देश में 576 अरबपति, 5 साल में चार गुना बढ़े:सरकार को नहीं पता अरबपतियों के पास कितनी संपत्ति, दावा- बेरोजगारी और गरीबी घटी

देश में पिछले पांच साल में अरबपतियों की संख्या में चार गुना से ज्यादा का इजाफा हुआ है। साल 2021-22 में 142 अरबपति थे। 2025-26 में अरबपतियों की संख्या बढ़कर 576 हो गई है। सरकार ने अरबपतियों की संख्या बताई है, लेकिन अलग-अलग अरबपतियों की कुल आय का ब्योरा नहीं दिया है। दौसा से कांग्रेस सांसद मुरारीलाल मीणा के सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि आयकर एक्ट में अरबपति शब्द की कोई वैधानिक परिभाषा नहीं है। लेकिन आयकर विवरण (ITR) में सालाना 100 करोड़ या इससे ज्यादा की आय दिखाने वालों का ब्योरा दिया है। सरकार के पास अरबपतियों की कुल संपत्ति का ब्योरा नहीं सरकार के पास अरबपतियों की कुल संपत्ति का ब्योरा नहीं है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि सरकार के पास करदाताओं की कुल संपत्ति का कोई आधिकारिक या संकलित डेटा नहीं है। इसका कारण यह है कि संपत्ति कर अधिनियम, 1957 को एक अप्रैल 2016 से खत्म कर दिया गया। घरेलू खर्च में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का अंतर कम जवाब के अनुसार, घरेलू खर्च में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का अंतर कम हो रहा है। घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गिनी गुणांक (लोगों के बीच आय या धन की असमानता) 0.237 और शहरी क्षेत्रों के लिए 0.284 दर्ज किया गया है। यह 2022-23 के आंकड़ों से कम है, जो यह दिखाता है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच का अंतर कम हो रहा है। 13.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) की रिपोर्ट के अनुसार, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के श्रम बाजार कोविड-पूर्व स्तर से बेहतर स्थिति में हैं। 15 साल और इससे ज्यादा उम्र के व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी दर 2022 के 3.6% से घटकर 2025 में 3.1% हो गई है। नीति आयोग के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक के निष्कर्ष बताते हैं कि साल 2015-16 और 2019-21 के बीच देश में बहुआयामी गरीबी का अनुपात 24.85% से घटकर 14.96% रह गया है। इस अवधि में लगभग 13.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। असमानता कम करने के लिए ज्यादा आय वालों पर सरचार्ज लगाया वित्त राज्य मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि देश में असमानता कम करने और रोजगार सृजन के लिए सरकार ने कई मोर्चों पर सुधारात्मक कदम उठाए हैं। अत्यधिक आय वाले व्यक्तियों पर सामान्य टैक्स के अलावा सरचार्ज लगाया है।
कंगना ने नई जनरेशन की महिलाओं को कहा- गटर छाप:कहा- नशा, शराब, कई आदमियों से यौन संबंध बनाना इनके लिए आजादी, हाउसवाइफ तक नहीं बन सकतीं

सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने नई पीढ़ी की भारतीय महिलाओं को गटर कहा है। कंगना का कहना है कि ये महिलाएं स्वतंत्र महिलाओं की नकल उतारते हुए नशे करने, शराब पीने और अनगिनत आदमियों से यौन संबंध बनाने को स्वतंत्रता कहती हैं। कंगना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन से लिखा है, ‘सबसे शर्मनाक बात उन युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है, जो स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नहीं निभाना चाहतीं। असल में स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की पूरी जिम्मेदारी भी उठाती हैं। उन्हें अपने कर्मों की कीमत खुद चुकानी पड़ती है। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।’ आगे कंगना ने लिखा, ‘आज तथाकथित वेस्टर्न सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है। मैं इन्हें ‘गटर जेनरेशन’ कहती हूं। इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन इतनी बदसूरत सोच और भ्रष्ट मानसिकता रखती हैं कि अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं।’ ‘इसके बावजूद वे अपनी तथाकथित आजादी का दिखावा करती हैं, नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं और लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी याद दिला दूं, आजाद जीवन कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, ‘गटर छाप’।’ स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर कहा था- कैसी परवरिश हो रही है भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने सोमवार को स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर भी विवादित राय दी और नई जनरेशन की परवरिश पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया से लिखा, ‘अपनी पूरी जिंदगी में मैंने कभी इतनी बदसूरती एक साथ नहीं देखी। Gen Z के विरोध-प्रदर्शनों की ये रीलें देखकर घिन आती है। इन लोगों के बोलने का तरीका और जिस भाषा का ये इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसा मैंने पहले कभी नहीं देखा। हर फ्रेम इतना अजीब और परेशान करने वाला है कि देखकर घिन होती है। आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कौन कर रहा है?’ स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ भी दिए कई बयान कंगना रनोट ने सोशल मीडिया के जरिए स्टूडेंट प्रोटेस्ट का जमकर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि किसी को पद से हटाने या रखने के लिए सरकार पर दबाव बनाना गलत है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मुद्दों पर बहस के लिए संसद सही जगह है, न कि आंदोलन। कंगना ने कहा था की ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं, उत्पात मचा रहे हैं। जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वो ठीक नहीं है। दरअसल दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) छात्रों की मांगों के समर्थन में कई दिनों से प्रदर्शन कर रही है। इसके बाद जब प्रोटेस्ट खत्म हुआ तो कंगना ने प्रदर्शनकारियों की भाषा की आलोचना की।
कंगना ने नई जनरेशन की महिलाओं को कहा- गटर छाप:कहा- नशा, शराब, कई आदमियों से यौन संबंध बनाना इनके लिए आजादी, हाउसवाइफ तक नहीं बन सकतीं

सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने नई पीढ़ी की भारतीय महिलाओं को गटर कहा है। कंगना का कहना है कि ये महिलाएं स्वतंत्र महिलाओं की नकल उतारते हुए नशे करने, शराब पीने और अनगिनत आदमियों से यौन संबंध बनाने को स्वतंत्रता कहती हैं। कंगना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन से लिखा है, ‘सबसे शर्मनाक बात उन युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है, जो स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नहीं निभाना चाहतीं। असल में स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की पूरी जिम्मेदारी भी उठाती हैं। उन्हें अपने कर्मों की कीमत खुद चुकानी पड़ती है। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।’ आगे कंगना ने लिखा, ‘आज तथाकथित वेस्टर्न सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है। मैं इन्हें ‘गटर जेनरेशन’ कहती हूं। इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन इतनी बदसूरत सोच और भ्रष्ट मानसिकता रखती हैं कि अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं।’ ‘इसके बावजूद वे अपनी तथाकथित आजादी का दिखावा करती हैं, नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं और लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी याद दिला दूं, आजाद जीवन कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, ‘गटर छाप’।’ स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर कहा था- कैसी परवरिश हो रही है भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने सोमवार को स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर भी विवादित राय दी और नई जनरेशन की परवरिश पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया से लिखा, ‘अपनी पूरी जिंदगी में मैंने कभी इतनी बदसूरती एक साथ नहीं देखी। Gen Z के विरोध-प्रदर्शनों की ये रीलें देखकर घिन आती है। इन लोगों के बोलने का तरीका और जिस भाषा का ये इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसा मैंने पहले कभी नहीं देखा। हर फ्रेम इतना अजीब और परेशान करने वाला है कि देखकर घिन होती है। आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कौन कर रहा है?’ स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ भी दिए कई बयान कंगना रनोट ने सोशल मीडिया के जरिए स्टूडेंट प्रोटेस्ट का जमकर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि किसी को पद से हटाने या रखने के लिए सरकार पर दबाव बनाना गलत है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मुद्दों पर बहस के लिए संसद सही जगह है, न कि आंदोलन। कंगना ने कहा था की ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं, उत्पात मचा रहे हैं। जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वो ठीक नहीं है। दरअसल दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) छात्रों की मांगों के समर्थन में कई दिनों से प्रदर्शन कर रही है। इसके बाद जब प्रोटेस्ट खत्म हुआ तो कंगना ने प्रदर्शनकारियों की भाषा की आलोचना की।
सेंसेक्स में 100 अंक की बढ़त:76,900 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 100 अंक चढ़ा; IT और FMCG शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 28 जुलाई को बढ़त देखने को मिल रही है। सेंसेक्स करीब 100 अंक की बढ़त के साथ 76,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी भी करीब 50 अंक की बढ़त है, ये 24,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और FMCG शेयर्स में आज ज्यादा खरीदारी है। 87 डॉलर पर आया कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के दाम में आज करीब 2% की गिरावट है। ये आज 87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव में कमी आने में दामों में गिरावट है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार 27 जुलाई को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹9,400 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी बढ़त इससे पहले कल यानी 27 जुलाई को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 776 अंक की बढ़त के साथ 76,836 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 229 अंक की बढ़त रही, ये 23,996 पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स में 100 अंक की बढ़त:76,900 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 100 अंक चढ़ा; IT और FMCG शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 28 जुलाई को बढ़त देखने को मिल रही है। सेंसेक्स करीब 100 अंक की बढ़त के साथ 76,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी भी करीब 50 अंक की बढ़त है, ये 24,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और FMCG शेयर्स में आज ज्यादा खरीदारी है। 87 डॉलर पर आया कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के दाम में आज करीब 2% की गिरावट है। ये आज 87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव में कमी आने में दामों में गिरावट है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार 27 जुलाई को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹9,400 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी बढ़त इससे पहले कल यानी 27 जुलाई को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 776 अंक की बढ़त के साथ 76,836 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 229 अंक की बढ़त रही, ये 23,996 पर बंद हुआ था।
Govind Dev Brahm Announces The Accidental Cockroach Party Film in Jaipur

