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TCS Q1 2026 Results | Net Profit Rises, ₹12 Dividend, 9,200+ Employees Added

TCS Q1 2026 Results | Net Profit Rises, ₹12 Dividend, 9,200+ Employees Added

Hindi News Business TCS Q1 2026 Results | Net Profit Rises, ₹12 Dividend, 9,200+ Employees Added नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी TCS ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून को खत्म हुई इस तिमाही में कंपनी के कर्मचारियों की संख्या पिछले क्वार्टर के मुकाबले 9,200 से ज्यादा बढ़कर 5,93,798 पहुंच गई है। इसके साथ ही सालाना आधार पर कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 5% बढ़कर 13,349 करोड़ रुपए रहा है। तीन तिमाहियों की गिरावट के बाद बढ़े कर्मचारी वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में TCS के कुल कर्मचारियों की संख्या 5,84,519 थी, जो अब बढ़कर 5,93,798 हो गई है। यह बढ़ोतरी कंपनी के लिए एक वापसी की तरह है, क्योंकि इससे पहले लगातार तीन तिमाहियों तक हेडकाउंट में गिरावट देखी गई थी। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में कर्मचारियों की संख्या 6,13,069 के पीक पर थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही तक गिरकर 5,82,163 के निचले स्तर पर आ गई थी। एट्रिशन और वर्कफोर्स: 35% महिला कर्मचारी, 148 देशों के लोग काम कर रहे TCS के तिमाही फैक्टशीट के मुताबिक, IT सर्विसेज बिजनेस में स्वैच्छिक एट्रिशन रेट यानी, नौकरी छोड़ने की दर पिछले 12 महीनों के आधार पर 13.6% रही है। कंपनी ने हाल के क्वार्टर में इस स्तर को बड़े पैमाने पर बनाए रखा है। इसके साथ ही कुल वर्कफोर्स में महिला कर्मचारियों की हिस्सेदारी 35% है। कंपनी में कुल 148 अलग-अलग देशों के लोग काम करते हैं। ऑपरेशंस रेवेन्यू 14% बढ़ा, ₹12 अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी कंपनी का नेट प्रॉफिट एक साल पहले की समान तिमाही के 12,760 करोड़ रुपए के मुकाबले 5% बढ़कर 13,349 करोड़ रुपए रहा है। इस अवधि के दौरान ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 14% बढ़कर 72,275 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12 रुपए प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है और इसके लिए 15 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय किया है। 9.5 बिलियन डॉलर की डील्स में SKF के साथ बड़ा एआई प्रोजेक्ट शामिल इस तिमाही में कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 9.5 बिलियन डॉलर रही है। इसमें SKF के साथ हुआ 800 मिलियन डॉलर का एआई-बेस्ड ट्रांसफॉर्मेशन सौदा शामिल है। इसके अलावा, कंपनी ने सर्विसनाउ के साथ एक मल्टी-मिलियन-डॉलर की स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप और यूरोप बेस्ड फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ एक और मल्टी-मिलियन-डॉलर की डील साइन की है। मुनाफे को बनाए रखते हुए AI क्षमताओं को बढ़ाने पर फोकस TCS के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) समीर सेकसरिया ने कहा, “कंपनी ने कर्मचारियों के लिए सालाना वेतन वृद्धि लागू कर दी है। इसके साथ ही अपने पार्टनर इकोसिस्टम को मजबूत किया है और लॉन्ग-टर्म कॉम्पिटिटिवनेस को बेहतर बनाने के लिए टारगेटेड इन्वेस्टमेंट किए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि कंपनी प्रॉफिटेबिलिटी और रिटर्न रेशियो को बनाए रखते हुए AI-बेस्ड कैपेबिलिटीज को बनाने, हासिल करने या पार्टनरशिप करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। नॉलेज पार्ट: क्या होता है ‘एट्रिशन रेट’ और ‘रिकॉर्ड डेट’? एट्रिशन रेट: कॉर्पोरेट भाषा में इसका मतलब कर्मचारियों की नौकरी छोड़ने की दर से है। इसकी गणना प्रतिशत में की जाती है। उदाहरण के लिए, यदि एट्रिशन रेट 13.6% है, तो इसका मतलब है कि तय अवधि में हर 100 कर्मचारियों में से औसतन करीब 13 कर्मचारियों ने कंपनी छोड़ी है। रिकॉर्ड डेट: जब कोई लिस्टेड कंपनी अपने शेयरधारकों को डिविडेंड या बोनस देने का ऐलान करती है, तो वह एक तारीख तय करती है। इस तारीख तक जिन निवेशकों के डीमैट खाते में कंपनी के शेयर होते हैं, केवल वे ही डिविडेंड पाने के हकदार होते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

