Friday, 11 Sep 2026 | 04:02 PM

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यूक्रेन में जहाज पर हमलें में 13 भारतीय फंसे:भारत ने सुरक्षित वापसी की अपील की, 15 क्रू मेंबर सवार थे

यूक्रेन में जहाज पर हमलें में 13 भारतीय फंसे:भारत ने सुरक्षित वापसी की अपील की, 15 क्रू मेंबर सवार थे

यूक्रेन में जहाज पर हमले में 13 भारतीय फंस गए हैं। ‘एमवी अमीर 1’ नाम का जहाज ड्रोन और मिसाइल हमलों की चपेट में आ गया। इसके बाद इंडियन सीमेन यूनियन ने इस मामले में तुरंत मदद की अपील की है। यूनियन के मुताबिक, जहाज के आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश हो रही है। ऐसे में चालक दल के सदस्य हर समय इस डर में जी रहे हैं कि किसी भी वक्त जहाज सीधे हमले की चपेट में आ सकता है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

मस्क ने X मनी फीचर लॉन्च किया:US में यूजर्स एप में ही खोल सकेंगे बैंक अकाउंट, बिल पेमेंट और मनी ट्रांसफर भी कर सकेंगे

मस्क ने X मनी फीचर लॉन्च किया:US में यूजर्स एप में ही खोल सकेंगे बैंक अकाउंट, बिल पेमेंट और मनी ट्रांसफर भी कर सकेंगे

इलॉन मस्क ने X मनी फीचर का रोलआउट शुरू कर दिया है। यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को एवरीथिंग एप बनाने के प्लान के तहत एक बड़ा कदम है। कंपनी ने अभी सिर्फ अमेरिका में अपने प्रीमियम और प्रीमियम+ सब्सक्राइबर्स के लिए यह बैंकिंग सर्विसेज शुरू की हैं। इससे पहले इसे केवल इनवाइट-ओनली बीटा फेज के तहत टेस्ट किया जा रहा था, जिसके बाद 27 जुलाई से इसे ऑफिशियल तौर पर रोलआउट किया गया है। यूजर एप छोड़े बिना कर सकेंगे बैंकिंग के काम X मनी फीचर के जरिए सब्सक्राइबर्स को एप छोड़े बिना ही अपनी रोजमर्रा की बैंकिंग एक्टिविटीज करने की सुविधा मिलेगी। इस सर्विस के तहत यूजर्स को क्रॉस रिवर बैंक के सपोर्ट से डिपॉजिट अकाउंट मिलेगा। इसके जरिए यूजर्स पैसे प्राप्त कर सकेंगे, अन्य X यूजर्स को पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे, बिलों का पेमेंट कर सकेंगे, वायर ट्रांसफर भेज सकेंगे और फिजिकल चेक भी जमा कर सकेंगे। वर्चुअल और मेटल कार्ड, 3% कैशबैक की सुविधा X मनी के तहत एक वर्चुअल वीजा डेबिट कार्ड ऑटोमैटिक जारी हो जाएगा। यह कार्ड एपल पे और गूगल पे दोनों के साथ काम करता है। इसके अलावा यूजर्स एक फिजिकल मेटल कार्ड का भी ऑर्डर दे सकते हैं। यूजर्स के पास यह चुनने का ऑप्शन होगा कि वे इस फिजिकल कार्ड पर अपना X हैंडल प्रिंट करवाना चाहते हैं या नहीं। कार्ड के