जयपुर11 मिनट पहलेलेखक: अनुराग त्रिवेदी कॉपी लिंक दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन पर फिल्म बनेगी। जयपुर में गोवंश अखाड़ा के गोविंद देव ‘ब्रह्म’ ने इस आंदोलन पर फिल्म ‘द एक्सीडेंटल कॉकरोच पार्टी’ बनाने की घोषणा की है। उनका दावा है कि यह फिल्म आंदोलन के पीछे की उन परतों को सामने लाएगी, जो आम लोगों के सामने नहीं आ सकीं। जयपुर में दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा- फिल्म का उद्देश्य आंदोलन के पीछे की सच्चाई और कथित राजनीतिक साजिशों को उजागर करना है। उन्होंने कहा- मैं पेपर लीक से प्रभावित छात्रों की मांगों को सही मानता हूं। लेकिन उनका आरोप है कि आंदोलन का इस्तेमाल किसी दूसरे उद्देश्य के लिए किया जा रहा था। हाल ही में फिल्म ‘द एक्सीडेंटल कॉकरोच पार्टी’ का पोस्टर जारी किया। गोविंद देव ‘ब्रह्म’ ने कहा कि फिल्म के जरिए आंदोलन के पीछे की परतों को सामने लाएंगे। अब पढ़िए गोविंद देव ‘ब्रह्म से पूरी बातचीत… सवाल: यह फिल्म किस विषय पर है? आपने इसे बनाने का फैसला क्यों किया? गोविंद देव ‘ब्रह्म’: फिल्म ‘द एक्सीडेंटल कॉकरोच पार्टी’ एक बेहद संवेदनशील विषय पर आधारित है। हमारा दावा है कि आंदोलन के दौरान जो कुछ सामने दिखा, उसके पीछे कई ऐसी बातें थीं, जो लोगों को पता नहीं चल सकीं। हमारे पास ऐसे लोगों की जानकारी और अनुभव हैं, जो उस आंदोलन से जुड़े रहे। उनका कहना है कि अगर यह आंदोलन दो-तीन दिन और चलता तो देश में हालात काफी गंभीर हो सकते थे। फिल्म के जरिए उन्हीं तथ्यों को सामने लाया जाएगा। सवाल: क्या आप छात्रों के आंदोलन को गलत मानते हैं? गोविंद देव ‘ब्रह्म’: बिल्कुल नहीं। मैं कहना चाहता हूं कि पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन पूरी तरह जायज था। जिन युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ और जिन्होंने अपनी जान तक गंवाई, उनका दर्द वास्तविक है। हमारा कहना यह है कि कुछ लोगों ने इसी असली मुद्दे का इस्तेमाल अपने अलग उद्देश्य के लिए करने की कोशिश की। फिल्म में इसी पहलू को दिखाया जाएगा। गोविंद देव ‘ब्रह्म’ ने फिल्म के पोस्टर जारी किया। सवाल: आपकी फिल्म में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी जिक्र होगा? गोविंद देव ‘ब्रह्म’: हां, लेकिन हमारा फोकस इस्तीफे पर नहीं है। छात्रों की मांगें अपनी जगह सही थीं और उनका पक्ष भी फिल्म में रहेगा। हमारा सवाल यह है कि कहीं इस पूरे आंदोलन का इस्तेमाल किसी बड़े राजनीतिक एजेंडे के लिए तो नहीं किया गया। फिल्म इसी पहलू को सामने रखेगी। 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न मनाते लोग। सवाल: पेपर लीक और छात्रों की मौत को आप किस नजरिए से देखते हैं? गोविंद देव ‘ब्रह्म’: यह बहुत दुखद घटनाएं हैं। जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनका दर्द किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फिल्म में इस पहलू को भी पूरी संवेदनशीलता के साथ दिखाया जाएगा। हमारा मानना है कि उनके दर्द और गुस्से का इस्तेमाल कुछ लोग अपने राजनीतिक हितों के लिए करना चाहते थे। यही फिल्म का मुख्य विषय है। सवाल: आपके बारे में भी बताइए। आप पहले क्या करते थे? गोविंद देव ‘ब्रह्म’: मेरा मूल क्षेत्र लेखन रहा है। मैंने पहले कई टीवी और फिल्मी प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। ‘राखी का स्वयंवर’ की स्क्रिप्ट मैंने लिखी थी। इसके अलावा किन्नरों पर बनी फिल्म ‘अधूरी ख्वाहिश’ भी मैंने लिखी और बनाई, जिसे कई पुरस्कार मिले। बाद में मेरी रुचि पूरी तरह अध्यात्म और सनातन की ओर बढ़ी और अब उसी दिशा में काम कर रहा हूं। गोविंद देव ‘ब्रह्म’ ने कहा- मैंने कई टीवी और फिल्मी प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। … यह खबर भी पढ़ें… धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया, जयपुर में छात्रों का जश्न:शहीद स्मारक पर स्टूडेंट्स ने किया डांस; कोटा-सीकर में आतिशबाजी, कांग्रेस ने विजय मार्च निकाला दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जयपुर के शहीद स्मारक पर बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स जुटे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों ने जश्न मनाया। बड़ी संख्या में छात्रों ने नाच-गाकर अपनी खुशी का इजहार किया। कांग्रेस ने प्रदेश में जगह-जगह विजय मार्च निकाला। (पूरी खबर पढ़ें) दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
