Wednesday, 22 Jul 2026 | 03:59 AM

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वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने कनाडा पर 50% टैरिफ लगाया; 30 दिन बाद लागू होगा फैसला

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने कनाडा पर 50% टैरिफ लगाया; 30 दिन बाद लागू होगा फैसला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा से आयात होने वाले कई उत्पादों पर 50% नया टैरिफ लगाने का आदेश दिया है। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि कनाडा अमेरिकी शराब, ऑटोमोबाइल और डेयरी उत्पादों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार कर रहा है। नया टैरिफ 30 दिन बाद लागू होगा। व्हाइट हाउस के मुताबिक एनर्जी, पोटाश और पहले से सेक्टर-विशेष टैरिफ के दायरे में आने वाले उत्पादों को इससे बाहर रखा गया है। सबसे अहम बात यह है कि USMCA (अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा मुक्त व्यापार समझौता) के तहत आने वाले कई उत्पाद भी अब इस नए टैरिफ के दायरे में आएंगे। ट्रम्प ने इस फैसले के लिए 1930 के टैरिफ एक्ट की धारा-338 का इस्तेमाल किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहली बार इस प्रावधान के तहत टैरिफ लगाने का आदेश दिया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि उनकी सरकार अमेरिका के साथ बातचीत तेज करने के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका पहले भी USMCA का उल्लंघन करते हुए एकतरफा टैरिफ लगाता रहा है और कनाडा ने सिर्फ उसका जवाब दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फैसला अमेरिका-कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव और बढ़ा सकता है। अमेरिकी शराब उद्योग ने भी चिंता जताई है कि जवाबी कार्रवाई से दोनों देशों के कारोबार और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर असर पड़ सकता है।

Houthi Rebels Blockade Red Sea

Houthi Rebels Blockade Red Sea

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी7 मिनट पहले कॉपी लिंक यमन की राजधानी सना में ईरान-समर्थित हूथी विद्रोहियों के समर्थक रैली निकालते हुए। अमेरिका ने मंगलवार को लगातार 10वीं रात ईरान के दक्षिणी हिस्सों में हवाई हमले किए। ईरानी मीडिया के मुताबिक, सीरिक, बंदर अब्बास, क़ेश्म द्वीप, चाबहार और कोनारक समेत कई इलाकों में विस्फोट हुए। दूसरी ओर, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने हाल के घंटों में कुवैत के कैंप अरिफजान में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर तैनात HIMARS मिसाइल सिस्टम को निशाना बनाया। हालांकि, इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है। उधर, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया है। हूतियों ने कहा कि बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को सऊदी जहाजों के लिए बंद किया जाएगा और उनके सारे जहाज हमारे निशाने पर रहेंगे। यह जलमार्ग लाल सागर का एंट्री गेट है, जहां से दुनिया का करीब 10% वैश्विक व्यापार गुजरता है। ईरान जंग से जुड़े सभी अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 18 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान पर लगातार 10वीं रात अमेरिकी हमले अमेरिका ने सोमवार रात लगातार 10वीं बार ईरान के कई इलाकों पर हवाई हमले किए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीरिक, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप, चाबहार और कोनारक के आसपास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों की मौत का ईरान को कई गुना ज्यादा जवाब दिया जाएगा। पिछले एक सप्ताह में कम से कम तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Australia Punjabi Truck Driver Racist Attack & Threats

