Saturday, 22 Aug 2026 | 03:52 AM

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India-A Fightback Day 2 | Sai Sudharsan Century vs Sri Lanka-A

India-A Fightback Day 2 | Sai Sudharsan Century vs Sri Lanka-A

गॉल30 मिनट पहले कॉपी लिंक साई सुदर्शन और देवदत्त पडीक्कल ने 181 रन की साझेदारी की। भारत-A ने श्रीलंका-A के खिलाफ दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट में वापसी कर ली है। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत-A ने पहली पारी में 1 विकेट पर 247 रन बना लिए हैं। साई सुदर्शन 104 और देवदत्त पडिक्कल 94 रन बनाकर नाबाद हैं। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 181 रन की साझेदारी हो चुकी है। भारत-A अभी श्रीलंका-A के पहली पारी के स्कोर से 119 रन पीछे है। इससे पहले गॉल में श्रीलंका-A ने अपनी पहली पारी में 366 रन बनाए। कप्तान साहन अराच्चिगे ने शानदार 127 रन की पारी खेली। भारत-A की ओर से गुरनूर बराड़ और सारांश जैन ने 4-4 विकेट लिए, जबकि यश ठाकुर को 2 सफलताएं मिलीं। सुदर्शन के बैटिंग की फोटोज… ऑन ड्राइव खेलते हुए साई सुदर्शन। ऑफ साइड में कट शॉट खेलते हुए सुदर्शन। शतक लगाने के बाद सुदर्शन। सुदर्शन-पडिक्कल ने पलटा मैच का रुख भारत-A की शुरुआत अच्छी रही। अमन मोखाडे और साई सुदर्शन ने पहले विकेट के लिए 66 रन जोड़े। मोखाडे 48 गेंदों में 38 रन बनाकर केशरा नुवांथा का शिकार बने। इसके बाद सुदर्शन ने देवदत्त पडिक्कल के साथ पारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 181 रन की नाबाद साझेदारी कर डाली। साई सुदर्शन ने 13 चौकों की मदद से नाबाद 104 रन बनाए। देवदत्त पडिक्कल 11 चौकों के सहारे 94 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। देवदत्त पडिक्कल 94 रन बनाकर नाबाद रहे। साहन के शतक से श्रीलंका-A ने बनाए 366 रन इससे पहले श्रीलंका-A ने अपनी पहली पारी में 110 ओवर में 366 रन बनाए। कप्तान साहन अराच्चिगे ने 127 रन की पारी खेली। उन्होंने 13 चौके और 2 छक्के लगाए। विकेटकीपर अंजला बंडारा ने 42 रन, नुवानिडु फर्नांडो ने 44 रन, पवन्था वीरासिंघे ने 39 और अशेन बंडारा ने 34 रन का योगदान दिया। साहन अराच्चिगे ने 127 रन बनाए। बरार-जैन ने झटके 4-4 विकेट भारत-A की ओर से गुरनूर बरार और सारांश जैन सबसे सफल गेंदबाज रहे। दोनों ने 4-4 विकेट हासिल किए। बरार ने 77 रन देकर चार विकेट लिए। सारांश ने 92 रन देकर चार बल्लेबाजों को आउट किया। यश ठाकुर ने किफायती गेंदबाजी करते हुए 20 ओवर में सिर्फ 46 रन देकर 2 विकेट लिए। गुरनूर बरार ने 4 विकेट लिए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

मोहाली में विदेशी छात्रा से गैंगरेप:बर्थडे पार्टी में बुलाया, शराब पिलाई; बेडशीट बनी अहम सबूत; लुधियाना की यूनिवर्सिटी में करती है पढ़ाई

मोहाली में विदेशी छात्रा से गैंगरेप:बर्थडे पार्टी में बुलाया, शराब पिलाई; बेडशीट बनी अहम सबूत; लुधियाना की यूनिवर्सिटी में करती है पढ़ाई

