डीपसीक के सीईओ बने सबसे अमीर एआई स्टार्टअप फाउंडर:8वीं में कॉलेज मैथ्स सुलझाने वाले लियांग अब 3.47 लाख करोड़ के मालिक हैं

चीन की एआई कंपनी डीपसीक के संस्थापक और सीईओ लियांग वेनफेंग (41) दुनिया के सबसे अमीर एआई स्टार्टअप फाउंडर बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, कंपनी के नए फंडिंग राउंड के बाद उनकी नेटवर्थ करीब 3.47 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई है, जो पहले 1.61 लाख करोड़ रुपए थी। इस बढ़ोतरी के साथ वे ओपनएआई के को-फाउंडर ग्रैग ब्रोकमैन और एंथ्रोपिक के फाउंडर व सीईओ डारियो अमोदेई से आगे निकल गए हैं। पढ़िए लियांग के जीवन से जुड़े किस्से… लगन- एआई मॉडल में इतना डूबे कि अधूरे घर में टेंट लगाकर रहने लगे थे लियांग हर मशीन को समझने की जिद लियांग बचपन से जिज्ञासु थे। स्कूल में जो भी कंप्यूटर या इलेक्ट्रॉनिक मशीन हाथ लगती, उसे खोलकर ठीक करने लगते। कई बार पुर्जे निकालने और उसे ठीक करने के चक्कर में घरवालों और शिक्षकों की डांट भी खाई, लेकिन आदत नहीं बदली। यही जिद आगे एआई चिप बनाने में उनके काम आई। स्कूल में बन गए मैथ जीनियस वे आठवीं में ही कॉलेज स्तर का गणित पढ़ने लगे। एक बार शिक्षक ने कॉलेज लेवल का सवाल देकर परखा, लेकिन लियांग ने कुछ मिनटों में उसका हल निकाल दिया। इसके बाद उन्हें स्कूल में ‘मैथ जीनियस’ कहा जाने लगा। इसमें माता-पिता का काफी रोल है। पेशे से शिक्षक लियांग के माता-पिता ने कभी बेटे के रिजल्ट या रैंक पर ज्यादा जोर नहीं दिया। वे बस यही पूछते ‘आज क्या नया सीखा?’ या ‘कौन-सी नई समस्या हल की?’ वे जवाब याद करने से ज्यादा सवालों के हल खोजते थे। चिप्स पर लगाया दांव 2019 में जब कंपनियां एआई को गंभीरता से नहीं ले रही थीं, तब लियांग ने एआई मॉडल बनाने के लिए 10 हजार चिप खरीदी। लोगों ने इसे मूर्ख व फिजूलखर्ची बताया। लियांग ने कहा, ‘एआई के दौर में चिप्स नहीं मिलेंगी।’ बाद में लोगों को यह बात समझ आई। एआई मॉडल में इतना डूबे कि अधूरे घर में टेंट लगाकर रहते थे इंजीनियरिंग में मास्टर्स लियांग काम को लेकर इतने जुनूनी थे कि नया घर खरीदने के बाद भी उसे पूरा नहीं कराया। उनका पूरा ध्यान कोड और एआई मॉडल बनाने पर था। रहने के लिए उन्होंने अधूरे मकान के अंदर ही एक टेंट लगा लिया और वहीं रातें बिताने लगे। कुछ साल बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। 2025 में डीपसीक की सफलता के बाद चीनी नववर्ष पर उनके गांव मिलिलिंग में स्वागत के पोस्टर लग गए। तब लियांग नहीं मिले तो लोग उनके दादा के साथ ही फोटो खिंचवाकर लौट जाते।
वर्ल्ड अपडेट्स:जापान के पूर्व मंत्री बोले- भारत के रवैये से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट लेट हुआ; वादे नहीं निभाए, बार-बार फैसला बदला

भारत-जापान के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व मंत्री हिदेकी माकिहारा ने भारतीय पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। X पर की गई पोस्ट में उन्होंने लिखा कि प्रोजेक्ट के लेट होने की सबसे बड़ी वजह भारत का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वे खुद इस प्रोजेक्ट से जुड़े रहे हैं। उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए वादे पूरे नहीं किए। समझौते किए, फिर उनसे पीछे हट गया। आखिरी समय तक अपने हिसाब से शर्तें बदलता रहा। उन्होंने यह भी लिखा कि इसी वजह से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। माकिहारा के मुताबिक, जापानी टीम ने पूरी मेहनत से काम किया, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। पूर्व मंत्री ने अपनी पोस्ट में टॉयो केइजाई ऑनलाइन की एक रिपोर्ट भी शेयर की। इसमें दावा किया गया है कि बुलेट ट्रेन के सबसे अहम सेफ्टी सिस्टम (सिग्नलिंग सिस्टम) में जापान को शामिल नहीं किया गया। हालांकि, ये आरोप हिदेकी माकिहारा की X पोस्ट और उनके साझा किए गए लेख पर आधारित हैं। भारत सरकार या मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
वर्ल्ड अपडेट्स:जापान के पूर्व मंत्री बोले- भारत के रवैये से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट लेट हुआ; वादे नहीं निभाए, बार-बार फैसला बदला