यौन अपराधी एपस्टीन की करोड़ों की संपत्ति किसे मिलेगी:बेलारूस की डेंटिस्ट सबसे बड़ी दावेदार, एपस्टीन ने मरने से पहले आखिरी कॉल उन्हें किया था

दुनिया के सबसे चर्चित यौन अपराधियों में शामिल जेफ्री एपस्टीन की मौत को सात साल हो चुके हैं, लेकिन उसकी अरबों की संपत्ति को लेकर विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। अमेरिकी जांच एजेंसियों के नए दस्तावेज सामने आने के बाद माना जा रहा है कि बेलारूस की रहने वाली 37 साल की डेंटिस्ट कारिना शुलियाक एपस्टीन की संपत्ति की सबसे बड़ी दावेदार हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, एपस्टीन ने मरने से पहले अपनी वसीयत में उनके लिए करीब 959 करोड़ रुपए तक की संपत्ति और 33 कैरेट की हीरे की अंगूठी छोड़ी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, डॉ. शुलियाक एपस्टीन की गर्लफ्रेंड रही हैं। 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या करने से पहले एपस्टीन ने आखिरी फोन भी उन्हें ही किया था। दोनों के निजी ईमेल-तस्वीरें जारी हुए डॉ. कारिना शुलियाक 2019 में एपस्टीन की मौत के बाद से लोगों की नजरों से दूर रहकर सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश कर रही थी। लेकिन उनकी यह कोशिश ज्यादा समय तक नहीं चल सकी। जनवरी के आखिर में अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफ्री एपस्टीन से जुड़े करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेज और ईमेल जारी कर दिए। इन रिकॉर्ड में डॉ. शुलियाक और एपस्टीन के बीच हुए हजारों निजी ईमेल और दोनों की साथ में ली गई कई तस्वीरें भी शामिल थीं। इसके बाद दोनों का करीब 8 साल लंबा रिश्ता सबके सामने आ गया। रिकॉर्ड के मुताबिक, बेलारूस में जन्मीं शुलियाक ने खुद को कभी एपस्टीन की पीड़िता नहीं बताया। वहीं, एफबीआई ने भी उनसे एपस्टीन के मामले में कभी पूछताछ नहीं की। एपस्टीन की सैकड़ों पीड़िताओं की ओर से केस लड़ने वाले वकीलों ने भी उनका बयान कभी दर्ज नहीं कराया। 21 साल की उम्र में एपस्टीन से मिली थी जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, मार्च 2011 के आखिर में डॉ. कारिना शुलियाक की मुलाकात जेफ्री एपस्टीन से हुई थी। तब वह 21 साल की थीं और न्यूयॉर्क आए सिर्फ नौ महीने हुए थे। वह बेलारूस से अस्थायी स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आई थीं, ताकि वहां डेंटिस्ट की अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। उस समय एपस्टीन फ्लोरिडा में एक नाबालिग लड़की से वेश्यावृत्ति कराने के मामले में अपना अपराध स्वीकार कर चुका था और उस पर दर्जनों नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी थे। द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, साइबेरिया की एक लड़की ने दोनों की मुलाकात कराई थी। उस महिला ने बताया कि उससे समय-समय पर दूसरी युवा महिलाओं को भी एपस्टीन के पास लाने के लिए कहा जाता था। शुरुआती मुलाकातों में एपस्टीन ने महंगे तोहफों और दूसरी सुविधाओं से शुलियाक को प्रभावित करने की कोशिश की। पहली ही मुलाकात के दौरान उसने उनके डेंटिस्ट बनने के सपने को पूरा कराने में मदद करने की पेशकश भी की। डॉ. शुलियाक पर जमकर खर्च करता था एपस्टीन एपस्टीन डॉ. शुलियाक को अपनी सबसे पसंदीदा बता चुका था और अक्सर कहता था कि वह उनसे प्यार करता है। उसने उन्हें अपनी क्रेडिट कार्ड से मनचाही खरीदारी करने की पूरी छूट दे रखी थी। दोनों कई देशों में साथ घूमते थे। एपस्टीन ने कई सालों में उन्हें करीब 10 लाख डॉलर दिए। इतना ही नहीं, उसने बेलारूस में रहने वाले उनके माता-पिता को भी हजारों डॉलर भेजे थे। ईमेल से यह भी पता चलता है कि 2012 में एपस्टीन ने उन्हें कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल स्कूल में दाखिला दिलाने में मदद की थी और तीन साल की पढ़ाई की पूरी फीस भी भरने का फैसला किया था। समय के साथ डॉ. शुलियाक ने जेफ्री एपस्टीन का इतना भरोसा जीत लिया कि वह उसकी संपत्तियों