Australia Punjabi Truck Driver Racist Attack & Threats

ऑस्ट्रेलिया में सप्लाई चेन और ट्रांसपोर्ट सेक्टर संभालने में भूमिका ड्राइवरों की अहम भूमिका है। ऑस्ट्रेलिया में रोजी-रोटी कमाने गए भारतीय खासकर पंजाबी मूल के ट्रक ड्राइवरों को नस्लीय दुर्व्यवहार, उत्पीड़न और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में पंजाबी बोलने पर ट्रक ड्राइवर पर थूका गया। रेडियो पर पत्नियों को गुलाम . ऑस्ट्रेलियाई मीडिया संस्थान ABC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय ड्राइवरों को पगड़ी पहनने और आपस में पंजाबी में बात करने पर लगातार निशाना बनाया जा रहा है। ऑस्ट्रेलियन ट्रकिंग एसोसिएशन (ATA) और नेशनल हेवी व्हीकल रेगुलेटर (NHVR) ने इस तरह के व्यवहार की निंदा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का मानसिक तनाव ड्राइवरों के स्वास्थ्य पर असर डालता है। इससे उनका ध्यान बंटता है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया ऑस्ट्रेलिया यात्रा के ठीक बाद ऑस्ट्रेलिया के के गृह मंत्री टोनी बर्क ने इस पूरे मामले पर कड़ी नाराजगी जताई है। एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में बर्क ने माना कि ऑस्ट्रेलियाई सड़कों और ट्रकों के अंदर इस्तेमाल होने वाले सीबी रेडियो पर भारतीय ड्राइवरों को निशाना बनाना एक कड़वी सच्चाई है। बता दें, ऑस्ट्रेलिया में 5 हजार के करीब पंजाबी मूल के ट्रक ड्राइवर हैं। ये वे लोग हैं, जिन्होंने सरकारी कागजों में अपनी मातृ भाषा पंजाबी लिखवाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि असल संख्या 7 से 8 हजार के करीब हो सकती है। सिख ड्राइवरों पर इस तरह की नस्लीय टिप्पणियां की जा रही हैं। धमकी भरे ऑडियो में क्या कहा गया इंस्टाग्राम पर यह ऑडियो क्रिएटर एगी (@babysoftarms) ने शेयर किया है। यह ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (ABC) की जांच का हिस्सा है। ट्रक ड्राइवरों के बीच रेडियो पर आमतौर पर सड़क सुरक्षा या रूट की बात होती है, लेकिन इस क्लिप में नफरत भरी आवाजें आ रही हैं। एक व्यक्ति कहता है- भारतीयों को मार डालो। श्वेत आदमी के लिए खड़े हो। गृह युद्ध आने वाला है। हम सभी भारतीय पुरुषों को मार डालेंगे, उनके बच्चों को पानी में डुबो देंगे और उनकी औरतों को गुलामी के लिए बेच देंगे। लहजे के आधार पर गालियां ABC की रिपोर्ट में कई भारतीय ड्राइवरों ने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई सड़कों पर नस्लवाद उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। एक ड्राइवर ने कहा कि अगर आपका लहजा ऑस्ट्रेलियाई है तो कोई समस्या नहीं, लेकिन अगर पंजाबी या भारतीय अंदाज में बोलते हो तो रेडियो पर भारी गालियां मिलती हैं। इन लगातार धमकियों से परेशान होकर कई भारतीय ड्राइवरों ने रेडियो का इस्तेमाल करना ही छोड़ दिया है। वे अब इस तरह की बातचीत से दूर रहते हैं। पंजाबी ड्राइवर जसविंदर बोपाराय अपनी बात बताते हुए। पंजाबी ड्राइवरों ने ये दिक्कतें बताईं… फोन पर पंजाबी बोली तो थूक दिया: ABC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय ड्राइवरों को पगड़ी पहनने और आपस में पंजाबी में बात करने पर लगातार निशाना बनाया जा रहा है। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में एक ट्रक स्टॉप पर 2 हफ्ते पहले जब एक पंजाबी ड्राइवर जसविंदर बोपाराय फोन पर अपनी पत्नी से पंजाबी में बात कर रहे थे, तो उस पर एक शख्स ने थूक दिया। थूकने से पहले उसे कहा कि ये ऑस्ट्रेलिया है, यहां इंग्लिश में बात करो। ये बात खुद बोपाराय ने मीडिया को बताई। नस्लीय दुर्व्यवहार झेलना पड़ रहा: उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी घटना है जिसे वह कभी नहीं भूल सकते, क्योंकि यह बेहद अपमानजनक थी। दो बच्चों के पिता और ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बोपाराय ने बताया कि परिवहन उद्योग में एक दशक से अधिक समय तक काम करने के दौरान उन्हें जितना नस्लीय दुर्व्यवहार अब झेलना पड़ रहा है, वह उनके पूरे करियर में सबसे खराब है। वह एक छोटी ट्रकिंग कंपनी संचालित करते हैं। नस्लीय टिप्पणियों के चलते छोड़ी नौकरी: अन्य ट्रक चालक नरिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने न्यूजीलैंड में 10 वर्षों तक ट्रक चलाने का अनुभव होने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया के माल परिवहन उद्योग में केवल 8 महीने काम करने के बाद नौकरी छोड़ दी। उन्होंने ABC को बताया कि उन्हें नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ा, पगड़ी पहनने को लेकर उनका मजाक उड़ाया गया और कार्यस्थल पर छोटी-छोटी गलतियों के बाद उन्हें बार-बार अपने देश वापस जाओ जैसी बातें कही गईं। ट्रक ड्राइवर पिप्पल सिंह ने रेडियो पर मिलने वाली धमकियों की बात बताई। रेडियो का गलत इस्तेमाल हो रहा: ट्रक चालक पिप्पल सिंह ने बताया कि उन्होंने सीबी रेडियो चैनलों पर भारतीयों के खिलाफ हिंसक धमकियां प्रसारित होते हुए सुनी हैं। इनक उपयोग ट्रक ड्राइवर आमतौर पर सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी शेयर करने के लिए करते हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई ड्राइवरों ने डर के मारे गाड़ी चलाते समय रेडियो ऑन करना ही बंद कर दिया है। रेडियो पर कहा जा रहा है कि जल्द ही गृहयुद्ध आएगा, हम सभी भारतीय पुरुषों को मार डालेंगे और बच्चों को डुबो देंगे। भारतीय ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए ऑस्ट्रेलियाई सरकार क्या कर रही हर बड़े शहर में बनेंगे प्रवासी मदद केंद्र: ऑस्ट्रेलिया के गृहमंत्री टोनी बर्क ने बताया कि सरकार ने ऑस्ट्रेलिया के सभी बड़े शहरों में माइग्रेंट वर्कर सपोर्ट सेंटर शुरू किए हैं। यहां वीजा या काम से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे प्रवासी ड्राइवर बिना किसी झिझक के गोपनीय तरीके से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नौकरी या वीजा छीनने की धमकी नहीं चलेगी: अक्सर देखा गया है कि शिकायत करने पर मालिक वीजा रद्द कराने की धमकी देते हैं। बर्क ने कहा कि नए नियमों के तहत अब शोषण की शिकायत करने वाले ड्राइवरों पर मालिक ऐसा दबाव नहीं बना पाएंगे। समाज को बांटने वाली राजनीति पर हमला: बर्क ने बिना नाम लिए दक्षिणपंथी पार्टियों (लिबरल, नेशनल और वन नेशन) के कुछ नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ नेता लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ भड़का रहे हैं, जिससे ऐसी नफरत फैल रही है। ऑस्ट्रेलिया एक ऑर्केस्ट्रा की तरह है, जहां हर संस्कृति की अपनी जगह गृहमंत्री टोनी बर्क ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया कभी किसी एक समाज का देश नहीं रहा है। हम एक ऑर्केस्ट्रा (संगीत मंडली) की तरह हैं। इसमें कई अलग-अलग तरह के यंत्र होते हैं, लेकिन जब सब मिलकर बजते हैं

