जापान में 780 साल पुराना पारंपरिक उत्सव:1 हजार किलो की झांकी उठाकर दौड़े युवा; 10 लाख पर्यटक जुटे

जापान के फुकुओका शहर में महामारियों से बचाव के लिए ‘हाकाता गियन यामाकासा’ उत्सव हुआ। इसकी शुरुआत 1241 में मानी जाती है। मान्यता है कि महामारी के दौरान बौद्ध भिक्षु शूइची कोकुशी (एन्नी) ने पूरे शहर में पवित्र जल का छिड़काव किया, जिसके बाद बीमारी थम गई। उसी घटना की स्मृति में यह परंपरा शुरू हुई। यह उत्सव यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत सूची में दर्ज है। इसे देखने के लिए करीब 10 लाख पर्यटक जुटे। उत्सव में दो तरह की झांकियां होती हैं। काजारीयामा करीब 10 मीटर ऊंचे, भव्य और सजावटी झांकी होती हैं, जिन्हें केवल प्रदर्शन के लिए रखा जाता है। वहीं काकियामा करीब 1 टन वजन की झांकी होती है, जिन्हें पुरुषों के समूह कंधों पर उठाकर शहर की सड़कों पर दौड़ते हैं। इन्हें बनाने में 55 लाख से 2 करोड़ रुपए तक खर्च होते हैं। इसके अलावा पारंपरिक पोशाक और अन्य व्यवस्थाओं पर भी लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। गर्मी की वजह से रास्ते में खड़े लोग धावकों पर ठंडा पानी डालते हैं। इससे शरीर ठंडा रहता है और धावकों का उत्साह भी बढ़ता है। दौड़ में हिस्सा लेने वाले पुरुष केवल पारंपरिक सूती जैकेट (मिजू-हैप्पी) और शिमेकोमी नामक विशेष लंगोट पहनते हैं। ऐसा इसलिए ताकि पानी पड़ने के बाद कपड़े भारी न हों और दौड़ने में आसानी रहे।
IT Professional Moonlighting Controversy | 7 Lakh Monthly Salary Stress

Hindi News Career IT Professional Moonlighting Controversy | 7 Lakh Monthly Salary Stress 2 मिनट पहले कॉपी लिंक हाल के दिनों में 29 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल रोहित अपनी मूनलाइटिंग जॉब की वजह से चर्चा में हैं। यह मामला एक पर्सनल फायनेंस पॉडकास्ट ‘फिक्स योर फाइनेंस से सामने आया। इसमें रोहित ने खुद को आईटी कर्मचारी बताया। इसके बाद सोशल मीडिया और मीडिया में रोहित और उसके काम की चर्चा होने लगी। रोहित की मासिक आय 7 लाख रोहित एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। शो के दौरान रोहित ने बताया कि वे एक भारतीय कंपनी में दिन में और एक अमेरिकन कंपनी में रात में काम करते हैं। दोनों नौकरियों से उनकी मासिक आय लगभग 7 लाख बताई गई है। उनका सालाना सैलरी पैकेज 84 लाख रुपए है। वे प्रतिदिन लगभग 16 घंटे काम करते हैं। उनके पास दो घर, एक कार और लगभग 80–82 लाख की बचत है। एक साथ करते हैं दो नौकरियां रोहित को डर है कि भविष्य में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के कारण आईटी नौकरियों पर असर पड़ सकता है। बचपन की आर्थिक कठिनाइयों के कारण वे फायनेंशियल इनसिक्योरिटी महसूस करते हैं। इसी वजह से वे लगातार दो नौकरियां कर रहे हैं, हालांकि इससे उन पर मानसिक और शारीरिक दबाव भी बढ़ा है। रोहित को पढ़ाने के लिए भाई ने छोड़ी पढ़ाई शो में रोहित ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी जहां दो बच्चों को एक साथ पढ़ाया जा सके। इसलिए उसके बड़े भाई ने पढ़ाई छोड़ दी ताकि रोहित पढ़ाई कर सके। उसे लगता है कि अगर अब वह परिवार की जरूरतें पूरी नहीं सका तो यह उसके लिए परिवार की हार जैसा होगा। 80 लाख की सेविंग के बाद भी परेशान रोहित ने कहा कि उसके पास 80 लाख रुपये की सेविंग्स है। उसने 84 लाख का घर लिया है और पिता बनने के बाद एक कार ली है। इन दोनों की हर महीने अच्छी-खासी ईएमआई जाती है। इस महंगाई के जमाने में 80 लाख की सेविंग्स के बाद भी रोहित अपनी आर्थिक सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। 