और कर्मचारियों के मैनेजमेंट में भी मदद करने लगीं। एपस्टीन ने ग्रीन कार्ड दिलाने में भी मदद की 2012 में डॉ. कारिना शुलियाक ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए आवेदन किया। तब तक उनका स्टूडेंट वीजा खत्म हो चुका था और वह तय समय से ज्यादा अमेरिका में रह रही थीं। अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक, 2013 की शुरुआत में जेफ्री एपस्टीन ने उन्हें अमेरिका में रखने का रास्ता निकाला। उस समय न्यूयॉर्क में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिल चुकी थी। एपस्टीन का मानना था कि अगर कारिना की शादी किसी अमेरिकी महिला से करा दी जाए, तो उन्हें ग्रीन कार्ड और बाद में नागरिकता मिलने का रास्ता आसान हो जाएगा। इसके लिए उसने अपनी एक महिला असिस्टेंट से कारिना की शादी कराई। एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा था कि ग्रीन कार्ड पाने का सबसे तेज तरीका समलैंगिक विवाह है। बाद में अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट सांसदों ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि यह शादी सिर्फ कागजों पर दिखाई गई थी। मई 2018 में डॉ. शुलियाक अमेरिकी नागरिक बन गईं और करीब एक साल बाद उनका तलाक हो गया। मौत से पहले एपस्टीन ने डॉ. शुलियाक के नाम की संपत्ति जुलाई 2019 में जैफ्री एप्सटीन की गिरफ्तारी हो गई। इसके एक महीने बाद उनकी डॉ. शुलियाक से आखिरी बार करीब 20 मिनट फोन पर बातचीत हुई। एपस्टीन ने कहा कि सेक्स ट्रैफिकिंग का मामला उम्मीद से ज्यादा लंबा चलेगा। अगले ही दिन, 10 अगस्त 2019 को एपस्टीन अपनी जेल में मृत मिला। अधिकारियों ने उसकी मौत को आत्महत्या बताया। दस्तावेजों के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले एपस्टीन ने अपनी वसीयत में बदलाव किया था। एक नोट में उसने अपनी उस समय की 60 करोड़ डॉलर की संपत्ति का बड़ा हिस्सा डॉ. शुलियाक के नाम करने की बात लिखी थी। इसमें शादी के इरादे से दी जाने वाली एक बड़ी हीरे की अंगूठी का भी जिक्र था।
यौन अपराधी एपस्टीन की करोड़ों की संपत्ति किसे मिलेगी:बेलारूस की डेंटिस्ट सबसे बड़ी दावेदार, एपस्टीन ने मरने से पहले आखिरी कॉल उन्हें किया था

दुनिया के सबसे कुख्यात यौन अपराधियों में शामिल जेफ्री एपस्टीन की मौत को सात साल हो चुके हैं, लेकिन उसकी अरबों रुपए की संपत्ति को लेकर विवाद अब भी जारी है। अमेरिकी जांच एजेंसियों के नए दस्तावेजों से पता चला है कि बेलारूस की 37 वर्षीय डेंटिस्ट कारिना शुलियाक उसकी संपत्ति की सबसे बड़ी दावेदार हो सकती हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, एपस्टीन ने अपनी वसीयत में कारिना के नाम करीब 959 करोड़ रुपए की संपत्ति और 33 कैरेट की हीरे की अंगूठी छोड़ी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कारिना शुलियाक एपस्टीन की गर्लफ्रेंड थीं। 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या से पहले एपस्टीन ने आखिरी फोन कॉल भी उन्हें ही किया था। दोनों के प्राइवेट ईमेल और तस्वीरें सार्वजनिक हुईं जेफ्री एपस्टीन की 2019 में मौत के बाद डॉ. कारिना शुलियाक लोगों की नजरों से दूर रहकर सामान्य जिंदगी जी रही थीं। हालांकि, यह ज्यादा समय तक नहीं चल सका। जनवरी के आखिर में अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से जुड़े करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेज, ईमेल और रिकॉर्ड जारी किए। इनमें डॉ. कारिना शुलियाक और एपस्टीन के बीच हुए हजारों निजी ईमेल और दोनों की साथ में ली गई कई तस्वीरें भी शामिल हैं। इन दस्तावेजों से दोनों के करीब 8 साल पुराने रिश्ते का खुलासा हुआ। रिकॉर्ड के मुताबिक, बेलारूस में जन्मीं कारिना शुलियाक ने कभी खुद को एपस्टीन की पीड़िता नहीं बताया। वहीं, एफबीआई ने भी एपस्टीन मामले में उनसे कभी पूछताछ नहीं की। एपस्टीन की सैकड़ों कथित पीड़िताओं की ओर से केस लड़ने वाले वकीलों ने भी उनका बयान कभी दर्ज नहीं कराया। 