Sunday, 06 Sep 2026 | 11:08 PM

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अमेरिका में जेनेरिक दवाओं पर ट्रम्प का नया टैरिफ प्लान:2 साल 0%, फिर 100% और 200% ड्यूटी; भारत की फार्मा कंपनियों पर असर संभव

अमेरिका में जेनेरिक दवाओं पर ट्रम्प का नया टैरिफ प्लान:2 साल 0%, फिर 100% और 200% ड्यूटी; भारत की फार्मा कंपनियों पर असर संभव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका में आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। अगले दो साल तक ये दवाएं बिना किसी ड्यूटी के अमेरिका जा सकेंगी, लेकिन इसके बाद 100% और फिर 200% तक टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रम्प के इस फैसले का भारतीय फार्मा इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा और अमेरिका ने यह कदम क्यों उठाया है, इसे 12 आसान सवाल-जवाब में समझिए… सवाल 1: ट्रम्प ने जेनेरिक दवाओं के टैरिफ को लेकर क्या ऐलान किया है? जवाब: अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर बताया कि 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में आने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर अगले दो सालों तक शून्य टैरिफ जारी रहेगा। दो साल बाद अगले एक साल के लिए टैरिफ 100% और उसके बाद इसे 200% हो जाएगा। सवाल 2: ट्रम्प प्रशासन ने इतना भारी टैरिफ लगाने की क्या वजह बताई है? जवाब: ट्रम्प के मुताबिक, इस नीति का मुख्य उद्देश्य जेनेरिक दवाओं के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट अमेरिका के भीतर वापस लाना है। उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों को समय सीमा दी गई है, अगर वे अमेरिका के भीतर अपने प्लांट और उपकरण नहीं लगाती हैं, तो उन्हें पेनल्टी के रूप में टैरिफ चुकाना होगा। हालांकि, पेटेंटेड, ब्रांडेड या इनोवेटिव दवाओं पर मौजूदा नीति पहले की तरह ही बनी रहेगी। सवाल 3: अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम में जेनेरिक दवाओं का कितना इस्तेमाल होता है? जवाब: अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में डॉक्टरों की लिखी जाने वाली कुल दवाओं में 90% से अधिक हिस्सेदारी जेनेरिक दवाओं की ही होती है। वहां का हेल्थकेयर सिस्टम काफी हद तक सस्ती जेनेरिक दवाओं पर निर्भर है। सवाल 4: इस फैसले का भारत पर क्या और कितना असर पड़ेगा? जवाब: भारत को ‘दुनिया की फार्मेसी’ कहा जाता है। अगर टैरिफ बढ़ाकर 100% और 200% किया जाता है, तो भारतीय दवाओं की लागत अमेरिकी बाजार में काफी बढ़ जाएगी। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के अनुसार: साल 2025 में भारत ने कुल 25.8 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹2.49 लाख करोड़ की दवाओं का निर्यात किया। इसमें से 9.7 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹0.94 लाख करोड़ की दवाओं का निर्यात अकेले अमेरिका को हुआ। ये कुल दवाओं का 38% हैं। हेल्थकेयर एनालिटिक्स फर्म IQVIA के मुताबिक, अमेरिकी फार्मेसियों में बिकने वाली कुल जेनेरिक दवाओं के 47% प्रिस्क्रिप्शन भारतीय कंपनियां ही पूरी करती हैं। सवाल 5: क्या 100% या 200% टैरिफ के बाद भी भारतीय दवाएं अमेरिका में टिक पाएंगी? जवाब: हां, भारतीय जेनेरिक दवाएं फिर भी प्रतिस्पर्धी बनी रह सकती हैं। GTRI की रिपोर्ट के अनुसार, कई भारतीय जेनेरिक दवाएं अमेरिका में ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 7 से 10 गुना सस्ती बिकती हैं। ऐसे में अगर 100% टैरिफ भी लगा दिया जाता है, तब भी भारतीय दवाएं वहां की ब्रांडेड दवाओं से सस्ती ही रहेंगी। इस अतिरिक्त लागत का अधिकांश हिस्सा अंततः अमेरिकी हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स, इंश्योरेंस कंपनियों और मरीजों पर पड़ेगा, न कि भारतीय निर्यात पूरी तरह खत्म होगा। सवाल 6: क्या प्रमुख भारतीय दवा कंपनियों के पास पहले से अमेरिका में प्लांट हैं? जवाब: हां, भारत की कुछ कंपनियों जैसे सन फार्मा, जायडस लाइफसाइंसेस, लुपिन, अरबिंदो फार्मा, सिप्ला और डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज जैसी प्रमुख कंपनियां अमेरिका में अपने प्लांट संचालित करती हैं। मैसाचुसेट्स और न्यूयॉर्क में सिप्ला अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की क्षमता बढ़ा रही है। डॉ. रेड्डीज ने कहा है कि कॉमर्शियली फायदेमंद होने पर वे अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने के लिए तैयार हैं। सन फार्मा का कहना है कि अमेरिका में उनका मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर पर्याप्त है। सवाल 7: क्या अमेरिका में जेनेरिक दवाओं का उत्पादन शिफ्ट करना आसान है? जवाब: नहीं, यह बहुत मुश्किल और महंगा सौदा है। जेनेरिक दवाओं का कारोबार ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भर है। विशेष रूप से एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (APIs) के लिए कंपनियां भारत और चीन पर निर्भर हैं। अमेरिका में नया मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम खड़ा करने के लिए भारी पूंजी की जरूरत होगी, जिससे अमेरिका में दवाओं की कीमतें काफी बढ़ जाएंगी। सवाल 8: इस पूरी स्थिति से निपटने के लिए भारत को क्या कदम उठाने चाहिए? जवाब: GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव का सुझाव है कि भारत को दो मोर्चों पर काम करना होगा: सवाल 9: अमेरिकी हेल्थकेयर को भारतीय दवाओं से कितनी बचत होती है? जवाब: अमेरिकी लोग डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, कैंसर, इंफेक्शियस डिजीज और मेंटल हेल्थ जैसी बीमारियों के इलाज के लिए बड़े पैमाने पर भारतीय जेनेरिक दवाएं लेते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय दवाओं ने अकेले 2022 में अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम के 219 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹21.14 लाख करोड़ बचाए थे। पिछले एक दशक में यह बचत $1.3 ट्रिलियन रही है। सवाल 10: अमेरिका में कौन-कौन सी भारतीय फार्मा कंपनियों की दवाएं ज्यादा बिकती है? जवाब: डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, सिप्ला और सन फार्मा जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियां अमेरिकी बाजार में सप्लाई करती हैं। अमेरिका में सबसे ज्यादा बिकने वाली भारतीय जेनेरिक दवाओं में शामिल हैं: सवाल 11: क्या यह फैसला ट्रम्प की व्यापक टैरिफ रणनीति का हिस्सा है? जवाब: हां, ट्रम्प प्रशासन का मुख्य जोर अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और विदेशी आयात पर निर्भरता घटाने पर है। इससे पहले भी ब्रांडेड दवा निर्माताओं को अमेरिका में उत्पादन करने या कीमतें कम करने के बदले टैरिफ छूट दी गई थी। इसके अलावा, अमेरिका करीब 60 देशों पर 10% से 12.5% का नया टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है, जिसके दायरे में भारत भी आ सकता है। सवाल 12: भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय व्यापार समझौतों पर इसका क्या असर होगा? जवाब: अमेरिका और भारत लगातार यह कहते आ रहे हैं कि वे एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। ऐसे समय में जेनेरिक दवाओं पर भारी टैरिफ लगाने के इस नए ऐलान ने दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है। नॉलेज पार्ट: क्या होती हैं जेनेरिक दवाएं? जब कोई कंपनी रिसर्च करके नई दवा बनाती है, तो उसे कुछ सालों के लिए पेटेंट मिलता है। इसे ब्रांडेड दवा कहते हैं। पेटेंट खत्म होने के बाद अन्य कंपनियां उसी साल्ट/फार्मूले से सस्ती दवाएं बनाती हैं, जिन्हें ‘जेनेरिक दवा’ कहा जाता है। इनकी गुणवत्ता और असर ब्रांडेड दवा जैसा ही होता

