Saturday, 22 Aug 2026 | 06:26 AM

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बेटी की शादी में नाचे तारक मेहता:शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की निजी समारोह में शादी; यूजर्स ने पूछा- जेठालाल कहां हैं

बेटी की शादी में नाचे तारक मेहता:शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की निजी समारोह में शादी; यूजर्स ने पूछा- जेठालाल कहां हैं

टीवी सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में तारक मेहता का किरदार निभा चुके शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की शादी हो गई है। यह शादी मुंबई के बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल में निजी तरीके से हुई। शादी के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद यह जानकारी मिली है। इन वीडियो में शैलेश लोढ़ा अपनी बेटी की शादी के फंक्शन में गाते और डांस करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स इन वीडियो को देखने के बाद शैलेश से जेठालाल के बारे में पूछ रहे हैं। बेटी की शादी में शैलेश लोढ़ा ने किया डांस स्वरा की शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें शैलेश लोढ़ा लाइव बैंड के साथ गाना गाते और मनोरंजन करते दिख रहे हैं। एक दूसरे वीडियो में वे परिवार के सदस्यों के साथ डांस करते नजर आए। शादी के इस फंक्शन में कव्वाली गायक कैफी और हमजा शबरी ने परफॉर्म किया था। उन्होंने ही सोशल मीडिया पर इस शादी के वीडियो शेयर किए हैं। शादी पूरी तरह से प्राइवेट रखी गई थी, जिसमें सिर्फ करीबी लोग शामिल हुए। पेशे से लेखिका हैं स्वरा लोढ़ा शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा लाइमलाइट और एक्टिंग की दुनिया से दूर रहती हैं। वे पेशे से एक लेखिका हैं। स्वरा ने अपनी मां डॉ. स्वाति लोढ़ा के साथ मिलकर एक किताब भी लिखी है। शैलेश की पत्नी डॉ. स्वाति लोढ़ा भी मैनेजमेंट गुरु और लेखिका हैं। यूजर्स ने पूछा- जेठालाल शादी में नहीं आए क्या सोशल मीडिया पर शादी के वीडियो सामने आने के बाद फैंस शैलेश लोढ़ा की तारीफ कर रहे हैं। वहीं कई यूजर्स ने कमेंट बॉक्स में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के मुख्य किरदार जेठालाल (दिलीप जोशी) के बारे में पूछना शुरू कर दिया। शो में जेठालाल और तारक मेहता की दोस्ती को काफी पसंद किया जाता था। इसलिए लोग कमेंट्स में पूछ रहे हैं कि क्या जेठालाल इस शादी में शामिल नहीं हुए। 14 साल बाद इस वजह से छोड़ा था शो शैलेश लोढ़ा ने साल 2022 में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ शो छोड़ दिया था। वे 14 साल तक इस शो से जुड़े रहे। एक इंटरव्यू में शैलेश ने शो छोड़ने की वजह का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि प्रोड्यूसर असित मोदी ने उनसे गलत तरीके से बात की थी। जब शैलेश सब टीवी के एक स्टैंड अप शो ‘गुड नाइट इंडिया’ का हिस्सा बने, तो असित मोदी ने उन्हें फोन किया और असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया। यह बात उनसे बर्दाश्त नहीं हुई और उन्होंने शो छोड़ दिया। बाद में शो में उनकी जगह सचिन श्रॉफ को लिया गया।

बेटी की शादी में नाचे तारक मेहता:शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की निजी समारोह में शादी; यूजर्स ने पूछा- जेठालाल कहां हैं

बेटी की शादी में नाचे तारक मेहता:शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की निजी समारोह में शादी; यूजर्स ने पूछा- जेठालाल कहां हैं

