Texas ICE Center Attackers Sentenced

4 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के टेक्सास स्थित प्रेयरीलैंड ICE डिटेंशन सेंटर पर जुलाई 2025 में हुए हमले के मामले में 8 दोषियों को सजा सुनाई गई है। कथित लीडर और पुलिस अधिकारी को गोली मारने वाले बेंजामिन हानिल सॉन्ग को 100 साल जेल, जबकि अन्य आरोपियों को 30 से 70 साल तक की कैद दी गई। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के मुताबिक, दोषियों को दंगा करने, हथियार और विस्फोटकों का इस्तेमाल करने, आतंकवादियों को समर्थन देने, न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने और अल्वाराडो पुलिस अधिकारी की हत्या के प्रयास का दोषी पाया गया। DOJ ने कहा कि बेंजामिन हानिल सॉन्ग इस समूह का कथित नेता था। उसी ने 4 जुलाई 2025 को हुए हमले के दौरान एक पुलिस अधिकारी को गोली मारकर घायल किया था। न्याय विभाग ने इसे एंटीफा से जुड़े दोषियों की पहली बड़ी सजा बताया। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने फैसले को “कानून और व्यवस्था की जीत” बताया है। सितंबर 2025 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एंटीफा को “घरेलू आतंकवादी संगठन” घोषित किया था। व्हाइट हाउस का आरोप है कि यह आंदोलन कई हिंसक प्रदर्शनों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई में शामिल रहा है। एंटीफा यानी ‘एंटी-फासिस्ट’ आंदोलन वामपंथी कार्यकर्ताओं का एक नेटवर्क माना जाता है। यह समूह फासीवाद विरोधी प्रदर्शनों और काउंटर-प्रोटेस्ट के लिए जाना जाता है। 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Texas ICE Center Attackers Sentenced

11 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के टेक्सास स्थित प्रेयरीलैंड ICE डिटेंशन सेंटर पर जुलाई 2025 में हुए हमले के मामले में 8 दोषियों को सजा सुनाई गई है। कथित लीडर और पुलिस अधिकारी को गोली मारने वाले बेंजामिन हानिल सॉन्ग को 100 साल जेल, जबकि अन्य आरोपियों को 30 से 70 साल तक की कैद दी गई। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के मुताबिक, दोषियों को दंगा करने, हथियार और विस्फोटकों का इस्तेमाल करने, आतंकवादियों को समर्थन देने, न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने और अल्वाराडो पुलिस अधिकारी की हत्या के प्रयास का दोषी पाया गया। DOJ ने कहा कि बेंजामिन हानिल सॉन्ग इस समूह का कथित नेता था। उसी ने 4 जुलाई 2025 को हुए हमले के दौरान एक पुलिस अधिकारी को गोली मारकर घायल किया था। न्याय विभाग ने इसे एंटीफा से जुड़े दोषियों की पहली बड़ी सजा बताया। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने फैसले को “कानून और व्यवस्था की जीत” बताया है। सितंबर 2025 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एंटीफा को “घरेलू आतंकवादी संगठन” घोषित किया था। व्हाइट हाउस का आरोप है कि यह आंदोलन कई हिंसक प्रदर्शनों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई में शामिल रहा है। एंटीफा यानी ‘एंटी-फासिस्ट’ आंदोलन वामपंथी कार्यकर्ताओं का एक नेटवर्क माना जाता है। यह समूह फासीवाद विरोधी प्रदर्शनों और काउंटर-प्रोटेस्ट के लिए जाना जाता है। 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… बिल गेट्स का दावा- एपस्टीन ने ब्लैकमेल करने की कोशिश की माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष गवाही में दावा किया है कि दिवंगत वित्त कारोबारी और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने उनके विवाहेतर संबंधों से जुड़ी जानकारी के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। गेट्स ने कहा कि एपस्टीन उन्हें दोबारा अपने संपर्क में लाना चाहता था, लेकिन उसका प्रयास सफल नहीं हुआ। अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमेटी के समक्ष 10 जून को हुई बंद-दरवाजा गवाही का ट्रांसक्रिप्ट मंगलवार को सार्वजनिक किया गया। यह पूछताछ एपस्टीन के नेटवर्क और प्रभावशाली लोगों से उसके संबंधों की जांच का हिस्सा थी। गेट्स ने स्वीकार किया कि 2008 में यौन अपराध से जुड़ी सजा मिलने के बावजूद उन्होंने 2011 में एपस्टीन से संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि 2014 में एपस्टीन से संबंध खत्म कर लिए गए। इसके बाद एपस्टीन ने उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी संवेदनशील जानकारी का इस्तेमाल कर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की। गेट्स ने दो वयस्क रूसी महिलाओं के साथ विवाहेतर संबंध होने की बात स्वीकार की, लेकिन कहा कि उनका एपस्टीन के किसी आपराधिक नेटवर्क से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने STD, ड्रग्स और महिलाओं से मिलवाने से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एपस्टीन ने कभी उनके लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की। गेट्स ने यह भी कहा कि वे कभी एपस्टीन के निजी द्वीप, रैंच या फ्लोरिडा स्थित घर नहीं गए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
