Saturday, 22 Aug 2026 | 05:03 AM

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12,256 Posts, 30.66 Lakh Applicants, Sectional Timing Intro

12,256 Posts, 30.66 Lakh Applicants, Sectional Timing Intro

Hindi News Career SSC CGL 2026: 12,256 Posts, 30.66 Lakh Applicants, Sectional Timing Intro 15 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL) 2026 इस बार पहले से कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी होने जा रही है। केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों में 12,256 खाली पदों के लिए 30.66 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। इस एग्जाम में एक पद के लिए करीब 250 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। इस भर्ती में पहली बार सेक्शनल टाइमिंग लागू की गई है, जिससे परीक्षा का पैटर्न भी बदल गया है। उम्मीदवारों के लिए 1 से 7 जुलाई तक करेक्शन विंडो ओपन रहेगी। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 मई से 22 जून 2026 तक चली थी. जिन उम्मीदवारों के आवेदन फॉर्म में कोई गलती रह गई है, वो 1 जुलाई से 7 जुलाई तक करेक्शन विंडो के माध्यम से उसमें संशोधन कर सकते हैं. आयोग ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि बदलाव करने से पहले सभी जानकारियों की अच्छी तरह चेक कर लें. Tier-2 में Paper-3 जोड़ा गया पेपर 1 – सभी उम्मीदवारों के लिए जरूरी। पेपर 2 – जूनियर स्टेटिस्टिकल ऑफिसर/स्टेटिस्टिकल इनवेस्टिगेटर पदों के लिए। पेपर 3 – असिस्टेंट ऑडिट ऑफिस (AAO) और असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर (AAO) पदों के लिए (Finance & Economics विषय)। न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स : यूआर : 30% ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 25% अन्य : 20% टियर – 1 के बेसिस पर टियर – 2 में सिलेक्शन SSC CGL 2026 की टियर-1 कंप्यूटर आधारित परीक्षा अगस्त-सितंबर 2026 में हो सकती है। जबकि टियर-2 परीक्षा दिसंबर 2026 में हो सकती है। टियर-1 के अंकों के आधार पर उम्मीदवारों को टियर-2 के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। फाइनल मेरिट टियर-2 के प्रदर्शन और उम्मीदवार द्वारा चुनी गई पदों की प्राथमिकता के आधार पर तैयार होगी। फाइनल सिलेक्शन के बाद संबंधित विभाग द्वारा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पिछले साल टियर – 1 एग्जाम 12 सितंबर से 26 सितंबर 2025 के बीच आयोजित की गई थी। जबकि टियर – 2 का आयोजन 18 और 19 जनवरी 2026 को हुआ था। SSC CGL का महत्व SSC CGL भारत सरकार की सबसे प्रतिष्ठित ग्रेजुएट लेवल भर्ती परीक्षाओं में से एक है। इसके माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में ग्रुप बी और ग्रुप सी के पदों पर भर्ती की जाती है। ये खबर भी पढ़ें महाराष्ट्र में TET पेपर लीक, कल एग्जाम होना था:सरकार ने परीक्षा रद्द की, पेपर ठाणे से बरामद; सरकारी टीचर्स के लिए ये परीक्षा जरूरी महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर करीब 24 घंटे पहले लीक हो गया। एग्जाम रविवार को होना था। महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल (MSEC) ने इसके बाद परीक्षा स्थगित कर दी है। नई तारीखों का ऐलान बाद में किया जाएगा। राज्य सरकार ने पेपर लीक की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ग्रीस में शुरू हुई भारत की UPI सर्विस:अब दुनिया के 10 देशों में डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे भारतीय; पीयूष गोयल की मौजूदगी में लाइव डेमो हुआ

ग्रीस में शुरू हुई भारत की UPI सर्विस:अब दुनिया के 10 देशों में डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे भारतीय; पीयूष गोयल की मौजूदगी में लाइव डेमो हुआ

भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब ग्रीस में भी लाइव हो गया है। ग्रीस इस डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जुड़ने वाला नया देश बन गया है। एथेंस में यूरोबैंक के हेडक्वार्टर में यूरोबैंक और NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड की पार्टनरशिप से शुरू हुई इस सर्विस का लाइव डेमो भी देखा गया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में डेमो हुआ केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एथेंस की अपनी ऑफिशियल विजिट के दौरान इस सर्विस के लाइव डेमो को देखा। उन्होंने कहा कि UPI को मिल रही वैश्विक स्वीकार्यता से यह साबित होता है कि भारत की टेक्नोलॉजी पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है। यह तकनीक सीमाओं के पार भी बेहतरीन तरीके से काम कर सकती है। अब 10 देशों में मिलेगी UPI की सुविधा ग्रीस के इस नेटवर्क में शामिल होने के बाद अब दुनिया के 10 देशों में अलग-अलग रूपों में UPI का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह भारतीय यात्रियों के लिए QR-कोड आधारित मर्चेंट पेमेंट से लेकर क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस सर्विसेज (पैसे ट्रांसफर करने) तक की सुविधा देता है। ग्रीस से पहले कंबोडिया में शुरू हुआ था UPI ग्रीस से ठीक पहले कंबोडिया इस लिस्ट में शामिल होने वाला 9वां देश बना था। इसके लिए NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड ने वहां के ACLEDA बैंक के साथ पार्टनरशिप की थी। इसके तहत कंबोडिया के नेशनल QR कोड ‘KHQR’ के जरिए क्रॉस-बॉर्डर UPI पेमेंट्स की शुरुआत की गई थी। इससे पहले सिंगापुर, UAE, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर और श्रीलंका को उन आठ देशों के रूप में लिस्ट किया था, जहां UPI को स्वीकार किया जा रहा है। फ्रांस के एफिल टॉवर से हुई थी शुरुआत यूरोप में UPI के विस्तार में फ्रांस एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। साल 2024 में पेरिस के एफिल टॉवर से UPI को लॉन्च किया गया था। इसके बाद इस सर्विस का विस्तार वहां के बड़े रिटेल डेस्टिनेशंस जैसे नीस में स्थित ‘गैलरीज लाफायेट’ तक किया गया। क्या है UPI और इसके ग्लोबल विस्तार का भविष्य कैसे काम करता है विदेशी धरती पर UPI? भारतीय यात्री विदेशों में इंटरनेशनल रोमिंग या एक्टिवेटेड UPI एप के जरिए वहां के स्थानीय QR कोड (जैसे कंबोडिया में KHQR या ग्रीस में यूरोबैंक मर्चेंट नेटवर्क) को स्कैन करके सीधे अपने भारतीय बैंक अकाउंट से पेमेंट कर सकते हैं। इससे उन्हें विदेशी करेंसी एक्सचेंज कराने के झंझट से मुक्ति मिलती है। ये खबर भी पढ़ें… अब यूजरनेम से भी होगी WhatsApp पर चैट: 29 जून से बुकिंग शुरू; बिना मोबाइल नंबर बताए बातचीत भी कर सकेंगे अब तक वॉट्सएप पर किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए मोबाइल नंबर देना जरूरी होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेटा के स्वामित्व वाले वॉट्सएप ने यूजरनेम फीचर लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसके बाद लोग अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी सिर्फ यूजरनेम के जरिए चैट कर सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

ग्रीस में शुरू हुई भारत की UPI सर्विस:अब दुनिया के 10 देशों में डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे भारतीय; पीयूष गोयल की मौजूदगी में लाइव डेमो हुआ

ग्रीस में शुरू हुई भारत की UPI सर्विस:अब दुनिया के 10 देशों में डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे भारतीय; पीयूष गोयल की मौजूदगी में लाइव डेमो हुआ

भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब ग्रीस में भी लाइव हो गया है। ग्रीस इस डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जुड़ने वाला नया देश बन गया है। एथेंस में यूरोबैंक के हेडक्वार्टर में यूरोबैंक और NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड की पार्टनरशिप से शुरू हुई इस सर्विस का लाइव डेमो भी देखा गया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में डेमो हुआ केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एथेंस की अपनी ऑफिशियल विजिट के दौरान इस सर्विस के लाइव डेमो को देखा। उन्होंने कहा कि UPI को मिल रही वैश्विक स्वीकार्यता से यह साबित होता है कि भारत की टेक्नोलॉजी पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है। यह तकनीक सीमाओं के पार भी बेहतरीन तरीके से काम कर सकती है। अब 10 देशों में मिलेगी UPI की सुविधा ग्रीस के इस नेटवर्क में शामिल होने के बाद अब दुनिया के 10 देशों में अलग-अलग रूपों में UPI का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह भारतीय यात्रियों के लिए QR-कोड आधारित मर्चेंट पेमेंट से लेकर क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस सर्विसेज (पैसे ट्रांसफर करने) तक की सुविधा देता है। ग्रीस से पहले कंबोडिया में शुरू हुआ था UPI ग्रीस से ठीक पहले कंबोडिया इस लिस्ट में शामिल होने वाला 9वां देश बना था। इसके लिए NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड ने वहां के ACLEDA बैंक के साथ पार्टनरशिप की थी। इसके तहत कंबोडिया के नेशनल QR कोड ‘KHQR’ के जरिए क्रॉस-बॉर्डर UPI पेमेंट्स की शुरुआत की गई थी। इससे पहले सिंगापुर, UAE, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर और श्रीलंका को उन आठ देशों के रूप में लिस्ट किया था, जहां UPI को स्वीकार किया जा रहा है। फ्रांस के एफिल टॉवर से हुई थी शुरुआत यूरोप में UPI के विस्तार में फ्रांस एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। साल 2024 में पेरिस के एफिल टॉवर से UPI को लॉन्च किया गया था। इसके बाद इस सर्विस का विस्तार वहां के बड़े रिटेल डेस्टिनेशंस जैसे नीस में स्थित ‘गैलरीज लाफायेट’ तक किया गया। क्या है UPI और इसके ग्लोबल विस्तार का भविष्य कैसे काम करता है विदेशी धरती पर UPI? भारतीय यात्री विदेशों में इंटरनेशनल रोमिंग या एक्टिवेटेड UPI एप के जरिए वहां के स्थानीय QR कोड (जैसे कंबोडिया में KHQR या ग्रीस में यूरोबैंक मर्चेंट नेटवर्क) को स्कैन करके सीधे अपने भारतीय बैंक अकाउंट से पेमेंट कर सकते हैं। इससे उन्हें विदेशी करेंसी एक्सचेंज कराने के झंझट से मुक्ति मिलती है। ये खबर भी पढ़ें… अब यूजरनेम से भी होगी WhatsApp पर चैट: 29 जून से बुकिंग शुरू; बिना मोबाइल नंबर बताए बातचीत भी कर सकेंगे अब तक वॉट्सएप पर किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए मोबाइल नंबर देना जरूरी होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेटा के स्वामित्व वाले वॉट्सएप ने यूजरनेम फीचर लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसके बाद लोग अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी सिर्फ यूजरनेम के जरिए चैट कर सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