E20 Fuel Engine Performance & LTCG Tax Update

E20 Fuel Engine Performance & LTCG Tax Update

नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर एथेनॉल से जुड़ी रही। सरकार ने कहा कि देश में 20% एथेनॉल मिला पेट्रोल यानी E20 फ्यूल से गाड़ियों के इंजन खराब होने या उनके अचानक बंद होने की कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं है। वहीं सरकार ने साफ कर दिया है कि घरेलू और रिटेल निवेशकों के लिए इक्विटी ट्रांजैक्शन पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को खत्म करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. संसद में सरकार बोली- E20 पेट्रोल से इंजन खराब नहीं: 23 करोड़ गाड़ियां बिना परेशानी चल रहीं, पुरानी गाड़ियों का माइलेज मामूली गिरा देश में 20% एथेनॉल मिला पेट्रोल यानी E20 फ्यूल से गाड़ियों के इंजन खराब होने या उनके अचानक बंद होने की कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं है। सरकार ने आज यानी 20 जुलाई को राज्यसभा यानी संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि देशभर में चल रहे 23 करोड़ से ज्यादा गाड़ियों के चलाने के अनुभवों और कई वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर यह निष्कर्ष निकला है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 फ्यूल से इंजन को नुकसान पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. अमेरिका-ईरान तनाव से ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर पार: एक हफ्ते में 16% बढ़ा; भारत में महंगाई का खतरा, रुपया-विदेशी निवेश पर दबाव ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल आज 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। तेल की बढ़ती कीमतों ने भारत में महंगाई और एनर्जी शॉक के जोखिम को बढ़ा दिया है। इससे भारतीय रुपए और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के फ्लो पर असर पड़ने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. शेयर बाजार के निवेशकों को LTCG टैक्स पर राहत नहीं: सरकार बोली- इसे हटाने का प्रस्ताव नहीं, जानें ये टैक्स क्या है और कब लगता है केंद्र सरकार ने आज यानी 20 जुलाई को साफ कर दिया है कि घरेलू और रिटेल निवेशकों के लिए इक्विटी ट्रांजैक्शन पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को खत्म करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। इस स्पष्टीकरण के साथ ही पिछले कुछ महीनों से बाजार के जानकारों और निवेशकों के बीच चल रही उस अटकलबाज़ी पर विराम लग गया है, जिसमें टैक्स हटाने की मांग की जा रही थी। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोक सभा में एक सवाल के लिखित उत्तर में यह स्पष्टीकरण दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. हाइब्रिड कारों के लिए MG नई ADAPT टेक्नोलॉजी लाई: एक ही कार में 4 ड्राइव ऑप्शन मिलेंगे, दुनिया का पहला ई-क्लच भी पेश किया SW MG मोटर इंडिया ने अपना नया एडवांस्ड प्लेटफॉर्म ‘ADAPT’ यानी एडवांस्ड ड्राइव आर्किटेक्चर प्लेटफॉर्म टेक्नोलॉजी रिवील कर दिया है। यह एक ऐसा न्यू एनर्जी व्हीकल प्लेटफॉर्म है, जिस पर कंपनी भविष्य में चार अलग-अलग तरह की गाड़ियां तैयार करेगी- इलेक्ट्रिक, प्लग-इन हाइब्रिड, रेंज-एक्सटेंडर और स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

E20 Fuel Engine Performance & LTCG Tax Update

E20 Fuel Engine Performance & LTCG Tax Update

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर एथेनॉल से जुड़ी रही। सरकार ने कहा कि देश में 20% एथेनॉल मिला पेट्रोल यानी E20 फ्यूल से गाड़ियों के इंजन खराब होने या उनके अचानक बंद होने की कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं है। वहीं सरकार ने साफ कर दिया है कि घरेलू और रिटेल निवेशकों के लिए इक्विटी ट्रांजैक्शन पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को खत्म करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. संसद में सरकार बोली- E20 पेट्रोल से इंजन खराब नहीं: 23 करोड़ गाड़ियां बिना परेशानी चल रहीं, पुरानी गाड़ियों का माइलेज मामूली गिरा देश में 20% एथेनॉल मिला पेट्रोल यानी E20 फ्यूल से गाड़ियों के इंजन खराब होने या उनके अचानक बंद होने की कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं है। सरकार ने आज यानी 20 जुलाई को राज्यसभा यानी संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि देशभर में चल रहे 23 करोड़ से ज्यादा गाड़ियों के चलाने के अनुभवों और कई वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर यह निष्कर्ष निकला है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 फ्यूल से इंजन को नुकसान पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. अमेरिका-ईरान तनाव से ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर पार: एक हफ्ते में 16% बढ़ा; भारत में महंगाई का खतरा, रुपया-विदेशी निवेश पर दबाव ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल आज 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। तेल की बढ़ती कीमतों ने भारत में महंगाई और एनर्जी शॉक के जोखिम को बढ़ा दिया है। इससे भारतीय रुपए और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के फ्लो पर असर पड़ने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. शेयर बाजार के निवेशकों को LTCG टैक्स पर राहत नहीं: सरकार बोली- इसे हटाने का प्रस्ताव नहीं, जानें ये टैक्स क्या है और कब लगता है केंद्र सरकार ने आज यानी 20 जुलाई को साफ कर दिया है कि घरेलू और रिटेल निवेशकों के लिए इक्विटी ट्रांजैक्शन पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को खत्म करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। इस स्पष्टीकरण के साथ ही पिछले कुछ महीनों से बाजार के जानकारों और निवेशकों के बीच चल रही उस अटकलबाज़ी पर विराम लग गया है, जिसमें टैक्स हटाने की मांग की जा रही थी। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोक सभा में एक सवाल के लिखित उत्तर में यह स्पष्टीकरण दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. हाइब्रिड कारों के लिए MG नई ADAPT टेक्नोलॉजी लाई: एक ही कार में 4 ड्राइव ऑप्शन मिलेंगे, दुनिया का पहला ई-क्लच भी पेश किया SW MG मोटर इंडिया ने अपना नया एडवांस्ड प्लेटफॉर्म ‘ADAPT’ यानी एडवांस्ड ड्राइव आर्किटेक्चर प्लेटफॉर्म टेक्नोलॉजी रिवील कर दिया है। यह एक ऐसा न्यू एनर्जी व्हीकल प्लेटफॉर्म है, जिस पर कंपनी भविष्य में चार अलग-अलग तरह की गाड़ियां तैयार करेगी- इलेक्ट्रिक, प्लग-इन हाइब्रिड, रेंज-एक्सटेंडर और स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