मुख्य फीचर्स: 6% सालाना ब्याज और फ्री ATM विड्रॉल मौजूदा समय में X मनी की सुविधा केवल अमेरिका के प्रीमियम और प्रीमियम+ सब्सक्राइबर्स के लिए ही उपलब्ध है। एलिजिबल यूजर्स डायरेक्ट डिपॉजिट सेट करके 6% तक का एनुअल परसेंटेज यील्ड (APY) कमा सकते हैं। अन्य सुविधाएं और सिक्योरिटी फीचर्स मस्क का एवरीथिंग एप विजन X मनी का लॉन्च इलॉन मस्क के X को चीन के ‘वीचैट’ की तर्ज पर एक एवरीथिंग एप बनाने के पुराने प्लान का हिस्सा है। इसमें मैसेजिंग, शॉपिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज एक ही प्लेटफॉर्म पर काम करती हैं। साल 2023 में मस्क ने कर्मचारियों से कहा था कि वे चाहते हैं कि X आगे चलकर पीयर-टू-पीयर (P2P) पेमेंट से आगे बढ़कर यूजर्स की पूरी फाइनेंशियल लाइफ को सपोर्ट करे। अमेरिकी सांसदों की नजर, सीनेटर वॉरेन ने जताई चिंता X के फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में कदम रखने पर अमेरिकी सांसदों की जांच और नजर भी बढ़ गई है। सीनेट बैंकिंग कमेटी की टॉप डेमोक्रेट सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने 14 अप्रैल को इलॉन मस्क को एक लेटर लिखा था। उन्होंने पत्र में मस्क से इस बात की पूरी जानकारी मांगी थी कि क्या X बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज को जिम्मेदारी से संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं। वॉरेन ने X के मैनेजमेंट पर चिंता जताते हुए कंज्यूमर्स, राष्ट्रीय सुरक्षा और पूरे फाइनेंशियल सिस्टम के लिए संभावित जोखिमों पर सवाल उठाए थे। क्या होता है एवरीथिंग एप या सुपर एप? एवरीथिंग एप या सुपर एप एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है जो यूजर को एक ही एप के भीतर कई तरह की अलग-अलग सर्विसेज देता है। जैसे- सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल वॉलेट, बैंकिंग, कैब बुकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और बिल पेमेंट। चीन में ‘वीचैट’ इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इलॉन मस्क भी X को इसी तर्ज पर ढाल रहे हैं ताकि यूजर को किसी अन्य काम के लिए एप बदलने की जरूरत न पड़े। एनुअल परसेंटेज यील्ड क्या है? एनुअल परसेंटेज यील्ड यानी APY का मतलब है सालाना मिलने वाला कुल ब्याज का प्रतिशत। इसमें चक्रवृद्वि ब्याज यानी कंपाउंड इंटरेस्ट भी शामिल होता है। यानी अगर आप X मनी के डिपॉजिट अकाउंट में पैसा रखते हैं और डायरेक्ट डिपॉजिट सेट करते हैं, तो आपको सालाना 6% की दर से रिटर्न का फायदा मिल सकता है।

