मिर्जापुर: द मूवी का टीजर कल आएगा:फिल्म के किरदारों मुन्ना भैया, गुड्डू भैया और कलीन भैया के पोस्टर्स जारी

मिर्जापुर: द मूवी 4 सितंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म का टीजर 25 जून को दोपहर 12 बजे जारी किया जाएगा। टीजर से पहले मेकर्स ने मुन्ना भैया, गुड्डू भैया और कलीन भैया के फर्स्ट लुक कैरेक्टर पोस्टर्स जारी किए हैं। इसके साथ ही ‘गद्दी’ का एक खास पोस्टर भी शेयर किया गया है, जिस पर लिखा है, “गद्दी है तो हम हैं।” जारी किए गए पोस्टर्स में मिर्जापुर की सत्ता, विरासत और दुश्मनी की झलक दिखाई गई है। पोस्टर्स के सामने आने के बाद फैंस के बीच फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट बढ़ गई है और सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा हो रही है। पंकज त्रिपाठी के किरदार कलीन भैया के पोस्टर के साथ लिखा गया, “जो आया है, वो जाएगा भी, बस मर्जी कलीन भैया की होगी। आपका स्वागत करते हैं बड़े पर्दे पर।” वहीं अली फजल के किरदार गुड्डू भैया के पोस्टर पर लिखा है, “शुरू मजबूरी में किए थे, अब मजा आ रहा है। गुड्डू भैया आ रहे हैं बड़े पर्दे पर, तैयार हैं ना?” दिव्येंदु शर्मा यानी मुन्ना भैया के पोस्टर के साथ कैप्शन दिया गया, “हिंदी फिलम के हीरो हैं हम, कहा था ना, हम अमर हैं। मुन्ना भैया का भौकाल, अब बड़े पर्दे पर।” 4 सितंबर को होगी रिलीज मिर्जापुर: द मूवी 4 सितंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में हिंदी और तेलुगु में रिलीज होगी। फिल्म को अमेजन MGM स्टूडियोज और रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म को गुरमीत सिंह ने डायरेक्ट किया है और कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी को-प्रोड्यूसर हैं। फिल्म में रवि किशन भी नजर आएंगे फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंग्शा बिस्वास भी नजर आएंगे। गौरतलब है कि ‘मिर्जापुर’ भारत की सबसे लोकप्रिय क्राइम-एक्शन वेब सीरीज में से एक है। यह सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। इसकी कहानी उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और मिर्जापुर की पृष्ठभूमि पर आधारित है। ‘मिर्जापुर’ का पहला सीजन 16 नवंबर 2018 को रिलीज हुआ था, जिसमें कुल 9 एपिसोड थे। इसके बाद दूसरा सीजन 23 अक्टूबर 2020 को आया, जिसमें 10 एपिसोड शामिल थे। वहीं, तीसरा सीजन 5 जुलाई 2024 को रिलीज किया गया। इस सीजन में भी कुल 10 एपिसोड थे।
नीरव मोदी को बैंक को ₹108 करोड़ चुकाने होंगे:पर्सनल लोन गारंटी मामले में लंदन हाईकोर्ट का फैसला, 7 साल से जेल में बंद है

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बैंक ऑफ इंडिया (BoI) को 1.15 करोड़ डॉलर यानी करीब 108 करोड़ रुपए चुकाने होंगे। लंदन के हाई कोर्ट ने दुबई की एक कंपनी ‘फायरस्टार डायमंड एफजेडई’ के लिए दी गई पर्सनल लोन गारंटी और उस पर लगे ब्याज से जुड़े मामले में ये फैसला सुनाया है। नीरव बीते 7 सालों से लंदन की जेल में बंद है और भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। दुबई की कंपनी के लिए ली थी पर्सनल गारंटी यह पूरा मामला नीरव मोदी से जुड़ी दुबई की कंपनी फायरस्टार डायमंड एफजेडई को मिले लोन का है। नीरव मोदी ने बैंक ऑफ इंडिया के इस लोन के लिए पर्सनल गारंटी दी थी। बाद में उसने इस गारंटी को कानूनी रूप से अमान्य ठहराने की कोशिश की। हालांकि, लंदन सर्किट कमर्शियल कोर्ट के जस्टिस साइमन टिंकलर ने बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि अक्टूबर 2025 में नीरव मोदी को भेजा गया डिमांड नोटिस पूरी तरह सही था। भारतीय कानून के तहत गारंटी अमान्य नहीं, मूल रकम के साथ देना होगा ब्याज जस्टिस टिंकलर ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि भारतीय कानून के तहत नीरव मोदी की पर्सनल गारंटी शून्य या अप्रभावी नहीं है। इसलिए वह बैंक को 41,05,189 डॉलर (करीब 34.3 करोड़ रुपए) की मूल राशि चुकाने के लिए जिम्मेदार है। इसके साथ ही मार्च 2026 तक इस राशि पर जमा हुआ ब्याज मिलाकर कुल रकम 1.15 करोड़ डॉलर (करीब 108 करोड़ रुपए) हो चुकी है, जो आगे भी बढ़ती रहेगी। पीएनबी के 2 बिलियन डॉलर के घोटाले से अलग है यह मामला बैंक ऑफ इंडिया के केस लड़ने वाली लॉ फर्म ‘फ्लैडगेट एलएलपी’ के मिलन कपाड़िया ने साफ किया कि यह मामला बैंक की कमर्शियल बैंकिंग रिकवरी का है। इसका पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 2 बिलियन डॉलर (करीब 19,000 करोड़ रुपए) के बड़े धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से कोई संबंध नहीं है। बैंक ऑफ इंडिया 2018 से ही इस वसूली के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा था। भारत में तीन आपराधिक मामलों में है तलाश नीरव मोदी फिलहाल भारत में तीन बड़े मामलों में वांछित है। पहला, सीबीआई का पीएनबी घोटाला मामला, दूसरा, ईडी का मनी लॉन्ड्रिंग मामला और तीसरा, सीबीआई जांच में गवाहों और सबूतों के साथ छेड़छाड़ का मामला। अप्रैल 2021 में यूके की तत्कालीन गृह सचिव प्रीति पटेल ने उसके प्रत्यर्पण की मंजूरी दी थी। इसके बाद से नीरव की कई जमानत याचिकाएं और अपीलें खारिज हो चुकी हैं। इस साल मार्च में उसने प्रत्यर्पण रोकने की आखिरी कोशिश भी गंवा दी थी, जिसमें उसने भारत में टॉर्चर होने का खतरा बताया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब उसने फ्रांस स्थित यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स (ECtHR) में गुहार लगाई है, जहां मामला अभी चल रहा है।
तमिलनाडु वेलाचेरी-तांबरम रोड का नाम मेजर मुकुंद वरदराजन के नाम पर रखेगा | ब्रेकिंग न्यूज़ | न्यूज18

तमिलनाडु वीरांगना की सेवा, बलिदान और विरासत का सम्मान करते हुए, वेलाचेरी-तांबरम रोड का नाम बदलकर मेजर मुकुंद वरदराजन के नाम पर रखने की तैयारी में है। सड़क का नाम बदलने को भारत के सम्मानित सैन्य नायकों में से एक को श्रद्धांजलि और कर्तव्य के दौरान सैनिकों द्वारा दिखाए गए साहस की याद के रूप में देखा जा रहा है। इस कदम ने नागरिकों और दिग्गजों से सराहना प्राप्त की है, जो सार्वजनिक स्थानों, नागरिक सम्मान और स्थायी स्मारकों के माध्यम से राष्ट्रीय नायकों को याद करने के महत्व पर प्रकाश डालता है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 24 जून, 2026, 18:10 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)अशोक चक्र(टी)ब्रेवहार्ट मेजर मुकुंद(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)चेन्नई न्यूज(टी)चेन्नई रोड का नाम बदलना(टी)भारत समाचार(टी)भारतीय सेना(टी)भारतीय सेना अधिकारी(टी)ताजा समाचार(टी)मेजर मुकुंद(टी)मेजर मुकुंद विरासत(टी)मेजर मुकुंद वरदराजन(टी)सैन्य नायक भारत(टी)मुकुंद वरदराजन(टी)राष्ट्रीय नायक(टी)न्यूज18(टी)सड़क का नाम मेजर मुकुंद के नाम पर रखा गया वरदराजन(टी)तमिलनाडु ने मेजर मुकुंद(टी) का सम्मान किया तमिलनाडु समाचार(टी)तमिलनाडु रोड का नाम बदला(टी)सैनिकों को श्रद्धांजलि(टी)वेलाचेरी तांबरम रोड
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन ने आलोचना के बाद कम-अल्कोहल पेय कर कटौती पर यू-टर्न लिया | न्यूज18

विपक्ष और कांग्रेस के भीतर की आवाजों की तीखी आलोचना के बाद केरल के सीएम वीडी सतीसन ने कम अल्कोहल सामग्री वाले पेय पदार्थों पर कर दरों को कम करने के प्रस्ताव पर यू-टर्न ले लिया है। इस कदम से एक राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था, आलोचकों ने सवाल उठाया था कि क्या यह नीति शराब की खपत को बढ़ावा देगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्रभावित करेगी। इस उलटफेर ने अब केरल की शराब नीति, कर राजस्व, सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं, राजनीतिक जवाबदेही और संवेदनशील नीतिगत निर्णयों पर कांग्रेस के भीतर आंतरिक मतभेदों पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। -newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 24 जून, 2026, 18:04 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)शराब कर केरल(टी)पेय कर कटौती(टी)कांग्रेस आलोचना(टी)कांग्रेस केरल(टी)आंतरिक कांग्रेस आलोचना(टी)केरल शराब नीति(टी)केरल पेय कर(टी)केरल सीएम वीडी सतीसन(टी)केरल सरकार यू टर्न(टी)केरल शराब नीति(टी)केरल शराब कर पंक्ति(टी)केरल की राजनीति(टी)शराब कर कटौती प्रस्ताव(टी)कम शराब पेय पदार्थ (टी) कम अल्कोहल सामग्री वाले पेय (टी) विपक्ष की आलोचना केरल (टी) सतीसन शराब कर यू टर्न (टी) सतीसन यू टर्न (टी) पेय पदार्थों पर कर की दरें (टी) वीडी सतीसन (टी) वीडी सतीसन
