Friday, 18 Sep 2026 | 04:18 PM

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WhatsApp Account Review Issue In India

WhatsApp Account Review Issue In India

7 मिनट पहले कॉपी लिंक इंस्टेंट मैसेजिंग एप वॉट्सएप ने भारत समेत कुछ अन्य देशों में कई यूजर्स के अकाउंट्स को 24 घंटे के लिए रिव्यू में डाल दिया है। इस दौरान एप के सभी फीचर्स को ब्लॉक कर दिया गया। इस दिक्कत के बाद प्रभावित यूजर्स ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। मामले पर कंपनी के प्रवक्ता ने बयान जारी कर सफाई दी है। 8 सवालों के जवाब में पूरे मामले को समझें… सवाल 1. वॉट्सएप में अचानक क्या दिक्कत आई है और कौन-कौन प्रभावित हुआ है? जवाब: सोमवार को वॉट्सएप ने भारत सहित दुनिया भर के कई यूजर्स के अकाउंट्स को अचानक ‘अंडर रिव्यू’ श्रेणी में डाल दिया। अकाउंट के सभी मैसेजिंग और कॉलिंग फीचर्स ब्लॉक कर दिए गए। सवाल 2. यूजर्स की स्क्रीन पर किस तरह का मैसेज दिखाई दे रहा है? जवाब: जब प्रभावित यूजर्स ने एप खोला, तो स्क्रीन पर मैसेज लिखकर आया: “अकाउंट इन रिव्यू। डेट रिक्वेस्टेड: 3 अगस्त 2026। आपकी अकाउंट एक्टिविटी और डिवाइस इंफो की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह हमारी सेवा की शर्तों का पालन करता है। सवाल 3. यह समस्या किस समय शुरू हुई और क्या यूजर्स को पूर्व सूचना दी गई थी? जवाब: यह समस्या भारतीय समयानुसार रात करीब 8 बजे सामने आई। मेटा ने यूजर्स को अकाउंट ब्लॉक करने या रिव्यू में डालने से पहले किसी भी तरह की वार्निंग या नोटिफिकेशन नहीं दिया था। सवाल 4. वॉट्सएप कंपनी ने इस पूरी घटना पर क्या सफाई दी है? जवाब: मामले पर वॉट्सएप के प्रवक्ता ने कहा, “हम अपनी सेवा का गलत इस्तेमाल करने वालों से आगे रहने के लिए हमेशा काम करते हैं और अन्य यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए अकाउंट्स को बैन करते हैं। हालांकि, कभी-कभी हमसे गलती भी हो जाती है और जब ऐसा होता है, तो हम लोगों को वापस चैटिंग पर लाने के लिए इसे जितनी जल्दी हो सके ठीक करने की कोशिश करते हैं।” सवाल 5. स्क्रीन पर मैसेज के अलावा एप में और क्या विकल्प दिए गए हैं? जवाब: ‘अकाउंट इन रिव्यू’ वाले मैसेज के ठीक नीचे वॉट्सएप ने दो विकल्प दिए हैं। पहला विकल्प “जिम्मेदारी से वॉट्सएप का उपयोग कैसे करें” (How to use WhatsApp responsibly) नाम से गाइडेंस देता है और दूसरा विकल्प “चोरी हुए फोन और अकाउंट के बारे में” (About stolen phone and accounts) जानकारी के लिए है। अकाउंट रिव्यू प्रोसेस स्टेप 1: अचानक स्क्रीन पर ‘Account in Review’ का मैसेज दिखना। स्टेप 2: 24 घंटे का टाइमर शुरू होना और मैसेजिंग फीचर्स का ब्लॉक होना। स्टेप 3: वॉट्सएप की ऑटोमेटेड जांच और यूजर्स द्वारा अपील का विकल्प। स्टेप 4: जांच के बाद अकाउंट रिस्टोर होना या स्थायी बैन लगना। सवाल 6. प्रभावित यूजर्स का सोशल मीडिया पर क्या कहना है? जवाब: बिना किसी कारण अकाउंट ब्लॉक होने से परेशान यूजर्स ने एक्स और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर अपना गुस्सा जताया। एक यूजर ने लिखा, “मेरा वॉट्सएप अकाउंट बिना किसी स्पष्टीकरण के डिसेबल कर दिया गया है। मैंने अपील सबमिट कर दी है, लेकिन स्क्रीन पर बस 24 घंटे का मैसेज दिख रहा है।” सवाल 7. क्या इस टेक्निकल इश्यू से लोगों के कामकाज पर भी असर पड़ा है? जवाब: हां, सलोनी नाम की एक एक्स यूजर ने पोस्ट किया, “मेरा वॉट्सएप बिना किसी चेतावनी के अचानक डिसेबल हो गया। मैं केवल ऑफिशियल एप का ही इस्तेमाल करती हूं और मेरा पूरा काम वॉट्सएप पर ही निर्भर है। यह बहुत बेवजह की परेशानी है।” सवाल 8. अगर आपका अकाउंट भी रिव्यू में चला जाए, तो आपको क्या करना चाहिए? जवाब: अगर आपकी स्क्रीन पर 24 घंटे का समीक्षा मैसेज दिख रहा है, तो आपको कंपनी की ओर से जांच पूरी होने का इंतजार करना होगा। इसके अलावा, आप स्क्रीन पर दिख रहे अपील बटन या वॉट्सएप सपोर्ट पेज पर जाकर अपना पक्ष दर्ज करा सकते हैं। यदि आपने नियमों का उल्लंघन नहीं किया है, तो अकाउंट 24 घंटे में खुद रिस्टोर हो जाएगा। नॉलेज पार्ट: ‘जानिए क्यों बैन या रिव्यू में जाते हैं अकाउंट्स?’ वॉट्सएप अपनी प्राइवेसी और सुरक्षा नीति (Terms of Service) के तहत संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए ऑटोमेटेड सिस्टम का इस्तेमाल करता है। अकाउंट्स रिव्यू में जाने के मुख्य कारण: थर्ड-पार्टी एप्स (जैसे GB WhatsApp या WhatsApp Plus) का इस्तेमाल करना। एक साथ कई अज्ञात नंबरों पर बल्क मैसेज भेजना या स्पैमिंग करना। कई यूजर्स द्वारा आपके नंबर को रिपोर्ट (Report) या ब्लॉक (Block) किया जाना। रीडर्स के लिए टिप्स: हमेशा ऑफिशियल एप चुनें: गूगल प्ले स्टोर या एप्पल एप स्टोर से डाउनलोड किए गए आधिकारिक वॉट्सएप का ही इस्तेमाल करें। थर्ड-पार्टी एप्स से बचें: किसी भी क्लोन या मॉडिफाइड एप में अपना वॉट्सएप नंबर न चलाएं, इससे परमानेंट बैन लग सकता है। संयम रखें: अगर आपका अकाउंट बिना गलती के रिव्यू में गया है, तो 24 घंटे का समय दें; अकाउंट अपने आप शुरू हो जाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

