मेहली मिस्त्री का टाटा के फैमिली ऑफिस से इस्तीफा:टाटा ट्रस्ट्स से हटाए जाने के कुछ महीने बाद उठाया कदम, टाटा ग्रुप से दूरियां बढ़ीं

मेहली मिस्त्री ने उनके फैमिली इन्वेस्टमेंट ऑफिस ‘आरएनटी एसोसिएट्स’ के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। टाटा ट्रस्ट्स से बाहर किए जाने के कुछ महीने बाद मिस्त्री का यह इस्तीफा सामने आया है। इस कदम से टाटा ग्रुप और उससे जुड़ी संस्थाओं के साथ मेहली मिस्त्री की दूरियां और ज्यादा बढ़ गई हैं। 3 साल पहले बोर्ड में शामिल हुए थे मिस्त्री, व्यस्तता का दिया हवाला मेहली मिस्त्री मार्च 2023 में आरएनटी एसोसिएट्स के बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर शामिल हुए थे। बोर्ड को भेजे अपने त्यागपत्र में मिस्त्री ने लिखा, “मेरी अन्य प्रतिबद्धताओं और व्यस्तताओं के कारण, मैं आरएनटी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर पद से अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।” मिस्त्री ने यह पत्र 30 जून को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को लिखा था। आरएनटी एसोसिएट्स का पेटीएम जैसे स्टार्टअप्स में निवेश टाटा ट्रस्ट्स से हटाए जाने के बाद विवाद कोर्ट तक पहुंचा यह इस्तीफा नवंबर 2025 में टाटा ट्रस्ट्स से मिस्त्री को हटाए जाने के बाद आया है। टाटा ट्रस्ट्स वही संस्था है जो टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी ‘टाटा संस’ में मेजॉरिटी हिस्सेदारी रखती है। मिस्त्री ने खुद को ट्रस्ट से हटाए जाने के फैसले को महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के सामने चुनौती दी है। मिस्त्री का कहना है कि वे ट्रस्ट में अपनी वापसी नहीं चाहते, बल्कि वे केवल उन कथित गड़बड़ियों को उजागर करना चाहते हैं जिसके कारण उन्हें बाहर किया गया। फिलहाल सिर्फ एक एफिलिएट ट्रस्ट के बोर्ड में शामिल आरएनटी एसोसिएट्स से हटने के बाद भी मेहली मिस्त्री फिलहाल ‘टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट’ के बोर्ड मेंबर बने हुए हैं। यह ट्रस्ट टाटा ट्रस्ट्स की सबसे अमीर एफिलिएट संस्थाओं में से एक माना जाता है। हालांकि, ग्रुप के मुख्य बिजनेस और इन्वेस्टमेंट फैसलों से वे अब पूरी तरह दूर हो चुके हैं। क्या है आरएनटी एसोसिएट्स और कौन हैं इसके वर्तमान सदस्य? आरएनटी एसोसिएट्स की स्थापना मार्च 2009 में की गई थी। इसके जरिए रतन टाटा नए स्टार्टअप्स में निवेश करते थे। वर्तमान में इसके बोर्ड में रतन टाटा की दो बहनें शिरीन जेजीभॉय और डीना जेजीभॉय, टाटा संस के सीनियर एग्जीक्यूटिव जमशेद पोंचा और टाटा संस के जनरल काउंसिल सिद्धार्थ शर्मा शामिल हैं। पेटीएम और ओला जैसे दो दर्जन स्टार्टअप्स में है निवेश आरएनटी एसोसिएट्स का मुख्य काम डिविडेंड और कंसल्टेंसी सर्विसेज के जरिए कमाई करना है। मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹36 करोड़ रहा था, जिसमें से आधी कमाई डिविडेंड से हुई थी। इस इन्वेस्टमेंट ऑफिस ने पेटीएम , ओला और ऑनलाइन ज्वेलरी ब्रांड ब्लूस्टोन समेत करीब दो दर्जन स्टार्टअप्स में छोटा निवेश कर रखा है। रतन टाटा ने बनाया था नया शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर शुरुआत में रतन टाटा और उनके एक और भरोसेमंद सहयोगी दिवंगत आर. के. कृष्ण कुमार इस कंपनी के दो मुख्य शेयरहोल्डर्स थे। अक्टूबर 2024 में रतन टाटा के निधन से पहले, उन्होंने साल 2022 में ‘रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन’ (RTEF) और ‘रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट’ (RTET) की स्थापना की थी। अब यही दोनों संस्थाएं आरएनटी एसोसिएट्स की शेयरहोल्डर हैं। RTEF के बोर्ड में टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन शामिल हैं, जबकि RTET में टाटा ट्रस्ट्स के मौजूदा चेयरमैन नोएल टाटा के साथ प्रमित झावेरी जैसे दिग्गज शामिल हैं।
