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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में धमाका, 7 की मौत:18 गंभीर रूप से घायल; शांति रैली के दौरान आत्मघाती हमला

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में धमाका, 7 की मौत:18 गंभीर रूप से घायल; शांति रैली के दौरान आत्मघाती हमला

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में रविवार को एक पुलिस स्टेशन के बाहर धमाका हुआ। इसमें कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तानी मीजिया डॉन के मुताबिक, यह एक आत्मघाती हमला था। पुलिस ने बताय कि, हमलावर काबल पुलिस स्टेशन के गेट पर पहुंच। जांच के लिए रोकने पर उसने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। धमाके के बाद पूरे इलाके को घेर लिया गया और जांच शुरू कर दी गई है। हमले के समय पास के काबल चौक पर आतंकवाद के खिलाफ बड़ी शांति रैली चल रही थी। आखिरी वक्ता के भाषण के दौरान हुए धमाके से वहां भगदड़ मच गई। घायलों को सैदू शरीफ टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हाल के महीनों में स्वात और पूरे खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी घटनाएं बढ़ी हैं। कुछ दिन पहले हंगू जिले में पुलिस चौकी पर हुए हमले में 9 पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी। घटना की तस्वीरें… खबर अपडेट हो रही है…

Suicide Bomb Attack in Pakistan Swat

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में धमाका, 7 की मौत:18 गंभीर रूप से घायल; शांति रैली के दौरान आत्मघाती हमला

इस्लामाबाद3 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में धमाके के बाद घायलों की तस्वीरें। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में रविवार को एक पुलिस स्टेशन के बाहर आत्मघाती हमला हुआ। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तानी मीडिया डॉन के मुताबिक, हमले के समय पास के काबल चौक पर आतंकवाद के खिलाफ शांति रैली चल रही थी। स्वात के जिला पुलिस अधिकारी उमर खान के मुताबिक, इसी दौरान एक युवक काबल पुलिस स्टेशन के गेट पर पहुंचा। पुलिस वालों ने उसे रोककर तलाशी लेने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुका। इससे पहले पुलिस हरकत में आती, युवक को खुद को ब्लास्ट कर दिया। धमाका जिस वक्त हुआ तब रैली में आखिरी वक्ता का भाषण हो रहा था। धमाके की आवाज सुनकर रैली में मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। घायलों को सैदू शरीफ टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को सील कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। घटना की तस्वीरें… खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में रविवार को शांति रैली के एक भाषण के दौरान धमाका हुआ, जिससे अफरा-तफरी मच गई। धमाके के बाद लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनास्थल पर तुरंत एंबुलेंस बुलाई गई, जिसके बाद घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। कुछ लोग घायलों की मदद करते भी नजर आए। लोग आतंकवाद के खिलाफ रैली निकाल रहे थे धमाके से पहले रविवार को कई लोग आतंकवाद के खिलाफ शांति रैली निकाल जा रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्वात में बढ़ रही आतंकवादी घटनाओं की निंदा की। डॉन के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनके आंदोलन का एक ही मकसद है, इलाके में शांति लौटाना और आतंकवाद का खात्मा करना। उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है। अगर असुरक्षा का माहौल जारी रहा तो लोगों में बड़ा जनआक्रोश पैदा हो सकता है। प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करता है, जबकि स्वात के पहाड़ी इलाकों में आतंकवादी खुलेआम सक्रिय हैं। पहले भी हुए हमले, आतंकवादी घटनाओं में बढ़ोतरी रविवार को ही इससे पहले पेशावर-इस्लामाबाद मोटरवे के टोल प्लाजा के पास IED विस्फोट में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। वहीं 30 जुलाई को हंगू में एक पुलिस चौकी पर हुए आतंकवादी हमले में नौ पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज की मासिक सुरक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी गतिविधियों में तेजी आई है। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में प्रांत के विलय न किए गए जिलों में आतंकवाद से जुड़ी 154 मौतें दर्ज की गईं, जबकि जून में यह संख्या 75 थी। यानी एक महीने में 105 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यह जानकारी रिपोर्ट और पुलिस अधिकारियों के हवाले से सामने आई है। —————— पाकिस्तान में धमाकों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 1. पाकिस्तान में दो बम धमाके, 7 लोगों की मौत:रिमोट कंट्रोल से गाड़ियों को निशाना बनाया, अबतक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी बन्नू जिले में शनिवार को सड़क किनारे हुए दो बम धमाकों में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, पहला धमाका वजीर उपखंड के फांग मूसा खेल इलाके में हुआ। इसमें एक यात्री गाड़ी को निशाना बनाया गया। गाड़ी डोमेल की ओर जा रही थी, तभी रिमोट कंट्रोल से धमाका किया गया। इसमें 5 लोगों की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें… 2. ISIS ने इस्लामाबाद शिया मस्जिद में धमाके की जिम्मेदारी ली:PAK ने भारत को जिम्मेदार बताया, भारत बोला- पाकिस्तान खुद को धोखा दे रहा पाकिस्तान में एक्टिव आतंकी संगठन ISIS ने इस्लमाबाद की शिया मस्जिद में हुए ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है। इस मामले में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में इस हमले का मास्टरमाइंड भी शामिल है। इस हमले में 31 लोग मारे गए थे और 169 अन्य घायल हो गए थे। आत्मघाती हमलावर ने खदीजा अल-कुबरा मस्जिद (इमामबाड़ा) में खुद को उड़ा लिया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