NCERT Emergency 1975-77 । Class 9th Social Science Book syllabus NEP 2020

Hindi News National NCERT Emergency 1975 77 । Class 9th Social Science Book Syllabus NEP 2020 नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 मई 1975 को देश में इमरजेंसी की घोषणा की थी। NCERT यानी नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने पहली बार कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में 1975-77 की इमरजेंसी को शामिल किया है। नई किताब ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ में इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया गया है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, NCERT के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि कक्षा 9 की किताब में पहली बार इमरजेंसी पर अलग सेक्शन जोड़ा गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब देश ने हाल ही में इमरजेंसी लागू होने के 50 साल पूरे होने को याद किया है। किताब में लिखा- इंदिरा सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ी किताब में लिखा गया है कि 1970 के दशक की शुरुआत में इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ रही थी। बेरोजगारी, महंगाई और कुप्रबंधन के आरोपों के कारण कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए। इसके बाद जून 1975 में आंतरिक अशांति के आधार पर राष्ट्रीय इमरजेंसी लागू की गई। किताब के अनुसार, इस दौरान अधिकांश मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई और कई राजनीतिक नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पुस्तक में कहा गया है कि इस दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ा और लोगों की स्वतंत्रता सीमित हो गई। जयप्रकाश नारायण के आंदोलन का भी जिक्र 25 जून 1975 को नई दिल्ली में रामलीला मैदान में लोगों को संबोधित करते जयप्रकाश नारायण। किताब में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की भूमिका को भी विस्तार से बताया गया है। इसमें कहा गया है कि उन्होंने छात्रों और आम लोगों को संगठित किया और बिहार तथा गुजरात में बड़े जन आंदोलन खड़े हुए। पुस्तक के मुताबिक, 1977 में इमरजेंसी खत्म होने के बाद आम चुनाव कराए गए। जनता ने मतदान के जरिए अपनी राय दी और सत्तारूढ़ सरकार चुनाव हार गई। किताब में इसे भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का उदाहरण बताया गया है। लोकतंत्र के सामने दूसरी चुनौतियां भी शामिल इमरजेंसी के अलावा किताब में लोकतंत्र के सामने मौजूद दूसरी चुनौतियों पर भी चर्चा की गई है। इनमें फेक न्यूज, गलत सूचनाएं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, नियमों का उल्लंघन, गरीबी, क्षेत्रवाद, सामाजिक भेदभाव और लैंगिक असमानता शामिल हैं। NCERT ने पहली बार ‘डेमोक्रेसी एंड यू’ नाम का नया सेक्शन भी जोड़ा है। इसका मकसद छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भूमिका समझाना है। लोकतांत्रिक परंपराओं और मीडिया पर जोर किताब में भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और संस्थाओं पर भी खास फोकस किया गया है। इसमें बताया गया है कि भारत में लोकतांत्रिक सोच और भागीदारी की परंपरा काफी पुरानी है। मीडिया की भूमिका पर भी एक अलग सेक्शन दिया गया है। किताब में मीडिया को लोकतंत्र का ‘चौथा स्तंभ’ बताया गया है और कहा गया है कि यह जनता की आवाज उठाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में अहम भूमिका निभाता है। भारतीय लोकतंत्र के आकार को समझाने के लिए किताब में चुनावी आंकड़े भी दिए गए हैं। इसके अनुसार, 2024 में देश में 96.8 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड वोटर्स थे। साथ ही देशभर में