21 साल की उम्र में एपस्टीन से मिली थीं कारिना जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, मार्च 2011 के आखिर में डॉ. कारिना शुलियाक की मुलाकात जेफ्री एपस्टीन से हुई थी। तब वह 21 साल की थीं और न्यूयॉर्क आए उन्हें सिर्फ नौ महीने हुए थे। वह बेलारूस से स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आई थीं, ताकि डेंटिस्ट की पढ़ाई पूरी कर सकें। उस समय एपस्टीन फ्लोरिडा में एक नाबालिग लड़की से वेश्यावृत्ति कराने के मामले में अपना अपराध स्वीकार कर चुका था। उस पर दर्जनों नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी लग चुके थे। एक महिला ने कराई थी मुलाकात द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, दोनों की मुलाकात एक महिला ने कराई थी। उस महिला ने बताया कि उससे समय-समय पर दूसरी युवा महिलाओं को भी एपस्टीन के पास लाने के लिए कहा जाता था। महंगे तोहफों से प्रभावित करने की कोशिश शुरुआती मुलाकातों में एपस्टीन ने कारिना को महंगे तोहफे और दूसरी सुविधाएं देकर प्रभावित करने की कोशिश की। पहली मुलाकात में ही उसने उनके डेंटिस्ट बनने के सपने को पूरा करने में मदद की पेशकश भी की। शुलियाक पर जमकर खर्च करता था एपस्टीन जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, जेफ्री एपस्टीन डॉ. कारिना शुलियाक को अपनी सबसे पसंदीदा बताता था और अक्सर कहता था कि वह उनसे प्यार करता है। उसने उन्हें अपने क्रेडिट कार्ड से मनचाही खरीदारी की पूरी छूट दे रखी थी। दोनों कई देशों की यात्रा भी साथ करते थे। रिकॉर्ड के अनुसार, एपस्टीन ने कई वर्षों में कारिना को करीब 10 लाख डॉलर दिए। उसने बेलारूस में रहने वाले उनके माता-पिता को भी हजारों डॉलर भेजे थे। ईमेल से यह भी पता चलता है कि 2012 में एपस्टीन ने कारिना का कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल स्कूल में दाखिला कराने में मदद की। उसने तीन साल की पढ़ाई की पूरी फीस भरने का भी फैसला किया था। समय के साथ कारिना ने एपस्टीन का इतना भरोसा जीत लिया कि वह उसकी संपत्तियों और कर्मचारियों के प्रबंधन में भी मदद करने लगीं। ग्रीन कार्ड दिलाने के लिए कराई थी समलैंगिक शादी 2012 में डॉ. कारिना शुलियाक ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए आवेदन किया। तब तक उनका स्टूडेंट वीजा खत्म हो चुका था और वह तय समय से ज्यादा अमेरिका में रह रही थीं। अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक, 2013 की शुरुआत में जेफ्री एपस्टीन ने उन्हें अमेरिका में रखने का रास्ता निकाला। उस समय न्यूयॉर्क में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिल चुकी थी। एपस्टीन का मानना था कि किसी अमेरिकी महिला से शादी होने पर कारिना के लिए ग्रीन कार्ड और बाद में नागरिकता हासिल करना आसान हो जाएगा। इसी योजना के तहत उसने अपनी एक महिला कर्मचारी से कारिना की शादी कराई। एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा था कि ग्रीन कार्ड पाने का सबसे तेज तरीका समलैंगिक विवाह है। बाद में अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट सांसदों ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का दुरुपयोग किया। उनका कहना था कि यह शादी सिर्फ कागजों पर थी। मई 2018 में डॉ. कारिना शुलियाक अमेरिकी नागरिक बन गईं और करीब एक साल बाद उनका तलाक हो गया। मौत से पहले वसीयत में कारिना का नाम जोड़ा जुलाई 2019 में जेफ्री एपस्टीन को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद उसकी डॉ. कारिना शुलियाक से आखिरी बार करीब 20 मिनट फोन पर बात हुई। इस दौरान उसने कहा था कि सेक्स ट्रैफिकिंग का मामला उसकी उम्मीद से ज्यादा लंबा चलेगा। अगले ही दिन, 10 अगस्त 2019 को एपस्टीन न्यूयॉर्क की जेल में मृत मिला। अधिकारियों ने उसकी मौत को आत्महत्या बताया। दस्तावेजों के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले एपस्टीन ने अपनी वसीयत में बदलाव किया था। एक नोट में उसने अपनी उस समय की 60 करोड़ डॉलर की संपत्ति का बड़ा हिस्सा डॉ. कारिना शुलियाक के नाम करने की बात लिखी थी। इसमें शादी के इरादे से दी जाने वाली एक बड़ी हीरे की अंगूठी का भी जिक्र था।
