Sunday, 01 Nov 2026 | 03:20 PM

Trending :

NSE Market Closing Time Extended

NSE Market Closing Time Extended

मुंबई14 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इक्विटी डेरिवेटिव्स यानी फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट के लिए नॉर्मल मार्केट क्लोजिंग टाइमिंग को 10 मिनट बढ़ा दिया है। सोमवार, 3 अगस्त से यह मार्केट दोपहर 3:30 बजे के बजाय 3:40 बजे बंद होगा।

कैश-डेरिवेटिव्स मार्केट को एक साथ लाने के लिए फैसला

यह बदलाव कैश सेगमेंट में शुरू किए जा रहे नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के रोलआउट के तहत किया गया। NSE के सर्कुलर के अनुसार, इक्विटी डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए नॉर्मल मार्केट क्लोजिंग टाइम को अब 3:40 बजे तक बढ़ा दिया गया है।

ऐसा इसलिए किया गया है ताकि डेरिवेटिव्स मार्केट के कामकाज को कैश सेगमेंट में शुरू किए गए नए क्लोजिंग ऑक्शन मैकेनिज्म के साथ अलाइन किया जा सके।

एक्सचेंज ने बताया कि इसके अलावा अन्य सेशन टाइमिंग्स, जैसे कि प्री-ओपन सेशन और ट्रेड मॉडिफिकेशन विंडो में कोई बदलाव नहीं होगा।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन क्या है और यह कैसे काम करेगा

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) दिन के आखिरी में एक छोटी और स्पष्ट ट्रेडिंग अवधि (शॉर्ट ट्रेडिंग पीरियड) होती है। इसमें मार्केट पार्टिसिपेंट्स किसी सिक्योरिटी के लिए एक सिंगल और फेयर क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए बाय (खरीद) या सेल (बिक्री) के ऑर्डर सबमिट करते हैं।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन से जुड़े प्राइस बैंड और प्री-ट्रेड रिस्क कंट्रोल्स के प्रावधान इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट पर भी लागू होंगे। इसका मकसद एंड-ऑफ-डे ट्रेडिंग प्रोसेस के दौरान कैश और डेरिवेटिव्स मार्केट के बीच निरंतरता और सुचारू बदलाव सुनिश्चित करना है।

स्टॉक फ्यूचर्स के ऑपरेटिंग प्राइस रेंज में बदलाव पर मिलेगा नोटिफिकेशन

ऑपरेशनल बदलावों के तहत, कैश मार्केट में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन शुरू होने के बाद जब भी स्टॉक फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए ऑपरेटिंग प्राइस रेंज को रीसेट किया जाएगा, तब NSE इसका नोटिफिकेशन ब्रॉडकास्ट (प्रसारित) करेगा।

एक्सचेंज के मौजूदा नियमों के मुताबिक, जो आउटस्टैंडिंग ऑर्डर्स इस रिवाइज्ड प्राइस रेंज से बाहर होंगे, वे अपने आप कैंसिल हो जाएंगे।

क्लोजिंग प्राइस कैलकुलेशन का तरीका नहीं बदलेगा, पर समय बदला

एक्सचेंज ने कहा कि डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के क्लोजिंग प्राइसेज को कंप्यूट (कैलकुलेट) करने के मौजूदा मेथड (तरीके) में कोई बदलाव नहीं होगा।

हालांकि, क्लोज प्राइस तय करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) विंडो की कैलकुलेशन अब दोपहर 3:10 बजे से 3:40 बजे के बीच एग्जीक्यूट किए गए ट्रेड्स के आधार पर होगी। यह बदलाव मार्केट क्लोज होने की संशोधित टाइमिंग को रिफ्लेक्ट करता है।

मॉक ट्रेडिंग सेशन में टेस्टिंग कर सकेंगे ब्रोकर्स

NSE ने बताया कि इस इंप्लीमेंटेशन से होने वाले फंक्शनल बदलावों को अपकमिंग मॉक ट्रेडिंग सेशंस के दौरान टेस्टिंग के लिए अवेलेबल कराया जाएगा।

ब्रोकर्स को सलाह दी गई है कि वे बिना किसी रुकावट के कामकाज सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तारीख से पहले अपने ट्रेडिंग एप्लिकेशंस में संबंधित कॉन्ट्रैक्ट फाइलों को अपडेट कर लें।