मोरिंगा पराठा रेसिपी: मोरिंगा का रामबाण इलाज है मोरिंगा, जिसमें शामिल हैं मोरिंगा के पराठे, जानें आसान रेसिपी

मोरिंगा पराठा रेसिपी

22 जुलाई 2026 को 15:00 IST पर अद्यतन किया गया मोरिंगा पराठा रेसिपी: मोरिंगा की सेहत के लिए बेहद गुणकारी मनी होती है, इसके सेवन से इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में मदद मिलती है। सहजन के नारियल के पराठे का स्वाद विटामिन, कैल्शियम और आयरन से भरपूर एक बेहतरीन सुपरफूड है जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। इन बिजनेसमैन से आप स्वादिष्ट पराठा तैयार कर सकते हैं। यह मोरिंगा पराठा है सेहत का खजाना, यहां जानें इसे बनाने की आसान विधि के बारे में… अनुसरण करना : इसकी रेसिपी के लिए 1 कप मोरिंगा के पत्ते, 2 कप आपको आटे का आटा, 1 हरी मिर्च और आधा चम्मच घीसा लेना चाहिए। छवि: एआई साथ ही आधा-आधा मिश्रण और जीरा, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, स्वाद मसाला नमक और सेकने के लिए तेल या घी की जरूरत होती है। छवि: फ्रीपिक एक बड़ा आटा गूंथ लें, जिसमें सभी कटी हुई चीजें, टुकड़े और 1 से 2 घी या तेल मिलाकर थोड़ा-थोड़ा पानी डालें। छवि: एआई तैयार किए गए गुंथे हुए आटे को 10 मिनट के लिए बढ़ा कर रख दें ताकि आटे पर बने आटे को अच्छी तरह से सेट किया जा सके। छवि: एआई एसोसिएट्स के छोटे लो पार्टनर उन्हें गोल या तिकोने आकार में बेल लें और डिस्प्ले पर दोनों तरफ घी तेल लगाएं और सोना रखें और क्रिस्पी होने तक सेक लें। छवि: एआई रेडी हॉटआग्राम मठिया मोरिंगा पराठे को दही, अचार या पसंद के अनुसार अपनी पसंद के साथ बना सकते हैं। ये पराठे खाने में काफी टेस्टी लगे हैं। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 22 जुलाई 2026 15:00 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)मोरिंगा पराठा रेसिपी(टी)सहजन के पत्ते का पराठा(टी)स्वस्थ नाश्ता रेसिपी(टी)मोरिंगा के फायदे हिंदी में(टी)भारतीय फ्लैटब्रेड रेसिपी

