Brazil Bungee Jump Death | Youth Held; Accident VIDEO

ब्राजिलिया8 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्मचारियों ने मारिया एडुआर्डा को सेफ्टी रोप बांधे बिना ब्रिज से नीचे फेंक दिया। ब्राजील के साओ पाउलो राज्य में बंजी जंपिंग के दौरान एक हादसे में 21 साल की युवती की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारियों ने युवती को सेफ्टी रोप लगाए बिना ही पुल से छलांग लगवा दी, जिससे वह 130 फीट से ज्यादा गहराई में जा गिरी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक युवती की पहचान मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रेटास के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी की ओर से आयोजित बंजी जंपिंग एक्टिविटी में हिस्सा लेने पहुंची थी। यह हादसा स्केलेटन ब्रिज पर हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कर्मचारी युवती को पुल के किनारे लेकर जाते हैं और उसे नीचे छोड़ देते हैं। जैसे ही वह गिरने लगती है, वहां मौजूद लोगों को एहसास होता है कि उसकी सेफ्टी रोप नहीं बंधी है। वीडियो में कई लोग जोर से चिल्लाते सुनाई देते हैं, “रोप… रोप…”, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवती गहरी खाई में गिर चुकी थी। पुलिस ने घटना के बाद मौके से छह लोगों को हिरासत में लिया है। कर्मचारी जंपिंग के लिए लड़की को उठाकर ले जाते हुए। कर्मचारियों ने मारिया को सेफ्टी रोप बांधे बिना ब्रिज से नीचे फेंक दिया। मारिया ने हादसे से पहले अपनी तस्वीरें शेयर की थी हादसे से कुछ समय पहले मारिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जंपिंग स्थल की तस्वीरें शेयर की थीं। एक तस्वीर में पुल और उसकी जंपिंग रिस्टबैंड दिखाई दे रही थी। तस्वीर के साथ उसने लिखा था, “आखिर किस पागल इंसान ने मुझे पुल से छलांग लगाने आने दिया?” रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय मारिया का मंगेतर भी वहां मौजूद था। युवती की मौत की जानकारी मिलने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसका ट्रीटमेंट किया गया। मारिया ने हादसे से पहले अपनी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थी। एक तस्वीर में मारिया ने लिखा था कि किस पागल ने मुझे यहां आने दिया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस हादसे के बाद एडवेंचर टूरिज्म स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लिमेरा के मेयर मुरिलो फ्लिक्स ने कहा कि सिटी एडमिनिस्ट्रेशन इस मामले की शिकायत ब्राजील की सरकार से करेगा और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जोखिम वाले इस क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं और अब जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। पुलिस जांच कर रही है कि सेफ्टी प्रोसेस में कहां चूक हुई, कर्मचारियों की क्या जिम्मेदारी थी और क्या बंजी जंपिंग से पहले तय सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था। क्या होती है बंजी जंपिंग? बंजी जंपिंग एक एडवेंचर स्पोर्ट है, जिसमें व्यक्ति को किसी ऊंचे पुल, टावर, क्रेन या चट्टान से एक खास तरह की मजबूत और लचीली इलास्टिक रोप के सहारे छलांग लगानी होती है। जंप से पहले व्यक्ति के पैरों या पूरे शरीर पर हार्नेस लगाया जाता है और उसे बंजी रोप से जोड़ा जाता है। छलांग लगाने के बाद व्यक्ति कुछ सेकंड तक तेजी से नीचे गिरता है। जैसे ही रोप पूरी तरह खिंचती है, वह व्यक्ति को वापस ऊपर की ओर खींचती है। यही ऊपर-नीचे उछलने का अनुभव बंजी जंपिंग को रोमांचक बनाता है। बंजी जंपिंग कराने वाली कंपनियां आमतौर पर सुरक्षा के लिए कई चरणों का पालन करती हैं। सबसे पहले जंप करने वाले व्यक्ति का वजन मापा जाता है और उसी के हिसाब से रोप का चुनाव किया जाता है। इसके बाद हार्नेस, सेफ्टी बेल्ट, एंकरिंग सिस्टम और बैकअप कनेक्शन की कई बार जांच की जाती है। प्रशिक्षक की अनुमति मिलने के बाद ही जंप कराया जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बंजी जंपिंग एक हाई एडवेंचर स्पोर्ट जरूर है, लेकिन अगर बंजी जंपिंग अनुभवी लोगों की देखरेख में और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए कराई जाए, तो इसे काफी हद तक सुरक्षित माना जाता है। दुनिया में कहां सबसे ज्यादा लोकप्रिय है बंजी जंपिंग? बंजी जंपिंग का सबसे बड़ा केंद्र न्यूजीलैंड को माना जाता है। यहां का कावराउ ब्रिज आधुनिक कमर्शियल बंजी जंपिंग की शुरुआत करने वाली जगह माना जाता है और हर साल हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। इसके अलावा चीन का मकाऊ टावर, जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित विक्टोरिया फॉल्स ब्रिज और स्विट्जरलैंड का वेरजास्का डैम भी दुनिया की सबसे मशहूर बंजी जंपिंग साइटों में शामिल हैं। दुनिया में बंजी जंपिंग के लिए मशहूर जगहें 1. कावराउ ब्रिज, न्यूजीलैंड- इसे आधुनिक कमर्शियल बंजी जंपिंग की शुरुआत करने वाली जगह माना जाता है। हर साल हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। 2. मकाऊ टावर, चीन- करीब 233 मीटर ऊंचाई से होने वाली यह दुनिया की सबसे प्रसिद्ध कमर्शियल बंजी जंपिंग साइटों में से एक है। 3. विक्टोरिया फॉल्स ब्रिज (जिम्बाब्वे – जाम्बिया बॉर्डर)- झरने के शानदार दृश्य के साथ यहां बंजी जंपिंग का अलग अनुभव मिलता है। 