Tuesday, 15 Sep 2026 | 10:25 AM

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शाहरुख की फिल्मों में सबसे ज्यादा मेहनत करते थे:ललित पंडित बोले- आज के संगीत में अच्छे गीतकारों की सबसे ज्यादा कमी खलती है

शाहरुख की फिल्मों में सबसे ज्यादा मेहनत करते थे:ललित पंडित बोले- आज के संगीत में अच्छे गीतकारों की सबसे ज्यादा कमी खलती है

‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘जो जीता वही सिकंदर’, ‘फना’ और ‘हम तुम’ जैसी फिल्मों का संगीत देने वाले ललित पंडित गुरु पूर्णिमा पर साईं बाबा को समर्पित भक्ति गीत ‘साई नाम सांचा’ लेकर आए हैं। इसमें हरिहरन, उदित नारायण, शान, जावेद अली, बेला शेंडे के साथ नई पीढ़ी के कलाकारों को भी मौका मिला है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने नए भजन, 90 के दशक के संगीत, बेटों के करियर, शाहरुख खान और आज की म्यूजिक इंडस्ट्री पर बात की। सवाल: आपने रोमांटिक गानों से लोगों का दिल जीता। अब साईं बाबा पर भक्ति गीत ‘साईं नाम सांचा’ लेकर आए हैं। इसे बनाने का विचार कैसे आया? क्या इसके पीछे कोई निजी अनुभव या आस्था जुड़ी है? जवाब: मैं और मेरी पत्नी अक्सर साईं बाबा के मंदिर जाते हैं। काफी समय से मन था कि साईं बाबा के लिए ऐसा बनाया जाए, जो सिर्फ गाना नहीं, बल्कि श्रद्धा का भाव हो। उसी दौरान मेरे दोनों बेटे संगीत निर्देशन में आगे बढ़ रहे थे। उन्होंने हाल ही में फिल्म ‘अल्फा’ का संगीत तैयार किया है। एक पिता होने के नाते मैंने सोचा कि उनके नए सफर की शुरुआत साईं बाबा के आशीर्वाद से हो। यही भावना इस भजन के पीछे रही। धुन तैयार होने पर मुझे वह पसंद आई और लगा कि इसे रिकॉर्ड कर लोगों तक पहुंचाना चाहिए। सवाल: इस भजन में कई बड़े गायकों के साथ नए गायक भी हैं। इसकी क्या वजह रही? जवाब: मैं चाहता था कि यह सिर्फ बड़े नामों वाला एल्बम न बने। इसमें हरिहरन, उदित नारायण, शान, जावेद अली और बेला शेंडे के साथ नई आवाजों को भी मौका दिया। मीना मंगेशकर की पोती सांजली, मेरे भाई के बेटे स्वर और सारिका कंसारा ने भी गाया है। स्वर पंडित जसराज के आखिरी शिष्यों में रहे हैं। मेरा मानना है कि संगीत तभी आगे बढ़ेगा, जब नई प्रतिभाओं को बड़े कलाकारों के साथ मंच मिलेगा। सवाल: आजकल भक्ति संगीत भी काफी कमर्शियल हो गया है। आपने इसे किस नजरिए से बनाया? जवाब: मैंने इस भजन को कभी कमर्शियल प्रोजेक्ट नहीं माना। इसे पूरी श्रद्धा से बनाया। पूरा खर्च भी मैंने खुद उठाया। कई लोगों ने बड़ी म्यूजिक कंपनी के साथ रिलीज करने की सलाह दी, लेकिन वहां कई सुझाव आने लगते हैं कि किस गायक को लेना है। मैं अपनी रचनात्मक आजादी से समझौता नहीं करना चाहता था। यह फिल्म का गाना नहीं था, इसलिए वही किया जो मुझे सही लगा। मेरा उद्देश्य था कि यह भजन साईं मंदिरों में बजे और लोगों को शांति दे। सवाल: जतीन-ललित की जोड़ी ने 90 के दशक को यादगार बनाया। आज पीछे मुड़कर देखते हैं तो सबसे बड़ी उपलब्धि क्या लगती है? जवाब: बहुत संतोष होता है। हमने सिर्फ हिट गाने नहीं, बल्कि ऐसा संगीत बनाने की कोशिश की जो वर्षों तक जिंदा रहे। आज नई पीढ़ी भी ‘पहला नशा’, ‘तुझे देखा तो’, ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘चांद छुपा बादल में’ सुनती है तो लगता है कि मेहनत सफल हुई। कई लोग कहते हैं कि आर.