TCS Q1 2026 Results | Net Profit Rises, ₹12 Dividend, 9,200+ Employees Added

TCS Q1 2026 Results | Net Profit Rises, ₹12 Dividend, 9,200+ Employees Added

Hindi News Business TCS Q1 2026 Results | Net Profit Rises, ₹12 Dividend, 9,200+ Employees Added नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी TCS ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून को खत्म हुई इस तिमाही में कंपनी के कर्मचारियों की संख्या पिछले क्वार्टर के मुकाबले 9,200 से ज्यादा बढ़कर 5,93,798 पहुंच गई है। इसके साथ ही सालाना आधार पर कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 5% बढ़कर 13,349 करोड़ रुपए रहा है। तीन तिमाहियों की गिरावट के बाद बढ़े कर्मचारी वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में TCS के कुल कर्मचारियों की संख्या 5,84,519 थी, जो अब बढ़कर 5,93,798 हो गई है। यह बढ़ोतरी कंपनी के लिए एक वापसी की तरह है, क्योंकि इससे पहले लगातार तीन तिमाहियों तक हेडकाउंट में गिरावट देखी गई थी। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में कर्मचारियों की संख्या 6,13,069 के पीक पर थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही तक गिरकर 5,82,163 के निचले स्तर पर आ गई थी। एट्रिशन और वर्कफोर्स: 35% महिला कर्मचारी, 148 देशों के लोग काम कर रहे TCS के तिमाही फैक्टशीट के मुताबिक, IT सर्विसेज बिजनेस में स्वैच्छिक एट्रिशन रेट यानी, नौकरी छोड़ने की दर पिछले 12 महीनों के आधार पर 13.6% रही है। कंपनी ने हाल के क्वार्टर में इस स्तर को बड़े पैमाने पर बनाए रखा है। इसके साथ ही कुल वर्कफोर्स में महिला कर्मचारियों की हिस्सेदारी 35% है। कंपनी में कुल 148 अलग-अलग देशों के लोग काम करते हैं। ऑपरेशंस रेवेन्यू 14% बढ़ा, ₹12 अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी कंपनी का नेट प्रॉफिट एक साल पहले की समान तिमाही के 12,760 करोड़ रुपए के मुकाबले 5% बढ़कर 13,349 करोड़ रुपए रहा है। इस अवधि के दौरान ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 14% बढ़कर 72,275 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12 रुपए प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है और इसके लिए 15 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय किया है। 9.5 बिलियन डॉलर की डील्स में SKF के साथ बड़ा एआई प्रोजेक्ट शामिल इस तिमाही में कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 9.5 बिलियन डॉलर रही है। इसमें SKF के साथ हुआ 800 मिलियन डॉलर का एआई-बेस्ड ट्रांसफॉर्मेशन सौदा शामिल है। इसके अलावा, कंपनी ने सर्विसनाउ के साथ एक मल्टी-मिलियन-डॉलर की स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप और यूरोप बेस्ड फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ एक और मल्टी-मिलियन-डॉलर की डील साइन की है। मुनाफे को बनाए रखते हुए AI क्षमताओं को बढ़ाने पर फोकस TCS के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) समीर सेकसरिया ने कहा, “कंपनी ने कर्मचारियों के लिए सालाना वेतन वृद्धि लागू कर दी है। इसके साथ ही अपने पार्टनर इकोसिस्टम को मजबूत किया है और लॉन्ग-टर्म कॉम्पिटिटिवनेस को बेहतर बनाने के लिए टारगेटेड इन्वेस्टमेंट किए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि कंपनी प्रॉफिटेबिलिटी और रिटर्न रेशियो को बनाए रखते हुए AI-बेस्ड कैपेबिलिटीज को बनाने, हासिल करने या पार्टनरशिप करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। नॉलेज पार्ट: क्या होता है ‘एट्रिशन रेट’ और ‘रिकॉर्ड डेट’? एट्रिशन रेट: कॉर्पोरेट भाषा में इसका मतलब कर्मचारियों की नौकरी छोड़ने की दर से है। इसकी गणना प्रतिशत में की जाती है। उदाहरण के लिए, यदि एट्रिशन रेट 13.6% है, तो इसका मतलब है कि तय अवधि में हर 100 कर्मचारियों में से औसतन करीब 13 कर्मचारियों ने कंपनी छोड़ी है। रिकॉर्ड डेट: जब कोई लिस्टेड कंपनी अपने शेयरधारकों को डिविडेंड या बोनस देने का ऐलान करती है, तो वह एक तारीख तय करती है। इस तारीख तक जिन निवेशकों के डीमैट खाते में कंपनी के शेयर होते हैं, केवल वे ही डिविडेंड पाने के हकदार होते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

