Saturday, 22 Aug 2026 | 02:02 PM

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वर्ल्ड अपडेट्स:एपस्टीन कनेक्शन की समीक्षा पूरी होने तक वॉरेन बफे ने गेट्स फाउंडेशन को दान रोका: रिपोर्ट

वर्ल्ड अपडेट्स:एपस्टीन कनेक्शन की समीक्षा पूरी होने तक वॉरेन बफे ने गेट्स फाउंडेशन को दान रोका: रिपोर्ट

बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन वॉरेन बफे ने इस साल गेट्स फाउंडेशन को होने वाला अपना नियमित मध्य-वर्षीय अरबों डॉलर का दान फिलहाल रोक दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, वे फाउंडेशन और दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के संबंधों की बाहरी समीक्षा पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गेट्स फाउंडेशन के CEO मार्क सुजमैन ने एपस्टीन से जुड़े फाउंडेशन के पुराने संपर्कों की स्वतंत्र जांच कराई है। इसकी रिपोर्ट गर्मियों में आने की उम्मीद है। बताया गया है कि बफेट दान पर अंतिम फैसला साल के आखिर में, संभवतः अपनी थैंक्सगिविंग चिट्ठी जारी करने के समय ले सकते हैं। 95 वर्षीय बफे पिछले दो दशकों में बर्कशायर हैथवे के 47 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के शेयर गेट्स फाउंडेशन को दान कर चुके हैं। गेट्स फाउंडेशन उस समय विवादों में आया था जब अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी कुछ ईमेल में एपस्टीन और फाउंडेशन के कर्मचारियों के बीच संवाद का जिक्र सामने आया। इसी के बाद फाउंडेशन ने पुराने संबंधों की स्वतंत्र समीक्षा शुरू कराई। रॉयटर्स के अनुसार, इस मामले पर बर्कशायर हैथवे और गेट्स फाउंडेशन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। एजेंसी स्वतंत्र रूप से वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट की पुष्टि भी नहीं कर सकी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबर… किंग चार्ल्स के आधिकारिक विवरण से 500 साल पुरानी ‘डिफेंडर ऑफ द फेथ’ उपाधि हटी ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय के आधिकारिक कार्य विवरण से 500 साल पुरानी ‘डिफेंडर ऑफ द फेथ’ की उपाधि हटा दी गई है। 2025-26 की सॉवरेन ग्रांट रिपोर्ट में अब उन्हें इंग्लैंड चर्च का सुप्रीम गवर्नर और ब्रिटेन के बहुधार्मिक समाज में आस्था के लिए स्थान की रक्षा करने वाला बताया गया है। नई रिपोर्ट की भाषा पिछले साल की रिपोर्ट से अलग है। पहले चार्ल्स को ‘हेड ऑफ द चर्च ऑफ इंग्लैंड एंड डिफेंडर ऑफ द फेथ” कहा जाता था। हालांकि, शाही परिवार की आधिकारिक वेबसाइट पर यह उपाधि अभी भी दर्ज है। ‘डिफेंडर ऑफ द फेथ’ की उपाधि 1521 में पोप लियो दशम ने इंग्लैंड के राजा हेनरी अष्टम को दी थी। यह सम्मान उन्हें मार्टिन लूथर के धार्मिक सुधार आंदोलन का विरोध करने के बाद मिला था। यह बदलाव तीन दशक पुरानी बहस को फिर चर्चा में ले आया है। 1994 में प्रिंस ऑफ वेल्स रहते हुए चार्ल्स ने कहा था कि वे ‘डिफेंडर ऑफ द फेथ’ कहलाना पसंद करेंगे, ताकि वे केवल ईसाई धर्म ही नहीं बल्कि सभी धर्मों का प्रतिनिधित्व कर सकें। 2023 में राज्याभिषेक के दौरान उन्होंने पारंपरिक शपथ नहीं बदली थी, लेकिन प्रस्तावना में यह जोड़ा गया था कि इंग्लैंड चर्च ऐसा वातावरण बनाएगा, जहां सभी धर्मों और मान्यताओं के लोग स्वतंत्र रूप से रह सकें। अमेरिकी कैथोलिक आर्चडायसीज 500 से अधिक बाल यौन शोषण पीड़ितों को 39.5 करोड़ डॉलर देगा अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को कैथोलिक आर्चडायसीज ने 500 से अधिक बाल यौन शोषण मुकदमों के निपटारे के लिए 39.5 करोड़ डॉलर (395 मिलियन डॉलर) देने पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। समझौते के तहत आर्चबिशप साल्वातोरे जे. कॉर्डिलियोने प्रत्येक पीड़ित को व्यक्तिगत माफी पत्र लिखेंगे। साथ ही चर्च को बाल सुरक्षा और पारदर्शिता से जुड़े कई सुधार भी लागू करने होंगे। आर्चबिशप कॉर्डिलियोने ने श्रद्धालुओं को लिखे पत्र में कहा कि कोई भी आर्थिक समझौता अतीत के दर्द को मिटा नहीं सकता, लेकिन इससे पीड़ितों को उचित मुआवजा देने का रास्ता खुलेगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संस्थागत विफलताओं के कारण यह नुकसान हुआ और सभी पीड़ितों से ईमानदारी से माफी मांगी। समझौते के तहत चर्च को बाल यौन शोषण के आरोप झेल चुके पादरियों की सूची सार्वजनिक रखनी होगी, उसे नियमित रूप से प्रकाशित करना होगा और पीड़ितों को चुप कराने वाले गोपनीयता समझौतों पर रोक लगानी होगी। यह मामला अमेरिका में कैथोलिक चर्च से जुड़े बाल यौन शोषण मामलों में हुए बड़े मुआवजा समझौतों की श्रृंखला का नया उदाहरण है। अक्टूबर 2024 में लॉस एंजिलिस आर्चडायसीज ने 1,353 मामलों के निपटारे के लिए 88 करोड़ डॉलर (880 मिलियन डॉलर) के समझौते पर सहमति जताई थी।