NSE Market Closing Time Extended

NSE Market Closing Time Extended

मुंबई14 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इक्विटी डेरिवेटिव्स यानी फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट के लिए नॉर्मल मार्केट क्लोजिंग टाइमिंग को 10 मिनट बढ़ा दिया है। सोमवार, 3 अगस्त से यह मार्केट दोपहर 3:30 बजे के बजाय 3:40 बजे बंद होगा। कैश-डेरिवेटिव्स मार्केट को एक साथ लाने के लिए फैसला यह बदलाव कैश सेगमेंट में शुरू किए जा रहे नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के रोलआउट के तहत किया गया। NSE के सर्कुलर के अनुसार, इक्विटी डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए नॉर्मल मार्केट क्लोजिंग टाइम को अब 3:40 बजे तक बढ़ा दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि डेरिवेटिव्स मार्केट के कामकाज को कैश सेगमेंट में शुरू किए गए नए क्लोजिंग ऑक्शन मैकेनिज्म के साथ अलाइन किया जा सके। एक्सचेंज ने बताया कि इसके अलावा अन्य सेशन टाइमिंग्स, जैसे कि प्री-ओपन सेशन और ट्रेड मॉडिफिकेशन विंडो में कोई बदलाव नहीं होगा। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन क्या है और यह कैसे काम करेगा क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) दिन के आखिरी में एक छोटी और स्पष्ट ट्रेडिंग अवधि (शॉर्ट ट्रेडिंग पीरियड) होती है। इसमें मार्केट पार्टिसिपेंट्स किसी सिक्योरिटी के लिए एक सिंगल और फेयर क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए बाय (खरीद) या सेल (बिक्री) के ऑर्डर सबमिट करते हैं। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन से जुड़े प्राइस बैंड और प्री-ट्रेड रिस्क कंट्रोल्स के प्रावधान इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट पर भी लागू होंगे। इसका मकसद एंड-ऑफ-डे ट्रेडिंग प्रोसेस के दौरान कैश और डेरिवेटिव्स मार्केट के बीच निरंतरता और सुचारू बदलाव सुनिश्चित करना है। स्टॉक फ्यूचर्स के ऑपरेटिंग प्राइस रेंज में बदलाव पर मिलेगा नोटिफिकेशन ऑपरेशनल बदलावों के तहत, कैश मार्केट में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन शुरू होने के बाद जब भी स्टॉक फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए ऑपरेटिंग प्राइस रेंज को रीसेट किया जाएगा, तब NSE इसका नोटिफिकेशन ब्रॉडकास्ट (प्रसारित) करेगा। एक्सचेंज के मौजूदा नियमों के मुताबिक, जो आउटस्टैंडिंग ऑर्डर्स इस रिवाइज्ड प्राइस रेंज से बाहर होंगे, वे अपने आप कैंसिल हो जाएंगे। क्लोजिंग प्राइस कैलकुलेशन का तरीका नहीं बदलेगा, पर समय बदला एक्सचेंज ने कहा कि डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के क्लोजिंग प्राइसेज को कंप्यूट (कैलकुलेट) करने के मौजूदा मेथड (तरीके) में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, क्लोज प्राइस तय करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) विंडो की कैलकुलेशन अब दोपहर 3:10 बजे से 3:40 बजे के बीच एग्जीक्यूट किए गए ट्रेड्स के आधार पर होगी। यह बदलाव मार्केट क्लोज होने की संशोधित टाइमिंग को रिफ्लेक्ट करता है। मॉक ट्रेडिंग सेशन में टेस्टिंग कर सकेंगे ब्रोकर्स NSE ने बताया कि इस इंप्लीमेंटेशन से होने वाले फंक्शनल बदलावों को अपकमिंग मॉक ट्रेडिंग सेशंस के दौरान टेस्टिंग के लिए अवेलेबल कराया जाएगा। ब्रोकर्स को सलाह दी गई है कि वे बिना किसी रुकावट के कामकाज सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तारीख से पहले अपने ट्रेडिंग एप्लिकेशंस में संबंधित कॉन्ट्रैक्ट फाइलों को अपडेट कर लें। बाजार के ढांचे में इस बदलाव से प्राइस डिस्कवरी बेहतर होगी, क्लोजिंग के समय मार्केट इंटीग्रिटी बढ़ेगी और डोमेस्टिक मार्केट प्रैक्टिस इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के करीब आएगी। SEBI के नियमों के तहत चरणों में लागू होगा नया सिस्टम 16 जनवरी को जारी SEBI के सर्कुलर के मुताबिक, CAS को अलग-अलग फेज में पेश किया जाएगा। शुरुआती फेज में केवल उन स्टॉक्स का क्लोजिंग प्राइस CAS के जरिए तय किया जाएगा, जिनके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स उपलब्ध हैं। कैश सेगमेंट की अन्य सभी सिक्योरिटीज के लिए क्लोजिंग प्राइस की कैलकुलेशन पहले की तरह ही ट्रेडिंग सेशन के आखिरी 30 मिनट के VWAP के आधार पर की जाती रहेगी। जानिए किस तरह काम करेगा क्लोजिंग ऑक्शन सभी ट्रेडिंग दिनों में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन दोपहर 3:15 बजे से 3:35 बजे तक कुल 20 मिनट के लिए चलेगा, जिसका शेड्यूल इस प्रकार है… दोपहर 3:15 से 3:20 बजे: यह कंटीन्यूअस ट्रेडिंग सेशन (CTS) से CAS में जाने का ट्रांजिशन फेज होगा। इस दौरान रेफरेंस प्राइस की कैलकुलेशन दोपहर 3:00 बजे से 3:15 बजे के बीच हुए ट्रेड्स के VWAP के आधार पर होगी। दोपहर 3:20 से 3:25 बजे: इस समय के दौरान मार्केट और लिमिट दोनों तरह के ऑर्डर दर्ज (एंटर) किए जा सकेंगे। दोपहर 3:25 से 3:30 बजे: इस अवधि में केवल लिमिट ऑर्डर्स की अनुमति होगी। इस दौरान मार्केट ऑर्डर्स में कोई मॉडिफिकेशन (संशोधन) या कैंसिलेशन नहीं किया जा सकेगा। ऑर्डर एंट्री सेशन दोपहर 3:28 बजे से 3:30 बजे के बीच कभी भी रैंडमली बंद हो जाएगा। F&O मार्केट क्या है? डेरिवेटिव्स मार्केट (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) की एक बेसिक परिभाषा, जिसमें कम शब्दों में समझाया जाए कि यह कॉन्ट्रैक्ट आधारित ट्रेडिंग होती है। VWAP क्या होता है? वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) का सरल शब्दों में मतलब, जो यह दर्शाता है कि किसी शेयर का उसकी वॉल्यूम और कीमत के आधार पर औसत दाम क्या है। ये खबर भी पढ़ें… टॉप-10 में 9 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा: बजाज फाइनेंस टॉप गेनर, वैल्यू ₹80,345 करोड़ बढ़ी; HUL की वैल्यू घटी बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की शानदार रिकवरी से देश की टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में कुल लगभग 2.51 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, बेहतर वैश्विक सेंटिमेंट और पहली तिमाही (Q1 FY27) के मजबूत नतीजों की वजह से निवेशकों के भरोसे को मजबूती मिली। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Indonesia Madura Ferry Fire Accident