टीवी सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में तारक मेहता का किरदार निभा चुके शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की शादी हो गई है। यह शादी मुंबई के बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल में निजी तरीके से हुई। शादी के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद यह जानकारी मिली है। इन वीडियो में शैलेश लोढ़ा अपनी बेटी की शादी के फंक्शन में गाते और डांस करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स इन वीडियो को देखने के बाद शैलेश से जेठालाल के बारे में पूछ रहे हैं। बेटी की शादी में शैलेश लोढ़ा ने किया डांस स्वरा की शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें शैलेश लोढ़ा लाइव बैंड के साथ गाना गाते और मनोरंजन करते दिख रहे हैं। एक दूसरे वीडियो में वे परिवार के सदस्यों के साथ डांस करते नजर आए। शादी के इस फंक्शन में कव्वाली गायक कैफी और हमजा शबरी ने परफॉर्म किया था। उन्होंने ही सोशल मीडिया पर इस शादी के वीडियो शेयर किए हैं। शादी पूरी तरह से प्राइवेट रखी गई थी, जिसमें सिर्फ करीबी लोग शामिल हुए। पेशे से लेखिका हैं स्वरा लोढ़ा शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा लाइमलाइट और एक्टिंग की दुनिया से दूर रहती हैं। वे पेशे से एक लेखिका हैं। स्वरा ने अपनी मां डॉ. स्वाति लोढ़ा के साथ मिलकर एक किताब भी लिखी है। शैलेश की पत्नी डॉ. स्वाति लोढ़ा भी मैनेजमेंट गुरु और लेखिका हैं। यूजर्स ने पूछा- जेठालाल शादी में नहीं आए क्या सोशल मीडिया पर शादी के वीडियो सामने आने के बाद फैंस शैलेश लोढ़ा की तारीफ कर रहे हैं। वहीं कई यूजर्स ने कमेंट बॉक्स में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के मुख्य किरदार जेठालाल (दिलीप जोशी) के बारे में पूछना शुरू कर दिया। शो में जेठालाल और तारक मेहता की दोस्ती को काफी पसंद किया जाता था। इसलिए लोग कमेंट्स में पूछ रहे हैं कि क्या जेठालाल इस शादी में शामिल नहीं हुए। 14 साल बाद इस वजह से छोड़ा था शो शैलेश लोढ़ा ने साल 2022 में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ शो छोड़ दिया था। वे 14 साल तक इस शो से जुड़े रहे। एक इंटरव्यू में शैलेश ने शो छोड़ने की वजह का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि प्रोड्यूसर असित मोदी ने उनसे गलत तरीके से बात की थी। जब शैलेश सब टीवी के एक स्टैंड अप शो ‘गुड नाइट इंडिया’ का हिस्सा बने, तो असित मोदी ने उन्हें फोन किया और असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया। यह बात उनसे बर्दाश्त नहीं हुई और उन्होंने शो छोड़ दिया। बाद में शो में उनकी जगह सचिन श्रॉफ को लिया गया।

जेन एआई आईटी कंपनियों का काम छिन रहा:टॉप-4 शेयर पीक से 57% तक टूटे; 10 आईटी कंपनियों का मार्केट कैप 19 लाख करोड़ घटा

जेन एआई आईटी कंपनियों का काम छिन रहा:टॉप-4 शेयर पीक से 57% तक टूटे; 10 आईटी कंपनियों का मार्केट कैप 19 लाख करोड़ घटा

