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वॉट्सएप भारत में एज वेरिफिकेशन टेस्ट कर रहा:डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के नियमों के पालन की तैयारी, जानें क्या है मामला

वॉट्सएप भारत में एज वेरिफिकेशन टेस्ट कर रहा:डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के नियमों के पालन की तैयारी, जानें क्या है मामला

अगर आपके वॉट्सएप पर हाल ही में उम्र या डेट ऑफ बर्थ दर्ज करने का ऑप्शन दिखा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। वॉट्सएप डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन यानी DPDP कानून का पालन करने के लिए यूजर्स की उम्र की पुष्टि करने का टेस्ट कर रहा है। इसके साथ ही, एप के प्रस्तावित ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर भारत सरकार और मेटा के बीच सख्त बातचीत चल रही है। इस पूरे मामले को सवाल-जवाब में समझते हैं… सवाल 1: वॉट्सएप पर डेट ऑफ बर्थ दर्ज करने का मैसेज क्यों आ रहा है? जवाब: वॉट्सएप ने भारत में कुछ चुनिंदा यूजर्स के साथ एक नया प्राइवेसी-टेस्टिंग फीचर शुरू किया है। इसमें यूजर्स को अपनी जन्मतिथि दर्ज करने का प्रॉम्प्ट मिल रहा है। कंपनी का कहना है कि भारत में लागू होने जा रहे ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP)’ के तहत उम्र से जुड़े नियमों का पालन करने के लिए यह तैयारी की जा रही है। सवाल 2: क्या अपनी उम्र या जन्मतिथि बताना अनिवार्य है, और क्या यह डेटा दूसरों को दिखेगा? जवाब: नहीं, वॉट्सएप ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक ऑप्शनल टेस्ट है। अगर यूजर अपनी उम्र कन्फर्म नहीं भी करते हैं, तब भी वे वॉट्सएप का इस्तेमाल पहले की तरह जारी रख सकेंगे। वॉट्सएप ने कहा कि हम समझते हैं कि किसी व्यक्ति की उम्र की जानकारी बेहद पर्सनल होती है। यह जानकारी अन्य वॉट्सएप यूजर्स के साथ किसी भी सूरत में शेयर नहीं की जाएगी। इस टेस्ट से वॉट्सएप के काम करने के तरीके या यूजर एक्सपीरियंस में कोई बदलाव नहीं आएगा। सवाल 3: इस उम्र सत्यापन प्रक्रिया पर भारत सरकार का क्या रुख है? जवाब: आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि वॉट्सएप का यह कदम DPDP एक्ट के संदर्भ में हो सकता है, जहां उम्र से जुड़े प्रावधान महत्वपूर्ण हैं। आईटी सचिव ने स्पष्ट किया कि हम इस नियम की डेडलाइन के करीब पहुंच रहे हैं, इसलिए हमें वॉट्सएप से इस प्रक्रिया की बारीकियों को समझना और चेक करना होगा। सवाल 4: यह DPDP एक्ट क्या है और वॉट्सएप को इसमें उम्र पूछने की जरूरत क्यों पड़ रही है? जवाब: DPDP एक्ट 2023 भारत का नया डेटा प्राइवेसी कानून है। इसमें बच्चों और नाबालिगों के पर्सनल डेटा की सुरक्षा के लिए विशेष नियम बनाए गए हैं। इसके तहत टेक कंपनियों को 18 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा प्रोसेस करने से पहले माता-पिता की सहमति लेना या उम्र सत्यापित करना अनिवार्य किया गया है। सवाल 5: हाल ही में वॉट्सएप के ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर क्या विवाद शुरू हुआ था? जवाब: वॉट्सएप एक ऐसा फीचर टेस्ट कर रहा था जिससे यूजर्स बिना अपना फोन नंबर शेयर किए केवल ‘यूजरनेम’ के जरिए एक-दूसरे से कनेक्ट हो सकें। हालांकि, पिछले महीने भारत सरकार ने मेटा (Meta) को एक सख्त नोटिस जारी किया और इस फीचर की लॉन्चिंग पर तुरंत रोक लगा दी। सवाल 6: आईटी मंत्रालय को वॉट्सएप के यूजरनेम फीचर पर क्या-क्या आपत्तियां थीं? जवाब: सरकार ने आशंका जताई थी कि बिना फोन नंबर वाले यूजरनेम से साइबर क्राइम को बढ़ावा मिल सकता है। आईटी मंत्रालय के नोटिस के अनुसार: सवाल 7: क्या वॉट्सएप ने यूजरनेम विवाद पर सरकार के नोटिस का जवाब दे दिया है? जवाब: हां, वॉट्सएप ने आईटी मंत्रालय को अपना आधिकारिक जवाब सौंप दिया है। मेटा ने सरकार को आश्वासन दिया है कि जब तक सरकार के साथ बातचीत और परामर्श पूरी तरह से संतोषजनक ढंग से समाप्त नहीं हो जाते, तब तक वह भारत में ‘यूजरनेम’ फीचर को रोलआउट नहीं करेगा।

