Wednesday, 24 Jun 2026 | 10:35 AM

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Bihar Medical Students Arrested in 30 Lakh Deal

Bihar Medical Students Arrested in 30 Lakh Deal

11 मिनट पहले कॉपी लिंक रविवार 21 जून यानी को NEET का दोबारा एग्जाम हुआ। इस दौरान जहां बिहार में एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ। वहीं एक छात्रा अंडरगारमेंट्स में मोबाइल के साथ एग्जाम हॉल में पकड़ी गई। NEET को लेकर कैंडिडेट्स का जूनून इस हद तक है कि एक छात्रा ने अपनी नौ पसलियां टूटने के बाद भी विशेष कक्ष में तमाम इंतजाम के बाद यह परीक्षा दी। अंडरगारमेंट्स में मोबाइल लेकर एग्जाम देने पहुंची 21 जून को जयपुर के बिंदायका क्षेत्र स्थित एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने पहुंची एक छात्रा को मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया। आरोप है कि छात्रा ने मोबाइल को अंडरगारमेंट्स में छिपाकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया था। उसने परीक्षा खत्म होने से करीब 15 मिनट पहले प्रश्नपत्र की फोटो भी ले ली थी। परीक्षा के दौरान छात्रा अपने मोबाइल से सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश कर रही थी। छात्रा के स्कूल के एंट्री गेट से एग्जाम हॉल तक जांच के दौरान 2 बार मेटल डिटेक्टर ने अलर्ट दिया था। लेकिन उसने ये कह कहकर गुमराह किया कि अंडरगारमेंट्स के हुक के कारण अलर्ट आ रहा है। छात्रा तीसरी बार NEET एग्जाम दे रही थी। अगर इस छात्रा पर द पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2024 के तहत मामला दर्ज हुआ और दोषी पाया गया तो 5 साल की सजा और 10 लाख जुर्माने का प्रावधान है। नौ पसलियां टूटी फिर भी एग्जाम देने पहुंची सृष्टि देशभर में आयोजित NEET UG 2026 री-एग्जाम के बीच कोलकाता की छात्रा सृष्टि दुबे का नाम चर्चा में है। गंभीर सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल होने और बड़ी सर्जरी से गुजरने के बावजूद सृष्टि ने हार नहीं मानी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सृष्टि के लिए विशेष सुविधाएं मुहैया कराई और सृष्टि ने अलग कमरे, मेडिकल सहायता और एम्बुलेंस की सुविधा के साथ परीक्षा दी। 𝐍𝐄𝐄𝐓 (𝐔𝐆) 𝟐𝟎𝟐𝟔: 𝐍𝐓𝐀 𝐌𝐀𝐊𝐄𝐒 𝐒𝐏𝐄𝐂𝐈𝐀𝐋 𝐀𝐑𝐑𝐀𝐍𝐆𝐄𝐌𝐄𝐍𝐓𝐒 𝐅𝐎𝐑 𝐈𝐍𝐉𝐔𝐑𝐄𝐃 𝐂𝐀𝐍𝐃𝐈𝐃𝐀𝐓𝐄 𝐒𝐑𝐈𝐒𝐓𝐈 𝐃𝐔𝐁𝐄𝐘𝐔𝐏𝐃𝐀𝐓𝐄 | 𝐊𝐊 𝐏𝐋𝐔𝐒+ 𝐄𝐃𝐔𝐂𝐀𝐓𝐈𝐎𝐍 𝐃𝐄𝐒𝐊𝐀 𝐫𝐞𝐦𝐚𝐫𝐤𝐚𝐛𝐥𝐞 𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐨𝐟 𝐝𝐞𝐭𝐞𝐫𝐦𝐢𝐧𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧… pic.twitter.com/cqMwc3BAXJ— 𝐊𝐚𝐢𝐥𝐚𝐬𝐡 𝐁𝐚𝐠𝐚𝐫𝐢𝐚 (@bagaria_kailash) June 21, 2026 गंभीर स्वास्थ्य समस्या से गुजरने के बाद भी सृष्टि ने अपने पिता से कहा कि वह हर हाल में NEET परीक्षा देना चाहती हैं। बेटी के इस संकल्प को देखते हुए उनके पिता शीशराम दुबे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेटर लिखकर मदद मांगी। उन्होंने अनुरोध किया कि सृष्टि को मेडिकल उपकरणों और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ परीक्षा देने की अनुमति दी जाए। उनकी बात को मानते हुए सृष्टि के लिए एग्जाम सेंटर पर ग्राउंड फ्लोर में खास व्यवस्था की गई। 