Wednesday, 24 Jun 2026 | 09:08 AM

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बागी सांसद संकट के बीच उद्धव ठाकरे ने विधायकों और विधान पार्षदों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की | अंदर का विवरण

बागी सांसद संकट के बीच उद्धव ठाकरे ने विधायकों और विधान पार्षदों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की | अंदर का विवरण

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी। सर्वाधिकार सुरक्षित। सीएनएन और सीएनएन लोगो केबल न्यूज नेटवर्क, एलपी एलएलएलपी के पंजीकृत चिह्न हैं, जिन्हें अनुमति के साथ प्रदर्शित किया गया है। NEWS18.com पर या उसके हिस्से के रूप में CNN नाम और/या लोगो का उपयोग उनके संबंध में केबल न्यूज नेटवर्क के बौद्धिक संपदा अधिकारों का हनन नहीं करता है। © कॉपीराइट नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड 2026। सर्वाधिकार सुरक्षित। (टैग्सटूट्रांसलेट)आदित्य ठाकरे(टी)ब्रेकिंग न्यूज महाराष्ट्र(टी)सीएनएन-न्यूज18 एक्सक्लूसिव(टी)देवेंद्र फड़नवीस(टी)एकनाथ शिंदे(टी)एकनाथ शिंदे न्यूज(टी)महाराष्ट्र विधानसभा राजनीति(टी)महाराष्ट्र न्यूज(टी)महाराष्ट्र राजनीतिक संकट(टी)महाराष्ट्र राजनीति(टी)ऑपरेशन टाइगर(टी)राजनीतिक घटनाक्रम महाराष्ट्र(टी)बागी एमपीएस(टी)बागी एमपीएस प्रेस कॉन्फ्रेंस(टी)संजय राउत(टी)शिवसेना समाचार(टी)शिवसेना विभाजन(टी)शिवसेना यूबीटी(टी)यूबीटी संकट(टी)उद्धव की विधायकों से मुलाकात(टी)उद्धव की एमएलसी से मुलाकात(टी)उद्धव ठाकरे

