विद्रोही खेमे में हलचल: ममता बनर्जी के लिए आगे क्या है? | विस्फोटक सप्ताहांत बहस | न्यूज18

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी। सर्वाधिकार सुरक्षित। सीएनएन और सीएनएन लोगो केबल न्यूज नेटवर्क, एलपी एलएलएलपी के पंजीकृत चिह्न हैं, जिन्हें अनुमति के साथ प्रदर्शित किया गया है। NEWS18.com पर या उसके हिस्से के रूप में CNN नाम और/या लोगो का उपयोग उनके संबंध में केबल न्यूज नेटवर्क के बौद्धिक संपदा अधिकारों का हनन नहीं करता है। © कॉपीराइट नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड 2026। सर्वाधिकार सुरक्षित। (टैग्सटूट्रांसलेट)20 बागी टीएमसी सांसद ओम बिरला से मिले(टी)अभिषेक बनर्जी का स्पीकर को पत्र(टी)एआईटीसी गुट दिल्ली बैठक(टी)दलबदल विरोधी कानून टीएमसी विभाजन(टी)लोक सभा में अलग सीटिंग टीएमसी विद्रोही(टी)ममता बनर्जी राजनीतिक संकट समाचार(टी)नरेंद्र मोदी एनडीए समर्थन टीएमसी ब्रेकअवे(टी)बागी टीएमसी सांसदों का समर्थन एनडीए(टी) सुदीप बंद्योपाध्याय काकोली घोष दस्तीदार(टी)तृणमूल कांग्रेस विभाजन 2026(टी)पश्चिम बंगाल राजनीतिक संकट लाइव
“बेतुका रंगमंच!” — कपिल सिब्बल ने बागी टीएमसी गुट के एनसीपी में विलय की आलोचना की | ब्रेकिंग | न्यूज18

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी। सर्वाधिकार सुरक्षित। सीएनएन और सीएनएन लोगो केबल न्यूज नेटवर्क, एलपी एलएलएलपी के पंजीकृत चिह्न हैं, जिन्हें अनुमति के साथ प्रदर्शित किया गया है। NEWS18.com पर या उसके हिस्से के रूप में CNN नाम और/या लोगो का उपयोग उनके संबंध में केबल न्यूज नेटवर्क के बौद्धिक संपदा अधिकारों का हनन नहीं करता है। © कॉपीराइट नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड 2026। सर्वाधिकार सुरक्षित।
Surbhi Jyoti Births Baby Girl

10 मिनट पहले कॉपी लिंक सीरियल ‘कुबूल है’ में जोया के नाम से फेमस हुईं टीवी एक्ट्रेस सुरभि ज्योति और उनके पति सुमित सूरी के घर बेटी का जन्म हुआ है। सुरभि ने 13 जून, शनिवार को अपनी बेटी का स्वागत किया। इसकी जानकारी उन्होंने 14 जून, रविवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर दी। सुरभि ने तस्वीर के साथ लिखा कि हमारी बेटी आ गई है और हमारा दिल प्यार और आभार से भरा हुआ है। इस पोस्ट के बाद टीवी इंडस्ट्री के कलाकारों और उनके करीबियों ने कपल को बधाई देना शुरू कर दिया है। सुरभि ज्योति और उनके पति सुमित सूरी। इंस्टाग्राम पर दी बेटी के जन्म की जानकारी सुरभि ने इंस्टाग्राम पर एक खास फोटो शेयर की है, जिस पर ‘इट्स अ गर्ल’ (It’s a girl) लिखा हुआ है। इस फोटो में जन्म की तारीख 13 जून भी लिखी है। सुरभि की इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक्ट्रेस हिना खान ने ‘माशाल्लाह’ लिखा। वहीं एक्टर अरिजीत तनेजा ने लिखा, ‘बधाई हो दोस्तों’। इसके अलावा उनके चाहने वालों ने भी कमेंट सेक्शन में मैसेज कर सुरभि को मां बनने के इस नए सफर की बधाई दी है। इससे पहले सुरभि ने इसी साल 11 फरवरी को सोशल मीडिया पर अपनी प्रेगनेंसी की घोषणा की थी। प्रेगनेंसी में नहीं हुए कोई अजीब मूड स्विंग्स एचटी सिटी को दिए एक इंटरव्यू में सुरभि ने अपने इस फेज के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था, “जब से हमने यह खबर अपने परिवार को दी, वे बच्चे का स्वागत करने के लिए बहुत खुश हैं। मेरी मां और सास इस सफर में मेरा बड़ा सपोर्ट रही हैं। वे अपने अनुभव शेयर करने से लेकर हर कदम पर मेरे साथ रही हैं।” सुरभि ने यह भी बताया था कि उन्हें प्रेगनेंसी के दौरान कोई अजीब मूड स्विंग्स नहीं हुए और वे बिल्कुल सामान्य खाना खा रही थीं। 2024 में जिम कॉर्बेट में हुई थी शादी सुरभि ज्योति और सुमित सूरी की शादी 27 अक्टूबर 2024 को उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट रिसॉर्ट में हुई थी। यह एक ट्रेडिशनल हिंदू शादी थी, जिसमें उनके परिवार के लोग और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। अपनी शादी में सुरभि ने लाल रंग का लहंगा पहना था और सुमित सफेद शेरवानी में नजर आए थे। उनकी शादी की एक खास बात यह थी कि इसमें पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कई अनूठे और इको-फ्रेंडली रीति-रिवाज अपनाए गए थे। म्यूजिक वीडियो के सेट पर हुई थी पहली मुलाकात सुरभि और सुमित की पहली मुलाकात एक म्यूजिक वीडियो ‘हांजी – द मैरिज मंत्रा’ के सेट पर हुई थी। इस वीडियो में दोनों ने दूल्हा और दुल्हन का किरदार निभाया था। यहीं से दोनों की दोस्ती हुई जो बाद में रिश्ते में बदल गई। सुरभि ने अपने करियर की शुरुआत पंजाबी रेडियो और टेलीविजन शो से की थी। इसके बाद उन्हें टीवी इंडस्ट्री में बड़ा ब्रेक मिला और उन्होंने कई