फिल्ममेकर की बेटी के रिसेप्शन में पहुंचे पवन कल्याण:फोटोग्राफर्स को टोका, मंच पर भीड़ लगने से परेशान दिखे गेस्ट, सिक्योरिटी को करना पड़ा जद्दोजहद

एक्टर और आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण बुधवार को साउथ फिल्ममेकर मेहर रमेश की बेटी के रिसेप्शन में पहुंचे थे। पवन को देखते ही फैंस की भीड़ लग गई, जिस समय उनकी सिक्योरिटी टीम को भी एक्टर की सुरक्षा के लिए जद्दोजहद करते देखा गया। जैसे ही पवन मंच पर आए, भारी भीड़ जमा होने से रिसेप्शन में पहुंचे गेस्ट के साथ ही धक्का-मुक्की हो गई, जिससे कुछ मेहमान परेशान दिखे। पवन के अलावा साउथ इंडस्ट्री के कई और लोग भी इस शादी में पहुंचे हैं। पवन कल्याण पत्नी पूर्व रशियन मॉडल पत्नी अन्ना लेझनेवा के साथ रिसेप्शन में पहुंचे। उनकी एंट्री के साथ ही वहां मौजूद सभी कैमरामैन उनकी तस्वीरें क्लिक करने आगे बढ़े। इस दौरान पवन कल्याण ने इशारा करते हुए तस्वीरें न लेने के लिए टोका। इसके बाद वो मंच पर पहुंचे, जहां भारी भीड़ जमा हो गई। मंच पर पवन और उनकी पत्नी ने फिल्ममेकर की बेटी को तोहफे दिए। पवन कल्याण को मंच से उतरता देख कई लोग तस्वीर क्लिक करवाने और करने के लिए उतावले हो गए, जिस समय मंच पर मौजूद मेहमान ही धक्का-मुक्की का शिकार हो गए। ये सेलेब्स भी हुए रिसेप्शन में शामिल-
जापान की PM ताकाइची राष्ट्रपति भवन पहुंची:गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत; आज मोदी से निवेश और सुरक्षा सहयोग द्विपक्षीय चर्चा होगी

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वागत समारोह में मौजूद रहे। ताकाइची आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ भारत-जापान की 16वीं वार्षिक शिखर बैठक में हिस्सा लेंगी। दोनों नेताओं के बीच निवेश, व्यापार, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। यह प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची का पहला भारत दौरा है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें जापान भारत में निवेश करने वाला पांचवां सबसे बड़ा देश है। मार्च 2026 तक उसका कुल निवेश ₹4.58 लाख करोड़ पहुंच चुका था। भारत-जापान ने साल 2025 में अगले 10 साल के लिए 10 ट्रिलियन जापानी येन (₹5.84 लाख करोड़) के जापानी निजी निवेश का टारगेट तय किया। यह निवेश मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और हाई-टेक डिफेंस उद्योगों में होगा। एक सर्वे के मुताबिक, जापानी कंपनियों के लिए भारत दुनिया का सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद निवेश देश है। भारत में व्यापार कर रही 75% से अधिक जापानी कंपनियां मुनाफे में हैं। चीन पर वैश्विक निर्भरता को कम करने के लिए भारत और जापान ने सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे लिथियम, कोबाल्ट की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए 2025 में एक विशेष रणनीतिक डायलॉग शुरू किया है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पूरी तरह जापानी शिनकानसेन तकनीक और जापानी लोन की मदद से आगे बढ़ रहा है, जो दोनों देशों के सहयोग का सबसे बड़ा प्रतीक है। ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में
जापान की PM ताकाइची राष्ट्रपति भवन पहुंची:गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत; आज मोदी से निवेश और सुरक्षा सहयोग द्विपक्षीय चर्चा होगी

