अंडे के छिलके का उपयोग: लागत समझकर दश्तबिन में न खाएं अंडे के छिलके, इन 4 में शामिल से बदल जाएगी आपकी लाइफ

14 जून 2026 को 12:34 IST पर अपडेट किया गया अंडे के छिलके का उपयोग: अंडा प्रोटीन और पोषक तत्वों का एक बेहतरीन स्रोत है, जिसे हम अपने उपभोग में प्रचुर मात्रा में शामिल करते हैं। लेकिन लोग ज्यादातर अंडे का इस्तेमाल करने के बाद चिप्स को सस्ते में समझकर नारियल के टुकड़े में फेंक देते हैं। क्या आप जानते हैं कि ये स्केलेटन का पावर हाउस क्या है? अगर आप भी ऐसे देते हैं, तो आज से ही अपनी आदत बदल लें। आइए जानते हैं कि आप इसे स्मार्ट तरीके से कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं। अनुसरण करना : खाल का पाउडर त्वचा के लिए एक्सफोलिएटर का काम करता है। लिटिलोव एलेरा जेल या अंडे का सफेद भाग स्टेक। इसे शरीर पर साधारण हाथों से मिलाया जाता है, जिससे डेड सेल्स साफ हो जाते हैं और दाग-धब्बे कम हो जाते हैं। छवि: फ्रीपिक अंडे के छिलकों में सीमेंट का प्लास्टर होता है। टमाटर-मिर्च के चिप्स को धोकर, सुखाकर इनका पाउडर बना लें। इसे मिट्टी में मिलाने से प्रमाणित को पूर्ण पोषण मिलता है और वे तेजी से बढ़ रहे हैं। छवि: फ्रीपिक जले हुए पाइथन्स- सिंथ पर जमीयताई को निकालना बहुत आसान है। अंडे के छिलकों को दारारा पीस लें, इसमें थोड़ा सा डिशवॉश शामिल है। इससे तालाबों को रांगने पर जमा हुआ कालापन और जिद्दी दाग निकल जाते हैं। छवि: फ्रीपिक अंडे के छिलके का सबसे सस्ता और आसान इलाज। छवि: फ्रीपिक घर के उन पुराने या प्राकृतिक पर अंडे के अनोखे राख से बने बच्चे जहां से आते हैं। गंध से छिपकली भाग जाती हैं- छोटे कीड़े दूर जाते हैं। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 14 जून 2026 12:34 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)अंडे के छिलके का उपयोग(टी)त्वचा की देखभाल के टिप्स(टी)घर की सफाई के तरीके(टी)अंडे के छिलकों से बागवानी के टिप्स(टी)प्राकृतिक एक्सफोलिएटर(टी)अपशिष्ट प्रबंधन(टी)घरेलू टिप्स(टी)अंडे के छिलके के सौंदर्य लाभ(टी)कैल्शियम से भरपूर अंडे के छिलके
दलबदल का डर? ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा के बीच उद्धव ठाकरे ने बुलाई शिवसेना (यूबीटी) सांसदों की बैठक | भारत समाचार

आखरी अपडेट:14 जून, 2026, 12:02 IST पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक संगठनात्मक मामलों की समीक्षा और मौजूदा राजनीतिक स्थिति का आकलन करने के लिए बुलाई गई है. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की फाइल फोटो। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को मुंबई में अपने आवास मातोश्री पर पार्टी के सभी नौ सांसदों की बैठक बुलाई है। यह घटनाक्रम इस चर्चा के बीच आया है कि कुछ सांसद “ऑपरेशन टाइगर” के तहत महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक संगठनात्मक मामलों की समीक्षा और मौजूदा राजनीतिक स्थिति का आकलन करने के लिए बुलाई गई है. कुछ सांसदों के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी शिवसेना गुट के संपर्क में होने की खबरों ने पार्टी के भीतर चर्चा शुरू कर दी है, जिससे नेतृत्व को सभी सांसदों को परामर्श के लिए एक साथ लाने के लिए प्रेरित किया गया है। शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बैठक के किसी आंतरिक संकट से जुड़े होने के महत्व को कम कर दिया। उन्होंने इसे एक नियमित संगठनात्मक अभ्यास बताया और कहा कि ऐसी बैठकें पार्टी विधायकों के साथ होने वाली बैठकों के समान एक मानक अभ्यास है। राउत ने आगे कहा कि सभी सांसदों के बैठक में शामिल होने की उम्मीद है, और जो लोग शारीरिक रूप से उपस्थित होने में असमर्थ हैं वे चर्चा के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे। “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चा को संबोधित करते हुए, राउत ने कहा कि इस तरह के दावे पिछले दो वर्षों से प्रसारित हो रहे हैं, लेकिन अमल में नहीं आए हैं। उन्होंने विपक्ष की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि इस कथा का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश देने के लिए किया जा रहा है। इसके विपरीत, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और शिंदे गुट के शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने ऐसे किसी भी ऑपरेशन के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कोई “ऑपरेशन टाइगर” नहीं चलाया जा रहा है और दावा किया कि यूबीटी गुट के कई नेता डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। शिरसाट ने कहा कि कुछ नेता नेतृत्व के साथ अपनी चिंताओं को उठाना चाहते हैं, और सांसदों या नेताओं के संबंध में कोई भी निर्णय अंततः एकनाथ शिंदे के पास होगा। यह घटनाक्रम शिवसेना के दो गुटों के बीच चल रहे तनाव के बीच आया है, जो पार्टी विभाजन के बाद से राजनीतिक रूप से विभाजित हैं, दोनों पक्ष निर्वाचित प्रतिनिधियों और संगठनात्मक ढांचे पर अपना प्रभाव जारी रखे हुए हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया दलबदल का डर? ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा के बीच उद्धव ठाकरे ने शिवसेना (यूबीटी) सांसदों की बैठक बुलाई अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी:गडकरी बोले- 6 हफ्ते में कंपनियां इसके लिए गाड़ियां लॉन्च करेंगी, प्रदूषण और पेट्रोल खर्च घटेगा

केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार, 13 जून को नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस फैसले से जुड़े नियमों और रेगुलेशंस को अंतिम रूप देने वाली फाइल पर उन्होंने साइन कर दिए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश की कच्चे तेल (फॉसिल फ्यूल) के इम्पोर्ट पर निर्भरता को कम करना और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से होने वाले प्रदूषण को रोकना है। अगले 6 हफ्तों में बाजार में आएंगी इथेनॉल से चलने वाली कारें केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने इस बदलाव को स्वीकार कर लिया है और कई बड़ी कंपनियां 100% इथेनॉल से चलने वाले वाहन बाजार में उतारने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। गडकरी के मुताबिक, टोयोटा , सुजुकी, MG और हुंडई सहित अन्य कंपनियां अगले 6 हफ्तों के भीतर अपने ऐसे नए मॉडल्स भारतीय बाजार में लॉन्च करने जा रही हैं जो पूरी तरह इथेनॉल पर चलेंगे। पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ता ऑप्शन, घटेगा इम्पोर्ट बिल नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि इथेनॉल पेट्रोल के मुकाबले किफायती और टिकाऊ विकल्प बनकर उभर सकता है। भारत अभी अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से क्रूड ऑयल इम्पोर्ट करके पूरा करता है, जिससे देश के खजाने पर वित्तीय बोझ पड़ता है। 100% इथेनॉल के आने से न सिर्फ आम जनता को महंगे पेट्रोल से राहत मिलेगी, बल्कि भारत का भारी-भरकम ईंधन आयात बिल भी काफी हद तक कम हो जाएगा। क्या होता है एथेनॉल? एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। पिछले हफ्ते ही लॉन्च हुआ था E85 फ्यूल, बायोफ्यूल पर सरकार का फोकस ट्रांसपोर्ट सेक्टर से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते ही सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन पेश किया था। दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर तय की गई है। यह दिल्ली में बिक रहे रेगुलर E20 पेट्रोल से पूरे ₹20 कम है। यह ईंधन एक ऐसा मिश्रण है जिसमें 85% तक इथेनॉल और 15% पेट्रोल मिलाया जाता है। अब 100% इथेनॉल को मंजूरी मिलने से देश में ग्रीन एनर्जी और बायोफ्यूल के सेक्टर में एक नया चैप्टर शुरू हो गया है। अभी बाजार में 4 तरह के फ्लेक्स-फ्यूल बिक रहे हैं। सिर्फ इन चुनिंदा गाड़ियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए गाड़ियों का इंजन खास तौर पर ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ तकनीक पर आधारित होना चाहिए। मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल: यह भारत की पहली पैसेंजर कार है, जिसे E100 (100% एथेनॉल) तक के ब्लेंड पर चलने के लिए तैयार किया गया है, जो E85 के लिए पूरी तरह सही है। हीरो स्प्लेंडर+ और HF डीलक्स: हीरो मोटोकॉर्प ने देश के मास-मार्केट 100cc सेगमेंट में पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल पेश की है। ये बाइक्स E20 से लेकर E85 तक के फ्यूल पर चल सकती हैं और दिल्ली और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में जुलाई 2026 से इनकी बिक्री शुरू होगी। सुजुकी जिक्सर SF: यह बाइक भी इस सूची में शामिल है जो हाई-एथेनॉल फ्यूल को सपोर्ट करती है।
100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने दी मंजूरी:गडकरी बोले- 6 हफ्ते में कंपनियां इसके लिए गाड़ियां लॉन्च करेंगी, प्रदूषण और पेट्रोल खर्च घटेगा

