Punjab SHO Nagra FIR | $4 Lakh Dollar Extortion Case US Agencies

SHO के बारे में बताते अमेरिकी जांच एजेंसी के अफसर व इनसेट में एसएचओ गुरिंदरजीत नागरा की फोटो। अमेरिका में 4 लाख डॉलर यानी करीब साढ़े 3 करोड़ रुपए की फिरौती के मामले में पंजाब पुलिस के टांडा थाने के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को कुर्सी गंवानी पड़ी। होशियारपुर के SSP संदीप मलिक ने नागरा को लाइनहाजिर कर दिया। अब उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है . हालांकि पंजाब में पुलिस के 153 थानों में से टांडा थाने के SHO का कथित कारनामे का अमेरिका में कैसे खुलासा हुआ?। अमेरिकी जांच एजेंसियों को इसका पता कैसे चला?, वह केस क्या है, जिसमें SHO नागरा पर मोटी फिरौती मांगने के आरोप लगे हैं, यह सवाल अभी भी बने हुए हैं। इन सब सवालों का जवाब जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… अमेरिकी व कनाडा जांच एजेंसियों के ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत जारी गैंगस्टरों की लिस्ट के साथ SHO गुरिंदरजीत सिंह की फोटो। सबसे पहले जानिए, SHO के नाम का खुलासा कैसे हुआ अमेरिका और कनाडा की जांच एजेंसियों ने जॉइंट तरीके से अमेरिका, कनाडा और यूरोप में गैंगस्टर नेटवर्क की जांच की। इसी दौरान जब कैलिफोर्निया में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच के दौरान भारतीय पुलिस अधिकारी के नाम का जिक्र सामने आया। अमेरिकी एजेंसियों ने आरोप लगाया कि पंजाब के एक SHO ने गैंग नेटवर्क के साथ मिलकर एक अमेरिकी परिवार से 4 लाख डॉलर की कथित फिरौती मांगने की कोशिश की। जिसका नाम गुरिंदरजीत सिंह नागरा है। उसकी फोटो भी गैंगस्टरों के साथ जारी की गई। वह टांडा हत्याकांड, जिससे SHO के तार जोड़े जा रहे 15 जनवरी 2026 की शाम करीब 4 बजे होशियारपुर के टांडा के गांव मियाणी में तीन बाइक सवार हमलावरों ने AAP वर्कर और हार्डवेयर कारोबारी बलविंदर सिंह सतकरतार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। टांडा पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। वारदात के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें इंस्टाग्राम अकाउंट gurlal_rudiana307 और jashal_gill0046 को टैग करते हुए हत्या की जिम्मेदारी ली गई। पोस्ट में लिखा गया कि बलविंदर सिंह की हत्या की जिम्मेदारी जशल गिल और गुरलाल रुदियाना लेते हैं। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर स्वराज उर्फ अभि और गुरमुख सिंह की पहचान की। दोनों उस समय पट्टी जेल में बंद थे। उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की गई। आप वर्कर और हार्डवेयर दुकानदार बलविंदर सिंह सतकरतार, जिसकी 15 जनवरी को गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने कहा कि हत्या का अमेरिका से कनेक्शन है? 24 मई 2026 को तत्कालीन SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पूछताछ में सामने आया है कि हत्या पारिवारिक रंजिश में करवाई गई। पुलिस के मुताबिक, अमेरिका में रह रहे रिटायर्ड ASI और मृतक के समधी चरनजीत सिंह ने अपनी बेटी के तलाक के मामले की रंजिश में शूटरों को सुपारी दिलवाई। पुलिस ने दावा किया कि जांच और पूछताछ में शूटरों के खातों में 1.80 लाख रुपए ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। इसके बाद चरनजीत सिंह, उनके बेटे गुरप्रीत सिंह और बेटी को भी हत्या के मामले में नामजद कर लिया गया। फिर SHO नागरा विवाद में कैसे आए? यहीं से मामले ने नया मोड़ लिया। अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए चरनजीत सिंह और उनके परिवार को बाद में इसी केस में फंसाए रखने और राहत दिलाने के नाम पर 4 लाख डॉलर की कथित मांग की गई। आरोप है कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क से जुड़े लोगों ने अमेरिका में रह रहे परिवार की जानकारी जुटाकर भारत में अपने कॉन्टैक्ट तक पहुंचाई और फिर इस केस का दबाव बनाकर पैसे मांगने की कोशिश की। अमेरिकी अटॉर्नी बिलाल ए. एसायली ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में भारत के कुछ पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका थी। आरोपों में तत्कालीन SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम भी शामिल है। 