6 साल बाद फिर लग सकती है UPI फीस:2020 में हटाया गया था MDR शुल्क; अब वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव रखा

6 साल बाद फिर लग सकती है UPI फीस:2020 में हटाया गया था MDR शुल्क; अब वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव रखा

वित्त मंत्रालय ने डिजिटल पेमेंट से जुड़े कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इससे भविष्य में UPI पेमेंट पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट दोबारा लागू किया जा सकता है। इस फैसले का आम यूजर्स, दुकानदारों और बैंकिंग सिस्टम पर क्या असर पड़ेगा सवाल-जवाब में जानें.. सवाल 1. वित्त मंत्रालय ने किस कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखा है और इससे क्या बदलेगा? जवाब: वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A को हटाने या उसमें संशोधन का प्रस्ताव दिया है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में यह धारा बैंकों और पेमेंट कंपनियों को UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट मोड्स पर किसी भी प्रकार का शुल्क या चार्ज वसूलने से रोकती है। इस नियम में बदलाव के बाद सरकार को यह तय करने का कानूनी अधिकार मिल जाएगा कि किन डिजिटल पेमेंट मोड्स को फ्री रखना है और किन पर शुल्क की अनुमति देनी है। सवाल 2. क्या इसका मतलब यह है कि अब UPI का इस्तेमाल करने पर तुरंत चार्ज देना होगा? जवाब: नहीं, इस संशोधन का मतलब यह कतई नहीं है कि UPI पेमेंट्स पर तुरंत चार्जेस लागू हो रहे हैं। यह कदम केवल सरकार को भविष्य के लिए नियम और नीतियां बनाने की कानूनी छूट देता है। कानून बदलने के बाद सरकार जब चाहेगी, तब नोटिफिकेशन जारी करके यह तय कर सकेगी कि किस तरह के पेमेंट्स पर फीस लागू होगी और कौन से पेमेंट्स पूरी तरह मुफ्त बने रहेंगे। सवाल 3. MDR क्या होता है और अगर यह लागू हुआ तो किसकी जेब पर असर पड़ेगा? जवाब: MDR वह फीस होती है जो कोई व्यापारी डिजिटल ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने के बदले बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स जैसे फोनपे, गूगलपे, पेटीएम को देता है। अगर भविष्य में UPI पर MDR दोबारा लागू किया जाता है, तो इसका असर व्यापारियों और पेमेंट इकोसिस्टम पर पड़ेगा। आम नागरिक जो रोजाना की खरीदारी के लिए UPI से पेमेंट करते हैं, उन पर कोई सीधा शुल्क नहीं लगेगा। सवाल 4. UPI और रुपे कार्ड पर MDR कब से हटा दिया गया था और क्यों? जवाब: सरकार ने जनवरी 2020 में UPI और रुपे डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर MDR को जीरो कर दिया था। डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने और देश में कैशलेस इकोनॉमी को मजबूत करने के मकसद से ऐसा किया गया था। इसके बाद से ही देश में UPI पेमेंट्स का तेजी से विस्तार हुआ। सवाल 5. सरकार को इस कानून में बदलाव करने की जरूरत क्यों पड़ी? जवाब: UPI इकोसिस्टम को लंबे समय तक बिना किसी कमाई के चला पाना वित्तीय रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। हाल ही में मार्च में वित्त पर संसद की स्थाई समिति ने भी इस पर चिंता जताई थी। समिति ने कहा था कि जीरो-एमडीआर नीति के कारण पेमेंट इंडस्ट्री और बैंकों को घाटा हो रहा है। इसकी भरपाई के लिए एक टिकाऊ रेवेन्यू मॉडल बेहद जरूरी है। सवाल 6. सरकार अभी बैंकों और पेमेंट कंपनियों को कितना इंसेंटिव देती है? जवाब: सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रुपे डेबिट कार्ड और कम मूल्य