केंद्र सरकार ने देश में 100% शुद्ध इथेनॉल को बतौर ईंधन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार, 13 जून को नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस फैसले से जुड़े नियमों और रेगुलेशंस को अंतिम रूप देने वाली फाइल पर उन्होंने साइन कर दिए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश की कच्चे तेल (फॉसिल फ्यूल) के इम्पोर्ट पर निर्भरता को कम करना और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से होने वाले प्रदूषण को रोकना है। अगले 6 हफ्तों में बाजार में आएंगी इथेनॉल से चलने वाली कारें केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने इस बदलाव को स्वीकार कर लिया है और कई बड़ी कंपनियां 100% इथेनॉल से चलने वाले वाहन बाजार में उतारने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। गडकरी के मुताबिक, टोयोटा , सुजुकी, MG और हुंडई सहित अन्य कंपनियां अगले 6 हफ्तों के भीतर अपने ऐसे नए मॉडल्स भारतीय बाजार में लॉन्च करने जा रही हैं जो पूरी तरह इथेनॉल पर चलेंगे। पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ता ऑप्शन, घटेगा इम्पोर्ट बिल नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि इथेनॉल पेट्रोल के मुकाबले किफायती और टिकाऊ विकल्प बनकर उभर सकता है। भारत अभी अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से क्रूड ऑयल इम्पोर्ट करके पूरा करता है, जिससे देश के खजाने पर वित्तीय बोझ पड़ता है। 100% इथेनॉल के आने से न सिर्फ आम जनता को महंगे पेट्रोल से राहत मिलेगी, बल्कि भारत का भारी-भरकम ईंधन आयात बिल भी काफी हद तक कम हो जाएगा। क्या होता है एथेनॉल? एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। पिछले हफ्ते ही लॉन्च हुआ था E85 फ्यूल, बायोफ्यूल पर सरकार का फोकस ट्रांसपोर्ट सेक्टर से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते ही सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन पेश किया था। दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर तय की गई है। यह दिल्ली में बिक रहे रेगुलर E20 पेट्रोल से पूरे ₹20 कम है। यह ईंधन एक ऐसा मिश्रण है जिसमें 85% तक इथेनॉल और 15% पेट्रोल मिलाया जाता है। अब 100% इथेनॉल को मंजूरी मिलने से देश में ग्रीन एनर्जी और बायोफ्यूल के सेक्टर में एक नया चैप्टर शुरू हो गया है। अभी बाजार में 4 तरह के फ्लेक्स-फ्यूल बिक रहे हैं। सिर्फ इन चुनिंदा गाड़ियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए गाड़ियों का इंजन खास तौर पर ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ तकनीक पर आधारित होना चाहिए। मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल: यह भारत की पहली पैसेंजर कार है, जिसे E100 (100% एथेनॉल) तक के ब्लेंड पर चलने के लिए तैयार किया गया है, जो E85 के लिए पूरी तरह सही है। हीरो स्प्लेंडर+ और HF डीलक्स: हीरो मोटोकॉर्प ने देश के मास-मार्केट 100cc सेगमेंट में पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल पेश की है। ये बाइक्स E20 से लेकर E85 तक के फ्यूल पर चल सकती हैं और दिल्ली और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में जुलाई 2026 से इनकी बिक्री शुरू होगी। सुजुकी जिक्सर SF: यह बाइक भी इस सूची में शामिल है जो हाई-एथेनॉल फ्यूल को सपोर्ट करती है।
Salman Khan Security Misses Aamir Khans Son Junaid at Event

3 मिनट पहले कॉपी लिंक आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ के 25 साल पूरे होने और ‘आमिर खान प्रोडक्शंस’ की 25वीं सालगिरह के मौके पर मुंबई में एक सेलिब्रेशन इवेंट हुआ। शनिवार को इस इवेंट में सलमान खान समेत बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्स पहुंचे। इवेंट के दौरान सलमान से मिलने आमिर खान के बेटे जुनैद पहुंचे। हालांकि, सलमान की सिक्योरिटी जुनैद को पहचान नहीं पाई और उन्हें रोकने की कोशिश की। वहीं, जैसे ही सलमान की नजर जुनैद पर गई, सिक्योरिटी ने उन्हें सलमान के पास आने दिया। इसके बाद सलमान और जुनैद गले मिले। बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ। इससे पहले भी सलमान की सिक्योरिटी टीम जुनैद खान को पहचान नहीं पाई थी। पिछले साल ‘सितारे जमीन पर’ की स्क्रीनिंग के दौरान टाइट सिक्योरिटी के बीच सलमान बाहर निकलते हैं। इसी बीच जुनैद, सलमान के पास जाने की कोशिश करते हैं, लेकिन सलमान के बॉडीगार्ड्स उन्हें पहचान नहीं पाते और दूर हटा देते हैं। सलमान बिना रुके आगे बढ़ जाते हैं। एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें सलमान के बॉडीगार्ड्स ने जुनैद खान को नहीं पहचाना था। जुनैद सिंपल लाइफ पसंद करते