'नेट बॉलर' से 'मैच विनर' तक:भारतीय मूल के जय ने आयरलैंड के लिए झटके 5 विकेट; कभी टीम इंडिया के नेट बॉलर थे

'नेट बॉलर' से 'मैच विनर' तक:भारतीय मूल के जय ने आयरलैंड के लिए झटके 5 विकेट; कभी टीम इंडिया के नेट बॉलर थे

राजस्थान के टोंक जिले के जय मूंदड़ा ने आयरलैंड की ओर से खेलते हुए भारत के खिलाफ रविवार को खत्म हुई दो मैच की सीरीज में पांच विकेट झटके। वे सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों में दूसरे नंबर पर रहे। 27 साल के जय की लेफ्ट आर्म मीडियम पेस गेंदबाजी में ऑस्ट्रेलियन दिग्गज मिचेल स्टार्क की झलक दिखी। उनके टोंक से आयरलैंड तक के सफर और आयरलैंड टीम में सलेक्ट होने के बारे में भास्कर ने विस्तृत बातचीत की। पेश है इस बातचीत के अंश… आयरलैंड में शुरुआत कैसे हुई? यह कहानी कोरोना के समय शुरू हुई। उस दौरान क्रिकेट लगभग बंद था। मैंने बीटेक पूरा कर लिया था। पापा चाहते थे कि मैं पढ़ाई पर ध्यान दूं, इसलिए उन्होंने एमटेक करने की सलाह दी। मेरा एडमिशन आयरलैंड में हो गया और मैं वहां चला गया। पहले साल पूरा फोकस पढ़ाई पर था। तब तक मैंने नहीं सोचा था कि एक दिन आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम से खेलूंगा। पहले आप लेफ्ट आर्म स्पिनर थे, फिर तेज गेंदबाज कैसे बने? बचपन में मैं स्पिन गेंदबाजी करता था। टोंक में मेरे पहले कोच इम्तियाज अली सर ने मेरी लंबाई देखकर कहा कि अगर तेज गेंदबाजी करोगे तो ज्यादा आगे जा सकते हो। उनकी सलाह मानी और वहीं से जिंदगी बदल गई। पिता ने पढ़ाई के लिए विदेश भेजा था। क्रिकेट तक कैसे पहुंचे? लोग समझते हैं कि पापा क्रिकेट के खिलाफ थे, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था। वे चाहते थे कि मेरा भविष्य सुरक्षित रहे। इसलिए उन्होंने कहा कि पहले पढ़ाई पूरी करो। आयरलैंड पहुंचने के बाद मैं डबलिन के लेनस्टर क्रिकेट क्लब से जुड़ा। फिर आयरिश सीनियर कप खेलने का मौका मिला। जब मैंने पहले मैच में संजू सैमसन का विकेट लिया था तो पापा ही याद आए थे। अफसोस है कि पापा इस दुनिया में नहीं हैं। क्या कभी लगा कि भारत की ओर से खेलना चाहिए था? हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह बड़े स्तर पर खेले। लेकिन मैं इस बारे में ज्यादा नहीं सोचता। मुझे जहां मौका मिला है, वहां अपना बेस्ट देना चाहता हूं। फिलहाल मेरा पूरा फोकस आयरलैंड के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर है। पिछली बार जब भारतीय टीम आयरलैंड आई थी, तब आप नेट बॉलर थे? जी हां, उस समय मैंने भारतीय खिलाड़ियों को नेट में गेंदबाजी कराई थी। वहीं मेरी जसप्रीत बुमराह से भी बात हुई थी। उन्होंने सिर्फ एक बात कही थी, “जितना भी मौका मिले, पूरी तरह फोकस होकर खेलना।’ अब भी वह बात मेरे दिमाग में रहती है। आईपीएल खेलना चाहेंगे? बिल्कुल, हर क्रिकेटर आईपीएल खेलना चाहता है। अगर भविष्य में मौका मिला तो जरूर खेलना चाहूंगा। लेकिन फिलहाल मेरी प्राथमिकता आयरलैंड के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है।

अमेरिकी सांसद बोले- भारत-अमेरिका रिश्ते 30 साल में सबसे खराब:ट्रम्प की टैरिफ नीति और एकतरफा फैसलों ने भरोसे को नुकसान पहुंचाया

अमेरिकी सांसद बोले- भारत-अमेरिका रिश्ते 30 साल में सबसे खराब:ट्रम्प की टैरिफ नीति और एकतरफा फैसलों ने भरोसे को नुकसान पहुंचाया

भारतीय मूल के अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों की वजह से भारत और अमेरिका के रिश्ते पिछले 30 साल में सबसे खराब दौर में पहुंच गए हैं। वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट 2026 में उन्होंने कहा कि ट्रम्प की टैरिफ नीति, ईरान के साथ युद्ध और सहयोगी देशों से बिना सलाह लिए फैसले करने से अमेरिका की साख को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने भारत, यूरोप और कनाडा जैसे अपने सहयोगी देशों से बात किए बिना ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। इस तरह के फैसलों से अपने सहयोगी देशों का भरोसा कमजोर हुआ है। खन्ना बोले- टैरिफ से भरोसे की एक पीढ़ी खत्म हो गई रो खन्ना ने ट्रम्प की टैरिफ नीति को भी गलत बताया। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में चीन यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात एक भारतीय राजदूत से हुई। खन्ना के मुताबिक, राजदूत ने उनसे कहा, “आपके राष्ट्रपति की वजह से भरोसे की एक पूरी पीढ़ी खत्म हो गई है।” उन्होंने कहा कि अगर ट्रम्प की नीतियों से हुए नुकसान को स्वीकार नहीं किया गया तो यह सच्चाई से मुंह मोड़ने जैसा होगा। रो खन्ना ने ट्रम्प को ‘लेम डक’ राष्ट्रपति बताते हुए दावा किया कि डेमोक्रेटिक पार्टी अगले मिड-टर्म चुनाव में प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करेगी और 2028 का राष्ट्रपति चुनाव भी जीतेगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अमेरिका के साथ-साथ दुनिया के देशों के साथ उसके रिश्ते भी दोबारा मजबूत करने होंगे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट का जिक्र करते हुए कहा कि वे दुनिया के देशों के साथ मिलकर चलने में विश्वास रखते थे और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का भी समर्थन करते थे। अमेरिकी राजदूत बोले- भारत के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं कार्यक्रम में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि अमेरिका भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहता है और दुनिया में भारत की बढ़ती ताकत को पूरी तरह स्वीकार करता है। गोर ने कहा, “हम भारत के साथ एक और बड़े समझौते को पूरा करने के बहुत करीब हैं। प्रस्तावित व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंच गया है।” गोर ने बताया कि कुछ सप्ताह पहले नई दिल्ली में एक भारतीय मंत्री से उनकी मुलाकात हुई थी। मंत्री ने उनसे कहा, खबरों में चाहे जो दिखे, 50 साल बाद भी भारत और अमेरिका दोस्त रहेंगे। अमेरिका दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र है और भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र। गोर ने मोदी-ट्रम्प की दोस्ती का किस्सा भी सुनाया गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की दोस्ती का एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले ट्रम्प सुबह 6 बजे (भारतीय समयानुसार) ही पीएम मोदी को फोन करना चाहते थे। गोर ने बताया कि वह मियामी में एक UFC इवेंट के दौरान ट्रम्प के साथ बैकस्टेज बैठे थे। तभी ट्रम्प ने कहा, “चलो प्रधानमंत्री मोदी को फोन करते हैं।” जब गोर ने बताया कि भारत में उस समय सुबह के 6 बजे हैं, तो ट्रम्प ने जवाब दिया, “वो उठे होंगे। वो मेरी तरह हैं, सोते नहीं।” हालांकि, ट्रम्प को कुछ देर बाद मंच पर जाना था, इसलिए दोनों नेताओं की बातचीत अगले दिन तय की गई। गोर ने कहा कि यह दिखाता है कि ट्रम्प, प्रधानमंत्री मोदी को अपना करीबी दोस्त मानते हैं। उन्होंने कहा, “जब कोई आपका दोस्त होता है तो हर बातचीत पहले से तय नहीं करनी पड़ती। आप सीधे फोन करके पूछ सकते हैं कि कैसे हैं।” उन्होंने कहा कि ट्रम्प भारत का सम्मान करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी को कई दूसरे विश्व नेताओं से अलग नजर से देखते हैं। गोर के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच यही भरोसा भारत-अमेरिका संबंधों को भी मजबूत करता है।