मस्क ने X मनी फीचर लॉन्च किया:US में यूजर्स एप में ही खोल सकेंगे बैंक अकाउंट, बिल पेमेंट और मनी ट्रांसफर भी कर सकेंगे

मस्क ने X मनी फीचर लॉन्च किया:US में यूजर्स एप में ही खोल सकेंगे बैंक अकाउंट, बिल पेमेंट और मनी ट्रांसफर भी कर सकेंगे

इलॉन मस्क ने X मनी फीचर का रोलआउट शुरू कर दिया है। यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को एवरीथिंग एप बनाने के प्लान के तहत एक बड़ा कदम है। कंपनी ने अभी सिर्फ अमेरिका में अपने प्रीमियम और प्रीमियम+ सब्सक्राइबर्स के लिए यह बैंकिंग सर्विसेज शुरू की हैं। इससे पहले इसे केवल इनवाइट-ओनली बीटा फेज के तहत टेस्ट किया जा रहा था, जिसके बाद 27 जुलाई से इसे ऑफिशियल तौर पर रोलआउट किया गया है। यूजर एप छोड़े बिना कर सकेंगे बैंकिंग के काम X मनी फीचर के जरिए सब्सक्राइबर्स को एप छोड़े बिना ही अपनी रोजमर्रा की बैंकिंग एक्टिविटीज करने की सुविधा मिलेगी। इस सर्विस के तहत यूजर्स को क्रॉस रिवर बैंक के सपोर्ट से डिपॉजिट अकाउंट मिलेगा। इसके जरिए यूजर्स पैसे प्राप्त कर सकेंगे, अन्य X यूजर्स को पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे, बिलों का पेमेंट कर सकेंगे, वायर ट्रांसफर भेज सकेंगे और फिजिकल चेक भी जमा कर सकेंगे। वर्चुअल और मेटल कार्ड, 3% कैशबैक की सुविधा X मनी के तहत एक वर्चुअल वीजा डेबिट कार्ड ऑटोमैटिक जारी हो जाएगा। यह कार्ड एपल पे और गूगल पे दोनों के साथ काम करता है। इसके अलावा यूजर्स एक फिजिकल मेटल कार्ड का भी ऑर्डर दे सकते हैं। यूजर्स के पास यह चुनने का ऑप्शन होगा कि वे इस फिजिकल कार्ड पर अपना X हैंडल प्रिंट करवाना चाहते हैं या नहीं। कार्ड के मुख्य फीचर्स: 6% सालाना ब्याज और फ्री ATM विड्रॉल मौजूदा समय में X मनी की सुविधा केवल अमेरिका के प्रीमियम और प्रीमियम+ सब्सक्राइबर्स के लिए ही उपलब्ध है। एलिजिबल यूजर्स डायरेक्ट डिपॉजिट सेट करके 6% तक का एनुअल परसेंटेज यील्ड (APY) कमा सकते हैं। अन्य सुविधाएं और सिक्योरिटी फीचर्स मस्क का एवरीथिंग एप विजन X मनी का लॉन्च इलॉन मस्क के X को चीन के ‘वीचैट’ की तर्ज पर एक एवरीथिंग एप बनाने के पुराने प्लान का हिस्सा है। इसमें मैसेजिंग, शॉपिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज एक ही प्लेटफॉर्म पर काम करती हैं। साल 2023 में मस्क ने कर्मचारियों से कहा था कि वे चाहते हैं कि X आगे चलकर पीयर-टू-पीयर (P2P) पेमेंट से आगे बढ़कर यूजर्स की पूरी फाइनेंशियल लाइफ को सपोर्ट करे। अमेरिकी सांसदों की नजर, सीनेटर वॉरेन ने जताई चिंता X के फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में कदम रखने पर अमेरिकी सांसदों की जांच और नजर भी बढ़ गई है। सीनेट बैंकिंग कमेटी की टॉप डेमोक्रेट सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने 14 अप्रैल को इलॉन मस्क को एक लेटर लिखा था। उन्होंने पत्र में मस्क से इस बात की पूरी जानकारी मांगी थी कि क्या X बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज को जिम्मेदारी से संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं। वॉरेन ने X के मैनेजमेंट पर चिंता जताते हुए कंज्यूमर्स, राष्ट्रीय सुरक्षा और पूरे फाइनेंशियल सिस्टम के लिए संभावित जोखिमों पर सवाल उठाए थे। क्या होता है एवरीथिंग एप या सुपर एप? एवरीथिंग एप या सुपर एप एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है जो यूजर को एक ही एप के भीतर कई तरह की अलग-अलग सर्विसेज देता है। जैसे- सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल वॉलेट, बैंकिंग, कैब बुकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और बिल पेमेंट। चीन में ‘वीचैट’ इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इलॉन मस्क भी X को इसी तर्ज पर ढाल रहे हैं ताकि यूजर को किसी अन्य काम के लिए एप बदलने की जरूरत न पड़े। एनुअल परसेंटेज यील्ड क्या है? एनुअल परसेंटेज यील्ड यानी APY का मतलब है सालाना मिलने वाला कुल ब्याज का प्रतिशत। इसमें चक्रवृद्वि ब्याज यानी कंपाउंड इंटरेस्ट भी शामिल होता है। यानी अगर आप X मनी के डिपॉजिट अकाउंट में पैसा रखते हैं और डायरेक्ट डिपॉजिट सेट करते हैं, तो आपको सालाना 6% की दर से रिटर्न का फायदा मिल सकता है।