वाले BHIM-UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शंस को सपोर्ट करने के लिए ₹2,000 करोड़ का इंसेंटिव बजट आवंटित किया है। यह इंसेंटिव स्कीम FY2021-22 में शुरू की गई थी। हालांकि, संसदीय समिति ने नोट किया कि यह राशि पेमेंट इंडस्ट्री की वास्तविक लागत का बहुत छोटा हिस्सा ही कवर कर पाती है। सवाल 7. इस कानूनी संशोधन का मुख्य उद्देश्य क्या है? जवाब: इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य दो चीजों के बीच संतुलन बनाना है। एक तरफ आम जनता के लिए किफायती और आसान डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को बनाए रखना। दूसरी तरफ UPI इकोसिस्टम (बैंक, फिनटेक कंपनियां) को वित्तीय रूप से मजबूत और टिकाऊ बनाए रखना। सवाल 8. भविष्य में आगे क्या होने की संभावना है? जवाब: कानूनी संशोधन पारित होने के बाद सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी। संभावना जताई जा रही है कि बड़े मर्चेंट्स या उच्च मूल्य वाले ट्रांजैक्शंस के लिए चरणबद्ध तरीके से मामूली MDR लागू किया जा सकता है, जबकि छोटे दुकानदारों और आम कंज्यूमर पेमेंट्स को फ्री ही रखा जाएगा। नॉलेज पार्ट: ‘जानिए क्या है MDR?’ जब भी आप किसी दुकान पर कार्ड या UPI स्कैन करके पेमेंट करते हैं, तो उस ट्रांजैक्शन को सुरक्षित तरीके से प्रोसेस करने में बैंक, पेमेंट गेटवे और सॉफ्टवेयर कंपनियों का खर्च आता है। इस सर्विस के बदले मर्चेंट से ली जाने वाली फीस को ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (MDR) कहते हैं। रीडर्स के लिए काम की टिप आम यूजर्स को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर भविष्य में MDR वापस भी आता है, तो नियम के मुताबिक इसका शुल्क व्यापारी को देना होता है, ग्राहक को नहीं। इसके अलावा, आपका व्यक्तिगत UPI ट्रांसफर यानी पर्सन टू पर्सन पूरी तरह फ्री ही रहेगा।

रिपोर्ट- ईरान का कुवैत में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला:ओमान तट के पास जहाज पर अटैक; ट्रम्प बोले- ईरान के पास समझौते का आखिरी मौका

रिपोर्ट- ईरान का कुवैत में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला:ओमान तट के पास जहाज पर अटैक; ट्रम्प बोले- ईरान के पास समझौते का आखिरी मौका

अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। द यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की IRGC ने मंगलवार सुबह कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर कम से कम तीन ड्रोन से हमला किया। फिलहाल किसी नुकसान या हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उधर, यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया। एजेंसी ने जांच शुरू कर दी है और जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसके पास समझौते का आखिरी मौका है। उन्होंने दोहराया कि बातचीत नाकाम रही तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। हालांकि, ईरान ने कहा है कि उसकी अमेरिका से कोई प्रत्यक्ष बातचीत नहीं हो रही और वह फिलहाल ओमान समेत क्षेत्रीय देशों के साथ अलग-अलग स्तर पर संपर्क में है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के 25 राज्य ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ कोर्ट पहुंचे, फोर्स्ड लेबर के नाम पर लगाया शुल्क अवैध

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के 25 राज्य ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ कोर्ट पहुंचे, फोर्स्ड लेबर के नाम पर लगाया शुल्क अवैध

