Asian Relay Championship 2026; India Women Beat China to Win 4x100m Gold

Hindi News Sports Asian Relay Championship 2026; India Women Beat China To Win 4x100m Gold स्पोर्ट्स डेस्क25 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने एशियन रिले चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने चीन को हराते हुए 43.85 सेकंड का सीजन-बेस्ट टाइम निकाला। इस चैंपियनशिप में भारत ने 1 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज सहित कुल 3 मेडल अपने नाम किए हैं। टीम में श्रावणी नंदा, एसएस स्नेहा, सुदेष्णा शिवंकर और तमन्ना शामिल थीं। इस चौकड़ी ने रेस के दौरान सटीक बैटन एक्सचेंज और बेहतरीन फिनिशिंग स्पीड का प्रदर्शन किया। थाईलैंड ने बॉन्ज जीता भारत ने 43.85 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। इस रेस में चीन की टीम 44.09 सेकंड के साथ दूसरे स्थान पर रही और उसने सिल्वर मेडल जीता। वहीं थाईलैंड ने 44.11 सेकंड का समय निकालकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। रिलायंस फाउंडेशन के कोच मार्टिन ओवेन्स के मार्गदर्शन में टीम ने इस रेस प्लान को सफलता के साथ पूरा किया। भारतीय टीम ने 43.85 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। तमन्ना और स्नेहा ने जीते दो-दो मेडल इस चैंपियनशिप में भारत के लिए तमन्ना और स्नेहा शानुवल्ली का व्यक्तिगत प्रदर्शन बेहतरीन रहा, जिन्होंने दो-दो मेडल के साथ अपने अभियान को समाप्त किया। महिला 4×100 मीटर में गोल्ड जीतने से पहले, इन दोनों एथलीटों ने मिक्स्ड 4×100 मीटर रिले में भी देश को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया था। मिक्स्ड टीम में इनके साथ अनिमेष कुजूर और प्रणव गुरव शामिल थे, जिन्होंने 41.27 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस इवेंट में थाईलैंड (41.14 सेकंड) पहले और चीन (41.29 सेकंड) दूसरे स्थान पर रहा। मिक्स्ड 4×400 मीटर में भारत को मिला सिल्वर भारत को टूर्नामेंट का तीसरा पदक मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले इवेंट में मिला। इस टीम में थीर्थेश पी शेट्टी, एमआर पूवम्मा, भारत श्रीधर और नीरू पाठक शामिल थे। भारतीय चौकड़ी ने 3:17.06 सेकंड के समय के साथ रेस पूरी की और सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल वियतनाम की टीम ने जीता। 4×400 मीटर रिले में भारतीय टीमों को मिली निराशा स्प्रिंट इवेंट्स में सफलता के बाद भारत को 4×400 मीटर रिले इवेंट में पदक से चूकना पड़ा। महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में एमआर पूवम्मा, रशदीप कौर, अनसा बाबू और सलोनी नागर की टीम 3:34.88 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रही। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल वियतनाम (3:31.16 सेकंड) ने जीता। वहीं, पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में थीर्थेश पी शेट्टी, अविनाश कुमार, सूरज अलगर राजा और भारत श्रीधर की टीम 3:05.33 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रही। इस रेस में भी वियतनाम की टीम ने अपना दबदबा बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता। —————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… फीफा वर्ल्ड कप में केप वर्डे का उलटफेर:2 बार के चैंपियन उरुग्वे को 2-2 पर रोका; 92 साल में मिस्र की पहली जीत फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सोमवार को ग्रुप G और ग्रुप H के मुकाबले खेले गए। ग्रुप G में मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट के इतिहास में अपनी पहली जीत दर्ज की। मिस्र अपना पहला वर्ल्ड कप 1934 में खेला था। वहीं, बेल्जियम और ईरान के बीच मैच 0-0 की बराबरी रहा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