वॉट्सएप भारत में एज वेरिफिकेशन टेस्ट कर रहा:कुछ चुनिंदा यूजर्स के साथ नया फीचर शुरू, डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के नियमों के पालन की तैयारी

वॉट्सएप भारत में एज वेरिफिकेशन टेस्ट कर रहा:कुछ चुनिंदा यूजर्स के साथ नया फीचर शुरू, डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के नियमों के पालन की तैयारी

अगर आपके वॉट्सएप पर हाल ही में उम्र या डेट ऑफ बर्थ दर्ज करने का ऑप्शन दिखा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। वॉट्सएप डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन यानी DPDP कानून का पालन करने के लिए यूजर्स की उम्र की पुष्टि करने का टेस्ट कर रहा है। इसके साथ ही, एप के नए प्रस्तावित ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर भारत सरकार और मेटा के बीच सख्त बातचीत चल रही है। इस पूरे मामले को सवाल-जवाब में समझते हैं… सवाल 1: वॉट्सएप पर डेट ऑफ बर्थ दर्ज करने का मैसेज क्यों आ रहा है? जवाब: वॉट्सएप ने भारत में कुछ चुनिंदा यूजर्स के साथ एक नया प्राइवेसी-टेस्टिंग फीचर शुरू किया है। इसमें यूजर्स को अपनी जन्मतिथि दर्ज करने का प्रॉम्प्ट मिल रहा है। कंपनी का कहना है कि भारत में लागू होने जा रहे ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP)’ के तहत उम्र से जुड़े नियमों का पालन करने के लिए यह तैयारी की जा रही है। सवाल 2: क्या अपनी उम्र या जन्मतिथि बताना अनिवार्य है, और क्या यह डेटा दूसरों को दिखेगा? जवाब: नहीं, वॉट्सएप ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक ऑप्शनल टेस्ट है। अगर यूजर अपनी उम्र कन्फर्म नहीं भी करते हैं, तब भी वे वॉट्सएप का इस्तेमाल पहले की तरह जारी रख सकेंगे। वॉट्सएप ने कहा कि हम समझते हैं कि किसी व्यक्ति की उम्र की जानकारी बेहद पर्सनल होती है। यह जानकारी अन्य वॉट्सएप यूजर्स के साथ किसी भी सूरत में शेयर नहीं की जाएगी। इस टेस्ट से वॉट्सएप के काम करने के तरीके या यूजर एक्सपीरियंस में कोई बदलाव नहीं आएगा। सवाल 3: इस एज वेरिफिकेशन पर भारत सरकार का क्या रुख है? जवाब: आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि वॉट्सएप का यह कदम DPDP एक्ट के संदर्भ में हो सकता है, जहां उम्र से जुड़े प्रावधान महत्वपूर्ण हैं। आईटी सचिव ने स्पष्ट किया कि हम इस नियम की डेडलाइन के करीब पहुंच रहे हैं, इसलिए हमें वॉट्सएप से इस प्रक्रिया की बारीकियों को समझना और चेक करना होगा। सवाल 4: यह DPDP एक्ट क्या है और वॉट्सएप को इसमें उम्र पूछने की जरूरत क्यों पड़ रही है? जवाब: DPDP एक्ट 2023 भारत का नया डेटा प्राइवेसी कानून है। इसमें बच्चों और नाबालिगों के पर्सनल डेटा की सुरक्षा के लिए विशेष नियम बनाए गए हैं। इसके तहत टेक कंपनियों को 18 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा प्रोसेस करने से पहले माता-पिता की सहमति लेना या उम्र सत्यापित करना अनिवार्य किया गया है। सवाल 5: हाल ही में वॉट्सएप के ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर क्या विवाद शुरू हुआ था? जवाब: वॉट्सएप एक ऐसा फीचर टेस्ट कर रहा था जिससे यूजर्स बिना अपना फोन नंबर शेयर किए केवल ‘यूजरनेम’ के जरिए एक-दूसरे से कनेक्ट हो सकें। हालांकि, पिछले महीने भारत सरकार ने मेटा (Meta) को एक सख्त नोटिस जारी किया और इस फीचर की लॉन्चिंग पर तुरंत रोक लगा दी। सवाल 6: आईटी मंत्रालय को वॉट्सएप के यूजरनेम फीचर पर क्या-क्या आपत्तियां थीं? जवाब: सरकार ने आशंका जताई थी कि बिना फोन नंबर वाले यूजरनेम से साइबर क्राइम को बढ़ावा मिल सकता है। आईटी मंत्रालय के नोटिस के अनुसार: सवाल 7: क्या वॉट्सएप ने यूजरनेम विवाद पर सरकार के नोटिस का जवाब दे दिया है? जवाब: हां, वॉट्सएप ने आईटी मंत्रालय को अपना आधिकारिक जवाब सौंप दिया है। मेटा ने सरकार को आश्वासन दिया है कि जब तक सरकार के साथ बातचीत और परामर्श पूरी तरह से संतोषजनक ढंग से समाप्त नहीं हो जाते, तब तक वह भारत में ‘यूजरनेम’ फीचर को रोलआउट नहीं करेगा।