West Bengal Government Office Bengali Language Mandate

West Bengal Government Office Bengali Language Mandate

Hindi News Career West Bengal Government Office Bengali Language Mandate | July 21 History 5 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 1. एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के पीएम बने 20 जुलाई को लेबर पार्टी के नेता एंडी बर्नहैम ने ब्रिटेन के 59वें पीएम का पदभार संभाला। बर्नहैम ने किंग चार्ल्स III से मुलाकात के बाद कार्यभार संभाला है। बर्नहैम पिछले 10 सालों में ब्रिटेन के 7वें प्रधानमंत्री बने हैं। बर्नहैम ने पूर्व पीएम कीर स्टारमर की जगह ली है और वे पहले मैनचेस्टर के मेयर भी रह चुके हैं। उत्तरी इंग्लैंड, विशेषकर ग्रेटर मैनचेस्टर में लोगों के रीजनल राइट्स के लिए वकालत करने के कारण उन्हें किंग ऑफ नार्थ कहा जाता है। एंडी बर्नहैम ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर रह चुके हैं और क्षेत्रीय विकास व सार्वजनिक परिवहन सुधारों के लिए जाने जाते हैं। स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. स्पेन FIFA वर्ल्ड कप 2026 जीता 20 जुलाई को स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। टीम ने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन ने 2010 के बाद दूसरी बार FIFA वर्ल्ड कप जीता है। फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा गोल फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने किए। किलियन ने पूरे टूर्नामेंट में 10 गोल और 4 असिस्ट के साथ गोल्डन बूट जीता। स्पेन के कोच लुइस डी ला फुएंते विश्व कप जीतने वाले सबसे उम्रदराज कोच बने। स्पेन के रॉड्री को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने भी प्रमुख पुरस्कारों में अपनी जगह बनाई। अर्जेंटीना के खिलाड़ी एंजो फर्नांडीज को फाइनल के दौरान रेड कार्ड दिखाया गया FIFA टूर्नामेंट 11 जून से अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। पहली बार FIFA वर्ल्ड कप की मेजबानी तीन देश अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा ने संयुक्त रूप से की। पहली बार FIFA वर्ल्ड कप में 48 टीमों ने हिस्सा लिया और कुल 104 मैच हुए। पहली बार FIFA की कुल प्राइज मनी 871 मिलियन अमेरिकी डॉलर (रिकॉर्ड) ₹8,400 करोड़ रखी गई। चैंपियन टीम को करीब ₹490 करोड़ ($51 मिलियन) की इनामी राशि मिली, जबकि रनर-अप को करीब ₹317 करोड़ ($33 मिलियन) मिले। 3. रोहित शर्मा लॉर्ड्स में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पहले भारतीय बने 20 जुलाई को लॉर्ड्स में रोहित शर्मा ने 138 रन की पारी खेली। उन्होंने 110 गेंद पर ये रन बनाए। वे लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। रोहित ने सौरव गांगुली के 90 रन के स्कोर को पीछे छोड़ा। रोहित लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने। रोहित वनडे क्रिकेट में 3 दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज। दोनों ने वनडे क्रिकेट में 21वीं बार 100 या उससे ज्यादा रन की साझेदारी की। हालांकि उनकी शतकीय पारी के बावजूद भारत मैच 27 रन से हार गया और इंग्लैंड