22 लाख छात्रों ने दी एग्जाम एनटीए के अनुसार इस बार करीब 22 लाख उम्मीदवारों ने NEET की परीक्षा दी। एनटीए के मुताबिक, 95,000 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के सख्त इंतजाम किये गये हैं। परीक्षा केंद्रों पर 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे और 51,311 जैमर लगाए गए हैं। परीक्षा देते मेडिकल स्टूडेंट्स अरेस्ट असली परीक्षार्थियों के बजाय मेडिकल स्टूडेंट NEET की एग्जाम देते हुए अरेस्ट हुए। यह डील 30-40 लाख में तय की गई। पुलिस ने इस मामले में गैंग के सरगना और पीएमसीएच गयाजी मेडिकल कॉलेज, AIIMS रायबरेली, BHU के मेडिकल स्टूडेंट्स सहित 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एग्जाम के दौरान छात्रों का फिंगरप्रिंट लेने वाली बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारी भी थे। इन आरोपियों के पास से मोबाइल और अन्य डॉक्यूमेंट्स बरामद हुए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कहानी की शुरुआत एक संदिग्ध व्यक्ति से हुई, जो परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी के रूप में मौजूद था। उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ तो जांच शुरू हुई। उसकी पहचान पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) के थर्ड ईयर के MBBS स्टूडेंट्स मयंक कश्यप के रूप में हुई। जांच एजेंसियों को यहीं से पहली बड़ी सफलता मिली। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने कई अन्य परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की और देखते ही देखते पूरा नेटवर्क सामने आया। गया स्थित ANMMCH के मेडिकल छात्र अर्पित राज को जांच एजेंसियां इस नेटवर्क का प्रमुख चेहरा मान रही हैं। अर्पित राज का नाम इससे पहले भी चर्चाओं में आ चुका है। पिछले वर्ष NEET पेपर लीक मामले की जांच के दौरान केंद्रीय एजेंसियां उससे पूछताछ कर चुकी थीं। अब एक बार फिर उसका नाम सामने आने से जांच एजेंसियां पुराने मामलों के रिकॉर्ड भी खंगाल रही हैं। मेडिकल कॉलेजों की कोशिश भी नाकाम सूत्रों के मुताबिक NEET परीक्षा के दौरान कई मेडिकल कॉलेजों ने अपने छात्रों को परिसर से बाहर न जाने की सलाह दी थी। कुछ संस्थानों में छात्रों को व्यस्त रखने के लिए सेमिनार, शैक्षणिक गतिविधियां और क्विज कार्यक्रम तक आयोजित किए गए। इसके बावजूद कुछ छात्र कॉलेज से बाहर निकल गए। जांच में सामने आया कि एक आरोपी छात्र ने बीमारी का बहाना बनाकर कॉलेज छोड़ा और बाद में लखीसराय में पकड़ा गया। एग्जाम से पहले नकल रोकने और पेपर लीक से बचने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन ने एक एडवाइजरी जारी की थी। इसमें कहा गया है कि MBBS समेत अन्य मेडिकल स्टूडेंट्स को 20 और 21 जून को छुट्टियां न दी जाएं। हालांकि अगर कोई स्टूडेंट इमर्जेंसी के चलते लीव लेता है तो उसे छुट्‌टी दी जा सकती है। लेकिन इस मामले में भी उचित कारण होने पर ही स्टूडेंट्स को छुट्टी दी जाएगी। पेपर लीक के बाद रद्द हुआ था एग्जाम 21 जून को NEET री-एग्जाम से पहले 3 मई को NEET यूजी 2026 का आयोजन किया गया था, लेकिन पेपर लीक सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने NEET यूजी 2026 को रद्द कर दिया गया था। ————- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में NEET स्टूडेंट्स को बस किराए में 50% छूट:सीएम योगी ने की घोषणा, दूसरे जिलों में परीक्षा देने वालों के लिए अस्थायी आवास भी मुफ्त उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने NEET उम्मीदवारों के लिए बड़ा ऐलान किया है। NEET परीक्षा से पहले सीएम योगी के स्तर पर समीक्षा की गई। सीएम योगी ने पुलिस और प्रशासन को पुख्ता तैयारियों के निर्देश दिए। NEET पेपर लीक के बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा का आयोजन होने वाला है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स

ब्रिटिश PM स्टार्मर का इस्तीफा:कहा- पार्टी को नहीं लगता मैं अगला चुनाव जिता सकता हूं; एंडी बर्नहैम नए प्रधानमंत्री बन सकते हैं

ब्रिटिश PM स्टार्मर का इस्तीफा:कहा- पार्टी को नहीं लगता मैं अगला चुनाव जिता सकता हूं; एंडी बर्नहैम नए प्रधानमंत्री बन सकते हैं

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे दिया है। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब लेबर पार्टी को नहीं लगता कि वह अगले आम चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए सबसे अच्छे व्यक्ति हैं। स्टार्मर का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब लेबर पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर लंबे समय से असंतोष बढ़ रहा था। हाल के महीनों में कई सांसदों और मंत्रियों ने उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। स्थानीय चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन और गिरती लोकप्रियता ने भी उनके ऊपर दबाव बढ़ा दिया था। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक एंडी बर्नहैम उनके उत्तराधिकारी बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। बर्नहैम ने हाल ही में मेकरफील्ड उपचुनाव जीतकर संसद में वापसी की है और उन्हें लेबर सांसदों के बड़े वर्ग का समर्थन प्राप्त बताया जा रहा है। खबर अपडेट हो रही है…

ब्रेकिंग | जेडीएस बिदादी टाउनशिप परियोजना पर रोक लगाने के लिए कर्नाटक उच्च न्यायालय जा सकती है

ब्रेकिंग | जेडीएस बिदादी टाउनशिप परियोजना पर रोक लगाने के लिए कर्नाटक उच्च न्यायालय जा सकती है

प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना पर रोक लगाने के लिए जनता दल (सेक्युलर) कर्नाटक उच्च न्यायालय का रुख कर सकता है। इस कदम से महत्वाकांक्षी विकास योजना को लेकर राजनीतिक और कानूनी लड़ाई तेज हो सकती है, जिसमें भूमि अधिग्रहण, योजना और स्थानीय समुदायों पर इसके प्रभाव पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मामला(टी)कर्नाटक बुनियादी ढांचा विवाद(टी)कर्नाटक भूमि अधिग्रहण मुद्दा(टी)कर्नाटक राजनीतिक समाचार(टी)राजनीतिक घटनाक्रम कर्नाटक(टी)टाउनशिप परियोजना विवाद

तमिलनाडु में मेकेदातु बांध विवाद बढ़ा; सीपीएम ने अलग न्यायाधिकरण की मांग पर सवाल उठाए | न्यूज18

तमिलनाडु में मेकेदातु बांध विवाद बढ़ा; सीपीएम ने अलग न्यायाधिकरण की मांग पर सवाल उठाए | न्यूज18

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Allu Arjun Summoned in Pushpa 2 Stampede Case

Allu Arjun Summoned in Pushpa 2 Stampede Case

18 मिनट पहले कॉपी लिंक हैदराबाद के संध्या थिएटर हादसे के मामले में एक्टर अल्लू अर्जुन सोमवार को नामपल्ली कोर्ट में वर्चुअली पेश होंगे। कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी किया था। हालांकि, अल्लू अर्जुन की लीगल टीम ने बताया कि मुंबई में फिल्म की शूटिंग चलने के कारण उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ने की अनुमति मांगी थी। पुलिस ने इस मामले की चार्जशीट में अल्लू अर्जुन को आरोपी नंबर 11 बनाया है। दिसंबर 2024 में ‘पुष्पा 2’ के प्रीमियर के दौरान हुई भगदड़ में एक महिला की मौत हो गई थी। कोर्ट ने भीड़ प्रबंधन में लापरवाही और सुरक्षा फेल होने के इस मामले की सुनवाई के लिए अभिनेता समेत अन्य आरोपियों को 22 जून को खुद हाजिर होने का आदेश दिया था। चार्जशीट में आरोपी नंबर 11 बने अल्लू अर्जुन पुलिस ने इस हादसे को लेकर कोर्ट में एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस चार्जशीट में कुल 23 लोगों को नामजद किया गया है। इसमें संध्या थिएटर के मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को आरोपी नंबर 1 से 10 (A1 से A10) बनाया गया है, जबकि अल्लू अर्जुन को आरोपी नंबर 11 (A11) के रूप में लिस्ट किया गया है। कोर्ट ने मामले में आगे बढ़ते हुए 19 आरोपियों को नोटिस जारी किया है और उन्हें अदालत के सामने पेश होने का निर्देश दिया है। दिसंबर 2024 में हुआ था हादसा यह पूरा मामला 4 दिसंबर 2024 का है। उस समय हैदराबाद के संध्या थिएटर में फिल्म ‘पुष्पा 2’ की रिलीज के मौके पर एक बेनिफिट शो का आयोजन किया गया था। इस शो के दौरान थिएटर परिसर में क्षमता से अधिक लोग जमा हो गए थे। स्थिति अनियंत्रित होने की वजह से वहां भारी भगदड़ मच गई। इस हादसे में रेवती नाम की एक महिला की जान चली गई थी, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के बाद फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे आयोजनों में भीड़ नियंत्रण को लेकर काफी बहस हुई थी। अल्लू अर्जुन को देखने के लिए उमड़ी थी भीड़ पुलिस जांच के अनुसार, हादसे वाले दिन अल्लू अर्जुन खुद थिएटर पहुंचे थे। उन्हें देखने के लिए प्रशंसकों की भारी भीड़ थिएटर के एंट्री गेट की तरफ भागी, जिससे वहां दबाव बढ़ गया और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई। चार्जशीट में थिएटर अधिकारियों, सुरक्षा गार्ड और इवेंट मैनेजमेंट के लोगों की लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह बताया गया है। हालांकि, इस घटना के बाद अल्लू अर्जुन ने पीड़ित परिवार से संपर्क किया था और घायल बच्चे के इलाज के लिए वित्तीय और मेडिकल मदद भी पहुंचाई थी। भगदड़ मामले में 13 दिसंबर को गिरफ्तार हुए थे अल्लू 4 दिसंबर को हुए भगदड़ केस में अल्लू अर्जुन को 13 दिसंबर की दोपहर 12 बजे गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद 4 बजे उन्हें लोकल कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया था। अल्लू ने अंतरिम जमानत के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट में अपील की थी।शाम 5 बजे उन्हें 50 हजार रुपए के पर्सनल बॉन्ड पर अंतरिम जमानत मिल गई थी। इसी दौरान अल्लू को चंचलगुडा सेंट्रल जेल ले जाया गया था। एक्टर को अगले दिन शनिवार सुबह करीब 6.30 बजे चंचलगुडा सेंट्रल जेल से रिहा किया गया था। इस दौरान अल्लू करीब 18 घंटे कस्टडी में रहे थे। रिहाई के बाद की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस रिहाई के बाद अल्लू अर्जुन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, ‘ये सब एक हादसा था। मैं परिवार के साथ सिनेमाघर में फिल्म देखने गया था। ये घटना बाहर घटी है। इस घटना का मुझसे कोई सीधा कनेक्शन नहीं है। मैं बिल्कुल महिला के परिवार के साथ हूं, जिस भी तरीके से होगा मैं उनकी मदद करूंगा।’अल्लू अर्जुन आगे कहा, ‘मैं उस सिनेमाघर में पिछले 20 साल से 30 बार से ज्यादा बार जा चुके हैं। लेकिन ऐसा आज तक नहीं हुआ है। ये बिल्कुल ही दुर्भाग्य से हुआ है। मैं इस घटना को लेकर मैं बहुत सॉरी करता हूं।’ इससे जुड़ी खबरें पढ़िए.. पुष्पा-2 भगदड़ केस- तेलंगाना CM बोले- एक्टर अपनी जिम्मेदारी समझें:अनुराग ठाकुर ने कहा- तेलुगु फिल्मों का बड़ा नाम, कांग्रेस इसे जमीन पर लाना चाहती है अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा- 2 के प्रीमियर के दौरान हुई भगदड़ का मामला बढ़ता जा रहा है। अब तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा है कि भीड़ को और फैंस को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी एक्टर्स की ही है। पूरी खबर पढ़ें.. भगदड़ केस-अल्लू अर्जुन से 3 घंटे से ज्यादा पूछताछ हुई:पुलिस सीन री-क्रिएट कर सकती है; संध्या थिएटर का नया वीडियो सामने आया पुष्पा-2 के प्रीमियर के दौरान भगदड़ केस में पुलिस ने मंगलवार को अल्लू अर्जुन से 3 घंटे से ज्यादा पूछताछ की। हैदराबाद सेंट्रल जोन डीसीपी के नेतृत्व वाली टीम ने एक्टर से सवाल किए। पूरी खबर पढ़ें.. 2. पुष्पा-2 एक्टर अल्लू अर्जुन 18 घंटे बाद रिहा:घर पर नजर उतारी गई; मां के गले लगकर अंदर गए; बोले- कानून का हमेशा सम्मान पुष्पा-2 एक्टर अल्लू अर्जुन शनिवार सुबह करीब 6.30 बजे चंचलगुडा सेंट्रल जेल से रिहा हुए। उनके पिता अल्लू अरविंद और ससुर कंचरला चंद्रशेखर रेड्डी उन्हें लेने जेल पहुंचे थे। अल्लू करीब 18 घंटे कस्टडी में रहे। रिहाई के बाद अल्लू गीता आर्ट्स प्रोडक्शन हाउस पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Jio IPO Opens Earning Path, New Energy & AI Drive Growth; Reliance Stock Up

Jio IPO Opens Earning Path, New Energy & AI Drive Growth; Reliance Stock Up

Hindi News Business Jio IPO Opens Earning Path, New Energy & AI Drive Growth; Reliance Stock Up नई दिल्ली13 मिनट पहले कॉपी लिंक रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर में आज कारोबार के दौरान 2% से ज्यादा की तेजी है। कंपनी का शेयर ₹1,345 के स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार को हुई 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के बाद कई बड़े ब्रोकरेज हाउसेज ने इसके भविष्य के रोडमैप और जियो इन्फोकॉम के IPO के लिए सेबी (Sebi) के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) को लेकर अपनी एनालिसिस रिपोर्ट जारी की है। जियो का IPO और वैल्यू अनलॉकिंग नोमुरा ब्रोकरेज के मुताबिक, जियो की लिस्टिंग से रिलायंस के भीतर डिजिटल बिजनेस की वैल्यू अनलॉक होगी। यह उन नए निवेशकों के लिए एक बेहतरीन एंट्री पॉइंट साबित होगा जो सिर्फ टेलीकॉम बिजनेस में निवेश करना चाहते हैं। नोमुरा ने रिलायंस के शेयर पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,640 तय किया है। रिलायंस इंटेलिजेंस: एआई हब का प्लान नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ अब प्लानिंग के फेज से निकलकर एग्जीक्यूशन के फेज में आ चुका है। जामनगर में बन रहे सोवरेन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब में वित्त वर्ष 2026 के अंत तक पहले 120 मेगावाट (MW) क्षमता को टारगेट किया जा रहा है। यह रिलायंस के लिए शुरुआती फेज का एक बड़ा कैपेक्स निवेश है। ऑयल-टू-केमिकल्स और दहेज-नागोथने प्रोजेक्ट्स एमके ग्लोबल के अनुसार, ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट में ग्रोथ का अगला फेज हाई-वैल्यू केमिकल्स और मैटेरियल्स में निवेश से आएगा। दहेज में 3 mmtpa क्षमता का PTA प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे पॉलिएस्टर वैल्यू चेन में रिलायंस की स्थिति मजबूत होगी। वहीं नागोथने में 1.2 mmtpa क्षमता का PVC प्रोजेक्ट भारत की आयात पर निर्भरता को कम करेगा और इंफ्रास्ट्रक्चर, कंस्ट्रक्शन व कंज्यूमर सेगमेंट की घरेलू मांग को पूरा करेगा। एमके ग्लोबल ने शेयर पर ₹1,680 के टारगेट प्राइस के साथ बाय रेटिंग दी है। 5 साल में EBITDA दोगुना करने का लक्ष्य एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा कि कंपनी ने अगले 5 सालों में अपने कंसोलिडेटेड अर्निंग बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड अमॉर्टाइजेशन (Ebitda) को दोगुना से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। इसका मतलब है कि वित्त वर्ष 2031 तक यह EBITDA ₹4.2-4.5 ट्रिलियन तक पहुंच सकता है। ऐसा होने पर रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड (ROCE) दोगुना हो सकता है, जिससे शेयर की री-रेटिंग होगी। न्यू एनर्जी और जियो का ट्रिगर एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का मानना है कि जियो के IPO के बाद इस साल 10 GW इंटीग्रेटेड सोलर प्रोजेक्ट और 40 GW बैटरी प्लांट के चालू होने से बाजार में रिलायंस की री-रेटिंग लगातार जारी रहेगी। इसके बाद कच्छ में सोलर + बैटरी और हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स भी शुरू होंगे। ब्रोकरेज ने ₹1,670 के टारगेट के साथ बाय रेटिंग दोहराई है। डिजिटल सेगमेंट रहेगा ग्रोथ ड्राइवर मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के मुताबिक, रिलायंस जियो कंपनी का सबसे बड़ा ग्रोथ ड्राइवर बना रहेगा और डिजिटल सेगमेंट रिलायंस के कुल इंक्रीमेंटल EBITDA में लगभग 80% का योगदान देगा। वित्त वर्ष 2026-28 के बीच वायरलेस टैरिफ हाइक (वित्त वर्ष-2027 की दूसरी तिमाही में 15% बढ़ोतरी), वायरलेस मार्केट शेयर में बढ़त और होम्स व एंटरप्राइज सेगमेंट के विस्तार से 18% का EBITDA CAGR देखने को मिल सकता है। कैपेक्स में कमी और फ्री कैश फ्लो मोतीलाल ओसवाल ने अनुमान लगाया है कि रिलायंस का कंसोलिडेटेड EBITDA और PAT वित्त वर्ष 2026-28 के दौरान 9-10% CAGR से बढ़ेगा। डिजिटल सर्विसेज में कैपेक्स का पीक फेज अब खत्म हो चुका है, इसलिए वित्त वर्ष 2026-28 के लिए सालाना कंसोलिडेटेड कैपेक्स ₹1.25 ट्रिलियन रहने का अनुमान है। इससे लगभग ₹1 ट्रिलियन का मजबूत फ्री कैश फ्लो (FCF) जनरेट होगा और कंसोलिडेटेड नेट डेट (कर्ज) में कमी आएगी। ब्रोकरेज ने ₹1,655 का टारगेट प्राइस दिया है। नुवामा का आउटलुक और रिस्क फैक्टर्स नुवामा के अनुसार, न्यू एनर्जी बिजनेस से वित्त वर्ष 2027 से वित्तीय प्रदर्शन में बड़ा योगदान मिलना शुरू हो जाएगा। चालू हो चुके सोलर मॉड्यूल/सेल प्लांट्स की क्षमता बढ़ाकर 20GW की जा रही है, जिससे वित्त वर्ष 2026 के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 5% की बढ़त हो सकती है। रिलायंस इंटेलिजेंस (RI) और रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (RCPL) कंपनी के नए ग्रोथ इंजन होंगे। नुवामा ने ₹1,765 का टारगेट प्राइस दिया है, लेकिन साथ ही आगाह किया है कि ग्लोबल डिमांड में सुस्ती या क्षमता में बढ़ोतरी से रिफाइनिंग और केमिकल मार्जिन पर असर पड़ सकता है। क्या होता है DRHP? ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस एक शुरुआती आधिकारिक दस्तावेज होता है जिसे कोई भी कंपनी अपना IPO लाने से पहले मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास जमा करती है। इसमें कंपनी के बिजनेस, वित्तीय स्थिति और रिस्क फैक्टर्स की पूरी डिटेल होती है। EBITDA और CAGR का मतलब क्या है? EBITDA का मतलब अर्निंग बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड अमॉर्टाइजेशन होता है, जो कंपनी की कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी को दर्शाता है। CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) का इस्तेमाल एक तय अवधि में सालाना औसतन निवेश या कमाई की ग्रोथ नापने के लिए किया जाता है। ये खबर भी पढ़ें… जियो का IPO आएगा, यह देश में सबसे बड़ा: 27 करोड़ शेयर से ₹37,700 करोड़ जुटाने का प्लान; मुंबई में मेडिकल सिटी, वनतारा यूनिवर्सिटी भी बनेगी रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना बैठक, यानी AGM शुक्रवार, 19 जून को हुई। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने करीब 44 लाख शेयरहोल्डर्स को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कंपनी यूरोप और अफ्रीका के मार्केट में एंट्री कर रही है। वहीं, कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भी लाने जा रही है। अंबानी बताया कि IPO के लिए 19 जून को ही सेबी के पास ड्राफ्ट दस्तावेज (DRHP) जमा कर दिए गए हैं। कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी और IPO के जरिए करीब 4 बिलियन डॉलर यानी ₹37,700 करोड़ जुटाने की योजना है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Jio IPO Opens Earning Path, New Energy & AI Drive Growth; Reliance Stock Up

Jio IPO Opens Earning Path, New Energy & AI Drive Growth; Reliance Stock Up

Hindi News Business Jio IPO Opens Earning Path, New Energy & AI Drive Growth; Reliance Stock Up नई दिल्ली31 मिनट पहले कॉपी लिंक रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर में आज कारोबार के दौरान 2% से ज्यादा की तेजी है। कंपनी का शेयर ₹1,345 के स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार को हुई 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के बाद कई बड़े ब्रोकरेज हाउसेज ने इसके भविष्य के रोडमैप और जियो इन्फोकॉम के IPO के लिए सेबी (Sebi) के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) को लेकर अपनी एनालिसिस रिपोर्ट जारी की है। जियो का IPO और वैल्यू अनलॉकिंग नोमुरा ब्रोकरेज के मुताबिक, जियो की लिस्टिंग से रिलायंस के भीतर डिजिटल बिजनेस की वैल्यू अनलॉक होगी। यह उन नए निवेशकों के लिए एक बेहतरीन एंट्री पॉइंट साबित होगा जो सिर्फ टेलीकॉम बिजनेस में निवेश करना चाहते हैं। नोमुरा ने रिलायंस के शेयर पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,640 तय किया है। रिलायंस इंटेलिजेंस: एआई हब का प्लान नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ अब प्लानिंग के फेज से निकलकर एग्जीक्यूशन के फेज में आ चुका है। जामनगर में बन रहे सोवरेन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब में वित्त वर्ष 2026 के अंत तक पहले 120 मेगावाट (MW) क्षमता को टारगेट किया जा रहा है। यह रिलायंस के लिए शुरुआती फेज का एक बड़ा कैपेक्स निवेश है। ऑयल-टू-केमिकल्स और दहेज-नागोथने प्रोजेक्ट्स एमके ग्लोबल के अनुसार, ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट में ग्रोथ का अगला फेज हाई-वैल्यू केमिकल्स और मैटेरियल्स में निवेश से आएगा। दहेज में 3 mmtpa क्षमता का PTA प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे पॉलिएस्टर वैल्यू चेन में रिलायंस की स्थिति मजबूत होगी। वहीं नागोथने में 1.2 mmtpa क्षमता का PVC प्रोजेक्ट भारत की आयात पर निर्भरता को कम करेगा और इंफ्रास्ट्रक्चर, कंस्ट्रक्शन व कंज्यूमर सेगमेंट की घरेलू मांग को पूरा करेगा। एमके ग्लोबल ने शेयर पर ₹1,680 के टारगेट प्राइस के साथ बाय रेटिंग दी है। 5 साल में EBITDA दोगुना करने का लक्ष्य एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा कि कंपनी ने अगले 5 सालों में अपने कंसोलिडेटेड अर्निंग बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड अमॉर्टाइजेशन (Ebitda) को दोगुना से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। इसका मतलब है कि वित्त वर्ष 2031 तक यह EBITDA ₹4.2-4.5 ट्रिलियन तक पहुंच सकता है। ऐसा होने पर रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड (ROCE) दोगुना हो सकता है, जिससे शेयर की री-रेटिंग होगी। न्यू एनर्जी और जियो का ट्रिगर एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का मानना है कि जियो के IPO के बाद इस साल 10 GW इंटीग्रेटेड सोलर प्रोजेक्ट और 40 GW बैटरी प्लांट के चालू होने से बाजार में रिलायंस की री-रेटिंग लगातार जारी रहेगी। इसके बाद कच्छ में सोलर + बैटरी और हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स भी शुरू होंगे। ब्रोकरेज ने ₹1,670 के टारगेट के साथ बाय रेटिंग दोहराई है। डिजिटल सेगमेंट रहेगा ग्रोथ ड्राइवर मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के मुताबिक, रिलायंस जियो कंपनी का सबसे बड़ा ग्रोथ ड्राइवर बना रहेगा और डिजिटल सेगमेंट रिलायंस के कुल इंक्रीमेंटल EBITDA में लगभग 80% का योगदान देगा। वित्त वर्ष 2026-28 के बीच वायरलेस टैरिफ हाइक (वित्त वर्ष-2027 की दूसरी तिमाही में 15% बढ़ोतरी), वायरलेस मार्केट शेयर में बढ़त और होम्स व एंटरप्राइज सेगमेंट के विस्तार से 18% का EBITDA CAGR देखने को मिल सकता है। कैपेक्स में कमी और फ्री कैश फ्लो मोतीलाल ओसवाल ने अनुमान लगाया है कि रिलायंस का कंसोलिडेटेड EBITDA और PAT वित्त वर्ष 2026-28 के दौरान 9-10% CAGR से बढ़ेगा। डिजिटल सर्विसेज में कैपेक्स का पीक फेज अब खत्म हो चुका है, इसलिए वित्त वर्ष 2026-28 के लिए सालाना कंसोलिडेटेड कैपेक्स ₹1.25 ट्रिलियन रहने का अनुमान है। इससे लगभग ₹1 ट्रिलियन का मजबूत फ्री कैश फ्लो (FCF) जनरेट होगा और कंसोलिडेटेड नेट डेट (कर्ज) में कमी आएगी। ब्रोकरेज ने ₹1,655 का टारगेट प्राइस दिया है। नुवामा का आउटलुक और रिस्क फैक्टर्स नुवामा के अनुसार, न्यू एनर्जी बिजनेस से वित्त वर्ष 2027 से वित्तीय प्रदर्शन में बड़ा योगदान मिलना शुरू हो जाएगा। चालू हो चुके सोलर मॉड्यूल/सेल प्लांट्स की क्षमता बढ़ाकर 20GW की जा रही है, जिससे वित्त वर्ष 2026 के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 5% की बढ़त हो सकती है। रिलायंस इंटेलिजेंस (RI) और रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (RCPL) कंपनी के नए ग्रोथ इंजन होंगे। नुवामा ने ₹1,765 का टारगेट प्राइस दिया है, लेकिन साथ ही आगाह किया है कि ग्लोबल डिमांड में सुस्ती या क्षमता में बढ़ोतरी से रिफाइनिंग और केमिकल मार्जिन पर असर पड़ सकता है। क्या होता है DRHP? ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस एक शुरुआती आधिकारिक दस्तावेज होता है जिसे कोई भी कंपनी अपना IPO लाने से पहले मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास जमा करती है। इसमें कंपनी के बिजनेस, वित्तीय स्थिति और रिस्क फैक्टर्स की पूरी डिटेल होती है। EBITDA और CAGR का मतलब क्या है? EBITDA का मतलब अर्निंग बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड अमॉर्टाइजेशन होता है, जो कंपनी की कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी को दर्शाता है। CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) का इस्तेमाल एक तय अवधि में सालाना औसतन निवेश या कमाई की ग्रोथ नापने के लिए किया जाता है। ये खबर भी पढ़ें… जियो का IPO आएगा, यह देश में सबसे बड़ा: 27 करोड़ शेयर से ₹37,700 करोड़ जुटाने का प्लान; मुंबई में मेडिकल सिटी, वनतारा यूनिवर्सिटी भी बनेगी रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना बैठक, यानी AGM शुक्रवार, 19 जून को हुई। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने करीब 44 लाख शेयरहोल्डर्स को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कंपनी यूरोप और अफ्रीका के मार्केट में एंट्री कर रही है। वहीं, कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भी लाने जा रही है। अंबानी बताया कि IPO के लिए 19 जून को ही सेबी के पास ड्राफ्ट दस्तावेज (DRHP) जमा कर दिए गए हैं। कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी और IPO के जरिए करीब 4 बिलियन डॉलर यानी ₹37,700 करोड़ जुटाने की योजना है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

डॉट कॉम क्रैश से खतरनाक हो सकता है एआई बबल:दामोदरन की चेतावनी; एआई बूम में गिरावट आई तो संभलना नामुमकिन

डॉट कॉम क्रैश से खतरनाक हो सकता है एआई बबल:दामोदरन की चेतावनी; एआई बूम में गिरावट आई तो संभलना नामुमकिन

दुनियाभर की बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई की रेस में आगे निकलने के लिए ट्रिलियन (लाखों करोड़ रुफए) डॉलर का निवेश कर रही हैं। इसे इतिहास के सबसे बड़े तकनीकी निवेशों में से एक माना जा रहा है। लेकिन इस बीच कॉर्पोरेट जगत में ‘डीन ऑफ वैल्यूएशन’ के नाम से मशहूर न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के फाइनेंस प्रोफेसर अश्वथ दामोदरन ने एक बड़ी चेतावनी दी है। भारतीय-अमेरिकी मूल के प्रोफेसर दामोदरन का मानना है कि भविष्य में आने वाला एआई मार्केट करेक्शन साल 2000 के डॉट-कॉम क्रैश से भी कहीं ज्यादा दर्दनाक हो सकता है। ‘एक्सेस रिटर्न्स’ यूट्यूब चैनल पर दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी बाजार में किसी चीज को लेकर जरूरत से ज्यादा उत्साह होता है, तो उसके बाद गिरावट जरूर आती है। एआई में भी मंदी आने की पूरी आशंका है, जिसका असर केवल वॉल स्ट्रीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी सोसाइटी को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। भारी कर्ज, डिफॉल्ट और प्राइवेट कैपिटल का संकट आम जनता की जेब तक पहुंच सकता है। डॉट-कॉम एआई- इस बार जोखिम इतना बड़ा क्यों है? जानें तीन बड़ी वजह डॉट कॉम में सीमित खर्च था, लेकिन एआई में इतिहास का बड़ा निवेश अश्वथ दामोदरन ने दोनों दौर के अंतर को समझाते हुए बताया कि डॉट-कॉम के दौर में कंपनियों के पास सिर्फ वेबसाइट्स, सॉफ्टवेयर और इंटरनेट आधारित आइडिया थे। लेकिन एआई में अब तक का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च हो रहा है। इसकी तुलना 100 साल पहले के ऑटोमोबाइल बिजनेस की शुरुआत से की जा सकती है। डेटा सेंटर्स, सेमीकंडक्टर, कंप्यूटिंग पावर और भारी ऊर्जा खपत वाले सिस्टम पर भारी-भरकम पूंजी लगाई जा रही है। पूंजी का यह आकार ही सबसे बड़ा खतरा है। 2008 का सबक- कर्ज न चुका पाना सबसे ज्यादा दर्दनाक प्रोफेसर दामोदरन ने साफ किया कि वह 2008 जैसी वैश्विक आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी नहीं कर रहे हैं, पर 2008 की मंदी का टेकअवे यह है कि जब कर्ज देने वाले जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ जाते हैं और कम ब्याज दरों पर पैसा बांटते हैं, तो सुधार आने पर दर्द पूरी दुनिया को झेलना पड़ता है। यदि आप समय पर कर्ज नहीं चुकाते हैं, तो सामाजिक लागत बहुत बड़ी होती है। यह स्थिति शेयर 90% टूटने के दर्द से कहीं ज्यादा भयानक होती है। लोन के पैसे से खड़ी हो रही है एआई की इमारत, ये बड़ी चिंता डॉट-कॉम बबल जब 2000-01 में फूटा, तो टेक शेयरों की वैल्यू जरूर गिरी और निवेशकों को 70 से 90% तक का नुकसान हुआ। इसके चलते कई टेक कंपनियां पूरी तरह खत्म हो गई। लेकिन यह नुकसान सिर्फ शेयरधारकों तक सीमित रहा। बैंक और आम बिजनेस सुरक्षित रहे। इसके विपरीत, मौजूदा एआई एक्सपेंशन के लिए कर्ज लिया जा रहा है। यह बैंकों के बजाय प्राइवेट कैपिटल मार्केट्स से आ रहा है।

डॉट कॉम क्रैश से खतरनाक हो सकता है एआई बबल:दामोदरन की चेतावनी; एआई बूम में गिरावट आई तो संभलना नामुमकिन

डॉट कॉम क्रैश से खतरनाक हो सकता है एआई बबल:दामोदरन की चेतावनी; एआई बूम में गिरावट आई तो संभलना नामुमकिन

दुनियाभर की बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई की रेस में आगे निकलने के लिए ट्रिलियन (लाखों करोड़ रुफए) डॉलर का निवेश कर रही हैं। इसे इतिहास के सबसे बड़े तकनीकी निवेशों में से एक माना जा रहा है। लेकिन इस बीच कॉर्पोरेट जगत में ‘डीन ऑफ वैल्यूएशन’ के नाम से मशहूर न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के फाइनेंस प्रोफेसर अश्वथ दामोदरन ने एक बड़ी चेतावनी दी है। भारतीय-अमेरिकी मूल के प्रोफेसर दामोदरन का मानना है कि भविष्य में आने वाला एआई मार्केट करेक्शन साल 2000 के डॉट-कॉम क्रैश से भी कहीं ज्यादा दर्दनाक हो सकता है। ‘एक्सेस रिटर्न्स’ यूट्यूब चैनल पर दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी बाजार में किसी चीज को लेकर जरूरत से ज्यादा उत्साह होता है, तो उसके बाद गिरावट जरूर आती है। एआई में भी मंदी आने की पूरी आशंका है, जिसका असर केवल वॉल स्ट्रीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी सोसाइटी को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। भारी कर्ज, डिफॉल्ट और प्राइवेट कैपिटल का संकट आम जनता की जेब तक पहुंच सकता है। डॉट-कॉम एआई- इस बार जोखिम इतना बड़ा क्यों है? जानें तीन बड़ी वजह डॉट कॉम में सीमित खर्च था, लेकिन एआई में इतिहास का बड़ा निवेश अश्वथ दामोदरन ने दोनों दौर के अंतर को समझाते हुए बताया कि डॉट-कॉम के दौर में कंपनियों के पास सिर्फ वेबसाइट्स, सॉफ्टवेयर और इंटरनेट आधारित आइडिया थे। लेकिन एआई में अब तक का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च हो रहा है। इसकी तुलना 100 साल पहले के ऑटोमोबाइल बिजनेस की शुरुआत से की जा सकती है। डेटा सेंटर्स, सेमीकंडक्टर, कंप्यूटिंग पावर और भारी ऊर्जा खपत वाले सिस्टम पर भारी-भरकम पूंजी लगाई जा रही है। पूंजी का यह आकार ही सबसे बड़ा खतरा है। 2008 का सबक- कर्ज न चुका पाना सबसे ज्यादा दर्दनाक प्रोफेसर दामोदरन ने साफ किया कि वह 2008 जैसी वैश्विक आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी नहीं कर रहे हैं, पर 2008 की मंदी का टेकअवे यह है कि जब कर्ज देने वाले जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ जाते हैं और कम ब्याज दरों पर पैसा बांटते हैं, तो सुधार आने पर दर्द पूरी दुनिया को झेलना पड़ता है। यदि आप समय पर कर्ज नहीं चुकाते हैं, तो सामाजिक लागत बहुत बड़ी होती है। यह स्थिति शेयर 90% टूटने के दर्द से कहीं ज्यादा भयानक होती है। लोन के पैसे से खड़ी हो रही है एआई की इमारत, ये बड़ी चिंता डॉट-कॉम बबल जब 2000-01 में फूटा, तो टेक शेयरों की वैल्यू जरूर गिरी और निवेशकों को 70 से 90% तक का नुकसान हुआ। इसके चलते कई टेक कंपनियां पूरी तरह खत्म हो गई। लेकिन यह नुकसान सिर्फ शेयरधारकों तक सीमित रहा। बैंक और आम बिजनेस सुरक्षित रहे। इसके विपरीत, मौजूदा एआई एक्सपेंशन के लिए कर्ज लिया जा रहा है। यह बैंकों के बजाय प्राइवेट कैपिटल मार्केट्स से आ रहा है।

Asian Relay Championship 2026; India Women Beat China to Win 4x100m Gold

Asian Relay Championship 2026; India Women Beat China to Win 4x100m Gold

Hindi News Sports Asian Relay Championship 2026; India Women Beat China To Win 4x100m Gold स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने एशियन रिले चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने चीन को हराते हुए 43.85 सेकंड का सीजन-बेस्ट टाइम निकाला। इस चैंपियनशिप में भारत ने 1 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज सहित कुल 3 मेडल अपने नाम किए हैं। टीम में श्रावणी नंदा, एसएस स्नेहा, सुदेष्णा शिवंकर और तमन्ना शामिल थीं। इस चौकड़ी ने रेस के दौरान सटीक बैटन एक्सचेंज और बेहतरीन फिनिशिंग स्पीड का प्रदर्शन किया। थाईलैंड ने बॉन्ज जीता भारत ने 43.85 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। इस रेस में चीन की टीम 44.09 सेकंड के साथ दूसरे स्थान पर रही और उसने सिल्वर मेडल जीता। वहीं थाईलैंड ने 44.11 सेकंड का समय निकालकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। रिलायंस फाउंडेशन के कोच मार्टिन ओवेन्स के मार्गदर्शन में टीम ने इस रेस प्लान को सफलता के साथ पूरा किया। भारतीय टीम ने 43.85 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। तमन्ना और स्नेहा ने जीते दो-दो मेडल इस चैंपियनशिप में भारत के लिए तमन्ना और स्नेहा शानुवल्ली का व्यक्तिगत प्रदर्शन बेहतरीन रहा, जिन्होंने दो-दो मेडल के साथ अपने अभियान को समाप्त किया। महिला 4×100 मीटर में गोल्ड जीतने से पहले, इन दोनों एथलीटों ने मिक्स्ड 4×100 मीटर रिले में भी देश को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया था। मिक्स्ड टीम में इनके साथ अनिमेष कुजूर और प्रणव गुरव शामिल थे, जिन्होंने 41.27 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस इवेंट में थाईलैंड (41.14 सेकंड) पहले और चीन (41.29 सेकंड) दूसरे स्थान पर रहा। मिक्स्ड 4×400 मीटर में भारत को मिला सिल्वर भारत को टूर्नामेंट का तीसरा पदक मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले इवेंट में मिला। इस टीम में थीर्थेश पी शेट्टी, एमआर पूवम्मा, भारत श्रीधर और नीरू पाठक शामिल थे। भारतीय चौकड़ी ने 3:17.06 सेकंड के समय के साथ रेस पूरी की और सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल वियतनाम की टीम ने जीता। 4×400 मीटर रिले में भारतीय टीमों को मिली निराशा स्प्रिंट इवेंट्स में सफलता के बाद भारत को 4×400 मीटर रिले इवेंट में पदक से चूकना पड़ा। महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में एमआर पूवम्मा, रशदीप कौर, अनसा बाबू और सलोनी नागर की टीम 3:34.88 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रही। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल वियतनाम (3:31.16 सेकंड) ने जीता। वहीं, पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में थीर्थेश पी शेट्टी, अविनाश कुमार, सूरज अलगर राजा और भारत श्रीधर की टीम 3:05.33 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रही। इस रेस में भी वियतनाम की टीम ने अपना दबदबा बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता। —————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… फीफा वर्ल्ड कप में केप वर्डे का उलटफेर:2 बार के चैंपियन उरुग्वे को 2-2 पर रोका; 92 साल में मिस्र की पहली जीत फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सोमवार को ग्रुप G और ग्रुप H के मुकाबले खेले गए। ग्रुप G में मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट के इतिहास में अपनी पहली जीत दर्ज की। मिस्र अपना पहला वर्ल्ड कप 1934 में खेला था। वहीं, बेल्जियम और ईरान के बीच मैच 0-0 की बराबरी रहा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…