मोहाली में विदेशी छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया। वह बर्थडे पार्टी के लिए लुधियाना से मोहाली आई थी। आरोप है कि पार्टी के दौरान नशे की हालत का फायदा उठाकर दो विदेशी मूल के युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया। पीड़िता के भाई ने घटना से जुड़ी अहम बेडशीट को सबूत के तौर पर सुरक्षित रखकर पुलिस को सौंप दिया। मेडिकल जांच में गैंगरेप की पुष्टि हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान एजिकिएल और फ्रेक के रूप में हुई है। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। लाइबेरिया की पीड़ित छात्रा लुधियाना की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करती है। क्या है पूरा मामला, 5 पॉइंट में पढ़िए… कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर भेजा पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को पुलिस रिमांड पर भेजा। वारदात वाली जगह से फोरेंसिक सबूत जुटाए गए हैं।

Salman Khan Film Matrubhoomi Certificate Halted by CBFC

Salman Khan Film Matrubhoomi Certificate Halted by CBFC

11 मिनट पहले कॉपी लिंक सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने एक्टर सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ का क्लियरेंस सर्टिफिकेट अगले आदेश तक रोक दिया है। यह फिल्म साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प पर आधारित है। पहले इस फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ रखा गया था। फिल्म को पहले 17 अप्रैल को ईद के मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन बाद में इसकी रिलीज डेट बढ़ाकर अगस्त तय की गई थी। सेंसर बोर्ड के इस फैसले के बाद अब फिल्म की अगस्त रिलीज भी टलने की आशंका है। सेंसर बोर्ड ने अगले आदेश तक रोका सर्टिफिकेट एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘मातृभूमि’ को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। फिल्म के मेकर्स को उम्मीद थी कि इसे स्वतंत्रता दिवस के वीकेंड पर अगस्त में रिलीज कर दिया जाएगा, लेकिन नया सर्टिफिकेट न मिलने के कारण अब ऐसा होना मुश्किल लग रहा है। इस फिल्म का निर्माण सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान ने किया है और इसके डायरेक्टर अपूर्वा लाखिया हैं। फिल्म में सलमान खान के साथ एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह, अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का म्यूजिक हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है। फिल्म में सलमान कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। चीनी सोशल मीडिया पर विरोध के बाद बदला था नाम इस फिल्म को लेकर रिलीज से पहले ही विवाद शुरू हो गया था। पिछले साल दिसंबर में जब फिल्म का टीजर सामने आया था, तब चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो (Weibo) पर इसे लेकर काफी विरोध देखा गया था। चीनी यूजर्स ने मेकर्स पर गलवान घाटी की घटना को गलत तरीके से दिखाने का आरोप लगाया था। इस विवाद के बाद मेकर्स ने फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ से बदलकर ‘मातृभूमि’ कर दिया था। नाम बदलने के साथ ही फिल्म की स्क्रिप्ट और दृश्यों में भी कुछ बदलाव किए गए थे। फिल्म पर विदेश मंत्रालय ने दी थी सफाई इसी साल जनवरी में भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) से भी इस फिल्म को लेकर सवाल पूछा गया था। तब ऐसी खबरें आई थीं कि विदेश मंत्रालय ने भारत और चीन के सैनिकों के बीच छह साल पहले हुई झड़प पर बन रही इस फिल्म को लेकर आपत्ति जताई है। इस पर सफाई देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत में फिल्म निर्माण से जुड़े मामलों को संबंधित अथॉरिटी ही देखती है। इस तरह के मामलों में विदेश मंत्रालय का कोई रोल नहीं होता है। उन्होंने साफ किया था कि मंत्रालय की तरफ से फिल्म पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। कर्नल संतोष बाबू के रोल में दिखेंगे सलमान खान फिल्म ‘मातृभूमि’ का टीजर 27 दिसंबर 2025 को सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर रिलीज किया गया था। इस फिल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। कर्नल संतोष बाबू ने ही गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के दौरान भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व किया था। इस झड़प में वे शहीद हो गए थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Salman Khan Film Matrubhoomi Certificate Halted by CBFC

