्यूमर फोरम में परिवादी इंद्र मोहन सिंह हनी द्वारा जून 25 में विमल पान मसाला के खिलाफ परिवाद विड्रो करने का प्रार्थना पत्र भी पेश किया। कोटा कंज्यूमर फोरम में इस मामले में अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी। —————————————– ये खबर भी पढ़े सलमान खान को FSL-जांच के लिए नहीं आना पड़ेगा कोटा:वकील ने हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर किया पेश; कोटा कंज्यूमर कोर्ट से मिली राहत फिल्म स्टार सलमान खान के डॉक्यूमेंट्स FSL ने किए खारिज:कोटा कंज्यूमर कोर्ट ने कमियों को दूर करने को कहा; 21 अप्रैल को अगली सुनवाई

नेशनल कंज्यूमर फोरम से भी सलमान खान को राहत:कोटा कंज्यूमर फोरम में चल रही कार्रवाई पर स्टे; अगली सुनवाई 14 जुलाई को

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राजश्री पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन के मामले में सलमान खान को नेशनल कंज्यूमर फोरम (NCDC) से भी राहत मिली है। फिलहाल सलमान खान को FSL जांच के लिए कोटा नहीं आना पड़ेगा। नेशनल कंज्यूमर फोरम ने सलमान खान के खिलाफ कोटा कंज्यूमर फोरम में चल रही कार्रवाई पर स्टे दे दिया है। मामले की अगली सुनवाई 22 जून को होगी। इसी मामले में हाईकोर्ट ने 27 मई को स्टे जारी किया था। जिसकी अगली सुनवाई 14 जुलाई को होनी है। सलमान खान को पेश होने का था आदेश पान मसाला कंपनी की ओर से वकील राकेश सुवालका ने बताया कि सलमान खान की ओर से कोटा कंज्यूमर फोरम में पेश वकालतनामा और जवाब पर सलमान खान के हस्ताक्षर को लेकर याचिकाकर्ता भाजपा नेता और एडवोकेट इंद्रमोहन सिंह हनी ने आपत्ति जताई थी। इस पर जिला उपभोक्ता अदालत ने 26 दिसंबर 2025 को एक आदेश पारित किया था, जिसमें सलमान खान के हस्ताक्षरों की जांच FSL से कराने और उन्हें खुद उपस्थित होकर अपना हस्ताक्षरित शपथ पत्र पेश करने का निर्देश दिया गया था। सलमान खान के कोर्ट में पेश नहीं होने पर याचिकाकर्ता ने कोर्ट की अवमानना का प्रार्थना-पत्र पेश किया था। इसी कार्रवाई के विरोध में सलमान खान की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट और नेशनल कंज्यूमर फोरम प्रार्थना-पत्र पेश किया था। 26 दिसंबर 2025 को कोटा कंज्यूमर कोर्ट के ऑर्डर पर रोक लगाने की मांग की। अगली सुनवाई 14 जुलाई को मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 27 मई को स्टे जारी किया था। सलमान खान के वकील की ओर से हाईकोर्ट के ऑर्डर की कॉपी कोटा कंज्यूमर फोरम में पेश की थी। वहीं अब नेशनल कंज्यूमर फोरम ने मामले में सुनवाई करते हुए 10 जून को स्टे जारी कर दिया है। नेशनल कंज्यूमर फोरम के ऑर्डर की कॉपी 11 जून को कोटा कंज्यूमर फोरम में पेश की। सलमान खान के वकील की ओर से नेशनल कंज्यूमर फोरम में परिवादी इंद्र मोहन सिंह हनी द्वारा जून 25 में विमल पान मसाला के खिलाफ परिवाद विड्रो करने का प्रार्थना पत्र भी पेश किया। कोटा कंज्यूमर फोरम में इस मामले में अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी। —————————————– ये खबर भी पढ़े सलमान खान को FSL-जांच के लिए नहीं आना पड़ेगा कोटा:वकील ने हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर किया पेश; कोटा कंज्यूमर कोर्ट से मिली राहत फिल्म स्टार सलमान खान के डॉक्यूमेंट्स FSL ने किए खारिज:कोटा कंज्यूमर कोर्ट ने कमियों को दूर करने को कहा; 21 अप्रैल को अगली सुनवाई