डी. बर्मन के बाद कल्ट संगीत में जतिन-ललित का नाम भी शामिल है। यह सुनकर खुशी होती है। सवाल: अगर आज दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे या कुछ कुछ होता है का संगीत बनाना हो, तो क्या वह वैसा ही होगा या मुश्किल होगा? जवाब: उस समय भी यह आसान नहीं था। हमने हर धुन पर घंटों मेहनत की। किसी अरेंजर पर निर्भर नहीं रहते थे। हर नोट और ऑर्केस्ट्रेशन खुद तैयार करते थे। इसी वजह से हमारे संगीत की पहचान बनी। आज भी ऐसा संगीत बन सकता है, लेकिन इसके लिए निर्देशक का वैसा विजन और निर्माता का भरोसा जरूरी है। सिर्फ अच्छा संगीतकार होना काफी नहीं। सवाल: क्या आज भी निर्देशक 90 के दशक जैसा संगीत मांगते हैं? जवाब: बिल्कुल। आज भी कई निर्देशक वैसी ही मेलोडी की मांग करते हैं। लेकिन काम शुरू होने पर कुछ नया जोड़ने की बात करते हैं। यही सबसे बड़ी चुनौती है। फिल्म संगीत में अपनी नहीं, निर्देशक के विजन के मुताबिक काम करना पड़ता है। इसलिए फिल्म संगीत सबसे मुश्किल काम है। प्राइवेट म्यूजिक या भजन में अपनी सोच के मुताबिक काम किया जा सकता है, लेकिन फिल्मों में नहीं। सवाल: आज के संगीत में आपको सबसे ज्यादा किस चीज की कमी महसूस होती है? जवाब: मुझे लगता है कि आज सबसे ज्यादा कमी अच्छे गीतकारों की है। पहले आनंद बख्शी और मजरूह सुल्तानपुरी जैसे बड़े लेखक थे। उनके शब्दों में गहराई होती थी। आज अच्छे संगीतकार और गायक हैं, लेकिन वैसी लेखनी कम दिखाई देती है। मजबूत शब्द धुन का असर और बढ़ा देते हैं। सवाल: करियर का सबसे मुश्किल गाना कौन-सा रहा, जिस पर सबसे ज्यादा मेहनत करनी पड़ी? जवाब: अगर एक गाने का नाम लूं तो वह ‘पहला नशा’ है। उस समय हम इंडस्ट्री में नए थे। कई लोग हमारे काम करने के तरीके से सहमत नहीं थे और नई सोच स्वीकार नहीं करते थे। उस गाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ‘पहला नशा’ का पूरा अरेंजमेंट मैंने खुद किया था। उस समय कोई अरेंजर नहीं था। मेरे दिमाग का वही साउंड रिकॉर्ड हुआ। शायद यही वजह है कि आज भी वह गाना वैसा ही महसूस होता है। मेरा मानना है कि कुछ गाने दोबारा नहीं बन सकते और ‘पहला नशा’ हमारे लिए ऐसा ही गाना है। सवाल: क्या कभी ऐसा लगा कि कोई गाना और बेहतर बनाया जा सकता था? जवाब: ऐसे कई गाने हैं। आज भी उन्हें सुनता हूं तो लगता है कि कुछ चीजें बेहतर हो सकती थीं। कई बार तकनीकी वजहों या साथ काम करने वाले लोगों के कारण वैसा रिजल्ट नहीं मिला जैसा हम चाहते थे। लेकिन यही संगीत की खूबसूरती है। हर गाना कुछ नया सिखाकर जाता है। सवाल: शाहरुख खान के साथ आपकी बॉन्डिंग कैसे बनी? जवाब: हमारी और शाहरुख खान की शुरुआत लगभग एक साथ हुई थी। हमारी शुरुआती बड़ी फिल्मों में ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ थी और शाहरुख भी उसी दौर में करियर बना रहे थे। वहीं से रिश्ता बना। इसके बाद उनकी हर फिल्म में मैं और जतिन अपना सबसे बेहतरीन काम देने की कोशिश करते थे। शायद इसी वजह से उनकी फिल्मों के लिए