चांदी आज ₹5,826 महंगी, ₹2.37 लाख पर पहुंची:सोने का दाम ₹1,694 बढ़ा, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1.46 लाख का हुआ

सोने-चांदी के दाम में 22 जून को तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 5,826 रुपए गिरकर 2.37 लाख रुपए पर पहुंची। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 2.32 रुपए प्रति किलो थी। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,694 रुपए गिरकर 1.46 लाख रुपए पर आ गया है। एक दिन पहले इसकी कीमत 1.44 रुपए थी। ऑल टाइम हाई से 30 हजार रुपए गिरा सोना इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 30 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक चांदी 1.49 लाख रुपए सस्ती हो गई है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
चांदी आज ₹5,826 महंगी, ₹2.37 लाख पर पहुंची:सोने का दाम ₹1,694 बढ़ा, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1.46 लाख का हुआ

सोने-चांदी के दाम में 22 जून को तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 5,826 रुपए गिरकर 2.37 लाख रुपए पर पहुंची। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 2.32 रुपए प्रति किलो थी। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,694 रुपए गिरकर 1.46 लाख रुपए पर आ गया है। एक दिन पहले इसकी कीमत 1.44 रुपए थी। ऑल टाइम हाई से 30 हजार रुपए गिरा सोना इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 30 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक चांदी 1.49 लाख रुपए सस्ती हो गई है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
FSSAI Notice 14 Food Brands Misleading Claims

Hindi News Business FSSAI Notice 14 Food Brands Misleading Claims | Organic Maida, No Added Sugar मुंबई2 घंटे पहले कॉपी लिंक FSSAI यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने 14 फूड ब्रांड्स को नोटिस जारी किया है। गलत दावें, लेबलिंग नियमों के उल्लंघन और ग्राहकों की शिकायतों के कारण ये नोटिस भेजा गया है। FSSAI ने इन सभी कंपनियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। 1. प्लक्क मैंगो फ्रूट जूस पैकेट पर “नो ऐडेड शुगर” का दावा किया गया था। जब इसके इंग्रीडिएंट लिस्ट की जांच की गई, तो उसमें 51% मैंगो पल्प और 49% गन्ने का रस शामिल होना पाया गया। 2. नेचुरल पनीर ब्रांड ने पैकेजिंग पर “नेचुरल पनीर” नाम का इस्तेमाल किया था। FSSAI ने पाया कि यह नाम फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस 2018 के शेड्यूल V के नियमों का उल्लंघन है। 3. गौर हेल्दी फूड – सिल्कन टोफू इस प्रोडक्ट पर “100% वेज” की टैगलाइन का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा पैकेट पर बिना किसी सटीक वैल्यू या मात्रा को घोषित किए “विटामिन्स से भरपूर” होने का भ्रामक दावा किया गया और “कैंसर-रोधी गुण” जैसे प्रतिबंधित चिकित्सीय दावे भी लिखे गए थे। 4. मास्टरचौ फूड्स – रैमन नूडल्स कंपनी अपने इस प्रोडक्ट की पैकेजिंग पर “100% नेचुरल” और “फ्रेशली मेड” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही थी। बाजार में इसे “हाई-क्वालिटी ऑर्गेनिक फ्लोर” से बना बताकर प्रमोट किया गया, जबकि सामग्री की सूची में यह “प्रीमियम क्वालिटी व्हाइट फ्लोर” (मैदा) पाया गया। 5. फेरैरो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड – किंडर जॉय प्रोडक्ट के पैकेट पर “मिल्क सॉलिड्स से भरपूर” (रिच इन मिल्क सॉलिड्स) का दावा किया गया था। नोटिस के अनुसार, प्रोडक्ट में इस्तेमाल की गई सामग्री की बनावट इस बात की पुष्टि नहीं करती है कि इस आइटम में मिल्क सॉलिड्स का हिस्सा सबसे मुख्य या प्रमुख है। 