उत्तराखंड के शूटर जसपाल राणा का निधन:जर्मनी से लौटते वक्त फ्लाइट में तबियत बिगड़ी; कल वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार

उत्तराखंड के शूटर जसपाल राणा का निधन:जर्मनी से लौटते वक्त फ्लाइट में तबियत बिगड़ी; कल वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार

पद्मश्री से सम्मानित उत्तराखंड के दिग्गज शूटर जसपाल राणा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। 49 वर्षीय राणा पिछले 11 दिनों से दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती थे। जर्मनी से लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। जसपाल राणा के पार्थिव शरीर को दिल्ली से बाय रोड देहरादून में उनके आवास में लाया जा रहा है। कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में 23 पदक जीतने वाले राणा को भारतीय शूटिंग की सबसे बड़ी हस्तियों में गिना जाता है। उन्हें महज 18 साल की उम्र में अर्जुन पुरस्कार मिला था, जबकि बाद में पद्मश्री और द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। पेरिस ओलिंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली मनु भाकर समेत कई अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजों को तैयार करने वाले राणा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोक जताया है। उनका पार्थिव शरीर आज शाम करीब 7 बजे तक देहरादून स्थित उनके आवास लाया जाएगा। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। तस्वीरें देखिए- पिता ITBP में रहे, बचपन में राणा को थमाई पिस्टल जसपाल राणा का जन्म 28 जून 1976 को उत्तरकाशी में हुआ था। हालांकि मूल रूप से वह टिहरी के रहने वाले थे। उनके पिता नारायण सिंह राणा इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस, यानी ITBP में तैनात थे। बाद में वे उत्तराखंड के पहले खेल मंत्री भी बने। शूटिंग के प्रति उनका विशेष लगाव था और उन्होंने ही बेटे को महज 10 साल की उम्र में पिस्टल पकड़ा दी थी। परिवार में खेल का माहौल इतना मजबूत था कि उनकी बहन सुषमा सिंह और भाई सुभाष राणा भी राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज बने। कम उम्र से ही जसपाल का अधिकांश समय शूटिंग रेंज में बीतने लगा और यहीं से उस सफर की शुरुआत हुई जिसने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाजों की कतार में खड़ा कर दिया। 12 साल की उम्र में पहला मेडल, 18 साल में अर्जुन पुरस्कार 1988 में अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में 12 साल के जसपाल राणा ने सिल्वर मेडल जीतकर देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद उन्होंने लगातार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया और भारतीय शूटिंग का नया चेहरा बनकर उभरे। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज 18 साल की उम्र में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उस दौर में इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी गई। राणा के घर से पल-पल के अपडेट्स जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

भारतीय शूटर जसपाल राणा का 49 की उम्र में निधन:6 जून को जर्मनी से लौटते वक्त तबीयत बिगड़ी थी; कॉमनवेल्थ गेम्स में 9 गोल्ड जीते

भारतीय शूटर जसपाल राणा का 49 की उम्र में निधन:6 जून को जर्मनी से लौटते वक्त तबीयत बिगड़ी थी; कॉमनवेल्थ गेम्स में 9 गोल्ड जीते

भारत के दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन हो गया है। वे 49 साल के थे। उन्हें दिल्ली के मैक्स साकेत हास्पिटल में एडमिट कराया गया था। जहां शुक्रवार सुबह जसपाल ने आखिरी सांस ली। (हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं।)

'पहले हीरोइन थी और अब हीरोइन की मां है':अक्षय कुमार ने सुनाया रवीना टंडन का शूटिंग का पुराना किस्सा; एक्ट्रेस की तारीफ भी की

'पहले हीरोइन थी और अब हीरोइन की मां है':अक्षय कुमार ने सुनाया रवीना टंडन का शूटिंग का पुराना किस्सा; एक्ट्रेस की तारीफ भी की