भारत-जापान के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व मंत्री हिदेकी माकिहारा ने भारतीय पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। X पर की गई पोस्ट में उन्होंने लिखा कि प्रोजेक्ट के लेट होने की सबसे बड़ी वजह भारत का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वे खुद इस प्रोजेक्ट से जुड़े रहे हैं। उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए वादे पूरे नहीं किए। समझौते किए, फिर उनसे पीछे हट गया। आखिरी समय तक अपने हिसाब से शर्तें बदलता रहा। उन्होंने यह भी लिखा कि इसी वजह से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। माकिहारा के मुताबिक, जापानी टीम ने पूरी मेहनत से काम किया, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। पूर्व मंत्री ने अपनी पोस्ट में टॉयो केइजाई ऑनलाइन की एक रिपोर्ट भी शेयर की। इसमें दावा किया गया है कि बुलेट ट्रेन के सबसे अहम सेफ्टी सिस्टम (सिग्नलिंग सिस्टम) में जापान को शामिल नहीं किया गया। हालांकि, ये आरोप हिदेकी माकिहारा की X पोस्ट और उनके साझा किए गए लेख पर आधारित हैं। भारत सरकार या मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… युगांडा में स्कूल बस हादसा, 20 बच्चों समेत 21 की मौत; एजुकेशनल टूर से लौट रहे थे छात्र पूर्वी अफ्रीकी देश युगांडा में एक स्कूल बस हादसे में 20 बच्चों समेत एक शख्स की मौत हो गई। AP के मुताबिक, यह हादसा गुरुवार रात पूर्वी युगांडा के कपचोरवा जिले में हुआ। पुलिस के मुताबिक, सभी छात्र एजुकेशनल टूर के तहत सिपी फॉल्स घूमकर लौट रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद बस सड़क से उतरकर एक चट्टान से टकराई और पलट गई। हादसे में कई बच्चों समेत 3 लोग घायल भी हुए हैं। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने फिलहाल घायलों की सटीक संख्या नहीं बताई है।
China Moonshot AI Kimi K3 Launch

2 मिनट पहले कॉपी लिंक चीनी कंपनी मूनशॉट AI ने अपना नया AI मॉडल किमी K3 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स वाला दुनिया का पहला ओपन मॉडल है। इसमें 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो दी गई है। पिछले मॉडल किमी K2 की तुलना में इसकी स्केलिंग दक्षता करीब 2.5 गुना बेहतर है। इसे एक सरल उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए एआई मॉडल एक इंसानी दिमाग की तरह है, जिसे एक बहुत बड़ी परीक्षा की तैयारी करनी है। 1. पैरामीटर्स क्या हैं? पैरामीटर्स को आप एआई के दिमाग की ‘ज्ञान की नसें’ या ‘अनुभव’ मान सकते हैं। एक बच्चा जब बड़ा होता है, तो वह जितनी ज्यादा बातें सीखता है, उसका दिमाग उतना ही तेज चलता है। एआई की दुनिया में जिस मॉडल के पास जितने ज्यादा पैरामीटर्स होते हैं, वह उतना ही समझदार माना जाता है। 28 लाख करोड़ पैरामीटर्स होने का मतलब है कि इस मॉडल का दिमाग बेहद विशाल है और यह बहुत ही पेचीदा और मुश्किल सवालों को इंसानों की तरह समझकर हल कर सकता है। 2. 3T क्लास क्या है? यहां ‘T’ का मतलब है ट्रिलियन। चूंकि इस मॉडल में 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स हैं, जो कि 3 ट्रिलियन (3.0T) के बेहद करीब है, इसलिए इसे ‘3T क्लास’ का मॉडल कहा गया है। एआई की दुनिया में 3T क्लास में पहुंचना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इतने बड़े मॉडल अब तक सिर्फ अमेरिका की ओपन एआई जैसी चुनिंदा कंपनियों के पास ही थे। 3. 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो क्या है? कॉन्टेक्स्ट विंडो का मतलब है एआई की ‘याददाश्त’ या एक बार में पढ़ने की क्षमता। जब आप एआई से चैट करते हैं, तो वह एक बार में कितना लंबा पैराग्राफ या दस्तावेज याद रख सकता है, यही उसकी कॉन्टेक्स्ट विंडो है। उदाहरण: एक आम एआई मॉडल को अगर आप 5-10 पन्ने देंगे, तो वह उसे पढ़ लेगा, लेकिन पूरी किताब देने पर उसके हाथ-पैर फूल जाएंगे। किमी K3 की 10 लाख टोकन की क्षमता का मतलब है कि आप इसे पूरी की पूरी मोटी किताब, हजारों लाइनों का कंप्यूटर कोड या साल भर की बैंक स्टेटमेंट एक साथ दे दीजिए; यह एक सेकंड में उस पूरी जानकारी को दिमाग में रखकर आपको उसका सटीक विश्लेषण करके दे देगा। 4. स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर होने का क्या मतलब है? इसे आप ‘कम खर्चे में ज्यादा माइलेज’ की तरह समझ सकते हैं। जब एआई मॉडल बड़े किए जाते हैं जैसे किमी K2 से किमी K3, तो उन्हें चलाने के लिए बहुत भारी कंप्यूटर, बिजली और पैसों की जरूरत होती है। ‘स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर’ होने का मतलब है कि मूनशॉट कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर को इतना कुशल बना दिया है कि यह अपने पिछले मॉडल के मुकाबले ढाई गुना कम कंप्यूटर पावर और खर्चे में, उससे कहीं ज्यादा तेजी से और बड़ा काम कर सकता है। 