20 मिनट पहले
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फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब सीनियर एक्टर गोविंद नामदेव ने फिल्म के मेकर्स पर धोखा देने और उन्हें अंधेरे में रखने का गंभीर आरोप लगाया है। नामदेव ने कहा कि मेकर्स ने उन्हें फिल्म की जो कहानी सुनाई थी, असल में वैसी फिल्म नहीं बनाई गई है।
यह फिल्म साल 1998 के काले हिरण शिकार केस पर आधारित बताई जा रही है, जिस पर सलमान खान ने भी अपनी पहचान के गलत इस्तेमाल को लेकर कानूनी एक्शन लिया है। गोविंद नामदेव ने साफ किया है कि वे सलमान को अपना करीबी दोस्त मानते हैं और उनके खिलाफ किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बनेंगे।

गोविंद नामदेव सलमान के साथ वांटेड जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं।
पहले ‘संभल’ नाम बताया, फिर कार्रवाई की बात
71 साल के दिग्गज अभिनेता गोविंद नामदेव ने अमर उजाला को दिए इंटरव्यू में बताया कि जब उन्होंने यह प्रोजेक्ट साइन किया था, तब उन्हें कुछ और जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा, “शुरुआत में मुझे मेकर्स ने बताया था कि हम ‘संभल’ नाम की एक फिल्म बना रहे हैं।
उस समय मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर इसकी कहानी को पूरी तरह बदल दिया जाएगा।” बाद में मेकर्स ने उन्हें कहा कि फिल्म का नाम ‘काला हिरण’ है और इसमें सिर्फ सलमान खान के केस से जुड़ी अदालती कार्रवाई को ही दिखाया जाएगा, जो पहले से ऑन रिकॉर्ड है।

फर्स्ट लुक में सलमान से प्रेरित किरदार अयान में एक्टर काशिफ इकबाल खान दिखाई दिए हैं।
कहा- धोखे से मेरा इस्तेमाल किया
गोविंद नामदेव ने कहा कि फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद जब उन्होंने इसे देखा तो उन्हें गहरा झटका लगा। उन्होंने कहा, “जैसे ही मैंने ट्रेलर देखा, मैं पूरी तरह हिल गया। मुझे तुरंत समझ आ गया कि जिस फिल्म के लिए मैंने शूटिंग की थी, यह उससे बिल्कुल अलग है।
हमें कभी नहीं बताया गया था कि सलमान खान जैसा दिखने वाला कोई किरदार बनाया जाएगा और उसे इस तरह गलत तरीके से पेश किया जाएगा। ट्रेलर देखकर मुझे लगा कि मुझे अंधेरे में रखकर मेरा इस्तेमाल किया गया है। जो मुझे बताया गया और जो बनाया गया, उसमें जमीन-आसमान का अंतर है।”
बिश्नोई गैंग को अपना आदर्श नहीं मान सकता
एक्टर ने सलमान खान के साथ अपनी पुरानी दोस्ती का जिक्र करते हुए कहा कि वे कभी भी ऐसी किसी फिल्म का हिस्सा नहीं बनते जो उनके दोस्त को टारगेट करती हो। नामदेव ने बिश्नोई गैंग को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “मैं किसी भी बिश्नोई गैंग को अपना आदर्श नहीं मान सकता। मैं ऐसा सोच भी नहीं सकता। मुझे मेकर्स ने भरोसा दिया था कि मैं सिर्फ कोर्ट का सीन कर रहा हूं और कोर्ट फाइल के बाहर से कुछ भी नया नहीं जोड़ा जा रहा है। लेकिन अब जो चीजें सामने आई हैं, उसने मुझे बेहद असहज कर दिया है।”
सलमान ने मेकर्स को भेजा नोटिस
वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक्टर सलमान खान की उस अर्जी पर नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने फिल्म काला हिरण की रिलीज और प्रमोशन पर रोक लगाने की मांग की। कोर्ट ने प्रोड्यूसर अमित जानी, जानी फायरफॉक्स फिल्म्स, डायरेक्टर भारत श्रीनेत, अक्षय पांडे और प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य लोगों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने सलमान खान की उस अर्जी पर भी विचार किया, जिसमें फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई। कोर्ट को बताया गया कि फिल्म का ट्रेलर शुक्रवार को जारी कर दिया गया, जबकि पहले संकेत दिया गया था कि इसे 20 जून को रिलीज किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 जून के लिए तय कर दी।