90 के दशक में अक्षय कुमार और रवीना टंडन की जोड़ी काफी फेमस रही थी। 22 साल बाद अब दोनों फिल्म वेलकम टू द जंगल में फिर से स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में अक्षय कुमार ने रवीना टंडन के साथ काम करने के अनुभव पर बात की। उन्होंने कहा कि रवीना हमेशा से बहुत प्रोफेशनल रही हैं। अक्षय ने एक पुराने शूटिंग अनुभव को याद करते हुए बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान सूरज डूबने से पहले सीन पूरा करना था। ग्रीन रूम दूर होने के बावजूद रवीना ने समय बचाने के लिए जनरेटर वैन में कपड़े बदले और तुरंत शूटिंग पर लौट आईं। अक्षय ने उन्हें बेहतरीन कलाकार बताया। रवीना के बारे में मजाकिया अंदाज में बोले अक्षय अक्षय कुमार ने कहा कि रवीना में समय के साथ कई बदलाव आए हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि पहले हीरोइन थी और अब हीरोइन की मां है। बता दें कि रवीना टंडन की बेटी राशा थडानी भी फिल्मों में कदम रख चुकी हैं। उन्होंने फिल्म आजाद से डेब्यू किया है। 90 के दशक में अक्षय कुमार और रवीना टंडन की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे फेमस जोड़ियों में शुमार थी। साल 1994 में रिलीज हुई मोहरा उनकी सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक रही। इसी फिल्म का मशहूर गाना ‘टिप टिप बरसा पानी’ आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। इसके बाद खिलाड़ियों का खिलाड़ी (1996) और दावा (1997) जैसी फिल्मों में भी दोनों की केमिस्ट्री को खूब सराहा गया। साल 2004 में रिलीज हुई आन: मेन एट वर्क में दोनों आखिरी बार बड़े पर्दे पर साथ नजर आए थे। सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, बल्कि पर्सनल लाइफ में भी अक्षय और रवीना का रिश्ता चर्चा में रहा। बताया जाता है कि फिल्म मोहरा की शूटिंग के दौरान दोनों करीब आए और बाद में गुपचुप सगाई भी कर ली थी। हालांकि, साल 1998 में दोनों का रिश्ता टूट गया। इसके बाद अक्षय ने 2001 में ट्विंकल खन्ना से और रवीना ने 2004 में अनिल थडानी से शादी कर अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए।