फैले मतदान केंद्रों के नेटवर्क का भी जिक्र किया गया है। किताब में स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र के उदाहरण भी शामिल किए गए हैं। इसमें गुजरात की एक पंचायत और त्रिपुरा की महिला-अनुकूल पंचायत का जिक्र है। महिलाओं के मतदान अधिकार और स्थानीय निकायों में आरक्षण पर भी अलग सेक्शन दिया गया है। …………………… यह खबर भी पढ़ें… मूर्ति नग्न थी, NCERT ने ढंककर छापी: विवाद के बाद बदलने का फैसला; कांसे की प्रतिमा 1926 में मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिली थी मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिली कांसे की नर्तकी की मूर्ति की फोटो बदले हुए रूप में छापी गई है। NCERT की किताब में मूर्ति के ढंके धड़ वाली फोटो है। मूर्ति का रंग भी बदल दिया गया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नर्तकी की तस्वीर 9वीं की किताब ‘मधुरिमा’ के पहले चैप्टर ‘हिस्ट्री ऑफ आर्ट्स’ में दी गई है। तस्वीर में कंधे से नीचे का हिस्सा ढंक दिया गया है, जबकि मूल मूर्ति में यह हिस्सा खुला दिखाई देता है। 25 साल से छप रही इस कांस्य मूर्ति के मूल स्वरूप में पहले कभी बदलाव नहीं किया गया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
South Africa Reach Knockout Stage

मॉन्टेरी2 मिनट पहले कॉपी लिंक साउथ अफ्रीका ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट में प्रवेश कर लिया है। टीम ने गुरुवार को ग्रुप-ए के मैच में साउथ कोरिया को 1-0 से हराया। साउथ अफ्रीका पहली बार फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में पहुंची है। मॉन्टेरी स्टेडियम में थापेलो मासेको ने 63वें मिनट में गोल दागा, जोकि निर्णायक गोल साबित हुआ। मुकाबले का पहला हाफ गोल रहित रहा। ग्रुप-ए के एक अन्य मैच में मैक्सिको ने चेक रिपब्लिक को 3-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। साउथ अफ्रीका की अटैकिंग शुरुआत साउथ अफ्रीका ने अटैकिंग शुरुआत की। साउथ कोरिया के डिफेंडर ली गिह्युक ने मैच की शुरुआत में मासेको का एक तेज अटैक रोक दिया। इसके बाद थालेंटे म्बाथा और एविडेंस मकगोपा के प्रयासों को गोलकीपर किम स्युंगग्यु ने नाकाम किया। कोरिया ने रणनीति बदली, फायदा अफ्रीका को हुआ दूसरे हाफ में साउथ कोरिया के कोच हांग म्युंग-बो ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए 3 बदलाव किए। इनमें स्टार खिलाड़ी सोन ह्युंग-मिन को भी मैदान पर उतारा गया। कोरिया लगातार दबाव बना रहा था, लेकिन निर्णायक क्षण दक्षिण अफ्रीका के हिस्से आया। 63वें मिनट में तेशपांग मोरेमी ने बाएं फ्लैंक से शानदार रन बनाते हुए पेनल्टी बॉक्स के किनारे पास दिया। मासेको ने गेंद को कंट्रोल करके बाएं पैर से नजदीकी पोस्ट की ओर सटीक शॉट लगाया, जो गोल में तब्दील हो गया। तेशपांग मोरेमी ने मैच का इकलौता गोल दागा। अफ्रीकी डिफेंस को भेद नहीं सका कोरिया गोल खाने के बाद साउथ कोरिया ने बराबरी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन साउथ अफ्रीका की डिफेंस लाइन को भेद नहीं सकी। आखिरकार साउथ अफ्रीका ने 1-0 की जीत दर्ज करते हुए नॉकआउट चरण में जगह पक्की कर ली। मैच 53: चोकिया Vs मैक्सिको, स्कोरलाइन 0-3 मैक्सिको ने पहली बार ग्रुप स्टेज के तीनों मैच जीते मेजबान मैक्सिको ने चेक गणराज्य को 3-0 से हराकर ग्रुप-ए में 100% जीत के साथ टॉप पोजिशन हासिल की। टीम ने पहली बार ग्रुप स्टेज के तीनों मैच जीते हैं। टीम ने 1986 और 2002 वर्ल्ड कप में दो मैच जीते थे और एक ड्रॉ रहा था। मैक्सिको सिटी स्टेडियम में खेले गए मैच के दूसरे हाफ में मातेओ चावेज और जूलियन क्विन्योनेस ने छह मिनट के अंदर गोल दागकर टीम को मजबूत बढ़त दिलाई। फिर इंजुरी टाइम में अल्वारो फिडाल्गो ने तीसरा गोल कर जीत दिला दी। पहला वर्ल्ड कप खेल रहे 22 साल के मातेओ चावेज ने 55वें मिनट में गोल कर मैक्सिको का खाता खोला। फिर जूलियन क्विन्योनेस ने 61वें मिनट में दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। निर्धारित समय समाप्त होने के बाद फिडाल्गो ने तीसरा गोल कर चेक गणराज्य की वापसी की उम्मीदें खत्म कर दीं। मैक्सिको के मैच में समलैंगिक-विरोधी नारा लगा, जुर्माना लग चुका नॉकआउट में पहुंचने के बाद मैक्सिको के फैंस का सेलिब्रेशन देखिए। मैक्सिको-चेक गणराज्य मैच के दौरान एक बार फिर समलैंगिक-विरोधी नारा सुनाई दिया। यह वही नारा है, जिसकी वजह से फीफा मैक्सिको फुटबॉल महासंघ पर कई बार जुर्माना लगा चुका है। एस्टाडियो एज्टेका में चेक गणराज्य के गोलकीपर मातेय कोवार के गोल किक लेने के दौरान स्टेडियम में मौजूद कुछ दर्शकों ने यह नारा लगाया। स्पेनिश भाषा में इस्तेमाल होने वाला यह शब्द मूल रूप से पुरुष वेश्या के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे अपमानजनक माना जाता है। यह नारा करीब 25 साल पहले मैक्सिकन फुटबॉल संस्कृति में लोकप्रिय हुआ था। इसे विपक्षी गोलकीपर्स पर मानसिक दबाव बनाने के लिए लगाया जाता है। 