वीडियो में मुख्य किरदार अयान उसी तरह का ब्रेसलेट पहने दिखा, जो अक्सर सलमान खान के हाथों में दिखता है।
नीले ब्रेसलेट को पहचान का चिन्ह बताया
सलमान की अर्जी में कहा गया है कि फिल्म और उससे जुड़े प्रमोशनल कंटेंट 1998 के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित या उस पर आधारित प्रतीत होते हैं।
याचिका के अनुसार, भले ही एक्टर का नाम सीधे तौर पर इस्तेमाल नहीं किया गया हो, लेकिन पोस्टर, प्रमोशनल कंटेंट और प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों के पब्लिक बयानों से दर्शक उन्हें आसानी से पहचान सकते हैं।
याचिका में 29 मई 2026 को जारी एक पोस्टर का भी उल्लेख किया गया। दावा किया गया कि उसमें दिखाया गया किरदार सलमान से मिलता-जुलता है और उसने एक्टर के पहचान चिन्ह माने जाने वाले नीले रंग के ब्रेसलेट जैसा ब्रेसलेट पहना हुआ है।
अमित जानी के बयानों का भी हवाला दिया
अर्जी में यह भी कहा गया है कि पोस्टर में किरदार को हथियार के साथ दिखाया गया है, जबकि आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में सलमान बरी हो चुके हैं। एक्टर का कहना है कि इससे गलत संदेश जा सकता है।
सलमान के वकील ने यह भी तर्क दिया कि फिल्म की कहानी उन मामलों से जुड़ी लगती है, जो अभी उच्च अदालतों में विचाराधीन हैं। याचिका के अनुसार, ऐसे विषयों पर आधारित कंटेंट का प्रमोशन लंबित न्यायिक कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार पर असर डाल सकता है।
अर्जी में फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के कथित मीडिया इंटरव्यू, सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक बयानों का भी हवाला दिया गया। कहा गया कि इनमें फिल्म को काला हिरण मामले और गैंगस्टर लॉरेंस से जोड़ा गया, जिससे प्रमोशन हासिल करने की कोशिश की गई।
याचिका के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को एक लीगल नोटिस भेजा गया था, जिसमें फिल्म के डेवलपमेंट और प्रमोशन को रोकने की मांग की गई थी। हालांकि, एक्टर का आरोप है कि नोटिस के बावजूद प्रमोशनल एक्टिविटीज जारी रहीं, जिससे उन्हें कोर्ट आना पड़ा।

फिल्म के मुख्य किरदार का हुलिया और चलने का स्टाइल सलमान खान से मेल खाता है।
सलमान ने फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की
सलमान ने कोर्ट से मांग की कि विवाद के अंतिम निपटारे तक फिल्म से जुड़े किसी भी टीजर, ट्रेलर, पोस्टर या अन्य प्रमोशनल मटीरियल के पब्लिकेशन, ब्रॉडकास्ट और प्रदर्शन पर रोक लगाई जाए और फिल्म की रिलीज भी रोक दी जाए।
फिल्म काला हिरण का फर्स्ट लुक जारी
बता दें कि काला हिरण मामले से प्रेरित फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ का फर्स्ट लुक कल जारी किया गया था। जिसमें सलमान खान का जिक्र अयान खान और लॉरेंस का जिक्र लॉयन के नाम से किया गया है।
फिल्म का निर्देशन भारत एस. श्रीनाथ ने किया है। जबकि अमित जानी इसके लेखक और निर्माता हैं।

फिल्म में मुकेश तिवारी और गोविंद नामदेव भी हैं।
सलमान की ओर से मिले लीगल नोटिस को फाड़ा
इससे पहले फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सलमान खान की ओर से मिले लीगल नोटिस को फाड़ दिया था।
जानी ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किए वीडियो में कहा था,
हर कोई मुझसे पूछ रहा है, मीडिया, दोस्त, कि सलमान खान के नोटिस पर आपको क्या कहना है? इस नोटिस पर मैं क्या कहूं? पिछले 36 घंटों से उनकी डोंगरी, धारावी, जोगेश्वरी के मुस्लिम लड़कों की फैन फॉलोइंग, उनके टूलकिट ने मुझे जान से मारने, मुंबई आने और सिर कलम करने के हजारों मैसेज भेजे हैं और उनके टूलकिट के जरिए एक मैसेज, चाहे वह असली हो या नकली, मुझे नहीं पता, डी-कंपनी के नाम से भेजा गया है। डी-कंपनी छोड़ेगी नहीं।

जानी ने आगे कहा कि तो मैं किसका जवाब दूं? क्या मैं सलमान खान की टूलकिट द्वारा हजारों गालियां दिलवाई गईं और धमकियां दिलवाई गईं, उनका जवाब दूं? क्या मैं इस नोटिस का जवाब दूं?

वहीं, इससे पहले ऑफिशियल फेसबुक अकाउंट में पोस्ट किए वीडियो में अमित जानी ने कहा था कि हमारी पूरी फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है। हमारी पूरी फिल्म सलमान खान के नजरिए से नहीं है।

अमित जानी इससे पहले फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ (2025) बना चुके हैं।
वहीं ABP न्यूज के साथ बातचीत में जानी ने कहा था कि ‘काला हिरण’ बिश्नोई समाज के संघर्ष, उनकी विरासत और वन्यजीवों के प्रति उनके समर्पण को दिखाती है। सलमान खान फिल्म का सिर्फ एक पार्ट हैं।
1998 में काला हिरण शिकार मामला सामने आया
सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला साल 1998 में सामने आया था, जब वो जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग कर रहे थे। सलमान के खिलाफ कुल चार केस दर्ज किए गए थे। इनमें दो चिंकारा शिकार मामले, एक कांकाणी काला हिरण शिकार मामला और एक आर्म्स एक्ट का मामला शामिल था।
काला हिरण शिकार मामले में बिश्नोई समुदाय की शिकायत पर सलमान के साथ सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था।
अप्रैल 2006 में चिंकारा शिकार मामलों में सलमान को सजा सुनाई गई। जनवरी 2017 में उन्हें आर्म्स एक्ट मामले में बरी कर दिया गया। वहीं, 5 अप्रैल 2018 को काला हिरण शिकार मामले में उन्हें 5 साल की जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा मिली। इसी मामले में बाकी कलाकारों को बरी कर दिया गया था।
बाद में सलमान को जमानत मिल गई। फिलहाल यह मामला राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है। अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 के लिए तय की है। सलमान खान फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

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