Indonesia Madura Ferry Fire Accident

11 मिनट पहले कॉपी लिंक इंडोनेशिया के मदुरा द्वीप के पास रविवार को एक यात्री फेरी में भीषण आग लग गई। इस हादसे में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 41 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। देश की सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी ने बयान जारी कर यह जानकारी दी है। एजेंसी के मुताबिक, फेरी में कुल 271 यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे। रविवार दोपहर तक इनमें से 225 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। फिलहाल लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मकासर जा रही थी फेरी यह फेरी पूर्वी जावा प्रांत के सुराबाया से दक्षिण सुलावेसी के मकासर शहर की ओर जा रही थी। मदुरा द्वीप जावा के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित है। घटना रविवार सुबह हुई, लेकिन आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो हादसे के दौरान के कुछ विजुअल्स भी सामने आए हैं, जिनमें यात्री जलती हुई फेरी के अगले हिस्से (बो) की तरफ भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और रेस्क्यू टीम लगातार काम कर रही है। गौरतलब है कि जुलाई 2025 में भी इंडोनेशिया में एक फेरी में आग लगने की घटना सामने आई थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

इंडोनेशिया में फेरी बोट में लगी आग, 5 की मौत:271 लोग सवार थे, 41 अब भी लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

इंडोनेशिया में फेरी बोट में लगी आग, 5 की मौत:271 लोग सवार थे, 41 अब भी लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