ने सीरीज़ 2–1 से अपने नाम की। भारत इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा मैच था, जो लंदन में लॉर्ड्स मैदान में खेली गई। हालांकि उनकी शतकीय पारी के बावजूद भारत मैच 27 रन से हार गया और इंग्लैंड ने सीरीज 2-1 से जीत हुई। नेशनल 4. भारत-श्रीलंका DTAA में संशोधन हुआ 19 जुलाई को भारत सरकार ने भारत-श्रीलंका दोहरे कराधान से बचाव समझौते (डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट (DTAA) में संशोधन लागू किया। ये नोटिफिकेशन 16 जुलाई को जारी किया गया है और इससे भारत ने श्रीलंका के बीच टैक्स पार्टनरशिप मजबूत होगी। ये बदलाव ट्रीटी शॉपिंग रोकने के लिए किया गया है। इस नियम के बाद किसी लेन-देन या व्यवस्था में DTAA का फायदा नहीं दिया जाएगा। इस नियम के बाद अगर कोई व्यक्ति या कंपनी टैक्स बचाने के लिए कोई शॉपिंग करती है तो उसे ट्रीटी का फायदा नहीं मिलेगा। ट्रीटी शॉपिंग वह तरीका है, जिसमें लोग किसी तीसरे देश के रास्ते घूमकर टैक्स कम करवाने की कोशिश करते हैं। भारत में ये नियम वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) से लागू होगा और ये संशोधन आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है। DTAA में संशोधन OECD/G20 के BEPS (Base Erosion and Profit Shifting) मानकों के आधार पर किया गया है। भारत और श्रीलंका के बीच DTAA पहले से था। दुनिया भर में टैक्स चोरी और आर्टिफिशियल स्ट्रक्चर को नाकाम करने के लिए दोनों देशों ने पुरानी संधि को अपडेट किया गया है। 5. मध्य प्रदेश कैबिनेट ने UCC को मंजूरी दी 19 जुलाई को मध्य प्रदेश कैबिनेट ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। मध्य प्रदेश, उत्तराखंड के बाद UCC को मंजूरी देने वाला देश का दूसरा राज्य है। UCC का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए शादी, तलाक और संपत्ति जैसे मामलों में समान कानून बनाना है। अब इस विधेयक को मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। हालांकि सरकार ने अनुसूचित जनजातियों को उनकी अपनी मान्यताओं के लिए इस कानून के दायरे से बाहर रखा है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य के नीति-निर्देशक तत्व के अंदर राज्य को समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है समान नागरिक संहिता (UCC) एक ऐसा कानून है, जिसमें धर्म या समुदाय के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में एक समान नागरिक कानून लागू होता है। 6 फरवरी 2024 को विधानसभा में UCC विधेयक पेश हुआ। 7 फरवरी 2024 को पारित हुआ। 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति ने UCC विधेयक को मंजूरी दी। 5. पश्चिम बंगाल में सरकारी कामों में बंगाली भाषा अनिवार्य 20 जुलाई को पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में सभी सरकारी कामों में बंगाली भाषा को कंपलसरी कर दिया है। अब 1 सितंबर से राज्य सरकार के सभी सरकारी कामों और कम्युनिकेशन के जुड़े कामों में बांग्ला भाषा अनिवार्य होगी। सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति सुशांत चटर्जी आयोग की रिपोर्ट भी इसके सार्वजनिक की जाएगी। रिपोर्ट में आयोग की सिफारिशों और