Salman Khan Film Matrubhoomi Certificate Halted by CBFC

42 मिनट पहले कॉपी लिंक सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने एक्टर सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ का क्लियरेंस सर्टिफिकेट अगले आदेश तक रोक दिया है। यह फिल्म साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प पर आधारित है। पहले इस फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ रखा गया था। फिल्म को पहले 17 अप्रैल को ईद के मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन बाद में इसकी रिलीज डेट बढ़ाकर अगस्त तय की गई थी। सेंसर बोर्ड के इस फैसले के बाद अब फिल्म की अगस्त रिलीज भी टलने की आशंका है। सेंसर बोर्ड ने अगले आदेश तक रोका सर्टिफिकेट एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘मातृभूमि’ को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। फिल्म के मेकर्स को उम्मीद थी कि इसे स्वतंत्रता दिवस के वीकेंड पर अगस्त में रिलीज कर दिया जाएगा, लेकिन नया सर्टिफिकेट न मिलने के कारण अब ऐसा होना मुश्किल लग रहा है। इस फिल्म का निर्माण सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान ने किया है और इसके डायरेक्टर अपूर्वा लाखिया हैं। फिल्म में सलमान खान के साथ एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह, अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का म्यूजिक हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है। फिल्म में सलमान कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। चीनी सोशल मीडिया पर विरोध के बाद बदला था नाम इस फिल्म को लेकर रिलीज से पहले ही विवाद शुरू हो गया था। पिछले साल दिसंबर में जब फिल्म का टीजर सामने आया था, तब चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो (Weibo) पर इसे लेकर काफी विरोध देखा गया था। चीनी यूजर्स ने मेकर्स पर गलवान घाटी की घटना को गलत तरीके से दिखाने का आरोप लगाया था। इस विवाद के बाद मेकर्स ने फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ से बदलकर ‘मातृभूमि’ कर दिया था। नाम बदलने के साथ ही फिल्म की स्क्रिप्ट और दृश्यों में भी कुछ बदलाव किए गए थे। फिल्म पर विदेश मंत्रालय ने दी थी सफाई इसी साल जनवरी में भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) से भी इस फिल्म को लेकर सवाल पूछा गया था। तब ऐसी खबरें आई थीं कि विदेश मंत्रालय ने भारत और चीन के सैनिकों के बीच छह साल पहले हुई झड़प पर बन रही इस फिल्म को लेकर आपत्ति जताई है। इस पर सफाई देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत में फिल्म निर्माण से जुड़े मामलों को संबंधित अथॉरिटी ही देखती है। इस तरह के मामलों में विदेश मंत्रालय का कोई रोल नहीं होता है। उन्होंने साफ किया था कि मंत्रालय की तरफ से फिल्म पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। कर्नल संतोष बाबू के रोल में दिखेंगे सलमान खान फिल्म ‘मातृभूमि’ का टीजर 27 दिसंबर 2025 को सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर रिलीज किया गया था। इस फिल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। कर्नल संतोष बाबू ने ही गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के दौरान भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व किया था। इस झड़प में वे शहीद हो गए थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

भारत वनडे सीरीज के लिए इंग्लैंड टीम घोषित:कोल्स को पहली बार मौका, जोफ्रा आर्चर की वापसी; हैरी ब्रूक करेंगे कप्तानी

भारत वनडे सीरीज के लिए इंग्लैंड टीम घोषित:कोल्स को पहली बार मौका, जोफ्रा आर्चर की वापसी; हैरी ब्रूक करेंगे कप्तानी

भारत के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए इंग्लैंड ने 16 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। ससेक्स के ऑलराउंडर जेम्स कोल्स को पहली बार वनडे टीम में जगह मिली है। वहीं तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की करीब आठ महीने बाद वनडे टीम में वापसी हुई है। उन्होंने आखिरी वनडे नवंबर 2025 में खेला था। टीम की कप्तानी हैरी ब्रूक करेंगे। तेज गेंदबाज जोश टंग को भी वनडे टीम में पहली बार शामिल किया गया है। इसके अलावा गस एटकिंसन और साकिब महमूद भी श्रीलंका दौरा मिस करने के बाद टीम में लौटे हैं। 4 बदलाव के साथ उतरेगा इंग्लैंड श्रीलंका दौरे पर गई टीम की तुलना में इंग्लैंड ने चार बदलाव किए हैं। जेम्स कोल्स, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन और साकिब महमूद को टीम में शामिल किया गया है। वहीं ब्रायडन कार्से, जैक क्रॉली, जेमी ओवरटन और ल्यूक वुड को बाहर किया गया है। 14 जुलाई से शुरू होगी सीरीज भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 14 जुलाई को एजबेस्टन में खेला जाएगा। दूसरा मैच 16 जुलाई को कार्डिफ और तीसरा व अंतिम वनडे 19 जुलाई को लॉर्ड्स में होगा। इंग्लैंड की वनडे टीम हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, जेम्स कोल्स, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जो रूट और जॉश टंग। भारतीय टीम में कोहली की वापसी 21 जून को भारतीय टीम का ऐलान हुआ था। टीम के कप्तान शुभमन गिल हैं। श्रेयस अय्यर को उपकप्तानी दी गई है। विराट कोहली और रोहित शर्मा भी स्क्वॉड का हिस्सा हैं। कोहली चोटिल होने की वजह से अफगानिस्तान सीरीज नहीं खेल पाए थे।