India Womens Cricket Squad Announced; Harmanpreet Captain, Mandhana Vice-Captain

India Womens Cricket Squad Announced; Harmanpreet Captain, Mandhana Vice-Captain

Hindi News Sports Cricket Asian Games 2026: India Womens Cricket Squad Announced; Harmanpreet Captain, Mandhana Vice Captain 1 मिनट पहले कॉपी लिंक जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के स्क्वॉड की घोषणा कर दी है। टीम में कोई बड़ा उलटफेर न करते हुए सीनियर और अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताया गया है। BCCI की सीनियर चयन समिति ने स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा जैसी दिग्गज चौकड़ी को टीम में शामिल किया है। मंधाना और शेफाली संभालेंगी ओपनिंग की जिम्मेदारी टीम के चयन में इस बार अनुभव और फॉर्म को प्राथमिकता दी गई है। स्मृति मंधाना के साथ शेफाली वर्मा पारी की शुरुआत करती नजर आएंगी। मंधाना के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का लंबा अनुभव है, जबकि शेफाली अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पावरप्ले में विपक्षी टीम पर दबाव बनाने के लिए जानी जाती हैं। मिडिल ऑर्डर में जेमिमा रोड्रिग्स पारी को संभालने का काम करेंगी, जो हाल के दिनों में बेहतरीन फॉर्म में चल रही हैं। दीप्ति शर्मा निभाएंगी ऑलराउंडर की भूमिका टीम की सबसे अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा पर एक बार फिर से दोहरी जिम्मेदारी होगी। दीप्ति न सिर्फ मिडिल और डेथ ओवर्स में अपनी कसी हुई स्पिन गेंदबाजी से रन रोकने की क्षमता रखती हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर निचले क्रम में आकर उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकती हैं। वे टीम के संतुलन के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही हैं। चयनकर्ताओं ने पिचों के मिजाज को देखते हुए स्पिन डिपार्टमेंट पर खास भरोसा जताया है। एशियन गेम्स टी-20 फॉर्मेट में खेले जाएंगे मुकाबले एशियन गेम्स में क्रिकेट इवेंट टी20 (T20) फॉर्मेट में आयोजित किया जा रहा है। भारतीय महिला टीम को टूर्नामेंट में सीधे क्वार्टर फाइनल या नॉकआउट स्टेज में एंट्री मिलने की उम्मीद है, क्योंकि ICC रैंकिंग में भारत टॉप टीमों में शामिल है। पिछली बार की तरह इस बार भी भारतीय टीम का मुख्य मुकाबला पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी एशियाई टीमों से होने की उम्मीद है। मुख्य कोच और मैनेजमेंट खिलाड़ियों के वर्कलोड और फिटनेस पर भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत का पूरा स्क्वॉड हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी. कमलिनी (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, श्रेयांका पाटिल, राधा यादव, नंदनी शर्मा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