India Response Pakistan Cross Border Terrorism Student Protest Statement

India Response Pakistan Cross Border Terrorism Student Protest Statement

2 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत सरकार ने मंगलवार को उन खबरों पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तान के कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और जेन-जी समूहों ने दिल्ली में हुए CJP के छात्र आंदोलन का समर्थन किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी चिंता पाकिस्तान का सीमा पार आतंकवाद है। पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर्स ने समर्थन किया था पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने CJP आंदोलन के समर्थन में पोस्ट किए थे। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के साझा इतिहास का जिक्र करते हुए छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई। इंस्टाग्राम पर करीब तीन लाख फॉलोअर्स वाले पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर बिलाल हसन ने वीडियो जारी कर कहा कि दोनों देशों के बीच नफरत फैलाई गई है, लेकिन पाकिस्तान के लोग आंदोलन के पोस्टर, नारों और संदेशों को समझते हैं। उन्होंने कहा, “हम खुद को इस आंदोलन में देखते हैं। आखिर हम एक बंटे हुए परिवार के बच्चे हैं।” उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बहादुर बताया और कहा कि वे अपने देश का बेहतर भविष्य चाहते हैं। साथ ही छात्रों से अपील की कि वे एकजुट रहें और कोई भी जोखिम सोच-समझकर उठाएं। पाकिस्तानी क्रिएटर्स ने मीम्स और वीडियोज भी बनाए कई पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर्स ने आंदोलन पर वीडियो भी बनाए। कुछ ने मजाक में कहा कि उन्हें जंतर-मंतर पहुंचने से सिर्फ भारत-पाकिस्तान की सीमा रोक रही है। कुछ लोगों ने पाकिस्तानी पासपोर्ट के साथ प्रदर्शन में पहुंचने की कल्पना वाले वीडियो बनाए। एक अन्य वीडियो में एक पाकिस्तानी महिला ने कहा कि भारत के जेन-जी की वजह से उसके लिए भारत से नफरत करना मुश्किल होता जा रहा है। पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर महविश एजाज ने भी छात्र आंदोलन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले छात्रों की संघर्ष की कहानियों ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। वहीं, एक दूसरे पाकिस्तानी इंफ्लुएंसर अहसान मिर्जा ने कहा, “छात्रों को हमेशा छात्रों का साथ देना चाहिए। हम एक जैसे हैं। हमारे पूर्वजों ने एक ही रोटी खाई और अंग्रेजों के खिलाफ साथ लड़ाई लड़ी।” खबर अपडेट की जा रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल तय:केंद्र ने अधिकतम 30 दिन स्टॉक रखने का आदेश दिया; 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू रहेंगे नियम

चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल तय:केंद्र ने अधिकतम 30 दिन स्टॉक रखने का आदेश दिया; 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू रहेंगे नियम