Youngest Professor Breaks 306-Year-Old Guinness Record

Youngest Professor Breaks 306-Year-Old Guinness Record

Hindi News Career Nathan Thomas: Youngest Professor Breaks 306 Year Old Guinness Record 10 मिनट पहले कॉपी लिंक नॉथन थॉमस दुनिया के सबसे कम उम्र के पुरुष प्रोफेसर हैं। गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने इन्हें हाल ही में मान्यता दी है। नाथन ने 18 साल 346 दिन की उम्र में मियामी डेड कॉलेज में इंजीनियरिंग पढ़ाना शुरू किया था। इसी के साथ उन्होंने 306 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जिस कॉलेज से पढ़ाई की, उसी में प्रोफेसर बनें 9 सितंबर 2004 को जन्मे नाथन ने अगस्त 2023 में मियामी डेड कॉलेज के फैकल्टी में शामिल होकर इतिहास रच दिया। वे पहली बार क्लास में पहुंचे तो क्लास के कई छात्र लगभग उन्हीं की उम्र के थे। उनकी पढ़ाई की शुरुआत भी काफी कम उम्र में हो गई थी। उन्होंने 10 साल की उम्र में एक विशेष कार्यक्रम के तहत मियामी डेड कॉलेज में एडमिशन लिया था। बाद में 14 साल की उम्र में वह आगे की पढ़ाई के लिए फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी चले गए। आज इसी कॉलेज में वे प्रोफेसर हैं। मां ने की कॉन्सेप्ट समझने में मदद थॉमस के अनुसार, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स में रूचि स्वाभाविक रूप से हुई क्योंकि माता-पिता दोनों इंजीनियर हैं। खासतौर पर मां ने जटिल कॉन्सेप्ट समझने में बहुत मदद की। मां हर मुश्किल बात आसान तरीके से समझा देती थी। अब लगता है कि उनकी बहुत सारी बातें अनजाने में ही मेरे साथ रह गईं जिसका मुझे उस समय अहसास नहीं था। आज यही उपलब्धि बन गई। अब कर रहे हैं कानून की पढ़ाई नाथन 18 साल की उम्र तक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बैचलर और मास्टर दोनों डिग्री ऑनर्स के साथ पूरी कर चुके थे। जबकि इस उम्र में बाकी साथी कॉलेज शुरू करने जा रहे थे। नाथन 21 साल के हो चुके हैं और छात्रों को (कॉप 2270 : सी फॉर इंजीनियर्स:) पढ़ाते हैं। यह कोर्स इंजीनियरिंग छात्रों के लिए कंप्यूटिंग व प्रोग्रामिंग के कॉन्सेप्ट कवर करता है। वे फिलहाल कानून की पढ़ाई शुरू कर रहे हैं और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी कानून में विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं। खासकर स्टेम से जुड़े मामलों में। नाथन के मुताबिक इंजीनियरिंग ने उन्हें जटिल समस्याओं को स्ट्रक्चर्ड तरीके से तोड़कर समझना सिखाया। वही तरीका वे अब लॉ स्कूल में भी अपनाते हैं। वे मानते हैं कि पढ़ाई से खुद की समझ भी और गहरी होती है। उनके 2028 में डिग्री पूरी करने की उम्मीद है। उन्हें बास्केटबॉल, टेनिस और गोल्फ पसंद है। वे पियानो भी बजाते हैं। महिला प्रोफेसर का रिकॉर्ड भी तोड़ा नाथन से पहले यह रिकॉर्ड 1968 में जन्मे मैकनॉरेन के नाम था। वे 1717 में प्रोफेसर बने थे। यह रिकॉर्ड अब तक कायम माना जाता रहा है। नाथन मौजूदा सबसे युवा महिला प्रोफेसर आलिया सबूर से 6 दिन छोटे हैं। आलिया 2008 में 18 साल और 362 दिन की उम्र में प्रोफेसर बनी थीं। नाथन का रिकॉर्ड पुरुष कैटेगरी में है। ये खबर भी पढ़ें UPSC भर्ती 13 महीने, SSC भर्ती 6 महीने में होगी:नकल रोकने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन, आंसर की फीस कम करने पर केंद्रीय मंत्री की घोषणा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं। इस बारे में कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद में जानकारी दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Sunny Deol Controversy | Actor Statement Pakistan Mausi Social Media Trolling

