वॉशिंगटन डीसी/तेहरान13 मिनट पहले
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने 24 सितंबर 2025 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में UNGA के 80वें सत्र को संबोधित किया था।
अमेरिका और ईरान के बीच 7 महीने से जंग चल रही है। इसके बावजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली UNGA बैठक में शामिल होंगे। अमेरिका ने दोनों को वीजा दे दिया है।
दोनों नेता अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली 81वीं UNGA की हाई-लेवल बैठक में हिस्सा लेंगे। युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला मौका होगा, जब ईरान के शीर्ष नेता अमेरिकी जमीन पर पहुंचेंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। इस बार प्रतिनिधिमंडल का आकार पिछले साल की तुलना में छोटा रखा गया है और उस पर कई तरह की पाबंदियां लागू रहेंगी।
पजशकियान को अमेरिका गिरफ्तार क्यों नहीं कर सकता?
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है, फिर भी ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान न्यूयॉर्क में UNGA में शामिल हो सकेंगे। इसकी दो बड़ी वजहें हैं।
1. राष्ट्रपति को मिली खास कानूनी सुरक्षा
किसी देश के मौजूदा राष्ट्रपति को दूसरे देश में सामान्य आरोपी की तरह गिरफ्तार करना आसान नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय कानून में राष्ट्राध्यक्षों को अपने पद पर रहते हुए खास कानूनी सुरक्षा मिलती है। इसका मकसद यह है कि एक देश दूसरे देश के मौजूदा शीर्ष नेताओं को मनमाने ढंग से गिरफ्तार न कर सके।
इसका मतलब यह नहीं है कि राष्ट्रपति पर कभी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकती। मामला किस अदालत में है, आरोप किस तरह के हैं और संबंधित देश के कानून क्या कहते हैं—इन सब पर स्थिति बदल सकती है।
2. UNGA के लिए अमेरिका की अलग जिम्मेदारी है
यह मामला सिर्फ अमेरिका और ईरान के बीच का नहीं है। UN का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है और अमेरिका इसका मेजबान देश है। इसलिए दूसरे देशों के प्रतिनिधियों को UN के आधिकारिक कार्यक्रमों में पहुंचने की सुविधा देना अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों का हिस्सा है।
UN के मुताबिक, अमेरिका को UN में आधिकारिक काम करने वाले प्रतिनिधियों की आवाजाही को इस तरह नहीं रोकना चाहिए कि वे अपने आधिकारिक काम में हिस्सा ही न ले सकें। हालांकि, अमेरिका उनके UN के बाहर निजी या गैर-आधिकारिक घूमने-फिरने पर पाबंदियां लगा सकता है।
यही वजह है कि पजशकियान और अराघची को अमेरिका आने की अनुमति दी गई है, लेकिन ईरानी प्रतिनिधिमंडल छोटा रखा जाएगा और उसके सदस्यों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध रहेंगे।
यात्रा और खरीदारी पर पाबंदियां रहेंगी
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक ईरानी अधिकारियों की न्यूयॉर्क में आवाजाही सीमित रहेगी। उन्हें केवल कुछ तय स्थानों तक ही जाने की अनुमति होगी।
पहले की तरह उनके आने-जाने का दायरा संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, ईरान के UN मिशन और कुछ निर्धारित इलाकों तक सीमित रखा जा सकता है। इसके अलावा लग्जरी सामान और कुछ अन्य वस्तुओं की खरीदारी पर भी रोक रहेगी। अमेरिका पहले भी ईरानी अधिकारियों पर इसी तरह की पाबंदियां लगाता रहा है।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत होगी?
UNGA के दौरान दुनिया की नजर इस बात पर भी रहेगी कि क्या न्यूयॉर्क में मौजूद अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच किसी तरह की बातचीत होती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हाल के महीनों में कई बार दावा कर चुके हैं कि उनके प्रशासन और ईरानी अधिकारियों के बीच बातचीत हुई है।
ऐसे में पजशकियान और अराघची की न्यूयॉर्क यात्रा को सिर्फ एक राजनयिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संभावित संवाद के अवसर के तौर पर भी देखा जा रहा है।
फिलिस्तीनी राष्ट्रपति अब्बास को वीजा नहीं मिला
ईरानी प्रतिनिधिमंडल को वीजा देने का फैसला उस समय आया है, जब अमेरिका ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास को UNGA में शामिल होने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया है।
अमेरिका ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण (PA) और फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (PLO) से जुड़े कई अधिकारियों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। लगातार दूसरे साल अब्बास को न्यूयॉर्क आने की अनुमति नहीं मिली है।
पिछले साल की तरह इस बार भी उन्हें वीडियो लिंक के जरिए महासभा को संबोधित करने की अनुमति दी गई है।
अमेरिका का कहना है कि यह फैसला फिलिस्तीनी नेतृत्व की कुछ नीतियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में इजराइल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई से जुड़े कदमों के कारण लिया गया है। वहीं फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे राजनीतिक समाधान और शांति प्रयास कमजोर होंगे।
UNGA में युद्ध, तेल और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चर्चा होगी
इस बार संयुक्त राष्ट्र महासभा ऐसे समय हो रही है, जब दुनिया एक साथ कई बड़े संकटों का सामना कर रही है। अमेरिका-ईरान युद्ध, रूस-यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेंगे।
अमेरिका-ईरान संघर्ष का असर पहले ही तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ चुका है। ऐसे में पजशकियान की न्यूयॉर्क मौजूदगी और अमेरिकी अधिकारियों के साथ संभावित संपर्क पर दुनिया भर की नजर रहेगी। UNGA के मंच पर होने वाली हर मुलाकात और हर बयान को इस बार युद्ध और कूटनीति, दोनों के नजरिए से देखा जाएगा।
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