5. ‘ओपन मॉडल’ होने का क्या फायदा है? अब तक अमेरिका की कंपनियां अपने इतने बड़े मॉडल्स को छुपाकर रखती हैं। इसे क्लोज्ड मॉडल कहते हैं। वे सिर्फ आपको इस्तेमाल करने देती हैं, लेकिन यह नहीं बतातीं कि इसे अंदर से कैसे बनाया गया है। चीन की कंपनी ने इसे ‘ओपन मॉडल’ रखा है। इसका मतलब है कि वह इस शक्तिशाली दिमाग की ‘ब्लूप्रिंट’ दुनिया भर के सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और वैज्ञानिकों के लिए मुफ्त या खुले तौर पर जारी कर देगी। इससे दुनिया का कोई भी आम इंजीनियर इस एआई को लेकर अपने हिसाब से बदल सकता है, नया ऐप बना सकता है या अपने काम में इस्तेमाल कर सकता है। मूनशॉट 27 जुलाई को ओपन करेगा अपना सीक्रेट फॉर्मूला मूनशॉट AI ने ब्लॉग में बताया कि Kimi K3 को ‘किमी डेल्टा अटेंशन’ और ‘अटेंशन रेजिड्यूल्स’ पर बनाया गया है। इसमें नेटिव विजन क्षमताएं भी हैं। यह मॉडल कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग जैसे जटिल कामों के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, इसके फुल मॉडल वेट्स 27 जुलाई तक जारी कर दिए जाएंगे। 1. ‘किमी डेल्टा अटेंशन’ और ‘अटेंशन रेजिड्यूल्स’ क्या है? उदाहरण से समझिए: जब आप कोई बहुत मोटी किताब पढ़ते हैं, तो क्या आप हर एक शब्द पर बराबर ध्यान देते हैं? नहीं। आपका दिमाग केवल मुख्य शब्दों और जरूरी लाइनों पर ‘अटेंशन’ देता है और फालतू शब्दों को छोड़ देता है। फायदा: मूनशॉट AI ने ‘किमी डेल्टा अटेंशन’ और ‘अटेंशन रेजिड्यूल्स’ नाम का जो नया फॉर्मूला बनाया है, वह इस एआई को यही सुपर पावर देता है। जब आप इसे बहुत बड़ा काम या लाखों शब्दों की फाइल देते हैं, तो यह तकनीक एआई के दिमाग को भटकने नहीं देती। यह केवल सबसे जरूरी पॉइंट पर फोकस करती है और पुरानी पढ़ी हुई बातों का ‘असर’ (रेजिड्यूल्स) दिमाग में बनाए रखती है। इससे एआई बिना थके और बिना गलती किए बहुत तेजी से काम कर लेता है। 2. ‘नेटिव विजन क्षमताएं’ क्या हैं? उदाहरण से समझिए: पहले के एआई सिर्फ टेक्स्ट समझ सकते थे। अगर आप उन्हें फोटो दिखाते, तो उन्हें पहले उस फोटो को शब्दों में बदलना पड़ता था, तब वो समझ पाते थे। लेकिन ‘नेटिव विजन’ का मतलब है कि Kimi K3 के पास देखने की क्षमता है। फायदा: आप इसे कोई फोटो, कोई पेचीदा ग्राफ, मेडिकल स्कैन (जैसे एक्स-रे या एमआरआई) या कोई वीडियो दिखाएंगे, तो यह उसे इंसानी आंखों की तरह देखकर तुरंत समझ जाएगा और उस पर आपके सवालों के जवाब दे देगा। 3. जटिल कार्य: कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग का क्या मतलब है? कंपनी का कहना है कि यह मॉडल एआई के सबसे ऊंचे लेवल के लिए बना है, जो ये तीन बड़े काम करेगा: लॉन्ग-होराइजन कोडिंग : इसका मतलब सिर्फ छोटा-मोटा कोड लिखना नहीं है। यह सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की तरह एक साथ हजारों लाइनों का पूरा का पूरा बड़ा कंप्यूटर प्रोग्राम या ऐप खुद लिख सकता है और उसमें कमियां ढूंढकर ठीक कर सकता है। नॉलेज वर्क: यह रिसर्चर्स, वैज्ञानिकों और बड़े वकीलों की तरह काम कर सकता है। सालों पुरानी फाइलों को खंगालना, बड़े कानूनी मामलों का विश्लेषण करना या किसी विषय पर पूरी रिसर्च रिपोर्ट तैयार करना इसके लिए चुटकियों का काम है। रीजनिंग: इसका मतलब है ‘सोचने-समझने और तर्क करने की
China Moonshot AI Kimi K3 Launch

4 मिनट पहले कॉपी लिंक चीनी कंपनी मूनशॉट AI ने अपना नया AI मॉडल किमी K3 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स वाला दुनिया का पहला ओपन मॉडल है। इसमें 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो दी गई है। पिछले मॉडल किमी K2 की तुलना में इसकी स्केलिंग दक्षता करीब 2.5 गुना बेहतर है। इसे एक सरल उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए एआई मॉडल एक इंसानी दिमाग की तरह है, जिसे एक बहुत बड़ी परीक्षा की तैयारी करनी है। 1. पैरामीटर्स क्या हैं? पैरामीटर्स को आप एआई का ‘अनुभव’ मान सकते हैं। एक बच्चा जब बड़ा होता है, तो वह जितनी ज्यादा बातें सीखता है, उसका दिमाग उतना ही तेज चलता है। एआई की दुनिया में जिस मॉडल के पास जितने ज्यादा पैरामीटर्स होते हैं, वह उतना ही समझदार माना जाता है। 28 लाख करोड़ पैरामीटर्स होने का मतलब है कि इस मॉडल का दिमाग बेहद विशाल है और यह बहुत ही पेचीदा और मुश्किल सवालों को इंसानों की तरह समझकर हल कर सकता है। 2. 