Sunny Deol Controversy | Actor Statement Pakistan Mausi Social Media Trolling

13 मिनट पहले कॉपी लिंक सनी देओल की फिल्म ‘बंटवारा 1947’ 14 अगस्त 2026 को रिलीज होगी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ की रिलीज से पहले सनी देओल अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ गए। पटना में फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने अपने पिता धर्मेंद्र के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को मौसी बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल किया। दरअसल सनी से सवाल किया गया कि यह मूवी, जो पाकिस्तान में शूट की गई है, तो आप पाकिस्तान को एक देश या माहौल के तौर पर कैसे देखते हैं? क्या आप कुछ बताना चाहेंगे? इस पर सनी ने बताया कि फिल्म की शूटिंग पाकिस्तान में नहीं हुई, बल्कि फिल्म हिंदुस्तान में ही शूट हुई है। उन्होंने आगे कहा, “हम कोई ऐसी बातें नहीं करते, क्योंकि पूरा देश एक ही था। जैसे पापा ने कहा था कि मेरी मां (भारत) तो वो मेरी मौसी (पाकिस्तान) है, जो आप लोग अच्छी तरह से समझते हैं। हम सब एक तरह से हैं, तो कहीं न कहीं से जुड़े हुए हैं।” सनी देओल के इस बयान पर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने उनके बयान की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, “सनी देओल हर नए वीडियो से अपनी छवि को और नुकसान पहुंचा रहे हैं।” दूसरे ने कहा, “मुझे यह व्यक्ति बिल्कुल पसंद नहीं है।” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “पूरे परिवार को बर्बाद करने वाली मौसी वाली बात सही है।” फिल्म के ट्रेलर में सनी देओल दमदार एक्शन करते नजर आ रहे हैं। ‘बंटवारा 1947’ विभाजन की कहानी पर आधारित है बता दें कि सनी देओल की अपकमिंग फिल्म ‘बंटवारा 1947’ भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म की कहानी हिंसा, विस्थापन और पारिवारिक संघर्ष से जूझ रहे एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में सनी देओल के साथ शबाना आजमी, प्रीति जिंटा, अली फजल और अभिमन्यु सिंह भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म की रिलीज से पहले सनी देओल रविवार देर शाम पटना में स्थित तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब पहुंचे। यहां उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मस्थान पर मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों ने सनी देओल का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्हें सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया और गुरु घर की परंपराओं से अवगत कराया गया। इसके बाद उन्होंने फिल्म के प्रमोशन में हिस्सा लिया। देखें तस्वीरें… पटना साहिब गुरुद्वारे में बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल। हाथ जोड़कर लिया आशीर्वाद। पटना साहिब गुरुद्वारे में सनी देओल को सम्मानित किया गया। गुरु इतिहास की जानकारी के साथ पूरा गुरुद्वारा घूमा सनी देओल लगभग 20 मिनट तक गुरुद्वारा परिसर में रहे। इस दौरान उन्होंने तख्त श्री हरमंदिर साहिब के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया, गुरु इतिहास की जानकारी ली और श्रद्धालुओं के साथ समय बिताया। उन्होंने गुरु का पावन प्रसाद भी ग्रहण किया। दर्शन के बाद सनी देओल ने कहा कि गुरु के दरबार में आकर उन्हें अद्भुत शांति और आत्मिक सुकून का अनुभव हुआ। उन्होंने बताया, “मेरा हमेशा से मन था कि जब भी बिहार आऊं, सबसे पहले तख्त श्री हरिमंदिर साहिब में मत्था टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद जरूर लूं। आज मेरा यह सपना पूरा हो गया।” सनी देओल को सम्मानित किया गया। …………………. सनी देओल से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पिता धर्मेन्द्र को याद कर रो पड़े सनी देओल:’बंटवारा 1947′ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में छलके आंसू; करण देओल, शबाना आजमी-जावेद अख्तर भी नजर आए फिल्म ‘बंटवारा 1947’ का ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सनी देओल रो पड़े। इवेंट के दौरान डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने दिवंगत अभिनेता धर्मेन्द्र पर बात की जिसे सुनकर सनी देओल की आंखों में आंसू आ गए। संतोषी ने कहा की धर्मेन्द्र जी ने आखिरी फिल्म भी बटवारा देखी थी। उन्होंने कहा था ये फिल्म हिट होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Bank Holiday List August 2026