चीन बोला- भारत ने हमारे 12 नाविकों को बचाया:ये एहसान कभी नहीं भूलेंगे; 1 साल पहले केरल के पास जहाज में आग लगी थी

चीन बोला- भारत ने हमारे 12 नाविकों को बचाया:ये एहसान कभी नहीं भूलेंगे; 1 साल पहले केरल के पास जहाज में आग लगी थी

भारत में चीन के नए मिलिट्री डिप्लोमैट यू जियान ने भारतीय सेना का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने केरल तट के पास आग लगने वाले मालवाहक जहाज से 12 चीनी नागरिकों को बचाया था। चीन यह एहसान कभी नहीं भूलेगा। यू जियान ने यह बात मंगलवार को नई दिल्ली में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेताओं की कोशिशों से भारत-चीन संबंध फिर से सुधार की राह पर लौटे हैं। दरअसल, 9 जून 2025 को सिंगापुर के झंडे वाला कंटेनर जहाज एमवी वान हाई 503 केरल के अझिक्कल तट से करीब 44 समुद्री मील दूर आग लगने के बाद विस्फोट का शिकार हो गया था। यह जहाज कोलंबो से न्हावा शेवा जा रहा था और उस पर 22 चालक दल के सदस्य सवार थे। जहाज में आग लगने और बचाव से जुड़ी 5 तस्वीरें कोलंबो से मुंबई जा रहा था जहाज जहाज श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से मुंबई जा रहा था। रास्ते में जहाज के एक कंटेनर में विस्फोट हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई। जहाज पर कुल 22 क्रू मेंबर्स सवार थे। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए 18 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। बचाए गए लोगों में से 5 लोग घायल हुए थे, जिनमें 2 गंभीर रूप से झुलसे थे। 4 लोग लापता हो गए थे, जिन्हें मृत मान लिया गया। जहाज पर चीन और ताइवान के कुल 14 लोग सवार थे। इनमें 8 चीन के और 6 ताइवान के थे। बचाव कार्य के लिए कोस्ट गार्ड के 5 जहाज, 2 विमान और 1 हेलिकॉप्टर तैनात किए गए थे।

China Thanks India for Rescuing Sailors Near Kerala Coast

चीन बोला- भारत ने हमारे 12 नाविकों को बचाया:ये एहसान कभी नहीं भूलेंगे; 1 साल पहले केरल के पास जहाज में आग लगी थी

नई दिल्ली13 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत में चीन के नए मिलिट्री डिप्लोमैट यू जियान ने भारतीय सेना का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने केरल तट के पास आग लगने वाले मालवाहक जहाज से 12 चीनी नागरिकों को बचाया था। चीन यह एहसान कभी नहीं भूलेगा। यू जियान ने यह बात मंगलवार को नई दिल्ली में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेताओं की कोशिशों से भारत-चीन संबंध फिर से सुधार की राह पर लौटे हैं। दरअसल, 9 जून 2025 को सिंगापुर के झंडे वाला कंटेनर जहाज एमवी वान हाई 503 केरल के अझिक्कल तट से करीब 44 समुद्री मील दूर आग लगने के बाद विस्फोट का शिकार हो गया था। यह जहाज कोलंबो से न्हावा शेवा जा रहा था और उस पर 22 चालक दल के सदस्य सवार थे। जहाज में आग लगने और बचाव से जुड़ी 5 तस्वीरें केरल के अझिक्कल तट से करीब 44 नॉटिकल मील दूर सिंगापुर के झंडे वाले कंटेनर शिप एमवी वैन हई 503 में विस्फोट के बाद आग लग गई थी। एमवी वान हाई 503 जहाज में 2,128 टन ईंधन और सैकड़ों कंटेनर लदे थे। जहाज के कुछ कंटेनरों में खतरनाक रसायन और अन्य जोखिम वाला सामान भी था। भारतीय कोस्ट गार्ड ने जहाज को रस्सी से बांधकर तट से दूर खींचा। इंडियन कोस्टगार्ड ने जहाज पर लगी आग पर काबू पाने और लापता लोगों की खोच के लिए बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया था। बचाव कार्य के दौरान हेलिकॉप्टर से लोगों का रेस्क्यू किया गया था। कोलंबो से मुंबई जा रहा था जहाज जहाज श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से मुंबई जा रहा था। रास्ते में जहाज के एक कंटेनर में विस्फोट हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई। जहाज पर कुल 22 क्रू मेंबर्स सवार थे। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए 18 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। बचाए गए लोगों में से 5 लोग घायल हुए थे, जिनमें 2 गंभीर रूप से झुलसे थे। 4 लोग लापता हो गए थे, जिन्हें मृत मान लिया गया। जहाज पर चीन और ताइवान के कुल 14 लोग सवार थे। इनमें 8 चीन के और 6 ताइवान के थे। बचाव कार्य के लिए कोस्ट गार्ड के 5 जहाज, 2 विमान और 1 हेलिकॉप्टर तैनात किए गए थे। चीन ने भारतीय कोस्ट गार्ड को शुक्रिया कहा था उस समय भारत की मदद के लिए चीन के दूतावास ने भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल का धन्यवाद किया था। सिंगापुर के उच्चायुक्त ने भी भारत की तारीफ की थी। बचाव अभियान के बाद भी भारतीय एजेंसियों ने कई दिनों तक जहाज में लगी आग बुझाने और उसे सुरक्षित स्थान तक ले जाने का अभियान चलाया। 13 जून को भारतीय नौसेना ने हेलिकॉप्टर से बचाव दल को जहाज पर उतारा था। तटरक्षक बल, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि जहाज बहकर केरल तट तक न पहुंचे। 2020 के बाद बिगड़े थे भारत-चीन के रिश्ते भारत और चीन के रिश्तों में 2020 में उस समय बड़ी खटास आ गई, जब पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव बढ़ गया। उसी साल जून में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय और 4 चीनी सैनिकों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद भारत ने साफ कहा था कि जब तक सीमा पर शांति और स्थिरता बहाल नहीं होगी, तब तक दोनों देशों के संबंध सामान्य नहीं हो सकते। अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं रिश्ते करीब चार साल तक जारी तनाव के बाद अक्टूबर 2024 में दोनों देशों के बीच देपसांग और डेमचोक में गश्त को लेकर समझौता हुआ। इसके बाद दोनों देशों की सेनाओं ने पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी की। इसी के बाद रूस के कजान में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच औपचारिक द्विपक्षीय बैठक हुई। इसके बाद अगस्त 2025 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में दोनों नेताओं की फिर मुलाकात हुई। यह प्रधानमंत्री मोदी की सात साल बाद चीन की पहली यात्रा थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच पांच साल से बंद सीधी उड़ानें दोबारा शुरू हुईं। साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा भी फिर से बहाल कर दी गई। —————————– चीन से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… चीन में डिलीवरी बॉय को सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान मिला:ग्राहक की फटकार के बाद लेखक बने, खाना पहुंचाते हुए कई कविताएं लिखीं चीन में फूड डिलीवरी का काम करने वाले 56 वर्षीय वांग जिबिंग को देश के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मानों में से एक लू शुन साहित्य पुरस्कार मिला है। वे खाना पहुंचाने के बीच मिले खाली समय में कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों पर कविताएं लिखते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Adani Power Q1 Results | Net Profit Rises 42% Share Price Slips