अमेरिका के 25 डेमोक्रेटिक पार्टी शासित राज्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले को अदालत में चुनौती दी है। राज्यों ने अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में याचिका दाखिल कर इन टैरिफ को अवैध घोषित करने की मांग की है। फैसले के तहत ट्रम्प ने 60 अर्थव्यवस्थाओं पर नए टैरिफ लगाए गए हैं। ये 60 देश अमेरिकी आयात का 99.4 फीसदी हिस्सा हैं। याचिका में कहा गया है कि इस कदम से देश में महंगाई बढ़ जाएगी। पिछले महीने अमेरिका ने जबरन मजदूरी (फोर्स्ड लेबर) के मुद्दे पर 60 देशों पर 10 फीसदी से 12.5 फीसदी के बीच नए टैरिफ लगाए थे। भारत समेत 17 देशों पर 10 फीसदी की दर से टैरिफ लगाया गया है। डेमोक्रेटिक राज्यों का तर्क है कि प्रशासन ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का गलत इस्तेमाल कर रहा है। अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स का कहना है कि अमेरिकी संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास किसी भी देश पर मनमाने ढंग से टैरिफ लगाने की शक्ति नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… इथियोपिया में भूस्खलन से 14 की मौत, पवित्र जल लेने थे पहुंचे थे लोग इथियोपिया के अम्हारा इलाके में भारी बारिश के कारण सोमवार को हुए भूस्खलन में 14 लोगों की मौत हो गई और 7 अन्य घायल हो गए। कई लोग अभी भी लापता हैं। यह भूस्खलन त्सदकाने डेब्रे मिटमाक सेंट मैरी मठ में हुआ, जहां सैकड़ों श्रद्धालु पवित्र जल से शुद्धि की रस्म के लिए जमा हुए थे। डायोसिस के जनरल मैनेजर मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया- “मरने वालों में से कई लोग पवित्र जल लेने के लिए जमा हुए थे। मरने वालों में से 11 लोगों को मठ में ही दफना दिया गया है, जबकि बाकी लोगों के शव उनके घर दिए गए हैं।”

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के 25 राज्य ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ कोर्ट पहुंचे, दावा- फोर्स्ड लेबर के नाम पर लगाया शुल्क अवैध

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के 25 राज्य ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ कोर्ट पहुंचे, दावा- फोर्स्ड लेबर के नाम पर लगाया शुल्क अवैध

अमेरिका के 25 डेमोक्रेटिक पार्टी शासित राज्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले को अदालत में चुनौती दी है। राज्यों ने अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में याचिका दाखिल कर इन टैरिफ को अवैध घोषित करने की मांग की है। फैसले के तहत ट्रम्प ने 60 अर्थव्यवस्थाओं पर नए टैरिफ लगाए गए हैं। ये 60 देश अमेरिकी आयात का 99.4 फीसदी हिस्सा हैं। याचिका में कहा गया है कि इस कदम से देश में महंगाई बढ़ जाएगी। पिछले महीने अमेरिका ने जबरन मजदूरी (फोर्स्ड लेबर) के मुद्दे पर 60 देशों पर 10 फीसदी से 12.5 फीसदी के बीच नए टैरिफ लगाए थे। भारत समेत 17 देशों पर 10 फीसदी की दर से टैरिफ लगाया गया है। डेमोक्रेटिक राज्यों का तर्क है कि प्रशासन ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का गलत इस्तेमाल कर रहा है। अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स का कहना है कि अमेरिकी संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास किसी भी देश पर मनमाने ढंग से टैरिफ लगाने की शक्ति नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… इथियोपिया में भूस्खलन से 14 की मौत, पवित्र जल लेने थे पहुंचे थे लोग इथियोपिया के अम्हारा इलाके में भारी बारिश के कारण सोमवार को हुए भूस्खलन में 14 लोगों की मौत हो गई और 7 अन्य घायल हो गए। कई लोग अभी भी लापता हैं। यह भूस्खलन त्सदकाने डेब्रे मिटमाक सेंट मैरी मठ में हुआ, जहां सैकड़ों श्रद्धालु पवित्र जल से शुद्धि की रस्म के लिए जमा हुए थे। डायोसिस के जनरल मैनेजर मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया- “मरने वालों में से कई लोग पवित्र जल लेने के लिए जमा हुए थे। मरने वालों में से 11 लोगों को मठ में ही दफना दिया गया है, जबकि बाकी लोगों के शव उनके घर दिए गए हैं।”

भास्‍कर नॉलेज क्विज:करेंट अफेयर्स पर बेस्‍ड 10 सवालों के जवाब दें, हर मंगलवार 5 विजेता जीतेंगे इनाम

भास्‍कर नॉलेज क्विज:करेंट अफेयर्स पर बेस्‍ड 10 सवालों के जवाब दें, हर मंगलवार 5 विजेता जीतेंगे इनाम