Bank Holiday List August 2026

8 मिनट पहले कॉपी लिंक अगस्त महीना शुरू हो चुका है। इस महीने अलग-अलग राज्यों व शहरों में कुल 14 दिन बैंक बंद रहेंगे। 5 रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार के अलावा 7 दिन अलग-अलग जगहों पर बैंकों में काम-काज नहीं होगा। महीने का पहला रविवार 2 अगस्त को गुजर चुका। इस महीने 28 अगस्त को रक्षा बंधक पर भी बैंक बंद रहेंगे। अब ऐसे में अगर आपको इस महीने बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम हो तो इन छुट्टियों के दिनों को छोड़कर आप बैंक जा सकते हैं। किस-किस शनिवार को बैंक बंद रहेंगे? 8 अगस्त को महीने का दूसरा शनिवार होने की वजह से देशभर के बैंक बंद रहेंगे। 22 अगस्त को महीने का चौथा शनिवार है, इस दिन भी देश के सभी बैंकों की छुट्टी रहेगी। रविवार की छुट्टियां? 2 अगस्त (निकल चुकी है) 9 अगस्त 16, 23 और 30 अगस्त ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए निपटा सकेंगे काम आप बैंकों की छुट्टी के बावजूद ऑनलाइन बैंकिंग और ATM के जरिए पैसे का लेनदेन या अन्य काम कर सकते हैं। इन सुविधाओं पर बैंकों की छुट्टियों का कोई असर नहीं पड़ेगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

RBI New FD Rules for Small Finance Banks

RBI New FD Rules for Small Finance Banks

नई दिल्ली19 मिनट पहले कॉपी लिंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने देश के प्रमुख स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने वाले निवेशकों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। अब स्मॉल फाइनेंस बैंकों के ग्राहकों को ब्याज दर की पूरी जानकारी पहले मिलेगी। ये बदलाव रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया सेकेंड अमेंडमेंट डायरेक्टंस-2026 के तहत किए गए हैं। यह नए नियम और रेगुलेशंस 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गए हैं। RBI के इस कदम का मकसद देशभर के स्मॉल फाइनेंस बैंकों में FD में निवेश करने वाले डिपॉजिटर्स के लिए सिस्टम में ज्यादा स्पष्टता, पारदर्शिता और निष्पक्षता लाना है। RBI के नए FD नियम: जानिए 5 बड़े बदलाव 1. डिपॉजिट ऑफर करने से पहले ब्याज दरों का खुलासा जरूरी नए फ्रेमवर्क के तहत अब स्मॉल फाइनेंस बैंकों को अपना डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट शेड्यूल पहले से पब्लिश करना होगी। रेगुलर और बल्क डिपॉजिट पर दिया जाने वाला ब्याज बैंक की वेबसाइट पर दिखाई गई दरों के अनुसार ही होना चाहिए। इस कदम से ग्राहकों को अलग-अलग बैंकों की FD दरों की तुलना करने में आसानी होगी। 2. बल्क डिपॉजिट रेट्स अपडेट करने का समय तय बल्क डिपॉजिट के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों को हर बिजनेस डे यानी कामकाजी दिन में सुबह 10:00 बजे अपनी वेबसाइट पर लागू ब्याज दरें जारी करनी होंगी। इसमें 10 मिनट का ग्रेस पीरियड दिया जाएगा, यानी बैंक सुबह 10:10 बजे तक अपनी दरें अपडेट कर सकेंगे। शेड्यूल कॉमर्शियल बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लिए ₹3 करोड़ या उससे ज्यादा की सिंगल रुपए टर्म डिपॉजिट को बल्क डिपॉजिट माना जाता है। 