ईडी अभिषेक बनर्जी सहित टीएमसी नेताओं के खिलाफ तीन मामलों में आरोपपत्र दायर करने के लिए तैयार है: सूत्र

सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय टीएमसी नेताओं के खिलाफ तीन मामलों में आरोपपत्र दायर करने के लिए तैयार है, जिसमें अभिषेक बनर्जी से जुड़ा एक मामला भी शामिल है। इस घटनाक्रम से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है, केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई तेज होने से टीएमसी को नए सिरे से दबाव का सामना करना पड़ सकता है। अपेक्षित आरोपपत्र कथित वित्तीय अनियमितताओं, जांच की समयसीमा, राजनीतिक जवाबदेही, कानूनी रणनीति और टीएमसी और भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र के बीच बड़ी लड़ाई पर ध्यान केंद्रित करते हैं। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 24 जून, 2026, 17:49 IST
परीक्षा सुधार और पारदर्शिता पर फोकस के बीच पीएम मोदी ने सुचारू एनईईटी पुनर्परीक्षा की सराहना की | न्यूज18

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनईईटी पुन: परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए कैबिनेट की सराहना की है, जिसमें पारदर्शिता, समन्वय और छात्र कल्याण पर सरकार के फोकस पर प्रकाश डाला गया है। परीक्षा की अखंडता को लेकर चिंताओं के बाद पुन: परीक्षा पर बारीकी से नजर रखी गई, जिससे इसका सुचारू संचालन शिक्षा प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बन गया। प्रतिस्पर्धी परीक्षा सुधार, जवाबदेही, परीक्षा सुरक्षा, छात्र आत्मविश्वास और राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए जिम्मेदार एजेंसियों की भूमिका पर निरंतर ध्यान देने के बीच यह विकास हुआ है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 24 जून, 2026, 17:43 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)प्रतियोगी परीक्षाएं भारत(टी)शिक्षा मंत्रालय(टी)शिक्षा समाचार भारत(टी)परीक्षा अखंडता(टी)परीक्षा पारदर्शिता(टी)मेडिकल उम्मीदवारों(टी)मेडिकल प्रवेश परीक्षा(टी)मोदी ने नीट पुनः परीक्षा की प्रशंसा की(टी)नरेंद्र मोदी(टी)नीट 2026(टी)नीट विवाद(टी)नीट परीक्षा समाचार(टी)नीट नवीनतम अपडेट(टी)नीट पेपर लीक पंक्ति(टी)नीट पुनः परीक्षा(टी)नीट पुनः परीक्षा(टी)नीट पुनः परीक्षा सुचारु संचालन(टी)नीट पुनः परीक्षा(टी)पीएम मोदी(टी)पीएम मोदी ने कैबिनेट की प्रशंसा की(टी)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(टी)सुचारू नीट पुनः परीक्षा(टी)छात्र कल्याण
PM Narendra Modi Ali Khamenei Funeral Invitation; India Iran Relations

तेहरान/नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 में 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कजान में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात करते हुए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता भेजा है। अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी को इजराइल-अमेरिका के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद 4 मार्च को उनका अंतिम संस्कार होना था लेकिन जंग की वजह से इसे टाल दिया गया था। अब इसकी शुरुआत 4 जुलाई से होगी। उनके शव को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में दफन किया जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि तेहरान, कुम और मशहद में होने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। ईरान के तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास उनकी कुर्सी और एक तस्वीर प्रदर्शित की गई थी। मोदी का ईरान जाने पर सस्पेंस ईरान ने अंतिम संस्कार समारोह के लिए दुनिया के कई देशों को निमंत्रण भेजा है। खास तौर पर पड़ोसी और मित्र देशों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं। भारत सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में भारत की ओर से कौन इस समारोह में शामिल होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की मई 2024 में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद भी भारत ने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा था। उस समय भारत सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था। तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए तेहरान पहुंचे थे