दैनिक भास्‍कर आपके लिए लेकर आया है ‘भास्कर नॉलेज क्विज’। नीचे दिए लिंक पर क्लिक कीजिए, क्विज खेलिए और सभी 10 प्रश्नों के सही जवाब देकर बनाइए लकी ड्रॉ में अपनी जगह। कंप्यूटराइज्ड लकी ड्रॉ के जरिए 5 विनर्स चुने जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक को मिलेगा ₹ 2100/- मूल्य तक का इनाम। विवाद की स्थिति में दैनिक भास्कर का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा। नियम और शर्तें 1. एक मोबाइल नंबर से आप केवल एक बार भाग ले सकते हैं। 2. एंट्री भास्कर लिंक के माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी। 3. प्रत्येक मंगलवार सुबह 6:00 से रात 10:00 बजे तक ही क्विज खेल सकते हैं। नोट : विजेताओं से दैनिक भास्कर की टीम उसी मोबाइल नंबर पर संपर्क करेगी जिससे क्विज़ में भाग लिया है। >>>अभी क्विज खेलें<<<

RBI MPC Meeting & Gold-Silver Price Drop

RBI MPC Meeting & Gold-Silver Price Drop

21 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर चांदी से जुड़ी रही। एक किलो चांदी की कीमत 1,008 रुपए कम होकर 2.17 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं 3 अगस्त से RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की तीन दिन की मीटिंग शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट को बिना किसी बदलाव के स्थिर रख सकता है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। एयरटेल के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी होंगे। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। 1. सोने-चांदी के दाम में गिरावट रही:10 ग्राम सोना ₹1.43 लाख का बिक रहा, एक किलो चांदी ₹2.17 लाख पर आई सोने-चांदी की कीमत में 3 अगस्त को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 1,008 रुपए कम होकर 2.17 लाख रुपए पर आ गई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 303 रुपए गिरकर 1.43 लाख रुपए हो गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. RBI MPC की 3- दिन की मीटिंग शुरू :रेपो रेट में बदलाव की संभावना कम; 5 अगस्त को फैसलोें का ऐलान RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की तीन दिन की मीटिंग 3 अगस्त से शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट को बिना किसी बदलाव के स्थिर रख सकता है। महंगाई के रुख और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. TRAI ने रीलॉन्च किया मायकॉल एप:अब ग्राहक कॉल क्वालिटी को रेटिंग दे सकेंगे, इससे सर्विस क्वालिटी सुधारने में मदद मिलेगी टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI ने 3 अगस्त को अपने ‘TRAI MyCall’ मोबाइल एप्लिकेशन का नया और बेहतर वर्जन लॉन्च किया है। इस एप के जरिए टेलीकॉम उपभोक्ता अपनी वॉयस कॉलिंग के अनुभव को सीधे रेट कर सकेंगे और उसकी रिपोर्ट दे सकेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. येन को 40 साल के निचले स्तर से उबारेगा अमेरिका:15 साल बाद जापानी येन खरीदा, ट्रम्प बोले- कमजोर मुद्रा को सहारा देना दुनिया के लिए बेहतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया कि अमेरिका ने एक दशक में पहली बार जापानी येन खरीदा है। येन को डॉलर के मुकाबले उसके 40 साल के सबसे निचले स्तर से उबारने के लिए ऐसा किया गया है। ट्रम्प ने कहा, “उनकी करेंसी कमजोर हो रही थी और वे थोड़ी मदद चाहते थे।” पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. ऑडी के 70% ग्राहक 50 साल से कम उम्र वाले:कंपनी की SUVs से 60% बिक्री; ऑडी इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर बलबीर सिंह का इंटरव्यू लग्जरी कारों की मांग अब सिर्फ दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गई है। टियर-II शहर, युवा खरीदार और इलेक्ट्रिक गाड़ियां इस बाजार को नया रूप दे रही हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ऑडी इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर बलबीर सिंह ढिल्लो ने कंपनी की ग्रोथ, उत्तर भारत में SUVs की मांग और फ्यूचर प्लान के बारे में बताया। पूरा इंटरव्यू पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