इंडोनेशिया के मादुरा द्वीप के पास रविवार सुबह एक यात्री फेरी बोट में आग लग गई। रॉयटर्स के मुताबिक, हादसे में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 41 लोग अब भी लापता हैं। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी के मुताबिक फेरी में कुल 271 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे। दोपहर तक 225 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि बाकी लोगों की तलाश जारी है। फेरी पूर्वी जावा के सुराबाया से दक्षिण सुलावेसी के मकासार जा रही थी। इसी दौरान मादुरा द्वीप के पास उसमें आग लग गई। आग लगने की वजह साफ नहीं हो सकी है। फिलहाल लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हादसे की 5 तस्वीरें… आग लगते ही फेरी में अफरा-तफरी मची हादसे के दौरान के कुछ विजुअल्स सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इनमें यात्री जलती हुई फेरी के अगले हिस्से की तरफ भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। घटना के सामने आए वीडियो में आग फैलने के बाद कई लोग घबराए हुए थे। रॉयटर्स के मुताबिक, बचाव दल आसपास के समुद्री इलाके में लापता लोगों की तलाश कर रहा है। सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी के मुताबिक हादसे के बाद कई बचाव बोट्स और अन्य संसाधनों को मौके पर भेजा गया। राहत दल समुद्र में सर्च ऑपरेशन चला रहा है ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन अभी जारी है और मृतकों या लापता लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है। पिछले साल भी हुआ था ऐसा ही बड़ा हादसा इंडोनेशिया में पहले भी फेरी बोट में आग लगने के कई बड़े हादसे सामने आते रहे हैं। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा द्वीपीय देश है, जहां 17 हजार से ज्यादा द्वीप हैं। एक द्वीप से दूसरे द्वीप तक जाने के लिए बड़ी संख्या में लोग फेरी सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में समुद्री हादसे यहां आम माने जाते हैं। कई मामलों में नाव और फेरी सेवाओं के नियमों का ठीक से पालन नहीं होना भी दुर्घटनाओं की एक बड़ी वजह माना जाता है। ————— ये खबर भी पढ़ें… वियतनाम में टूरिस्ट बोट पलटी, 15 भारतीयों की मौत:इनमें 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् के पर्यटक; 32 भारतीय सवार थे वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को बोट पलट गई। हादसे में 2 महिलाओं समेत 15 भारतीयों की मौत हो गई। मरने वालों में 10 टूरिस्ट तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् से थे। बोट पर कुल 4 क्रू मेंबर्स समेत 36 लोग सवार थे, जिसमें 32 भारतीय थे। 21 लोगों को बचा लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

बड़े बजट की फिल्म की तैयारी में अक्षय और अहमद:‘वेलकम टू द जंगल’ के बाद फिर साथ आएंगे दोनों, नई स्टोरी पर चर्चा जारी

बड़े बजट की फिल्म की तैयारी में अक्षय और अहमद:‘वेलकम टू द जंगल’ के बाद फिर साथ आएंगे दोनों, नई स्टोरी पर चर्चा जारी

बॉक्स ऑफिस पर ‘वेलकम टू द जंगल’ की सफलता के बाद अक्षय कुमार और निर्देशक अहमद खान की जोड़ी एक बार फिर बड़े परदे पर लौट सकती है। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक ‘दोनों नई फिल्म को लेकर शुरुआती स्तर पर चर्चा कर रहे हैं। अभी तक किसी एक कहानी या जॉनर पर अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन कई अलग-अलग विषयों पर विचार-विमर्श जारी है। यदि सब कुछ योजना के अनुरूप रहा तो आधिकारिक घोषणा तारीखों और स्क्रिप्ट के अंतिम रूप लेने के बाद की जा सकती है।’ शेड्यूल और स्क्रिप्ट सबसे बड़ी चुनौती अक्षय और अहमद के नए प्रोजेक्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही कहानी और शूटिंग शेड्यूल तय करना है। अक्षय पहले से कई फिल्मों की शूटिंग और रिलीज की तैयारियों में बिजी हैं। वहीं, अहमद भी अपने दूसरे प्रोजेक्ट्स को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। ऐसे में नई फिल्म की घोषणा से पहले दोनों अपनी उपलब्ध तारीखों और प्रोडक्शन टाइमलाइन पर काम कर रहे हैं। पिछले कुछ समय से ऐसी चर्चाएं भी थीं कि अहमद खान अपनी अगली फिल्म टाइगर श्रॉफ और शनाया कपूर के साथ एक ज़ॉम्बी कॉमेडी के रूप में शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा ‘वेलकम’ फ्रेंचाइज की अगली फिल्म को लेकर भी अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। एक्शन फिल्मों में हिट रही है जोड़ी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि अहमद की निर्देशन शैली और अक्षय की स्क्रीन प्रेजेंस एक्शन फिल्मों में अच्छा तालमेल बनाती है। दोनों पहले भी साथ काम कर चुके हैं और एक-दूसरे की कार्यशैली से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे में अगर नया प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है, तो उसमें बड़े स्तर के एक्शन देखने की संभावना जताई जा रही है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में दर्शकों की पसंद में काफी बदलाव आया है। अब सिर्फ एक्शन या सिर्फ कॉमेडी के बजाय ऐसी फिल्मों को ज्यादा पसंद किया जा रहा है, जिनमें एक्शन, कॉमेडी, ड्रामा और मनोरंजन के दूसरे तत्वों का संतुलित मेल हो। यही वजह है कि अक्षय और अहमद की संभावित नई फिल्म को भी एक बड़े कमर्शियल एंटरटेनर के रूप में तैयार किए जाने की चर्चा है। निर्माता को लेकर भी जारी हैं चर्चाएं सूत्रों के मुताबिक…‘अक्षय और अहमद की संभावित नई फिल्म के निर्माता को लेकर भी इंडस्ट्री में कई तरह की चर्चाएं हैं। दोनों लंबे समय से कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करते रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट किसी बड़े बैनर के तहत बन सकता है। हालांकि, अभी तक मेकर्स ने किसी निर्माता के नाम की घोषणा नहीं की है।’ नए प्रोजेक्ट के लिए कई जॉनर पर विचार कर रहे हैं दोनों ‘वेलकम टू द जंगल’ की सफलता ने निर्माता-निर्देशकों का भरोसा अक्षय और अहमद की जोड़ी पर और मजबूत किया है। यही वजह है कि दोनों अब एक नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। शुरुआती चर्चाओं में एक्शन कॉमेडी, रोमांटिक एक्शन ड्रामा और पूरी तरह एक्शन आधारित फिल्म जैसे कई जॉनर पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार ‘अक्षय के पास भी एक ऐसी कहानी है, जिस पर दोनों के बीच शुरुआती स्तर पर चर्चा हो चुकी है। हालांकि अभी तक किसी प्रोजेक्ट की घोषणा नहीं की गई है। पिछले कुछ वर्षों में हिंदी सिनेमा में सफल अभिनेता-निर्देशक जोड़ियों का दोबारा साथ आना एक आम ट्रेंड बन गया है।