7 – 8 करोड़ की बचत के बाद एक नौकरी छोड़ देंगे जब शर्मा ने रोहित से पूछा कि क्या वह अपने काम और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनाने के लिए अपनी किसी एक नौकरी को छोड़ने पर विचार करेंगे, तो रोहित ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया है। रोहित ने कहा – अगले 5 से 6 सालों में मैं 7 या 8 करोड़ रुपये बचाना चाहता हूं। फिर मैं वह नौकरी छोड़ दूंगा और सिर्फ अपनी अमेरिका वाली नौकरी जारी रखूंगा। मूनलाइटिंग वर्क क्या है? एक साथ कई नौकरियां करना मूनलाइटिंग होता है। यह एक पार्ट-टाइम जॉब या फ्रीलाइंसिंग वर्क होता है। क्योंकि इसमें काम लैपटॉप और इंटरनेट से हो सकता है। भारत में मूनलाइटिंग : भारत में मूनलाइटिंग पर कोई नेशनल लॉ नहीं है। इसकी अनुमति मुख्य रूप से रोजगार अनुबंध, कंपनी की HR नीति और लागू श्रम कानूनों पर निर्भर करती है। यदि कर्मचारी कंपनी की अनुमति के बिना प्रतिस्पर्धी कंपनी के लिए काम करता है या गोपनीय जानकारी साझा करता है, तो यह अनुबंध का उल्लंघन माना जा सकता है। मूनलाइटिंग का चलन कई दशकों से मौजूद है, लेकिन कोविड-19 के बाद (2020 से) और विशेष रूप से 2022 से भारत के आईटी सेक्टर में यह चर्चा का विषय बना। मूनलाइटिंग का उद्देश्य अतिरिक्त आय कमाना, नए कौशल सीखना या अनुभव प्राप्त करना है। ये खबर भी पढ़ें प्राइमरी स्कूल से बच्चों को मिलेगी सेक्स एजुकेशन:हफ्ते में 2 बार लगेगी 20 मिनट की क्लास; 26 सदस्यों के पैनल ने तैयार की रिपोर्ट भारत में सेक्स एजुकेशन स्कूलों के सिलेबस में शामिल होने जा रही है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह एक कमेटी की सिफारिश के अनुसार स्कूलों/कॉलेजों में कॉम्प्रिहेंसिव सेक्स एजुकेशन शुरू करने के लिए सहमत है। कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India-Japan Bullet Train Delay | Former Minister Hideki Makihara Statement

टोक्यो5 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत-जापान के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने भारतीय पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लिखा कि प्रोजेक्ट के लेट होने की सबसे बड़ी वजह भारत का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वे खुद इस प्रोजेक्ट से जुड़े रहे हैं और जापानी टीम ने पूरी मेहनत से काम किया, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए वादे पूरे नहीं किए। समझौते किए, फिर उनसे पीछे हट गए। आखिरी समय तक अपने हिसाब से शर्तें बदलते रहे। इसी वजह से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। ‘प्रधानमंत्री के दौरे से भी कोई नतीजा नहीं निकला’ माकिहारा के मुताबिक, प्रधानमंत्री ताकाइची के दौरे से भी कोई नतीजा नहीं निकला। जापान की प्रधामंत्री साने ताकाइची 1-3 जुलाई 2026 में भारत दौरे पर आई थी। इस दौरान दोनों देशों ने 129 समझौतों का ऐलान किया था। इन समझौतों का मकसद निवेश, उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, कौशल विकास और सप्लाई चेन सहयोग को मजबूत करना है। माकिहारा ने अपनी पोस्ट में टॉयो केइजाई ऑनलाइन की एक रिपोर्ट भी शेयर की। इसमें दावा किया गया है कि बुलेट ट्रेन के सबसे अहम सेफ्टी सिस्टम (सिग्नलिंग सिस्टम) में जापान को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें 100% यकीन है कि इस प्रोजेक्ट के आगे न बढ़ पाने की पूरी जिम्मेदारी भारतीय पक्ष की है। हालांकि, भारत सरकार या मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। 2017 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी के पूर्व PM शिंजो आबे ने 14 सितंबर 2017 को अहमदाबाद में इस प्रोजेक्ट का इनॉगरेशन किया था। दोनों शहरों के बीच 508 किमी का सफर बुलेट ट्रेन तीन घंटे में तय करेगी। अभी नॉर्मल ट्रेन से यह सफर तय करने में सात-आठ घंटे लगते हैं। रूट पर 12 स्टेशन मुंबई, ठाणे, विरार, भोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वड़ोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती हो सकते हैं। इनमें मुंबई स्टेशन अंडरग्राउंड होगा। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन में ₹88 हजार करोड़ जापानी निवेश मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की पहले अनुमानित लागत करीब ₹2 लाख करोड़ है। इसमें से लगभग ₹88 हजार करोड़ जापान दे रहा है। यह पैसा जापान की सरकारी एजेंसी JICA बेहद सस्ती शर्तों पर दे रही है। इस कर्ज पर सिर्फ 0.1% सालाना ब्याज लगेगा, इसे चुकाने के लिए 50 साल मिलेंगे और पहले 15 साल तक किस्त नहीं देनी होगी। जापान अब तक इस परियोजना के लिए 1,150 अरब येन (करीब ₹55 हजार करोड़) मंजूर कर चुका है। इसके अलावा वह बुलेट ट्रेन की शिंकानसेन तकनीक, ट्रेनिंग और तकनीकी विशेषज्ञता भी भारत को उपलब्ध करा रहा है। रूट का 7 किमी हिस्सा समुद्र के अंदर होगा 508 किमी के रूट में से 351 किमी हिस्सा गुजरात और 157 किमी हिस्सा महाराष्ट्र से गुजरेगा। कुल 92% यानी 468 किमी लंबा ट्रैक एलिवेटेड रहेगा। मुंबई में 7 किमी का हिस्सा समुद्र के अंदर होगा। 25 किमी का रूट सुरंग से गुजरेगा। 13 किमी हिस्सा जमीन पर होगा। बुलेट ट्रेन 70 हाईवे, 21 नदियां पार करेगी। 173 बड़े और 201 छोटे ब्रिज बनेंगे। शुरुआत 10 कोच वाली 35 बुलेट ट्रेनों से होगी। ये ट्रेनें रोजाना 70 फेरे लगाएंगी। एक बुलेट ट्रेन में 750 लोग बैठ सकेंगे। बाद में 1200 लोगों के लिए 16 कोच हो जाएंगे। 2050 तक इन ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 105 करने का प्लान है। ——————— ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- सुजुकी दो-तिहाई कारें भारत में बना रही:जापान की मदद से देश में खाद के 1000 कारखाने लगेंगे; PM ताकाइची को बहन कहा भारत और जापान ने आर्थिक साझेदारी को नई रफ्तार देने का फैसला किया है। भारत-जापान जॉइंट इकोनोमिक फोरम में प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी कंपनियों की दिक्कतें दूर करने के लिए ‘जापान बिजनेस वीक’ शुरू करने का ऐलान किया। इसके तहत PMO के सीनियर अधिकारी सीधे जापानी निवेशकों से बातचीत करेंगे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India-Japan Bullet Train Delay | Former Minister Hideki Makihara Statement

टोक्यो13 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत-जापान के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लिखा कि प्रोजेक्ट के लेट होने की सबसे बड़ी वजह भारतीय मंत्री का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वे खुद इस प्रोजेक्ट से जुड़े रहे हैं और जापानी टीम ने पूरी मेहनत से काम किया, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए वादे पूरे नहीं किए। समझौते किए, फिर उनसे पीछे हट गए। आखिरी समय तक अपने हिसाब से शर्तें बदलते रहे। इसी वजह से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। ‘प्रधानमंत्री के दौरे से भी कोई नतीजा नहीं निकला’ माकिहारा के मुताबिक, प्रधानमंत्री के दौरे से भी कोई नतीजा नहीं निकला। दरअसल, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 1-3 जुलाई 2026 में भारत दौरे पर आई थी। इस दौरान दोनों देशों ने 129 समझौतों का ऐलान किया था। इन समझौतों का मकसद निवेश, उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, कौशल विकास और सप्लाई चेन सहयोग को मजबूत करना है। भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची माकिहारा ने अपनी पोस्ट में टॉयो केइजाई ऑनलाइन की एक रिपोर्ट भी शेयर की। इसमें दावा किया गया है कि बुलेट ट्रेन के सबसे अहम सेफ्टी सिस्टम (सिग्नलिंग सिस्टम) में जापान को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें 100% यकीन है कि इस प्रोजेक्ट के आगे न बढ़ पाने की पूरी जिम्मेदारी भारतीय पक्ष की है। हालांकि, भारत सरकार या मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। 2017 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी के पूर्व PM शिंजो आबे ने 14 सितंबर 2017 को अहमदाबाद में इस प्रोजेक्ट का इनॉगरेशन किया था। दोनों शहरों के बीच 508 किमी का सफर बुलेट ट्रेन तीन घंटे में तय करेगी। अभी नॉर्मल ट्रेन से यह सफर तय करने में सात-आठ घंटे लगते हैं। रूट पर 12 स्टेशन मुंबई, ठाणे, विरार, भोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वड़ोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती हो सकते हैं। इनमें मुंबई स्टेशन अंडरग्राउंड होगा। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन में ₹88 हजार करोड़ जापानी निवेश मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की पहले अनुमानित लागत करीब ₹2 लाख करोड़ है। इसमें से लगभग ₹88 हजार करोड़ जापान दे रहा है। यह पैसा जापान की सरकारी एजेंसी JICA बेहद सस्ती शर्तों पर दे रही है। इस कर्ज पर सिर्फ 0.1% सालाना ब्याज लगेगा, इसे चुकाने के लिए 50 साल मिलेंगे और पहले 15 साल तक किस्त नहीं देनी होगी। जापान अब तक इस परियोजना के लिए 1,150 अरब येन (करीब ₹55 हजार करोड़) मंजूर कर चुका है। इसके अलावा वह बुलेट ट्रेन की शिंकानसेन तकनीक, ट्रेनिंग और तकनीकी विशेषज्ञता भी भारत को उपलब्ध करा रहा है। रूट का 7 किमी हिस्सा समुद्र के अंदर होगा 508 किमी के रूट में से 351 किमी हिस्सा गुजरात और 157 किमी हिस्सा महाराष्ट्र से गुजरेगा। कुल 92% यानी 468 किमी लंबा ट्रैक एलिवेटेड रहेगा। मुंबई में 7 किमी का हिस्सा समुद्र के अंदर होगा। 25 किमी का रूट सुरंग से गुजरेगा। 13 किमी हिस्सा जमीन पर होगा। बुलेट ट्रेन 70 हाईवे, 21 नदियां पार करेगी। 173 बड़े और 201 छोटे ब्रिज बनेंगे। शुरुआत 10 कोच वाली 35 बुलेट ट्रेनों से होगी। ये ट्रेनें रोजाना 70 फेरे लगाएंगी। एक बुलेट ट्रेन में 750 लोग बैठ सकेंगे। बाद में 1200 लोगों के लिए 16 कोच हो जाएंगे। 2050 तक इन ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 105 करने का प्लान है। ——————— ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- सुजुकी दो-तिहाई कारें भारत में बना रही:जापान की मदद से देश में खाद के 1000 कारखाने लगेंगे; PM ताकाइची को बहन कहा भारत और जापान ने आर्थिक साझेदारी को नई रफ्तार देने का फैसला किया है। भारत-जापान जॉइंट इकोनोमिक फोरम में प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी कंपनियों की दिक्कतें दूर करने के लिए ‘जापान बिजनेस वीक’ शुरू करने का ऐलान किया। इसके तहत PMO के सीनियर अधिकारी सीधे जापानी निवेशकों से बातचीत करेंगे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Shweta Tiwari Slams Cockroach Janata Party Over Sonam Wangchuk Controversy

17 मिनट पहले कॉपी लिंक जहां कई बॉलीवुड सेलेब्स कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ एक्ट्रेस श्वेता तिवारी इस पार्टी पर भड़क गईं। उन्होंने कहा कि ये पार्टी सोनम वांगचुक का इस्तेमाल अपने एंजेंडा के लिए कर रही है। श्वेता तिवारी ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है, सोनम वांगचुक एक सच्चे और बेहद महत्वपूर्ण उद्देश्य के लिए लड़ रहे हैं, शिक्षा और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए। उनका यह उद्देश्य ध्यान देने योग्य है और सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। आगे एक्ट्रेस ने लिखा, ‘मैं साथ ही ये भी साफ करना चाहती हूं कि मैं कॉकरोच जनता पार्टी के साथ नहीं हूं और न ही उनका समर्थन करती हूं। जिस तरह से वे इस मुद्दे को संभाल रहे हैं, उससे मैं सहमत नहीं हूं। मुझे लगता है कि वे सोनम वांगचुक के आंदोलन का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। मैं इस तरीके का समर्थन नहीं करती।’ ‘मेरा समर्थन सिर्फ सोनम वांगचुक और उस उद्देश्य के लिए है, जिसके लिए वे संघर्ष कर रहे हैं। किसी भी राजनीतिक दल या संगठन के लिए नहीं, जो इससे फायदा उठाना चाहता हो।’ विवेक ऑबेरॉय सोनम के सवाल पर बोले- अभिनेता हूं, नेता नहीं हाल ही में विवेक ऑबेरॉय से सोनम वांगचुक और उनके अनशन पर सवाल किया गया, तो एक्टर ने मुद्दे पर राय रखने की बजाए कहा, ‘मैं अभिनेता हूं, नेता नहीं हूं, मैं पॉलिटिकल चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता।’ विवेक का ये बयान सामने आने के बाद कई लोग उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कई बॉलीवुड सेलेब्स बढ़-चढ़कर सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में उतरे हैं। आमिर खान बोले- उनके लिए चिंतित हूं लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में फिल्म लगान की स्क्रीनिंग के दौरान आमिर खान से सोनम वांगचुक के अनशन पर बात करते हुए चिंता व्यक्त की है। किरण राव ने किया कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन आमिर खान से पहले उनकी पूर्व पत्नि किरण राव ने सोनम वांगचुक का सपोर्ट किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘मैं सोनम वांगचुक, अभिजीत डिपके, CJP और इस देश के उन सभी नागरिकों, युवा और बुजुर्ग, के साथ एकजुटता से खड़ा हूं, जो हमारे छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। सोनम जी, नेहा, मनीष, अमीन और उन सभी लोगों को मेरा सलाम, जिन्होंने न्याय सुनिश्चित करने के लिए भूख हड़ताल शुरू की है। हमें इस बात का एहसानमंद होना चाहिए कि आपने हमें हमारी उदासीनता से जगाया और याद दिलाया कि हर आवाज मायने रखती है।’ 3 इडियट्स में चतुर बने ओमी वैद्य बोले- नहीं चाहता वो मरें सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के 16वें दिन ‘3 इडियट्स’ में चतुर रामलिंगम का किरदार निभा चुके ओमी वैद्य ने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘मैं अक्सर ऐसे वीडियो नहीं बनाता, इसलिए मेरी बात ध्यान से सुनिए। क्या आपको पता है कि 3 इडियट्स में आमिर खान का किरदार फुंसुख वांगडू असल जिंदगी के लद्दाख के इंजीनियर, इनोवेटर, शिक्षक और समाज सुधारक सोनम वांगचुक से प्रेरित था? मैं उनसे मिल चुका हूं। वह बहुत ही दिलचस्प और सादगी पसंद इंसान हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी में कई बेहतरीन काम किए हैं। इसलिए मैं आपसे कहूंगा कि उनके बारे में जानिए और देखिए कि इस समय वह क्या कर रहे हैं। फिलहाल सोनम वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं। कई हफ्ते बीत चुके हैं और उनका ब्लड शुगर काफी कम हो गया है।’ ‘यह बहुत गंभीर मामला है। वह भूख हड़ताल क्यों कर रहे हैं? क्योंकि उन्हें भारत की शिक्षा व्यवस्था, लद्दाख से जुड़े कुछ मुद्दों और पर्यावरण की चिंता है। आप उनकी बात से सहमत हों या नहीं, लेकिन मैं इतना जरूर कहना चाहता हूं कि मैं नहीं चाहता कि यह इंसान मर जाए। मेरे लिए वह एक प्रेरणादायक व्यक्ति हैं और मैं चाहता हूं कि वह सुरक्षित रहें और जिंदा रहें।’ सोनाक्षी बोलीं- अब चुप रहना संभव नहीं एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि देश के युवा अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे पर संवाद शुरू नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि वह भी देश की युवा हैं और देश का भला चाहती हैं, इसलिए उन्होंने अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखने का फैसला किया। उन्होंने यह भी कहा, “मैं बस यह पूछना चाहती हूं कि यह कब काफी होगा? जब ये लोग मर जाएंगे, तब क्या आप जागेंगे? और इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? जो हो रहा है, वह सही नहीं है। मैं बस यही कहना चाहती हूं।” एक्ट्रेस फातिमा सना शेख ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब 19 दिन हो चुके हैं और किसी की बात सुनने के लिए इतना इंतजार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक जैसे व्यक्ति, जिन्होंने देश के लिए काफी योगदान दिया है, उन्हें अपनी बात रखने के लिए अपनी सेहत दांव पर नहीं लगानी चाहिए। फातिमा ने कहा कि राजनीतिक विचार चाहे जो भी हों, छात्रों के भविष्य की रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए निकले और सोनम वांगचुक की सेहत सुरक्षित रहे। उन्होंने युवाओं के बेहतर भविष्य के समर्थन की भी अपील की। फातिमा सना शेख की पोस्ट। कॉमेडियन समय रैना ने भी सोनम वांगचुक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि वह उम्मीद और प्रार्थना कर रहे हैं कि वांगचुक सुरक्षित रहें और इस पूरे मामले का समाधान जल्द बातचीत के जरिए निकले। समय रैना की