SBI Funds IPO Launch 2026 | Price Band ₹545-574

SBI Funds IPO Launch 2026 | Price Band ₹545-574

Hindi News Business SBI Funds IPO Launch 2026 | Price Band ₹545 574 | ₹11,693 Cr Target, India नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय शेयर बाजार में इस साल का सबसे बड़ा IPO आने जा रहा है। स्टेट बैंक की सब्सिडियरी कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने इसके लिए बुधवार देर रात अपना RHP यानी, रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस फाइल किया। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए 11,693 करोड़ रुपए तक जुटाएगी। 14 जुलाई को खुलेगा IPO, प्राइस बैंड ₹545 रुपए से ₹574 रुपए इस IPO के लिए शेयर का प्राइस बैंड 545 रुपए से 574 रुपए तय किया गया है। इस प्राइस बैंड के ऐलान से पहले अनलिस्टेड मार्केट में कंपनी के शेयर करीब 830 रुपए प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे थे। यह एसेट मैनेजमेंट कंपनी अपना पब्लिक इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 14 जुलाई को खोलेगी। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1.17 लाख करोड़ रुपए पहुंच जाएगा। प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे, पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसमें SBI अपनी 6.3% हिस्सेदारी के बराबर यानी 12.83 करोड़ शेयर बेचेगा। वहीं, इसकी जॉइंट वेंचर पार्टनर अमुंडी इंडिया होल्डिंग अपनी 3.7% हिस्सेदारी के बराबर यानी 7.56 करोड़ शेयर ओपन मार्केट में ऑफलोड करेगी। वर्तमान में SBI और अमुंडी के पास कंपनी की करीब 98% हिस्सेदारी है। शुरुआत में अमुंडी की यह हिस्सेदारी सोसिते जेनेराल SA के पास थी, जिसे जून 2011 में अमुंडी को ट्रांसफर किया गया था। यह इस साल का पहला एक बिलियन डॉलर से बड़ा IPO होगा। मार्केट सेंटिमेंट: ट्रम्प के बयान से बाजार में गिरावट, लेकिन टाइमलाइन पर असर नहीं पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद पिछले महीने कई बड़े IPO फाइल किए गए थे। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को ईरान के साथ सीजफायर खत्म करने की बात की। इससे भारतीय बाजार का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है। बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी में 2% से ज्यादा की गिरावट आई, जो मार्च के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है। बाजार में अनिश्चितता रहेगी, लेकिन हमारा भरोसा कायम कंपनी के नमैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर देवाशीष मिश्रा ने कहा, “बाजार हमेशा अनिश्चित रहेगा, लेकिन हमारी कंपनी में लोगों का भरोसा हमेशा बना रहेगा। अगर बाजार के हालात मौजूदा स्थिति से भी बदतर होते, तो भी हमारे लॉन्च की टाइमलाइन पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि इस IPO से कंपनी को बाजार में जरूरी विजिबिलिटी मिलेगी। इससे हम ज्यादा जिम्मेदार और पारदर्शी बनेंगे, जिससे म्यूचुअल फंड की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: ₹29 लाख करोड़ के एसेट्स के साथ देश का सबसे बड़ा एसेट मैनेजर कंपनी की 2026 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, SBI फंड्स म्यूचुअल फंड बिजनेस में 1.8 करोड़ यूनिक निवेशकों को अपनी सेवाएं देता है और कुल 128 म्यूचुअल फंड स्कीम्स मैनेज करता है। यह कुल ₹29 लाख करोड़ से अधिक के एसेट के साथ भारत का सबसे बड़ा एसेट मैनेजर है। कंपनी का तीन सालों का वित्तीय लेखा-जोखा वित्त वर्ष 2026 में रेवेन्यू ₹4,390 करोड़ रहा। ये वित्त वर्ष 2025 के ₹3,598 करोड़ से 22% ज्यादा है। मुनाफा 21% बढ़कर ₹3,067 करोड़ पहुंच गया जो पहले ₹2,540 करोड़ था। वहीं वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने ₹2,691 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹2,073 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। टाइमलाइन: 18 जुलाई को अलॉटमेंट और 21 जुलाई को होगी लिस्टिंग SBI फंड्स के IPO का अलॉटमेंट 18 जुलाई को फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 21 जुलाई को NSE और BSE दोनों पर की जाएगी। नॉलेज पार्ट: क्या होता है ‘रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस’ (RHP) रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस वह आधिकारिक दस्तावेज होता है जिसे कोई भी कंपनी अपना IPO लाने से पहले मार्केट रेगुलेटर के पास जमा करती है। इस दस्तावेज में कंपनी के बिजनेस ऑपरेशन, वित्तीय स्थिति, प्रमोटर्स की जानकारी और IPO की वजहों की पूरी डिटेल होती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

SBI Funds IPO Launch 2026 | Price Band ₹545-574

SBI Funds IPO Launch 2026 | Price Band ₹545-574

Hindi News Business SBI Funds IPO Launch 2026 | Price Band ₹545 574 | ₹11,693 Cr Target, India नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय शेयर बाजार में इस साल का सबसे बड़ा IPO आने जा रहा है। स्टेट बैंक की सब्सिडियरी कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने इसके लिए बुधवार देर रात अपना RHP यानी, रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस फाइल किया। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए 11,693 करोड़ रुपए तक जुटाएगी। 14 जुलाई को खुलेगा IPO, प्राइस बैंड ₹545 रुपए से ₹574 रुपए इस IPO के लिए शेयर का प्राइस बैंड 545 रुपए से 574 रुपए तय किया गया है। इस प्राइस बैंड के ऐलान से पहले अनलिस्टेड मार्केट में कंपनी के शेयर करीब 830 रुपए प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे थे। यह एसेट मैनेजमेंट कंपनी अपना पब्लिक इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 14 जुलाई को खोलेगी। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1.17 लाख करोड़ रुपए पहुंच जाएगा। प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे, पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसमें SBI अपनी 6.3% हिस्सेदारी के बराबर यानी 12.83 करोड़ शेयर बेचेगा। वहीं, इसकी जॉइंट वेंचर पार्टनर अमुंडी इंडिया होल्डिंग अपनी 3.7% हिस्सेदारी के बराबर यानी 7.56 करोड़ शेयर ओपन मार्केट में ऑफलोड करेगी। वर्तमान में SBI और अमुंडी के पास कंपनी की करीब 98% हिस्सेदारी है। शुरुआत में अमुंडी की यह हिस्सेदारी सोसिते जेनेराल SA के पास थी, जिसे जून 2011 में अमुंडी को ट्रांसफर किया गया था। यह इस साल का पहला एक बिलियन डॉलर से बड़ा IPO होगा। मार्केट सेंटिमेंट: ट्रम्प के बयान से बाजार में गिरावट, लेकिन टाइमलाइन पर असर नहीं पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद पिछले महीने कई बड़े IPO फाइल किए गए थे। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को ईरान के साथ सीजफायर खत्म करने की बात की। इससे भारतीय बाजार का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है। बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी में 2% से ज्यादा की गिरावट आई, जो मार्च के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है। बाजार में अनिश्चितता रहेगी, लेकिन हमारा भरोसा कायम कंपनी के नमैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर देवाशीष मिश्रा ने कहा, “बाजार हमेशा अनिश्चित रहेगा, लेकिन हमारी कंपनी में लोगों का भरोसा हमेशा बना रहेगा। अगर बाजार के हालात मौजूदा स्थिति से भी बदतर होते, तो भी हमारे लॉन्च की टाइमलाइन पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि इस IPO से कंपनी को बाजार में जरूरी विजिबिलिटी मिलेगी। इससे हम ज्यादा जिम्मेदार और पारदर्शी बनेंगे, जिससे म्यूचुअल फंड की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: ₹29 लाख करोड़ के एसेट्स के साथ देश का सबसे बड़ा एसेट मैनेजर कंपनी की 2026 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, SBI फंड्स म्यूचुअल फंड बिजनेस में 1.8 करोड़ यूनिक निवेशकों को अपनी सेवाएं देता है और कुल 128 म्यूचुअल फंड स्कीम्स मैनेज करता है। यह कुल ₹29 लाख करोड़ से अधिक के एसेट के साथ भारत का सबसे बड़ा एसेट मैनेजर है। कंपनी का तीन सालों का वित्तीय लेखा-जोखा वित्त वर्ष 2026 में रेवेन्यू ₹4,390 करोड़ रहा। ये वित्त वर्ष 2025 के ₹3,598 करोड़ से 22% ज्यादा है। मुनाफा 21% बढ़कर ₹3,067 करोड़ पहुंच गया जो पहले ₹2,540 करोड़ था। वहीं वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने ₹2,691 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹2,073 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। टाइमलाइन: 18 जुलाई को अलॉटमेंट और 21 जुलाई को होगी लिस्टिंग SBI फंड्स के IPO का अलॉटमेंट 18 जुलाई को फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 21 जुलाई को NSE और BSE दोनों पर की जाएगी। नॉलेज पार्ट: क्या होता है ‘रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस’ (RHP) रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस वह आधिकारिक दस्तावेज होता है जिसे कोई भी कंपनी अपना IPO लाने से पहले मार्केट रेगुलेटर के पास जमा करती है। इस दस्तावेज में कंपनी के बिजनेस ऑपरेशन, वित्तीय स्थिति, प्रमोटर्स की जानकारी और IPO की वजहों की पूरी डिटेल होती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Air India 86.85% Flights On Time in June 2026