हैं गौरतलब है कि आमिर खान के बेटे जुनैद खान बॉलीवुड के सबसे चर्चित स्टार किड्स में से एक होने के बावजूद अपने सिंपल लुक और डाउन-टू-अर्थ नेचर के लिए जाने जाते हैं। अक्सर उन्हें बिना किसी तामझाम या हाई-एंड डिजाइनर कपड़ों के बेहद साधारण अंदाज में स्पॉट किया जाता है। फिल्म ‘लगान’ के 25 साल पूरे होने के सेलिब्रेशन में शनिवार को जुनैद लाइट ब्लू डेनिम शर्ट में नजर आए। एक बार फिर जुनैद ने सिंपल और क्लीन लुक चुना, जो उनकी सादगी को दिखाता है। जुनैद खान ने सादगी भरे अंदाज में फोटोग्राफर्स को पोज दिए। जुनैद, इरा और नूपुर शिखरे ने साथ में पोज दिए। फिल्मों में आने से पहले जुनैद ने थिएटर में कई नाटकों में काम किया। जुनैद ने मुंबई के एच.आर. कॉलेज और न्यूयॉर्क की अमेरिकन एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट्स से पढ़ाई की है। जुनैद खान आमिर खान और रीना दत्ता के बेटे हैं। उनका जन्म 2 जून 1993 को हुआ था। उन्होंने साल 2024 में नेटफ्लिक्स फिल्म ‘महाराज’ से बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। इस फिल्म में उन्होंने समाज सुधारक करसनदास मुलजी का किरदार निभाया। इसके बाद वे 2025 में फिल्म ‘लवयापा’ में नजर आए। साल 2026 में उनकी फिल्म ‘एक दिन’ रिलीज हुई। बॉलीवुड से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सलमान खान पार्टी में नए लुक में दिखे:गले मिलकर आमिर ने एब्स छुए, दोनों ने साथ में तस्वीर भी क्लिक करवाई फिल्म ‘लगान’ के 25 साल पूरे होने के इवेंट में सलमान खान अपने नए अल्ट्रा-शॉर्ट हेयर लुक में पहुंचे, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। सेलिब्रेशन के दौरान जब आमिर और सलमान पोज दे रहे थे, तब पैपराजी लगातार उन्हें कैमरे की तरफ देखने के लिए कह रहे थे। इस पर सलमान ने मजेदार रिएक्शन दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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6 मिनट पहले कॉपी लिंक आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ के 25 साल पूरे होने और ‘आमिर खान प्रोडक्शंस’ की 25वीं सालगिरह के मौके पर मुंबई में एक सेलिब्रेशन इवेंट हुआ। शनिवार को इस इवेंट में सलमान खान समेत बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्स पहुंचे। इवेंट के दौरान सलमान से मिलने आमिर खान के बेटे जुनैद पहुंचे। हालांकि, सलमान की सिक्योरिटी जुनैद को पहचान नहीं पाई और उन्हें रोकने की कोशिश की। वहीं, जैसे ही सलमान की नजर जुनैद पर गई, सिक्योरिटी ने उन्हें सलमान के पास आने दिया। इसके बाद सलमान और जुनैद गले मिले। बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ। इससे पहले भी सलमान की सिक्योरिटी टीम जुनैद खान को पहचान नहीं पाई थी। पिछले साल ‘सितारे जमीन पर’ की स्क्रीनिंग के दौरान टाइट सिक्योरिटी के बीच सलमान बाहर निकलते हैं। इसी बीच जुनैद, सलमान के पास जाने की कोशिश करते हैं, लेकिन सलमान के बॉडीगार्ड्स उन्हें पहचान नहीं पाते और दूर हटा देते हैं। सलमान बिना रुके आगे बढ़ जाते हैं। एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें सलमान के बॉडीगार्ड्स ने जुनैद खान को नहीं पहचाना था। जुनैद सिंपल लाइफ पसंद करते हैं गौरतलब है कि आमिर खान के बेटे जुनैद खान बॉलीवुड के सबसे चर्चित स्टार किड्स में से एक होने के बावजूद अपने सिंपल लुक और डाउन-टू-अर्थ नेचर के लिए जाने जाते हैं। अक्सर उन्हें बिना किसी तामझाम या हाई-एंड डिजाइनर कपड़ों के बेहद साधारण अंदाज में स्पॉट किया जाता है। फिल्म ‘लगान’ के 25 साल पूरे होने के सेलिब्रेशन में शनिवार को जुनैद लाइट ब्लू डेनिम शर्ट में नजर आए। एक बार फिर जुनैद ने सिंपल और क्लीन लुक चुना, जो उनकी सादगी को दिखाता है। जुनैद खान ने सादगी भरे अंदाज में फोटोग्राफर्स को पोज दिए। जुनैद, इरा और नूपुर शिखरे ने साथ में पोज दिए। फिल्मों में आने से पहले जुनैद ने थिएटर में कई नाटकों में काम किया। जुनैद ने मुंबई के एच.