अमेरिकी सांसद बोले- भारत-अमेरिका रिश्ते 30 साल में सबसे खराब:ट्रम्प की टैरिफ नीति और एकतरफा फैसलों ने भरोसे को नुकसान पहुंचाया

अमेरिकी सांसद बोले- भारत-अमेरिका रिश्ते 30 साल में सबसे खराब:ट्रम्प की टैरिफ नीति और एकतरफा फैसलों ने भरोसे को नुकसान पहुंचाया

भारतीय मूल के अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों की वजह से भारत और अमेरिका के रिश्ते पिछले 30 साल में सबसे खराब दौर में पहुंच गए हैं। वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट 2026 में उन्होंने कहा कि ट्रम्प की टैरिफ नीति, ईरान के साथ युद्ध और सहयोगी देशों से बिना सलाह लिए फैसले करने से अमेरिका की साख को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने भारत, यूरोप और कनाडा जैसे अपने सहयोगी देशों से बात किए बिना ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। इस तरह के फैसलों से अपने सहयोगी देशों का भरोसा कमजोर हुआ है। खन्ना बोले- टैरिफ से भरोसे की एक पीढ़ी खत्म हो गई रो खन्ना ने ट्रम्प की टैरिफ नीति को भी गलत बताया। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में चीन यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात एक भारतीय राजदूत से हुई। खन्ना के मुताबिक, राजदूत ने उनसे कहा, “आपके राष्ट्रपति की वजह से भरोसे की एक पूरी पीढ़ी खत्म हो गई है।” उन्होंने कहा कि अगर ट्रम्प की नीतियों से हुए नुकसान को स्वीकार नहीं किया गया तो यह सच्चाई से मुंह मोड़ने जैसा होगा। रो खन्ना ने ट्रम्प को ‘लेम डक’ राष्ट्रपति बताते हुए दावा किया कि डेमोक्रेटिक पार्टी अगले मिड-टर्म चुनाव में प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करेगी और 2028 का राष्ट्रपति चुनाव भी जीतेगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अमेरिका के साथ-साथ दुनिया के देशों के साथ उसके रिश्ते भी दोबारा मजबूत करने होंगे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट का जिक्र करते हुए कहा कि वे दुनिया के देशों के साथ मिलकर चलने में विश्वास रखते थे और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का भी समर्थन करते थे। अमेरिकी राजदूत बोले- भारत के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं कार्यक्रम में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि अमेरिका भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहता है और दुनिया में भारत की बढ़ती ताकत को पूरी तरह स्वीकार करता है। गोर ने कहा, “हम भारत के साथ एक और बड़े समझौते को पूरा करने के बहुत करीब हैं। प्रस्तावित व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंच गया है।” गोर ने बताया कि कुछ सप्ताह पहले नई दिल्ली में एक भारतीय मंत्री से उनकी मुलाकात हुई थी। मंत्री ने उनसे कहा, खबरों में चाहे जो दिखे, 50 साल बाद भी भारत और अमेरिका दोस्त रहेंगे। अमेरिका दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र है और भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र। गोर ने मोदी-ट्रम्प की दोस्ती का किस्सा भी सुनाया गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की दोस्ती का एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले ट्रम्प सुबह 6 बजे (भारतीय समयानुसार) ही पीएम मोदी को फोन करना चाहते थे। गोर ने बताया कि वह मियामी में एक UFC इवेंट के दौरान ट्रम्प के साथ बैकस्टेज बैठे थे। तभी ट्रम्प ने कहा, “चलो प्रधानमंत्री मोदी को फोन करते हैं।” जब गोर ने बताया कि भारत में उस समय सुबह के 6 बजे हैं, तो ट्रम्प ने जवाब दिया, “वो उठे होंगे। वो मेरी तरह हैं, सोते नहीं।” हालांकि, ट्रम्प को कुछ देर बाद मंच पर जाना था, इसलिए दोनों नेताओं की बातचीत अगले दिन तय की गई। गोर ने कहा कि यह दिखाता है कि ट्रम्प, प्रधानमंत्री मोदी को अपना करीबी दोस्त मानते हैं। उन्होंने कहा, “जब कोई आपका दोस्त होता है तो हर बातचीत पहले से तय नहीं करनी पड़ती। आप सीधे फोन करके पूछ सकते हैं कि कैसे हैं।” उन्होंने कहा कि ट्रम्प भारत का सम्मान करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी को कई दूसरे विश्व नेताओं से अलग नजर से देखते हैं। गोर के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच यही भरोसा भारत-अमेरिका संबंधों को भी मजबूत करता है।