केंद्र सरकार ने देशभर में चीनी की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आदेश जारी कर चीनी व्यापारियों के लिए अधिकतम 30 दिन की स्टॉक लिमिट और 4,000 क्विंटल की होल्डिंग सीमा तय कर दी है। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की गजट अधिसूचना के अनुसार, यह नया आदेश 1 अगस्त 2026 से लागू होगा और 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। मानसून में कमी के अनुमान को देखते हुए घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। देश के किसी भी व्यापारी पर 4,000 क्विंटल की सीमा लागू मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और चीनी (नियंत्रण) आदेश, 2025 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह पाबंदी लगाई है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि देश भर में कोई भी चीनी व्यापारी या डीलर किसी भी स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी स्टॉक में नहीं रख सकेगा। स्टॉक रखने की अवधि की गिनती रसीद की तारीख से होगी केंद्र सरकार के निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि किसी व्यापारी द्वारा स्टॉक रखने की अवधि की गणना उस तारीख से शामिल की जाएगी, जिस दिन व्यापारी को चीनी का स्टॉक प्राप्त हुआ है। इसके अलावा व्यापारी प्राप्त स्टॉक को 30 दिनों से अधिक समय तक होल्ड नहीं कर पाएंगे। राज्य सरकारों को टर्नओवर सीमा तय करने के निर्देश मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को अपने स्तर पर स्टॉक होल्डिंग और टर्नओवर की सीमाएं निर्धारित करने को कहा है। हालांकि, राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी सीमाएं केंद्र द्वारा तय की गई 4,000 क्विंटल की सीमा या 30 दिन की अवधि से अधिक न हों। व्यापारियों को पोर्टल पर अपडेट करना होगा डेटा सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने देश के सभी चीनी व्यापारियों और डीलरों से कहा है कि वे निर्दिष्ट पोर्टल पर अपनी चीनी की स्टॉक स्थिति की घोषणा करें और इसे नियमित रूप से अपडेट करते रहें। PDS और सरकारी चीनी स्टॉक को पाबंदी से छूट यह आदेश सरकारी खाते में रखी गई चीनी पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा, राज्य सरकारों द्वारा नामित डीलरों या राशन दुकानों (PDS) के जरिए वितरण के लिए अधिकृत अधिकारियों के पास मौजूद चीनी के स्टॉक को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है। कम मानसून के अनुमान के बीच चीनी एक्सपोर्ट पर पहले ही बैन कीमतों पर काबू पाने और घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर पहले ही रोक लगा दी है। सरकार ने मई में ही तत्काल प्रभाव से चीनी निर्यात पर बैन लगाया था, जिसकी समयसीमा 30 सितंबर तक तय की गई है। चालू विपणन वर्ष 2025-26 (सितंबर में समाप्त होने वाले) के लिए सरकार ने लगभग 16 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी। इस सीजन में 29.3 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) के अनुसार, एथेनॉल डायवर्जन के बाद 2025-26 मार्केटिंग सीजन में कुल चीनी उत्पादन 29.3 मिलियन टन रहने का अनुमान है। यह पिछले 2024-25 सीजन में दर्ज किए गए 26.12 मिलियन टन उत्पादन से अधिक है। इंडस्ट्री बॉडीज बोलीं- देश में पर्याप्त स्टॉक, सट्टेबाजी न करें हालिया कीमतों में उछाल के बीच 17 जुलाई को चीनी उद्योग निकायों ISMA और NFCSF ने कहा था कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने संस्थागत खरीदारों, थोक और खुदरा व्यापारियों से अपील की थी कि वे कीमतों में बढ़ोतरी के बीच ‘सट्टेबाजी और घबराहट में खरीदारी’ करने से बचें। क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम?

चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल तय:केंद्र ने अधिकतम 30 दिन स्टॉक रखने का आदेश दिया; 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू रहेंगे नियम

चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल तय:केंद्र ने अधिकतम 30 दिन स्टॉक रखने का आदेश दिया; 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू रहेंगे नियम