और अंतिम संस्कार समारोह में शामिल हुए थे। खामेनेई मशहद में क्यों दफनाए जाएंगे खामेनेई का मुख्य अंतिम संस्कार समारोह तेहरान में होगा, जो कम से कम 24 घंटे तक चलने की उम्मीद है। इसके बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक शहर कुम ले जाया जाएगा और फिर मशहद पहुंचाया जाएगा, जहां इमाम रजा के दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा। मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है और शिया मुसलमानों का सबसे प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है। शहर की सबसे बड़ी पहचान इमाम रजा की दरगाह है। इमाम रजा शिया मुस्लिम परंपरा के आठवें इमाम थे। उनका दरगाह दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। खामेनेई को मशहद में दफनाने से उनका नाम शिया इस्लाम के सबसे सम्मानित धार्मिक नेताओं की श्रेणी में और मजबूती से जुड़ जाएगा। मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यहां इमाम रजा की दरगाह है। IRGC के पास खामेनेई के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम संस्कार में हुई देरी इस्लामी परंपरा के लिहाज से असामान्य मानी जा रही है। आमतौर पर इस्लाम में किसी व्यक्ति को मौत के एक-दो दिन के भीतर दफना दिया जाता है। हालांकि ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, भारी भीड़ की उम्मीद और युद्ध के हालात के कारण अंतिम संस्कार में देरी हुई। तेहरान नगर निगम में सामाजिक और सांस्कृतिक मामलों के उपप्रमुख मोहम्मद अली तवक्कोलीजादेह ने अंतिम संस्कार की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने सरकारी टेलीविजन से कहा कि खामेनेई के लिए तीन दिन का सार्वजनिक जनाजा आयोजित किया जाएगा। अधिकारी ने यह नहीं बताया कि जनाजा कब होगा, लेकिन कहा कि यह इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की शुरुआत में हो सकता है, जो 21 जून के आसपास में पड़ता है। पूरे कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी IRGC के पास है। खोमैनी के जनाजे में 1 करोड़ लोग जुटे थे ईरान में इस्लामिक गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के 1989 के जनाजे में करीब 1 करोड़ लोग शामिल हुए थे। यह उस समय ईरान की कुल आबादी का लगभग छठा हिस्सा था। इस कार्यक्रम को आज भी दुनिया के सबसे बड़े जनाजों में गिना जाता है। इतनी भारी भीड़ उमड़ी थी कि भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग घायल हुए थे। इस बार अधिकारी इससे भी बड़ी भीड़ को संभालने और किसी हादसे से बचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन युद्ध के प्रभाव से उबर रहे देश में इतना बड़ा आयोजन कराना बड़ी चुनौती माना जा रहा है। ईरान के नेता अयातुल्ला रूहल्ला खोमैनी का 6 जून, 1989 को तेहरान में जनाजा। शोक में लोगों की भीड़ उनके शरीर को छूने की कोशिश कर रही है। अमेरिका-इजराइल हमलों में खामेनेई की मौत हुई थी अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया था। इस दौरान तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गईं। हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर और उनके कार्यालय को भी निशाना बनाया गया था। खामेनेई बंकर में मौजूद थे, लेकिन लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में ईरानी सुरक्षा सूत्रों ने उनकी मौत की पुष्टि की। हमलों में खामेनेई के साथ ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारी भी मारे गए थे। ———————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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तेहरान/नई दिल्ली25 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 में 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कजान में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात करते हुए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता भेजा है। अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी को इजराइल-अमेरिका के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद 4 मार्च को उनका अंतिम संस्कार होना था लेकिन जंग की वजह से इसे टाल दिया गया था। अब इसकी शुरुआत 4 जुलाई से होगी। उनके शव को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में