4. वेरजास्का डैम, स्विट्जरलैंड- यह वही जगह है जहां जेम्स बॉन्ड फिल्म गोल्डनआई का मशहूर जंप सीन फिल्माया गया था। बंजी जंपिंग एमें व्यक्ति को किसी ऊंचे पुल, टावर, क्रेन या चट्टान से एक खास तरह की मजबूत और लचीली इलास्टिक रोप के सहारे छलांग लगानी होती है। भारत में बंजी जंपिंग के लिए मशहूर जगहें 1. ऋषिकेश (उत्तराखंड)- भारत की सबसे लोकप्रिय बंजी जंपिंग डेस्टिनेशन मानी जाती है। यहां 80 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले जंप मौजूद हैं। 2. लोनावला (महाराष्ट्र)- मुंबई और पुणे के लोगों के बीच यह काफी लोकप्रिय एडवेंचर स्पॉट है। 3. गोवा- बीच टूरिज्म के साथ एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए भी जाना जाता है। 4. बेंगलुरु (कर्नाटक)- शहर के आसपास कई एडवेंचर पार्क बंजी जंपिंग की फैसिलिटी है। ——————— दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Mcap of 8 most valued firms surges by ₹1.90 trn, Icici bank top gainer

Hindi News Business Mcap Of 8 Most Valued Firms Surges By ₹1.90 Trn, Icici Bank Top Gainer मुंबई2 मिनट पहले कॉपी लिंक बीते हफ्ते शेयर बाजार में रही तेजी के चलते देश की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 8 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में ₹1.90 लाख करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान प्राइवेट सेक्टर के ICICI बैंक ने सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया और वह लिस्ट में टॉप पर रहा। ICICI बैंक कि वैल्यूएशन सबसे ज्यादा ₹56,223 करोड़ बढ़कर कुल ₹9.61 लाख करोड़ पर पहुंच गई। SBI का मार्केट कैप ₹36,137.87 करोड़ बढ़कर ₹9.38 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यू भी बढ़ी है। वहीं TCS और LIC की मार्केट वैल्यू बीते हफ्ते घटी है। देश की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में रिलायंस नंबर-1 वहीं पिछले हफ्ते के कारोबार के बाद अब वैल्यूएशन के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले नंबर पर बनी हुई है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का नंबर आता है। बीते हफ्ते सेंसेक्स 1,284 अंक और निफ्टी 256 अंक चढ़ा था पिछले हफ्ते सेंसेक्स 1,284.61 (1.73%) अंक और निफ्टी 256.2 (1%) अंक चढ़ा था। वहीं शुक्रवार, 12 जून को सेंसेक्स 1,695 अंक उछलकर 75,527 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 461 अंक चढ़कर 23,622 के स्तर पर पहुंच गया। मार्केट में तेजी की वजह: ग्लोबल सेंटीमेंट और आरबीआई के फैसले रेलीगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च एसवीपी (SVP) अजीत मिश्रा ने बताया कि भारतीय शेयर बाजार ने उतार-चढ़ाव से भरे हफ्ते का अंत मजबूती के साथ किया है। बाजार ने पिछले दो हफ्तों से चली आ रही गिरावट के सिलसिले को तोड़ दिया है। ग्लोबल सेंटीमेंट में सुधार और विदेशी मुद्रा के इनफ्लो को आकर्षित करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा उठाए गए सपोर्टिव कदमों से बाजार को सहारा मिला। अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से बाजार में आई तेजी अजीत मिश्रा के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर जो आशावाद बना है, उससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। इस समझौते की उम्मीद से जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और एनर्जी मार्केट्स के स्थिर होने की संभावना बढ़ गई है, जिसका सीधा पॉजिटिव असर इक्विटी मार्केट पर देखा गया। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Mcap of 8 most valued firms surges by ₹1.90 trn, Icici bank top gainer

Hindi News Business Mcap Of 8 Most Valued Firms Surges By ₹1.90 Trn, Icici Bank Top Gainer मुंबई5 मिनट पहले कॉपी लिंक बीते हफ्ते शेयर बाजार में रही तेजी के चलते देश की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 8 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में ₹1.90 लाख करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान प्राइवेट सेक्टर के ICICI बैंक ने सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया और वह लिस्ट में टॉप पर रहा। ICICI बैंक कि वैल्यूएशन सबसे ज्यादा ₹56,223 करोड़ बढ़कर कुल ₹9.61 लाख करोड़ पर पहुंच गई। HDFC बैंक का मार्केट कैप ₹38,571 करोड़ बढ़कर ₹11.89 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। इसके अलावा SBI, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यू भी बढ़ी है। वहीं TCS और LIC की मार्केट वैल्यू बीते हफ्ते घटी है। देश की टॉप-10 कंपनियों में से 8 की वैल्यू ₹1.90 लाख करोड़ बढ़ी कंपनी हफ्ते भर में चेंज (₹ करोड़ में) मौजूदा मार्केट कैप (₹ लाख करोड़ में) ICICI बैंक +56,223 9.61 HDFC बैंक +38,571 11.89 SBI +36,137 9.38 बजाज फाइनेंस +18,366 5.71 भारती एयरटेल +14,380 11.10 लार्सन एंड टुब्रो +13,241 5.57 हिंदुस्तान यूनिलीवर +10,984 5.09 रिलायंस इंडस्ट्रीज +2,097 17.49 TCS -13,296 7.82 LIC -822 5.05 सोर्स: BSE (08 जून – 12 जून, 2026) देश की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में रिलायंस