संडे प्रोफाइल : डेल्सी रॉड्रिगेज:साईंबाबा से प्रभावित हैं वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी

संडे प्रोफाइल : डेल्सी रॉड्रिगेज:साईंबाबा से प्रभावित हैं वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी

वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज इन दिनों फिर सुर्खियों में हैं। साल की शुरुआत में देश की कमान संभालते वक्त उन्होंने अमेरिका विरोधी तेवर दिखाए थे। अब रुख बदलते हुए समझौता कर लिया है। वे दुबली-पतली और छोटे कद की हैं। सूट और बड़े चश्मों से झांकती उनकी शख्सियत किसी तेजतर्रार नेता के बजाय टेक्नोक्रेट होने का अहसास कराती है। उनकी राजनीति सालों तक सोशलिज्म और कड़े अमेरिका विरोध पर टिकी थी। लेकिन वे इस समय अमेरिका के कहने पर देश का शासन चला रही हैं। डेल्सी रॉड्रिगेज ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और विदेश मंत्री मार्को रूबियो को वेनेजुएला को अपनी जागीर बनाने की छूट दे दी है। रॉड्रिगेज पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज के भरोसेमंद लोगों में रहीं। फिर उन्होंने मादुरो सरकार में उपराष्ट्रपति, विदेश मंत्री जैसे अहम पद संभाले। अमेरिका ने मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद 57 साल की रॉड्रिगेज पर भरोसा जताया है। वे टाइम मैग्जीन के रिपोर्टर से जोर देकर कहती हैं कि मैंने वेनेजुएला की संप्रभुता का समर्पण नहीं किया बल्कि लोगों के हित में देश की अर्थव्यवस्था को खोल दिया है। उनसे पहले खाने-पीने की चीजों और दवाइयों की भी कमी थी। रॉड्रिगेज के सत्तारू़ढ़ होने के बाद हालात में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। तेल समृद्ध देश में कई अमेरिकी तेल कंपनियों ने कारोबार शुरू कर दिया है। लेकिन इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। वेनेजुएला का सरकारी कोष अमेरिका के निर्देशों पर खर्च होता है। रॉड्रिगेज के परिवार का गहरा वामपंथी झुकाव रहा है। उनके पिता खोर्खे एंटोनियो रॉड्रिगेज रिवॉल्यूशनरी लेफ्ट मूवमेंट संगठन के छात्र नेता थे। 1976 में सरकारी सुरक्षा बलों ने उन्हें मार डाला। उस समय रॉड्रिगेज केवल सात साल की थीं। पिता की मौत के बाद अपने बड़े भाई खोर्खे रॉड्रिगेज के साथ उन्होंने वेनेजुएला की वाम विचारधारा को आगे बढ़ाया। कानून की पढ़ाई के बाद रॉड्रिगेज ने वकालत भी की। वे वेनेजुएला सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहीं। राजनीति में 2003 में सक्रिय हो गईं। ऐसा लगता है, रॉड्रिगेज का झुकाव अध्यात्म की ओर है। टाइम संवाददाता ने उनसे पूछा कि बहुत लोग कहते हैं कि आपकी सरकार मादुरो के शासन की अगली कड़ी है। इस पर रॉड्रिगेज ने कहा, साईंबाबा की ओर देखिए। क्या आप साईंबाबा को जानते हैं? वे एक धर्मगुरु थे। उनका कहना था कि पवित्र और अच्छे काम प्रार्थना से नहीं बल्कि कर्मों और फैसलों के जरिये होते हैं। रॉड्रिगेज का कहना है, साफ है कि वेनेजुएला बदल गया है। वे राजनीतिक कैदियों की रिहाई और सजा माफी का कानून बनाने का जिक्र करती हैं। कानून बनने के बाद नौ हजार से अधिक राजनीतिक कैदी रिहा किए जा चुके हैं।

जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से पैट्रियट मिसाइलें मांगी:बोले- यूक्रेन भेजो, गोदामों में न रखो; रूस के हमले में 9 की मौत

जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से पैट्रियट मिसाइलें मांगी:बोले- यूक्रेन भेजो, गोदामों में न रखो; रूस के हमले में 9 की मौत

रूस के ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से तुरंत पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के इंटरसेप्टर मिसाइल भेजने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ये मिसाइलें लोगों की जान बचाने के लिए हैं, इसलिए इन्हें गोदामों में रखने के बजाय यूक्रेन भेजा जाना चाहिए। रूस ने शनिवार रात कीव समेत कई शहरों पर बड़े पैमाने पर हमला किया था। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक हमले में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि करीब 40 लोग घायल हुए हैं। जेलेंस्की बोले- पैट्रियट नहीं, इसलिए सिर्फ एक मिसाइल रोक पाए जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि रूस ने रातभर में 35 मिसाइलें, जिनमें 27 बैलिस्टिक मिसाइलें थीं, और करीब 185-190 ड्रोन दागे। इनमें से यूक्रेन केवल एक बैलिस्टिक मिसाइल को ही रोक सका, क्योंकि पैट्रियट सिस्टम के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार लगभग खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा, “अमेरिका और यूरोप जानते हैं कि हमें क्या चाहिए। अब केवल राजनीतिक फैसला लेने की जरूरत है। बैलिस्टिक रोधी मिसाइलें लोगों की रक्षा करें, गोदामों में न पड़ी रहें। हर दिन की देरी रूस को हमारे लोगों की जान लेने का एक और मौका देती है।” जेलेंस्की बोले- रूस नई रणनीति अपना रहा, नए प्रतिबंध लगाएं जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस अब जेट इंजन से लैस शाहेद ड्रोन का अधिक इस्तेमाल कर रहा है और युद्ध लंबा खिंचने का फायदा उठाकर नई हमलावर रणनीतियां विकसित कर रहा है। उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों से रूस के मिसाइल, लॉन्चर और हथियार उद्योग से जुड़े लोगों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाने की भी अपील की। साथ ही कहा कि रूस के तेल शोधन और ईंधन क्षेत्र को मिलने वाली मदद रोकना भी जरूरी है, ताकि उसकी युद्ध क्षमता कमजोर हो सके। रूस बोला- सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि हमले में कीव स्थित यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक प्रतिष्ठानों और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाया गया। वहीं यूक्रेन का कहना है कि हमले में रिहायशी इलाके और नागरिक भी प्रभावित हुए। जेलेंस्की ने रक्षा मंत्री रुस्तम उमेरोव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अमेरिका के साथ होने वाली आगामी कूटनीतिक बातचीत की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यूक्रेन को हथियारों और वायु रक्षा प्रणाली को लेकर सहयोगी देशों से ठोस समर्थन मिलेगा। पैट्रियट मिसाइल सिस्टम क्या है पैट्रियट अमेरिका का अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और लड़ाकू विमानों को हवा में ही मार गिराने के लिए बनाया गया है। इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह बेहद कम समय में आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को भी इंटरसेप्ट कर सकता है। इसी वजह से रूस के लगातार बढ़ते मिसाइल हमलों के बीच यह यूक्रेन की सबसे अहम सुरक्षा ढाल माना जाता है। पैट्रियट सिस्टम में लॉन्चर, रडार, कमांड सेंटर और इंटरसेप्टर मिसाइलें शामिल होती हैं। रडार पहले लक्ष्य की पहचान करता है, फिर कमांड सेंटर खतरे का आकलन कर इंटरसेप्टर मिसाइल दागता है, जो हवा में ही दुश्मन की मिसाइल को नष्ट कर देती है।