जुलाई में ₹2.11 लाख करोड़ GST कलेक्शन:ये पिछले साल के मुकाबले 15.4% ज्यादा, जून में ₹1.94 लाख करोड़ रहा था

जुलाई में ₹2.11 लाख करोड़ GST कलेक्शन:ये पिछले साल के मुकाबले 15.4% ज्यादा, जून में ₹1.94 लाख करोड़ रहा था

जुलाई महीने में 2.11 लाख करोड़ रुपए GST कलेक्शन हुआ। ये पिछले साल यानी जुलाई 2025 से 15.4% ज्यादा है। पिछले साल जुलाई 2025 में GST कलेक्शन 1.83 लाख करोड़ रुपए था। अप्रैल-जुलाई के दौरान कलेक्शन का हाल चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई 2026) के दौरान GST कलेक्शन 10.1% बढ़कर 8.4 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 7.6 लाख करोड़ रुपए था। इस दौरान GST कलेक्शन 9.2% बढ़कर 7.21 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल 6.61 लाख करोड़ रुपए था। राज्यों के आंकड़ों में अंतर प्रमुख राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र का जीएसटी राजस्व 13% बढ़कर 32,210 करोड़ रुपए रहा। गुजरात में 19% की वृद्धि के साथ 12,923 करोड़ रुपए, कर्नाटक में 12% की वृद्धि के साथ 13,854 करोड़ रुपए, तेलंगाना में 19% की वृद्धि के साथ 5,819 करोड़ रुपए और उत्तर प्रदेश में 15% की वृद्धि के साथ 9,651 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ। वहीं, कुछ राज्यों में गिरावट भी देखी गई। तमिलनाडु का जीएसटी राजस्व 1%, आंध्र प्रदेश का 5% और मध्य प्रदेश का 10% घटा है। सिक्किम में 59%, हिमाचल प्रदेश में 22% और उत्तराखंड में 18% की गिरावट दर्ज की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े अनंतिम हैं और अंतिम रूप दिए जाने पर इनमें मामूली बदलाव हो सकता है। इकोनॉमी की सेहत दिखाता है GST कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था कितनी तंदुरुस्त है। अगर कलेक्शन ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ रहा है और लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं। 2017 में लागू हुआ था GST सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। GST को चार हिस्सों में डिवाइड किया गया है:

