निरहुआ की एंट्री से बढ़ेंगी मुश्किलें:झोलाछाप डॉक्टर, बदलता गांव और सिस्टम की चुनौतियां… ‘ग्राम चिकित्सालय 2’ को लेकर अमोल-आकांक्षा ने खोले राज

वेब सीरीज ‘ग्राम चिकित्सालय सीजन 2’ इस बार सिर्फ गांव और स्वास्थ्य व्यवस्था की कहानी नहीं, बल्कि सिस्टम, भरोसे और बदलाव को भी दिखाएगी। दैनिक भास्कर से बातचीत में अमोल पराशर, आकांक्षा रंजन कपूर और दिनेश लाल यादव निरहुआ ने अपने किरदारों, गांव की चुनौतियों और सीजन के नए ट्विस्ट पर बात की। अमोल ने बताया कि प्रभात अपने सिद्धांतों और जमीनी सच्चाई के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेगा। आकांक्षा ने महिला स्वास्थ्य और बदलाव की जरूरत पर बात की। निरहुआ ने गांव की हकीकत और जागरूकता की अहमियत बताई। सवाल: पहले सीजन की सफलता के बाद सीजन 2 में कितनी जिम्मेदारी बढ़ गई? जवाब/अमोल पराशर: जब कोई सीजन हिट होता है तो सबसे ज्यादा जिम्मेदारी लेखक और निर्देशक पर होती है, क्योंकि उन्हें कहानी को नया भी रखना होता है और पुराने सीजन से जोड़कर आगे बढ़ाना होता है। हमारे लिए चुनौती होती है कि पहले सीजन के किरदार की बॉडी लैंग्वेज, सोच और अंदाज को फिर से पकड़कर बेहतर तरीके से निभाएं। सवाल: गांव के माहौल और अपने किरदार को समझने के लिए आपने क्या तैयारी की? जवाब/आकांक्षा रंजन कपूर: सीजन 1 में ज्यादा तैयारी करनी पड़ी थी, लेकिन सीजन 2 तक किरदार समझ में आ चुका था। डायरेक्टर ने डायलॉग, बोलने का तरीका और किरदार को जमीन से जुड़ा रखने में मदद की। गांव का माहौल मेरे लिए नया नहीं था क्योंकि मेरे पिता हरियाणा से हैं। सवाल: इस बार दर्शकों को क्या नया देखने मिलेगा? जवाब/दिनेश लाल यादव निरहुआ: मैं पहले सीजन का दर्शक था और मुझे वह बहुत पसंद आया था। इस बार मैं कहानी में थोड़ा ट्विस्ट लेकर आया हूं। गांव की समस्याओं के पीछे सिर्फ सामने दिखने वाले लोग नहीं होते, कई बार पर्दे के पीछे बैठे लोग भी चीजें कंट्रोल कर रहे होते हैं। यही इस सीजन का दिलचस्प हिस्सा है। सवाल: प्रभात और गार्गी के रिश्ते में क्या बदलाव दिखेगा? जवाब/अमोल पराशर: अब दोनों सिर्फ हाय-हैलो वाले दोस्त नहीं रहे। वे एक-दूसरे को बेहतर समझते हैं, इसलिए बहस भी करते हैं और मदद भी करते हैं। असली जिंदगी की दोस्ती की तरह इस रिश्ते में भी कई रंग देखने को मिलेंगे। सवाल: अगर असल जिंदगी में गांव में डॉक्टर बनकर जाना पड़े तो क्या करेंगी? जवाब/आकांक्षा रंजन कपूर: मैं महिलाओं की हेल्थ, मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा पर काम करना चाहूंगी। मुझे लगता है कि गांवों में इस दिशा में अभी बहुत बदलाव की जरूरत है। सवाल: शो में सिद्धांत और हालात के बीच कितना संघर्ष देखने मिलेगा? जवाब/अमोल पराशर: प्रभात ऐसा इंसान है जो अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करता। पहले सीजन में उसने सीखा कि सिर्फ पढ़ाई और काबिलियत से काम नहीं चलता, लोगों का भरोसा भी जीतना पड़ता है। इस बार वह अपने तरीके बदलने की कोशिश करेगा, लेकिन अपने उसूल नहीं छोड़ेगा। यही उसकी ताकत और मुश्किलें भी पैदा करती है। सवाल: क्या इस बार सिस्टम और डॉक्टर के बीच टकराव भी दिखेगा? जवाब/दिनेश लाल यादव निरहुआ: गांवों में कई बार जहां अच्छे डॉक्टर नहीं पहुंचते, वहां झोलाछाप डॉक्टर लोगों की मदद करते दिखते हैं। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब मदद और गलत तरीके के बीच की सीमा खत्म होने लगती है। इसी टकराव को इस सीजन में दिखाया गया है। सवाल: क्या आपने असल जिंदगी में ऐसे लोगों को देखा है जो अच्छी पढ़ाई के बाद समाज के लिए काम कर रहे हों? जवाब/अमोल पराशर: हां, मैंने ऐसे कई लोगों को देखा है। मेरे साथ पढ़े कुछ लोगों ने बड़ी नौकरी छोड़कर समाज के लिए काम चुना। मेरे एक जूनियर ने किसानों के लिए काम शुरू किया और टेक्नोलॉजी के जरिए उनकी मदद कर रहा है। ऐसे लोग बहुत हैं, लेकिन वे ज्यादा चर्चा में नहीं आते। सवाल: क्या आपको भी ऐसे लोग मिले हैं जो बिना चर्चा के समाज के लिए काम करते हों? जवाब/आकांक्षा रंजन कपूर: मैं जानवरों के लिए काम करने वाले कई लोगों से मिली हूं। बहुत लोग अपनी नौकरी के साथ समाज के लिए भी काम करते हैं। मेरी मां भी एक एनजीओ चलाती हैं, जो रेप और एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद करता है। मुझे लगता है दुनिया में इंसानियत बहुत है, बस उसकी चर्चा कम होती है। सवाल: बचपन में किसी ग्राम चिकित्सक या झोलाछाप डॉक्टर से जुड़ा कोई अनुभव रहा? जवाब/दिनेश लाल यादव निरहुआ: बचपन का एक किस्सा आज भी याद है। एक छोटे बच्चे को इंजेक्शन लगाया जा रहा था और दवा बाहर निकल गई। जब परिवार ने पूछा तो डॉक्टर ने कहा कि ‘जितनी गिरी है, उतना भी फायदा करेगी।’ ऐसे अनुभव बताते हैं कि बिना सही जानकारी के इलाज कितना खतरनाक हो सकता है। सवाल: क्या आज गांवों की स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव दिखता है? जवाब/आकांक्षा रंजन कपूर: हाल ही में मुझे सरकारी अस्पताल जाने का मौका मिला। मैं थोड़ा डरी हुई थी, लेकिन वहां सफाई, व्यवस्था और डॉक्टरों का व्यवहार देखकर अच्छा लगा। पूरा अनुभव व्यवस्थित था और मेरी सोच भी बदली। दिनेश लाल यादव निरहुआ: आज गांवों में काफी बदलाव आया है। जागरूकता बढ़ रही है और ऐसे शो लोगों तक जरूरी बातें पहुंचाने में मदद करते हैं।
Gold Silver Price Drop Today

नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमतों में आज 23 जून को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 10,566 रुपए घटकर 2.27 लाख रुपए पर आ गई है, जो सोमवार को 2.37 लाख रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,522 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 22 जून को यह 1.47 लाख पर था। सोना इस महीने 10,748 रुपए और चांदी 36,015 रुपए सस्ती हुई है। 1 जून को सोना ₹1.56 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹3.63 लाख/किलो थी। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। ऑल टाइम हाई से 1.59 लाख रुपए गिरी चांदी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 31,333 रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 145 दिन में चांदी 1.59 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमतों में आज 23 जून को गिरावट आई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 10,566 रुपए घटकर 2.27 लाख रुपए पर आ गई है, जो सोमवार को 2.37 लाख रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,522 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 22 जून को यह 1.47 लाख पर था। सोना के दाम इस महीने 10,748 रुपए और चांदी के 36,015 रुपए गिरे हैं। 1 जून को सोना ₹1.56 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹3.63 लाख/किलो थी। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। चांदी इस साल 1.59 लाख रुपए गिरी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 31,333 रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 145 दिन में चांदी 1.59 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