'चौहान' के टीजर पर विवाद:'पठानों से कह दो, चौहान आ गया' डायलॉग पर आपत्ति, क्षत्रिय परिषद बोला- इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से न दिखाएं

'चौहान' के टीजर पर विवाद:'पठानों से कह दो, चौहान आ गया' डायलॉग पर आपत्ति, क्षत्रिय परिषद बोला- इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से न दिखाएं

अजय देवगन की फिल्म ‘चौहान’ का टीजर विवाद में आ गया। क्षत्रिय परिषद नाम के संगठन ने कहा कि ऐतिहासिक विरासत को सांप्रदायिक लामबंदी का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। संगठन ने फिल्म प्रोड्यूसर्स से राजपूत नाम का इस्तेमाल जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने के लिए नहीं करने की अपील की। 25 जून को फिल्म का टीजर रिलीज किया गया था। इसमें अजय देवगन की आवाज में एक डायलॉग है, “पठानों से कह दो, चौहान आ गया है।” सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे धार्मिक विभाजन बढ़ाने की कोशिश बताया। फिल्म को कश्मीर संघर्ष के चित्रण और यह दिखाने को लेकर भी आलोचना मिली कि पैलेट गन से कम नुकसान होता है। क्षत्रिय परिषद ने अपने बयान में कहा कि इतिहास की जटिलता का सम्मान किया जाना चाहिए और राजपूत विरासत का इस्तेमाल राजनीतिक या वैचारिक उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए। संगठन ने कहा कि ‘चौहान’ कुलनाम का समकालीन सांप्रदायिक राजनीति के लिए इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। संगठन ने कहा कि जब मेनस्ट्रीम मीडिया और पब्लिक बातचीत में राजपूत समुदाय की आवाज पहले से कम प्रतिनिधित्व रखती है, तब किसी राजपूत कुलनाम का उपयोग केवल विवाद, जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने या राजनीतिक माहौल बनाने के लिए करना गैर-जिम्मेदाराना और असम्मानजनक है। इतिहास के उदाहरण भी दिए संगठन ने कहा कि भारतीय इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से नहीं देखा जा सकता। बयान में कहा गया कि कई अवसरों पर राजपूत और पठान एक-दूसरे के साथ मिलकर लड़े। इसमें खानवा के युद्ध में महाराणा सांगा के नेतृत्व में महमूद लोदी, हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप की सेना में हकीम खान सूर, फरीद खान (बाद में शेरशाह सूरी) का राजा रायसल शेखावत से जुड़ाव और प्रथम पानीपत के युद्ध में महाराजा विक्रमादित्य तोमर का लोदी सेना के साथ लड़ना शामिल है। संगठन ने कहा कि ये घटनाएं बताती हैं कि मध्यकालीन राजनीतिक गठबंधन शासन, निष्ठा और सैन्य रणनीति पर आधारित थे, न कि आज थोपे जा रहे सांप्रदायिक नजरिए पर। फिल्म के टीजर की सोशल मीडिया पर तारीफ और आलोचना, दोनों हुई। एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने कश्मीर में पैलेट गन के सबसे कम उम्र के पीड़ित से जुड़ी एक खबर शेयर करते हुए लिखा कि पैलेट गन कम नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि यह गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यधारा के कश्मीरी पठान नहीं हैं और पोस्ट के साथ ‘विवेक अग्निहोत्री-फिकेशन ऑफ बॉलीवुड’ लिखा। जियो स्टूडियोज और कलर येलो प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी ज्योति देशपांडे, आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा की यह फिल्म 1 अक्टूबर को रिलीज होगी।

'चौहान' के टीजर पर विवाद:'पठानों से कह दो, चौहान आ गया' डायलॉग पर आपत्ति, क्षत्रिय परिषद बोला- इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से न दिखाएं

'चौहान' के टीजर पर विवाद:'पठानों से कह दो, चौहान आ गया' डायलॉग पर आपत्ति, क्षत्रिय परिषद बोला- इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से न दिखाएं