Adani Power Q1 Results | Net Profit Rises 42% Share Price Slips

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक अडाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का अप्रैल-जून तिमाही में कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 42% बढ़कर ₹4,806 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,385 करोड़ का मुनाफा हुआ था। हालांकि, मुनाफे में इस बड़ी बढ़त के बावजूद बुधवार को कंपनी का शेयर करीब 1.39% गिरकर ₹217.31 पर आ गया है। कंपनी का रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹18,901 करोड़ कंपनी की टोटल इनकम सालाना आधार पर 33% बढ़कर ₹19,322 करोड़ हो गई। यह पिछले साल की समान तिमाही में 14,573 करोड़ रुपए रही थी। वहीं कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 34% बढ़कर 18,901 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह 14,109 करोड़ रुपए रहा था। कॉन्सोलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन स्टैंडअलोन: यह केवल एक कंपनी या यूनिट के वित्तीय प्रदर्शन को दर्शाता है। इसमें उसकी आय, व्यय, और मुनाफा शामिल होता है। कॉन्सोलिडेटेड: यह पूरे ग्रुप या कंपनी की कुल वित्तीय स्थिति को दर्शाता है, जिसमें सभी सहायक कंपनियों और यूनिट्स का वित्तीय प्रदर्शन एक साथ दिखाए जाते हैं। अडाणी पावर का शेयर एक साल में 84% चढ़ा अडाणी पावर का शेयर पिछले एक महीने में 7% गिरा है। पिछले छह महीने में 54% चढ़ा और बीते एक साल में 84% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 83.79 हजार करोड़ रुपए है। 1996 में हुई थी अडाणी पावर की शुरुआत अडाणी पावर लिमिटेड (APL) की शुरुआत 22 अगस्त 1996 को हुई थी। यह देश की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर थर्मल पावर प्रोड्यूसर है। कंपनी के पास 15,250 मेगावॉट पावर जनरेशन की क्षमता है। इसके थर्मल प्लांट्स गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और झारखंड में हैं। वहीं गुजरात में 40 मेगावॉट कैपेसिटी का सोलर प्लांट है। क्योटो प्रोटोकॉल के क्लीन डेवलपमेंट मीशन (CDM) के तहत रजिस्टर्ड कोयला-बेस्ड सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स बनाने वाली कंपनी है। ये खबर भी पढ़ें… चांदी ₹3034 महंगी होकर ₹2.26 लाख पर पहुंची: 3 दिन में कीमत ₹10764 बढ़ी, सोना आज ₹2,303 बढ़कर ₹1.43 लाख पर पहुंचा सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 21 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 3,034 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,303 रुपए चढ़कर 1.43 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 3 दिन में सोना 4,281 रुपए और 10,764 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Adani Power Q1 Results | Net Profit Rises 42% Share Price Slips