आर. कॉलेज और न्यूयॉर्क की अमेरिकन एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट्स से पढ़ाई की है। जुनैद खान आमिर खान और रीना दत्ता के बेटे हैं। उनका जन्म 2 जून 1993 को हुआ था। उन्होंने साल 2024 में नेटफ्लिक्स फिल्म ‘महाराज’ से बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। इस फिल्म में उन्होंने समाज सुधारक करसनदास मुलजी का किरदार निभाया। इसके बाद वे 2025 में फिल्म ‘लवयापा’ में नजर आए। साल 2026 में उनकी फिल्म ‘एक दिन’ रिलीज हुई। बॉलीवुड से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सलमान खान पार्टी में नए लुक में दिखे:गले मिलकर आमिर ने एब्स छुए, दोनों ने साथ में तस्वीर भी क्लिक करवाई फिल्म ‘लगान’ के 25 साल पूरे होने के इवेंट में सलमान खान अपने नए अल्ट्रा-शॉर्ट हेयर लुक में पहुंचे, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। सेलिब्रेशन के दौरान जब आमिर और सलमान पोज दे रहे थे, तब पैपराजी लगातार उन्हें कैमरे की तरफ देखने के लिए कह रहे थे। इस पर सलमान ने मजेदार रिएक्शन दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘बागी टीएमसी सांसद बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन दरवाजे बंद हैं’: शांतनु ठाकुर, जब तृणमूल ने ऑपरेशन लोटस का नारा दिया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:14 जून, 2026, 10:58 IST वरिष्ठ टीएमसी नेता और छह बार के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय की शनिवार को दिल्ली में भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव से मुलाकात के बाद राजनीतिक अनिश्चितता तेज हो गई। शांतनु ठाकुर ने भविष्यवाणी की कि विद्रोही खेमा गति पकड़ रहा है और टीएमसी का अंत हो जाएगा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर बढ़ते संकट के बीच, केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने शनिवार को दावा किया कि पार्टी का भविष्य संदेह में है क्योंकि इसके सांसदों और विधायकों के बीच विद्रोह फैल रहा है। ठाकुर ने कहा, ”आने वाले समय में टीएमसी पार्टी नहीं रहेगी.” कथित तौर पर राजनीतिक विकल्प तलाश रहे नेताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “ये लोग भाजपा में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन भाजपा के दरवाजे बंद हैं।” टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास पर पुलिस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए ठाकुर ने कहा, “जो भी नकारात्मक कार्रवाई हुई है, ईडी उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।” सुदीप बंद्योपाध्याय ने दिल्ली में बीजेपी नेता से की मुलाकात वरिष्ठ टीएमसी नेता और छह बार के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय की शनिवार को दिल्ली में भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव से मुलाकात के बाद राजनीतिक अनिश्चितता तेज हो गई। बैठक के दौरान बंद्योपाध्याय के साथ असंतुष्ट सांसद शताब्दी रॉय भी थीं। इस बैठक से अटकलें तेज हो गई हैं कि एक और लोकसभा सांसद उस विद्रोही समूह में शामिल हो सकता है जो टीएमसी नेतृत्व को चुनौती दे रहा है। यह घटनाक्रम सोमवार को असंतुष्ट सांसदों और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बीच संभावित बैठक से पहले आया है, जहां उनके एक अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता मांगने की उम्मीद है। टीएमसी ने पार्टी पदों में फेरबदल किया दिल्ली में बैठक के कुछ घंटों बाद टीएमसी ने बंद्योपाध्याय को उत्तरी कोलकाता संगठनात्मक जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया. उनकी जगह पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल घोष ने ली। पार्टी ने टीएमसी सांसद सायोनी घोष को राज्य युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया और उनकी जगह अर्नब बनर्जी को नियुक्त किया। पार्टी के लिए एक और झटका में, पूर्व मंत्री मानस रंजन भुनिया ने देर रात टीएमसी से इस्तीफा दे दिया। संकट पर प्रतिक्रिया देते हुए, टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, “यह बीजेपी के चल रहे ऑपरेशन लोटस का हिस्सा है। उन्होंने टीएमसी के लोगों को प्रलोभन दिया और धमकाया। जो कमजोर हैं – जिनमें सिद्धांतों की कमी है या जिनके दृढ़ विश्वास ठोस नहीं हैं – वे चले गए हैं। बीजेपी का ‘ऑपरेशन लोटस’ – जो भारतीय लोकतंत्र के खिलाफ जाता है – को कुछ सफलता मिली है… उनमें (बागी सांसदों) विश्वास की कमी है, यही कारण है कि वे जा रहे हैं। मुझे नहीं पता कि बीजेपी उन्हें शामिल करेगी या नहीं। कुछ भी नहीं है। अभी तक निर्णय नहीं लिया गया है। वे कह रहे हैं कि वे एक अलग गुट में बैठेंगे।” बागी टीएमसी खेमे की निगाहें मान्यता पर हाल ही में विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद विद्रोह में तेजी आ गई। कई नेताओं ने दावा किया है कि पार्टी के भीतर उनकी राय और सुझावों को नजरअंदाज किया गया। उनमें से कई लोगों ने इस स्थिति के लिए अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है। घटनाक्रम से परिचित एक व्यक्ति