मूवी रिव्यू: बेबी डू डाई डू:मुंबई की गलियों में खामोश मौत का खेल…फिल्म में सिर्फ स्टाइल है या दमदार थ्रिलर भी?

मूवी रिव्यू: बेबी डू डाई डू:मुंबई की गलियों में खामोश मौत का खेल...फिल्म में सिर्फ स्टाइल है या दमदार थ्रिलर भी?

आजकल क्राइम थ्रिलर फिल्मों में गोलियां, गैंगस्टर और बदले की कहानियां नई बात नहीं रहीं। ऐसे में बेबी डू डाई डू अपने मुख्य किरदार की वजह से अलग नजर आती है। यहां एक ऐसी सुपारी किलर है, जो न बोल सकती है और न सुन सकती है, लेकिन हर मिशन को बिना शोर किए अंजाम देती है। निर्देशक नचिकेत सामंत ने इस कहानी को सिर्फ एक एक्शन फिल्म नहीं बनाया, बल्कि मुंबई शहर की बदलती तस्वीर और उसके अंधेरे चेहरे को भी कहानी का हिस्सा बनाया है। फिल्म हर मोड़ पर चौंकाती नहीं, लेकिन अपने स्टाइल, माहौल और दमदार अभिनय के दम पर अंत तक दिलचस्प बनी रहती है। इस फिल्म की लेंथ 2 घंटा 5 मिनट है। दैनिक भास्कर ने इसे 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी कैसी है? कहानी की शुरुआत दो जुड़वां बहनों से होती है, जो बचपन में एक बंद पड़े होटल में पहुंच जाती हैं। वहां वे एक हत्या की गवाह बन जाती हैं। इस घटना में एक बहन की मौत हो जाती है, जबकि दूसरी की जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाती है। सालों बाद वही लड़की बेबी करमरकर (हुमा कुरैशी) के नाम से मुंबई की सबसे खतरनाक कॉन्ट्रैक्ट किलर बन चुकी होती है। वह गूंगी और बहरी है, लेकिन अपने हर मिशन को बेहद सटीक तरीके से अंजाम देती है। उसकी पहचान उसकी खास छतरी है, जो जरूरत पड़ने पर जानलेवा हथियार बन जाती है। बेबी का पालन पोषण पापा (चंकी पांडे) ने किया है, जो उसे एक के बाद एक मिशन सौंपते रहते हैं। लेकिन हर सुपारी के पीछे बेबी की अपनी एक तलाश भी छिपी है। वह अपनी जुड़वां बहन के हत्यारे तक पहुंचना चाहती है। इसी बीच उसकी जिंदगी में सिद्धू (रचित सिंह) की एंट्री होती है और पहली बार उसे इस खून खराबे वाली दुनिया से बाहर निकलने की उम्मीद दिखाई देती है। क्या बेबी अपने अतीत से बाहर निकल पाएगी? क्या उसे अपनी बहन के हत्यारे तक पहुंचने का मौका मिलेगा? और क्या अपराध की दुनिया उसे इतनी आसानी से जाने देगी? इन्हीं सवालों के जवाब फिल्म धीरे धीरे देती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हुमा कुरैशी हैं। बिना लंबे संवाद बोले सिर्फ आंखों, चेहरे के भाव और बॉडी लैंग्वेज के जरिए उन्होंने बेबी के दर्द, गुस्से और अकेलेपन को बेहद असरदार तरीके से निभाया है। उनका शांत चेहरा और अचानक हिंसक हो जाने वाला अंदाज फिल्म को अलग पहचान देता है। रचित सिंह कहानी में भावनात्मक संतुलन लेकर आते हैं। उनका किरदार सादगी से लिखा गया है और दोनों के बीच की केमिस्ट्री फिल्म को राहत देती