घरेलू आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। ये ट्रेंड अब सिर्फ वैश्विक अर्थव्यवस्था में उठापटक का नतीजा नहीं रहा। विश्लेषकों के मुताबिक, यह नई टेक्नोलॉजी जेनरेटिव एआई से पैदा हुए ढांचागत खतरे की कहानी बन चुकी है। इसने दशकों पुराने बिजनेस मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत के चार सबसे बड़े आईटी शेयर-टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एलटीआईमाइंडट्री ऑल-टाइम हाई से 57% तक टूट चुके हैं। 10 प्रमुख आईटी कंपनियों का मार्केट कैप पीक से 19.3 लाख करोड़ रुपए घट चुका है। इस गिरावट की दो बड़ी वजहें हैं- अमेरिका में सख्त होती मौद्रिक नीति और जेनरेटिव एआई से कोडिंग व बैक-ऑफिस काम का ऑटोमेशन। यह आईटी कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस मॉडल को सीधी चुनौती दे रहा है। एक्सपर्ट्स अब सिर्फ कमाई में गिरावट नहीं, बल्कि सेक्टर के स्थायी डी-रेटिंग की आशंका जता रहे हैं। यानी हालात नहीं सुधरे तो आईटी शेयर और गिर सकते हैं। रिस्क बढ़ा – अब पूंजी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, साइबर सिक्योरिटी में शिफ्ट होगी डीबीएस बैंक – एआई से जुड़ा ढांचागत खतरा बढ़ रहा – एआई के बढ़ते इस्तेमाल का सबसे गहरा असर भारत के आईटी सोर्सिंग सर्विसेज सेक्टर पर दिख रहा है, जो निर्यात, रोजगार और रिटर्न का मजबूत आधार रहा है। – जेनरेटिव एआई तेजी से कोडिंग, कस्टमर सपोर्ट और बैक-ऑफिस प्रक्रियाओं को ऑटोमेट कर रहा है। इससे आईटी सर्विसेज कंपनियों का काम छिन रहा है। – आने वाले समय में पूंजी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी की ओर शिफ्ट होगी। दूसरी तरफ पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल दबाव में रहेगा। आईसीआईसीआई प्रू एएमसी – IT सेक्टर वापसी कर सकता है डिजिटल कंटेंट बढ़ने के बावजूद पारंपरिक न्यूज पेपर कंपनियां मुनाफे में रही हैं। ये दिखाता है कि हर बिजनेस हालात के हिसाब से खुद को बदलता है। आईटी सेक्टर भी न्यूज पेपर इंडस्ट्री की तरह वापसी कर सकता है। इसमें मौजूदा गिरावट निवेशकों को धारा के विपरीत छोटे दांव लगाने का मौका दे रही है। कोटक इंस्टी. इक्विटीज – इन्फोसिस की स्थिति बेहतर एक्सेंचर के कमजोर नतीजे, वित्त वर्ष 2026-27 में आय वृद्धि घटकर 3-4% रह जाने की आशंका और गिरती बुकिंग्स ने आईटी सेक्टर की मुश्किलें बढ़ाई हैं। पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते कंपनियों ने खर्च में कटौती की है। लेकिन इंफोसिस अपने टियर-1 क्लाइंट्स के चलते बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है। सेंसेक्स 444 अंक चढ़ा, पर आईटी इंडेक्स फिर 2 फीसदी टूटा सेंसेक्स बुधवार को 444 अंक चढ़कर 76,923 पर और निफ्टी 140 अंको की तेजी के साथ 24,006 पर बंद हुआ। एफएमसीजी, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई। निफ्टी में इटर्नल, अदाणी एंटरप्राइजेज और नेस्ले इंडिया टॉप गेनर रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.34% और 0.36% चढ़े। आईटी इंडेक्स करीब 2% टूट गया।

लैमोंट जैकब्स ने 100मी रेस 9.67 सेकेंड में पूरी की:बोल्ट के बाद दूसरे सबसे तेज धावक, तेज हवा के कारण रिकॉर्ड मान्य नहीं

लैमोंट जैकब्स ने 100मी रेस 9.67 सेकेंड में पूरी की:बोल्ट के बाद दूसरे सबसे तेज धावक, तेज हवा के कारण रिकॉर्ड मान्य नहीं