Rashmika Mandanna Injured During Film Shoot

Rashmika Mandanna Injured During Film Shoot

14 मिनट पहले कॉपी लिंक रश्मिका मंदाना अपनी एक अपकमिंग फिल्म के डांस सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान चोटिल हो गई हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चोट उन्हें डांस और एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान लगी। हालांकि, रश्मिका या उनकी टीम की तरफ से इसको लेकर कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी नहीं किया गया है। चोट की वजह से रश्मिका का शूटिंग शेड्यूल रोक दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, रश्मिका मंदाना अपनी एक अपकमिंग फिल्म के डांस सीक्वेंस की शूटिंग कर रही थीं। इसी दौरान उनकी हिप से जुड़ा एक टेंडन पूरी तरह अलग हो गया। डॉक्टरों के अनुसार, इस तरह की चोट आमतौर पर प्रोफेशनल एथलीट्स में देखी जाती है। मेडिकल जांच के बाद उन्हें छह हफ्ते तक पूरी तरह आराम करने और फिर बताए गए रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम को शुरू करने की सलाह दी गई है। शूटिंग और ब्रांड कमिटमेंट्स पर पड़ सकता है असर इस चोट की वजह से रश्मिका के आने वाले शूटिंग शेड्यूल और दूसरे प्रोफेशनल कमिटमेंट्स पर असर पड़ सकता है। वह अभी राणाबली और माइसा जैसी कई बड़े बजट की फिल्मों पर काम कर रही हैं और कई एंडोर्समेंट कैंपेन भी मैनेज कर रही हैं। रश्मिका-विजय की फिल्म ‘राणाबाली’ का फर्स्ट लुक। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी अभी की शूटिंग और कमर्शियल असाइनमेंट्स को रीशेड्यूल किया जा सकता है। सोशल मीडिया पर फैंस उनके जल्दी ठीक होने की दुआ कर रहे हैं। कई भाषाओं की फिल्मों में एक्टिव रश्मिका मंदाना अभी इंडियन सिनेमा की सबसे बिजी एक्ट्रेसेस में से एक हैं। वह कई भाषाओं की फिल्मों में काम कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अभी चार बड़ी फिल्मों की शूटिंग कर रही हैं और लगभग 30 नेशनल और इंटरनेशनल ब्रांड्स को प्रमोट कर रही हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो वह आखिरी बार हिंदी फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में नजर आई थीं। वहीं, रश्मिका की साल 2025 में पांच फिल्में रिलीज हुईं। उन्होंने हिंदी फिल्म ‘छावा’ में महारानी येसूबाई का किरदार निभाया। इसके बाद वह ‘सिकंदर’ में सैसरी राजकोट की भूमिका में नजर आईं। वहीं, रश्मिका ने तेलुगु-तमिल द्विभाषी फिल्म ‘कुबेरा’ और हिंदी फिल्म ‘थामा’ में भी काम किया। इसके अलावा वह तेलुगु फिल्म ‘द गर्लफ्रेंड’ में भी नजर आईं। वहीं, पर्सनल लाइफ की बात करें तो 26 फरवरी 2026 को रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी राजस्थान के उदयपुर स्थित ITC मेमेंटोस होटल में हुई थी। पढ़िए पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

त्योहारों से पहले टूथपेस्ट से लेकर पेंट तक महंगे होंगे:HUL और एशियन पेंट्स समेत 8 कंपनियां जरूरत के सामानों की कीमतें बढ़ाएंगी

त्योहारों से पहले टूथपेस्ट से लेकर पेंट तक महंगे होंगे:HUL और एशियन पेंट्स समेत 8 कंपनियां जरूरत के सामानों की कीमतें बढ़ाएंगी