अमेरिकी महिलाओं में नेचुरल डायमंड का मोह बढ़ा:18,500 महिलाओं पर स्टडी, 11% की पहली पसंद प्राकृतिक ज्वेलरी; औसत खरीदी बढ़कर 3.49 लाख पहुंची

अमेरिका में 18,500 महिलाओं पर की गई डायमंड एक्विजिशन स्टडी में सामने आया है कि 2023 में एक नेचुरल डायमंड ज्वेलरी पीस पर औसतन 2.79 लाख रुपए खर्च करने वाली महिलाएं 2025 में 3.49 लाख रुपये तक खर्च करने लगी हैं। यानी दो वर्षों में औसत खरीद मूल्य में 25% की वृद्धि हुई है। स्टडी में कहा गया है कि खर्च बढ़ने के पीछे का कारण लोगों का अधिक बड़े, बेहतर गुणवत्ता वाले और उच्च मूल्य के हीरों की तरफ बढ़ता झुकाव है, जिससे प्रीमियम डायमंड ज्वेलरी की मांग लगातार मजबूत हो रही है। अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष -18,500 महिलाओं पर आधारित अध्ययन – महंगे और दुर्लभ होने की वजह से नेचुरल डायमंड सबसे अधिक पसंदीदा लग्जरी ज्वेलरी – औसत खरीद मूल्य में 25 फीसदी की बढ़ोतरी – औसत कैरेट वजन 1.65 से बढ़कर 1.86 हुआ, 25 फीसदी डिमांड शादी के लिए – जेन जी का डिमांड वैल्यू में 23 फीसदी योगदान जेन जी में डायमंड की मांग सबसे ज्यादा – अमेरिका की कुल आबादी में हिस्सेदारी: 18% {नेचुरल डायमंड मांग के मूल्य में योगदान: 23% – एक नेचुरल डायमंड पर औसत खर्च: 4,080 डॉलर (लगभग 3.51 लाख रुपए) – वर्ष में औसतन 1.83 अवसरों पर हीरे खरीदते हैं या उपहार में पाते हैं, जेन जी की कुल डायमंड खरीद में 45% हिस्सा विवाह से संबंधित अवसरों का है – जन्मदिन, नई नौकरी, प्रमोशन और व्यक्तिगत उपलब्धि के लिए हीरे खरीदने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। सूरत के हीरा उद्योग को लाभ होगा लैब-ग्रोन डायमंड की बढ़ती उपस्थिति के बावजूद नेचुरल डायमंड को अभी भी लग्जरी, भावना और दीर्घकालिक मूल्य का प्रतीक माना जाता है। अमेरिका जैसे दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजार में यदि यह ट्रेंड बरकरार रहता है, तो इसका सीधा लाभ सूरत के डायमंड कटिंग-पॉलिशिंग उद्योग और भारतीय ज्वेलरी निर्यातकों को मिल सकता है।
ऑनलाइन खरीद; 48% ग्राहकों को देखने नहीं मिलती एक्सपायरी डेट:देश के 164 जिलों में उपभोक्ताओं से 17 हजार से अधिक जवाब पर आधारित रिपोर्ट

लोकलसर्किल्स के एक ताजा सर्वे के मुताबिक, आज भी 48% ग्राहकों को ऑनलाइन सामान खरीदते वक्त उसकी एक्सपायरी डेट नहीं दिखती। खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएआई ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पैकेट बंद खाने-पीने के सामान की खराब होने की तिथि दिखाने की जिम्मेदारी अब उपभोक्ता मामले और नाप-तौल विभाग पर डाल दी है। जबकि 2024 में खुद कार्रवाई का भरोसा दिया था। अमेजन और फ्लिपकार्ट मानते हैं एक्सपायरी डेट का नियम, ब्लिंकिट और जेप्टो एप्स अब भी नाकाम सर्वे के अनुसार, झटपट डिलीवरी वाले एप्स जैसे ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट, जियोमार्ट और मिल्क बास्केट इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। इससे ग्राहकों को कई बार जल्द एक्सपायर होने वाला पुराना सामान मिल जाता है। सर्वे में कहा गया है कि अमेजन, फ्लिपकार्ट और बिग बास्केट ही अपने एप पर यह जरूरी जानकारी दिखा रहे हैं। 164 जिलों में उपभोक्ताओं से 17 हजार से अधिक जवाब प्राप्त हुए। इसमें 61 फीसदी पुरुष, 39 फीसदी महिलाएं शामिल थीं। 53 फीसदी टियर-1, 29 फीसदी टियर-2 और 18 फीसदी टियर-3 व टियर-4 जिलों से थे।