Gold Price Today India | Silver Rates Up; 10g Gold Falls to ₹1.40 Lakh

Gold Price Today India | Silver Rates Up; 10g Gold Falls to ₹1.40 Lakh

Hindi News Business Gold Price Today India | Silver Rates Up; 10g Gold Falls To ₹1.40 Lakh नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने के दाम में आज यानी 30 जून को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,039 रुपए गिरकर 1.40 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले यह 1.41 लाख पर था। वहीं 1 किलो चांदी आज 3,690 रुपए बढ़कर 2.24 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले ये 2.20 लाख रुपए पर थी। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत कैरेट भाव (रुपए/10 ग्राम) 24 ₹1,40,382 22 ₹1,29,991 18 ₹1,05,287 14 ₹82,124 देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,40,280 मुंबई ₹1,40,130 कोलकाता ₹1,40,130 जयपुर ₹1,40,280 भोपाल ₹1,40,180 पटना ₹1,40,180 लखनऊ ₹1,40,280 रायपुर ₹1,40,130 अहमदाबाद ₹1,40,180 सोर्स: goodreturns 30 जून 2026 सोना इस साल 7 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 7 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.40 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.24 लाख रुपए पर है। यानी इसकी कीमत 6 हजार रुपए कम हुई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल तारीख सोना चांदी 31 दिसंबर 2025 ₹1,33,195 ₹2,30,420 31 जनवरी 2026 ₹1,65,795 ₹3,39,350 28 फरवरी 2026 ₹1,50,997 ₹2,66,700 31 मार्च 2026 ₹1,46,733 ₹2,30,135 30 अप्रैल 2026 ₹1,50,263 ₹2,40,331 31 मई 2026 ₹1,56,463 ₹2,63,350 30 जून 2026 ₹1,40,382 ₹2,23,670 नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Taimur Name Controversy | Saif Kareena Statements Comparison