देश की सबसे बड़ी FMCG और कंज्यूमर कंपनियां फेस्टिव सीजन से ठीक पहले और लगातार दूसरी तिमाही में अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं। टूथपेस्ट से लेकर टायर और पेंट जैसे सामान महंगे होने वाले हैं। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण कमोडिटी लागत बढ़ रही है, जिससे देश में महंगाई लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहने की आशंका है। हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) आने वाली तिमाही में डिटर्जेंट और डिशवॉशिंग बार जैसी कैटेगरी में कीमतें बढ़ाएगा। HUL के अलावा डोडला डेयरी और एशियन पेंट्स समेत कम से कम 7 अन्य कंपनियां भी दाम बढ़ाने का प्लान बना चुकी हैं। HUL के CFO बोले- होम केयर सेगमेंट में बढ़ा रहे कीमतें भारत की सबसे बड़ी कंज्यूमर गुड्स कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर निरंजन गुप्ता ने एनालिस्ट्स को बताया कि बाहरी उतार-चढ़ाव के कारण क्रूड ऑयल से जुड़े डेरिवेटिव्स में महंगाई देखने को मिल रही है। इसी वजह से कंपनी होम केयर सेगमेंट में सोच-समझकर कीमतें बढ़ा रही है। हैवेल्स ने 8% और टाटा साल्ट ने 7% तक बढ़ाए दाम ईरान युद्ध की वजह से एनर्जी की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जिससे तुरंत कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर से भड़कने के कारण कंपनियां होम एप्लायंसेज से लेकर किचन के जरूरी सामानों पर दूसरी बार कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही हैं। अगस्त से नवंबर के बीच फेस्टिव सीजन, तिहाई बिक्री इसी दौरान कीमतों में यह ताजा इजाफा आने वाले फेस्टिव सीजन के साथ हो रहा है। देश में त्योहारों का यह सीजन आमतौर पर अगस्त से नवंबर तक चलता है। इस दौरान खासकर दिवाली के समय कंज्यूमर स्पेंडिंग यानी आम लोगों की खरीदारी में काफी उछाल आता है। कई कंपनियों के लिए साल भर की कुल बिक्री का एक-तिहाई (33%) हिस्सा इसी सीजन से आता है। मजबूत मांग के कारण कंपनियां अपनी बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर आसानी से डाल पाएंगी। जून में 3.21% से ऊपर निकली महंगाई, RBI का FY27 अनुमान 5.1% जून के महीने में खाने-पीने और ईंधन की लागत बढ़ने से कंज्यूमर प्राइस यानी रिटेल महंगाई दर लगभग एक साल में पहली बार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के 4% के लक्ष्य से ऊपर निकल गई। हालांकि यह आंकड़ा RBI के 2% से 6% के सहनीय दायरे यानी टॉलरेंस बैंड के भीतर ही है। आने वाले महीनों में कंपनियों द्वारा दाम बढ़ाए जाने और कमजोर मानसून के कारण खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने से महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। RBI का अनुमान है कि मार्च 2027 को खत्म होने वाले वित्त वर्ष में औसत महंगाई दर 5.1% रह सकती है। RBI की MPC मीटिंग 3-5 अगस्त को, ब्याज दरें स्थिर रहने के आसार नोमुरा और एक्सपर्ट्स बोले- लागत बढ़ने से दाम बढ़ाना मजबूरी नोमुरा होल्डिंग्स की एशिया (जापान को छोड़कर) मुख्य अर्थशास्त्री सोनल वर्मा का कहना है कि इनपुट कॉस्ट और कंपनियों के मार्जिन पर पड़ रहे भारी दबाव को देखते हुए ग्राहकों पर बढ़ी कीमतों का बोझ डालना अपरिहार्य (अनिवार्य) है। वहीं, देवयानी इंटरनेशनल (KFC और Pizza Hut चलाने वाली) के चेयरमैन रविकांत जयपुरिया ने कहा कि हालांकि मांग अब तक स्थिर रही है, लेकिन सामान्य से कम मानसून का अनुमान और ‘अल नीनो’ का जोखिम यह याद दिलाता है कि भारत में कंजम्पशन रिकवरी कभी भी सीधी रेखा में नहीं चलती। ग्रामीण और शहरी इलाकों में मांग मजबूत, जून में रिटेल बिक्री 6% बढ़ी कंपनियों के कॉमेंट्स के मुताबिक, अब तक ग्रामीण और शहरी दोनों ही भारत में मांग स्थिर बनी हुई है। क्या होता है ‘अल नीनो’ और ‘इनपुट कॉस्ट’? अल नीनो: यह प्रशांत महासागर में समुद्र के पानी के असामान्य रूप से गर्म होने की एक भौगोलिक घटना है। इसके कारण भारत में मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं, जिससे सूखा पड़ने या कम बारिश होने का खतरा रहता है। बारिश कम होने से फसलों का उत्पादन घटता है और खाने-पीने की चीजें महंगी हो जाती हैं। इनपुट कॉस्ट: किसी भी प्रोडक्ट को तैयार करने या बनाने में लगने वाले कच्चे माल, ईंधन, ट्रांसपोर्टेशन और मजदूरी के कुल खर्च को इनपुट कॉस्ट कहते हैं। जब यह लागत बढ़ती है, तो कंपनियों को अपना प्रॉफिट मार्जिन बचाने के लिए अंतिम प्रोडक्ट के दाम बढ़ाने पड़ते हैं।