Adani Power Q1 Results | Net Profit Rises 42% Share Price Slips

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक अडाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का अप्रैल-जून तिमाही में कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 42% बढ़कर ₹4,806 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,385 करोड़ का मुनाफा हुआ था। हालांकि, मुनाफे में इस बड़ी बढ़त के बावजूद बुधवार को कंपनी का शेयर करीब 1.39% गिरकर ₹217.31 पर आ गया है। कंपनी का रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹18,901 करोड़ कंपनी की टोटल इनकम सालाना आधार पर 33% बढ़कर ₹19,322 करोड़ हो गई। यह पिछले साल की समान तिमाही में 14,573 करोड़ रुपए रही थी। वहीं कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 34% बढ़कर 18,901 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह 14,109 करोड़ रुपए रहा था। कॉन्सोलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन स्टैंडअलोन: यह केवल एक कंपनी या यूनिट के वित्तीय प्रदर्शन को दर्शाता है। इसमें उसकी आय, व्यय, और मुनाफा शामिल होता है। कॉन्सोलिडेटेड: यह पूरे ग्रुप या कंपनी की कुल वित्तीय स्थिति को दर्शाता है, जिसमें सभी सहायक कंपनियों और यूनिट्स का वित्तीय प्रदर्शन एक साथ दिखाए जाते हैं। अडाणी पावर का शेयर एक साल में 84% चढ़ा अडाणी पावर का शेयर पिछले एक महीने में 7% गिरा है। पिछले छह महीने में 54% चढ़ा और बीते एक साल में 84% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 83.79 हजार करोड़ रुपए है। 1996 में हुई थी अडाणी पावर की शुरुआत अडाणी पावर लिमिटेड (APL) की शुरुआत 22 अगस्त 1996 को हुई थी। यह देश की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर थर्मल पावर प्रोड्यूसर है। कंपनी के पास 15,250 मेगावॉट पावर जनरेशन की क्षमता है। इसके थर्मल प्लांट्स गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और झारखंड में हैं। वहीं गुजरात में 40 मेगावॉट कैपेसिटी का सोलर प्लांट है। क्योटो प्रोटोकॉल के क्लीन डेवलपमेंट मीशन (CDM) के तहत रजिस्टर्ड कोयला-बेस्ड सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स बनाने वाली कंपनी है। ये खबर भी पढ़ें… चांदी ₹3034 महंगी होकर ₹2.26 लाख पर पहुंची: 3 दिन में कीमत ₹10764 बढ़ी, सोना आज ₹2,303 बढ़कर ₹1.43 लाख पर पहुंचा सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 21 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 3,034 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,303 रुपए चढ़कर 1.43 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 3 दिन में सोना 4,281 रुपए और 10,764 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ICICI Prudential Flexicap Fund Performance

ICICI Prudential Flexicap Fund Performance

19 मिनट पहले कॉपी लिंक ICICI प्रूडेंशियल फ्लेक्सीकैप फंड को लॉन्च हुए पांच साल हो गए हैं; इस दौरान इसकी NAV 10 से बढ़कर 20 हो गई है। एक फ्लेक्सीकैप फड होने के नाते, इसे लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्टॉक्स में निवेश करने की आजादी है, और यह उन जगहों पर अपने पोर्टफोलियो मिक्स को बदलता रहता है जहां सबसे अच्छे मौके दिखते हैं। यह फंड ‘बॉटम-अप’, ‘हाई-कनविक्शन’ निवेश शैली अपनाता है, जो इसके बेंचमार्क के मुकाबले 60% से जयादा के ‘एक्टिव शेयर’ से पता चलता है। यह वीडियो फंड की मुख्य सोच, पांच सालों में इसके विकास और इक्विटी निवेशकों के लिए लंबे समय के निवेश के महत्व के बारे में बताता है। यह उन लोगों के लिए एक छोटा और आसान वीडियो है जो यह समझना चाहते हैं कि कैसे सोच-समझकर चुने गए स्टॉक्स ने समय के साथ लगातार वेल्थ बनाने में मदद की है। वीडियो में अल्फानॉमिक्स कैपिटल के फाउंडर राजीव अरोड़ा ने क्या कहा जानने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

CJP के प्रदर्शन में पिटे टीवी एक्टर सेहबान:कहा- हाथ सूज गया है, पुलिस ने कई लाठियां मारीं; 2 लड़कियों को बचाने की कोशिश कर रहे थे

CJP के प्रदर्शन में पिटे टीवी एक्टर सेहबान:कहा- हाथ सूज गया है, पुलिस ने कई लाठियां मारीं; 2 लड़कियों को बचाने की कोशिश कर रहे थे