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वागत समारोह में मौजूद रहे। ताकाइची आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ भारत-जापान की 16वीं वार्षिक शिखर बैठक में हिस्सा लेंगी। दोनों नेताओं के बीच निवेश, व्यापार, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। यह प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची का पहला भारत दौरा है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें जापान भारत में निवेश करने वाला पांचवां सबसे बड़ा देश है। मार्च 2026 तक उसका कुल निवेश ₹4.58 लाख करोड़ पहुंच चुका था। भारत-जापान ने साल 2025 में अगले 10 साल के लिए 10 ट्रिलियन जापानी येन (₹5.84 लाख करोड़) के जापानी निजी निवेश का टारगेट तय किया। यह निवेश मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और हाई-टेक डिफेंस उद्योगों में होगा। एक सर्वे के मुताबिक, जापानी कंपनियों के लिए भारत दुनिया का सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद निवेश देश है। भारत में व्यापार कर रही 75% से अधिक जापानी कंपनियां मुनाफे में हैं। चीन पर वैश्विक निर्भरता को कम करने के लिए भारत और जापान ने सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे लिथियम, कोबाल्ट की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए 2025 में एक विशेष रणनीतिक डायलॉग शुरू किया है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पूरी तरह जापानी शिनकानसेन तकनीक और जापानी लोन की मदद से आगे बढ़ रहा है, जो दोनों देशों के सहयोग का सबसे बड़ा प्रतीक है। ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में
PF Withdrawal Rule Change: 75% Limit Explained

नई दिल्ली10 मिनट पहले कॉपी लिंक अब नौकरीपेशा लोग बीमारी, शिक्षा, शादी और घर जैसी जरूरतों के लिए अपने PF अकाउंट से पात्र 75% राशि का 100% तक पैसा निकाल सकेंगे। केंद्र सरकार ने पुरानी 1952 की व्यवस्था को बदलकर अब सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत 29 जून से देश में नई EPF स्कीम लागू की है। आसान भाषा में समझिए इस बदलाव का आपके पीएफ बैलेंस और विड्रॉल पर क्या असर पड़ेगा। सवाल 1: सरकार ने PF से जुड़ा कौन सा नया नियम लागू किया है? जवाब: केंद्र सरकार पुरानी ‘ईपीएफ स्कीम 1952’ की जगह अब ‘EPF स्कीम 2026’ को नोटिफाई कर दिया है। इसके तहत PF सब्सक्राइबर्स के लिए आंशिक निकासी की शर्तों में बदलाव किए गए हैं। सवाल 2: आंशिक निकासी को लेकर सबसे मुख्य बदलाव क्या है? जवाब: नए नियमों के तहत अब कोई भी EPFO मेंबर अपने PF अकाउंट से पूरा पैसा आंशिक निकासी के रूप में नहीं निकाल सकेगा। अब ग्राहकों को अपने पीएफ अकाउंट में कुल ‘एलिजिबल मेंबर बैलेंस’ का कम से कम 25% हिस्सा PF अकाउंट में रखना होगा। सवाल 3: इस 25% मिनिमम बैलेंस के नियम को गणित के हिसाब से कैसे समझें? जवाब: इसे एक सीधे उदाहरण से समझा जा सकता है। अगर किसी कर्मचारी के पीएफ खाते में कुल एलिजिबल मेंबर बैलेंस 1 लाख रुपए हैं, तो नए नियम के मुताबिक 25 हजार (25%) को खाते में ही छोड़ना अनिवार्य होगा। इस राशि को निकालने की अनुमति नहीं होगी। इसके बाद जो शेष 75 हजार (75%) बचेंगे, उसे ही निकाल सकेंगे। इन आसान स्टेप्स के जरिए निकाल सकते हैं पीएफ पीएफ निकालने के लिए कर्मचारी को सबसे पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/ पर लॉगइन करना पड़ेगा। वेबसाइट खुलते ही आपको राइट साइड पर यूएएन और पासवर्ड और कैप्चा डालना होगा। जिसके बाद आपके पास OTP आएगा इस भरकर सबमिट करें। अगले पेज पर Online Services के टैब पर क्लिक करें और ड्रॉप-डाउन सूची से Form (फॉर्म -31,19 और 10C) का चयन करें। यहां आपको अपना