नंबर-1 वहीं पिछले हफ्ते के कारोबार के बाद अब वैल्यूएशन के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले नंबर पर बनी हुई है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का नंबर आता है। बीते हफ्ते सेंसेक्स 1,284 अंक और निफ्टी 256 अंक चढ़ा था पिछले हफ्ते सेंसेक्स 1,284.61 (1.73%) अंक और निफ्टी 256.2 (1%) अंक चढ़ा था। वहीं शुक्रवार, 12 जून को सेंसेक्स 1,695 अंक उछलकर 75,527 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 461 अंक चढ़कर 23,622 के स्तर पर पहुंच गया। मार्केट में तेजी की वजह: ग्लोबल सेंटीमेंट और RBI के फैसले रेलीगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च एसवीपी (SVP) अजीत मिश्रा ने बताया कि भारतीय शेयर बाजार ने उतार-चढ़ाव से भरे हफ्ते का अंत मजबूती के साथ किया है। बाजार ने पिछले दो हफ्तों से चली आ रही गिरावट के सिलसिले को तोड़ दिया है। ग्लोबल सेंटीमेंट में सुधार और विदेशी मुद्रा के इनफ्लो को आकर्षित करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा उठाए गए सपोर्टिव कदमों से बाजार को सहारा मिला। अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से बाजार में आई तेजी अजीत मिश्रा के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर जो आशावाद बना है, उससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। इस समझौते की उम्मीद से जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और एनर्जी मार्केट्स के स्थिर होने की संभावना बढ़ गई है, जिसका सीधा पॉजिटिव असर इक्विटी मार्केट पर देखा गया। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
काजोल बोलीं- आमिर का फिल्मों को लेकर गजब का सेंस:मजाक में कहा- महिलाओं की भी समझ अच्छी, सुनते ही एक्टर मुस्कुरा दिए

आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ के 25 साल पूरे होने और ‘आमिर खान प्रोडक्शंस’ की 25वीं सालगिरह के इवेंट में काजोल ने आमिर के फिल्मों के टेस्ट की तारीफ की। काजोल ने कहा कि आमिर की प्रोडक्शन कंपनी ने ‘लगान’ से लेकर अब तक बेहतरीन फिल्मों का चुनाव किया है, जो उनके शानदार टेस्ट को दिखाता है। इसके बाद काजोल ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आमिर का फिल्मों के साथ-साथ महिलाओं को लेकर भी समझ काफी अच्छी है। जिस पर एक्टर मुस्कुराते हुए दिखे। वहीं बातचीत के दौरान जूही ने कहा कि अगर वह आमिर के बारे में बोलना शुरू करें तो पूरी शाम निकल जाएगी। जूही ने आमिर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा, “AKP बनने से पहले वह सिर्फ AK थे।” उन्होंने कहा कि आमिर की पहली फिल्म उनके साथ थी। एक्ट्रेस ने मजाक में कहा, “देखो, जिसने मेरे साथ काम किया, कहां पहुंच गया।” लगान के 25 साल पूरे आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ भारतीय सिनेमा की सबसे फेमस फिल्मों में गिनी जाती है। साल 2001 में रिलीज हुई इस फिल्म का डायरेक्शन आशुतोष गोवारिकर ने किया था, जबकि आमिर खान इसके मेन लीड और को-प्रोड्यूसर थे। फिल्म की कहानी ब्रिटिश शासन काल के दौरान चंपानेर गांव की है। सूखे और भारी कर से परेशान ग्रामीणों के लिए भुवन नाम का युवक अंग्रेज अधिकारी कैप्टन रसेल की क्रिकेट चुनौती स्वीकार करता है। शर्त यह होती है कि जीत मिलने पर तीन साल का लगान माफ होगा, जबकि हारने पर तीन गुना कर देना पड़ेगा। फिल्म में आमिर खान के अलावा ग्रेसी सिंह, पॉल ब्लैकथॉर्न और राहेल शेली ने अहम भूमिकाएं निभाईं। ए.आर. रहमान का म्यूजिक और जावेद अख्तर के गीत भी काफी लोकप्रिय हुए। ‘लगान’ को ऑस्कर में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी में नामिनेशन मिला था। करीब 25 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में 65 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की थी।
काजोल बोलीं- आमिर का फिल्मों को लेकर गजब का सेंस:मजाक में कहा- महिलाओं की भी समझ अच्छी, सुनते ही एक्टर मुस्कुरा दिए

आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ के 25 साल पूरे होने और ‘आमिर खान प्रोडक्शंस’ की 25वीं सालगिरह के इवेंट में काजोल ने आमिर के फिल्मों के टेस्ट की तारीफ की। काजोल ने कहा कि आमिर की प्रोडक्शन कंपनी ने ‘लगान’ से लेकर अब तक बेहतरीन फिल्मों का चुनाव किया है, जो उनके शानदार टेस्ट को दिखाता है। इसके बाद काजोल ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आमिर का फिल्मों के साथ-साथ महिलाओं को लेकर भी समझ काफी अच्छी है। जिस पर एक्टर मुस्कुराते हुए दिखे। वहीं बातचीत के दौरान जूही ने कहा कि अगर वह आमिर के बारे में बोलना शुरू करें तो पूरी शाम निकल जाएगी। जूही ने आमिर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा, “AKP बनने से पहले वह सिर्फ AK थे।” उन्होंने कहा कि आमिर की पहली फिल्म उनके साथ थी। एक्ट्रेस ने मजाक में कहा, “देखो, जिसने मेरे साथ काम किया, कहां पहुंच गया।” लगान के 25 साल पूरे आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ भारतीय सिनेमा की सबसे फेमस फिल्मों में गिनी जाती है। साल 2001 में रिलीज हुई इस फिल्म का डायरेक्शन आशुतोष गोवारिकर ने किया था, जबकि आमिर खान इसके मेन लीड और को-प्रोड्यूसर थे। फिल्म की कहानी ब्रिटिश शासन काल के दौरान चंपानेर गांव की है। सूखे और भारी कर से परेशान ग्रामीणों के लिए भुवन नाम का युवक अंग्रेज अधिकारी कैप्टन रसेल की क्रिकेट चुनौती स्वीकार करता है। शर्त यह होती है कि जीत मिलने पर तीन साल का लगान माफ होगा, जबकि हारने पर तीन गुना कर देना पड़ेगा। फिल्म में आमिर खान के अलावा ग्रेसी सिंह, पॉल ब्लैकथॉर्न और राहेल शेली ने अहम भूमिकाएं निभाईं। ए.आर. रहमान का म्यूजिक और जावेद अख्तर के गीत भी काफी लोकप्रिय हुए। ‘लगान’ को ऑस्कर में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी में नामिनेशन मिला था। करीब 25 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में 65 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की थी।