CJP आंदोलन पर आमने-सामने फिल्मी सितारे:शबाना आजमी-प्रकाश राज ने ट्रक पर चढ़कर किया प्रदर्शन, कंगना-हेमा ने कहा- प्रोटेस्ट का मतलब नहीं, उत्पात मचा रहे

CJP आंदोलन पर आमने-सामने फिल्मी सितारे:शबाना आजमी-प्रकाश राज ने ट्रक पर चढ़कर किया प्रदर्शन, कंगना-हेमा ने कहा- प्रोटेस्ट का मतलब नहीं, उत्पात मचा रहे

नीट परीक्षा में गड़बड़ी और शिक्षा सुधारों को लेकर दिल्ली में चल रहे CJP के आंदोलन पर बॉलीवुड दो धड़ों में बंट गया है। एक तरफ जहां शबाना आजमी और प्रकाश राज जैसे सीनियर कलाकार सड़कों पर उतरकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी सांसद कंगना रनोट और हेमा मालिनी ने इस प्रदर्शन को गलत बताया है। सोमवार को मानसून सत्र के दौरान संसद मार्च को लेकर दिल्ली में भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद कई फिल्मी सितारों ने सोशल मीडिया के जरिए भी इस आंदोलन पर अपनी राय रखी है। शबाना आजमी और प्रकाश राज पहुंचे जंतर-मंतर सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी सोमवार को सीजेपी के विरोध मार्च में शामिल होने दिल्ली पहुंचीं। 75 साल की एक्ट्रेस प्रदर्शनकारियों के साथ ट्रक में सफर करती और बैरिकेड्स पार करती नजर आईं। सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि आखिरकार सरकार बातचीत के लिए तैयार हो गई है। जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधारों के लिए यह एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन है। प्रदर्शन के दौरान शबाना आजमी की सांस फूलती दिखी, लेकिन वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जांच की मांग पर अड़ी रही। बाकी कलाकारों के शामिल न होने पर शबाना का जवाब न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के न आने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि लोग सिर्फ फिल्मी सितारों की अनुपस्थिति पर बात करते हैं। कोई भी बड़े बिजनेसमैन या उद्योगपतियों के शामिल न होने पर सवाल नहीं उठाता। ऐसे सवाल पूछकर मुख्य मुद्दे को भटकाया जाता है और गैर-जरूरी विवाद खड़ा किया जाता है। कंगना ने आंदोलन को बताया दबाव बनाने की कोशिश दूसरी तरफ, बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने इस आंदोलन की कड़ी आलोचना की है। संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए कंगना ने कहा कि मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए संसद सही जगह है, न कि सड़कें। उन्होंने कहा कि जनता ने एक सरकार चुनी है और सरकार चलाने का फैसला उसी का होना चाहिए। कंगना ने कहा की ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं, उत्पात मचा रहे हैं। जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वो ठीक नहीं है। प्रदर्शन के जरिए सरकार को यह तय करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता कि किसे पद पर रखना है और किसे हटाना है। हेमा मालिनी बोलीं- छात्रों को गुमराह न करें बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने भी न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में इस प्रदर्शन का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आंदोलन से कुछ हासिल नहीं होने वाला है। मोदी सरकार देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। हेमा मालिनी ने कहा कि इस मामले को बातचीत से हल किया जाना चाहिए और इसमें शामिल छात्रों को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इन बड़े सेलेब्रिटीज ने भी किया आंदोलन का समर्थन जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में शबाना आजमी और प्रकाश राज के अलावा कुणाल कामरा और स्वरा भास्कर भी जमीनी स्तर पर शामिल हुए हैं। वहीं सोनी राजदान, जीनत अमान, अभय देओल, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, ओमी वैद्य और सोनाक्षी सिन्हा ने सोशल मीडिया के जरिए इस मुहिम का समर्थन किया है। गीतकार जावेद अख्तर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला खत लिखकर इस मामले पर बातचीत शुरू करने की मांग की है। इनके अलावा विशाल ददलानी, दीया मिर्जा और फिल्म मेकर ओनिर ने भी प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता जताई है।