सुपरहिट सीरियल्स में मुख्य भूमिकाएं निभाईं। सीरियल ‘कुबूल है’ से मिली पहचान सुरभि ज्योति भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री की एक लोकप्रिय एक्ट्रेस हैं, जिन्हें टीवी सीरियल ‘कुबूल है’ (2012-2016) में ‘जोया फारूकी’ के किरदार से घर-घर में बड़ी पहचान मिली। पंजाब के जालंधर की रहने वाली सुरभि ने अपने करियर की शुरुआत पंजाबी थियेटर, रेडियो और शॉर्ट फिल्मों से की थी। इसके बाद उन्होंने सुपरहिट शो ‘नागिन 3’ में ‘बेला’ और ‘कोई लौट के आया है’ में ‘गीतांजलि’ जैसी मुख्य भूमिकाएं निभाकर इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई। वे वेब सीरीज और म्यूजिक वीडियोज में भी काम कर चुकी हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Surbhi Jyoti Births Baby Girl

21 मिनट पहले कॉपी लिंक सीरियल ‘कुबूल है’ में जोया के नाम से फेमस हुईं टीवी एक्ट्रेस सुरभि ज्योति और उनके पति सुमित सूरी के घर बेटी का जन्म हुआ है। सुरभि ने 13 जून, शनिवार को अपनी बेटी का स्वागत किया। इसकी जानकारी उन्होंने 14 जून, रविवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर दी। सुरभि ने तस्वीर के साथ लिखा कि हमारी बेटी आ गई है और हमारा दिल प्यार और आभार से भरा हुआ है। इस पोस्ट के बाद टीवी इंडस्ट्री के कलाकारों और उनके करीबियों ने कपल को बधाई देना शुरू कर दिया है। सुरभि ज्योति और उनके पति सुमित सूरी। इंस्टाग्राम पर दी बेटी के जन्म की जानकारी सुरभि ने इंस्टाग्राम पर एक खास फोटो शेयर की है, जिस पर ‘इट्स अ गर्ल’ (It’s a girl) लिखा हुआ है। इस फोटो में जन्म की तारीख 13 जून भी लिखी है। सुरभि की इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक्ट्रेस हिना खान ने ‘माशाल्लाह’ लिखा। वहीं एक्टर अरिजीत तनेजा ने लिखा, ‘बधाई हो दोस्तों’। इसके अलावा उनके चाहने वालों ने भी कमेंट सेक्शन में मैसेज कर सुरभि को मां बनने के इस नए सफर की बधाई दी है। इससे पहले सुरभि ने इसी साल 11 फरवरी को सोशल मीडिया पर अपनी प्रेगनेंसी की घोषणा की थी। प्रेगनेंसी में नहीं हुए कोई अजीब मूड स्विंग्स एचटी सिटी को दिए एक इंटरव्यू में सुरभि ने अपने इस फेज के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था, “जब से हमने यह खबर अपने परिवार को दी, वे बच्चे का स्वागत करने के लिए बहुत खुश हैं। मेरी मां और सास इस सफर में मेरा बड़ा सपोर्ट रही हैं। वे अपने अनुभव शेयर करने से लेकर हर कदम पर मेरे साथ रही हैं।” सुरभि ने यह भी बताया था कि उन्हें प्रेगनेंसी के दौरान कोई अजीब मूड स्विंग्स नहीं हुए और वे बिल्कुल सामान्य खाना खा रही थीं। 2024 में जिम कॉर्बेट में हुई थी शादी सुरभि ज्योति और सुमित सूरी की शादी 27 अक्टूबर 2024 को उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट रिसॉर्ट में हुई थी। यह एक ट्रेडिशनल हिंदू शादी थी, जिसमें उनके परिवार के लोग और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। अपनी शादी में सुरभि ने लाल रंग का लहंगा पहना था और सुमित सफेद शेरवानी में नजर आए थे। उनकी शादी की एक खास बात यह थी कि इसमें पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कई अनूठे और इको-फ्रेंडली रीति-रिवाज अपनाए गए थे। म्यूजिक वीडियो के सेट पर हुई थी पहली मुलाकात सुरभि और सुमित की पहली मुलाकात एक म्यूजिक वीडियो ‘हांजी – द मैरिज मंत्रा’ के सेट पर हुई थी। इस वीडियो में दोनों ने दूल्हा और दुल्हन का किरदार निभाया था। यहीं से दोनों की दोस्ती हुई जो बाद में रिश्ते में बदल गई। सुरभि ने अपने करियर की शुरुआत पंजाबी रेडियो और टेलीविजन शो से की थी। इसके बाद उन्हें टीवी इंडस्ट्री में बड़ा ब्रेक मिला और उन्होंने कई सुपरहिट सीरियल्स में मुख्य भूमिकाएं निभाईं। सीरियल ‘कुबूल है’ से मिली पहचान सुरभि ज्योति भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री की एक लोकप्रिय एक्ट्रेस हैं, जिन्हें टीवी सीरियल ‘कुबूल है’ (2012-2016) में ‘जोया फारूकी’ के किरदार से घर-घर में बड़ी पहचान मिली। पंजाब के जालंधर की रहने वाली सुरभि ने अपने करियर की शुरुआत पंजाबी थियेटर, रेडियो और शॉर्ट फिल्मों से की थी। इसके बाद उन्होंने सुपरहिट शो ‘नागिन 3’ में ‘बेला’ और ‘कोई लौट के आया है’ में ‘गीतांजलि’ जैसी मुख्य भूमिकाएं निभाकर इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई। वे वेब सीरीज और म्यूजिक वीडियोज में भी काम कर चुकी हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
China’s NEO Brain Chip Beats elon musk’s Neuralink to First Commercial BCI Sale