FSSAI Notice: Misleading Food Names Violation

नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने रविवार को देश की 8 बड़ी फूड कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन कंपनियों पर अपने प्रोडक्ट्स के ब्रांड नाम, ट्रेड नाम और विज्ञापनों में उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले दावे करने का आरोप है। रेगुलेटर ने साफ किया है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत ऐसे भ्रामक नाम रखना सख्त प्रतिबंधित है। आइए इस पूरी कार्रवाई को विस्तार से सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं… सवाल 1: FSSAI ने यह बड़ी कार्रवाई क्यों की है और मुख्य मामला क्या है? जवाब: बाजार में कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए ऐसे ब्रांड नाम या ट्रेड नेम का इस्तेमाल कर रही हैं, जो ग्राहकों को गलत जानकारी देते हैं। रेगुलेटर ने पाया कि ये 8 फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन कर रहे थे। वे ऐसे दावे कर रहे थे जो उनके प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता से मेल नहीं खाते। सवाल 2: किन-किन 8 कंपनियों को रेगुलेटर ने नोटिस थमाया है? जवाब: FSSAI ने जिन कंपनियों को आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए नोटिस जारी होने की जानकारी दी है, उनके नाम इस प्रकार हैं: इमामी हेल्दी एंड टेस्टी (Emami Healthy & Tasty) हेल्थ एड (Health Aid) ट्रूवी (Troovy) द हेल्दी फैक्ट्री (The Healthy Factory) हेल्दी मास्टर (Healthy Master) हेल्दी चॉइस (Healthy Choice) प्लान बी (Plan B) न्यूहर्ब्स (Neuherbs) सवाल 3: कोलकाता के इमामी ग्रुप की कंपनी ‘इमामी हेल्दी एंड टेस्टी’ पर क्या आरोप है? जवाब: इस कार्रवाई में सबसे बड़ा और प्रमुख नाम कोलकाता स्थित इमामी ग्रुप के कुकिंग ऑयल डिवीजन ‘इमामी हेल्दी एंड टेस्टी’ का है। FSSAI के मुताबिक, इस ब्रांड का ट्रेड नाम उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है। रेगुलेटर ने कहा कि यह नाम पहली नजर में FSSAI के लागू नियमों के विपरीत प्रतीत होता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर प्रोडक्ट के ‘हेल्दी’ होने का दावा करता है जो कि बिना किसी ठोस सबूत के सही नहीं है। सवाल 4: ‘द हेल्दी फैक्ट्री’ के ‘जीरो मैदा’ दावों पर क्या आपत्ति जताई गई है? जवाब: ‘द हेल्दी फैक्ट्री’ अपने प्रोडक्ट्स को ‘जीरो मैदा होल व्हीट ब्रेड’ के नाम से बेचती है। FSSAI की जांच में सामने आया कि इस ब्रेड में चक्की फ्रेश आटा के साथ-साथ ‘व्हीट ग्लूटेन’ भी शामिल है। इसके बावजूद इसे ‘जीरो मैदा’ के रूप में प्रचारित करना उपभोक्ताओं को भ्रम में डालना है। इसके अलावा कंपनी के ‘जीरो मैदा पिज्जा बेस’ पर भी यही आपत्ति जताई गई है कि यह दावा पूरी तरह नियमों का उल्लंघन है। सवाल 5: ‘प्लान बी’ कंपनी पर वीगन (शाकाहारी) प्रोडक्ट्स को लेकर क्या गड़बड़ी पाई गई? जवाब: ‘प्लान बी’ नाम की कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को ‘प्लांट बेस्ड वीगन’ कहकर बाजार में बेच रही है। FSSAI के नियमों के मुताबिक, किसी भी प्रोडक्ट को वीगन घोषित करने और उसके प्रचार के लिए अपने FSSAI लाइसेंस में ‘वीगन फूड एंडोर्समेंट’ मंजूरी लेना जरूरी होता है। इस कंपनी ने ऐसी कोई मंजूरी नहीं ली थी, फिर भी ग्राहकों को यह अहसास कराया कि उनके प्रोडक्ट्स प्रमाणित वीगन हैं। सवाल 6: न्यूहर्ब्स के ‘True Vitamin’ और हेल्थ एड के ब्रांड नाम में क्या कमी मिली? जवाब: न्यूहर्ब्स कंपनी की एक पूरी प्रोडक्ट लाइन है जिसका नाम ‘ट्रू विटामिन’ है। FSSAI ने इस पर कहा कि ‘True Vitamin’ जैसा ट्रेड नाम FSSAI के किसी भी रेगुलेशन के तहत न तो परिभाषित है और न ही इसे मान्यता प्राप्त है। ऐसे गैर-मान्यता प्राप्त शब्दों का इस्तेमाल ग्राहकों को गुमराह कर सकता है। वहीं, ‘हेल्थ एड’ के ब्रांड नाम को भी इसी आधार पर फ्लैग किया गया है कि यह नाम प्रोडक्ट को लेकर भ्रम पैदा करता है। सवाल 7: बच्चों और वयस्कों के स्नैक्स बनाने वाली कंपनी ‘ट्रूवी’ पर क्या आरोप हैं? जवाब: ट्रूवी (Troovy) कंपनी स्नैक्स रेंज बेचती है, जिसमें ‘हेल्दी मिक्स वेजी चिप्स’, ‘हेल्दी रागी चिप्स’ और ‘हेल्दी मूंग दाल चिप्स’ शामिल हैं। रेगुलेटर ने पाया कि इन चिप्स में कई अन्य तरह की सामग्रियां भी मिलाई गई हैं, लेकिन कंपनी केवल ‘हेल्दी’ शब्द का बड़ा-बड़ा इस्तेमाल करके इन्हें बेच रही है। FSSAI के अनुसार, बाकी सामग्रियों की मौजूदगी के बीच इस तरह सीधे तौर पर ‘हेल्दी’ का दावा करना भ्रामक है। सवाल 8: ‘हेल्दी