केंद्र सरकार ने देशभर में चीनी की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आदेश जारी कर चीनी व्यापारियों के लिए अधिकतम 30 दिन की स्टॉक लिमिट और 4,000 क्विंटल की होल्डिंग सीमा तय कर दी है। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की गजट अधिसूचना के अनुसार, यह नया आदेश 1 अगस्त 2026 से लागू होगा और 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। मानसून में कमी के अनुमान को देखते हुए घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। देश के किसी भी व्यापारी पर 4,000 क्विंटल की सीमा लागू मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और चीनी (नियंत्रण) आदेश, 2025 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह पाबंदी लगाई है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि देश भर में कोई भी चीनी व्यापारी या डीलर किसी भी स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी स्टॉक में नहीं रख सकेगा। स्टॉक रखने की अवधि की गिनती रसीद की तारीख से होगी केंद्र सरकार के निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि किसी व्यापारी द्वारा स्टॉक रखने की अवधि की गणना उस तारीख से शामिल की जाएगी, जिस दिन व्यापारी को चीनी का स्टॉक प्राप्त हुआ है। इसके अलावा व्यापारी प्राप्त स्टॉक को 30 दिनों से अधिक समय तक होल्ड नहीं कर पाएंगे। राज्य सरकारों को टर्नओवर सीमा तय करने के निर्देश मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को अपने स्तर पर स्टॉक होल्डिंग और टर्नओवर की सीमाएं निर्धारित करने को कहा है। हालांकि, राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी सीमाएं केंद्र द्वारा तय की गई 4,000 क्विंटल की सीमा या 30 दिन की अवधि से अधिक न हों। व्यापारियों को पोर्टल पर अपडेट करना होगा डेटा सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने देश के सभी चीनी व्यापारियों और डीलरों से कहा है कि वे निर्दिष्ट पोर्टल पर अपनी चीनी की स्टॉक स्थिति की घोषणा करें और इसे नियमित रूप से अपडेट करते रहें। PDS और सरकारी चीनी स्टॉक को पाबंदी से छूट यह आदेश सरकारी खाते में रखी गई चीनी पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा, राज्य सरकारों द्वारा नामित डीलरों या राशन दुकानों (PDS) के जरिए वितरण के लिए अधिकृत अधिकारियों के पास मौजूद चीनी के स्टॉक को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है। कम मानसून के अनुमान के बीच चीनी एक्सपोर्ट पर पहले ही बैन कीमतों पर काबू पाने और घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर पहले ही रोक लगा दी है। सरकार ने मई में ही तत्काल प्रभाव से चीनी निर्यात पर बैन लगाया था, जिसकी समयसीमा 30 सितंबर तक तय की गई है। चालू विपणन वर्ष 2025-26 (सितंबर में समाप्त होने वाले) के लिए सरकार ने लगभग 16 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी। इस सीजन में 29.3 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) के अनुसार, एथेनॉल डायवर्जन के बाद 2025-26 मार्केटिंग सीजन में कुल चीनी उत्पादन 29.3 मिलियन टन रहने का अनुमान है। यह पिछले 2024-25 सीजन में दर्ज किए गए 26.12 मिलियन टन उत्पादन से अधिक है। इंडस्ट्री बॉडीज बोलीं- देश में पर्याप्त स्टॉक, सट्टेबाजी न करें हालिया कीमतों में उछाल के बीच 17 जुलाई को चीनी उद्योग निकायों ISMA और NFCSF ने कहा था कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने संस्थागत खरीदारों, थोक और खुदरा व्यापारियों से अपील की थी कि वे कीमतों में बढ़ोतरी के बीच ‘सट्टेबाजी और घबराहट में खरीदारी’ करने से बचें। क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम?

HCL Chennai Event Controversy | CEO Vijayakumar Faces Salary Hike Protest

HCL Chennai Event Controversy | CEO Vijayakumar Faces Salary Hike Protest

Hindi News Business HCL Chennai Event Controversy | CEO Vijayakumar Faces Salary Hike Protest 11 मिनट पहले कॉपी लिंक HCL ग्रुप के 50वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान उस वक्त भारी ड्रामा देखने को मिला, जब जश्न के माहौल के बीच कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। कंपनी के CEO सी विजयकुमार के स्टेज पर आते ही हॉल में ‘सैलरी हाइक’ के नारे लगने लगे। मुस्कुराते हुए हाथ हिलाते रहे CEO विजयकुमार कर्मचारियों की नारेबाजी और शोर के बावजूद CEO विजयकुमार लगातार मुस्कुराते रहे और दर्शकों का अभिवादन करने के लिए हाथ हिलाते रहे। इसके बाद उन्होंने कर्मचारियों के समूह को संबोधित भी किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर वीडियो वायरल इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने शेयर किया, जिसके बाद यह वीडियो अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी तेजी से वायरल हो गया। इंटरनेट पर लोग इसे एक हाई-प्रोफाइल इवेंट में मैनेजमेंट तक सीधी बात पहुंचाने का मौका बता रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स ने इसे भीड़ के सामने हुआ एक “ईमानदार कर्मचारी मोमेंट” करार दिया। 1994 से कंपनी से जुड़े हैं विजयकुमार सी विजयकुमार ने तमिलनाडु के PSG कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है। वे साल 1994 में सीनियर इंजीनियर के तौर पर HCL में शामिल हुए थे और 2016 से कंपनी के CEO तथा 2021 से मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम-पेमेंट्स-बैंक को बंद करने का आदेश दिया:आरबीआई ने दी जानकारी, नियमों के उल्लंघन पर रद्द हुआ था बैंकिंग लाइसेंस

दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम-पेमेंट्स-बैंक को बंद करने का आदेश दिया:आरबीआई ने दी जानकारी, नियमों के उल्लंघन पर रद्द हुआ था बैंकिंग लाइसेंस

दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को बंद करने का आदेश दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कोर्ट ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 और कंपनीज एक्ट, 2013 के प्रावधानों के तहत यह फैसला सुनाया है। 8 जुलाई से प्रभावी हुआ आदेश आरबीआई के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2026 के आदेश और 22 जुलाई 2026 के आदेश के साथ यह निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व सीजीएम गिरीकुमार एम नायर को पीपीबीएल का आधिकारिक लिक्विडेटर नियुक्त किया है। नायर 8 जुलाई 2026 से बैंक के बोर्ड की सभी शक्तियों का इस्तेमाल करेंगे। उन्हें बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट और कंपनीज एक्ट के तहत निर्धारित सभी अधिकार दिए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर रद्द हुआ था लाइसेंस आरबीआई ने इस साल अप्रैल में पीपीबीएल का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने कहा था कि बैंक का कामकाज जमाकर्ताओं के हितों के खिलाफ था। इससे पहले मार्च 2022 में भी बैंक पर नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगाई गई थी। उस समय बैंक में गंभीर पर्यवेक्षी चिंताएं देखी गई थीं और उसे आईटी सिस्टम का ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया था। पहले भी लगाई गई थीं पाबंदियां पेटीएम पेमेंट्स बैंक विजय शेखर शर्मा की फिनटेक कंपनी पेटीएम की सहयोगी फर्म है। लाइसेंस रद्द करने से पहले 31 जनवरी 2024 और 16 फरवरी 2024 को बैंक पर कई व्यावसायिक प्रतिबंध लगाए गए थे। इसमें ग्राहकों के खातों, प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स और वॉलेट में किसी भी तरह की नई जमा, क्रेडिट या टॉप-अप की सुविधा पर रोक शामिल थी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम-पेमेंट्स-बैंक को बंद करने का आदेश दिया:RBI ने जानकारी दी, नियमों के उल्लंघन पर बैंकिंग लाइसेंस रद्द हुआ था

दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम-पेमेंट्स-बैंक को बंद करने का आदेश दिया:RBI ने जानकारी दी, नियमों के उल्लंघन पर बैंकिंग लाइसेंस रद्द हुआ था

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के लाइसेंस रद्द किए जाने के कुछ महीनों बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है। RBI ने मंगलवार को इस कानूनी फैसले की जानकारी दी। हाईकोर्ट ने SBI के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर गिरिकुमार एम नायर को पेटीएम पेमेंट्स बैंक का ऑफिशियल लिक्विडेटर नियुक्त किया है। नायर 8 जुलाई 2026 से बैंक के बोर्ड की सभी पावर का इस्तेमाल कर रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में क्या कहा गया? RBI ने बयान में बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2026 के आदेश और 22 जुलाई 2026 के आदेश के साथ यह निर्देश जारी किया है। यह कार्रवाई बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 और कंपनीज एक्ट, 2013 के प्रावधानों के तहत की गई है। कोर्ट ने लिक्विडेटर को बैंकिंग और कंपनीज एक्ट के तहत तय सभी अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए कहा है। अप्रैल 2026 में रद्द हुआ था बैंक का लाइसेंस RBI ने लगातार नियमों का पालन न करने की वजह से अप्रैल 2026 में पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। उस समय RBI ने कहा था कि बैंक का कामकाज डिपॉजिटर्स के हितों के खिलाफ चलाया जा रहा। लाइसेंस रद्द करने के साथ ही RBI ने यह स्पष्ट कर दिया था कि वह बैंक को बंद कराने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करेगा। पेटीएम बैंक पर कब-कब हुई कार्रवाई? विजय शेखर शर्मा की लीडरशिप वाली फिनटेक कंपनी पेटीएम की सहयोगी कंपनी पेटीएम पेमेंट्स बैंक को पिछले कुछ सालों में कई बार कड़े नियमों का सामना करना पड़ा… ये खबर भी पढ़ें… फ्रांस में इन्फोसिस पर 2 करोड़ का जुर्माना: वर्किंग आवर्स का सही रिकॉर्ड न रखने का आरोप, वहां हफ्ते में 35 घंटे काम का नियम फ्रांस के श्रम अधिकारियों ने इन्फोसिस पर 1.75 लाख यूरो यानी करीब 2 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। कंपनी की कर्मचारियों के काम के घंटे रिकॉर्ड करने वाली प्रणाली कानूनी जरूरतों के मुताबिक नहीं पाई गई। यह जुर्माना फ्रांस की रिजनल लेबर अथॉरिटी DRIEETS इले-डी-फ्रांस ने लगाया है। इन्फोसिस ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस मामले की जानकारी दी है। पूरी खबर पढ़ें…