3T क्लास क्या है? यहां ‘T’ का मतलब है ट्रिलियन। चूंकि इस मॉडल में 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स हैं, जो कि 3 ट्रिलियन (3.0T) के बेहद करीब है, इसलिए इसे ‘3T क्लास’ का मॉडल कहा गया है। एआई की दुनिया में 3T क्लास में पहुंचना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इतने बड़े मॉडल अब तक सिर्फ अमेरिका की ओपन एआई जैसी चुनिंदा कंपनियों के पास ही थे। 3. 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो क्या है? कॉन्टेक्स्ट विंडो का मतलब है एआई की ‘याददाश्त’ या एक बार में पढ़ने की क्षमता। जब आप एआई से चैट करते हैं, तो वह एक बार में कितना लंबा पैराग्राफ या दस्तावेज याद रख सकता है, यही उसकी कॉन्टेक्स्ट विंडो है। उदाहरण: एक आम एआई मॉडल को अगर आप 5-10 पन्ने देंगे, तो वह उसे पढ़ लेगा, लेकिन पूरी किताब देने पर उसके हाथ-पैर फूल जाएंगे। किमी K3 की 10 लाख टोकन की क्षमता का मतलब है कि आप इसे पूरी की पूरी मोटी किताब, हजारों लाइनों का कंप्यूटर कोड या साल भर की बैंक स्टेटमेंट एक साथ दे दीजिए; यह एक सेकंड में उस पूरी जानकारी को दिमाग में रखकर आपको उसका सटीक विश्लेषण करके दे देगा। 4. स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर होने का क्या मतलब है? ‘स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर’ होने का मतलब है कि मूनशॉट कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर को इतना कुशल बना दिया है कि यह अपने पिछले मॉडल के मुकाबले ढाई गुना कम कंप्यूटर पावर और खर्चे में, उससे कहीं ज्यादा तेजी से और बड़ा काम कर सकता है। 5. ‘ओपन मॉडल’ होने का क्या फायदा है? अब तक अमेरिका की कंपनियां अपने इतने बड़े मॉडल्स को छुपाकर रखती हैं। इसे क्लोज्ड मॉडल कहते हैं। वे सिर्फ आपको इस्तेमाल करने देती हैं, लेकिन यह नहीं बतातीं कि इसे अंदर से कैसे बनाया गया है। चीन की कंपनी ने इसे ‘ओपन मॉडल’ रखा है। इसका मतलब है कि वह इस शक्तिशाली दिमाग की ‘ब्लूप्रिंट’ दुनिया भर के सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और वैज्ञानिकों के लिए मुफ्त या खुले तौर पर जारी कर देगी। इससे दुनिया का कोई भी आम इंजीनियर इस एआई को लेकर अपने हिसाब से बदल सकता है, नया ऐप बना सकता है या अपने काम में इस्तेमाल कर सकता है। मूनशॉट 27 जुलाई को ओपन करेगा अपना सीक्रेट फॉर्मूला मूनशॉट AI ने ब्लॉग में बताया कि Kimi K3 को ‘किमी डेल्टा अटेंशन’ और ‘अटेंशन रेजिड्यूल्स’ पर बनाया गया है। इसमें नेटिव विजन क्षमताएं भी हैं। यह मॉडल कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग जैसे जटिल कामों के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, इसके फुल मॉडल वेट्स 27 जुलाई तक जारी कर दिए जाएंगे। 1. ‘किमी डेल्टा अटेंशन’ और ‘अटेंशन रेजिड्यूल्स’ क्या है? उदाहरण से समझिए: जब आप कोई बहुत मोटी किताब पढ़ते हैं, तो क्या आप हर एक शब्द पर बराबर ध्यान देते हैं? नहीं। आपका दिमाग केवल मुख्य शब्दों और जरूरी लाइनों पर ‘अटेंशन’ देता है और फालतू शब्दों को छोड़ देता है। फायदा: मूनशॉट AI ने ‘किमी डेल्टा अटेंशन’ और ‘अटेंशन रेजिड्यूल्स’ नाम का जो नया फॉर्मूला बनाया है, वह इस एआई को यही सुपर पावर देता है। जब आप इसे बहुत बड़ा काम या लाखों शब्दों की फाइल देते हैं, तो यह तकनीक एआई के दिमाग को भटकने नहीं देती। यह केवल सबसे जरूरी पॉइंट पर फोकस करती है और पुरानी पढ़ी हुई बातों का ‘असर’ (रेजिड्यूल्स) दिमाग में बनाए रखती है। इससे एआई बिना थके और बिना गलती किए बहुत तेजी से काम कर लेता है। 2. ‘नेटिव विजन क्षमताएं’ क्या हैं? उदाहरण से समझिए: पहले के एआई सिर्फ टेक्स्ट समझ सकते थे। अगर आप उन्हें फोटो दिखाते, तो उन्हें पहले उस फोटो को शब्दों में बदलना पड़ता था, तब वो समझ पाते थे। लेकिन ‘नेटिव विजन’ का मतलब है कि Kimi K3 के पास देखने की क्षमता है। फायदा: आप इसे कोई फोटो, कोई पेचीदा ग्राफ, मेडिकल स्कैन (जैसे एक्स-रे या एमआरआई) या कोई वीडियो दिखाएंगे, तो यह उसे इंसानी आंखों की तरह देखकर तुरंत समझ जाएगा और उस पर आपके सवालों के जवाब दे देगा। 3. कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग का क्या मतलब है? कंपनी का कहना है कि यह मॉडल तीन बड़े काम करेगा: लॉन्ग-होराइजन कोडिंग : इसका मतलब सिर्फ छोटा-मोटा कोड लिखना नहीं है। यह सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की तरह एक साथ हजारों लाइनों का पूरा का पूरा बड़ा कंप्यूटर प्रोग्राम या ऐप खुद लिख सकता है और उसमें कमियां ढूंढकर ठीक कर सकता है। नॉलेज वर्क: यह रिसर्चर्स, वैज्ञानिकों और बड़े वकीलों की तरह काम कर सकता है। सालों पुरानी फाइलों को खंगालना, बड़े कानूनी मामलों का विश्लेषण करना या किसी विषय पर पूरी रिसर्च रिपोर्ट तैयार करना इसके लिए चुटकियों का काम है। रीजनिंग: इसका मतलब है ‘सोचने-समझने और तर्क करने की क्षमता’। यह सिर्फ रटी-रटाई बातें नहीं बताएगा, बल्कि इंसानों की तरह गणित के मुश्किल सवालों या बिजनेस की उलझनों में ‘अगर-मगर’ लगाकर सही फैसला लेने में मदद करेगा। अमेरिका के लेटेस्ट AI मॉडल्स से पीछे है Kimi K3 कंपनी ने माना कि Kimi K3 का प्रदर्शन अमेरिका के क्लॉड फेबल 5 और GPT 5.6 Sol जैसे मॉडल्स से पीछे
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6 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली इन दिनों तलाक और बच्चों की कस्टडी की कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने दावा किया था कि पति ने बच्चों को किसी सीक्रेट जगह छिपा दिया है, जिससे वो उनसे मिल न सकें। कुछ समय पहले एक्ट्रेस दिवंगत बेटे की कब्र पर फूट-फूटकर रोती दिखी थीं। अब उन्होंने बच्चों के साथ एक पुराना वीडियो शेयर कर लिखा है कि ट्रॉमा ने उनसे सब कुछ छीन लिया है। सेलिना जेटली ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से बच्चों के साथ मस्ती करते हुए एक पुराना वीडियो शेयर कर लिखा है, ‘लोग मुझे मजबूत कहते हैं, लेकिन सच यह है कि दर्द और सदमे (ट्रॉमा) ने मुझे कभी मजबूत नहीं बनाया। उन्होंने मुझे बार-बार तोड़ा, इतनी बार कि एक दिन मेरे पास खुद को जोड़ना सीखने के अलावा कोई रास्ता ही नहीं बचा। और जब-जब मुझे लगता है कि अब मैं संभल गई हूं, तभी कोई पुराना जख्म फिर से रिसने लगता है।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘बीते हुए पल अचानक लौट आते हैं। दिल फिर उसी दर्द से भर जाता है, जैसे वह दोबारा टूटने वाला हो। तब मैं रुक जाती हूं। शोर से थोड़ी दूर चली जाती हूं। अपने दर्द से कुछ पल के लिए दूरी बना लेती हूं, भागने के लिए नहीं,बल्कि खुद को बचाए रखने के लिए।’ ‘मैं अपने बिखरे हुए हिस्सों को फिर से समेटती हूं,एक गहरी सांस लेती हूं, और एक बार फिर खुद को ठीक करने की कोशिश शुरू कर देती हूं। अक्सर लोग कहते हैं, “तुम्हारा दर्द ही तुम्हारी ताकत बन गया।” मैं बस मुस्कुरा देती हूं, क्योंकि सच इससे बिल्कुल अलग है। ट्रॉमा ने मुझे मजबूत नहीं बनाया। उसने मुझे तोड़ा, मुझसे मेरा बहुत कुछ छीन लिया। ऐसे घाव दिए जो किसी को दिखाई नहीं देते। और मुझे अपने ही उन रूपों का शोक मनाना पड़ा, जो अब कभी पूरी तरह लौटकर नहीं आएंगे।’ भावुक पोस्ट के आखिर में सेलिना ने लिखा है, ‘अगर आज लोग मेरी ताकत की तारीफ करते हैं, तो वह दर्द की देन नहीं है। वह ताकत मेरी अपनी है। हर बार, हर टूटन के बाद, खुद को फिर से उठाने का फैसला मेरा था। हर उस अंधेरे के सामने खड़े होने का फैसला मेरा था, जो मुझे मिटा देना चाहता था।’ ‘शायद सबसे मजबूत लोग वे नहीं होते, जो कभी टूटते ही नहीं। सबसे मजबूत तो वे होते हैं, जो टूटते रहने के बावजूद, हर बार फिर से, खुद को जोड़ने, संभालने और जीने का फैसला करते हैं।’ जानिए क्या है सेलिना जेटली का पूरा विवाद सेलिना जेटली ने 2010 में पीटर हाग से शादी की थी। उन्होंने 2012 में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। 5 साल बाद उन्हें फिर जुड़वां बच्चे हुए, जिनमें से एक शमशेर (हाग) की हाइपोप्लास्टिक हार्ट कंडीशन के चलते मौत हो गई। फिलहाल सेलिना के तीन बच्चे विंस्टन, विराज और आर्थर हैं। सितंबर 2025 में सेलिना ने आरोप लगाया था कि उन्हें शादी की 15वीं सालगिरह के तोहफे के बहाने पोस्ट ऑफिस ले जाकर तलाक का नोटिस थमाया गया। इसके बाद सेलिना ने मुंबई लौटकर पिछले साल नवंबर 2025 में अंधेरी कोर्ट में पीटर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। याचिका में सेलिना ने आरोप लगाया था कि उनके पति ने उन्हें काम करने से रोका, आर्थिक रूप से कमजोर किया और मुंबई स्थित घर अपने नाम करवाने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि यह सब उस समय हुआ, जब वह अपने नवजात बच्चे और माता-पिता की मौत के बाद डिप्रेशन से गुजर रही थीं। एक्ट्रेस ने अपने पति पर इमोशनल, फिजिकल, सेक्सुअल, वर्बल और फाइनेंशियल अब्यूज का भी आरोप लगाया। उनका दावा किया कि उन्हें ऑस्ट्रिया में अपना घर छोड़कर भारत लौटने के लिए मजबूर किया गया और तब से उन्हें अपने बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। दिवंगत बेटे की कब्र पर पहुंचीं सेलिना मई में तलाक की सुनवाई के लिए ऑस्ट्रिया गई सेलिना अपने दिवंगत बेटे शमशेर (हाग) की कब्र पर जाकर फूट-फूटकर रोईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर लिखा, ‘मेरे पास दुनिया को अपना एक मां के रूप में दर्द दिखाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था, इसलिए मुझे यह दिल तोड़ देने वाला वीडियो शेयर करना पड़ा। मैं अपने तलाक की सुनवाई के लिए ऑस्ट्रिया में थी। ऑस्ट्रिया की अदालत में दिए गए वादे के बावजूद, मेरे बच्चों को, जिन्हें एक सीक्रेट जगह पर ले जाया गया था, वापस घर नहीं लाया गया।’ अब सेलिना ने मुआवजे के तौर पर 50 करोड़ रुपये की मांग की है। मुंबई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पीटर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसीलिए उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है ताकि उन पर नजर रखी जा सके। फिलहाल सेलिना भारत में कानूनी लड़ाई लड़कर अपने बच्चों की कस्टडी वापस पाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि पति ने उनके बच्चों को हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काया और उनसे मिलने से रोका। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Celina Jaitly Emotional Video | Divorce Custody Battle Children Update

40 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली इन दिनों तलाक और बच्चों की कस्टडी की कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने दावा किया था कि पति ने बच्चों को किसी सीक्रेट जगह छिपा दिया है, जिससे वो उनसे मिल न सकें। कुछ समय पहले एक्ट्रेस दिवंगत बेटे की कब्र पर फूट-फूटकर रोती दिखी थीं। अब उन्होंने बच्चों के साथ एक पुराना वीडियो शेयर कर लिखा है कि ट्रॉमा ने उनसे सब कुछ छीन लिया है। सेलिना जेटली ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से बच्चों के साथ मस्ती करते हुए एक पुराना वीडियो शेयर कर लिखा है, ‘लोग मुझे मजबूत कहते हैं, लेकिन सच यह है कि दर्द और सदमे (ट्रॉमा) ने मुझे कभी मजबूत नहीं बनाया। उन्होंने मुझे बार-बार तोड़ा, इतनी बार कि एक दिन मेरे पास खुद को जोड़ना सीखने के अलावा कोई रास्ता ही नहीं बचा। और जब-जब मुझे लगता है कि अब मैं संभल गई हूं, तभी कोई पुराना जख्म फिर से रिसने लगता है।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘बीते हुए पल अचानक लौट आते हैं। दिल फिर उसी दर्द से भर जाता है, जैसे वह दोबारा टूटने वाला हो। तब मैं रुक जाती हूं। शोर से थोड़ी दूर चली जाती हूं। अपने दर्द से कुछ पल के लिए दूरी बना लेती हूं, भागने के लिए नहीं,बल्कि खुद को बचाए रखने के लिए।’ ‘मैं अपने बिखरे हुए हिस्सों को फिर से समेटती हूं,एक गहरी सांस लेती हूं, और एक बार फिर खुद को ठीक करने की कोशिश शुरू कर देती हूं। अक्सर लोग कहते हैं, “तुम्हारा दर्द ही तुम्हारी ताकत बन गया।” मैं बस मुस्कुरा देती हूं, क्योंकि सच इससे बिल्कुल अलग है। ट्रॉमा ने मुझे मजबूत नहीं बनाया। उसने मुझे तोड़ा, मुझसे मेरा बहुत कुछ छीन लिया। ऐसे घाव दिए जो किसी को दिखाई नहीं देते। और मुझे अपने ही उन रूपों का शोक मनाना पड़ा, जो अब कभी पूरी तरह लौटकर नहीं आएंगे।’ भावुक पोस्ट के आखिर में सेलिना ने लिखा है, ‘अगर आज लोग मेरी ताकत की तारीफ करते हैं, तो वह दर्द की देन नहीं है। वह ताकत मेरी अपनी है। हर बार, हर टूटन के बाद, खुद को फिर से उठाने का फैसला मेरा था। हर उस अंधेरे के सामने खड़े होने का फैसला मेरा था, जो मुझे मिटा देना चाहता था।’ ‘शायद सबसे मजबूत लोग वे नहीं होते, जो कभी टूटते ही नहीं। सबसे मजबूत तो वे होते हैं, जो टूटते रहने के बावजूद, हर बार फिर से, खुद को जोड़ने, संभालने और जीने का फैसला करते हैं।’ जानिए क्या है सेलिना जेटली का पूरा विवाद सेलिना जेटली ने 2010 में पीटर हाग से शादी की थी। उन्होंने 2012 में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। 