है। चंकी पांडे अपने अब तक के अलग किरदारों में नजर आते हैं। उनका शांत लेकिन रहस्यमय अंदाज प्रभावित करता है। सिकंदर खेर एक बार फिर ग्रे शेड वाले किरदार में जमे हैं और हर बार स्क्रीन पर आते ही तनाव बढ़ा देते हैं। सीमा पाहवा भी अपने सीमित स्क्रीन टाइम में प्रभाव छोड़ती हैं। फिल्म का डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष कैसा है? निर्देशक नचिकेत सामंत ने इस फिल्म को पारंपरिक क्राइम थ्रिलर बनने से बचाने की कोशिश की है। उन्होंने स्टाइल और कहानी के बीच अच्छा संतुलन बनाने का प्रयास किया है। मुंबई यहां सिर्फ लोकेशन नहीं, बल्कि कहानी का एक अहम किरदार बनकर सामने आती है। बारिश में भीगी सड़कें, पुरानी चालें, अधूरी इमारतें और शहर का अंधेरा चेहरा फिल्म के माहौल को मजबूत बनाते हैं। सिनेमैटोग्राफी फिल्म की सबसे बड़ी खूबियों में शामिल है। कई फ्रेम इंटरनेशनल नियो नॉयर फिल्मों की याद दिलाते हैं। ब्लैक एंड व्हाइट फ्लैशबैक, कम रोशनी वाले दृश्य और रंगों का इस्तेमाल कहानी को अलग पहचान देता है। हालांकि फिल्म पूरी तरह अपनी पकड़ बनाए नहीं रख पाती। पहले हिस्से में रफ्तार थोड़ी धीमी महसूस होती है। दूसरे भाग में कहानी तेज होती है, लेकिन जरूरत से ज्यादा किरदार और कई समानांतर ट्रैक फिल्म को थोड़ा उलझा देते हैं। कुछ ट्विस्ट का अंदाजा पहले ही लग जाता है और कुछ घटनाएं जरूरत से ज्यादा सुविधाजनक लगती हैं। इसके बावजूद निर्देशक फिल्म का माहौल और सस्पेंस बनाए रखने में काफी हद तक सफल रहते हैं। फिल्म क म्यूजिक कैसा है? फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर कहानी के साथ अच्छी तरह चलता है। कई जगह सन्नाटा भी कहानी का हिस्सा बन जाता है और तनाव बढ़ाता है। गाने कम हैं और कहानी में रुकावट नहीं बनते। हालांकि ऐसा कोई गीत नहीं है जो फिल्म खत्म होने के बाद लंबे समय तक याद रह जाए। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? बेबी डू डाई डू उन फिल्मों में से है जो अपनी कहानी से ज्यादा अपने ट्रीटमेंट और माहौल के लिए याद रखी जाएगी। हुमा कुरैशी का दमदार अभिनय, स्टाइलिश प्रस्तुति और मुंबई को कहानी का अहम किरदार बनाने का तरीका फिल्म को अलग बनाता है। हालांकि धीमा पहला हिस्सा, कुछ अनुमानित मोड़ और जरूरत से ज्यादा किरदार इसकी रफ्तार को थोड़ा कमजोर करते हैं। अगर आपको अलग अंदाज की क्राइम थ्रिलर, मजबूत महिला प्रधान किरदार और स्टाइलिश फिल्में पसंद हैं, तो बेबी डू डाई डू एक बार जरूर देखी जा सकती है।

‘आर्यभट्ट का जीरो’ में दिखेगा हिमांश कोहली का नया रूप:फिल्म की कहानी पिता-पुत्र के टकराव और सपनों के संघर्ष पर

‘आर्यभट्ट का जीरो’ में दिखेगा हिमांश कोहली का नया रूप:फिल्म की कहानी पिता-पुत्र के टकराव और सपनों के संघर्ष पर