विजय के बाद शिल्पा शेट्टी के नाम से फर्जी पोस्ट:एक्ट्रेस ने भड़ककर कहा- मेरे नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे; दावा था- आरक्षण पर बयान दिया

विजय के बाद शिल्पा शेट्टी के नाम से फर्जी पोस्ट:एक्ट्रेस ने भड़ककर कहा- मेरे नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे; दावा था- आरक्षण पर बयान दिया

एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के नाम से आरक्षण पर फर्जी पोस्ट वायरल हो गई। जानकारी मिलने पर एक्ट्रेस भड़क गईं और उन्होंने साफ किया कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल हो रहा है। शिल्पा शेट्टी ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, आरक्षण को लेकर मेरे नाम से जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह झूठी हैं। मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। कुछ लोग जानबूझकर मेरे नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और फर्जी खबर फैला रहे हैं। ऐसी फर्जी न्यूज पर बिल्कुल भरोसा मत कीजिए।” विजय वर्मा ने भी फर्जी पोस्ट वायरल होने पर दी सफाई हाल ही में एक्टर विजय वर्मा के नाम से भी रिजर्वेशन पर एक पोस्ट वायरल हो गई। पोस्ट में विजय के नाम से लिखा गया था, “मेरे पिता ने मारुति 800 खरीदी थी, जब मैं पैदा हुआ था। जब मैं 12वीं कक्षा में पहुंचा, तब उन्होंने होंडा सिटी खरीदी। मैं उसी कार से कॉलेज जाता था, जबकि मेरा सबसे अच्छा दोस्त, जो एक मारवाड़ी परिवार से था, अब भी 12 साल पुरानी हीरो होंडा बाइक चलाता था। हमने एक सरकारी नौकरी की परीक्षा दी। उसने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन उसे सीट नहीं मिली। नतीजे वाले दिन वह रोते हुए घर लौटा, जबकि मैं मुस्कुराते हुए घर गया। मैं उस आरक्षण का हकदार नहीं था, लेकिन मुझे वह मिला। अगर मेरा नहीं, तो कम से कम उसके लिए तो निष्पक्ष मौका उसका अधिकार था।” पोस्ट वायरल होने के बाद विजय ने सफाई देते हुए कहा, “मैंने यह कभी पोस्ट नहीं किया। यह पूरी तरह झूठ है।” रिजर्वेशन पर क्यों वायरल हो रही हैं सेलेब्स की पोस्ट नीट पेपर लीक के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन के बाद शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को इस्तीफा दे दिया है। इस मुद्दे पर जीत के बाद कई लोग जनरल कैटेगरी के लोगों को सामान्य अधिकार न मिलने पर सवाल उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसके लिए भी विरोध करने की बात कही, जिसके बाद से ही रिजर्वेशन का मुद्दा गरम हो गया। इसी बीच सेलेब्स को इससे जोड़ा जा रहा है।