Hindi News Business China’s NEO Brain Chip Beats Elon Musk’s Neuralink To First Commercial BCI Sale बीजिंग14 मिनट पहले कॉपी लिंक चीन ने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) टेक्नोलॉजी को कॉमर्शियल बनाने की रेस में इलॉन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक को पीछे छोड़ दिया है। चीन ने सफल क्लिनिकल ट्रायल के बाद दुनिया की पहली कॉमर्शियल इस्तेमाल वाली ब्रेन चिप ‘NEO’ को मंजूरी दे दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सिक्के के आकार का यह इम्प्लांट कॉमर्शियल इस्तेमाल के लिए क्लिनिकल टेस्टिंग पास करने वाला दुनिया का पहला सर्जिकली इम्प्लांटेड BCI डिवाइस बन गया है। बीजिंग की सिंहुआ यूनिवर्सिटी और न्यूराकल टेक्नोलॉजी ने डेवलप किया इस आधुनिक डिवाइस को बीजिंग की सिंहुआ यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स और शंघाई स्थित न्यूराकल टेक्नोलॉजी ने मिलकर तैयार किया है। रेगुलेटरी मंजूरी मिलने के बाद अब इस बात की पूरी उम्मीद है कि इस डिवाइस को चीन के सरकारी हेल्थकेयर सिस्टम के लिए बड़े पैमाने पर बनाया जाएगा। पहले फेज में लकवाग्रस्त मरीजों को मदद मिलेगी NEO चिप का पहला वर्जन मुख्य रूप से उन मरीजों की मदद के लिए तैयार किया गया है जो रीढ़ की हड्डी की चोट (स्पाइनल कॉर्ड इंजरी) और पैरालिसिस (लकवा) से जूझ रहे हैं। यह डिवाइस ऐसे मरीजों को उनके नर्वस सिस्टम के कुछ हिस्सों पर फिर से नियंत्रण हासिल करने में मदद करेगा। हालांकि, रिसर्चर्स, टेक कंपनियां और इन्वेस्टर्स इस टेक्नोलॉजी को इंसानों और मशीनों के बीच बातचीत के एक बहुत बड़े बदलाव की शुरुआत के रूप में देख रहे हैं। इलॉन मस्क की न्यूरालिंक को मंजूरी का इंतजार यह डेवलपमेंट ऐसे समय में सामने आया है जब इलॉन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक अमेरिका में इंसानों पर ट्रायल तो कर रही है, लेकिन उसे अभी तक कॉमर्शियल उपयोग के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल नहीं मिला है। मस्क ने हाल ही में इजराइल में एक इवेंट के दौरान वीडियो लिंक के जरिए बात करते हुए अपनी तकनीक को ‘जीसस-लेवल टेक्नोलॉजी’ कहा था। मस्क का मानना है कि लकवाग्रस्त लोगों को कंट्रोल वापस देना और आंखों की रोशनी लौटाना बहुत बड़ी बात है। न्यूरालिंक का दावा है कि उसके इम्प्लांट से लोग सिर्फ सोचकर टाइप कर सकेंगे और कंप्यूटर कर्सर चला सकेंगे। न्यूरालिंक का सर्जिकल रोबोट, जिसके जरिए चिप को मस्तिष्क में लगाया जाता है। न्यूरालिंक से कैसे अलग है चीन का NEO इम्प्लांट एनालिस्ट्स का मानना है कि चीन के तेजी से आगे निकलने की बड़ी वजह NEO इम्प्लांट का खास डिजाइन है। जहां न्यूरालिंक के N1 डिवाइस को दिमाग के सेरेब्रल कॉर्टेक्स के अंदर तक इलेक्ट्रोड्स डालने की जरूरत होती है। वहीं चीन का NEO डिवाइस खोपड़ी (स्कल) और दिमाग के बीच में बैठता है। इसमें आठ सेंसर्स को दिमाग की सुरक्षात्मक बाहरी झिल्ली (ड्यूरा मैटर) के ऊपर रखा जाता है, जिससे सर्जरी में चीर-फाड़ बहुत कम होती है। यह इम्प्लांट दिमाग के सिग्नल्स को पकड़कर पास के कंप्यूटर में भेजता है, जहां वे डिजिटल कमांड में बदल जाते हैं। 36 मरीजों पर सफल टेस्टिंग, गंभीर बीमारियों में फायदेमंद रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 36 मरीजों पर इस डिवाइस का टेस्ट किया जा चुका है, जिसके बेहद पॉजिटिव रिजल्ट्स मिले हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कम चीर-फाड़ वाले इस तरीके से मेडिकल रिस्क काफी कम हो जाते हैं। यह टेक्नोलॉजी पैरालिसिस के अलावा पार्किंसंस, मिर्गी (एपिलेप्सी), स्ट्रोक और डिप्रेशन जैसी दिमागी और नर्व यानी तंत्रिका संबंधी बीमारियों से पीड़ित लाखों लोगों के जीवन में सुधार कर सकती है। प्राइवेसी और हैकिंग का खतरा भी बढ़ा सकारात्मक पहलुओं के बीच इस तकनीक ने सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर गंभीर चिंताएं भी पैदा कर दी हैं। ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट डॉ. डेविड टफले का कहना है कि ये डिवाइस जितने मददगार हैं, उतने ही जोखिम भरे भी हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि थ्योरिटिकली हैकर्स इन डिवाइस के जरिए मरीज के संवेदनशील न्यूरल डेटा जैसे कि उनके विचारों और यादों तक पहुंच सकते हैं। इतना ही नहीं हैकिंग के जरिए मरीज की एकाग्रता को प्रभावित किया जा सकता है या उनके चलने-फिरने के सिग्नल्स को भी मैनिपुलेट किया जा सकता है। न्यूरालिंक के ट्रायल में शामिल मरीज ने साझा किया था अनुभव दूसरी तरफ न्यूरालिंक का N1 इम्प्लांट फिलहाल 9 मरीजों पर टेस्ट किया जा रहा है। इस ट्रायल का हिस्सा बनीं ऑड्रे क्रूज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना अनुभव साझा करते हुए लिखा था कि मैंने 20 साल में पहली बार अपना नाम लिखने की कोशिश की है, मैं इस पर काम कर रही हूं। यह जानकर गर्व होता है कि मेरी यात्रा न्यूरालिंक को इस तकनीक को बेहतर बनाने में मदद कर रही है, जिससे एक दिन लाखों लोग अपने दिमाग से डिवाइसेज को कंट्रोल कर सकेंगे। 