पोस्ट। सुरेंद्र शर्मा ने सोनम वांगचुक से की अपील कवि सुरेंद्र शर्मा ने सोनम वांगचुक के नाम एक वीडियो मैसेज जारी किया। उन्होंने वांगचुक से आमरण अनशन खत्म करने की भावुक अपील की। शर्मा ने कहा कि देश को सोनम वांगचुक जैसे नेतृत्व की जरूरत है, इसलिए किसी मंत्री के इस्तीफे के लिए अपनी जान दांव पर नहीं लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश किसी एक इस्तीफे से बड़ा होता है और करोड़ों युवा आज वांगचुक को अपनी आवाज मानते हैं। शर्मा ने कहा कि अगर उन्हें कुछ हुआ तो युवाओं की उम्मीद टूट जाएगी। अंत में उन्होंने वांगचुक से देशहित में अनशन खत्म कर संघर्ष जारी रखने
दावा- BLA ने पाकिस्तान के 45 सैनिकों को मारा:बलूचिस्तान में काफिले को बनाया निशाना, क्वेटा-कराची हाइवे से गुजर रहे थे

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने मस्तुंग जिले में पाकिस्तान सेना के एक काफिले पर हमला किया है। इस हमले में 45 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है, जबकि दर्जनों जवान घायल हुए हैं। यह घटना गुरुवार को क्वेटा-कराची हाइवे पर खदकुचा के पास हुई। पाकिस्तान सेना ने काफिले पर हमले की पुष्टि की है, लेकिन हताहत हुए जवानों की संख्या पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। BLA प्रवक्ता जियांद बलूच ने बयान जारी कर बताया कि इस हमले में काफिले, सुरक्षा टीम और बाद में पहुंची सेना की टुकड़ियों को निशाना बनाया गया। BLA ने इस हमले को ‘फतेह स्क्वाड’ द्वारा अंजाम दिया गया एक सुनियोजित और जबरदस्त हमला बताया है।
दावा- BLA ने पाकिस्तान के 45 सैनिकों को मारा:बलूचिस्तान में काफिले को बनाया निशाना, बचाव में पहुंची टुकड़ी पर भी अटैक

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने मस्तुंग जिले में पाकिस्तान सेना के एक काफिले पर हमला किया है। इस हमले में 45 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है, जबकि दर्जनों जवान घायल हुए हैं। यह घटना गुरुवार को क्वेटा-कराची हाइवे पर खदकुचा के पास हुई। पाकिस्तान सेना ने काफिले पर हमले की पुष्टि की है, लेकिन हताहत हुए जवानों की संख्या पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। BLA प्रवक्ता जियांद बलूच ने बयान जारी कर बताया कि इस हमले में काफिले, सुरक्षा टीम और बाद में पहुंची सेना की टुकड़ियों को निशाना बनाया गया। BLA ने इस हमले को ‘फतेह स्क्वाड’ द्वारा अंजाम दिया गया एक सुनियोजित और जबरदस्त हमला बताया है। बचाव के लिए पहुंचे सैनिकों पर भी हमला BLA का दावा है कि हमले में सैनिकों को ले जा रही बसों के काफिले को निशाना बनाया गया। इसके अलावा काफिले की सुरक्षा में तैनात सैनिकों और बाद में मौके पर पहुंची अतिरिक्त सैन्य टुकड़ी पर भी हमला किया गया। संगठन के मुताबिक, इसके बाद इलाके में काफी देर तक मुठभेड़ चली। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह हाल के वर्षों में बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर हुए सबसे घातक हमलों में से एक माना जाएगा। सीमित रास्तों का उठाता है BLA फायदा बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा, लेकिन सबसे कम आबादी वाला प्रांत है। यहां रेगिस्तान और पहाड़ों के बीच सेना की आवाजाही के लिए गिनी-चुनी मुख्य सड़कें ही हैं। ऐसे में सैनिकों के काफिलों को बार-बार उन्हीं रास्तों से गुजरना पड़ता है। इसका फायदा उठाकर उग्रवादी पहले से उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हैं और ऐसे स्थान चुनते हैं, जहां घात लगाकर हमला करना आसान हो और सेना के लिए जवाबी कार्रवाई करना मुश्किल हो।
Vicky Kaushal Shares Birthday Photo With Katrina Kaif