Air India 86.85% Flights On Time in June 2026

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक टाटा ग्रुप की एअर इंडिया दुनिया की चौथी सबसे पंक्चुअल (समय की पाबंद) एयरलाइंस बन गई है। एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम की जून 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, एअर इंडिया की लगभग 86.85% फ्लाइट्स यानी 100 में से 87 उड़ानें बिल्कुल तय समय पर पहुंची हैं। टाटा ग्रुप की स्वामित्व वाली एयरलाइन ने जून महीने में अपनी कुल 15,135 उड़ानें ऑपरेट कीं। एअर इंडिया ने सिंगापुर एयरलाइंस और एमिरेट्स को पीछे छोड़ा है। एविएशन के नियमों के मुताबिक, कोई फ्लाइट अपने तय समय से 15 मिनिट में उड़ान भर लेती है, तो उसे राइट टाइम माना जाता है। साउदिया पहले और कोरियन एयर दूसरे नंबर पर रही सिरियम के अनुसार, ग्लोबल रैंकिंग में एअर इंडिया से आगे सिर्फ तीन एयरलाइंस रहीं। इसमें साउदिया 92.38% के साथ पहले, कोरियन एयर 88.56% के साथ दूसरे और एयरोमेक्सिको 86.94% के साथ तीसरे स्थान पर रही। एअर इंडिया (86.85%) के बाद टॉप-10 की लिस्ट में सिंगापुर एयरलाइंस, वेस्टजेट, एमिरेट्स, टर्किश एयरलाइंस, SAS और कतर एयरवेज शामिल हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Air India 86.85% Flights On Time in June 2026