3. सभी ब्रांच पर एक समान ब्याज दरें मिलेंगी RBI ने साफ तौर पर कहा है कि डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट्स बैंक की सभी ब्रांच और सभी ग्राहकों के लिए एक समान होनी चाहिए। बैंक एक ही तारीख को स्वीकार किए गए समान राशि के डिपॉजिट्स पर अलग-अलग दरें ऑफर नहीं कर सकते। इससे ग्राहकों के साथ किसी भी ब्रांच या प्रोफाइल के आधार पर भेदभाव नहीं होगा और सभी को समान अधिकार मिलेगा। 4. बल्क डिपॉजिट के लिए अलग दरों की इजाजत यूनिफॉर्मिटी यानी समानता का नियम सामान्य या रेगुलर डिपॉजिट पर लागू रहेगा। हालांकि, स्मॉल फाइनेंस बैंक बल्क डिपॉजिट्स पर अलग-अलग ब्याज दरों की पेशकश कर सकते हैं। इन नियमों को बैंक को पहले से स्पष्ट करना होगा। दरों में यह अंतर RBI के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत डिपॉजिट की स्थिरता और लिक्विडिटी आवश्यकताओं जैसे फैक्टर्स पर आधारित हो सकता है। यह छूट नॉन-रेजिडेंट ग्राहकों से मिलने वाले बल्क डिपॉजिट पर भी लागू होगी। 5. FD निवेशकों पर क्या होगा इसका असर एडवांस डिस्क्लोजर, एक समान प्राइसिंग और बल्क डिपॉजिट के लिए रेगुलेटेड छूट को लागू करके यह नया फ्रेमवर्क एक तरफ जहां डिपॉजिटर्स के हितों की रक्षा करेगा। वहीं दूसरी तरफ बैंकों को अपने फंड्स का बेहतर मैनेजमेंट करने में मदद देगा। कस्टमर्स के लिए इसके क्या मायने हैं? एडवांस जानकारी: निवेशक अब अपनी FD बुक करने से पहले लागू होने वाली सटीक ब्याज दरों को जान सकेंगे। फिक्स्ड टाइमिंग: बैंकों को बल्क डिपॉजिट की दरें रोजाना एक तय समय (सुबह 10:00 से 10:10 बजे) पर पब्लिश करनी होंगी। समानता: एक समान डिपॉजिट के लिए किसी भी ब्रांच में जाने पर ग्राहक को एक जैसी ही ब्याज दर मिलेगी। फ्लेक्सिबिलिटी: बैंक डिपॉजिट फैक्टर्स के आधार पर बल्क एफडी पर अलग-अलग दरें तय कर सकेंगे। क्या होता है बल्क डिपॉजिट? बैंकिंग नियमों के तहत शेड्यूल कॉमर्शियल बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) में ₹3 करोड़ या उससे ज्यादा की सिंगल टर्म डिपॉजिट (FD) को ‘बल्क डिपॉजिट’ माना जाता है। बड़ी संस्थाएं, कॉरपोरेट्स या हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) आमतौर पर इतनी बड़ी रकम की एफडी कराते हैं। ये खबर भी पढ़ें… 6 साल बाद फिर लग सकती है UPI फीस: 2020 में हटाया गया था MDR शुल्क; अब वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव रखा वित्त मंत्रालय ने डिजिटल पेमेंट से जुड़े कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इससे भविष्य में UPI पेमेंट पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट दोबारा लागू किया जा सकता है। इस फैसले का आम यूजर्स, दुकानदारों और बैंकिंग सिस्टम पर क्या असर पड़ेगा सवाल-जवाब में जानें.. पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