Salman Khan Emotional Post For Sanjay Dutt

Salman Khan Emotional Post For Sanjay Dutt

15 मिनट पहले कॉपी लिंक सलमान खान ने शुक्रवार देर रात अपने सबसे करीबी दोस्त संजय दत्त के साथ 2 तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं, जिनमें दोनों गले मिल रहे हैं। तस्वीरों के साथ सलमान ने कैप्शन में लिखा, ‘बाबा फॉरएवर… बाबा और बाबा, बाबा होता है। संजू बाबा है हम सबका बाबा और अब अपने बच्चों का भी बाबा। मेरा बड़ा भाई संजय दत्त। अल्लाह, भगवान और जीसस सब इस आदमी को हमेशा खुश रखें। आई लव यू बाबा।’ सलमान खान की पोस्ट। तस्वीरों में सलमान खान ब्लैक टी-शर्ट और ब्लैक पैंट में नजर आ रहे हैं। उन्होंने ग्रे रंग की फ्लैट कैप पहन रखी है। फैंस को सलमान और संजय के बीच यह बॉन्ड बहुत पसंद आ रहा है। कई लोगों ने इस पर रिएक्ट किया। संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त ने पोस्ट पर कमेंट किया, ‘ब्रदर्स फॉर लाइफ।’ वहीं, संजय दत्त की बड़ी बेटी त्रिशाला दत्त ने हार्ट इमोजी कमेंट किए। मान्यता दत्त का कमेंट। त्रिशाला दत्त का कमेंट। सलमान की BMW की चाबी समुद्र में फेंक दी थी संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड में मिसाल मानी जाती है। हालांकि, एक बार ऐसा भी हुआ था जब संजय दत्त, सलमान से नाराज हो गए थे। इस किस्से का खुलासा खुद सलमान ने रजत शर्मा के शो में किया था। सलमान ने बताया था कि सोहेल खान की फिल्म ‘मैंने दिल तुझको दिया’ में संजय दत्त ने दोस्ती की खातिर गेस्ट अपीयरेंस किया था। शूटिंग पूरी होने के बाद संजय दत्त सलमान के घर पहुंचे, जहां पार्टी चल रही थी। उसी दौरान सलमान के पास नई BMW M5 आई थी। वह संजय दत्त को बाहर ले गए और बोले, ‘बाबा, यह देश की पहली BMW M5 है और मैं चाहता हूं कि यह आपके पास हो।’ इतना सुनते ही संजय दत्त ने सलमान को धन्यवाद कहा, लेकिन अगले ही पल कार की चाबी उठाकर सीधे समुद्र में फेंक दी। चाबी समंदर में चली गई और क्योंकि कार की केवल एक ही चाबी थी, इसलिए वह कई दिनों तक घर के बाहर ही खड़ी रह गई। सलमान ने बताया था कि उस चाबी को ढूंढकर निकालने में पूरे चार दिन लगे थे। संजय दत्त और सलमान खान ने मुख्य रूप से फिल्म ‘साजन’ (1991), हसीना मान जाएगी (1999) और ‘चल मेरे भाई’ (2000) में साथ काम किया है। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म ‘मातृभूमि: मे रेस्ट इन पीस’ में दिखाई देंगे। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। …………… सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ‘बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन’:प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Salman Khan Emotional Post For Sanjay Dutt