बाजार के ढांचे में इस बदलाव से प्राइस डिस्कवरी बेहतर होगी, क्लोजिंग के समय मार्केट इंटीग्रिटी बढ़ेगी और डोमेस्टिक मार्केट प्रैक्टिस इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के करीब आएगी।

SEBI के नियमों के तहत चरणों में लागू होगा नया सिस्टम

16 जनवरी को जारी SEBI के सर्कुलर के मुताबिक, CAS को अलग-अलग फेज में पेश किया जाएगा। शुरुआती फेज में केवल उन स्टॉक्स का क्लोजिंग प्राइस CAS के जरिए तय किया जाएगा, जिनके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स उपलब्ध हैं।

कैश सेगमेंट की अन्य सभी सिक्योरिटीज के लिए क्लोजिंग प्राइस की कैलकुलेशन पहले की तरह ही ट्रेडिंग सेशन के आखिरी 30 मिनट के VWAP के आधार पर की जाती रहेगी।

जानिए किस तरह काम करेगा क्लोजिंग ऑक्शन

सभी ट्रेडिंग दिनों में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन दोपहर 3:15 बजे से 3:35 बजे तक कुल 20 मिनट के लिए चलेगा, जिसका शेड्यूल इस प्रकार है…

दोपहर 3:15 से 3:20 बजे: यह कंटीन्यूअस ट्रेडिंग सेशन (CTS) से CAS में जाने का ट्रांजिशन फेज होगा। इस दौरान रेफरेंस प्राइस की कैलकुलेशन दोपहर 3:00 बजे से 3:15 बजे के बीच हुए ट्रेड्स के VWAP के आधार पर होगी।

दोपहर 3:20 से 3:25 बजे: इस समय के दौरान मार्केट और लिमिट दोनों तरह के ऑर्डर दर्ज (एंटर) किए जा सकेंगे।

दोपहर 3:25 से 3:30 बजे: इस अवधि में केवल लिमिट ऑर्डर्स की अनुमति होगी। इस दौरान मार्केट ऑर्डर्स में कोई मॉडिफिकेशन (संशोधन) या कैंसिलेशन नहीं किया जा सकेगा। ऑर्डर एंट्री सेशन दोपहर 3:28 बजे से 3:30 बजे के बीच कभी भी रैंडमली बंद हो जाएगा।

F&O मार्केट क्या है?

डेरिवेटिव्स मार्केट (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) की एक बेसिक परिभाषा, जिसमें कम शब्दों में समझाया जाए कि यह कॉन्ट्रैक्ट आधारित ट्रेडिंग होती है।

VWAP क्या होता है?

वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) का सरल शब्दों में मतलब, जो यह दर्शाता है कि किसी शेयर का उसकी वॉल्यूम और कीमत के आधार पर औसत दाम क्या है।

ये खबर भी पढ़ें…

टॉप-10 में 9 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा: बजाज फाइनेंस टॉप गेनर, वैल्यू ₹80,345 करोड़ बढ़ी; HUL की वैल्यू घटी

बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की शानदार रिकवरी से देश की टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में कुल लगभग 2.51 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, बेहतर वैश्विक सेंटिमेंट और पहली तिमाही (Q1 FY27) के मजबूत नतीजों की वजह से निवेशकों के भरोसे को मजबूती मिली। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ईरान का कुवैत-बहरीन में 8 अमेरिकी ठिकानों पर हमला:खामेनेई बोले- दुश्मन देशाओं के बयान ही अपराध का सबूत, हर मौत का हिसाब लेंगे

June 29, 2026/
6:21 am

ईरान ने रविवार को दावा किया कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिका के 8 सैन्य ठिकानों को नष्ट कर...

#ब्रेकिंगन्यूज़ | बागी यूबीटी सांसद नागेश अष्टिकर ने चुप्पी तोड़ी, सेना में फूट के लिए संजय राउत को जिम्मेदार ठहराया

June 21, 2026/
4:29 pm

| “हम पर भरोसा नहीं किया गया,” बागी यूबीटी सांसद नागेश अष्टिकर ने चुप्पी तोड़ी, उन्होंने सेना में फूट के...