6. मेडिज़न लैब्स का एटम PWR व्हे XL इस व्हे प्रोटीन प्रोडक्ट पर “प्योर एंड हेल्दी” और “100% ऑथेंटिक” जैसे भ्रामक दावे करने के कारण कार्रवाई की गई है। इसके अलावा विज्ञापन में बताए गए इसके फायदे, जैसे कि “ईजी डाइजेस्ट” और “रैपिड रिकवरी” के पक्ष में कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं पाया गया। 7. सफोला टोटल हार्ट प्रो कुकिंग ऑयल इस तेल के विज्ञापन और पैकेट पर “हार्ट प्रो” जैसे शब्दों और दृश्यों का इस्तेमाल किया गया था, जो बिना किसी अनुमति के दिल की सेहत को फायदा पहुंचाने का संकेत देते हैं। पैकेट पर लिखे “गुड फैट्स बैलेंस” और “लोसॉर्ब” जैसे दावों के लिए भी कंपनी से वैज्ञानिक सबूत मांगे गए हैं। 8. ओरविले – माउंटेन बावर्ची बुरांश स्क्वैश इस प्रोडक्ट के लेबल पर बुरांश पल्प के प्रतिशत की वह अनिवार्य घोषणा नहीं की गई थी जो नियमों के तहत जरूरी है। पैकेजिंग पर बिना मंजूरी के औषधीय दावे भी लिखे पाए गए। 9. नेक्सा इंडस्ट्रीज – एल्कलाइन न्यूट्रिएंट वॉटर भारतीय खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत “एल्कलाइन न्यूट्रिएंट वॉटर” नाम का कोई भी ब्रांड नाम या कैटेगरी स्टैंडर्डाइज्ड नहीं है। इसके अलावा प्रोडक्ट पर बिना किसी मंजूरी के सेहत को फायदा पहुंचाने वाले अनधिकृत दावे भी प्रदर्शित किए गए थे। 10. रॉ प्रेसेरी – अल्फोंसो मैंगो फ्रूट ड्रिंक इस ड्रिंक के सामने के लेबल पर लिखा गया है कि इसमें नेचुरल शुगर है। हालांकि, जब इसके पीछे दी गई लिस्ट की जांच की गई, तो उसमें फ्रुक्टोज को अलग से ‘ऐडेड शुगर’ के रूप में शामिल पाया गया। 11. इन्सिप्रो गोल्ड पाउडर वैनिला इस न्यूट्रास्युटिकल प्रोडक्ट को लेकर दावा किया गया था कि इसमें 100% हाइड्रोलाइज्ड व्हे प्रोटीन, न्यूरो न्यूट्रिएंट्स और प्रोबायोटिक कंटेंट मौजूद है। FSSAI ने इन सभी दावों को संदिग्ध माना। 12. हिमालयन ऑर्गेनिक्स कोरियन जिनसेंग इस सप्लीमेंट के जरिए “एनर्जी और परफॉर्मेंस को सपोर्ट” करने का जो दावा किया जा रहा था, उसे नियामक संस्था ने भ्रामक माना है। FSSAI ने यह भी पाया कि इस सप्लीमेंट की सुझाई गई सर्विंग साइज (खुराक की मात्रा) निर्धारित सामग्री सीमाओं से काफी ज्यादा थी। 13. बीकानेरवाला सोशल मीडिया पर हाइजीन स्टैंडर्ड्स को लेकर मिली एक शिकायत के बाद FSSAI ने बीकानेरवाला को नोटिस जारी किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दुकान के चालू समय के दौरान एक कर्मचारी किचन या सर्विस एरिया के अंदर ही खाना खा रहा था। नियामक ने कंपनी को इस मामले की जांच करने, कर्मचारियों की स्वच्छता से जुड़े अपने SOP को पेश करने, किए गए सुधारात्मक कार्यों की रूपरेखा देने और एक ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ जमा करने के लिए कहा है। 14. परम डेयरी लिमिटेड IRCTC कैटरिंग सर्विसेज के जरिए सप्लाई किए जाने वाले परम डेयरी के दही और रबड़ी प्रोडक्ट्स में फंगस लगने की ग्राहक शिकायतों के बाद कंपनी जांच के घेरे में आई है। रेगुलेटर ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह अपने प्रोडक्ट्स की सोर्सिंग और इन्वेंट्री मैनेजमेंट के तौर-तरीकों की पूरी जानकारी दे, ताकि बाजार में एक्सपायर्ड सामान की बिक्री को रोका जा सके। नॉलेज पार्ट : क्या है FSS Act, 2006 और ग्राहकों के अधिकार? फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट (FSS Act), 2006 भारत में बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा तय करने वाला मुख्य कानून है। इसके तहत कोई भी कंपनी अपने फायदे के लिए ग्राहकों को गुमराह नहीं कर सकती। अगर कोई ब्रांड पैकेजिंग के आगे कुछ और लिखता है और पीछे सामग्री में कुछ और निकलता है, तो ग्राहक इसकी शिकायत कर सकते हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने और उनका लाइसेंस रद्द करने तक का प्रावधान है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
विज्ञापनों में गुपचुप बढ़ रही एआई इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका:ग्राहकों को इसकी भनक तक नहीं; कंटेंट क्रिएटर्स से अनुबंध करा रहीं कंपनियां

सोशल मीडिया पर किसी प्रोडक्ट की तारीफ करता दिखने वाला मॉडल हमेशा असली हो, यह जरूरी नहीं है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कई कंपनियां अपने उत्पादों के प्रचार के लिए एआई से बनाए गए नकली इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल कर रही हैं। ये वीडियो और तस्वीरें इस तरह तैयार की जाती हैं कि दर्शकों को लगे कि कोई असली ग्राहक अनुभव साझा कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ कंपनियां एआई कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स से नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (एनडीए) भी साइन करा रही हैं, ताकि वे इस बारे में सार्वजनिक रूप से न बताएं। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे यूजर्स के लिए असली और नकली प्रचार में फर्क करना मुश्किल हो रहा है। वहीं, उपभोक्ता संगठन पारदर्शिता की मांग कर चेतावनी दे रहे हैं कि भविष्य में ये लोगों के भरोसे का संकट बन सकता है। एआई मॉडल को देख भ्रमित होने का जोखिम जांच में कई ऐसे उदाहरण मिले जहां कंपनियों ने प्रचार में एआई से बनाए गए चेहरे इस्तेमाल किए। अमेरिका की फोटो एप ‘वंस’ के प्रचार वीडियो में दुल्हनें अपने अनुभव बताती दिखीं, जबकि विश्लेषण में उनके एआई से बने होने की आशंका जताई गई। दुबई के फैशन ब्रांड ‘एशले’ ने भी ऐसे प्रचार चित्र पोस्ट किए, जिनमें एआई की गड़बड़ियां दिखाई दीं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कंटेंट को देखकर सामान्य उपभोक्ता आसानी से भ्रमित हो सकता है। यही नहीं, इससे लोगों का उस प्रोडक्ट से भरोसा भी उठ सकता है। भारत में सख्ती, ब्रिटेन में अभी कोई स्पष्ट नियम नहीं फिलहाल ब्रिटेन में ऐसा कोई स्पष्ट नियम नहीं है जो कंपनियों को एआई से बने विज्ञापनों या इन्फ्लुएंसर्स की पहचान बताने के लिए बाध्य करे। दूसरी ओर भारत ने एआई से तैयार या संशोधित कंटेंट की पहचान को लेकर नियमों को सख्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसे कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाने और डीपफेक जैसी सामग्री पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एनडीए के जरिए छिपाया जा रहा एआई का इस्तेमाल ब्रिटेन की एआई कंटेंट निर्माता क्लैरिसा मैन्सब्रिज का दावा है कि कई बड़े ब्रांड एआई कंटेंट तैयार कराने के बाद क्रिएटर्स से एनडीए साइन कराते हैं। इससे वे सार्वजनिक रूप से नहीं बता सकते कि विज्ञापन में दिख रहे लोग असली नहीं हैं। उनका कहना है कि कंपनियों के लिए एआई कंटेंट पारंपरिक फोटोशूट की तुलना में काफी सस्ता पड़ता है।
राम मंदिर दान विवाद: एसआईटी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपेगी, विस्तृत जांच के लिए और समय मांगा