5 साल बाद उन्हें फिर जुड़वां बच्चे हुए, जिनमें से एक शमशेर (हाग) की हाइपोप्लास्टिक हार्ट कंडीशन के चलते मौत हो गई। फिलहाल सेलिना के तीन बच्चे विंस्टन, विराज और आर्थर हैं। सितंबर 2025 में सेलिना ने आरोप लगाया था कि उन्हें शादी की 15वीं सालगिरह के तोहफे के बहाने पोस्ट ऑफिस ले जाकर तलाक का नोटिस थमाया गया। इसके बाद सेलिना ने मुंबई लौटकर पिछले साल नवंबर 2025 में अंधेरी कोर्ट में पीटर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। याचिका में सेलिना ने आरोप लगाया था कि उनके पति ने उन्हें काम करने से रोका, आर्थिक रूप से कमजोर किया और मुंबई स्थित घर अपने नाम करवाने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि यह सब उस समय हुआ, जब वह अपने नवजात बच्चे और माता-पिता की मौत के बाद डिप्रेशन से गुजर रही थीं। एक्ट्रेस ने अपने पति पर इमोशनल, फिजिकल, सेक्सुअल, वर्बल और फाइनेंशियल अब्यूज का भी आरोप लगाया। उनका दावा किया कि उन्हें ऑस्ट्रिया में अपना घर छोड़कर भारत लौटने के लिए मजबूर किया गया और तब से उन्हें अपने बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। दिवंगत बेटे की कब्र पर पहुंचीं सेलिना मई में तलाक की सुनवाई के लिए ऑस्ट्रिया गई सेलिना अपने दिवंगत बेटे शमशेर (हाग) की कब्र पर जाकर फूट-फूटकर रोईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर लिखा, ‘मेरे पास दुनिया को अपना एक मां के रूप में दर्द दिखाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था, इसलिए मुझे यह दिल तोड़ देने वाला वीडियो शेयर करना पड़ा। मैं अपने तलाक की सुनवाई के लिए ऑस्ट्रिया में थी। ऑस्ट्रिया की अदालत में दिए गए वादे के बावजूद, मेरे बच्चों को, जिन्हें एक सीक्रेट जगह पर ले जाया गया था, वापस घर नहीं लाया गया।’ अब सेलिना ने मुआवजे के तौर पर 50 करोड़ रुपये की मांग की है। मुंबई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पीटर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसीलिए उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है ताकि उन पर नजर रखी जा सके। फिलहाल सेलिना भारत में कानूनी लड़ाई लड़कर अपने बच्चों की कस्टडी वापस पाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि पति ने उनके बच्चों को हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काया और उनसे मिलने से रोका। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
OMG-2 मैंने लिखी, क्रेडिट तक नहीं दिया:परेश रावल का दावा- सीक्वल नहीं थी, सलमान-अजय को लेना था, अक्षय को स्क्रिप्ट पसंद आई तो बिगड़ी बात

हेरा फेरी 3 से हुए अक्षय कुमार से विवाद के बीच परेश रावल ने दावा किया है कि उन्होंने ही फिल्म ओह माय गॉड 2 की स्क्रिप्ट लिखी थी, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया और उन्हें क्रेडिट भी नहीं दिया गया। विक्की लालवानी ने इंटरव्यू में परेश रावल से ओह माय गॉड 2 फिल्म न करने की वजह पूछी, तो उन्होंने कहा- ‘मैंने अमित राय (डायरेक्टर) के साथ रोड टू संगम की थी। मैं उनका प्रशंसक हूं। तो मैंने उनसे पूछा कि क्या कुछ और करने का सोचा है। मैंने उनसे कहा कि मेरे पास एक आइडिया है मिलकर करते हैं।’ ‘आइडिया था कि एक लड़का पकड़ा गया है, मास्टरबेट करते हुए, उसका वीडियो वायरल हुआ है, मजाक बन रहा है। उसके पिता खजुराहो का टूरिस्ट गाइड हैं। लेकिन अमित ने पिता को महाकाल का पुजारी भी दिखाने का सोचा। मैंने सेक्सोलॉजिस्ट फ्रेंड से 5-5 घंटे बैठकर इस पर चर्चा किया, जिससे ये आइडिया वल्गर न दिखे।’ सलमान-अजय को करना चाहते थे कास्ट आगे परेश रावल ने कहा, ‘फिर हमने एक बाइकर या सामान बेचने वाले शख्स का ऐसा कैरेक्टर जोड़ा, जो बीच-बीच में 4-5 सीन के लिए आएगा और नॉलेज देकर चला जाएगा। मैं अजय देवगन के पास गया बाइकर के रोल के लिए, सलमान खान के पास भी गया। अगर मैं अक्षय के पास जाता तो यही लगता कि ये ओह माय गॉड 2 बन रही है। विपुल शाह के पास भी गया, मीटिंग भी हुई। बाद में मेरे पास अमित का कॉल आया कि थोड़ी गड़बड़ हो गई है। मैंने पूछा ’क्या हुआ?’, तो उसने कहा, ‘वो लोग इस फिल्म में दिलचस्पी ले रहे हैं।’ जब पूछा गया कौन, तो उन्होंने कहा- ‘अक्षय को फिल्म करनी है।’ आगे परेश रावल ने कहा, ‘अमित ने अनजाने में या बेवकूफी में इस स्क्रिप्ट के ऊपर ओएमजी 2 लिख दिया था। जबकि हमें ओहएमजी जैसा आउट ऑफ द बॉक्स आइडिया करना था, ये ओएमजी 2 नहीं थी। उन लोगों ने अमित से स्क्रिप्ट ले ली। मैंने अमित से कहा कि ये फ्रैंचाइजी नहीं है। लेकिन मैं तुमसे झगड़ा नहीं कर सकता।’ अक्षय चाहते थे फिल्म करें परेश रावल परेश रावल ने बताया है कि अक्षय उनके पास आए और फिल्म करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इस पर परेश रावल ने कहा- ‘अगर ये सीक्वल होती, तो मैं फिल्म जरूर करता, दबाकर पैसे लेता, स्टोरी का क्रेडिट भी लेता। दुख की बात है कि मुझे तो स्टोरी का क्रेडिट भी नहीं मिला। मैं कहानीकार नहीं हूं, लेकिन कहानी का आइडिया परेश का था, ऐसा क्रेडिट भी नहीं दिया।’ परेश ने आगे बताया कि अक्षय कुमार जानते थे कि कहानी उन्होंने लिखी। करण जौहर को भी पता है, सोमेन मिश्रा, अश्विन वर्दे को भी पता है। सलमान खान को भी पता था। अमित राय ने ही डायरेक्ट की ओएमजी 2 परेश रावल के फिल्म से हटने के बाद उनकी स्क्रिप्ट पर बनी फिल्म को अमित राय ने ही डायरेक्ट किया। स्टोरी का क्रेडिट भी अमित राय को ही दिया गया। इसमें अक्षय कुमार, पंकज त्रिपाठी और यामी गौतम लीड रोल में रहे। ये फिल्म 2023 में रिलीज हुई और हिट रही, जिसे 2012 में आई ओएमजी की सीक्वल फिल्म है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म में कई बदलाव करवाए थे।
एयर इंडिया का नया एप लॉन्च:फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर होम स्क्रीन पर फ्री होटल-कैब की डिटेल मिलेगी, पेमेंट भी आसान होगा

एअर इंडिया ने सफर आसान बनाने के लिए अपने मोबाइल एप को नए फीचर्स के साथ अपडेट किया है। अब इस एप के जरिए न केवल टिकट बुकिंग पहले से कहीं ज्यादा तेजी से होगी, बल्कि फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर यात्रियों को एयरपोर्ट पर परेशान नहीं होना पड़ेगा। ऐसी किसी भी स्थिति में होटल में ठहरने और वहां तक जाने के लिए कैब की पूरी जानकारी सीधे एप की होम स्क्रीन पर ही मिलेगी। इसके साथ ही एप के पेमेंट सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है, जिससे टिकट बुक करना और पेमेंट करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है।
एयर इंडिया का नया एप लॉन्च:फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर होम स्क्रीन पर फ्री होटल-कैब की डिटेल मिलेगी, पेमेंट भी आसान होगा

एअर इंडिया ने सफर आसान बनाने के लिए अपने मोबाइल एप को नए फीचर्स के साथ अपडेट किया है। अब इस एप के जरिए न केवल टिकट बुकिंग पहले से कहीं ज्यादा तेजी से होगी, बल्कि फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर यात्रियों को एयरपोर्ट पर परेशान नहीं होना पड़ेगा। ऐसी किसी भी स्थिति में होटल में ठहरने और वहां तक जाने के लिए कैब की पूरी जानकारी सीधे एप की होम स्क्रीन पर ही मिलेगी। इसके साथ ही एप के पेमेंट सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है, जिससे टिकट बुक करना और पेमेंट करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। इन-हाउस बुकिंग इंजन से तेजी से बुक होंगे टिकट एयरलाइन ने नए अपडेट में खुद का तैयार किया हुआ इन-हाउस इंटरनेट बुकिंग इंजन जोड़ा है। इसकी मदद से ऐप का यूजर इंटरफेस पहले से कहीं ज्यादा तेज और रिस्पॉन्सिव हो गया है। अब यात्रियों को टिकट बुक करते समय ऐप के धीमे होने या अटकने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा और बुकिंग बेहद आसान हो जाएगी। भारतीय जरूरतों के हिसाब से पेमेंट सिस्टम में होंगे बदलाव एयर इंडिया के चीफ डिजिटल और टेक्नोलॉजी ऑफिसर सत्य रामासामी ने पीटीआई (PTI) को बताया कि ऐप का नया ‘पेमेंट ऑर्केस्ट्रेशन सिस्टम’ हमें भारत के लिहाज से कई तरह के नए तकनीकी बदलाव और इनोवेशन करने की सुविधा देगा। यह तकनीक नए फीचर्स को तेजी से लागू करने में मदद करेगी। इसके अलावा, इससे पेमेंट की परफॉर्मेंस में पारदर्शिता आएगी और बड़े पैमाने पर ट्रैफिक को संभालना आसान हो जाएगा। हर दिन 1 लाख से ज्यादा लोग करते हैं ऐप का इस्तेमाल एयर इंडिया द्वारा गुरुवार को जारी की गई एक रिलीज के मुताबिक, कंपनी का यह मोबाइल ऐप अब तक लगभग 1.7 करोड़ (17 मिलियन) बार डाउनलोड किया जा चुका है। इसके साथ ही, रोजाना 1 लाख से ज्यादा यात्री अपनी यात्रा से जुड़े कामों के लिए इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं। कंपनी का मानना है कि नया अपग्रेड ग्राहकों की जरूरतों पर तुरंत रिस्पॉन्स देने में मदद करेगा। टाटा ग्रुप के आने के बाद अब तक 140 से ज्यादा डिजिटल सिस्टम बदले गए घाटे में चल रही एयर इंडिया को जनवरी 2022 में टाटा ग्रुप ने अपने हाथ में लिया था। इसके बाद से ही एयरलाइन के कायाकल्प के लिए एक बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन प्लान चलाया जा रहा है। टाटा ग्रुप द्वारा टेकओवर किए जाने के बाद से अब तक कंपनी के 140 से अधिक डिजिटल सिस्टम्स को पूरी तरह से आधुनिक और अपग्रेड किया जा चुका है। ऐप का यह नया अपडेट भी इसी डिजिटल सुधार प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है।