इटली के स्प्रिंटर लैमोंट मार्सेल जैकब्स ने 100 मीटर की रेस 9.67 सेकेंड में पूरी की। 31 साल के जैकब्स ऑस्ट्रियन ओपन में बुधवार को अपने करियर की बेस्ट टाइमिंग हासिल की। हालांकि, उनकी टाइमिंग रिकॉर्ड बुक में दर्ज नहीं हो सकी, क्योंकि आयसेंस्टॉट में रेस के दौरान हवा का बहाव तय सीमा (+4.1 मीटर प्रति सेकेंड की टेलविंड) से अधिक था। इसके बावजूद जैकब्स किसी भी परिस्थिति में उसेन बोल्ट के बाद दुनिया के सबसे तेज धावक बन गए। बोल्ट के नाम 9.58 सेकेंड का वर्ल्ड रिकॉर्ड और 9.63 सेकेंड का विंड-असिस्टेड समय दर्ज है। बोल्ट ने 2009 की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। जैकब्स ने शुरुआत धीमी की, फिर सबको पीछे छोड़ दिया जैकब्स की शुरुआत उतनी तेज नहीं रही। शुरुआती मीटरों में ब्रिटेन के रोमेल ग्लेव और साउथ अफ्रीका के 400 मीटर वर्ल्ड रिकॉर्डधारी वेड वैन नीकेर्क उनसे आगे थे। लेकिन, गति पकड़ने के बाद जैकब्स ने वापसी की और लगभग एक मीटर के अंतर से जीत दर्ज की। ग्लेव और वैन नीकेर्क रहे दूसरे-तीसरे स्थान पर ब्रिटेन के रोमेल ग्लेव 9.76 सेकेंड के साथ दूसरे और वेड वैन नीकेर्क 9.83 सेकेंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे। जापान के योशिहिदे किर्यू 9.99 सेकेंड के साथ चौथे, जर्मनी के ओवेन अंसाह 10.00 सेकेंड के साथ पांचवें और मेजबान ऑस्ट्रिया के मार्कस फुच्स 10.09 सेकेंड के साथ छठे स्थान पर रहे। 100 मीटर रेस के 4 बड़े रिकॉर्ड्स टोक्यो ओलिंपिक के 100 मीटर चैंपियन हैं जैकब्स 1896 में मॉडर्न ओलिंपिक की शुरुआत हुई थी। 1928 तक 100 मीटर के चैंपियन श्वेत एथलीट रहे। 1932 में एडी टोलन पहले अश्वेत ओलिंपिक 100 मीटर चैंपियन बने। 1984 से 2024 तक ओलिंपिक में अश्वेत एथलीट ही 100 मीटर चैंपियन रहे। 2020 टोक्यो ओलिंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट लेमॉन्ट मार्सेल जैकब्स के पिता अफ्रीकी मूल के थे, जबकि मां इटैलियन थीं। इसलिए उन्हें भी ब्लैक एथलीट में गिना गया। ————————————————————–

वॉट्सएप पर 'यूजरनेम की' के बिना मैसेज नहीं होंगे:सरकार के नोटिस के बाद कंपनी ने जारी की गाइडलाइन, जानें कैसे सुरक्षित रहेगा आपका डेटा

वॉट्सएप पर 'यूजरनेम की' के बिना मैसेज नहीं होंगे:सरकार के नोटिस के बाद कंपनी ने जारी की गाइडलाइन, जानें कैसे सुरक्षित रहेगा आपका डेटा