चोट के कारण आयरलैंड-इंग्लैंड सीरीज से नीतीश रेड्डी बाहर:टीम में सूर्यांश शेडगे की एंट्री; मुश्ताक अली ट्रॉफी में रहा था 251.92 का स्ट्राइक रेट

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी टी-20 सीरीज के लिए ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी की जगह मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज और पार्ट-टाइम गेंदबाज सूर्यांश शेडगे को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। चोट के कारण नीतीश दोनों सीरीज से बाहर हो गए हैं। टीम इंडिया को आयरलैंड के खिलाफ 26 और 28 जून को दो टी-20 मैचों की सीरीज खेलनी है। इसके बाद भारतीय टीम 1 से 19 जुलाई के बीच इंग्लैंड के खिलाफ पांच टी-20 मैचों की सीरीज खेलेगी। अफगानिस्तान के खिलाफ आखिरी वनडे के बाद हुई चोट नीतीश को 20 जून को अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए तीसरे वनडे के बाद बाईं जांघ में दर्द महसूस हुआ था। इसके बाद BCCI की मेडिकल टीम ने उनकी जांच की। मेडिकल असेसमेंट के बाद उन्हें कुछ समय के लिए क्रिकेट से दूर रहने और नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) में रिहैब करने की सलाह दी गई है। इसी वजह से वे आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। इंडिया-ए में अच्छे प्रदर्शन का मिला इनाम सूर्यांश शेडगे हाल ही में श्रीलंका में खेली गई ट्राई-सीरीज में इंडिया-ए का हिस्सा थे। उन्होंने 5 मैचों में 147 रन बनाए। इसके अलावा गेंदबाजी में भी योगदान देते हुए 23 ओवर फेंके और महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। लगातार अच्छे प्रदर्शन के चलते उन्हें सीनियर टीम में जगह मिली है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 251.92 का स्ट्राइक रेट मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले सुर्यांश ने 2024-25 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया था। मुंबई की खिताबी जीत में उनकी अहम भूमिका रही। उन्होंने लोअर-मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हुए 251.92 के स्ट्राइक रेट से 131 रन बनाए थे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और उपयोगी गेंदबाजी को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम में शामिल किया है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे,, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव, सुर्यांश शेडगे।
HC के आदेश को बरकरार रखने के बाद तमिलनाडु लैंप-लाइटिंग विवाद शीर्ष अदालत तक पहुंच गया | दीपम | न्यूज18

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Lock Up 2 Indore | Riteish Deshmukh Uncomfortable Over Salman Khan, Sanjay Dutt Question