अजय देवगन की फिल्म ‘चौहान’ का टीजर विवाद में आ गया। क्षत्रिय परिषद नाम के संगठन ने कहा कि ऐतिहासिक विरासत को सांप्रदायिक लामबंदी का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। संगठन ने फिल्म प्रोड्यूसर्स से राजपूत नाम का इस्तेमाल जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने के लिए नहीं करने की अपील की। 25 जून को फिल्म का टीजर रिलीज किया गया था। इसमें अजय देवगन की आवाज में एक डायलॉग है, “पठानों से कह दो, चौहान आ गया है।” सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे धार्मिक विभाजन बढ़ाने की कोशिश बताया। फिल्म को कश्मीर संघर्ष के चित्रण और यह दिखाने को लेकर भी आलोचना मिली कि पैलेट गन से कम नुकसान होता है। क्षत्रिय परिषद ने अपने बयान में कहा कि इतिहास की जटिलता का सम्मान किया जाना चाहिए और राजपूत विरासत का इस्तेमाल राजनीतिक या वैचारिक उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए। संगठन ने कहा कि ‘चौहान’ कुलनाम का समकालीन सांप्रदायिक राजनीति के लिए इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। संगठन ने कहा कि जब मेनस्ट्रीम मीडिया और पब्लिक बातचीत में राजपूत समुदाय की आवाज पहले से कम प्रतिनिधित्व रखती है, तब किसी राजपूत कुलनाम का उपयोग केवल विवाद, जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने या राजनीतिक माहौल बनाने के लिए करना गैर-जिम्मेदाराना और असम्मानजनक है। इतिहास के उदाहरण भी दिए संगठन ने कहा कि भारतीय इतिहास को सांप्रदायिक नजरिए से नहीं देखा जा सकता। बयान में कहा गया कि कई अवसरों पर राजपूत और पठान एक-दूसरे के साथ मिलकर लड़े। इसमें खानवा के युद्ध में महाराणा सांगा के नेतृत्व में महमूद लोदी, हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप की सेना में हकीम खान सूर, फरीद खान (बाद में शेरशाह सूरी) का राजा रायसल शेखावत से जुड़ाव और प्रथम पानीपत के युद्ध में महाराजा विक्रमादित्य तोमर का लोदी सेना के साथ लड़ना शामिल है। संगठन ने कहा कि ये घटनाएं बताती हैं कि मध्यकालीन राजनीतिक गठबंधन शासन, निष्ठा और सैन्य रणनीति पर आधारित थे, न कि आज थोपे जा रहे सांप्रदायिक नजरिए पर। फिल्म के टीजर की सोशल मीडिया पर तारीफ और आलोचना, दोनों हुई। एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने कश्मीर में पैलेट गन के सबसे कम उम्र के पीड़ित से जुड़ी एक खबर शेयर करते हुए लिखा कि पैलेट गन कम नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि यह गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यधारा के कश्मीरी पठान नहीं हैं और पोस्ट के साथ ‘विवेक अग्निहोत्री-फिकेशन ऑफ बॉलीवुड’ लिखा। जियो स्टूडियोज और कलर येलो प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी ज्योति देशपांडे, आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा की यह फिल्म 1 अक्टूबर को रिलीज होगी।

Stock Market Falls | Nifty Weak; IT, Auto Selloff

Stock Market Falls | Nifty Weak; IT, Auto Selloff

नई दिल्ली23 मिनट पहले कॉपी लिंक शेयर बाजार में आज यानी 30 जून को गिरावट है। सेंसेक्स करीब 100 अंक की गिरावट के साथ 76,650 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी 50 अंक से ज्यादा की गिरावट है। ये 23,900 पर कारोबार कर रहा है। IT और ऑटो शेयर्स में ज्यादा बिकवाली है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 8474 +52 +0.69% निक्केई (जापान) 70117 +649 +0.93% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 22785 -242 -0.93% अमेरिकी बाजार में कल बढ़त रही इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 52183 +307 +0.59% नैस्डैक 25820 +523 +2.07% S&P 500 7440 +86 +1.18% विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 2,810 करोड़ के शेयर बेचे कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII +2,802 +12,187 +78,958 FII/FPI -1,350 -2,810 -46,472 नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 29 जून को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 372 अंक गिरकर 76,728 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 110 अंक की गिरावट रही, ये 23,946 पर बंद हुआ था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Stock Market Falls | Nifty Weak; IT, Auto Selloff

Stock Market Falls | Nifty Weak; IT, Auto Selloff

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक शेयर बाजार में आज यानी 30 जून को गिरावट है। सेंसेक्स करीब 100 अंक की गिरावट के साथ 76,650 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 50 अंक की गिरावट है। ये 23,900 पर कारोबार कर रहा है। IT और ऑटो शेयर्स में ज्यादा बिकवाली है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 8474 +52 +0.69% निक्केई (जापान) 70117 +649 +0.93% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 22785 -242 -0.93% अमेरिकी बाजार में कल बढ़त रही इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 52183 +307 +0.59% नैस्डैक 25820 +523 +2.07% S&P 500 7440 +86 +1.18% विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 2,810 करोड़ के शेयर बेचे कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII +2,802 +12,187 +78,958 FII/FPI -1,350 -2,810 -46,472 नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 29 जून को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 372 अंक गिरकर 76,728 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 110 अंक की गिरावट रही, ये 23,946 पर बंद हुआ था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

WhatsApp New Feature; Username | Chat Without Phone Numbers

WhatsApp New Feature; Username | Chat Without Phone Numbers

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक अब तक वॉट्सएप पर किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए मोबाइल नंबर देना जरूरी होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेटा के स्वामित्व वाले वॉट्सएप ने यूजरनेम फीचर लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसके बाद लोग अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी सिर्फ यूजरनेम के जरिए चैट कर सकेंगे। कंपनी ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम की बुकिंग शुरू कर दी है। हालांकि यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले कुछ महीनों में इसे धीरे-धीरे सभी देशों में रोल आउट किया जाएगा। जब यह फीचर यूजर के इलाके में उपलब्ध होगा, तब उसके वॉट्सएप के अंदर नोटिफिकेशन मिलेगा। सबसे पहले जानें, जल्दी यूजरनेम बुक करना क्यों जरूरी है दुनियाभर में करोड़ों यूजर्स एक जैसे या मिलते-जुलते यूजरनेम चुन सकते हैं। ऐसे में जो लोग पहले अपना यूजरनेम रिजर्व करेंगे, उन्हें अपनी पसंद का यूजरनेम मिलने की संभावना ज्यादा होगी। WhatsApp के हेड कुणाल शाह ने X पर लिखा सही समय ही सब कुछ है। दुनिया भर में यह फीचर जारी होने से पहले ही WhatsApp से जुड़ें और अपना यूजरनेम सुरक्षित कर लें। अब अपनी पसंद का यूजरनेम लेने का समय है। लोगों से जुड़ने का एक अधिक निजी (प्राइवेट) तरीका जल्द ही आपके WhatsApp पर आने वाला है। इस नए फीचर से क्या बदलेगा यूजरनेम फीचर आने के बाद कुछ स्थितियों में फोन नंबर अपने-आप दिखाई नहीं देगा। इनमें शामिल हैं: जब आपको किसी बड़े ग्रुप चैट में जोड़ा जाएगा। जब आप पहली बार किसी व्यक्ति को मैसेज करेंगे। इस बदलाव से आपका फोन नंबर निजी (प्राइवेट) रहेगा। वह तभी दिखाई देगा, जब आप खुद उसे साझा करना चाहेंगे। वॉट्सएप Username फीचर से जुड़े 8 सवाल-जवाब, जो आपको जानना जरूरी है वॉट्सएप यूजरनेम फीचर क्यों लाया: वॉट्सएप का कहना है कि कई बार लोग किसी नए व्यक्ति से बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन अपना मोबाइल नंबर शेयर नहीं करना चाहते। जैसे किसी नेटवर्किंग इवेंट में मिले व्यक्ति, नए क्लासमेट, पड़ोसी या बच्चों के स्कूल/स्पोर्ट्स ग्रुप के दूसरे पैरेंट्स से बात करते समय प्राइवेसी बनाए रखना जरूरी होता है। ऐसे में अब मोबाइल नंबर की जगह सिर्फ यूजरनेम शेयर किया जा सकेगा। यूजरनेम बनाने के नियम क्या हैं: यूजरनेम 3 से 35 कैरेक्टर का होगा। इसमें केवल a-z (छोटे अंग्रेजी अक्षर), 0-9 (अंक), डॉट (.) और अंडरस्कोर (_) का इस्तेमाल किया जा सकेगा। हर यूजरनेम पूरी तरह यूनिक होगा। जरूरत पड़ने पर इसे बदला, हटाया या अपडेट किया जा सकेगा। क्या मोबाइल नंबर पूरी तरह नहीं दिखेगा: हां, लेकिन केवल उन लोगों के लिए जो पहली बार आपसे संपर्क करेंगे। अगर आपने यूजरनेम सेट किया है, तो नया व्यक्ति आपका मोबाइल नंबर नहीं देख पाएगा। हालांकि वॉट्सएप अकाउंट बनाने और इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह जरूरी रहेगा। जिन लोगों के पास पहले से आपका नंबर सेव है, वे पहले की तरह ही आपसे चैट कर सकेंगे। क्या कोई भी यूजरनेम सर्च करके नंबर ढूंढ सकेगा: नहीं। वॉट्सएप कोई सार्वजनिक यूजरनेम डायरेक्टरी नहीं बनाएगा। कंपनी किसी दूसरे यूजर को आपका यूजरनेम सुझाव (Suggest) भी नहीं देगी। कोई व्यक्ति तभी आपको मैसेज भेज सकेगा, जब उसे आपका सही यूजरनेम पता होगा। Username Key क्या है: वॉट्सएप Username Key नाम का एक नया ऑप्शनल सुरक्षा फीचर भी ला रहा है। यह सिक्योरिटी कोड एक पिन की तरह काम करेगा। अगर यूजर इसे चालू करता है, तो कोई अनजान व्यक्ति सिर्फ आपका यूजरनेम जानकर आपको मैसेज नहीं कर सकेगा। पहली बार मैसेज भेजने वाले व्यक्ति को पहले यह Key दर्ज करनी होगी। इसके बाद ही चैट शुरू हो सकेगी। यूजर जब चाहें इस Key को बदल भी सकेंगे। इसका उद्देश्य स्पैम और अनचाहे मैसेज कम करना है। पुराने चैट्स और कॉन्टैक्ट्स पर क्या असर पड़ेगा: मौजूदा चैट, कॉन्टैक्ट और ग्रुप पहले की तरह ही काम करेंगे। जिन लोगों के पास पहले से आपका नंबर है, उनके लिए कुछ नहीं बदलेगा। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, ब्लॉक और रिपोर्ट जैसे सभी सुरक्षा फीचर्स पहले की तरह ही काम करते रहेंगे। इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा क्या होगा: नए लोगों से बात करने के लिए मोबाइल नंबर शेयर नहीं करना पड़ेगा। यूजर्स की प्राइवेसी पहले से ज्यादा मजबूत होगी। स्पैम और अनचाहे मैसेज कम करने में मदद मिलेगी। क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए Meta के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक जैसी डिजिटल पहचान बनाए रखना आसान होगा। इन लोगों को आपसे संपर्क करने के लिए यूजरनेम की जरूरत नहीं होगी जिन लोगों के पास आपका फोन नंबर पहले से सेव है। जिन लोगों से आप पहले चैट कर चुके हैं। जो आपके साथ किसी जॉइंट ग्रुप में हैं। जिन्होंने आपका क्यूआर कोड स्कैन किया है। जिन्हें आपने पहले मैसेज किया है। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप 1 मार्च से सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा: सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना किया; कंप्यूटर पर हर 6 घंटे में लॉगआउट होगा केंद्र सरकार ने ‘सिम बाइंडिंग’ के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन को बढ़ाने से इनकार कर दिया है। नए नियमों के तहत मोबाइल में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे साइबर फ्रॉड रोकने में मदद मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