सौगत रॉय की चेतावनी, विलय की चर्चा और विद्रोहियों का एक पत्र: टीएमसी की 48 घंटे की मंदी के अंदर | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:12 जून, 2026, 09:48 IST विद्रोही सांसदों ने सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व को चुनौती दी है, एक और राज्यसभा सांसद ने इस्तीफा दे दिया है, और कांग्रेस के साथ संभावित विलय की अटकलों ने राजनीतिक साज़िश शुरू कर दी है ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी अपनी पार्टी में विद्रोह को रोकने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। (एआई-जनरेटेड इमेज) पश्चिम बंगाल में अपनी चुनावी हार से पहले से ही जूझ रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अपने इतिहास के सबसे उथल-पुथल भरे दौर में से एक देख रही है। बागी सांसदों ने सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व को चुनौती दी है, एक और राज्यसभा सांसद ने इस्तीफा दे दिया है, कांग्रेस के साथ संभावित विलय की अटकलों ने राजनीतिक साज़िश शुरू कर दी है, और वरिष्ठ नेताओं ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि पार्टी अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है। यहां पिछले 48 घंटों में जो कुछ हुआ है उस पर एक नज़र डालें और यह क्यों मायने रखता है। 1. सौगत रॉय ने माना कि टीएमसी संकट का सामना कर रही है उथल-पुथल की सबसे स्पष्ट स्वीकृति वरिष्ठ टीएमसी नेता और सांसद सौगत रॉय से मिली। मीडिया से बात करते हुए, रॉय ने स्थिति को पार्टी के लिए “संकट” बताया और सुझाव दिया कि बंगाल में विपक्ष की जगह के पुनर्निर्माण के लिए कांग्रेस के साथ सहयोग की आवश्यकता हो सकती है। उनकी टिप्पणी उन बढ़ती चिंताओं के बीच आई है कि टीएमसी का चुनाव के बाद का विद्रोह अब कुछ असंतुष्ट नेताओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विधायी और संसदीय दोनों शाखाओं में फैल गया है। टिप्पणियाँ महत्वपूर्ण थीं क्योंकि रॉय को लंबे समय से ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद लेफ्टिनेंटों में से एक माना जाता है और उनके सार्वजनिक प्रवेश ने पार्टी के सामने आने वाली चुनौती की गंभीरता को रेखांकित किया है। द इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक साक्षात्कार में रॉय ने कहा कि बनर्जी को उन लोगों की शिकायतें सुननी चाहिए जो अभी भी पार्टी के साथ हैं। उन्होंने कहा, “उन्हें लोगों से बात करनी चाहिए। अगर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ शिकायतें हैं, तो उन्हें उनसे भी निपटना चाहिए। दूसरे, उन्हें आंदोलन की योजना भी बनानी चाहिए।” 2. कांग्रेस-टीएमसी विलय की अटकलें तेज ममता बनर्जी की सोनिया गांधी से बातचीत के कुछ दिनों बाद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। बैक-टू-बैक बैठकों ने अटकलें लगाईं कि टीएमसी के चुनावी झटके के बाद दोनों पार्टियां विलय या औपचारिक गठबंधन की संभावना तलाश सकती हैं। सौगत रॉय ने यह कहकर चर्चा को और तेज कर दिया कि कांग्रेस के साथ विलय और गठबंधन दोनों ही विकल्प बने रहने चाहिए और मौजूदा राजनीतिक माहौल में विपक्षी एकता महत्वपूर्ण है। यह भी पढ़ें | कांग्रेस और तृणमूल अलग-अलग हैं: गणित क्यों नहीं जुड़ता? हालाँकि, दोनों पार्टियाँ तुरंत अटकलों को शांत करने के लिए आगे बढ़ीं। कांग्रेस नेताओं ने विलय वार्ता की रिपोर्टों को “निराधार अफवाहें” कहकर खारिज कर दिया, और कहा कि चर्चा राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दों और विपक्षी समन्वय पर केंद्रित थी। टीएमसी ने एक स्पष्टीकरण भी जारी किया जिसमें कहा गया कि विलय के संबंध में कोई प्रस्ताव या चर्चा नहीं हुई है। 3. विद्रोही सांसदों ने अपने विद्रोह को औपचारिक रूप दिया सबसे नाटकीय घटनाक्रम टीएमसी के संसदीय रैंकों के भीतर एक शक्तिशाली विद्रोही गुट का उदय था। CNN-News18 को मिले एक पत्र में 20 वरिष्ठ टीएमसी सांसदों के हस्ताक्षर हैं जो पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ विद्रोह कर रहे हैं और एक अलग समूह के रूप में मान्यता की मांग कर रहे हैं। हस्ताक्षरकर्ताओं में सायोनी घोष और युसूफ पठान सहित कई नेता शामिल हैं जो कभी पार्टी नेतृत्व के करीबी माने जाते थे। टीएमसी के दो-तिहाई से अधिक लोकसभा सांसदों के इस कदम का समर्थन करने के साथ, विद्रोहियों का मानना ​​है कि वे दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत अयोग्यता से बच सकते हैं। 4. एक और राज्यसभा सांसद का इस्तीफा गुरुवार को टीएमसी को एक और झटका लगा जब राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया. उनकी विदाई इस सप्ताह की शुरुआत में सुखेंदु शेखर रे और सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद हुई। कुछ ही दिनों में इस्तीफा देने वाले बराक तीसरे टीएमसी राज्यसभा सांसद बन गए, जिससे पार्टी की संसदीय ताकत और कमजोर हो गई। अपने इस्तीफे के बाद बोलते हुए, बराक ने कहा कि उनका मानना ​​​​है कि बंगाल में राजनीतिक जनादेश भाजपा के पक्ष में स्थानांतरित हो गया है। इस्तीफों के तेजी से सिलसिले ने ऐसी अटकलों को हवा दे दी है कि आगे और भी इस्तीफे हो सकते हैं। 5. अभिषेक बनर्जी की भूमिका वापसी पर सवाल संकट के मूल में पार्टी के कामकाज में अभिषेक बनर्जी द्वारा निभाई गई भूमिका पर बहस है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का सुझाव है कि टीएमसी के दिग्गजों का एक वर्ग वरिष्ठ नेताओं को अलग-थलग करने और गुटीय विभाजन पैदा करने के लिए बनर्जी के भतीजे के आसपास सत्ता की एकाग्रता को जिम्मेदार ठहराता है। पुराने नेताओं और अभिषेक के खेमे से जुड़े नेताओं के बीच तनाव संगठन के भीतर केंद्रीय दोष रेखाओं में से एक बन गया है। अधिक नेताओं के पार्टी छोड़ने या विद्रोही खेमे में शामिल होने से यह मुद्दा बार-बार सामने आया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अपूर्व मिश्रा अपूर्व मिश्रा नौ साल से अधिक के अनुभव के साथ News18.com में समाचार संपादक हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज से स्नातक हैं और एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म से पीजी डिप्लोमा रखती हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया सौगत रॉय की चेतावनी, विलय की चर्चा और विद्रोहियों का एक पत्र: टीएमसी की 48 घंटे की मंदी के अंदर अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी संकट पश्चिम बंगाल(टी)तृणमूल कांग्रेस