दफन किया जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि तेहरान, कुम और मशहद में होने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। ईरान के तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास उनकी कुर्सी और एक तस्वीर प्रदर्शित की गई थी। मोदी का ईरान जाने पर सस्पेंस ईरान ने अंतिम संस्कार समारोह के लिए दुनिया के कई देशों को निमंत्रण भेजा है। खास तौर पर पड़ोसी और मित्र देशों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं। भारत सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में भारत की ओर से कौन इस समारोह में शामिल होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की मई 2024 में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद भी भारत ने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा था। उस समय भारत सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था। तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए तेहरान पहुंचे थे और अंतिम संस्कार समारोह में शामिल हुए थे। खामेनेई मशहद में क्यों दफनाए जाएंगे खामेनेई का मुख्य अंतिम संस्कार समारोह तेहरान में होगा, जो कम से कम 24 घंटे तक चलने की उम्मीद है। इसके बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक शहर कुम ले जाया जाएगा और फिर मशहद पहुंचाया जाएगा, जहां इमाम रजा के दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा। मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है और शिया मुसलमानों का सबसे प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है। शहर की सबसे बड़ी पहचान इमाम रजा की दरगाह है। इमाम रजा शिया मुस्लिम परंपरा के आठवें इमाम थे। उनका दरगाह दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। खामेनेई को मशहद में दफनाने से उनका नाम शिया इस्लाम के सबसे सम्मानित धार्मिक नेताओं की श्रेणी में और मजबूती से जुड़ जाएगा। मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यहां इमाम रजा की दरगाह है। IRGC के पास खामेनेई के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम संस्कार में हुई देरी इस्लामी परंपरा के लिहाज से असामान्य मानी जा रही है। आमतौर पर इस्लाम में किसी व्यक्ति को मौत के एक-दो दिन के भीतर दफना दिया जाता है। हालांकि ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, भारी भीड़ की उम्मीद और युद्ध के हालात के कारण अंतिम संस्कार में देरी हुई। तेहरान नगर निगम में सामाजिक और सांस्कृतिक मामलों के उपप्रमुख मोहम्मद अली तवक्कोलीजादेह ने अंतिम संस्कार की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने सरकारी टेलीविजन से कहा कि खामेनेई के लिए तीन दिन का सार्वजनिक जनाजा आयोजित किया जाएगा। अधिकारी ने यह नहीं बताया कि जनाजा कब होगा, लेकिन कहा कि यह इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की शुरुआत में हो सकता है, जो 21 जून के आसपास में पड़ता है। पूरे कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी IRGC के पास है। खोमैनी के जनाजे में 1 करोड़ लोग जुटे थे ईरान में इस्लामिक गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के 1989 के जनाजे में करीब 1 करोड़ लोग शामिल हुए थे। यह उस समय ईरान की कुल आबादी का लगभग छठा हिस्सा था। इस कार्यक्रम को आज भी दुनिया के सबसे बड़े जनाजों में गिना जाता है। इतनी भारी भीड़ उमड़ी थी कि भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग घायल हुए थे। इस बार अधिकारी इससे भी बड़ी भीड़ को संभालने और किसी हादसे से बचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन युद्ध के प्रभाव से उबर रहे देश में इतना बड़ा आयोजन कराना बड़ी चुनौती माना जा रहा है। ईरान के नेता अयातुल्ला रूहल्ला खोमैनी का 6 जून, 1989 को तेहरान में जनाजा। शोक में लोगों की भीड़ उनके शरीर को छूने की कोशिश कर रही है। अमेरिका-इजराइल हमलों में खामेनेई की मौत हुई थी अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया था। इस दौरान तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गईं। हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर और उनके कार्यालय को भी निशाना बनाया गया था। खामेनेई बंकर में मौजूद थे, लेकिन लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में ईरानी सुरक्षा सूत्रों ने उनकी मौत की पुष्टि की। हमलों में खामेनेई के साथ ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारी भी मारे गए थे। ———————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘जानबूझकर, बार-बार’: डीएमके ने स्कूली छात्राओं को छूने के लिए विजय के मंत्री के खिलाफ POCSO कार्रवाई की मांग की | भारत समाचार