RBI New FD Rules for Small Finance Banks

RBI New FD Rules for Small Finance Banks

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने देश के प्रमुख स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने वाले निवेशकों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। अब स्मॉल फाइनेंस बैंकों के ग्राहकों को ब्याज दर की पूरी जानकारी पहले मिलेगी। ये बदलाव रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया सेकेंड अमेंडमेंट डायरेक्टंस-2026 के तहत किए गए हैं। यह नए नियम और रेगुलेशंस 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गए हैं। RBI के इस कदम का मकसद देशभर के स्मॉल फाइनेंस बैंकों में FD में निवेश करने वाले डिपॉजिटर्स के लिए सिस्टम में ज्यादा स्पष्टता, पारदर्शिता और निष्पक्षता लाना है। RBI के नए FD नियम: जानिए 5 बड़े बदलाव 1. डिपॉजिट ऑफर करने से पहले ब्याज दरों का खुलासा जरूरी नए फ्रेमवर्क के तहत अब स्मॉल फाइनेंस बैंकों को अपना डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट शेड्यूल पहले से पब्लिश करना होगी। रेगुलर और बल्क डिपॉजिट पर दिया जाने वाला ब्याज बैंक की वेबसाइट पर दिखाई गई दरों के अनुसार ही होना चाहिए। इस कदम से ग्राहकों को अलग-अलग बैंकों की FD दरों की तुलना करने में आसानी होगी। 2. बल्क डिपॉजिट रेट्स अपडेट करने का समय तय बल्क डिपॉजिट के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों को हर बिजनेस डे यानी कामकाजी दिन में सुबह 10:00 बजे अपनी वेबसाइट पर लागू ब्याज दरें जारी करनी होंगी। इसमें 10 मिनट का ग्रेस पीरियड दिया जाएगा, यानी बैंक सुबह 10:10 बजे तक अपनी दरें अपडेट कर सकेंगे। शेड्यूल कॉमर्शियल बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लिए ₹3 करोड़ या उससे ज्यादा की सिंगल रुपए टर्म डिपॉजिट को बल्क डिपॉजिट माना जाता है। 3. सभी ब्रांच पर एक समान ब्याज दरें मिलेंगी RBI ने साफ तौर पर कहा है कि डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट्स बैंक की सभी ब्रांच और सभी ग्राहकों के लिए एक समान होनी चाहिए। बैंक एक ही तारीख को स्वीकार किए गए समान राशि के डिपॉजिट्स पर अलग-अलग दरें ऑफर नहीं कर सकते। इससे ग्राहकों के साथ किसी भी ब्रांच या प्रोफाइल के आधार पर भेदभाव नहीं होगा और सभी को समान अधिकार मिलेगा। 4. बल्क डिपॉजिट के लिए अलग दरों की इजाजत यूनिफॉर्मिटी यानी समानता का नियम सामान्य या रेगुलर डिपॉजिट पर लागू रहेगा। हालांकि, स्मॉल फाइनेंस बैंक बल्क डिपॉजिट्स पर अलग-अलग ब्याज दरों की पेशकश कर सकते हैं। इन नियमों को बैंक को पहले से स्पष्ट करना होगा। दरों में यह अंतर RBI के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत डिपॉजिट की स्थिरता और लिक्विडिटी आवश्यकताओं जैसे फैक्टर्स पर आधारित हो सकता है। यह छूट नॉन-रेजिडेंट ग्राहकों से मिलने वाले बल्क डिपॉजिट पर भी लागू होगी। 5. FD निवेशकों पर क्या होगा इसका असर एडवांस डिस्क्लोजर, एक समान प्राइसिंग और बल्क डिपॉजिट के लिए रेगुलेटेड छूट को लागू करके यह नया फ्रेमवर्क एक तरफ जहां डिपॉजिटर्स के हितों की रक्षा करेगा। वहीं दूसरी तरफ बैंकों को अपने फंड्स का बेहतर मैनेजमेंट करने में मदद देगा। कस्टमर्स के लिए इसके क्या मायने हैं? एडवांस जानकारी: निवेशक अब अपनी FD बुक करने से पहले लागू होने वाली सटीक ब्याज दरों को जान सकेंगे। फिक्स्ड टाइमिंग: बैंकों को बल्क डिपॉजिट की दरें रोजाना एक तय समय (सुबह 10:00 से 10:10 बजे) पर पब्लिश करनी होंगी। समानता: एक समान डिपॉजिट के लिए किसी भी ब्रांच में जाने पर ग्राहक को एक जैसी ही ब्याज दर मिलेगी। फ्लेक्सिबिलिटी: बैंक डिपॉजिट फैक्टर्स के आधार पर बल्क एफडी पर अलग-अलग दरें तय कर सकेंगे। क्या होता है बल्क डिपॉजिट? बैंकिंग नियमों के तहत शेड्यूल कॉमर्शियल बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) में ₹3 करोड़ या उससे ज्यादा की सिंगल टर्म डिपॉजिट (FD) को ‘बल्क डिपॉजिट’ माना जाता है। बड़ी संस्थाएं, कॉरपोरेट्स या हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) आमतौर पर इतनी बड़ी रकम की एफडी कराते हैं। ये खबर भी पढ़ें… 6 साल बाद फिर लग सकती है UPI फीस: 2020 में हटाया गया था MDR शुल्क; अब वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव रखा वित्त मंत्रालय ने डिजिटल पेमेंट से जुड़े कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इससे भविष्य में UPI पेमेंट पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट दोबारा लागू किया जा सकता है। इस फैसले का आम यूजर्स, दुकानदारों और बैंकिंग सिस्टम पर क्या असर पड़ेगा सवाल-जवाब में जानें.. पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Shruti Desai Accuses Bhumi Pednekar of Misbehavior