2014 के ब्राजील वर्ल्ड कप के दौरान यह वैश्विक स्तर पर चर्चा में आया था। इसके बाद 2018 रूस वर्ल्ड कप और 2022 कतर वर्ल्ड कप में भी यह कई बार सुनाई दिया। मैक्सिको फुटबॉल महासंघ इस नारे को रोकने के लिए लंबे समय से अभियान चला रहा है, लेकिन इसके बावजूद यह पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है। फीफा पहले भी इस मामले में मैक्सिको पर लाखों डॉलर का जुर्माना लगा चुका है। ——————————————— फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… ब्राजील फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट में, स्कॉटलैंड को 3-0 से हराया 5 बार की वर्ल्ड चैंपियन ब्राजील ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में प्रवेश कर लिया है। उसने गुरुवार सुबह ग्रुप-सी के मैच में स्कॉटलैंड को 3-0 से हराया। मियामी स्टेडियम में ब्राजील की ओर से विनीसियस जूनियर ने दो गोल किए। जबकि एक गोल मैथियस कुन्हा ने दागा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
विपक्षी नेताओं पर भड़के रामायण के लक्ष्मण सुनील लहरी:इटली से तुलना कर बोले- प्रधानमंत्री को भला-बुरा कहते हैं, शर्म की बात, चुल्लू भर पानी में डूब मरो

रामानंद सागर के पॉपुलर टीवी शो रामायण में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी भारत की राजनीति पर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि भारत के विपक्षी नेता ही बाहर के लोगों के साथ मिलकर देश की गरिमा से खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने भारत को इटली की राजनीति से सीख लेने की सलाह दी है। सुनील लहरी ने आधिकारिक एक्स अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट की है, जिसके साथ उन्होंने लिखा है, ‘अगर देश को नंबर 1और मजबूत बनाना है तो विपक्ष को आपसी मतभेद भुलकर सत्ताधारी पार्टी का बाहर वाली नकरात्मक शक्तियों से देश की गरिमा और लड़ाई में साथ देना चाहिए ना कि उन बाहर वाली शक्तियों की हां में हां मिलानी चाहिए।’ शेयर किए गए वीडियो में सुनील ने कहा है, ‘दोस्तों ये जानकर बहुत खुशी होती है कि आज भी दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जो अपने देश, प्रधानमंत्री और सरकार की गरिमा के लिए आपसी मतभेद भूलकर साथ खड़े हैं। आप समझ गए होंगे कि मैं इटली की बात कर रहा हूं। और एक भारत है, जहां अपोजिशन वाले बाहर वालों के साथ मिलकर अपने देश को अपनी सरकार को, अपने प्रधानमंत्री को भला-बुरा बोलते हैं। कितनी शर्म की बात है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘कोई अपने देश के लिए जान ही क्यों न लगा दे, लेकिन देश की तरक्की तब होती है, जब पूरा देश एक साथ मिलकर इसके लिए खड़ा हो। वैसे भी हम भारतीयों का इतिहास रहा है, चाहे वो मुगल सम्राज हो या ब्रिटिश शासन हो। भारतीयों को मारने वाले कौन थे, न मुगल थे न ब्रिटिश थे, भारतीय थे। चुल्लू भर पानी में इन लोगों को डूब मरना चाहिए। देश की तरक्की में बाधा बनते हैं, देश के साथ एकजुट खड़े नहीं होते। कई चीजों में सवाल करते हैं। आपकी क्या राय है जरूर बताइएगा। जय हिंद, जय श्री राम।’ टीवी शो रामायण में लक्ष्मण बने थे सुनील लहरी 1987 में आए पॉपुलर माइथोलॉजिकल शो रामायण में सुनील लहरी ने लक्ष्मण का किरदार निभाया था, जबकि अरुम गोविल भगवान राम और दीपिका चिखलिया माता सीता के किरदार में थीं। ये दुनिया का सबसे ज्यादा देखा गया पौराणिक टीवी शो है, जिसे 65 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा। शो को रामानंद सागर ने बनाया था। रणबीर कपूर के राम बनने पर दे चुके हैं प्रतिक्रिया टीवी शो की पॉपुलैरिटी के बाद अब जल्द ही फिल्म रामायण रिलीज होने वाली है, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में हैं। कुछ समय पहले ही फिल्म की टीजर जारी किया गया है। इसे देखने के बाद सुनील लहरी ने रणबीर की सराहना की। उन्होंने