Rajasthan PTI Bharti Cancelled | Exam Postponed to 2027

Rajasthan PTI Bharti Cancelled | Exam Postponed to 2027

8 मिनट पहले कॉपी लिंक राजस्थान में सरकारी स्कूलों में पीटीआई (फिजिकल एजुकेशन टीचर) बनने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल पीटीआई भर्ती परीक्षा सितंबर 2026 में होना थी। लेकिन भर्ती नियमों से जुड़े मुद्दों के कारण अब इसे रद्द कर दिया गया है। इस एग्जाम के अप्रैल 2027 में आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है। साल 2027 में एग्जाम की संभावना राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने स्पष्ट किया है कि पीटीआई भर्ती परीक्षा अब 13 सितंबर 2026 को आयोजित नहीं की जाएगी। बोर्ड के अनुसार भर्ती नियमों से जुड़े कुछ मुद्दों पर अभी स्पष्टीकरण लिया जाना बाकी है, जिसके कारण भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने में देरी हो रही है। ऐसे में परीक्षा का आयोजन अब वर्ष 2027 में किए जाने की संभावना है। उम्मीदवारों की चिंता बढ़ी भर्ती प्रक्रिया में देरी से उम्मीदवारों के सामने आयु सीमा, तैयारी की अवधि और रोजगार के अवसरों को लेकर चिंता बढ़ गई है। उम्मीदवार पिछले कई सालों से भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन बार-बार परीक्षा आगे बढ़ने और अब इस साल रद्द होने से निराशा बढ़ रही है। RSSB के अध्यक्ष आलोक राज ने दी जानकारी RSSB के अध्यक्ष आलोक राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी शेयर करते हुए बताया कि पीटीआई भर्ती का विज्ञापन नियमों से संबंधित आवश्यक स्पष्टता मिलने के बाद ही जारी की जाएगी। मौजूदा स्थिति को देखते हुए परीक्षा 2026 में आयोजित होना संभव नहीं है। बोर्ड अब अप्रैल 2027 में परीक्षा कराने का प्रयास करेगा। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड प्रदेश में करीब 900 पीटीआई पदों पर भर्ती की तैयारी कर रहा है। भर्ती के लिए एलजिबिलिटी : पीटीआई भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है। इसके अलावा शारीरिक शिक्षा में बी.पी.एड., डी.पी.एड. या सी.पी.एड. डिग्री भी होना चाहिए। एज लिमिट : इस भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 18 साल और अधिकतम आयु 40 साल है। आयु की गिनती 1 जनवरी 2027 के आधार पर होगी। वहीं OBC, SC, ST, EWS और महिला उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। PTI भर्ती से जुड़ी खास बातें: PTI का मुख्य कार्य स्कूलों में खेलकूद, शारीरिक शिक्षा और फिटनेस एक्टिविटी का सचांलना करना होता है। अधिकांश राज्यों में PTI भर्ती के लिए 12वीं के साथ D.P.Ed./C.P.Ed. या ग्रेजुएशन के साथ B.P.Ed. जैसी योग्यता मांगी जाती है। सिलेक्शन प्रोसेस में रिटन एग्जाम, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेरिट शामिल है। कई राज्यों में PTI भर्ती के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की शर्त भी लागू हो सकती है। राजस्थान की PTI भर्ती-2022 में फर्जी B.P.Ed. डिग्रियों और डमी कैंडिडेट्स के इस्तेमाल के आरोप सामने आए, जिसके बाद जांच शुरू हुई और कई नियुक्तियों पर कार्रवाई हुई। जांच में सैकड़ों उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट्स में अनियमितताएं मिलने के बाद कई चयनित उम्मीदवारों की नियुक्तियां रोक दी गईं। राजस्थान में फर्जी खेल प्रमाणपत्रों के जरिए नौकरी हासिल करने के मामलों में भी गिरफ्तारियां हुई हैं। पंजाब में 2025 में घोषित 2,000 PTI शिक्षकों की भर्ती को बाद में सरकार ने वापस ले लिया था। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डॉ्क्यूमेंट वेरिफिकेशन, डिग्री जांच और डिजिटल रिकॉर्ड मिलान की प्रोसेस लगातार सख्त की जा रही है। ————– ये खबरें भी पढ़ें… QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 जारी: टॉप 100 में एक भी भारतीय यूनिवर्सिटी नहीं, भारत में IIT दिल्ली टॉप पर, DU-JNU की रैकिंग सुधरी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 जारी हो गई है। इस रैंकिंग द्वारा जारी टॉप 100 यूनिवर्सिटी की रैंकिंग में एक भी भारत का संस्थान शामिल नहीं हो सका है। वहीं टॉप 200 की लिस्ट में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली ने एक बार फिर भारत के सबसे अच्छे एजुकेशन और रिसर्च संस्थान के तौर पर अपनी जगह बनाई है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

स्पोर्ट्स अपडेट- इंग्लैंड के 12 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप पॉइंट कटे:50% जुर्माना भी लगा; बच्चे के जन्म के लिए फुटबॉल वर्ल्डकप छोड़ने पर विवाद

स्पोर्ट्स अपडेट- इंग्लैंड के 12 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप पॉइंट कटे:50% जुर्माना भी लगा; बच्चे के जन्म के लिए फुटबॉल वर्ल्डकप छोड़ने पर विवाद