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39 मिनट पहले कॉपी लिंक सलमान खान ने शुक्रवार देर रात अपने सबसे करीबी दोस्त संजय दत्त के साथ 2 तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं, जिनमें दोनों गले मिल रहे हैं। तस्वीरों के साथ सलमान ने कैप्शन में लिखा, ‘बाबा फॉरएवर… बाबा और बाबा, बाबा होता है। संजू बाबा है हम सबका बाबा और अब अपने बच्चों का भी बाबा। मेरा बड़ा भाई संजय दत्त। अल्लाह, भगवान और जीसस सब इस आदमी को हमेशा खुश रखें। आई लव यू बाबा।’ सलमान खान की पोस्ट। तस्वीरों में सलमान खान ब्लैक टी-शर्ट और ब्लैक पैंट में नजर आ रहे हैं। उन्होंने ग्रे रंग की फ्लैट कैप पहन रखी है। फैंस को सलमान और संजय के बीच यह बॉन्ड बहुत पसंद आ रहा है। कई लोगों ने इस पर रिएक्ट किया। संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त ने पोस्ट पर कमेंट किया, ‘ब्रदर्स फॉर लाइफ।’ वहीं, संजय दत्त की बड़ी बेटी त्रिशाला दत्त ने हार्ट इमोजी कमेंट किए। मान्यता दत्त का कमेंट। त्रिशाला दत्त का कमेंट। सलमान की BMW की चाबी समुद्र में फेंक दी थी संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड में मिसाल मानी जाती है। हालांकि, एक बार ऐसा भी हुआ था जब संजय दत्त, सलमान से नाराज हो गए थे। इस किस्से का खुलासा खुद सलमान ने रजत शर्मा के शो में किया था। सलमान ने बताया था कि सोहेल खान की फिल्म ‘मैंने दिल तुझको दिया’ में संजय दत्त ने दोस्ती की खातिर गेस्ट अपीयरेंस किया था। शूटिंग पूरी होने के बाद संजय दत्त सलमान के घर पहुंचे, जहां पार्टी चल रही थी। उसी दौरान सलमान के पास नई BMW M5 आई थी। वह संजय दत्त को बाहर ले गए और बोले, ‘बाबा, यह देश की पहली BMW M5 है और मैं चाहता हूं कि यह आपके पास हो।’ इतना सुनते ही संजय दत्त ने सलमान को धन्यवाद कहा, लेकिन अगले ही पल कार की चाबी उठाकर सीधे समुद्र में फेंक दी। चाबी समंदर में चली गई और क्योंकि कार की केवल एक ही चाबी थी, इसलिए वह कई दिनों तक घर के बाहर ही खड़ी रह गई। सलमान ने बताया था कि उस चाबी को ढूंढकर निकालने में पूरे चार दिन लगे थे। संजय दत्त और सलमान खान ने मुख्य रूप से फिल्म ‘साजन’ (1991), हसीना मान जाएगी (1999) और ‘चल मेरे भाई’ (2000) में साथ काम किया है। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म ‘मातृभूमि: मे रेस्ट इन पीस’ में दिखाई देंगे। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। …………… सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ‘बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन’:प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

RPSC Senior Teacher Exam 2026

RPSC Senior Teacher Exam 2026

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा विभाग ) भर्ती-2025 के जीके (ग्रुप – सी) ,साइंस और संस्कृत सब्जेक्ट की मॉडल आंसर-की जारी कर दी है। . कैंडिडेट्स आज से 3 अगस्त तक निर्धारित शुल्क के साथ अपनी आपत्ति ऑनलाईन दर्ज करवा सकते हैं। इसकी डीटेल जानकारी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। बिना प्रमाण आपत्ति पर विचार नहीं होगा मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता ने बताया कि आपत्तियां केवल इन मॉडल प्रश्न-पत्रों के क्रम के अनुसार ही दर्ज की जा सकती हैं। हर आपत्ति के साथ स्टैंडर्ड और ऑथेंटिक पुस्तकों से प्रमाण अटैच करना जरूरी है। अगर बिना वैरिफाइड सबूत के साथ आपत्ति दर्ज की गई तो स्वीकार नहीं की जाएगी। आपत्ति केवल अभ्यर्थी स्वयं ही दर्ज कर सकते हैं। फीस और पेमेंट की प्रोसेस हर प्रश्न पर आपत्ति शुल्क 100 रुपए (सेवा शुल्क अतिरिक्त) है। अभ्यर्थी SSO पोर्टल पर लॉगिन करें, रिक्रूटमेंट पोर्टल चुनें और ‘क्वेश्चन ऑब्जेक्शन’ लिंक पर क्लिक करके आपत्ति दर्ज करें। भुगतान ई-मित्र या रिक्रूटमेंट पोर्टल के पेमेंट गेटवे के माध्यम से किया जा सकता है। फीस रिफंड का कोई प्रावधान नहीं है। बिना शुल्क के आपत्ति स्वीकार नहीं होगी। आपत्तियां केवल ऑनलाइन ही स्वीकार की जाएंगी, अन्य माध्यमों (जैसे ईमेल या पोस्ट) से भेजी गई आपत्तियां रिजेक्ट कर दी जाएंगी। आपत्तियां सिर्फ एक बार ही दर्ज की जा सकती हैं। लिंक 3 अगस्त रात 12 बजे तक आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। यहां करें कॉन्टेक्ट ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ईमेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 और 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं।

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में F-35B फाइटर जेट क्रैश; पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में F-35B फाइटर जेट क्रैश; पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब

अमेरिका के सैन डिएगो में शुक्रवार सुबह मरीन कॉर्प्स का F-35B फाइटर जेट मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया। हादसे के बाद विमान में आग लग गई, जिसे दमकलकर्मियों ने बुझा दिया। मरीन कॉर्प्स के मुताबिक, पायलट समय रहते इजेक्ट कर सुरक्षित बाहर निकल आया। उसे मामूली चोटें आई हैं और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने इस हादसे को ‘क्लास A मिसहैप’ घोषित किया है। यह सैन्य विमान हादसों की सबसे गंभीर श्रेणी होती है। इसमें विमान पूरी तरह नष्ट हो जाए, 20 लाख डॉलर (करीब 17 करोड़ रुपये) से ज्यादा का नुकसान हो या किसी सैनिक की मौत हो जाए। एक F-35B फाइटर जेट की कीमत करीब 109 मिलियन डॉलर (करीब 950 करोड़ रुपये) बताई जाती है। क्यों खास है F-35B? F-35B अमेरिका का एडवांस्ड स्टील्थ फाइटर जेट है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम दूरी से उड़ान भर सकता है और हेलीकॉप्टर की तरह सीधा उतर (वर्टिकल लैंडिंग) भी सकता है। इसका इस्तेमाल अमेरिकी मरीन कॉर्प्स, नेवी और एयर फोर्स करती हैं। यह पिछले एक महीने में अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के F-35B से जुड़ा दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले वॉशिंगटन में भी एक F-35B जेट दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। अब इस नए हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में F-35B फाइटर जेट क्रैश; पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में F-35B फाइटर जेट क्रैश; पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब

अमेरिका के सैन डिएगो में शुक्रवार सुबह मरीन कॉर्प्स का F-35B फाइटर जेट मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया। हादसे के बाद विमान में आग लग गई, जिसे दमकलकर्मियों ने बुझा दिया। मरीन कॉर्प्स के मुताबिक, पायलट समय रहते इजेक्ट कर सुरक्षित बाहर निकल आया। उसे मामूली चोटें आई हैं और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने इस हादसे को ‘क्लास A मिसहैप’ घोषित किया है। यह सैन्य विमान हादसों की सबसे गंभीर श्रेणी होती है। इसमें विमान पूरी तरह नष्ट हो जाए, 20 लाख डॉलर (करीब 17 करोड़ रुपये) से ज्यादा का नुकसान हो या किसी सैनिक की मौत हो जाए। एक F-35B फाइटर जेट की कीमत करीब 109 मिलियन डॉलर (करीब 950 करोड़ रुपये) बताई जाती है। क्यों खास है F-35B? F-35B अमेरिका का एडवांस्ड स्टील्थ फाइटर जेट है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम दूरी से उड़ान भर सकता है और हेलीकॉप्टर की तरह सीधा उतर (वर्टिकल लैंडिंग) भी सकता है। इसका इस्तेमाल अमेरिकी मरीन कॉर्प्स, नेवी और एयर फोर्स करती हैं। यह पिछले एक महीने में अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के F-35B से जुड़ा दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले वॉशिंगटन में भी एक F-35B जेट दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। अब इस नए हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।

ट्रम्प बोले- ईरान पर भरोसा खत्म हो रहा:वे झूठ बोलते हैं, लेकिन बातचीत जारी है

ट्रम्प बोले- ईरान पर भरोसा खत्म हो रहा:वे झूठ बोलते हैं, लेकिन बातचीत जारी है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें ईरान पर भरोसा नहीं रहा। कैंप डेविड में कैबिनेट बैठक के दौरान उन्होंने कहा, ‘वे झूठ बोलते हैं, गलत जानकारी देते हैं। हमेशा बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन अपना वादा बार-बार तोड़ देते हैं।’ हालांकि, ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी भी जारी है। उन्होंने बताया कि अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर बातचीत में शामिल हैं। ट्रम्प ने कहा कि बातचीत के दौरान ही उन्हें खबर मिली कि जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर पांच मिसाइलें दागी गईं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में सतर्क रहना जरूरी है और भविष्य में हमलों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ईरान की सैन्य ताकत पर ट्रम्प ने कहा कि फिलहाल वह आक्रामक दिख सकता है, लेकिन समय के साथ उसकी क्षमता कमजोर पड़ जाएगी।