Shruti Desai Accuses Bhumi Pednekar of Misbehavior

10 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर पर उनकी पूर्व एक्टिंग टीचर श्रुति देसाई ने टीचरों के साथ बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए NEET विरोध प्रदर्शन में कुछ लोगों ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इसकी भूमि ने आलोचना की थी और कुछ लोगों ने उन्हें इसके लिए ट्रोल किया था। अब भूमि की कथित पूर्व एक्टिंग टीचर श्रुति देसाई की एक सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में है। श्रुति देसाई ने अपनी पोस्ट में लिखा, “भूमि पेडनेकर, मुझे याद है कि मैं मुंबई के एक फिल्म स्कूल में कुछ समय के लिए आपकी टीचर थी। बदकिस्मती से, मुझे यह भी याद है कि आप अपने टीचरों के प्रति काफी असम्मानजनक, लगभग तिरस्कारपूर्ण व्यवहार करती थीं। क्या आप बता सकती हैं कि सम्मान और जिम्मेदारी को लेकर आपका नजरिया अब कैसे बदल गया?” श्रुति देसाई की पोस्ट। अभद्र भाषा की आलोचना की थी भूमि पेडनेकर ने 2 अगस्त को अपने वीडियो मैसेज में कहा था कि शिक्षा और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने का हक सभी को है, लेकिन अपनी बात रखने का तरीका सही होना चाहिए। उन्होंने कहा था, “सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हमारे देश के युवा कर रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है। हम अपने देश के सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में बात कर रहे हैं। क्या हम अपने घर के बड़ों से कभी इस तरह बात करते हैं?” पूरी खबरे पढ़ें भूमि पेडनेकर ‘दम लगा के हईशा’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘बाला’ जैसी कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं। भूमि के इस बयान को कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘एकतरफा’ बताया था। आलोचकों का कहना था कि भूमि ने 20 जुलाई को हुए ‘संसद मार्च’ के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, पुलिस कार्रवाई और उनकी मांगों पर कोई बात नहीं की, बल्कि सिर्फ नारेबाजी पर ध्यान दिया। वहीं, 3 अगस्त को शेयर किए गए दूसरे वीडियो में भूमि पेडनेकर ने कहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही एक युवा छात्रा का इंटरव्यू वायरल होने के बाद उसे सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा है। उसे डरावनी धमकियां और भद्दे मैसेज भेजे जा रहे हैं। भूमि ने कहा था कि इस तरह का ऑनलाइन उत्पीड़न किसी भी इंसान के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है। उन्होंने कहा कि लोगों को आपसी बातचीत में संवेदनशीलता, सम्मान और सहानुभूति रखनी चाहिए, न कि किसी की जान के पीछे पड़ जाना चाहिए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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1 घंटे पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर पर उनकी पूर्व एक्टिंग टीचर श्रुति देसाई ने टीचरों के साथ बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए NEET विरोध प्रदर्शन में कुछ लोगों ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इसकी भूमि ने आलोचना की थी और कुछ लोगों ने उन्हें इसके लिए ट्रोल किया था। अब भूमि की कथित पूर्व एक्टिंग टीचर श्रुति देसाई की एक सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में है। श्रुति देसाई ने अपनी पोस्ट में लिखा, “भूमि पेडनेकर, मुझे याद है कि मैं मुंबई के एक फिल्म स्कूल में कुछ समय के लिए आपकी टीचर थी। बदकिस्मती से, मुझे यह भी याद है कि आप अपने टीचरों के प्रति काफी असम्मानजनक, लगभग तिरस्कारपूर्ण व्यवहार करती थीं। क्या आप बता सकती हैं कि सम्मान और जिम्मेदारी को लेकर आपका नजरिया अब कैसे बदल गया?” श्रुति देसाई की पोस्ट। अभद्र भाषा की आलोचना की थी भूमि पेडनेकर ने 2 अगस्त को अपने वीडियो मैसेज में कहा था कि शिक्षा और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने का हक सभी को है, लेकिन अपनी बात रखने का तरीका सही होना चाहिए। उन्होंने कहा था, “सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हमारे देश के युवा कर रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है। हम अपने देश के सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में बात कर रहे हैं। क्या हम अपने घर के बड़ों से कभी इस तरह बात करते हैं?” पूरी खबरे पढ़ें भूमि पेडनेकर ‘दम लगा के हईशा’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘बाला’ जैसी कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं। भूमि के इस बयान को कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘एकतरफा’ बताया था। आलोचकों का कहना था कि भूमि ने 20 जुलाई को हुए ‘संसद मार्च’ के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, पुलिस कार्रवाई और उनकी मांगों पर कोई बात नहीं की, बल्कि सिर्फ नारेबाजी पर ध्यान दिया। वहीं, 3 अगस्त को शेयर किए गए दूसरे वीडियो में भूमि पेडनेकर ने कहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही एक युवा छात्रा का इंटरव्यू वायरल होने के बाद उसे सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा है। उसे डरावनी धमकियां और भद्दे मैसेज भेजे जा रहे हैं। भूमि ने कहा था कि इस तरह का ऑनलाइन उत्पीड़न किसी भी इंसान के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है। उन्होंने कहा कि लोगों को आपसी बातचीत में संवेदनशीलता, सम्मान और सहानुभूति रखनी चाहिए, न कि किसी की जान के पीछे पड़ जाना चाहिए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Gold Silver Price Hike | Gold Rate Reaches 1.43 Lakh

Gold Silver Price Hike | Gold Rate Reaches 1.43 Lakh

16 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमत में आज यानी 4 अगस्त को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 2,130 रुपए बढ़कर 2.19 लाख रुपए पर पहुंच गई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 381 रुपए बढ़कर 1.43 लाख रुपए पर पहुंच गया है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत कैरेट भाव (रुपए/10 ग्राम) 24 ₹1,42,938 22 ₹1,30,931 18 ₹1,07,204 14 ₹83,619 देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,44,150 मुंबई ₹1,44,000 कोलकाता ₹1,44,000 जयपुर ₹1,44,150 भोपाल ₹1,44,050 पटना ₹1,44,050 लखनऊ ₹1,44,150 रायपुर ₹1,44,000 अहमदाबाद ₹1,44,050 सोर्स: goodreturns 4 अगस्त 2026 इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 10 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.43 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 12 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.18 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल तारीख सोना चांदी 31 दिसंबर 2025 ₹1,33,195 ₹2,30,420 31 जनवरी 2026 ₹1,65,795 ₹3,39,350 28 फरवरी 2026 ₹1,50,997 ₹2,66,700 31 मार्च 2026 ₹1,46,733 ₹2,30,135 30 अप्रैल 2026 ₹1,50,263 ₹2,40,331 31 मई 2026 ₹1,56,463 ₹2,63,350 30 जून 2026 ₹1,41,286 ₹2,25,425 31 जुलाई 2026 ₹1,42,860 ₹2,18,295 4 अगस्त 2026 ₹1,42,938 ₹2,19,417 नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…