डीएनए से बातचीत में रणबीर के लुक पर कहा, जो धैर्य और मासूमियत अरुण गोविल के चेहरे पर दिखती थी, उसकी कमी लग रही है। हालांकि, मुझे उम्मीद है कि वह अपनी एक्टिंग से किरदार के साथ न्याय करेंगे। सुनील ने आगे कहा कि ‘एनिमल’ जैसी फिल्म के बाद रणबीर को अचानक भगवान राम के रूप में देखना दर्शकों के लिए मुश्किल होगा। वह राम के बजाय लक्ष्मण या भरत के किरदार के लिए ज्यादा फिट लगते। सुनील लहरी का मानना है कि भगवान राम जैसे किरदारों के लिए नए चेहरों को कास्ट करना बेहतर होता है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई सुपरस्टार ऐसा रोल करता है, तो दर्शकों के मन में उसकी पिछली फिल्मों की इमेज रहती है। उन्होंने कहा, थिएटर में एंट्री करते वक्त दर्शकों के मन में एक्टर की एक खास छवि बनी रहती है। किसी एक्टर के लिए अपनी पुरानी इमेज को त्याग देना और भगवान के रूप में स्वीकार्यता हासिल करना लगभग नामुमकिन है। बता दें कि इस फिल्म में लक्ष्मण का रोल रवि दुबे निभा रहे हैं।
विपक्षी नेताओं पर भड़के रामायण के लक्ष्मण सुनील लहरी:इटली से तुलना कर बोले- प्रधानमंत्री को भला-बुरा कहते हैं, शर्म की बात, चुल्लू भर पानी में डूब मरो

रामानंद सागर के पॉपुलर टीवी शो रामायण में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी भारत की राजनीति और विपक्षी नेताओं पर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि भारत के विपक्षी नेता ही बाहर के लोगों के साथ मिलकर देश की गरिमा से खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने भारत को इटली की राजनीति से सीख लेने की सलाह दी है। सुनील लहरी ने आधिकारिक एक्स अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट की है, जिसके साथ उन्होंने लिखा है, ‘अगर देश को नंबर 1और मजबूत बनाना है तो विपक्ष को आपसी मतभेद भुलकर सत्ताधारी पार्टी का बाहर वाली नकारात्मक शक्तियों से देश की गरिमा और लड़ाई में साथ देना चाहिए ना कि उन बाहर वाली शक्तियों की हां में हां मिलानी चाहिए।’ शेयर किए गए वीडियो में सुनील ने कहा है, ‘दोस्तों ये जानकर बहुत खुशी होती है कि आज भी दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जो अपने देश, प्रधानमंत्री और सरकार की गरिमा के लिए आपसी मतभेद भूलकर साथ खड़े हैं। आप समझ गए होंगे कि मैं इटली की बात कर रहा हूं। और एक भारत है, जहां अपोजिशन वाले बाहर वालों के साथ मिलकर अपने देश को अपनी सरकार को, अपने प्रधानमंत्री को भला-बुरा बोलते हैं। कितनी शर्म की बात है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘कोई अपने देश के लिए जान ही क्यों न लगा दे, लेकिन देश की तरक्की तब होती है, जब पूरा देश एक साथ मिलकर इसके लिए खड़ा हो। वैसे भी हम भारतीयों का इतिहास रहा है, चाहे वो मुगल सम्राज हो या ब्रिटिश शासन हो। भारतीयों को मारने वाले कौन थे, न मुगल थे न ब्रिटिश थे, भारतीय थे। चुल्लू भर पानी में इन लोगों को डूब मरना चाहिए। देश की तरक्की में बाधा बनते हैं, देश के साथ एकजुट खड़े नहीं होते। कई चीजों में सवाल करते हैं। आपकी क्या राय है जरूर बताइएगा। जय हिंद, जय श्री राम।’ टीवी शो रामायण में लक्ष्मण बने थे सुनील लहरी 1987 में आए पॉपुलर माइथोलॉजिकल शो रामायण में सुनील लहरी ने लक्ष्मण का किरदार निभाया था, जबकि अरुण गोविल भगवान राम और दीपिका चिखलिया माता सीता के किरदार में थीं। ये दुनिया का सबसे ज्यादा देखा गया पौराणिक टीवी शो है, जिसे 65 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा। शो को रामानंद सागर ने बनाया था। रणबीर कपूर के राम बनने पर दे चुके हैं प्रतिक्रिया टीवी शो की पॉपुलैरिटी के बाद अब जल्द ही फिल्म रामायण रिलीज होने वाली है, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में हैं। कुछ समय पहले ही फिल्म का टीजर जारी किया गया है। इसे देखने के बाद सुनील लहरी ने रणबीर की सराहना की। उन्होंने डीएनए से बातचीत में रणबीर के लुक पर कहा, जो धैर्य और मासूमियत अरुण गोविल के चेहरे पर दिखती थी, उसकी कमी लग रही है। हालांकि, मुझे उम्मीद है कि वह अपनी एक्टिंग से किरदार के साथ न्याय करेंगे। सुनील ने आगे कहा कि ‘एनिमल’ जैसी फिल्म के बाद रणबीर को अचानक भगवान राम के रूप में देखना दर्शकों के लिए मुश्किल होगा। वह राम के बजाय लक्ष्मण या भरत के किरदार के लिए ज्यादा फिट लगते। सुनील लहरी का मानना है कि भगवान राम जैसे किरदारों के लिए नए चेहरों को कास्ट करना बेहतर होता है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई सुपरस्टार ऐसा रोल करता है, तो दर्शकों के मन में उसकी पिछली फिल्मों की इमेज रहती है। उन्होंने कहा, थिएटर में एंट्री करते वक्त दर्शकों के मन में एक्टर की एक खास छवि बनी रहती है। किसी एक्टर के लिए अपनी पुरानी इमेज को त्याग देना और भगवान के रूप में स्वीकार्यता हासिल करना लगभग नामुमकिन है। बता दें कि इस फिल्म में लक्ष्मण का रोल रवि दुबे निभा रहे हैं।