Hollywood Actor James Hendry Murdered

June 5, 2026/
3:52 pm

8 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘जुमांजी’ और ‘टॉप गन: मैवेरिक’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके हॉलीवुड के वेटरन एक्टर...

Nishikant Dubey Apology | Biju Patnaik Statement Controversy

April 1, 2026/
3:12 pm

नई दिल्ली40 मिनट पहले कॉपी लिंक बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर दिए बयान...

Sonipat Six pack Tau Sanjay Kala Pehlwan

February 21, 2026/
5:00 am

घर में पानी से भरी बाल्टियों से एक्सरसाइज करते काला पहलवान। हरियाणा के सोनीपत में ‘सिक्स पैक वाले ताऊ’ की...

POK Ground Report; School Hospital Internet Closed

September 8, 2026/
7:05 am

श्रीनगर13 मिनट पहलेलेखक: रऊफ डार कॉपी लिंक ‘हम इंडिया के एजेंट नहीं हैं, हम तो अपने हक के लिए लड़...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

NSE Market Closing Time Extended

NSE Market Closing Time Extended

मुंबई14 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इक्विटी डेरिवेटिव्स यानी फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट के लिए नॉर्मल मार्केट क्लोजिंग टाइमिंग को 10 मिनट बढ़ा दिया है। सोमवार, 3 अगस्त से यह मार्केट दोपहर 3:30 बजे के बजाय 3:40 बजे बंद होगा।

कैश-डेरिवेटिव्स मार्केट को एक साथ लाने के लिए फैसला

यह बदलाव कैश सेगमेंट में शुरू किए जा रहे नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के रोलआउट के तहत किया गया। NSE के सर्कुलर के अनुसार, इक्विटी डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए नॉर्मल मार्केट क्लोजिंग टाइम को अब 3:40 बजे तक बढ़ा दिया गया है।

ऐसा इसलिए किया गया है ताकि डेरिवेटिव्स मार्केट के कामकाज को कैश सेगमेंट में शुरू किए गए नए क्लोजिंग ऑक्शन मैकेनिज्म के साथ अलाइन किया जा सके।

एक्सचेंज ने बताया कि इसके अलावा अन्य सेशन टाइमिंग्स, जैसे कि प्री-ओपन सेशन और ट्रेड मॉडिफिकेशन विंडो में कोई बदलाव नहीं होगा।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन क्या है और यह कैसे काम करेगा

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) दिन के आखिरी में एक छोटी और स्पष्ट ट्रेडिंग अवधि (शॉर्ट ट्रेडिंग पीरियड) होती है। इसमें मार्केट पार्टिसिपेंट्स किसी सिक्योरिटी के लिए एक सिंगल और फेयर क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए बाय (खरीद) या सेल (बिक्री) के ऑर्डर सबमिट करते हैं।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन से जुड़े प्राइस बैंड और प्री-ट्रेड रिस्क कंट्रोल्स के प्रावधान इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट पर भी लागू होंगे। इसका मकसद एंड-ऑफ-डे ट्रेडिंग प्रोसेस के दौरान कैश और डेरिवेटिव्स मार्केट के बीच निरंतरता और सुचारू बदलाव सुनिश्चित करना है।

स्टॉक फ्यूचर्स के ऑपरेटिंग प्राइस रेंज में बदलाव पर मिलेगा नोटिफिकेशन

ऑपरेशनल बदलावों के तहत, कैश मार्केट में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन शुरू होने के बाद जब भी स्टॉक फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए ऑपरेटिंग प्राइस रेंज को रीसेट किया जाएगा, तब NSE इसका नोटिफिकेशन ब्रॉडकास्ट (प्रसारित) करेगा।

एक्सचेंज के मौजूदा नियमों के मुताबिक, जो आउटस्टैंडिंग ऑर्डर्स इस रिवाइज्ड प्राइस रेंज से बाहर होंगे, वे अपने आप कैंसिल हो जाएंगे।

क्लोजिंग प्राइस कैलकुलेशन का तरीका नहीं बदलेगा, पर समय बदला

एक्सचेंज ने कहा कि डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के क्लोजिंग प्राइसेज को कंप्यूट (कैलकुलेट) करने के मौजूदा मेथड (तरीके) में कोई बदलाव नहीं होगा।