11 महीने पहले 20 साल से पैरालाइज्ड ऑड्रे क्रूज न्यूरालिंक ब्रेन इम्प्लांट के जरिए कंप्यूटर कंट्रोल करने वाली दुनिया की पहली महिला बनी थीं। जिसकी कुछ फोटोज ऑड्रे क्रूज के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से शेयर की गई थीं। न्यूरालिंक को 2023 में मिली थी ह्यूमन ट्रायल के लिए मंजूरी सितंबर 2023 में मस्क की ब्रेन-चिप कंपनी न्यूरालिंक को अपने पहले ह्यूमन ट्रायल के लिए इंडिपेंडेंट इंस्टीट्यूशनल रिव्यू बोर्ड से रिक्रूटमेंट की मंजूरी मिली थी। मंजूरी के बाद से ही न्यूरालिंक ह्यूमन ट्रायल के लिए लोगों की भर्ती कर उन पर इस डिवाइस का ट्रायल किया जा रहा है। न्यूरालिंक के मुताबिक, ट्रायल उन लोगों पर किया जा रहा है, जिन लोगों को सर्वाइकल स्पाइनल कॉर्ड में चोट या एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (ALS) के कारण क्वाड्रिप्लेजिया है। स्टडी को पूरा होने में करीब 6 साल लगेंगे। इस दौरान पार्टिसिपेंट को लैब तक आने-जाने का ट्रैवल एक्सपेंस दिया जा रहा है। ट्रायल के जरिए कंपनी यह देखना चाहती है कि ये डिवाइस मरीजों पर कैसे काम कर रही है। मई 2024 में कंपनी को ट्रायल के लिए यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से मंजूरी मिली थी। पहली बार न्यूरालिंक चिप नोलैंड आर्बॉ नाम के आदमी के दिमाग में जनवरी 2024 में लगाई गई थी। 2016 में एक एक्सिडेंट के बाद उनकी गर्दन से नीचे का हिस्सा पैरेलाइज्ड हो गया था। न्यूरालिंक डिवाइस क्या है? 1. फोन को सीधे ब्रेन से जोड़ेगा न्यूरालिंक ने सिक्के के आकार का एक डिवाइस बनाया है जिसे “लिंक” नाम दिया गया
China’s NEO Brain Chip Beats elon musk’s Neuralink to First Commercial BCI Sale

Hindi News Business China’s NEO Brain Chip Beats Elon Musk’s Neuralink To First Commercial BCI Sale बीजिंग1 घंटे पहले कॉपी लिंक चीन ने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) टेक्नोलॉजी को कॉमर्शियल बनाने की रेस में इलॉन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक को पीछे छोड़ दिया है। चीन ने सफल क्लिनिकल ट्रायल के बाद दुनिया की पहली कॉमर्शियल इस्तेमाल वाली ब्रेन चिप ‘NEO’ को मंजूरी दे दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सिक्के के आकार का यह इम्प्लांट कॉमर्शियल इस्तेमाल के लिए क्लिनिकल टेस्टिंग पास करने वाला दुनिया का पहला सर्जिकली इम्प्लांटेड BCI डिवाइस बन गया है। बीजिंग की सिंहुआ यूनिवर्सिटी और न्यूराकल टेक्नोलॉजी ने डेवलप किया इस आधुनिक डिवाइस को बीजिंग की सिंहुआ यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स और शंघाई स्थित न्यूराकल टेक्नोलॉजी ने मिलकर तैयार किया है। रेगुलेटरी मंजूरी मिलने के बाद अब इस बात की पूरी उम्मीद है कि इस डिवाइस को चीन के सरकारी हेल्थकेयर सिस्टम के लिए बड़े पैमाने पर बनाया जाएगा। पहले फेज में लकवाग्रस्त मरीजों को मदद मिलेगी NEO चिप का पहला वर्जन मुख्य रूप से उन मरीजों की मदद के लिए तैयार किया गया है जो रीढ़ की हड्डी की चोट (स्पाइनल कॉर्ड इंजरी) और पैरालिसिस (लकवा) से जूझ रहे हैं। यह डिवाइस ऐसे मरीजों को उनके नर्वस सिस्टम के कुछ हिस्सों पर फिर से नियंत्रण हासिल करने में मदद करेगा। हालांकि, रिसर्चर्स, टेक कंपनियां और इन्वेस्टर्स इस टेक्नोलॉजी को इंसानों और मशीनों के बीच बातचीत के एक बहुत बड़े बदलाव की शुरुआत के रूप में देख रहे हैं। इलॉन मस्क की न्यूरालिंक को मंजूरी का इंतजार यह डेवलपमेंट ऐसे समय में सामने आया है जब इलॉन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक अमेरिका में इंसानों पर ट्रायल तो कर रही है, लेकिन उसे अभी तक कॉमर्शियल उपयोग के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल नहीं मिला है। मस्क ने हाल ही में इजराइल में एक इवेंट के दौरान वीडियो लिंक के जरिए बात करते हुए अपनी तकनीक को ‘जीसस-लेवल टेक्नोलॉजी’ कहा था। मस्क का मानना है कि लकवाग्रस्त लोगों को कंट्रोल वापस देना और आंखों की रोशनी लौटाना बहुत बड़ी बात है। न्यूरालिंक का दावा है कि उसके इम्प्लांट से लोग सिर्फ सोचकर टाइप कर सकेंगे और कंप्यूटर कर्सर चला सकेंगे। न्यूरालिंक का सर्जिकल रोबोट, जिसके जरिए चिप को मस्तिष्क में लगाया जाता है। न्यूरालिंक से कैसे अलग है चीन का NEO इम्प्लांट एनालिस्ट्स का मानना है कि चीन के तेजी से आगे निकलने की बड़ी वजह NEO इम्प्लांट का खास डिजाइन है। जहां न्यूरालिंक के N1 डिवाइस को दिमाग के सेरेब्रल कॉर्टेक्स के अंदर तक इलेक्ट्रोड्स डालने की जरूरत होती है। वहीं चीन का NEO डिवाइस खोपड़ी (स्कल) और दिमाग के बीच में बैठता है। इसमें आठ सेंसर्स को दिमाग की सुरक्षात्मक बाहरी झिल्ली (ड्यूरा मैटर) के ऊपर रखा जाता है, जिससे सर्जरी में चीर-फाड़ बहुत कम होती है। यह इम्प्लांट दिमाग के सिग्नल्स को पकड़कर पास के कंप्यूटर में भेजता है, जहां वे डिजिटल कमांड में बदल जाते हैं। 