इंग्लैंड को न्यूजीलैंड के खिलाफ द ओवल टेस्ट में धीमी ओवर गति का खामियाजा भुगतना पड़ा है। टीम के 12 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) पॉइंट्स काट दिए गए हैं। साथ ही खिलाड़ियों पर मैच फीस का 50% जुर्माना भी लगाया गया है। इंग्लैंड की टीम तय समय से 12 ओवर पीछे पाई गई। WTC नियमों के अनुसार हर ओवर की कमी पर एक अंक काटा जाता है। यानी इंग्लैंड ने उतने ही अंक गंवाए जितने एक टेस्ट जीतने पर मिलते हैं। दूसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 253 रन से हराया। तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर है और आखिरी मुकाबला 25 जून से ट्रेंट ब्रिज में खेला जाएगा। फिलहाल इंग्लैंड WTC पॉइंट्स टेबल में 38 अंकों और 26.39 प्रतिशत के साथ सातवें स्थान पर है। बच्चे के जन्म के लिए वर्ल्ड कप छोड़ने पर विवाद बेल्जियम के विंगर जेरेमी डोकू के पहले बच्चे के जन्म के समय मौजूद रहने के लिए 2026 वर्ल्ड कप से हटने के फैसले पर विवाद खड़ा हो गया। ल’इक्विप टीवी चैनल की जर्नलिस्ट फ्रांस पियरॉन ने उनके फैसले की आलोचना की, जिसके बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी। पियरॉन ने कहा था कि वर्ल्ड कप खेलना एक दुर्लभ मौका होता है और सैकड़ों खिलाड़ी इसकी जगह लेना चाहेंगे। उन्होंने बच्चे के जन्म के समय पिता की मौजूदगी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां पिता का कोई खास काम नहीं होता और वह सिर्फ एक एक्स्ट्रा की तरह होता है। प्रेग्नेंसी के बाद महिला खिलाड़ियों की वापसी आसान होगी ICC ने महिला क्रिकेटरों के लिए रिटर्न टू प्ले पोस्ट-प्रेग्नेंसी गाइडलाइंस जारी की हैं। इसके तहत सदस्य बोर्डों को खिलाड़ियों की प्रेग्नेंसी, बच्चे के जन्म और क्रिकेट में वापसी के दौरान मेडिकल, ट्रेनिंग, चाइल्डकेयर और यात्रा संबंधी सहायता उपलब्ध कराने की सिफारिश की गई है। नई गाइडलाइन में ‘रेडी, रिव्यू, रिस्टोर, रिकंडीशन, रिटर्न और रिफाइन’ मॉडल शामिल है। ICC ने हर खिलाड़ी के लिए एक केस मैनेजर नियुक्त करने, मेडिकल टीम की निगरानी और खिलाड़ी की जरूरतों के मुताबिक वापसी की योजना बनाने पर जोर दिया है। ऑस्ट्रेलिया महिला टीम की डॉक्टर फिलिपा इंगे ने कहा कि मां बनना किसी खिलाड़ी के करियर का अंत नहीं है। वहीं वेस्टइंडीज की स्पिनर फ्लेचर ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों को परिवार और क्रिकेट दोनों को साथ लेकर चलने का मौका मिलेगा।

मूंग दाल वड़ा रेसिपी: सादा नहीं, घर में मिनटों में क्रिस्पी मूंग दाल वड़ा,बनाना भी है आसान

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 कप ढीली मूंग दाल, 2 हरी मिर्च, 1 टुकड़ा अदरक, 1 प्याज, हरा धनिया, 1/2 छोटा धनिया, 1 चुटकी हींग, 1/2 छोटा लाल मिर्च पाउडर, स्वाद नमक, तेल छवि: एआई सबसे पहले मूंग दाल को अच्छी तरह धोकर 4 घंटे में पानी में डूबा कर लें। इसके बाद दाल का पानी निकाल लें और इसे पीसकर दरदरा पीस लें। ध्यान रखें कि पेस्ट सबसे ज्यादा पतला न हो, केवल वडे कुरकुरे लगाए। छवि: सोशल मीडिया अब इस मिश्रण में मसाला प्याज, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, जीरा, हींग, लाल मिर्च पाउडर और नमक का मिश्रण अच्छा मिला लें। एक कड़ाही में तेल गरम करें। छवि: एआई हाथों को हिलाएं और तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे वड़े बनाकर गर्म तेल में डालें। मध्यम कोण पर उदाहरण दोनों तरफ से सोना और कुरकुरा होने तक तलें। जब वड्डे निकले पाक, तो इक्यावन प्लेट में निकाला लें। छवि: एआई गरमा-गरम मूंग दाल वड़े को हरी चटनी, इमली की चटनी या टमाटर के साथ गर्म बेचें। फ़्राईड तो ऊपर से थोड़ा सा मसाला मसाला मसाले का स्वाद और भी बढ़ाया जा सकता है। छवि: एआई दाल को ज्यादा महीन न पीसें, इससे वडे कुरकुरे बने रहते हैं। मिश्रण में थोड़ा सा चावल का आटा मिलाने से बड़े और ज्यादा कुरकुरे हो जाते हैं. छवि: सोशल मीडिया तेल बहुत ज्यादा गर्म या ठंडा न हो, अन्य वड़े अंदर से कच्चा रह सकते हैं। यदि आप उपकरण विकल्प चाहते हैं, तो कृपया एयर फ्रायर में भी बना सकते हैं। छवि: एआई