‘यारियां’, ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ समेत कई बड़ी फिल्मों में लीड रोल कर चुके हिमांश कोहली की नई फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ है। इससे जुड़ने से लेकर मेकिंग आदि पर उनसे हुई खास बातचीत… हिमांश कहते हैं…‘आर्यभट्ट का जीरो’ देहरादून के एक मोहल्ले की कहानी है। इसमें मेरा किरदार ब्रह्मगुप्त श्रीवास्तव उर्फ बग्गू है, जिसे उसके पिता हमेशा ‘जीरो’ मानते हैं। पिता चाहते हैं कि बेटा उनके जीते-जी कुछ बन जाए, जबकि बग्गू अपने सपनों की दुनिया बसाना चाहता है। यह पिता-पुत्र के टकराव की कहानी के साथ हर उस युवा की कहानी भी है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष करता है।’ फिल्म में मेरी जिंदगी की झलक भी है, तारीक मोहम्मद ने लिखी है कहानी हिमांश बताते हैं…‘मैं इस फिल्म से शुरुआत से जुड़ा रहा हूं। जब लेखक तारिक मोहम्मद कहानी लिख रहे थे, तब हम अपनी जिंदगी के अनुभव साझा कर रहे थे। मैं उन्हें बता रहा था कि कई बार अपने सपनों को लेकर सबसे पहले घरवालों को ही समझाना पड़ता है। मेरे जीवन में भी ऐसा दौर आया है। फिल्म के कई हिस्से, खासकर प्री-क्लाइमैक्स, मेरी निजी जिंदगी से मेल खाते हैं। सिर्फ मुझे ही नहीं, पूरी टीम को लगा कि कहानी में कहीं न कहीं उनकी भी जिंदगी दिखाई देती है।’ हर किरदार बग्गू की मंजिल तक उसे पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है हिमांश कहते हैं, ‘यह सिर्फ एक लड़के की कहानी नहीं, पूरे मोहल्ले की कहानी है। फिल्म में सोनाली सहगल, रवि किशन, नीरज सूद, अल्का अमीन, राजेश शर्मा, दर्शना बानिक, गोपाल दत्त और शिल्पा शिंदे जैसे कलाकार हैं। हर किरदार बग्गू की जिंदगी में किसी न किसी मोड़ पर आता है और उसकी सोच या सफर को प्रभावित करता है।’ देहरादून सिर्फ लोकेशन नहीं, फिल्म का एक अहम किरदार भी है बकौल हिमांश…‘फिल्म की शूटिंग देहरादून, दिल्ली और मुंबई में हुई लेकिन सबसे ज्यादा समय देहरादून में बिताया। करीब 65 दिन वहां शूट किया। दिल्ली और मुंबई का इस्तेमाल कहानी की जरूरत के हिसाब से किया गया है। क्लाइमैक्स भी देहरादून में शूट हुआ।’ पहले नाम ‘बूंदी रायता’ था, फिर फिल्म बनने तक मिल गया मनचाहा टाइटल हिमांश के मुताबिक…‘शुरुआत में फिल्म का वर्किंग टाइटल ‘बूंदी रायता’ रखा गया था, क्योंकि ‘आर्यभट्ट का जीरो’ टाइटल उपलब्ध नहीं था। हमारी पहली पसंद हमेशा यही नाम था। यह किसी और के पास रजिस्टर्ड था, लेकिन बाद में रिन्यू नहीं हुआ और फिल्म पूरी होने तक हमें यह टाइटल मिल गया। मुझे लगता है कि कहानी के भाव और पिता-पुत्र के रिश्ते को यही नाम सबसे बेहतर तरीके से व्यक्त करता है।’ लीड रोल मिलना रणनीति नहीं, किस्मत का साथ होना है हिमांश का कहना है…‘यारियां’ में भी मैं पहले थर्ड लीड के लिए चुना गया था, लेकिन वर्कशॉप के दौरान मुख्य भूमिका तक पहुंच गया। उसी समय ‘हमसे है लाइफ’ में भी लीड कर रहा था। सही समय पर सही मौका मिलना जरूरी होता है, लेकिन तैयारी भी उतनी ही जरूरी है। अभिनय के साथ-साथ अपने प्रोडक्शन हाउस के तहत भी फिल्में बना रहा हूं। ‘जूलिया एंड कालिया’ पूरी हो चुकी है। दूसरी फिल्म ‘क से कबूतर’ शिक्षा व्यवस्था पर आधारित है, जिसकी शूटिंग जारी है। इसका अगला शेड्यूल छत्तीसगढ़ में होगा।