पाकिस्तान बोला- हमारा पानी रोका तो हाथ काट देंगे:सिंधु जल संधि अब भी लागू, भारत इसे एकतरफा खत्म नहीं कर सकता

पाकिस्तान बोला- हमारा पानी रोका तो हाथ काट देंगे:सिंधु जल संधि अब भी लागू, भारत इसे एकतरफा खत्म नहीं कर सकता

पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि पर एक बार फिर भारत को धमकी दी है। पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा कि अगर किसी ने पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने की कोशिश की तो हम उन हाथों को काट देंगे। उन्होंने दावा किया कि भारत पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकना चाहता है। मुसादिक मलिक ने सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री के हाथ में एक नल है। वह कहते हैं कि पाकिस्तान में पानी की एक बूंद भी नहीं जाने देंगे। जो हमारे हिस्से के पानी पर दावा करेंगे, उनके हाथ काट दिए जाएंगे। वहीं अताउल्लाह तरार ने कहा कि सिंधु जल संधि कानूनी रूप से अब भी लागू है। उनके मुताबिक, भारत इसे न तो एकतरफा स्थगित कर सकता है, न रद्द कर सकता है और न ही इसमें बदलाव कर सकता है। सिंधु जल संधि पर सेमिनार करेगा पाकिस्तान पाकिस्तानी मंत्रियों ने बताया कि मंगलवार को इस्लामाबाद में सिंधु जल संधि पर पहला अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जाएगा। इसमें कानूनी एक्सपर्ट, जल एक्सपर्ट्स और विदेशी प्रतिनिधि शामिल होंगे। सेमिनार में संधि के कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा होगी। डॉन के मुताबिक, तरार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पाकिस्तान के अधिकार सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पहले भी साफ कर चुके हैं कि पानी हमारी जीवनरेखा है और यह हमारी रेड लाइन भी है। 21 जून को PAK रक्षा मंत्री बोले थे- भारत के खिलाफ जंग छेड़ सकते हैं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने 21 जून को सिंधु जल संधि स्थगित रहने को लेकर भारत को धमकी दी थी। पाकिस्तानी चैनल ARY न्यूज से बातचीत में आसिफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान को लगा कि उसकी जल सुरक्षा खतरे में है, तो वह भारत के खिलाफ जंग छेड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान के हिस्से के पानी के प्रवाह में दखल दे रहा है और रणनीतिक हथियार के तौर पर इसका इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले एक साल में इस मामले में क्या नए घटनाक्रम हुए हैं, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी। भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता क्या है? सिंधु नदी प्रणाली में कुल 6 नदियां हैं- सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज। इनके किनारे का इलाका करीब 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसमें 47% जमीन पाकिस्तान, 39% जमीन भारत, 8% जमीन चीन और 6% जमीन अफगानिस्तान में है। इन सभी देशों के करीब 30 करोड़ लोग इन इलाकों में रहते हैं। 1947 में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के पहले से ही भारत के पंजाब और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच नदियों के पानी के बंटवारे का झगड़ा शुरू हो गया था। 1947 में भारत और पाकिस्तान के इंजीनियरों के बीच ‘स्टैंडस्टिल समझौता’ हुआ। इसके तहत दो मुख्य नहरों से पाकिस्तान को पानी मिलता रहा। ये समझौता 31 मार्च 1948 तक चला। 1 अप्रैल 1948 को जब समझौता लागू नहीं रहा तो भारत ने दोनों नहरों का पानी रोक दिया। इससे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की 17 लाख एकड़ जमीन पर खेती बर्बाद हो गई। दोबारा हुए समझौते में भारत पानी देने को राजी हो गया। इसके बाद 1951 से लेकर 1960 तक वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में भारत पाकिस्तान में पानी के बंटवारे को लेकर बातचीत चली और आखिरकार 19 सितंबर 1960 को कराची में भारत के PM नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच दस्तखत हुए। इसे इंडस वाटर ट्रीटी या सिंधु जल संधि कहा जाता है। सिंधु जल समझौता स्थगित करने का पाकिस्तान पर असर पाकिस्तान में खेती की 90% जमीन यानी 4.7 करोड़ एकड़ एरिया में सिंचाई के लिए पानी सिंधु नदी प्रणाली से मिलता है। पाकिस्तान की नेशनल इनकम में एग्रीकल्चर सेक्टर की हिस्सेदारी 23% है और इससे 68% ग्रामीण पाकिस्तानियों की जीविका चलती है। ऐसे में पाकिस्तान में आम लोगों के साथ-साथ वहां की बेहाल अर्थव्यवस्था और बदतर होने लगी है। पाकिस्तान के मंगल और तारबेला हाइड्रोपावर डैम को पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे पाकिस्तान के बिजली उत्पादन में 30% से 50% तक की कमी आ सकती है। साथ ही औद्योगिक उत्पादन और रोजगार पर असर पड़ेगा। —————– ये भी पढ़ें… सिंधु नदी का पानी न मिलने से पाकिस्तान परेशान:आर्मी चीफ भारत के खिलाफ जंग की सा​जिश रच रहे, LoC पर 35 ड्रोन यूनिट तैनात पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु नदी का पानी रोका, तो पाकिस्तान की परेशानियां बढ़ गई हैं। पाकिस्तान ने यह मसला अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में भी लेकिन वहां भी इस पर कोई फैसला नहीं हुआ। इसके बाद अब रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भारत को जंग छेड़ने की धमकी दे रहे हैं। वहीं, आर्मी चीफ आसिम मुनीर जंग की साजिश रचने में जुटे हैं। नियंत्रण रेखा यानी LoC पर पाकिस्तानी सेना की 8 ब्रिगेड ने 35 एंटी ड्रोन यूनिट तैनात की हैं। पाकिस्तान ने एआई फेंसिंग भी की है। इसके तहत टारगेटिंग और सर्विलांस को तेज किया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Djokovic Wins, Sinner Survives in London Thriller