Taimur Name Controversy | Saif Kareena Statements Comparison

12 मिनट पहले कॉपी लिंक सैफ और करीना के दो बेटे तैमूर और जहांगीर (प्यार से उन्हें ‘जेह’ कहा जाता है) हैं। सैफ अली खान के बड़े बेटे तैमूर अली खान का नाम फिर चर्चा में आ गया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि तैमूर नाम उन्हें उनके पड़ोस में रहने वाले एक बच्चे से प्रेरित होकर सूझा था। हालांकि, उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने सैफ और करीना के पुराने इंटरव्यू सामने लाकर दोनों के बयानों की तुलना शुरू कर दी। बरखा दत्त के साथ बातचीत में सैफ ने कहा, “मैं सच कहूं तो मुझे कभी समझ नहीं आया कि नाम को लेकर इतना विवाद क्यों हुआ। बचपन में हमारे पड़ोस में भी इसी नाम का एक बच्चा रहता था। मुझे तो हमेशा लगा कि इस नाम का मतलब आयरन (लोहा) होता है। हमें यह नाम अच्छा लगा, इसलिए मैंने और करीना ने इसे चुना। हमें बिल्कुल भी नहीं पता था कि कुछ लोग इसे भारत पर हमला करने वाले एक पुराने तुर्क शासक के नाम से जोड़ेंगे और इसे नेगेटिव मानेंगे। उन्होंने आगे कहा, “मेरा मानना है कि इतनी पुरानी बातों को छोड़ देना चाहिए। जब हमने अपने बेटे का नाम रखा था, तब हमारे मन में ऐसा कोई विचार नहीं था। हमारी कोशिश सिर्फ इतनी है कि तैमूर एक अच्छा इंसान बने, सही संस्कारों के साथ बड़ा हो और अपने काम से लोगों का नाम रोशन करे।” तैमूर के साथ सैफ और करीना की पुरानी तस्वीर। करीना के पुराने इंटरव्यू की हो रही चर्चा सैफ के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर करीना कपूर के एक पुराने इंटरव्यू की क्लिप वायरल होने लगी। कई यूजर्स दावा करने लगे कि नाम को लेकर सैफ और करीना के बयान अलग-अलग हैं। यूजर की पोस्ट। दरअसल, इंटरव्यू में जब करीना से पूछा गया था कि तैमूर का नाम किसने रखा, तो उन्होंने कहा था, “जाहिर है, यह सैफ ही थे। उन्हें इतिहास बहुत पसंद है… जिन योद्धाओं को वे पसंद करते हैं, उनके बारे में वे बहुत अच्छी तरह और विस्तार से बात करते हैं। वे उनके बारे में पढ़ते भी हैं और मुझे लगता है कि वे मंगोल तैमूर के फैन थे…” हालांकि, उसी इंटरव्यू में करीना ने भी पड़ोसी वाली बात कही थी। एक्ट्रेस ने कहा था कि सैफ के पड़ोस में तैमूर नाम का एक लड़का रहता था, जिससे वे प्रभावित थे और यह नाम उनके मन में रह गया। उन्होंने कहा कि ‘तैमूर’ का मतलब ‘लोहा’ होता है और उन्हें यह नाम मजबूत व्यक्तित्व का प्रतीक लगा। इसी वजह से उन्होंने अपने बेटे के लिए यह नाम चुना। नाम को लेकर हुआ था विवाद 20 दिसंबर 2016 को सैफ और करीना के बेटे तैमूर का जन्म हुआ था। नाम पब्लिक होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे मध्य एशियाई शासक तैमूर से जोड़कर विवाद शुरू हो गया था। उस समय सैफ और करीना को आलोचना का सामना करना पड़ा था। तैमूर अली खान वर्तमान में 9 साल के हैं और मुंबई के धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, विवाद बढ़ने पर सैफ ने बेटे का नाम बदलकर ‘फैज’ रखने का भी विचार किया था। इसके लिए उन्होंने एक प्रेस नोट का ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया था। लेकिन करीना ने नाम बदलने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि लोगों के दबाव में आकर फैसला नहीं लेना चाहिए। बाद में सैफ ने भी नाम बदलने का फैसला छोड़ दिया। ………. तैमूर से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बच्चों की परवरिश पर बोले सैफ अली खान: तैमूर और जेह को सिखाता हूं, भगवान एक है; तैमूर के जवाब से हैरान हुए एक्टर बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान ने अपनी पत्नी करीना कपूर और दोनों बेटों, तैमूर और जेह की परवरिश को लेकर खुलकर बात की है। वी द वीमेन इवेंट में सैफ ने बताया कि वे अपने बच्चों को धर्म को लेकर एक खुला नजरिया देना पसंद करते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Nargis Fakhri Enjoys Jaipurs Desi Style