Air India 86.85% Flights On Time in June 2026

नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक टाटा ग्रुप की एअर इंडिया दुनिया की चौथी सबसे पंक्चुअल (समय की पाबंद) एयरलाइंस बन गई है। एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम की जून 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, एअर इंडिया की लगभग 86.85% फ्लाइट्स यानी 100 में से 87 उड़ानें बिल्कुल तय समय पर पहुंची हैं। टाटा ग्रुप की स्वामित्व वाली एयरलाइन ने जून महीने में अपनी कुल 15,135 उड़ानें ऑपरेट कीं। एअर इंडिया ने सिंगापुर एयरलाइंस और एमिरेट्स को पीछे छोड़ा है। एविएशन के नियमों के मुताबिक, कोई फ्लाइट अपने तय समय से 15 मिनिट में उड़ान भर लेती है, तो उसे राइट टाइम माना जाता है। साउदिया पहले और कोरियन एयर दूसरे नंबर पर रही सिरियम के अनुसार, ग्लोबल रैंकिंग में एअर इंडिया से आगे सिर्फ तीन एयरलाइंस रहीं। इसमें साउदिया 92.38% के साथ पहले, कोरियन एयर 88.56% के साथ दूसरे और एयरोमेक्सिको 86.94% के साथ तीसरे स्थान पर रही। एअर इंडिया (86.85%) के बाद टॉप-10 की लिस्ट में सिंगापुर एयरलाइंस, वेस्टजेट, एमिरेट्स, टर्किश एयरलाइंस, SAS और कतर एयरवेज शामिल हैं। कंप्लीशन फैक्टर 99.7% रहा, लगभग सभी उड़ानें ऑपरेट हुईं एअर इंडिया ने जून के महीने में 86.23% का ऑन-टाइम डिपार्चर (समय पर प्रस्थान) रेट भी हासिल किया है। इसके साथ ही एयरलाइन का कंप्लीशन फैक्टर 99.7% रहा, जिसका मतलब है कि जून में कंपनी की लगभग सभी तय उड़ानों को बिना रद्द किए ऑपरेट किया। एशिया-पैसिफिक रीजन की रैंकिंग की बात करें तो एयर इंडिया चौथे स्थान पर रही। इस रीजन में वह जेजू एयर, कोरियन एयर और स्कूट से पीछे रही, लेकिन सिंगापुर एयरलाइंस और भारत की ही इंडिगो से आगे निकल गई। नेटवर्क प्लानिंग और ऑपरेशनल रेजिलिएंस में निवेश से मिला फायदा एअर इंडिया ने कहा कि यह रैंकिंग एयरलाइन द्वारा ऑपरेशनल रिलायबिलिटी और शेड्यूल इंटीग्रिटी पर लगातार दिए जा रहे ध्यान को दर्शाती है। कंपनी ने इस सुधार का श्रेय ऑपरेशनल रेजिलिएंस, बेहतर नेटवर्क प्लानिंग और अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिचालनों में बेहतर एग्जीक्यूशन के लिए किए गए निवेश को दिया है। एयरलाइन अपने ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के तहत लगातार इस परफॉर्मेंस को सुधारने में जुटी है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर कंजेशन से होती है दिक्कत देश के सबसे बड़े हब-एंड-स्पोक नेटवर्क्स में से एक को ऑपरेट करने की चुनौतियों पर एयर इंडिया ने बताया कि दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों पर भारी कंजेशन (भीड़भाड़) और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के प्रतिबंधों के कारण अक्सर परिचालन प्रभावित होता है। इन दो प्रमुख हब्स पर होने वाली देरी का असर बाद में पूरे नेटवर्क पर पड़ता है। DGCA के मई के आंकड़ों में एअर इंडिया तीसरे स्थान पर थी भारत के विमानन नियामक महानिदेशालय (DGCA) भी ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) को ट्रैक करता है, लेकिन उसके पास फिलहाल मई महीने का ही डेटा अवेलेबल है। DGCA देश के 10 प्रमुख एयरपोर्ट्स (बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, अहमदाबाद, कोच्चि, गुवाहाटी और लखनऊ) पर घरेलू एयरलाइंस की समय पाबंदी को मापता है। मई में एयर इंडिया ग्रुप का ओटीपी 74.5% था और वह इंडिगो व अकासा एयर के बाद तीसरे नंबर पर था। मई के दौरान एयर इंडिया का सबसे अच्छा रिकॉर्ड चेन्नई में (89.5% उड़ानें समय पर) और सबसे खराब प्रदर्शन लखनऊ में (केवल 62.4% उड़ानें समय पर) रहा था। बेड़े में शामिल हुए 3 नए बोइंग विमान एअर इंडिया ने बताया कि उसने पिछले 6 महीनों के दौरान अपने बेड़े में तीन बोइंग 787-9 विमान शामिल किए हैं, जबकि कुछ और बोइंग 787-9 और एयरबस A350-1000 विमान इस साल के अंत तक बेड़े में शामिल होने वाले हैं। इसके अलावा, नए और रिफर्बिश्ड (नए जैसे किए गए) इंटीरियर वाले दो पुराने बोइंग 787-8 विमान वापस सेवा में लौट आए हैं, जबकि तीन अन्य विमानों का अमेरिका में अपग्रेडेशन चल रहा है। कंपनी का अनुमान है कि साल 2026 के अंत तक एयर इंडिया के वाइडबॉडी विमानों के 50% से अधिक बेड़े में नया या अपग्रेड किया गया इंटीरियर होगा। ——————– ये खबर भी पढ़ें… एअर इंडिया ने इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज घटाया: नॉर्थ अमेरिका और यूरोप के टिकट ₹7,617 तक सस्ते होंगे; घरेलू उड़ानों में बदलाव नहीं टाटा ग्रुप की विमानन कंपनी एअर इंडिया ने नॉर्थ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और UK जाने वाली अपनी उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज कम करने का एलान किया है। PTI के सूत्रों के मुताबिक, कच्चे तेल के दामों में आई कमी के बाद एयरलाइन ने यह कदम उठाया है, जिससे इन रूटों पर अंतरराष्ट्रीय हवाई सफर करने वाले यात्रियों की जेब का बोझ कम होगा। नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। हालांकि घरेलू उड़ानों पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

चना दाल मसाला पूरी रेसिपी: सादी नहीं, प्रयोग में बाकी बची चना दाल मसाला पूरी, टमाटर-आलू की सब्जी के साथ बेस्ट पसंद