4 मिनट पहले कॉपी लिंक एकता कपूर के रियलिटी शो ‘लॉक अप सीजन 2’ के इवेंट के दौरान रितेश देशमुख से सलमान खान और संजय दत्त को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर रितेश ने जवाब देने से इनकार कर दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे पूछा गया, “क्योंकि आपके सबसे करीबी दोस्त सलमान खान और संजय दत्त हैं। उन्हें ‘लॉक अप’ का काफी एक्सपीरियंस है, तो क्या आप उन्हें शो में लाएंगे और उन्हें क्या सजा देंगे?” इस पर रितेश ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं आपके सवाल का जवाब देकर उसे कोई सम्मान देना चाहूंगा।” इसके बाद सवाल पूछने वाले ने कहा कि उसने आसान सवाल पूछा है। इस पर रितेश ने जवाब दिया, “आपका सवाल है, मैं उसका जवाब नहीं देना चाहता। मेरा काम सिर्फ शो होस्ट करना है। एक होस्ट के तौर पर मुझे पहले से नहीं पता होता कि शो में कौन से कैदी या गेस्ट आने वाले हैं। जो भी गेस्ट आते हैं, हम उनसे बातचीत करते हैं।” ‘लॉक अप: सच या सजा’ 27 जून से शुरू होगा चार साल बाद रियलिटी शो ‘लॉक अप’ का नया सीजन आ रहा है। मेकर्स ने इसका नाम ‘लॉक अप: सच या सजा’ रखा है। इस बार शो का प्रीमियर 27 जून 2026 को होगा। अब यह शो नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगा। पहले सीजन को एमएक्स प्लेयर और ऑल्ट बालाजी पर दिखाया गया था। इस बार होस्ट भी बदल गए हैं। पहले सीजन को कंगना रनोट ने होस्ट किया था, लेकिन नए सीजन में उनकी जगह फराह खान और रितेश देशमुख नजर आएंगे। दोनों शो में ‘जेलर’ की भूमिका निभाएंगे। गौरतलब है कि भारत में नेटफ्लिक्स के पास बड़े सितारे, बड़े बजट और वैश्विक पहचान है। फिर भी वह अमेजन प्राइम, जियोहॉटस्टार और दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसा सांस्कृतिक प्रभाव नहीं बना पाया। जहां दूसरे प्लेटफॉर्म ऐसे किरदार और कहानियां बनाने में सफल रहे, जो लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गए, वहीं नेटफ्लिक्स के कई चर्चित प्रोजेक्ट रिलीज के कुछ समय बाद भुला दिए गए। इसे समझने के लिए दैनिक भास्कर ने डायरेक्टर विवेक शर्मा, लेखक धीरज मिश्रा और ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन से बातचीत की थी। विवेक शर्मा ने कहा कि नेटफ्लिक्स ने नए फिल्ममेकर्स और नई कहानियों के बजाय बड़े सितारों और बड़े बैनरों पर ज्यादा भरोसा किया। प्लेटफॉर्म को नए टैलेंट और मजबूत कंटेंट पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, धीरज मिश्रा ने कहा कि नेटफ्लिक्स आम भारतीय दर्शकों की पसंद और भावनाओं को समझने में पीछे रह गया। उनका मानना है कि ‘लॉक अप 2’ के जरिए प्लेटफॉर्म बड़े दर्शक वर्ग से जुड़ने की कोशिश कर रहा है। अतुल मोहन ने कहा कि नेटफ्लिक्स की प्रीमियम पोजिशनिंग और महंगी सदस्यता ने उसकी पहुंच सीमित कर दी। कम कीमत में ज्यादा वैल्यू देने वाले प्लेटफॉर्म भारतीय बाजार में आगे निकल गए। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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Hindi News Sports Cricket Kuldeep Yadav, Lucknow Super Giants, Rishabh Pant, Delhi Capitals, IPL 2026, Player Trade, LSG, DC स्पोर्ट्स डेस्क1 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स (DC) में वापसी हो गई है, जबकि स्पिनर कुलदीप यादव अब लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए खेलेंगे। दोनों टीमों के बीच यह ट्रेड हुआ है। इस IPL के बाद पंत ने लखनऊ की कप्तानी छोड़ दी थी। लखनऊ ने IPL 2025 के ऑक्शन में पंत को रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपए में खरीदा था, जो IPL इतिहास की सबसे बड़ी बोली थी। अब ट्रेड के बाद वह 15 करोड़ रुपए की फीस पर दिल्ली से जुड़े हैं। वहीं, कुलदीप यादव 13.50 करोड़ रुपए की अपनी मौजूदा फीस पर लखनऊ में शामिल हुए। 