थाइलैंड में बच्चे ने 10 बौद्ध भिक्षुओं को कुचला, VIDEO:बिना इजाजत पिता का पिकअप ट्रक चला रहा था, 10 किमी चलाने के बाद कंट्रोल खोया

थाइलैंड में बच्चे ने 10 बौद्ध भिक्षुओं को कुचला, VIDEO:बिना इजाजत पिता का पिकअप ट्रक चला रहा था, 10 किमी चलाने के बाद कंट्रोल खोया

थाईलैंड के मुकदाहन शहर में गुरुवार को एक बच्चे ने पिकअप ट्रक से बौद्ध भिक्षुओं के जुलूस को कुचल दिया। जिसमें कम से कम 10 भिक्षुओं की मौत हो गई और 5 गंभीर रूप से घायल है। पुलिस के मुताबिक, 11 साल का एक लड़का अपने माता-पिता का पिकअप ट्रक बिना इजाजत लेकर निकला था। करीब 10 किलोमीटर चलाने के बाद उसने वाहन से नियंत्रण खो दिया और तीर्थयात्रा पर निकले भिक्षुओं के जुलूस में जा घुसा। यह हादसा स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे हुआ। भिक्षुओं का समूह सड़क किनारे एक लाइन में पैदल चल रहा था। स्थानीय रेस्क्यू संगठन की ओर से जारी CCTV फुटेज में पिकअप ट्रक तेज रफ्तार में जुलूस को टक्कर मारता नजर आया। 35 भिक्षु और पांच श्रद्धालु तीर्थयात्रा पर निकले थे थाईलैंड की 93% से ज्यादा आबादी बौद्ध धर्म को मानती है। सार्वजनिक धार्मिक यात्राएं और जुलूस आम बात हैं। मुकदाहन के गवर्नर वोरायन बुन्नारात के मुताबिक, गुरुवार को कुल 35 बौद्ध भिक्षु और पांच आम श्रद्धालु एक मंदिर से दूसरे मंदिर तक पैदल तीर्थयात्रा कर रहे थे। यात्रा शुरू होने के कुछ ही समय बाद यह हादसा हो गया। अधिकारियों के अनुसार, पांच भिक्षुओं की मौत मौके पर हुई, जबकि अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कई घायलों का इलाज चल रहा है। मुकदाहन अस्पताल ने घायलों के इलाज के लिए लोगों से तत्काल रक्तदान की अपील भी की है। बच्चे के परिजनों ने पुलिस को पिकअप ट्रक न होने की सूचना दी पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लड़का घर पर अकेला था। वह उस दिन अस्वस्थ होने के कारण स्कूल नहीं गया था। इसी दौरान उसने अपने माता-पिता का पिकअप ट्रक बिना अनुमति ले लिया। जब परिजनों को पिकअप घर पर नहीं मिली तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने हादसे के बाद वाहन को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस ने अभी तक कोई केस दर्ज नहीं किया प्रांतीय पुलिस प्रमुख मेजर जनरल पैरोज थाइफुत्सा ने कहा कि लड़का नाबालिग है। फिलहाल उससे पूछताछ नहीं हो सकी है क्योंकि वह सदमे में है और बयान देने की स्थिति में नहीं है। इसी वजह से अभी तक कोई आरोप तय नहीं किया गया है। पुलिस पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया और हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। बाद में BBC से बातचीत में पुलिस प्रमुख ने कहा कि लड़के की देखभाल उसके अभिभावकों, डॉक्टर और अन्य अधिकारियों की टीम कर रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक वह विशेष जरूरतों वाला बच्चा हो सकता है, हालांकि इस बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। थाईलैंड दुनिया के सबसे ज्यादा सड़क हादसों वाले देशों में शामिल है। WHO के मुताबिक, हर साल सड़क दुर्घटनाओं में करीब 18 हजार लोगों की मौत होती है। हालांकि इस मामले में हादसे की वास्तविक वजह का पता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