बेपनाह, दिल मिल गए और तुझसे है राब्ता जैसे पॉपुलर टीवी शोज में नजर आ चुके एक्टर सेहबान अजीम लाठीचार्ज में घायल हो गए। एक्टर 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में जंतर मंतर पहुंचे थे, जहां दो लड़कियों को लाठीचार्ज से बचाते हुए एक्टर के हाथ और शरीर के कई हिस्सों पर लाठी पड़ गई। एक्टर ने दावा है कि पुलिस जानबूझ कर लाठियां चला रही थी। मिड डे को दिए इंटरव्यू में एक्टर सेहबान ने कहा, “वह मंजर बेहद दिल तोड़ देने वाला था। मैं छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल होने गया था। मेरी मुंबई से आई दो महिला दोस्त भी वहां मौजूद थीं। उन्हें लाठीचार्ज से बचाने की कोशिश में मुझे चोट लग गई। मेरा हाथ सूज गया है। पुलिस ने मेरे हाथ, पैरों और शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी कई बार लाठियां मारीं।” आगे एक्टर ने कहा, “हम जंतर-मंतर के अंदर तक भी नहीं पहुंच पाए, जहां असल में प्रदर्शन हो रहा था। पुलिस ने चारों तरफ बैरिकेडिंग कर रखी थी। हमें बीच में घेर लिया और फिर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं थी कि वे किस पर लाठी चला रहे हैं। वहां बच्चे थे, महिलाएं थीं, लेकिन किसी को नहीं बख्शा गया।” आगे अभिनेता ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह सुनियोजित लग रही थी और उसका मकसद बलपूर्वक भीड़ को वहां से हटाना था। उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि यह लाठीचार्ज जानबूझकर किया गया था। वे बस चाहते थे कि हम सभी वहां से चले जाएं। मेरा दिल उन बच्चों के लिए दुखता है, जो इस प्रदर्शन में शामिल होने आए थे। कई छात्र ट्रेन और बसों से कई दिनों का सफर तय करके पहुंचे थे। सेहबान ने दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल कई लोग घायल हुए। उन्होंने कहा, “पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को बेरहमी से पीटा। कई लोगों के शरीर से खून बह रहा था। ये युवा छात्र वहीं डटे रहे और उन्होंने यह सारी मार झेली।” सेहबान अजीम के साथ प्रोटेस्ट में शामिल हुईं दोस्तों ने उनके वीडियो भी पोस्ट किए हैं, जिसमें वो लगातार इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं। पोस्ट में उनकी दोस्त ने लिखा है कि लाठीचार्ज के समय एक्टर अपनी दो दोस्तों को बचाने की कोशिश कर रहे थे। इन टीवी शोज में नजर आए सेहबान अजीम सेहबान अजीम, दिल मिल गए, एक हजारों में मेरी बहना है, हमसफर्स, थपकी प्यार की, बेपनाह और तुझसे है राब्ता जैसे शोज का हिस्सा रहे हैं। इसके अलावा वो टाइम्स मोस्ट डिजायरेबल मैन की लिस्ट में लगातार तीन सालों तक शामिल हुए हैं। सेहबान को आखिरी बार स्पाय बहू टीवी शो में देखा गया था। शबाना आजमी प्रोटेस्ट में पहुंचीं, अस्थमा अटैक आया 20 जुलाई को सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी, प्रकाश राज जैसे बड़े चेहरे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे। इस दौरान शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ गई। अब एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया है कि आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से उन्हें अस्थमा अटैक आया। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई, लेकिन उनका पंप उनके पास था। पास की बिल्डिंग में ले जाकर उन्हें शुरुआत उपचार दिया गया। कुछ देर बाद तबीयत ठीक होने पर उन्होंने दोबारा प्रोटेस्ट जॉइन किया। बाकी कलाकारों के शामिल न होने पर शबाना का जवाब बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के न आने पर सवाल पूछा गया, तो शबाना ने कहा कि लोग सिर्फ फिल्मी सितारों की अनुपस्थिति पर बात करते हैं। कोई भी बड़े बिजनेसमैन या उद्योगपतियों के शामिल न होने पर सवाल नहीं उठाता। ऐसे सवाल पूछकर मुख्य मुद्दे को भटकाया जाता है और गैर-जरूरी विवाद खड़ा किया जाता है। दिलजीत दोसांझ बोले- छात्रों के साथ गलत हुआ दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, आज जो हुआ, बहुत गलत हुआ। छात्रों के साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए था। मैं अधिकारियों से अपील करता हूं कि वे छात्रों की मांगें सुनें। लोगों की आवाज ही भगवान की आवाज होती है। मुझे पहले भी कई बार ‘एंटी-नेशनल’ कहा गया है। अब भी शायद मुझे यही कहा जाएगा। किसान आंदोलन के बाद मुझे काफी विरोध और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिनके बारे में मैं खुलकर बात भी नहीं कर सकता। बाकी सब भगवान देख रहे हैं। भगवान सबका भला करें। कंगना ने आंदोलन को बताया दबाव बनाने की कोशिश सोमवार को कंगना रनोट ने कहा था कि मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए संसद सही जगह है, न कि सड़कें। उन्होंने कहा कि जनता ने एक सरकार चुनी है और सरकार चलाने का फैसला उसी का होना चाहिए। कंगना ने कहा की ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं, उत्पात मचा रहे हैं। जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वो ठीक नहीं है। प्रदर्शन के जरिए सरकार को यह तय करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता कि किसे पद पर रखना है और किसे हटाना है। हेमा मालिनी बोलीं- छात्रों को गुमराह न करें बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने भी न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में इस प्रदर्शन का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आंदोलन से कुछ हासिल नहीं होने वाला है। मोदी सरकार देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। हेमा मालिनी ने कहा कि इस मामले को बातचीत से हल किया जाना चाहिए और इसमें शामिल छात्रों को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इन बड़े सेलेब्रिटीज ने भी किया आंदोलन का समर्थन जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में शबाना आजमी और प्रकाश राज के अलावा कुणाल कामरा और स्वरा भास्कर भी जमीनी स्तर पर शामिल हुए हैं। वहीं सोनी राजदान, जीनत अमान, अभय देओल, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, ओमी वैद्य और सोनाक्षी सिन्हा ने सोशल मीडिया के जरिए इस मुहिम का समर्थन किया है। गीतकार जावेद अख्तर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला खत लिखकर इस मामले पर बातचीत शुरू करने की मांग की है। इनके अलावा विशाल ददलानी, दीया मिर्जा और फिल्म मेकर ओनिर ने भी प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता जताई है।

The habit of plucking eyelashes has become a business worth Rs 77 crore.