World News Updates; Trump Warns Iran of Fresh Strikes

Hindi News International World News Updates; Trump Warns Iran Of Fresh Strikes | Trump Netanyahu Meeting Canada US Consulate Firing 6 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा के टोरंटो में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर सोमवार सुबह फायरिंग हुई। राहत की बात यह रही कि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ। हालांकि, गोली लगने से दूतावास की इमारत के बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचा है। पुलिस को मौके से एक कारतूस का खोल मिला है। अधिकारियों के मुताबिक, फायरिंग के तुरंत बाद एक सफेद सेडान कार तेज रफ्तार से वहां से निकलती दिखी। पुलिस ने पीछा भी किया, लेकिन कार की रफ्तार ज्यादा होने और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पीछा बीच में ही रोकना पड़ा। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह इस मामले में कनाडा की एजेंसियों के संपर्क में है। वहीं, ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने कहा कि हमले के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें जल्द पकड़कर सख्त सजा दिलाई जाएगी। यह पहली बार नहीं है। 10 मार्च को भी इसी अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर कई राउंड फायरिंग हुई थी। उस मामले में आरोपियों की तलाश के दौरान एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी। टोरंटो पुलिस ने जून में दावा किया था कि कुछ युवाओं को एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए भर्ती किया जा रहा है। उन्हें अलग-अलग जगहों पर फायरिंग करने और उसका वीडियो बनाकर भेजने के बदले पैसे देने का लालच दिया जाता है। पुलिस के मुताबिक, निशाने पर यहूदी प्रार्थना स्थल (सिनेगॉग), यहूदी स्कूल, एक कचरा प्रबंधन कंपनी और अमेरिकी वाणिज्य दूतावास जैसी जगहें रही हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
World News Updates; Trump Warns Iran of Fresh Strikes

Hindi News International World News Updates; Trump Warns Iran Of Fresh Strikes | Trump Netanyahu Meeting Canada US Consulate Firing 39 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा के टोरंटो में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर सोमवार सुबह फायरिंग हुई। राहत की बात यह रही कि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ। हालांकि, गोली लगने से दूतावास की इमारत के बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचा है। पुलिस को मौके से एक कारतूस का खोल मिला है। अधिकारियों के मुताबिक, फायरिंग के तुरंत बाद एक सफेद सेडान कार तेज रफ्तार से वहां से निकलती दिखी। पुलिस ने पीछा भी किया, लेकिन कार की रफ्तार ज्यादा होने और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पीछा बीच में ही रोकना पड़ा। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह इस मामले में कनाडा की एजेंसियों के संपर्क में है। वहीं, ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने कहा कि हमले के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें जल्द पकड़कर सख्त सजा दिलाई जाएगी। यह पहली बार नहीं है। 10 मार्च को भी इसी अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर कई राउंड फायरिंग हुई थी। उस मामले में आरोपियों की तलाश के दौरान एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी। टोरंटो पुलिस ने जून में दावा किया था कि कुछ युवाओं को एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए भर्ती किया जा रहा है। उन्हें अलग-अलग जगहों पर फायरिंग करने और उसका वीडियो बनाकर भेजने के बदले पैसे देने का लालच दिया जाता है। पुलिस के मुताबिक, निशाने पर यहूदी प्रार्थना स्थल (सिनेगॉग), यहूदी स्कूल, एक कचरा प्रबंधन कंपनी और अमेरिकी वाणिज्य दूतावास जैसी जगहें रही हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔