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी। सर्वाधिकार सुरक्षित। सीएनएन और सीएनएन लोगो केबल न्यूज नेटवर्क, एलपी एलएलएलपी के पंजीकृत चिह्न हैं, जिन्हें अनुमति के साथ प्रदर्शित किया गया है। NEWS18.com पर या उसके हिस्से के रूप में CNN नाम और/या लोगो का उपयोग उनके संबंध में केबल न्यूज नेटवर्क के बौद्धिक संपदा अधिकारों का हनन नहीं करता है। © कॉपीराइट नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड 2026। सर्वाधिकार सुरक्षित। (टैग्सटूट्रांसलेट)अयोध्या न्यूज टुडे(टी)अयोध्या मंदिर ट्रस्ट जांच(टी)ब्रेकिंग न्यूज भारत राजनीति(टी)दान अनियमितताएं राम मंदिर(टी)राम मंदिर विवाद अपडेट(टी)राम मंदिर दान पंक्ति(टी)राम मंदिर दान जांच(टी)राम मंदिर वित्तीय जांच अपडेट(टी)राम मंदिर फंड जांच(टी)एसआईटी प्रारंभिक रिपोर्ट अयोध्या(टी)एसआईटी रिपोर्ट अप न्यूज(टी)एसआईटी ने जांच के लिए और समय मांगा(टी)मंदिर फंड जांच इंडिया(टी)मंदिर ट्रस्ट ऑडिट इंडिया(टी)उत्तर प्रदेश एसआईटी जांच
‘वफादारी बिकाऊ है’: आदित्य ठाकरे का विद्रोही सेना (यूबीटी) सांसदों पर तीखा हमला | भारत समाचार

आखरी अपडेट:22 जून, 2026, 11:35 IST आदित्य ठाकरे ने एकनाथ शिंदे खेमे में शामिल होने के लिए छह विद्रोही शिवसेना यूबीटी सांसदों की आलोचना की, उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने वफादारी बेची और एमवीए और भारत के मतदाताओं को धोखा दिया, यूबीटी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी शिव सेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर बढ़ती अटकलों और शिवसेना (यूबीटी) के भीतर एक ताजा विद्रोह के बीच, पार्टी नेता आदित्य ठाकरे ने सोमवार को बागी लोकसभा सांसदों पर तीखा हमला किया और उन पर अपनी वफादारी बेचने और मतदाताओं के जनादेश को धोखा देने का आरोप लगाया, जिन्होंने उन्हें महा विकास अघाड़ी (एमवीए) और इंडिया ब्लॉक के बैनर तले चुना था। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के लिए तैयार हैं, जिससे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के भीतर संकट गहरा गया है और शिंदे के विद्रोह के बाद संगठन के विभाजन के लगभग चार साल बाद एक और बड़ा झटका लगा है। आदित्य ने बागी सांसदों पर बोला हमला! एक्स पर एक पोस्ट में, आदित्य ठाकरे ने सांसदों पर उस राजनीतिक मंच को छोड़ने का आरोप लगाया, जिस पर वे चुने गए थे। विद्रोहियों को संबोधित करते हुए उन्होंने लिखा कि उनके कार्यों ने एक बार फिर दिखाया है कि उनकी “वफादारी” और “प्रतिष्ठा” बिक्री के लिए उपलब्ध है। आदित्य ने कहा, “लालची सांसदों के लिए, जो आगे बढ़े हैं, आप केवल निम्नलिखित साबित करते हैं, पहले से भी अधिक मजबूत: आपकी वफादारी, आपकी प्रतिष्ठा बिक्री के लिए है। सरकार पक्षपाती है और सार्वजनिक धन को राजनीतिक रूप से धन के रूप में उपयोग करती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों ने शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) नेताओं के समर्थन से अपनी सीटें जीती थीं और एनडीए के खिलाफ एमवीए और इंडिया गठबंधन के हिस्से के रूप में प्रचार किया था। उन्होंने कहा, “जो लोग अब कूद रहे हैं वे सभी एनडीए के खिलाफ एमवीए और भारत के मंच पर चुने गए थे।” ‘मतदाताओं ने एनडीए को खारिज कर दिया’ आदित्य ने दलील दी कि बागी सांसद वैचारिक आधार पर अपने फैसले को सही नहीं ठहरा सकते. उनके मुताबिक, सभी सांसदों ने लोकसभा चुनाव के दौरान गठबंधन सहयोगियों के नेताओं से प्रचार रैलियां और समर्थन मांगा था. उन्होंने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं ने एनडीए उम्मीदवारों के बजाय इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवारों को चुना है और गठबंधन की राजनीतिक स्थिति का समर्थन किया है। उन्होंने लिखा, “मतदाताओं ने आपके निर्वाचन क्षेत्रों में एनडीए उम्मीदवारों के खिलाफ और भारत के लिए वोट किया। बस स्वीकार करें कि आपके लालच ने आपको रातों-रात, बेशर्मी से यह सब छोड़ दिया।” छह सांसद शिंदे खेमे की ओर बढ़े यह टिप्पणी तब आई जब छह सांसदों ने