36 मरीजों पर सफल टेस्टिंग, गंभीर बीमारियों में फायदेमंद रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 36 मरीजों पर इस डिवाइस का टेस्ट किया जा चुका है, जिसके बेहद पॉजिटिव रिजल्ट्स मिले हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कम चीर-फाड़ वाले इस तरीके से मेडिकल रिस्क काफी कम हो जाते हैं। यह टेक्नोलॉजी पैरालिसिस के अलावा पार्किंसंस, मिर्गी (एपिलेप्सी), स्ट्रोक और डिप्रेशन जैसी दिमागी और नर्व यानी तंत्रिका संबंधी बीमारियों से पीड़ित लाखों लोगों के जीवन में सुधार कर सकती है। प्राइवेसी और हैकिंग का खतरा भी बढ़ा सकारात्मक पहलुओं के बीच इस तकनीक ने सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर गंभीर चिंताएं भी पैदा कर दी हैं। ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट डॉ. डेविड टफले का कहना है कि ये डिवाइस जितने मददगार हैं, उतने ही जोखिम भरे भी हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि थ्योरिटिकली हैकर्स इन डिवाइस के जरिए मरीज के संवेदनशील न्यूरल डेटा जैसे कि उनके विचारों और यादों तक पहुंच सकते हैं। इतना ही नहीं हैकिंग के जरिए मरीज की एकाग्रता को प्रभावित किया जा सकता है या उनके चलने-फिरने के सिग्नल्स को भी मैनिपुलेट किया जा सकता है। न्यूरालिंक के ट्रायल में शामिल मरीज ने साझा किया था अनुभव दूसरी तरफ न्यूरालिंक का N1 इम्प्लांट फिलहाल 9 मरीजों पर टेस्ट किया जा रहा है। इस ट्रायल का हिस्सा बनीं ऑड्रे क्रूज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना अनुभव साझा करते हुए लिखा था कि मैंने 20 साल में पहली बार अपना नाम लिखने की कोशिश की है, मैं इस पर काम कर रही हूं। यह जानकर गर्व होता है कि मेरी यात्रा न्यूरालिंक को इस तकनीक को बेहतर बनाने में मदद कर रही है, जिससे एक दिन लाखों लोग अपने दिमाग से डिवाइसेज को कंट्रोल कर सकेंगे। 11 महीने पहले 20 साल से पैरालाइज्ड ऑड्रे क्रूज न्यूरालिंक ब्रेन इम्प्लांट के जरिए कंप्यूटर कंट्रोल करने वाली दुनिया की पहली महिला बनी थीं। जिसकी कुछ फोटोज ऑड्रे क्रूज के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से शेयर की गई थीं। न्यूरालिंक को 2023 में मिली थी ह्यूमन ट्रायल के लिए मंजूरी सितंबर 2023 में मस्क की ब्रेन-चिप कंपनी न्यूरालिंक को अपने पहले ह्यूमन ट्रायल के लिए इंडिपेंडेंट इंस्टीट्यूशनल रिव्यू बोर्ड से रिक्रूटमेंट की मंजूरी मिली थी। मंजूरी के बाद से ही न्यूरालिंक ह्यूमन ट्रायल के लिए लोगों की भर्ती कर उन पर इस डिवाइस का ट्रायल किया जा रहा है। न्यूरालिंक के मुताबिक, ट्रायल उन लोगों पर किया जा रहा है, जिन लोगों को सर्वाइकल स्पाइनल कॉर्ड में चोट या एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (ALS) के कारण क्वाड्रिप्लेजिया है। स्टडी को पूरा होने में करीब 6 साल लगेंगे। इस दौरान पार्टिसिपेंट को लैब तक आने-जाने का ट्रैवल एक्सपेंस दिया जा रहा है। ट्रायल के जरिए कंपनी यह देखना चाहती है कि ये डिवाइस मरीजों पर कैसे काम कर रही है। मई 2024 में कंपनी को ट्रायल के लिए यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से मंजूरी मिली थी। पहली बार न्यूरालिंक चिप नोलैंड आर्बॉ नाम के आदमी के दिमाग में जनवरी 2024 में लगाई गई थी। 2016 में एक एक्सिडेंट के बाद उनकी गर्दन से नीचे का हिस्सा पैरेलाइज्ड हो गया था। न्यूरालिंक डिवाइस क्या है? 1. फोन को सीधे ब्रेन से जोड़ेगा न्यूरालिंक ने सिक्के के आकार का एक डिवाइस बनाया है जिसे “लिंक” नाम दिया गया
एक्सक्लूसिव: स्पीकर ओम बिरला को लिखा अभिषेक बनर्जी का पत्र! “टीएमसी विद्रोहियों को न पहचानें”

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर नियंत्रण के लिए कानूनी लड़ाई बड़े पैमाने पर पहुंच गई है। डॉ. काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय के नेतृत्व में 19 बागी लोकसभा सांसद “असली टीएमसी” का दर्जा लेने और एनडीए का समर्थन करने के लिए स्पीकर ओम बिरला से मिलने की तैयारी कर रहे हैं, सीएनएन-न्यूज18 ने विशेष रूप से टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और संसदीय दल के नेता अभिषेक बनर्जी द्वारा स्पीकर के कार्यालय को भेजे गए आधिकारिक पत्र को देखा है। n18oc_ Indian18oc_breaking-news18 n18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube
19 बागी टीएमसी सांसद “असली टीएमसी” का दर्जा मांगने के लिए स्पीकर ओम बिरला से मिलेंगे! | ब्रेकिंग न्यूज़ | न्यूज18

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी। सर्वाधिकार सुरक्षित। सीएनएन और सीएनएन लोगो केबल न्यूज नेटवर्क, एलपी एलएलएलपी के पंजीकृत चिह्न हैं, जिन्हें अनुमति के साथ प्रदर्शित किया गया है। NEWS18.com पर या उसके हिस्से के रूप में CNN नाम और/या लोगो का उपयोग उनके संबंध में केबल न्यूज नेटवर्क के बौद्धिक संपदा अधिकारों का हनन नहीं करता है। © कॉपीराइट नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड 2026। सर्वाधिकार सुरक्षित। (टैग्सटूट्रांसलेट)19 बागी टीएमसी सांसद ओम बिड़ला(टी)दलबदल विरोधी कानून विधायी विभाजन(टी)जगदीश चंद्र बर्मा बासुनिया साक्षात्कार(टी)काकोली घोष दस्तीदार विद्रोही गुट(टी)महुआ मोइत्रा का बागी सांसद(टी)ममता बनर्जी राजनीतिक संकट पर ट्वीट(टी)असली टीएमसी बनाम नकली टीएमसी बहस(टी)सयोनी घोष प्रसून बनर्जी बीजेपी(टी)सताब्दी रॉय स्पीकर ओम बिड़ला मीटिंग(टी)सुवेंदु अधिकारी दिल्ली राजनीतिक हंगामा(टी)तृणमूल कांग्रेस वर्टिकल स्प्लिट 2026(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति ब्रेकिंग न्यूज
Govind Namdev Slams Kala Hiran Film Makers Over Salman Khan Target

3 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब सीनियर एक्टर गोविंद नामदेव ने फिल्म के मेकर्स पर धोखा देने और उन्हें अंधेरे में रखने का गंभीर आरोप लगाया है। नामदेव ने कहा कि मेकर्स ने उन्हें फिल्म की जो कहानी सुनाई थी, असल में वैसी फिल्म नहीं बनाई गई है। यह फिल्म साल 1998 के काले हिरण शिकार केस पर आधारित बताई जा रही है, जिस पर सलमान खान ने भी अपनी पहचान के गलत इस्तेमाल को लेकर कानूनी एक्शन लिया है। गोविंद नामदेव ने साफ किया है कि वे सलमान को अपना करीबी दोस्त मानते हैं और उनके खिलाफ किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बनेंगे। गोविंद नामदेव सलमान के साथ वांटेड जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। पहले ‘संभल’ नाम बताया, फिर कार्रवाई की बात 71 साल के दिग्गज अभिनेता गोविंद नामदेव ने अमर उजाला को दिए इंटरव्यू में बताया कि जब उन्होंने यह प्रोजेक्ट साइन किया था, तब उन्हें कुछ और जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा, “शुरुआत में मुझे मेकर्स ने बताया था कि हम ‘संभल’ नाम की एक फिल्म बना रहे हैं। उस समय मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर इसकी कहानी को पूरी तरह बदल दिया जाएगा।” बाद में मेकर्स ने उन्हें कहा कि फिल्म का नाम ‘काला हिरण’ है और इसमें सिर्फ सलमान खान के केस से जुड़ी अदालती कार्रवाई को ही दिखाया जाएगा, जो पहले से ऑन रिकॉर्ड है। फर्स्ट लुक में सलमान से प्रेरित किरदार अयान में एक्टर काशिफ इकबाल खान दिखाई दिए हैं। कहा- धोखे से मेरा इस्तेमाल किया गोविंद नामदेव ने कहा कि फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद जब उन्होंने इसे देखा तो उन्हें गहरा झटका लगा। उन्होंने कहा, “जैसे ही मैंने ट्रेलर देखा, मैं पूरी तरह हिल गया। मुझे तुरंत समझ आ गया कि जिस फिल्म के लिए मैंने शूटिंग की थी, यह उससे बिल्कुल अलग है। हमें कभी नहीं बताया गया था कि सलमान खान जैसा दिखने वाला कोई किरदार बनाया जाएगा और उसे इस तरह गलत तरीके से पेश किया जाएगा। ट्रेलर देखकर मुझे लगा कि मुझे अंधेरे में रखकर मेरा इस्तेमाल किया गया है। जो मुझे बताया गया और जो बनाया गया, उसमें जमीन-आसमान का अंतर है।” बिश्नोई गैंग को अपना आदर्श नहीं मान सकता एक्टर ने सलमान खान के साथ अपनी पुरानी दोस्ती का जिक्र करते हुए कहा कि वे कभी भी ऐसी किसी फिल्म का हिस्सा नहीं बनते जो उनके दोस्त को टारगेट करती हो। नामदेव ने बिश्नोई गैंग को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “मैं किसी भी बिश्नोई गैंग को अपना आदर्श नहीं मान सकता। मैं ऐसा सोच भी नहीं सकता। मुझे मेकर्स ने भरोसा दिया था कि मैं सिर्फ कोर्ट का सीन कर रहा हूं और कोर्ट फाइल के बाहर से कुछ भी नया नहीं जोड़ा जा रहा है। लेकिन अब जो चीजें सामने आई हैं, उसने मुझे बेहद असहज कर दिया है।” सलमान ने मेकर्स को भेजा नोटिस वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक्टर सलमान खान की उस अर्जी पर नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने फिल्म काला हिरण की रिलीज और प्रमोशन पर रोक लगाने की मांग की। कोर्ट ने प्रोड्यूसर अमित जानी, जानी फायरफॉक्स फिल्म्स, डायरेक्टर भारत श्रीनेत, अक्षय