24 जून को की गई प्रैस कॉन्फ्रैंस जिसमें टांडा पुलिस ने अमेरिका बैठे परिवार को नामजद का खुलासा किया गया था। आरोप- प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले दिन मांगे गए पैसे अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि 24 मई 2026 को SHO नागरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चरनजीत सिंह और उनके परिवार को हत्या की साजिश का आरोपी बताया। इसके अगले दिन कथित तौर पर परिवार के एक सदस्य से संपर्क कर 4 लाख डॉलर की मांग की गई। आरोप है कि रकम देने पर हत्या के मामले में राहत दिलाने का भरोसा दिया गया। गैंगस्टर नेटवर्क की क्या भूमिका बताई गई? अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है कि गैंगस्टर नेटवर्क के सदस्य गुरलाल सिंह ने अमेरिका में रह रहे परिवार की जानकारी भारत भेजी। जिसे SHO गुरिंदरजीत तक पहुंचाया गया ताकि परिवार को फंसाया जा सके। इसके बाद भारत में मौजूद उनके रिश्तेदारों पर हत्या के केस में कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे मांगने की कोशिश की गई। इसी कथित साजिश के आधार पर अमेरिका में केस दर्ज किया गया। पंजाब पुलिस ने क्या कार्रवाई की? अमेरिका में लगे आरोप सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने टांडा के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को लाइनहाजिर कर दिया। उनके खिलाफ एसपी (इन्वेस्टिगेशन) को विभागीय जांच सौंप दी गई है, जो अपनी रिपोर्ट डीआईजी जालंधर रेंज डॉ. नवीन सिंगला को सौंपेंगे। ये खबरें भी पढ़ें… गैंगस्टर लॉरेंस पर अमेरिका में हत्या का केस, चार्जशीट दायर:गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर इनाम कनाडा में खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर अमेरिका ने पहली बार चार्जशीट दाखिल की है। इसमें दावा है कि हत्या का आदेश भारतीय जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और फरार चल रहे गोल्डी बराड़ ने दिया था। अमेरिकी सरकार के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई भारतीय जेल में रहते हुए भी अपने अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क चला रहा था। (पढ़ें पूरी खबर) अमेरिका के खुलासे के बाद होशियारपुर SHO हटाया, अटॉर्नी जनरल ने कहा था- 4 लाख डॉलर फिरौती मांगी होशियारपुर के पुलिस थाना टांडा के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को 4 लाख डॉलर की फिरौती केस में लाइन हाजिर कर दिया गया है। अमेरिका के अटॉर्नी जनरल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में
Prime Minister Narendra Modi arrived in Melbourne, Australia

मेलबर्न13 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी बुधवार को भारतीय समयानुसार रात करीब 8 बजे मेलबर्न पहुंचे। पीएम मोदी तीन दिवसीय इंडोनेशिया दौरे के बाद ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुके हैं। दो दिवसीय दौरे के दौरान पहले गुरुवार को मोदी और ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज के बीच मीटिंग होगी। मीटिंग में दोनों नेताओं के बीच CECA (ट्रेड डील) पर बातचीत होगी। इसके बाद पीएम भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में हिस्सा लेंगे और दोनों देशों के प्रमुख कारोबारियों को संबोधित करेंगे। इसके बाद मोदी मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में मीट कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसमें करीब 40 हजार भारतवंशियों के शामिल होने का अनुमान है। 