RBI MPC Meeting & Gold-Silver Price Drop

RBI MPC Meeting & Gold-Silver Price Drop

47 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर चांदी से जुड़ी रही। एक किलो चांदी की कीमत 1,008 रुपए कम होकर 2.17 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं 3 अगस्त से RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की तीन दिन की मीटिंग शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट को बिना किसी बदलाव के स्थिर रख सकता है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। एयरटेल के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी होंगे। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। 1. सोने-चांदी के दाम में गिरावट रही:10 ग्राम सोना ₹1.43 लाख का बिक रहा, एक किलो चांदी ₹2.17 लाख पर आई सोने-चांदी की कीमत में 3 अगस्त को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 1,008 रुपए कम होकर 2.17 लाख रुपए पर आ गई है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 303 रुपए गिरकर 1.43 लाख रुपए हो गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. RBI MPC की 3- दिन की मीटिंग शुरू :रेपो रेट में बदलाव की संभावना कम; 5 अगस्त को फैसलोें का ऐलान RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की तीन दिन की मीटिंग 3 अगस्त से शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट को बिना किसी बदलाव के स्थिर रख सकता है। महंगाई के रुख और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. TRAI ने रीलॉन्च किया मायकॉल एप:अब ग्राहक कॉल क्वालिटी को रेटिंग दे सकेंगे, इससे सर्विस क्वालिटी सुधारने में मदद मिलेगी टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI ने 3 अगस्त को अपने ‘TRAI MyCall’ मोबाइल एप्लिकेशन का नया और बेहतर वर्जन लॉन्च किया है। इस एप के जरिए टेलीकॉम उपभोक्ता अपनी वॉयस कॉलिंग के अनुभव को सीधे रेट कर सकेंगे और उसकी रिपोर्ट दे सकेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. येन को 40 साल के निचले स्तर से उबारेगा अमेरिका:15 साल बाद जापानी येन खरीदा, ट्रम्प बोले- कमजोर मुद्रा को सहारा देना दुनिया के लिए बेहतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया कि अमेरिका ने एक दशक में पहली बार जापानी येन खरीदा है। येन को डॉलर के मुकाबले उसके 40 साल के सबसे निचले स्तर से उबारने के लिए ऐसा किया गया है। ट्रम्प ने कहा, “उनकी करेंसी कमजोर हो रही थी और वे थोड़ी मदद चाहते थे।” पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. ऑडी के 70% ग्राहक 50 साल से कम उम्र वाले:कंपनी की SUVs से 60% बिक्री; ऑडी इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर बलबीर सिंह का इंटरव्यू लग्जरी कारों की मांग अब सिर्फ दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गई है। टियर-II शहर, युवा खरीदार और इलेक्ट्रिक गाड़ियां इस बाजार को नया रूप दे रही हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ऑडी इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर बलबीर सिंह ढिल्लो ने कंपनी की ग्रोथ, उत्तर भारत में SUVs की मांग और फ्यूचर प्लान के बारे में बताया। पूरा इंटरव्यू पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Canada Gurdwara Clash | Management Committee Dispute & CCTV Footage