Sunil Pal Claims ₹25 Lakh Offer for Samay Rainas Show

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5 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन सुनील पाल ने समय रैना के विवादित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में शामिल होने को लेकर पहली बार प्रतिक्रिया दी। गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि समय रैना ने उन्हें शो में आने के लिए 25 लाख रुपए का ऑफर दिया था। गुरुवार को वह फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ देखने जा रहे थे। इस दौरान पैपराजी से बातचीत में सुनील ने कहा, “समय रैना के लगभग 11 मिलियन फॉलोअर्स हैं और वह मुझे फॉलो करता है। इससे पता चलता है कि अब वह सही आदमी को फॉलो कर रहा है। वह सही मंजिल तक पहुंच जाएगा।” समय रैना के इंस्टाग्राम अकाउंट पर लाखों फॉलोअर्स हैं, लेकिन वह फिलहाल सिर्फ सुनील पाल को ही फॉलो कर रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि वह समय रैना के शो में कब नजर आएंगे, तो उन्होंने कहा, “मैं उसके शो में क्यों जाऊंगा। वह मुझे फॉलो कर रहा है। वह मेरे पीछे आएगा।” सुनील पाल ने आगे दावा किया कि समय ने उनसे शो में आने के लिए बातचीत की थी और 25 लाख रुपए देने की पेशकश भी की थी। उनके मुताबिक, उन्होंने कहा था कि वह गाली-गलौज नहीं करेंगे। इस पर समय ने कथित तौर पर जवाब दिया था, “सर, गाली तो आप मत देना, लेकिन हम लोग सब देंगे।” हालांकि, सुनील पाल ने यह कन्फर्म नहीं किया कि वह ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीजन में शामिल होंगे या नहीं। आलिया भट्ट पर भी तंज कसा ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीजन के पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शर्वरी वाघ गेस्ट के रूप में नजर आई थीं। इसको लेकर सुनील ने कहा, “जहां-जहां है आलिया, वहां-वहां हैं गालियां, बजाओ तो तालियां, वरना सपने में आएगा विजय माल्या।” शो के दौरान समय रैना और आलिया भट्ट ने एक-दूसरे को रोस्ट किया। गौरतलब है कि ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के पहले सीजन में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर सुनील पाल ने सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई थी। शो को लेकर उस समय विवाद भी हुआ था। वहीं ‘इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2’ को लेकर सुनील पाल ने यह भी कहा था, ‘समय रैना के नए सीजन में दो लोगों को बैठाएं, अपनी माताजी और अपने पिताजी को बैठाएं। उनके सामने शो करके दिखाएं, तब मैं मानूंगा कि समय है और रैना है।’ सुनील पाल से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कपिल शर्मा शो में सुनील पाल का आरोप:बोले- समय रैना के सामने मुझे अभिमन्यु की तरह घेरा गया, मेरे जोक्स काटे कॉमेडियन सुनील पाल ने द ग्रेट इंडियन कपिल शो में अपनी अपीयरेंस के बाद आरोप लगाया था कि शो के दौरान उन्हें ‘टारगेट’ किया गया और उनके कई अच्छे जोक्स को एडिट कर दिया गया। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Gold Silver Prices Surge | Gold Rs 1.46 Lakh, Silver Rs 2.33 Lakh

Gold Silver Prices Surge | Gold Rs 1.46 Lakh, Silver Rs 2.33 Lakh

नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक सोना-चांदी के दाम में आज 3 जुलाई को लगातार चौथे दिन तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 3,104 रुपए बढ़कर 1,46,107 रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 1,43,003 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 4,504 रुपए बढ़कर 2,33,354 रुपए पर पहुंच गई। इससे पहले 2 जून को इसकी कीमत 2,28,850 रुपए प्रति किलो थी। सोना पिछले चार दिन में 4,686 रुपए और चांदी 13,374 रुपए महंगी हुई है। इससे पहले सोमवार को सोना 1.41 लाख रुपए और चांदी 2.2 लाख रुपए पर थी। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। सोना इस साल ₹12,908 और चांदी ₹2,934 महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 12,908 रुपए और चांदी 2,934 रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.33 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई केंद्र सरकार ने मई-2026 में सोने-चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% की है। इसका मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी। विदेशी जेवर मंगाने के लिए लाइसेंस लेना होगा इसके अलावा, सरकार ने सोने-चांदी और प्लेटिनम के गहनों को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। इसका सीधा असर बाजार की सप्लाई पर दिख रहा है, जिससे सोना-चांदी की कीमतें बढ़ रही हैं। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब इन कीमती धातुओं से बनी ज्वेलरी किसी भी देश से मंगाने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस या परमिशन लेना होगा। सरकार ने यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…