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 कप चना दाल, 2 कप आटे का आटा, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच जीरा, ½ छोटा चम्मच और हल्दी पाउडर, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च और धनिया पाउडर, ½ छोटा चम्मच गरम मसाला, हरा धनिया, नमक, तेल छवि: एआई विधि: सबसे पहले चना दाल को 3 से 4 घंटे के लिए पानी में सस्ता करें। इसके बाद दाल को पानी से प्रभावी प्रभाव दरदरा पीस लें। एक बर्तन में आटे का आटा लें। छवि: फ्रीपिक इसमें पिसी हुई चना दाल, हरी मिर्च, अदरक, जीरा, अजमोद, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, गर्म मसाला, हरा धनिया, नमक और 2 मसाला तेल शामिल है। छवि: फ्रीपिक सभी जरूरतमंदों को अच्छी तरह से तैयार किया गया और जरूरतमंदों के अनुसार थोड़ा-थोड़ा पानी पीते हुए सख्त आटा गूंध लिया गया। इंटरनेट पर 15-20 मिनट तक रुकें। अब कर्मचारियों की छोटी-छोटी लो डेट और पूरियों की तरह बेल लें। छवि: एआई कच्चे ही में तेल गर्म करें। जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब एक-एक करके पूरियाँ डालें और दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लें। तैयार चना दाल मसाला पूरी को टिश्यू पेपर पर निकाला लें। छवि: एआई गरमा-गरम चना दाल मसाला, पूरा टमाटर-आलू की सब्जी, बूंदी के रायते, दही, अचार या हरी चटनी के साथ। यह प्रोटोटाइप बॉक्स, सप्ताहांत शाखा या यात्रा के अलावा भी एक शानदार विकल्प है। छवि: एआई पूरियों को ज्यादातर स्वादिष्ट बनाने के लिए आटे में छोटी कसूरी मेथी भी मिला सकते हैं. नई दिल्ली पूरी तरह से पसंद हो तो हरी मिर्च की मात्रा में वृद्धि। कुकुरी पूरी तरह से आटा थोड़ा सख्त गूंधें। छवि: फ्रीपिक खजूर तो इसमें थोड़ा सा सौंफ या काली मिर्च पाउडर भी डाल सकते हैं, जिससे स्वाद और भी लाजवाब हो जाएगा। छवि: एआई चना दाल मसाला पूरी तरह से एक ऐसी रेसिपी है, जो हर उम्र के लोगों को पसंद आती है। अगर आप इस वीकेंड फैमिली के लिए कुछ अलग और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो इस आसान रेसिपी को जरूर देखें। छवि: सोशल मीडिया

दिलजीत दोसांझ से फैन ने पूछा अमेरिकी नागरिकता पर सवाल:बोले- कुछ भी बोलूंगा तो खबर बन जाएगी; डोनाल्ड ट्रंप की बेटी पर भी किया खुलासा

दिलजीत दोसांझ से फैन ने पूछा अमेरिकी नागरिकता पर सवाल:बोले- कुछ भी बोलूंगा तो खबर बन जाएगी; डोनाल्ड ट्रंप की बेटी पर भी किया खुलासा

सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने अपनी अमेरिकी नागरिकता के दावों पर सीधा जवाब देने से परहेज किया है। हाल ही में एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान जब फैंस ने उनसे यूएस ग्रीन कार्ड और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर सवाल किए, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिलजीत के पास साल 2022 से ही अमेरिकी नागरिकता होने का दावा किया जा रहा है। दिलजीत दरअसल अपनी फिल्म ‘सतलुज’ को भारत में जी5 प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के विवाद पर बात करने के लिए लाइव आए थे। ग्रीन कार्ड के सुझाव पर दिया मजाकिया जवाब इंस्टाग्राम लाइव के दौरान एक फैन ने दिलजीत को अमेरिकी ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने का सुझाव दिया। इस पर मुस्कुराते हुए दिलजीत ने कहा कि मैं एक कार्ड लूंगा और उस पर हरा रंग कर लूंगा। उन्होंने आगे कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं बोल रहा हूं, नहीं तो सब कुछ छोड़कर इस पर न्यूज बन जाएगी। दुनिया का यह ड्रामा कभी खत्म नहीं होगा। दिलजीत ने कहा कि उनका मानना है कि हर किसी को बिना वीजा के किसी भी देश में जाने की इजाजत होनी चाहिए और पूरी दुनिया को एक हो जाना चाहिए। डोनाल्ड ट्रंप की बेटी को लेकर कही यह बात लाइव सेशन में ही एक दूसरे फैन ने मजाक में दिलजीत से कहा कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करके सभी के लिए अमेरिकी नागरिकता पक्की करवा दें। इस पर हंसते हुए दिलजीत ने कहा कि आप लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं? मैं सिर्फ एक कलाकार हूं। मैं उनसे नागरिकता के मुद्दों को हल करने के लिए कैसे कह सकता हूं? उन्होंने खुलासा किया कि ट्रंप की बेटी उन्हें इंस्टाग्राम पर फॉलो करती है, लेकिन उन्होंने कभी उनसे बात नहीं की है। दिलजीत ने कहा कि वे कभी किसी से फेवर नहीं मांगते। रिपोर्ट में अमरीकी नागरिकता का दावा दिलजीत की नागरिकता को लेकर यह चर्चा कुछ महीने पहले इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दिलजीत साल 2022 में अमेरिका के नागरिक बन चुके हैं और 1 सितंबर 2022 से अमेरिकी पासपोर्ट पर सफर कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनका आखिरी भारतीय पासपोर्ट साल 2018 में मुंबई से जारी हुआ था। इसमें यह भी दावा किया गया था कि उनकी पत्नी संदीप कौर भी अमेरिकी नागरिक हैं और दिलजीत ने कैलिफोर्निया के एक पॉश इलाके में पांच बेडरूम का बंगला अपना पता बताया है। हालांकि दिलजीत ने अब तक इस पर कोई साफ बयान नहीं दिया है। फिल्म ‘सतलुज’ को हटाए जाने पर जताई चिंता दिलजीत मुख्य रूप से अपनी फिल्म ‘सतलुज’ से जुड़े विवाद पर बात करने के लिए लाइव आए थे। यह फिल्म भारत में रिलीज होने के महज 48 घंटे के भीतर ही जी5 प्लेटफॉर्म से हटा दी गई थी। इससे पहले फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट लेने के लिए करीब तीन साल तक लंबा इंतजार करना पड़ा था। दिलजीत ने दर्शकों से इस फिल्म को देखने की अपील करते हुए इसे पंजाब और भारत के इतिहास का एक बेहद जरूरी हिस्सा बताया। सरकारी आदेश पर हटाई गई फिल्म सतलुज टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने फिल्म ‘सतलुज’ को ZEE5 से हटाने का निर्देश दिया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सुरक्षा संबंधी चिंताओं और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) रूल, 2021 के तहत तय दायित्वों का हवाला देते हुए लिया गया। एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, फिल्म निर्माताओं ने 2022 में ‘पंजाब 95’ टाइटल से CBFC से सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन किया था। हालांकि, सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए 127 कट स्वीकार नहीं किए गए, जिसके बाद फिल्म की रिलीज रोक दी गई। अधिकारी ने कहा, “फिल्ममेकर्स ने सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए कट लागू नहीं किए और बाद में फिल्म का नाम बदलकर चुपचाप OTT पर रिलीज कर दिया। चूंकि OTT, CBFC के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए मामला सरकार के संज्ञान में आने पर ZEE5 को फिल्म हटाने के लिए कहा गया।” क्यों विवादों में है फिल्म सतलुज