FIFA World Cup fever even in space

FIFA World Cup fever even in space

न्यूयॉर्क15 मिनट पहले कॉपी लिंक स्पेस में फुटबॉल खेलते हुए अंतरिक्ष यात्री।- फाइल फोटो फीफा विश्व कप 2026 के बीच अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में अंतरिक्ष यात्रियों ने फुटबॉल खेला है जिसका वीडियो सामने आया है। नासा के अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर, क्रिस विलियम्स, जैक हैथवे और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) की अंतरिक्ष यात्री सोफी एडेनोट ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में फुटबॉल खेलकर फीफा वर्ल्ड कप सेलिब्रेट किया। वीडियो में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में तीन अलग-अलग फुटबॉल घूमते हुए दिखे। अंतरिक्ष यात्रियों ने कहा, ‘आप चाहे किसी भी टीम का समर्थन करें, पूरे दिल से चीयर करें। हम यहां ऊपर तक आपका उत्साह सुनना चाहते हैं।’ स्पेस पहुंची ट्रिओंडा बॉल ट्रिओंडा को खेल सामान बनाने वाली कंपनी एडिडास ने तैयार किया है। फीफा के अनुसार, इसका नाम स्पेनिश भाषा के शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ ‘तीन लहरें’ होता है. यह नाम इसलिए चुना गया क्योंकि 2026 का वर्ल्ड कप पहली बार तीन देशों कनाडा, मेक्सिको और अमेरिका की संयुक्त मेजबानी में खेला जा रहा है। गेंद में लाल, हरा और नीला रंग इस्तेमाल किया गया है, जो इन तीनों देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसकी बनावट भी खास है, जिसमें चार पैनल मिलकर एक त्रिकोणीय आकार बनाते हैं, गेंद में गहरे सीम और उभरी हुई सतह दी गई है, जिससे बारिश या गीले मौसम में भी खिलाड़ियों को बेहतर पकड़ मिलती है और गेंद की उड़ान अधिक स्थिर रहती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

FIFA World Cup fever even in space

FIFA World Cup fever even in space

न्यूयॉर्क50 मिनट पहले कॉपी लिंक स्पेस में फुटबॉल खेलते हुए अंतरिक्ष यात्री।- फाइल फोटो फीफा विश्व कप 2026 के बीच अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में अंतरिक्ष यात्रियों ने फुटबॉल खेला है जिसका वीडियो सामने आया है। नासा के अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर, क्रिस विलियम्स, जैक हैथवे और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) की अंतरिक्ष यात्री सोफी एडेनोट ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में फुटबॉल खेलकर फीफा वर्ल्ड कप सेलिब्रेट किया। वीडियो में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में तीन अलग-अलग फुटबॉल घूमते हुए दिखे। अंतरिक्ष यात्रियों ने कहा, ‘आप चाहे किसी भी टीम का समर्थन करें, पूरे दिल से चीयर करें। हम यहां ऊपर तक आपका उत्साह सुनना चाहते हैं।’ स्पेस पहुंची ट्रिओंडा बॉल ट्रिओंडा को खेल सामान बनाने वाली कंपनी एडिडास ने तैयार किया है। फीफा के अनुसार, इसका नाम स्पेनिश भाषा के शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ ‘तीन लहरें’ होता है. यह नाम इसलिए चुना गया क्योंकि 2026 का वर्ल्ड कप पहली बार तीन देशों कनाडा, मेक्सिको और अमेरिका की संयुक्त मेजबानी में खेला जा रहा है। गेंद में लाल, हरा और नीला रंग इस्तेमाल किया गया है, जो इन तीनों देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसकी बनावट भी खास है, जिसमें चार पैनल मिलकर एक त्रिकोणीय आकार बनाते हैं, गेंद में गहरे सीम और उभरी हुई सतह दी गई है, जिससे बारिश या गीले मौसम में भी खिलाड़ियों को बेहतर पकड़ मिलती है और गेंद की उड़ान अधिक स्थिर रहती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

शिवसेना यूबीटी में फूट के बीच उद्धव ठाकरे ने आवास पर मुख्य बैठक की अध्यक्षता की | न्यूज18

शिवसेना यूबीटी में फूट के बीच उद्धव ठाकरे ने आवास पर मुख्य बैठक की अध्यक्षता की | न्यूज18