इंग्लैंड सेमीफाइनल में पहुंची:विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप की पहली टीम बनी, विंडीज कप्तान मैथ्यूज के विकेट पर विवाद

इंग्लैंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। बुधवार देर रात खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को 38 रनों से हरा दिया। इंग्लैंड के 186 रनों के जवाब में विंडीज टीम 148 रन ही बना सकी। हालांकि, इस मैच में वेस्टइंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज को विकेट के पीछे कैच आउट दिए जाने पर विवाद खड़ा हो गया। ऑन-फील्ड अंपायर ने पहले उन्हें नॉट आउट दिया, लेकिन इंग्लैंड के DRS लेने पर थर्ड अंपायर ने अल्ट्राएज में स्पाइक के आधार पर फैसला पलट दिया। हालांकि, रीप्ले में गेंद और बल्ले के बीच साफ गैप दिखाई देने के बावजूद आउट दिए जाने से फैसले पर सवाल उठने लगे। रिव्यू में बदला फैसला, रीप्ले और अल्ट्राएज के संकेत नहीं मिले एक जैसे यह घटना वेस्टइंडीज की पारी के चौथे ओवर में हुई। लिंसे स्मिथ की गेंद पर हेली मैथ्यूज कट शॉट खेलने से चूकीं और गेंद विकेटकीपर एमी जोन्स के दस्तानों में चली गई। इंग्लैंड की अपील पर ऑन-फील्ड अंपायर एन जनानी ने उन्हें नॉट आउट दिया, जिसके बाद कप्तानी कर रहीं चार्ली डीन ने DRS लिया। थर्ड अंपायर निमाली परेरा ने रीप्ले में देखा कि गेंद बल्ले के बेहद करीब से गुजरी, लेकिन कोई साफ गेंद के बल्ले से टकराने का संकेत नहीं दिखा। इसके बाद अल्ट्राएज में आवाज का संकेत दिखाई दिया, जबकि उसी फ्रेम के फ्रंट-ऑन रीप्ले में बल्ले और गेंद के बीच साफ गैप नजर आया। परेरा ने इस गैप को स्वीकार भी किया, लेकिन अल्ट्राएज के आधार पर संपर्क मानते हुए ऑन-फील्ड अंपायर का फैसला पलट दिया और हेली मैथ्यूज को आउट करार दिया। मैथ्यूज ने फैसले पर नाराजगी जताई, कोच और रिजर्व अंपायर से की चर्चा आउट दिए जाने के बाद हेली मैथ्यूज हैरान और नाराज दिखीं। मैदान छोड़ने से पहले उन्होंने ऑन-फील्ड अंपायरों से अपनी असहमति जताई। डगआउट में पहुंचने के बाद उन्होंने हेड कोच शेन डिट्ज के साथ घटना का वीडियो रीप्ले देखा और फिर बाउंड्री पर मौजूद रिजर्व अंपायर केरिन क्लास्टे से भी इस फैसले पर लंबी चर्चा की। वहीं, कमेंट्री के दौरान ब्रॉडकास्टर एबोनी रैनफोर्ड-ब्रेंट ने कहा कि स्टंप माइक्रोफोन में उन्हें गेंद के बल्ले से लगने की कोई आवाज सुनाई नहीं दी। व्याट-हॉज और नाइट ने इंग्लैंड की पारी को संभाला इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही। एमी जोन्स 1 और सोफिया डंकली 11 रन बनाकर जल्दी आउट हो गईं। इसके बाद डैनी व्याट-हॉज ने 42 गेंदों में 65 रन की शानदार पारी खेली और एलिस कैपसी (26) के साथ तीसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़े। कप्तान हीथर नाइट ने 43 रन बनाकर टीम को 7 विकेट पर 186 रन तक पहुंचाया। इस पारी के साथ व्याट-हॉज टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज भी बन गईं। हेनरी की फिफ्टी भी वेस्टइंडीज को हार से बचा नहीं सकी 187 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की शुरुआत अच्छी नहीं रही। डिएंड्रा डॉटिन ने तेजी से रन बनाने की कोशिश की, लेकिन चार्ली डीन ने उन्हें बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच करा दिया। इसके बाद डीन और सोफी एक्लेस्टोन ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर वेस्टइंडीज को दबाव में रखा। हालांकि, चिनेल हेनरी और जहजारा क्लैक्सटन ने पांचवें विकेट के लिए 63 रन की साझेदारी कर टीम को संभालने की कोशिश की। हेनरी ने नाबाद 51 रन बनाए, लेकिन वेस्टइंडीज 20 ओवर में 5 विकेट पर 148 रन ही बना सकी और 38 रन से मैच हार गई। मैथ्यूज बोलीं- मैंने अंपायर को बताया था कि गेंद बल्ले से दूर थी मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेली मैथ्यूज ने कहा,’कट शॉट खेलते समय मुझे एक आवाज सुनाई दी थी, लेकिन मुझे लगा कि वह बैट के हैंडल या किसी और चीज की थी। मैंने उसी समय ऑन-फील्ड अंपायर को बता दिया था कि गेंद बल्ले से काफी दूर थी।’ उन्होंने कहा कि रीप्ले में बल्ले और गेंद के बीच साफ गैप दिख रहा था, लेकिन तीसरे अंपायर को उपलब्ध तकनीक के आधार पर फैसला लेना होता है। ‘अल्ट्राएज में उन्हें आवाज का संकेत मिला, इसलिए आखिरकार मुझे उनके फैसले का सम्मान करना पड़ा।’ फॉर्म पर बोलीं- रन बनाने हैं, लेकिन अब टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मैच में 48 रन बनाने के बाद मैथ्यूज लगातार बड़ी पारी नहीं खेल सकी हैं। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 17 गेंदों में 14 रन बनाए, जबकि स्कॉटलैंड और श्रीलंका के खिलाफ क्रमश: 14 और 17 रन ही बना सकीं। अपनी फॉर्म पर उन्होंने कहा, ‘मुझे रन बनाने की जरूरत है। डिएंड्रा डॉटिन भी शायद अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद टीम मैच जीत रही है और कड़ी टक्कर दे रही है। यह अच्छी बात है कि अब हमारी टीम किसी एक या दो खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर नहीं है।’ सेमीफाइनल का समीकरण: आयरलैंड को हराते ही मिलेगी अंतिम-4 की टिकट हार के बावजूद वेस्टइंडीज 4 मैचों में 3 जीत और 6 अंकों के साथ ग्रुप-2 में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। वहीं, मेजबान इंग्लैंड लगातार चार जीत के साथ पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है। वेस्टइंडीज का आखिरी ग्रुप मैच शनिवार को आयरलैंड से है। जीत मिलने पर टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। हालांकि, हार की स्थिति में न्यूजीलैंड और श्रीलंका की उम्मीदें जिंदा रहेंगी और सेमीफाइनल की दौड़ नेट रन रेट (NRR) तक पहुंच सकती है।
सेंसेक्स 300 अंक चढ़कर 77,300 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 100 अंक ऊपर 24130 पर आया; ऑटो और रियल्टी शेयरों में खरीदारी

आज यानी गुरुवार, 25 जून को सेंसेक्स 300 अंक (0.40%) की तेजी के साथ 77,300 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 100 अंकों (0.40%) से ज्यादा की तेजी है। ये 24,100 के पार पहुंच गया है। आज के कारोबार में ऑटो और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार अमेरिकी बाजार में कल मिला-जुला कारोबार रहा विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 2398 करोड़ के शेयर खरीदे सेंसेक्स कल 791 अंक चढ़कर 76,991 पर बंद हुआ था
इंग्लैंड सेमीफाइनल में पहुंची:विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप की पहली टीम बनी, विंडीज कप्तान मैथ्यूज के विकेट पर विवाद

इंग्लैंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। बुधवार देर रात खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को 38 रनों से हरा दिया। इंग्लैंड के 186 रनों के जवाब में विंडीज टीम 148 रन ही बना सकी। हालांकि, इस मैच में वेस्टइंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज को विकेट के पीछे कैच आउट दिए जाने पर विवाद खड़ा हो गया। ऑन-फील्ड अंपायर ने पहले उन्हें नॉट आउट दिया, लेकिन इंग्लैंड के DRS लेने पर थर्ड अंपायर ने अल्ट्राएज में स्पाइक के आधार पर फैसला पलट दिया। हालांकि, रीप्ले में गेंद और बल्ले के बीच साफ गैप दिखाई देने के बावजूद आउट दिए जाने से फैसले पर सवाल उठने लगे। रिव्यू में बदला फैसला, रीप्ले और अल्ट्राएज के संकेत नहीं मिले एक जैसे यह घटना वेस्टइंडीज की पारी के चौथे ओवर में हुई। लिंसे स्मिथ की गेंद पर हेली मैथ्यूज कट शॉट खेलने से चूकीं और गेंद विकेटकीपर एमी जोन्स के दस्तानों में चली गई। इंग्लैंड की अपील पर ऑन-फील्ड अंपायर एन जनानी ने उन्हें नॉट आउट दिया, जिसके बाद कप्तानी कर रहीं चार्ली डीन ने DRS लिया। थर्ड अंपायर निमाली परेरा ने रीप्ले में देखा कि गेंद बल्ले के बेहद करीब से गुजरी, लेकिन कोई साफ गेंद के बल्ले से टकराने का संकेत नहीं दिखा। इसके बाद अल्ट्राएज में आवाज का संकेत दिखाई दिया, जबकि उसी फ्रेम के फ्रंट-ऑन रीप्ले में बल्ले और गेंद के बीच साफ गैप नजर आया। परेरा ने इस गैप को स्वीकार भी किया, लेकिन अल्ट्राएज के आधार पर संपर्क मानते हुए ऑन-फील्ड अंपायर का फैसला पलट दिया और हेली मैथ्यूज को आउट करार दिया। मैथ्यूज ने फैसले पर नाराजगी जताई, कोच और रिजर्व अंपायर से की चर्चा आउट दिए जाने के बाद हेली मैथ्यूज हैरान और नाराज दिखीं। मैदान छोड़ने से पहले उन्होंने