Canada Gurdwara Clash | Management Committee Dispute & CCTV Footage

कनाडा के मॉन्ट्रियाल के गुरुद्वारा साहिब में झगड़े के दौरान बरछे से मेंबर पर हमले की कोशिश करते प्रधान को रोकते लोग। कनाडा के गुरुद्वारे में गोलक के हिसाब को लेकर 2 गुट आपस में भिड़ गए। जिस वक्त ये घटना हुई, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मीटिंग चल रही थी। इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एक मेंबर की तरफ बरछा (भाला) ताने हुए नजर आए। मेहर सिंह गुट के लोगों ने . इस झगड़े का CCTV फुटेज सामने आया है। जिसे 2 अगस्त को ‘जट्ट वी लाइक कनाडा’ नाम के इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया गया। इसी पेज पर प्रधान का एक कथित ऑडियो भी पोस्ट किया गया, जिसमें उन पर लड़कियों को फोन करने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, दैनिक भास्कर इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सुरजीत सिंह, जिन पर हमला करने के आरोप लगे हैं। 5 पॉइंट में जानें, CCTV में क्या दिख रहा… 1. बैठक के दौरान हिसाब पर शुरू हुई बहस: कनाडा के मॉन्ट्रियाल स्थित लसाल गुरुद्वारा साहिब के मीटिंग हॉल में प्रबंधन कमेटी की बैठक चल रही थी। इसी दौरान गोलक के पैसों के हिसाब-किताब और मर्यादा के उल्लंघन का मुद्दा उठा। देखते ही देखते बहस तेज हो गई और माहौल तनावपूर्ण बन गया। 2. सवाल सुनते ही गुस्से में उठे प्रधान: वीडियो में सफेद कुर्ता पहने प्रधान सुरजीत सिंह कुर्सी पर बैठे दिखाई देते हैं। हाल के एक कोने में बैठे सदस्य मेहर सिंह के सवाल उठाते ही प्रधान गले से सिरोपा उतारकर टेबल पर रखते हैं और तेजी से उनकी ओर बढ़ जाते हैं। सवाल पूछते ही उठकर मेंबर मेहर सिंह की तरफ बढ़ते प्रधान सुरजीत सिंह। 3. दोनों के बीच हुई हाथापाई: मेहर सिंह भी तुरंत उठकर अपनी पगड़ी उतारकर एक तरफ रख देते हैं। इसके बाद प्रधान उन्हें थप्पड़ मारते हैं। जवाब में मेहर सिंह भी पलटवार की कोशिश करते हैं और दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो जाती है। इस दौरान दोनों एक-दूसरे का गला पकड़ लेते हैं। प्रधान ने जाते ही मेहर सिंह को थप्पड़ जड़ने की कोशिश की। 4. बीच-बचाव के दौरान बरछा उठा लिया: मौके पर मौजूद सदस्य दोनों को अलग करने की कोशिश करते हैं। इसी बीच प्रधान लोगों की पकड़ से छूटकर दरवाजे के पास रखा बरछा उठा लेते हैं और मेहर सिंह की ओर तान देते हैं। हालांकि, मौजूद लोग उन्हें रोक लेते हैं और दूसरी तरफ ले जाते हैं। इसके बाद गुस्से में आकर प्रधान ने हाल में रखा बरछा उठाकर हमले की कोशिश की। 5. मामला शांत, संगत ने कार्रवाई की मांग की: दोनों गुटों के बीच करीब 10 मिनट तक धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल रहा। बाद में अन्य सदस्यों ने मामला शांत कराया और मेहर सिंह को उनकी पगड़ी वापस पहनाई। गुरुद्वारा प्रंबधक कमेटी के लोगों ने बीच बचाव किया और मेहर सिंह को पगड़ी दी। प्रधान पर क्या आरोप हैं? गुरुद्वारे के प्रधान सुरजीत सिंह पंजाब के अमृतसर जिले के चिट्टा गांव के रहने वाले हैं। वह पिछले करीब 10 साल से गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी से जुड़े हैं। आरोप है कि गोलक का हिसाब मांगने पर उन्होंने गुस्से में हमला करने की कोशिश की। गुरुद्वारा साहिब के मीटिंग हाल में हो रहे झगड़े को छुड़वाने अन्य मेंबर। पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी नहीं खबर लिखे जाने तक मॉन्ट्रियाल पुलिस की ओर से इस मामले में किसी शिकायत, केस दर्ज होने या कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना का CCTV सोशल मीडिया पर वायरल है। घटना के बाद संगत में नाराजगी वीडियो सामने आने के बाद कनाडा में सिख संगत और भारतीय समुदाय में नाराजगी है। श्रद्धालुओं ने धार्मिक स्थल पर हिंसा और हथियार निकालने को गुरु घर की मर्यादा के खिलाफ बताया। संगत ने गोलक के पैसों की निष्पक्ष जांच, प्रधान को पद से हटाने और नए प्रबंधक की नियुक्ति की मांग की है। ************** ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी पुलिस गुरुद्वारे में जूते पहनकर घुसी, VIDEO:सिर भी नंगा; गोलक को लेकर हुआ था झगड़ा अमेरिका की पुलिस एक गुरुद्वारे में जूते पहनकर ही अंदर घुस गई। जिस जगह पुलिस वाले खड़े थे, वहीं पर श्री गुरू ग्रंथ साहिब का पवित्र स्वरूप भी रखा हुआ था। इसका वीडियो सामने आते ही पंजाब में सिख संगठनों में गुस्सा है। उन्होंने इसे मर्यादा के उलट बताया है। पुलिस यहां गोलक को लेकर हुए विवाद के बाद आई थी (पढ़ें पूरी खबर)