FPIs Return with ₹20,200 Crore Investment

FPIs Return with ₹20,200 Crore Investment

नई दिल्ली35 मिनट पहले कॉपी लिंक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने जुलाई में भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी करते हुए इक्विटी में करीब ₹20,200 करोड़ का नेट इन्वेस्टमेंट किया है। इसके साथ ही पिछले 4 महीनों से लगातार जारी बिकवाली का सिलसिला थम गया है। आकर्षक वैल्युएशन, कॉरपोरेट कमाई में सुधार और वैश्विक दबाव कम होने से घरेलू शेयरों में विदेशी पूंजी का प्रवाह फिर से शुरू हुआ है। 4 महीने की बिकवाली पर लगा ब्रेक: जून में निकले थे ₹49,340 करोड़ जुलाई में हुआ यह निवेश बाजार के लिए एक बड़ा टर्नअराउंड है। इससे पहले लगातार 4 महीनों तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में भारी बिकवाली की थी। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के मुताबिक, FPIs ने: मार्च: ₹1.17 लाख करोड़ की भारी बिकवाली की थी। अप्रैल: ₹60,847 करोड़ निकाले थे। मई: ₹32,963 करोड़ की निकासी की थी। जून: ₹49,340 करोड़ शेयर बाजार से बाहर निकाले थे। 2026 में अब तक कुल ₹2.54 लाख करोड़ की निकासी: 2025 का रिकॉर्ड टूटा जुलाई की ताजा खरीदारी से बाजार को राहत जरूर मिली है, लेकिन इससे लंबे समय से चली आ रही बिकवाली का नुकसान पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय इक्विटी बाजार से कुल ₹2.54 लाख करोड़ की शुद्ध निकासी कर चुके हैं। यह आंकड़ा पूरे साल 2025 के दौरान हुई ₹1.66 लाख करोड़ की कुल निकासी से भी ज्यादा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की तुलनात्मक स्थिरता, लार्ज-कैप शेयरों में वाजिब वैल्युएशन और कॉरपोरेट अर्निंग्स में सुधार के संकेतों ने विदेशी निवेशकों के बीच भारत का आकर्षण फिर से बढ़ाया है। एक्सपर्ट व्यू: ‘साउथ कोरिया और ताइवान में अस्थिरता का फायदा भारत को मिला’ जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने बताया कि साउथ कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में बढ़ी अनिश्चितता और “चिप ट्रेड” में ज्यादा कंसंट्रेशन के जोखिमों ने विदेशी निवेशकों को भारत जैसे अपेक्षाकृत स्थिर बाजारों की ओर रुख करने के लिए प्रेरित किया है। विजयकुमार के अनुसार, भारतीय रुपए की मजबूती और स्थिरता के साथ-साथ भारत के लार्ज-कैप सेगमेंट में वाजिब वैल्युएशन ने विदेशी पूंजी की वापसी में अहम भूमिका निभाई है। IT शेयरों में तेजी: बेहतर तिमाही नतीजों ने दूर की AI की चिंताएं इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म ‘ट्रैक’ (Trackk) के को-फाउंडर और CEO वेदांत गुप्ते के मुताबिक, जून तिमाही के नतीजों ने कई अहम सेक्टरों में शुरुआती रिकवरी के संकेत दिए हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। विशेष रूप से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों में मजबूत री-रेटिंग देखी गई। उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों ने आईटी उद्योग के लंबे समय के ग्रोथ आउटलुक पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के संभावित असर की चिंताओं को शांत करने में मदद की है। इसके अलावा, ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक हालात भी इमर्जिंग मार्केट्स के लिए मददगार साबित हो रहे हैं। गुप्ते ने बताया कि अमेरिकी डॉलर पर दबाव कम होने और अमेरिकी ब्याज दरों के अपने पीक के करीब पहुंचने की उम्मीदों ने भारत जैसे बाजारों के लिए निवेश का माहौल बेहतर किया है। डेट मार्केट में भी बढ़ा भरोसा: जुलाई में आए ₹32,245 करोड़ विदेशी निवेशकों का यह नया रुझान केवल शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि डेट मार्केट में भी उनकी खरीदारी देखी गई। जनरल रूट: FPIs ने जुलाई में जनरल रूट के जरिए भारतीय डेट सिक्योरिटीज में ₹29,212 करोड़ का निवेश किया। फुल्ली एक्सेसिबल रूट (FAR): इसके जरिए डेट मार्केट में ₹3,033 करोड़ का अतिरिक्त निवेश आया। दोनों रूटों को मिलाकर जुलाई में डेट मार्केट में कुल ₹32,245 करोड़ का विदेशी निवेश दर्ज किया गया। आगे क्या: कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिका-ईरान तनाव और RBI पॉलिसी पर नजर विदेशी निवेशकों की यह खरीदारी आगे भी जारी रहेगी या नहीं, यह ग्लोबल रिस्क फैक्टर्स और घरेलू बाजार के घटनाक्रमों के तालमेल पर निर्भर करेगा। बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पवित्र मुखर्जी ने कहा कि निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और जारी अमेरिका-ईरान भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) की स्थिति पर पैनी नजर रखेंगे। घरेलू मोर्चे पर, Q1FY27 के नतीजों का सीजन बाजार के लिए एक प्रमुख ट्रिगर बना रहेगा। वहीं 5 अगस्त को आने वाला रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का मॉनेटरी पॉलिसी फैसला भी बाजार की भावी दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण होगा। जुलाई में हुई यह वापसी महीनों की भारी बिकवाली के बाद राहत देती है, लेकिन 2026 में हुई कुल निकासी का बड़ा आंकड़ा दिखाता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा पूरी तरह बहाल होना अभी बाकी है। भविष्य का फंड फ्लो इस बात पर निर्भर करेगा कि अर्निंग्स की रफ्तार कितनी मजबूत रहती है और ग्लोबल अनिश्चितताएं कितनी कम होती हैं। ‘FPI और डेट मार्केट क्या होते हैं?’ FPI (फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टमेंट): जब विदेशी निवेशक, संस्थाएं या फंड किसी दूसरे देश के शेयर, डिबेंचर या बॉन्ड में पैसा लगाते हैं, तो उसे FPI कहा जाता है। ये निवेशक सीधे कंपनियों का संचालन नहीं करते, बल्कि सिर्फ रिटर्न के लिए वित्तीय परिसंपत्तियों में निवेश करते हैं। डेट मार्केट (Debt Market): यह एक ऐसा वित्तीय बाजार है जहां सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड, डिबेंचर और अन्य फिक्स्ड-इनकम सिक्योरिटीज की खरीद-बिक्री होती है। इसमें शेयर बाजार की तुलना में जोखिम कम होता है और तय ब्याज दर पर रिटर्न मिलता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