3 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस कैटरीना कैफ ने गुरुवार को मां बनने के बाद अपना पहला जन्मदिन मनाया। इस मौके पर उनके पति और अभिनेता विक्की कौशल ने सोशल मीडिया पर उनके घर के सेलिब्रेशन की एक फोटो शेयर की है। फोटो में विक्की कैटरीना को गले लगाते नजर आ रहे हैं। विक्की ने इस पोस्ट के साथ हिंदी में लिखा, “जान का जन्मदिन”। दोनों ने इस बार अपना जन्मदिन काफी सिंपल तरीके से घर पर ही परिवार के साथ मनाया है। व्हाइट और गोल्ड बैलून के बीच काटा केक शेयर किए गए फोटो में कैटरीना के हाथ में केक का एक टुकड़ा है और वे मुस्कुरा रही हैं। बैकग्राउंड में व्हाइट और गोल्ड कलर के बैलून लगे हैं और साथ ही ‘हैप्पी बर्थडे’ का बैनर भी दिख रहा है। दोनों ने इस खास दिन पर सिंपल कपड़े पहने थे। कैटरीना ने ब्लू डेनिम ड्रेस पहनी थी और विक्की ने व्हाइट शर्ट के साथ डार्क ट्राउजर पहना था। पिछले साल नवंबर में हुआ बेटे विहान का जन्म कैटरीना और विक्की पिछले साल नवंबर में एक बेटे के माता-पिता बने हैं। दोनों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके फैंस को यह जानकारी दी थी। इसके बाद 7 जनवरी 2026 को उन्होंने अपने बेटे के नाम का खुलासा किया था। उन्होंने अपने बेटे का नाम विहान कौशल रखा है। मां बनने के बाद कैटरीना का यह पहला जन्मदिन था। सलमान के सामने किया था प्रपोज विक्की और कटरीना की जोड़ी बनवाने में करण जौहर की काफी अहम भूमिका है। जब करण ने अपने टॉक शो ‘कॉफी विद करण’ पर कटरीना से सवाल पूछा था कि वो आगे किसके साथ काम करना पसंद करेंगी, तब उसके जवाब में कटरीना ने विक्की का नाम लिया था। ये बात करण ने जब विक्की को बताई तो वो इसे सुन कर दिल पर हाथ रखकर ‘बेहोश’ होने लगे। फिर विक्की ने कटरीना को साल 2019 में स्टार स्क्रीन अवॉर्ड के दौरान सरेआम शादी का प्रस्ताव दिया था। विक्की ने कहा था कि मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं, शादियों का मौसम चल रहा है आप भी एक विक्की कौशल को ढूंढकर उससे शादी क्यों नहीं कर लेतीं। उसके बाद कटरीना से विक्की ने सीधे पूछ लिया कि मुझसे शादी करोगी। इस पर एक्ट्रेस ने कहा- हिम्मत नहीं है। हैरानी की बात तो ये थी कि ये सब सलमान खान की मौजूदगी में हो रहा था, जहां उनके एक्सप्रेशन देखने लायक थे। इस वक्त तो सभी ने इसे अवॉर्ड नाइट में एक्टर और होस्ट के बीच का मस्ती-मजाक समझकर नजरंदाज कर दिया, लेकिन फिर जल्द ही दोनों कई मौकों पर साथ नजर आने लगे। साल 2019 के आईफा अवॉर्ड, जी सिने अवॉर्ड फंक्शन में भी दोनों साथ ही पहुंचे थे और साथ बैठे थे। कई बार विक्की को कटरीना के घर में भी स्पॉट किया गया। जल्द ही एक ही हुडी पहनने और एक ही बैकग्राउंड की तस्वीरें पोस्ट करते हुए दोनों के अफेयर की चर्चाएं बढ़ने लगीं। एक फोटो से खुला रिलेशनशिप का राज कटरीना ने सोशल मीडिया अकाउंट से एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें वो पीली टी-शर्ट पहने एक शख्स को गले लगाए दिखीं। तस्वीर इतनी क्रॉप थी कि सिर्फ टी-शर्ट का जेब ही दिख रहा था। कुछ समय बाद विक्की ने वही पीली टी-शर्ट पहने हुए तस्वीर पोस्ट की, लेकिन तब कटरीना ने अपनी फोटो डिलीट कर दी। तस्वीरें जल्द ही वायरल हो गईं और दोनों का रिश्ता ऑफिशियल हो गया। तभी रिपोर्ट्स आईं कि कपल ने डायरेक्टर कबीर खान के घर में रोका कर लिया है। कई अटकलों के बीच विक्की-कटरीना ने 9 दिसंबर 2021 में सवाई माधोपुर के सिक्स सेंस रिसोर्ट में डेस्टिनेशन वेडिंग की, जिसमें चंद करीबी ही शामिल हुए। देखिए शादी की तस्वीरें- शादी के 3 साल बाद 7 नवंबर 2025 में कटरीना ने बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम विहान रखा गया है। फिलहाल कटरीना और विक्की ने बेटे की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की हैं। कटरीना कैफ आखिरी बार 2024 की फिल्म मैरी क्रिसमस में विजय सेतुपति के साथ नजर आई हैं। इन दिनों कटरीना मदरहुड एन्जॉय कर रही हैं और अपने ब्यूटी ब्रांड पर फोकस कर रही हैं। छावा की सफलता के बाद ‘लव एंड वॉर’ में दिखेंगे विक्की वर्क फ्रंट की बात करें तो विक्की कौशल की साल 2025 में आई ऐतिहासिक फिल्म ‘छावा’ बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही थी। लक्ष्मण उतेकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में 807 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था। अब विक्की जल्द ही संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में नजर आएंगे। इस फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर और आलिया भट्ट भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। वहीं कैटरीना कैफ आखिरी बार फिल्म ‘मेरी क्रिसमस’ में नजर आई थीं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Gold Silver Price Drop | India Market Rates Today Update