ऑन-फील्ड अंपायरों से अपनी असहमति जताई। डगआउट में पहुंचने के बाद उन्होंने हेड कोच शेन डिट्ज के साथ घटना का वीडियो रीप्ले देखा और फिर बाउंड्री पर मौजूद रिजर्व अंपायर केरिन क्लास्टे से भी इस फैसले पर लंबी चर्चा की। वहीं, कमेंट्री के दौरान ब्रॉडकास्टर एबोनी रैनफोर्ड-ब्रेंट ने कहा कि स्टंप माइक्रोफोन में उन्हें गेंद के बल्ले से लगने की कोई आवाज सुनाई नहीं दी। व्याट-हॉज और नाइट ने इंग्लैंड की पारी को संभाला इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही। एमी जोन्स 1 और सोफिया डंकली 11 रन बनाकर जल्दी आउट हो गईं। इसके बाद डैनी व्याट-हॉज ने 42 गेंदों में 65 रन की शानदार पारी खेली और एलिस कैपसी (26) के साथ तीसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़े। कप्तान हीथर नाइट ने 43 रन बनाकर टीम को 7 विकेट पर 186 रन तक पहुंचाया। इस पारी के साथ व्याट-हॉज टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज भी बन गईं। हेनरी की फिफ्टी भी वेस्टइंडीज को हार से बचा नहीं सकी 187 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की शुरुआत अच्छी नहीं रही। डिएंड्रा डॉटिन ने तेजी से रन बनाने की कोशिश की, लेकिन चार्ली डीन ने उन्हें बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच करा दिया। इसके बाद डीन और सोफी एक्लेस्टोन ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर वेस्टइंडीज को दबाव में रखा। हालांकि, चिनेल हेनरी और जहजारा क्लैक्सटन ने पांचवें विकेट के लिए 63 रन की साझेदारी कर टीम को संभालने की कोशिश की। हेनरी ने नाबाद 51 रन बनाए, लेकिन वेस्टइंडीज 20 ओवर में 5 विकेट पर 148 रन ही बना सकी और 38 रन से मैच हार गई। मैथ्यूज बोलीं- मैंने अंपायर को बताया था कि गेंद बल्ले से दूर थी मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेली मैथ्यूज ने कहा,’कट शॉट खेलते समय मुझे एक आवाज सुनाई दी थी, लेकिन मुझे लगा कि वह बैट के हैंडल या किसी और चीज की थी। मैंने उसी समय ऑन-फील्ड अंपायर को बता दिया था कि गेंद बल्ले से काफी दूर थी।’ उन्होंने कहा कि रीप्ले में बल्ले और गेंद के बीच साफ गैप दिख रहा था, लेकिन तीसरे अंपायर को उपलब्ध तकनीक के आधार पर फैसला लेना होता है। ‘अल्ट्राएज में उन्हें आवाज का संकेत मिला, इसलिए आखिरकार मुझे उनके फैसले का सम्मान करना पड़ा।’ फॉर्म पर बोलीं- रन बनाने हैं, लेकिन अब टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मैच में 48 रन बनाने के बाद मैथ्यूज लगातार बड़ी पारी नहीं खेल सकी हैं। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 17 गेंदों में 14 रन बनाए, जबकि स्कॉटलैंड और श्रीलंका के खिलाफ क्रमश: 14 और 17 रन ही बना सकीं। अपनी फॉर्म पर उन्होंने कहा, ‘मुझे रन बनाने की जरूरत है। डिएंड्रा डॉटिन भी शायद अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद टीम मैच जीत रही है और कड़ी टक्कर दे रही है। यह अच्छी बात है कि अब हमारी टीम किसी एक या दो खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर नहीं है।’ सेमीफाइनल का समीकरण: आयरलैंड को हराते ही मिलेगी अंतिम-4 की टिकट हार के बावजूद वेस्टइंडीज 4 मैचों में 3 जीत और 6 अंकों के साथ ग्रुप-2 में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। वहीं, मेजबान इंग्लैंड लगातार चार जीत के साथ पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है। वेस्टइंडीज का आखिरी ग्रुप मैच शनिवार को आयरलैंड से है। जीत मिलने पर टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। हालांकि, हार की स्थिति में न्यूजीलैंड और श्रीलंका की उम्मीदें जिंदा रहेंगी और सेमीफाइनल की दौड़ नेट रन रेट (NRR) तक पहुंच सकती है।
सेंसेक्स 300 अंक चढ़कर 77,300 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 100 अंक ऊपर 24130 पर आया; ऑटो और रियल्टी शेयरों में खरीदारी

आज यानी गुरुवार, 25 जून को सेंसेक्स 300 अंक (0.40%) की तेजी के साथ 77,300 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 100 अंकों (0.40%) से ज्यादा की तेजी है। ये 24,100 के पार पहुंच गया है। आज के कारोबार में ऑटो और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार अमेरिकी बाजार में कल मिला-जुला कारोबार रहा विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 2398 करोड़ के शेयर खरीदे सेंसेक्स कल 791 अंक चढ़कर 76,991 पर बंद हुआ था