कथित तौर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक अलग समूह बनाने के अपने फैसले के बारे में सूचित किया और उनके एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ औपचारिक रूप से गठबंधन करने की उम्मीद है। इस घटनाक्रम को 2022 में शिंदे के नेतृत्व में विद्रोह के बाद पार्टी में एक और महत्वपूर्ण विभाजन के रूप में देखा जा रहा है। कथित तौर पर बागी सांसदों ने अपने फैसले के कारणों के रूप में कांग्रेस के साथ शिवसेना (यूबीटी) के संभावित विलय पर चिंताओं और पार्टी की मूल विचारधारा से कथित विचलन का हवाला दिया है। उद्धव खेमे की बैठक में सिर्फ तीन सांसद शामिल हुए राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, छह सांसद पार्टी व्हिप जारी होने के बावजूद दिल्ली में उद्धव ठाकरे खेमे द्वारा बुलाई गई संसदीय दल की बैठक से दूर रहे। बैठक में केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वेज़ शामिल हुए और सार्वजनिक रूप से उद्धव ठाकरे के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की। शिवसेना (यूबीटी) नेताओं ने संकेत दिया कि बैठक में शामिल नहीं होने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि कार्रवाई शुरू की जाएगी क्योंकि सांसदों ने पार्टी के आधिकारिक निर्देश की अनदेखी की है। लोकसभा सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यूबीटी नेताओं ने दी कार्रवाई की चेतावनी संजय राउत ने असंतुष्ट सांसदों की आलोचना तेज कर दी और आरोप लगाया कि राजस्थान जाने से पहले उन्हें वित्तीय प्रलोभन मिले थे। इस बीच, आदित्य ठाकरे ने पूरे प्रकरण को ”गंदी राजनीति का चौंकाने वाला उदाहरण” बताया। उन्होंने बागी सांसदों को “बेशर्म, कृतघ्न और भ्रष्ट” कहते हुए उन पर पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को धोखा देने का आरोप लगाया, जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों में उनकी जीत सुनिश्चित करने में मदद की थी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘वफादारी बिकाऊ है’: आदित्य ठाकरे का बागी सेना (यूबीटी) सांसदों पर तीखा हमला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ऑपरेशन टाइगर(टी)शिवसेना(टी)शिवसेना एमपी विद्रोही(टी)शिवसेना यूबीटी संकट(टी)आदित्य ठाकरे हमला(टी)विद्रोही शिवसेना सांसद(टी)एकनाथ शिंदे खेमा(टी)महा विकास अघाड़ी(टी)भारत गुट की राजनीति(टी)एनडीए बनाम भारत(टी)उद्धव ठाकरे गुट
रणबीर-आलिया की फिल्म 'लव एंड वॉर' के सेट पर हादसा:कारपेंटर की करंट लगने से मौत; हादसे के वक्त सेट पर थीं आलिया भट्ट

रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल की आने वाली फिल्म ‘लव एंड वॉर’ के सेट पर बड़ा हादसा हुआ है। मुंबई की फिल्म सिटी के रॉयल पंप स्टूडियो में शॉर्ट सर्किट के कारण 42 वर्षीय कारपेंटर चंद्रधारी सिंह यादव की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के समय सेट पर एक्ट्रेस आलिया भट्ट शूटिंग कर रही थीं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने भंसाली प्रोडक्शंस की तरफ से घोषित 40 लाख रुपए के मुआवजे को बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने की मांग की है ताकि मृतक के बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित हो सके। इस फिल्म का डायरेक्शन संजय लीला भंसाली कर रहे हैं। लगातार 20 घंटे काम करने का दावा FWICE के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे ने इस घटना के बाद वर्कर्स के काम के घंटों पर सवाल उठाए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स कि रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रधारी सिंह यादव हादसे से पहले लगातार