Nargis Fakhri Enjoys Jaipurs Desi Style

बॉलीवुड अभिनेत्री नरगिस फाखरी इन दिनों अपने जयपुर दौरे को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर ‘जयपुर को खूबसूरत दिखाने के लिए किसी फिल्टर की जरूरत नहीं थी… और मुझे भी नहीं’ . कैप्शन के साथ एक वीडियो साझा किया गया है, जिसमें पिंकसिटी की खूबसूरती, यहां की संस्कृति, खानपान और आम जिंदगी को बेहद खूबसूरत अंदाज में दिखाया गया है। वीडियो में नरगिस किसी सेलिब्रिटी की तरह नहीं, बल्कि एक आम पर्यटक की तरह जयपुर की गलियों में घूमती, स्थानीय लोगों से मिलती और शहर के रंग में रंगी नजर आती हैं। वीडियो की शुरुआत जयपुर की ऐतिहासिक और गुलाबी इमारतों से होती है। इसके बाद नरगिस को शहर की संकरी और रंग-बिरंगी गलियों में घूमते, बाजारों की रौनक निहारते और स्थानीय संस्कृति को करीब से महसूस करते देखा जा सकता है। रिक्शा की सवारी और कठपुतली के साथ भी नरगिस ने वीडियो बनाया। उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि जयपुर की असली खूबसूरती उसकी विरासत, लोग और रोजमर्रा की जिंदगी में बसती है, जिसे किसी फिल्टर की जरूरत नहीं। यहां उन्होंने कठपुतली के साथ जयपुर की कहानी को एन्जॉय किया, यहां की ज्वैलरी को भी अपने साथ जोड़ते हुए दिखाया। चाय की टपरी पर बनाया कुल्हड़ वाली चाय वीडियो का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा, जब नरगिस जयपुर की मशहूर साहू टी स्टॉल पर पहुंचीं। यहां उन्होंने खुद चाय बनाना सीखा, चाय को अपने हाथों से तैयार किया और फिर कुल्हड़ में बैठकर उसका स्वाद लिया। फाइव स्टार लाइफस्टाइल की आदी मानी जाने वाली अभिनेत्री का यह सादगीभरा अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है। चाय की टपरी पर नरगिस ने चाय बनाई और उसका स्वाद चखा। स्थानीय लोगों के बीच बैठकर चाय पीते हुए नरगिस ने मुस्कुराते हुए बातचीत भी की। सोशल मीडिया पर उनके इस वीडियो को देखकर फैंस लगातार उनकी सादगी और जमीन से जुड़े व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। लग्जरी कार छोड़ चुनी ई-रिक्शा की सवारी जयपुर घूमने के लिए नरगिस ने लग्जरी गाड़ियों की बजाय ई-रिक्शा को चुना। वीडियो में वह ई-रिक्शा में बैठकर शहर की पुरानी गलियों, बाजारों और ऐतिहासिक रास्तों का आनंद लेती नजर आती हैं। रिक्शा की सवारी के दौरान उनके चेहरे पर उत्साह और सुकून साफ दिखाई देता है। उन्होंने रास्ते भर शहर की खूबसूरत इमारतों, रंग-बिरंगे बाजारों और स्थानीय जीवन को कैमरे में कैद किया। हवामहल घूमने के साथ नरगिस जयपुर की गलियों में भी घूमती नजर आई। अपने इस ट्रैवल वीडियो में नरगिस ने जयपुर की शॉपिंग, स्थानीय बाजारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक माहौल और शहर की जीवंत संस्कृति को भी जगह दी है। उन्होंने यह संदेश दिया कि किसी शहर को समझना हो तो उसके लोगों के बीच जाना चाहिए, स्थानीय स्वाद चखना चाहिए और उसकी गलियों में वक्त बिताना चाहिए। उनका यह वीडियो केवल पर्यटन नहीं, बल्कि जयपुर की संस्कृति और जीवनशैली का एक खूबसूरत अनुभव बनकर सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो नरगिस का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हजारों लोग इसे शेयर कर रहे हैं और कमेंट्स में जयपुर की खूबसूरती की तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि नरगिस ने जयपुर को उसी रूप में दिखाया है, जैसा यह वास्तव में है बिना किसी बनावट और बिना किसी फिल्टर के। नरगिस फाखरी ने अपने करियर की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय मॉडलिंग से की थी। भारत में उन्हें पहचान रणबीर कपूर के साथ फिल्म ‘रॉकस्टार’ (2011) से मिली। पहली ही फिल्म में उनके अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस को काफी सराहा गया। इसके बाद उन्होंने ‘मैं तेरा हीरो’, ‘मद्रास कैफे’, ‘हाउसफुल 3’, ‘अजहर’, ‘बैंजो’, ‘अमावस’ और हॉलीवुड फिल्म ‘स्पाई’ सहित कई फिल्मों में काम किया। अभिनय के साथ-साथ अपनी फिटनेस, ग्लैमरस व्यक्तित्व और ट्रैवल लाइफस्टाइल के कारण भी वह हमेशा चर्चा में रहती हैं।

वर्ल्ड अपडेट्स:एपस्टीन कनेक्शन की समीक्षा पूरी होने तक वॉरेन बफे ने गेट्स फाउंडेशन को दान रोका: रिपोर्ट

वर्ल्ड अपडेट्स:एपस्टीन कनेक्शन की समीक्षा पूरी होने तक वॉरेन बफे ने गेट्स फाउंडेशन को दान रोका: रिपोर्ट

बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन वॉरेन बफे ने इस साल गेट्स फाउंडेशन को होने वाला अपना नियमित मध्य-वर्षीय अरबों डॉलर का दान फिलहाल रोक दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, वे फाउंडेशन और दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के संबंधों की बाहरी समीक्षा पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गेट्स फाउंडेशन के CEO मार्क सुजमैन ने एपस्टीन से जुड़े फाउंडेशन के पुराने संपर्कों की स्वतंत्र जांच कराई है। इसकी रिपोर्ट गर्मियों में आने की उम्मीद है। बताया गया है कि बफेट दान पर अंतिम फैसला साल के आखिर में, संभवतः अपनी थैंक्सगिविंग चिट्ठी जारी करने के समय ले सकते हैं। 95 वर्षीय बफे पिछले दो दशकों में बर्कशायर हैथवे के 47 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के शेयर गेट्स फाउंडेशन को दान कर चुके हैं। गेट्स फाउंडेशन उस समय विवादों में आया था जब अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी कुछ ईमेल में एपस्टीन और फाउंडेशन के कर्मचारियों के बीच संवाद का जिक्र सामने आया। इसी के बाद फाउंडेशन ने पुराने संबंधों की स्वतंत्र समीक्षा शुरू कराई। रॉयटर्स के अनुसार, इस मामले पर बर्कशायर हैथवे और गेट्स फाउंडेशन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। एजेंसी स्वतंत्र रूप से वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट की पुष्टि भी नहीं कर सकी।