नई दिल्ली16 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमतों में 17 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 415 रुपए गिरकर 1,41,264 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 16 जुलाई को यह 1,41,679 लाख पर था। वहीं, एक किलो चांदी 797 रुपए घटकर 2,16,637 रुपए पर आ गई है, जो गुरुवार को 2,17,434 लाख रुपए पर थी। सोना के दाम इस हफ्ते 2,104 रुपए और चांदी के दाम 3,753 रुपए गिरे हैं। 10 जुलाई को सोना ₹1,43,368 10 ग्राम और चांदी ₹2,20,390 किलो थी। देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,42,680 मुंबई ₹1,42,530 कोलकाता ₹1,42,530 चेन्नई ₹1,42,910 जयपुर ₹1,42,680 भोपाल ₹1,42,580 पटना ₹1,42,580 लखनऊ ₹1,42,680 रायपुर ₹1,42,530 अहमदाबाद ₹1,42,580 सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
डीपसीक के सीईओ बने सबसे अमीर एआई स्टार्टअप फाउंडर:8वीं में कॉलेज मैथ्स सुलझाने वाले लियांग अब 3.47 लाख करोड़ के मालिक हैं

चीन की एआई कंपनी डीपसीक के संस्थापक और सीईओ लियांग वेनफेंग (41) दुनिया के सबसे अमीर एआई स्टार्टअप फाउंडर बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, कंपनी के नए फंडिंग राउंड के बाद उनकी नेटवर्थ करीब 3.47 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई है, जो पहले 1.61 लाख करोड़ रुपए थी। इस बढ़ोतरी के साथ वे ओपनएआई के को-फाउंडर ग्रैग ब्रोकमैन और एंथ्रोपिक के फाउंडर व सीईओ डारियो अमोदेई से आगे निकल गए हैं। पढ़िए लियांग के जीवन से जुड़े किस्से… लगन- एआई मॉडल में इतना डूबे कि अधूरे घर में टेंट लगाकर रहने लगे थे लियांग हर मशीन को समझने की जिद लियांग बचपन से जिज्ञासु थे। स्कूल में जो भी कंप्यूटर या इलेक्ट्रॉनिक मशीन हाथ लगती, उसे खोलकर ठीक करने लगते। कई बार पुर्जे निकालने और उसे ठीक करने के चक्कर में घरवालों और शिक्षकों की डांट भी खाई, लेकिन आदत नहीं बदली। यही जिद आगे एआई चिप बनाने में उनके काम आई। स्कूल में बन गए मैथ जीनियस वे आठवीं में ही कॉलेज स्तर का गणित पढ़ने लगे। एक बार शिक्षक ने कॉलेज लेवल का सवाल देकर परखा, लेकिन लियांग ने कुछ मिनटों में उसका हल निकाल दिया। इसके बाद उन्हें स्कूल में ‘मैथ जीनियस’ कहा जाने लगा। इसमें माता-पिता का काफी रोल है। पेशे से शिक्षक लियांग के माता-पिता ने कभी बेटे के रिजल्ट या रैंक पर ज्यादा जोर नहीं दिया। वे बस यही पूछते ‘आज क्या नया सीखा?’ या ‘कौन-सी नई समस्या हल की?’ वे जवाब याद करने से ज्यादा सवालों के हल खोजते थे। चिप्स पर लगाया दांव 2019 में जब कंपनियां एआई को गंभीरता से नहीं ले रही थीं, तब लियांग ने एआई मॉडल बनाने के लिए 10 हजार चिप खरीदी। लोगों ने इसे मूर्ख व फिजूलखर्ची बताया। लियांग ने कहा, ‘एआई के दौर में चिप्स नहीं मिलेंगी।’ बाद में लोगों को यह बात समझ आई। एआई मॉडल में इतना डूबे कि अधूरे घर में टेंट लगाकर रहते थे इंजीनियरिंग में मास्टर्स लियांग काम को लेकर इतने जुनूनी थे कि नया घर खरीदने के बाद भी उसे पूरा नहीं कराया। उनका पूरा ध्यान कोड और एआई मॉडल बनाने पर था। रहने के लिए उन्होंने अधूरे मकान के अंदर ही एक टेंट लगा लिया और वहीं रातें बिताने लगे। कुछ साल बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। 2025 में डीपसीक की सफलता के बाद चीनी नववर्ष पर उनके गांव मिलिलिंग में स्वागत के पोस्टर लग गए। तब लियांग नहीं मिले तो लोग उनके दादा के साथ ही फोटो खिंचवाकर लौट जाते।