पांडे और प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य लोगों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने सलमान खान की उस अर्जी पर भी विचार किया, जिसमें फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई। कोर्ट को बताया गया कि फिल्म का ट्रेलर शुक्रवार को जारी कर दिया गया, जबकि पहले संकेत दिया गया था कि इसे 20 जून को रिलीज किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 जून के लिए तय कर दी। वीडियो में मुख्य किरदार अयान उसी तरह का ब्रेसलेट पहने दिखा, जो अक्सर सलमान खान के हाथों में दिखता है। नीले ब्रेसलेट को पहचान का चिन्ह बताया सलमान की अर्जी में कहा गया है कि फिल्म और उससे जुड़े प्रमोशनल कंटेंट 1998 के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित या उस पर आधारित प्रतीत होते हैं। याचिका के अनुसार, भले ही एक्टर का नाम सीधे तौर पर इस्तेमाल नहीं किया गया हो, लेकिन पोस्टर, प्रमोशनल कंटेंट और प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों के पब्लिक बयानों से दर्शक उन्हें आसानी से पहचान सकते हैं। याचिका में 29 मई 2026 को जारी एक पोस्टर का भी उल्लेख किया गया। दावा किया गया कि उसमें दिखाया गया किरदार सलमान से मिलता-जुलता है और उसने एक्टर के पहचान चिन्ह माने जाने वाले नीले रंग के ब्रेसलेट जैसा ब्रेसलेट पहना हुआ है। अमित जानी के बयानों का भी हवाला दिया अर्जी में यह भी कहा गया है कि पोस्टर में किरदार को हथियार के साथ दिखाया गया है, जबकि आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में सलमान बरी हो चुके हैं। एक्टर का कहना है कि इससे गलत संदेश जा सकता है। सलमान के वकील ने यह भी तर्क दिया कि फिल्म की कहानी उन मामलों से जुड़ी लगती है, जो अभी उच्च अदालतों में विचाराधीन हैं। याचिका के अनुसार, ऐसे विषयों पर आधारित कंटेंट का प्रमोशन लंबित न्यायिक कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार पर असर डाल सकता है। अर्जी में फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के कथित मीडिया इंटरव्यू, सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक बयानों का भी हवाला दिया गया। कहा गया कि इनमें फिल्म को काला हिरण मामले और गैंगस्टर लॉरेंस से जोड़ा गया, जिससे प्रमोशन हासिल करने की कोशिश की गई। याचिका के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को एक लीगल नोटिस भेजा गया था, जिसमें फिल्म के डेवलपमेंट और प्रमोशन को रोकने की मांग की गई थी। हालांकि, एक्टर का आरोप है कि नोटिस के बावजूद प्रमोशनल एक्टिविटीज जारी रहीं, जिससे उन्हें कोर्ट आना पड़ा। फिल्म के मुख्य किरदार का हुलिया और चलने का स्टाइल सलमान खान से मेल खाता है। सलमान ने फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की सलमान ने कोर्ट से मांग की कि विवाद के अंतिम निपटारे तक फिल्म से जुड़े किसी भी टीजर, ट्रेलर, पोस्टर या अन्य प्रमोशनल मटीरियल के पब्लिकेशन, ब्रॉडकास्ट और प्रदर्शन पर रोक लगाई
Govind Namdev Slams Kala Hiran Film Makers Over Salman Khan Target

20 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब सीनियर एक्टर गोविंद नामदेव ने फिल्म के मेकर्स पर धोखा देने और उन्हें अंधेरे में रखने का गंभीर आरोप लगाया है। नामदेव ने कहा कि मेकर्स ने उन्हें फिल्म की जो कहानी सुनाई थी, असल में वैसी फिल्म नहीं बनाई गई है। यह फिल्म साल 1998 के काले हिरण शिकार केस पर आधारित बताई जा रही है, जिस पर सलमान खान ने भी अपनी पहचान के गलत इस्तेमाल को लेकर कानूनी एक्शन लिया है। गोविंद नामदेव ने साफ किया है कि वे सलमान को अपना करीबी दोस्त मानते हैं और उनके खिलाफ किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बनेंगे। गोविंद नामदेव सलमान के साथ वांटेड जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। पहले ‘संभल’ नाम बताया, फिर कार्रवाई की बात 71 साल के दिग्गज अभिनेता गोविंद नामदेव ने अमर उजाला को दिए इंटरव्यू में बताया कि जब उन्होंने यह प्रोजेक्ट साइन किया था, तब उन्हें कुछ और जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा, “शुरुआत में मुझे मेकर्स ने बताया था कि हम ‘संभल’ नाम की एक फिल्म बना रहे हैं। उस समय मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर इसकी कहानी को पूरी तरह बदल दिया जाएगा।” बाद में मेकर्स ने उन्हें कहा कि फिल्म का नाम ‘काला हिरण’ है और इसमें सिर्फ सलमान खान के केस से जुड़ी अदालती कार्रवाई को ही दिखाया जाएगा, जो पहले से ऑन रिकॉर्ड है। फर्स्ट लुक में सलमान से प्रेरित किरदार अयान में एक्टर काशिफ इकबाल खान दिखाई दिए हैं। कहा- धोखे से मेरा