आखरी अपडेट:24 जून, 2026, 17:39 IST नटराजन ने दावा किया कि वायरल फुटेज में कुछ लड़कियों के बीच असहजता दिखाई दे रही है। शिकायत में वायरल फुटेज का हवाला दिया गया है जिसमें पी. विश्वनाथन को मदुरै में एक योग दिवस कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं के साथ बातचीत करते हुए दिखाया गया है; बाल संरक्षण कानूनों के तहत जांच की मांग (छवि: एक्स) डीएमके के कानूनी विंग के एक सदस्य ने मदुरै में एक योग दिवस कार्यक्रम के दौरान स्कूली लड़कियों के साथ बातचीत करते हुए एक वायरल वीडियो को लेकर तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री पी. विश्वनाथन के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (POCSO) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और बाल संरक्षण अधिकारियों को सौंपी गई एक शिकायत में, चेन्नई स्थित वकील सरन्या नटराजन ने आरोप लगाया कि मंत्री की हरकतें “जानबूझकर” और “दोहराई गई” थीं और उन्होंने POCSO अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। शिकायत क्या कहती है शिकायत मदुरै के मेलूर में 21 जून के एक कार्यक्रम से संबंधित है, जहां विश्वनाथन ने एक योग दिवस और नशीली दवाओं के विरोधी जागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया था। शिकायत के मुताबिक, मंत्री को कार्यक्रम में भाग लेने वाली नाबालिग लड़कियों के पैर, कंधे और शरीर के अन्य हिस्सों को छूते देखा गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कृत्य “आकस्मिक या आकस्मिक नहीं थे, बल्कि जानबूझकर और अपने चरित्र में दोहराए गए थे”। नटराजन ने आगे दावा किया कि वायरल फुटेज में कुछ लड़कियों के बीच बेचैनी दिखाई दे रही है और उन्होंने अधिकारियों से घटना से संबंधित सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को संरक्षित करने के अलावा, POCSO अधिनियम की धारा 11 और 12 के तहत कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया। शिकायत में कथित तौर पर नाबालिग बच्चों की पहचान उजागर करने वाले वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है। वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है? यह शिकायत उस घटना के वीडियो पर नाराजगी के बाद की गई है जो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ है। फुटेज में विश्वनाथन को कार्यक्रम में भाग लेने वाली लड़कियों के साथ बातचीत करते हुए देखा जा सकता है, जिसमें उनसे बात करते समय उनके पैरों और टांगों को छूना और पकड़ना भी शामिल है। बीजेपी का मंत्री पर हमला बीजेपी ने इस विवाद को लपक लिया और मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने दृश्यों को “अस्वीकार्य और चौंकाने वाला” बताया और सवाल किया कि क्या विश्वनाथन को पद पर बने रहना चाहिए। “क्या उन्हें उसे तुरंत बर्खास्त नहीं करना चाहिए?” पूनावाला ने वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा. अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं विवाद बढ़ने पर विपक्षी दलों ने मंत्री के आचरण पर आपत्ति जताई. हालाँकि, शिकायत में निहित आरोपों के संबंध में विश्वनाथन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। मामला अब पुलिस अधिकारियों, तमिलनाडु साइबर क्राइम विंग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के समक्ष रखा गया है, जिसमें शिकायतकर्ता ने एफआईआर दर्ज करने और घटना की विस्तृत जांच की मांग की है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शंख्यानील सरकार शंख्यानील सरकार News18 में वरिष्ठ उपसंपादक हैं। वह अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं, जहां वह ब्रेकिंग न्यूज से लेकर गहन विश्लेषण तक पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उनके पास पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव है जिसके दौरान उन्होंने …और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘जानबूझकर, बार-बार’: डीएमके ने स्कूली छात्राओं को छूने के लिए विजय के मंत्री के खिलाफ POCSO कार्रवाई की मांग की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