The habit of plucking eyelashes has become a business worth Rs 77 crore.

Hindi News Business The Habit Of Plucking Eyelashes Has Become A Business Worth Rs 77 Crore. लंदन2 मिनट पहले कॉपी लिंक टिकटॉक शॉप के मुताबिक जून में यूके (ब्रिटेन) में उसकी बिक्री सालाना 30% से ज्यादा बढ़ी। अब हर दिन 6,000 से ज्यादा लाइवस्ट्रीम होते हैं।-प्रतीकात्मक फोटो डेजी केली वर्षों तक अपनी पलकें नोचती रहीं। कोविड महामारी के दौर में जब ब्यूटी सैलून बंद हो गए, तो उन्होंने पलकें दोबारा उगाने के लिए एक सीरम बनाया। 2020 में मां की रसोई की मेज से ‘ग्लो फॉर इट’ नाम का बिजनेस शुरू किया। आज यह कंपनी सालाना 60 लाख पाउंड (~77.30 करोड़) का बिजनेस करती है। इसकी 40% से ज्यादा बिक्री टिकटॉक शॉप यूके से आती है- खास तौर पर लाइवस्ट्रीम से। बीबीसी वर्ल्ड की रिपोर्ट में 27 साल की डेजी बताती हैं, ‘लाइव शॉपिंग लोगों को वह जुड़ाव देती है, जिसकी हम सबको चाहत है। 12 घंटे के एक टिकटॉक लाइव सेशन से हमने 1.29 करोड़ की कमाई कर ली।’ उनका स्टूडियो रोज कम से कम छह घंटे लाइव रहता है। अलग-अलग प्रेजेंटर प्रोडक्ट दिखाते और खरीदारों के सवालों के जवाब देते हैं। डेजी कहती हैं, ‘यह कुछ ऐसा है जैसे आपकी दुकान में एक साथ 500 लोग खड़े हों।’ इंस्टाग्राम लाइव, यूट्यूब शॉपिंग, ईबे और अमेजन लाइव जैसे कई प्लेटफॉर्म अब लाइव शॉपिंग की रेस में हैं। रिटेल एजेंसी सैवी मार्केटिंग के एक सर्वे के मुताबिक, 30% खरीदारों ने माना कि उन्होंने किसी लाइव शॉपिंग इवेंट से खरीदारी की है। सैवी की सीईओ कैथरीन शटलवर्थ कहती हैं, ‘बड़े रिटेलर्स को इसे गंभीरता से लेना होगा।’ टिकटॉक शॉप के मुताबिक जून में यूके (ब्रिटेन) में उसकी बिक्री सालाना 30% से ज्यादा बढ़ी। अब हर दिन 6,000 से ज्यादा लाइवस्ट्रीम होते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वॉल्वरहैम्प्टन के हलाल बुचर मैनी मलिक ने महज एक स्मार्टफोन और लाइटिंग किट के सहारे एक टिकटॉक लाइव में करीब 200 दर्शक जुटा लिए। वे बताते हैं, “बीते हफ्ते तीन घंटे के लाइव में हमने करीब 10 लाख का मीट बेच दिया, जबकि दुकान में इतना बेचने में 3-4 दिन लग जाते।’ ज्वेलरी ब्रांड ‘एडोरिना’ की संस्थापक बुकेट सेविक ने नौकरी छोड़कर फरवरी में बिजनेस शुरू किया था। मई में टिकटॉक लाइव सेलिंग शुरू करने के बाद उनके ऑर्डर प्रति माह 50 से बढ़कर 500 प्रति हफ्ता हो गए। वे कहती हैं, ‘मैं जब चाहूं लाइव जा सकती हूं- बेटी को सुलाकर बस लाइव ऑन कर देती हूं।’ लेकिन इस चमक के पीछे चिंता भी है। सैवी के सर्वे में जेन-वाई (30-45 वर्ष) और जेन-जी (14-29 वर्ष) के 66% खरीदारों ने माना कि प्रोडक्ट के ‘सोल्ड आउट’ या वायरल होने से खरीदारी की इच्छा बढ़ जाती है। फ्री लोन सलाह सर्विस ‘मनी वेलनेस’ की रेबेका लैम्ब चेताती हैं, ‘हर बार डील झपटने पर दिमाग को वही डोपामाइन झटका मिलता है, जो जुए में मिलता है और वन-टैप पेमेंट में तो दिमाग को खर्च का एहसास होने से पहले ही पैसा निकल जाता है।’ लाइव शॉपिंग फ्री नहीं, 15% तक कमीशन लाइव शॉपिंग मुफ्त नहीं है। टिकटॉक शॉप यूके 9% तक कमीशन लेती है। ईबे के सामान्य मार्केटप्लेस सेलर्स को कैटेगरी के हिसाब से 7-15% तक कमीशन देने होते हैं। इसके लाइव सेलिंग फॉर्मेट ‘ईबे लाइव’ पर पेमेंट प्रोसेसिंग समेत कुल फीस 8.42% तक जाती है। मैनी मलिक कहती हैं, ‘मीट के धंधे में मार्जिन वैसे भी कम होता है। यह फीस भारी लगती है, पर मुनाफा फिर भी बचा है।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

The habit of plucking eyelashes has become a business worth Rs 77 crore.