वॉट्सएप ने अपने आने वाले ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर एक डिटेल्ड FAQs यानी अक्सर पूछे जाने वाले सवालों की गाइडलाइन जारी की है। केंद्र सरकार ने हाल ही में वॉट्सएप की पेरेंट कंपनी मेटा को नोटिस जारी कर इस फीचर से होने वाले संभावित फ्रॉड के खतरों पर चिंता जताई थी। सरकार ने चेतावनी दी थी कि जब तक इस मुद्दे पर पूरी संतुष्टि नहीं हो जाती, तब तक इसे रोलआउट न किया जाए। इसके बाद वॉट्सएप ने स्पष्ट किया है कि वह सुरक्षा के क्या-क्या कदम उठा रहा है। सवाल 1: क्या वॉट्सएप पर यूजरनेम बनाना सभी के लिए जरूरी होगा? जवाब: नहीं, यह बिल्कुल भी अनिवार्य नहीं है। वॉट्सएप ने साफ किया है कि यूजरनेम बनाना पूरी तरह से ऑप्शनल होगा। अगर आप अपनी पहचान या फोन नंबर छिपाना चाहते हैं, तभी इसे बनाएं। सवाल 2. अगर मुझे अपनी पसंद का यूजरनेम नहीं मिल रहा है, तो इसकी क्या वजह हो सकती है? जवाब: इसके तीन मुख्य कारण हो सकते हैं: सवाल 3. अगर कोई मेरे नाम से मिलता-जुलता यूजरनेम बनाकर फ्रॉड करने की कोशिश करे, तो वॉट्सएप इसे कैसे रोकेगा? जवाब: वॉट्सएप का कहना है कि अभी यूजरनेम से मैसेज भेजने का फीचर लाइव नहीं किया गया है, सिर्फ नाम रिजर्व हो रहे हैं। जब यह लाइव होगा और आपको किसी अनजान यूजरनेम से मैसेज आएगा, तो वॉट्सएप आपको उस अकाउंट के देश की जानकारी देगा। साथ ही पहली बार मैसेज आने पर एक वॉर्निंग भी स्क्रीन पर दिखेगी। इसके अलावा कंपनी ब्लॉक और रिपोर्ट करने वाले अकाउंट्स पर कड़ी नजर रखेगी ताकि स्कैमर्स पर तुरंत एक्शन लिया जा सके। सवाल 4. क्या कोई भी अनजान व्यक्ति मेरा यूजरनेम गेस करके मुझे मैसेज भेज सकता है? जवाब: जैसे आज आप वॉट्सएप पर किसी का भी फोन नंबर सर्च नहीं कर सकते, वैसे ही किसी का यूजरनेम भी सर्च नहीं किया जा सकेगा। अनजान लोगों से बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप एक बिल्कुल अलग यूजरनेम चुनें और वॉट्सएप के नए सुरक्षा फीचर ‘यूजरनेम की’ को ऑन कर लें। सवाल 5. यह ‘यूजरनेम की’ क्या है और यह कैसे सुरक्षा देगी? जवाब: यह आपकी सुरक्षा की एक एक्स्ट्रा लेयर है। इसे एक्टिवेट करने के बाद अगर कोई नया व्यक्ति आपसे कनेक्ट होना चाहता है, तो उसे आपके ‘यूजरनेम’ के साथ-साथ आपकी ‘यूजरनेम की’ भी पता होनी चाहिए। इसके बिना वह आपको मैसेज नहीं भेज पाएगा। आप इस ‘की’ को कभी भी रिसेट कर सकते हैं, जिससे पुराने लोग आपके यूजरनेम के जरिए दोबारा नया संपर्क नहीं कर पाएंगे। सवाल 6. क्या यूजरनेम बनाने के लिए मुझे अपने फेसबुक या इंस्टाग्राम अकाउंट को लिंक करना पड़ेगा? जवाब: अगर आप वही यूजरनेम चाहते हैं जो आपके इंस्टाग्राम या फेसबुक पर है, तो आपको अकाउंट लिंक करना होगा। यह इसलिए किया गया है ताकि फ्रॉड को कम किया जा सके और पहचान वेरिफाई हो सके। हालांकि, एक बार यूजरनेम मिलने के बाद आप चाहें तो इन अकाउंट्स को अनलिंक कर सकते हैं या फिर वॉट्सएप के लिए बिल्कुल अलग यूजरनेम चुन सकते हैं। सवाल 7. क्या मैं अपना वॉट्सएप यूजरनेम बाद में बदल सकता हूं? जवाब: हां, आप इसे बाद में कभी भी बदल सकते हैं, बशर्ते आपका नया पसंदीदा नाम प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 8. इंटरनेट पर मशहूर नामों को एडवांस में बुक करने के दावे किए जा रहे हैं, क्या यह सच है? जवाब: वॉट्सएप ने इसे पूरी तरह अफवाह बताया है। कंपनी ने कहा कि जो लोग पॉपुलर या मशहूर नामों को रिजर्व करने का दावा कर रहे हैं, वे झूठे हैं। सेलिब्रिटीज और सरकारी संस्थाओं के नाम पूरी तरह से सुरक्षित हैं और उन्हें सिर्फ उनके असली और लीगल मालिक ही क्लेम कर सकते हैं। सवाल 9. वॉट्सएप इस फीचर को इतनी जल्दी में क्यों लेकर आया और यह कब से शुरू होगा? जवाब: वॉट्सएप का कहना है कि उन्होंने यूजरनेम लॉन्च करने से काफी पहले ही नाम रिजर्व करने की प्रक्रिया इसलिए शुरू की क्योंकि लोग अपनी पसंद के नाम को लेकर काफी गंभीर होते हैं। कंपनी अभी सरकार और यूजर्स के फीडबैक को सुन रही है। इस साल के अंत में जब इसे पूरी तरह से रोलआउट किया जाएगा, तब तक इसे पूरी तरह सुरक्षित और परफेक्ट बना दिया जाएगा।

दुनिया में छाया नॉर्वे टीम का ‘वाइकिंग रो’सेलिब्रेशन:छह महीने पहले पब में हुई थी शुरुआत; वाइकिंग का अर्थ घर से बाहर जाकर जीतना

दुनिया में छाया नॉर्वे टीम का ‘वाइकिंग रो’सेलिब्रेशन:छह महीने पहले पब में हुई थी शुरुआत; वाइकिंग का अर्थ घर से बाहर जाकर जीतना