जड़ी-बूटियों, आयुर्वेदिक फॉर्मुलेशन के लिए क्लीनिकल ट्रायल जरूरी:लाइफ क्वालिटी बेहतर बनाने के लिए भारत ही नहीं, अब दुनियाभर में अपनाया जा रहा ‘साइंटिफिक-आयुर्वेद’

जड़ी-बूटियों, आयुर्वेदिक फॉर्मुलेशन के लिए क्लीनिकल ट्रायल जरूरी:लाइफ क्वालिटी बेहतर बनाने के लिए भारत ही नहीं, अब दुनियाभर में अपनाया जा रहा ‘साइंटिफिक-आयुर्वेद’

आयुर्वेद की प्रसिद्ध अवधारणा ‘दिनचर्या’ आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी आधुनिक जीवनशैली से पहले थी। तय समय पर जागना, सही वक्त पर खाना, कसरत, पूरी नींद और खान-पान में संयम इसका मूल मंत्र है। विज्ञान भी अब इन आदतों को सही मानता है, बस भाषा अलग है। मसलन सर्केडियन साइकल, मेटाबॉलिज्म और बिहेवियरल साइंस। इसी वैज्ञानिक सोच पर टिके आधुनिक आयुर्वेदिक ब्रांड कपिवा के संस्थापक और सीईओ अमीव शर्मा ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। पढ़िए मुख्य अंश: आपके नजरिए से विज्ञान आधारित आयुर्वेद क्या है? आज लोग लंबा जी तो रहे हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं कि वे स्वस्थ भी हों। यहीं आयुर्वेद की सबसे बड़ी भूमिका है। लेकिन आयुर्वेद को आधुनिक चिकित्सा का विकल्प मानना गलत होगा। गंभीर संक्रमण, हार्ट अटैक, कैंसर, ट्रॉमा जैसे हालात में एविडेंस-बेस्ड इलाज ही जरूरी है। इसका सही रास्ता है इंटीग्रेशन। आधुनिक चिकित्सा डायग्नोसिस (जांच) और इमरजेंसी केयर में आगे है, जबकि आयुर्वेद लाइफस्टाइल गाइडेंस और लंबे समय तक स्वस्थ रहने में मदद करता है। यही वजह है कि लाइफ क्वालिटी सुधारने के लिए अब भारत ही नहीं, पूरी दुनिया ‘साइंटिफिक-आयुर्वेद’ अपना रही है। आयुर्वेदिक ब्रांड्स को मिले-जुले रिस्पॉन्स के बीच कपिवा अपनी जगह कैसे बना रहा है? कपिवा नाम तीन आयुर्वेदिक दोष- कफ, पित्त और वात से बना है। पिछले पांच दशकों में कोई बड़ा आयुर्वेदिक ब्रांड नहीं उभरा। 2016 में शुरू हुई कपिवा आज सालाना ~500 करोड़ का टर्नओवर पार कर चुका है। इसमें से 70% कारोबार रिपीट ग्राहकों से आता है। अब कंपनी के प्रोडक्ट्स देश के 400 से ज्यादा शहरों में एक लाख से अधिक स्टोर्स में उपलब्ध हैं। ये डायबिटीज के मरीजों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। कंपनी अपनी एप ‘कपिवा डॉट इन’ के अलावा अमेजन जैसी साइट्स पर भी सप्लीमेंट सेगमेंट में अग्रणी है। कपिवा एम्स जैसे संस्थानों में डॉक्टरों के साथ भी काम करता है। यही नहीं, चीन में भी हर तीन में से एक प्रिस्क्रिप्शन में आयुर्वेदिक दवा शामिल होती है। ऐसा यूं ही नहीं है। कपिवा के चीफ इनोवेशन ऑफिसर डॉ. आर. गोविंदराजन एम फार्म और पीएचडी हैं। आयुर्वेद को लेकर आप जागरूकता कैसे बढ़ा रहे हैं? अब तक ‘वर्ड ऑफ माउथ’ ही कंपनी की सबसे बड़ी ताकत रही है। पिछले 10 वर्षों में कंपनी हर महीने करीब पांच लाख लोगों तक पहुंच रही है। अब हम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी गंभीरता से फोकस कर रहे हैं। विज्ञान की आधुनिक दुनिया में आयुर्वेद एलोपैथी से कैसे मुकाबला करेगा? इस मामले में इंटीग्रेशन की जरूरत है। आयुर्वेद के लिए वैज्ञानिक सत्यापन जरूरी है। सिर्फ पुराना होने से कोई भी नुस्खा कारगर नहीं हो जाता। कई आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और फॉर्मुलेशन की सुरक्षा, सही खुराक और असर साबित करने के लिए सख्त क्लीनिकल ट्रायल जरूरी है। इस दिशा में रिसर्च बढ़ रही है। सबसे असरदार तरीकों को व्यापक स्वीकृति मिल रही है। हेल्दी एजिंग, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, स्ट्रेस रिडक्शन और सस्टेनेबल लिविंग आज दुनियाभर की प्राथमिकताएं बन चुकी हैं। यही वे क्षेत्र हैं, जहां आयुर्वेद का योगदान मायने रखता है।