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी। सर्वाधिकार सुरक्षित। सीएनएन और सीएनएन लोगो केबल न्यूज नेटवर्क, एलपी एलएलएलपी के पंजीकृत चिह्न हैं, जिन्हें अनुमति के साथ प्रदर्शित किया गया है। NEWS18.com पर या उसके हिस्से के रूप में CNN नाम और/या लोगो का उपयोग उनके संबंध में केबल न्यूज नेटवर्क के बौद्धिक संपदा अधिकारों का हनन नहीं करता है। © कॉपीराइट नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड 2026। सर्वाधिकार सुरक्षित। (टैग्सटूट्रांसलेट)आदित्य ठाकरे(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)दलबदल अफवाहें(टी)एकनाथ शिंदे(टी)भारतीय राजनीति(टी)महाराष्ट्र राजनीति(टी)मातोश्री(टी)एमएलए स्विच(टी)एमपी दलबदल(टी)न्यूज18(टी)ऑपरेशन टाइगर(टी)संजय राउत(टी)शिवसेना विभाजन(टी)शिव सेना यूबीटी(टी)शिवसेना यूबीटी संकट(टी)यूबीटी संकट(टी)यूबीटी विभाजन(टी)यूबीटी विभाजन मेल्टडाउन(टी)उद्धव(टी)उद्धव बैठक(टी)उद्धव निवास बैठक(टी)उद्धव ठाकरे

Endured poverty, wandered from door to door, now became the ‘Athlete of the Century’

Endured poverty, wandered from door to door, now became the 'Athlete of the Century'

Hindi News Sports Endured Poverty, Wandered From Door To Door, Now Became The ‘Athlete Of The Century’ न्यूयॉर्क6 मिनट पहले कॉपी लिंक जेम्स ने एक साक्षात्कार में बताया कि चौथी कक्षा में वे सौ दिन तक स्कूल नहीं जा पाए। -फाइल फोटो दुनिया के महानतम बॉस्केटबॉल खिला​ड़ियों में शुमार लेब्रॉन जेम्स आज कॅरिअर के शिखर पर हैं, लेकिन उनका जीवन बड़े अभावों से भरा रहा है। हाल ही टाइम मैगजीन ने उन्हें कवर पेज पर स्थान देकर “एथलीट ऑफ सेंचुरी’ बताया है। जानते हैं उनकी संघर्ष से सफलता की कहानी… “किंग जेम्स’ के नाम से मशहूर लेब्रॉन को जीवन के संघर्ष जन्म से ही मिले। अमेरिका के एक्रोन शहर में 30 दिसंबर 1984 को जन्मे लेब्रॉन की मां ग्लोरिया जेम्स महज 16 साल की सिंगल मदर थीं। लेब्रॉन के जन्म से पहले ही उनके पिता परिवार छोड़ कर चले गए थे। ऐसे में उन्हें कभी भी पिता का प्यार नसीब नहीं हुआ। लेब्रॉन अपनी मां के साथ नानी के घर रहते थे। मां के पास आय का कोई साधन नहीं होने के कारण उनका बचपन अत्यंत गरीबी के हालात में गुजरा। संघर्ष – परवरिश के लिए मां ने दूसरों को सौंपा, नस्लभेद का शिकार भी बने जेम्स 5 साल के थे तो प्रशासन ने उनकी नानी का घर जर्जर बता कर गिरा दिया। मां-बेटे के पास कोई ठिकाना नहीं था। वे रिश्तेदारों, दोस्तों के घरों में रहते थे। 5 से 9 साल की उम्र में जेम्स और उनकी मां को एक दर्जन मकान बदलने पड़े। जेम्स ने एक साक्षात्कार में बताया कि चौथी कक्षा में वे सौ दिन तक स्कूल नहीं जा पाए। बेटे की परवरिश लायक पैसे नहीं थे तो मजबूरन मां ने नौ साल के जेम्स को अपने परिचित फुटबॉल कोच फ्रैंकी वॉकर को सौंप दिया। उन्हें कई वर्ष मां से दूर रहकर बिताने पड़े। करिअर में जेम्स को नस्लभेद भी झेलना पड़ा। मैदान में उनके रंग पर टिप्पणी की जाती थीं। 2017 में उनके घर की दीवारों पर नस्लभेदी शब्द लिखे गए। जेम्स ने सार्वजनिक बयान में कहा, आप भले ही कितने ही मशहूर हों, लेकिन अमेरिका में अश्वेत होना मुश्किल भरा है। शुरुआत – हाई स्कूल टूर्नामेंटों से बनी पहचान, एनबीए टीम का अनुबंध मिला कोच वॉकर ने जेम्स की कद-काठी देख कर उन्हें बॉस्केटबॉल से परिचित कराया। जल्द ही जेम्स स्कूल टीम से खेलने लगे। हाई स्कूल टूर्नामेंटों में उनका प्रदर्शन इतना दमदार रहा कि उन्हें तीन बार “ओहायो मिस्टर बॉस्केटबॉल’ चुना गया। उनकी ख्याति ओर प्रदर्शन देख कर 2003 में क्लीवलैंड कैवेलियर्स टीम ने उनसे एनबीए के लिए पहला अनुबंध किया। सफलता – ओलंपिक और एनबीए खिताब जीते, गरीब बच्चों को देते हैं फ्री शिक्षा जेम्स तीन बार ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के कप्तान रहे हैं। चार एनबीए चैम्पियनशिप जीत कर वे ऑल टाइम लीडिंग स्कोरर बने हैं। जेम्स की सामाजिक संस्था आई प्रॉमिस स्कूल के जरिए गरीब बच्चों को फ्री शिक्षा और कॉलेज स्कॉलरशिप देती है। उनकी खुद की फिल्म निर्माण कंपनी है, जबकि कई स्पोर्ट्स ब्रांड के साथ उनके अनुबंध हैं। उनकी नेटवर्थ 1.4 बिलियन डॉलर बताई जाती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