10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद मोदी 11 जुलाई को न्यूजीलैंड पहुंचेंगे। मेलबर्न में पीएम मोदी के स्वागत की 3 तस्वीरें… मेलबर्न में भारतीय समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी का वेलकम किया। प्रसिद्ध डिडगेरिडू वादक रॉन मरे और फेमस तबला वादक डॉ. सैम इवांस की ने प्रस्तुति पीएम का स्वागत किया। पीएम का सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा ने “वंदे मातरम” की प्रस्तुति के साथ हार्दिक स्वागत किया। दोनों देशों के बीच डिफेंस डील भी संभव पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच डिफेंस डील संभव है। इसके साथ ही दोनों देशों के प्रधानमंत्री भारत-ऑस्ट्रेलिया के कई कारोबारियों से भी मुलाकात करेंगे। ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को धमकी पीएम मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जान से मारने की धमकी मिली थी। ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस मोदी को दी गई धमकी की जांच कर रही है। द ऑस्ट्रेलिया टुडे की 4 जुलाई की रिपोर्ट में दावा किया गया कि धमकी फेसबुक पर ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ी एक पोस्ट के नीचे लिखी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्ट के नीचे अबू मुस्तफा नाम के फेसबुक अकाउंट से लिखा गया, ‘स्टेडियम की छत कार्यक्रम के दौरान बंद रहनी चाहिए, नहीं तो वह ऑस्ट्रेलिया अपनी मौत के लिए आएगा।’ धमकी सामने आते ही जानकारी ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस को दे दी गई थी। इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन पहुंचे थे पीएम पीएम मोदी और इंडोनेशियाई राष्ट्रपति सुबियांतो एकसाथ मंदिर पहुंचे। इससे पहले पीएम मोदी बुधवार को इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित देश के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन पहुंचे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उनके साथ गए। दोनों ने मंदिर के संरक्षण-जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया। पीएम ने मंदिर में दर्शन भी किए। उन्होंने मंदिर परिसर में अपने संबोधन में कहा- मुझे किसी न किसी रूप में हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला है। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद प्रम्बानन मंदिर के विकास का मौका मिलना मेरा सौभाग्य है। पूरी खबर पढ़ें… ——————- पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- भारत-इंडोनेशिया में कुछ नहीं बहुत कुछ होता है: इंडोनेशियाई राष्ट्रपति बोले- मैं मोदी का करियर कॉपी करता हूं पीएम मोदी ने मंगलवार शाम को जकार्ता में भारतीय लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यहां भारत का गाना ‘कुछ-कुछ होता है’ बहुत लोकप्रिय है। जब भारत-इंडोनेशिया साथ मिलकर चलते हैं तो कुछ-कुछ से भी आगे बढ़कर बहुत कुछ होता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Sanjeev Kumar Birth Anniversary | Hema Malini Marriage Facts & Sulakshana Pandit