के अनुसार, बागी सांसद “असली टीएमसी” के रूप में मान्यता पाने के लिए संसद और विधानसभा दोनों में अपनी ताकत पर भरोसा कर रहे हैं। व्यक्ति ने कहा, “बागी सांसद असली टीएमसी के रूप में पहचाने जाने का दावा पेश करने के लिए विधानसभा और संसद दोनों में अपनी विधायी ताकत पर भरोसा कर रहे हैं। बेशक, अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा।” विद्रोही समूह के रविवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से भी मिलने की उम्मीद है। आंकड़ों से ममता बनर्जी पर दबाव बढ़ गया है कथित तौर पर विद्रोही कदम का समर्थन करने वाले 19 सांसदों द्वारा 18 मई को लिखे एक पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सूची में क्रमांक 1 से 20 तक हैं, लेकिन क्रमांक 13 के सामने कोई हस्ताक्षर नहीं है। यह स्पष्ट नहीं है कि बंद्योपाध्याय ने पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं या नहीं और वह 20वें हस्ताक्षरकर्ता बन सकते हैं। लोकसभा में फिलहाल अभिषेक बनर्जी समेत टीएमसी के 28 सांसद हैं। इनमें से 19 सांसद कथित तौर पर एक अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता पाने के लिए एक साथ आए हैं। संकट पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी फैल गया है, जहां रीताब्रत बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी के 80 विधायकों में से 64 ने सोवनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष के नेता के रूप में नियुक्त करने के ममता बनर्जी के फैसले के खिलाफ विद्रोह कर दिया है। सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में टीएमसी की ताकत 13 से घटकर 10 हो गई है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘बागी टीएमसी सांसद बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन दरवाजे बंद हैं’: शांतनु ठाकुर, जब तृणमूल ने ऑपरेशन लोटस का नारा दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी(टी)तृणमूल(टी)तृणमूल संकट(टी)टीएमसी संकट(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी विद्रोह(टी)तृणमूल कांग्रेस संकट(टी)शांतनु 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Sri Lanka Levels Series 1-1 vs West Indies; Mishara & Shanaka Score Fifties

किंग्स्टन15 मिनट पहले कॉपी लिंक श्रीलंका ने टी-20 सीरीज के दूसरे मैच में वेस्टइंडीज को 37 रन से हराया। इस जीत से टीम ने 3 मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली। पहला मैच वेस्टइंडीज ने जीता था। किंग्स्टन में रविवार को श्रीलंका ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 194 रन का स्कोर खड़ा किया। कामिल मिशारा ने नाबाद 61 रन और दासुन शनाका ने 58 रन की अर्धशतकीय पारियां खेलीं। 195 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी कैरेबियाई टीम 18.1 ओवर में 157 रन पर ऑलआउट हो गई। श्रीलंका के लिए दुष्मंथा चमीरा और वानिंदु हसरंगा ने 3-3 विकेट चटकाए। 43 रन पर गिर गए थे 3 विकेट, मिशारा-कामिंदु ने पारी संभाली टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। टीम ने 40 रन के स्कोर पर ओपनर पथुम निसांका (7) के रूप में पहला विकेट गंवाया। इसके बाद कुसल मेंडिस ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन वे भी 31 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। फिर श्रीलंका ने जल्दी-जल्दी दो और विकेट गंवाए। एक समय टीम का स्कोर 43/3 था। यहां से कामिल मिशारा और कामिंदु मेंडिस ने चौथे विकेट के लिए 35 गेंदों में 45 रन की पार्टनरशिप की। कामिंदु 24 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन उन्होंने टीम को संकट से बाहर निकाल दिया था। शनाका की विस्फोटक बैटिंग, मिशारा के साथ की 103 रन की पार्टनरशिप कामिंदु के आउट होने के बाद कामिल मिशारा को कप्तान दासुन शनाका का साथ मिला। दोनों ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की जमकर क्लास लगाई और पांचवें विकेट के लिए महज 41 गेंदों में 103 रन की तूफानी साझेदारी कर टीम को 194 के स्कोर तक पहुंचाया। मिशारा ने 40 गेंदों में नाबाद 61 रन बनाए, जो उनके टी-20 इंटरनेशनल करियर का चौथा अर्धशतक है। उन्होंने 4 चौके और 3 छक्के लगाए। कप्तान शनाका ने 241.67 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग करते हुए सिर्फ 24 गेंदों में 58 रन बनाए। शनाका ने अपनी पारी में 5 चौके और 4 छक्के जड़े। यह उनके करियर की 9वीं और वेस्टइंडीज के खिलाफ पहली फिफ्टी है। वेस्टइंडीज के समर जोसेफ ने झटके 3 विकेट वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की बात करें तो तेज गेंदबाज समर जोसेफ सबसे सफल रहे। उन्होंने अपने 4 ओवर के कोटे में 32 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। उनके अलावा मैथ्यू फोर्ड ने भी किफायती गेंदबाजी करने की कोशिश की और 4 ओवर में 38 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए। हालांकि, वे श्रीलंका के पुछल्ले बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने से नहीं रोक सके। 