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Hindi News Sports Wimbledon 2026: Djokovic Wins, Sinner Survives In London Thriller 15 मिनट पहले कॉपी लिंक लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब में साल के तीसरे ग्रैंड स्लैम विंबलडन की शुरुआत हो गई है। पहले ही दिन कई बड़े खिलाड़ियों को जीत के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब के साथ नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की कोशिश में जुटे सर्बिया के 39 साल के नोवाक जोकोविच ने चीन के वू यिबिंग को हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। हालांकि, उन्हें जीत के लिए चार सेट तक खेलना पड़ा। वहीं, मौजूदा चैंपियन और दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी जैनिक सिनर भी एक समय हार के करीब पहुंच गए थे। लेकिन उन्होंने करीब साढ़े तीन घंटे तक चले मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए पांच सेट में जीत दर्ज की। महिला एकल में जापान की नाओमी ओसाका ने फ्रांस की एल्सा जैकमोट को 6-1, 7-5 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। ओसाका कोर्ट पर पारंपरिक जापानी परिधान ‘किमोनो’ से प्रेरित सफेद ड्रेस पहनकर उतरीं। विंबलडन के नियमों के मुताबिक सभी खिलाड़ियों को सफेद ड्रेस में ही खेलना होता है। फ्रेंच ओपन की हार के जोकोविच की वापसी जोकोविच फ्रेंच ओपन के तीसरे दौर में ब्राजील के युवा खिलाड़ी जोआओ फोंसेका से हारने के बाद पहली बार कोर्ट पर उतरे थे। मैच के बाद जोकोविच ने कहा,’आज का मैच मेरे लिए वाकई चुनौतीपूर्ण था। मैं जीत से खुश हूं, लेकिन पूरी तरह तरोताजा महसूस नहीं कर रहा हूं। सच कहूं तो कोर्ट पर ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि यह टूर्नामेंट का पहला ही दौर है। डिफेंडिंग चैंपियन जैनिक सिनर को साढ़े तीन घंटे तक संघर्ष करना पड़ा विंबलडन के डिफेंडिंग मेन्स चैंपियन यानिक सिनर को पहले ही राउंड में दुनिया के 50वें नंबर के खिलाड़ी मियोमिर केकमानोविच के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा। हालांकि साढ़े तीन घंटे तक चला यह मुकाबला सिनर ने 5 सेट में जीत लिया। पिछले साल कार्लोस अल्काराज़ को हराकर अपना पहला विंबलडन खिताब जीतने वाले सिनर इस बार डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में खेलने उतरे थे। मुकाबले के शुरुआती दबाव में सिनर से कई गलतियां हुईं, जिससे केकमानोविच ने पहला सेट जीत लिया। इसके बाद सिनर ने वापसी की, लेकिन तीसरे सेट में वे कोर्ट पर फिसल कर गिर गए। चौथे सेट के दौरान सिनर के सफेद जूते से खून बाहर आने लगा था। मैच के बाद उन्होंने बताया कि उनके पैर के अंगूठे का नाखून उखड़ गया था, लेकिन वे इस दर्द के बाद भी खेलते रहे। साढ़े तीन घंटे चले इस मुकाबले में सिनर ने केकमानोविच को 4-6, 6-3, 6-7, 6-2, 6-3 से हरा दिया। जीत के बाद सिनर ने कहा,’सेंटर कोर्ट पर पहला मैच खेलना सम्मान की बात है। शुरुआत काफी नर्वस करने वाली थी, लेकिन मैं खुश हूं कि मैंने खुद को संभाला और मैच जीत लिया। नाओमी ओसाका का ‘किमोनो’ लुक चार बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन जापान की नाओमी ओसाका ने मैच जीतने के साथ-साथ फैंस का दिल भी जीता। विंबलडन के सख्त नियम (सिर्फ सफेद कपड़े पहनने की अनुमति) के बीच ओसाका कोर्ट पर पारंपरिक जापानी पोशाक ‘किमोनो स्टाइल की सफेद ड्रेस पहनकर पहुंचीं। जब वे कोर्ट की तरफ जा रही थीं, तो लोग उनके इस फैशन स्टेटमेंट को देखकर हैरान रह गए। ओसाका ने फ्रांस की एल्सा जैकमोट को 6-1, 7-5 से आसानी से मात दी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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