CJP आंदोलन पर आमने-सामने फिल्मी सितारे:शबाना आजमी-प्रकाश राज ने ट्रक पर चढ़कर किया प्रदर्शन, कंगना-हेमा ने कहा- प्रोटेस्ट का मतलब नहीं, उत्पात मचा रहे

CJP आंदोलन पर आमने-सामने फिल्मी सितारे:शबाना आजमी-प्रकाश राज ने ट्रक पर चढ़कर किया प्रदर्शन, कंगना-हेमा ने कहा- प्रोटेस्ट का मतलब नहीं, उत्पात मचा रहे

नीट परीक्षा में गड़बड़ी और शिक्षा सुधारों को लेकर दिल्ली में चल रहे CJP के आंदोलन पर बॉलीवुड दो धड़ों में बंट गया है। एक तरफ जहां शबाना आजमी और प्रकाश राज जैसे सीनियर कलाकार सड़कों पर उतरकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी सांसद कंगना रनोट और हेमा मालिनी ने इस प्रदर्शन को गलत बताया है। सोमवार को मानसून सत्र के दौरान संसद मार्च को लेकर दिल्ली में भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद कई फिल्मी सितारों ने सोशल मीडिया के जरिए भी इस आंदोलन पर अपनी राय रखी है। शबाना आजमी और प्रकाश राज पहुंचे जंतर-मंतर सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी सोमवार को सीजेपी के विरोध मार्च में शामिल होने दिल्ली पहुंचीं। 75 साल की एक्ट्रेस प्रदर्शनकारियों के साथ ट्रक में सफर करती और बैरिकेड्स पार करती नजर आईं। सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि आखिरकार सरकार बातचीत के लिए तैयार हो गई है। जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधारों के लिए यह एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन है। प्रदर्शन के दौरान शबाना आजमी की सांस फूलती दिखी, लेकिन वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जांच की मांग पर अड़ी रही। बाकी कलाकारों के शामिल न होने पर शबाना का जवाब न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के न आने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि लोग सिर्फ फिल्मी सितारों की अनुपस्थिति पर बात करते हैं। कोई भी बड़े बिजनेसमैन या उद्योगपतियों के शामिल न होने पर सवाल नहीं उठाता। ऐसे सवाल पूछकर मुख्य मुद्दे को भटकाया जाता है और गैर-जरूरी विवाद खड़ा किया जाता है। कंगना ने आंदोलन को बताया दबाव बनाने की कोशिश दूसरी तरफ, बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने इस आंदोलन की कड़ी आलोचना की है। संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए कंगना ने कहा कि मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए संसद सही जगह है, न कि सड़कें। उन्होंने कहा कि जनता ने एक सरकार चुनी है और सरकार चलाने का फैसला उसी का होना चाहिए। कंगना ने कहा की ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं, उत्पात मचा रहे हैं। जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वो ठीक नहीं है। प्रदर्शन के जरिए सरकार को यह तय करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता कि किसे पद पर रखना है और किसे हटाना है। हेमा मालिनी बोलीं- छात्रों को गुमराह न करें बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने भी न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में इस प्रदर्शन का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आंदोलन से कुछ हासिल नहीं होने वाला है। मोदी सरकार देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। हेमा मालिनी ने कहा कि इस मामले को बातचीत से हल किया जाना चाहिए और इसमें शामिल छात्रों को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इन बड़े सेलेब्रिटीज ने भी किया आंदोलन का समर्थन जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में शबाना आजमी और प्रकाश राज के अलावा कुणाल कामरा और स्वरा भास्कर भी जमीनी स्तर पर शामिल हुए हैं। वहीं सोनी राजदान, जीनत अमान, अभय देओल, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, ओमी वैद्य और सोनाक्षी सिन्हा ने सोशल मीडिया के जरिए इस मुहिम का समर्थन किया है। गीतकार जावेद अख्तर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला खत लिखकर इस मामले पर बातचीत शुरू करने की मांग की है। इनके अलावा विशाल ददलानी, दीया मिर्जा और फिल्म मेकर ओनिर ने भी प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता जताई है।