बैंक अकाउंट नंबर भरकर इसे वेरिफाइ करके आगे सबमिट करना होगा। अगले पेज पर फॉर्म नंबर 31 का चयन करें। इसके बाद अगले पेज पर कितना पैसा निकालना है, क्यों निकालना है और अपना पता जैसी डिटेल्स भरना होंगी। इसके बाद इन डिटेल्स को सत्यापित करके Get Aadhaar OTP पर क्लिक करते ही आपका क्लेम सबमिट हो जाएगा। सवाल 4: क्या यह मिनिमम बैलेंस का नियम सिर्फ कर्मचारी के हिस्से पर लागू होगा या एम्प्लॉयर के हिस्से पर भी? जवाब: यह नियम दोनों पर समान रूप से लागू होगा। योजना की परिभाषा के अनुसार, ‘एलिजिबल मेंबर बैलेंस’ की गणना कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के योगदान को मिलाकर की जाती है। दोनों ही फंड्स के कुल योग में से 25% की अनिवार्य कटौती करने के बाद बची हुई राशि ही निकासी के योग्य मानी जाएगी। सवाल 5: नई स्कीम के तहत किन जरूरी कामों के लिए पीएफ से आंशिक निकासी की जा सकती है? जवाब: ईपीएफ स्कीम 2026 में सदस्यों को कई जरूरतों के लिए आंशिक निकासी की अनुमति दी गई है। इसमें घर बनाने या खरीदने से जुड़े काम हैं। सदस्य घर या फ्लैट खरीदने, मकान निर्माण के लिए प्लॉट खरीदने, नया घर बनवाने, होम लोन की रीपेमेंट और मकान की मरम्मत या सुधार के लिए पैसा निकाल सकते हैं। इसके अलावा बीमारी, शिक्षा और शादी जैसी जरूरतों के लिए भी पैसा निकाल सकेंगे। सवाल 6: अगर किसी कर्मचारी ने 12 महीने (1 साल) की नौकरी भी पूरी नहीं की है, तो क्या वह पैसे निकाल सकता है? जवाब: हां, संशोधित नियमों में इस स्थिति के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। यदि कोई कर्मचारी 12 महीने से कम की सेवा के बाद नौकरी छोड़ देता है, तो वह भी निर्दिष्ट शर्तों और नियमों के अधीन अपने पीएफ खाते से आंशिक निकासी का दावा कर सकता है। पहले के मुकाबले इसमें नियमों को थोड़ा ज्यादा फ्लेक्सिबल बनाया गया है। सवाल 7: सरकार का इस नई योजना ‘ईपीएफ स्कीम 2026’ को लाने के पीछे क्या मुख्य उद्देश्य है? जवाब: इस नई योजना का दोहरा उद्देश्य है। पहला उद्देश्य कर्मचारियों को नौकरी के दौरान जरूरत पड़ने पर आसानी से पैसा मिल सके। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारी अपनी पूरी रकम समय से पहले न निकाल लें, जिससे उनके रिटायरमेंट के बाद के लिए बचत सुरक्षित रहे। सवाल 8: क्या इस बदलाव से नौकरीपेशा लोगों की इन-हैंड सैलरी या मासिक योगदान पर कोई असर पड़ेगा? जवाब: नहीं, इस बदलाव का आपकी हर महीने कटने वाली पीएफ राशि या इन-हैंड सैलरी पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। आपके वेतन से पीएफ का योगदान पहले की तरह ही जारी रहेगा। यह नया नियम केवल उस स्थिति में प्रभावी होता है जब आप अपने जमा फंड से एडवांस या आंशिक रूप से पैसा निकालने के लिए आवेदन करते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PF Withdrawal Rule Change: 75% Limit Explained

नई दिल्ली29 मिनट पहले कॉपी लिंक अब नौकरीपेशा लोग बीमारी, शिक्षा, शादी और घर जैसी जरूरतों के लिए अपने PF अकाउंट से पात्र 75% राशि का 100% तक पैसा निकाल सकेंगे। केंद्र सरकार ने पुरानी 1952 की व्यवस्था को बदलकर अब सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत 29 जून से देश में नई EPF स्कीम लागू की है। आसान भाषा में समझिए इस बदलाव का आपके पीएफ बैलेंस और विड्रॉल पर क्या असर पड़ेगा। सवाल 1: सरकार ने PF से जुड़ा कौन सा नया नियम लागू किया है? जवाब: केंद्र सरकार पुरानी ‘ईपीएफ स्कीम 1952’ की जगह अब ‘EPF स्कीम 2026’ को नोटिफाई कर दिया है। इसके तहत PF सब्सक्राइबर्स के लिए आंशिक निकासी की शर्तों में बदलाव किए गए हैं। सवाल 2: आंशिक निकासी को लेकर सबसे मुख्य बदलाव क्या है? जवाब: नए नियमों के तहत अब कोई भी EPFO मेंबर अपने PF अकाउंट से पूरा पैसा आंशिक निकासी के रूप में नहीं निकाल सकेगा। अब ग्राहकों को अपने पीएफ अकाउंट में कुल ‘एलिजिबल मेंबर बैलेंस’ का कम से कम 25% हिस्सा PF अकाउंट में रखना होगा। सवाल 3: इस 25% मिनिमम बैलेंस के नियम को गणित के हिसाब से कैसे समझें? जवाब: इसे एक सीधे उदाहरण से समझा जा सकता है। अगर किसी कर्मचारी के पीएफ खाते में कुल एलिजिबल मेंबर बैलेंस 1 लाख रुपए हैं, तो नए नियम के मुताबिक 25 हजार (25%) को खाते में ही छोड़ना अनिवार्य होगा। इस राशि को निकालने की अनुमति नहीं होगी। इसके बाद जो शेष 75 हजार (75%) बचेंगे, उसे ही निकाल सकेंगे। इन आसान स्टेप्स के जरिए निकाल सकते हैं पीएफ पीएफ निकालने के लिए कर्मचारी को सबसे पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/ पर लॉगइन करना पड़ेगा। वेबसाइट खुलते ही आपको राइट साइड पर यूएएन और पासवर्ड और कैप्चा डालना होगा। जिसके बाद आपके पास OTP आएगा इस भरकर सबमिट करें। अगले पेज पर Online Services के टैब पर क्लिक करें और ड्रॉप-डाउन सूची से Form (फॉर्म -31,19 और 10C) का चयन करें। यहां आपको अपना बैंक अकाउंट नंबर भरकर इसे वेरिफाइ करके आगे सबमिट करना होगा। अगले पेज पर फॉर्म नंबर 31 का चयन करें। इसके बाद अगले पेज पर कितना पैसा निकालना है, क्यों निकालना है और अपना पता जैसी डिटेल्स भरना होंगी। इसके बाद इन डिटेल्स को सत्यापित करके Get Aadhaar OTP पर क्लिक करते ही आपका क्लेम सबमिट हो जाएगा। सवाल 4: क्या यह मिनिमम बैलेंस का नियम सिर्फ कर्मचारी के हिस्से पर लागू होगा या एम्प्लॉयर के हिस्से पर भी? जवाब: यह नियम दोनों पर समान रूप से लागू होगा। योजना की परिभाषा के अनुसार, ‘एलिजिबल मेंबर बैलेंस’ की गणना कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के योगदान को मिलाकर की जाती है। दोनों ही फंड्स के कुल योग में से 25% की अनिवार्य कटौती करने के बाद बची हुई राशि ही निकासी के योग्य मानी जाएगी। सवाल 5: नई स्कीम के तहत किन जरूरी कामों के लिए पीएफ से आंशिक निकासी की जा सकती है? जवाब: ईपीएफ स्कीम 2026 में सदस्यों को कई जरूरतों के लिए आंशिक निकासी की अनुमति दी गई है। इसमें घर बनाने या खरीदने से जुड़े काम हैं। सदस्य घर या फ्लैट खरीदने, मकान निर्माण के लिए प्लॉट खरीदने, नया घर बनवाने, होम लोन की रीपेमेंट और मकान की मरम्मत या सुधार के लिए पैसा निकाल सकते हैं। इसके अलावा बीमारी, शिक्षा और शादी जैसी जरूरतों के लिए भी पैसा निकाल सकेंगे। सवाल 6: अगर किसी कर्मचारी ने 12 महीने (1 साल) की नौकरी भी पूरी नहीं की है, तो क्या वह पैसे निकाल सकता है? जवाब: हां, संशोधित नियमों में इस स्थिति के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। यदि कोई कर्मचारी 12 महीने से कम की सेवा के बाद नौकरी छोड़ देता है, तो वह भी निर्दिष्ट शर्तों और नियमों के अधीन अपने पीएफ खाते से आंशिक निकासी का दावा कर सकता है। पहले के मुकाबले इसमें नियमों को थोड़ा ज्यादा फ्लेक्सिबल बनाया गया है। सवाल 7: सरकार का इस नई योजना ‘ईपीएफ स्कीम 2026’ को लाने के पीछे क्या मुख्य उद्देश्य है? जवाब: इस नई योजना का दोहरा उद्देश्य है। पहला उद्देश्य कर्मचारियों को नौकरी के दौरान जरूरत पड़ने पर आसानी से पैसा मिल सके। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारी अपनी पूरी रकम समय से पहले न निकाल लें, जिससे उनके रिटायरमेंट के बाद के लिए बचत सुरक्षित रहे। सवाल 8: क्या इस बदलाव से नौकरीपेशा लोगों की इन-हैंड सैलरी या मासिक योगदान पर कोई असर पड़ेगा? जवाब: नहीं, इस बदलाव का आपकी हर महीने कटने वाली पीएफ राशि या इन-हैंड सैलरी पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। आपके वेतन से पीएफ का योगदान पहले की तरह ही जारी रहेगा। यह नया नियम केवल उस स्थिति में प्रभावी होता है जब आप अपने जमा फंड से एडवांस या आंशिक रूप से पैसा निकालने के लिए आवेदन करते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
स्पोर्ट्स अपडेट- न्यूजीलैंड के बेन सीयर्स विंडीज दौरे से बाहर:टखने में चोट है, स्वदेश लौटेंगे; स्पेन के लामिन यमाल पूरी तरह फिट

न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज बेन सीयर्स टखने की चोट के कारण वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। टीम मैनेजमेंट ने एहतियात के तौर पर उन्हें इलाज के लिए न्यूजीलैंड वापस भेजने का फैसला किया है। उनकी जगह ऑकलैंड एसेस के तेज गेंदबाज बेन लिस्टर को 16 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड के अनुसार बेन सीयर्स को मई में आयरलैंड के खिलाफ 4 दिवसीय टेस्ट के बाद से टखने में लगातार दर्द था। इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट के आखिरी दिन यह परेशानी फिर बढ़ गई। इसके बाद मेडिकल टीम ने उन्हें आराम और आगे के इलाज के लिए स्वदेश भेजने का फैसला किया। बेन लिस्टर अगले कुछ दिनों में गुयाना में टीम के साथ जुड़ेंगे। उन्होंने 2023 में कराची में पाकिस्तान के खिलाफ न्यूजीलैंड के लिए वनडे डेब्यू किया था। 5 मैचों की वनडे सीरीज 12 जुलाई (न्यूजीलैंड समयानुसार) से गुयाना में शुरू होगी। स्पोर्ट्स की यह खबरें भी पढ़िए… स्पेन के कोच बोले- लामिन यामाल पूरे मैच के लिए फिट स्पेन के हेड कोच लुइस डे ला फुएंते ने कहा है कि 18 साल के स्टार विंगर लामिन यामाल अब पूरी तरह फिट हैं। वे जरूरत पड़ने पर ऑस्ट्रिया के खिलाफ राउंड ऑफ 32 मुकाबले में पूरे 90 मिनट खेल सकते हैं। उनकी रिकवरी लगभग पूरी हो चुकी है। AP के अनुसार फुएंते ने इंगलवुड के सोफी स्टेडियम में कहा- ‘लामिन जितना समय हम उनसे खेलने को कहेंगे, उतना खेल सकते हैं। हमने उनकी रिकवरी को लेकर सावधानी बरती है। अब वह बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि वह खुद भी खेलने के लिए बेहद उत्साहित हैं।’ बार्सिलोना के विंगर यामाल ने ग्रुप स्टेज के तीन मैचों में सिर्फ 141 मिनट खेलते हुए एक गोल किया था। अप्रैल में हैमस्ट्रिंग चोट के बाद स्पेन ने उनकी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए उनके खेलने का समय सीमित रखा था।
स्पोर्ट्स अपडेट- न्यूजीलैंड के बेन सीयर्स विंडीज दौरे से बाहर:टखने में चोट है, स्वदेश लौटेंगे; स्पेन के लामिन यमाल पूरी तरह फिट

न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज बेन सीयर्स टखने की चोट के कारण वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। टीम मैनेजमेंट ने एहतियात के तौर पर उन्हें इलाज के लिए न्यूजीलैंड वापस भेजने का फैसला किया है। उनकी जगह ऑकलैंड एसेस के तेज गेंदबाज बेन लिस्टर को 16 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड के अनुसार बेन सीयर्स को मई में आयरलैंड के खिलाफ 4 दिवसीय टेस्ट के बाद से टखने में लगातार दर्द था। इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट के आखिरी दिन यह परेशानी फिर बढ़ गई। इसके बाद मेडिकल टीम ने उन्हें आराम और आगे के इलाज के लिए स्वदेश भेजने का फैसला किया। बेन लिस्टर अगले कुछ दिनों में गुयाना में टीम के साथ जुड़ेंगे। उन्होंने 2023 में कराची में पाकिस्तान के खिलाफ न्यूजीलैंड के लिए वनडे डेब्यू किया था। 