इस्तेमाल किया गोविंद नामदेव ने कहा कि फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद जब उन्होंने इसे देखा तो उन्हें गहरा झटका लगा। उन्होंने कहा, “जैसे ही मैंने ट्रेलर देखा, मैं पूरी तरह हिल गया। मुझे तुरंत समझ आ गया कि जिस फिल्म के लिए मैंने शूटिंग की थी, यह उससे बिल्कुल अलग है। हमें कभी नहीं बताया गया था कि सलमान खान जैसा दिखने वाला कोई किरदार बनाया जाएगा और उसे इस तरह गलत तरीके से पेश किया जाएगा। ट्रेलर देखकर मुझे लगा कि मुझे अंधेरे में रखकर मेरा इस्तेमाल किया गया है। जो मुझे बताया गया और जो बनाया गया, उसमें जमीन-आसमान का अंतर है।” बिश्नोई गैंग को अपना आदर्श नहीं मान सकता एक्टर ने सलमान खान के साथ अपनी पुरानी दोस्ती का जिक्र करते हुए कहा कि वे कभी भी ऐसी किसी फिल्म का हिस्सा नहीं बनते जो उनके दोस्त को टारगेट करती हो। नामदेव ने बिश्नोई गैंग को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “मैं किसी भी बिश्नोई गैंग को अपना आदर्श नहीं मान सकता। मैं ऐसा सोच भी नहीं सकता। मुझे मेकर्स ने भरोसा दिया था कि मैं सिर्फ कोर्ट का सीन कर रहा हूं और कोर्ट फाइल के बाहर से कुछ भी नया नहीं जोड़ा जा रहा है। लेकिन अब जो चीजें सामने आई हैं, उसने मुझे बेहद असहज कर दिया है।” सलमान ने मेकर्स को भेजा नोटिस वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक्टर सलमान खान की उस अर्जी पर नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने फिल्म काला हिरण की रिलीज और प्रमोशन पर रोक लगाने की मांग की। कोर्ट ने प्रोड्यूसर अमित जानी, जानी फायरफॉक्स फिल्म्स, डायरेक्टर भारत श्रीनेत, अक्षय पांडे और प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य लोगों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने सलमान खान की उस अर्जी पर भी विचार किया, जिसमें फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई। कोर्ट को बताया गया कि फिल्म का ट्रेलर शुक्रवार को जारी कर दिया गया, जबकि पहले संकेत दिया गया था कि इसे 20 जून को रिलीज किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 जून के लिए तय कर दी। वीडियो में मुख्य किरदार अयान उसी तरह का ब्रेसलेट पहने दिखा, जो अक्सर सलमान खान के हाथों में दिखता है। नीले ब्रेसलेट को पहचान का चिन्ह बताया सलमान की अर्जी में कहा गया है कि फिल्म और उससे जुड़े प्रमोशनल कंटेंट 1998 के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित या उस पर आधारित प्रतीत होते हैं। याचिका के अनुसार, भले ही एक्टर का नाम सीधे तौर पर इस्तेमाल नहीं किया गया हो, लेकिन पोस्टर, प्रमोशनल कंटेंट और प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों के पब्लिक बयानों से दर्शक उन्हें आसानी से पहचान सकते हैं। याचिका में 29 मई 2026 को जारी एक पोस्टर का भी उल्लेख किया गया। दावा किया गया कि उसमें दिखाया गया किरदार सलमान से मिलता-जुलता है और उसने एक्टर के पहचान चिन्ह माने जाने वाले नीले रंग के ब्रेसलेट जैसा ब्रेसलेट पहना हुआ है। अमित जानी के बयानों का भी हवाला दिया अर्जी में यह भी कहा गया है कि पोस्टर में किरदार को हथियार के साथ दिखाया गया है, जबकि आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में सलमान बरी हो चुके हैं। एक्टर का कहना है कि इससे गलत संदेश जा सकता है। सलमान के वकील ने यह भी तर्क दिया कि फिल्म की कहानी उन मामलों से जुड़ी लगती है, जो अभी उच्च अदालतों में विचाराधीन हैं। याचिका के अनुसार, ऐसे विषयों पर आधारित कंटेंट का प्रमोशन लंबित न्यायिक कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार पर असर डाल सकता है। अर्जी में फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के कथित मीडिया इंटरव्यू, सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक बयानों का भी हवाला दिया गया। कहा गया कि इनमें फिल्म को काला हिरण मामले और गैंगस्टर लॉरेंस से जोड़ा गया, जिससे प्रमोशन हासिल करने की कोशिश की गई। याचिका के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को एक लीगल नोटिस भेजा गया था, जिसमें फिल्म के डेवलपमेंट और प्रमोशन को रोकने की मांग की गई थी। हालांकि, एक्टर का आरोप है कि नोटिस के बावजूद प्रमोशनल एक्टिविटीज जारी रहीं, जिससे उन्हें कोर्ट आना पड़ा। फिल्म के मुख्य किरदार का हुलिया और चलने का स्टाइल सलमान खान से मेल खाता है। सलमान ने फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की सलमान ने कोर्ट से मांग की कि विवाद के अंतिम निपटारे तक फिल्म से जुड़े किसी भी टीजर, ट्रेलर, पोस्टर या अन्य प्रमोशनल मटीरियल के पब्लिकेशन, ब्रॉडकास्ट और प्रदर्शन पर रोक लगाई