7 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक संजीव कुमार ने हिंदी के अलावा उन्होंने अपनी मातृभाषा गुजराती, मराठी, पंजाबी, तमिल और तेलुगु फिल्मों में भी काम किया था। 1933 के आसपास की बात है। महाराष्ट्र और गुजरात की सीमा के पास स्थित माता रानी के एक मंदिर में एक महिला पहुंची। मान्यता थी कि यहां सच्चे मन से मांगी गई कोई भी मुराद कभी खाली नहीं जाती। महिला की बस एक ही कामना थी-एक बेटे की। उसने माता रानी के चरणों में सिर झुकाकर मन्नत मांगी, ‘अगर मुझे पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, तो मैं उसे दस साल तक उधार मांगकर लाए गए कपड़े ही पहनाऊंगी।’ समय बीता और माता रानी ने उसकी पुकार सुन ली। उसके घर एक बेटे का जन्म हुआ। यही बच्चा आगे चलकर भारतीय सिनेमा का एक ऐसा सितारा बना, जिसकी अदाकारी आज भी मिसाल मानी जाती है। उसने फिल्म शोले में ठाकुर बलदेव सिंह का अमर किरदार निभाकर इतिहास रच दिया। हम बात कर रहे हैं संजीव कुमार की और आज उनकी 88वीं बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से…. किस्सा-1 संजीव कुमार के पिता ने तीन शादियां की थीं संजीव कुमार के पिता जेठालाल शिवलाल जरीवाला गुजरात के सूरत के एक संपन्न जरी व्यापारी थे। उनके परिवार के पास आलीशान हवेली, घोड़ा-गाड़ी और उस दौर की तमाम शान-ओ-शौकत थी, लेकिन इतनी संपत्ति होने के बावजूद उनकी निजी जिंदगी में कई दुख आए। संजीव कुमार के भतीजे उदय जरीवाला की किताब संजीव कुमार: द एक्टर वी ऑल लव्ड के अनुसार, जेठालाल की पहली शादी से दो बेटियां लक्ष्मी और जसु हुईं। कुछ समय बाद उनकी पहली पत्नी का बीमारी के कारण निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की। दूसरी पत्नी ने एक बेटी भगवती को जन्म दिया, लेकिन प्रसव के दौरान उनका भी निधन हो गया। इसके बाद जेठालाल की तीसरी शादी शांता बेन से हुई। शांता बेन की सबसे बड़ी इच्छा थी कि परिवार को एक बेटा मिले। इसके लिए वह महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर स्थित चारोटी के माता मंदिर में जाकर मन्नत मांगती थीं। उन्होंने प्रण लिया कि यदि बेटा हुआ, तो उसे 10 साल तक दान में मिले कपड़े उसे पहनाएंगी और उसका मुंडन भी उसी मंदिर में कराएंगी। करीब पांच साल बाद उनकी मन्नत पूरी हुई और 9 जुलाई 1938 को हरिहर जरीवाला का जन्म हुआ। यही हरिहर आगे चलकर हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता संजीव कुमार के नाम से पहचाने गए। संजीव कुमार की मां ने उनके अभिनय का सपना पूरा करने के लिए अपने गहने तक बेच दिए थे। किस्सा-2 कैसे हरिहर जरीवाला बने संजीव कुमार संजीव कुमार को उनका नाम संजीव कुमार देने का श्रेय फिल्ममेकर सावन कुमार टाक को जाता है। 1960 के दशक की शुरुआत में सावन कुमार ने मुंबई के तेजपाल थिएटर में आईपीटीए (IPTA) का एक नाटक देखा। उस नाटक में संजीव कुमार की दमदार एक्टिंग ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने वहीं तय कर लिया कि वे उन्हें अपनी फिल्म में मौका देंगे। नाटक खत्म होने के बाद उन्होंने संजीव कुमार को चाय पर बुलाया और अपनी फिल्म ‘नौनिहाल’ की कहानी सुनाने लगे। कहानी सुनते-सुनते संजीव कुमार ने हैरानी से पूछा, “आप मुझे यह कहानी क्यों सुना रहे हैं?” सावन कुमार ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “क्योंकि मैं तुम्हें अपनी फिल्म में लेना चाहता हूं।” हालांकि, सावन कुमार की एक शर्त थी। उन्होंने कहा कि हरिहर जरीवाला नाम फिल्मों के लिए उतना प्रभावशाली नहीं लगता। उस दौर में राज कुमार, दिलीप कुमार, मनोज कुमार और राजेंद्र कुमार जैसे कलाकारों का नाम खूब चल रहा था। इसलिए उन्होंने पहले संजय कुमार नाम सुझाया, लेकिन उसी समय एक्टर संजय खान भी इंडस्ट्री में आ चुके थे। ऐसे में दोनों ने मिलकर नया नाम चुना-संजीव कुमार। संजीव कुमार का जन्म गुजरात के सूरत में हुआ था। शुरुआती 7 साल सूरत में बिताने के बाद उनका परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया था। किस्सा-3 फिल्म के सेट पर सबके सामने नूतन ने थप्पड़ जड़ा था संजीव कुमार का नाम एक्ट्रेस नूतन से भी जुड़ा। संजीव कुमार और नूतन की मुलाकात 1968 में