अभी-अभी: राजनीतिक चर्चा के बीच सेना के बागी सांसदों ने एकनाथ शिंदे से उनके आवास पर मुलाकात की

अभी-अभी: राजनीतिक चर्चा के बीच सेना के बागी सांसदों ने एकनाथ शिंदे से उनके आवास पर मुलाकात की

बागी शिवसेना सांसद इस समय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके आवास पर मुलाकात कर रहे हैं, जिससे नई राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। यह हाई-प्रोफाइल बैठक शिवसेना (यूबीटी) गुट के भीतर चल रहे तनाव और आंतरिक पुनर्गठन की खबरों के बीच हो रही है। बैठक के नतीजे पर अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है। n18oc_politics n18oc_breaking-news

RAS Mains 2024 Answer Book View & Download

RAS Mains 2024 Answer Book View & Download

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा- 2024 (RAS) के कैंडिडेट्स अपनी आंसर-बुक देख सकेंगे। आयोग ने आंसर-बुक ऑनलाइन देखने और डाउनलोड करने का अवसर दिया है। इसके लिए कैंडिडेट्स 6 जुलाई से आवेद . आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने बताया- जो अभ्यर्थी अपनी उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन करना चाहते हैं, वे 6 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया आवेदन के लिए ​अभ्यर्थी को आयोग की वेबसाइट पर कैंडिडेट इनफॉर्मेशन में जाकर आरएएस एग्जाम 2024 के लिंक पर क्लिक कर रोल नंबर, आवेदन क्रमांक और जन्म तिथि के माध्यम से ओटीपी प्राप्त कर लॉगिन करना होगा। ​प्रत्येक आंसर-बुक के लिए प्रति पुस्तिका 50 रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। ​शुल्क भुगतान के लिए लिंक 10 अगस्त से 9 सितंबर 2026 तक सक्रिय रहेगा। भुगतान के बाद अभ्यर्थी 12 सितंबर 2026 तक अपनी कॉपियां डाउनलोड कर सकेंगे। 12 सितंबर 2026 की रात 12:00 बजे के बाद आंसर-बुक पोर्टल से हटा दी जाएंगी। ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल या किसी अन्य माध्यम से किए गए आवेदन मान्य नहीं होंगे। आरएएस-2026 का आवेदन प्रोसेस जारी, 3 जुलाई लास्ट डेट राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के 607 पदों के लिए आवेदन 4 जून से जारी हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 3 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद शामिल हैं। 1 जनवरी 2027 को अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। —– यह खबर भी पढ़िए… RAS में आधा नंबर से टॉपर बने दिनेश विश्नोई:9वें स्थान पर रहे भूपेन्द्र के इन्टरव्यू में सबसे ज्यादा नंबर; पहले प्रयास में 23 साल की शालू सिलेक्ट राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा-2024 का रिजल्ट आरपीएससी ने जारी कर दिया। वैकेंसी निकालने से लेकर फाइनल रिजल्ट तक के सफर में इस बार महज 1 साल 7 महीने और 17 दिन का ही समय लगा। पढ़ें पूरी खबर…