5 मैचों की वनडे सीरीज 12 जुलाई (न्यूजीलैंड समयानुसार) से गुयाना में शुरू होगी। स्पोर्ट्स की यह खबरें भी पढ़िए… स्पेन के कोच बोले- लामिन यामाल पूरे मैच के लिए फिट स्पेन के हेड कोच लुइस डे ला फुएंते ने कहा है कि 18 साल के स्टार विंगर लामिन यामाल अब पूरी तरह फिट हैं। वे जरूरत पड़ने पर ऑस्ट्रिया के खिलाफ राउंड ऑफ 32 मुकाबले में पूरे 90 मिनट खेल सकते हैं। उनकी रिकवरी लगभग पूरी हो चुकी है। AP के अनुसार फुएंते ने इंगलवुड के सोफी स्टेडियम में कहा- ‘लामिन जितना समय हम उनसे खेलने को कहेंगे, उतना खेल सकते हैं। हमने उनकी रिकवरी को लेकर सावधानी बरती है। अब वह बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि वह खुद भी खेलने के लिए बेहद उत्साहित हैं।’ बार्सिलोना के विंगर यामाल ने ग्रुप स्टेज के तीन मैचों में सिर्फ 141 मिनट खेलते हुए एक गोल किया था। अप्रैल में हैमस्ट्रिंग चोट के बाद स्पेन ने उनकी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए उनके खेलने का समय सीमित रखा था।
जोकोविच विंबलडन के तीसरे दौर में पहुंचे:सितसिपास को 98 मिनट में सीधे सेटों में हराया; डिफेंडिंग चैंपियन सिनर की भी अगले राउंड में एंट्री

लंदन के सेंटर कोर्ट पर खेले गए विंबलडन के एक मुकाबले में 39 साल के नोवाक जोकोविच ने ग्रीस के स्टेफानोस सितसिपास को सीधे सेटों में हराकर तीसरे दौर में जगह बना ली है। जोकोविच ने यह मुकाबला महज 98 मिनट में 6-3, 6-4, 6-2 से अपने नाम किया। वहीं दूसरी तरफ, डिफेंडिंग चैंपियन जैनिक सिनर ने भी मुश्किल मुकाबले में नूनो बोर्गेस को हराकर टूर्नामेंट में अपनी लगातार नौवीं जीत दर्ज की। मैच के बाद जोकोविच बोले- उम्र सिर्फ एक नंबर है जीत के बाद जोकोविच ने फैंस से बात करते हुए कहा, ‘मुझे ‘विंटेज’ शब्द पसंद है, यह सुनना अच्छा लगता है क्योंकि यह पुराने बेहतरीन दिनों की याद दिलाता है। जब आप कोर्ट पर इस तरह का खेल दिखाते हैं, तो आपको बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती है।’ उन्होंने आगे कहा,’मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। जब मैं विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर खेलता हूं, तो इन पलों को हल्के में नहीं लेता। यह मेरे बचपन के सपनों का टूर्नामेंट था। 30 साल से ज्यादा की उम्र में भी इस कोर्ट पर कदम रखना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मुझे लगता है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और यह बात बिल्कुल सच है।’ बॉल किड के साथ प्रैंक और रोरी मैक्लरॉय को चैलेंज मैच के दौरान जोकोविच काफी रिलैक्स मूड में दिखे। तीसरे सेट से पहले ब्रेक के दौरान उन्होंने अपनी टी-शर्ट से धागा काट रही एक बॉल किड के साथ मजाक किया, जैसे कि उसने उन्हें चोट पहुंचा दी हो। इसके बाद मैच जीतकर उन्होंने रॉयल बॉक्स में बैठे गोल्फर रोरी मैक्लरॉय को मजाकिया अंदाज में टेनिस मैच खेलने का चैलेंज भी दे दिया। जोकोविच ने कहा कि जो भी यह मैच जीतेगा, उसे वह ‘मास्टर्स ग्रीन ब्लेजर’ मिलेगा जिसे पहनकर मैक्लरॉय मैच देखने आए थे। डिफेंडिंग चैंपियन सिनर को बोर्गेस ने दी टक्कर टूर्नामेंट के डिफेंडिंग चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-1 जैनिक सिनर को पुर्तगाल के नूनो बोर्गेस के खिलाफ कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 2 घंटे 32 मिनट तक चले इस मुकाबले को सिनर ने 7-6 (7-4), 7-6 (7-2), 6-4 से जीता। वर्ल्ड रैंकिंग में 48वें नंबर पर काबिज बोर्गेस ने कई मौकों पर सिनर से बेहतर खेल दिखाया और दूसरे सेट में एक समय वे सेट पॉइंट तक पहुंच गए थे, लेकिन सिनर ने दबाव के क्षणों में अपना अनुभव दिखाया और वापसी की। अब अगले दौर में इनसे होगा मुकाबला टूर्नामेंट के अगले यानी तीसरे दौर में नोवाक जोकोविच का मुकाबला फ्रांस के 25वें सीड आर्थर रिंडरनेच से होगा। वहीं, जैनिक सिनर अगले दौर में अमेरिका के जेनसन ब्रूक्सबी से भिड़ेंगे जो वर्ल्ड रैंकिंग में 81वें नंबर पर हैं। सिनर के लिए यह जीत इसलिए अहम है क्योंकि फ्रेंच ओपन के दूसरे दौर में मिली हार के बाद उन्होंने ग्रास कोर्ट पर अभ्यास के लिए किसी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया था, जिससे उनकी मैच फिटनेस को लेकर सवाल उठ रहे थे।