9 सीजन बाद दिल्ली कैपिटल्स में पंत की वापसी लखनऊ ने 2025 मेगा ऑक्शन में ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपए में खरीदा था। यह IPL इतिहास की सबसे बड़ी बोली थी। पंत एक बार फिर उसी फ्रेंचाइजी का हिस्सा बन गए हैं, जहां उन्होंने साल 2016 से 2024 के बीच अपने करियर के 9 सीजन बिताए थे। दिल्ली कैपिटल्स के लिए पंत ने अब तक कुल 111 मैच खेले हैं। 5 सीजन बाद दिल्ली कैपिटल्स से अलग हुए कुलदीप यादव इस ट्रेड में कुलदीप दिल्ली कैपिटल्स का साथ छोड़कर लखनऊ सुपर जायंट्स में शामिल हो गए हैं। कुलदीप का दिल्ली कैपिटल्स के साथ 5 सीजन का एक बेहद सफल सफर रहा है, जो अब इस ट्रेड के साथ समाप्त हो गया है। कुलदीप साल 2022 में दिल्ली की फ्रेंचाइजी से जुड़े थे। तब से लेकर अब तक उन्होंने टीम के लिए 65 मैचों में 72 विकेट अपने नाम किए हैं। खबर लगातार अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Rishabh Pant IPL Trade 2027 Price Update; Kuldeep Yadav | DC LSG

स्पोर्ट्स डेस्ककुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक IPL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स (DC) में वापसी हो गई है, जबकि स्पिनर कुलदीप यादव अब लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए खेलेंगे। दोनों टीमों के बीच यह ट्रेड हुआ है। इस IPL के बाद पंत ने लखनऊ की कप्तानी छोड़ दी थी। लखनऊ ने IPL 2025 के ऑक्शन में पंत को रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपए में खरीदा था, जो IPL इतिहास की सबसे बड़ी बोली थी। अब ट्रेड के बाद वे 15 करोड़ रुपए की फीस पर दिल्ली से जुड़े हैं। वहीं, कुलदीप यादव 13.50 करोड़ रुपए की अपनी मौजूदा फीस पर लखनऊ में शामिल हुए। पंत पहले भी 9 सीजन दिल्ली के लिए खेले पंत एक बार फिर उसी फ्रेंचाइजी का हिस्सा बन गए हैं, जहां उन्होंने साल 2016 से 2024 के बीच अपने करियर के 9 सीजन बिताए थे। दिल्ली कैपिटल्स के लिए पंत ने अब तक कुल 111 मैच खेले हैं। 5 सीजन बाद दिल्ली कैपिटल्स से अलग हुए कुलदीप यादव इस ट्रेड में कुलदीप दिल्ली कैपिटल्स का साथ छोड़कर लखनऊ सुपर जायंट्स में शामिल हो गए हैं। कुलदीप का दिल्ली के साथ 5 सीजन का एक बेहद सफल सफर रहा है, जो अब इस ट्रेड के साथ समाप्त हो गया है। कुलदीप साल 2022 में दिल्ली की फ्रेंचाइजी से जुड़े थे। तब से लेकर अब तक उन्होंने टीम के लिए 65 मैचों में 72 विकेट अपने नाम किए हैं। यह बदलाव कुलदीप के लिए भी एक तरह से घर वापसी जैसा होगा। उन्होंने घरेलू क्रिकेट उत्तर प्रदेश से खेला है, जबकि पंत दिल्ली के खिलाड़ी रहे हैं। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली:कहा- खुशी बयां करने के लिए शब्द नहीं वैभव सूर्यवंशी सीनियर टीम इंडिया के साथ आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर मंगलवार को रवाना हो गए। BCCI की ओर से उन्हें 3 नंबर जर्सी होटल भिजवाई गई, जिसे सूर्यवंशी काफी देर तक देखते रहे। सूर्यवंशी को जर्सी भारतीय टीम में थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट रघु ने सौंपी। सूर्यवंशी ने सबसे पहले रघु के पैर छूए और उन्हें प्रणाम किया, फिर जर्सी ली। इस पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड भी किया गया। पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