सेंसेक्स 1000 अंक चढ़कर 74,800 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 300 अंक ऊपर 23,450 पर आया; मेटल और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी

सेंसेक्स 1000 अंक चढ़कर 74,800 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 300 अंक ऊपर 23,450 पर आया; मेटल और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी

आज यानी शुक्रवार, 12 जून को सेंसेक्स 1000 अंक (1.38%) की तेजी के साथ 74,800 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 300 अंकों (1.25%) की तेजी है, ये 23,450 पर पहुंच गया। आज के कारोबार में रियल्टी, मेटल और बैंक शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है। ईरान-अमेरिका की डील की खबरों से मार्केट चढ़ा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने एक नई डील को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं रखेगा और डील होते ही होर्मुज स्ट्रेट को खोल दिया जाएगा। हालांकि ईरान ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसी बयान की वजह से शेयर बाजार चढ़ा है। एशियाई बाजारो में तेजी, साउथ कोरिया का बाजार 8% चढ़ा अमेरिकी बाजारों में कल तेजी रही विदेशी निवेशकों ने कल 1987 करोड़ के शेयर बेचे डे-हाई से 562 अंक गिरकर 73,833 पर बंद हुआ था सेंसेक्स शेयर बाजार में कल यानी 11 जून को मिला-जुला कारोबार रहा। सेंसेक्स डे हाई से 562 अंक गिरकर 73,833 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 23,162 के स्तर पर आ गया है। कल के कारोबार में आईटी और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। सेंसेक्स सुबह गिरावट के साथ खुला था। लेकिन कारोबार के दौरान ये करीब 400 अंक चढ़कर 74,394 के डे हाई पर पहुंच गया। हालांकि 1 बजे के बाद बाजार में तेज बिकवाली आई और सेंसेक्स 150 अंक गिरकर 73,833 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में 53 अंकों की गिरावट रही।

सेंसेक्स 1000 अंक चढ़कर 74,800 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 300 अंक ऊपर 23,450 पर आया; मेटल और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी

सेंसेक्स 1000 अंक चढ़कर 74,800 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 300 अंक ऊपर 23,450 पर आया; मेटल और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी

आज यानी शुक्रवार, 12 जून को सेंसेक्स 1000 अंक (1.38%) की तेजी के साथ 74,800 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 300 अंकों (1.25%) की तेजी है, ये 23,450 पर पहुंच गया। आज के कारोबार में रियल्टी, मेटल और बैंक शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है। ईरान-अमेरिका की डील की खबरों से मार्केट चढ़ा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने एक नई डील को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं रखेगा और डील होते ही होर्मुज स्ट्रेट को खोल दिया जाएगा। हालांकि ईरान ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसी बयान की वजह से शेयर बाजार चढ़ा है। एशियाई बाजारो में तेजी, साउथ कोरिया का बाजार 8% चढ़ा अमेरिकी बाजारों में कल तेजी रही विदेशी निवेशकों ने कल 1987 करोड़ के शेयर बेचे डे-हाई से 562 अंक गिरकर 73,833 पर बंद हुआ था सेंसेक्स शेयर बाजार में कल यानी 11 जून को मिला-जुला कारोबार रहा। सेंसेक्स डे हाई से 562 अंक गिरकर 73,833 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 23,162 के स्तर पर आ गया है। कल के कारोबार में आईटी और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। सेंसेक्स सुबह गिरावट के साथ खुला था। लेकिन कारोबार के दौरान ये करीब 400 अंक चढ़कर 74,394 के डे हाई पर पहुंच गया। हालांकि 1 बजे के बाद बाजार में तेज बिकवाली आई और सेंसेक्स 150 अंक गिरकर 73,833 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में 53 अंकों की गिरावट रही।