जोकोविच विंबलडन के तीसरे दौर में पहुंचे:सितसिपास को 98 मिनट में सीधे सेटों में हराया; डिफेंडिंग चैंपियन सिनर की भी अगले राउंड में एंट्री

लंदन के सेंटर कोर्ट पर खेले गए विंबलडन के एक मुकाबले में 39 साल के नोवाक जोकोविच ने ग्रीस के स्टेफानोस सितसिपास को सीधे सेटों में हराकर तीसरे दौर में जगह बना ली है। जोकोविच ने यह मुकाबला महज 98 मिनट में 6-3, 6-4, 6-2 से अपने नाम किया। वहीं दूसरी तरफ, डिफेंडिंग चैंपियन जैनिक सिनर ने भी मुश्किल मुकाबले में नूनो बोर्गेस को हराकर टूर्नामेंट में अपनी लगातार नौवीं जीत दर्ज की। मैच के बाद जोकोविच बोले- उम्र सिर्फ एक नंबर है जीत के बाद जोकोविच ने फैंस से बात करते हुए कहा, ‘मुझे ‘विंटेज’ शब्द पसंद है, यह सुनना अच्छा लगता है क्योंकि यह पुराने बेहतरीन दिनों की याद दिलाता है। जब आप कोर्ट पर इस तरह का खेल दिखाते हैं, तो आपको बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती है।’ उन्होंने आगे कहा,’मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। जब मैं विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर खेलता हूं, तो इन पलों को हल्के में नहीं लेता। यह मेरे बचपन के सपनों का टूर्नामेंट था। 30 साल से ज्यादा की उम्र में भी इस कोर्ट पर कदम रखना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मुझे लगता है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और यह बात बिल्कुल सच है।’ बॉल किड के साथ प्रैंक और रोरी मैक्लरॉय को चैलेंज मैच के दौरान जोकोविच काफी रिलैक्स मूड में दिखे। तीसरे सेट से पहले ब्रेक के दौरान उन्होंने अपनी टी-शर्ट से धागा काट रही एक बॉल किड के साथ मजाक किया, जैसे कि उसने उन्हें चोट पहुंचा दी हो। इसके बाद मैच जीतकर उन्होंने रॉयल बॉक्स में बैठे गोल्फर रोरी मैक्लरॉय को मजाकिया अंदाज में टेनिस मैच खेलने का चैलेंज भी दे दिया। जोकोविच ने कहा कि जो भी यह मैच जीतेगा, उसे वह ‘मास्टर्स ग्रीन ब्लेजर’ मिलेगा जिसे पहनकर मैक्लरॉय मैच देखने आए थे। डिफेंडिंग चैंपियन सिनर को बोर्गेस ने दी टक्कर टूर्नामेंट के डिफेंडिंग चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-1 जैनिक सिनर को पुर्तगाल के नूनो बोर्गेस के खिलाफ कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 2 घंटे 32 मिनट तक चले इस मुकाबले को सिनर ने 7-6 (7-4), 7-6 (7-2), 6-4 से जीता। वर्ल्ड रैंकिंग में 48वें नंबर पर काबिज बोर्गेस ने कई मौकों पर सिनर से बेहतर खेल दिखाया और दूसरे सेट में एक समय वे सेट पॉइंट तक पहुंच गए थे, लेकिन सिनर ने दबाव के क्षणों में अपना अनुभव दिखाया और वापसी की। अब अगले दौर में इनसे होगा मुकाबला टूर्नामेंट के अगले यानी तीसरे दौर में नोवाक जोकोविच का मुकाबला फ्रांस के 25वें सीड आर्थर रिंडरनेच से होगा। वहीं, जैनिक सिनर अगले दौर में अमेरिका के जेनसन ब्रूक्सबी से भिड़ेंगे जो वर्ल्ड रैंकिंग में 81वें नंबर पर हैं। सिनर के लिए यह जीत इसलिए अहम है क्योंकि फ्रेंच ओपन के दूसरे दौर में मिली हार के बाद उन्होंने ग्रास कोर्ट पर अभ्यास के लिए किसी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया था, जिससे उनकी मैच फिटनेस को लेकर सवाल उठ रहे थे।