एक्टर राजेश शर्मा बीमार, तेलंगाना CM से जांच की मांग:एक्टर गंभीर हालत में भर्ती; वर्कर्स एसोसिएशन ने पूछा- तुरंत अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया

एक्टर राजेश शर्मा बीमार, तेलंगाना CM से जांच की मांग:एक्टर गंभीर हालत में भर्ती; वर्कर्स एसोसिएशन ने पूछा- तुरंत अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया

ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने प्रभास स्टारर फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर एक्टर राजेश शर्मा के साथ हुई घटना की हाई-लेवल जांच की मांग की है। एसोसिएशन ने इस मामले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से दखल देने की अपील की है ताकि सेट पर लापरवाही की जांच हो सके। दरअसल, हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग के दौरान अभिनेता राजेश शर्मा को एक जहरीले कीड़े ने काट लिया था, जिससे उनके पैर का इन्फेक्शन घुटने तक फैल गया और उन्हें कोलकाता के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टर के मुताबिक राजेश शर्मा अभी खतरे से बाहर नहीं हैं। सीएम रेवंत रेड्डी से दखल देने की मांग न्यूज एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर हुई इस घटना की तुरंत और पारदर्शी जांच कराने की मांग उठाई है। एसोसिएशन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को पत्र लिखकर मामले की गहराई से जांच कराने की अपील की है। एसोसिएशन का कहना है कि उन हालातों का पता लगाया जाना चाहिए जिनकी वजह से एक्टर राजेश शर्मा की तबीयत इतनी ज्यादा खराब हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक राजेश शर्मा की हालत अभी स्थिर है, लेकिन संक्रमण काफी गंभीर बना हुआ है। हैदराबाद के अस्पताल में क्यों नहीं कराया भर्ती? एसोसिएशन ने फिल्म की प्रोडक्शन टीम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि जब सेट पर शूटिंग के दौरान एक्टर की हालत इतनी गंभीर हो गई थी, तो उन्हें तुरंत हैदराबाद के ही किसी बड़े अस्पताल में इलाज के लिए क्यों नहीं ले जाया गया। अधिकारियों को इस बात की जांच करनी चाहिए कि प्रोडक्शन टीम ने तय सुरक्षा, साफ-सफाई और इमरजेंसी मेडिकल नियमों का पालन किया था या नहीं। फिल्म इंडस्ट्री की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह सभी कलाकारों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित माहौल दे। इलाज का पूरा खर्च उठाएं फिल्म के प्रोड्यूसर्स AICWA ने मांग की है कि फिल्म ‘फौजी’ के प्रोड्यूसर्स राजेश शर्मा के इलाज का पूरा खर्च उठाएं। उन्हें तब तक सबसे बेहतर मेडिकल सुविधाएं दी जाएं जब तक वे पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाते। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि कई शूटिंग सेट पर साफ-सफाई और इमरजेंसी हेल्थकेयर से जुड़ी लापरवाही की बातें सामने आती रही हैं। नौकरी जाने के डर से क्रू मेंबर्स और वर्कर्स अक्सर इन मुद्दों पर खुलकर बात नहीं कर पाते हैं। अगर इस मामले में कोई लापरवाही साबित होती है, तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सेट पर पैकअप के बाद हुआ हादसा सुदीपा चटर्जी के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक यह घटना हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में हुई। राजेश शर्मा वहां प्रभास की आने वाली फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। शूटिंग खत्म होने के बाद वे सेट के पास पेड़-पौधों वाले इलाके में लोकल टेक्नीशियन्स के साथ बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें पैर में किसी कीड़े या जहरीली मकड़ी ने काट लिया। उस समय मामला गंभीर नहीं लगा, इसलिए उन्होंने तुरंत कोई मेडिकल मदद नहीं ली और काम जारी रखा। फ्लाइट में अचानक बढ़ गया बुखार कीड़े के काटने के करीब छह घंटे बाद राजेश शर्मा के दाहिने पैर में तेज दर्द शुरू हो गया और उनकी तबीयत खराब होने लगी। इसके बाद भी उन्होंने कोलकाता के लिए फ्लाइट पकड़ी। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आ गया और वे काफी बेचैन हो गए। कोलकाता पहुंचने पर अगले दिन उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिवार ने उन्हें तुरंत ढाकुरिया के मनिपाल अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में भर्ती हुए एक दिन से ज्यादा का समय हो चुका है। पैर में छाले पड़े, फेफड़ों में क्लॉट का खतरा अस्पताल के डॉक्टर अभिजीत भट्टाचार्य ने बताया कि कीड़े का इन्फेक्शन पैर के अंगूठे से लेकर घुटने तक फैल गया है। प्रभावित हिस्से पर बड़े-बड़े छाले पड़ गए हैं। डॉक्टर के मुताबिक अभी स्थिति के बारे में साफ तौर पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। राजेश शर्मा को डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों को चिंता है कि इन्फेक्शन की वजह से ब्लड क्लॉट (खून का थक्का) बन सकता है। अगर यह क्लॉट फेफड़ों तक पहुंचता है, तो जान का खतरा हो सकता है।