फिल्म ‘गौरी’ के सेट पर हुई और बाद में ‘देवी’ की शूटिंग के दौरान उनकी दोस्ती और गहरी हो गई। पत्रकार हनीफ जवेरी ने विक्की ललवानी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि एक दिन नूतन और उनके पति रजनीश बहल के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। संजीव कुमार ने हालात संभालने की नीयत से रजनीश बहल को फोन किया था, लेकिन इसका उल्टा असर हुआ और उनके पति का गुस्सा और बढ़ गया। अगले दिन अपने पति को यह भरोसा दिलाने के लिए कि उनका संजीव कुमार से कोई रिश्ता नहीं है, नूतन शूटिंग के सेट पर पहुंचीं और संजीव कुमार को थप्पड़ मारा था। इस घटना से फिल्म ‘देवी’ की शूटिंग रुक गई और दोनों कलाकार अलग-अलग चले गए। संजीव कुमार और नूतन ने ‘गौरी’ और ‘देवी’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया था। किस्सा-4 एक शर्त की वजह से हेमा मालिनी से शादी नहीं हो सकी संजीव कुमार की अधूरी प्रेम कहानियों में सबसे चर्चित नाम हेमा मालिनी का है। दोनों का रिश्ता शादी तक पहुंचने की संभावना तक बन गई थी। हालांकि, एक शर्त ने इस रिश्ते को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। 1972 में फिल्म ‘सीता और गीता’ की शूटिंग के दौरान संजीव कुमार और हेमा मालिनी के बीच नजदीकियां बढ़ीं। पत्रकार हनीफ जवेरी के मुताबिक, संजीव कुमार हेमा मालिनी को लेकर काफी सीरियस थे। दोनों के परिवारों के बीच शादी की बात भी पहुंच गई थी, लेकिन यहीं एक शर्त ने रिश्ते को तोड़ दिया। हनीफ जवेरी के अनुसार, हेमा मालिनी की मां जया चक्रवर्ती चाहती थीं कि शादी के बाद भी उनकी बेटी फिल्मों में काम करती रहे। वहीं, संजीव कुमार का साफ कहना था कि शादी के बाद उनकी पत्नी घर और परिवार को प्राथमिकता दे। इसी मुद्दे पर दोनों के बीच सहमति नहीं बन सकी और रिश्ता टूट गया। उस समय हेमा मालिनी बॉलीवुड की नंबर-1 एक्ट्रेस थीं और अपने करियर के पीक पर थीं। हनीफ जवेरी का कहना है कि हेमा मालिनी को उम्मीद थी कि समय के साथ संजीव कुमार अपना फैसला बदल
RBI Auction 32k Crore Govt Security

Hindi News Career RBI Auction 32k Crore Govt Security | India Current Affairs List July 9, 2026 9 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 1. विदेश मंत्री एस जयशंकर देशों की यात्रा में कुवैत पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 7 से 9 जुलाई तक कुवैत पहुंचे हैं। ये उनकी चार खाड़ी देशों कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की यात्रा का हिस्सा है। इस यात्रा के दौरान एस जयशंकर ने कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह से बात की। इस यात्रा के दौरान जयशंकर ने भारत–कुवैत द्विपक्षीय संबंधों पर बात की, ट्रेड, बिजनेस इंवेस्टमेंट और एनर्जी को-ऑपरेशन पर बात हुई। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और खाड़ी देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना तथा रीजनल और ग्लोबल मुद्दों पर विचार-विमर्श करना है। ये यात्रा भारत के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) अभियान के लिए खाड़ी देशों का समर्थन मजबूत करने के व्यापक कूटनीतिक प्रयास का हिस्सा है। एस जयशंकर इस यात्रा के दौरान सबसे पहले 5-6 जुलाई को कतर पहुंचे थे। कतर में जयशंकर ने कतर के पीएम और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से मुलाकात की। इस चर्चा में ऊर्जा, व्यापार, निवेश और सुरक्षा पर चर्चा हुई। कतर के बाद एस जयशंकर बहरीन पहुंचे थे। बहरीन के पीएम प्रिंस सलमान बिन हमद अल खलीफा से उन्होंने मुलाकात की थी। इस यात्रा के अगले दौर में विदेश मंत्री एस जयशंकर 13 जुलाई को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के 2028-29 कार्यकाल के लिए शामिल होंगे। 