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में नॉर्वे के फुटबॉल फैंस का ‘वाइकिंग रो’ (Viking Row) सेलिब्रेशन पूरी दुनिया में छा गया है। न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक टाइम्स स्क्वायर से लेकर बोस्टन की सड़कों और वर्ल्ड कप के स्टेडियमों तक, हर जगह नॉर्वे के फैंस एक साथ बैठकर नाव चलाने (रोइंग) की एक्टिंग करते और जश्न मनाते नजर आ रहे हैं। यह अनोखा नजारा इस वर्ल्ड कप की सबसे खास पहचान बन गया है, बिल्कुल वैसे ही जैसे 2016 के यूरो कप में आइसलैंड का ‘थंडर क्लैप’ मशहूर हुआ था। इस जश्न का तरीका देखने और सुनने में बेहद रोमांचक है। इसकी शुरुआत में सबसे पहले नॉर्वे का एक पारंपरिक हॉर्न बजाया जाता है, जिसके बाद सभी फैंस जमीन पर एक लाइन में बैठ जाते हैं, मानो वे किसी पुरानी ‘वाइकिंग लॉन्गबोट’ (समुद्री नाव) में बैठे हों। फिर एक लीडर ड्रम बजाना शुरू करता है। शुरुआत में बीट बहुत धीमी होती है, जो धीरे-धीरे तेज होती जाती है। ड्रम की बीट के साथ हजारों फैंस एक साथ अपने हाथों से नाव चलाने का एक्शन करते हैं और पूरी ताकत से ‘रो!’ चिल्लाते हैं। मैदान में जब हजारों लोग एक साथ यह करते हैं, तो स्टेडियम का माहौल रोंगटे खड़े कर देने वाला हो जाता है। आमतौर पर फुटबॉल के ऐसे चेंट्स अपने आप बन जाते हैं, लेकिन ‘वाइकिंग रो’ की कहानी अलग है। इसकी शुरुआत छह महीने पहले नॉर्वे की राजधानी ओस्लो के एक पब में हुई थी। ओले फ्रोयस्टैड नाम के एक प्राइमरी स्कूल टीचर ने अपनी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए गानों और नारों की एक खास लिस्ट तैयार की थी। फ्रोयस्टैड ने सपोर्टर्स ग्रुप के लीडर टॉर्स्टेन हैमरान को यह आइडिया बताया और नॉर्वे के ऐतिहासिक योद्धाओं (वाइकिंग्स) के नाव चलाने के तरीके को फुटबॉल से जोड़ दिया। शुरुआत में अभ्यास मैचों के दौरान फैंस इसे ठीक से नहीं कर पा रहे थे, इसलिए फ्रोयस्टैड ने सोशल मीडिया पर ट्यूटोरियल वीडियो डाले ताकि लोग सही तरीके से अपनी कमर झुकाकर इसे कर सकें। नॉर्वे के स्ट्राइकर अर्लिंग हालेंड और कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड भी इसके दीवाने हो चुके हैं। इतिहासकार तेर्जे लेइरेन बताते हैं कि ‘वाइकिंग’ शब्द का मतलब घर से दूर जाकर जीत हासिल करना है और नॉर्वे की टीम वर्ल्ड कप में यही कर रही है।

RAS-2026 भर्ती के आवेदन की कल लास्ट डेट:RPSC ने 607 पदों के लिए निकाली थी वैकेंसी, 29 नवंबर को होगा एग्जाम

RAS-2026 भर्ती के आवेदन की कल लास्ट डेट:RPSC ने 607 पदों के लिए निकाली थी वैकेंसी, 29 नवंबर को होगा एग्जाम