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Hindi News Business The Habit Of Plucking Eyelashes Has Become A Business Worth Rs 77 Crore. लंदन19 मिनट पहले कॉपी लिंक टिकटॉक शॉप के मुताबिक जून में यूके (ब्रिटेन) में उसकी बिक्री सालाना 30% से ज्यादा बढ़ी। अब हर दिन 6,000 से ज्यादा लाइवस्ट्रीम होते हैं।-प्रतीकात्मक फोटो डेजी केली वर्षों तक अपनी पलकें नोचती रहीं। कोविड महामारी के दौर में जब ब्यूटी सैलून बंद हो गए, तो उन्होंने पलकें दोबारा उगाने के लिए एक सीरम बनाया। 2020 में मां की रसोई की मेज से ‘ग्लो फॉर इट’ नाम का बिजनेस शुरू किया। आज यह कंपनी सालाना 60 लाख पाउंड (~77.30 करोड़) का बिजनेस करती है। इसकी 40% से ज्यादा बिक्री टिकटॉक शॉप यूके से आती है- खास तौर पर लाइवस्ट्रीम से। बीबीसी वर्ल्ड की रिपोर्ट में 27 साल की डेजी बताती हैं, ‘लाइव शॉपिंग लोगों को वह जुड़ाव देती है, जिसकी हम सबको चाहत है। 12 घंटे के एक टिकटॉक लाइव सेशन से हमने 1.29 करोड़ की कमाई कर ली।’ उनका स्टूडियो रोज कम से कम छह घंटे लाइव रहता है। अलग-अलग प्रेजेंटर प्रोडक्ट दिखाते और खरीदारों के सवालों के जवाब देते हैं। डेजी कहती हैं, ‘यह कुछ ऐसा है जैसे आपकी दुकान में एक साथ 500 लोग खड़े हों।’ इंस्टाग्राम लाइव, यूट्यूब शॉपिंग, ईबे और अमेजन लाइव जैसे कई प्लेटफॉर्म अब लाइव शॉपिंग की रेस में हैं। रिटेल एजेंसी सैवी मार्केटिंग के एक सर्वे के मुताबिक, 30% खरीदारों ने माना कि उन्होंने किसी लाइव शॉपिंग इवेंट से खरीदारी की है। सैवी की सीईओ कैथरीन शटलवर्थ कहती हैं, ‘बड़े रिटेलर्स को इसे गंभीरता से लेना होगा।’ टिकटॉक शॉप के मुताबिक जून में यूके (ब्रिटेन) में उसकी बिक्री सालाना 30% से ज्यादा बढ़ी। अब हर दिन 6,000 से ज्यादा लाइवस्ट्रीम होते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वॉल्वरहैम्प्टन के हलाल बुचर मैनी मलिक ने महज एक स्मार्टफोन और लाइटिंग किट के सहारे एक टिकटॉक लाइव में करीब 200 दर्शक जुटा लिए। वे बताते हैं, “बीते हफ्ते तीन घंटे के लाइव में हमने करीब 10 लाख का मीट बेच दिया, जबकि दुकान में इतना बेचने में 3-4 दिन लग जाते।’ ज्वेलरी ब्रांड ‘एडोरिना’ की संस्थापक बुकेट सेविक ने नौकरी छोड़कर फरवरी में बिजनेस शुरू किया था। मई में टिकटॉक लाइव सेलिंग शुरू करने के बाद उनके ऑर्डर प्रति माह 50 से बढ़कर 500 प्रति हफ्ता हो गए। वे कहती हैं, ‘मैं जब चाहूं लाइव जा सकती हूं- बेटी को सुलाकर बस लाइव ऑन कर देती हूं।’ लेकिन इस चमक के पीछे चिंता भी है। सैवी के सर्वे में जेन-वाई (30-45 वर्ष) और जेन-जी (14-29 वर्ष) के 66% खरीदारों ने माना कि प्रोडक्ट के ‘सोल्ड आउट’ या वायरल होने से खरीदारी की इच्छा बढ़ जाती है। फ्री लोन सलाह सर्विस ‘मनी वेलनेस’ की रेबेका लैम्ब चेताती हैं, ‘हर बार डील झपटने पर दिमाग को वही डोपामाइन झटका मिलता है, जो जुए में मिलता है और वन-टैप पेमेंट में तो दिमाग को खर्च का एहसास होने से पहले ही पैसा निकल जाता है।’ लाइव शॉपिंग फ्री नहीं, 15% तक कमीशन लाइव शॉपिंग मुफ्त नहीं है। टिकटॉक शॉप यूके 9% तक कमीशन लेती है। ईबे के सामान्य मार्केटप्लेस सेलर्स को कैटेगरी के हिसाब से 7-15% तक कमीशन देने होते हैं। इसके लाइव सेलिंग फॉर्मेट ‘ईबे लाइव’ पर पेमेंट प्रोसेसिंग समेत कुल फीस 8.42% तक जाती है। मैनी मलिक कहती हैं, ‘मीट के धंधे में मार्जिन वैसे भी कम होता है। यह फीस भारी लगती है, पर मुनाफा फिर भी बचा है।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