15 जुलाई को एस जयशंकर ब्रुसेल्स में तीसरी भारत-यूरोपीय संघ (EU) व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर 5 जुलाई से 15 जुलाई तक 6 देशों की आधिकारिक यात्रा पर निकले हैं। नेशनल (NATIONAL) 2. नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दवाओं के आयात को मंजूरी 8 जुलाई को केंद्र सरकार ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जरिए दवाइयों (Drugs) के आयात की मंजूरी दी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर ये मंजूरी दी है। एयरपोर्ट के जरिए दवाइयों के आयात के लिए ड्रग्स रूल्स, 1945 के नियम 43A में संशोधन किया गया। इस फैसले के बाद भारत में दवाओं के आयात के लिए स्वीकृत बंदरगाहों/हवाई अड्डों की संख्या 42 हो गई। इस फैसले का उद्देश्य फार्मास्युटिकल सप्लाई चैन को मजबूत करना और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाना है। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मंजूरी बिजनेस को बढ़ावा देने और दवाओं की तेज एवं सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार के इस कदम से फार्मा कंपनियों की परिवहन लागत भी कम होगी। इसमें दवाओं की गुणवत्ता की जांच के लिए एयरपोर्ट पर विशेष कस्टम और स्वास्थ्य कार्यालय भी स्थापित किए जाएंगे। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्धघाटन 5 जुलाई 2026 को ही हुआ है। इसकी घरेलू उड़ानों के बाद 15 जुलाई 2026 से अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवाएं शुरू होंगी। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं में से एक है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3. टेनिस प्लेयर नोवाक जोकोविच ने विंबलडन का सबसे लंबा मैच खेला 8 जुलाई को नोवाक जोकोविच विंबलडन इतिहास का सबसे लंबा पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल जीतने वाले खिलाड़ी बने। जोकोविच ने ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर अपने से 14 साल छोटे कनाडा के फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे को 5 घंटे 15 मिनट में से हराया। इससे पहले 2008 में रेनर शुटलर और अरनो क्लेमेंट के बीच का क्वार्टर फाइनल 5 घंटे 12 मिनट तक चला था। इसके साथ ही जोकोविच ओपन एरा में सबसे ज्यादा 5 सेट के ग्रैंड स्लैम मैच खेलने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं। जोकोविच ने ग्रैंड स्लैम करियर का 50वां 5 सेट सिंगल्स मैच खेलकर स्विट्जरलैंड के स्टेन वावरिंका (49 बार) का भी रिकॉर्ड तोड़ा। जोकोविच ओपन एरा में किसी एक ग्रैंड स्लैम में 15 मेंस सिंगल्स सेमीफाइनल खेलने वाले तीसरे खिलाड़ी भी बने। रोजर फेडरर ने ऑस्ट्रेलिया ओपन और राफेल नडाल ने फ्रेंच ओपन में यह उपलब्धि हासिल की है। ओपन एरा टेनिस में ओपन एरा उस ऐतिहासिक समय को बताता है, जो 1968 में शुरू हुई और आज तक जारी है। ओपन एरा की शुरुआत के बाद से ही प्रोफेशनल और शौकिया अन प्रोफेशनल यानी, शौकिया खेलने वाले दोनों खिलाड़ियों को सभी प्रमुख ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में एक साथ खेलें करने की अनुमति मिली है। 1968 से पहले तक शौकिया खिलाड़ी ग्रैंड स्लैम (विंबलडन, फ्रेंच ओपन आदि) में खेलते थे, जहां उन्हें को प्राइज मनी नहीं मिलती थी। वही प्रोफेशनल खिलाड़ी अलग प्रदर्शन दौरों (Tours) में पैसे के लिए खेलते थे और उन्हें ग्रैंड स्लैम में खेलने की मनाही थी। नोवाक ग्रैंड स्लैम में 15 मेंस सिंगल्स सेमीफाइनल खेलने वाले तीसरे खिलाड़ी भी बने। नेशनल (NATIONAL) 4. RBI फंड जुटाने के लिए 32 हजार करोड़ की गवर्नमेंट सिक्योरिटीज बेचेगा 8 जुलाई को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भारत सरकार के लिए फंड जुटाने को 32,000 करोड़ रुपए की सरकारी प्रतिभूतियों (गवर्नमेंट सिक्योरिटीज) की नीलामी करेगी। ये नीलामी 10 जुलाई को की जाएगी और इनका सेटलमेंट 13 जुलाई को होगा। बता दें कि सरकार अपनी उधारी के लिए सरकारी प्रतिभूतियां, ट्रेजरी बिल जारी करती है। जिनकी नीलामी RBI सरकार के बैंकर और ऋण प्रबंधक के तौर में कराता है। RBI के अनुसार, नीलामी मुंबई ऑफिस से ‘मल्टीपल प्राइस मेथड’ (कई कीमतों वाली विधि) का इस्तेमाल करके की जाएगी। कॉम्पिटिटिव (प्रतिस्पर्धी) और नॉन-कॉम्पिटिटिव (गैर-प्रतिस्पर्धी) दोनों तरह की बोलियां 10 जुलाई को RBI के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा की जाएंगी। पर्सनल इन्वेस्टर RBI के रिटेल डायरेक्ट पोर्टल के जरिए इसमें हिस्सा ले सकते हैं। ये नीलामी सॉवरेन डेट इंस्ट्रूमेंट्स (सरकारी कर्ज के साधन) जारी करके अपने खर्चों को पूरा करने के लिए सरकार के मार्केट बॉरोइंग प्रोग्राम का हिस्सा है। मिसलीनियस 5. सभी राज्यों में पुलिस की एक ही खाकी वर्दी होगी 8 जुलाई को वन नेशन वन यूनिफॉर्म के तहत देशभर की पुलिस के लिए एक जैसी खाकी वर्दी तय की गई है। गृह मंत्रालय और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D) के प्रोसेस के बाद खाकी वर्दी पर ये फैसला हुआ है। इस फैसले के बाद सभी राज्यों
Sanjeev Kumar Birth Anniversary | Hema Malini Marriage Facts & Sulakshana Pandit

54 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक संजीव कुमार ने हिंदी के अलावा उन्होंने अपनी मातृभाषा गुजराती, मराठी, पंजाबी, तमिल और तेलुगु फिल्मों में भी काम किया था। 1933 के आसपास की बात है। महाराष्ट्र और गुजरात की सीमा के पास स्थित माता रानी के एक मंदिर में एक महिला पहुंची। मान्यता थी कि यहां सच्चे मन से मांगी गई कोई भी मुराद कभी खाली नहीं जाती। महिला की बस एक ही कामना थी-एक बेटे की। उसने माता रानी के चरणों में सिर झुकाकर मन्नत मांगी, ‘अगर मुझे पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, तो मैं उसे दस साल तक उधार मांगकर लाए गए कपड़े ही पहनाऊंगी।’ समय बीता और माता रानी ने उसकी पुकार सुन ली। उसके घर एक बेटे का जन्म हुआ। यही बच्चा आगे चलकर भारतीय सिनेमा का एक ऐसा सितारा बना, जिसकी अदाकारी आज भी मिसाल मानी जाती है। उसने फिल्म शोले में ठाकुर बलदेव सिंह का अमर किरदार निभाकर इतिहास रच दिया। हम बात कर रहे हैं संजीव कुमार की और आज उनकी 88वीं बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से…. किस्सा-1 संजीव कुमार के पिता ने तीन शादियां की थीं संजीव कुमार के पिता जेठालाल शिवलाल जरीवाला गुजरात के सूरत के एक संपन्न जरी व्यापारी थे। उनके परिवार के पास आलीशान हवेली, घोड़ा-गाड़ी और उस दौर की तमाम शान-ओ-शौकत थी, लेकिन इतनी संपत्ति होने के बावजूद उनकी निजी जिंदगी में कई दुख आए। संजीव कुमार के भतीजे उदय जरीवाला की किताब संजीव कुमार: द एक्टर वी ऑल लव्ड के अनुसार, जेठालाल की पहली शादी से दो बेटियां लक्ष्मी और जसु हुईं। कुछ समय बाद उनकी पहली पत्नी का बीमारी के कारण निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की। दूसरी पत्नी ने एक बेटी भगवती को जन्म दिया, लेकिन प्रसव के दौरान उनका भी निधन हो गया। इसके बाद जेठालाल की तीसरी शादी शांता बेन से हुई। शांता बेन की सबसे बड़ी इच्छा थी कि परिवार को एक बेटा मिले। इसके लिए वह महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर स्थित चारोटी के माता मंदिर में जाकर मन्नत मांगती थीं। उन्होंने प्रण लिया कि यदि बेटा हुआ, तो उसे 10 साल तक दान में मिले कपड़े उसे पहनाएंगी और उसका मुंडन भी उसी मंदिर में कराएंगी। करीब पांच साल बाद उनकी मन्नत पूरी हुई और 9 जुलाई 1938 को हरिहर जरीवाला का जन्म हुआ। यही हरिहर आगे चलकर हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता संजीव कुमार के नाम से पहचाने गए। संजीव कुमार की मां ने उनके अभिनय का सपना पूरा करने के लिए अपने गहने तक बेच दिए थे। किस्सा-2 कैसे हरिहर जरीवाला बने संजीव कुमार संजीव कुमार को उनका नाम संजीव कुमार देने का श्रेय फिल्ममेकर सावन कुमार टाक को जाता है। 