Tuesday, 16 Jun 2026 | 04:29 PM

Trending :

EXCLUSIVE

उत्तराखंड के शूटर जसपाल राणा का निधन:जर्मनी से लौटते वक्त फ्लाइट में तबियत बिगड़ी; कल वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार

उत्तराखंड के शूटर जसपाल राणा का निधन:जर्मनी से लौटते वक्त फ्लाइट में तबियत बिगड़ी; कल वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार

पद्मश्री से सम्मानित उत्तराखंड के दिग्गज शूटर जसपाल राणा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। 49 वर्षीय राणा पिछले 11 दिनों से दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती थे। जर्मनी से लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। जसपाल राणा के पार्थिव शरीर को दिल्ली से बाय रोड देहरादून में उनके आवास में लाया जा रहा है। कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में 23 पदक जीतने वाले राणा को भारतीय शूटिंग की सबसे बड़ी हस्तियों में गिना जाता है। उन्हें महज 18 साल की उम्र में अर्जुन पुरस्कार मिला था, जबकि बाद में पद्मश्री और द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। पेरिस ओलिंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली मनु भाकर समेत कई अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजों को तैयार करने वाले राणा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोक जताया है। उनका पार्थिव शरीर आज शाम करीब 7 बजे तक देहरादून स्थित उनके आवास लाया जाएगा। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। तस्वीरें देखिए- पिता ITBP में रहे, बचपन में राणा को थमाई पिस्टल जसपाल राणा का जन्म 28 जून 1976 को उत्तरकाशी में हुआ था। हालांकि मूल रूप से वह टिहरी के रहने वाले थे। उनके पिता नारायण सिंह राणा इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस, यानी ITBP में तैनात थे। बाद में वे उत्तराखंड के पहले खेल मंत्री भी बने। शूटिंग के प्रति उनका विशेष लगाव था और उन्होंने ही बेटे को महज 10 साल की उम्र में पिस्टल पकड़ा दी थी। परिवार में खेल का माहौल इतना मजबूत था कि उनकी बहन सुषमा सिंह और भाई सुभाष राणा भी राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज बने। कम उम्र से ही जसपाल का अधिकांश समय शूटिंग रेंज में बीतने लगा और यहीं से उस सफर की शुरुआत हुई जिसने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाजों की कतार में खड़ा कर दिया। 12 साल की उम्र में पहला मेडल, 18 साल में अर्जुन पुरस्कार 1988 में अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में 12 साल के जसपाल राणा ने सिल्वर मेडल जीतकर देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद उन्होंने लगातार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया और भारतीय शूटिंग का नया चेहरा बनकर उभरे। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज 18 साल की उम्र में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उस दौर में इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी गई। राणा के घर से पल-पल के अपडेट्स जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
जबलपुर में गर्मी का प्रकोप:पारा 40 डिग्री के पार, लू जैसे हालात; अगले तीन दिन भी राहत नहीं

April 16, 2026/
10:27 am

जबलपुर में इन दिनों तेज गर्मी का असर बना हुआ है। पिछले तीन दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज...

Gold Jumps ₹3,294 to ₹1.53 Lakh; Silver ₹15,694 Up

April 16, 2026/
12:33 pm

नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक सोना-चांदी के दाम में आज लगातार दूसरे दिन तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स...

चांदी ₹3,754 बढ़कर ₹2.70 लाख किलो हुई:इस साल ₹39 हजार महंगी हो चुकी; सोना ₹505 बढ़ा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.59 लाख

May 25, 2026/
12:22 pm

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 25 मई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10...

Uttarakhand Cricket Talent Hunt | Dehradun Haridwar Trials Free

June 1, 2026/
7:15 pm

उत्तराखंड के युवा तेज गेंदबाजों को तराशने के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) की बड़ी मुहिम अब गढ़वाल मंडल...

इंपैक्ट फीचर:शिक्षा ही मनुष्य के सर्वांगीण विकास का आवश्यक अंग है

April 4, 2026/
7:45 pm

एन.एच. 52 स्थित स्वामी केशवानन्द एजुकेशन हब किसी परिचय का मोहताज नहीं है। आधुनिक सुख-सुविधाओं से सुसज्जित स्वामी केशवानन्द एजु...

PSEB 5th 8th Result 2026 Live Updates: PSEB 5th, 8th exams were held in February-March. (Representative/File Photo)

April 2, 2026/
8:39 am

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 08:39 IST हिमाचल सरकार ने दलबदल पर लगाम लगाने के लिए एक विधेयक पेश किया है....

जॉब - शिक्षा

राजनीति

उत्तराखंड के शूटर जसपाल राणा का निधन:जर्मनी से लौटते वक्त फ्लाइट में तबियत बिगड़ी; कल वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार

उत्तराखंड के शूटर जसपाल राणा का निधन:जर्मनी से लौटते वक्त फ्लाइट में तबियत बिगड़ी; कल वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार

पद्मश्री से सम्मानित उत्तराखंड के दिग्गज शूटर जसपाल राणा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। 49 वर्षीय राणा पिछले 11 दिनों से दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती थे। जर्मनी से लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। जसपाल राणा के पार्थिव शरीर को दिल्ली से बाय रोड देहरादून में उनके आवास में लाया जा रहा है। कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में 23 पदक जीतने वाले राणा को भारतीय शूटिंग की सबसे बड़ी हस्तियों में गिना जाता है। उन्हें महज 18 साल की उम्र में अर्जुन पुरस्कार मिला था, जबकि बाद में पद्मश्री और द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। पेरिस ओलिंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली मनु भाकर समेत कई अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजों को तैयार करने वाले राणा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोक जताया है। उनका पार्थिव शरीर आज शाम करीब 7 बजे तक देहरादून स्थित उनके आवास लाया जाएगा। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। तस्वीरें देखिए- पिता ITBP में रहे, बचपन में राणा को थमाई पिस्टल जसपाल राणा का जन्म 28 जून 1976 को उत्तरकाशी में हुआ था। हालांकि मूल रूप से वह टिहरी के रहने वाले थे। उनके पिता नारायण सिंह राणा इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस, यानी ITBP में तैनात थे। बाद में वे उत्तराखंड के पहले खेल मंत्री भी बने। शूटिंग के प्रति उनका विशेष लगाव था और उन्होंने ही बेटे को महज 10 साल की उम्र में पिस्टल पकड़ा दी थी। परिवार में खेल का माहौल इतना मजबूत था कि उनकी बहन सुषमा सिंह और भाई सुभाष राणा भी राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज बने। कम उम्र से ही जसपाल का अधिकांश समय शूटिंग रेंज में बीतने लगा और यहीं से उस सफर की शुरुआत हुई जिसने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाजों की कतार में खड़ा कर दिया। 12 साल की उम्र में पहला मेडल, 18 साल में अर्जुन पुरस्कार 1988 में अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में 12 साल के जसपाल राणा ने सिल्वर मेडल जीतकर देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद उन्होंने लगातार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया और भारतीय शूटिंग का नया चेहरा बनकर उभरे। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज 18 साल की उम्र में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उस दौर में इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी गई। राणा के घर से पल-पल के अपडेट्स जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.