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के 607 पदों के लिए आवेदन की कल (3 जुलाई) लास्ट डेट है। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद शामिल हैं। 1 जनवरी 2027 को अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। अभ्यर्थियों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे, जबकि मुख्य परीक्षा में डिस्क्रिप्टिव (वर्णनात्मक) प्रश्न होंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। बता दें कि इसके लिए आवेदन प्रोसेस 4 जून से जारी है। राज्य सेवाएं (192 पद) अधीनस्थ सेवाएं (415 पद) यह रहेगा परीक्षा शुल्क सामान्य (अनारक्षित) और राजस्थान के क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक के लिए 600 रुपए। राजस्थान के नॉन क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग के लिए 400 रुपए। अब जानिए आरपीएससी की इन भर्तियों के बारे में भी…. सहायक अभियोजन अधिकारी के 371 पदों पर भर्ती जारी सहायक अभियोजन अधिकारी-एपीपी (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर भर्ती के लिए प्रोसेस जारी है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट 7 जुलाई है। इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 2 सितंबर को किया जाना प्रस्तावित है। आयु सीमा 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल से कम होनी चाहिए। आयोग द्वारा यह पद साल 2024 में विज्ञापित किए गए थे। इसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई। हालांकि इन पदों के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का सिलेक्शन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा दो चरणों में प्रारम्भिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा के रूप में ली जाएगी। वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी भर्ती- 10 जुलाई लास्ट डेट राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (Senior Scientific Officer) के कुल 3 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा निकाली गई इस भर्ती के तहत टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल हैं। योग्य अभ्यर्थी 10 जुलाई की रात 12 बजे तक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक डिवीजन (पद) के लिए योग्यता रखता है और आवेदन करना चाहता है, तो उसे प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग आवेदन फॉर्म भरना होगा। परीक्षा-2026 का आयोजन 13 अक्टूबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच में किया जाएगा। आयोग ने परीक्षा कम्पयूटर बेस्ड रिक्रूटमेंट टेस्ट (सीबीआरटी) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसका विस्तृत कार्यक्रम यथासमय जारी कर दिया जाएगा।

चांदी ₹3,863 चढ़कर ₹2.25 लाख किलो हुई:सोना ₹1,748 बढ़कर ₹1.43 लाख का 10 ग्राम हुआ, इस साल ₹10 हजार महंगा हो चुका

चांदी ₹3,863 चढ़कर ₹2.25 लाख किलो हुई:सोना ₹1,748 बढ़कर ₹1.43 लाख का 10 ग्राम हुआ, इस साल ₹10 हजार महंगा हो चुका

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 2 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना आज 1,748 रुपए बढ़कर 1.43 लाख रुपए पहुंच गया है। वहीं, 1 किलो चांदी 3,863 रुपए चढ़कर 2.25 लाख रुपए पर पहुंच गई है। नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 2 जुलाई 2026 सोना इस साल ₹10 हजार महंगा हो चुका इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 10 हजार रुपए महंगा हो चुका है। वहीं, चांदी हजार रुपए सस्ती हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.43 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.29 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

चांदी ₹3,863 चढ़कर ₹2.25 लाख किलो हुई:सोना ₹1,748 बढ़कर ₹1.43 लाख का हुआ; एक महीने में सोना 13 हजार, चांदी 34 हजार सस्ती

चांदी ₹3,863 चढ़कर ₹2.25 लाख किलो हुई:सोना ₹1,748 बढ़कर ₹1.43 लाख का 10 ग्राम हुआ, इस साल ₹10 हजार महंगा हो चुका

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 2 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना आज 1,748 रुपए बढ़कर 1.43 लाख रुपए पहुंच गया है। वहीं, 1 किलो चांदी 3,863 रुपए चढ़कर 2.25 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले बीते महीने यानी जून में सोना-चांदी में गिरावट रही थी। बीते महीने सोना 13 हजार और चांदी 34 हजार रुपए सस्ती हुई थी। नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोना इस साल ₹10 हजार महंगा हो चुका इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 10 हजार रुपए महंगा हो चुका है। वहीं, चांदी हजार रुपए सस्ती हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.43 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.29 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

मेहली मिस्त्री का टाटा के फैमिली ऑफिस से इस्तीफा:टाटा ट्रस्ट्स से हटाए जाने के कुछ महीने बाद उठाया कदम, टाटा ग्रुप से दूरियां बढ़ीं

मेहली मिस्त्री का टाटा के फैमिली ऑफिस से इस्तीफा:टाटा ट्रस्ट्स से हटाए जाने के कुछ महीने बाद उठाया कदम, टाटा ग्रुप से दूरियां बढ़ीं