मास्टर’ और ‘हेल्दी चॉइस’ के किन स्लोगन्स और प्रोडक्ट्स को रेगुलेटर ने निशाने पर लिया है? जवाब: FSSAI ने ‘हेल्दी मास्टर’ की टैगलाइन “विज़न टू सर्व हेल्दी” को संदिग्ध माना है। इसके साथ ही ‘हेल्दी चॉइस’ के प्रोडक्ट “हेल्दी फूड फॉर हेल्दी लाइफ पोहा” पर भी आपत्ति जताई गई है। रेगुलेटर का कहना है कि ये टैगलाइंस और नाम ग्राहकों के मन में प्रोडक्ट की सेहतमंद प्रकृति को लेकर एक ऐसा प्रभाव बनाते हैं, जो पूरी तरह से साबित नहीं किया गया है। सवाल 9: नोटिस जारी होने के बाद अब इन कंपनियों के पास क्या विकल्प हैं और आगे क्या कार्रवाई होगी? जवाब: FSSAI द्वारा जारी किए गए ये नोटिस ‘कारण बताओ’ नोटिस हैं। इसका मतलब है कि इन सभी 8 कंपनियों को एक तय समय में रेगुलेटर के सामने अपना स्पष्टीकरण या जवाब दाखिल करना होगा। कंपनियों को साबित करना होगा कि उनके नाम या दावे भ्रामक क्यों नहीं हैं। अगर कंपनियां संतोषजनक जवाब नहीं दे पाती हैं, तो FSSAI उन पर जुर्माना लगा सकता है, उनके प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगा सकता है या उनका फूड लाइसेंस भी सस्पेंड/कैंसिल कर सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
FSSAI Notice: Misleading Food Names Violation

नई दिल्ली24 मिनट पहले कॉपी लिंक फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने रविवार को देश की 8 बड़ी फूड कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन कंपनियों पर अपने प्रोडक्ट्स के ब्रांड नाम, ट्रेड नाम और विज्ञापनों में उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले दावे करने का आरोप है। रेगुलेटर ने साफ किया है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत ऐसे भ्रामक नाम रखना सख्त प्रतिबंधित है। आइए इस पूरी कार्रवाई को विस्तार से सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं… सवाल 1: FSSAI ने यह बड़ी कार्रवाई क्यों की है और मुख्य मामला क्या है? जवाब: बाजार में कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए ऐसे ब्रांड नाम या ट्रेड नेम का इस्तेमाल कर रही हैं, जो ग्राहकों को गलत जानकारी देते हैं। रेगुलेटर ने पाया कि ये 8 फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन कर रहे थे। वे ऐसे दावे कर रहे थे जो उनके प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता से मेल नहीं खाते। सवाल 2: किन-किन 8 कंपनियों को रेगुलेटर ने नोटिस थमाया है? जवाब: FSSAI ने जिन कंपनियों को आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए नोटिस जारी होने की जानकारी दी है, उनके नाम इस प्रकार हैं: इमामी हेल्दी एंड टेस्टी (Emami Healthy & Tasty) हेल्थ एड (Health Aid) ट्रूवी (Troovy) द हेल्दी फैक्ट्री (The Healthy Factory) हेल्दी मास्टर (Healthy Master) हेल्दी चॉइस (Healthy Choice) प्लान बी (Plan B) न्यूहर्ब्स (Neuherbs) सवाल 3: कोलकाता के इमामी ग्रुप की कंपनी ‘इमामी हेल्दी एंड टेस्टी’ पर क्या आरोप है? जवाब: इस कार्रवाई में सबसे बड़ा और प्रमुख नाम कोलकाता स्थित इमामी ग्रुप के कुकिंग ऑयल डिवीजन ‘इमामी हेल्दी एंड टेस्टी’ का है। FSSAI के मुताबिक, इस ब्रांड का ट्रेड नाम उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है। रेगुलेटर ने कहा कि यह नाम पहली नजर में FSSAI के लागू नियमों के विपरीत प्रतीत होता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर प्रोडक्ट के ‘हेल्दी’ होने का दावा करता है जो कि बिना किसी ठोस सबूत के सही नहीं है। सवाल 4: ‘द हेल्दी फैक्ट्री’ के ‘जीरो मैदा’ दावों पर क्या आपत्ति जताई गई है? जवाब: ‘द हेल्दी फैक्ट्री’ अपने प्रोडक्ट्स को ‘जीरो मैदा होल व्हीट ब्रेड’ के नाम से बेचती है। FSSAI की जांच में सामने आया कि इस ब्रेड में चक्की फ्रेश आटा के साथ-साथ ‘व्हीट ग्लूटेन’ भी शामिल है। इसके बावजूद इसे ‘जीरो मैदा’ के रूप में प्रचारित करना उपभोक्ताओं को भ्रम में डालना है। इसके अलावा कंपनी के ‘जीरो मैदा पिज्जा बेस’ पर भी यही आपत्ति जताई गई है कि यह दावा पूरी तरह नियमों का उल्लंघन है। सवाल 5: ‘प्लान बी’ कंपनी पर वीगन (शाकाहारी) प्रोडक्ट्स को लेकर क्या गड़बड़ी पाई गई? जवाब: ‘प्लान बी’ नाम की कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को ‘प्लांट बेस्ड वीगन’ कहकर बाजार में बेच रही है। FSSAI के नियमों के मुताबिक, किसी भी प्रोडक्ट को वीगन घोषित करने और उसके प्रचार के लिए अपने FSSAI लाइसेंस में ‘वीगन फूड एंडोर्समेंट’ मंजूरी लेना जरूरी होता है। इस कंपनी ने ऐसी कोई मंजूरी नहीं ली थी, फिर भी ग्राहकों को यह अहसास कराया कि उनके प्रोडक्ट्स प्रमाणित वीगन हैं। सवाल 6: न्यूहर्ब्स के ‘True Vitamin’ और हेल्थ एड के ब्रांड नाम में क्या कमी मिली? जवाब: न्यूहर्ब्स कंपनी की एक पूरी प्रोडक्ट लाइन है जिसका नाम ‘ट्रू विटामिन’ है। FSSAI ने इस पर कहा कि ‘True Vitamin’ जैसा ट्रेड नाम FSSAI के किसी भी रेगुलेशन के तहत न तो परिभाषित है और न ही इसे मान्यता प्राप्त है। ऐसे गैर-मान्यता प्राप्त शब्दों का इस्तेमाल ग्राहकों को गुमराह कर सकता है। वहीं, ‘हेल्थ एड’ के ब्रांड नाम को भी इसी आधार पर फ्लैग किया गया है कि यह नाम प्रोडक्ट को लेकर भ्रम पैदा करता है। सवाल 7: बच्चों और वयस्कों के स्नैक्स बनाने वाली कंपनी ‘ट्रूवी’ पर क्या आरोप हैं? जवाब: ट्रूवी (Troovy) कंपनी स्नैक्स रेंज बेचती है, जिसमें ‘हेल्दी मिक्स वेजी चिप्स’, ‘हेल्दी रागी चिप्स’ और ‘हेल्दी मूंग दाल चिप्स’ शामिल हैं। रेगुलेटर ने पाया कि इन चिप्स में कई अन्य तरह की सामग्रियां भी मिलाई गई हैं, लेकिन कंपनी केवल ‘हेल्दी’ शब्द का बड़ा-बड़ा इस्तेमाल करके इन्हें बेच रही है। FSSAI के अनुसार, बाकी सामग्रियों की मौजूदगी के बीच इस तरह सीधे तौर पर ‘हेल्दी’ का दावा करना भ्रामक है। सवाल 8: ‘हेल्दी मास्टर’ और ‘हेल्दी चॉइस’ के किन स्लोगन्स और प्रोडक्ट्स को रेगुलेटर ने निशाने पर लिया है? जवाब: FSSAI ने ‘हेल्दी मास्टर’ की टैगलाइन “विज़न टू सर्व हेल्दी” को संदिग्ध माना है। इसके साथ ही ‘हेल्दी चॉइस’ के प्रोडक्ट “हेल्दी फूड फॉर हेल्दी लाइफ पोहा” पर भी आपत्ति जताई गई है। रेगुलेटर का कहना है कि ये टैगलाइंस और नाम ग्राहकों के मन में प्रोडक्ट की सेहतमंद प्रकृति को लेकर एक ऐसा प्रभाव बनाते हैं, जो पूरी तरह से साबित नहीं किया गया है। सवाल 9: नोटिस जारी होने के बाद अब इन कंपनियों के पास क्या विकल्प हैं और आगे क्या कार्रवाई होगी? जवाब: FSSAI द्वारा जारी किए गए ये नोटिस ‘कारण बताओ’ नोटिस हैं। इसका मतलब है कि इन सभी 8 कंपनियों को एक तय समय में रेगुलेटर के सामने अपना स्पष्टीकरण या जवाब दाखिल करना होगा। कंपनियों को साबित करना होगा कि उनके नाम या दावे भ्रामक क्यों नहीं हैं। अगर कंपनियां संतोषजनक जवाब नहीं दे पाती हैं, तो FSSAI उन पर जुर्माना लगा सकता है, उनके प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगा सकता है या उनका फूड लाइसेंस भी सस्पेंड/कैंसिल कर सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Iran Football Team Base Mexico

Hindi News Sports Iran Football Team Base Mexico | Body Found Near Training Ground तिजुआना (मेक्सिको)7 मिनट पहले कॉपी लिंक तिजुआना के एस्टाडियो कैलिएंते स्टेडियम के अंदर ट्रेनिंग करती ईरानी टीम। बाहर कार की जांच करती फॉरेंसिक टीम। फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान ईरान फुटबॉल टीम के ट्रेनिंग बेस के पास कार से शव मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने स्टेडियम के बाहर खड़ी कार की डिक्की से शव बरामद कर जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को मेक्सिको के तिजुआना के एस्टाडियो कैलिएंते स्टेडियम के सामने स्थित पार्किंग एरिया में खड़ी एक ग्रे रंग की कार से तेज दुर्गंध आने पर पुलिस ने उसकी जांच की। कार की डिक्की खोलने पर उसमें एक बैग के अंदर शव मिला। एक दिन पहले फ्लोरिडा में प्री-टूर्नामेंट कैंप के दौरान इंग्लैंड की फुटबॉल टीम का सामना चोरी हो गया था, जिसे कैंसास पुलिस ने ढूंढ निकाला है। पुलिस ने करीब 15 लाख रुपए के सामान की रिकवरी की है। फोटो देखिए… कार की डिक्की से डेड बॉडी निकालती मेक्सिको पुलिस। कार की जांच करती फॉरेंसिक टीम। पुलिस ने कार के आसपास के एरिया को कवर कर दिया है, ताकि वहां कोई जा नहीं सके। ईरान ने 21 दिन पहले कैंप शिफ्ट किया था 23 मई को ईरान की फुटबॉल टीम वीजा में देरी और टीम प्रबंधन से जुड़े कुछ यात्रा प्रतिबंधों के कारण वर्ल्ड कप के दौरान तिजुआना को अपना अस्थायी बेस कैंप बनाया था। टीम अगले सप्ताह न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला ग्रुप मैच खेलने के लिए लॉस एंजिलिस रवाना होगी। ईरानी फुटबॉल से जुड़े 2 अन्य अपडेट्स… ईरान फुटबॉल टीम के 15 प्रतिनिधियों को अमेरिका का वीजा नहीं मिला था, जिनमें से 4 की अपील मंजूर हो गई है, जबकि 11 सदस्य अब भी अमेरिका नहीं जा सकेंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी फैंस के लिए ग्रुप-स्टेज निर्धारित टिकट का आवंटन रद्द कर दिया था। हालांकि, फीफा ने कहा है कि वे ईरानी फैंस को मैच देखने के ज्यादा मौके दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। ईरान का पहला मैच न्यूजीलैंड से होगा ईरान वर्ल्ड कप में ग्रुप-जी का अपना पहला मैच 15 जून को कैलिफोर्निया के इंग्लेवुड में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा। इसके 6 दिन बाद वह इसी स्थान पर बेल्जियम से भिड़ेगा। टीम ग्रुप चरण के अपने अंतिम मैच में 26 जून को सिएटल में मिस्र का सामना करेगी। ईरानी टीम ने 7वीं बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है। टीम अब तक सिर्फ 3 मैच जीत सकी है। पहले वर्ल्ड कप खेलने से इंकार किया था ईरान ने पहले अमेरिका की मेजबानी में कोई भी मैच खेलने से इनकार कर दिया था। वहां के खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली ने कहा था कि फुटबॉल टीम 2026 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकती। उनका कहना था कि अमेरिकी-इजराइली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद ऐसी परिस्थितियों में टूर्नामेंट में भाग लेना संभव नहीं है। बाद में फीफा के मनाने पर वह तैयार हो गया। पढ़ें पूरी खबर ————————————————- फुटबॉल वर्ल्ड कप की कंट्रोवर्सी की यह खबर भी पढ़िए इंग्लैंड टीम का सामान चोरी, गाड़ी से ही फुटबॉल-जूते ले गए चोर FIFA फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड फुटबॉल टीम का सामान चोरी हो गया। यह घटना शुक्रवार को हुई। टीम का सामान फ्लोरिडा में लगे प्री-टूर्नामेंट कैंप से अमेरिका के कैंसास सिटी स्थित स्वोप सॉकर विलेज ले जाया जा रहा था। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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Hindi News Sports Iran Football Team Base Mexico | Body Found Near Training Ground तिजुआना (मेक्सिको)25 मिनट पहले कॉपी लिंक तिजुआना के एस्टाडियो कैलिएंते स्टेडियम के अंदर ट्रेनिंग करती ईरानी टीम। बाहर कार की जांच करती फॉरेंसिक टीम। फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान ईरान फुटबॉल टीम के ट्रेनिंग बेस के पास कार से शव मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने स्टेडियम के बाहर खड़ी कार की डिक्की से शव बरामद कर जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को मेक्सिको के तिजुआना के एस्टाडियो कैलिएंते स्टेडियम के सामने स्थित पार्किंग एरिया में खड़ी एक ग्रे रंग की कार से तेज दुर्गंध आने पर पुलिस ने उसकी जांच की। कार की डिक्की खोलने पर उसमें एक बैग के अंदर शव मिला। एक दिन पहले फ्लोरिडा में प्री-टूर्नामेंट कैंप के दौरान इंग्लैंड की फुटबॉल टीम का सामना चोरी हो गया था, जिसे कैंसास पुलिस ने ढूंढ निकाला है। पुलिस ने करीब 15 लाख रुपए के सामान की रिकवरी की है। फोटो देखिए… कार की डिक्की से डेड बॉडी निकालती मेक्सिको पुलिस। कार की जांच करती फॉरेंसिक टीम। पुलिस ने कार के आसपास के एरिया को कवर कर दिया है, ताकि वहां कोई जा नहीं सके। ईरान ने 21 दिन पहले कैंप शिफ्ट किया था 23 मई को ईरान की फुटबॉल टीम वीजा में देरी और टीम प्रबंधन से जुड़े कुछ यात्रा प्रतिबंधों के कारण वर्ल्ड कप के दौरान तिजुआना को अपना अस्थायी बेस कैंप बनाया था। टीम अगले सप्ताह न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला ग्रुप मैच खेलने के लिए लॉस एंजिलिस रवाना होगी। ईरानी फुटबॉल से जुड़े 2 अन्य अपडेट्स… ईरान फुटबॉल टीम के 15 प्रतिनिधियों को अमेरिका का वीजा नहीं मिला था, जिनमें से 4 की अपील मंजूर हो गई है, जबकि 11 सदस्य अब भी अमेरिका नहीं जा सकेंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी फैंस के लिए ग्रुप-स्टेज निर्धारित टिकट का आवंटन रद्द कर दिया था। हालांकि, फीफा ने कहा है कि वे ईरानी फैंस को मैच देखने के ज्यादा मौके दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। ईरान का पहला मैच न्यूजीलैंड से होगा ईरान वर्ल्ड कप में ग्रुप-जी का अपना पहला मैच 15 जून को कैलिफोर्निया के इंग्लेवुड में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा। इसके 6 दिन बाद वह इसी स्थान पर बेल्जियम से भिड़ेगा। टीम ग्रुप चरण के अपने अंतिम मैच में 26 जून को सिएटल में मिस्र का सामना करेगी। ईरानी टीम ने 7वीं बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है। टीम अब तक सिर्फ 3 मैच जीत सकी है। पहले वर्ल्ड कप खेलने से इंकार किया था ईरान ने पहले अमेरिका की मेजबानी में कोई भी मैच खेलने से इनकार कर दिया था। वहां के खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली ने कहा था कि फुटबॉल टीम 2026 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकती। उनका कहना था कि अमेरिकी-इजराइली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद ऐसी परिस्थितियों में टूर्नामेंट में भाग लेना संभव नहीं है। बाद में फीफा के मनाने पर वह तैयार हो गया। पढ़ें पूरी खबर ————————————————- फुटबॉल वर्ल्ड कप की कंट्रोवर्सी की यह खबर भी पढ़िए इंग्लैंड टीम का सामान चोरी, गाड़ी से ही फुटबॉल-जूते ले गए चोर FIFA फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड फुटबॉल टीम का सामान चोरी हो गया। यह घटना शुक्रवार को हुई। टीम का सामान फ्लोरिडा में लगे प्री-टूर्नामेंट कैंप से अमेरिका के कैंसास सिटी स्थित स्वोप सॉकर विलेज ले जाया जा रहा था। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘असली टीएमसी’ की लड़ाई: बागी सांसद स्पीकर ओम बिरला से क्यों मिल रहे हैं और दल-बदल विरोधी कानून क्या कहता है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:14 जून, 2026, 12:52 IST बागी टीएमसी सांसद रविवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए और सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात से पहले उनके चर्चा करने की उम्मीद है। टीएमसी संकट: मई 2026 में बंगाल में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में एक गंभीर आंतरिक विद्रोह हो गया है, जिससे ममता बनर्जी की पार्टी के लिए अस्तित्व का खतरा पैदा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर लड़ाई एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश करने के लिए तैयार है क्योंकि सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ एक नियोजित बैठक से पहले बागी सांसद दिल्ली की यात्रा कर रहे हैं। असंतुष्ट विधायक “असली टीएमसी” के रूप में मान्यता प्राप्त करने की तैयारी कर रहे हैं और उम्मीद है कि वे स्पीकर से मिलने से पहले अपनी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। यह घटनाक्रम विद्रोही खेमे और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले नेतृत्व के बीच बढ़ते टकराव के बीच आया है, जिसमें दोनों पक्षों ने अपने दावों के समर्थन में कानूनी