टॉप-10 में से 9-कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा:बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा तेजी, केवल HUL को नुकसान

टॉप-10 में से 9-कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा:बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा तेजी, केवल HUL को नुकसान

बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की शानदार रिकवरी से देश की टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के मार्केट कैपिटलाइजेशन (मार्केट कैप) में कुल 2,50,961.42 करोड़ रुपए (लगभग 2.51 लाख करोड़ रुपए) की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, बेहतर वैश्विक सेंटिमेंट और पहली तिमाही (Q1 FY27) के मजबूत नतीजों की वजह से निवेशकों के भरोसे को मजबूती मिली है। बाजार की इस तेजी में बजाज फाइनेंस सबसे बड़ा गेनर बनकर उभरा, जिसके मार्केट कैप में अकेले 80,000 करोड़ रुपए से अधिक का इजाफा हुआ। वहीं दूसरी ओर, टॉप 10 की सूची में हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) एकमात्र ऐसी कंपनी रही जिसके वैल्युएशन में गिरावट दर्ज की गई। 1. बजाज फाइनेंस रहा टॉप गेनर: मार्केट कैप में ₹80,345 करोड़ का उछाल दिग्गज फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी बजाज फाइनेंस टॉप 10 कंपनियों में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली कंपनी रही। बीते हफ्ते कंपनी का मार्केट कैप 80,345.97 करोड़ रुपए बढ़कर 7,10,817.51 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (जून तिमाही) में कंपनी के समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated PAT) में सालाना आधार पर 28% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तिमाही नतीजों की इस घोषणा के बाद शुक्रवार को कंपनी के शेयर 8% से अधिक की तेजी के साथ बंद हुए। 2. भारती एयरटेल, TCS और रिलायंस में भी तगड़ी खरीदारी वैल्युएशन में बढ़ोतरी के मामले में भारती एयरटेल दूसरे स्थान पर रही। भारती एयरटेल का मार्केट कैप 44,959.50 करोड़ रुपए बढ़कर 12,30,005.63 करोड़ रुपए हो गया। वहीं, आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का मार्केट कैप 40,414.03 करोड़ रुपए बढ़कर 8,55,894.78 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी अपने मार्केट कैप में 39,447.35 करोड़ रुपए जोड़े, जिससे इसका कुल वैल्युएशन 17,69,108.79 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। 3. एलएंडटी, SBI, एचडीएफसी बैंक और LIC के वैल्युएशन में सुधार अन्य प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो: लार्सन एंड टुब्रो (LT): मार्केट कैप 21,096.80 करोड़ रुपए बढ़कर 5,41,844.69 करोड़ रुपए पहुंचा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI): वैल्युएशन 10,845.97 करोड़ रुपए बढ़कर 9,47,799.81 करोड़ रुपए रहा। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): वैल्युएशन में 8,164.73 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ और यह 11,52,150.63 करोड़ रुपए पर बंद हुआ। लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC): मार्केट कैप में 4,427.49 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज हुई। आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank): कंपनी के मार्केट कैप में 1,660.37 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। 4. हिंदुस्तान यूनिलीवर को नुकसान: ₹10,326 करोड़ घटा मार्केट कैप हफ्ते के दौरान टॉप 10 कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) एकमात्र ऐसी कंपनी रही, जिसके मार्केट कैप में गिरावट आई। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 10,326.46 करोड़ रुपए घटकर 4,93,602.13 करोड़ रुपए रह गया। 6. एक्सपर्ट्स की राय: FII खरीदारी और ग्लोबल संकेतों से मिला सपोर्ट बीते हफ्ते बीएसई (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2,034.87 अंक यानी 2.67% की बढ़त बनाने में सफल रहा। वहीं, एनएसई (NSE) का निफ्टी 616.15 अंक यानी 2.59% चढ़ा। रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च एसवीपी (SVP) अजीत मिश्रा ने बाजार की चाल पर कहा, “कच्चे तेल की घटती कीमतों, बेहतर होते भू-राजनीतिक हालात, Q1 FY27 के उत्साहजनक नतीजों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से दोबारा शुरू हुई खरीदारी के दम पर बाजार ने अपनी हालिया गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए जोरदार वापसी की है।” 7. मार्केट सेंटिमेंट का बैकग्राउंड और फ्यूचर आउटलुक बाजार में आई यह हालिया तेजी पिछले कुछ समय से जारी सुस्ती के बाद एक बड़ा बदलाव दर्शाती है। घरेलू स्तर पर कंपनियों के मजबूत नतीजों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुधरती परिस्थितियों पर निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की खरीदारी लौटने से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ी है, जिससे आने वाले दिनों में भी हैवीवेट शेयरों में मजबूती बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है।