तीन दिनों से बेहद कड़े शेड्यूल में काम कर रहे थे। वे सुबह 7 बजे से अगले दिन सुबह 3 बजे तक ड्यूटी पर थे। फेडरेशन का कहना है कि लगातार करीब 20 घंटे काम करने की वजह से थकावट और सुरक्षा इंतजामों में कमी इस हादसे का कारण हो सकती है। फेडरेशन ने सभी प्रोडक्शन हाउसेज से सेट पर सख्त सेफ्टी चेक्स लागू करने की मांग की है। FWICE ने की नौकरी की मांग हादसे के बाद भंसाली प्रोडक्शंस ने पीड़ित परिवार को 40 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की बात कही है। इस पर FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने बताया कि मृतक के बच्चे अभी बहुत छोटे हैं। परिवार को उनकी शिक्षा के लिए और मदद की जरूरत होगी, इसलिए मुआवजे की राशि को बढ़ाकर 500 लाख रुपए किया जाना चाहिए। इसके साथ ही फेडरेशन ने भंसाली प्रोडक्शंस से चंद्रधारी यादव की पत्नी को स्थाई आय के लिए नौकरी देने का भी आग्रह किया है। परिवार में पत्नी और दो बेटियां मृतक चंद्रधारी सिंह यादव अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़कर गए हैं। बीएन तिवारी ने टेक्नीशियन की तारीफ करते हुए कहा कि वे एक बेहद टैलेंटेड वर्कर थे और इस तरह उनका जाना पूरी इंडस्ट्री के लिए दुखद है। फेडरेशन का कहना है कि वर्कर्स के काम के घंटों को रेगुलराइज किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में थकावट के कारण होने वाली ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। जनवरी 2027 में रिलीज होगी ‘लव एंड वॉर’ संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’ इस समय बॉलीवुड की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है। यह फिल्म 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज होने वाली है। फिल्म में रणबीर कपूर, विक्की कौशल और आलिया भट्ट लीड रोल में हैं। यह साल 2022 की सफल फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ के बाद रणबीर और आलिया की एक साथ दूसरी फिल्म होगी। विक्की कौशल भी इससे पहले रणबीर के साथ ‘संजू’ और आलिया के साथ ‘राजी’ में काम कर चुके हैं। भंसाली के साथ स्टार्स का पुराना कनेक्शन इस फिल्म के जरिए रणबीर कपूर और आलिया भट्ट एक बार फिर डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के साथ काम कर रहे हैं। आलिया भट्ट ने भंसाली के साथ फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ में काम किया था, जिसके लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला था। वहीं रणबीर कपूर ने अपने करियर की शुरुआत साल 2007 में भंसाली की फिल्म ‘सांवरिया’ से की थी। लगभग दो दशक बाद रणबीर फिर से भंसाली के निर्देशन में काम कर रहे हैं।
रणबीर-आलिया कि फिल्म 'लव एंड वॉर' के सेट पर हादसा:कारपेंटर की करंट लगने से मौत; 50 लाख मुआवजा देने की मांग

रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल की आने वाली फिल्म ‘लव एंड वॉर’ के सेट पर बड़ा हादसा हुआ है। मुंबई की फिल्म सिटी के रॉयल पंप स्टूडियो में शॉर्ट सर्किट के कारण 42 वर्षीय कारपेंटर चंद्रधारी सिंह यादव की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के समय सेट पर एक्ट्रेस आलिया भट्ट शूटिंग कर रही थीं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने भंसाली प्रोडक्शंस की तरफ से घोषित 40 लाख रुपए के मुआवजे को बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने की मांग की है ताकि मृतक के बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित हो सके। इस फिल्म का डायरेक्शन संजय लीला भंसाली कर रहे हैं। लगातार 20 घंटे काम करने का दावा FWICE के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे ने इस घटना के बाद