1960 के दशक की शुरुआत में सावन कुमार ने मुंबई के तेजपाल थिएटर में आईपीटीए (IPTA) का एक नाटक देखा। उस नाटक में संजीव कुमार की दमदार एक्टिंग ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने वहीं तय कर लिया कि वे उन्हें अपनी फिल्म में मौका देंगे। नाटक खत्म होने के बाद उन्होंने संजीव कुमार को चाय पर बुलाया और अपनी फिल्म ‘नौनिहाल’ की कहानी सुनाने लगे। कहानी सुनते-सुनते संजीव कुमार ने हैरानी से पूछा, “आप मुझे यह कहानी क्यों सुना रहे हैं?” सावन कुमार ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “क्योंकि मैं तुम्हें अपनी फिल्म में लेना चाहता हूं।” हालांकि, सावन कुमार की एक शर्त थी। उन्होंने कहा कि हरिहर जरीवाला नाम फिल्मों के लिए उतना प्रभावशाली नहीं लगता। उस दौर में राज कुमार, दिलीप कुमार, मनोज कुमार और राजेंद्र कुमार जैसे कलाकारों का नाम खूब चल रहा था। इसलिए उन्होंने पहले संजय कुमार नाम सुझाया, लेकिन उसी समय एक्टर संजय खान भी इंडस्ट्री में आ चुके थे। ऐसे में दोनों ने मिलकर नया नाम चुना-संजीव कुमार। संजीव कुमार का जन्म गुजरात के सूरत में हुआ था। शुरुआती 7 साल सूरत में बिताने के बाद उनका परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया था। किस्सा-3 फिल्म के सेट पर सबके सामने नूतन ने थप्पड़ जड़ा था संजीव कुमार का नाम एक्ट्रेस नूतन से भी जुड़ा। संजीव कुमार और नूतन की मुलाकात 1968 में फिल्म ‘गौरी’ के सेट पर हुई और बाद में ‘देवी’ की शूटिंग के दौरान उनकी दोस्ती और गहरी हो गई। पत्रकार हनीफ जवेरी ने विक्की ललवानी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि एक दिन नूतन और उनके पति रजनीश बहल के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। संजीव कुमार ने हालात संभालने की नीयत से रजनीश बहल को फोन किया था, लेकिन इसका उल्टा असर हुआ और उनके पति का गुस्सा और बढ़ गया। अगले दिन अपने पति को यह भरोसा दिलाने के लिए कि उनका संजीव कुमार से कोई रिश्ता नहीं है, नूतन शूटिंग के सेट पर पहुंचीं और संजीव कुमार को थप्पड़ मारा था। इस घटना से फिल्म ‘देवी’ की शूटिंग रुक गई और दोनों कलाकार अलग-अलग चले गए। संजीव कुमार और नूतन ने ‘गौरी’ और ‘देवी’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया था। किस्सा-4 एक शर्त की वजह से हेमा मालिनी से शादी नहीं हो सकी संजीव कुमार की अधूरी प्रेम कहानियों में सबसे चर्चित नाम हेमा मालिनी का है। दोनों का रिश्ता शादी तक पहुंचने की संभावना तक बन गई थी। हालांकि, एक शर्त ने इस रिश्ते को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। 1972 में फिल्म ‘सीता और गीता’ की शूटिंग के दौरान संजीव कुमार और हेमा मालिनी के बीच नजदीकियां बढ़ीं। पत्रकार हनीफ जवेरी के मुताबिक, संजीव कुमार हेमा मालिनी को लेकर काफी सीरियस थे। दोनों के परिवारों के बीच शादी की बात भी पहुंच गई थी, लेकिन यहीं एक शर्त ने रिश्ते को तोड़ दिया। हनीफ जवेरी के अनुसार, हेमा मालिनी की मां जया चक्रवर्ती चाहती थीं कि शादी के बाद भी उनकी बेटी फिल्मों में काम करती रहे। वहीं, संजीव कुमार का साफ कहना था कि शादी के बाद उनकी पत्नी घर और परिवार को प्राथमिकता दे। इसी मुद्दे पर दोनों के बीच सहमति नहीं बन सकी और रिश्ता टूट गया। उस समय हेमा मालिनी बॉलीवुड की नंबर-1 एक्ट्रेस थीं और अपने करियर के पीक पर थीं। हनीफ जवेरी का कहना है कि हेमा मालिनी को उम्मीद थी कि समय के साथ संजीव कुमार अपना फैसला बदल