Willie Walsh Appointed IndiGo CEO

Willie Walsh Appointed IndiGo CEO

Hindi News Career Willie Walsh Appointed IndiGo CEO | August 4 Current Affairs Update 27 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. विली वॉल्श ने IndiGo के CEO का कार्यभार संभाला 3 अगस्त को विली वॉल्श ने IndiGo के नए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) का पदभार संभाला। विली का पूरा नाम विलियम मैथ्यू वॉल्श है। वॉल्श मार्च में इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स के रिजाइन के बाद अपॉइंट किये गए हैं। वॉल्श ने 1979 में एर लिंगस में पायलट के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। वॉल्श 2005 से 2011 तक ब्रिटिश एयरवेज में रहे और बाद में ब्रिटिश एयरवेज के CEO बने। वॉल्श वर्तमान में इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के डायरेक्टर जनरल थे। IAG के तहत आयरलैंड की एयरो लिंगस, स्पेन की आइबिरिया और ब्रिटिश की वीलिंग जैसी बड़ी एयरलाइंस आती हैं। IndiGo (इंडिगो) IndiGo भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी है। IndiGo यानी InterGlobe Aviation भारत की सबसे बड़ी और सबसे व्यस्त एयरलाइन है। इसको 2006 में स्थापित किया गया था। IndiGo एक लो-कॉस्ट कैरियर ( LCC) है, यानी कम किराए में हवाई यात्रा की सुविधा प्रदान करती है। IndiGo का मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में है। इसके संस्थापक राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल हैं। IndiGo ने 90 से ज्यादा घरेलू और 40 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करती है। वॉल्श ब्रिटिश एयरबेस और इंटरनेशनल एयरलाइंस ग्रुप (IAG) के CEO रह चुके हैं। 2. उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव भारत यात्रा पर आए 3 अगस्त को उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव भारत दौरे पर आए। सैदोव ने पहले दिन राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। वे इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वार्ता में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, शिक्षा, संस्कृति और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई अहम विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। सैदोव राजधानी में एक विशेष बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे। वे इस यात्रा के दौरान हैदराबाद हाउस में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार, निवेश, ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करना है। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच राजनयिक संबंधों की शुरुआत करने के प्रोटोकॉल पर 18 मार्च 1992 में साइन किये। भारत और उज्बेकिस्तान ने 27 मई को उज्बेकिस्तान के वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन में शामिल होने के सिलसिले में बाइलेटरल मार्केट एक्सेस प्रोटोकॉल पर साइन किए थे। भारत और उज्बेकिस्तान ने 2011 में अपनी रणनीतिक साझेदारी शुरू की थी। फैसला (JUDGMENT) 3. लिव-इन पार्टनर को धारा 498A के तहत कानूनी सुरक्षा 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पार्टनर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं/पूर्व IPC की धारा 498A के तहत कानूनी संरक्षण का अधिकार होगा। दरअसल धारा 498A विवाहित महिला को पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा की गई क्रूरता से कानूनी सुरक्षा देता है। कोर्ट ने कहा है कि क्रूरता से बचाव का अधिकार सभी को मिलना चाहिए इसे शादी तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। आर्टिकल 498A के मुताबिक, लिव इन में रहने वाले किसी भी पार्टनर को चाहे वो पुरुष हो या महिला सुरक्षा का पूरा अधिकार होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिला को भी घरेलू हिंसा और क्रूरता से संरक्षण मिल सकता है, बस इसमें ये देखना होगा कि मामला कानूनी मानदंडों पर सही हो। हालांकि कोर्ट ने ये साफ किया है कि इसमें सिर्फ रिश्ते का नाम नहीं, बल्कि उसकी परिस्थितियों को भी देखा जाएगा। हर लिव-इन को रिश्ते की तरह नहीं माना जा सकता। ये तय करने के लिए कि सुरक्षा मिलेगी या नहीं, अदालत संबंध की प्रकृति, समय, साथ रहने की स्थिति और अन्य तथ्यों पर विचार करेगी। आर्टिकल 498A (पूर्व IPC) आर्टिकल 498A का उद्देश्य विवाहित महिला को पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा की गई क्रूरता (Cruelty) से कानूनी सुरक्षा देना था। भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह पर अब भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 लागू है, लेकिन ऐसे मामलों में न्यायालय पूर्व कानूनी सिद्धांतों का भी संदर्भ ले सकता है। इनमें मारपीट या मानसिक उत्पीड़न, ऐसा व्यवहार जिससे महिला आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाए या उसके जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा को गंभीर खतरा हो में इस कानून का उपयोग होगा। आर्टिकल 498A के तहत अधिकतम 3 साल की सजा और साथ में जुर्माना भी लगाया जा सकता था। परस्थितियों को देखते हुए समझौता न होने योग्य स्थिति में गैर जमानती वारंट भी जारी किया जा सकता है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत चौथे नंबर पर 3 अगस्त को ग्लासगो में चल रहा कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 खत्म हुआ। भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 मेडल जीते। भारत मेडल टैली में चौथे नंबर पर रहा। वहीं ऑस्ट्रेलिया 70 गोल्ड समेत 171 मेडल के साथ पहले नंबर पर आया। इंग्लैंड ने कुल 110 मेडल जीते और कनाडा 62 मेडल के साथ तीसरे नंबर पर रहा। भारत के 39 पदकों में सबसे बड़ा योगदान बॉक्सिंग का रहा। मुक्केबाजों ने 7 गोल्ड और 3 सिल्वर समेत कुल 10 मेडल जीते। इसका मतलब हर चार में से एक मेडल बॉक्सिंग से आया। एथलेटिक्स में 10 मेडल आए, लेकिन इसमें गोल्ड नहीं मिला। वेटलिफ्टिंग से 8, पैरा एथलेटिक्स से 6, जूडो से 4 और पैरा पावरलिफ्टिंग से 1 मेडल मिला। कुल मिलाकर 39 में से 37 पदक सिर्फ पांच खेलों से आए। रविवार रात को इसकी क्लोजिंग सेरेमनी हुई। उसके बाद कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के प्रेसिडेंट डॉ. डोनाल्ड रुका ने 2030 गेम्स के मेजबान भारत को मशाल सौंपी। इस दौरान नीरज चोपड़ा, इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन की प्रेसिडेंट पीटी ऊषा और गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी मौजूद रहे। इस बार ग्लासगो में सिर्फ 10 खेल शामिल थे, जबकि बर्मिंघम में 19 खेल खेले गए थे। बैडमिंटन, कुश्ती, शूटिंग, हॉकी, टेबल टेनिस और क्रिकेट जैसे खेल ग्लासगो गेम्स का हिस्सा नहीं थे, जिनसे 2022 में भारत को 30 पदक मिले थे। इसके अलावा भारत ने 210 खिलाड़ियों की जगह सिर्फ 123 खिलाड़ियों का