तर्कों का हवाला दिया है। क्या योजना बना रहे हैं बागी टीएमसी सांसद? बागी टीएमसी सांसद रविवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए और लोकसभा अध्यक्ष से मिलने से पहले उनके चर्चा करने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, एजेंडे में समूह द्वारा पहले से ही सुरक्षित किए गए हस्ताक्षरों का जायजा लेना, यह आकलन करना कि क्या अधिक सांसदों के शामिल होने की संभावना है, और उन कानूनी प्रावधानों की जांच करना शामिल है जिनके बारे में उनका मानना है कि उनके पास एक मजबूत मामला है। उम्मीद है कि समूह ममता बनर्जी खेमे द्वारा उठाई गई कानूनी आपत्तियों पर भी अपनी प्रतिक्रिया तैयार करेगा। कथित तौर पर विद्रोही कदम का समर्थन करने वाले पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले सभी सांसदों को अध्यक्ष की बैठक से पहले उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। काकोली ने और अधिक सांसदों के समर्थन का संकेत दिया बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने संकेत दिया कि असंतुष्ट खेमा और बढ़ सकता है. उन्होंने कहा, “हम सभी राजा हैं। दो और नेता भी हैं। मैंने पहले 20 के बारे में बात की थी; वह संख्या 22 हो जाएगी। जो लोग शामिल हो रहे हैं वे हमारे साथ नियमित संपर्क में हैं।” उनकी टिप्पणी वरिष्ठ टीएमसी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय की भविष्य की भूमिका पर अटकलों और उन खबरों के बीच आई है कि अधिक नेता विद्रोहियों के साथ जुड़ सकते हैं। काकोली के बेटे की ओर से कानूनी नोटिस राजनीतिक विवाद ने कानूनी मोड़ भी ले लिया है. बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने ममता बनर्जी और महुआ मोइत्रा, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय और सोनाली गुहा सहित कई वरिष्ठ टीएमसी नेताओं को कानूनी नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया कि उन्होंने बारासात विधानसभा क्षेत्र से पार्टी का टिकट मांगा था। उन्होंने कहा कि सीट को लेकर उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है और उन्होंने 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफी की मांग की, यह स्वीकार करते हुए कि उन्होंने न तो निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन मांगा और न ही चाहा। क्या है टीएमसी का कानूनी तर्क? ममता बनर्जी खेमे ने विद्रोहियों की स्थिति को चुनौती देने के लिए दल-बदल विरोधी कानून पर भरोसा किया है। टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने संविधान की दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 4 का हवाला दिया और तर्क दिया कि सांसद या विधायक अयोग्यता से तभी बच सकते हैं, जब उनकी मूल राजनीतिक पार्टी का किसी अन्य पार्टी में विलय हो जाए। उनके अनुसार, मूल पार्टी के प्रतीक पर जीती गई सदस्यता को बरकरार रखते हुए संसद या विधानसभा के भीतर सक्रिय एक अलग समूह के लिए कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि सांसदों को या तो विलय का हिस्सा बनना चाहिए या अयोग्यता का सामना करना पड़ेगा। टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद ने भी इसी तरह का तर्क देते हुए कहा कि अलग गुट के लिए कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि भले ही दो-तिहाई सांसद या विधायक चले जाएं, राजनीतिक दल में सिर्फ विधायकों से ज्यादा लोग होते हैं और कानून के तहत पार्टी का विलय जरूरी है। अनुच्छेद 4, भारत के संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून)। एक सांसद या विधायक अपनी सीट खो देगा या दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा, जब तक कि उनकी मूल राजनीतिक पार्टी किसी अन्य पार्टी के साथ विलय न कर ले; और वे या तो:*नई/विलय की गई पार्टी में शामिल हों, या*इनकार करें… pic.twitter.com/lpreoNgY6h– सागरिका घोष (@सागरिकाघोसे) 14 जून, 2026 दल-बदल विरोधी कानून क्या कहता है? दसवीं अनुसूची का पैराग्राफ 4 उन मामलों में अयोग्यता से सुरक्षा प्रदान करता है जहां एक राजनीतिक दल का किसी अन्य दल में विलय हो जाता है। प्रावधान के लिए विधायिका में पार्टी के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता है। जो विधायक इस तरह के विलय का हिस्सा होते हैं, उन्हें दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से बचाया जाता है। यह प्रावधान छोटे अलग हुए समूहों को हतोत्साहित करते हुए वास्तविक राजनीतिक विलय की अनुमति देने के लिए डिज़ाइन किया गया था। पहले के प्रावधान, पैराग्राफ 3, में विभाजन की अनुमति दी गई थी यदि एक तिहाई विधायक पार्टी से असहमत हों। हालाँकि, उस प्रावधान को 91वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2003 के माध्यम से हटा दिया गया था। परिणामस्वरूप, कम से कम दो-तिहाई विधायकों द्वारा समर्थित विलय कानून के तहत उपलब्ध एकमात्र छूट बनी हुई है। दोनों खेमों द्वारा प्रतिस्पर्धी कानूनी दलीलें तैयार करने के साथ, सोमवार को स्पीकर की बैठक इस लड़ाई में अगला प्रमुख चरण बनने की उम्मीद है कि कौन “असली टीएमसी” का प्रतिनिधित्व करने का दावा कर सकता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘असली टीएमसी’ की लड़ाई: बागी सांसद स्पीकर ओम बिरला से क्यों मिल रहे