वर्कर्स के काम के घंटों पर सवाल उठाए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स कि रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रधारी सिंह यादव हादसे से पहले लगातार तीन दिनों से बेहद कड़े शेड्यूल में काम कर रहे थे। वे सुबह 7 बजे से अगले दिन सुबह 3 बजे तक ड्यूटी पर थे। फेडरेशन का कहना है कि लगातार करीब 20 घंटे काम करने की वजह से थकावट और सुरक्षा इंतजामों में कमी इस हादसे का कारण हो सकती है। फेडरेशन ने सभी प्रोडक्शन हाउसेज से सेट पर सख्त सेफ्टी चेक्स लागू करने की मांग की है। FWICE ने की नौकरी की मांग हादसे के बाद भंसाली प्रोडक्शंस ने पीड़ित परिवार को 40 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की बात कही है। इस पर FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने बताया कि मृतक के बच्चे अभी बहुत छोटे हैं। परिवार को उनकी शिक्षा के लिए और मदद की जरूरत होगी, इसलिए मुआवजे की राशि को बढ़ाकर 500 लाख रुपए किया जाना चाहिए। इसके साथ ही फेडरेशन ने भंसाली प्रोडक्शंस से चंद्रधारी यादव की पत्नी को स्थाई आय के लिए नौकरी देने का भी आग्रह किया है। परिवार में पत्नी और दो बेटियां मृतक चंद्रधारी सिंह यादव अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़कर गए हैं। बीएन तिवारी ने टेक्नीशियन की तारीफ करते हुए कहा कि वे एक बेहद टैलेंटेड वर्कर थे और इस तरह उनका जाना पूरी इंडस्ट्री के लिए दुखद है। फेडरेशन का कहना है कि वर्कर्स के काम के घंटों को रेगुलराइज किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में थकावट के कारण होने वाली ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। जनवरी 2027 में रिलीज होगी ‘लव एंड वॉर’ संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’ इस समय बॉलीवुड की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है। यह फिल्म 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज होने वाली है। फिल्म में रणबीर कपूर, विक्की कौशल और आलिया भट्ट लीड रोल में हैं। यह साल 2022 की सफल फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ के बाद रणबीर और आलिया की एक साथ दूसरी फिल्म होगी। विक्की कौशल भी इससे पहले रणबीर के साथ ‘संजू’ और आलिया के साथ ‘राजी’ में काम कर चुके हैं। भंसाली के साथ स्टार्स का पुराना कनेक्शन इस फिल्म के जरिए रणबीर कपूर और आलिया भट्ट एक बार फिर डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के साथ काम कर रहे हैं। आलिया भट्ट ने भंसाली के साथ फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ में काम किया था, जिसके लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला था। वहीं रणबीर कपूर ने अपने करियर की शुरुआत साल 2007 में भंसाली की फिल्म ‘सांवरिया’ से की थी। लगभग दो दशक बाद रणबीर फिर से भंसाली के निर्देशन में काम कर रहे हैं।
वर्ल्ड अपडेट्स:फिलीपींस के स्कूल में गोलीबारी में 3 छात्रों की मौत, हिरासत में 2 संदिग्ध

फिलीपींस के एक हाई स्कूल में सोमवार को हुई गोलीबारी में तीन छात्रों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दो लोगों ने टैकलोबान सिटी के सैन जोस नेशनल हाई स्कूल में गोलीबारी की। पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक इसी स्कूल का छात्र है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोलीबारी की वजह क्या थी और हमलावरों ने इस घटना को क्यों अंजाम दिया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्कूल और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और शुरुआती पूछताछ के आधार पर घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।