मेहली मिस्त्री ने उनके फैमिली इन्वेस्टमेंट ऑफिस ‘आरएनटी एसोसिएट्स’ के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। टाटा ट्रस्ट्स से बाहर किए जाने के कुछ महीने बाद मिस्त्री का यह इस्तीफा सामने आया है। इस कदम से टाटा ग्रुप और उससे जुड़ी संस्थाओं के साथ मेहली मिस्त्री की दूरियां और ज्यादा बढ़ गई हैं। 3 साल पहले बोर्ड में शामिल हुए थे मिस्त्री, व्यस्तता का दिया हवाला मेहली मिस्त्री मार्च 2023 में आरएनटी एसोसिएट्स के बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर शामिल हुए थे। बोर्ड को भेजे अपने त्यागपत्र में मिस्त्री ने लिखा, “मेरी अन्य प्रतिबद्धताओं और व्यस्तताओं के कारण, मैं आरएनटी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर पद से अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।” मिस्त्री ने यह पत्र 30 जून को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को लिखा था। आरएनटी एसोसिएट्स का पेटीएम जैसे स्टार्टअप्स में निवेश टाटा ट्रस्ट्स से हटाए जाने के बाद विवाद कोर्ट तक पहुंचा यह इस्तीफा नवंबर 2025 में टाटा ट्रस्ट्स से मिस्त्री को हटाए जाने के बाद आया है। टाटा ट्रस्ट्स वही संस्था है जो टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी ‘टाटा संस’ में मेजॉरिटी हिस्सेदारी रखती है। मिस्त्री ने खुद को ट्रस्ट से हटाए जाने के फैसले को महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के सामने चुनौती दी है। मिस्त्री का कहना है कि वे ट्रस्ट में अपनी वापसी नहीं चाहते, बल्कि वे केवल उन कथित गड़बड़ियों को उजागर करना चाहते हैं जिसके कारण उन्हें बाहर किया गया। फिलहाल सिर्फ एक एफिलिएट ट्रस्ट के बोर्ड में शामिल आरएनटी एसोसिएट्स से हटने के बाद भी मेहली मिस्त्री फिलहाल ‘टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट’ के बोर्ड मेंबर बने हुए हैं। यह ट्रस्ट टाटा ट्रस्ट्स की सबसे अमीर एफिलिएट संस्थाओं में से एक माना जाता है। हालांकि, ग्रुप के मुख्य बिजनेस और इन्वेस्टमेंट फैसलों से वे अब पूरी तरह दूर हो चुके हैं। क्या है आरएनटी एसोसिएट्स और कौन हैं इसके वर्तमान सदस्य? आरएनटी एसोसिएट्स की स्थापना मार्च 2009 में की गई थी। इसके जरिए रतन टाटा नए स्टार्टअप्स में निवेश करते थे। वर्तमान में इसके बोर्ड में रतन टाटा की दो बहनें शिरीन जेजीभॉय और डीना जेजीभॉय, टाटा संस के सीनियर एग्जीक्यूटिव जमशेद पोंचा और टाटा संस के जनरल काउंसिल सिद्धार्थ शर्मा शामिल हैं। पेटीएम और ओला जैसे दो दर्जन स्टार्टअप्स में है निवेश आरएनटी एसोसिएट्स का मुख्य काम डिविडेंड और कंसल्टेंसी सर्विसेज के जरिए कमाई करना है। मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹36 करोड़ रहा था, जिसमें से आधी कमाई डिविडेंड से हुई थी। इस इन्वेस्टमेंट ऑफिस ने पेटीएम , ओला और ऑनलाइन ज्वेलरी ब्रांड ब्लूस्टोन समेत करीब दो दर्जन स्टार्टअप्स में छोटा निवेश कर रखा है। रतन टाटा ने बनाया था नया शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर शुरुआत में रतन टाटा और उनके एक और भरोसेमंद सहयोगी दिवंगत आर. के. कृष्ण कुमार इस कंपनी के दो मुख्य शेयरहोल्डर्स थे। अक्टूबर 2024 में रतन टाटा के निधन से पहले, उन्होंने साल 2022 में ‘रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन’ (RTEF) और ‘रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट’ (RTET) की स्थापना की थी। अब यही दोनों संस्थाएं आरएनटी एसोसिएट्स की शेयरहोल्डर हैं। RTEF के बोर्ड में टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन शामिल हैं, जबकि RTET में टाटा ट्रस्ट्स के मौजूदा चेयरमैन नोएल टाटा के साथ प्रमित झावेरी जैसे दिग्गज शामिल हैं।