हालांकि, क्लोज प्राइस तय करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) विंडो की कैलकुलेशन अब दोपहर 3:10 बजे से 3:40 बजे के बीच एग्जीक्यूट किए गए ट्रेड्स के आधार पर होगी। यह बदलाव मार्केट क्लोज होने की संशोधित टाइमिंग को रिफ्लेक्ट करता है।

मॉक ट्रेडिंग सेशन में टेस्टिंग कर सकेंगे ब्रोकर्स

NSE ने बताया कि इस इंप्लीमेंटेशन से होने वाले फंक्शनल बदलावों को अपकमिंग मॉक ट्रेडिंग सेशंस के दौरान टेस्टिंग के लिए अवेलेबल कराया जाएगा।

ब्रोकर्स को सलाह दी गई है कि वे बिना किसी रुकावट के कामकाज सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तारीख से पहले अपने ट्रेडिंग एप्लिकेशंस में संबंधित कॉन्ट्रैक्ट फाइलों को अपडेट कर लें।

बाजार के ढांचे में इस बदलाव से प्राइस डिस्कवरी बेहतर होगी, क्लोजिंग के समय मार्केट इंटीग्रिटी बढ़ेगी और डोमेस्टिक मार्केट प्रैक्टिस इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के करीब आएगी।

SEBI के नियमों के तहत चरणों में लागू होगा नया सिस्टम

16 जनवरी को जारी SEBI के सर्कुलर के मुताबिक, CAS को अलग-अलग फेज में पेश किया जाएगा। शुरुआती फेज में केवल उन स्टॉक्स का क्लोजिंग प्राइस CAS के जरिए तय किया जाएगा, जिनके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स उपलब्ध हैं।

कैश सेगमेंट की अन्य सभी सिक्योरिटीज के लिए क्लोजिंग प्राइस की कैलकुलेशन पहले की तरह ही ट्रेडिंग सेशन के आखिरी 30 मिनट के VWAP के आधार पर की जाती रहेगी।

जानिए किस तरह काम करेगा क्लोजिंग ऑक्शन

सभी ट्रेडिंग दिनों में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन दोपहर 3:15 बजे से 3:35 बजे तक कुल 20 मिनट के लिए चलेगा, जिसका शेड्यूल इस प्रकार है…

दोपहर 3:15 से 3:20 बजे: यह कंटीन्यूअस ट्रेडिंग सेशन (CTS) से CAS में जाने का ट्रांजिशन फेज होगा। इस दौरान रेफरेंस प्राइस की कैलकुलेशन दोपहर 3:00 बजे से 3:15 बजे के बीच हुए ट्रेड्स के VWAP के आधार पर होगी।

दोपहर 3:20 से 3:25 बजे: इस समय के दौरान मार्केट और लिमिट दोनों तरह के ऑर्डर दर्ज (एंटर) किए जा सकेंगे।

दोपहर 3:25 से 3:30 बजे: इस अवधि में केवल लिमिट ऑर्डर्स की अनुमति होगी। इस दौरान मार्केट ऑर्डर्स में कोई मॉडिफिकेशन (संशोधन) या कैंसिलेशन नहीं किया जा सकेगा। ऑर्डर एंट्री सेशन दोपहर 3:28 बजे से 3:30 बजे के बीच कभी भी रैंडमली बंद हो जाएगा।

F&O मार्केट क्या है?

डेरिवेटिव्स मार्केट (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) की एक बेसिक परिभाषा, जिसमें कम शब्दों में समझाया जाए कि यह कॉन्ट्रैक्ट आधारित ट्रेडिंग होती है।

VWAP क्या होता है?

वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) का सरल शब्दों में मतलब, जो यह दर्शाता है कि किसी शेयर का उसकी वॉल्यूम और कीमत के आधार पर औसत दाम क्या है।

ये खबर भी पढ़ें…

टॉप-10 में 9 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा: बजाज फाइनेंस टॉप गेनर, वैल्यू ₹80,345 करोड़ बढ़ी; HUL की वैल्यू घटी

बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की शानदार रिकवरी से देश की टॉप 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के मार्केट कैपिटलाइजेशन में कुल लगभग 2.51 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, बेहतर वैश्विक सेंटिमेंट और पहली तिमाही (Q1 FY27) के मजबूत नतीजों की वजह से निवेशकों के भरोसे को मजबूती मिली। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.