195 रन के जवाब में बिखरी वेस्टइंडीज की बैटिंग लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने ब्रैंडन किंग (2) और शाई होप (6) के विकेट पावरप्ले में ही गंवा दिए। इसके बाद मिडिल ऑर्डर में शिमरोन हेटमायर (36) और कप्तान रोवमैन पॉवेल (43) ने संभलकर खेलते हुए पारी को आगे बढ़ाया। लेकिन रन रेट का दबाव बढ़ने के कारण दोनों बड़े शॉट खेलने के चक्कर में आउट हो गए। इन दोनों के जाने के बाद वेस्टइंडीज का कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल सका और पूरी टीम 157 रन पर ऑलआउट हो गई। चमीरा और हसरंगा की फिरकी में उलझे विंडीज बल्लेबाज श्रीलंका की जीत में गेंदबाजों का रोल सबसे अहम रहा। तेज गेंदबाज दुष्मंथा ने धारदार गेंदबाजी करते हुए 3.1 ओवर में केवल 3 विकेट झटके। वहीं, मिस्ट्री स्पिनर वानिंदु हसरंगा ने अपने 4 ओवरों में 38 रन खर्च किए। वेस्टइंडीज के मिडिल ऑर्डर को ध्वस्त करते हुए 3 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इन दोनों की घातक गेंदबाजी के दम पर श्रीलंका ने सीरीज में खुद को जिंदा रखा है। अब सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच निर्णायक होगा। ———————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… विमेंस वर्ल्डकप- वेस्टइंडीज ने डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड को हराया:अमेलिया केर ने 100वां मैच खेला; ऑस्ट्रेलिया और स्कॉटलैंड भी जीते वेस्टइंडीज ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में शनिवार को बड़ा उलटफेर किया। उन्होंने डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया। इस मुकाबले में न्यूजीलैंड की कप्तान अमेलिया केर करियर का 100वां टी-20 भी खेला। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Sri Lanka Levels Series 1-1 vs West Indies; Mishara & Shanaka Score Fifties

11 मिनट पहले कॉपी लिंक श्रीलंका क्रिकेट टीम ने दूसरे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज को 37 रन से हरा दिया है। इस जीत के साथ ही श्रीलंका ने 3 मैचों की टी-20 सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है। किंग्स्टन में खेले गए इस मैच में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 194 रन का मजबूत स्कोर बनाया था। श्रीलंका की ओर से कामिल मिशारा ने नाबाद 61 रन और दासुन शनाका ने 58 रन की शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं। जवाब में 195 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 157 रन पर सिमट गई। श्रीलंका के लिए दुष्मंथा चमीरा और वानिंदु हसरंगा ने 3-3 विकेट चटकाए। 43 रन पर गिर गए थे 3 विकेट, मिशारा और कामिंदु ने संभाली पारी टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। टीम ने 40 रन के स्कोर पर ओपनर पथुम निसांका (7) के रूप में पहला विकेट गंवाया। इसके बाद कुसल मेंडिस ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन वह भी 31 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उनके आउट होते ही श्रीलंका ने जल्दी-जल्दी दो और विकेट गंवा दिए और टीम का स्कोर एक समय 43 रन पर 3 विकेट हो गया था। इस मुश्किल परिस्थिति में कामिल मिशारा और कामिंदु मेंडिस ने मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच चौथे विकेट के लिए 35 गेंदों में 45 रन की पार्टनरशिप हुई। कामिंदु 24 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन उन्होंने टीम को संकट से बाहर निकाल दिया था। शनाका की विस्फोटक बैटिंग, मिशारा के साथ की 103 रन की पार्टनरशिप कामिंदु के आउट होने के बाद कामिल मिशारा को कप्तान दासुन शनाका का साथ मिला। दोनों ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की जमकर क्लास लगाई और पांचवें विकेट के लिए महज 41 गेंदों में 103 रन की तूफानी साझेदारी कर टीम को 194 के स्कोर तक पहुंचाया। मिशारा ने 40 गेंदों में नाबाद 61 रन बनाए, जो उनके टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर का चौथा अर्धशतक है। अपनी इस पारी में उन्होंने 4 चौके और 3 छक्के लगाए। दूसरी ओर, कप्तान शनाका ने 241.67 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग करते हुए सिर्फ 24 गेंदों में 58 रन की विस्फोटक पारी खेली। शनाका ने अपनी पारी में 5 चौके और 4 छक्के जड़े। यह उनके करियर की 9वीं और वेस्टइंडीज के खिलाफ पहली फिफ्टी है। वेस्टइंडीज के समर जोसेफ ने झटके 3 विकेट वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की बात करें तो तेज गेंदबाज समर जोसेफ सबसे सफल रहे। उन्होंने अपने 4 ओवर के कोटे में 32 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। उनके अलावा मैथ्यू फोर्ड ने भी किफायती गेंदबाजी करने की कोशिश की और 4 ओवर में 38 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए। हालांकि, वे श्रीलंका के पुछल्ले बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने से नहीं रोक सके। 195 रन के जवाब में बिखरी वेस्टइंडीज की बैटिंग लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने ब्रैंडन किंग (2) और शाई होप (6) के विकेट पावरप्ले में ही गंवा दिए। इसके बाद मिडिल ऑर्डर में शिमरोन हेटमायर (36) और कप्तान रोवमैन पॉवेल (43) ने संभलकर खेलते हुए पारी को आगे बढ़ाया, लेकिन रन रेट का दबाव बढ़ने के कारण दोनों बड़े शॉट खेलने के चक्कर में आउट हो गए। इन दोनों के जाने के बाद वेस्टइंडीज का कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल सका और पूरी टीम 157 रन पर ऑलआउट हो गई। चमीरा और हसरंगा की फिरकी में उलझे विंडीज बल्लेबाज श्रीलंका की जीत में गेंदबाजों का रोल सबसे अहम रहा। तेज गेंदबाज दुष्मंथा ने धारदार गेंदबाजी करते हुए 3.1 ओवर में केवल 3 विकेट झटके। वहीं, मिस्ट्री स्पिनर वानिंदु हसरंगा ने अपने 4 ओवरों में 38 रन खर्च किए, लेकिन वेस्टइंडीज के मिडिल ऑर्डर को ध्वस्त करते हुए 3 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इन दोनों की घातक गेंदबाजी के दम पर श्रीलंका ने सीरीज में खुद को जिंदा रखा है। अब सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच निर्णायक होगा। ———————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… विमेंस वर्ल्डकप- वेस्टइंडीज ने डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड को हराया:अमेलिया केर ने 100वां मैच खेला; ऑस्ट्रेलिया और स्कॉटलैंड भी जीते वेस्टइंडीज ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में शनिवार को बड़ा उलटफेर किया। उन्होंने डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया। इस मुकाबले में न्यूजीलैंड की कप्तान अमेलिया केर करियर का 100वां टी-20 भी खेला। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
3/20/30/40 रूल से करें घर लेने की तैयारी:सालाना कमाई का 3 गुना से ज्यादा महंगा घर न खरीदें, समझें इसका पूरा गणित

घर खरीदने से पहले वित्तीय योजना बनाना घर के लिए ब्लूप्रिंट डिजाइन करने जैसा है। एक सही योजना के साथ पहली बार घर की खरीदारी आपको वित्तीय संकट और तनाव से दूर रखती है। पहली बार घर खरीदने वालों के लिए 3/20/30/40 रूल है। यहां हम जानते हैं ये कैसे काम करता है: अब इसे उदाहरण से समझें… सालाना कमाई का 3 गुना से ज्यादा महंगा घर न लें: घर की कीमत आपकी वार्षिक आय से 3 गुना से अधिक नहीं होनी चाहिए। यानी आप सालाना 12 लाख कमाते हैं तो 36 लाख तक के घर खरीदने की तैयारी करें। 20-साल का लोन: 20 साल या उससे कम समय का लोन लें। आप कर्ज को तेजी से चुका देंगे और समय के साथ ब्याज पर एक बड़ी राशि बचा सकेंगे। 30% ईएमआई: आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपके नए घर की ईएमआई आपकी मासिक आय के 30% से अधिक न हो। मान लीजिए आप हर महीने 1 लाख कमातें हैं तो 30 हजार से अधिक ईएमआई नहीं होनी चाहिए। इससे आप अपना बाकी खर्च चला सकेंगे। 40% डाउन पेमेंट: आप घर की लागत का कम से कम 40% डाउन पेमेंट करने का लक्ष्य रखें। आपने 50 लाख का घर लेने की योजना बनाई है तो 40% डाउन पेमेंट बचाने की जरूरत है, जो ₹20 लाख है। इस बड़ी राशि को बचाने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन इससे आप ब्याज के बोझ को कम कर सकते हैं। SBI सहित कई बैंक 8% से कम पर होम लोन दे रहे SBI, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सहित कई दूसरे बैंक 8% से कम ब्याज पर होम लोन दे रहे हैं। बैंक ऑफ इंडिया में होम लोन की ब्याज दर 7.80% से शुरू हो रही है। वहीं SBI की ब्याज दर 7.25% से शुरू है।