Vaibhav Suryawanshi ICC Rules Separate Dressing Room England

स्पोर्ट्स डेस्क2 मिनट पहले कॉपी लिंक वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए थे। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड दौरे पर टीम के बाकी खिलाड़ियों से अलग ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल करेंगे। सूर्यवंशी के लिए यह फैसला ICC और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की अंडर-16 खिलाड़ियों से जुड़ी सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत लिया गया है। हालांकि सूर्यवंशी मैचों के दौरान भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में मौजूद रह सकेंगे और टीम मीटिंग्स का भी हिस्सा होंगे। उन्हें कपड़े बदलने के लिए अलग चेंजिंग रूम और वॉशरूम का इस्तेमाल करना होगा। यह नियम इंग्लैंड में होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज के दौरान लागू रहेगा। आयरलैंड में होने वाले दो टी-20 मुकाबलों में भी यही व्यवस्था रहेगी या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। माता-पिता पूरे दौरे में साथ रहेंगे ECB ने ब्रिटिश अखबार द गार्डियन को बताया कि ICC इवेंट्स के दौरान उसकी सेफगार्डिंग प्रक्रियाएं लागू रहती हैं और खिलाड़ियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। बोर्ड के हिसाब से भारतीय टीम के टीम लायजन ऑफिसर (TLO) और सभी मेजबान मैदानों के सेफगार्डिंग अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रहकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। ECB ने यह भी कहा कि सूर्यवंशी के माता-पिता पूरे दौरे में उनके साथ रहेंगे और उसी होटल में ठहरेंगे, जहां भारतीय टीम रुकेगी। आमतौर पर ऐसा नहीं होता, लेकिन खिलाड़ी की उम्र को देखते हुए इस व्यवस्था को विशेष अनुमति दी गई है। वैभव के पिता संजीव और माता आरती सूर्यवंशी। BCCI उठाएगा माता-पिता का खर्च BCCI सचिव देवजीत सैकिया पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सूर्यवंशी के माता-पिता आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर उनके साथ रहेंगे। बोर्ड उनके यात्रा और रहने का पूरा खर्च उठाएगा। सूर्यवंशी कई सीनियर ड्रेसिंग रूम का हिस्सा रह चुके हैं सूर्यवंशी इससे पहले भी कई सीनियर टीमों के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा रह चुके हैं। वे घरेलू क्रिकेट में बिहार की टीम, IPL में राजस्थान रॉयल्स और हाल ही में श्रीलंका में खेली गई ट्राई सीरीज के दौरान इंडिया-ए टीम के साथ रहे हैं। सचिन का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं अगर सूर्यवंशी आयरलैंड या इंग्लैंड के खिलाफ किसी टी-20 मुकाबले में डेब्यू करते हैं, तो वे भारत के सबसे युवा मेंस इंटरनेशनल क्रिकेटर बन जाएंगे। वे 16 साल और 205 दिन की उम्र में डेब्यू करने वाले बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए वैभव 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर हैं। उन्होंने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। पहले आयरलैंड, फिर इंग्लैंड दौरा भारतीय टीम 26 और 28 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ दो टी-20 मैच खेलेगी। इसके बाद टीम इंग्लैंड दौरे पर जाएगी, जहां पांच टी-20 और तीन वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। टी-20 सीरीज के मुकाबले चेस्टर-ली-स्ट्रीट (1 जुलाई), मैनचेस्टर (4 जुलाई), नॉटिंघम (7 जुलाई), ब्रिस्टल (9 जुलाई) और साउथैम्प्टन (11 जुलाई) में खेले जाएंगे। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव। ————————– वैभव से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई ने दोबारा शतक बनाया 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद ने फिर तूफानी पारी खेली। उन्होंने एक लोकल टूर्नामेंट में 119 गेंद पर 168 रन बनाए। उनकी पारी में 19 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…






